विकिपीडिया mrwiki https://mr.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A4%AA%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A0 MediaWiki 1.47.0-wmf.20 first-letter मिडिया विशेष चर्चा सदस्य सदस्य चर्चा विकिपीडिया विकिपीडिया चर्चा चित्र चित्र चर्चा मिडियाविकी मिडियाविकी चर्चा साचा साचा चर्चा सहाय्य सहाय्य चर्चा वर्ग वर्ग चर्चा दालन दालन चर्चा मसुदा मसुदा चर्चा TimedText TimedText talk विभाग विभाग चर्चा Event Event talk जानेवारी १८ 0 1574 2710727 2703073 2026-09-19T11:59:36Z InternetArchiveBot 130355 Add 7 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710727 wikitext text/x-wiki {{जानेवारी दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|जानेवारी|१८|१८|१८}} == ठळक घटना == === चौथे शतक === * [[इ.स. ३३६|३३६]] - [[संत मार्क]] पोपपदी.<ref>{{cite book |last=केली |first=जे. एन. डी. |title=द ऑक्सफर्ड डिक्शनरी ऑफ पॉप्स |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८६ |isbn=978-0192139641}}</ref> * [[इ.स. ३५०|३५०]] - रोमन सेनापती [[मॅग्नॅन्टियस]]ने [[कॉन्स्टान्स (रोमन सम्राट)|सम्राट कॉन्स्टान्स]]ला पदच्युत केले व स्वतःला रोमन सम्राट घोषित केले.<ref>{{cite book |last=ग्रांट |first=मायकेल |title=द रोमन एम्परर्स: अ बायोग्राफिकल गाइड टू द रोलर्स ऑफ इम्पेरियल रोम |publisher=बारन्स अँड नोबल |year=१९९७ |isbn=978-0760700884}}</ref> === सोळावे शतक === * [[इ.स. १५३५|१५३५]] - [[फ्रांसिस्को पिझारो]]ने [[पेरू देश|पेरूची]] राजधानी [[लिमा]]ची स्थापना केली.<ref>{{cite book |last=हेमिंग |first=जॉन |title=द कॉन्क्वेस्ट ऑफ द इनकस |publisher=मॅकमिलन |year=१९७० |isbn=978-0333106839}}</ref> === सतरावे शतक === * [[इ.स. १६७०|१६७०]] - [[हेन्री मॉर्गन]]ने [[पनामा]] जिंकले.<ref>{{cite book |last=पोप |first=डडली |title=द बुकेनिअर पायरेट: सर हेन्री मॉर्गन |publisher=सायमन अँड शुस्टर |year=१९७७ |isbn=978-0671228293}}</ref> === अठरावे शतक === * [[इ.स. १७०१|१७०१]] - [[फ्रेडरिक पहिला, प्रशिया|फ्रेडरिक पहिला]] [[प्रशिया]]च्या राजेपदी.<ref>{{cite book |last=क्लार्क |first=क्रिस्टोफर |title=आयर्न किंगडम: द राइज अँड डाऊनफॉल ऑफ प्रशिया |url=https://archive.org/details/ironkingdomrised00chri |publisher=हार्वर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००६ |isbn=978-0674023857}}</ref> * [[इ.स. १७७८|१७७८]] - कॅप्टन [[जेम्स कुक]] [[हवाई]]ला पोहोचणारा पहिला युरोपियन ठरला. त्याने या द्वीपसमूहाचे नाव 'सॅन्डविच आयलंड्स' असे ठेवले.<ref>{{cite book |last=हॉफमन |first=रिचर्ड |title=द व्हॉयेजेस ऑफ कॅप्टन जेम्स कुक |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९९}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८६१|१८६१]] - [[अमेरिकन यादवी युद्ध]] - [[जॉर्जिया (अमेरिकन राज्य)|जॉर्जिया]] [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेपासून]] विभक्त झाले.<ref>{{cite book |last=मैकफर्सन |first=जेम्स एम. |title=बॅटल क्राय ऑफ फ्रीडम |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८८ |isbn=978-0195038637}}</ref> * [[इ.स. १८७१|१८७१]] - [[विल्हेम पहिला, जर्मनी|विल्हेम पहिला]] [[जर्मनी]]चा पहिला कैसर (सम्राट) झाला.<ref name="clark"/> * [[इ.स. १८८६|१८८६]] - इंग्लंडमध्ये [[हॉकी असोसिएशन]]ची स्थापना होऊन [[हॉकी]]च्या खेळाला नियमबद्ध मान्यता मिळाली.<ref>{{cite book |last=हार्वे |first=ॲड्रियन |title=द बिगिनिंग्स ऑफ अ कमर्शियल स्पोर्ट्स कल्चर |publisher=राउटलेज |year=२००४}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९११|१९११]] - [[युजीन बी. इलाय]]ने सान फ्रान्सिस्कोच्या बंदरात उभ्या असलेल्या [[यु.एस.एस. पेनसिल्व्हेनिया (आर्मर्ड क्रूझर)|यु.एस.एस. पेनसिल्व्हेनिया]] या जहाजावर विमान उतरवले. जहाजावर विमान उतरण्याचा हा पहिलाच प्रसंग होता.<ref>{{cite book |last=पोलमार |first=नॉर्मन |title=एकॅडमिक्स ऑफ नेव्हल एव्हिएशन |publisher=नेव्हल इन्स्टिट्यूट प्रेस |year=२००८}}</ref> * [[इ.स. १९१२|१९१२]] - ब्रिटिश शोधक [[रॉबर्ट फाल्कोन स्कॉट]] [[दक्षिण ध्रुव|दक्षिण ध्रुवावर]] पोहोचला. त्याआधी [[रोआल्ड आमुंडसेन]] तेथे पोहोचला होता.<ref>{{cite book |last=हंटफोर्ड |first=रोलँड |title=द लास्ट प्लेस ऑन अर्थ |url=https://archive.org/details/lastplaceonearth0000hunt |publisher=पॅन बुक्स |year=१९८५ |isbn=978-0330288163}}</ref> * [[इ.स. १९१९|१९१९]] - [[पहिले महायुद्ध]] - [[व्हर्साय]] येथे [[पॅरिस शांती परिषद (१९१९)|पहिली शांती परिषद]] सुरू झाली.<ref>{{cite book |last=मॅकमिलन |first=मार्ारेट |title=पेरिस १९१९: सिक्स मंथ्स दॅट चेंज्ड द वर्ल्ड |url=https://archive.org/details/paris1919sixmont00macm |publisher=रँडम हाऊस |year=२००१ |isbn=978-0375508264}}</ref> * [[इ.स. १९४३|१९४३]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - सोव्हिएत सैन्याने [[लेनिनग्राडचा वेढा|लेनिनग्राडच्या वेढ्यातून]] शहराचा मार्ग मोकळा केला.<ref>{{cite book |last=ग्लांट्झ |first=डेव्हिड एम. |title=द बॅटल फॉर लेनिनग्राड |url=https://archive.org/details/battleforleningr00glan |publisher=युनिव्हर्सिटी प्रेस ऑफ कॅन्सस |year=२००२ |isbn=978-0700612086}}</ref> * [[इ.स. १९५६|१९५६]] - संयुक्त महाराष्ट्र चळवळीदरम्यान [[मुंबई|मुंबईत]] ५० हून अधिक वेळा गोळीबार. पोलिसांच्या गोळीबारात आंदोलक हुतात्मा झाले आणि शहरभरात संचारबंदी लागू करण्यात आली.<ref>{{cite book |last=जोशी |first=महादेवशास्त्री |title=भारतीय संस्कृतीकोश (खंड ९) |publisher=भारतीय संस्कृतीकोश मंडळ |year=१९७६}}</ref> * [[इ.स. १९६४|१९६४]] - [[न्यू यॉर्क]]मध्ये [[वर्ल्ड ट्रेड सेंटर]]च्या मूळ इमारतींचे भूमिपूजन.<ref>{{cite book |last=ग्लॅन्झ |first=जेम्स |title=सिटी इन द स्काय: द राइज अँड फॉल ऑफ द वर्ल्ड ट्रेड सेंटर |publisher=टाइम्स बुक्स |year=२००३ |isbn=978-0805074284}}</ref> * [[इ.स. १९६९|१९६९]] - [[युनायटेड एरलाइन्स फ्लाइट २६६]] हे [[बोईंग ७२७]] जातीचे विमान [[सांता मॉनिका बे]]मध्ये कोसळले; ३८ जण ठार झाले.<ref>{{cite web |title=United Airlines Flight 266 Crash Report |url=https://aviation-safety.net/ |publisher=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९७७|१९७७]] - [[सिडनी]]जवळील [[ग्रॅनव्हिल रेल्वे दुर्घटना|ग्रॅनव्हिल]] स्थानकात रेल्वे घसरून झालेल्या अपघातात ८३ जण ठार झाले.<ref>{{cite news |title=Granville Rail Disaster Report |url=https://www.smh.com.au/ |work=[[द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड]] |date=१९ जानेवारी १९७७ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९७|१९९७]] - [[नॉर्वे]]च्या [[बोर्ग औसलॅंड]]ने एकाकी आणि विनासाहाय्य अंतार्टिका खंडाची मोहीम पूर्ण केली.<ref>{{cite news |title=Borge Ousland Antarctic Solo Crossing |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१९ जानेवारी १९९७ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९९|१९९९]] - नोबेल पारितोषिक विजेते अर्थशास्त्रज्ञ [[अमर्त्य सेन]] यांना [[भारतरत्न]] हा भारताचा सर्वोच्च नागरी सन्मान जाहीर करण्यात आला.<ref>{{cite news |title=अमर्त्य सेन यांना भारतरत्न |url=https://www.thehindu.com/ |work=[[द हिंदू]] |date=१९ जानेवारी १९९९ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००५|२००५]] - एअरबस ए-३८० या जगातील सर्वात मोठ्या प्रवासी विमानाचे अधिकृत अनावरण करण्यात आले.<ref>{{cite news |title=Airbus A380 Unveiling |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१८ जानेवारी २००५ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. ८८५|८८५]] - [[सम्राट दैगो]], [[जपान]]चे सम्राट.<ref>{{cite book |last=व्हार्ली |first=एच. पॉल |title=अ क्रॉनिकल ऑफ गॉड्स अँड सोव्हरेन्स |publisher=कोलंबिया युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८०}}</ref> * [[इ.स. १८४२|१८४२]] - न्यायमूर्ती [[महादेव गोविंद रानडे]], भारतीय अर्थशास्त्रज्ञ, समाजसुधारक व राजकारणी.<ref name="ranade">{{cite book |last=फाटक |first=नरहर रघुनाथ |title=न्यायमूर्ती महादेव गोविंद रानडे यांचे चरित्र |publisher=चित्रशाळा वृत्त |year=१९२४}}</ref> * [[इ.स. १८४९|१८४९]] - सर [[एडमंड बार्टन]], [[ऑस्ट्रेलिया]]चे पहिले पंतप्रधान.<ref>{{cite book |last=बोल्टन |first=जिओफ्रे |title=एडमंड बार्टन: द प्राइम मिनिस्टर |url=https://archive.org/details/eyeofulam0000dent |publisher=ॲलन अँड अनविन |year=२००० |isbn=978-1865083582}}</ref> * [[इ.स. १८५४|१८५४]] - [[थॉमस वॉटसन]], [[अलेक्झांडर ग्रॅहॅम बेल]] यांचे सहाय्यक.<ref>{{cite book |last=वॉटसन |first=थॉमस ए. |title=एक्सप्लोरिंग लाइफ: द ऑटोबायोग्राफी ऑफ थॉमस ए. वॉटसन |publisher=ॲपलटन |year=१९२६}}</ref> * [[इ.स. १८८९|१८८९]] - [[डी. व्ही. गुंडप्पा|देवनहळ्ळी वेंकटरामनय्या गुंडप्पा]] (डी.व्ही.जी.), कन्नड कवी आणि विचारवंत.<ref>{{cite book |last=रामास्वामी |first=एस. आर. |title=डी. व्ही. गुंडप्पा जीवन आणि कार्य |publisher=साहित्य अकादमी |year=१९९८}}</ref> * [[इ.स. १८८९|१८८९]] - [[दिवाकर|शंकर काशिनाथ गर्गे (नाट्यछटाकार दिवाकर)]], मराठी लेखक.<ref>{{cite book |last=कुलकर्णी |first=व. दि. |title=मराठी नाट्यछटाकार दिवाकर |publisher=पॉप्युलर प्रकाशन |year=१९६५}}</ref> * [[इ.स. १८९२|१८९२]] - [[ऑलिव्हर हार्डी]], अमेरिकन अभिनेता ([[लॉरेल आणि हार्डी]] जोडीतील सदस्य).<ref>{{cite book |last=लाउव्हिश |first=सायमन |title=स्टॅन अँड ऑली: द गॉल्डन एज ऑफ कॉमेडी |url=https://archive.org/details/whaudenpoemspoet0000whau |publisher=फॅबर अँड फॅबर |year=२००१ |isbn=978-0571203482}}</ref> * [[इ.स. १८९४|१८९४]] - [[लेस्ली वॉलकॉट]], [[वेस्ट इंडीज क्रिकेट संघ|वेस्ट इंडीजचे]] क्रिकेट खेळाडू.<ref name="cricinfo">{{cite web |title=Player Profile: Leslie Walcott |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १८८८|१८८८]] - सर [[थॉमस सॉपविथ]], ब्रिटिश विमान उद्योजक आणि व्यावसायिक.<ref>{{cite book |last=ब्रॅम्ब्रुक |first=मायकेल |title=सॉपविथ: द मॅन अँड हिज एअरक्राफ्ट |publisher=ओस्प्रे |year=१९८९}}</ref> * [[इ.स. १८९५|१८९५]] - [[वि.द. घाटे|विठ्ठल दत्तात्रय घाटे]], प्रसिद्ध मराठी लेखक व निबंधकार.<ref>{{cite book |last=घाटे |first=वि. द. |title=दिवस असे होते |publisher=मौज प्रकाशन गृह |year=१९६१}}</ref> * [[इ.स. १९०४|१९०४]] - [[कॅरी ग्रँट]], ब्रिटिश-अमेरिकन अभिनेता.<ref>{{cite book |last=मैककॅन |first=ग्रॅहॅम |title=कैरी ग्रँट: अ क्लास अपार्ट |publisher=फोर्थ इस्टेट |year=१९९६ |isbn=978-1857025743}}</ref> * [[इ.स. १९१६|१९१६]] - [[अलेक कॉक्सॉन]], [[इंग्लंड क्रिकेट संघ|इंग्लिश]] क्रिकेट खेळाडू.<ref name="cricinfo"/> * [[इ.स. १९३१|१९३१]] - [[चुन दू-ह्वान]], [[दक्षिण कोरिया]]चे ५वे राष्ट्राध्यक्ष.<ref>{{cite book |last=ओबरडोर्फर |first=डॉन |title=द टू कोरियाज: अ कंटेंपररी हिस्टरी |url=https://archive.org/details/twokoreascontemp0000ober |publisher=बेसिक बुक्स |year=२००१ |isbn=978-0465051625}}</ref> * [[इ.स. १९३३|१९३३]] - [[रे डॉल्बी]], ध्वनीतज्ज्ञ आणि डॉल्बी लॅबोरेटरीजचे संस्थापक.<ref>{{cite news |title=Ray Dolby Obituary |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१३ सप्टेंबर २०१३ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[पॉल कीटिंग]], ऑस्ट्रेलियाचे २४वे पंतप्रधान.<ref>{{cite book |last=व्हॉटली |first=मायकेल |title=कीटिंग: द बायो ग्राफी |publisher=विकिंग |year=१९९७}}</ref> * [[इ.स. १९५२|१९५२]] - [[वीरप्पन]], भारतातील कुख्यात चंदन व हस्तिदंत तस्कर.<ref>{{cite book |last=जॉर्ज |first=के. एम. |title=वीरप्पन: अनमास्किंग द डाकू |publisher=अमॅझॉन पब्लिशिंग |year=२००५}}</ref> * [[इ.स. १९७२|१९७२]] - [[विनोद कांबळी]], भारतीय क्रिकेट खेळाडू.<ref name="cricinfo"/> == मृत्यू == * [[इ.स. ३५०|३५०]] - [[कॉन्स्टान्स (रोमन सम्राट)|कॉन्स्टान्स]], रोमन सम्राट.<ref name="grant"/> * [[इ.स. ४७४|४७४]] - [[लिओ पहिला, बायझेंटाईन सम्राट|लिओ पहिला]], बायझेंटाईन सम्राट.<ref>{{cite book |last=ट्रेडगोल्ड |first=वॉरेन |title=अ हिस्टरी ऑफ द बायझेंटाईन स्टेट अँड सोसायटी |publisher=स्टॅनफोर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९७ |isbn=978-0804726306}}</ref> * [[इ.स. १३६७|१३६७]] - [[पेद्रो पहिला, पोर्तुगाल|पेद्रो पहिला]], पोर्तुगालचा राजा.<ref>{{cite book |last=लिव्हरमोअर |first=एच. व्ही. |title=अ न्यू हिस्टरी ऑफ पोर्तुगाल |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९६६}}</ref> * [[इ.स. १४७१|१४७१]] - [[सम्राट गो-हानाझोनो]], जपानचे १०२वे सम्राट.<ref name="varley"/> * [[इ.स. १८६२|१८६२]] - [[जॉन टायलर]], अमेरिकेचे १०वे अध्यक्ष.<ref>{{cite book |last=चितवूड |first=ऑलिव्हर पेरी |title=जॉन टायलर: चॅम्पियन ऑफ द ओल्ड साउथ |publisher=ॲपल्टन-सेन्चुरी |year=१९३९}}</ref> * [[इ.स. १९२७|१९२७]] - [[कार्लोटा, मेक्सिको|कार्लोटा]], मेक्सिकोची सम्राज्ञी.<ref>{{cite book |last=हॅसलिप |first=जोन |title=द क्राउन ऑफ मेक्सिको |publisher=होल्ट, राइनहार्ट अँड विन्स्टन |year=१९७१ |isbn=978-0030865725}}</ref> * [[इ.स. १९३६|१९३६]] - [[रुड्यार्ड किपलिंग]], नोबेल विजेते ब्रिटिश लेखक.<ref>{{cite book |last=रिडिंग |first=चार्ल्स |title=रुड्यार्ड किपलिंग: हिज लाइफ अँड वर्क |publisher=मॅकमिलन |year=१९५५}}</ref> * [[इ.स. १९४७|१९४७]] - [[कुंदनलाल सैगल]], भारतीय गायक आणि अभिनेता.<ref>{{cite book |last=मजमुदार |first=गंगाधर |title=के. एल. सैगल: संगीत साधना |publisher=राजकमल प्रकाशन |year=१९९०}}</ref> * [[इ.स. १९६७|१९६७]] - डॉ. [[पांडुरंग सदाशिव खानखोजे]], भारतीय कृषितज्ज्ञ आणि क्रांतिकारक.<ref>{{cite book |last=खानखोजे |first=सावित्री |title=क्रांतिकारक डॉ. पांडुरंग खानखोजे |publisher=साधना प्रकाशन |year=१९७५}}</ref> * [[इ.स. १९७१|१९७१]] - [[नाथ पै]], भारतीय स्वातंत्र्यसैनिक व संसद सदस्य.<ref>{{cite book |last=प्रधान |first=ग. प्र. |title=बॅरिस्टर नाथ पै: जीवन आणि कार्य |publisher=साधना प्रकाशन |year=१९७२}}</ref> * [[इ.स. १९८६|१९८६]] - प्राचार्य [[नारायण गोपाळ तवकर]], शिक्षणतज्ज्ञ आणि इतिहासकार.<ref>{{cite news |title=प्राचार्य तवकर स्मृती |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |date=१९ जानेवारी १९८६ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९३|१९९३]] - [[आत्माराम रावजी भट]], [[मराठा चेंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्रीज अँड ॲग्रीकल्चर|मराठा चेंबर ऑफ कॉमर्सचे]] संस्थापक.<ref>{{cite news |title=आत्मारामरावजी भट स्मृती लेख |url=https://www.sakal.com/ |work=[[सकाळ]] |date=१९ जानेवारी १९९३ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९६|१९९६]] - [[नंदमुरी तारक रामाराव|एन. टी. रामाराव]], तेलगू चित्रपट अभिनेते आणि [[आंध्र प्रदेश]]चे १०वे मुख्यमंत्री.<ref>{{cite news |title=N. T. Rama Rao Dies at 72 |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१९ जानेवारी १९९६ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००३|२००३]] - [[हरिवंशराय बच्चन]], प्रसिद्ध हिंदी साहित्यिक.<ref>{{cite news |title=हरिवंशराय बच्चन यांचे निधन |url=https://www.timesofindia.com/ |work=[[द टाइम्स ऑफ इंडिया]] |date=१९ जानेवारी २००३ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * [[रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेव्ही]] दिन - [[ऑस्ट्रेलिया]].<ref>{{cite web |title=Royal Australian Navy History |url=https://www.navy.gov.au/ |publisher=रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेव्ही |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||january/18}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ---- {{ग्रेगरियन महिने}} [[वर्ग:दिवस]] [[वर्ग:ग्रेगरी दिनदर्शिका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय दिनदर्शिका]] q2ruh705f67eb8jf5nxa4pnndkdtg18 टोपणनावानुसार मराठी साहित्यिकांची यादी 0 2576 2710777 2709873 2026-09-19T15:07:32Z ~2026-50752-53 187564 /* */ शेख शफी बोल्डेकर 2710777 wikitext text/x-wiki {{बदल}} साहित्य निर्माण करणाऱ्या व्यक्तीने स्वतःचे मूळ संपूर्ण नाव न वापरता वेगळ्याच नावाने साहित्य निर्मितीत वापरलेल्या नावाला टोपण नाव म्हणतात. मराठीले अनेक लेखक टोपणनावाने लेखन करीत आलेले आहेत, काहीजण अजूनही करतात. अशा टोपणनावाने लिखाण करणाऱ्या लेखकांची ही अपूर्ण यादी :- * [[अरुण टिकेकर]] : (टिचकीबहाद्दर); (दस्तुरखुद्द) *[[अनिल बाबुराव गव्हाणे]] : (बापू) * [[अशोक जैन]] : (कलंदर) * अशोक रानडे (दक्षकर्ण) * [[आत्माराम नीलकंठ साधले]] : [[आनंद साधले]], [[दमयंती सरपटवार]] * आत्माराम शेट्ये : (शेषन कार्तिक) * [[आनंद बालाजी देशपांडे]] (आकाशानंद) * [[आनंद साधले]] : (दमयंती सरपटवार) * आनंदीबाई कर्वे : (बाया कर्वे) * कृष्ण गंगाधर दीक्षित : (संजीव) * कृष्णाजी अनंत एकबोटे (सहकरी कृष्ण) * कृष्णाजी लक्ष्मण सोमण : (किरात; काळदंड; सारथी) (काव्यलेखनासाठी किरात आणि भ्रमर) * [[कृ.श्री. अर्जुनवाडकर]] (पंतोजी) * केशव नारायण देव : (पतितपावनदास) * गंगाधर कुलकर्णी (रसगंगाधर) * गणेश दामोदर सावरकर : (बाबाराव सावरकर) (दुर्गातनय) * गणेश वामन गोगटे : (लीला) * गणेश विठ्ठल कुलकर्णी (कुंभोजकर) : (व्यतिपात) * ग.दि. माडगुळकर (गदिमा) * [[गोपाळ गोविंद मुजुमदार]] : (साधुदास) * गोपाळ नरहर नातू : लोककवी (मनमोहन); मीनाक्षी दादरकर * [[गोपाळ हरी देशमुख]] : ([[लोकहितवादी]]; एक ब्राह्मण) * चंद्रकांत सखाराम चव्हाण : ([[बाबूराव अर्नाळकर]]) * चं.वि.बावडेकर : (आलमगीर) * चिंतामण रामचंद्र टिकेकर - [[अरुण टिकेकर]] यांचे वडील : (दूत) * चिं.त्र्य.खानोलकर - आरती प्रभु * [[जयवंत दळवी]] : (ठणठणपाळ) * [[तुकारामतात्या पडवळ]] : (एक हिंदू) * [[तुळसी परब]] : ओज पर्व * दगडू मारुती पवार : कथालेखक (जागल्या) * [[दत्ता टोळ]] : (अमरेंद्र दत्त) * दत्तात्रेय रामचंद्र कुलकर्णी : (श्रीपंत महाराज बाळेकुंद्रीकर) * दामोदर माधव कुळकर्णी : (माधवसुत) * डॉ. दामोदर विष्णू नेने : ([[दादूमिया]]) * दासोपंत दिगंबर देशपांडे : (दासोपंत) * दिनकर शंकरराव जवळकर : (आग्यावेताळ) * देवदत्त टिळक : (लक्ष्मीनंदन) * द्वारकानाथ माधव पितळे : ([[नाथमाधव]]) * द्वारकाबाई हिवरगांवकर/[[मनोरमा श्रीधर रानडे]] : ([[गोपिकातनया]]) * धनंजय चिंचोलीकर : ([[बब्रूवान रुद्रकंठावार]]) * [[न.र. फाटक]] : (अंतर्भेदी), (करिष्मा), (फरिश्ता) आणि (सत्यान्वेषी) * [[नरसिंह चिंतामण केळकर]] : (अनामिक; आत्‍मानंद) * नागावकर : (गंधर्व) * नागेश गणेश नवरे : (नागेश) * नारायण गजानन आठवले : (राजा ठकार) * नागोराव गोविंद साठे : (ब्रह्मानंदाश्रम स्वामी) * नारायण जोशी : (साखरेबुवा; नानामहाराज साखरे) * नारायण दामोदर सावरकर : (जातिहृदय) * [[नारायण विनायक कुलकर्णी]] : गोविंदसुत (की विनायकसुत?) * नरेंद्र नाईक (शांताग्रज) * शेख शफी शेख जानी ( शफी बोल्डेकर ) * [[परशराम गोविंद चिंचाळकर]] : गोविंदसुत * [[प.स. देसाई]] (सौ.जानकीबाई देसाई) : (सदाराम) * पांडुरंग ज्ञानेश्वर कुळकर्णी : (पांडुरंग शर्मा) * पुरुषोत्तम धाक्रस (फडकरी) * प्रल्हाद केशव अत्रे (केशवकुमार) * प्र.न. जोशी : (पुष्पदंत) * प्रभाकर जनार्दन दातार : शाहीर प्रभाकर * प्रभाकर नारायण पाध्ये : (भाऊ पाध्ये) * प्रवीण टोकेकर : (ब्रिटिश नंदी) * [[फोंडूशास्त्री करंडे]] : द्विरेफ * बळवंत जनार्दन करंदीकर : (रमाकांत) * बा.सी. मर्ढेकर : (मकरंद) * [[बाळकृष्ण अनंत भिडे]] : (बी) * बाळूताई खरे/[[मालती बेडेकर]] : ([[विभावरी शिरूरकर]]) * ब्रह्माजीपंत ब्रह्मानंद नाझरीकर : (श्रीधर) * भा.रा. भागवत : (संप्रस्त) * महादेव मल्हार जोशी : (स्वामी सच्चिदानंद) * [[मा.गो. वैद्य]] : (नीरद) * महादेव आसाराम घाटेवाळ : (माधव परदेशी) * [[माधव मोडक|माधव दादाजी मोडक]] : (बंधु माधव) * मालतीबाई बेडेकर/बाळूताई खरे : ([[विभावरी शिरूरकर]]) * [[मीनप्पा व्यंकटेश केलवाड]] : गोविंदशर्मा * मुक्ताबाई दीक्षित : (कृष्णाबाई) * मुक्ता विठ्ठल कुलकर्णी : (मुक्ताबाई) * मृत्युंजय श्रीकृष्ण रिसबूड : ([[सुमेध वडावाला]]) * मृदुला तांबे : (सृष्टिलावण्या) * मेहबूब पठाण : (अमर शेख) * मो.ग. रांगणेकर : (धुंडिराज) * [[र.गो. सरदेसाई]] : (र.गो.स., हरिविवेक) * रघुनाथ चंदावरकर : (रघुनाथ पंडित) * [[रघुवीर जगन्नाथ सामंत]] (कुमार रघुवीर) * रामकृष्ण माधव चोणकर : (हरी माधव समर्थ) * [[राम गणेश गडकरी]] : (बाळकराम) * रामचंद्र जोशी : (साखरेबाबा) * [[रामचंद्र विनायक कुलकर्णी]] : (आनंदघनराम) * रामचंद्र विनायक टिकेकर - [[अरुण टिकेकर]] यांचे आजोबा : (धनुर्धारी) * रामजी गणोजी चौगुले : (रामजी गणोजी) * रा.श्री. जोग : (निशिगंध) * लक्ष्मीकांत तांबोळी : (लता जिंतूरकर) * लक्ष्मीकांत शांताराम कुडाळकर (लक्ष्मीकांत-प्यारेलालमधील पहिला) : (के.लक्ष्मीकांत, लक्ष्मीकांत) * लीला भागवत : (भानुदास रोहेकर) * [[वा.रा.कांत]] : (कांत) * [[विठ्ठल वामन हडप]] : (केयूरक) * [[वि.ग. कानिटकर|विनायक गजानन कानिटकर]] : (रा. म. शास्त्री, ग्यानबा) * [[विनायक नरहरी भावे]] : ([[विनोबा]]) * वि.ल. बर्वे : (आनंद) * वि.शा. काळे : (बाबुलनाथ) * विश्वनाथ वामन बापट : (वसंत बापट * विष्णू भिकाजी गोखले : (विष्णूबाबा ब्रह्मचारी) * विष्णू वामन शिरवाडकर (कुसुमाग्रज ) * विष्णूशास्त्री चिपळूणकर : (गोल्या घुबड) * [[विठ्ठल हरी कुलकर्णी|वि.ह. कुलकर्णी]] (चंद्रहास, रत्नपारखी, शरदचंद्र, सुहास) * वीरसेन आनंद कदम : (बाबा कदम) * [[शंकर दाजीशास्त्री पदे]] : पिनाकी, भ्रमर, शंकर * शिवराम महादेव गोऱ्हे : (चंद्रशेखर; चंद्रिका) * [[श्रीधर व्यंकटेश केतकर]] : गोविंदपौत्र * श्रीपाद रामचंद्र टिकेकर - [[अरुण टिकेकर]] यांचे काका : मुसाफिर * स.अ. शुक्ल : (कुमुद) * संजीवनी मराठे (जीवन * संगीता उत्तम धायगुडे (हुमान कार) * [[सतीश जकातदार]] : (अमोघ श्रीवास्तव; सलील आदर्श) * सुनंदा बलराम कुलकर्णी : (सानिया) * सुलोचना देशमुख : (एस्; एन्) * सेतुमाधव पगडी : (कृष्णकुमार) * पी. विठ्ठल * ज्ञानेश्वर नाडकर्णी : (तुकाराम शेंदाणे) * (?) अप्पा बळवंत * (?) (वामनसुता) * (?) (देशभगिनी) * (?) (लक्ष्मीतनया) ==कवी== मराठी भाषेत जेव्हा काव्यरचनेला सुरुवात झाली तेव्हापासून कवी बहुधा आपले पहिले नाव कविनाम म्हणून वापरत असत. ज्ञानेश्वर, तुकाराम, नामदेव, मोरोपंत, सगनभाऊ ही या कवींची प्रथम नावे होती. प्रथम नाव, मधले नाव आणि नंतर आडनाव लिहायची पद्धत नंतरच्या काळात सुरू झाली. आधुनिक काळातदेखील इंदिरा, कवी गोविंद, दत्त, नीरजा, पद्मा, मनमोहन, माधव, मीरा, यशोधरा, विनायक, संजीवनी या कवी-कवयित्रींनी स्वतःच्याच पहिल्या नावाने काव्यलेखन केले. अनेक कवींनी आपल्या सग्यासंबंधींच्या नावाला अग्रज, अनुज, कुमार, जूलियन, तनय, सुत, इत्यादी प्रत्यय लावून आपापली टोपणनावे सिद्ध केली. इतरांनी या पद्धतींशी फारकत घेऊन अत्यंत स्वतंत्र टोपणनावे घेतली आणि आपले काव्यलेखन केले. इ.स. १९६०पासून टोपणनावाखाली कविता करण्याची पद्धत मराठीतून बहुधा हद्दपार झाली आहे. (अपवाद - [[सौमित्र]]) काही मराठी आणि अन्य कवी/लेखकांच्या टोपणनावांची ही यादी : {|Align="Center" Border="1" Width="75%" |- Align="Center" Style="background: #D0D0D0" | '''टोपण नाव''' || '''खरे नाव''' |- Align="Center" | [[अकिंचन]] || [[वासू. ग. मेहेंदळे]] |- Align="Center" | [[अनंततनय]] || [[दत्तात्रेय अनंत आपटे]] |- Align="Center" | [[अनंतफंदी]] || [[अनंत भवानीबावा घोलप]] |- Align="Center" | [[अनंतसुत विठ्ठल]], [[कावडीबाबा]] || [[विठ्ठल अनंत पिंपळगावकर]] |- Align="Center" |[[आनंद साधले]] || [[आत्माराम नीलकंठ साधले]]; [[दमयंती सरपटवार]] |- Align="Center" |[[अनिल]] || [[आत्माराम रावजी देशपांडे]] |- Align="Center" |[[अनिल भारती]] || [[शान्ताराम पाटील]] (या कातरवेळी, तो सलीम राजपुत्र) |- Align="Center" | [[अशोक (कवी)]] || [[नारायण रामचंद्र मोरे]] |- Align="Center" | [[अज्ञातवासी]] || [[दिनकर गंगाधर केळकर]] |- Align="Center" | [[आधुनिक]] || [[नीळकंठ बळवंत ऊर्फ बापूसाहेब भवाळकर]] |- Align="Center" | [[आनंद]] || [[विनायक लक्ष्मण बरवे]] |- Align="Center" | [[आनंदतनय]] || [[गोपाळ आनंदराव देशपांडे]] |- Align="Center" |[[आरती प्रभू]] || [[चिंतामण त्र्यंबक खानोलकर]] |- Align="Center" | [[इंदिरा]] || [[इंदिरा संत]] |- Align="Center" | [[इंदुकांत]] || [[दिनकर नानाजी शिंदे]] |- Align="Center" | [[उदासी/हरिहरमहाराज ]] || [[नीलकंठ रामकृष्ण पाळंदे]] |- Align="Center" | [[उद्धवचिद्धन/उद्धवचैतन्य/उधोबाबा/]] || [[उद्धव xxxx कोकिळ]] |- Align="Center" | [[एकनाथ]], [[एकाजनार्दन]] || [[एकनाथ|एकनाथ सूर्यनारायण पैठणकर]] |- Align="Center" | [[विनायक जनार्दन करंदीकर|एक मित्र]], [[विनायक जनार्दन करंदीकर|विनायक]] || [[विनायक जनार्दन करंदीकर]] |- Align="Center" | [[कलापी]], [[त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे|बालकवी]] || [[त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे]] |- Align="Center" | [[कबीर]] || [[]] |- Align="Center" | [[कवीश्वरबास]] || [[भानूभट/भास्करभट्ट xxxx बोरीकर]] |- Align="Center" | [[कावडीबाबा/अनंतसुत विठ्ठल]] || [[विठ्ठल अनंत पिंपळगावकर]] |- Align="Center" | [[कांत]] || [[वा.रा. कांत]] |- Align="Center" | काव्यविहारी || धोंडो वासुदेव गद्रे |- Align="Center" | [[काव्यशेखर]] || [[भास्कर काशीनाथ चांदूरकर]] |- Align="Center" | [[किरात/भ्रमर]] || [[कृष्णाजी लक्ष्मण सोमण]] |- Align="Center" | [[कवी कुंजविहारी]] || [[हरिहर गुरुनाथ सलगरकर]] |- Align="Center" | कुमुदबांधव || [[स.अ. शुक्ल]] |- Align="Center" | [[कुसुमाग्रज]] || [[विष्णू वामन शिरवाडकर]] |- Align="Center" | [[कृष्णकेशव]] || [[अनुपलब्ध]] |- Align="Center" | [[कृष्णाग्रज]] || [[अनुपलब्ध]] |- Align="Center" | [[केशवकुमार]] || [[प्रल्हाद केशव अत्रे]] |- Align="Center" | [[केशवसुत]] || [[कृष्णाजी केशव दामले]] |- Align="Center" | [[केशवसुत]] || [[नारायण केशव बेहेरे]] |- Align="Center" | [[के.स.रि.]] || [[केशव सदाशिव रिसबूड]] |- Align="Center" | [[कोणीतरी]] || [[नरहर शंकर रहाळकर]] |- Align="Center" | [[गिरीश]] || [[शंकर केशव कानेटकर]] |- Align="Center" | [[गोपिकातनया]] || [[कु.द्वारका हिवरगावकर(सौ.मनोरमा श्रीधर रानडे)]] |- Align="Center" | [[गोपीनाथ]] || [[गोपीनाथ तळवलकर]] |- Align="Center" | [[गोमा गणेश]] || [[गणेश कृष्ण फाटक]] |- Align="Center" | [[गोविंद]] || [[गोविंद दत्तात्रय दरेकर]] |- Align="Center" | [[गोविंदपौत्र]] || [[श्रीधर व्यंकटेश केतकर]] |- Align="Center" | [[गोविंदप्रभु]] || [[गुंडम अनंतनायक राऊळ]] |- Align="Center" | [[गोविंदाग्रज]] || [[राम गणेश गडकरी]] |- Align="Center" | ग्यानबा, रा. म.शास्त्री || [[वि.ग. कानिटकर]] |- Align="Center" | [[ग्रेस]] || [[माणिक गोडघाटे]] |- Align="Center" | [[चक्रधर]] || [[श्रीचांगदेव राऊळ]] |- Align="Center" | [[चंद्रशेखर]] || [[चंद्रशेखर शिवराम गोऱ्हे]] |- Align="Center" | [[चेतोहर]] || [[परशुराम नारायण पाटणकर]] |- Align="Center" | [[जगन्नाथ]] || [[जगन्नाथ धोंडू भांगले]] |- Align="Center" | [[जगन्मित्र]] || [[रेव्हरंड नारायण वामन टिळक]] |- Align="Center" | [[जननीजनकज]] || [[पु.पां गोखले]] |- Align="Center" | [[वासुदेव गणेश टेंबे|टेंबे स्वामी/वासुदेवानंद सरस्वती]] || [[वासुदेव गणेश टेंबे]] |- Align="Center" | [[ढोलीबुवा/महीपतिनाथ]] || [[सखाराम केरसुणे]] |- Align="Center" | [[तुकाराम]]/तुका || [[तुकाराम बोल्होबा/बाळकोबा मोरे/अंबिले/आंबले]] |- Align="Center" | [[तुलसीदास]] || [[]] |- Align="Center" | [[दत्त]] || [[दत्तात्रय कोंडो घाटे]] |- Align="Center" | [[दमयंती सरपटवार]] || [[आनंद साधले]], [[आत्माराम नीलकंठ साधले] |- Align="Center" | [[दया पवार]] || [[दगडू पवार]] |- Align="Center" | [[दामोदर]] || [[वीरेश्वर सदाशिव ऊर्फ तात्या छत्रे]] |- Align="Center" | [[दा.ग.पा.]] || [[दामोदर गणेश पाध्ये]] |- Align="Center" | [[दासोपंत]]/ दिगंबरानुचर || [[दासो दिगंबर देशपांडे]] |- Align="Center" | [[दित्जू]]/माधव जूलियन || [[माधव त्र्यंबक पटवर्धन]] |- Align="Center" | [[नामदेव]] || [[नामदेव दामाशेटी शिंपी]] |- Align="Center" | [[नारायणसुत]] || [[श्रीपाद नारायण मुजुमदार]] |- Align="Center" | [[निरंजन]] || [[वसंत सदाशिव बल्लाळ]] |- Align="Center" | [[निशिगंध]] || [[रा.श्री. जोग]] |- Align="Center" | [[निळोबा]] || [[निळा मुकुंद पिंपळनेरकर]] |- Align="Center" | [[नीरजा]] || [[नीरजा साठे]] |- Align="Center" | [[नृसिंहसरस्वती]] || [[नरहरी माधव काळे]] |- Align="Center" | [[पठ्ठे बापूराव]] || [[श्रीधर कृष्ण कुलकर्णी(रेठरेकर)]] |- Align="Center" | [[पद्मविहारी]] || [[रघुनाथ गणेश जोशी]] |- Align="Center" | [[पद्मा]] || [[पद्मा गोळे]] |- Align="Center" | [[पी.सावळाराम]] || [[निवृत्तिनाथ रावजी पाटील]] |- Align="Center" | [[पुरु.शिव. रेगे]] || [[पु.शि. रेगे]] |- Align="Center" | [[पूर्णदास]] || [[बाबा उपसकर-राजाध्यक्ष]] |- Align="Center" | [[प्रभाकर दातार|प्रभाकर]] || [[शाहीर प्रभाकर जनार्दम दातार]] |- Align="Center" | [[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी|फुलारी]]/[[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी|बी रघुनाथ]]|| [[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[बहिणाबाई]] || [[बहिणाबाई नथूजी चौधरी]] |- Align="Center" | [[(संत) बहिणाबाई]] || [[कु.बहिणा आऊदेव कुळकर्णी (सौ.बहिणा रत्नाकर पाठक)]] |- Align="Center" | [[बापरखुमादेवीवर/बापविठ्ठलसुत]] || [[ज्ञानदेव विठ्ठलपंत कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[बाबा आमटे]] || [[मुरलीधर देवीदास आमटे]] |- Align="Center" | [[बाबुलनाथ]] || [[विनायक श्यामराव काळे]] |- Align="Center" | [[बालकवी]]/कलापि || [[त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे]] |- Align="Center" | [[बाळा]] || [[बाळा कारंजकर]] |- Align="Center" | [[बाळकृष्ण अनंत भिडे| बी]] ; B || [[बाळकृष्ण अनंत भिडे]] |- Align="Center" | [[नारायण मुरलीधर गुप्ते| बी]]; BEE || [[नारायण मुरलीधर गुप्ते]] |- Align="Center" | [[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी|बी रघुनाथ]]/[[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी|फुलारी]] || [[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[बोधलेबुवा]] || [[माणकोजी भानजी जगताप]] |- Align="Center" | [[भगवानकवि]] || [[भवान रत्नाकर कऱ्हाडकर]] |- Align="Center" | [[भानजी]] || [[भास्कर त्रिंबक देशपांडे]] |- Align="Center" | [[भानुदास/मामळूभट]] || [[भानुदास पैठणकर(एकनाथांचे पणजोबा)]] |- Align="Center" | [[भावगुप्तपद्म]] || [[पांडुरंग गोविंदशास्त्री पारखी]] |- Align="Center" | [[भावशर्मा]] || [[के.(केशव) नारायण काळे]] |- Align="Center" | [[भालेंदु]] || [[भालचंद्र/गुलाबराव सीताराम सुकथनकर]] |- Align="Center" | [[भ्रमर]]/किरात || [[कृष्णाजी लक्ष्मण सोमण]] |- Align="Center" | [[मंदार]] || [[रेंदाळकर|एकनाथ पांडुरंग रेंदाळकर]] |- Align="Center" | [[मध्वमुनीश्वर]] || [[त्रिंबक नारायणाचार्य]] ( आडनाव अनुपलब्ध) |- Align="Center" | [[मनमोहन]] || [[गोपाळ नरहर ऊर्फ मनमोहन नातू]] |- Align="Center" | [[मनोहरबंधू]] || [[भास्कर कृष्ण उजगरे]] |- Align="Center" | [[महिपती]] || [[महिपती दादोपंत कांबळे-ताहराबादकर]] |- Align="Center" | [[महीपतिनाथ]]/ढोलीबुवा || [[सखाराम केरसुणे]] |- Align="Center" | [[माणिक/माणिकप्रभू/माणिकबाबा]] || [[माणिक मनोहर नाईक, हरकुडे]] |- Align="Center" | [[माधव]] || [[माधव केशव काटदरे]] |- Align="Center" | [[माधव जूलियन]], दित्जू/मा.जू./एम्.जूलियन || [[माधव त्र्यंबक पटवर्धन]] |- Align="Center" | [[माधव मिलिंद]] || कॅ. [[मा.कृ. शिंदे]] |- Align="Center" | [[माधवसुत]] || [[दामोदर माधव कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[माधवानुज]] || [[काशीनाथ हरी मोडक]] |- Align="Center" | मार्क ट्वेन || सॅम्युएल लॅंगहाॅर्न क्लेमन्स |- Align="Center" | [[मीरा]] || [[मीरा तारळेकर]] |- Align="Center" | [[मीराबाई]] || [[]] |- Align="Center" | [[मुकुंदराज]] || [[?]] |- Align="Center" | [[मुकुंदराय]] || [[मुकुंद गणेश मिरजकर]] |- Align="Center" | [[मुक्ताबाई]]/मुक्ताई || [[मुक्ता विठ्ठलपंत कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[मुक्तिबोध]] || [[शरच्चंद्र माधब मुक्तिबोध]] |- Align="Center" | [[मुक्तेश्वर]] || [[मुक्तेश्वर चिंतामणी मुद्गल]] |- Align="Center" | [[मोरोपंत]] || [[मोरेश्वर रामचंद्र पराडकर]] |- Align="Center" | [[यशवंत]] || [[यशवंत दिनकर पेंढरकर]] |- Align="Center" | [[यशोधरा]] || [[यशोधरा साठे]] |- Align="Center" | [[योगेश]] || [[भालजी पेंढारकर]] |- Align="Center" | [[रंगनाथस्वामी(निगडीकर)]] || [[रंगनाथ बोपाजी घोडके]] |- Align="Center" | [[रघुनाथ पंडित]] || [[रघुनाथपंडित चंदावरकर/तंजावरकर; रघुनाथ गणेश नवहस्त/नवाथे]] |- Align="Center" | [[रमेशबाळ]] || [[बाळ सीताराम मर्ढेकर]] |- Align="Center" | [[राजहंस]] || [[यादव शंकर वावीकर]] |- Align="Center" | [[रा. देव]] || [[]] |- Align="Center" | [[राधारमण]] || [[कृष्णाजी पांडुरंग लिमये]] |- Align="Center" | [[रामजोशी/कविराय]] || [[राम जनार्दन जोशी]] |- Align="Center" | [[रामदास]] || [[नारायण सूर्याजी ठोसर]] |- Align="Center" | रा. म. शास्त्री, ग्यानबा || [[वि.ग. कानिटकर]] |- Align="Center" | [[वसंत]] || [[वासुदेव बळवंत पटवर्धन]] |- Align="Center" |[[डॉ. वसंत अवसरे]] || [[शांता शेळके (श्री अवसरे मुळात शान्ताबाईंचे स्नेही होते.) ]] |- Align="Center" | [[वसंतविहार]] || [[शंकर दत्तात्रय जोशी]] |- Align="Center" | [[वा.दा.ओ.]] || [[वामन दाजी ओक]] |- Align="Center" | [[वामन पंडित]] || [[वामन तानाजी शेषे / वा शेष]] |- Align="Center" | [[विठाबाई]] || [[विठा रामप्पा नायक]] |- Align="Center" | [[विठा रेणुकानंदन]] || [[विठ्ठल मनोहर बडवे-कुलकर्णी]] |- Align="Center" | [[विठ्ठल केरीकर]] || [[विठ्ठल नरसिंह साखळकर]] |- Align="Center" | [[विठ्ठलदास]] || [[विठ्ठल अनंत क्षीरसागर्/बीडकर]] |- Align="Center" | [[विंदा करंदीकर]] || [[गोविंद विनायक करंदीकर]] |- Align="Center" | [[विनायक/एक मित्र]] || [[विनायक जनार्दन करंदीकर]] |- Align="Center" | [[विष्णूदास]] || [[कृष्णराव रावजी धांदरफळे]] |- Align="Center" | [[विसोबा खेचर]] || [[विसोबा चाटे]] |- Align="Center" | [[विहंगम]] || [[बाळकृष्ण लक्ष्मण अंतरकर]] |- Align="Center" | [[वैशाख]] || [[त्र्यं.वि. देशमुख]] |- Align="Center" | [[शारदाश्रमवासी]] || [[पुरुषोत्तम गोपाळ काणेकर]] |- Align="Center" | [[शुभानंत]] || [[]] |- Align="Center" | [[श्रीकांत]] || [[]] |- Align="Center" | [[श्रीकृष्ण]] || [[श्री.नी. चाफेकर|श्रीकृष्ण नीळकंठ चापेकर]] |- Align="Center" | [[श्रीधर]] || [[श्रीधर ब्रह्मानंद नाझरेकर/खडके/देशपांडे]] |- Align="Center" | [[श्रीराम]] || [[श्रीनिवास रामचंद्र बोबडे]] |- Align="Center" | [[संजीव]] || [[कृष्ण गंगाधर दीक्षित]] |- Align="Center" | [[संजीवनी]] || [[संजीवनी मराठे]] |- Align="Center" | [[सदानंदस्वामी]] || [[सदानंद चिंतामणी उपासनी]] |- Align="Center" | [[सरस्वतीकंठाभरण]] || [[दिनकर नानाजी शिंदे]] |- Align="Center" | [[साधुदास]] || [[गोपाळ गोविंद मुजुमदार/पाटणकर]] |- Align="Center" | [[सानिया]] || सुनंदा बलराम कुलकर्णी |- Align="Center" | [[साने गुरुजी]] || [[पांडुरंग सदाशिव साने]] |- Align="Center" | [[सामराज]] || [[शामभट लक्ष्मण आर्वीकर(राजोपध्ये)]] |- Align="Center" | [[सांवतामाळी]] || [[सांवता परसूबा माळी]] |- Align="Center" | [[सुधांशु]] || [[हणमंत नरहर जोशी]] |- Align="Center" | [[सुमंत]] || [[अप्पाराव धुंडिराज मुरतुले]] |- Align="Center" | [[सुहृद्चंपा]] || [[पुरुषोत्तम शिवराम रेगे]] |- Align="Center" | [[सौमित्र]] || [[किशोर कदम]] |- Align="Center" | [[स्वरूपानंद]] || [[रामचंद्र विष्णू गोडबोले]] |- Align="Center" | [[हरिबुवा]] || [[हरिबुवा शिंपी(हरीबोवा केरेश्वर भोंडवे)]] |- Align="Center" | [[हरिहरमहाराज/उदासी]] || [[नीलकंठ रामकृष्ण पाळंदे]] |- Align="Center" | [[प्रीत]] || [[स्वप्नील चाफेकर]] |- Align="Center" | [[मानसी सरोज]] || [[नम्रता माळी पाटील]] |- Align="Center" | [[होनाजी]] || [[होनाजी सयाजी शेलारखाने]] |- Align="Center" | [[ज्ञानेश्वर/ज्ञानदेव/बापरखमादेवीवर/बापविठ्ठलसुत]] || [[ज्ञानदेव विठ्ठलपंत कुळकर्णी] |- align="Center" |राघुवीरदास |बाळकृष्ण भाऊ जोशी |- Align="Center" |} ==हे सुद्धा पहा== * [[टोपणनावानुसार मराठी लेखक]] [[वर्ग:मराठी साहित्यिक|*]] [[वर्ग:मराठी कवी|*]] [[वर्ग:याद्या]] e5761wuvnyxll4o4ni8ynhgguh9tl9c 2710814 2710777 2026-09-19T16:48:47Z संतोष गोरे 135680 [[Special:Contributions/~2026-50752-53|~2026-50752-53]] ([[User talk:~2026-50752-53|चर्चा]]) यांनी केलेले बदल [[User:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] यांच्या आवृत्तीकडे पूर्वपदास नेले. 2692707 wikitext text/x-wiki {{बदल}} साहित्य निर्माण करणाऱ्या व्यक्तीने स्वतःचे मूळ संपूर्ण नाव न वापरता वेगळ्याच नावाने साहित्य निर्मितीत वापरलेल्या नावाला टोपण नाव म्हणतात. मराठीले अनेक लेखक टोपणनावाने लेखन करीत आलेले आहेत, काहीजण अजूनही करतात. अशा टोपणनावाने लिखाण करणाऱ्या लेखकांची ही अपूर्ण यादी :- * [[अरुण टिकेकर]] : (टिचकीबहाद्दर); (दस्तुरखुद्द) *[[अनिल बाबुराव गव्हाणे]] : (बापू) * [[अशोक जैन]] : (कलंदर) * अशोक रानडे (दक्षकर्ण) * [[आत्माराम नीलकंठ साधले]] : [[आनंद साधले]], [[दमयंती सरपटवार]] * आत्माराम शेट्ये : (शेषन कार्तिक) * [[आनंद बालाजी देशपांडे]] (आकाशानंद) * [[आनंद साधले]] : (दमयंती सरपटवार) * आनंदीबाई कर्वे : (बाया कर्वे) * कृष्ण गंगाधर दीक्षित : (संजीव) * कृष्णाजी अनंत एकबोटे (सहकरी कृष्ण) * कृष्णाजी लक्ष्मण सोमण : (किरात; काळदंड; सारथी) (काव्यलेखनासाठी किरात आणि भ्रमर) * [[कृ.श्री. अर्जुनवाडकर]] (पंतोजी) * केशव नारायण देव : (पतितपावनदास) * गंगाधर कुलकर्णी (रसगंगाधर) * गणेश दामोदर सावरकर : (बाबाराव सावरकर) (दुर्गातनय) * गणेश वामन गोगटे : (लीला) * गणेश विठ्ठल कुलकर्णी (कुंभोजकर) : (व्यतिपात) * ग.दि. माडगुळकर (गदिमा) * [[गोपाळ गोविंद मुजुमदार]] : (साधुदास) * गोपाळ नरहर नातू : लोककवी (मनमोहन); मीनाक्षी दादरकर * [[गोपाळ हरी देशमुख]] : ([[लोकहितवादी]]; एक ब्राह्मण) * चंद्रकांत सखाराम चव्हाण : ([[बाबूराव अर्नाळकर]]) * चं.वि.बावडेकर : (आलमगीर) * चिंतामण रामचंद्र टिकेकर - [[अरुण टिकेकर]] यांचे वडील : (दूत) * चिं.त्र्य.खानोलकर - आरती प्रभु * [[जयवंत दळवी]] : (ठणठणपाळ) * [[तुकारामतात्या पडवळ]] : (एक हिंदू) * [[तुळसी परब]] : ओज पर्व * दगडू मारुती पवार : कथालेखक (जागल्या) * [[दत्ता टोळ]] : (अमरेंद्र दत्त) * दत्तात्रेय रामचंद्र कुलकर्णी : (श्रीपंत महाराज बाळेकुंद्रीकर) * दामोदर माधव कुळकर्णी : (माधवसुत) * डॉ. दामोदर विष्णू नेने : ([[दादूमिया]]) * दासोपंत दिगंबर देशपांडे : (दासोपंत) * दिनकर शंकरराव जवळकर : (आग्यावेताळ) * देवदत्त टिळक : (लक्ष्मीनंदन) * द्वारकानाथ माधव पितळे : ([[नाथमाधव]]) * द्वारकाबाई हिवरगांवकर/[[मनोरमा श्रीधर रानडे]] : ([[गोपिकातनया]]) * धनंजय चिंचोलीकर : ([[बब्रूवान रुद्रकंठावार]]) * [[न.र. फाटक]] : (अंतर्भेदी), (करिष्मा), (फरिश्ता) आणि (सत्यान्वेषी) * [[नरसिंह चिंतामण केळकर]] : (अनामिक; आत्‍मानंद) * नागावकर : (गंधर्व) * नागेश गणेश नवरे : (नागेश) * नारायण गजानन आठवले : (राजा ठकार) * नागोराव गोविंद साठे : (ब्रह्मानंदाश्रम स्वामी) * नारायण जोशी : (साखरेबुवा; नानामहाराज साखरे) * नारायण दामोदर सावरकर : (जातिहृदय) * [[नारायण विनायक कुलकर्णी]] : गोविंदसुत (की विनायकसुत?) * नरेंद्र नाईक (शांताग्रज) * [[परशराम गोविंद चिंचाळकर]] : गोविंदसुत * [[प.स. देसाई]] (सौ.जानकीबाई देसाई) : (सदाराम) * पांडुरंग ज्ञानेश्वर कुळकर्णी : (पांडुरंग शर्मा) * पुरुषोत्तम धाक्रस (फडकरी) * प्रल्हाद केशव अत्रे (केशवकुमार) * प्र.न. जोशी : (पुष्पदंत) * प्रभाकर जनार्दन दातार : शाहीर प्रभाकर * प्रभाकर नारायण पाध्ये : (भाऊ पाध्ये) * प्रवीण टोकेकर : (ब्रिटिश नंदी) * [[फोंडूशास्त्री करंडे]] : द्विरेफ * बळवंत जनार्दन करंदीकर : (रमाकांत) * बा.सी. मर्ढेकर : (मकरंद) * [[बाळकृष्ण अनंत भिडे]] : (बी) * बाळूताई खरे/[[मालती बेडेकर]] : ([[विभावरी शिरूरकर]]) * ब्रह्माजीपंत ब्रह्मानंद नाझरीकर : (श्रीधर) * भा.रा. भागवत : (संप्रस्त) * महादेव मल्हार जोशी : (स्वामी सच्चिदानंद) * [[मा.गो. वैद्य]] : (नीरद) * महादेव आसाराम घाटेवाळ : (माधव परदेशी) * [[माधव मोडक|माधव दादाजी मोडक]] : (बंधु माधव) * मालतीबाई बेडेकर/बाळूताई खरे : ([[विभावरी शिरूरकर]]) * [[मीनप्पा व्यंकटेश केलवाड]] : गोविंदशर्मा * मुक्ताबाई दीक्षित : (कृष्णाबाई) * मुक्ता विठ्ठल कुलकर्णी : (मुक्ताबाई) * मृत्युंजय श्रीकृष्ण रिसबूड : ([[सुमेध वडावाला]]) * मृदुला तांबे : (सृष्टिलावण्या) * मेहबूब पठाण : (अमर शेख) * मो.ग. रांगणेकर : (धुंडिराज) * [[र.गो. सरदेसाई]] : (र.गो.स., हरिविवेक) * रघुनाथ चंदावरकर : (रघुनाथ पंडित) * [[रघुवीर जगन्नाथ सामंत]] (कुमार रघुवीर) * रामकृष्ण माधव चोणकर : (हरी माधव समर्थ) * [[राम गणेश गडकरी]] : (बाळकराम) * रामचंद्र जोशी : (साखरेबाबा) * [[रामचंद्र विनायक कुलकर्णी]] : (आनंदघनराम) * रामचंद्र विनायक टिकेकर - [[अरुण टिकेकर]] यांचे आजोबा : (धनुर्धारी) * रामजी गणोजी चौगुले : (रामजी गणोजी) * रा.श्री. जोग : (निशिगंध) * लक्ष्मीकांत तांबोळी : (लता जिंतूरकर) * लक्ष्मीकांत शांताराम कुडाळकर (लक्ष्मीकांत-प्यारेलालमधील पहिला) : (के.लक्ष्मीकांत, लक्ष्मीकांत) * लीला भागवत : (भानुदास रोहेकर) * [[वा.रा.कांत]] : (कांत) * [[विठ्ठल वामन हडप]] : (केयूरक) * [[वि.ग. कानिटकर|विनायक गजानन कानिटकर]] : (रा. म. शास्त्री, ग्यानबा) * [[विनायक नरहरी भावे]] : ([[विनोबा]]) * वि.ल. बर्वे : (आनंद) * वि.शा. काळे : (बाबुलनाथ) * विश्वनाथ वामन बापट : (वसंत बापट * विष्णू भिकाजी गोखले : (विष्णूबाबा ब्रह्मचारी) * विष्णू वामन शिरवाडकर (कुसुमाग्रज ) * विष्णूशास्त्री चिपळूणकर : (गोल्या घुबड) * [[विठ्ठल हरी कुलकर्णी|वि.ह. कुलकर्णी]] (चंद्रहास, रत्नपारखी, शरदचंद्र, सुहास) * वीरसेन आनंद कदम : (बाबा कदम) * [[शंकर दाजीशास्त्री पदे]] : पिनाकी, भ्रमर, शंकर * शिवराम महादेव गोऱ्हे : (चंद्रशेखर; चंद्रिका) * [[श्रीधर व्यंकटेश केतकर]] : गोविंदपौत्र * श्रीपाद रामचंद्र टिकेकर - [[अरुण टिकेकर]] यांचे काका : मुसाफिर * स.अ. शुक्ल : (कुमुद) * संजीवनी मराठे (जीवन * संगीता उत्तम धायगुडे (हुमान कार) * [[सतीश जकातदार]] : (अमोघ श्रीवास्तव; सलील आदर्श) * सुनंदा बलराम कुलकर्णी : (सानिया) * सुलोचना देशमुख : (एस्; एन्) * सेतुमाधव पगडी : (कृष्णकुमार) * पी. विठ्ठल * ज्ञानेश्वर नाडकर्णी : (तुकाराम शेंदाणे) * (?) अप्पा बळवंत * (?) (वामनसुता) * (?) (देशभगिनी) * (?) (लक्ष्मीतनया) ==कवी== मराठी भाषेत जेव्हा काव्यरचनेला सुरुवात झाली तेव्हापासून कवी बहुधा आपले पहिले नाव कविनाम म्हणून वापरत असत. ज्ञानेश्वर, तुकाराम, नामदेव, मोरोपंत, सगनभाऊ ही या कवींची प्रथम नावे होती. प्रथम नाव, मधले नाव आणि नंतर आडनाव लिहायची पद्धत नंतरच्या काळात सुरू झाली. आधुनिक काळातदेखील इंदिरा, कवी गोविंद, दत्त, नीरजा, पद्मा, मनमोहन, माधव, मीरा, यशोधरा, विनायक, संजीवनी या कवी-कवयित्रींनी स्वतःच्याच पहिल्या नावाने काव्यलेखन केले. अनेक कवींनी आपल्या सग्यासंबंधींच्या नावाला अग्रज, अनुज, कुमार, जूलियन, तनय, सुत, इत्यादी प्रत्यय लावून आपापली टोपणनावे सिद्ध केली. इतरांनी या पद्धतींशी फारकत घेऊन अत्यंत स्वतंत्र टोपणनावे घेतली आणि आपले काव्यलेखन केले. इ.स. १९६०पासून टोपणनावाखाली कविता करण्याची पद्धत मराठीतून बहुधा हद्दपार झाली आहे. (अपवाद - [[सौमित्र]]) काही मराठी आणि अन्य कवी/लेखकांच्या टोपणनावांची ही यादी : {|Align="Center" Border="1" Width="75%" |- Align="Center" Style="background: #D0D0D0" | '''टोपण नाव''' || '''खरे नाव''' |- Align="Center" | [[अकिंचन]] || [[वासू. ग. मेहेंदळे]] |- Align="Center" | [[अनंततनय]] || [[दत्तात्रेय अनंत आपटे]] |- Align="Center" | [[अनंतफंदी]] || [[अनंत भवानीबावा घोलप]] |- Align="Center" | [[अनंतसुत विठ्ठल]], [[कावडीबाबा]] || [[विठ्ठल अनंत पिंपळगावकर]] |- Align="Center" |[[आनंद साधले]] || [[आत्माराम नीलकंठ साधले]]; [[दमयंती सरपटवार]] |- Align="Center" |[[अनिल]] || [[आत्माराम रावजी देशपांडे]] |- Align="Center" |[[अनिल भारती]] || [[शान्ताराम पाटील]] (या कातरवेळी, तो सलीम राजपुत्र) |- Align="Center" | [[अशोक (कवी)]] || [[नारायण रामचंद्र मोरे]] |- Align="Center" | [[अज्ञातवासी]] || [[दिनकर गंगाधर केळकर]] |- Align="Center" | [[आधुनिक]] || [[नीळकंठ बळवंत ऊर्फ बापूसाहेब भवाळकर]] |- Align="Center" | [[आनंद]] || [[विनायक लक्ष्मण बरवे]] |- Align="Center" | [[आनंदतनय]] || [[गोपाळ आनंदराव देशपांडे]] |- Align="Center" |[[आरती प्रभू]] || [[चिंतामण त्र्यंबक खानोलकर]] |- Align="Center" | [[इंदिरा]] || [[इंदिरा संत]] |- Align="Center" | [[इंदुकांत]] || [[दिनकर नानाजी शिंदे]] |- Align="Center" | [[उदासी/हरिहरमहाराज ]] || [[नीलकंठ रामकृष्ण पाळंदे]] |- Align="Center" | [[उद्धवचिद्धन/उद्धवचैतन्य/उधोबाबा/]] || [[उद्धव xxxx कोकिळ]] |- Align="Center" | [[एकनाथ]], [[एकाजनार्दन]] || [[एकनाथ|एकनाथ सूर्यनारायण पैठणकर]] |- Align="Center" | [[विनायक जनार्दन करंदीकर|एक मित्र]], [[विनायक जनार्दन करंदीकर|विनायक]] || [[विनायक जनार्दन करंदीकर]] |- Align="Center" | [[कलापी]], [[त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे|बालकवी]] || [[त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे]] |- Align="Center" | [[कबीर]] || [[]] |- Align="Center" | [[कवीश्वरबास]] || [[भानूभट/भास्करभट्ट xxxx बोरीकर]] |- Align="Center" | [[कावडीबाबा/अनंतसुत विठ्ठल]] || [[विठ्ठल अनंत पिंपळगावकर]] |- Align="Center" | [[कांत]] || [[वा.रा. कांत]] |- Align="Center" | काव्यविहारी || धोंडो वासुदेव गद्रे |- Align="Center" | [[काव्यशेखर]] || [[भास्कर काशीनाथ चांदूरकर]] |- Align="Center" | [[किरात/भ्रमर]] || [[कृष्णाजी लक्ष्मण सोमण]] |- Align="Center" | [[कवी कुंजविहारी]] || [[हरिहर गुरुनाथ सलगरकर]] |- Align="Center" | कुमुदबांधव || [[स.अ. शुक्ल]] |- Align="Center" | [[कुसुमाग्रज]] || [[विष्णू वामन शिरवाडकर]] |- Align="Center" | [[कृष्णकेशव]] || [[अनुपलब्ध]] |- Align="Center" | [[कृष्णाग्रज]] || [[अनुपलब्ध]] |- Align="Center" | [[केशवकुमार]] || [[प्रल्हाद केशव अत्रे]] |- Align="Center" | [[केशवसुत]] || [[कृष्णाजी केशव दामले]] |- Align="Center" | [[केशवसुत]] || [[नारायण केशव बेहेरे]] |- Align="Center" | [[के.स.रि.]] || [[केशव सदाशिव रिसबूड]] |- Align="Center" | [[कोणीतरी]] || [[नरहर शंकर रहाळकर]] |- Align="Center" | [[गिरीश]] || [[शंकर केशव कानेटकर]] |- Align="Center" | [[गोपिकातनया]] || [[कु.द्वारका हिवरगावकर(सौ.मनोरमा श्रीधर रानडे)]] |- Align="Center" | [[गोपीनाथ]] || [[गोपीनाथ तळवलकर]] |- Align="Center" | [[गोमा गणेश]] || [[गणेश कृष्ण फाटक]] |- Align="Center" | [[गोविंद]] || [[गोविंद दत्तात्रय दरेकर]] |- Align="Center" | [[गोविंदपौत्र]] || [[श्रीधर व्यंकटेश केतकर]] |- Align="Center" | [[गोविंदप्रभु]] || [[गुंडम अनंतनायक राऊळ]] |- Align="Center" | [[गोविंदाग्रज]] || [[राम गणेश गडकरी]] |- Align="Center" | ग्यानबा, रा. म.शास्त्री || [[वि.ग. कानिटकर]] |- Align="Center" | [[ग्रेस]] || [[माणिक गोडघाटे]] |- Align="Center" | [[चक्रधर]] || [[श्रीचांगदेव राऊळ]] |- Align="Center" | [[चंद्रशेखर]] || [[चंद्रशेखर शिवराम गोऱ्हे]] |- Align="Center" | [[चेतोहर]] || [[परशुराम नारायण पाटणकर]] |- Align="Center" | [[जगन्नाथ]] || [[जगन्नाथ धोंडू भांगले]] |- Align="Center" | [[जगन्मित्र]] || [[रेव्हरंड नारायण वामन टिळक]] |- Align="Center" | [[जननीजनकज]] || [[पु.पां गोखले]] |- Align="Center" | [[वासुदेव गणेश टेंबे|टेंबे स्वामी/वासुदेवानंद सरस्वती]] || [[वासुदेव गणेश टेंबे]] |- Align="Center" | [[ढोलीबुवा/महीपतिनाथ]] || [[सखाराम केरसुणे]] |- Align="Center" | [[तुकाराम]]/तुका || [[तुकाराम बोल्होबा/बाळकोबा मोरे/अंबिले/आंबले]] |- Align="Center" | [[तुलसीदास]] || [[]] |- Align="Center" | [[दत्त]] || [[दत्तात्रय कोंडो घाटे]] |- Align="Center" | [[दमयंती सरपटवार]] || [[आनंद साधले]], [[आत्माराम नीलकंठ साधले] |- Align="Center" | [[दया पवार]] || [[दगडू पवार]] |- Align="Center" | [[दामोदर]] || [[वीरेश्वर सदाशिव ऊर्फ तात्या छत्रे]] |- Align="Center" | [[दा.ग.पा.]] || [[दामोदर गणेश पाध्ये]] |- Align="Center" | [[दासोपंत]]/ दिगंबरानुचर || [[दासो दिगंबर देशपांडे]] |- Align="Center" | [[दित्जू]]/माधव जूलियन || [[माधव त्र्यंबक पटवर्धन]] |- Align="Center" | [[नामदेव]] || [[नामदेव दामाशेटी शिंपी]] |- Align="Center" | [[नारायणसुत]] || [[श्रीपाद नारायण मुजुमदार]] |- Align="Center" | [[निरंजन]] || [[वसंत सदाशिव बल्लाळ]] |- Align="Center" | [[निशिगंध]] || [[रा.श्री. जोग]] |- Align="Center" | [[निळोबा]] || [[निळा मुकुंद पिंपळनेरकर]] |- Align="Center" | [[नीरजा]] || [[नीरजा साठे]] |- Align="Center" | [[नृसिंहसरस्वती]] || [[नरहरी माधव काळे]] |- Align="Center" | [[पठ्ठे बापूराव]] || [[श्रीधर कृष्ण कुलकर्णी(रेठरेकर)]] |- Align="Center" | [[पद्मविहारी]] || [[रघुनाथ गणेश जोशी]] |- Align="Center" | [[पद्मा]] || [[पद्मा गोळे]] |- Align="Center" | [[पी.सावळाराम]] || [[निवृत्तिनाथ रावजी पाटील]] |- Align="Center" | [[पुरु.शिव. रेगे]] || [[पु.शि. रेगे]] |- Align="Center" | [[पूर्णदास]] || [[बाबा उपसकर-राजाध्यक्ष]] |- Align="Center" | [[प्रभाकर दातार|प्रभाकर]] || [[शाहीर प्रभाकर जनार्दम दातार]] |- Align="Center" | [[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी|फुलारी]]/[[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी|बी रघुनाथ]]|| [[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[बहिणाबाई]] || [[बहिणाबाई नथूजी चौधरी]] |- Align="Center" | [[(संत) बहिणाबाई]] || [[कु.बहिणा आऊदेव कुळकर्णी (सौ.बहिणा रत्नाकर पाठक)]] |- Align="Center" | [[बापरखुमादेवीवर/बापविठ्ठलसुत]] || [[ज्ञानदेव विठ्ठलपंत कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[बाबा आमटे]] || [[मुरलीधर देवीदास आमटे]] |- Align="Center" | [[बाबुलनाथ]] || [[विनायक श्यामराव काळे]] |- Align="Center" | [[बालकवी]]/कलापि || [[त्र्यंबक बापूजी ठोंबरे]] |- Align="Center" | [[बाळा]] || [[बाळा कारंजकर]] |- Align="Center" | [[बाळकृष्ण अनंत भिडे| बी]] ; B || [[बाळकृष्ण अनंत भिडे]] |- Align="Center" | [[नारायण मुरलीधर गुप्ते| बी]]; BEE || [[नारायण मुरलीधर गुप्ते]] |- Align="Center" | [[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी|बी रघुनाथ]]/[[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी|फुलारी]] || [[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[बोधलेबुवा]] || [[माणकोजी भानजी जगताप]] |- Align="Center" | [[भगवानकवि]] || [[भवान रत्नाकर कऱ्हाडकर]] |- Align="Center" | [[भानजी]] || [[भास्कर त्रिंबक देशपांडे]] |- Align="Center" | [[भानुदास/मामळूभट]] || [[भानुदास पैठणकर(एकनाथांचे पणजोबा)]] |- Align="Center" | [[भावगुप्तपद्म]] || [[पांडुरंग गोविंदशास्त्री पारखी]] |- Align="Center" | [[भावशर्मा]] || [[के.(केशव) नारायण काळे]] |- Align="Center" | [[भालेंदु]] || [[भालचंद्र/गुलाबराव सीताराम सुकथनकर]] |- Align="Center" | [[भ्रमर]]/किरात || [[कृष्णाजी लक्ष्मण सोमण]] |- Align="Center" | [[मंदार]] || [[रेंदाळकर|एकनाथ पांडुरंग रेंदाळकर]] |- Align="Center" | [[मध्वमुनीश्वर]] || [[त्रिंबक नारायणाचार्य]] ( आडनाव अनुपलब्ध) |- Align="Center" | [[मनमोहन]] || [[गोपाळ नरहर ऊर्फ मनमोहन नातू]] |- Align="Center" | [[मनोहरबंधू]] || [[भास्कर कृष्ण उजगरे]] |- Align="Center" | [[महिपती]] || [[महिपती दादोपंत कांबळे-ताहराबादकर]] |- Align="Center" | [[महीपतिनाथ]]/ढोलीबुवा || [[सखाराम केरसुणे]] |- Align="Center" | [[माणिक/माणिकप्रभू/माणिकबाबा]] || [[माणिक मनोहर नाईक, हरकुडे]] |- Align="Center" | [[माधव]] || [[माधव केशव काटदरे]] |- Align="Center" | [[माधव जूलियन]], दित्जू/मा.जू./एम्.जूलियन || [[माधव त्र्यंबक पटवर्धन]] |- Align="Center" | [[माधव मिलिंद]] || कॅ. [[मा.कृ. शिंदे]] |- Align="Center" | [[माधवसुत]] || [[दामोदर माधव कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[माधवानुज]] || [[काशीनाथ हरी मोडक]] |- Align="Center" | मार्क ट्वेन || सॅम्युएल लॅंगहाॅर्न क्लेमन्स |- Align="Center" | [[मीरा]] || [[मीरा तारळेकर]] |- Align="Center" | [[मीराबाई]] || [[]] |- Align="Center" | [[मुकुंदराज]] || [[?]] |- Align="Center" | [[मुकुंदराय]] || [[मुकुंद गणेश मिरजकर]] |- Align="Center" | [[मुक्ताबाई]]/मुक्ताई || [[मुक्ता विठ्ठलपंत कुळकर्णी]] |- Align="Center" | [[मुक्तिबोध]] || [[शरच्चंद्र माधब मुक्तिबोध]] |- Align="Center" | [[मुक्तेश्वर]] || [[मुक्तेश्वर चिंतामणी मुद्गल]] |- Align="Center" | [[मोरोपंत]] || [[मोरेश्वर रामचंद्र पराडकर]] |- Align="Center" | [[यशवंत]] || [[यशवंत दिनकर पेंढरकर]] |- Align="Center" | [[यशोधरा]] || [[यशोधरा साठे]] |- Align="Center" | [[योगेश]] || [[भालजी पेंढारकर]] |- Align="Center" | [[रंगनाथस्वामी(निगडीकर)]] || [[रंगनाथ बोपाजी घोडके]] |- Align="Center" | [[रघुनाथ पंडित]] || [[रघुनाथपंडित चंदावरकर/तंजावरकर; रघुनाथ गणेश नवहस्त/नवाथे]] |- Align="Center" | [[रमेशबाळ]] || [[बाळ सीताराम मर्ढेकर]] |- Align="Center" | [[राजहंस]] || [[यादव शंकर वावीकर]] |- Align="Center" | [[रा. देव]] || [[]] |- Align="Center" | [[राधारमण]] || [[कृष्णाजी पांडुरंग लिमये]] |- Align="Center" | [[रामजोशी/कविराय]] || [[राम जनार्दन जोशी]] |- Align="Center" | [[रामदास]] || [[नारायण सूर्याजी ठोसर]] |- Align="Center" | रा. म. शास्त्री, ग्यानबा || [[वि.ग. कानिटकर]] |- Align="Center" | [[वसंत]] || [[वासुदेव बळवंत पटवर्धन]] |- Align="Center" |[[डॉ. वसंत अवसरे]] || [[शांता शेळके (श्री अवसरे मुळात शान्ताबाईंचे स्नेही होते.) ]] |- Align="Center" | [[वसंतविहार]] || [[शंकर दत्तात्रय जोशी]] |- Align="Center" | [[वा.दा.ओ.]] || [[वामन दाजी ओक]] |- Align="Center" | [[वामन पंडित]] || [[वामन तानाजी शेषे / वा शेष]] |- Align="Center" | [[विठाबाई]] || [[विठा रामप्पा नायक]] |- Align="Center" | [[विठा रेणुकानंदन]] || [[विठ्ठल मनोहर बडवे-कुलकर्णी]] |- Align="Center" | [[विठ्ठल केरीकर]] || [[विठ्ठल नरसिंह साखळकर]] |- Align="Center" | [[विठ्ठलदास]] || [[विठ्ठल अनंत क्षीरसागर्/बीडकर]] |- Align="Center" | [[विंदा करंदीकर]] || [[गोविंद विनायक करंदीकर]] |- Align="Center" | [[विनायक/एक मित्र]] || [[विनायक जनार्दन करंदीकर]] |- Align="Center" | [[विष्णूदास]] || [[कृष्णराव रावजी धांदरफळे]] |- Align="Center" | [[विसोबा खेचर]] || [[विसोबा चाटे]] |- Align="Center" | [[विहंगम]] || [[बाळकृष्ण लक्ष्मण अंतरकर]] |- Align="Center" | [[वैशाख]] || [[त्र्यं.वि. देशमुख]] |- Align="Center" | [[शारदाश्रमवासी]] || [[पुरुषोत्तम गोपाळ काणेकर]] |- Align="Center" | [[शुभानंत]] || [[]] |- Align="Center" | [[श्रीकांत]] || [[]] |- Align="Center" | [[श्रीकृष्ण]] || [[श्री.नी. चाफेकर|श्रीकृष्ण नीळकंठ चापेकर]] |- Align="Center" | [[श्रीधर]] || [[श्रीधर ब्रह्मानंद नाझरेकर/खडके/देशपांडे]] |- Align="Center" | [[श्रीराम]] || [[श्रीनिवास रामचंद्र बोबडे]] |- Align="Center" | [[संजीव]] || [[कृष्ण गंगाधर दीक्षित]] |- Align="Center" | [[संजीवनी]] || [[संजीवनी मराठे]] |- Align="Center" | [[सदानंदस्वामी]] || [[सदानंद चिंतामणी उपासनी]] |- Align="Center" | [[सरस्वतीकंठाभरण]] || [[दिनकर नानाजी शिंदे]] |- Align="Center" | [[साधुदास]] || [[गोपाळ गोविंद मुजुमदार/पाटणकर]] |- Align="Center" | [[सानिया]] || सुनंदा बलराम कुलकर्णी |- Align="Center" | [[साने गुरुजी]] || [[पांडुरंग सदाशिव साने]] |- Align="Center" | [[सामराज]] || [[शामभट लक्ष्मण आर्वीकर(राजोपध्ये)]] |- Align="Center" | [[सांवतामाळी]] || [[सांवता परसूबा माळी]] |- Align="Center" | [[सुधांशु]] || [[हणमंत नरहर जोशी]] |- Align="Center" | [[सुमंत]] || [[अप्पाराव धुंडिराज मुरतुले]] |- Align="Center" | [[सुहृद्चंपा]] || [[पुरुषोत्तम शिवराम रेगे]] |- Align="Center" | [[सौमित्र]] || [[किशोर कदम]] |- Align="Center" | [[स्वरूपानंद]] || [[रामचंद्र विष्णू गोडबोले]] |- Align="Center" | [[हरिबुवा]] || [[हरिबुवा शिंपी(हरीबोवा केरेश्वर भोंडवे)]] |- Align="Center" | [[हरिहरमहाराज/उदासी]] || [[नीलकंठ रामकृष्ण पाळंदे]] |- Align="Center" | [[प्रीत]] || [[स्वप्नील चाफेकर]] |- Align="Center" | [[मानसी सरोज]] || [[नम्रता माळी पाटील]] |- Align="Center" | [[होनाजी]] || [[होनाजी सयाजी शेलारखाने]] |- Align="Center" | [[ज्ञानेश्वर/ज्ञानदेव/बापरखमादेवीवर/बापविठ्ठलसुत]] || [[ज्ञानदेव विठ्ठलपंत कुळकर्णी] |- align="Center" |राघुवीरदास |बाळकृष्ण भाऊ जोशी |- Align="Center" |} ==हे सुद्धा पहा== * [[टोपणनावानुसार मराठी लेखक]] [[वर्ग:मराठी साहित्यिक|*]] [[वर्ग:मराठी कवी|*]] [[वर्ग:याद्या]] hzbbmejtkwu36wxgrzoh45yl34e4i7c भागवत चंद्रशेखर 0 3364 2710853 2670833 2026-09-19T22:47:55Z अभय नातू 206 /* संदर्भ आणि नोंदी */ 2710853 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट क्रिकेट खेळाडू संपूर्ण माहिती | नाव = बी एस चंद्रशेखर | image = | caption = | देश= भारत | देश_इंग्लिश_नाव = India | पूर्ण नाव = भागवत सुब्रमण्य चंद्रशेखर | उपाख्य = चंद्रा | living = true | दिनांकजन्म = १७ | महिनाजन्म = ५ | वर्षजन्म = १९४५ | स्थान_जन्म = [[म्हैसूर]], [[म्हैसूर संस्थान]] | देश_जन्म = [[ब्रिटिश भारत]] | दिनांकमृत्यू = | महिनामृत्यू = | वर्षमृत्यू = | स्थान_मृत्यू = | पत्नी = | मुलगी= | देश_मृत्यू = | heightft = ५ | heightinch = ७ | heightm = | फलंदाजीची पद्धत = उजव्या हाताने | गोलंदाजीची पद्धत = लेगब्रेक | विशेषता = [[गोलंदाज]] | international = true | कसोटी सामना पदार्पण दिनांक = २१ जानेवारी | कसोटी सामना पदार्पणवर्ष = १९६४ | कसोटी सामना पदार्पण विरुद्ध= इंग्लंड | कसोटी सामने = १०६ | शेवटचा कसोटी सामना दिनांक = १२ जुलै | शेवटचा कसोटी सामना वर्ष = १९७९ | शेवटचा कसोटी सामना विरुद्ध= इंग्लंड | एकमेव एकदिवसीय सामना = true | oneodi = true | आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना पदार्पण दिनांक = २२ फेब्रुवारी | आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना पदार्पणवर्ष = १९७६ | आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना पदार्पण विरुद्ध= न्यू झीलंड | आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामने = २० | शेवटचा आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना दिनांक = | शेवटचा आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना वर्ष = | शेवटचा आंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय सामना विरुद्ध= | एकदिवसीय शर्ट क्र = | column१ = [[कसोटी सामने|कसोटी]] | सामने१ = ५८ | धावा१ = १६७ | फलंदाजीची सरासरी१ = ४.०७ | शतके/अर्धशतके१ = ०/० | सर्वोच्च धावसंख्या१ = २२ | चेंडू१ = १५,९६३ | बळी१ = २४२ | गोलंदाजीची सरासरी१ = २९.७४ | ५ बळी१ = १६ | १० बळी१ = २ | सर्वोत्तम गोलंदाजी१ = ८/७९ | झेल/यष्टीचीत१ = २५/- | column२ = [[एकदिवसीय सामने|ए.सा.]] | सामने२ = १ | धावा२ = ११ | फलंदाजीची सरासरी२ = - | शतके/अर्धशतके२ = ०/० | सर्वोच्च धावसंख्या२ = ११[[नाबाद|*]] | चेंडू२ = ५६ | बळी२ = ३ | गोलंदाजीची सरासरी२ = १२.०० | ५ बळी२ = ० | १० बळी२ = ० | सर्वोत्तम गोलंदाजी२ = ३/३६ | झेल/यष्टीचीत२ = ०/- | column३ = [[प्रथम वर्गीय क्रिकेट|प्र.श्रे.]] | सामने३ = २४६ | धावा३ = ६०० | फलंदाजीची सरासरी३ = ४.६१ | शतके/अर्धशतके३ = ०/० | सर्वोच्च धावसंख्या३ = २५ | चेंडू३ = ५३,८१७ | बळी३ = १,०६३ | गोलंदाजीची सरासरी३ = २४.०३ | ५ बळी३ = ७५ | १० बळी३ = १९ | सर्वोत्तम गोलंदाजी३ = ९/७२ | झेल/यष्टीचीत३ = १०७/- | column४ = [[लिस्ट अ]] | सामने४ = ७ | धावा४ = २५ | फलंदाजीची सरासरी४ = २५.०० | शतके/अर्धशतके४ = ०/० | सर्वोच्च धावसंख्या४ = १४[[नाबाद|*]] | चेंडू४ = ४२० | बळी४ = ८ | गोलंदाजीची सरासरी४ = ३८.८७ | ५ बळी४ = ० | १० बळी४ = ० | सर्वोत्तम गोलंदाजी४ = ४/६१ | झेल/यष्टीचीत४ = १/- | दिनांक = १० नोव्हेंबर | वर्ष = २०१४ | source = {{cricinfo|ref=india/content/player/27591.html}} |लग्न=}} '''भागवत सुब्रमण्य''' ''चंद्रा'' '''चंद्रशेखर''' ([[१७ मे]], [[इ.स. १९४५|१९४५]]:[[म्हैसूर]], [[म्हैसूर संस्थान]], [[ब्रिटिश भारत]] - ) हा एक भारतीय माजी [[क्रिकेट]] खेळाडू आहे. हा जगातील सर्वोत्तम [[लेग स्पिन]]र पैकी एक होता. १९६० आणि १९७० च्या दशकातील [[भारतीय फिरकी चौकडी]]तील [[इरापल्ली प्रसन्ना]], [[बिशनसिंग बेदी]] आणि [[श्रीनिवासराघवन वेंकटराघवन]] यांच्याबरोबर चंद्राने अनेक कसोटी सामन्यांमध्ये फलंदाजांवर वर्चस्व गाजवले. अगदी लहान वयात [[पोलियो]]मुळे त्याचा उजवा हात सुकून गेला होता परंतु या व्यंगाचा फायदा घेत त्याने आपली गोलंदाजी भेदक ठेवली. सोळा वर्षांच्या कारकिर्दीत चंद्रशेखरने ५८ कसोटी सामने खेळून २९.७४ च्या सरासरीने २४२ बळी घेतल्या. तो इतिहासातील केवळ दोन कसोटी क्रिकेट खेळाडूंपैकी एक आहे ज्यांनी एकूण धावांपेक्षा जास्त बळी मिळवले (दुसरा [[क्रिस मार्टिन]] आहे). चंद्रशेखर यांना १९७२ मध्ये [[पद्मश्री पुरस्कार|पद्मश्री]]ने सन्मानित करण्यात आले. १९७२ मध्ये त्यांना [[विस्डेन वार्षिक क्रिकेट खेळाडू|विस्डेन क्रिकेटर ऑफ द इयर]] म्हणून घोषित करण्यात आले; २००२ मध्ये, त्यांना १९७२ मध्ये ओव्हल येथे इंग्लंडविरुद्ध ३८ धावांत सहा बळी घेतल्याबद्दल भारतासाठी "सर्वोत्कृष्ट गोलंदाजी कामगिरी" साठी विस्डेनचा पुरस्कार जिंकला. २००४ मध्ये त्यांना [[सी.के. नायडू जीवनगौरव पुरस्कार]] मिळाला, जो [[भारतीय क्रिकेट नियामक मंडळ|बीसीसीआय]]ने माजी खेळाडूला दिलेला सर्वोच्च सन्मान आहे. == कामगिरी<ref name="Cricinfo">{{cite web |title=Bhagwat Chandrasekhar Profile and Stats |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/bhagwat-chandrasekhar-27593 |website=ESPNcricinfo |accessdate=२३ फेब्रुवारी २०२६}}</ref> == चंद्रशेखर हे त्यांच्या विलक्षण लेग-स्पिन गोलंदाजीसाठी ओळखले जात असत. === कसोटी === ==== गोलंदाजी आकडेवारी ==== {| class="wikitable" style="text-align:center" |+ कसोटी गोलंदाजी |- ! सामने !! षटके !! धावा !! बळी !! सर्वोत्तम (डाव) !! सरासरी !! ५ बळी !! १० बळी |- | ५८ || ४,२४३.२ || ९,४४० || २४२ || ८/७९ || २९.७४ || १६ || २ |} ==== फलंदाजी आकडेवारी ==== {| class="wikitable" style="text-align:center" |+ कसोटी फलंदाजी |- ! सामने !! डाव !! नाबाद !! धावा !! सर्वोच्च धावसंख्या !! सरासरी !! स्ट्राइक रेट !! शून्य (Ducks) |- | ५८ || ८० || ३९ || १६७ || २२ || ४.०७ || १८.७४ || २३ |} ==== इतर ==== * शून्यांचा विक्रम: कसोटीत २३ वेळा शून्यावर बाद होण्याचा विक्रम चंद्रशेखर यांच्या नावावर आहे. त्यांच्या फलंदाजीतील मर्यादांनंतरही त्यांची गोलंदाजी इतकी प्रभावी होती की ते भारतीय संघाचे मुख्य आधारस्तंभ होते. * फलंदाजी: कसोटी क्रिकेटच्या इतिहासात १०० पेक्षा जास्त बळी घेणाऱ्या गोलंदाजांमध्ये, घेतलेल्या बळींच्या संख्येपेक्षा कमी धावा करणारे ते मोजक्या खेळाडूंपैकी एक आहेत.<ref>{{cite web |title=More wickets than runs - The unique record of BS Chandrasekhar |url=https://www.wisden.com/almanack/bhagwat-chandrasekhar-the-bowler-who-took-more-wickets-than-he-scored-run |website=Wisden |accessdate=२३ फेब्रुवारी २०२६ }}{{मृत दुवा|date=March 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> === प्रथम वर्ग<ref>{{cite web |title=BS Chandrasekhar - First Class Cricket Statistics |url=https://archive.cricketarchive.com/Archive/Players/1/1441/f_Batting_by_Team.html |website=CricketArchive |accessdate=२३ फेब्रुवारी २०२६ }}{{मृत दुवा|date=March 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> === {| class="wikitable" style="text-align:center" |+ प्रथम श्रेणी आकडेवारी: भगवत चंद्रशेखर |- ! प्रकार !! सामने !! डाव !! धावा/बळी !! सर्वोत्तम !! सरासरी !! ५ बळी/५० धावा |- ! scope="row" | फलंदाजी | २४६ || २८१ || १,६९९ || ६६ || ५.८७ || १ (अर्धशतक) |- ! scope="row" | गोलंदाजी | २४६ || - || १,०६३ || ९/७२ || २४.०३ || ७१ (५ बळी) |} {{विस्तार}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:चंद्रशेखर,भागवत}} [[वर्ग:भारतातील पुरुष क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:भारताचे एकदिवसीय क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:भारताचे कसोटी क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:अर्जुन पुरस्कारविजेते]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] 3mppnhbypiv2uttwhebxo0by5q977ir इ.स. १९३५ 0 5138 2710732 2702128 2026-09-19T12:21:49Z InternetArchiveBot 130355 Add 7 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710732 wikitext text/x-wiki {{वर्षपेटी|1935}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == * [[फेब्रुवारी २८]] - [[वॉलेस कॅरोथर्स|वॉलेस केरोथर्स]]ने [[नायलॉन]]चा शोध लावला.<ref>{{Cite book | last = Hermes | first = Matthew E. | title = Enough for One Lifetime: Wallace Carothers, Inventor of Nylon | url = https://archive.org/details/enoughforonelife0000herm_p2l0 | publisher = American Chemical Society | year = 1996 | isbn = 0-8412-3331-4 | language = en}}</ref> * [[एप्रिल १]] - [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व बँके]]ची स्थापना झाली.<ref>{{Cite web | title = Reserve Bank of India History | url = https://www.rbi.org.in/ | publisher = Reserve Bank of India | access-date = 1 August 2026 | language = en}}</ref> * [[एप्रिल १७]] - [[सन म्युंग मून]]ला [[येशू ख्रिस्त|येशू ख्रिस्ताने]] स्वप्नात साक्षात्कार दिला व आपण सुरू केलेले कार्य पुढे नेण्याची आज्ञा केली.<ref>{{Cite book | last = Chryssides | first = George D. | title = Historical Dictionary of New Religious Movements | url = https://archive.org/details/historicaldictio0000chry_f5f0_2ed | publisher = Scarecrow Press | year = 2012 | isbn = 978-0810861947 | language = en}}</ref> * [[मे २५]] - [[जेसी ओवेन्स]]ने ४५ मिनिटांत वेगवेगळ्या शर्यतींमध्ये चार जागतिक विक्रम नोंदवले.<ref>{{Cite book | last = Baker | first = William J. | title = Jesse Owens: An American Life | publisher = University of Illinois Press | year = 1986 | isbn = 0-252-01264-1 | language = en}}</ref> * [[जून ९]] - [[चीन]]ने ईशान्य चीनमधील [[जपान]]ची घुसखोरी मान्य केली (उमेझू-चियांग करार).<ref>{{Cite book | last = Taylor | first = Jay | title = The Generalissimo: Chiang Kai-shek and the Struggle for Modern China | url = https://archive.org/details/generalissimochi00tayl | publisher = Harvard University Press | year = 2009 | isbn = 978-0674033382 | language = en}}</ref> * जून ९ - [[ऑल्कोहोलिक्स ॲनोनिमस]] या संस्थेची स्थापना.<ref>{{Cite book | last = Kurtz | first = Ernest | title = Not-God: A History of Alcoholics Anonymous | url = https://archive.org/details/notgodhistoryofa0000kurt | publisher = Hazelden Educational Materials | year = 1979 | isbn = 0-89486-065-8 | language = en}}</ref> * [[जुलै २०]] - [[रॉयल डच एरलाइन्स]]चे विमान [[स्वित्झर्लंड]]मध्ये कोसळले; १३ ठार.<ref>{{Cite news | title = KLM Plane Crash in Switzerland | newspaper = [[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] | date = 21 July 1935 | language = en}}</ref> * जुलै २० - [[लाहोर]]मध्ये [[मुस्लिम]] व [[शीख]] धर्मियांमध्ये दंगल; ११ ठार.<ref>{{Cite book | last = Talbot | first = Ian | title = Punjab and the Raj, 1849–1947 | publisher = Manohar | year = 1988 | location = New Delhi | language = en}}</ref> == जन्म == * [[मे २]] - [[फैसल दुसरा, इराक|फैसल दुसरा]], इराकचा राजा.<ref>{{Cite book | last = Hiro | first = Dilip | title = Inside the Middle East | url = https://archive.org/details/insidemiddleeast0000dili | publisher = Routledge | year = 1982 | isbn = 0-7100-9039-5 | language = en}}</ref> * [[मे १५]] - [[टेड डेक्स्टर]], [[:वर्ग:इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू|इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{Cite book | last = Dexter | first = Ted | title = Ted Dexter Declares | publisher = Stanley Paul | year = 1966 | location = London | language = en}}</ref> * [[मे ३१]] - [[जिम बॉल्जर]], [[:वर्ग:न्यू झीलंडचे पंतप्रधान|न्यू झीलंडचा पंतप्रधान]].<ref>{{Cite book | last = Bolger | first = Jim | title = A View from the Top: My Railway Life | publisher = Viking | year = 1998 | isbn = 0-670-88319-0 | language = en}}</ref> * [[जून ८]] - [[डेरेक अंडरवूड]], [[:वर्ग:इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू|इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{Cite book | last = Underwood | first = Derek | title = On a Length | publisher = Stanley Paul | year = 1975 | isbn = 0-09-123470-0 | language = en}}</ref> * [[जून २२]] - [[वामन कुमार]], [[:वर्ग:भारतातील पुरूष क्रिकेट खेळाडू|भारतीय क्रिकेट खेळाडू]]. * [[जुलै ६]] - [[चौदावे दलाई लामा|दलाई लामा, चौदावा अवतार]].<ref>{{Cite book | last = Dalai Lama | first = XIV | title = Freedom in Exile: The Autobiography of the Dalai Lama | url = https://archive.org/details/freedominexileau00bsta | publisher = HarperCollins | year = 1990 | isbn = 0-06-039116-2 | language = en}}</ref> * [[ऑगस्ट १]] - [[जॉफ पुलर]], [[:वर्ग:इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू|इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू]]. * [[सप्टेंबर २६]] - [[बॉब बार्बर]], [[:वर्ग:इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू|इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू]]. * [[ऑक्टोबर ५]] - [[जिमी बिंक्स]], [[:वर्ग:इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू|इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू]]. * [[ऑक्टोबर २९]] - [[डेव्हिड ॲलन]], [[:वर्ग:इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू|इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू]]. * [[नोव्हेंबर ३०]] - [[आनंद यादव]], मराठी लेखक.<ref>{{Cite book | last = Rajadhyaksha | first = Vijaya | title = Marathi Sahitya Directory | publisher = Mumbai Marathi Grantha Sangrahalaya | year = 1998 | location = Mumbai | language = mr}}</ref> * [[डिसेंबर ३०]] - [[ओमार बॉन्गो]], [[गॅबन]]चे राष्ट्राध्यक्ष.<ref>{{Cite news | title = Omar Bongo Obituary | newspaper = [[द गार्डियन]] | date = 8 June 2009 | language = en}}</ref> == मृत्यू == * [[मे १९]] - [[टी.ई. लॉरेन्स]] तथा ''लॉरेन्स ऑफ अरेबिया'', ब्रिटिश सैनिक आणि लेखक.<ref>{{Cite book | last = Wilson | first = Jeremy | title = Lawrence of Arabia: The Authorised Biography of T.E. Lawrence | url = https://archive.org/details/lawrenceofarabia0000wils | publisher = Heinemann | year = 1989 | isbn = 0-434-87235-0 | language = en}}</ref> * [[जुलै ३]] - [[आंद्रे सिट्रोएन]], फ्रेंच उद्योगपती व अभियंता.<ref>{{Cite book | last = Reynolds | first = John | title = André Citroën: The Man and the Motor Cars | url = https://archive.org/details/andrecitroenmanm0000reyn | publisher = Sutton Publishing | year = 1996 | isbn = 0-7509-1201-1 | language = en}}</ref> * [[ऑगस्ट १५]] - [[विल रॉजर्स]], अमेरिकन अभिनेता आणि विनोदी कलाकार.<ref>{{Cite book | last = Yagoda | first = Ben | title = Will Rogers: A Biography | url = https://archive.org/details/willrogersbiogra00yago | publisher = Alfred A. Knopf | year = 1993 | isbn = 0-394-58512-7 | language = en}}</ref> * [[ऑगस्ट २९]] - [[ॲस्ट्रिड (बेल्जियमची स्वीडिश राणी)|ॲस्ट्रिड]], बेल्जियमची राणी.<ref>{{Cite book | last = Sparre | first = Anna | title = Astrid: My Heavenly Queen | publisher = Birchall | year = 1936 | location = London | language = en}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. १९३५]] [[वर्ग:इ.स.च्या १९३० च्या दशकातील वर्षे]] [[वर्ग:इ.स.च्या २० व्या शतकातील वर्षे]] [[वर्ग:इ.स.च्या २ ऱ्या सहस्रकातील वर्षे]] 6igqwaa1a2s4uqjim968nrx5j62moof इ.स. १०६७ 0 6107 2710763 2703762 2026-09-19T14:44:17Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710763 wikitext text/x-wiki {{वर्षपेटी|1067}} '''इ.स. १०६७''' हा [[ग्रेगरी दिनदर्शिका|ग्रेगोरियन दिनदर्शिकेनुसार]] मंगळवारी सुरू होणारा एक [[साधारण वर्ष|साधारण वर्ष]] होता. == घटना == * [[मार्च]] - [[इंग्लंड]]चा राजा [[विल्यम द कॉन्करर]] हा इंग्लंडमधील आपली सत्ता बळकट केल्यानंतर [[नॉर्मंडी]] येथे परतला.<ref>{{cite book |last=डग्लस |first=डेव्हिड सी. |title=विल्यम द कॉन्करर |publisher=युनिव्हर्सिटी ऑफ कॅलिफोर्निया प्रेस |year=१९६४ |isbn=978-0520003507}}</ref> * [[सप्टेंबर १०]] - [[कूडल-संगममचे दुसरे युद्ध]]: [[दक्षिण भारत|दक्षिण भारतातील]] [[चोळ साम्राज्य|चोळ]] आणि [[पश्चिम चालुक्य साम्राज्य|चालुक्य]] राजवंशांदरम्यान तुंगभद्रा आणि कृष्णा नदीच्या संगमावर तुंबळ युद्ध झाले. चोळ सम्राट वीरराजेंद्र चोळ याने चालुक्य सैन्याचा पराभव केला.<ref>{{cite book |last=शास्त्री |first=के. ए. निलाकंठ |title=द चोळाज |publisher=मद्रास विद्यापीठ |year=१९५५}}</ref> * [[ऑक्टोबर]] - इंग्लंडमध्ये नॉर्मन सत्तेविरुद्ध [[केंटचा विद्रोह]]; नॉर्मन सैन्याने [[डोव्हरचा किल्ला|डोव्हर किल्ल्याजवळील]] हा बंड यशस्वीपणे मोडून काढला.<ref>{{cite book |last=विल्यम्स |first=ॲन |title=द इंग्लिश अँड द नॉर्मन कॉन्क्वेस्ट |publisher=बॉयडेल प्रेस |year=१९९५ |isbn=978-0851157085}}</ref> * [[चिनी साम्राज्य]]: [[चीन]]च्या सोंग वंशाचा सम्राट शेंझॉन्ग हा गादीवर आला आणि त्याने आपल्या राजवटीस सुरुवात केली.<ref>{{cite book |last=टुविचेट |first=डेनिस |title=द कॅम्ब्रिज हिस्ट्री ऑफ चायना: व्हॉल्यूम ५ |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००९ |isbn=978-0521812481}}</ref> * चोळ आणि चालुक्य संघर्ष: दक्षिण भारत आणि [[डेक्कन]] (महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमाभाग) प्रदेशावर अधिसत्ता गाजवण्यासाठी चोळ सम्राट वीरराजेंद्र चोळ आणि कल्याणचे चालुक्य सम्राट सोमेश्वर प्रथम यांच्यात तीव्र संघर्ष सुरू राहिला.<ref>{{cite book |last=मजमुदार |first=आर. सी. |title=द स्ट्रगल फॉर एम्पायर |publisher=भारतीय विद्या भवन |year=१९६६}}</ref> * दक्षिण [[कोकण]] आणि [[महाराष्ट्र]] प्रदेशात चालुक्यांचे मांडलिक म्हणून शासन करणाऱ्या [[शिलाहार राजवंश|शिलाहार]] व [[कदंब राजवंश|कदंब]] राजांच्या कारकिर्दीत राजकीय स्थिरता आणि व्यापारी हालचाली कायम राहिल्या.<ref>{{cite book |last=अल्तेकर |first=ए. एस्. |title=द शिलाहाराज ऑफ वेस्टर्न महाराष्ट्र |publisher=भारत इतिहास संशोधक मंडळ |year=१९३६}}</ref> == जन्म == * [[नॉर्मंडीची आदेला]] - [[इंग्लंड]]चा राजा [[विल्यम द कॉन्करर]]ची मुलगी आणि ब्लोईसची काउंटेस (मृत्यू: [[इ.स. ११३७|११३७]]).<ref>{{cite book |last=लोच |first=किंबर्ली A. |title=आदेला ऑफ बॉइस: काउंटेस अँड लॉर्ड |publisher=फोरम प्रेस |year=२००२}}</ref> * [[हेन्री पहिला, इंग्लंड]] - इंग्लंडचा भावी राजा (संभाव्य जन्म वर्ष).<ref>{{cite book |last=हॉलिस्टर |first=सी. वॉरेन |title=हेन्री पहिला |url=https://archive.org/details/henryi0000holl |publisher=येल युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००१ |isbn=978-0300088588}}</ref> == मृत्यू == * [[जानेवारी २५]] - [[सोंग यींगत्सोंग]], [[सोंग राजवंश|सोंग वंशातील]] चिनी सम्राट (जन्म: [[इ.स. १०३२|१०३२]]).<ref>{{cite book |last=टुविचेट |first=डेनिस |title=द कॅम्ब्रिज हिस्ट्री ऑफ चायना: व्हॉल्यूम ५ |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००९ |isbn=978-0521812481}}</ref> * [[सप्टेंबर १]] - [[बाल्ड्विन पाचवा, फ्लॅंडर्स|पाचवा बाल्ड्विन]], फ्लॅंडर्सचा काउंट (जन्म: [[इ.स. १०१२|१०१२]]).<ref>{{cite book |last=निकोलस |first=डेव्हिड |title=मध्ययुगीन फ्लॅंडर्स |publisher=लॉंगमन |year=१९९२}}</ref> * [[सप्टेंबर १०]] - [[राजाधिराज द्वितीय]] / चालुक्य - चोळ आणि चालुक्य युद्धातील लष्करी अधिकारी व सरदार.<ref>{{cite book |last=शास्त्री |first=के. ए. निलाकंठ |title=द चोळाज |publisher=मद्रास विद्यापीठ |year=१९५५}}</ref> == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. १०६७| ]] [[वर्ग:इ.स.च्या १०६० च्या दशकातील वर्षे]] [[वर्ग:इ.स.च्या ११ व्या शतकातील वर्षे]] [[वर्ग:इ.स.च्या २ ऱ्या सहस्रकातील वर्षे]] eom4hzkbxh9ii99ovx8tvtjm2awl1tb एप्रिल १९ 0 8314 2710735 2702142 2026-09-19T12:27:49Z InternetArchiveBot 130355 Add 4 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710735 wikitext text/x-wiki {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|एप्रिल|१९|११०|१११}} {{एप्रिल दिनदर्शिका}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === सोळावे शतक === * [[इ.स. १५८७|१५८७]] - सर [[फ्रांसिस ड्रेक]]ने [[कादिझ|केडिझ]]च्या बंदरात [[स्पेन]]च्या आरमाराचा पराभव केला.<ref>{{Cite book | last = Rodger | first = N. A. M. | title = The Safeguard of the Sea: A Naval History of Britain 660–1649 | url = https://archive.org/details/safeguardofseana0000namr | publisher = Penguin Books | year = 1997 | isbn = 0-14-029724-3 | language = en}}</ref> === अठरावे शतक === * [[इ.स. १७७५|१७७५]] - [[अमेरिकन क्रांती]] - [[लेक्झिंग्टन आणि कॉनकॉर्डची लढाई|कॉंकॉर्ड व लेक्झिंग्टनची लढाई]].<ref>{{Cite book | last = Fischer | first = David Hackett | title = Paul Revere's Ride | url = https://archive.org/details/isbn_9780195088472 | publisher = Oxford University Press | year = 1994 | isbn = 0-19-508847-6 | language = en}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८१०|१८१०]] - [[व्हेनेझुएला]]ने [[स्पेन]]पासून स्वातंत्र्य जाहीर केले.<ref>{{Cite book | last = Harvey | first = Robert | title = Liberators: Latin America's Struggle for Independence | url = https://archive.org/details/liberatorslatina0000harv | publisher = Overlook Press | year = 2000 | isbn = 1-58567-072-3 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १८३९|१८३९]] - [[लंडनचा तह (१८३९)|१८३९चा लंडनचा तह]] - [[बेल्जियम]] स्वतंत्र राष्ट्र म्हणून अस्तित्वात आले.<ref>{{Cite book | last = Ascherson | first = Neal | title = The King Incorporated: Leopold the Second and the Congo | url = https://archive.org/details/kingincorporated0000asch | publisher = Granta Books | year = 1999 | isbn = 1-86207-290-6 | language = en}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९०४|१९०४]] - [[कॅनडा]]तील [[टोरॉंटो|टोरोंटो]] शहर आगीत भस्मसात झाले.<ref>{{Cite news | title = Great Fire of Toronto | newspaper = The Globe and Mail | date = 20 April 1904 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९०९|१९०९]] - [[जोन ऑफ आर्क]]ला संत घोषित करण्यात आले.<ref>{{Cite book | last = Margolis | first = Nadia | title = Joan of Arc in History, Literature, and Film | url = https://archive.org/details/joanofarcinhisto0000marg | publisher = Garland Publishing | year = 1990 | isbn = 0-8240-4638-2 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९१०|१९१०]] - क्रांतिकारक [[अनंत कान्हेरे]], [[कृष्णाजी गोपाळ कर्वे]] आणि [[विनायक नारायण देशपांडे]] यांना [[ठाणे मध्यवर्ती कारागृह|ठाणे कारागृहात]] फाशी देण्यात आली.<ref>{{Cite book | last = Joshi | first = Mahadeoshastri | title = Bharatiya Sanskruti Kosh, Volume 2 | publisher = Bharatiya Sanskruti Kosh Mandal | year = 1964 | location = Pune | language = mr}}</ref> * [[इ.स. १९१९|१९१९]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] [[लेस्ली अर्विन]]ने सर्वप्रथम पॅराशूटच्या साहाय्याने विमानातून उडी मारली.<ref>{{Cite web | title = Leslie Irvin Parachute Jump History | url = https://www.airandspace.si.edu/ | publisher = Smithsonian National Air and Space Museum | access-date = 1 August 2026 | language = en | archive-date = 2026-07-31 | archive-url = https://web.archive.org/web/20260731220744/https://airandspace.si.edu/ | url-status = dead }}</ref> * [[इ.स. १९३६|१९३६]] - [[पॅलेस्टाईन]]मध्ये अरबांचा उठाव सुरू झाला.<ref>{{Cite book | last = Morris | first = Benny | title = Righteous Victims: A History of the Zionist-Arab Conflict, 1881–2001 | url = https://archive.org/details/righteousvictims00morr_0 | publisher = Vintage Books | year = 2001 | isbn = 0-679-74475-4 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९४८|१९४८]] - [[म्यानमार|बर्मा]] [[संयुक्त राष्ट्रे|संयुक्त राष्ट्रसंघात]] समाविष्ट झाला.<ref>{{Cite web | title = Member States of the United Nations | url = https://www.un.org/en/about-us/member-states | publisher = United Nations | access-date = 1 August 2026 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९५६|१९५६]] - [[गीतरामायण|गीतरामायणातील]] शेवटचे गाणे [[आकाशवाणी पुणे|पुणे आकाशवाणीवरून]] प्रसारित झाले.<ref>{{Cite book | last = Madgulkar | first = Ga. Di. | title = Geet Ramayan | publisher = Deshmukh and Company | year = 1957 | location = Pune | language = mr}}</ref> * [[इ.स. १९६०|१९६०]] - [[दक्षिण कोरिया]]त राष्ट्राध्यक्ष [[सिंगमन ऱ्ही]] विरुद्ध विद्यार्थ्यांची निदर्शने (१९ एप्रिलची क्रांती).<ref>{{Cite book | last = Kim | first = Quee-Young | title = The Fall of Syngman Rhee | publisher = University of California Press | year = 1983 | isbn = 0-226-43622-6 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९६१|१९६१]] - [[पिग्सच्या अखातातील आक्रमण]] - घुसखोरांचा पराभव.<ref>{{Cite book | last = Wyden | first = Peter | title = Bay of Pigs: The Untold Story | url = https://archive.org/details/bayofpigsuntolds0000wyde | publisher = Simon & Schuster | year = 1979 | isbn = 0-671-24006-4 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९७१|१९७१]] - [[सियेरा लिओन]] प्रजासत्ताक झाले. [[सियाका स्टीवन्स]] राष्ट्राध्यक्षपदी रूजू.<ref>{{Cite news | title = Sierra Leone Becomes Republic | newspaper = [[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] | date = 20 April 1971 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९७१|१९७१]] - [[सोव्हिएत युनियन|रशियाने]] सर्वप्रथम मानवनिर्मित अंतराळस्थानक [[सॅल्युत १]]चे प्रक्षेपण केले.<ref>{{Cite book | last = Baker | first = David | title = The History of Manned Space Flight | url = https://archive.org/details/historyofmanneds0000bake_d7k6 | publisher = Crown Publishers | year = 1982 | isbn = 0-517-54377-X | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९७५|१९७५]] - [[आर्यभट्ट (उपग्रह)|आर्यभट्ट]] या प्रथम भारतीय उपग्रहाचे [[रशिया]]मधील [[कापुस्टीन यार]] अवकाश केंद्रावरून यशस्वी प्रक्षेपण झाले.<ref>{{Cite news | title = India Enters Space Age With Aryabhata | newspaper = [[द हिंदू]] | date = 20 April 1975 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९७८|१९७८]] - [[लागुमॉट हॅरिस]] [[नौरू]]च्या राष्ट्राध्यक्षपदी.<ref>{{Cite web | title = Nauru Government History | url = https://www.naurugov.nr/ | publisher = Government of Nauru | access-date = 1 August 2026 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९८९|१९८९]] - [[यु.एस.एस. आयोवा]] या अमेरिकेच्या युद्धनौकेवर स्फोट होऊन ४७ जण ठार झाले.<ref>{{Cite news | title = Explosion Rips USS Iowa Turret | newspaper = [[द वॉशिंग्टन पोस्ट]] | date = 20 April 1989 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९९३|१९९३]] - [[वेको, टेक्सास]] येथे [[ब्रांच डेव्हिडीयन]]च्या इमारतीस आग लागून ८१ जण ठार झाले.<ref>{{Cite news | title = Siege at Waco Ends in Flames | newspaper = [[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] | date = 20 April 1993 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९९५|१९९५]] - [[ओक्लाहोमा सिटी]] येथे अल्फ्रेड पी. मरा फेडरल इमारतीमध्ये अतिरेक्यांनी बॉम्बस्फोट घडवला; १६८ ठार.<ref>{{Cite news | title = Oklahoma City Bombing Kills 168 | newspaper = [[सीएनएन]] | date = 20 April 1995 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९९९|१९९९]] - [[जर्मनी]]ची संसद (बुंडेस्टाग) अधिकृतपणे पूर्व [[बर्लिन]] येथे हलवण्यात आली.<ref>{{Cite news | title = German Parliament Returns to Berlin | newspaper = [[बीबीसी न्यूज]] | date = 19 April 1999 | language = en}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २०००|२०००]] - [[एर फिलिपाईन्स]]चे [[बोईंग ७३७]] विमान [[दाव्हाओ आंतरराष्ट्रीय विमानतळ|दाव्हाओ आंतरराष्ट्रीय विमानतळाजवळ]] कोसळले; १३१ ठार.<ref>{{Cite news | title = Air Philippines Crash Kills 131 | newspaper = [[बीबीसी न्यूज]] | date = 19 April 2000 | language = en}}</ref> * [[इ.स. २००५|२००५]] - [[पोप बेनेडिक्ट सोळावा|जोसेफ रॅट्झिंगर]] 'पोप बेनेडिक्ट सोळावा' या नावाने पोपपदी निवडले गेले.<ref>{{Cite news | title = Cardinal Ratzinger Elected Pope Benedict XVI | newspaper = [[द गार्डियन]] | date = 20 April 2005 | language = en}}</ref> * [[इ.स. २०११|२०११]] - ४५ वर्षे सत्तेवर राहिल्यावर [[क्युबा|कुबाच्या]] साम्यवादी पक्षाच्या केंद्रीय समितीमधून [[फिडेल कॅस्ट्रो]] यांनी राजीनामा दिला.<ref>{{Cite news | title = Fidel Castro Steps Down From Communist Party | newspaper = [[रॉयटर्स]] | date = 19 April 2011 | language = en}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. १३२०|१३२०]] - [[पेद्रो पहिला, पोर्तुगाल|पेद्रो पहिला]], पोर्तुगालचा राजा. * [[इ.स. १४५२|१४५२]] - [[फर्डिनांड दुसरा, अरागाॅन|फर्डिनांड दुसरा]], अरागोनचा राजा. * [[इ.स. १७९३|१७९३]] - [[फर्डिनांड पहिला, ऑस्ट्रिया|फर्डिनांड पहिला]], ऑस्ट्रियाचा राजा. * [[इ.स. १८८२|१८८२]] - [[झेतुलियो व्हार्गास|गेतुइलो व्हार्गास]], ब्राझीलचा राष्ट्राध्यक्ष.<ref>{{Cite book | last = Levine | first = Robert M. | title = Father of the Poor? Vargas and His Era | url = https://archive.org/details/fatherofpoorvarg0000levi | publisher = Cambridge University Press | year = 1998 | isbn = 0-521-58528-7 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १८९२|१८९२]] - [[ताराबाई मोडक]], भारतीय शिक्षणतज्ज्ञ.<ref>{{Cite book | last = Karve | first = Irawati | title = Profiles of Indian Women Educators | publisher = Popular Prakashan | year = 1968 | location = Mumbai | language = mr}}</ref> * [[इ.स. १८९७|१८९७]] - [[पीटर दी नरोन्हा]], भारतीय उद्योगपती. * [[इ.स. १९०३|१९०३]] - [[इलियट नेस]], अमेरिकन पोलीस अधिकारी.<ref>{{Cite book | last = Ness | first = Eliot | title = The Untouchables | publisher = Julian Messner | year = 1957 | location = New York | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९३३|१९३३]] - [[डिकी बर्ड]], इंग्लिश क्रिकेटपंच.<ref>{{Cite book | last = Bird | first = Dickie | title = My Autograph Book | publisher = Hodder & Stoughton | year = 1996 | isbn = 0-340-68872-9 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९३६|१९३६]] - [[विल्फ्रीड मार्टेन्स]], बेल्जियमचा पंतप्रधान. * [[इ.स. १९३७|१९३७]] - [[जोसेफ एस्ट्राडा]], फिलिपाईन्सचा अभिनेता व राष्ट्राध्यक्ष. * [[इ.स. १९५७|१९५७]] - [[मुकेश अंबानी]], भारतीय उद्योगपती.<ref>{{Cite book | last = McDonald | first = Hamish | title = The Polymath: The Story of Reliance | publisher = Viking | year = 2010 | isbn = 978-0670083909 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९६८|१९६८]] - [[म्स्वाती तिसरा]], स्वाझीलँडचा (इस्वातीनी) राजा. * [[इ.स. १९७५|१९७५]] - [[जेसन गिलेस्पी]], ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू. * [[इ.स. १९७७|१९७७]] - [[अंजू बॉबी जॉर्ज]], भारतीय अ‍ॅथलीट.<ref>{{Cite news | title = Anju Bobby George Profile | newspaper = [[द हिंदू]] | date = 28 August 2003 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९८७|१९८७]] - [[मारिया शारापोव्हा]], रशियन टेनिस खेळाडू.<ref>{{Cite book | last = Sharapova | first = Maria | title = Unstoppable: My Life So Far | url = https://archive.org/details/unstoppablemylif0000shar_y1e9 | publisher = Sarah Crichton Books | year = 2017 | isbn = 978-0374279790 | language = en}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. १०५४|१०५४]] - [[पोप लिओ नववा]]. * [[इ.स. १३९०|१३९०]] - [[रॉबर्ट तिसरा, स्कॉटलंड|रॉबर्ट तिसरा]], स्कॉटलंडचा राजा. * [[इ.स. १५७८|१५७८]] - [[उएसुगी केन्शिन]], जपानी सामुराई. * [[इ.स. १६८९|१६८९]] - [[क्रिस्टीना, स्वीडन|क्रिस्टीना]], स्वीडनची राणी.<ref>{{Cite book | last = Buckley | first = Veronica | title = Christina, Queen of Sweden | url = https://archive.org/details/christinaqueenof00vero | publisher = HarperPerennial | year = 2004 | isbn = 0-00-710962-1 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १८८१|१८८१]] - [[बेंजामिन डिझरायेली]], युनायटेड किंगडमचा पंतप्रधान.<ref>{{Cite book | last = Blake | first = Robert | title = Disraeli | url = https://archive.org/details/disraeli0000robe_e3v9 | publisher = Eyre & Spottiswoode | year = 1966 | location = London | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९०६|१९०६]] - [[पिएर क्युरी]], फ्रेंच संशोधक, नोबेल पुरस्कार विजेता.<ref>{{Cite book | last = Curie | first = Marie | title = Pierre Curie | url = https://archive.org/details/pierrecurie0000curi | publisher = Macmillan | year = 1923 | location = New York | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९१०|१९१०]] - क्रांतिकारक [[अनंत कान्हेरे]], [[कृष्णाजी गोपाळ कर्वे]] आणि [[विनायक नारायण देशपांडे]].<ref>{{Cite book | last = Phadke | first = Y. D. | title = Shodhadhyay: History of Freedom Struggle | publisher = Srividya Prakashan | year = 1984 | location = Pune | language = mr}}</ref> * [[इ.स. १९५५|१९५५]] - [[जिम कॉर्बेट]], ब्रिटिश-भारतीय वन्यजीव तज्ज्ञ आणि लेखक.<ref>{{Cite book | last = Booth | first = Martin | title = Carpet Sahib: A Life of Jim Corbett | publisher = Constable | year = 1986 | isbn = 0-09-467400-0 | language = en}}</ref> * [[इ.स. १९६७|१९६७]] - [[कॉन्राड अडेनॉउअर]], जर्मनीचा चान्सलर. * [[इ.स. १९७४|१९७४]] - [[अयुब खान]], पाकिस्तानचे अध्यक्ष/पंतप्रधान. * [[इ.स. १९९३|१९९३]] - [[उत्तमराव पाटील]], स्वातंत्र्यसैनिक व राजकारणी.<ref>{{Cite news | title = Freedom Fighter Uttamrao Patil Passes Away | newspaper = [[सकाळ]] | date = 20 April 1993 | language = mr}}</ref> * [[इ.स. १९९४|१९९४]] - मेजर जनरल [[राजिंदरसिंग स्पॅरो]] - पंजाबचे माजी मंत्री. * [[इ.स. १९९८|१९९८]] - सौ. विमलाबाई गरवारे, उद्योगपती. * [[इ.स. २००३|२००३]] - [[मिर्झा ताहीर अहमद]], अहमादीया समुदायाचे चौथे खलीफा. * [[इ.स. २००४|२००४]] - [[नॉरिस मॅक्विहिर]], गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्डचे सहसंस्थापक.<ref>{{Cite news | title = Norris McWhirter Dies | newspaper = [[द गार्डियन]] | date = 21 April 2004 | language = en}}</ref> * [[इ.स. २००८|२००८]] - [[सरोजिनी बाबर]], लेखिका, संतसाहित्याच्या अभ्यासिका व राजकारणी.<ref>{{Cite news | title = Sarojini Babar Passes Away | newspaper = [[महाराष्ट्र टाइम्स]] | date = 20 April 2008 | language = mr}}</ref> * [[इ.स. २००९|२००९]] - [[अहिल्या रांगणेकर]], मार्क्सवादी कम्युनिस्ट नेत्या व समाजसेविका.<ref>{{Cite news | title = Ahilya Rangnekar Passes Away | newspaper = [[द हिंदू]] | date = 20 April 2009 | language = en}}</ref> * [[इ.स. २०१०|२०१०]] - [[मंगेश विठ्ठल राजाध्यक्ष]], लेखक आणि समीक्षक.<ref>{{Cite news | title = M. V. Rajadhyaksha Passes Away | newspaper = [[लोकसत्ता]] | date = 20 April 2010 | language = mr}}</ref> * [[इ.स. २०१३|२०इ.स. १३]] - [[सिवंती आदीतन]], वृत्तपत्र उद्योगजक.<ref>{{Cite news | title = Sivanthi Adityan Passes Away | newspaper = [[द हिंदू]] | date = 20 April 2013 | language = en}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * प्रजासत्ताक दिन - [[सियेरा लिओन]]. * जागतिक सायकलींग दिन. == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||april/19}} ---- [[एप्रिल १७]] - [[एप्रिल १८]] - '''एप्रिल १९''' - [[एप्रिल २०]] - [[एप्रिल २१]] - ([[एप्रिल]]) == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{ग्रेगरियन महिने}} [[वर्ग:दिवस]] [[वर्ग:ग्रेगरी दिनदर्शिका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय दिनदर्शिका]] jp31gm4cawfyb41es0crpi3qs1un36t धनगर समाज 0 9273 2710873 2709355 2026-09-20T03:48:19Z ~2026-50725-32 187586 /* */ 2710873 wikitext text/x-wiki '''धनगर समाज हा १०८ कुळांनी बनलेला शेतकरी आणि पशुपालक योद्धा आणि धार्मिक परंपरा असलेला समाज आहे. धनगर जमात ही आदिम जमात असून जंगलात, रानावनात, डोंगर-दऱ्या-खोऱ्यात शेळी-मेंढीपालन करताना त्यांनी वेद गायले असा संशोधकांनी उल्लेख केला आहे.''' | चित्र = [[File:Dhangar धनगर.jpg|thumb]], [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] हे लोक [[मध्य प्रदेश]], [[महाराष्ट्र]], [[कर्नाटक]], [[गोवा]], [[आंध्र प्रदेश|गुजरात,]] [[मध्य प्रदेश]], [[तेलंगणा]] राज्यांत राहतात.{{संदर्भ}} चाऱ्याच्या शोधात ही जमात अविरत भटकंती करत अखंड भारतभर पसरली आहे. मेंढी ही माऊली असून तिचे पालनपोषण करणे आणि त्यापासून मिळणाऱ्या उत्पन्नातून उदरनिर्वाह करणे हे या धनगर जमातीचे पुर्वापारपासून चालत आलेले एक रहाटगाडगे आहे. भुतलावरील लाजरा बुजरा समाज म्हणून धनगर जमातीला ओळखले जाते. गावगाड्यात, गावगाड्यातील राजकारणात, लोकांत न मिसळता परिणामी शेळ्या-मेंढ्यांच्या उदरनिर्वाहासाठी गावापासून दूर वस्ती करून राहणे पसंत करणारी ही आदिम भटकी जमात आहे. पावसाळा ऋतू संपल्यावर चाऱ्याची कमतरता निर्माण झाल्यावर चाऱ्याच्या शोधात ही जमात आपल्या मेंढ्यांचे कळप घेऊन, गट करून, कुटुंब कबिला (बिऱ्हाड) सोबत घेऊन जिकडे चारा मिळेल तिकडे, काटेकुटे तुडवत, रानावनातून, डोंगर-दऱ्यातून मार्ग काढत दूरपर्यंत शेकडो किलोमीटर अंतर पायदळी तुडवून भटकंती करतात आणि मृग नक्षत्रात पाऊस पडल्यावर पुन्हा आपापले कळप घेऊन मूळ गावी परततात. पूर्वी भटकंती करण्याठी इतरत्र गेलेली ही जमात जिथे सोयिस्कर वाटेल तिकडेच स्थायिक होई परंतु त्यांच्याबद्दल सरकार दप्तरी कोणतीही नोंद राहत नव्हती. जिकडे स्थायिक होत तिथे चाऱ्याची उपलब्धता कमी झाली की पुन्हा तेथून आपले बिऱ्हाड घेऊन उदरनिर्वाहासाठी दुसऱ्या गावाला पायपीट करत जात आणि जिकडे शेळ्या-मेंढ्यांच्या चाऱ्याची उपलब्धता असेल तिकडे स्थायिक होत. == इतिहास == [[अहिल्याबाई होळकर]] (३१ मे, १७२५ - १३ ऑगस्ट, १७९५, राज्यकालावधी इ.स. १७६७ - इ.स. १७९५) या भारतातील, [[माळवा|माळव्याच्या]] '''तत्त्वज्ञानी महाराणी''' म्हणून ओळखल्या जातात. त्यांनी [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] तीरी, [[इंदूर|इंदूरच्या]] दक्षिणेस असलेल्या [[महेश्वर (मध्य प्रदेश)|महेश्वर]] या ठिकाणी आपली राजधानी हलविली. [[मल्हारराव होळकर]] यांनी त्यांना प्रशासकीय व सैन्याच्या कामात पारंगत केलेल होते. त्या आधाराने अहिल्याबाईंनी इ.स. १७६६ ते इ.स. १७९५, म्हणजे त्यांच्या मृत्यूपर्यंत माळव्यावर राज्य केले होते. * पुण्यश्लोक [[अहिल्याबाई होळकर]] यांचा जन्म ३१ मे इ.स. १७२५ रोजी महाराष्ट्राच्या [[अहिल्यानगर जिल्हा|अहमदनगर जिल्ह्यातील]] [[जामखेड तालुका|जामखेड तालुक्यातील]] [[चोंडी]] (मल्हारपीठ) खेड्यात झाला. त्यांचे वडील [[माणकोजी शिंदे]] हे त्या गावचे पाटील होते. * स्त्रीशिक्षण फारसे प्रचलित नसतानाही त्यांच्या वडिलांनी त्यांना लिहिण्यावाचण्यास शिकवले होते. [[मल्हारराव होळकर]] [[पुणे|पुण्यास]] जाताना चोंडीस थांबले होते. आख्यायिकेनुसार, ८ वर्षाच्या अहिल्याबाईंना, मल्हाररावांनी एका देवळात बघितले. मुलगी आवडल्यामुळे त्यांनी तिला, स्वतःचा मुलगा [[खंडेराव होळकर|खंडेराव]] याची वधू म्हणून आणले. अहिल्याबाई होळकर या उचित न्यायदानासाठी प्रसिद्ध होत्या. त्यांनी भारतभरात अनेक हिंदू मंदिरे व नदीघाट बांधले, यवढच नाही तर त्यानी लोकांना रोजगार निर्माण व्हावा म्हणून औद्योगिक धोरण आखंल प्रसिंध हिंदू मंदिराचा त्यांनी जीर्णोद्धार केला; महेश्वर व इंदूर या गावांना सुंदर बनवले. त्या अनेक देवळांच्या आश्रयदात्या होत्या. त्यांनी अनेक तीर्थक्षेत्री धर्मशाळांचे बांधकाम केले. त्यांत [[द्वारका]], [[वाराणसी]], [[उज्जैन]], [[नाशिक]] व [[वैजनाथ मंदिर|परळी वैजनाथ]] यांचा प्रामुख्याने समावेश आहे. [[वेरावळ]] येथील सोमनाथचे [[गझनीच्या महंमदा|गझनीच्या महंमदाने]] ध्वस्त केलेले देऊळ बघून अहिल्यादेवींनी शेजारीच एक शंकराचे एक देऊळ बांधले. [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथला]] जाणारे लोक या देवळालाही भेट देतात. अहिल्यादेवींना प्रजेस कल्याणकारी असे काम करण्याची आवड होती. * इंग्रजी लेखक लॉरेन्स यांनी अहिल्यादेवी होळकर, यांना भारताच्या "कॅथरीन द ग्रेट, एलिझाबेथ मार्गारेट" असे म्हणले आहे.[१] थोडक्यात अहिल्यादेवी यांची तुलना रशियाची राणी कॅथरीन द ग्रेट, इंग्लंडची राणी एलिझाबेथ तसेच डेन्मार्कची राणी मार्गारेट यांच्याशी एकत्रित केली आहे. त्याने म्हटले आहे की, ज्या वेळेस जगातील सर्वात महान स्त्रियांचा इतिहास लिहिला जाईल त्या वेळेस पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचे नाव सर्व प्रथम लिहिला जाईल.{{संदर्भयादी}}<sup>'''उल्लेखनीय लोक'''</sup> '''.'''जनरल s.m श्रीनागेश . गणपतराव देशमुख . सत्यशोधक डॉ संतुजी लाड . == संस्कृती == <nowiki>|</nowiki> चित्र = <nowiki>[[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]]</nowiki><ref>{{जर्नल स्रोत|last=-|first=श्री.दिपक संभाजी माने|last2=-|first2=प्रा.डॉ. विजय विष्णू पाडळकर|date=2024-04-30|title=धनगर समाज : प्रथा आणि परंपरा|url=https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|journal=International Journal For Multidisciplinary Research|volume=6|issue=2|doi=10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|issn=2582-2160}}</ref> धनगर समाजातील लोक हे हातात कुऱ्हाड, पाठीवर घोंगड, हातात कड, [[कोल्हापुरी चपला]] वापरतात.{{संदर्भ}} '''जय मल्हार''' ''यळकोट यळकोट जय मल्हार'', '''बिरोबाच्या नावानं चांगभलं''' हे समाजाचे ब्रीदवाक्य आहे.{{संदर्भ}} धनगर समाजामध्ये हा सगळ्या धनगरांच्या देवळात ''भंडारा'' उधळला जातो.{{संदर्भ}} ही लोक धनगरी ओवी गातात व गजी नृत्य केले जाते. दसऱ्याचेदिवशी शस्त्रपूजन करतात [[वर्ग:हिंदू धर्मामधील जाती]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील मागासवर्गीय जाती]] pme4yichw0eovqbb7ea9ijpz6km9mhy 2710876 2710873 2026-09-20T03:55:43Z ~2026-50725-32 187586 /* */ 2710876 wikitext text/x-wiki '''धनगर समाज हा १०८ कुळांनी बनलेला शेतकरी आणि पशुपालक योद्धा आणि धार्मिक परंपरा असलेला समाज आहे. धनगर जमात ही आदिम जमात असून जंगलात, रानावनात, डोंगर-दऱ्या-खोऱ्यात शेळी-मेंढीपालन करताना त्यांनी वेद गायले असा संशोधकांनी उल्लेख केला आहे.''' | चित्र = [[File:Dhangar धनगर.jpg|thumb]], [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] हे लोक [[मध्य प्रदेश]], [[महाराष्ट्र]], [[कर्नाटक]], [[गोवा]], [[आंध्र प्रदेश|गुजरात,]] [[मध्य प्रदेश]], [[तेलंगणा]] राज्यांत राहतात.{{संदर्भ}} चाऱ्याच्या शोधात ही जमात अविरत भटकंती करत अखंड भारतभर पसरली आहे. मेंढी ही माऊली असून तिचे पालनपोषण करणे आणि त्यापासून मिळणाऱ्या उत्पन्नातून उदरनिर्वाह करणे हे या धनगर जमातीचे पुर्वापारपासून चालत आलेले एक रहाटगाडगे आहे. भुतलावरील लाजरा बुजरा समाज म्हणून धनगर जमातीला ओळखले जाते. गावगाड्यात, गावगाड्यातील राजकारणात, लोकांत न मिसळता परिणामी शेळ्या-मेंढ्यांच्या उदरनिर्वाहासाठी गावापासून दूर वस्ती करून राहणे पसंत करणारी ही आदिम भटकी जमात आहे. पावसाळा ऋतू संपल्यावर चाऱ्याची कमतरता निर्माण झाल्यावर चाऱ्याच्या शोधात ही जमात आपल्या मेंढ्यांचे कळप घेऊन, गट करून, कुटुंब कबिला (बिऱ्हाड) सोबत घेऊन जिकडे चारा मिळेल तिकडे, काटेकुटे तुडवत, रानावनातून, डोंगर-दऱ्यातून मार्ग काढत दूरपर्यंत शेकडो किलोमीटर अंतर पायदळी तुडवून भटकंती करतात आणि मृग नक्षत्रात पाऊस पडल्यावर पुन्हा आपापले कळप घेऊन मूळ गावी परततात. पूर्वी भटकंती करण्याठी इतरत्र गेलेली ही जमात जिथे सोयिस्कर वाटेल तिकडेच स्थायिक होई परंतु त्यांच्याबद्दल सरकार दप्तरी कोणतीही नोंद राहत नव्हती. जिकडे स्थायिक होत तिथे चाऱ्याची उपलब्धता कमी झाली की पुन्हा तेथून आपले बिऱ्हाड घेऊन उदरनिर्वाहासाठी दुसऱ्या गावाला पायपीट करत जात आणि जिकडे शेळ्या-मेंढ्यांच्या चाऱ्याची उपलब्धता असेल तिकडे स्थायिक होत. == इतिहास == [[अहिल्याबाई होळकर]] (३१ मे, १७२५ - १३ ऑगस्ट, १७९५, राज्यकालावधी इ.स. १७६७ - इ.स. १७९५) या भारतातील, [[माळवा|माळव्याच्या]] '''तत्त्वज्ञानी महाराणी''' म्हणून ओळखल्या जातात. त्यांनी [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] तीरी, [[इंदूर|इंदूरच्या]] दक्षिणेस असलेल्या [[महेश्वर (मध्य प्रदेश)|महेश्वर]] या ठिकाणी आपली राजधानी हलविली. [[मल्हारराव होळकर]] यांनी त्यांना प्रशासकीय व सैन्याच्या कामात पारंगत केलेल होते. त्या आधाराने अहिल्याबाईंनी इ.स. १७६६ ते इ.स. १७९५, म्हणजे त्यांच्या मृत्यूपर्यंत माळव्यावर राज्य केले होते. * पुण्यश्लोक [[अहिल्याबाई होळकर]] यांचा जन्म ३१ मे इ.स. १७२५ रोजी महाराष्ट्राच्या [[अहिल्यानगर जिल्हा|अहमदनगर जिल्ह्यातील]] [[जामखेड तालुका|जामखेड तालुक्यातील]] [[चोंडी]] (मल्हारपीठ) खेड्यात झाला. त्यांचे वडील [[माणकोजी शिंदे]] हे त्या गावचे पाटील होते. * स्त्रीशिक्षण फारसे प्रचलित नसतानाही त्यांच्या वडिलांनी त्यांना लिहिण्यावाचण्यास शिकवले होते. [[मल्हारराव होळकर]] [[पुणे|पुण्यास]] जाताना चोंडीस थांबले होते. आख्यायिकेनुसार, ८ वर्षाच्या अहिल्याबाईंना, मल्हाररावांनी एका देवळात बघितले. मुलगी आवडल्यामुळे त्यांनी तिला, स्वतःचा मुलगा [[खंडेराव होळकर|खंडेराव]] याची वधू म्हणून आणले. अहिल्याबाई होळकर या उचित न्यायदानासाठी प्रसिद्ध होत्या. त्यांनी भारतभरात अनेक हिंदू मंदिरे व नदीघाट बांधले, यवढच नाही तर त्यानी लोकांना रोजगार निर्माण व्हावा म्हणून औद्योगिक धोरण आखंल प्रसिंध हिंदू मंदिराचा त्यांनी जीर्णोद्धार केला; महेश्वर व इंदूर या गावांना सुंदर बनवले. त्या अनेक देवळांच्या आश्रयदात्या होत्या. त्यांनी अनेक तीर्थक्षेत्री धर्मशाळांचे बांधकाम केले. त्यांत [[द्वारका]], [[वाराणसी]], [[उज्जैन]], [[नाशिक]] व [[वैजनाथ मंदिर|परळी वैजनाथ]] यांचा प्रामुख्याने समावेश आहे. [[वेरावळ]] येथील सोमनाथचे [[गझनीच्या महंमदा|गझनीच्या महंमदाने]] ध्वस्त केलेले देऊळ बघून अहिल्यादेवींनी शेजारीच एक शंकराचे एक देऊळ बांधले. [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथला]] जाणारे लोक या देवळालाही भेट देतात. अहिल्यादेवींना प्रजेस कल्याणकारी असे काम करण्याची आवड होती. * इंग्रजी लेखक लॉरेन्स यांनी अहिल्यादेवी होळकर, यांना भारताच्या "कॅथरीन द ग्रेट, एलिझाबेथ मार्गारेट" असे म्हणले आहे.[१] थोडक्यात अहिल्यादेवी यांची तुलना रशियाची राणी कॅथरीन द ग्रेट, इंग्लंडची राणी एलिझाबेथ तसेच डेन्मार्कची राणी मार्गारेट यांच्याशी एकत्रित केली आहे. त्याने म्हटले आहे की, ज्या वेळेस जगातील सर्वात महान स्त्रियांचा इतिहास लिहिला जाईल त्या वेळेस पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचे नाव सर्व प्रथम लिहिला जाईल.{{संदर्भयादी}}<sup>'''[[उल्लेखनीय लोक]] लोक'''</sup> '''.'''जनरल s.m श्रीनागेश . गणपतराव देशमुख . सत्यशोधक डॉ संतुजी लाड . == संस्कृती == <nowiki>|</nowiki> चित्र = <nowiki>[[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]]</nowiki><ref>{{जर्नल स्रोत|last=-|first=श्री.दिपक संभाजी माने|last2=-|first2=प्रा.डॉ. विजय विष्णू पाडळकर|date=2024-04-30|title=धनगर समाज : प्रथा आणि परंपरा|url=https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|journal=International Journal For Multidisciplinary Research|volume=6|issue=2|doi=10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|issn=2582-2160}}</ref> धनगर समाजातील लोक हे हातात कुऱ्हाड, पाठीवर घोंगड, हातात कड, [[कोल्हापुरी चपला]] वापरतात.{{संदर्भ}} '''जय मल्हार''' ''यळकोट यळकोट जय मल्हार'', '''बिरोबाच्या नावानं चांगभलं''' हे समाजाचे ब्रीदवाक्य आहे.{{संदर्भ}} धनगर समाजामध्ये हा सगळ्या धनगरांच्या देवळात ''भंडारा'' उधळला जातो.{{संदर्भ}} ही लोक धनगरी ओवी गातात व गजी नृत्य केले जाते. दसऱ्याचेदिवशी शस्त्रपूजन करतात [[वर्ग:हिंदू धर्मामधील जाती]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील मागासवर्गीय जाती]] l9cnv5u29omx49awwiht8myzpm8atx9 2710879 2710876 2026-09-20T04:37:37Z Rustumrao thorat 185886 /* */ 2710879 wikitext text/x-wiki '''धनगर समाज हा १०८ कुळांनी बनलेला शेतकरी आणि पशुपालक योद्धा आणि धार्मिक परंपरा असलेला समाज आहे. धनगर जमात ही आदिम जमात असून जंगलात, रानावनात, डोंगर-दऱ्या-खोऱ्यात शेळी-मेंढीपालन करताना त्यांनी वेद गायले असा संशोधकांनी उल्लेख केला आहे.''' | चित्र = [[File:Dhangar धनगर.jpg|thumb]], [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] हे लोक [[मध्य प्रदेश]], [[महाराष्ट्र]], [[कर्नाटक]], [[गोवा]], [[आंध्र प्रदेश|गुजरात,]] [[मध्य प्रदेश]], [[तेलंगणा]] राज्यांत राहतात.{{संदर्भ}} चाऱ्याच्या शोधात ही जमात अविरत भटकंती करत अखंड भारतभर पसरली आहे. मेंढी ही माऊली असून तिचे पालनपोषण करणे आणि त्यापासून मिळणाऱ्या उत्पन्नातून उदरनिर्वाह करणे हे या धनगर जमातीचे पुर्वापारपासून चालत आलेले एक रहाटगाडगे आहे. भुतलावरील लाजरा बुजरा समाज म्हणून धनगर जमातीला ओळखले जाते. गावगाड्यात, गावगाड्यातील राजकारणात, लोकांत न मिसळता परिणामी शेळ्या-मेंढ्यांच्या उदरनिर्वाहासाठी गावापासून दूर वस्ती करून राहणे पसंत करणारी ही आदिम भटकी जमात आहे. पावसाळा ऋतू संपल्यावर चाऱ्याची कमतरता निर्माण झाल्यावर चाऱ्याच्या शोधात ही जमात आपल्या मेंढ्यांचे कळप घेऊन, गट करून, कुटुंब कबिला (बिऱ्हाड) सोबत घेऊन जिकडे चारा मिळेल तिकडे, काटेकुटे तुडवत, रानावनातून, डोंगर-दऱ्यातून मार्ग काढत दूरपर्यंत शेकडो किलोमीटर अंतर पायदळी तुडवून भटकंती करतात आणि मृग नक्षत्रात पाऊस पडल्यावर पुन्हा आपापले कळप घेऊन मूळ गावी परततात. पूर्वी भटकंती करण्याठी इतरत्र गेलेली ही जमात जिथे सोयिस्कर वाटेल तिकडेच स्थायिक होई परंतु त्यांच्याबद्दल सरकार दप्तरी कोणतीही नोंद राहत नव्हती. जिकडे स्थायिक होत तिथे चाऱ्याची उपलब्धता कमी झाली की पुन्हा तेथून आपले बिऱ्हाड घेऊन उदरनिर्वाहासाठी दुसऱ्या गावाला पायपीट करत जात आणि जिकडे शेळ्या-मेंढ्यांच्या चाऱ्याची उपलब्धता असेल तिकडे स्थायिक होत. == इतिहास == [[अहिल्याबाई होळकर]] (३१ मे, १७२५ - १३ ऑगस्ट, १७९५, राज्यकालावधी इ.स. १७६७ - इ.स. १७९५) या भारतातील, [[माळवा|माळव्याच्या]] '''तत्त्वज्ञानी महाराणी''' म्हणून ओळखल्या जातात. त्यांनी [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] तीरी, [[इंदूर|इंदूरच्या]] दक्षिणेस असलेल्या [[महेश्वर (मध्य प्रदेश)|महेश्वर]] या ठिकाणी आपली राजधानी हलविली. [[मल्हारराव होळकर]] यांनी त्यांना प्रशासकीय व सैन्याच्या कामात पारंगत केलेल होते. त्या आधाराने अहिल्याबाईंनी इ.स. १७६६ ते इ.स. १७९५, म्हणजे त्यांच्या मृत्यूपर्यंत माळव्यावर राज्य केले होते. * पुण्यश्लोक [[अहिल्याबाई होळकर]] यांचा जन्म ३१ मे इ.स. १७२५ रोजी महाराष्ट्राच्या [[अहिल्यानगर जिल्हा|अहमदनगर जिल्ह्यातील]] [[जामखेड तालुका|जामखेड तालुक्यातील]] [[चोंडी]] (मल्हारपीठ) खेड्यात झाला. त्यांचे वडील [[माणकोजी शिंदे]] हे त्या गावचे पाटील होते. * स्त्रीशिक्षण फारसे प्रचलित नसतानाही त्यांच्या वडिलांनी त्यांना लिहिण्यावाचण्यास शिकवले होते. [[मल्हारराव होळकर]] [[पुणे|पुण्यास]] जाताना चोंडीस थांबले होते. आख्यायिकेनुसार, ८ वर्षाच्या अहिल्याबाईंना, मल्हाररावांनी एका देवळात बघितले. मुलगी आवडल्यामुळे त्यांनी तिला, स्वतःचा मुलगा [[खंडेराव होळकर|खंडेराव]] याची वधू म्हणून आणले. अहिल्याबाई होळकर या उचित न्यायदानासाठी प्रसिद्ध होत्या. त्यांनी भारतभरात अनेक हिंदू मंदिरे व नदीघाट बांधले, यवढच नाही तर त्यानी लोकांना रोजगार निर्माण व्हावा म्हणून औद्योगिक धोरण आखंल प्रसिंध हिंदू मंदिराचा त्यांनी जीर्णोद्धार केला; महेश्वर व इंदूर या गावांना सुंदर बनवले. त्या अनेक देवळांच्या आश्रयदात्या होत्या. त्यांनी अनेक तीर्थक्षेत्री धर्मशाळांचे बांधकाम केले. त्यांत [[द्वारका]], [[वाराणसी]], [[उज्जैन]], [[नाशिक]] व [[वैजनाथ मंदिर|परळी वैजनाथ]] यांचा प्रामुख्याने समावेश आहे. [[वेरावळ]] येथील सोमनाथचे [[गझनीच्या महंमदा|गझनीच्या महंमदाने]] ध्वस्त केलेले देऊळ बघून अहिल्यादेवींनी शेजारीच एक शंकराचे एक देऊळ बांधले. [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथला]] जाणारे लोक या देवळालाही भेट देतात. अहिल्यादेवींना प्रजेस कल्याणकारी असे काम करण्याची आवड होती. * इंग्रजी लेखक लॉरेन्स यांनी अहिल्यादेवी होळकर, यांना भारताच्या "कॅथरीन द ग्रेट, एलिझाबेथ मार्गारेट" असे म्हणले आहे.[१] थोडक्यात अहिल्यादेवी यांची तुलना रशियाची राणी कॅथरीन द ग्रेट, इंग्लंडची राणी एलिझाबेथ तसेच डेन्मार्कची राणी मार्गारेट यांच्याशी एकत्रित केली आहे. त्याने म्हटले आहे की, ज्या वेळेस जगातील सर्वात महान स्त्रियांचा इतिहास लिहिला जाईल त्या वेळेस पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचे नाव सर्व प्रथम लिहिला जाईल.{{संदर्भयादी}} == संस्कृती == <nowiki>|</nowiki> चित्र = <nowiki>[[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]]</nowiki><ref>{{जर्नल स्रोत|last=-|first=श्री.दिपक संभाजी माने|last2=-|first2=प्रा.डॉ. विजय विष्णू पाडळकर|date=2024-04-30|title=धनगर समाज : प्रथा आणि परंपरा|url=https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|journal=International Journal For Multidisciplinary Research|volume=6|issue=2|doi=10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|issn=2582-2160}}</ref> धनगर समाजातील लोक हे हातात कुऱ्हाड, पाठीवर घोंगड, हातात कड, [[कोल्हापुरी चपला]] वापरतात.{{संदर्भ}} '''जय मल्हार''' ''यळकोट यळकोट जय मल्हार'', '''बिरोबाच्या नावानं चांगभलं''' हे समाजाचे ब्रीदवाक्य आहे.{{संदर्भ}} धनगर समाजामध्ये हा सगळ्या धनगरांच्या देवळात ''भंडारा'' उधळला जातो.{{संदर्भ}} ही लोक धनगरी ओवी गातात व गजी नृत्य केले जाते. दसऱ्याचेदिवशी शस्त्रपूजन करतात [[वर्ग:हिंदू धर्मामधील जाती]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील मागासवर्गीय जाती]] <references />'''उल्लेखनीय लोक''' sp0j4pa5pregiw3ios7xe8e06a6f3ve 2710880 2710879 2026-09-20T04:52:52Z संतोष गोरे 135680 /* */ प्रस्तावना 2710880 wikitext text/x-wiki '''धनगर''' ही एक जात किंवा कुळ असून, या जातीचे लोक [[भारत|भारतातील]] [[महाराष्ट्र]], उत्तर [[कर्नाटक]], [[गोवा]] आणि [[मध्य प्रदेश]] या राज्यांमध्ये आढळतात. उत्तर महाराष्ट्रात ([[खानदेश|खानदेश परिसर]]) आणि भारताच्या [[पश्चिम घाट|पश्चिम घाटातील]] जंगलाच्छादित डोंगराळ प्रदेशांमध्ये त्यांना 'गवळी धनगर' असे म्हटले जाते.<ref name="Malhotra 1982">{{cite journal |last=Malhotra |first=K. C. |date=March 1982 |title=Ecology of a pastoral caste: Gavli Dhangars of peninsular India |url=http://library.isical.ac.in:8080/xmlui/bitstream/handle/10263/1447/HE-10-1-1982-P107-143.pdf |journal=Human Ecology |volume=10 |issue=1 |pages=107–143 |doi=10.1007/BF01531107 |s2cid=154253698}}</ref><ref>{{cite news |author=<!--Staff writer(s); no by-line.--> |title=Govt gives another push to get ST tag for Dhangar-Gouly |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/78005762.cms |work=The Times of India |via=Associated Press |date=2020-09-09 |access-date=2020-09-09}}</ref><ref name="Malhotra 2001" />{{sfnp|Shashi|2011|p=47}} महाराष्ट्रात [[गवळी]]ंच्या अनेक वेगवेगळ्या जाती आहेत, त्यापैकी धनगर गवळी ही एक जात आहे.{{sfnp|Rao|1979|p=129}}{{sfnp|Enthoven|1990|p=368}}{{sfnp|Feldhaus|1989|p=101}} [[File:Dhangar धनगर.jpg|thumb]], [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर जमात ही आदिम जमात असून जंगलात, रानावनात, डोंगर-दऱ्या-खोऱ्यात शेळी-मेंढीपालन तसेच शेती करणे ही त्यांची प्रमुख कामे होती. चाऱ्याच्या शोधात ही जमात अविरत भटकंती करत अखंड भारतभर पसरली आहे. मेंढी ही माऊली असून तिचे पालनपोषण करणे आणि त्यापासून मिळणाऱ्या उत्पन्नातून उदरनिर्वाह करणे हे या धनगर जमातीचे पुर्वापारपासून चालत आलेले एक रहाटगाडगे आहे. भुतलावरील लाजरा बुजरा समाज म्हणून धनगर जमातीला ओळखले जाते. गावगाड्यात, गावगाड्यातील राजकारणात, लोकांत न मिसळता परिणामी शेळ्या-मेंढ्यांच्या उदरनिर्वाहासाठी गावापासून दूर वस्ती करून राहणे पसंत करणारी ही आदिम भटकी जमात आहे. पावसाळा ऋतू संपल्यावर चाऱ्याची कमतरता निर्माण झाल्यावर चाऱ्याच्या शोधात ही जमात आपल्या मेंढ्यांचे कळप घेऊन, गट करून, कुटुंब कबिला (बिऱ्हाड) सोबत घेऊन जिकडे चारा मिळेल तिकडे, काटेकुटे तुडवत, रानावनातून, डोंगर-दऱ्यातून मार्ग काढत दूरपर्यंत शेकडो किलोमीटर अंतर पायदळी तुडवून भटकंती करतात आणि मृग नक्षत्रात पाऊस पडल्यावर पुन्हा आपापले कळप घेऊन मूळ गावी परततात. पूर्वी भटकंती करण्याठी इतरत्र गेलेली ही जमात जिथे सोयिस्कर वाटेल तिकडेच स्थायिक होई परंतु त्यांच्याबद्दल सरकार दप्तरी कोणतीही नोंद राहत नव्हती. जिकडे स्थायिक होत तिथे चाऱ्याची उपलब्धता कमी झाली की पुन्हा तेथून आपले बिऱ्हाड घेऊन उदरनिर्वाहासाठी दुसऱ्या गावाला पायपीट करत जात आणि जिकडे शेळ्या-मेंढ्यांच्या चाऱ्याची उपलब्धता असेल तिकडे स्थायिक होत. == इतिहास == [[अहिल्याबाई होळकर]] (३१ मे, १७२५ - १३ ऑगस्ट, १७९५, राज्यकालावधी इ.स. १७६७ - इ.स. १७९५) या भारतातील, [[माळवा|माळव्याच्या]] '''तत्त्वज्ञानी महाराणी''' म्हणून ओळखल्या जातात. त्यांनी [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] तीरी, [[इंदूर|इंदूरच्या]] दक्षिणेस असलेल्या [[महेश्वर (मध्य प्रदेश)|महेश्वर]] या ठिकाणी आपली राजधानी हलविली. [[मल्हारराव होळकर]] यांनी त्यांना प्रशासकीय व सैन्याच्या कामात पारंगत केलेल होते. त्या आधाराने अहिल्याबाईंनी इ.स. १७६६ ते इ.स. १७९५, म्हणजे त्यांच्या मृत्यूपर्यंत माळव्यावर राज्य केले होते. * पुण्यश्लोक [[अहिल्याबाई होळकर]] यांचा जन्म ३१ मे इ.स. १७२५ रोजी महाराष्ट्राच्या [[अहिल्यानगर जिल्हा|अहमदनगर जिल्ह्यातील]] [[जामखेड तालुका|जामखेड तालुक्यातील]] [[चोंडी]] (मल्हारपीठ) खेड्यात झाला. त्यांचे वडील [[माणकोजी शिंदे]] हे त्या गावचे पाटील होते. * स्त्रीशिक्षण फारसे प्रचलित नसतानाही त्यांच्या वडिलांनी त्यांना लिहिण्यावाचण्यास शिकवले होते. [[मल्हारराव होळकर]] [[पुणे|पुण्यास]] जाताना चोंडीस थांबले होते. आख्यायिकेनुसार, ८ वर्षाच्या अहिल्याबाईंना, मल्हाररावांनी एका देवळात बघितले. मुलगी आवडल्यामुळे त्यांनी तिला, स्वतःचा मुलगा [[खंडेराव होळकर|खंडेराव]] याची वधू म्हणून आणले. अहिल्याबाई होळकर या उचित न्यायदानासाठी प्रसिद्ध होत्या. त्यांनी भारतभरात अनेक हिंदू मंदिरे व नदीघाट बांधले, यवढच नाही तर त्यानी लोकांना रोजगार निर्माण व्हावा म्हणून औद्योगिक धोरण आखंल प्रसिंध हिंदू मंदिराचा त्यांनी जीर्णोद्धार केला; महेश्वर व इंदूर या गावांना सुंदर बनवले. त्या अनेक देवळांच्या आश्रयदात्या होत्या. त्यांनी अनेक तीर्थक्षेत्री धर्मशाळांचे बांधकाम केले. त्यांत [[द्वारका]], [[वाराणसी]], [[उज्जैन]], [[नाशिक]] व [[वैजनाथ मंदिर|परळी वैजनाथ]] यांचा प्रामुख्याने समावेश आहे. [[वेरावळ]] येथील सोमनाथचे [[गझनीच्या महंमदा|गझनीच्या महंमदाने]] ध्वस्त केलेले देऊळ बघून अहिल्यादेवींनी शेजारीच एक शंकराचे एक देऊळ बांधले. [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथला]] जाणारे लोक या देवळालाही भेट देतात. अहिल्यादेवींना प्रजेस कल्याणकारी असे काम करण्याची आवड होती. * इंग्रजी लेखक लॉरेन्स यांनी अहिल्यादेवी होळकर, यांना भारताच्या "कॅथरीन द ग्रेट, एलिझाबेथ मार्गारेट" असे म्हणले आहे.[१] थोडक्यात अहिल्यादेवी यांची तुलना रशियाची राणी कॅथरीन द ग्रेट, इंग्लंडची राणी एलिझाबेथ तसेच डेन्मार्कची राणी मार्गारेट यांच्याशी एकत्रित केली आहे. त्याने म्हटले आहे की, ज्या वेळेस जगातील सर्वात महान स्त्रियांचा इतिहास लिहिला जाईल त्या वेळेस पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचे नाव सर्व प्रथम लिहिला जाईल.{{संदर्भयादी}} == संस्कृती == <nowiki>|</nowiki> चित्र = <nowiki>[[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]]</nowiki><ref>{{जर्नल स्रोत|last=-|first=श्री.दिपक संभाजी माने|last2=-|first2=प्रा.डॉ. विजय विष्णू पाडळकर|date=2024-04-30|title=धनगर समाज : प्रथा आणि परंपरा|url=https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|journal=International Journal For Multidisciplinary Research|volume=6|issue=2|doi=10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|issn=2582-2160}}</ref> धनगर समाजातील लोक हे हातात कुऱ्हाड, पाठीवर घोंगड, हातात कड, [[कोल्हापुरी चपला]] वापरतात.{{संदर्भ}} '''जय मल्हार''' ''यळकोट यळकोट जय मल्हार'', '''बिरोबाच्या नावानं चांगभलं''' हे समाजाचे ब्रीदवाक्य आहे.{{संदर्भ}} धनगर समाजामध्ये हा सगळ्या धनगरांच्या देवळात ''भंडारा'' उधळला जातो.{{संदर्भ}} ही लोक धनगरी ओवी गातात व गजी नृत्य केले जाते. दसऱ्याचेदिवशी शस्त्रपूजन करतात [[वर्ग:हिंदू धर्मामधील जाती]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील मागासवर्गीय जाती]] <references />'''उल्लेखनीय लोक''' lgxtjjj6rs7j7umugxw5pegc9howyjw 2710881 2710880 2026-09-20T04:54:22Z संतोष गोरे 135680 2710881 wikitext text/x-wiki '''धनगर''' ही एक जात किंवा कुळ असून, या जातीचे लोक [[भारत|भारतातील]] [[महाराष्ट्र]], उत्तर [[कर्नाटक]], [[गोवा]] आणि [[मध्य प्रदेश]] या राज्यांमध्ये आढळतात. उत्तर महाराष्ट्रात ([[खानदेश|खानदेश परिसर]]) आणि भारताच्या [[पश्चिम घाट|पश्चिम घाटातील]] जंगलाच्छादित डोंगराळ प्रदेशांमध्ये त्यांना 'गवळी धनगर' असे म्हटले जाते.<ref name="Malhotra 1982">{{cite journal |last=Malhotra |first=K. C. |date=March 1982 |title=Ecology of a pastoral caste: Gavli Dhangars of peninsular India |url=http://library.isical.ac.in:8080/xmlui/bitstream/handle/10263/1447/HE-10-1-1982-P107-143.pdf |journal=Human Ecology |volume=10 |issue=1 |pages=107–143 |doi=10.1007/BF01531107 |s2cid=154253698}}</ref><ref>{{cite news |author=<!--Staff writer(s); no by-line.--> |title=Govt gives another push to get ST tag for Dhangar-Gouly |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/78005762.cms |work=The Times of India |via=Associated Press |date=2020-09-09 |access-date=2020-09-09}}</ref><ref name="Malhotra 2001" />{{sfnp|Shashi|2011|p=47}} महाराष्ट्रात [[गवळी]]ंच्या अनेक वेगवेगळ्या जाती आहेत, त्यापैकी धनगर गवळी ही एक जात आहे.{{sfnp|Rao|1979|p=129}}{{sfnp|Enthoven|1990|p=368}}{{sfnp|Feldhaus|1989|p=101}} [[File:Dhangar धनगर.jpg|thumb]], [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर जमात ही आदिम जमात असून जंगलात, रानावनात, डोंगर-दऱ्या-खोऱ्यात शेळी-मेंढीपालन तसेच शेती करणे ही त्यांची प्रमुख कामे होती. चाऱ्याच्या शोधात ही जमात अविरत भटकंती करत अखंड भारतभर पसरली आहे. मेंढी ही माऊली असून तिचे पालनपोषण करणे आणि त्यापासून मिळणाऱ्या उत्पन्नातून उदरनिर्वाह करणे हे या धनगर जमातीचे पुर्वापारपासून चालत आलेले एक रहाटगाडगे आहे. भुतलावरील लाजरा बुजरा समाज म्हणून धनगर जमातीला ओळखले जाते. गावगाड्यात, गावगाड्यातील राजकारणात, लोकांत न मिसळता परिणामी शेळ्या-मेंढ्यांच्या उदरनिर्वाहासाठी गावापासून दूर वस्ती करून राहणे पसंत करणारी ही आदिम भटकी जमात आहे. पावसाळा ऋतू संपल्यावर चाऱ्याची कमतरता निर्माण झाल्यावर चाऱ्याच्या शोधात ही जमात आपल्या मेंढ्यांचे कळप घेऊन, गट करून, कुटुंब कबिला (बिऱ्हाड) सोबत घेऊन जिकडे चारा मिळेल तिकडे, काटेकुटे तुडवत, रानावनातून, डोंगर-दऱ्यातून मार्ग काढत दूरपर्यंत शेकडो किलोमीटर अंतर पायदळी तुडवून भटकंती करतात आणि मृग नक्षत्रात पाऊस पडल्यावर पुन्हा आपापले कळप घेऊन मूळ गावी परततात. पूर्वी भटकंती करण्याठी इतरत्र गेलेली ही जमात जिथे सोयिस्कर वाटेल तिकडेच स्थायिक होई परंतु त्यांच्याबद्दल सरकार दप्तरी कोणतीही नोंद राहत नव्हती. जिकडे स्थायिक होत तिथे चाऱ्याची उपलब्धता कमी झाली की पुन्हा तेथून आपले बिऱ्हाड घेऊन उदरनिर्वाहासाठी दुसऱ्या गावाला पायपीट करत जात आणि जिकडे शेळ्या-मेंढ्यांच्या चाऱ्याची उपलब्धता असेल तिकडे स्थायिक होत. == इतिहास == [[अहिल्याबाई होळकर]] (३१ मे, १७२५ - १३ ऑगस्ट, १७९५, राज्यकालावधी इ.स. १७६७ - इ.स. १७९५) या भारतातील, [[माळवा|माळव्याच्या]] '''तत्त्वज्ञानी महाराणी''' म्हणून ओळखल्या जातात. त्यांनी [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] तीरी, [[इंदूर|इंदूरच्या]] दक्षिणेस असलेल्या [[महेश्वर (मध्य प्रदेश)|महेश्वर]] या ठिकाणी आपली राजधानी हलविली. [[मल्हारराव होळकर]] यांनी त्यांना प्रशासकीय व सैन्याच्या कामात पारंगत केलेल होते. त्या आधाराने अहिल्याबाईंनी इ.स. १७६६ ते इ.स. १७९५, म्हणजे त्यांच्या मृत्यूपर्यंत माळव्यावर राज्य केले होते. * पुण्यश्लोक [[अहिल्याबाई होळकर]] यांचा जन्म ३१ मे इ.स. १७२५ रोजी महाराष्ट्राच्या [[अहिल्यानगर जिल्हा|अहमदनगर जिल्ह्यातील]] [[जामखेड तालुका|जामखेड तालुक्यातील]] [[चोंडी]] (मल्हारपीठ) खेड्यात झाला. त्यांचे वडील [[माणकोजी शिंदे]] हे त्या गावचे पाटील होते. * स्त्रीशिक्षण फारसे प्रचलित नसतानाही त्यांच्या वडिलांनी त्यांना लिहिण्यावाचण्यास शिकवले होते. [[मल्हारराव होळकर]] [[पुणे|पुण्यास]] जाताना चोंडीस थांबले होते. आख्यायिकेनुसार, ८ वर्षाच्या अहिल्याबाईंना, मल्हाररावांनी एका देवळात बघितले. मुलगी आवडल्यामुळे त्यांनी तिला, स्वतःचा मुलगा [[खंडेराव होळकर|खंडेराव]] याची वधू म्हणून आणले. अहिल्याबाई होळकर या उचित न्यायदानासाठी प्रसिद्ध होत्या. त्यांनी भारतभरात अनेक हिंदू मंदिरे व नदीघाट बांधले, यवढच नाही तर त्यानी लोकांना रोजगार निर्माण व्हावा म्हणून औद्योगिक धोरण आखंल प्रसिंध हिंदू मंदिराचा त्यांनी जीर्णोद्धार केला; महेश्वर व इंदूर या गावांना सुंदर बनवले. त्या अनेक देवळांच्या आश्रयदात्या होत्या. त्यांनी अनेक तीर्थक्षेत्री धर्मशाळांचे बांधकाम केले. त्यांत [[द्वारका]], [[वाराणसी]], [[उज्जैन]], [[नाशिक]] व [[वैजनाथ मंदिर|परळी वैजनाथ]] यांचा प्रामुख्याने समावेश आहे. [[वेरावळ]] येथील सोमनाथचे [[गझनीच्या महंमदा|गझनीच्या महंमदाने]] ध्वस्त केलेले देऊळ बघून अहिल्यादेवींनी शेजारीच एक शंकराचे एक देऊळ बांधले. [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथला]] जाणारे लोक या देवळालाही भेट देतात. अहिल्यादेवींना प्रजेस कल्याणकारी असे काम करण्याची आवड होती. * इंग्रजी लेखक लॉरेन्स यांनी अहिल्यादेवी होळकर, यांना भारताच्या "कॅथरीन द ग्रेट, एलिझाबेथ मार्गारेट" असे म्हणले आहे.[१] थोडक्यात अहिल्यादेवी यांची तुलना रशियाची राणी कॅथरीन द ग्रेट, इंग्लंडची राणी एलिझाबेथ तसेच डेन्मार्कची राणी मार्गारेट यांच्याशी एकत्रित केली आहे. त्याने म्हटले आहे की, ज्या वेळेस जगातील सर्वात महान स्त्रियांचा इतिहास लिहिला जाईल त्या वेळेस पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचे नाव सर्व प्रथम लिहिला जाईल.{{संदर्भयादी}} == संस्कृती == [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर समाजातील लोक हे हातात कुऱ्हाड, पाठीवर घोंगड, हातात कड, [[कोल्हापुरी चपला]] वापरतात. '''जय मल्हार''' ''यळकोट यळकोट जय मल्हार'', '''बिरोबाच्या नावानं चांगभलं''' हे समाजाचे ब्रीदवाक्य आहे. धनगर समाजामध्ये हा सगळ्या धनगरांच्या देवळात ''भंडारा'' उधळला जातो. ही लोक धनगरी ओवी गातात व गजी नृत्य केले जाते.<ref>{{जर्नल स्रोत|last=-|first=श्री.दिपक संभाजी माने|last2=-|first2=प्रा.डॉ. विजय विष्णू पाडळकर|date=2024-04-30|title=धनगर समाज : प्रथा आणि परंपरा|url=https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|journal=International Journal For Multidisciplinary Research|volume=6|issue=2|doi=10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|issn=2582-2160}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:हिंदू धर्मामधील जाती]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील मागासवर्गीय जाती]] dlhqphh32tgba8jeqmdajk78gkn4pon 2710882 2710881 2026-09-20T04:55:22Z संतोष गोरे 135680 2710882 wikitext text/x-wiki '''धनगर''' ही एक जात किंवा कुळ असून, या जातीचे लोक [[भारत|भारतातील]] [[महाराष्ट्र]], उत्तर [[कर्नाटक]], [[गोवा]] आणि [[मध्य प्रदेश]] या राज्यांमध्ये आढळतात. उत्तर महाराष्ट्रात ([[खानदेश|खानदेश परिसर]]) आणि भारताच्या [[पश्चिम घाट|पश्चिम घाटातील]] जंगलाच्छादित डोंगराळ प्रदेशांमध्ये त्यांना 'गवळी धनगर' असे म्हटले जाते.<ref name="Malhotra 1982">{{cite journal |last=Malhotra |first=K. C. |date=March 1982 |title=Ecology of a pastoral caste: Gavli Dhangars of peninsular India |url=http://library.isical.ac.in:8080/xmlui/bitstream/handle/10263/1447/HE-10-1-1982-P107-143.pdf |journal=Human Ecology |volume=10 |issue=1 |pages=107–143 |doi=10.1007/BF01531107 |s2cid=154253698}}</ref><ref>{{cite news |author=<!--Staff writer(s); no by-line.--> |title=Govt gives another push to get ST tag for Dhangar-Gouly |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/78005762.cms |work=The Times of India |via=Associated Press |date=2020-09-09 |access-date=2020-09-09}}</ref><ref name="Malhotra 2001" />{{sfnp|Shashi|2011|p=47}} महाराष्ट्रात [[गवळी]]ंच्या अनेक वेगवेगळ्या जाती आहेत, त्यापैकी धनगर गवळी ही एक जात आहे.{{sfnp|Rao|1979|p=129}}{{sfnp|Enthoven|1990|p=368}}{{sfnp|Feldhaus|1989|p=101}} [[File:Dhangar धनगर.jpg|thumb]], [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर जमात ही आदिम जमात असून जंगलात, रानावनात, डोंगर-दऱ्या-खोऱ्यात शेळी-मेंढीपालन तसेच शेती करणे ही त्यांची प्रमुख कामे होती. चाऱ्याच्या शोधात ही जमात अविरत भटकंती करत अखंड भारतभर पसरली आहे. मेंढी ही माऊली असून तिचे पालनपोषण करणे आणि त्यापासून मिळणाऱ्या उत्पन्नातून उदरनिर्वाह करणे हे या धनगर जमातीचे पुर्वापारपासून चालत आलेले एक रहाटगाडगे आहे. भुतलावरील लाजरा बुजरा समाज म्हणून धनगर जमातीला ओळखले जाते. गावगाड्यात, गावगाड्यातील राजकारणात, लोकांत न मिसळता परिणामी शेळ्या-मेंढ्यांच्या उदरनिर्वाहासाठी गावापासून दूर वस्ती करून राहणे पसंत करणारी ही आदिम भटकी जमात आहे. पावसाळा ऋतू संपल्यावर चाऱ्याची कमतरता निर्माण झाल्यावर चाऱ्याच्या शोधात ही जमात आपल्या मेंढ्यांचे कळप घेऊन, गट करून, कुटुंब कबिला (बिऱ्हाड) सोबत घेऊन जिकडे चारा मिळेल तिकडे, काटेकुटे तुडवत, रानावनातून, डोंगर-दऱ्यातून मार्ग काढत दूरपर्यंत शेकडो किलोमीटर अंतर पायदळी तुडवून भटकंती करतात आणि मृग नक्षत्रात पाऊस पडल्यावर पुन्हा आपापले कळप घेऊन मूळ गावी परततात. पूर्वी भटकंती करण्याठी इतरत्र गेलेली ही जमात जिथे सोयिस्कर वाटेल तिकडेच स्थायिक होई परंतु त्यांच्याबद्दल सरकार दप्तरी कोणतीही नोंद राहत नव्हती. जिकडे स्थायिक होत तिथे चाऱ्याची उपलब्धता कमी झाली की पुन्हा तेथून आपले बिऱ्हाड घेऊन उदरनिर्वाहासाठी दुसऱ्या गावाला पायपीट करत जात आणि जिकडे शेळ्या-मेंढ्यांच्या चाऱ्याची उपलब्धता असेल तिकडे स्थायिक होत. == इतिहास == {{बदल}} [[अहिल्याबाई होळकर]] (३१ मे, १७२५ - १३ ऑगस्ट, १७९५, राज्यकालावधी इ.स. १७६७ - इ.स. १७९५) या भारतातील, [[माळवा|माळव्याच्या]] '''तत्त्वज्ञानी महाराणी''' म्हणून ओळखल्या जातात. त्यांनी [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] तीरी, [[इंदूर|इंदूरच्या]] दक्षिणेस असलेल्या [[महेश्वर (मध्य प्रदेश)|महेश्वर]] या ठिकाणी आपली राजधानी हलविली. [[मल्हारराव होळकर]] यांनी त्यांना प्रशासकीय व सैन्याच्या कामात पारंगत केलेल होते. त्या आधाराने अहिल्याबाईंनी इ.स. १७६६ ते इ.स. १७९५, म्हणजे त्यांच्या मृत्यूपर्यंत माळव्यावर राज्य केले होते. पुण्यश्लोक [[अहिल्याबाई होळकर]] यांचा जन्म ३१ मे इ.स. १७२५ रोजी महाराष्ट्राच्या [[अहिल्यानगर जिल्हा|अहमदनगर जिल्ह्यातील]] [[जामखेड तालुका|जामखेड तालुक्यातील]] [[चोंडी]] (मल्हारपीठ) खेड्यात झाला. त्यांचे वडील [[माणकोजी शिंदे]] हे त्या गावचे पाटील होते. स्त्रीशिक्षण फारसे प्रचलित नसतानाही त्यांच्या वडिलांनी त्यांना लिहिण्यावाचण्यास शिकवले होते. [[मल्हारराव होळकर]] [[पुणे|पुण्यास]] जाताना चोंडीस थांबले होते. आख्यायिकेनुसार, ८ वर्षाच्या अहिल्याबाईंना, मल्हाररावांनी एका देवळात बघितले. मुलगी आवडल्यामुळे त्यांनी तिला, स्वतःचा मुलगा [[खंडेराव होळकर|खंडेराव]] याची वधू म्हणून आणले. अहिल्याबाई होळकर या उचित न्यायदानासाठी प्रसिद्ध होत्या. त्यांनी भारतभरात अनेक हिंदू मंदिरे व नदीघाट बांधले, यवढच नाही तर त्यानी लोकांना रोजगार निर्माण व्हावा म्हणून औद्योगिक धोरण आखंल प्रसिंध हिंदू मंदिराचा त्यांनी जीर्णोद्धार केला; महेश्वर व इंदूर या गावांना सुंदर बनवले. त्या अनेक देवळांच्या आश्रयदात्या होत्या. त्यांनी अनेक तीर्थक्षेत्री धर्मशाळांचे बांधकाम केले. त्यांत [[द्वारका]], [[वाराणसी]], [[उज्जैन]], [[नाशिक]] व [[वैजनाथ मंदिर|परळी वैजनाथ]] यांचा प्रामुख्याने समावेश आहे. [[वेरावळ]] येथील सोमनाथचे [[गझनीच्या महंमदा|गझनीच्या महंमदाने]] ध्वस्त केलेले देऊळ बघून अहिल्यादेवींनी शेजारीच एक शंकराचे एक देऊळ बांधले. [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथला]] जाणारे लोक या देवळालाही भेट देतात. अहिल्यादेवींना प्रजेस कल्याणकारी असे काम करण्याची आवड होती. इंग्रजी लेखक लॉरेन्स यांनी अहिल्यादेवी होळकर, यांना भारताच्या "कॅथरीन द ग्रेट, एलिझाबेथ मार्गारेट" असे म्हणले आहे.[१] थोडक्यात अहिल्यादेवी यांची तुलना रशियाची राणी कॅथरीन द ग्रेट, इंग्लंडची राणी एलिझाबेथ तसेच डेन्मार्कची राणी मार्गारेट यांच्याशी एकत्रित केली आहे. त्याने म्हटले आहे की, ज्या वेळेस जगातील सर्वात महान स्त्रियांचा इतिहास लिहिला जाईल त्या वेळेस पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचे नाव सर्व प्रथम लिहिला जाईल.{{संदर्भयादी}} == संस्कृती == [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर समाजातील लोक हे हातात कुऱ्हाड, पाठीवर घोंगड, हातात कड, [[कोल्हापुरी चपला]] वापरतात. '''जय मल्हार''' ''यळकोट यळकोट जय मल्हार'', '''बिरोबाच्या नावानं चांगभलं''' हे समाजाचे ब्रीदवाक्य आहे. धनगर समाजामध्ये हा सगळ्या धनगरांच्या देवळात ''भंडारा'' उधळला जातो. ही लोक धनगरी ओवी गातात व गजी नृत्य केले जाते.<ref>{{जर्नल स्रोत|last=-|first=श्री.दिपक संभाजी माने|last2=-|first2=प्रा.डॉ. विजय विष्णू पाडळकर|date=2024-04-30|title=धनगर समाज : प्रथा आणि परंपरा|url=https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|journal=International Journal For Multidisciplinary Research|volume=6|issue=2|doi=10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|issn=2582-2160}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:हिंदू धर्मामधील जाती]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील मागासवर्गीय जाती]] 31h9tc3dysval36rqf07mb0q3djch7b 2710883 2710882 2026-09-20T04:55:44Z संतोष गोरे 135680 2710883 wikitext text/x-wiki '''धनगर''' ही एक जात किंवा कुळ असून, या जातीचे लोक [[भारत|भारतातील]] [[महाराष्ट्र]], उत्तर [[कर्नाटक]], [[गोवा]] आणि [[मध्य प्रदेश]] या राज्यांमध्ये आढळतात. उत्तर महाराष्ट्रात ([[खानदेश|खानदेश परिसर]]) आणि भारताच्या [[पश्चिम घाट|पश्चिम घाटातील]] जंगलाच्छादित डोंगराळ प्रदेशांमध्ये त्यांना 'गवळी धनगर' असे म्हटले जाते.<ref name="Malhotra 1982">{{cite journal |last=Malhotra |first=K. C. |date=March 1982 |title=Ecology of a pastoral caste: Gavli Dhangars of peninsular India |url=http://library.isical.ac.in:8080/xmlui/bitstream/handle/10263/1447/HE-10-1-1982-P107-143.pdf |journal=Human Ecology |volume=10 |issue=1 |pages=107–143 |doi=10.1007/BF01531107 |s2cid=154253698}}</ref><ref>{{cite news |author=<!--Staff writer(s); no by-line.--> |title=Govt gives another push to get ST tag for Dhangar-Gouly |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/78005762.cms |work=The Times of India |via=Associated Press |date=2020-09-09 |access-date=2020-09-09}}</ref><ref name="Malhotra 2001" />{{sfnp|Shashi|2011|p=47}} महाराष्ट्रात [[गवळी]]ंच्या अनेक वेगवेगळ्या जाती आहेत, त्यापैकी धनगर गवळी ही एक जात आहे.{{sfnp|Rao|1979|p=129}}{{sfnp|Enthoven|1990|p=368}}{{sfnp|Feldhaus|1989|p=101}} [[File:Dhangar धनगर.jpg|thumb]], [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर जमात ही आदिम जमात असून जंगलात, रानावनात, डोंगर-दऱ्या-खोऱ्यात शेळी-मेंढीपालन तसेच शेती करणे ही त्यांची प्रमुख कामे होती. चाऱ्याच्या शोधात ही जमात अविरत भटकंती करत अखंड भारतभर पसरली आहे. मेंढी ही माऊली असून तिचे पालनपोषण करणे आणि त्यापासून मिळणाऱ्या उत्पन्नातून उदरनिर्वाह करणे हे या धनगर जमातीचे पुर्वापारपासून चालत आलेले एक रहाटगाडगे आहे. भुतलावरील लाजरा बुजरा समाज म्हणून धनगर जमातीला ओळखले जाते. गावगाड्यात, गावगाड्यातील राजकारणात, लोकांत न मिसळता परिणामी शेळ्या-मेंढ्यांच्या उदरनिर्वाहासाठी गावापासून दूर वस्ती करून राहणे पसंत करणारी ही आदिम भटकी जमात आहे. पावसाळा ऋतू संपल्यावर चाऱ्याची कमतरता निर्माण झाल्यावर चाऱ्याच्या शोधात ही जमात आपल्या मेंढ्यांचे कळप घेऊन, गट करून, कुटुंब कबिला (बिऱ्हाड) सोबत घेऊन जिकडे चारा मिळेल तिकडे, काटेकुटे तुडवत, रानावनातून, डोंगर-दऱ्यातून मार्ग काढत दूरपर्यंत शेकडो किलोमीटर अंतर पायदळी तुडवून भटकंती करतात आणि मृग नक्षत्रात पाऊस पडल्यावर पुन्हा आपापले कळप घेऊन मूळ गावी परततात. पूर्वी भटकंती करण्याठी इतरत्र गेलेली ही जमात जिथे सोयिस्कर वाटेल तिकडेच स्थायिक होई परंतु त्यांच्याबद्दल सरकार दप्तरी कोणतीही नोंद राहत नव्हती. जिकडे स्थायिक होत तिथे चाऱ्याची उपलब्धता कमी झाली की पुन्हा तेथून आपले बिऱ्हाड घेऊन उदरनिर्वाहासाठी दुसऱ्या गावाला पायपीट करत जात आणि जिकडे शेळ्या-मेंढ्यांच्या चाऱ्याची उपलब्धता असेल तिकडे स्थायिक होत. == इतिहास == {{बदल}} [[अहिल्याबाई होळकर]] (३१ मे, १७२५ - १३ ऑगस्ट, १७९५, राज्यकालावधी इ.स. १७६७ - इ.स. १७९५) या भारतातील, [[माळवा|माळव्याच्या]] '''तत्त्वज्ञानी महाराणी''' म्हणून ओळखल्या जातात. त्यांनी [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] तीरी, [[इंदूर|इंदूरच्या]] दक्षिणेस असलेल्या [[महेश्वर (मध्य प्रदेश)|महेश्वर]] या ठिकाणी आपली राजधानी हलविली. [[मल्हारराव होळकर]] यांनी त्यांना प्रशासकीय व सैन्याच्या कामात पारंगत केलेल होते. त्या आधाराने अहिल्याबाईंनी इ.स. १७६६ ते इ.स. १७९५, म्हणजे त्यांच्या मृत्यूपर्यंत माळव्यावर राज्य केले होते. पुण्यश्लोक [[अहिल्याबाई होळकर]] यांचा जन्म ३१ मे इ.स. १७२५ रोजी महाराष्ट्राच्या [[अहिल्यानगर जिल्हा|अहमदनगर जिल्ह्यातील]] [[जामखेड तालुका|जामखेड तालुक्यातील]] [[चोंडी]] (मल्हारपीठ) खेड्यात झाला. त्यांचे वडील [[माणकोजी शिंदे]] हे त्या गावचे पाटील होते. स्त्रीशिक्षण फारसे प्रचलित नसतानाही त्यांच्या वडिलांनी त्यांना लिहिण्यावाचण्यास शिकवले होते. [[मल्हारराव होळकर]] [[पुणे|पुण्यास]] जाताना चोंडीस थांबले होते. आख्यायिकेनुसार, ८ वर्षाच्या अहिल्याबाईंना, मल्हाररावांनी एका देवळात बघितले. मुलगी आवडल्यामुळे त्यांनी तिला, स्वतःचा मुलगा [[खंडेराव होळकर|खंडेराव]] याची वधू म्हणून आणले. अहिल्याबाई होळकर या उचित न्यायदानासाठी प्रसिद्ध होत्या. त्यांनी भारतभरात अनेक हिंदू मंदिरे व नदीघाट बांधले, यवढच नाही तर त्यानी लोकांना रोजगार निर्माण व्हावा म्हणून औद्योगिक धोरण आखंल प्रसिंध हिंदू मंदिराचा त्यांनी जीर्णोद्धार केला; महेश्वर व इंदूर या गावांना सुंदर बनवले. त्या अनेक देवळांच्या आश्रयदात्या होत्या. त्यांनी अनेक तीर्थक्षेत्री धर्मशाळांचे बांधकाम केले. त्यांत [[द्वारका]], [[वाराणसी]], [[उज्जैन]], [[नाशिक]] व [[वैजनाथ मंदिर|परळी वैजनाथ]] यांचा प्रामुख्याने समावेश आहे. [[वेरावळ]] येथील सोमनाथचे [[गझनीच्या महंमदा|गझनीच्या महंमदाने]] ध्वस्त केलेले देऊळ बघून अहिल्यादेवींनी शेजारीच एक शंकराचे एक देऊळ बांधले. [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथला]] जाणारे लोक या देवळालाही भेट देतात. अहिल्यादेवींना प्रजेस कल्याणकारी असे काम करण्याची आवड होती. इंग्रजी लेखक लॉरेन्स यांनी अहिल्यादेवी होळकर, यांना भारताच्या "कॅथरीन द ग्रेट, एलिझाबेथ मार्गारेट" असे म्हणले आहे.[१] थोडक्यात अहिल्यादेवी यांची तुलना रशियाची राणी कॅथरीन द ग्रेट, इंग्लंडची राणी एलिझाबेथ तसेच डेन्मार्कची राणी मार्गारेट यांच्याशी एकत्रित केली आहे. त्याने म्हटले आहे की, ज्या वेळेस जगातील सर्वात महान स्त्रियांचा इतिहास लिहिला जाईल त्या वेळेस पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचे नाव सर्व प्रथम लिहिला जाईल.{{संदर्भ हवा}} == संस्कृती == [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर समाजातील लोक हे हातात कुऱ्हाड, पाठीवर घोंगड, हातात कड, [[कोल्हापुरी चपला]] वापरतात. '''जय मल्हार''' ''यळकोट यळकोट जय मल्हार'', '''बिरोबाच्या नावानं चांगभलं''' हे समाजाचे ब्रीदवाक्य आहे. धनगर समाजामध्ये हा सगळ्या धनगरांच्या देवळात ''भंडारा'' उधळला जातो. ही लोक धनगरी ओवी गातात व गजी नृत्य केले जाते.<ref>{{जर्नल स्रोत|last=-|first=श्री.दिपक संभाजी माने|last2=-|first2=प्रा.डॉ. विजय विष्णू पाडळकर|date=2024-04-30|title=धनगर समाज : प्रथा आणि परंपरा|url=https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|journal=International Journal For Multidisciplinary Research|volume=6|issue=2|doi=10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|issn=2582-2160}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:हिंदू धर्मामधील जाती]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील मागासवर्गीय जाती]] 7gsbzccybb2ryuhs9cwm5xcx1g7dfhl 2710884 2710883 2026-09-20T04:57:52Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2710884 wikitext text/x-wiki '''धनगर''' ही एक जात किंवा कुळ असून, या जातीचे लोक [[भारत|भारतातील]] [[महाराष्ट्र]], उत्तर [[कर्नाटक]], [[गोवा]] आणि [[मध्य प्रदेश]] या राज्यांमध्ये आढळतात. उत्तर महाराष्ट्रात ([[खानदेश|खानदेश परिसर]]) आणि भारताच्या [[पश्चिम घाट|पश्चिम घाटातील]] जंगलाच्छादित डोंगराळ प्रदेशांमध्ये त्यांना 'गवळी धनगर' असे म्हटले जाते.<ref name="Malhotra 1982">{{cite journal |last=Malhotra |first=K. C. |date=March 1982 |title=Ecology of a pastoral caste: Gavli Dhangars of peninsular India |url=http://library.isical.ac.in:8080/xmlui/bitstream/handle/10263/1447/HE-10-1-1982-P107-143.pdf |journal=Human Ecology |volume=10 |issue=1 |pages=107–143 |doi=10.1007/BF01531107 |s2cid=154253698}}</ref><ref>{{cite news |author=<!--Staff writer(s); no by-line.--> |title=Govt gives another push to get ST tag for Dhangar-Gouly |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/78005762.cms |work=The Times of India |via=Associated Press |date=2020-09-09 |access-date=2020-09-09}}</ref><ref name="Malhotra 2001">{{cite journal |title=Patterns of Variation in a Caste-Cluster of Dhangars of Maharashtra, India| url=https://hrcak.srce.hr/file/44612 |first=K. C. |last=Malhotra |journal=Collegium Antropologicum |volume=25 |issue=2 |date=Dec 2001 |pages=425–42 |pmid=11811272}}</ref>>{{sfnp|Shashi|2011|p=47}} महाराष्ट्रात [[गवळी]]ंच्या अनेक वेगवेगळ्या जाती आहेत, त्यापैकी धनगर गवळी ही एक जात आहे.{{sfnp|Rao|1979|p=129}}{{sfnp|Enthoven|1990|p=368}}{{sfnp|Feldhaus|1989|p=101}} [[File:Dhangar धनगर.jpg|thumb]], [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर जमात ही आदिम जमात असून जंगलात, रानावनात, डोंगर-दऱ्या-खोऱ्यात शेळी-मेंढीपालन तसेच शेती करणे ही त्यांची प्रमुख कामे होती. चाऱ्याच्या शोधात ही जमात अविरत भटकंती करत अखंड भारतभर पसरली आहे. मेंढी ही माऊली असून तिचे पालनपोषण करणे आणि त्यापासून मिळणाऱ्या उत्पन्नातून उदरनिर्वाह करणे हे या धनगर जमातीचे पुर्वापारपासून चालत आलेले एक रहाटगाडगे आहे. भुतलावरील लाजरा बुजरा समाज म्हणून धनगर जमातीला ओळखले जाते. गावगाड्यात, गावगाड्यातील राजकारणात, लोकांत न मिसळता परिणामी शेळ्या-मेंढ्यांच्या उदरनिर्वाहासाठी गावापासून दूर वस्ती करून राहणे पसंत करणारी ही आदिम भटकी जमात आहे. पावसाळा ऋतू संपल्यावर चाऱ्याची कमतरता निर्माण झाल्यावर चाऱ्याच्या शोधात ही जमात आपल्या मेंढ्यांचे कळप घेऊन, गट करून, कुटुंब कबिला (बिऱ्हाड) सोबत घेऊन जिकडे चारा मिळेल तिकडे, काटेकुटे तुडवत, रानावनातून, डोंगर-दऱ्यातून मार्ग काढत दूरपर्यंत शेकडो किलोमीटर अंतर पायदळी तुडवून भटकंती करतात आणि मृग नक्षत्रात पाऊस पडल्यावर पुन्हा आपापले कळप घेऊन मूळ गावी परततात. पूर्वी भटकंती करण्याठी इतरत्र गेलेली ही जमात जिथे सोयिस्कर वाटेल तिकडेच स्थायिक होई परंतु त्यांच्याबद्दल सरकार दप्तरी कोणतीही नोंद राहत नव्हती. जिकडे स्थायिक होत तिथे चाऱ्याची उपलब्धता कमी झाली की पुन्हा तेथून आपले बिऱ्हाड घेऊन उदरनिर्वाहासाठी दुसऱ्या गावाला पायपीट करत जात आणि जिकडे शेळ्या-मेंढ्यांच्या चाऱ्याची उपलब्धता असेल तिकडे स्थायिक होत. == इतिहास == {{बदल}} [[अहिल्याबाई होळकर]] (३१ मे, १७२५ - १३ ऑगस्ट, १७९५, राज्यकालावधी इ.स. १७६७ - इ.स. १७९५) या भारतातील, [[माळवा|माळव्याच्या]] '''तत्त्वज्ञानी महाराणी''' म्हणून ओळखल्या जातात. त्यांनी [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] तीरी, [[इंदूर|इंदूरच्या]] दक्षिणेस असलेल्या [[महेश्वर (मध्य प्रदेश)|महेश्वर]] या ठिकाणी आपली राजधानी हलविली. [[मल्हारराव होळकर]] यांनी त्यांना प्रशासकीय व सैन्याच्या कामात पारंगत केलेल होते. त्या आधाराने अहिल्याबाईंनी इ.स. १७६६ ते इ.स. १७९५, म्हणजे त्यांच्या मृत्यूपर्यंत माळव्यावर राज्य केले होते. पुण्यश्लोक [[अहिल्याबाई होळकर]] यांचा जन्म ३१ मे इ.स. १७२५ रोजी महाराष्ट्राच्या [[अहिल्यानगर जिल्हा|अहमदनगर जिल्ह्यातील]] [[जामखेड तालुका|जामखेड तालुक्यातील]] [[चोंडी]] (मल्हारपीठ) खेड्यात झाला. त्यांचे वडील [[माणकोजी शिंदे]] हे त्या गावचे पाटील होते. स्त्रीशिक्षण फारसे प्रचलित नसतानाही त्यांच्या वडिलांनी त्यांना लिहिण्यावाचण्यास शिकवले होते. [[मल्हारराव होळकर]] [[पुणे|पुण्यास]] जाताना चोंडीस थांबले होते. आख्यायिकेनुसार, ८ वर्षाच्या अहिल्याबाईंना, मल्हाररावांनी एका देवळात बघितले. मुलगी आवडल्यामुळे त्यांनी तिला, स्वतःचा मुलगा [[खंडेराव होळकर|खंडेराव]] याची वधू म्हणून आणले. अहिल्याबाई होळकर या उचित न्यायदानासाठी प्रसिद्ध होत्या. त्यांनी भारतभरात अनेक हिंदू मंदिरे व नदीघाट बांधले, यवढच नाही तर त्यानी लोकांना रोजगार निर्माण व्हावा म्हणून औद्योगिक धोरण आखंल प्रसिंध हिंदू मंदिराचा त्यांनी जीर्णोद्धार केला; महेश्वर व इंदूर या गावांना सुंदर बनवले. त्या अनेक देवळांच्या आश्रयदात्या होत्या. त्यांनी अनेक तीर्थक्षेत्री धर्मशाळांचे बांधकाम केले. त्यांत [[द्वारका]], [[वाराणसी]], [[उज्जैन]], [[नाशिक]] व [[वैजनाथ मंदिर|परळी वैजनाथ]] यांचा प्रामुख्याने समावेश आहे. [[वेरावळ]] येथील सोमनाथचे [[गझनीच्या महंमदा|गझनीच्या महंमदाने]] ध्वस्त केलेले देऊळ बघून अहिल्यादेवींनी शेजारीच एक शंकराचे एक देऊळ बांधले. [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथला]] जाणारे लोक या देवळालाही भेट देतात. अहिल्यादेवींना प्रजेस कल्याणकारी असे काम करण्याची आवड होती. इंग्रजी लेखक लॉरेन्स यांनी अहिल्यादेवी होळकर, यांना भारताच्या "कॅथरीन द ग्रेट, एलिझाबेथ मार्गारेट" असे म्हणले आहे.[१] थोडक्यात अहिल्यादेवी यांची तुलना रशियाची राणी कॅथरीन द ग्रेट, इंग्लंडची राणी एलिझाबेथ तसेच डेन्मार्कची राणी मार्गारेट यांच्याशी एकत्रित केली आहे. त्याने म्हटले आहे की, ज्या वेळेस जगातील सर्वात महान स्त्रियांचा इतिहास लिहिला जाईल त्या वेळेस पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचे नाव सर्व प्रथम लिहिला जाईल.{{संदर्भ हवा}} == संस्कृती == [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर समाजातील लोक हे हातात कुऱ्हाड, पाठीवर घोंगड, हातात कड, [[कोल्हापुरी चपला]] वापरतात. '''जय मल्हार''' ''यळकोट यळकोट जय मल्हार'', '''बिरोबाच्या नावानं चांगभलं''' हे समाजाचे ब्रीदवाक्य आहे. धनगर समाजामध्ये हा सगळ्या धनगरांच्या देवळात ''भंडारा'' उधळला जातो. ही लोक धनगरी ओवी गातात व गजी नृत्य केले जाते.<ref>{{जर्नल स्रोत|last=-|first=श्री.दिपक संभाजी माने|last2=-|first2=प्रा.डॉ. विजय विष्णू पाडळकर|date=2024-04-30|title=धनगर समाज : प्रथा आणि परंपरा|url=https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|journal=International Journal For Multidisciplinary Research|volume=6|issue=2|doi=10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|issn=2582-2160}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:हिंदू धर्मामधील जाती]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील मागासवर्गीय जाती]] sld2h3plyo5p4vr63xr980mkn4fwtsw 2710885 2710884 2026-09-20T04:58:14Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2710885 wikitext text/x-wiki '''धनगर''' ही एक जात किंवा कुळ असून, या जातीचे लोक [[भारत|भारतातील]] [[महाराष्ट्र]], उत्तर [[कर्नाटक]], [[गोवा]] आणि [[मध्य प्रदेश]] या राज्यांमध्ये आढळतात. उत्तर महाराष्ट्रात ([[खानदेश|खानदेश परिसर]]) आणि भारताच्या [[पश्चिम घाट|पश्चिम घाटातील]] जंगलाच्छादित डोंगराळ प्रदेशांमध्ये त्यांना 'गवळी धनगर' असे म्हटले जाते.<ref name="Malhotra 1982">{{cite journal |last=Malhotra |first=K. C. |date=March 1982 |title=Ecology of a pastoral caste: Gavli Dhangars of peninsular India |url=http://library.isical.ac.in:8080/xmlui/bitstream/handle/10263/1447/HE-10-1-1982-P107-143.pdf |journal=Human Ecology |volume=10 |issue=1 |pages=107–143 |doi=10.1007/BF01531107 |s2cid=154253698}}</ref><ref>{{cite news |author=<!--Staff writer(s); no by-line.--> |title=Govt gives another push to get ST tag for Dhangar-Gouly |url=http://timesofindia.indiatimes.com/articleshow/78005762.cms |work=The Times of India |via=Associated Press |date=2020-09-09 |access-date=2020-09-09}}</ref><ref name="Malhotra 2001">{{cite journal |title=Patterns of Variation in a Caste-Cluster of Dhangars of Maharashtra, India| url=https://hrcak.srce.hr/file/44612 |first=K. C. |last=Malhotra |journal=Collegium Antropologicum |volume=25 |issue=2 |date=Dec 2001 |pages=425–42 |pmid=11811272}}</ref>{{sfnp|Shashi|2011|p=47}} महाराष्ट्रात [[गवळी]]ंच्या अनेक वेगवेगळ्या जाती आहेत, त्यापैकी धनगर गवळी ही एक जात आहे.{{sfnp|Rao|1979|p=129}}{{sfnp|Enthoven|1990|p=368}}{{sfnp|Feldhaus|1989|p=101}} [[File:Dhangar धनगर.jpg|thumb]], [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर जमात ही आदिम जमात असून जंगलात, रानावनात, डोंगर-दऱ्या-खोऱ्यात शेळी-मेंढीपालन तसेच शेती करणे ही त्यांची प्रमुख कामे होती. चाऱ्याच्या शोधात ही जमात अविरत भटकंती करत अखंड भारतभर पसरली आहे. मेंढी ही माऊली असून तिचे पालनपोषण करणे आणि त्यापासून मिळणाऱ्या उत्पन्नातून उदरनिर्वाह करणे हे या धनगर जमातीचे पुर्वापारपासून चालत आलेले एक रहाटगाडगे आहे. भुतलावरील लाजरा बुजरा समाज म्हणून धनगर जमातीला ओळखले जाते. गावगाड्यात, गावगाड्यातील राजकारणात, लोकांत न मिसळता परिणामी शेळ्या-मेंढ्यांच्या उदरनिर्वाहासाठी गावापासून दूर वस्ती करून राहणे पसंत करणारी ही आदिम भटकी जमात आहे. पावसाळा ऋतू संपल्यावर चाऱ्याची कमतरता निर्माण झाल्यावर चाऱ्याच्या शोधात ही जमात आपल्या मेंढ्यांचे कळप घेऊन, गट करून, कुटुंब कबिला (बिऱ्हाड) सोबत घेऊन जिकडे चारा मिळेल तिकडे, काटेकुटे तुडवत, रानावनातून, डोंगर-दऱ्यातून मार्ग काढत दूरपर्यंत शेकडो किलोमीटर अंतर पायदळी तुडवून भटकंती करतात आणि मृग नक्षत्रात पाऊस पडल्यावर पुन्हा आपापले कळप घेऊन मूळ गावी परततात. पूर्वी भटकंती करण्याठी इतरत्र गेलेली ही जमात जिथे सोयिस्कर वाटेल तिकडेच स्थायिक होई परंतु त्यांच्याबद्दल सरकार दप्तरी कोणतीही नोंद राहत नव्हती. जिकडे स्थायिक होत तिथे चाऱ्याची उपलब्धता कमी झाली की पुन्हा तेथून आपले बिऱ्हाड घेऊन उदरनिर्वाहासाठी दुसऱ्या गावाला पायपीट करत जात आणि जिकडे शेळ्या-मेंढ्यांच्या चाऱ्याची उपलब्धता असेल तिकडे स्थायिक होत. == इतिहास == {{बदल}} [[अहिल्याबाई होळकर]] (३१ मे, १७२५ - १३ ऑगस्ट, १७९५, राज्यकालावधी इ.स. १७६७ - इ.स. १७९५) या भारतातील, [[माळवा|माळव्याच्या]] '''तत्त्वज्ञानी महाराणी''' म्हणून ओळखल्या जातात. त्यांनी [[नर्मदा नदी|नर्मदा]] तीरी, [[इंदूर|इंदूरच्या]] दक्षिणेस असलेल्या [[महेश्वर (मध्य प्रदेश)|महेश्वर]] या ठिकाणी आपली राजधानी हलविली. [[मल्हारराव होळकर]] यांनी त्यांना प्रशासकीय व सैन्याच्या कामात पारंगत केलेल होते. त्या आधाराने अहिल्याबाईंनी इ.स. १७६६ ते इ.स. १७९५, म्हणजे त्यांच्या मृत्यूपर्यंत माळव्यावर राज्य केले होते. पुण्यश्लोक [[अहिल्याबाई होळकर]] यांचा जन्म ३१ मे इ.स. १७२५ रोजी महाराष्ट्राच्या [[अहिल्यानगर जिल्हा|अहमदनगर जिल्ह्यातील]] [[जामखेड तालुका|जामखेड तालुक्यातील]] [[चोंडी]] (मल्हारपीठ) खेड्यात झाला. त्यांचे वडील [[माणकोजी शिंदे]] हे त्या गावचे पाटील होते. स्त्रीशिक्षण फारसे प्रचलित नसतानाही त्यांच्या वडिलांनी त्यांना लिहिण्यावाचण्यास शिकवले होते. [[मल्हारराव होळकर]] [[पुणे|पुण्यास]] जाताना चोंडीस थांबले होते. आख्यायिकेनुसार, ८ वर्षाच्या अहिल्याबाईंना, मल्हाररावांनी एका देवळात बघितले. मुलगी आवडल्यामुळे त्यांनी तिला, स्वतःचा मुलगा [[खंडेराव होळकर|खंडेराव]] याची वधू म्हणून आणले. अहिल्याबाई होळकर या उचित न्यायदानासाठी प्रसिद्ध होत्या. त्यांनी भारतभरात अनेक हिंदू मंदिरे व नदीघाट बांधले, यवढच नाही तर त्यानी लोकांना रोजगार निर्माण व्हावा म्हणून औद्योगिक धोरण आखंल प्रसिंध हिंदू मंदिराचा त्यांनी जीर्णोद्धार केला; महेश्वर व इंदूर या गावांना सुंदर बनवले. त्या अनेक देवळांच्या आश्रयदात्या होत्या. त्यांनी अनेक तीर्थक्षेत्री धर्मशाळांचे बांधकाम केले. त्यांत [[द्वारका]], [[वाराणसी]], [[उज्जैन]], [[नाशिक]] व [[वैजनाथ मंदिर|परळी वैजनाथ]] यांचा प्रामुख्याने समावेश आहे. [[वेरावळ]] येथील सोमनाथचे [[गझनीच्या महंमदा|गझनीच्या महंमदाने]] ध्वस्त केलेले देऊळ बघून अहिल्यादेवींनी शेजारीच एक शंकराचे एक देऊळ बांधले. [[सोमनाथ मंदिर|सोमनाथला]] जाणारे लोक या देवळालाही भेट देतात. अहिल्यादेवींना प्रजेस कल्याणकारी असे काम करण्याची आवड होती. इंग्रजी लेखक लॉरेन्स यांनी अहिल्यादेवी होळकर, यांना भारताच्या "कॅथरीन द ग्रेट, एलिझाबेथ मार्गारेट" असे म्हणले आहे.[१] थोडक्यात अहिल्यादेवी यांची तुलना रशियाची राणी कॅथरीन द ग्रेट, इंग्लंडची राणी एलिझाबेथ तसेच डेन्मार्कची राणी मार्गारेट यांच्याशी एकत्रित केली आहे. त्याने म्हटले आहे की, ज्या वेळेस जगातील सर्वात महान स्त्रियांचा इतिहास लिहिला जाईल त्या वेळेस पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर यांचे नाव सर्व प्रथम लिहिला जाईल.{{संदर्भ हवा}} == संस्कृती == [[File:आम्ही धनगर.png|thumb|धनगर वेशभूषा संस्कृती आणि परंपरा]] धनगर समाजातील लोक हे हातात कुऱ्हाड, पाठीवर घोंगड, हातात कड, [[कोल्हापुरी चपला]] वापरतात. '''जय मल्हार''' ''यळकोट यळकोट जय मल्हार'', '''बिरोबाच्या नावानं चांगभलं''' हे समाजाचे ब्रीदवाक्य आहे. धनगर समाजामध्ये हा सगळ्या धनगरांच्या देवळात ''भंडारा'' उधळला जातो. ही लोक धनगरी ओवी गातात व गजी नृत्य केले जाते.<ref>{{जर्नल स्रोत|last=-|first=श्री.दिपक संभाजी माने|last2=-|first2=प्रा.डॉ. विजय विष्णू पाडळकर|date=2024-04-30|title=धनगर समाज : प्रथा आणि परंपरा|url=https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|journal=International Journal For Multidisciplinary Research|volume=6|issue=2|doi=10.36948/ijfmr.2024.v06i02.19090|issn=2582-2160}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:हिंदू धर्मामधील जाती]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील मागासवर्गीय जाती]] bb2dojfif30svram4hu1ktpvo6cvqvb ऑगस्ट १४ 0 11652 2710746 2706517 2026-09-19T13:35:07Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710746 wikitext text/x-wiki {{ऑगस्ट दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|ऑगस्ट|१४|२२५|२२६}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === अकरावे शतक === * [[इ.स. १०४०|१०४०]] - [[मॅकबेथ, स्कॉटलंड|मॅकबेथने]] [[स्कॉटलंड]]चा राजा [[डंकन पहिला, स्कॉटलंड|डंकन पहिल्याची]] हत्या केली. <ref>{{cite web |title=Macbeth, King of Scots |url=https://www.britannica.com/biography/Macbeth-king-of-Scots |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> [[शेक्सपियर]]ने लिहिलेल्या [[मॅकबेथ नाटक|मॅकबेथ नाटकातील]] प्रमुख पात्र यावर आधारित आहे. === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८४०|१८४०]] - [[दुसरे सेमिनोल युद्ध]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेतील]] [[सेमिनोल]] जमातीचा पराभव व [[फ्लोरिडा]]तून [[ओक्लाहोमा]] येथे सक्तीचे स्थलांतर.<ref>{{cite web |title=The Second Seminole War |url=https://www.flmnh.ufl.edu/ |publisher=Florida Museum |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १८४८|१८४८]] - [[ओरेगन|ओरेगॉनला]] [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेचा]] प्रांत म्हणून मान्यता.<ref>{{cite web |title=Oregon Territory established |url=https://www.history.com/this-day-in-history/oregon-territory-established |publisher=History.com |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९१२|१९१२]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] सैन्याने [[निकाराग्वा]]वर आक्रमण केले.<ref>{{cite web |title=U.S. Occupation of Nicaragua |url=https://history.state.gov/milestones/1921-1936/nicaragua |publisher=U.S. Department of State |access-date=२०२६-०८-१३ }}{{मृत दुवा|date=August 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * [[इ.स. १९२१|१९२१]] - [[तन्नु तुव्हा]] या राष्ट्राची रचना.<ref>{{cite web |title=Tannu Tuva Republic |url=https://www.britannica.com/place/Tuva |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[जपान]]ने [[दोस्त राष्ट्रे|दोस्त राष्ट्रांची]] शरणागतीची कलमे मान्य केली.<ref>{{cite news |title=Japan Surrenders |url=https://www.archives.gov/milestone-documents/surrender-of-japan |work=U.S. National Archives |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९४७|१९४७]] - [[पाकिस्तान]]ला [[युनायटेड किंग्डम]]पासून स्वातंत्र्य.<ref>{{cite news |title=Pakistan Independence Day |url=https://www.bbc.com/news/world-asia-40915356 |work=BBC News |access-date=२०२६-०८-१३ }}{{मृत दुवा|date=August 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * [[इ.स. १९७१|१९७१]] - [[बहरैन]]ला [[युनायटेड किंग्डम]]पासून स्वातंत्र्य.<ref>{{cite web |title=Bahrain Independence |url=https://www.britannica.com/place/Bahrain/History |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९७२|१९७२]] - [[पूर्व जर्मनी]]चे [[आय.एल. ६२]] प्रकारचे विमान [[पूर्व बर्लिन]]च्या विमानतळावर कोसळले; १५६ ठार.<ref>{{cite web |title=1972 Königs Wusterhausen air disaster |url=https://aviation-safety.net/database/record.php?id=19720814-0 |publisher=Aviation Safety Network |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९८०|१९८०]] - [[लेक वालेंसा]]ने [[ग्डान्स्क जहाजबांधणी केंद्र|ग्डान्स्क जहाजबांधणी केंद्रातील]] संप पुकारला.<ref>{{cite news |title=1980: Gdansk shipyard strike ends |url=http://news.bbc.co.uk/onthisday/hi/dates/stories/august/31/newsid_2536000/2536371.stm |work=BBC On This Day |access-date=२०२६-०८-१३ }}{{मृत दुवा|date=August 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * [[इ.स. १९९४|१९९४]] - [[इलिच रामिरेझ सांचेझ]] तथा ''कार्लोस द जॅकल'' पकडला गेला.<ref>{{cite news |title=Carlos the Jackal captured in Sudan |url=https://www.nytimes.com/1994/08/16/world/carlos-the-jackal-is-captured-in-sudan.html |work=The New York Times |date=१९९४-०८-१६ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००५|२००५]] - [[हेलियोस एरवेझ फ्लाइट ५२२]] हे [[बोईंग ७३७]] प्रकारचे विमान [[अथेन्स]] जवळ कोसळले; १२१ ठार.<ref>{{cite web |title=Helios Airways Flight 522 accident report |url=https://aviation-safety.net/database/record.php?id=20050814-0 |publisher=Aviation Safety Network |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. २००६|२००६]] - [[इस्रायल|इस्रायेल]] व [[लेबेनॉन]]मध्ये युद्धबंदी लागू.<ref>{{cite news |title=Lebanon ceasefire comes into effect |url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/middle_east/4789823.stm |work=BBC News |date=२००६-०८-१४ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. १२९७|१२९७]] - [[गो-हानाझोनो|हानाझोनो]], [[:वर्ग:जपानी सम्राट|जपानी सम्राट]].<ref>{{cite web |title=Emperor Hanazono |url=https://www.britannica.com/biography/Hanazono |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १६८८|१६८८]] - [[फ्रेडरिक विल्यम पहिला, रशिया|फ्रेडरिक विल्यम पहिला]], [[प्रशिया]]चा राजा.<ref>{{cite web |title=Frederick William I |url=https://www.britannica.com/biography/Frederick-William-I-king-of-Prussia |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १७४०|१७४०]] - [[पोप पायस सातवा]].<ref>{{cite web |title=Pope Pius VII |url=https://www.vatican.va/ |publisher=Vatican.va |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १७७१|१७७१]] - सर [[वॉल्टर स्कॉट]], [[:वर्ग:इंग्लिश लेखक|इंग्लिश ऐतिहासिक कादंबरीकार]].<ref>{{cite book |last=Lockhart |first=J. G. |title=Memoirs of the Life of Sir Walter Scott |url=https://archive.org/details/memoirsoflifeofs07lockuoft |publisher=R. Cadell |year=1837}}</ref> * [[इ.स. १७७७|१७७७]] - [[फ्रांसिस पहिला, सिसिली|फ्रांसिस पहिला]], [[दोन सिसिलींचे राज्य|दोन सिसिलींचा]] राजा.<ref>{{cite web |title=Francis I of the Two Sicilies |url=https://www.britannica.com/biography/Francis-I-king-of-the-Two-Sicilies |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १८७६|१८७६]] - [[अलेक्झांडर ओब्रेनोविच, सर्बिया|अलेक्झांडर ओब्रेनोविच]], [[सर्बिया]]चा राजा.<ref>{{cite web |title=Alexander I of Serbia |url=https://www.britannica.com/biography/Alexander-I-king-of-Serbia |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १८९३|१८९३]] - [[ऑस्कार चार्ल्स स्कॉट]], [[:वर्ग:वेस्ट इंडीजचे क्रिकेट खेळाडू|वेस्ट इंडीजचा क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Oscar Scott Profile |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/oscar-scott-52926 |publisher=ESPNcricinfo |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १८९५|१८९५]] - [[जॅक ग्रेगरी]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Jack Gregory Profile |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/jack-gregory-5421 |publisher=ESPNcricinfo |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९०९|१९०९]] - [[लेन डार्लिंग]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Len Darling Profile |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/len-darling-4886 |publisher=ESPNcricinfo |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९११|१९११]] - [[वेदतिरी महारिषी]], भारतीय तत्त्वज्ञानी.<ref>{{cite web |title=Vethathiri Maharishi Biography |url=https://www.vethathiri.edu.in/ |publisher=Vethathiri Maharishi Institute |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९२५|१९२५]] - [[जयवंत दळवी]], [[:वर्ग:मराठी लेखक|मराठी लेखक]], नाटककार.<ref>{{cite web |title=जयवंत दळवी |url=https://marathivishwakosh.org/ |publisher=मराठी विश्वकोश |access-date=२०२६-०८-१३ |archive-date=2019-11-02 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191102022302/https://marathivishwakosh.org/ |url-status=dead }}</ref> * [[इ.स. १९६२|१९६२]] - [[रमीझ राजा]], [[:वर्ग:पाकिस्तानचे पुरूष क्रिकेट खेळाडू|पाकिस्तानी क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Ramiz Raja Profile |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/ramiz-raja-42618 |publisher=ESPNcricinfo |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९६६|१९६६]] - [[सईद आझाद]], [[:वर्ग:पाकिस्तानचे पुरूष क्रिकेट खेळाडू|पाकिस्तानी क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Saeed Azad Profile |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/saeed-azad-42866 |publisher=ESPNcricinfo |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९६८|१९६८]] - [[प्रवीण आम्रे]], [[:वर्ग:भारतातील पुरूष क्रिकेट खेळाडू|भारतीय क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Pravin Amre Profile |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/pravin-amre-26218 |publisher=ESPNcricinfo |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९७१|१९७१]] - [[प्रमोद्य विक्रमसिंगे|प्रमोद विक्रमसिंगे]], [[:वर्ग:श्रीलंकेचे क्रिकेट खेळाडू|श्रीलंकेचा क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Pramodya Wickramasinghe Profile |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/pramodya-wickramasinghe-50828 |publisher=ESPNcricinfo |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. ५८२|५८२]] - [[तिबेरियस दुसरा कॉन्स्टन्टाईन]], बायझेन्टाईन सम्राट.<ref>{{cite web |title=Tiberius II Constantine |url=https://www.britannica.com/biography/Tiberius-II-Constantine |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १४३३|१४३३]] - [[होआव पहिला, पोर्तुगाल|होआव पहिला]], [[पोर्तुगाल]]चा राजा.<ref>{{cite web |title=John I of Portugal |url=https://www.britannica.com/biography/John-I-king-of-Portugal |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १४६४|१४६४]] - [[पोप पायस दुसरा]].<ref>{{cite web |title=Pope Pius II |url=https://www.britannica.com/biography/Pius-II |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९३८|१९३८]] - [[ह्यू ट्रंबल]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Hugh Trumble Profile |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/hugh-trumble-7977 |publisher=ESPNcricinfo |access-date=२०२६-०eighth-13}}</ref> * [[इ.स. १९८४|१९८४]] - [[खाशाबा जाधव]], भारतीय [[:वर्ग:कुस्तीगीर|कुस्तीगीर]].<ref>{{cite news |title=Khashaba Dadasaheb Jadhav Profile |url=https://olympics.com/en/athletes/khashaba-jadhav |work=Olympics.com |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. १९८८|१९८८]] - [[आंझो फेरारी]], इटालियन कार उत्पादक.<ref>{{cite news |title=Enzo Ferrari, Builder of Sports Cars, Is Dead at 90 |url=https://www.nytimes.com/1988/08/15/obituaries/enzo-ferrari-builder-of-sports-cars-is-dead-at-90.html |work=The New York Times |date=१९८८-०८-१५ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. २००४|२००४]] - [[चेस्लॉ मिलॉझ]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेता [[:वर्ग:पोलिश लेखक|पोलिश लेखक]].<ref>{{cite news |title=Czeslaw Milosz, Nobel Laureate in Literature, Dies at 93 |url=https://www.nytimes.com/2004/08/15/books/czeslaw-milosz-nobel-laureate-in-literature-dies-at-93.html |work=The New York Times |date=२००४-०८-१५ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. २००६|२००६]] - [[ब्रुनो कर्बी]], अमेरिकन अभिनेता.<ref>{{cite news |title=Bruno Kirby, Actor in 'When Harry Met Sally,' Dies at 57 |url=https://www.nytimes.com/2006/08/16/arts/16kirby.html |work=The New York Times |date=२००६-०८-१६ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. २०१८|२०१८]] - [[सोमनाथ चॅटर्जी]], भारतीय राजकारणी व माजी [[लोकसभा अध्यक्ष]].<ref>{{cite news |title=Somnath Chatterjee, former Lok Sabha Speaker, dies at 89 |url=https://www.thehindu.com/news/national/former-lok-sabha-speaker-somnath-chatterjee-passes-away/article24675540.ece |work=The Hindu |date=२०१८-०८-१३ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. २०२२|२०२२]] - [[विनायक मेटे]], भारतीय राजकारणी आणि [[शिवसंग्राम|शिवसंग्राम पक्षाचे]] प्रमुख.<ref>{{cite news |title=Shiv Sangram party leader Vinayak Mete dies in road accident |url=https://mumbaimirror.indiatimes.com/ |work=Mumbai Mirror |date=२०२२-०८-१४ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * [[इ.स. २०२२|२०२२]] - [[राकेश झुनझुनवाला]], भारतीय उद्योगपती.<ref>{{cite news |title=Rakesh Jhunjhunwala passes away at 62 |url=https://www.thehindubusinessline.com/economy/rakesh-jhunjhunwala-passes-away-at-62/article65768019.ece |work=The Hindu Business Line |date=२०२२-०८-१४ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * स्वातंत्र्य दिन - [[पाकिस्तान]]. * ध्वज दिन - [[पेराग्वे]]. == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||august/14}} [[ऑगस्ट १२]] - [[ऑगस्ट १३]] - '''ऑगस्ट १४''' - [[ऑगस्ट १५]] - [[ऑगस्ट १६]] - [[ऑगस्ट महिना]] == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ---- {{ग्रेगरियन महिने}} mgeu6rn3jc9pqa6d5vmlayl7kbhu2yq ऑगस्ट १६ 0 11680 2710729 2704669 2026-09-19T12:14:23Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710729 wikitext text/x-wiki {{ऑगस्ट दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|ऑगस्ट|१६|२२८|२२९}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === अठरावे शतक === * [[इ.स. १७७७|१७७७]] - [[अमेरिकन क्रांती]]-[[बेनिंगटनची लढाई]] - अमेरिकन सैन्याचा ब्रिटिश सैन्यावर विजय.<ref>{{cite book |last=बॉइसन |first=रिचर्ड एम. |title=द बॅटल ऑफ बेनिंगटन |url=https://archive.org/details/bostoncuriositie0000clar |publisher=द हिस्ट्री प्रेस |year=२००८ |isbn=978-1596295803}}</ref> * [[इ.स. १७८०|१७८०]] - [[अमेरिकन क्रांती]]-[[कॅम्डेनची लढाई]] - ब्रिटिश सैन्याचा अमेरिकन सैन्यावर विजय.<ref>{{cite book |last=बुकानन |first=जॉन |title=द रोड टू गिल्डफोर्ड कोर्टहाऊस |publisher=जॉन विली अँड सन्स |year=१९९७ |isbn=978-0471164020}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८१२|१८१२]] - [[१८१२ चे युद्ध]] - अमेरिकन सेनापती [[विल्यम हल]]ने [[फोर्ट डेट्रोईट]] हा किल्ला न लढताच ब्रिटिश सैन्याच्या हवाली केला.<ref>{{cite book |last=हिकी |first=डोनाल्ड आर. |title=द वॉर ऑफ १८१२: अ फॉरगॉटन कॉन्फ्लिक्ट |publisher=युनिव्हर्सिटी ऑफ इलिनॉय प्रेस |year=१९८९ |isbn=978-0252016134}}</ref> * [[इ.स. १८६५|१८६५]] - [[डॉमिनिकन प्रजासत्ताक]]ला परत स्वातंत्र्य.<ref>{{cite book |last=मॉया पोन्स |first=फ्रँक |title=द डोमिनिकन रिपब्लिक: अ नॅशनल हिस्टरी |publisher=मार्कुस वीनर पब्लिशर्स |year=१९९८ |isbn=978-1558761728}}</ref> * [[इ.स. १८९६|१८९६]] - [[अलास्का]]तील [[क्लॉन्डाइक नदी]]च्या उपनदीत सोने सापडले. [[क्लॉन्डाइक गोल्ड रश]] सुरू.<ref>{{cite book |last=बर्टन |first=पियरे |title=क्लॉन्डाइक: द लास्ट ग्रेट गोल्ड रश |url=https://archive.org/details/klondikelastgrea0000bert_m1g1 |publisher=अँकर कॅनडा |year=२००१ |isbn=978-0385658447}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९६०|१९६०]] - [[जोसेफ किटीन्जर]]ने ३१,३३० मीटर (१,०२,८०० फूट) उंचीवरून उडी मारली व विश्वविक्रम स्थापला.<ref>{{cite book |last=किटीन्जर |first=जोसेफ |title=द मॅनिफिसंट बाउंड |publisher=व्हँटेज प्रेस |year=१९६१}}</ref> * [[इ.स. १९६४|१९६४]] - [[व्हियेतनाम युद्ध]] - दक्षिण व्हियेतनाममध्ये क्रांती. जनरल [[न्विन खान्ह]]ने [[दुऑॅंग व्हान मिन्ह]]ला पदच्युत केले.<ref>{{cite book |last=कार्नोव |first=स्टॅन्ले |title=व्हियेतनाम: अ हिस्टरी |publisher=पेंग्विन बुक्स |year=१९९७ |isbn=978-0140265477}}</ref> * [[इ.स. १९८७|१९८७]] - [[नॉर्थवेस्ट एरलाइन्स फ्लाइट २५५]] हे [[डग्लस डी.सी. ९|एम.डी. ८२]] प्रकारचे विमान [[डेट्रोइट विमानतळ|डेट्रोइट विमानतळावर]] कोसळले. १५५ ठार. चार वर्षांची बालिका वाचली.<ref>{{cite web |title=Northwest Airlines Flight 255 Crash Report |url=https://www.ntsb.gov/ |publisher=नॅशनल ट्रान्सपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००५|२००५]] - [[वेस्ट कॅरिबिअन एरवेझ फ्लाइट ७०८]] हे [[डग्लस डी.सी. ९|एम.डी. ८२]] प्रकारचे विमान [[व्हेनेझुएला]]तील [[माचिकेस]] विमानतळावर उतरताना कोसळले. १६० ठार.<ref>{{cite web |title=West Caribbean Airways Flight 708 Investigation |url=https://aviation-safety.net/ |publisher=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २०१०|२०१०]] - सान आंद्रेस, [[कोलंबिया]] येथील गुस्ताव्हो रोहास पिनिला आंतरराष्ट्रीय विमानतळावर [[आयरेस फ्लाइट ८२५०]] हे विमान कोसळून दोन जण ठार झाले.<ref>{{cite web |last=रँटर |first=हॅरो |title=आयरेस फ्लाइट ८२५० अपघात अहवाल |url=https://aviation-safety.net/database/record.php?id=20100816-0 |access-date=१० ऑगस्ट २०२२ |website=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क}}</ref> * [[इ.स. २०१२|२०१२]] - [[दक्षिण आफ्रिका|दक्षिण आफ्रिकेतील]] रस्टेनबर्गजवळील मारिकाना येथे [[मारिकाना खाणकामगार संप|कामगार संपादरम्यान]] [[दक्षिण आफ्रिकन पोलीस सेवा|दक्षिण आफ्रिकन पोलिसांच्या]] गोळीबारात ३४ खाणकामगार ठार तर ७८ जण जखमी झाले.<ref>{{cite news |title=मारिकाना गोळीबार प्रकरण अहवाल |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१७ ऑगस्ट २०१२ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २०१३|२०१३]] - [[फिलिपिन्स]] मधील [[सेबू]] येथे ''[[एमव्ही सेंट थॉमस अक्विनस]]'' ही प्रवासी बोट एका मालवाहू जहाजाला धडकून बुडाली, ज्यात ६१ जण ठार तर ५९ जण बेपत्ता झाले.<ref>{{cite news |title=फिलिपिन्स बोट दुर्घटना |url=https://www.reuters.com/ |publisher=[[रॉयटर्स]] |date=१७ ऑगस्ट २०१३ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २०१५|२०१५]] - [[सिरिया|सिरियातील]] दुमा या विद्रोही ताब्यातील बाजारपेठेच्या शहरावर [[सिरियन अरब एअर फोर्स|सिरियन हवाई दलाने]] केलेल्या हवाई हल्ल्यांच्या मालिकेत ९६ पेक्षा जास्त लोक ठार आणि शेकडो जखमी झाले.<ref>{{cite news |title=दुमा बाजारपेठ हवाई हल्ला |url=https://www.theguardian.com/ |work=[[द गार्डियन]] |date=१७ ऑगस्ट २०१५ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २०१५|२०१५]] - [[त्रिगाना एअर फ्लाइट २६७]] हे एटीआर ४२ प्रकारचे विमान [[इंडोनेशिया]]तील बिंतांग माउंटेन्स रेजन्सी येथील ओक्सिबिल येथे कोसळले, ज्यातील सर्व ५४ प्रवाशांचा मृत्यू झाला.<ref>{{cite web |url=https://aviation-safety.net/database/record.php?id=20150816-0 |title=त्रिगाना एअर फ्लाइट २६७ अपघात अहवाल |last=रँटर |first=हॅरो |website=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क |access-date=२१ जुलै २०१९}}</ref> * [[इ.स. २०२०|२०२०]] - [[कॅलिफोर्निया]]तील ऑगस्ट कॉम्प्लेक्सच्या वणव्यात १० लाख ॲकरपेक्षा जास्त जमीन जळून खाक झाली.<ref>{{cite news |url=https://krcrtv.com/north-coast-news/eureka-local-news/tuesday-update-on-the-august-complex-fire-in-mendocino-county |title=ऑगस्ट कॉम्प्लेक्स वणवा अपडेट |date=१८ ऑगस्ट २०२० |access-date=१८ डिसेंबर २०२० |website=एबीसी७ केआरसीआर}}</ref><ref>{{cite web |url=https://wildfiretoday.com/2020/12/18/more-acres-burned-on-usfs-lands-this-year-since-1910-says-agency-chief/ |title=अमेरिकेतील वणव्यांचा वार्षिक अहवाल |website=वाइल्डफायर टुडे |date=१८ डिसेंबर २०२० |access-date=१९ डिसेंबर २०२० |archive-date=2026-08-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20260816145719/https://wildfiretoday.com/2020/12/18/more-acres-burned-on-usfs-lands-this-year-since-1910-says-agency-chief/ |url-status=dead }}</ref> == जन्म == * [[इ.स. १९१३|१९१३]] - [[मेनाकेम बेगिन]], [[:वर्ग:इस्रायलचे पंतप्रधान|इस्रायेलचा पंतप्रधान]].<ref>{{cite book |last=सोबेल |first=चॅम |title=मेनाकेम बेगिन: अ बायोग्राफी |publisher=पॉकेट बुक्स |year=१९८८}}</ref> * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[मुफसिर उल-हक]], [[:वर्ग:पाकिस्तानचे पुरूष क्रिकेट खेळाडू|पाकिस्तानी क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo">{{cite web |title=Mufasir-ul-Haq Profile |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९५०|१९५०]] - [[जेफ थॉमसन]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo" /> * [[इ.स. १९५२|१९५२]] - [[महेस गूणतिलके]], [[:वर्ग:श्रीलंकेचे क्रिकेट खेळाडू|श्रीलंकेचा क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo" /> * [[इ.स. १९५७|१९५७]] - [[रणधीरसिंग]], [[:वर्ग:भारतातील पुरूष क्रिकेट खेळाडू|भारतीय क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo" /> == मृत्यू == * [[इ.स. १०२७|१०२७]] - [[जॉर्जि पहिला, जॉर्जिया]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=सनराय |first=रॉनल्ड ग्रिगर |title=द मेकिंग ऑफ द जॉर्जियन नेशन |publisher=इंडियाना युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९४ |isbn=978-0253209153}}</ref> * [[इ.स. १४१९|१४१९]] - [[वेनेक्लॉस, बोहेमिया]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=क्लास |first=जॉन एम. |title=प्री-रिफॉर्मेशन्स इन बोहेमिया |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८७}}</ref> * [[इ.स. १४४३|१४४३]] - [[आशिकागा योशिकात्सु]], [[:वर्ग:जपानी शोगन|जपानी शोगन]].<ref>{{cite book |last=संघर |first=जॉर्ज |title=अ हिस्टरी ऑफ जपान |publisher=स्टॅनफोर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९६१}}</ref> * [[इ.स. १७०५|१७०५]] - [[जेकब बर्नोली]], [[:वर्ग:स्विस गणितज्ञ|स्विस गणितज्ञ]].<ref>{{cite book |last=डनहॅम |first=विल्यम |title=द बर्नोली ट्रायल्स |publisher=मैथेमॅटिकल असोसिएशन ऑफ अमेरिका |year=२००५}}</ref> * [[इ.स. १८८६|१८८६]] - श्री [[रामकृष्ण परमहंस]], भारतीय तत्त्वज्ञानी.<ref>{{cite book |last=जोशी |first=महादेवशास्त्री |title=भारतीय संस्कृतीकोश (खंड ८) |publisher=भारतीय संस्कृतीकोश मंडळ |year=१९७५}}</ref> * [[इ.स. १९२१|१९२१]] - [[पीटर पहिला, सर्बिया]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=पावलोविच |first=स्टीव्हन के. |title=अ हिस्टरी ऑफ द बाल्कन्स |publisher=राउटलेज |year=१९९९}}</ref> * [[इ.स. १९७७|१९७७]] - [[एल्व्हिस प्रेस्ली|एल्विस प्रेसली]], अमेरिकन गायक, अभिनेता.<ref>{{cite news |title=Elvis Presley Dies at 42 |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१७ ऑगस्ट १९७७ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९७९|१९७९]] - [[जॉन डीफेनबेकर]], [[:वर्ग:कॅनडाचे पंतप्रधान|कॅनडाचा तेरावा पंतप्रधान]].<ref>{{cite book |last=इंग्लिश |first=जॉन |title=डीफेनबेकर: द लीडरशिप इयर्स |publisher=मॅकमिलन |year=१९९२}}</ref> * [[इ.स. २००२|२००२]] - [[अबु निदाल]], पॅलेस्टाईनचा नेता.<ref>{{cite news |title=Abu Nidal Found Dead in Baghdad |url=https://www.theguardian.com/ |work=[[द गार्डियन]] |date=१९ ऑगस्ट २००२ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००३|२००३]] - [[ईदी अमीन]], [[युगांडा]]चा हुकुमशहा.<ref>{{cite news |title=Idi Amin Dies in Exile in Saudi Arabia |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१६ ऑगस्ट २००३ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २०१८|२०१८]] - [[अटलबिहारी वाजपेयी]], भारताचे १०वे पंतप्रधान.<ref>{{cite news |title=माजी पंतप्रधान अटलबिहारी वाजपेयी यांचे निधन |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |date=१६ ऑगस्ट २०१८ |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * राष्ट्रीय नवजागृती दिन - [[डोमिनिकन प्रजासत्ताक]].<ref>{{cite web |title=Dominican Republic Restoration Day |url=https://www.godominicanrepublic.com/ |publisher=डॉमिनिकन प्रजासत्ताक पर्यटन मंत्रालय |access-date=१६ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||august/16}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ----- [[ऑगस्ट १४]] - [[ऑगस्ट १५]] - '''ऑगस्ट १६''' - [[ऑगस्ट १७]] - [[ऑगस्ट १८]] - [[ऑगस्ट महिना]] {{ग्रेगरियन महिने}} 4a3u1i6fzxvdz7gjbngw93bhd0lgohd ऑगस्ट १७ 0 11696 2710802 2703069 2026-09-19T15:33:16Z InternetArchiveBot 130355 Add 5 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710802 wikitext text/x-wiki {{ऑगस्ट दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|ऑगस्ट|१७|२२९|२३०}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === चौथे शतक === * ३०९ / ३१० - [[पोप]] [[पोप युसेबियस|युसेबियसला]] [[रोमन सम्राट|सम्राट]] [[मॅक्सेंटियस]] याने [[सिसिली]]ला पाठवले, जिथे त्याचा मृत्यू झाला.<ref>{{cite book |last=शॉफ |first=फिलिप |title=हिस्ट्री ऑफ द ख्रिश्चन चर्च |publisher=चार्लस स्क्रिबनर्स सन्स |year=१८८२}}</ref> === सातवे शतक === * ६८२ - [[पोप लिओ दुसरा]] पोपपदी.<ref>{{cite book |last=मॅकमॅनस |first=ॲड्रियन |title=द पॉप्स ऑफ द अर्ली मिडल एजेस |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००४}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८६२|१८६२]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेत]] आपल्याच जमिनींवरून हुसकून लावलेल्या [[लकोटा जमात|लकोटा जमातीच्या]] लोकांनी [[मिनेसोटा नदी]]च्या किनारी असलेल्या श्वेतवर्णीय वसाहतींवर हल्ला केला.<ref>{{cite book |last=कार्ले |first=केनेथ |title=द डकोटा वॉर ऑफ १८६२ |url=https://archive.org/details/unionagainstunio0000mill |publisher=मिनेसोटा हिस्टोरिकल सोसायटी प्रेस |year=२००१ |isbn=978-0873513982}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९१४|१९१४]] - [[पहिले महायुद्ध]]-[[स्टालुपॉनेनची लढाई]] - [[जर्मनी|जर्मनीचा]] [[रशियन साम्राज्य|रशियन]] सैन्यावर विजय.<ref>{{cite book |last=शो वॉल्टर |first=डेनिस |title=टॅनेनबर्ग: क्लॅश ऑफ एम्पायर्स |url=https://archive.org/details/landreforminlati0000meye |publisher=प्रॅगर |year=१९९१ |isbn=978-0275932022}}</ref> * [[इ.स. १९४३|१९४३]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - [[जर्मनी|जर्मनीने]] [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेची]] ६० लढाऊ विमाने पाडली.<ref>{{cite book |last=मिशेल |first=विल्यम |title=द एर वॉर इन युरोप |publisher=टाइम-लाइफ बुक्स |year=१९८२}}</ref> * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[इंडोनेशिया|इंडोनेशियाला]] [[नेदरलँड्स|नेदरलँड्सकडून]] स्वातंत्र्य मिळाले.<ref>{{cite book |last=रिकलेफ्स |first=एम. सी. |title=अ हिस्टरी ऑफ मॉडर्न इंडोनेशिया सिन्स सी. १८०० |publisher=पालग्रेव्ह मॅकमिलन |year=२००१ |isbn=978-0333801000}}</ref> * [[इ.स. १९६०|१९६०]] - [[गॅबन|गॅबनला]] [[फ्रान्स|फ्रांसपासून]] स्वातंत्र्य मिळाले.<ref>{{cite book |last=गार्डीनियर |first=डेव्हिड |title=हिस्टोरिकल डिक्शनरी ऑफ गॅबन |publisher=स्कॅरक्रो प्रेस |year=१९९४ |isbn=978-0810827639}}</ref> * [[इ.स. १९६३|१९६३]] - [[जपान]]मध्ये [[फेरीबोट]] बुडून ११२ जणांचा मृत्यू झाला.<ref>{{cite news |title=जपान फेरी अपघाताची बातमी |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१८ ऑगस्ट १९६३ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९६९|१९६९]] - [[वादळ|कॅटेगरी ५]] [[हरिकेन कॅमिल]] [[मिसिसिपी]]च्या किनाऱ्यावर आले. २४८ जण मृत, १.५ अब्ज [[अमेरिकन डॉलर|डॉलरचे]] नुकसान झाले.<ref>{{cite web |title=Hurricane Camille Report |url=https://www.nhc.noaa.gov/ |publisher=नॅशनल हरिकेन सेंटर |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९७९|१९७९]] - [[एरोफ्लोत]] विमान-वाहतूक कंपनीच्या दोन विमानांची [[युक्रेन]]मध्ये टक्कर होऊन १५६ जण ठार झाले.<ref>{{cite web |title=Dniprodzerzhynsk Mid-Air Collision |url=https://aviation-safety.net/ |publisher=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९८८|१९८८]] - [[विमान अपघात|विमान अपघातात]] [[:वर्ग:पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष|पाकिस्तानी राष्ट्राध्यक्ष]] [[मोहम्मद झिया उल-हक]] व [[अमेरिका|अमेरिकन]] राजदूत [[आर्नोल्ड रफेल]] ठार झाले.<ref>{{cite news |title=झिया उल-हक यांच्या विमान अपघाती निधनाची बातमी |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१८ ऑगस्ट १९८८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९९|१९९९]] - [[तुर्कस्तान]]च्या [[इझ्मित]] शहराजवळ [[रिश्टर मापनपद्धती]]नुसार ७.४ तीव्रतेचा [[भूकंप]] होऊन १७,००० लोक ठार व ४४,००० जखमी झाले.<ref>{{cite web |title=Izmit Earthquake Report |url=https://earthquake.usgs.gov/ |publisher=युनायटेड स्टेट्स जिओलॉजिकल सर्व्हे |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००५|२००५]] - [[बांगलादेश]]च्या ६४ पैकी ६३ जिल्ह्यांमध्ये [[बॉम्बस्फोट|मालिका बॉम्बस्फोट]] होऊन दोन जण ठार झाले.<ref>{{cite news |title=बांगलादेश मालिका बॉम्बस्फोट प्रकरण |url=https://www.theguardian.com/ |work=[[द गार्डियन]] |date=१८ ऑगस्ट २००५ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००८|२००८]] - [[मायकेल फेल्प्स]]ने [[२००८ उन्हाळी ऑलिंपिक|२००८ उन्हाळी ऑलिंपिकमध्ये]] आठवे [[सुवर्णपदक]] जिंकून उच्चांक प्रस्थापित केला.<ref>{{cite news |title=मायकेल फेल्प्सचा आठव्या सुवर्णपदकाचा विक्रम |url=https://www.reuters.com/ |publisher=[[रॉयटर्स]] |date=१७ ऑगस्ट २००८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. १६२९|१६२९]] - [[जॉन तिसरा सोबिएस्की|जॉन तिसरा]], [[पोलंड]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=पावलोव्स्की |first=अँटनी |title=किंग जॉन तिसरा सोबिएस्की |publisher=वॉर्सा प्रेस |year=१९९०}}</ref> * [[इ.स. १८४४|१८४४]] - [[मेनेलेक दुसरा, इथियोपिया|मेनेलेक दुसरा]], [[इथियोपिया]]चा सम्राट.<ref>{{cite book |last=मार्कस |first=हॅरोल्ड |title=द लाइफ अँड टाइम्स ऑफ मेनेलेक दुसरा |publisher=क्लॅरेंडन प्रेस |year=१९७५ |isbn=978-0198216742}}</ref> * [[इ.स. १८७८|१८७८]] - [[रेजी डफ]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo">{{cite web |title=Reggie Duff Profile |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १८८७|१८८७]] - [[चार्ल्स पहिला, ऑस्ट्रिया|चार्ल्स पहिला]], [[ऑस्ट्रिया]]चा सम्राट.<ref>{{cite book |last=ब्रुक-शेफर्ड |first=गोर्डन |title=द लास्ट हॅप्सबर्ग |publisher=वाइडेनफेल्ड अँड निकोलसन |year=१९६८}}</ref> * [[इ.स. १९१३|१९१३]] - [[डब्ल्यु. मार्क फेल्ट]], [[फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्व्हेस्टिगेशन|एफ.बी.आय.]]चे उपसंचालक व [[वॉटरगेट कुभांड|वॉटरगेट कुभांडातील]] खबऱ्या (डीप थ्रोट).<ref>{{cite news |title=डब्ल्यु. मार्क फेल्ट परिचय |url=https://www.washingtonpost.com/ |work=[[द वॉशिंग्टन पोस्ट]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९२६|१९२६]] - [[च्यांग झेमिन|ज्यॉंग झमिन]], [[:वर्ग:चीनचे राष्ट्राध्यक्ष|चीनचे राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=कुह्न |first=रॉबर्ट लॉरेन्स |title=द मॅन हू चेंज्ड चायना: द लाइफ अँड लेगसी ऑफ च्यांग झेमिन |url=https://archive.org/details/manwhochangedchi0000kuhn |publisher=क्रॉउन |year=२००४ |isbn=978-1400054749}}</ref> * [[इ.स. १९३२|१९३२]] - [[व्ही.एस. नायपॉल]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेते [[:वर्ग:इंग्लिश लेखक|इंग्लिश लेखक]].<ref>{{cite news |title=व्ही. एस. नायपॉल जीवनपरिचय |url=https://www.nobelprize.org/ |publisher=नोबेल फाउंडेशन |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९३३|१९३३]] - [[जीन क्रांट्झ]], [[नासा]]चे उड्डाण संचालक.<ref>{{cite book |last=क्रांट्झ |first=जीन |title=फेल्युअर इज नॉट ॲन ऑप्शन |url=https://archive.org/details/isbn_9780743200790 |publisher=सायमन अँड शुस्टर |year=२००० |isbn=978-0743200790}}</ref> * [[इ.स. १९७२|१९७२]] - [[हबीबुल बशर]], [[:वर्ग:बांगलादेशचे क्रिकेट खेळाडू|बांगलादेशचा क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo" /> * [[इ.स. १९७७|१९७७]] - [[थिएरी ऑन्री]], [[:वर्ग:फ्रांसचे फुटबॉल खेळाडू|फ्रेंच फुटबॉल खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Thierry Henry Profile |url=https://www.premierleague.com/ |publisher=प्रीमियर लीग |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. १३०४|१३०४]] - [[गो-फुकाकुसा]], [[:वर्ग:जपानी सम्राट|जपानी सम्राट]].<ref>{{cite book |last=व्हार्ली |first=एच. पॉल |title=अ क्रॉनिकल ऑफ गॉड्स अँड सोव्हरेन्स |url=https://archive.org/details/chronicleofgodss0000kita |publisher=कोलंबिया युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८० |isbn=978-0231049405}}</ref> * [[इ.स. १७८६|१७८६]] - [[फ्रेडरिक दुसरा, प्रशिया|फ्रेडरिक दुसरा (महान)]], [[प्रशिया]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=ॲटवुड |first=क्रिस्टोफर |title=फ्रेडरिक द ग्रेट: अ लाइफ इन डिड |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२०१५}}</ref> * [[इ.स. १९२४|१९२४]] - [[टॉम केन्डॉल]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref name="cricinfo" /> * [[इ.स. १९८८|१९८८]] - [[मोहम्मद झिया उल-हक]], [[:वर्ग:पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष|पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite news |title=जनरल झिया उल-हक यांच्या निधनाची बातमी |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१८ ऑगस्ट १९८८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * [[स्वातंत्र्य दिन]] - [[इंडोनेशिया]].<ref>{{cite web |title=Indonesia Independence Day |url=https://www.indonesia.travel/ |publisher=इंडोनेशिया पर्यटन मंत्रालय |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||august/17}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ----- [[ऑगस्ट १५]] - [[ऑगस्ट १६]] - '''ऑगस्ट १७''' - [[ऑगस्ट १८]] - [[ऑगस्ट १९]] - [[ऑगस्ट महिना]] {{ग्रेगरियन महिने}} 6ms8rtzijtb20z8vxdcroix27r6mbzt ऑगस्ट २४ 0 11762 2710750 2705620 2026-09-19T13:42:07Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710750 wikitext text/x-wiki {{ऑगस्ट दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|ऑगस्ट|२४|२३६|२३७}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === पहिले शतक === * [[इ.स. ७९|७९]] - [[इटली]]तील [[माउंट व्हेसुव्हियस]] ज्वालामुखीचा विनाशकारी उद्रेक झाला; [[पॉम्पेई]], [[हर्क्युलेनियम]] व [[स्टेबी]] ही शहरे राखेखाली दडपली जाऊन नष्ट झाली.<ref>{{cite book |last=बियर्ड |first=मेरी |title=द फायर ऑफ व्हेसुव्हियस: पॉम्पेई लॉस्ट अँड फाऊंड |publisher=हार्वर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००८ |isbn=978-0674029767}}</ref> === तेरावे शतक === * [[इ.स. १२१५|१२१५]] - [[पोप इनोसंट तिसरा|पोप इनोसंट तिसऱ्याने]] [[मॅग्ना कार्टा]] हा ऐतिहासिक दस्तऐवज अवैध घोषित करत रद्द केल्याचे जाहीर केले.<ref>{{cite book |last=व्हिन्सेंट |first=निकोलस |title=मॅग्ना कार्टा: अ वेरी शॉर्ट इंट्रोडक्शन |url=https://archive.org/details/magnacartaverysh0000vinc |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२०१२ |isbn=978-0199582877}}</ref> === पंधरावे शतक === * [[इ.स. १४५६|१४५६]] - [[योहानेस गुटेनबर्ग]] द्वारे धातूच्या टाईपचा वापर करून छापण्यात आलेल्या पहिल्या प्रसिद्ध [[गुटेनबर्ग बायबल]]ची छपाई संपूर्ण झाली.<ref>{{cite book |last=मान |first=जॉन |title=गुटेनबर्ग: हाऊ वन मॅन रिव्होल्युशनराइज्ड द प्रिंटेड वर्ड |publisher=हेडलाईन |year=२००२}}</ref> === सोळावे शतक === * [[इ.स. १५११|१५११]] - पोर्तुगीज खलाशी [[अफोन्सो दि आल्बुकर्क]]ने [[मलाक्का]]च्या सल्तनतीचा पाडाव करून दक्षिण-पूर्व आशियात पोर्तुगीज साम्राज्याची पायाभरणी केली. === सतरावे शतक === * [[इ.स. १६०८|१६०८]] - [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी]]चे पहिले जहाजी अधिकारी कॅप्टन हेक्टर हॉकिन्स हे व्यापारी परवानग्या मिळवण्यासाठी [[सुरत]] येथे उतरले.<ref name="loksatta-eastindia">{{cite news |title=ईस्ट इंडिया कंपनीचे भारतात आगमन |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |date=२४ ऑगस्ट २०२० |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १६९०|१६९०]] - [[जोब चार्नॉक]] या इंग्रजी अधिकाऱ्याने हुगळी नदीच्या काठी सुतानाती गावात मुक्काम ठोकला, ज्यातून पुढे आधुनिक [[कोलकाता|कोलकाता (कलकत्ता)]] शहराची पायाभरणी झाली.<ref name="esakal-kolkata">{{cite news |title=कोलकाता शहराचा पायाभरणी दिन |url=https://www.esakal.com/ |work=[[सकाळ]] |date=२४ ऑगस्ट २०२१ |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === अठरावे शतक === * [[इ.स. १७८१|१७८१]] - [[हैदर अली]]च्या नेतृत्वाखालील मैसूरच्या सैन्याने दुसऱ्या आंग्ल-मैसूर युद्धादरम्यान पोलिलूरच्या दुसऱ्या लढाईत ब्रिटिश सैन्याचा पराभव केला.<ref>{{cite book |last=राव |first=सी. हायवदना |title=हिस्ट्री ऑफ म्हैसूर |publisher=गव्हर्नमेंट प्रेस |year=१९४६}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८१४|१८१४]] - १८१२ च्या युद्धादरम्यान ब्रिटिश सैन्याने [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेची]] राजधानी [[वॉशिंग्टन डी.सी.]]मध्ये घुसून [[व्हाइट हाउस]]सह अनेक महत्त्वाच्या सरकारी इमारतींची जाळपोळ केली.<ref>{{cite book |last=पिच |first=अँथनी एस. |title=द बर्निंग ऑफ वॉशिंग्टन |url=https://archive.org/details/burningofwashing0000pitc |publisher=नाव्हल इन्स्टिट्यूट प्रेस |year=१९९८ |isbn=978-1557504258}}</ref> * [[इ.स. १८२१|१८२१]] - कोर्दोबाचा तह स्वाक्षरीत होऊन स्पेनने [[मेक्सिको]]च्या स्वातंत्र्याला मान्यता दिली. * [[इ.स. १८५८|१८५८]] - अमेरिकेच्या रिचमंड शहरात शिकल्याबद्दल आणि शिक्षण घेण्याचा प्रयत्न केल्याबद्दल ९० कृष्णवर्णीय व्यक्तींना अटक करण्यात आली. * [[इ.स. १८९१|१८९१]] - [[थॉमस अल्वा एडिसन]]ने चलचित्र कॅमेऱ्याचे (मोशन पिक्चर कॅमेरा/कायनेटोग्राफ) पेटंट मिळवले.<ref>{{cite web |title=Thomas Edison Motion Picture Patents |url=https://www.loc.gov/ |publisher=लायब्ररी ऑफ काँग्रेस |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९०९|१९०९]] - [[पनामा कालवा|पनामा कालव्याचे]] काँक्रीट बांधकाम अधिकृतपणे सुरू झाले. * [[इ.स. १९१२|१९१२]] - [[अलास्का]] हा भाग अमेरिकेचा अधिकृत संघटित प्रदेश बनला. * [[इ.स. १९२९|१९२९]] - [[तुर्कस्तान]] व [[पर्शिया]] (इराण) यांच्यात मैत्रीकरार झाला. * [[इ.स. १९२९|१९२९]] - [[पॅलेस्टाईन]]मधील हेब्रॉन येथे झालेल्या वांशिक दंगलींमध्ये ६७ ज्यू धर्मीय मारले गेले. * [[इ.स. १९३१|१९३१]] - [[फ्रान्स]] व [[सोवियेत संघ|सोव्हिएत युनियन]] यांच्यात परस्परांवर आक्रमण न करण्याचा ना-युद्ध करार झाला. * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[दुसरे महायुद्ध]]: दोस्त राष्ट्रांचे सैन्य आणि फ्रेंच रेझिस्टन्सने नाझींच्या तावडीतून [[पॅरिस]] मुक्त करण्यासाठी अंतिम हल्ला चढवला. * [[इ.स. १९५४|१९५४]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेत]] कम्युनिस्ट नियंत्रण कायदा संमत करून कम्युनिस्ट पक्षावर बंदी घालण्यात आली. * [[इ.स. १९५४|१९५४]] - [[ब्राझिल]]चे अध्यक्ष गेतुलियो व्हार्गास यांनी लष्करी दबावानंतर आत्महत्या केली; त्यानंतर होआव काफे फिल्हो यांनी राष्ट्राध्यक्षपदाची सूत्रे हाती घेतली. * [[इ.स. १९६०|१९६०]] - [[अंटार्क्टिका]] खंडावरील व्होस्तोक संशोधन केंद्रावर पृथ्वीवरील सर्वात कमी तापमान (-८८.३ अंश सेल्सिअस) नोंदवले गेले. * [[इ.स. १९६६|१९६६]] - भारतातील प्रसिद्ध जलतरणपटू [[मिहीर सेन]] यांनी [[जिब्राल्टरची सामुद्रधुनी]] पोहून पार करण्याचा विक्रम केला.<ref name="mhalss-sen">{{cite web |title=मिहीर सेन जलतरण यश |url=https://marathivishwakosh.org/ |publisher=[[मराठी विश्वकोश]] |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६ |archive-date=2019-11-02 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191102022302/https://marathivishwakosh.org/ |url-status=dead }}</ref> * [[इ.स. १९६८|१९६८]] - [[फ्रान्स]]ने प्रशांत महासागरातील मुरोआ अटोला येथे आपल्या पहिल्या [[हायड्रोजन बॉम्ब]]ची यशस्वी चाचणी घेतली. * [[इ.स. १९९१|१९९१]] - [[मिखाईल गोर्बाचोव्ह]] यांनी [[सोवियेत युनियनची कम्युनिस्ट पार्टी|सोव्हिएत युनियनच्या कम्युनिस्ट पार्टीच्या]] सरचिटणीसपदाचा राजीनामा दिला. * [[इ.स. १९९१|१९९१]] - [[युक्रेन]]ने सोव्हिएत संघापासून आपले स्वातंत्र्य घोषित केले; हा दिवस युक्रेनचा 'स्वातंत्र्यदिन' म्हणून साजरा केला जातो.<ref>{{cite news |title=Ukraine Independence Day History |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=२४ ऑगस्ट २०२१ |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९२|१९९२]] - [[चीन]] आणि [[दक्षिण कोरिया]] या दोन्ही देशांनी एकमेकांशी राजनैतिक संबंध प्रस्थापित केले. * [[इ.स. १९९२|१९९२]] - 'हरिकेन अँड्र्यू' हे ५ व्या श्रेणीचे महावादळ फ्लोडिडाच्या किनाऱ्यावर धडकले, ज्यामुळे प्रचंड वित्तहानी झाली. * [[इ.स. १९९५|१९९५]] - [[मायक्रोसॉफ्ट]] या तंत्रज्ञान कंपनीने आपली बहुचर्चित 'विंडोज ९५' (Windows 95) ही संगणक प्रणाली अधिकृतपणे बाजारात आणली.<ref>{{cite news |title=Microsoft launches Windows 95 |url=https://www.washingtonpost.com/ |work=[[द वॉशिंग्टन पोस्ट]] |date=२५ ऑगस्ट १९९५ |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००१|२००१]] - एर ट्रॅन्सॅटचे फ्लाइट २३६ हे एरबस ए-३३० विमान इंधन संपल्यामुळे अटलांटिक महासागरातील एझोर्स बेटांवर यशस्वीरीत्या आपत्कालीन उतरवण्यात आले. * [[इ.स. २००४|२००४]] - मॉस्कोच्या दॉमोदेदोवो आंतरराष्ट्रीय विमानतळावरून निघालेली दोन रशियन प्रवासी विमाने चेचेन आत्मघातकी हल्लेखोरांनी घडवून आणलेल्या स्फोटांत कोसळली; ८९ प्रवाशांचा मृत्यू. * [[इ.स. २००६|२००६]] - [[प्राग]] येथे भरलेल्या [[आंतरराष्ट्रीय खगोल संघ|आंतरराष्ट्रीय खगोल संघाच्या]] परिषदेत ग्रहांची नवी व्याख्या निश्चित करण्यात आली, ज्यानुसार [[प्लूटो (बटु ग्रह)|प्लुटोला]] ग्रहाच्या वर्गातून वगळून 'बटु ग्रह' घोषित करण्यात आले.<ref name="maharashtratimes-pluto">{{cite news |title=प्लुटोचे ग्रहपण बहाल की कायमचे रद्द? |url=https://maharashtratimes.com/ |work=[[महाराष्ट्र टाइम्स]] |date=२४ ऑगस्ट २०१६ |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २०१६|२०१६]] - मध्य [[इटली]]त ६.२ रिश्टर स्केल तीव्रतेचा भूकंप होऊन ३०० हून अधिक लोकांचा मृत्यू झाला आणि अमात्रिस हे ऐतिहासिक शहर उद्ध्वस्त झाले. == जन्म == * [[इ.स. १७५९|१७५९]] - [[विल्यम विल्बरफोर्स]], ब्रिटिश राजकारणी आणि गुलामीची प्रथा बंद करण्यासाठी लढा देणारे समाजसुधारक (मृत्यू: [[इ.स. १८३३|१८३३]]). * [[इ.स. १८३३|१८३३]] - [[नर्मदाशंकर दवे]] (कवी नर्मद), आधुनिक गुजराती साहित्याचे जनक व समाजसुधारक (मृत्यू: [[इ.स. १८८६|१८८६]]).<ref>{{cite book |last=दवे |first=नर्मदाशंकर |title=नर्मगद्य |publisher=गुजरात विद्यापीठ |year=१९३३}}</ref> * [[इ.स. १८४५|१८४५]] - [[विष्णुशास्त्री चिपळूणकर]], आधुनिक मराठी गद्याचे जनक, निबंधकार आणि [[केसरी वृत्तपत्र|केसरी]]चे सहसंस्थापक (संभाव्य जन्म तिथीनुसार नोंद) (मृत्यू: [[इ.स. १८८२|१८८२]]).<ref name="mhalss-chiplunkar">{{cite web |title=विष्णुशास्त्री चिपळूणकर चरित्र |url=https://marathivishwakosh.org/ |publisher=[[मराठी विश्वकोश]] |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६ |archive-date=2019-11-02 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191102022302/https://marathivishwakosh.org/ |url-status=dead }}</ref> * [[इ.स. १८७२|१८७२]] - [[नरासिंह चिंतामण केळकर|नरसिंह चिंतामण केळकर]] (साहित्यसम्राट न. चिं. केळकर), प्रसिद्ध मराठी लेखक, नाटककार, पत्रकार आणि 'केसरी'चे संपादक (मृत्यू: [[इ.स. १९४७|१९४७]]).<ref name="esakal-kelkar">{{cite news |title=साहित्यसम्राट न. चिं. केळकर जयंती |url=https://www.esakal.com/ |work=[[सकाळ]] |date=२४ ऑगस्ट २०२० |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १८८८|१८८८]] - [[बाळ गंगाधर खेर]] (बी. जी. खेर), [[बॉम्बे राज्य|मुंबई राज्याचे]] (महाराष्ट्र-गुजरात) पहिले मुख्यमंत्री व स्वातंत्र्यसैनिक (मृत्यू: [[इ.स. १९५७|१९५७]]).<ref name="loksatta-kher">{{cite news |title=महाराष्ट्राचे पहिले मुख्यमंत्री बी. जी. खेर |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |date=२४ ऑगस्ट २०२१ |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९०८|१९०८]] - [[शिवराम हरी राजगुरू]], भारतीय स्वातंत्र्यलढ्यातील थोर क्रांतिकारक व भगतसिंग-सुखदेव यांचे सहकारी (मृत्यू: [[इ.स. १९३१|१९३१]]).<ref name="maharashtratimes-rajguru">{{cite news |title=हुतात्मा शिवराम हरी राजगुरू जयंती |url=https://maharashtratimes.com/ |work=[[महाराष्ट्र टाइम्स]] |date=२४ ऑगस्ट २०२२ |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९११|१९११]] - [[बीना दास]], बंगालमधील भारतीय स्वातंत्र्यसैनिक व क्रांतिकारक (मृत्यू: [[इ.स. १९८६|१९८६]]). * [[इ.स. १९२७|१९२७]] - [[दीप्ती नवल]], भारतीय वंशाच्या प्रसिद्ध अभिनेत्री, चित्रकार आणि लेखिका. * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[विंस मॅकमॅहॉन]], अमेरिकन व्यावसायिक आणि डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) चे माजी प्रमुख. * [[इ.स. १९६५|१९६५]] - [[मारली मॅटलिन]], ऑस्कर पुरस्कार विजेती पहिली कर्णबधिर अमेरिकन अभिनेत्री. * [[इ.स. १९७३|१९७३]] - [[इंग्गा आल्फ्वादॉतिर]], आइसलँडची प्रसिद्ध राजकीय नेत्या आणि माजी पंतप्रधान. * [[इ.स. १९८८|१९८८]] - [[रूर्ट ग्रिन्ट]], 'हॅरी पॉटर' चित्रपट मालिकेतील 'रॉन विझली'ची भूमिका करणारा ब्रिटिश अभिनेता. == मृत्यू == * [[इ.स. ११०३|११०३]] - [[मॅग्नस तिसरा, नॉर्वे|तिसरा मॅग्नस]], नॉर्वेचा राजा (जन्म: [[इ.स. १०७३|१०७३]]). * [[इ.स. १५७२|१५७२]] - [[गॅस्पर द कॉलिग्नी]], फ्रेंच अडमिरल आणि ह्युगेनॉट (प्रोटेस्टंट) नेता (सेंट बार्थोलोम्यू हत्याकांडात मारला गेला) (जन्म: [[इ.स. १५१९|१५१९]]). * [[इ.स. १७९५|१७९५]] - [[पुण्याचे छत्रपती|छत्रपती अहिल्याबाई होळकर]] (महाराणी अहिल्याबाई होळकर), माळवा राज्याच्या होळकर घराण्यातील आदर्श राज्यकर्त्या आणि आध्यात्मिक व्यक्तिमत्त्व (तारीख / तिथीनुसार नोंद) (जन्म: [[इ.स. १७२५|१७२५]]).<ref name="esakal-ahilyabai">{{cite news |title=पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर स्मृती |url=https://www.esakal.com/ |work=[[सकाळ]] |date=२४ ऑगस्ट २०२२ |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९२५|१९२५]] - [[रामकृष्ण गोपाळ भांडारकर|डॉ. रामकृष्ण गोपाळ भांडारकर]], जागतिक कीर्तीचे प्राच्यविद्या संशोधक, शिक्षणतज्ज्ञ आणि समाजसुधारक (जन्म: [[इ.स. १८३७|१८३७]]).<ref name="loksatta-bhandarkar">{{cite news |title=डॉ. रा. गो. भांडारकर पुण्यतिथी |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |date=२४ ऑगस्ट २०१८ |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९५४|१९५४]] - [[गेतुलियो व्हार्गास]], ब्राझिलचे प्रदीर्घ काळ राहिलेले राष्ट्राध्यक्ष (जन्म: [[इ.स. १८८२|१८८२]]). * [[इ.स. १९९३|१९९३]] - [[दि. ब. देवधर|प्रोफेसर दि. ब. देवधर]] (दिनकर बळवंत देवधर), भारतीय प्रथम श्रेणी क्रिकेटचे पितामह आणि आंतरराष्ट्रीय खेळाडू (जन्म: [[इ.स. १८९२|१८९२]]).<ref name="maharashtratimes-deodhar">{{cite news |title=क्रिकेटमहर्षी दि. ब. देवधर स्मृती |url=https://maharashtratimes.com/ |work=[[महाराष्ट्र टाइम्स]] |date=२४ ऑगस्ट २०२० |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २०००|२०००]] - [[कल्याणी सेन]], दुसऱ्या महायुद्धादरम्यान महिला नौदल सेवेत (WAC-I) काम करणाऱ्या पहिल्या भारतीय महिला अधिकारी (जन्म: [[इ.स. १९१७|१९१७]]). * [[इ.स. २००८|२००८]] - [[वै वै]], प्रसिद्ध चिनी कवी, लेखक आणि पत्रकार (जन्म: [[इ.स. १९१९|१९१९]]). * [[इ.स. २०१५|२०१५]] - [[वॉर्ड क्रिस्टेनसेन]], जगातील पहिल्या इलेक्ट्रॉनिक बुलेटिन बोर्ड सिस्टीमचे (BBS) सह-निर्माते (जन्म: [[इ.स. १९४५|१९४५]]). * [[इ.स. २०२१|२०२१]] - [[हिसानोरी ताकाहाशी]] / [[चारली वॉट्स]], प्रसिद्ध ब्रिटिश रॉक बँड 'द रोलिंग स्टोन्स'चे ड्रमर (जन्म: [[इ.स. १९४१|१९४१]]). == प्रतिवार्षिक पालन == * युक्रेनचा स्वातंत्र्यदिन (युक्रेन)<ref>{{cite web |title=Ukraine Independence Day |url=https://www.un.org/ |publisher=[[संयुक्त राष्ट्रे]] |access-date=२४ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * कोलकाता शहर स्थापना दिन (भारत - अनधिकृत/ऐतिहासिक)<ref name="esakal-kolkata" /> == बाह्य दुवे == {{बीBBC आज||august/24}} [[ऑगस्ट २२]] - [[ऑगस्ट २३]] - '''ऑगस्ट २४''' - [[ऑगस्ट २५]] - [[ऑगस्ट २६]] - [[ऑगस्ट महिना]] ---- {{ग्रेगरियन महिने}} [[वर्ग:दिवस]] [[वर्ग:ग्रेगरी दिनदर्शिका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय दिनदर्शिका]] 78434nmv4qxerqdwh3x8sv7927ip00z सप्टेंबर ७ 0 12462 2710764 2710430 2026-09-19T14:55:55Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710764 wikitext text/x-wiki {{सप्टेंबर दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|सप्टेंबर|७|२५०|२५१}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === बारावे शतक === * [[इ.स. ११९१|११९१]] - [[तिसरी क्रुसेड]] - [[इंग्लंड]]चा राजा [[रिचर्ड पहिला, इंग्लंड|रिचर्ड पहिल्याने]] [[सलाद्दिन]]ला हरवले.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/event/Battle-of-Arsuf |title=Battle of Arsuf |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> === तेरावे शतक === * [[इ.स. १२२८|१२२८]] - [[सहावी क्रुसेड]] - [[होली रोमन एम्पायर|पवित्र रोमन सम्राट]] [[फ्रेडरिक दुसरा, पवित्र रोमन सम्राट|फ्रेडरिक दुसरा]] अक्के येथे पोहोचला आणि क्रुसेडची सुरुवात झाली.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/event/Crusades/The-Sixth-Crusade |title=The Sixth Crusade |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> === चौदावे शतक === * [[इ.स. १३०३|१३०३]] - अज्ञाने येथील घटनेत फ्रेंच सैन्याने पोप [[पोप बोनिफेस आठवा|बोनिफेस आठवा]] यांच्यावर हल्ला केला आणि त्यांना बंदी बनवले.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Boniface-VIII |title=Boniface VIII: Pope |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> === पंधरावे शतक === * [[इ.स. १४५७|१४५७]] - उज्‍जे उपरोत्पादनात श्केंदरबेगच्या नेतृत्वाखालील अल्बेनियन सैन्याने उज्‍जेच्या लढाईत उस्मानी सैन्याचा पराभव केला.<ref>{{cite book |last=Frashëri |first=Kristo |title=Gjergj Kastrioti Skënderbeu: jeta dhe vepra |publisher=Botimet Toena |year=2002 |pages=340–345}}</ref> === सोळावे शतक === * [[इ.स. १५३९|१५३९]] - [[गुरू अंगद देव]] हे दुसरे शीख गुरू बनले.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Guru-Angad |title=Guru Angad |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> === सत्रावे शतक === * [[इ.स. १६९५|१६९५]] - इंग्रजी चाच्या हेन्री एव्हरीने मुघल सम्राट [[औरंगजेब]] यांचे जहाज 'गंज-इ-सवाई' लुटले.<ref>{{cite book |last=Biddulph |first=John |title=The Pirates of Malabar |url=https://archive.org/details/piratesofmalabar00bidd |publisher=Smith, Elder & Co. |year=1907 |pages=[https://archive.org/details/piratesofmalabar00bidd/page/27 27]–32}}</ref> === अठरावे शतक === * [[इ.स. १७६४|१७६४]] - [[स्टॅनिस्लॉस पॉनियाटोव्स्की]] यांची पोलंडचे शेवटचे राजे म्हणून निवड झाली.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Stanislaw-II-August-Poniatowski |title=Stanisław II August Poniatowski |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८२१|१८२१]] - [[ग्रान कोलंबियाचे प्रजासत्ताक|ग्रान कोलंबियाच्या प्रजासत्ताकाची]] स्थापना.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/place/Gran-Colombia |title=Gran Colombia: Former Republic, South America |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८२२|१८२२]] - [[डोम पेद्रो पहिला]] याने [[ब्राझील]]च्या स्वातंत्र्याची घोषणा केली.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/event/Independence-of-Brazil |title=Independence of Brazil |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९२९|१९२९]] - [[फिनलंड]]मध्ये जहाज बुडून १३६ मृत्युमुखी.<ref>{{cite web |url=https://www.wrecksite.eu/wreck.aspx?142340 |title=SS Kuru (+1929) |website=Wrecksite |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९४०|१९४०]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - [[ब्लिट्झ]]: जर्मनीने लंडनवर बॉम्बफेक सुरू केली. यानंतर पुढील सलग ५७ रात्री लंडनवर सतत बॉम्बवर्षा होत राहिली.<ref>{{cite news |title=1940: The Blitz begins on London |url=http://news.bbc.co.uk/onthisday/hi/dates/stories/september/7/newsid_2500000/2500115.stm |work=BBC On This Day |access-date=7 September 2026 }}{{मृत दुवा|date=September 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * [[इ.स. १९४३|१९४३]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - [[जर्मनी]]ची पूर्व आघाडीवरून पीछेहाट सुरू झाली.<ref>{{cite book |last=Glantz |first=David M. |title=When Titans Clashed: How the Red Army Stopped Hitler |publisher=University Press of Kansas |year=1995 |pages=178–180}}</ref> * [[इ.स. १९४३|१९४३]] - [[ह्युस्टन]]मध्ये हॉटेलला आग लागून ५५ ठार.<ref>{{cite web |url=https://www.history.com/this-day-in-history/fire-sweeps-through-gulf-hotel-in-houston |title=Fire sweeps through Gulf Hotel in Houston |website=History.com |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - [[जपान]]च्या सैन्याने [[वेक द्वीप|वेक द्वीपावर]] आत्मसमर्पण केले.<ref>{{cite web |url=https://www.history.navy.mil/research/histories/feature-histories/japanese-surrender-wake-island.html |title=Japanese Surrender on Wake Island |website=Naval History and Heritage Command |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९५३|१९५३]] - [[निकिता ख्रुश्चेव]] [[सोवियेत संघ|सोवियेत संघाच्या]] कम्युनिस्ट पक्षाच्या प्रथम सचिवपदी आरूढ.<ref>{{cite web |url=https://www.history.com/this-day-in-history/khrushchev-becomes-first-secretary-of-communist-party |title=Khrushchev becomes First Secretary of Communist Party |website=History.com |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९७९|१९७९]] - [[क्रायस्लर कॉर्पोरेशन]]ने दिवाळखोरी टाळण्यासाठी [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] सरकारकडे १.५ अब्ज [[डॉलर]]च्या कर्जाची हमी मागितली.<ref>{{cite news |title=Chrysler Asks $1.2 Billion in U.S. Aid |url=https://www.nytimes.com/1979/09/08/archives/chrysler-asks-12-billion-in-us-aid.html |work=The New York Times |date=8 September 1979}}</ref> * [[इ.स. १९९८|१९९८]] - [[लॅरी पेज]] आणि [[सर्गेई ब्रिन]] यांनी [[गूगल]] कंपनीची अधिकृत नोंदणी केली.<ref>{{cite web |url=https://about.google/our-story/ |title=Google Company History |website=Google About |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९९९|१९९९]] - [[अथेन्स]]मध्ये [[रिश्टर मापनपद्धती|रिश्टर मापन पद्धतीनुसार]] ५.९ तीव्रतेचा भूकंप. १४३ ठार, ५०० हून अधिक जखमी.<ref>{{cite web |url=https://earthquake.usgs.gov/earthquakes/eventpage/usp0009ec3/executive |title=M 5.9 - Southern Greece (Athens Earthquake) |website=USGS Earthquakes |access-date=7 September 2026}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००४|२००४]] - [[हरिकेन आयव्हन]] हे श्रेणी ५ चे चक्रीवादळ [[ग्रेनडा]]वर आले. ३९ ठार, बेटावरील ९०% इमारतींचे नुकसान.<ref>{{cite web |url=https://www.nhc.noaa.gov/data/tcr/AL092004_Ivan.pdf |title=Tropical Cyclone Report: Hurricane Ivan |publisher=National Hurricane Center |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. २००५|२००५]] - [[इजिप्त]]मध्ये पहिली थेट बहुपक्षीय राष्ट्राध्यक्षीय निवडणूक पार पडली.<ref>{{cite news |title=Egyptians Vote in First Multi-Candidate Election |url=https://www.theguardian.com/world/2005/sep/07/egypt |work=The Guardian |date=7 September 2005}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. ९७३|९७३]] - [[अल-बिरुनी]], प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान, गणितज्ञ आणि इतिहासकार.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/al-Biruni |title=al-Biruni: Persian Scholar |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १५३३|१५३३]] - [[पहिली एलिझाबेथ, इंग्लैंड|पहिली एलिझाबेथ]], [[इंग्लंड]]ची राणी.<ref>{{cite web |url=https://www.royal.uk/elizabeth-i |title=Elizabeth I (r.1558-1603) |website=The Royal Family |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १५६६|१५६६]] - [[सुलेमान दुसरा]], उस्मानी (ऑटोमन) सल्तनतीचा सुलतान.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Suleiman-II-Ottoman-sultan |title=Suleiman II: Ottoman Sultan |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १६८३|१६८३]] - [[फिलिप पाचवा, स्पेन|फिलिप पाचवा]], स्पेनचा राजा.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Philip-V-king-of-Spain |title=Philip V: King of Spain |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १७०७|१७०७]] - [[जॉर्ज-लुई लॅक्लर्क, काउंट डी बफन]], फ्रेंच निसर्गशास्त्रज्ञ आणि गणितज्ञ.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Georges-Louis-Leclerc-Comte-de-Buffon |title=Georges-Louis Leclerc, comte de Buffon |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८२९|१८२९]] - [[ऑगस्ट केकुले]], जर्मन रसायनशास्त्रज्ञ.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/August-Kekule-von-Stradonitz |title=August Kekule |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८३६|१८३६]] - [[हेन्री कॅम्पबेल-बॅनरमन]], [[:वर्ग:युनायटेड किंग्डमचे पंतप्रधान|युनायटेड किंग्डमचे पंतप्रधान]].<ref>{{cite web |url=https://www.gov.uk/government/history/past-prime-ministers/henry-campbell-bannerman |title=History of Sir Henry Campbell-Bannerman |website=Gov.uk |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८५७|१८५७]] - [[जॉन मॅकइलरेथ]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/john-mcilwraith-6582 |title=John McIlwraith Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८७१|१८७१]] - [[जॉर्ज हर्स्ट]], [[:वर्ग:इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू|इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/george-hirst-14300 |title=George Hirst Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८८७|१८८७]] - [[गोपीचंद भार्गव]], पंजाबचे पहिले मुख्यमंत्री आणि स्वातंत्र्यसैनिक.<ref>{{cite book |last=Arora |first=A.C. |title=Punjab Past and Present |publisher=Punjabi University |year=1990 |pages=112–115}}</ref> * [[इ.स. १८९४|१८९४]] - [[व्हिक रिचर्डसन]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/vic-richardson-7359 |title=Vic Richardson Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९११|१९११]] - [[टोडोर झिव्कोव्ह]], [[बल्गेरिया]]चा नेता आणि अध्यक्ष.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Todor-Zhivkov |title=Todor Zhivkov: President of Bulgaria |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९१२|१९१२]] - [[डेव्हिड पॅकार्ड]], अमेरिकन उद्योगपती व [[ह्यूलेट-पॅकार्ड]] (HP) चे सह-संस्थापक.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/David-Packard |title=David Packard Biography |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९१४|१९१४]] - [[नॉर्मन मिचेल-इनेस]], [[:वर्ग:इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू|इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/norman-mitchell-innes-17180 |title=Norman Mitchell-Innes Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९३०|१९३०]] - [[बोद्वॉँ पहिला, बेल्जियम|बोद्वॉँ पहिला]], [[बेल्जियम]]चा राजा.<ref>{{cite web |url=https://www.monarchie.be/en/monarch/king-baudouin |title=King Baudouin |website=The Belgian Monarchy |access-date=7 September 2026 }}{{मृत दुवा|date=September 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * [[इ.स. १९३३|१९३३]] - [[इला भट्ट]], भारतीय सामाजिक कार्यकर्त्या आणि 'सेवा' (SEWA) संस्थेच्या संस्थापक.<ref>{{cite news |title=Ela Bhatt: Social entrepreneur who empowered millions of women |url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-63486337 |work=BBC News |date=2 November 2022 }}{{मृत दुवा|date=September 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * [[इ.स. १९३६|१९३६]] - [[बडी हॉली]], अमेरिकन गायक आणि संगीतकार.<ref>{{cite web |url=https://www.rockhall.com/inductees/buddy-holly |title=Buddy Holly |website=Rock & Roll Hall of Fame |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९५५|१९५५]] - [[अझहर खान]], [[:वर्ग:पाकिस्तानचे पुरूष क्रिकेट खेळाडू|पाकिस्तानी क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/azhar-khan-39828 |title=Azhar Khan Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९५९|१९५९]] - [[केव्हन करान]], [[:वर्ग:झिम्बाब्वेचे क्रिकेट खेळाडू|झिम्बाब्वेचा क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/kevin-curran-55341 |title=Kevin Curran Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९६४|१९६४]] - [[नुरुल आबेदिन]], [[:वर्ग:बांगलादेशचे क्रिकेट खेळाडू|बांगलादेशी क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/nurul-abedin-55981 |title=Nurul Abedin Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९६७|१९६७]] - [[स्टीव जेम्स]], [[:वर्ग:इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू|इंग्लिश क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/steve-james-15320 |title=Steve James Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९८४|१९८४]] - [[फरवीझ महारूफ|फरवीझ महरूफ]], [[:वर्ग:श्रीलंकेचे क्रिकेट खेळाडू|श्रीलंकेचा क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/farveez-maharoof-49638 |title=Farveez Maharoof Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=7 September 2026}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. ९६१|९६१]] - [[मायकेल तिसरा, ट्रॅपिझंड|मायकेल तिसरा]], ट्रॅपिझंडचा सम्राट.<ref>{{cite book |last=Miller |first=William |title=Trebizond: The Last Greek Empire |publisher=Society for Promoting Christian Knowledge |year=1926 |pages=30–32}}</ref> * [[इ.स. ११५१|११५१]] - [[जेफ्री पँटाजीनेट, ॲंजोचा काउंट]], नॉर्मंडीचा ड्युक आणि ॲंजोचा काउंट.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Geoffrey-IV |title=Geoffrey IV: Count of Anjou |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १३१२|१३१२]] - [[फर्डिनांड चौथा, कॅस्टिल|फर्डिनांड चौथा]], कॅस्टिलचा राजा.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Ferdinand-IV-king-of-Castile-and-Leon |title=Ferdinand IV: King of Castile and Leon |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १४९६|१४९६]] - [[फर्डिनांड दुसरा, नेपल्स|फर्डिनांड दुसरा]], नेपल्सचा राजा.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Ferdinand-II-king-of-Naples |title=Ferdinand II: King of Naples |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १५५२|१५५२]] - [[गुरू अंगद देव]], [[:वर्ग:शीख गुरू|दुसरे शीख गुरू]].<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Guru-Angad |title=Guru Angad: Sikh Guru |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १६३२|१६३२]] - [[सुसेन्योस, इथियोपिया|सुसेन्योस]], इथियोपियाचा सम्राट.<ref>{{cite book |last=Pankhurst |first=Richard |title=The Ethiopians: A History |publisher=Wiley-Blackwell |year=2001 |pages=108–110}}</ref> * [[इ.स. १७०१|१७०१]] - [[जेम्स दुसरा, इंग्लंड|जेम्स दुसरा]], इंग्लंडचा राजा.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/James-II-king-of-Great-Britain |title=James II: King of Great Britain |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १७७७|१७७७]] - [[टेकले हयामानोत पहिला, इथियोपिया|टेकले हयामानोत पहिला]], इथियोपियाचा सम्राट.<ref>{{cite book |last=Pankhurst |first=Richard |title=The Ethiopian Royal Chronicles |publisher=Oxford University Press |year=1967 |pages=125–128}}</ref> * [[इ.स. १८०९|१८०९]] - [[बुद्ध योद्फा चुलालोके, थायलंड|बुद्ध योद्फा चुलालोके]] (रामा पहिला), थायलंडचा राजा व चक्री घराण्याचा संस्थापक.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Rama-I |title=Rama I: King of Thailand |website=Encyclopædia Britannica |access-date=7 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९५३|१९५३]] - [[भगवान रघुनाथ कुळकर्णी]], मराठी कवी व लेखक.<ref>{{cite book |title=मराठी वाङ्मय कोश (खंड २) |publisher=महाराष्ट्र राज्य साहित्य आणि संस्कृती मंडळ |year=1999 |pages=210–212}}</ref> * [[इ.स. १९९७|१९९७]] - [[मोबुटु सेसे सेको]], [[झैर]]चा अध्यक्ष व हुकुमशहा.<ref>{{cite news |title=Mobutu Sese Seko, Zairian Dictator, Dies in Exile |url=https://www.nytimes.com/1997/09/08/world/mobutu-sese-seko-zairian-dictator-dies-in-exile.html |work=The New York Times |date=8 September 1997}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * स्वातंत्र्य दिन - [[ब्राझील]].<ref>{{cite web |url=https://www.officeholidays.com/holidays/brazil/brazil-independence-day |title=Independence Day in Brazil |website=Office Holidays |access-date=7 September 2026}}</ref> * विजय दिन - [[मोझांबिक]].<ref>{{cite web |url=https://www.officeholidays.com/holidays/mozambique/victory-day |title=Victory Day in Mozambique |website=Office Holidays |access-date=7 September 2026}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||september/7}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ----- [[सप्टेंबर ५]] - [[सप्टेंबर ६]] - '''सप्टेंबर ७''' - [[सप्टेंबर ८]] - [[सप्टेंबर ९]] - [[सप्टेंबर महिना]] {{ग्रेगरियन महिने}} swh2ouwexrfsgxv9736yb7xye9ijd7r सप्टेंबर १५ 0 12684 2710762 2702825 2026-09-19T14:40:52Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710762 wikitext text/x-wiki {{सप्टेंबर दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|सप्टेंबर|१५|२५८|२५९}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८१२|१८१२]] - [[नेपोलियन बोनापार्ट]]च्या नेतृत्वाखाली [[फ्रांस|फ्रेंच]] सैन्य [[मॉस्को]]मधील [[क्रेमलिन]]ला येऊन थडकले.<ref>{{cite book |last=चँडलर |first=डेव्हिड |title=द कॅम्पेन्स ऑफ नेपोलियन |url=https://archive.org/details/campaignsofnapol00chan |publisher=सायमन अँड शुस्टर |year=१९६६ |isbn=978-0025236608}}</ref> * [[इ.स. १८२०|१८२०]] - [[पोर्तुगाल]]च्या [[लिस्बन]] शहरात उठाव.<ref>{{cite book |last=बर्मिंघम |first=डेव्हिड |title=अ कन्साईज हिस्टरी ऑफ पोर्टल |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००३ |isbn=978-0521536868}}</ref> * [[इ.स. १८२१|१८२१]] - [[ग्वातेमाला]], [[एल साल्वादोर]], [[हॉन्डुरास]], [[निकाराग्वा]] आणि [[कोस्टा रिका]] या देशांनी [[स्पेन]]पासून आपण स्वतंत्र असल्याचे जाहीर केले.<ref>{{cite book |last=वॉर्टमन |first=माइल्स एल. |title=गव्हर्नमेंट अँड सोसायटी इन सेंट्रल अमेरिका |publisher=कोलंबिया युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८२}}</ref> * [[इ.स. १८३०|१८३०]] - [[लिव्हरपूल]] आणि [[मँचेस्टर]] शहरांमधील रेल्वेसेवा सुरू.<ref>{{cite book |last=गारफिल्ड |first=सायमन |title=द लास्ट जर्नी ऑफ विल्यम हस्किसन |publisher=फॅबर अँड फॅबर |year=२००२ |isbn=978-0571210480}}</ref> * [[इ.स. १८३१|१८३१]] - [[न्यू जर्सी]]मधील [[कॅम्डन अँड अँबोय रेलरोड]] या शहरांमधील लोहमार्गावरून [[जॉन बुल (रेल्वे इंजिन)|जॉन बुल]] या रेल्वे इंजिनाची सर्वप्रथम धाव.<ref>{{cite book |last=व्हाइट |first=जॉन एच. |title=द जॉन बुल: डिफायनिंग द लोकोमोटिव्ह |publisher=स्मिश्सोनियन इन्स्टिट्यूशन |year=१९८१}}</ref> * [[इ.स. १८३५|१८३५]] - [[चार्ल्स डार्विन]] [[एच.एम.एस. बीगल]] या जहाजातून [[गॅलापागोस]] द्वीपांत पोचला.<ref>{{cite book |last=डार्विन |first=चार्ल्स |title=द व्हॉयेज ऑफ द बीगल |publisher=हेन्री कॉल्बर्न |year=१८३९}}</ref> * [[इ.स. १८६२|१८६२]] - [[अमेरिकन यादवी युद्ध]] - दक्षिणेच्या सैन्याने [[हार्पर्स फेरी, व्हर्जिनिया]] हे शहर काबीज केले.<ref>{{cite book |last=मैकफर्सन |first=जेम्स एम. |title=बॅटल क्राय ऑफ फ्रीडम |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८८ |isbn=978-0195038637}}</ref> * [[इ.स. १८७३|१८७३]] - [[फ्रान्स-प्रशियन युद्ध]] - [[फ्रान्स]]ने खंडणीचा शेवटचा हप्ता चुकता केल्यावर [[वेह्रमाख्ट|जर्मन सैन्याच्या]] शेवटच्या तुकडीने फ्रान्स सोडले.<ref>{{cite book |last=हॉवर्ड |first=मायकेल |title=द फ्रँको-प्रशियन वॉर |publisher=राउटलेज |year=२००१ |isbn=978-0415266710}}</ref> * [[इ.स. १८९४|१८९४]] - [[पहिले चीन-जपान युद्ध]] - [[प्याँगयांगची लढाई|प्याँगयांगच्या लढाईत]] जपानने चीनला हरवले.<ref>{{cite book |last=पॉइनली |first=एस. सी. एम. |title=द सिना-जापानी वॉर |publisher=सॅम्पसन लो |year=१८९६}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९१६|१९१६]] - [[पहिले महायुद्ध]]-[[सॉमची लढाई]] - सगळ्यात पहिल्यांदा लढाईत रणगाड्यांचा वापर केला गेला.<ref>{{cite book |last=शेफिल्ड |first=गॅरी |title=द सॉम |publisher=कॅसल |year=२००३ |isbn=978-0304366491}}</ref> * १९३५ - [[जर्मनी]]ने देशातील [[ज्यू]] व्यक्तींचे नागरिकत्व रद्द केले.<ref name="nuremberg">{{cite book |last=शिरर |first=विल्यम एल. |title=द राईझ अँड फॉल ऑफ द थर्ड राईश |publisher=सायमन अँड शुस्टर |year=१९६०}}</ref> * १९३५ - [[जर्मनी]] [[स्वस्तिक]] असलेला ध्वज आपला राष्ट्रध्वज म्हणून अंगीकारला.<ref name="nuremberg" /> * [[इ.स. १९४०|१९४०]] - [[दुसरे महायुद्ध]]-[[बॅटल ऑफ ब्रिटन]] - लढाईच्या चरमसीमेवर [[रॉयल एर फोर्स]]ने [[लुफ्तवाफे]]ची असंख्य विमाने पाडली.<ref>{{cite book |last=हाँगटन |first=रिचर्ड |title=द बॅटल ऑफ ब्रिटन |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२०१०}}</ref> * [[इ.स. १९४२|१९४२]] - दुसरे महायुद्ध - [[ग्वादालकॅनाल]]जवळ [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] [[यू.एस.एस. वास्प]] या विमानवाहू नौकेवर [[टॉरपेडो]]हल्ला.<ref>{{cite book |last=मोरिसन |first=सॅम्युअल इलियट |title=द स्ट्रगल फॉर ग्वादालकॅनाल |publisher=लिटल ब्राऊन |year=१९४९}}</ref> * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[दुसरे महायुद्ध]]-[[पेलेल्यूची लढाई]].<ref>{{cite book |last=स्लोअन |first=ई. बी. |title=ब्रदरहूड ऑफ हीरोज |publisher=बॉलन्टाईन बुक्स |year=२००५}}</ref> * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[फ्लॉरिडा]]मध्ये मोठे [[हरिकेन]] किनाऱ्यावर येउन ३६६ विमाने व २५ ब्लिंप नष्ट झाली.<ref>{{cite web |title=१९४५ मधील फ्लॉरिडा हरिकेन अहवाल |url=https://www.nhc.noaa.gov/ |publisher=नॅशनल हरिकेन सेंटर |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९४७|१९४७]] - [[आर.सी.ए.]] कंपनीने [[१२एक्स७ निर्वात नळी]]चे उत्पादन सुरू केले.<ref>{{cite book |last=सोमर्स |first=डब्ल्यू. |title=व्हॅक्यूम ट्यूब हिस्टरी |publisher=आरसीए प्रेस |year=१९५०}}</ref> * १९४७ - जपानला [[टायफून कॅथलीन]] या मोठ्या वादळाचा तडाखा. १,०७७ ठार.<ref>{{cite web |title=Typhoon Kathleen History |url=https://www.jma.go.jp/ |publisher=जपान हवामान संस्था |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९४८|१९४८]] - [[एफ-८६]] सेबरजेट प्रकारच्या विमानाने ताशी १,०८० किमीची गती गाठून उच्चांक नोंदवला.<ref>{{cite book |last=डॉमन |first=रिचर्ड |title=एफ-८६ सेबर जेट |publisher=ओस्प्रे पब्लिशिंग |year=१९९९}}</ref> * [[इ.स. १९५०|१९५०]] - [[कोरियन युद्ध]] - अमेरिकेचे सैन्य [[इंचॉन]] येथे उतरले.<ref>{{cite book |last=ॲपलमन |first=रॉय ई. |title=साउथ टू द नाकटॉन्ग, नॉर्थ टू द यालू |publisher=युनायटेड स्टेट्स आर्मी सेंटर ऑफ मिलिटरी हिस्टरी |year=१९६१}}</ref> * [[इ.स. १९५२|१९५२]] - [[संयुक्त राष्ट्रे|संयुक्त राष्ट्रांनी]] [[एरिट्रिया]] इथियोपियाच्या हवाली केले.<ref>{{cite web |title=संयुक्त राष्ट्रे सुरक्षा परिषद ठराव |url=https://www.un.org/ |publisher=[[संयुक्त राष्ट्रे]] |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९५८|१९५८]] - [[सेंट्रल रेलरोड ऑफ न्यू जर्सी]] कंपनीच्या लोकल गाडीला अपघात होऊन ५८ ठार.<ref>{{cite news |title=न्यू जर्सी रेल्वे अपघात अहवाल |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१६ सप्टेंबर १९५८ |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९५९|१९५९]] - [[निकिता ख्रुश्चेव]] [[सोवियेत संघ|सोवियेत संघाचा]] अमेरिकेला भेट देणारा पहिला नेता झाला.<ref>{{cite book |last=ताउबमन |first=विल्यम |title=ख्रुश्चेव: द मॅन अँड हिज एरा |publisher=डब्ल्यु. डब्ल्यु. नॉर्टन |year=२००३}}</ref> * [[इ.स. १९६८|१९६८]] - सोवियेत संघाच्या [[झाँड ५]] या अंतराळयानाचे प्रक्षेपण.<ref>{{cite web |title=Zond 5 Mission Details |url=https://nssdc.gsfc.nasa.gov/ |publisher=[[नासा]] |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९७२|१९७२]] - [[स्कँडिनेव्हियन एरलाइन्स सिस्टम]]च्या ग्यॉटेबर्गहून स्टॉकहोमला जाणाऱ्या विमानाचे अपहरण.<ref>{{cite news |title=एसएएस विमान अपहरण |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१६ सप्टेंबर १९७२ |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९७४|१९७४]] - [[आर व्हियेतनाम फ्लाइट ७२७]] या विमानाचे अपहरण. त्यानंतर उतरताना विमान कोसळले. ७५ ठार.<ref>{{cite web |title=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क अपघात अहवाल |url=https://aviation-safety.net/ |publisher=एव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९८१|१९८१]] - [[सांड्रा डे ओ'कॉनोर]] [[अमेरिकेचे सर्वोच्च न्यायालय|अमेरिकेच्या सर्वोच्च न्यायालयाची]] सर्वप्रथम महिला न्यायाधीश झाली.<ref>{{cite news |title=सांड्रा डे ओ कॉनोर यांची नियुक्ती |url=https://www.washingtonpost.com/ |work=[[द वॉशिंग्टन पोस्ट]] |date=१६ सप्टेंबर १९८१ |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९८१|१९८१]] - [[व्हानुआतु]]ला [[संयुक्त राष्ट्रे|संयुक्त राष्ट्रांचे]] सदस्यत्व मिळाले.<ref>{{cite web |title=UN Membership - Vanuatu |url=https://www.un.org/ |publisher=[[संयुक्त राष्ट्रे]] |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९९८|१९९८]] - [[एम.सी.आय. कम्युनिकेशन्स]] आणि [[वर्ल्डकॉम]] या कंपनीचे एकत्रीकरण.<ref>{{cite news |title=एमसीआय आणि वर्ल्डकॉम विलीनीकरण |url=https://www.wsj.com/ |work=[[द वॉल स्ट्रीट जर्नल]] |date=१६ सप्टेंबर १९९८ |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००८|२००८]] - [[लेहमान ब्रदर्स]] या कंपनीने दिवाळे काढले.<ref>{{cite news |title=लेहमान ब्रदर्सचे दिवाळे |url=https://www.reuters.com/ |publisher=[[रॉयटर्स]] |date=१५ सप्टेंबर २००८ |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. २०१३|२०१३]] - [[नीना दावुलुरी]] पहिली भारतीय वंशाची [[मिस अमेरिका]] झाली.<ref>{{cite news |title=नीना दावुलुरी ठरली मिस अमेरिका |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१६ सप्टेंबर २०१३ |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. ९७३|९७३]] - [[अल बिरुनी]], अरबी गणितज्ञ.<ref name="vetnam">{{cite book |last=मणि |first=वेट्टम |title=पौराणिक कोष |publisher=मोतीलाल बनारसीदास |year=१९७५}}</ref> * [[इ.स. १२५४|१२५४]] - [[मार्को पोलो]], इटालियन फिरस्ता.<ref>{{cite book |last=लाथम |first=रॉनल्ड |title=द ट्रॅव्हल्स ऑफ मार्को पोलो |publisher=पेंग्विन बुक्स |year=१९५८}}</ref> * [[इ.स. १८३०|१८३०]] - [[पोर्फिरियो दियाझ]], [[:वर्ग:मेक्सिकोचे राष्ट्राध्यक्ष|मेक्सिकोचा राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=गारनर |first=पॉल |title=पोर्फिरियो दियाझ |publisher=राउटलेज |year=२००१}}</ref> * [[इ.स. १८५७|१८५७]] - [[विल्यम हॉवर्ड टाफ्ट]], [[:वर्ग:अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष|अमेरिकेचा राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=प्रिंगल |first=हेन्री एफ. |title=द लाइफ अँड टाइम्स ऑफ विल्यम हॉवर्ड टाफ्ट |publisher=फरार अँड राइनहार्ट |year=१९३९}}</ref> * [[इ.स. १८६०|१८६०]] - [[मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया|सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया]], [[:वर्ग:भारतीय अभियंते|भारतीय अभियंता]].<ref>{{cite book |last=जोशी |first=महादेवशास्त्री |title=भारतीय संस्कृतीकोश (खंड ७) |publisher=भारतीय संस्कृतीकोश मंडळ |year=१९७२}}</ref> * [[इ.स. १८७६|१८७६]] - [[शरदचंद्र चट्टोपाध्याय]], [[:वर्ग:बंगाली साहित्यिक|बंगाली साहित्यिक]].<ref>{{cite book |last=गुप्ता |first=सुबोध |title=शरदचंद्र: जीवन आणि साहित्य |publisher=साहित्य अकादमी |year=१९६५}}</ref> * [[इ.स. १८७९|१८७९]] - [[जोसेफ ल्योन्स]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियाचे पंतप्रधान|ऑस्ट्रेलियाचा १०वा पंतप्रधान]].<ref>{{cite book |last=व्हाइट |first=केट |title=जोसेफ ल्योन्स: अ पॉलिटिकल बायोग्राफी |publisher=मेलबर्न युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८७}}</ref> * [[इ.स. १८८१|१८८१]] - [[एत्तोरे बुगाटी]], इटालियन अभियंता.<ref>{{cite book |last=ब्रेडली |first=डब्ल्यू. एफ. |title=एत्तोरे बुगाटी |publisher=मोटर रेसिंग पब्लिकेशन्स |year=१९४८}}</ref> * [[इ.स. १८८७|१८८७]] - [[कार्लोस दाविला]], [[:वर्ग:चिलीचे राष्ट्राध्यक्ष|चिलीचा राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=अलेक्झांडर |first=रॉबर्ट जे. |title=प्रेसिडेंट्स ऑफ चिली |publisher=ग्रीनवुड प्रेस |year=१९९०}}</ref> * [[इ.स. १९०४|१९०४]] - [[उंबेर्तो दुसरा, इटली]]चा राजा.<ref>{{cite book |last=स्मिथ |first=डेनिस मॅक |title=इटालीज मोनॉर्की |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८९}}</ref> * [[इ.स. १९०९|१९०९]] - [[सी.एन. अण्णादुराई]], [[:वर्ग:तमिळनाडूचे मुख्यमंत्री|तामीळनाडूचे मुख्यमंत्री]].<ref>{{cite book |last=रामानुजम |first=के. |title=अण्णादुराई यांचे जीवन चरित्र |publisher=मद्रास युनिव्हर्सिटी |year=१९७५}}</ref> * [[इ.स. १९३७|१९३७]] - [[फर्नान्डो देला रुआ|फर्नान्डो दिला रुआ]], [[:वर्ग:आर्जेन्टीनाचे राष्ट्राध्यक्ष|आर्जेन्टिनाचा ५१वा राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite news |title=फर्नान्डो देला रुआ यांचे निधन |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=९ जुलै २०१९ |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९४६|१९४६]] - [[टॉमी ली जोन्स]], अमेरिकन चित्रपट अभिनेता.<ref>{{cite web |title=Tommy Lee Jones Biography |url=https://www.allmovie.com/ |publisher=ऑलमूव्ही |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * १९४६ - [[ऑलिव्हर स्टोन]], अमेरिकन चित्रपट दिग्दर्शक.<ref>{{cite book |last=रीली |first=चार्ल्स L. |title=ऑलिव्हर स्टोन : मुलाखती |publisher=युनिव्हर्सिटी प्रेस ऑफ मिसिसिपी |year=२००१}}</ref> * [[इ.स. १९६४|१९६४]] - [[रॉबर्ट फायको]], [[:वर्ग:स्लोव्हाकियाचे पंतप्रधान|स्लोव्हेकियाचे पंतप्रधान]].<ref>{{cite web |title=Prime Minister of Slovakia |url=https://www.vlada.gov.sk/ |publisher=स्लोव्हाकिया शासन |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९७१|१९७१]] - [[नेथन ॲसल]], [[:वर्ग:न्यू झीलँडचे क्रिकेट खेळाडू|न्यू झीलंडचा क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Nathan Astle Profile |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> * [[इ.स. १९८९|१९८९]] - [[चेतन रामलू]], न्यू झीलँडचा संगीतकार.<ref>{{cite web |title=Chetan Ramlu Profile |url=https://www.imdb.com/ |publisher=[[आयएमडीबी]] |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. ६६८|६६८]] - [[कॉन्स्टान्स दुसरा, बायझेन्टाइन सम्राट]].<ref>{{cite book |last=ऑस्ट्रोगॉर्स्की |first=जॉर्ज |title=हिस्टरी ऑफ द बायझेंटाईन स्टेट |publisher=रुटगर्स युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९६९}}</ref> * [[इ.स. १८५९|१८५९]] - [[इझाम्बार्ड किंग्डम ब्रुनेल]], ब्रिटिश अभियंता.<ref>{{cite book |last=रॉल्ट |first=एल. टी. सी. |title=इझाम्बार्ड किंग्डम ब्रुनेल |publisher=लॉंगमॅन्स |year=१९५७}}</ref> * [[इ.स. १९७३|१९७३]] - [[गुस्ताफ सहावा ॲडॉल्फ, स्वीडन]]चा राजा.<ref>{{cite news |title=स्वीडनचे राजे गुस्ताफ सहावा ॲडॉल्फ यांचे निधन |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१६ सप्टेंबर १९७३ |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == [[भारत|भारतात]] [[मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया]] यांचा जन्मदिवस हा [[अभियंता दिन]] म्हणून पाळला जातो.<ref>{{cite news |title=अभियंता दिन आणि सर एम. विश्वेश्वरैया यांचे योगदान |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |access-date=२०२६-०८-१६}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||september/15}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ----- [[सप्टेंबर १३]] - [[सप्टेंबर १४]] - '''सप्टेंबर १५''' - [[सप्टेंबर १६]] - [[सप्टेंबर १७]] - [[सप्टेंबर महिना]] {{ग्रेगरियन महिने}} fdvkm2j8hdwq97qo46gwdzcbmsfk63r मोहम्मद मुनाफ 0 14039 2710799 2569717 2026-09-19T15:21:40Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710799 wikitext text/x-wiki '''मोहम्मद मुनाफ''' ([[२ नोव्हेंबर]], [[इ.स. १९३५|१९३५]]:[[महाराष्ट्र]], [[भारत]] - [[२८ जानेवारी]], [[इ.स. २०२०|२०२०]]:[[पाकिस्तान]]) हा {{cr|PAK}}कडून १९५९ ते १९६२ दरम्यान ४ कसोटी सामने खेळलेला [[क्रिकेट]] खेळाडू होता.<ref>{{cite book |last=Booth |first=Lawrence |date=2021 |title=Wisden Cricketers' Almanack |url=https://archive.org/details/wisdencricketers0000unse_o1q8 |page=[https://archive.org/details/wisdencricketers0000unse_o1q8/page/267 267] |isbn=9781472975478}}</ref> {{Stub-पाकिस्तानी क्रिकेट खेळाडू}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:पाकिस्तानचे पुरूष क्रिकेट खेळाडू]] [[वर्ग:इ.स. १९३५ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. २०२० मधील मृत्यू]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] sabv0ran0j9epahn8mjy5h814cd5jd7 दुसरे महायुद्ध 0 14353 2710810 2709463 2026-09-19T16:10:20Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710810 wikitext text/x-wiki {{मुखपृष्ठ सदर टीप |तारीख = २८ जून |वर्ष = २०१२ }} {{माहितीचौकट सैन्य संघर्ष | संघर्ष = दुसरे महायुद्ध | या युद्धाचा भाग = | चित्र = {{multiple image|border=infobox|perrow=2/2/2|total_width=300 | image1=Bundesarchiv Bild 101I-646-5188-17, Flugzeuge Junkers Ju 87.jpg | alt1= | image2=Matilda tanks on the move outside the perimeter of Tobruk, Libya, 18 November 1941. E6600.jpg | alt2= | image3=Nagasakibomb.jpg | alt3=in the | image4=Bundesarchiv Bild 183-R76619, Russland, Kesselschlacht Stalingrad.jpg | alt4= | image5=Raising a flag over the Reichstag - Restoration.jpg | alt5= | image6=USS Pennsylvania moving into Lingayen Gulf.jpg | alt6= [[पूर्व आघाडी (दुसरे महायुद्ध)|पूर्व आघाडीवरील]] [[नाझी जर्मनी|जर्मनीची]] [[युंकर्स यु ८७]] बॉम्बफेकी विमाने; [[उत्तर आफ्रिका मोहीम (दुसरे महायुद्ध)|उत्तर आफ्रिका मोहीमेवर]] असलेल्या ब्रिटिश [[मटिल्डा २ रणगाडा|मटिल्डा २ रणगाडे]]; [[हिरोशिमा आणि नागासाकीवरील अणुबॉम्ब हल्ले]]; [[स्टालिनग्राडची लढाई|स्टालिनग्राडच्या लढाईतील]] [[सोव्हियेत संघ|सोव्हियेत संघाचे]] सैनिक; [[बर्लिन]]मध्ये [[राइकश्टाग]]वर आपला झेंडा फडकावणारा सोव्हियेत सैनिक; [[फिलिपिन्स]]मधील [[लिंगायेनचे आखातावर|लिंगायेनच्या आखातावर]] चालून जाणाऱ्या [[अमेरिकेचे आरमार|अमेरिकेच्या युद्धनौका]] }} | चित्र रुंदी = 300px | दिनांक = इ.स. १ सप्टेंबर १९३९ – इ.स २ सप्टेंबर १९४५ एकूण युद्ध कालावधी: ६ वर्ष १ दिवस | स्थान = संपूर्ण जग | परिणती = मित्र राष्ट्रांचा विजय | सद्यस्थिती = | प्रादेशिक बदल = | पक्ष१ = [[मित्र राष्ट्र]]<br />{{देशध्वज|सोव्हिएत संघ}}(१९४१-४५)<br />{{देशध्वज|अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने}}(१९४१-४५)<br />{{ध्वज|भारत}}<br /> [[Image:Flag of the Republic of China.svg|24px]] [[चीन]](१९३७-४५)<br /><hr> {{देशध्वज|फ्रान्स}}<br /> {{देशध्वज|पोलंड}}<br /> {{देशध्वज|कॅनडा}},<br /> {{देशध्वज| ऑस्ट्रेलिया}}<br /> {{देशध्वज|न्यू झीलँड}}<br /> {{देशध्वज|युगोस्लाव्हियाचे साम्यवादी संघीय प्रजासत्ताक}} (१९४१-४५)<br /> {{देशध्वज|नॉर्वे}}(१९४०-४५)<br /> {{देशध्वज|बेल्जियम}} (१९४०-४५)<br /> {{देशध्वज|चेकोस्लोव्हाकिया}}<br /> {{देशध्वज|फिलिपिन्स}} (१९४१-४५)<br /> {{देशध्वज|ब्राझिल}} (१९४२-४५)<br /> [[दोस्त राष्ट्रे|व इतर....]] | पक्ष२ = [[अक्ष राष्ट्रे]]<br /> {{देशध्वज|नाझी जर्मनी}}<br /> {{देशध्वज|जपान}}(१९३७-४५)<br />{{देशध्वज|इटली}}(१९४०-४३)<br /><hr> {{देशध्वज|हंगेरी}} (१९४१-४५),<br /> {{देशध्वज|रोमेनिया}} (१९४१-४४),<br /> {{देशध्वज|बल्गेरिया}} (१९४१-४४),<br /> {{देशध्वज|थायलंड}} (१९४१-४५),<br /> सहकारी राष्ट्रे<br /> {{देशध्वज|फिनलंड}} (१९४१-४४),<br /> {{देशध्वज|इराक}} (१९४१),<br /> {{देशध्वज|सोव्हिएत संघ}} (१९३९-४१),<br /> [[अक्ष राष्ट्रे|व इतर....]] | सेनापती १ = दोस्त नेते | सेनापती २ = अक्ष नेते | सैन्यबळ १ =७,३७,००,०००: दोस्त राष्ट्रे | सैन्यबळ २ =३,६३,००,०००: अक्ष राष्ट्रे १,८१,००,०००: जर्मनी १,८२,००,०००: इटली आणि जपान | बळी १ = सैनिक: १,६०,००,००० नागरिक: ४,५०,००,००० एकूण: ६,१०,००,००० | बळी २ = सैनिक: ८०,००,००० पेक्षा जास्त<br />नागरिक: ४०,००,००० पेक्षा जास्त<br />एकूण: १,२०,००,००० पेक्षा जास्त | टिपा = |}} '''दुसरे महायुद्ध''' हे [[इ.स. १९३९|१९३९]] ते [[इ.स. १९४५|१९४५]] दरम्यान झालेले जागतिक युद्ध होते. हे युद्ध मुख्यतः [[युरोप]] व [[आशिया]]मध्ये [[दोस्त राष्ट्रे]] व [[अक्ष राष्ट्रे]] यांच्या मध्ये झाले. जर्मनीने पोलंडवर केलेल्या हल्ल्याने हे युद्ध १ सप्टेंबर १९३९ रोजी अधिकृतपणे सुरू झाले.{{sfn|वाइनबर्ग|२००५|p=६}}<ref>वेल्स, ॲन शार्प (२०१४) ''हिस्टॉरिकल डिक्शनरी ऑफ वर्ल्ड वॉर टू : द वॉर अगेन्स्ट जर्मनी ॲंन्ड इटली''. रोव्हमन ॲंन्ड लिटलफील्ड पब्लिशिंग, पृ ७</ref> यानंतर फ्रान्स, युनायटेड किंग्डम आणि इतर राष्ट्रांनी जर्मनी विरुद्ध युद्ध पुकारले. जपानने व इटलीने जर्मनीच्या बाजूने युद्धात पदार्पण केले. १९४१ च्या डिसेंबरमध्ये जपानने अमेरिकेच्या पर्ल हार्बर बंदरावर आक्रमण केल्यामुळे अमेरिकेला युद्धात उतरणे भाग पाडले. अमेरिकेने युद्धात सक्रिय भाग घेतला व तेथून युद्ध जगभर पसरले. दोस्त राष्ट्रांमध्ये [[चीन]], [[रशिया]], [[इंग्लंड]], [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिका]] व इतर राष्ट्रांचा समावेश होता, तर अक्ष राष्ट्रांमध्ये [[जर्मनी]], [[इटली]] व [[जपान]] हे देश होते. जवळ जवळ ७० देशांचे सैन्य यात सहभागी झाले होते. या युद्धात सहा कोटींच्यावर माणसे मेली. मानवी इतिहासातील ही सर्वांत मोठी जीवितहानी आहे. या युद्धामध्ये दोस्त राष्ट्रांचा विजय झाला.{{sfn|गिल्बर्ट|२००१|p=२९१}}<ref>{{स्रोत पुस्तक |title=वॉर, व्हायोलन्स ॲंड पॉप्युलेशन: मेकिंग द बॉडी काउंट|भाषा=इंग्लिश|author=जेम्स ए. टायनर|page=49 |date=3 March 2009 |publisher=द गिलफोर्ड प्रेस; पहिली आवृत्ती|isbn=1-6062-3038-7}}</ref>{{sfn|Sommerville|2008|loc=p. 5 (2011 ed.)}}<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.bbc.co.uk/tyne/content/articles/2005/01/20/holocaust_memorial_other_victims_feature.shtml|title=BBC - Tyne - Roots - Non-Jewish Holocaust Victims : The 5,000,000 others|website=www.bbc.co.uk|accessdate=27 August 2017|भाषा=इंग्लिश}}</ref> == आढावा == === युरोप === [[सप्टेंबर १]], [[इ.स. १९३९|१९३९]] रोजी [[जर्मनी]]ने [[जर्मनीचे पोलंडवर आक्रमण (१९३९)|पोलंडवर आक्रमण]] केले. जर्मनीचा नेता [[ॲडॉल्फ हिटलर]] व त्याच्या [[नाझी पक्ष|नाझी पक्षाने]] [[सोव्हिएत संघ|सोव्हिएत संघाशी]] त्यापूर्वी मैत्री-करार केला होता. त्यानुसार सोव्हिएत संघाने [[सप्टेंबर १७]]च्या दिवशी पूर्वेकडून पोलंडवर चाल केली. याला प्रत्युत्तर म्हणून [[युनायटेड किंग्डम]] व [[फ्रान्स]]ने [[सप्टेंबर ३]]ला जर्मनीविरुद्ध युद्ध जाहीर केले. सुरुवातीला हे युद्ध मुख्यत्वे सागरी युद्ध होते. काही महिन्यातच जर्मनीने पोलंड काबीज केले. त्यानंतर [[इ.स. १९४०|१९४०मध्ये]] जर्मन सैन्याने [[नॉर्वे]], [[नेदरलँड्स]], [[बेल्जियम]] व [[फ्रान्स]] पादाक्रांत केले व [[इ.स. १९४१|१९४१मध्ये]] [[युगोस्लाव्हिया]] आणि [[ग्रीस]]चा पाडाव केला. [[इटली]]ने उत्तर आफ्रिकेतील ब्रिटिश वसाहतींवर हल्ला केला. काही महिन्यांनी त्यांना जर्मन सैन्याची कुमक मिळाली. [[इ.स. १९४१|१९४१ च्या]] मध्यापर्यंत जर्मनीने बहुतांश [[पश्चिम युरोप]] आपल्या टाचेखाली आणले होते परंतु युनायटेड किंग्डम जिंकणे त्यांना जमले नाही. याचे मुख्य कारण होते [[रॉयल एर फोर्स]] व [[रॉयल नेव्ही]]ने दिलेली कडवी झुंज. आता [[हिटलर]] सोव्हिएत संघावर उलटला व [[जून २२]], [[इ.स. १९४१|१९४१]] रोजी त्याने अचानक सोव्हिएत संघावर चाल केली. [[ऑपरेशन बार्बारोसा]] या सांकेतिक नावाने योजलेल्या या मोहिमेत जर्मनीला सुरुवातीला भरभरून यश मिळाले. [[इ.स. १९४१|१९४१]] शेवटीशेवटी जर्मन सैन्याने [[मॉस्को]]पर्यंत धडक मारली परंतु येथे ही मोहीम अडकून पडली. सोव्हिएत सैन्याने कडवा प्रतिकार करीत जर्मनीचा रेटा मोडून काढला. पुढे सोव्हिएत सैन्याने [[स्टालिनग्राड]]ला वेढा घालून बसलेल्या [[जर्मनीचे सहावे सैन्य|जर्मनीच्या सहाव्या सैन्यालाच]] प्रतिवेढा घालुन पूर्ण सैन्याला युद्धबंदी बनवले. [[कुर्स्कचे युद्ध|कुर्स्कच्या युद्धात]] सोव्हिएत सैन्याने जर्मनीचा प्रतिकार मोडून काढला व [[लेनिनग्राडचा वेढा]]. उठवला. जर्मन सैन्याने अखेर माघार घेतली. [[लाल सैन्य|लाल सैन्याने]] त्यांचा [[बर्लिन]]पर्यंत पाठलाग केला. बर्लिनमध्ये जर्मन सैन्याने व सामान्य नागरिकांनी घराघरातून सोव्हिएत सैन्याला झुंज दिली परंतु प्रचंड प्रमाणात मिळत असलेल्या कुमकेच्या जोरावर सोव्हिएत सैन्याने बर्लिन जिंकले. याच सुमारास ([[एप्रिल ३०]], [[इ.स. १९४५|१९४५]] रोजी) हिटलरने आपल्या भूमिगत बंकरमध्ये आत्महत्त्या केली. इकडे पाश्चिमात्य दोस्त राष्ट्रांनी [[इ.स. १९४३|१९४३मध्ये]] [[इटली]]वर चाल केली. [[इ.स. १९४४|१९४४मध्ये]] त्यांनी [[नॉर्मंडी]]च्या किनाऱ्यावर हल्ला केला व फ्रान्सला जर्मन आधिपत्यातून मुक्त केले. जर्मनीने चढवलेल्या प्रतिहल्ल्याला [[ऱ्हाईन नदी]]च्या किनाऱ्यावर ''[[बॅटल ऑफ द बल्ज]]'' नावाने प्रसिद्ध लढाईत दोस्त राष्ट्रांनी जबरदस्त उत्तर दिले व येथून आगेकूच करित त्यांनी जर्मनी गाठले आणि [[एल्ब नदी]]च्या किनाऱ्यावर पूर्वेकडून चालून आलेल्या सोव्हिएत सैन्याशी संधान बांधले. यावेळी जर्मनीच्या उरल्यासुरल्या सैन्याने शरणागती पत्करली व हार मान्य केली. युरोपमध्ये चाललेल्या या धुमश्चक्री दरम्यान जर्मन राष्ट्राकडून चालविण्यात आलेल्या वंश हत्येत ६०,००,००० ज्यू व्यक्तींचा बळी गेला. याला [[ज्यूंचे शिरकाण]] अथवा ''[[होलोकॉस्ट]]'' म्हणण्यात येते. === आशिया व प्रशांत महासागर === युरोपमध्ये युद्धाला तोंड फुटण्यापूर्वी [[जपान]]ने [[जुलै ७]], [[इ.स. १९३७|१९३७]] रोजी [[चीन]]वर [[दुसरे चीन-जपान युद्ध|आक्रमण]] केले.,<ref>{{स्रोत पुस्तक|first1=जॉन|last1=फेरिस|first2=एव्हन|last2=मॉड्सले|title=द कॅम्ब्रिज हिस्टरी ऑफ द सेकंड वर्ल्ड वॉर, खंड १: फायटिंग द वॉर|location=[[Cambridge]]|language=English|publisher=[[Cambridge University Press]]|year=2015|ref=harv}}</ref>{{sfn|फॉर्स्टर|गेसलर|२००५|p=६४}} जपानचा रोख चीनमधून पूर्व आणि [[आग्नेय आशिया]]वर स्वारी करीत एकएक देश जिंकायचा होता. यात मिळालेल्या यशानंतर जपानने [[डिसेंबर ७]], [[इ.स. १९४१|१९४१]]च्या दिवशी अनेक राष्ट्रांवर एकाच वेळी हल्ला केला. याच दिवशी [[पर्ल हार्बर]] येथे [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] नौदलावरही हल्ला चढवला गेला. याला प्रत्युत्तर म्हणून अमेरिकेने युद्धात उतरण्याचे निश्चित केले. पुढील सहा महिने जपानला घवघवीत यश मिळाले पण [[कॉरल समुद्राची लढाई|कॉरल समुद्राच्या लढाईत]] अमेरिकन नौसैन्याने त्यांचा प्रतिकार केला व [[मिडवेची लढाई|मिडवेच्या लढाईत]] जपानने हार पत्करली. यात जपानच्या चार [[विमानवाहू नौका]] बुडवून अमेरिकेने जपानी नौसैन्याचा कणाच मोडला. येथून दोस्त राष्ट्रांनी जपानवर प्रतिहल्ला चढवला व [[मिल्ने बेची लढाई|मिल्ने बे]] व [[ग्वादालकॅनाल मोहीम|ग्वादालकॅनालच्या लढाईत]] त्यांनी विजय मिळवला. नैर्ऋत्य प्रशांत महासागरातमध्ये विजयी ठरलेल्या दोस्त राष्ट्रांनी मग प्रशांत महासागराच्या मध्य भागावर रोख धरून मोहीम काढली. यात जपानी सैन्याने त्यांचा कडवा प्रतिकार केला. या मोहीमेदरम्यान [[फिलिपाईन समुद्राची लढाई]], [[लेयटे गल्फची लढाई]], [[इवो जिमाची लढाई|इवो जिमा]] व [[ओकिनावाची लढाई]], इ. अनेक भयानक सागरी युद्धे लढली गेली. या दरम्यान अमेरिकन [[पाणबुडी|पाणबुड्यांनी]] जपानकडे जाणारी रसद तोडण्यात यश मिळवले. याने जपानची आर्थिकदृष्ट्या कुचंबणा होऊ लागली. [[इ.स. १९४५|१९४५मध्ये]] दोस्त राष्ट्रांच्या वायुदलाने जपानवर अनेक वादळी हल्ले चढवले. मुख्यत्वे नागरी वस्त्या व कारखान्यांवर झालेल्या या हल्ल्यांनी जपानची युद्धप्रवण राहण्याची शक्ती कमी झाली. अखेर [[ऑगस्ट ६]], इ.स. १९४५ रोजी अमेरिकेने जपानच्या [[हिरोशिमा]] शहरावर परमाणु बॉम्ब टाकला. [[ऑगस्ट ९]]ला अमेरिकेने [[नागासाकी]] शहरावर असाच हल्ला केला व जोपर्यंत जपान शरण येत नाही तोपर्यंत एक एक करित जपानी शहरे बेचिराख करण्याची धमकी दिली. जपानने [[ऑगस्ट १५]], [[इ.स. १९४५|१९४५]] रोजी बिनशर्त शरणागती पत्करली व दुसऱ्या महायुद्धाचा अधिकृतरीत्या अंत झाला.<ref name="Beevor 2012 776">{{Harvnb|Beevor|2012|p=776}}.</ref> === पर्यवसान === या अतिभयानक युद्धात अंदाजे ६,२०,००,००० (सहा कोटी वीस लाख) व्यक्ती मरण पावल्या. हे म्हणजे जगाच्या त्यावेळेच्या लोकसंख्येच्या २.५ % होय.<ref name="census.gov">{{संकेतस्थळ स्रोत |url=https://www.census.gov/population/international/data/worldpop/table_history.php |title=U.S. Census BureauWorld Population Historical Estimates of World Population |accessdate=March 4, 2016}}</ref> अर्थात, हा केवळ अंदाज आहे व प्रत्येक राष्ट्राचे अंदाज वेगवेगळे आहेत. युरोपमधील आणि आशियामधील अनेक देश या युद्धात बेचिराख झाले. त्यातून सावरायला त्यांना पुढील अनेक दशके घालवावी लागली. दुसऱ्या महायुद्धाचे राजकीय,<ref>{{Harvnb|Barber|Harrison|2006|p=232}}.</ref> सामाजिक, आर्थिक<ref name="GSWW6_266">{{Harvnb|Rahn|2001|p=266}}.</ref><ref>{{Harvnb|Liberman|1996|p=42}}.</ref><ref name="Milward 1979 138">{{Harvnb|Milward|1992|p=138}}.</ref> तसेच तंत्रज्ञानाच्या दृष्टीने जगावर झालेले प्रभाव आजदेखील दिसून येतात. == कारणे == [[जर्मनीचे पोलंडवरील आक्रमण, १९३९|जर्मनीचे पोलंडवरील आक्रमण]] व जपानचे [[दुसरे चीन-जपान युद्ध|चीन]], [[पर्ल हार्बरवरील हल्ला|अमेरिका]] व ब्रिटिश आणि डच वसाहतींवरचे आक्रमण ही दुसऱ्या महायुद्धाची कारणे समजली जातात.{{sfn|Eastman|1986|pp=547–51}} {{sfn|Beevor|2012|p=342}}जगाच्या दोन्ही बाजूच्या या घटनांचे कारण होते जर्मनी व जपानमधील हुकूमशाही सत्ताधीश व त्यांची जगज्जेते होण्याची महत्त्वाकांक्षा. जरी या दोन्ही सत्तांनी आपले पाय पसरवण्यास आधीच सुरुवात केली असली तरी दुसऱ्या महायुद्धाची अधिकृत सुरुवात झाली ती या झोंडशाहीला झालेल्या सशस्त्र विरोधाने. जर्मनीत नाझी पक्ष जरी लोकशाही मार्गाने सत्तेवर आला असला तरी एकदा हातात सत्ता आल्यावर पक्षाधिकाऱ्यांनी जर्मनीतील लोकशाही व्यवस्थेची लक्तरे काढली.{{sfn|Brody|1999|p=4}} असे असून जर्मन जनतेने त्यांना पाठिंबा दिला कारण [[पहिले महायुद्ध|पहिल्या महायुद्धात]] पराभूत झाल्यावर त्यांना जर्मन स्वाभिमानाला जागे करणारे सरकार प्रथमतःच मिळालेले होते.{{sfn|Zalampas|1989|p=62}} पहिल्या महायुद्धात शरणागती पत्करताना [[व्हर्सायचा तह|व्हर्सायच्या तहातील]] २३१वे कलम जर्मन जनतेला असह्य झाले होते.{{sfn|Kantowicz|1999|p=149}} या शिवाय साम्यवाद-विरोध आणि आर्थिक सुबत्ता व प्रगतीच्या वचनांना भुलून जर्मनीने नाझी पक्षाला व पर्यायाने [[ॲडॉल्फ हिटलर|एडॉल्फ हिटलर]]ला अमर्याद सत्ता बहाल केली. हिटलरने जर्मनीला आपल्या हक्काच्या समजल्या जाणाऱ्या सगळ्या देशांना जर्मन सत्तेखाली आणण्याचे वचन दिले व त्यादृष्टीने पावलेही उचलली. नाझी पक्षाने (व स्वतः हिटलरनेही) हिटलरला जर्मनीचा तारणहार असल्याचे भासवले,{{sfn|Adamthwaite|1992|p=52}} व येथून एका भस्मासुराचा जन्म झाला. इकडे जपानमध्ये ''क्रिसॅंथेमम'' (जास्वंदी) वंशाच्या राजांचे राज्य असले तरी खरी सत्ता होती ती सैन्यातील अत्त्युच्च अधिकाऱ्यांच्या टोळक्याकडे. जपानला जगातील महासत्ता करण्याची त्यांची महत्त्वाकांक्षा होती. जपानने या नेतृत्वाखाली [[मांचुरिया]]वर [[इ.स. १९३१|१९३१मध्ये]] व चीनवर [[इ.स. १९३७|१९३७मध्ये]] आक्रमण केले होते. यामागचे कारण होते ते चीन व मांचुरियातील नैसर्गिक संपत्ती बळकावून त्याद्वारे आपला प्रभाव अधिक मजबूत करणे. [[युनायटेड किंग्डम]] व [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेने]] या युद्धात जरी प्रत्यक्ष भाग घेतला नसला तरी त्यांनी चीनला आर्थिक व सैनिकी मदत केली. याशिवाय त्यांनी जपानविरुद्ध आर्थिक नाकेबंदी करीत जपानला मिळणारे [[खनिज तेल]] व इतर रसद कापली. यामुळे जपानला चीन व मांचुरियातील युद्ध जास्त काळ चालू ठेवणे अशक्य झाले व त्यांनी तेथून काढता पाय घेण्याची तयारी सुरू केली. आता जपानकडे उपाय होते म्हणजे चीनचा जिंकलेला प्रदेश परत करणे, खनिज तेल व इतर कच्च्या मालाची इतर पुरवठे शोधणे किंवा हे मिळवण्यासाठी अजून काही देश/प्रांत जिंकणे. आग्नेय आशियातील [[फिलिपिन्स|फिलिपाईन्स]] आणि डच, फ्रेंच व ब्रिटिश वसाहतींमधून या खनिजांचा मुबलक पुरवठा होता व हा भाग चीनमधून हल्ला करण्याच्या टप्प्यातही होता. जपानचा समज होता की आशियातील युरोपीय सत्ता युरोपमध्ये सुरू झालेल्या युद्धात गुंतल्या होत्या व आशियात लक्ष देण्याची त्यांना फुरसत नव्हती. सोव्हिएत संघ जर्मनीशी संधान बांधून असले तरी त्यांच्यात कुरबुर सुरूच होती आणि अमेरिका युद्ध करण्याआधी संधी/करार करण्याचा प्रयत्न करेल. ही परिस्थिती जपानने आग्नेय आशिया गिळंकृत करण्यास साजेशीच होती. हा अंदाज बांधून जपानने डच व ब्रिटिश वसाहतींवर आक्रमण केले व जगाच्या पूर्व भागातील युद्धाला तोंड फुटले. सुरुवातीला तटस्थ असलेल्या अमेरिकेने दोस्त राष्ट्रांना जर्मनीविरुद्ध आर्थिक मदत करणे चालूच ठेवले होते. त्याला खीळ घालण्यासाठी जपानने [[डिसेंबर ७]], [[इ.स. १९४१|१९४१रोजी]] अमेरिकेच्या [[पर्ल हार्बर]] येथील नौसेना तळावर जबरदस्त हल्ला केला व तेथील आरमार उद्ध्वस्त केले. अमेरिकेला आता युद्धात उतरणे भागच होते. अशा प्रकारे अमेरिकेचा या युद्धात प्रवेश झाला. == घटनाक्रम == === युद्धाची सुरुवात - इ.स. १९३९ === ==== युरोपियन रणांगण ==== '''जर्मनीची आगळीक''' [[इ.स. १९३९|१९३९ च्या]] सुमारास जर्मनीने जाहीर केले होते की [[व्हर्सायचा तह|व्हर्सायच्या तहात]] गमावलेला सगळा प्रदेश जर्मनीने जिंकलाच पाहिजे. शिवाय, ज्या ज्या प्रदेशात जर्मनवंशीय व्यक्तींचे बहुमत असेल, ते प्रदेशही जर्मनीचेच भाग झाले पाहिजेत. जर्मनीच्या अधिकृत परराष्ट्र धोरणात म्हणले होते की [[पोलंड]] व [[झेकोस्लोव्हेकिया]]तील काही प्रदेशात जर्मन बाहुल्य होते व तेथील जर्मनवंशीय व्यक्तींच्या हक्कांची पायमल्ली होत होती. त्यांच्या हक्कांचे रक्षण करण्यासाठी असे प्रदेश जर्मनीत असले पाहिजेत. [[:वर्ग:युनायटेड किंग्डमचे पंतप्रधान|युनायटेड किंग्डमच्या पंतप्रधान]] [[नेव्हिल चेम्बरलेन]] बरोबरच्या चर्चासत्रात हिटलरने अनेक पुरावे दाखवले ज्यानुसार जर्मनीच्या शेजारी राष्ट्रातील जर्मनवंशीय लोकांवर अत्याचार होत होते. या सबबीवर हिटलरने असे प्रदेश जर्मनीत समाविष्ट करण्याचा आग्रह धरला. हिटलरच्या या युक्तिवादाला जर्मन जनतेचा पूर्ण पाठिंबा होता. जर्मनीला पहिल्या महायुद्धात नामुष्की पत्करावी लागली होती. व्हर्सायच्या तहातील काही कलमे जर्मनीच्या आर्थिक व सैनिकी विकासाला जाचक होती. याच सुमारास जगभर आर्थिक मंदी सुरू होती, त्याचा प्रभाव जर्मनीवरही पडला होता. व्हर्सायच्या तहानुसार जर्मनीला सैन्य बाळगण्यावर कडक निर्बंध होते व प्रत्येक सैनिकी हालचालीबद्दल [[लीग ऑफ नेशन्स]] द्वारे परदेशी राजवटींना जबाब द्यावा लागत होता. ततः जर्मनीत गरीबी, [[बेकारी]] व असंतोषाचे लोण सर्वदूर पसरलेले होते. याचे भांडवल करून हिटलर व नाझी पक्षाने सत्ता मिळवली व हळूहळू लोकशाही व्यवस्थेत बदल करून अधिकाधिक हुकुमशाहीगत व्यवस्था जर्मनीत आली. नाझींनी जर्मनीला पटवून दिले की अनिर्बंध सत्तेशिवाय जर्मनीचा उद्धार कोणीही करू शकणार नाही. हळूहळू हिटलरने [[ऱ्हाइनलॅंड]] व [[रुह्र]] प्रदेशात सैन्य उभारणीलाही सुरुवात केली. याशिवाय अश्या अनेक कृती केल्या ज्या व्हर्सायच्या तहाविरुद्ध होत्या परंतु जर्मन राष्ट्रहितकारक होत्या. याचा परिणाम जर्मन जनता हिटलरच्या मागे एकमुखाने उभी राहण्याचा झाला. हिटलर व नाझी पक्षाने याचे पूरेपूर फायदा घेतला. जर्मनवंशीयांवर अन्याय होत असल्याचे भासवून त्यांनी याकाळात अनेक इतरवंशीय व्यक्तींचे ([[रोमा जिप्सी]], [[ज्यू]], इ.) सर्रास शिरकाण सुरू केले. '''युरोपीय देशांची अति-सहिष्णुता व युद्धापूर्वीचे मैत्री-करार''' जर्मनीत हे सुरू असताना ब्रिटिश व फ्रेंच सरकारने त्याविरुद्ध पावले उचलायच्या ऐवजी जर्मनीच्या तुष्टीकरणाचे धोरण अवलंबिले. त्यांना जर्मनीशी उघड संघर्ष टाळायचा होता कारण पहिले महायुद्ध संपून जेमतेम २० वर्षे होत होती. संपूर्ण युरोप त्यातून सावरत होता व अजून एक युद्ध झाल्यास [[युनायटेड किंग्डम]] व [[फ्रान्स]]च नव्हे तर युरोपमधील प्रत्येक देशाला त्याची मोठी किंमत मोजावी लागली असती. त्यामुळे दोन्ही देशांनी जर्मनीला ढील देणेच पसंत केले. याचे पर्यवसान [[इ.स. १९३८चा म्युनिक करार|१९३८ च्या म्युनिक करारात]] झाले. याआधी जर्मनीने [[चेकोस्लोव्हेकिया]]तील काही प्रदेश बळकावले होते व अजून पुढे सरकण्याच्या तयारीत असताना फ्रान्स व ब्रिटनने जर्मनीची ही आगळीक मान्य केली व चेकोस्लोव्हेकियाचे प्रदेश जर्मनीला देऊन टाकले. चेम्बरलेनने जाहीर केले की म्युनिक करार हा "आपल्या काळातील शांततेचेच प्रतीक" आहे. मऊ लागल्यावर कोपराने खणल्यासारखे जर्मनीने [[मार्च]] [[इ.स. १९३९|१९३९मध्ये]] उरलेले चेकोस्लोव्हेकियासुद्धा बळकावले. जर्मनीच्या मनसूब्यांबद्दल भ्रमात राहिलेल्या दोस्त राष्ट्रांकडे नुसते बघत बसण्यापेक्षा काही गत्यंतर नव्हते. या व अशा छोट्या-मोठ्या चालींनंतर वर्षभरात युद्धाला तोंड फुटले. म्युनिक करार निष्फळ ठरल्यावर ब्रिटन/फ्रान्ससना कळले की हिटलरच्या आश्वासनांवर विश्वास ठेवून चालणार नव्हते व जर्मन महत्त्वाकांक्षा नुसते आसपासचे प्रदेश गिळंकृत करून थांबणार नव्हती. [[मे १९]], [[इ.स. १९३९|१९३९ला]] पोलंडने व फ्रान्सने परस्पर-मैत्री करार केला व एकावर आक्रमण झाल्यास दुसऱ्याने मदतील धावून येण्याचे मान्य केले. ब्रिटन व पोलंडमध्ये असाच करार मार्चमध्ये झालेला होता. इकडे जर्मनी व सोव्हिएत संघाने [[ऑगस्ट २३]], [[इ.स. १९३९|१९३९ला]] [[मोलोटोव्ह-रिबेनट्रॉप करार|मोलोटोव्ह-रिबेनट्रॉप करारावर]] सह्या केल्या. या करारात जर्मनी व सोव्हिएत संघाने युरोप जिंकून घेणे गृहित धरले होते व त्यानंतर युरोप आपापसात कसा वाटून घ्यायचा याची नोंद होती. तोपर्यंत दोन्ही राष्ट्रांनी एकमेकांच्या सैनिकी कार्रवाईत दखल न देण्याचे कबूल केले व सोव्हिएत संघाकडून जर्मनीला खनिज तेल व इतर रसद पुरवण्याची तरतूद घातली. या कलमामुळे जर्मनीची [[उत्तर समुद्र|उत्तर समुद्रातून]] येणाऱ्या मालवाहतूकीवरील भीस्त कमी झाली. [[पहिले महायुद्ध|पहिल्या महायुद्धात]] हा वाहतूकमार्ग रोखून धरून ब्रिटनने जर्मनीच्या नाकीतोंडी पाणी आणले होते. ही तरतूद झाल्यावर हिटलरची पोलंड व वेळप्रसंगी ब्रिटन व फ्रान्सशीही युद्ध करण्याची तयारी झाली. पुढचे पाउल होते ते काहीतरी कुरापत काढणे. जर्मनीने जाहीर केले की [[डान्झिगचे स्वतंत्र शहर|डान्झिगच्या स्वतंत्र शहरात]] जर्मन व्यक्तींवर अन्याय होत आहे व याचा उपाय करण्यासाठी जर्मनी डान्झिग व पोलंडमधील अन्य शहरे जिंकून घेईल. हे पाहून पोलंड ने [[ऑगस्ट २५]]रोजी युनायटेड किंग्डमशी नव्याने मैत्री करार केला, पण त्याचा जर्मन बेतांवर काही प्रभाव पडला नाही. '''जर्मनी व सोव्हिएत संघाचे पोलंडवर आक्रमण''' [[चित्र:पोलिश सैनिक.jpg|thumb|left|200px|जर्मन आक्रमकांशी लढणारे पोलिश सैनिक, [[सप्टेंबर]] [[इ.स. १९३९|१९३९]]]] [[सप्टेंबर १]], [[इ.स. १९३९|१९३९रोजी]] जर्मनीने खोटी [[ग्लायवित्झचा हल्ला|पोलिश हल्ल्याची]] सबब सांगून पोलंडवर आक्रमण केले. युद्धोत्तर अहवालात कळून आले की पोलंडने जर्मन ठाण्यावरील तथाकथित हल्ला झालाच नव्हता. [[सप्टेंबर ३]]ला [[भारत|भारतासह]] युनायटेड किंग्डम व फ्रान्सने जर्मनीविरुद्ध युद्ध पुकारले. काही दिवसातच [[कॅनडा]], [[ऑस्ट्रेलिया]] व [[न्यू झीलंड]]नेही त्यांचा साथ देण्याचे जाहीर केले. फ्रान्सने जरी युद्ध जाहीर केले असले तरी त्यांची हालचाल संथ होती. [[सार प्रांतातील चढाई|सार प्रांतात नावापुरती चढाई]] केल्यावर काही दिवसात तीसुद्धा सोडून दिली. युनायटेड किंग्डमला नौसेनेच्या कवायती करण्याशिवाय काही करणे शक्य नव्हते. इकडे जर्मनीने पोलिश सैन्याची वाताहत करीत [[सप्टेंबर ८]] रोजी पोलंडची राजधानी [[वॉर्सो]]पर्यंत धडक मारली. [[सप्टेंबर १७]]ला सोव्हिएत संघाने मोलोटॉव्ह-रिबेनट्रॉप करारात ठरवल्याप्रमाणे पोलंडवर पूर्वेकडून चाल केली. पोलिश सैन्याला आता दुसरी आघाडी उघडणे भाग पडले व त्यामुळे आधीच खिळखिळी झालेली बचावाची फळी कोलमडली. पराभव अटळ दिसताना पोलंडच्या राष्ट्राध्यक्ष व सरसेनापतीने दुसऱ्याच दिवशी [[रोमेनिया]]त पळ काढला. वॉर्सोतील सैन्याने महिनाभर तग धरली पण ऑक्टोबर १ रोजी जर्मन सैन्य शहरात घुसले. ४-५ दिवस घराघरातून युद्ध करून ऑक्टोबर ६ला पोलिश सैन्याने हत्यारे खाली ठेवली. काही तुकड्या पळून शेजारील राष्ट्रांमध्ये गेल्या व तेथून त्यांनी [[पोलिश भूमिगत सशस्त्र चळवळ|भूमिगत सशस्त्र चळवळ]] उभारली. या चळवळीने युद्धाच्या अखेरच्या दिवसांत दोस्त राष्ट्रांची मोठी मदत केली. जरी राजधानी व जवळजवळ संपूर्ण देशाचा पाडाव झाला तरी पोलंडने अधिकृतरीत्या जर्मनीकडे शरणागती पत्करली नाही. '''खोटे युद्ध''' पोलंडच्या पाडावानंतर [[इ.स. १९३९|१९३९ च्या]] हिवाळ्यात जर्मनीने आपली वाटचाल तात्पुरती थांबवली. परिस्थितीचा आढावा घेत त्यांनी आपली बचावफळी पक्की केली व पुढील हल्ल्यांची योजना आखणे चालू ठेवले. इकडे ब्रिटन व फ्रान्सने आपले बचावात्मक धोरण चालूच ठेवले. [[एप्रिल महिना|एप्रिल]] १९४०पर्यंत कोणीच काही मोठी हालचाल केली नाही. वृत्तपत्रांनी या कालावधीला ''खोटे युद्ध'' अथवा ''सिट्झक्रीग'' असे उपहासात्मक नाव दिले. '''अटलांटिकची लढाई''' [[पूर्व युरोप|पूर्व युरोपमध्ये]] लढाई सुरू होताच [[अटलांटिक महासागर#उत्तर अटलांटिक|उत्तर अटलांटिक समु्द्रात]] जर्मन [[यु-बोट|यु-बोटींनी]] दोस्त राष्ट्रांच्या व्यापारी जहाजांविरुद्ध कारवाया सुरू केल्या. छुप्या पद्धतीने हल्ला करणाऱ्या या पाणबुड्यांची संख्या जास्त नसली तरी ही कसर त्यांनी त्यांची कुशलता, हिंमत व नशीबाने भरून काढली. ब्रिटिश [[क्रुझर]] [[एच.एम.एस. करेजस (५०)|एच.एम.एस. करेजस]] अशाच एका यु-बोटीला बळी पडली तर अजून एका यु-बोटीने [[एच.एम.एस. रॉयल ओक (०८)|एच.एम.एस. रॉयल ओक]] या [[युद्धनौका|युद्धनौकेला]] बंदरातून बाहेर पडण्याची संधी न देताच जलसमाधी दिली. युद्धाच्या पहिल्या चार महिन्यात यु-बोटींनी ११० जहाजे बुडवली व व्यापारी जहाजवटीवर भीतीचे सावट पसरवले. [[दक्षिण अटलांटिक समुद्र|दक्षिण अटलांटिक समुद्रात]] जर्मन [[पॉकेट बॅटलशिप]] [[ॲडमिरल ग्राफ स्पी (क्रुझर)|ॲडमिरल ग्राफ स्पी]]ने नऊ ब्रिटिश व्यापारी नौका बुडवल्या. अखेर [[एच.एम.एस. अजॅक्स (२२)|एच.एम.एस. अजॅक्स]], [[एच.एम.एस. एक्झेटर (६८)|एच.एम.एस. एक्झेटर]] व [[एच.एम.एन.झेड.एस. अकिलीस]] ने तिला [[मॉॅंटेव्हिडियो]]जवळ गाठले. [[प्लेट नदीची लढाई|प्लेट नदीच्या लढाईत]] ग्राफ स्पीला पराभव अटळ दिसता तिच्या कप्तान [[हान्स लांग्सदोर्फ]] याने समुद्राकडे प्रयाण केले व पकडले जाण्यापेक्षा स्वतःच ग्राफ स्पीला जलसमाधी दिली. ==== पॅसिफिक रणांगण ==== '''[[दुसरे चीन-जपान युद्ध]]''' पूर्वेतील युद्ध युरोपच्या आधीच दोन वर्षे सुरू झाले होते. [[जपान]]ने [[इ.स. १९३१|१९३१मध्ये]] [[मांचुरिया]] जिंकून तेथे तळ ठोकलेला होता. [[जुलै ७]], [[इ.स. १९३७|१९३७]] रोजी जपानने मांचुरियाची हद्द ओलांडून [[बीजिंग|बिजींग]]वर (तेव्हाचे बिपींग) हल्ला चढवला. विद्युतवेगाने आगेकूच करीत जपानी सैन्य [[शांघाय]]पर्यंत पोचले परंतु तेथे त्यांची प्रगती थांबली. [[डिसेंबर]] [[इ.स. १९३७|१९३७मध्ये]] शांघाय पडले व लगेचच राजधानीचे शहर [[नानजिंग]] (तेव्हाचे नानकिंग) ही जपानने जिंकले. चीनी सरकारने नानजिंगहून पळ काढून [[चॉॅंगकिंग]] येथे कामचलाऊ राजधानी उभारली. नानजिंग जिंकल्यावर जपानी सैन्याने तेथील युद्धकैदी व नागरिकांवर अनन्वित अत्याचार केले (पहा - [[नानकिंगची कत्तल]])व एका महिन्यात सुमारे ३,००,००० व्यक्तींची कत्तल केली. '''दुसरे रशिया-जपान युद्ध''' [[जपान]] व [[मंगोलिया]]च्या सरहद्दीवर [[खाल्का नदी]] आहे. मांचुरियातील जपानी राजवटीनुसार ही मांचुरिया-मंगोलियाच्यामधील हद्द होती. मंगोलियाच्या मते हद्द नदीपलीकडे ३० किमी पूर्वेस होती. [[मे ८]], [[इ.स. १९३९|१९३९]] रोजी ७०० मोंगोल घोडेस्वार नदी पार करून पूर्वेस आले. ते पाहताच मांचुरियन सैन्याने त्यांच्यावर हल्ला केला. काही दिवसातच [[सोव्हिएत संघ|सोव्हिएत संघाने]] मंगोलिया व जपानने मांचुरियाच्या सैन्याच्या मदतीला आपले सैन्य पाठवले व तुंबळ युद्धास सुरुवात झाली. सप्टेंबरपर्यंत चालू असलेल्या या युद्धात १८,००० जपानी तर ९,००० सोव्हिएत-मंगोल सैनिक मृत्यू पावले. येथे सुरू असलेले युद्ध थांबले नसते व एकाच वेळी येथ तसेच [[जर्मनी]]शीसुद्धा लढायची पाळी आली तर सोव्हिएत संघाला दोन्ही आघाड्या संभाळणे कठीण गेले होते. सोव्हिएत संघाने [[मोलोटॉव्ह-रिबेनट्रॉप करार|मोलोटॉव्ह-रिबेनट्रॉप करारावर]] सही करण्यामागे हेही एक कारण होते. === युद्ध पसरले - इ.स. १९४० === ==== युरोपीय रणांगण ==== '''सोव्हिएत संघाचे बाल्टिक देशांवर आक्रमण''' [[जर्मनी]] व [[सोव्हिएत संघ|सोव्हिएत संघात]] युद्धाच्या आधी झालेल्या [[मोलोटॉव्ह-रिबेनट्रॉप करार|मोलोटॉव्ह-रिबेनट्रॉप करारानुसार]] [[फिनलंड]]ला सोव्हिएत संघाचे मांडलिक राष्ट्र ठरवण्यात आले होते. त्यानुसार सोव्हिएत संघाने [[नोव्हेंबर ३०]], [[इ.स. १९३९|१९३९]] रोजी फिनलंडवर हल्ला केला. येथून सुरू झालेल्या युद्धाला [[हिवाळी युद्ध]] म्हणतात. सोव्हिएत संघाने फिनिश सैन्याच्या चौपट सैनिक पाठवले तरीही त्यांची पुरेशी प्रगती झाली नाही. फिनिश बचावाची फळी भक्कम होती व त्यांनी पहिला हल्ला रोखून धरला. हळूहळू [[लाल सैन्य|लाल सैन्याने]] आपले हल्ले तिखट केले व फळी फोडण्यात यश मिळवले. फिनलंडने तहाची बोलणी सुरू केली व [[लेनिनग्राड]]ला लागून असलेले व्यूहात्मकदृष्ट्या महत्त्वाचे प्रदेश सोव्हिएत संघाला दिले. या अकारण सुरू केलेल्या युद्धाविरुद्ध जगातील इतर देशांनी विरोध दर्शविला व [[डिसेंबर १४]]ला सोव्हिएत संघाची [[लीग ऑफ नेशन्स]]मधून हकालपट्टी झाली. यामुळे सोव्हिएत संघाला जणू अधिक आगळीक करण्याची मुभाच मिळाली. [[जून]] [[इ.स. १९४०|१९४०मध्ये]] त्यांनी [[लात्व्हिया]], [[लिथुएनिया]] आणि [[एस्टोनिया]]चा पाडाव केला व तेथील सत्ताधारी व्यक्तींना [[सैबेरिया]]तील [[गुलाग]]मध्ये पाठवून दिले. याशिवाय सोव्हिएत संघाने [[रोमेनिया]]कडून [[बेसारेबिया]] व [[उत्तर बुकोव्हिना]] हे प्रांतही बळकावले. '''जर्मनीचे डेन्मार्कवर व नॉर्वेवर आक्रमण''' सोव्हिएत संघ व फिनलंडमधील हिवाळी युद्ध संपताना जर्मनीने [[एप्रिल ९]], [[इ.स. १९४०|१९४०ला]] एकाच वेळी [[डेन्मार्क]] व [[नॉर्वे]]वर [[वेसेऱ्युबुंग मोहीम|ऑपरेशन वेसेरुबंग]] या सांकेतिक नावाखाली मोहीम काढली. डेन्मार्कने लगेचच नांगी टाकली पण नॉर्वेने प्रतिकार केला. [[युनायटेड किंग्डम]]ने नॉर्वेवर चढाई करण्याचा बेत आखलेलाच होता. त्यांनी आपले सैनिक उत्तर नॉर्वेत उतरवले पण जूनपर्यंत जर्मन सैन्य वरचढ ठरले व दोस्त राष्ट्रांनी नॉर्वेतून काढता पाय घेतला. नॉर्वेच्या सैन्याने शरणागती पत्करली व जवळजवळ संपूर्ण नॉर्वे जर्मनीच्या ताब्यात आले. नॉर्वेचा राजा आपल्या कुटुंबियांसह लंडनला पळून गेला. नॉर्वेचा सागरी किनारा हातात आल्यावर जर्मनीने तेथे हवाई व नौसेनेचे तळ उभारले व [[आर्क्टिक महासागर|आर्क्टिक समुद्रातून]] होणाऱ्या पुढील मोहीमेची तयारी सुरू केली. '''जर्मनीचे फ्रान्सवर व 'खालच्या देशांवर' आक्रमण''' [[चित्र:Nazi-parading-in-elysian-fields-paris-desert-1940.png|thumb|left|[[पॅरिस]]च्या [[शॉंझ एलिझे]] रस्त्यावर जर्मन सैनिक, [[जून]] [[इ.स. १९४०|१९४०]]]] [[लक्झेम्बर्ग]], [[बेल्जियम]] व [[नेदरलँड्स]] हे समुद्रसपाटीपासून समतल व काही प्रदेशात समुद्राच्या पातळीच्याही खाली आहेत म्हणून त्यांना ''लो कन्ट्रीज'' अथवा खालचे देश असे म्हणतात. [[मे १०]], [[इ.स. १९४०|१९४०]] रोजी जर्मनीने या तीनही देश व शिवाय फ्रान्सवर हल्ला केला. या घटनेने ''खोटे युद्ध'' संपले व ''खरे युद्ध'' परत सुरू झाले. जर्मनीला रोखण्यासाठी [[ब्रिटिश एक्स्पिडिशनरी फोर्स (दुसरे महायुद्ध)|ब्रिटिश एक्स्पिडिशनरी फोर्स]] व फ्रेंच सैन्य उत्तर बेल्जियममध्ये घुसले. दक्षिणेत फ्रान्सने [[मॅजिनो लाईन]]वर आपली बचावफळी तयार केलेली होती. तेथे जर्मन सैन्याला अडवून ठेवून उत्तरेत गनिमी काव्याने जर्मनीशी लढायचे असा त्यांचा बेत होता पण जर्मनीने [[ब्लिट्झक्रीग]] अथवा ''विद्युतवेगी युद्धाचा'' अत्युत्तम नमूना दाखवत फ्रेंच व ब्रिटिश सैन्याचा धुव्वा उडवला. इकडे [[लुफ्तवाफे]]ने नेदरलँड्सच्या [[रॉटरडॅम]] शहरावर बॉम्बफेक करून शहराचा विनाश केला. हल्ल्याच्या पहिल्या टप्प्यात ''वेह्रमाख्ट''ची (जर्मन सेना) ''पॅन्झरग्रुप फोन क्लाईस्ट'' ही तुकडी सुसाट [[आर्देन्नेस]] पार करून गेली. दोस्त राष्ट्रांचा अंदाज होता की दाट जंगल असलेला हा प्रदेश यांत्रिकी व रणगाड्यांना पार करणे अशक्य होते. हा अंदाज चुकीचा ठरवत जर्मन सैन्याने [[सेदान, फ्रान्स|सेदान]] येथे येऊन धडकले. सेदानचे रक्षण करणारे सैन्यदल हे फ्रेंच सैन्याचे नेहमीचे सैनिक नव्हते. येथे हल्ला होण्याची शक्यता कमी असल्याकारणाने येथे कुमक जास्त नव्हती. वेह्रमाख्टने सहजगत्या बचावाची फळी फोडली आणि पश्चिमेकडे आगेकूच करीत थेट [[इंग्लिश खाडी|इंग्लिश चॅनेल]] पर्यंत जाऊन पोचले. जर्मन सैन्याच्या दुसरे सैन्याने बेल्जियम, लक्झेम्बर्ग व नेदरलँड्सचा सहजगत्या पाडाव केला. आता दोस्तराष्ट्रांचे सैन्य दुभागले गेले व उत्तर फ्रान्स व खालच्या देशातले सैनिक जर्मन सैन्याच्या कचाट्यात सापडले. त्यांच्या समोर आता आत्मसमर्पण करणे किंवा पळ काढणे हेच पर्याय होते. [[ऑपरेशन डायनॅमो]] या मोहिमेअंतर्गत ३,३८,००० दोस्त सैनिकांना [[डंकर्क]]हून उचलण्यात आले. युद्धनौका, होड्या, व मिळेल त्या तरंगणाऱ्या वाहनांतून या सैनिकांनी [[इंग्लंड]] गाठले. [[जून १०]]ला [[इटली]] जर्मनीच्या बाजूने युद्धात उतरले व फ्रान्सच्या दक्षिणेकडून त्यांनी हल्ला केला. जर्मन सैन्याने फ्रान्समध्ये अनिर्बंध कूच सुरू ठेवली व जवळजवळ सगळे फ्रान्स आपल्या टाचेखाली आणले. [[जून २२]], [[इ.स. १९४०|१९४०]] रोजी फ्रान्सने शस्त्रसंधीची याचना केली व शरणागती पत्करली. जर्मन सैन्याने [[पॅरिस]]मध्ये तळ ठोकला व आग्नेय फ्रान्समध्ये [[विची फ्रान्स]] हे नावापुरते स्वतंत्र परंतु खरेतर जर्मनधार्जिणे सरकार बसवले. अशाप्रकारे [[बॅटल ऑफ फ्रान्स]] ही एकतर्फी लढाई जर्मनीने जिंकून युरोपमध्ये आपले वर्चस्व प्रस्थापित केले. '''बॅटल ऑफ ब्रिटन''' फ्रान्सवरची मोहीम विजयी होत असताना जर्मनीने युनायटेड किंग्डमवर [[ऑपरेशन सी लायन]] या नावाच्या मोहिमेची आखणी सुरू केली. ब्रिटिश सैन्याने डंकर्कहून पळ काढताना बरीचशी हत्यारे, जड तोफा व रसद तेथेच टाकून दिली होती व त्यामुळे ब्रिटिश सैन्याची स्थिती अगदी केविलवाणी झाली होती. असे असता जर एक घणाघाती घाव घातला तर युनायटेड किंग्डमने गुडघे टेकले असते. पण ब्रिटनवर हल्ला करायचा तर त्यासाठी समुद्र पार करावा लागणार होता किंवा आरमारी वेढा घालावा लागला असता. [[रॉयल नेव्ही]]शी टक्कर देणे जर्मन आरमाराला शक्य नव्हते पण काही करून ब्रिटीिद्वीपांवर सैन्य उतरवता आले व त्याला हवेतून आधार देता आला तर विजय निश्चित होता. त्यासाठी आधी रॉयल एर फोर्सचा समाचार घेणे आवश्यक होते. [[लुफ्तवाफे]] व [[रॉयल एर फोर्स]]च्या या लढाईला [[बॅटल ऑफ ब्रिटन]] म्हणतात. लुफ्तवाफेने सुरुवात केली ती रॉयल एर फोर्सच्या विमानतळ व [[रडार]]चा वेध घेऊन. मोडक्यातोडक्या धावपट्ट्यांवरूनसुद्धा उड्डाणे भरून आर.ए.एफ.च्या वैमानिकांनी त्यांचा प्रतिकार सुरू केला व धाव घेतली थेट [[बर्लिन]]कडे. राजधानी बर्लिनवरील झालेल्या बॉम्बफेकीमुळे [[ॲडॉल्फ हिटलर]]चा संताप झाला व त्याने [[लंडन]] शहरावर हल्ले सुरू करण्याचे आदेश दिले. [[द ब्लिट्झ]] नावाने ओळखल्या जाणाऱ्या या हल्ल्यांमध्ये लंडनचे अतोनात नुकसान झाले. आर.ए.एफ.ने आपल्या [[स्पिटफायर]] व [[हरिकेन, विमान|हरिकेन]] विमानांनी कसेबसे का होईना हे हल्ले परतवून लावले व लुफ्तवाफेला हवेत वर्चस्व मिळू दिले नाही. इकडे समुद्रात रॉयल नेव्हीने जर्मन आरमाराला रोखून धरले व इंग्लंडवर चढाई करण्याचा हिटलरचा मनसुबा धुळीत मिळाला. आता युनायटेड किंग्डमचा नाद सोडून हिटलरने आपली नजर पूर्वेकडे वळवली. '''इटलीचे ग्रीसवर आक्रमण''' युद्धापूर्वीच [[इटली]]ने [[आल्बेनिया]]वर चढाई केलेली होती. [[ऑक्टोबर २८]], [[इ.स. १९४०|१९४०]] रोजी तेथून त्यांनी [[ग्रीस]]वर हल्ला केला. ग्रीक सैन्याने तिखट उत्तर दिले व पुढील दोन महिन्यात इटलीलाच मागे रेटत अल्बेनियाचा एक चतुर्थांश भाग काबीज केला. [[रॉयल नेव्ही]]ने ग्रीसच्या मदतीला येऊन इटलीच्या आरमाराविरुद्ध कारवाया सुरू केल्या. या धामधुमीत इटलीचे ५,३०,००० सैनिक अडकून पडले व त्यांची प्रगती खुंटली. ==== आशियातील व प्रशांत महासागरातील रणांगण ==== '''दुसरे चीन-जपान युद्ध''' [[इ.स. १९४०|१९४० च्या]] सुमारास येथील युद्ध थंडावले होते. इतस्ततः हल्ल्यात कोणत्याच बाजूला निर्णायक विजय मिळत नव्हता. [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिका]] जरी अधिकृतरीत्या तटस्थ असले तरी [[चीन]]ला त्यांची भरघोस आर्थिक मदत होती, शिवाय चिनी वायुदलाच्या मदतीला काही [[फ्लाईंग टायगर्स|अमेरिकन वैमानिकही]] पाठविण्यात आले होते. '''आग्नेय आशियातील युद्ध''' [[जुलै]] [[इ.स. १९४०|१९४०मध्ये]] [[फ्रेंच इंडो-चायना]]मध्ये आपल्याला लष्करी तळ उभारण्यासाठी जागा पाहिजे असल्याचे जपानने सूतोवाच केले. [[फ्रान्स]] व इतर पाश्चिमात्य देशांनी अर्थातच ही मागणी धुडकावून लावली. [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेने]] [[इ.स. १९११चा जपान-अमेरिका व्यापारी करार|१९११ च्या जपान-अमेरिका व्यापारी करारातून]] अंग काढून घेतल्याचे जाहीर केले व जपानला युद्धसामग्री निर्यात करण्यावर बंदी घातली. जपानने [[सप्टेंबर २२]] रोजी जपानी सैन्याने उत्तर फ्रेंच इंडो-चायना वर चाल केली. ==== उत्तर आफ्रिकेचे रणांगण ==== [[फ्रेंच आरमार|फ्रेंच आरमाराने]] नांगी टाकल्यावर भूमध्य समुद्रातील वर्चस्वासाठी [[रॉयल नेव्ही]] व [[रेजिया मरिना|इटलीच्या आरमारात]] चढाओढ सुरू झाली. रॉयल नेव्हीने आपल्या [[जिब्राल्टर]], [[माल्टा]] व [[इजिप्त]]च्या [[अलेक्झांड्रिया, इजिप्त]] बंदरातील तळांवरून कारवाया सुरू ठेवल्या. ऑगस्टमध्ये इटालियन सैन्याने [[ब्रिटिश सोमालीलॅंड]] जिंकले व पुढील महिन्यात [[लिबिया]]मधून इजिप्तमधील ब्रिटिश सैन्यावर हल्ला केला. इटलीचा बेत होता [[सुएझ कालवा]] जिंकायचा. असे झाल्यावर [[भारत]] व इंग्लंडमधील नौकानयन बंद पडले असता व इंग्लंडला मिळणारी रसद व पैसा कमी होऊन युद्धातील जोर कमी झाला असता. या हल्ल्याला ब्रिटिश, [[ऑस्ट्रेलिया|ऑस्ट्रेलियन]] व भारतीय फौजांनी [[ऑपरेशन कंपास]] या मोहीमेत प्रत्युत्तर दिले व कालवा ब्रिटिश हातातच ठेवला. जर्मनीने आपली [[आफ्रिका कॉर्प्स]] नावाने नंतर ख्यातनाम झालेली रणगाड्यांची सेना [[जनरल इर्विन रोमेल]]च्या नेतृत्वाखाली लिब्यात उतरवली. === युद्ध जगभर पसरले - इ.स. १९४१ === ==== युरोपीय रणांगण ==== '''लेंड लीझ''' [[फ्रान्स]]मध्ये प्रयत्नांची शर्थ करताना [[युनायटेड किंग्डम]]चे लश्करी बळ रोडावले होते. [[भारत]] व इतर वसाहतींतून अमाप संपत्ती ओढूनसुद्धा राष्ट्र आता भिकेला लागण्याची चिह्ने होती. अशा परिस्थितीत [[:वर्ग:अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष|अमेरिकेच्या राष्ट्राध्यक्ष]] [[फ्रॅंकलिन डिलानो रूझवेल्ट]]ने [[अमेरिकन काँग्रेस]]ला पटवून दिले की [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेने]] जर ब्रिटिश साम्राज्याला मदत नाही केली तर युद्ध अमेरिकेच्या दाराशी येण्यास वेळ लागणार नाही. कॉॅंग्रेसने युद्धात उतरण्यास नकार दिला परंतु युनायटेड किंग्डम व ३७ इतर दोस्त राष्ट्रांना ५,००,००,००,००० (पाच अब्ज) अमेरिकन डॉलरचे युद्धसाहित्य व इतर रसद पुरवण्याचे मान्य केले. यातील ३,४०,००,००,००० डॉलर हे युनायटेड किंग्डमसाठी राखीव होते. अमेरिकन कॉॅंग्रेसचा हा ठराव [[लेंड लीझ]] नावाने ओळखण्यात येतो. कॅनडाने देखिल ४,७०,००,००,००० (चार अब्ज सत्तर कोटी) अमेरिकन डॉलरचे साहित्य युनायटेड किंग्डमला पाठवले. '''जर्मनीचे ग्रीसवर, क्रीटवर व युगोस्लाव्हियावर आक्रमण''' [[मार्च २८]]ला [[रॉयल नेव्ही]]ने [[इटालियन आरमार|इटालियन आरमाराशी]] [[भूमध्य समुद्र|भूमध्य समुद्रात]] [[केप माटापान]]जवळ झुंज घेतली. जवळजवळ एकतर्फी झालेल्या या लढाईत इटालियन आरमाराने तीन [[विनाशिका]] व पाच [[क्रुझर]] गमावल्या. रॉयल नेव्हीची दोन विमाने खर्ची पडली. पांगळ्या झालेल्या इटालियन आरमाराची ग्रीसमध्ये समुद्रमार्गे सैनिक पोचवण्याची कुवत कमी झाली. [[एप्रिल ६]], [[इ.स. १९४१|१९४१]] रोजी [[जर्मनी]], [[इटली]], [[हंगेरी]] व [[बल्गेरिया]]च्या सैन्यांनी [[युगोस्लाव्हिया]]वर चढाई केली. नाममात्र प्रतिकार मोडून काढत हे आक्रमक १० दिवसांत राजधानीपर्यंत पोचले व शरण आलेल्या युगोस्लाव्हियात त्यांनी अक्ष-धार्जिणे सरकार बसवले. जरी युगोस्लाव्ह सैन्याने लढा दिला नसला तरी तेथील नागरिकांनी दोन भूमिगत सशस्त्र चळवळी उभारल्या. या दोन्हींनी अक्ष राष्ट्रांबरोबर एकमेकांवरही हल्ले सुरू ठेवले. याच दिवशी (एप्रिल ६) जर्मनीने बल्गेरियातून [[ग्रीस]]वर हल्ला केला. इटलीला प्रखर लढा देणाऱ्या ग्रीक सैन्याची कुवत जर्मनीच्या अफाट सैन्यापुढे कमी पडली व त्यांनी माघार घेतली. [[एप्रिल २७]]ला [[अथेन्स]]चा पाडाव होण्यापूर्वी [[युनायटेड किंग्डम]]ने ५०,००० ग्रीक सैनिकांना उचलले. जरी ग्रीस पडले असले तरी जर्मनीचे सैन्य बरेच दक्षिणेला आले होते. परत आपल्या आघाडीवर जाण्यात त्यांचे जवळजवळ ६ आठवडे खर्ची पडले. याची जर्मनीला पुढे मोठी किंमत मोजावी लागणार होती. [[मे २०]], [[इ.स. १९४१|१९४१]] रोजी जर्मनीने आपल्या [[७वी फ्लायगर डिव्हिजन]] व [[५ माउंटन डिव्हिजन, जर्मनी|५ माउंटन डिव्हिजन]] या युद्धकुशल तुकड्या [[क्रीट]]मध्ये उतरवल्या. ग्रीसमधून पराभूत होऊन आलेल्या ११,००० ग्रीक सैनिकांनी व २८,००० स्थानिक अर्धसैनिक दलांनी त्यांचा प्रतिकार केला. बेटावरील तीन विमानतळांवर लक्ष केंद्रित केलेल्या जर्मन सैन्याचे पहिल्या दिवशी अतोनात नुकसान झाले पण [[मालेमे विमानतळ]] काबीज करण्यात त्यांना यश मिळाले. त्यानंतर त्यांनी विमानाद्वारे अधिक कुमक मागवली व लवकरच ग्रीक सैन्याचा बीमोड केला. जरी जर्मनीने ही लढाई जिंकली असली तरी ग्रीक सैन्याने हवाईहल्ल्यांविरुद्ध दाखवलेल्या शौर्यामुळे हिटलरने हवाई हल्ले करणे बंद केले. '''जर्मनीचे सोव्हिएत संघावर आक्रमण''' [[चित्र:Eastern Front 1941-06 to 1941-12.png|thumb|left|200px|[[ऑपरेशन बार्बारोसा]] - जर्मनीची सोव्हिएत संघावर चाल - जून ते डिसेंबर १९४१.]] जर्मनी व सोव्हिएत संघाने [[ऑगस्ट महिना|ऑगस्ट]] [[इ.स. १९३९|१९३९मध्ये]] [[मोलोटॉव्ह-रिबेनट्रॉप करार]] केला व त्यानंतर एकमेकांना युद्धात सहकार्य केले. तेव्हापासून १९४१ च्या मध्यापर्यंत सोव्हिएत संघाने जर्मनीला युद्धसाहित्य, रसद, इ. साहाय्य केले. [[जून २२]], [[इ.स. १९४१|१९४१ला]] जर्मनी सोव्हिएत संघावर उलटला. या दिवशी [[ऑपरेशन बार्बारोसा]] ही आधुनिक इतिहासातील मनुष्यबळाच्या बाबतीत सगळ्यात मोठी मोहीम सुरू झाली. जर्मनीने तीन सैन्यसमूह, अंदाजे ४०,००,००० सैनिक सोव्हिएत संघात घुसवले. [[लाल सैन्य|लाल सैन्याला]] या व्यूहात्मक धक्क्यातून सावरायची संधी न देता ही टोळधाड रशियात विद्युतवेगाने शिरली. रशियन सैन्याच्या तुकड्यांना वेढा घालायचा व त्याचा घेरा आवळत आवळत शत्रूला नामशेष करायचे हा जर्मन सैन्याचा या लढायांमधील खाक्या होता. लाल सैन्याचे संपूर्ण पश्चिम सैन्य याप्रकारे नेस्तनाबूद झाले. अक्ष राष्ट्रांचे लक्ष विचलित करायला सोव्हिएत संघाने [[जून २५]]ला [[फिनलंड]]वर परत हल्ला केला व दुसरी आघाडी उघडली. असे असूनसुद्धा जर्मनीला समोरासमोर टक्कर देता येत नाही हे पाहून सोव्हिएत सैन्याने दग्धभू(स्कॉर्च्ड अर्थ) व्यूह अंगिकारला. जर्मन सैन्य जेथे चढाई करणे अपेक्षित होते त्या भागातील कारखाने व इतर व्यवसाय होते तसे मोडले व भराभर [[युरल पर्वत|युरल पर्वतांच्या]] पलीकडे नेउन जशीच्या तशी परत उभे केले. शेतातील उभी पिके जाळली, अन्नभांडार नष्ट केले व पूर्वेकडे माघार घेतली. [[नोव्हेंबर]] [[इ.स. १९४१|१९४१ च्या]] सुमारास जर्मन सेना [[लेनिनग्राड]], [[मॉस्को]] व [[रोस्तोव्ह]]च्या वेशीवर येऊन ठेपली. आता अतिकठीण असा रशियन हिवाळा सुरू झाला व पाच महिने अव्याहत चाललेली जर्मन आगेकूच ठप्प झाली. जर्मन सेनाधिकाऱ्यांचा अंदाज होता की रशियातील थंडी सुरू व्हायच्या आतच जर्मन [[ब्लिट्झक्रीग]]पुढे रशिया गुडघे टेकेल व हिवाळ्यात युद्ध करायची गरजच उरणार नाही. [[ग्रीस]]मध्ये घालवलेले ६ आठवडे आता त्यांच्या अंगाशी येणार होते. जर्मन सेनेला स्थानिक रसद मिळणे दुरापास्तच होते. त्यांना [[पोलंड]] व जर्मनीतून युद्धसाहित्य, यंत्रसामग्री व अन्न-धान्यदेखील मागवावे लागत होते. कडाक्याच्या थंडीत हे सगळे आघाडीवर पोचायला अनेक आठवडे लागत होते व जर्मन सैन्याची कुचंबणा व काही ठिकाणी तर उपासमारदेखील होऊ लागली. इकडे या थंडीची सवय असलेल्या लाल सैन्याने आपली लश्करभरती चालूच ठेवली होती. जर्मन सैन्य मॉस्कोपासून हाकेच्या अंतरावर आले असता सोव्हिएत सैन्याने प्रतिहल्ले सुरू केले. आपली राजधानीच इरेला पडलेली पाहून त्यांनी केलेल्या या कडव्या हल्ल्यांनी आधीच अगतिक झालेले जर्मन सैन्य मागे हटले. सोव्हिएत रेटा इतका जबरदस्त होता की अक्ष सैन्याने काही दिवसातच १५०-२५० कि.मी. पीछेहाट केली. दुसऱ्या महायुद्धातील अक्ष राष्ट्रांची ही पहिली माघार होय. '''अटलांटिकचे युद्ध''' [[मे ९]], [[इ.स. १९४१|१९४१]] रोजी रॉयल नेव्हीची [[विनाशिका]] [[एच.एम.एस. बुलडॉग (एच९१)|एच.एम.एस. बुलडॉग]]ने एक जर्मन [[यू-बोट]] पकडली व त्यातून संपूर्णावस्थेत असलेले [[एनिग्मा यंत्र]] जप्त केले. जर्मनीचे कूटसंदेश समजण्यासाठी हे यंत्र अतिमहत्त्वाचे होते. [[मे २४]] रोजी जर्मन [[युद्धनौका बिस्मार्क]] युद्धात उतरली. [[डेन्मार्कच्या अखातातील लढाई]]त बिस्मार्कने रॉयल नेव्हीचा मानदंड असलेली [[बॅटलक्रुझर]] [[एच.एम.एस. हूड]]ला जलसमाधी दिली. चिडलेल्या रॉयल नेव्हीने बिस्मार्कचा शोध घेण्यासाठी युद्धनौकांचा तांडा सोडला. तीन दिवस सतत चाललेल्या या शोधाच्या अंती बिस्मार्क सापडली. हा लपाछपीचा खेळ २,७०० कि.मी. चालला. यात ब्रिटिश आरमाराच्या आठ युद्धनौका, दोन विमानवाहू नौका, अकरा क्रुझर, एकवीस विनाशिका व सहा पाणबुड्यांनी भाग घेतला होता. [[एच.एम.एस. आर्क रॉयल]] या विमानवाहू नौकेवरील विमानांनी बिस्मार्कवर [[टॉरपेडो]]ने हल्ला केला. हल्ल्याने नुकसान फारसे झाले नाही पण बिस्मार्कचे सुकाणू अडकून बसले. दिशाहीन झालेल्या बिस्मार्कला मग इतर युद्धनौकांनी गाठले व बुडवले. ==== आशिया व प्रशांत महासागरातील रणांगण ==== '''अमेरिकेचे युद्धात पदार्पण''' [[ऑपरेशन बार्बारोसा|हिटलरच्या सोव्हिएत संघावरील आक्रमणाची]] [[जपान]]ला पूर्वकल्पना नव्हती. सोव्हिएत संघाला याची कुणकुण होती व एकाचवेळी दोन्हीकडून हल्ला होण्याचे टाळण्यासाठी सोव्हिएत संघाने जपानशी मैत्री करण्याचे ठरवले. [[एप्रिल १३]], [[इ.स. १९४१|१९४१]] रोजी [[सोव्हिएत-जपान तटस्थता करार]] करण्यात आला. यात सोव्हिएत संघाला पूर्वेकडून हल्ला न होण्याचे आश्वासन होते तर जपानला खात्री मिळाली की पश्चिमेकडून त्यांच्यावर हल्ला होणार नाही. जपानला आता आशिया-प्रशांत महासागरामधील युद्धावर लक्ष केंद्रित करायला मोकळीक मिळाली. [[चित्र:USS California sinking-Pearl Harbor.jpg|thumb|200px|right|जपानी विमानहल्ल्यांमुळे बुडालेली [[यु.एस.एस. कॅलिफोर्निया (बीबी-४४)|यु.एस.एस. कॅलिफोर्निया]]]] [[इ.स. १९४१|१९४१ च्या]] [[ग्रीष्म|ग्रीष्मात]] [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिका]], [[युनायटेड किंग्डम]] व [[नेदरलँड्स]]ने जपानला खनिजतेल विकण्यावर निर्बंध घातले. याने जपानची युद्ध चालू ठेवण्याची कुवत धोक्यात आली. जपानने होत्या त्या रसदीनिशी [[चीन]]मधील आगेकूच चालूच ठेवली. जपानचा बेत होता अमेरिकेवर अचानक धाड टाकून त्यांच्या आरमाराला निकामी करायचे व त्याच वेळी [[डच ईस्ट ईंडीझ]]मध्ये घुसून तेथील तेलसाठे बळकावायचा. त्यानुसार [[डिसेंबर ७]], [[इ.स. १९४१|१९४१]] रोजी जपानी आरमाराने अमेरिकेच्या [[हवाई]] प्रांतातील [[पर्ल हार्बर]] येथील आरमारी तळावर प्रचंड शक्तीनिशी हल्ला केला. या धाडीत अमेरिकेच्या आरमाराचे प्रचंड नुकसान झाले. सहा युद्धनौका बुडाल्या, दोन निकामी झाल्या व इतर अनेक नौकांचा विनाश झाला. या शिवाय नौका-दुरूस्ती केंद्र, रसद साठा व इतर अनेक व्यवसाय विनाश पावले. शेकडो सैनिक व नागरिक मृत्युमुखी पडले. अमेरिकेच्या सुदैवाने जपानी धाडीचे मुख्य लक्ष्य असलेल्या चार विमानवाहू नौका त्या वेळी कवायतींसाठी बाहेर पडलेल्या होत्या त्या वाचल्या व तळावरील इंधनसाठ्यालाही धक्का पोचला नाही. दुसऱ्या दिवशी अमेरिकेने जपानविरुद्ध युद्ध पुकारले. या हल्ल्यामुळे आत्तापर्यंत तटस्थ असलेले अमेरिकन जनमत पूर्णतः बदलले व या हल्ल्याचा वचपा काढण्याची मागणी होऊ लागली. अमेरिकेने जपानविरुद्ध युद्ध पुकारताच [[जर्मनी]]ने [[डिसेंबर ११]]ला अमेरिकेविरुद्ध युद्ध पुकारले. [[ॲडॉल्फ हिटलर]]चा अंदाज होता की याने जर्मनीला जपानची सहानुभूती मिळेल व जपानकडून जर्मनीच्या सोव्हिएत संघावरील आक्रमणाला पाठिंबा मिळेल. परंतु जपान आपल्या [[सोव्हिएत-जपान तटस्थता करार|सोव्हिएत संघाला दिलेल्या शब्दाला]] जागले व त्यांच्याविरुद्ध युद्धात भाग नाही घेतला. उलट, जर्मनीच्या या कृतीमुळे अमेरिकेतील [[युरोप]]मधल्या युद्धात भाग घेण्याविरुद्धचा उरलासुरला विरोधदेखील मावळला व युद्ध आता खरोखरचे जागतिक युद्ध झाले. '''जपानची आगेकूच''' त्याचवेळी [[डिसेंबर ८]] रोजी (म्हणजे अमेरिकेतील डिसेंबर ७लाच) जपानने [[हॉंग कॉंग]]वर हल्ला केला व त्यानंतर लगेचच [[मलाया]], [[फिलिपिन्स|फिलिपाईन्स]], [[बॉर्नियो]] व [[म्यानमार|बर्मा]]वरही हल्ला केला. येथे त्यांना [[भारत|भारतीय]], ब्रिटिश, [[ऑस्ट्रेलिया|ऑस्ट्रेलियन]], [[कॅनडा|केनेडीयन]], [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकन]] व [[न्यू झीलंड]]च्या सैन्याने कडवा प्रतिकार केला परंतु हे सगळे प्रदेश जपानने काही महिन्यातच काबीज केले. [[सिंगापूर]] बळकावताना जपानने हजारो ब्रिटिश व भारतीय सैनिकांना युद्धबंदी बनवले. चीनने अखेर जपानविरुद्ध अधिकृतरीत्या युद्ध पुकारले. जपानने [[प्रशांत महासागर|प्रशांत महासागरातील]] रॉयल नेव्हीच्या तांड्यावर हल्ला चढवून [[एच.एम.एस. प्रिन्स ऑफ वेल्स]], [[एच.एम.एस. रिपल्स]] या युद्धनौका व त्यासोबत ८४० खलाश्यांना यमसदनी धाडले. याचा युनायटेड किंग्डमला मोठाच धक्का बसला. == पर्ल हार्बरवरील हल्ला == [[७ डिसेंबर]], [[इ.स. १९४१]] रोजी [[जपान|जपानाने]] अमेरिकेच्या [[पर्ल हार्बर]], [[हवाई]] येथील नाविक तळावर [[पर्ल हार्बरवरील हल्ला|आकस्मिक हल्ला]] चढवला. अमेरिकेच्या पॅसिफिक नौदलाने जपानाच्या आग्नेय आशियातील साम्राज्यविस्तारासाठी ब्रिटन, नेदरलँड्स् आणि अमेरिकेच्या ताब्यातील प्रांतांविरुद्ध आखण्यात आलेल्या लष्करी कारवायांत अडथळा आणू नये, म्हणून [[शाही जपानी नौदल|शाही जपानी नौदलाने]] ७ डिसेंबर, इ.स. १९४१ च्या सकाळी (जपानी प्रमाणवेळेनुसार [[८ डिसेंबर]], [[इ.स. १९४१]]) हा हल्ला केला. ३५३ जपानी लढाऊ विमाने, बॉंब आणि टॉर्पेडो विमाने यांचा वापर करून तळावर हल्ला केला. अमेरिकन नौदलाच्या आठही लढाऊ जहाजांचे प्रचंड नुकसान झाले. त्यांपैकी चार जहाजे बुडाली. या आठपैकी सहा जहाजे पुन्हा मिळवून्, दुरुस्त करून त्यांचा वापर पुढे युद्धात करण्यात आला. जपानी नौदलाने तीन क्रूझर, तीन विनाशिका, एक विमानविरोधी प्रशिक्षण नौका आणि एक सुरूंगनौका यांचेही नुकसान केले. अमेरिकेची १८८ विमाने नष्ट झाली, २,४०२ अमेरिकन लोक मृत्युमुखी पडले, १,२८२ अमेरिकन लोक जखमी झाले. वीजकेंद्र, गोदी, इंधन व टॉर्पेडो साठवण्याची गोदामे तसेच, पाणबुडीचे धक्के आणि मुख्यालय (जे हेरखात्याचे केंद्र होते) यांवर हल्ला केला गेला नाही. अमेरिकेच्या तुलनेत जपानाचे कमी नुकसान झाले: २९ विमाने आणि ५ लहान पाणबुड्या नष्ट झाल्या, ६५ सैनिक कामी आले वा जखमी झाले व केवळ् एक जपानी सैनिक पकडला गेला. ह्या अनपेक्षित हल्ल्याने अमेरिकन जनतेला प्रचंड धक्का बसला व त्याने अमेरिकेला दुसऱ्या महायुद्धात उतरण्यास भाग पाडले. [[८ डिसेंबर]], [[इ.स. १९४१]]<nowiki/>रोजी अमेरिकेने अधिकृतरीत्या जपानाविरुद्ध युद्ध पुकारले व ती ब्रिटनाच्या बाजूने युद्धात उतरली. यापुढील अमेरिकन कारवायांमुळे [[जर्मनी]] व [[इटली]] यांनी [[११ डिसेंबर]], [[इ.स. १९४१]] रोजी अमेरिकेविरुद्ध युद्ध पुकारले. त्याला अमेरिकेने तसेच प्रत्युत्तर दिले. या आकस्मिक जपानी हल्ल्यामागे बराच पूर्वेतिहास होता, परंतु, सामोपचाराने बोलणी चालू असताना, कुठलीली पूर्वसूचना न देता झालेल्या ह्या हल्ल्यामुळे तत्कालीन अमेरिकन साष्ट्रपती [[फ्रॅंकलिन डी. रूझवेल्ट]] यांनी ७ डिसेंबर, १९४१ या दिवसाबद्दल 'अ डेट विच विल लिव्ह इन इन्फेमी' (बदनाम, असंतोषजनक दिवस)  असे उद्गार काढले आहेत. ==== आफ्रिकेतील रणांगण ==== '''उत्तर आफ्रिका व मध्यपूर्व''' उत्तर आफ्रिकेत उतरलेल्या [[एर्व्हिन रोमेल|फील्ड मार्शल रोमेल]]च्या सैन्याने पूर्वेकडे आगेकूच चालू ठेवली व [[टोब्रुकचा वेढा|टोब्रुक या बंदराला वेढा]] घातला. [[टोब्रुक]] सोडवायचे दोस्त राष्ट्रांचे दोन प्रयत्न निष्फळ झाले शेवटी [[ऑपरेशन क्रुसेडर]] या मोहीमेंतर्गत मोठ्या सैन्यानिशी हल्ल्याला उत्तर दिल्यावर रोमेलने टोब्रुकचा वेढा उठवला वा इतरत्र प्रयाण केले. [[एप्रिल महिना|एप्रिल]]-[[मे]] [[इ.स. १९४१|१९४१मध्ये]] [[युनायटेड किंग्डम]]ने [[इराक]]वर हल्ला करून इराक परत जिंकून घेतले. [[जून]]मध्ये दोस्त सैन्याने [[सीरिया]] व [[लेबेनॉन]] जिंकले. तटस्थ राहिलेल्या [[इराण]]वर सोव्हिएत संघाने व ब्रिटनने हल्ला केला व तेथील तेलसाठा बळकावला. इराणमधील तेलवाहिन्यांतून सोव्हिएत संघाला खनिज तेलाचा मुबलक पुरवठा सुरू झाला. === तिढा - इ.स. १९४२ === ==== युरोपीय रणांगण ==== '''मध्य व पश्चिम युरोप''' [[मे]] [[इ.स. १९४२|१९४२मध्ये]] चेकोस्लोव्हेकियातील भूमिगत सशस्त्र चळवळीच्या सद्स्यांनी '[[शेवटचा उपाय|शेवटच्या उपायाचा]]' योजक [[राइनहार्ड हेड्रिख]] याचा खून केला. याचा वचपा काढण्यासाठी हिटलरने [[चेकोस्लोव्हेकिया]]मधील [[लिडाईस]] हे गाव बेचिराख केले. [[ऑगस्ट महिना|ऑगस्ट]]मध्ये [[कॅनेडा|केनेडीयन]] सैनिकांनी [[ऑपरेशन ज्युबिली]] नावाखाली [[फ्रान्स]]च्या [[दियेपे]] गावाजवळ धाड घातली. ही मोहीम सपशेल फसली व अनेक सैनिक मृत्युमुखी पडले वा युद्धबंदी झाले पण यातून दोस्त सेनापतींनी धडे घेतले व [[ऑपरेशन टॉर्च]] व [[ऑपरेशन ओव्हरलॉर्ड]]च्यावेळी ते गिरवले. '''शिशिरामधील व वसंतातील सोव्हिएत हल्ले''' [[उत्तर युरोप]]मध्ये [[लाल सैन्य|लाल सैन्याने]] [[जानेवारी ९]] ते [[फेब्रुवारी ६]]च्या दरम्यान [[टोरोपेट्स-खोल्म मोहीम]] उघडुन [[अँड्रियापोल]] व [[देम्यान्स्क]]जवळ जर्मन तुकड्यांना हरवले. याशिवाय [[खोल्म]], [[वेलिझ]] व [[वेलिकी लुकी]]च्या आसपास जर्मन सैन्याला थोपवण्यात त्यांना यश मिळाले. दक्षिणेत [[मे]] महिन्यात सोव्हिएत सैन्याने [[जर्मनीचे सहावे सैन्य|जर्मनीच्या सहाव्या सैन्याविरुद्ध]] आघाडी उघडली. [[खार्कोव्ह]]जवळ १७ दिवस चाललेल्या लढाईत २,००,०००पेक्षा जास्त लाल सैनिक मृत्यू पावले. '''ग्रीष्मातील अक्ष हल्ले''' [[जून २८]]ला [[अक्ष राष्ट्रे|अक्ष राष्ट्रांनी]] [[ऑपरेशन ब्लू]] ही मोहीम सुरू केली. जर्मन सैन्य आग्नेयेला [[डॉन नदी]] पासून [[व्होल्गा नदी]]पर्यंत [[कॉकेसस पर्वत|कॉकेसस पर्वतांच्या]] दिशेने कूच करू लागली. [[जर्मन सैन्यसमूह बी|सैन्यसमूह बी]] [[स्टालिनग्राड]] शहर जिंकायच्या अपेक्षेने निघाला. स्टालिनग्राड जिंकून जर्मन सैन्याची डावी आघाडी सुरक्षित होताच [[जर्मन सैन्यसमूह ए|सैन्यसमूह ए]] दक्षिणेतील तेलसाठे जिंकून घेणार होता. ग्रीष्म संपता झालेल्या कॉकेससच्या लढाईत जर्मनीने हे तेलसाठे जिंकून घेतले. '''स्टालिनग्राड''' <br />''मुख्य पान: [[स्टालिनग्राडचा वेढा]]'' [[चित्र:स्टालिनग्राड सैनिक.jpg|thumb|200px|right|स्टालिनग्राडच्या भग्नावशेषातून लढणारे सोव्हिएत सैनिक]] जर्मन सैन्यसमूह बी [[ऑगस्ट २३]], [[इ.स. १९४२|१९४२]] रोजी [[स्टालिनग्राड]]च्या उत्तरेला [[व्होल्गा नदी]]च्या किनारी येऊन पोचला. यासुमारास [[लुफ्तवाफे]]ने केलेल्या बॉम्बफेकीत गावाच्या मध्यावर असलेल्या लाकडी इमारती व कारखाने उद्ध्वस्त झाले. महिन्याभरात उरलेसुरले उद्योग-धंदेही नष्ट झाले व शहराच्या पिछाडीस असलेले पूल व रस्तेसुद्धा जर्मन तोफखान्याच्या पल्ल्यात आले. आता स्टालिनग्राडला रसद/कुमक मिळणेही मुश्किल झाले. जर्मन सैन्याने आता शहरात धाडी घालणे सुरू केले. सोव्हिएत सैनिकांनी व स्टालिनग्राडच्या नागरिकांनी त्यांचा चौकाचौकातून व घराघरातून सामना केला. अत्यंत भयानक अश्या हातोहात लढाया रोजच व्हायला लागल्या. हळूहळू रशियन हिवाळा जर्मन सैन्यालाही गारठू लागला पण लढाईची तीव्रता तितकीच राहिली. दमछाक व उपासमारीने दोन्हीकडील सैन्याला पछाडले. स्टालिनग्राडची स्थिती तर अगदीच केविलवाणी होती पण तरीही तेथील नागरिक जिद्दीने मुकाबला करीत राहिले. आता [[ॲडॉल्फ हिटलर]]ही ईरेला पेटला. काही केल्या स्टालिनग्राड जिंकायचेच असे हुकुम त्याने सोडले. जर्मन सेनापतींनी व्यूहात्मक माघार घेउन हिवाळ्यानंतर परत हल्ला करायचे सुचवले पण हिटलरने ते धुडकावून लावले. आता स्टालिनग्राडच्या लढाईत हिटलर [[बर्लिन]]मधून स्वतः व्यूह रचू लागला. [[जनरल फोन पॉलस]]ने वैतागून [[नोव्हेंबर]]मध्ये शहरावर निर्वाणीचा हल्ला चढवला [[जर्मनीचे सहावे सैन्य]] स्टालिनग्राडमध्ये घुसले. त्यांनी शहराचा ९०% भाग काबीज केला. सोव्हिएत सैन्याने स्टालिनग्राडच्या बाहेर सैन्य गोळा करण्यास सुरुवात केलेली होती. जर्मन सैन्याचा मोठा भाग शहरात होता व तेथील हातोहात लढायां गुंतलेला होता. परिणामी त्यांच्या बाजू दुबळ्या पडल्या. ही संधी साधून सोव्हिएत सैन्याने [[ऑपरेशन युरेनस]] ही मोहीम सुरू केली व [[नोव्हेंबर १९]] रोजी जर्मन सैन्याच्या दोन्ही बाजूने एल्गार केला. हा हल्ला परिणामकारक ठरला व जर्मन सैन्याचा प्रतिकार खचला. दोन्हीकडून आलेले सोव्हिएत सैन्य स्टालिनग्राडच्या नैर्ऋत्येला [[कलाच]] शहराजवळ एकत्र झाले. परिणामी स्टालिनग्राडमध्ये घुसलेले सहावे जर्मन सैन्य आता चारही बाजूंनी वेढले गेले. [[चित्र:Battle of Stalingrad.png|thumb|200px|left|स्टालिनग्राडची लढाई]] अडकलेल्या जर्मन सैन्याने हिटलरकडे वेढा फोडून बाहेर पडण्याची (त्यायोगे स्टालिनग्राड परत सोव्हिएत सैन्याला देण्याची) परवानगी मागितली पण ती नाकारली गेली. हिटलरने सहाव्या सैन्याला स्टालिनग्राडमध्येच थांबायचा हुकुम सोडला व बाहेरून सैन्य पाठवून वेढा फोडण्याचे आश्वासन दिले. त्यादरम्यान लुफ्तवाफेद्वारा रसद पुरवण्याचीही ग्वाही दिली. पण लुफ्तवाफेकडून होणारी मदत ही गरजेच्या एक षष्ठांशही नव्हती व लवकरच जर्मन सैन्याची गत महिन्याभरापूर्वीच्या स्टालिनग्राडच्या नागरिकांसारखीच झाली. [[लाल सैन्य|लाल सैन्याला]] हिटलरच्या व्यूहाचा अंदाज होताच. त्यांनी [[मॉस्को]]जवळ [[ऑपरेशन मार्स]] सुरू केले व [[जर्मनीचा सैन्यसमूह मध्य|मध्य सैन्यसमूहाची]] लांडगेतोड करण्यास सुरुवात केली. परिणामी जर्मनीला तेथून स्टालिनग्राडच्या मदतीला कुमक पाठवणे अशक्य झाले. मॉस्कोकडून कुमक येत नसल्याचे पाहून [[जर्मनीचा सैन्यसमूह दक्षिण|दक्षिण सैन्यसमूहाच्या]] सेनापती [[फोन मॅनस्टीनने]] [[डिसेंबर]]मध्ये आपल्या सैन्यातून काही तुकड्या स्टालिनग्राडच्या मदतीला पाठवल्या पण स्टालिनग्राडपासून ५० कि.मी. अंतरावरील लढाईत त्यांचा पराभव झाला व त्यांनी माघार घेतली. स्टालिनग्राडमधील सहाव्या सैन्याची स्थिती दिवसेंदिवस बिकट होत चालली होती. हिटलरला अजूनही स्टालिनग्राडमध्ये पराभव मान्य नव्हता. जानेवारीत त्याने जनरल पॉलसला [[फील्ड मार्शल|फील्डमार्शल]]पदी पदोन्नती दिली. जर्मनीच्या इतिहासात एकाही फील्डमार्शलने शत्रूसमोर शरणागती पत्करली नव्हती तसेच एकही फील्डमार्शल शत्रूच्या हाती जिवंत लागलेला नव्हता. फोन पॉलसच्या पदोन्नतीतून हिटलर जणू काही फोन पॉलस व सहाव्या सैन्याला संदेशच देत होता की त्यांनी शरणागती पत्करणे हिटलरला मंजूर नव्हते. अपेक्षित होते ते मरेपर्यंत लढणे व हरल्यास मरणे. परंतु फोन पॉलसला हे पटले नाही. आपल्या सैन्याची दयनीय अवस्था पाहून त्याने [[फेब्रुवारी २]] रोजी सोव्हिएत सैन्यासमोर शरणागती पत्करली. असलेल्या सैनिकांपैकी २२ जनरलांसह फक्त ९१,००० सैनिकांना जिवंतपणी युद्धबंदी केले गेले. यांपैकीसुद्धा केवळ ५,००० युद्धाच्या अंतापर्यंत जिवंत राहिले. अतिशय दारुण अशा या लढाईत दोन्ही पक्षांचे अपरिमित नुकसान झाले. दोन्हीकडचे मिळून २०,००,००० व्यक्ती मरण पावल्या. पैकी अक्ष राष्ट्रांचे ८,५०,००० सैनिक व उरलेले सोव्हिएत सैनिक व नागरिक होते. तोपर्यंतच्या जगाच्या इतिहासातील मृतांच्या आकड्याच्या दृष्टीने ही सगळ्या मोठी लढाई ठरली. ==== प्रशांत महासागरातील रणांगण ==== '''नैर्ऋत्य व मध्य प्रशांत महासागर''' [[जपान]]विरुद्ध युद्धाची तयारी करीत असताना [[:वर्ग:अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष|अमेरिकेच्या राष्ट्राध्यक्ष]] [[फ्रॅंकलिन डिलानो रूझवेल्ट]]ने अमेरिकेत राहणाऱ्या जपानी, इटालियन व जर्मन वंशाच्या अमेरिकन नागरिकांना बंदिवासात धाडण्याचा हुकुम सोडला. युद्ध संपेपर्यंत हे लोक हलाखीच्या अवस्थेत तुरुंगसदृश जागेत राहिले. त्यादरम्यान त्यांची संपत्ती सरकार व इतर नागरिकांनी बळकावली. [[एप्रिल महिना|एप्रिल]] [[इ.स. १९४२|१९४२मध्ये]] [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेने]] जपानवर पहिला हल्ला केला. [[टोक्यो]]वरील बॉम्बफेकीने नुकसान जास्त झाले नसले तरी अमेरिकन जनतेच्या अंगावर मूठभर मांस चढले व जपानने आपले काही सैन्य व आरमार स्वतःच्या किनाऱ्याजवळ परत बोलावले. मेमध्ये जपानी आरमाराने [[न्यू गिनी]]तील [[पोर्ट मोरेस्बी]] शहरावर हल्ला केला. दोस्त राष्ट्रांच्या आरमाराने [[कॉरल समुद्राची लढाई|कॉरल समुद्राच्या लढाईत]] जपानला रोखले परंतु अमेरिकेची [[यु.एस.एस. लेक्झिंग्टन]] ही विमानवाहू नौका त्यात बळी पडली. कॉरल समुद्राची ही लढाई विमानवाहू नौकांची आमनेसामने झालेली पहिलीच लढाई होती. पुढच्या महिन्यात दोन्ही आरमारात पुन्हा टक्कर झाली ती [[मिडवेची लढाई|मिडवेच्या लढाईत]]. तोपर्यंत अमेरिकेच्या तंत्रज्ञांनी जपानी कूटसंदेशलेखनपद्धती उकलली होती व त्यामुळे त्यांना जपानी बेतांची पूरेपूर माहिती होती. अमेरिकेच्या बॉम्बफेकी विमानांनी जपानच्या चार विमानवाहू नौका बुडवल्या व जपानी आरमाराचा कणा मोडला. इतिहासकारांच्या मते ही लढाई युद्धातील निर्णायक क्षणांपैकी होती. येथून जपानच्या अनिर्बंध सत्ताप्रसाराला खीळ बसली. [[चित्र:ग्वादालकॅनाल अमेरिकन सैनिक.jpg|thumb|200px|right|ग्वादालकॅनालमध्ये अमेरिकन सैनिक]] [[मे]]मध्ये न्यू गिनीवर समुद्रीमार्गाने केलेले आक्रमण फसल्यावर जपानने जुलैमध्ये जमिनीवरून हल्ला केला. पोर्ट मोरेस्बीच्या पश्चिमेस जंगलात जमा होऊन [[कोकोडा पायवाट|कोकोडा पायवाटेवरून]] जपानी सैन्याने हल्ला केला. त्यावेळी पोर्ट मोरेस्बीचा बचाव करण्याची जबाबदारी [[ऑस्ट्रेलियन सैना|ऑस्ट्रेलियन सैन्यावर]] होती. ५,००० सैनिकांनी मिळेल त्या हत्यारांनिशी आपल्यापेक्षा बऱ्याच मोठ्या सैन्याचा यशस्वी प्रतिकार केला व जपानी सैन्याला मागे रेटले. यानंतर दोन्ही सैन्यांनी कुमक मागवली व [[सप्टेंबर]]मधील [[मिल्ने बेची लढाई|मिल्ने बेच्या लढाईनंतरही]] [[जानेवारी]] [[इ.स. १९४३|१९४३पर्यंत]] चकमकी होत राहिल्या पण दोस्त सैन्याने पोर्ट मोरेस्बी शत्रूच्या हाती पडू दिले नाही. जपानी सेनेचा जमिनीवरील युद्धात हा प्रथम पराभव होता. [[ऑगस्ट ७]]ला [[अमेरिकेचे मरीन सैन्यदल|अमेरिकेचे मरीन सैनिक]] [[ग्वादालकॅनालची लढाई|ग्वादालकॅनालच्या लढाईत]] उतरले. [[ग्वादालकॅनाल]] बेटावर वर्चस्व मिळवण्यासाठी झालेली ही लढाई सहा महिने चालली. यादरम्यान आसपासच्या समुद्रात अनेक आरमारी लढाया झाल्या त्यातील काही म्हणजे [[साव्हो बेटाची लढाई]], [[केप एस्पेरान्सची लढाई]], [[ग्वादालकॅनालची आरमारी लढाई]], [[तासाफरोंगाची लढाई]], इ. '''चीन-जपान युद्ध''' पर्ल हार्बरवरील हल्ल्यानंतर जपानने [[चीन]]वर नव्याने हल्ला केला. यावेळी त्यांचा रोख [[चांग्शा]] शहर जिंकण्यावर होता. जपानने १,२०,००० सैनिकांसह केलेल्या [[चांग्शाची लढाई, इ.स. १९४२|हल्ल्याला]] चीनने ३,००,००० सैनिकांनी प्रत्युत्तर दिले. दोन बाजूंनी चीनी सैन्याच्या कचाट्यात सापडलेल्या जपानने तेथून काढता पाय घेतला. ==== आफ्रिकेतील रणांगण ==== '''ईशान्य आफ्रिका''' [[चित्र:Bundesarchiv Bild 101I-783-0150-28, Nordafrika, Panzer III.jpg|thumb|200px|left|जर्मनीच्या पॅंझर कोरचे रणगाडे आफ्रिकेत]] [[इ.स. १९४२|१९४२]]च्या सुरुवातीला दोस्त राष्ट्रांना आफ्रिकेतील काही सैन्य पूर्वेच्या आघाडीवर पाठवावे लागले. याच वेळी [[जनरल रोमेल]]ने [[लिब्या]]तील [[बेंगाझी]] शहर काबीज केले. त्यानंतर त्याने [[गझालाची लढाई|गझालाच्या लढाईत]] दोस्त सैन्याला हरवले व [[टोब्रुक]] जिंकून घेत दोस्त सैन्याची वाताहत केली. टोब्रुकला हजारो युद्धबंदी व मोठी रसद मिळवून रोमेलने [[इजिप्त]]वर चढाई केली. इजिप्तमध्ये [[अल अलामेनची पहिली लढाई]] [[जुलै]] [[इ.स. १९४२|१९४२मध्ये]] झाली. रोमेलने दोस्त सैन्याला मागे रेटत [[अलेक्झांड्रिया, इजिप्त]] व [[सुएझ]]पर्यंत ढकलले पण आता जर्मन सैन्याकडील इंधन व अन्नसाठाही संपत आलेला होता व कोपऱ्यात सापडलेल्या दोस्त सैन्याचा प्रतिकारही तिखट झाला होता. अल अलामेनच्याच जवळ [[अल अलामेनची दुसरी लढाई|दुसरी लढाई]] झाली ती [[ऑक्टोबर २३]] व [[नोव्हेंबर ३]]च्या दरम्यान. [[लेफ्टनंट जनरल]] [[बर्नार्ड मॉॅंटगोमरी]]च्या नेतृत्वाखाली [[ब्रिटनचे आठवे सैन्य|ब्रिटिश आठव्या सैन्याने]] रोमेलला माघार घेण्यास भाग पाडले. रोमेलने आफ्रिका कोरसह [[ट्युनिसिया]]त माघार घेतली '''वायव्य आफ्रिका''' दोस्त राष्ट्रांनी [[नोव्हेंबर ८]], [[इ.स. १९४२|१९४२]] रोजी [[ऑपरेशन टॉर्च]] नावाची मोहीम सुरू केली. [[कॅसाब्लांका]], [[ओरान]] व [[अल्जीयर्स]]मधून सैनिक घुसवून उत्तर आफ्रिका जिंकण्याच्या बेताने उतरलेल्या या सैन्याला काही दिवसांनी [[बोने]] येथे उतरलेल्या सैनिकांची साथ मिळाली. हा सगळा जथा ट्युनिसियातील रोमेलच्या सैन्यावर चाल करून गेला. रस्त्यात [[विची फ्रान्स]]च्या सैन्याने नाममात्र प्रतिकार केला पण शत्रूची संख्या व कुवत पाहून लगेचच हत्यारे खाली ठेवली. यामुळे चिडलेल्या [[ॲडॉल्फ हिटलर]]ने वीचि फ्रान्सवर हल्ला करून तेथील नाममात्र सरकारसुद्धा पदच्युत केले व लष्करी कायदा लावला. आता ट्यूनीशियातील जर्मन व इटालियन सैन्य [[अल्जीरिया]] व [[लीबिया]]कडून चाल करून येणाऱ्या दोस्त सैन्याच्या कचाट्यात सापडले. [[जनरल रोमेल|रोमेलने]] ही कोंडी फोडण्यासाठी [[कॅसरीन पासची लढाई|कॅसरीन पासच्या लढाईत]] अमेरिकन सैन्याला धूळ चारली व अक्ष सैन्याचा एक भाग सोडवला. पण उरलेल्या अक्ष सैन्याने लवकरच पराभव पत्करला. === बदलते वारे - इ.स. १९४३ === ==== युरोपीय रणांगण ==== '''सोव्हिएत कारवाया''' [[स्टालिनग्राडचा वेढा|स्टालिनग्राडच्या विजयानंतर]] [[लाल सैन्य|लाल सैन्याने]] जर्मन सैन्याचा पाठपुरावा करण्यास सुरुवात केली. मुख्यत्वे [[डॉन नदी]]च्या आसपासच्या या कारवायात सोव्हिएत सैन्याला सुरुवातीस यश मिळाले पण लवकरच जर्मनीने नव्या दमाने त्यांचा प्रतिकार केला व एकामागोमाग लढाया जिंकल्या. [[खार्कोव्ह]] शहर परत जर्मनीच्या हातात गेले. सोव्हिएत सैन्याने वर्षअखेर [[खार्कोव्हची चौथी लढाई|खार्कोव्ह परत मिळवले]]. सोवयेत सैन्याची चढती कमान पाहून [[ॲडॉल्फ हिटलर]]ने आपल्या सैन्याला [[ड्नाइपर नदी]]पर्यंत माघार घेण्याची परवानगी दिली. [[सप्टेंबर]]पर्यंत ड्नाइपरच्या तीरावर बचावफळी तयार करण्यात आली पण लवकरच सोव्हिएत सैन्याने तेथून जवळच ड्नाइपर ओलांडली व एकामागोमाग शहरे काबीज करण्यास सुरुवात केली. [[झापोरोझ्ये]] व [[ड्नेप्रोपेट्रोव्ह्स्क]] नंतर लाल सैन्याने [[युक्रेन]]ची राजधानी [[क्यीव्ह]]कडे मोर्चा वळवला. [[नोव्हेंबर]]मध्ये क्यीव्हच्या दोन्ही बाजूंनी हल्ला करीत सोव्हिएत सैन्य शहरात दाखल झाले. [[डिसेंबर २४]]ला [[कोरोस्टेन]] जिंकून घेउन तेथून रेल्वेमार्गाच्या बाजूने चाल करीत सोव्हिएत व युक्रेनियन सैन्याने [[इ.स. १९३९|१९३९ च्या]] सोव्हिएत-[[पोलंड]] सीमेपर्यंत धडक मारली. '''जर्मन कारवाया''' [[इ.स. १९४३|१९४३चा]] [[वसंत]] जर्मन आणि सोव्हिएत सैन्यांनी पुनर्बांधणीत घालवला. तयारी पूर्ण न झाल्यामुळे जर्मनीने आघाडी उघडणे लांबवले. अखेर [[जुलै ४]]च्या सुमारास [[वेह्रमाख्ट]]ने दुसऱ्या महायुद्धातील आपले सगळ्यात मोठे दल जमा केले आणि [[कुर्स्क]] शहरावर चाल केली. याची कल्पना असलेल्या लाल सैन्याने येथे मातीचे कामचलाउ किल्ले उभारून त्याआडून प्रतिकार केला. जर्मनीने रशियन व्यूहरचनेतील पान उचलून कुर्स्कच्या उत्तर व दक्षिणेकडून एकदम चाल केली होती. त्यांचा बेत सोव्हिएत सैन्याच्या पिछाडीचा प्रदेश काबीज करून [[स्टालिनग्राड]]प्रमाणे रशियाच्या ६० डिव्हिजन पकडण्याचा होता. उत्तरेकडून आलेल्या जर्मन सैन्याला फारशी प्रगती करता नाही आली पण दक्षिणेतून त्यांनी बरीच मजल मारली. वेढले जाण्याची शक्यता ओळखून सोव्हिएत सैन्याने आपली राखीव दलेसुद्धा आता युद्धात उतरवली. यावेळी झालेली [[कुर्स्कची लढाई]] ही रणगाड्यांची युद्धातील सगळ्यात मोठी लढाई ठरली. [[प्रोखोरोव्ह्का]] शहराजवळ झालेल्या या लढाईत दोन्ही बाजूंनी होतीनव्हती ती सगळी शक्ती पणाला लावली. जर्मनीचे सैन्य गेली चार वर्षे अव्याहत लढत होते व त्यांच्याकडे राखीव असे सैन्य नव्हतेच. उलटपक्षी रशियाने आपले ताज्या दमाचे राखीव सैन्य रणात उतरवले होते. याची परिणती लवकरच दिसून आली. जर्मन हल्लेखोरांचा धुव्वा उडवत सोव्हिएत सैन्याने त्यांना युद्धाच्या सुरुवातीपेक्षा मागे रेटले. '''दोस्तांचे इटलीवर आक्रमण''' [[ऑगस्ट महिना|ऑगस्ट]] [[इ.स. १९४३|१९४३मध्ये]] [[रोमेल]]ने [[कॅथेरीन पासची लढाई|कॅथेरीन पासच्या लढाईत]] दोस्त सैन्याला गुंगारा दिला होता पण [[ट्युनिसिया]]तील उरलेले अक्ष सैन्य फारसा प्रतिकार करू शकले नाही व २,५०,००० सैनिकांनी तेथे आत्मसमर्पण केले. यात इटलीच्या सैन्यदलातील बहुसंख्य सैनिक होते. दरम्यान [[जुलै]]मध्ये दोस्त राष्ट्रांनी [[ऑपरेशन हस्की]] मोहीमेंतर्गत [[सिसिली]]वर चढाई केली व महिन्याभरात बेट जिंकून घेतले. शत्रु दाराशी येऊन ठेपलेला बघताच [[इटली]]तील [[बेनितो मुसोलिनी]]चे सरकार गडगडले. राजा [[व्हिक्टर इम्मॅन्युएल तिसरा, इटली|व्हिक्टर इम्मॅन्युएल तिसऱ्याने]] मुसोलिनीला पदच्युत केले व [[ग्रेट फाशिस्ट काउन्सिल]]च्या संमतीने त्याला अटकही करवली. [[पीयेत्रो बॅदोग्लियो]]च्या नेतृत्वाखालील नवीन सरकारने युद्ध चालू ठेवण्याचे जाहीर केले पण एकीकडे दोस्त राष्ट्रांशी गुप्त वाटाघाटी सुरू केल्या. यात ठरल्याप्रमाणे दोस्तांनी [[सप्टेंबर ३]] रोजी इटलीवर चढाई केली. चार-पाच दिवस नाममात्र प्रतिकार करून इटलीने शरणागती पत्करली. राजा व त्याचे कुटुंब बॅदोग्लियोच्या सरकारसह [[रोम]]हून दक्षिणेला पळून गेले. नेतृत्वहीन इटालियन सैन्याने तुरळक लढाया केल्या पण थोड्याच दिवसांत त्यांनीही शस्त्रे खाली ठेवली. हे पाहताच उत्तरेतून जर्मन सैन्य पुढे सरसावले व त्यांनी दोस्त सैन्याला रोमच्या दक्षिणेला [[गुस्ताव रेषा|गुस्ताव रेषेवर]] चार-पाच महिने रोखून धरले. जर्मनीने उत्तरेत [[सालोचे इटालियन समाजवादी प्रजासत्ताक]] या नावाखाली जर्मनधार्जिणे सरकार मुसोलिनीच्या हाती देऊन बसवले. याचवेळी जर्मनीने [[युगोस्लाव्हिया]]त आपले सैनिक [[पाचवी सुजेत्का मोहीम|पाठवून]] तेथील भूमिगत चळवळ चिरडण्याचा प्रयत्न केला. '''अटलांटिकची लढाई''' [[जर्मनी]]ने आपल्या [[यु-बोट|यु-बोटींनी]] दोस्त राष्ट्रांच्या आरमाराला गेली चार वर्षे सळो की पळो केलेले होते. आता दोस्तांनी त्यांचे आरमारी व्यूह बदलले व यु-बोटींचा प्रतिकार करण्यास सुरुवात केली. [[इ.स. १९४३|१९४३मध्ये]] यु-बोटींना नौकांचे दोन तांडे बुडवण्यात यश आले पण शत्रूने अनेक यु-बोटीही बुडवल्या. जर्मनीत नवीन यु-बोटी तयार होणे जवळजवळ थंडावलेच होते. आपली संख्या कमी होत असलेली पाहून यु-बोटींनी खुल्या समुद्रात हल्ले करण्याचे सोडले व किनाराऱ्याच्या जवळ राहून शिकार शोधणे पसंत केले. यु-बोटींचा धोका कमी होताच दोस्त आरमारांनी [[आर्क्टिक महासागर|आर्क्टिक समुद्रातून]] [[रशिया]]कडे रसद धाडण्यास पुनः सुरुवात केली. यामुळे सोव्हिएत संघाचे पारडे जड होणार असे दिसताच जर्मन आरमाराने आपला मोर्चा तिकडे वळवला. [[नॉर्थ केपची लढाई|नॉर्थ केपच्या लढाईत]] [[रॉयल नेव्ही]]च्या [[एच.एम.एस. ड्यूक ऑफ यॉर्क]], [[एच.एम.एस. बेलफास्ट]] व इतर काही विनाशिकांनी मिळून जर्मनीची शेवटची [[बॅटल क्रुझर]] [[शार्नहॉर्स्ट]]ला जलसमाधि दिली. ==== आशिया व प्रशांत महासागरातील रणांगण ==== '''मध्य व नैर्ऋत्य प्रशांत महासागर''' दोस्त सैन्याने [[जानेवारी २]]ला [[न्यू गिनी]]तील [[बुना, न्यू गिनी|बुना]] शहर जिंकले व [[पोर्ट मोरेस्बी]]वरील जपानी टांगती तलवार दूर केली. [[जानेवारी २२]] पर्यंत पुढे चाल करीत त्यांनी जपानी सैन्याचे पूर्व आणि पश्चिम न्यू गिनीमध्ये ये-जा करण्याचे मार्गही बंद केले. त्यामुळे दोन्हीकडच्या जपानी सैन्यांना हरवणे सोपे झाले. अमेरिकन सैन्याने [[फेब्रुवारी ९]]ला [[ग्वादालकॅनाल]] मुक्त केले व [[सोलोमन द्वीपसमूह|सोलोमन द्वीपांवर]] चढाई केली व वर्षअखेर तेही जिंकून घेतले. '''चीन-जपान युद्ध''' [[चित्र:Changde battle.jpg|thumb|200px|left|चांग्डेची लढाई]] [[चीन]]च्या [[हुनान]] प्रांतातील [[चांग्डे]] शहरावर [[जपान]]ने [[नोव्हेंबर २]], [[इ.स. १९४३|१९४३]] रोजी १,००,००० सैनिकांसह [[चांग्डेची लढाई|हल्ला]] केला. पुढील काही दिवसांत हे शहर जपान व चीनच्या हाती पडले पण अंती चीनने जपानी आक्रमकांना हुसकावून लावले व बाहेरून मदत मिळेपर्यंत शहर लढवले. [[स्टालिनग्राडचा वेढा|स्टालिनग्राडप्रमाणे]] चाललेल्या या युद्धात दोन्हीकडचे मिळून १,००,०००हून अधिक व्यक्ती मृत्युमुखी पडल्या '''आग्नेय आशिया''' चीनमध्ये सम्राट [[च्यांग कै-शेक]]च्या नेतृत्वाखालील [[कॉमिन्टांग सैन्य]] आणि [[साम्यवादी]] [[माओ झेडॉॅंग]]च्या नेतृत्वाखालील चीनी सैन्य जपानी आक्रमणाचा सामना करीत असले तरी दोघांत एकवाक्यता नव्हती व एकमेकांत कुरबुरी सुरूच होत्या. इकडे ब्रिटनने दोन्ही सैन्यांना [[बर्मा रोड]] नावाने ओळखल्या जाणाऱ्या घनदाट जंगल व कठीण पर्वत पार करीत [[आसाम]] पासून ब्रह्मदेश(आताचे [[म्यानमार]])मार्गे रसद पुरवठा सुरू ठेवला होता. जपानने म्यानमार हस्तगत केल्यावर हा मार्ग बंद पडला. यावर उपाय म्हणून [[रॉयल एरफोर्स]]ने ईशान्य भारतातील विमानतळांवरून ही मदत सुरू ठेवली होती. जपानी सैन्य ब्रह्मदेशातून हटत नाही ही पाहिल्यावर ब्रिटनने चीनी सैन्याला [[अरुणाचल प्रदेश]]मार्गे भारतात आणले व अमेरिकन जनरल [[जोसेफ स्टिलवेल]]ने त्यांना नवी तालीम व शस्त्रास्त्रे दिली. या चीनी सैन्याच्या पाठबळावर आता ब्रिटनने भारतातून चीनला जाण्यासाठी [[लेडो मार्ग]] बांधण्याचे काम सुरू केले. === शिकाऱ्याचीच शिकार? - इ.स. १९४४ === ==== युरोपीय रणांगण ==== '''शिशिर-वसंतातील सोव्हिएत कारवाया''' [[लाल सैन्य|लाल सैन्याने]] [[जानेवारी]]त [[लेनिनग्राडचा वेढा]] उठवल्यावर [[जर्मनी]]ने पद्धतशीरपणे माघार घेत तेथून दक्षिणेला बचावफळी उभारली. त्या भागातील तळ्यांचा आधार घेत जर्मनीला ही आघाडी उभारण्यात यश आले पण त्या सुमारास जनरल [[हान्स-व्हॅलेन्टिन ह्युब]]चे [[पहिले पॅन्झर सैन्य]] दोन बाजूंनी चालून आलेल्या सोव्हिएत सैन्याच्या कचाट्यात सापडले. सात आठवड्यांनी त्यांनी आपली सुटका करून घेतली पण बरेचसे जर्मन रणगाडे व तोफा शत्रूच्या हाती पडल्या. [[वसंत]] ऋतुत जर्मनीने [[युक्रेन]]मधूनही माघार घेतली पण त्यांच्या [[जर्मनीचा दक्षिण सैन्यसमूह|दक्षिण सैन्यसमूहातील]] [[जर्मनीचे सतरावे सैन्य|सतरावे सैन्य]] बचावासाठी तेथे थांबले. वसंतअखेर लाल सैन्याच्या [[लाल सैन्याची तिसरी युक्रेनियन आघाडी|तिसऱ्या युक्रेनियन आघाडीने]] त्यावर हल्ला करून जर्मन सैन्याचा धुव्वा उडवला. रशियन सैन्याने या लढाईत [[काळा समुद्र|काळ्या समुद्रापार]] माघार घेणाऱ्या जर्मन सैन्याचा रस्ताही तोडला व २,५०,००० जर्मन व रोमेनियन सैनिकांना यमसदनी धाडले. याच सुमारास सोव्हिएत सैन्याने [[रोमेनिया]]तील [[याश|इयासी]] शहरावर चढाई केली. महिनाभर शहर लढवल्यावर जर्मन-रोमेनियन सैन्याने [[टारगुल फ्रुमोसची लढाई|टारगुल फ्रुमोसच्या लढाईनंतर]] हार पत्करली व शहर सोव्हिएत सैन्याच्या हातात आले. यामुळे आता [[सोव्हिएत संघ|सोव्हिएत संघाला]] रोमेनियावर पुढील चाल करणे सोपे झाले. शत्रूची ही चाल पाहून [[ॲडॉल्फ हिटलर]]ने अंदाज बांधला की [[हंगेरी]] पक्ष बदलून सोव्हिएत संघाला सामील होइल. हे टाळण्यासाठी जर्मनीने हंगेरीवर चढाई केली व आपले सैन्य देशभर पसरवले. उत्तरेत [[फेब्रुवारी महिना|फेब्रुवारी]]त [[फिनलंड]]ने [[स्टालिन]]शी तहाची बोलणी सुरू केली पण स्टालिनने पुढे केलेली तहाची कलमे त्यांना मंजूर नव्हती. [[जून ९]] रोजी सोव्हिएत संघाने [[कारेलियन द्वीपकल्प|कारेलियन द्वीपकल्पावरून]] चौथे आक्रमण केले व तीन महिन्यात फिनलंडला नमवून तह करणे भाग पाडले. '''इटली व मध्य युरोप''' [[इटली]]ने शरणागती पत्करल्यावर जर्मन सैन्याने [[इटालियन द्वीपकल्प|इटालियन द्वीपकल्पाचा]] बचाव करण्याचे ठरवले व [[रोम]]च्या दक्षिणेस [[एपेनाइन पर्वत|एपेनाइन पर्वतातून]] [[गुस्ताव रेषा|गुस्ताव रेषेवर]] बचावाची फळी उभारली. अनेक प्रयत्नांनंतरसुद्धा दोस्तांना ही फळी फोडता आली नाही. पर्यायाने त्यांनी त्यास वळसा घालण्याचा प्रयत्न केला. [[ऑपरेशन शिंगल]] नावाखाली केलेल्या या मोहिमेने [[आंझियो]] येथे [[जानेवारी २२]], [[इ.स. १९४४|१९४४]] रोजी समुद्रातून हल्ला केला खरा पण किनाऱ्यावर उतरलेल्या सैन्याला लगेचच जर्मन सैन्याने वेढले व हाही प्रयत्न फसला. गुस्ताव रेषा पार करण्यासाठी बेचैन झालेल्या दोस्त सैन्याने परत समोरासमोरचे हल्ले सुरू केले. [[इ.स. ५२४|५२४]]मध्ये उभारलेली [[मॉॅंते कॅसिनो]] येथील ख्रिश्चन साधूंची वस्ती [[अमेरिकन वायु सेना|अमेरिकन वायु सेनेने]] [[फेब्रुवारी १५]] रोजी उद्ध्वस्त केली. त्यांचा असा समज झाला होता की या वस्तीत राहून जर्मन सैन्य त्यांच्या तोफखान्याला गुप्त बातम्या पुरवत होते. बेचिराख झालेल्या या वस्तीत जर्म सैनिक [[फेब्रुवारी १७]]ला आले व त्यांनी आता तेथे ठाण मांडले. [[मे १८]] पर्यंत चार वेळा दोस्त सैन्याने येथे हल्ले केले. यात २०,००० जर्मन तर ५४,००० दोस्त सैनिक मृत्युमुखी पडले. अखेर गुस्ताव रेषेवरची बचावाची जर्मन फळी फुटली व दोस्त सैन्याने उत्तरेकडे आगेकूच सुरू केली. [[जून ४]]ला हे सैनिक रोममध्ये पोचले तर ऑगस्टमध्ये [[फ्लोरेंस]]ला. हेमंत ऋतूच्या सुमारास जर्मन सैन्याने [[टस्कनी]]तील एपेनाइन पर्वतातील [[गॉथिक रेषा|गॉथिक रेषेवर]] पुन्हा जमवाजमव करून त्यांना रोखले युरोपमधील युद्धाचा एकंदर रागरंग बघून जर्मनीने मध्य युरोपमधून माघार घेतली व हंगेरीत आपल्या सैन्याची पुनर्बांधणी करण्याचा प्रयत्न सुरू केला. [[रोमेनिया]]ने [[ऑगस्ट महिना|ऑगस्ट]] [[इ.स. १९४४|१९४४मध्ये]] दल बदलून जर्मनीवर युद्ध पुकारले. यामुळे [[युक्रेन]]मधून माघार घेणाऱ्या जर्मन सैन्याला धोका निर्माण झाला. [[बल्गेरिया]]ने [[सप्टेंबर]]मध्ये शरणागती पत्करली. '''बॉम्बहल्ले''' जून इ.स. १९४४मध्ये [[जर्मनी]]ने सर्वप्रथम [[क्रुझ क्षेपणास्त्रे|क्रुझ क्षेपणास्त्रांचा]] उपयोग युद्धात केला. [[व्ही-१ उडते बॉम्ब|व्ही-१ उडत्या बॉम्बने]] [[युनायटेड किंग्डम]]वर प्रत्यक्ष हल्ले होऊ लागले. काही महिन्यांनी जर्मनीने ही कला अधिक विकसित केली व [[व्ही-२]] हे द्रव-इंधन वापरणारे [[बॅलिस्टिक क्षेपणास्त्रे]] वापरण्यास सुरुवात केली. या हल्ल्यांना उत्तर व [[लुफ्तवाफे]]च्या कारवाया रोखण्यासाठी म्हणून अमेरिका, यु.के. व कॅनडाच्या वायुदलांनी व्यूहात्मक बॉम्बफेकींनी सुरुवात केली. सुरुवातीला सरहद्दीवरच्या गावांवरील या धाडी हळूहळू जर्मनीच्या मुख्य शहरांपर्यंत पोचल्या. एर चीफ मार्शल हॅरिसने आखणी केलेल्या या हल्ल्यांनी जर्मन प्रजा संत्रस्त होऊ लागली. हे ओळखून [[विन्स्टन चर्चिल]]ने मग दहशतवादी धाडी मारण्याचे आदेश दिले. यात विमानांच्या अनेक स्क्वॉड्रन (५०० ते १,००० विमाने) एकाचवेळी अनेक दिशांनी एकाच शहरावर चाल करून जायच्या व संपूर्ण शहरच्या शहर बेचिराख करण्याची योजना होती. हे पार पाडणारी विमाने अग्निजन्य बॉम्ब वापरून आपली निशाणे संपूर्णतः उद्ध्वस्त करीत. अशा अनेक हल्ल्यांमध्ये विमानतळ, कारखाने, पाणबुड्यांची आश्रयस्थाने, रेल्वे-यार्ड, तेलसाठे तसेच व्ही-१ व व्ही-२ क्षेपणास्त्रांचे तळ नष्ट करण्याचा उद्देश होता. सहसा या हल्ल्यांमध्ये आसपासच्या नागरिक वस्त्याही बळी पडत. या टोळधाडींचा मुकाबला करण्यास आता लुफ्तवाफे कमी पडू लागली व उरलासुरला विरोधही मोडून काढणे दोस्त वायुसेनांना सोपे झाले. इ.स. १९४४ च्या अंतापर्यंत पश्चिम आघाडीवर लुफ्तवाफेकडे फक्त तुरळक प्रमाणात विमानांच्या तुकड्या उरल्या होत्या. परिणामतः इ.स. १९४५ च्या मध्यापर्यंत जर्मनीतील जवळजवळ सगळी मुख्य शहरे बेचिराख झालेली होती. '''वॉर्सोत उठाव''' [[लाल सैन्य]] [[वॉर्सो]]च्या जवळ आल्याची बातमी ऐकून तेथील जनतेला वाटले की आता वॉर्सोची मुक्ती जवळच आहे. त्यामुळे [[ऑगस्ट १]] रोजी त्यांनी जर्मन सैन्याविरुद्ध उठाव केला. [[ऑपरेशन टेम्पेस्ट]] मोहिमेतून त्यांना मदत मिळेत अशी त्यांना आशा होती. अंदाजे ४०,००० क्रांतिकाऱ्यांनी वॉर्सो काबीज केले. परंतु लाल सैन्याने आपली कूच अलीकडेच थांबवली व शहराबाहेरुनच तोफांचा मारा करून मदत करण्याचे चालू ठेवले. इकडे जर्मन सैन्याने कुमक पाठवून उठाव दाबण्याचे सुरू केले. शेवटी [[ऑक्टोबर २]] रोजी हा उठाव संपला. जर्मन सैन्याने संपूर्ण शहर बेचिराख केले. '''ग्रीष्म-हेमंतातील सोव्हिएत कारवाया''' [[चित्र:Red Army greeted in Bucharest.jpg|200px|left|thumb|[[बुखारेस्ट]] मध्ये लाल सैन्याचे स्वागत करीत असलेले नागरिक ([[ऑगस्ट ३१]], [[इ.स. १९४४]].]] आर्मी ग्रुप सेंटरचा नायनाट केल्यावर लाल सैन्याने जुलै १९४४ च्या मध्यास दक्षिणेला असलेल्या जर्मन सैन्यावर हल्ला चढवला व महिन्याभरात [[युक्रेन]]मधून जर्मनीची हकालपट्टी केली. यासाठी सोव्हिएत दुसऱ्या व तिसऱ्या युक्रेनी फळीने जर्मनीच्या ''हीरेस्ग्रुप स्युडयुक्रेन'' या बचावफळीचा विनाश केला व थेट रोमेनियापर्यंत धडक मारली. या प्रभावी हालचालीने [[रोमेनिया]]ने पक्ष बदलला व जर्मनीची साथ सोडून ते आता दोस्त राष्ट्रांना सामील झाले. ऑक्टोबर १९४४मध्ये जनरल मॅक्सिमिलियन फ्रेटर-पिकोच्या सहाव्या जर्मन सैन्याने [[डेब्रेसेन]] जवळ सोव्हिएत मार्शल रोडियोन याकोव्लेविच मॅलिनोव्स्कीच्या ग्रुप प्लियेवच्या तीन कोरना वेढा घालून त्यांचा [[डेब्रेसेनची लढाई|धुव्वा उडवला]]. पूर्व आघाडीवरचा जर्मन सैन्याचा हा अखेरचा विजय होता. डिसेंबर १९४४ पासून लाल सैन्याच्या पहिल्या, दुसऱ्या व तिसऱ्या बाल्टिक आघाडींनी जर्मन आर्मी ग्रुप सेंटरचा उरला सुरला भाग व आर्मी ग्रुप नॉर्थशी झटापटी करून बाल्टिक प्रदेश काबीज केला. यात जर्मनीच्या दोन्ही सैन्यसमूहांची ताटातूट झाली व [[लात्व्हिया]]त [[कूरलॅंड पॉकेट]]ची रचना झाली. [[डिसेंबर २९]], १९४४ ते [[फेब्रुवारी १३]] १९४५पर्यंत सोव्हिएत सैन्याने [[बुडापेस्ट]]ला वेढा घातला. बुडापेस्टचा बचाव करण्यासाठी हंगेरीच्या सैन्याबरोबरच [[वाफेन-एस.एस.]]ची कुमक होती. या वेढ्यात दोन्ही बाजूंची अपरिमित हानी झाली. '''दोस्तांचे पश्चिम युरोपवर आक्रमण''' {{main|नॉर्मंडीची लढाई|फलैस पॉकेट|ऑपरेशन ड्रगून|पॅरिसची मुक्ती}} [[चित्र:1944 NormandyLST.jpg|thumb|right|200px|[[ओमाहा बीच]]वर उतरणारे अमेरिकन सैनिक, [[नॉर्मंडीची लढाई|डी-डे]] ([[जून ६]], [[इ.स. १९४४]]).]] [[जून ६]], [[इ.स. १९४४]] रोजी पाश्च्यात्य दोस्त राष्ट्रांनी (अमेरिका, युनायटेड किंग्डम व कॅनडा) जर्मन आधिपत्याखालील [[फ्रान्स]]च्या [[नॉर्मंडी]] किनाऱ्यावर हल्ला केला. त्याला जर्मनीने खंबीर उत्तर दिले. [[ओमाहा बीच]] व [[केन, फ्रान्स|केन शहरांच्या]] आसपास तुंबळ युद्ध झाले पण दोस्तांना पाय रोवण्यात यश मिळाले. महिनाभर नॉर्मंडीच्या आसपास जम बसवल्यावर जुलैच्या अखेरीस अमेरिकन सैन्याने [[ऑपरेशन कोब्रा]] मोहीमेंतर्गत आपले वर्चस्व पसरविण्यास सुरुवात केली. [[ॲडॉल्फ हिटलर]]ला या चालीची खबर मिळताच त्याने नॉर्मंडीच्या आसपासच्या जर्मन सेनेला प्रतिहल्ला चढवण्यास फर्मावले पण हा प्रतिहल्ला सपशेल फसला. याचे मुख्य कारण म्हणजे चाल करून येणारे जर्मन सैन्य आता दोस्त वायुसेनेचे सोपे शिकार झाले. यापूर्वी आपल्या लपवलेल्या ठाण्यांत दबा धरून बसलेल्या जर्मन सैन्याला टिपणे अशक्य असले होते, पण आता उघड्या रानातून चाल करून येणाऱ्या जर्मन सैन्याची दोस्त वायुसेनांनी वाताहत उडवली. बाजूने चाल करून येण्याऱ्या जर्मन सैन्याला थोपवण्यासाठी अमेरिकन सैन्याने आपल्या बाजूच्या फळ्या भक्कम ठेवल्या होत्या. पुढे सरकत अमेरिकन फौजेने जर्मनीच्या सातव्या सैन्याला व [[पाचवे पॅंझर सैन्य|पाचव्या पॅंझर सैन्याला]] [[फलैस]]जवळ वेढा घातला. यात ५०,००० जर्मन सैनिक हाती लागले पण सुमारे १,००,००० सुटले. तोपर्यंत जर्मन सैन्याने रोखून धरलेली ब्रिटिश व केनेडियन सैन्येही आता बचावफळी फोडून पुढे होण्याच्या बेतात होती. या रेट्याला फ्रान्समध्येच रोखून धरण्यासाठी जर्मनीला कुमकेची आवश्यकता होती पण ही कुमक त्यांनी आधीच प्रतिहल्ला करण्यात खर्ची घातली होती. आता दोस्त राष्ट्रे फ्रान्स ओलांडून पुढे येणार हे जवळजवळ निश्चित झाले. ऑगस्ट १९४४मध्ये [[इटली]]तील दोस्त सैन्याने दक्षिणेकडून [[फ्रेंच रिव्हियेरा]]वर [[ऑपरेशन ड्रगून|हल्ला]] चढवला आणि उत्तरेत असलेल्या फौजेशी संधान बांधले. फ्रेंच क्रांतिकाऱ्यांनी ऑगस्ट १९ला [[पॅरिस]]मध्ये उठाव केला. [[फिलिप लक्लर्क दि हॉक्लॉक]]च्या नेतृत्वाखाली फ्रेंच सैन्याच्या एक डिव्हिजनने पॅरिसमधल्या जर्मन सेनेची शरणागती स्वीकारली व [[ऑगस्ट २५]]ला पॅरिस मुक्त केले. [[चित्र:American troops march down the Champs Elysees.jpg|thumb|left|200px|पॅरिसच्या शॅंझे लिझी रस्त्यावरून मिरवणारे अमेरिकन सैनिक.]] '''शिशिरातील दोस्तांची मोहीम''' {{main|ऑपरेशन मार्केट गार्डन|आचेनची लढाई|हर्टगेनच्या जंगलातील लढाई}} [[चित्र:Waves of paratroops land in Holland.jpg|right|thumb|200px|[[ऑपरेशन मार्केट गार्डन]] मोहीमेंतर्गत [[नेदरलँड्स]]मध्ये उतरणारे ब्रिटिश [[छत्रीधारी सैनिक]]]] नॉर्मंडीतून पुढे सरकणाऱ्या दोस्त सैन्यांची रसद अजूनही नॉर्मंडीतूनच येत होती. दूर अंतर पार करून येणारी ही रसद वेळेवर व नेमकी पोचेल अशी खात्री फार कमी वेळा असायची. असे असतानाही जर्मन सैन्याच्या वर्मी घाव घालण्यासाठी दोस्तांनी छत्रीधारी सैनिक व चिलखती दल [[ऱ्हाइन नदी]]पल्याड [[नेदरलँड्स]]मध्ये [[ऑपरेशन मार्केट गार्डन|घुसवून पाहण्याचा प्रयत्न]] केला. पण सप्टेंबरअखेर त्यांना तेथून माघार घ्यावी लागली. [[शेल्टची लढाई|शेल्टच्या लढाईत]] केनेडियन सैन्याच्या निर्णायक विजयानंतर [[ॲंटवर्प]]चे बंदर खुले करण्यात त्यांना यश मिळाले व नोव्हेंबर १९४४पासून येथून रसदपुरवठा सुरू झाला. दरम्यान सप्टेंबरमध्ये अमेरिकन सैन्याने [[हर्टगेन]]च्या जंगलातून [[हर्टगेनच्या जंगलातील लढाई|चाल]] केली. जंगल व दऱ्याखोऱ्यांच्या आश्रयाने लढणाऱ्या जर्मन सैन्याने आपल्यापेक्षा अनेकपटीने मोठ्या असलेल्या या फौजेला पाच महिने झुंजवत ठेवले. इकडे ऑक्टोबरमध्ये अमेरिकेने [[आखन]] हे जर्मनीचे मोठे शहर प्रथमतःच [[आचेनची लढाई|काबीज केले]]. '''जर्मनीचे प्रत्युत्तर''' {{main|बॅटल ऑफ द बल्ज}} पूर्वेकडे आपल्या सेनेची धूळधाण उडत असलेली पाहून हिटलरने डिसेंबर १९४४मध्ये आपली पश्चिमेकडील शेवटची मोठी मोहीम उघडली. [[बॅटल ऑफ द बल्ज]] नावाने ओळखल्या जाणाऱ्या या लढाईतून त्याला १९४० च्या [[आर्देनेस मोहीम|आर्देनेस मोहीमेप्रमाणे]] यश अपेक्षित होते. चिलखती दल व रणगाड्यांनी दोस्त राष्ट्रांना पश्चिमेस समुद्रापर्यंत रेटत नेल्यास त्यांच्याशी संधी करून पूर्वेस आपली सगळी शक्ती पणाला लावता येईल अशी ही योजना होती. अशा कडव्या प्रतिहल्ल्याची अपेक्षा नसल्याने दोस्त राष्ट्र गाफील होते व त्यामुळे सुरुवातीस जर्मन सेनेला नेत्रदीपक यश मिळाले. [[जोखेन पायपर]]च्या नेतृत्वाखालील [[कॅंफग्रुप पायपर]] हा आघाडीच्या पॅंझर तुकड्याचा समूह दोस्तांच्या प्रदेशात इतका आत घुसला की त्यामुळे अमेरिकन सैन्याच्या फळीत त्यांनी जणू काही फुगवटा (बल्ज) तयार केला. यावरून नंतर या लढाईला नाव दिले गेले. या हल्ल्याच्या सुरुवातीच्या दिवसात हवामान अतिशय खराब होते व याचा फायदा जर्मनीने पूरेपूर उठवला. दोस्त विमाने उडू शकत नसल्याने त्यांना हवेतून रोखणारी शक्ती नव्हतीच. अमेरिकन सैन्याच्या [[सेंट विथ]] आणि [[बॅस्टोइनची लढाई|बॅस्टोइन]] येथील कडव्या प्रतिकाराने जर्मनीची चाल मंदावली. बॅस्टोइन येथे घेरल्या गेलेल्या [[१०१वी एरबॉर्न डिव्हिजन|१०१व्या एरबॉर्न डिव्हिजनने]] पराक्रमाची शर्थ करून हा तिठा अमेरिकेच्या हातात राखला. [[जॉर्ज पॅटन]]च्या नेतृत्वाखालील अमेरिकेच्या तिसऱ्या सैन्याने या धडकमोहिमेला खीळ घातली व हल्ला परतवला. जर्मन सैन्याचा पाठलाग करताना अमेरिकन सैन्याने अनेक जर्मन तुकड्या पकडल्या व उरलेल्यांना थेट जर्मनीपर्यंत माघार घेण्यास भाग पाडले. या मोहीमेत अमेरिकन सैन्याची ही मोठी हानी झाली. अमेरिकेच्या इतिहासातील ही सगळ्यात हानिकारक लढाई होती. ==== आशिया व प्रशांत महासागरातील रणांगण ==== {{main|प्रशांत महासागरातील लढाई}} '''मध्य व नैर्ऋत्य प्रशांत महासागर''' {{main|फिलिपाईन्सच्या समुद्राची लढाई|लेयटे गल्फची लढाई|सैपानची लढाई}} फेब्रुवारी १९४४ च्या अखेरीस अमेरिकेने नैर्ऋत्य प्रशांत महासागरातील [[मार्शल द्वीपसमूह]] काबीज केला वा आपली आगेकूच चालू ठेवली. त्याच सुमारास ४२,००० अमेरिकन सैनिक [[क्वाजालाइन एटॉल]]वर उतरले व आठवड्याभरात ते बेट जिंकले. त्यानंतर त्यांनी [[एनिवेटोकची लढाईत|एनिवेटोकच्या लढाईत]] [[जपान]]ला हरवले. या चालींचा व्यूहात्मक उद्देश होता जपानच्या जवळातजवळ वायुसेनेचा तळ उभारण्याचा. यासाठी [[मेरियाना द्वीपसमूह|मेरियाना द्वीपसमूहातील]] [[सैपान]], [[तिनियान]] व [[गुआम]]ची बेटे जिंकणे आवश्यक होते. [[जून ११]]ला अमेरिकन आरमाराने सैपानवर बॉम्बफेक सुरू केली. ३२,००० सैनिकांनीशी लढणाऱ्या जपानी सैन्यावर जून १४ला ७७,००० [[अमेरिकन मरीन सैनिक|अमेरिकन मरीन सैनिकांनी]] चाल केली व [[जुलै ७]]ला सैपान अमेरिकेच्या हातात आले. जपानने आपले उरलेसुरले आरमार [[फिलिपाईन्सच्या समुद्राची लढाई|फिलिपाईन्सच्या समुद्राच्या लढाईत]] पणाला लावले पण तेथेही त्यांना हार पत्करावी लागली तसेच त्यांची जवळजवळ सगळी विमाने व युद्धनौका नष्ट झाल्या. यानंतर जपानी आरमार केवळ नावापुरतेच उरले आणि आता जपान अमेरिकेच्या [[बी.२९ सुपरफोर्ट्रेस]] या बॉम्बफेकी विमानांच्या पल्ल्यात आले. [[चित्र:Douglas MacArthur lands Leyte1.jpg|thumb|right|200px|"''मी परत आलो आहे.''" - [[डग्लस मॅकआर्थर|जनरल मॅकआर्थरचे]] लाइफ नियतकालिकाच्या कार्ल मायडान्सने घेतलेले एक प्रसिद्ध छायाचित्र]] [[जुलै २१]]ला गुआमवर हल्ला झाला व [[ऑगस्ट १०]]ला हेही बेट पडले पण येथे जपान्यांनी कडवी झुंज दिली. बेटाच्या कडे-कपारींतून लढणाऱ्या जपानी सैनिकांनी अमेरिकन सैन्याला सळो की पळो करून सोडले. बेट पडल्यावरही अनेक आठवडे या चकमकी सुरू होत्या. [[जुलै २४]]ला अमेरिकेने तिनियान बेटावर चाल केली व [[ऑगस्ट १]]ला ते जिंकून घेतले. [[ऑक्टोबर २०]]ला जनरल [[डग्लस मॅकआर्थर]]चे सैनिक [[लेयटे]] बेटावर उतरले. जपानने असे होणार ही कल्पना असल्यामुळे येथे भक्कम बचावफळी उभारली होती. ऑक्टोबर २३ ते २६ दरम्यानच्या या लढाईत जपानने प्रथमतः [[कामिकाझे]] वैमानिकांचा उपयोग केला. जगातील सगळ्यात मोठ्या अशा या आरमारी युद्धात जपानची [[मुसाशी (युद्धनौका)|मुसाशी]] हे युद्धनौका, जी आत्तापर्यंतच्या सगळ्यात मोठ्या लढाऊ नौकांपैकी एक होती, बुडाली. ही बुडवण्यासाठी १९ [[टोरपेडो]] व १७ बॉम्ब लागले. १९४४मध्ये अमेरिकेच्या पाणबुड्या व विमानांनी जपानच्या व्यापारी व मालवाहू जहाजांवर हल्ले करून जपानकडे जाणाऱ्या कच्च्या मालाची रसद अगदी कमी केली होती. या एका वर्षात पाणबुड्यांनी जपानचे २० लाख टन सामान समुद्रतळास पोचवले होते.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत | आडनाव = किंग | पहिलेनाव = ॲडमिरल अर्नेस्ट जे. | दुवा = http://www.shsu.edu/~his_ncp/Compac45.html | title = मार्च १९४४ ते ऑक्टोबर १९४५पर्यंतचे प्रशांत महासागरातील आरमारी हालचाली | प्रकाशक = सॅम ह्युस्टन स्टेट युनिव्हर्सिटी | भाषा = English | ॲक्सेसदिनांक = २००६-०७-२६ }}</ref> जपानचा खनिज तेलाचा साठा १९४४ च्या अंतापर्यंत जवळजवळ रिकामा झाला होता. याने जपानची आर्थिक व औद्योगिक स्थिती बिकट झाली. '''चीन-जपान युद्ध''' {{main|ऑपरेशन इचिगो|चांग्शाची लढाई (१९४४)|ग्विलिन-ल्युझूची लढाई}} एप्रिल १९४४मध्ये जपानने आपण पादाक्रांत केलेल्या ईशान्य चीन, कोरिया व आग्नेय एशियाला जोडणारा लोहमार्ग जिंकण्यासाठी [[ऑपरेशन इचिगो]] ही मोहीम सुरू केली. त्याचबरोबर या भागातील अमेरिकेचे तळ उद्ध्वस्त करणे हाही एक हेतु होता. जून १९४४मध्ये जपानने ३,६०,००० सैनिकांनिशी [[चांग्शा]] शहरावर चौथ्यांदा आक्रमण केले. ४७ दिवसांच्या रणधुमाळीनंतर शहर जपानी हातात आले. नोव्हेंबर पर्यंत जपानने [[ग्विलिन]] व [[ल्युझू]] शहरेही जिंकली व तेथील अमेरिकन वायुसेनेचे तळ नष्ट केले. तथापि हे करेपर्यंत अमेरिकेने उतरत्त नवीन तळ उभारले होते. डिसेंबर १९४४मध्ये जपानी सैन्य [[फ्रेंच इंडोचायना]] पर्यंत पोचले व ऑपरेशन इचिगोचे उद्दिष्ट साध्य झाले पण हे करताना जपानलाही मोठे नुकसान सहन करावे लागले होते. '''आग्नेय आशिया''' {{main|इम्फालची लढाई|कोहिमाची लढाई}} [[चित्र:Imphalgurkhas.jpg|thumb|200px|[[भारतीय सेना|भारतीय सेनेची]] [[गोरखा रेजिमेंट]] [[इम्फाल]]-[[कोहिमा]] रस्त्यावर कूच करताना. ([[जानेवारी २७]], [[इ.स. १९४५]]. १९४५ च्या सुरुवातीला जपानी सैन्याला म्यानमारमध्ये थोपवून धरण्याची कामगिरी गोरखा रायफल्सनी पार पाडली होती.]] १९४४मध्ये अमेरिकन सैन्य [[भारत|भारतातून]] [[चीन]]ला जाण्यासाठीचा [[लेडो मार्ग]] बांधत असताना जपानने आग्नेयेतून भारतावर चाल केली. ही [[चलो दिल्ली मोहीम]] जपानी सैन्य, [[म्यानमार]]मधील स्वातंत्र्यसैनिक व [[सुभाषचंद्र बोस]]च्या नेतृत्वाखालील [[भारतीय राष्ट्रीय सेना|भारतीय राष्ट्रीय सेनेने]] उभारली होती. [[इम्फाल|इंफाल]]जवळ या सैन्याने कडाडून हल्ला चढवला पण ब्रिटिश सैन्याने (ज्यात मुख्यत्वे भारतीय सैनिकच होते) त्यांना थोपवून धरले. तुंबळ युद्धानंतर कोणालाच सरशी मिळाली नाही पण जपानी/भारतीय राष्ट्रीय सेनेने इंफालला वेढा घातला. ब्रिटिशांनी इंफाल व [[कोहिमा]]ला विमानाद्वारे रसद व कुमक पोचवली. त्याचवेळी पश्चिम व उत्तरेकडून ताज्या दमाच्या फौजा पाठवून वेढा फोडून अडकलेल्या सैन्याची सुटका केली. हल्लेखोरांना वाटले होते की भारतीय प्रदेश जिंकल्यावर तेथूनच रसद मिळेल व ब्रिटिशांतर्फे लढणारे भारतीय सैनिक आपल्याला सामील होतील, त्यामुळे त्यांनी त्याची काही सोय केलेली नव्हती. आता आक्रमक स्वतःच वेढ्यात अडकले व कुमक न मिळाल्याने अतिशय हालात माघार घ्यालला लागले. उपासमार, रोगराई व शत्रूच्या हल्ल्यांना ८५,००० सैनिक बळी पडले. जपानच्या सगळ्यात मोठ्या पराभवात हा गणला जातो. या पराभवाबरोबरच ब्रिटिशांना सशस्त्र मार्गाने भारतातून हुसकावून लावण्याची अजून एक आशा मावळली. === युद्धाचा अंत - इ.स. १९४५ === ==== युरोपमधील रणांगण ==== [[चित्र:Eastern Front 1945-01 to 1945-05.png|thumb|left|200px|[[बर्लिन]] व [[प्राग]]वरील मोहीम, १९४५.]] '''हेमंतातील सोव्हिएत कारवाया'''<br /> {{main|व्हिस्चुला-ओडर मोहीम|ऑपरेशन फ्रुहलिंग्सरवाखेन}} जानेवारी १९४५मध्ये सोव्हिएत सैन्य ताज्या दमाने पुढच्या मोहीमेसाठी सज्ज होती. [[इव्हान कोनेव्ह]]ने आपल्या फौजेनिशी दक्षिण [[पोलंड]]मधील जर्मन शिबंदीवर हल्ला चढवला व त्यांचा पाठलाग करीत [[सॅंडोमियेर्झ]]जवळ [[व्हिस्चुला नदी]] ओलांडली. जानेवारी १४ला [[कॉन्स्टान्टिन रोकोसोव्स्की]]ने [[नारेव नदी]] ओलांडून वॉर्सोच्या उत्तरेला आक्रमण केले व पूर्व [[प्रशिया]]ची राखण करणारी जर्मन बचावफळी मोडीत काढली. झुकोवच्या सैन्यानेही त्यानंतर [[वॉर्सो]]वर हल्ला केला व जर्मन आघाडी होत्याची नव्हती केली. जानेवारी १७ला झुकोवने वॉर्सो घेतले. १९ तारखेला [[लॉड्झ]]ही जिंकले. त्याचदिवशी कोनेव्हचे सैन्य युद्धपूर्वीच्या जर्मन सीमेवर येऊन थडकले. या एका आठवड्यात सोव्हिएत सैन्याने ६५० कि.मी. रुंदीची आघाडी उघडून १६० कि.मी. आत धडक मारली होती. फेब्रुवारीच्या मध्यास लाल सैन्याने [[बुडापेस्ट]] जिंकले. ही टोळधाड शेवटी [[ओडर नदी]]च्या किनारी बर्लिनपासून ६० कि.मी.वर येऊन थांबली. '''पश्चिमेतील हेमंत कारवाया''' [[जानेवारी १४]] रोजी दुसऱ्या ब्रिटिश सैन्याने [[मास नदी]] व [[रोअर नदी]]च्या मधील रोअर त्रिकोणातून जर्मनीला हुसकावण्यासाठी [[ऑपरेशन ब्लॅककॉक]] ही मोहीम सुरू केली. [[जानेवारी २७]]ला जर्मन सैन्य रोअर नदीच्या पूर्वेस रेटले गेले होते. '''याल्टा परिषद''' [[चित्र:Yalta summit 1945 with Churchill, Roosevelt, Stalin.jpg|thumb|200px|right|[[याल्टा]] येथे जमलेले [[विन्स्टन चर्चिल]], [[फ्रॅंकलिन डिलानो रूझवेल्ट]] व [[जोसेफ स्टालिन]].]] {{main|याल्टा परिषद}} युद्धाचे पारडे आपल्या बाजूला झुकत असल्याचे पाहून फेब्रुवारी १९४५मध्ये [[विन्स्टन चर्चिल]], [[फ्रॅंकलिन डिलानो रूझवेल्ट]] व [[जोसेफ स्टालिन]] यांनी [[याल्टा]] येथे भेटून युद्धानंतर युरोपची राजकीय व भौगोलिक स्थिती काय असावी यावर चर्चा केली. यात अनेक दूरगामी निर्णय घेण्यात आले. * एप्रिल १९४५मध्ये [[संयुक्त राष्ट्रे|संयुक्त राष्ट्रांची]] स्थापना करणे. * पोलंडमध्ये मुक्त निवडणूका घेणे. * पोलंडची पश्चिम सीमा [[कर्झन रेखा|पूर्वेकडे सरकवणे]] यासाठी जर्मनीच्या पूर्व भागाचा लचका तोडून पोलंडमध्ये समाविष्ट करणे. * सगळ्या सोव्हिएत नागरिकांना [[सोव्हिएत संघ|सोव्हिएत संघाकडे]] सोपवणे. * जर्मनी शरण आल्याच्या तीन महिन्यात सोव्हिएत संघाने जपानवर आक्रमण करणे. '''वसंतातील सोव्हिएत मोहीम''' {{main|सीलो हाइट्सची लढाई|बर्लिनची लढाई|हॅल्बेची लढाई}} [[एप्रिल १६]] रोजी लाल सैन्याने पोलिश सैन्याच्या ७८,५५६ सैनिकांसह [[बर्लिनची लढाई|बर्लिनवर आक्रमण]] केले. एप्रिल २४ला सोव्हिएत सैन्यातील तीन फौजांनी [[बर्लिन]]ला पूर्णपणे वेढा घातला. शेवटचा शर्थीचा प्रयत्न म्हणून हिटरलने शहरातील आबालवृद्ध नागरिकांना [[फोक्सस्टर्म]] या संघटनेत सहभागी होण्याचे आवाहन केले व चढाई करीत येणाऱ्या लाल सैन्याशी झुंज घेण्याचे हुकुम सोडले. त्यांच्याबरोबरीने [[सीलोची लढाई|सीलोच्या लढाईत]] पराभूत होऊन आलेली जर्मन फौज होती. लाल सैन्य बर्लिन शहरात घुसल्यावर झालेल्या असंख्य झटापटी दारुण होत्या. घराघरातून व रस्त्यातून आमनेसामने सैनिक व नागरिकांच्या चकमकी होत होत्या व बळींची संख्या लाखांच्या घरात गेली. सोव्हिएत सैन्याने ३,०५,००० सैनिक गमावले तर ३,२५,००० जर्मन नागरिक व सैनिक फक्त बर्लिनमध्ये मृ्त्युमुखी पडले. परिस्थिती हाताबाहेर गेल्याचे पाहून [[ॲडॉल्फ हिटलर]] व त्याचे मंत्रीमंडळ [[फ्युह्ररबंकर]]मध्ये आश्रयाला गेले. शेवटी [[एप्रिल ३०]], [[इ.स. १९४५]] रोजी हिटलरने त्याची सोबतीण [[एव्हा ब्रॉन]]सह [[हिटलरचा मृत्यू|आत्महत्या]] केली. '''वसंतातील पश्चिमेकडील आघाडी''' [[चित्र:Omar Bradley.jpg|150px|thumb|right|अमेरिकेच्या जनरल [[ओमर ब्रॅडली]]कडे जर्मन भूमिवरील आक्रमणाचे नेतृत्व होते.]] जानेवारीअखेरीस पश्चिमेकडील दोस्त राष्ट्रांनी जर्मनीत पाय ठेवला. [[ऱ्हाइन नदी]]च्या तीरावरील जर्मन प्रतिकार मोडून काढीत त्यानी मार्चअखेर नदी ओलांडली. [[रेमाजेन]] येथील [[लुडेनडॉर्फ पूल]] हस्तगत झाल्यावर ही आगेकूच अजून गतिमान झाली. ऱ्हाइन ओलांडल्यावर ब्रिटिश फौजा ईशान्येस [[हांबुर्ग]]कडे सुटल्या. त्यांनी [[एल्ब नदी]] ओलांडून [[डेन्मार्क]] व [[बाल्टिक समुद्र|बाल्टिक समुद्राकडे]] धडक सुरू केली. अमेरिकेची नववी फौज दक्षिणेस [[रुह्रचा वेढा|रुह्रला घातलेल्या वेढ्याच्या]] उत्तर टोकापर्यंत पोचली तर पहिली फौज उत्तरेला याच वेढ्याच्या दक्षिण घेऱ्याला जाऊन भिडली. १३,००,००० सैनिक असलेल्या या फौजांचे नेतृत्व जन्रल [[ओमर ब्रॅडली]]कडे होते. आता रुह्रला चारही दिशांनी वेढा पडला. फील्ड मार्शल [[वॉल्टर मॉडेल]]च्या नेतृत्वाखालील [[जर्मन सैन्यसमूह बी]] आता येथे पूर्णपणे अडकला. येथे अंदाजे ३,००,००० सैनिक युद्धकैदी झाले. यानंतर या अमेरिकन फौजा पूर्वेकडे निघाल्या व एल्ब नदीच्या तीरी सोव्हिएत सैन्याशी भेट झाल्यावर ही त्यांची विजयदौड थांबली. '''इटली'''<br /> [[इटालियन द्वीपकल्प|इटालियन द्वीपकल्पातील]] दुर्गम पर्वत व येथील फौज [[फ्रान्स]]मध्ये हलवल्यामुळे १९४५ च्या हिवाळ्यात दोस्तांची प्रगती हळूहळू होत होती. [[एप्रिल ९]]ला अमेरिका व युनायटेड किंग्डमची १५वी फौज [[गॉथिक रेषा|गॉथिक रेषेवरचा]] प्रतिकार मोडून काढीत उत्तरेला सरकली व [[पो नदी]]च्या खोऱ्यात आली. येथून पुढे सरकत त्यांनी खोऱ्यातील जर्मन सैन्याला घेरले. याच वेळी अमेरिकेची पाचवी फौज पश्चिमेकडे गेली व तेथील फ्रेंच शिबंदीशी त्यांनी सूत जमवले. [[न्यू झीलंड]]च्या दुसऱ्या डिव्हीजनने [[त्रियेस्ते]] शहरातून युगोस्लाव्ह बंडखोरांना हुसकून लावले. इटलीतील जर्मन सैन्याने शरणागती पत्करल्यावर [[मुसोलिनी]]ने [[स्वित्झर्लंड]]ला पळ काढण्याचा प्रयत्न केला पण इटलीतील क्रांतीकाऱ्यांनी त्याला पकडले व त्याची सोबतीण [[क्लारा पेटाची]] सह त्यांना मृत्युदंड दिला. त्यांचे मृतदेह [[मिलान]]ला नेण्यात आले व जाहीर स्थळी उलटे टांगण्यात आले. '''जर्मनीची शरणागती'''<br /> <!-- [[चित्|thumb|right|200px|[[जून २४]], [[इ.स. १९४५]] रोजी [[मॉस्को]]तील विजयसंचलनाचे [[लाल चौक|लाल चौकात]] नेतृत्व करताना मार्शल झुकोव्ह (पांढऱ्या घोड्यावर) व मार्शल रोकोसोव्स्की)]] --> {{main|दुसऱ्या महायुद्धाचा अंत|प्राग आघाडी}} [[ॲडॉल्फ हिटलर]]च्या मृत्यूनंतर ॲडमिरल [[कार्ल डोनित्झ]]ने जर्मन सैन्याचे सूत्रे हातात घेतली पण लवकरच हा डोलारा कोसळला. [[बर्लिन]]मधील जर्मन सैन्यबलाने [[मे २]], [[इ.स. १९४५]] रोजी सोव्हिएत सैन्यासमोर शरणागती पत्करली. इटलीतील जर्मन सैन्याने २ मेलाच [[जनरल अलेक्झांडर]]च्या मुख्यालयात शरणागती पत्करली तर उत्तर जर्मनी, डेन्मार्क व नेदरलँड्समधील फौज ४ मेला शरण गेले. इटलीतील शरणागतीपूर्वी सोव्हिएत संघाने युनायटेड किंग्डम व अमेरिकेवर सोव्हिएत संघाशिवाय शरणागती घेण्याची तयारी करण्याचा [[ऑपरेशन क्रॉसवर्ड|आरोप ठेवला]]. मे ७ रोजी उरलेल्या सैन्याने [[जनरलोबेरोस्ट]] [[आल्फ्रेड जोड्ल]]च्या नेतृत्वाखाली फ्रान्सच्या [[ऱ्हाइम्स]] शहरात शरणागती पत्करली. मे ८ला पश्चिमी दोस्तांनी [[व्ही.ई. दिन]] साजरा केला. सोव्हिएत संघाने मे ९ला विजय दिन साजरा केला. जर्मन मध्य सैन्यसमूहातील काही तुकड्यांनी [[प्राग आघाडी|मे ११-१२ पर्यंत चकमकी]] सुरू ठेवल्या होत्या. '''पॉट्सडॅम'''<br /> दोस्तांनी बर्लिनच्या उपनगर [[पॉट्सडॅम]]मध्ये आपली शेवटची [[पॉट्सडॅम परिषद|परिषद]] भरवली. [[जुलै १७]] ते [[ऑगस्ट २]] पर्यंत चाललेल्या या परिषदेत दोस्तव्याप्त जर्मनीबद्दलची धोरणे जाहीर करण्यात आली तसेच [[जपान]]ला बिनशर्त शरणागती पत्करण्यासाठीचे अखेरचे आवाहन करण्यात आले. ==== प्रशांत महासागरातील रणांगण ==== '''मध्य व नैर्ऋत्य प्रशांत महासागर''' {{main|इवो जिमाची लढाई|ओकिनावाची लढाई|बॉर्नियो मोहीम (१९४५)}} जानेवारीत [[अमेरिकेचे सहावे सैन्य]] [[लुझोन]] या [[फिलिपिन्स|फिलिपाईन्स]]च्या मुख्य बेटावर उतरले. मार्चपर्यंत त्यांनी राजधानी [[मनिला]] काबीज केली. फेब्रुवारीतील [[इवो जिमाची लढाई|इवो जिमावरील]] व एप्रिल-जूनमधील [[ओकिनावाची लढाई|ओकिनावावरील]] विजयांमुळे आता [[जपान]] अमेरिकेच्या आरमारी व वायुसेनेच्या पल्ल्यात आले. राजधानी [[टोक्यो]]सह अनेक शहरांवर अमेरिकेने [[टोक्योवरील बॉम्बफेक (१९४५)|तुफान बॉम्बफेक]] केली. यात ९०,०००हून अधिक व्यक्ती मृत्युमुखी पडल्या. जपानमधील शहरे व वस्त्या दाट असल्यामुळे ही हानी जास्त होती. या बरोबरच तेथील घरे मुख्यत्वे लाकडी असतात त्यामुळे बॉम्बफेकीनंतर लागलेल्या आगींमध्येही जीवितहानी बरीच झाली. या शिवाय अमेरिकेने जपानमधील मुख्य बंदरे व जलमार्गांवर विमानांतून [[ऑपरेशन स्टार्व्हेशन|सुरूंग पेरले]] व जपानचा बाहेरच्या जगाशी संपर्क कमी केला. १९४५ च्या मध्यातील [[बॉर्नियो मोहीम (१९४५)|बॉर्नियो मोहीम]] ही नैर्ऋत्य प्रशांतातील शेवटची मोहीम होती. तेथील जपानी सैन्याला हरवून त्यांच्या ताब्यातील दोस्त युद्धकैदी सोडविण्यासाठी ही मोहीम आखली होती. '''आग्नेय एशिया''' {{main|मध्य बर्माची लढाई|ऑपरेशन ड्रॅक्युला}} १९४४ च्या मॉन्सून मध्ये भारतावर चालून आलेल्या जपानी सैन्याला तेथील ब्रिटिश सैन्याने [[चिंदविन नदी]]पर्यंत मागे ढकलले होते. पाऊस संपताना अमेरिकन व चिनी सैन्याने [[लेडो मार्ग]] बांधून पूर्ण केला. तोपर्यंत जपानी सैन्याने माघार घेतल्यामुळे या कठीण रस्त्याचा दोस्तांना युद्धात फारसा उपयोग झाला नाही. आता भारतात जमलेल्या भारतीय, ब्रिटिश व आफ्रिकन फौजांनी जपान्यांचा पाठलाग सुरू केला व आघाडी मध्य [[ब्रह्मदेश]]पर्यंत नेली. [[मे २]]ला दोस्तांनी [[रंगून]] [[ऑपरेशन ड्रॅक्युला|घेतले]] व जपानी तसेच [[भारतीय राष्ट्रीय सेना|भारतीय राष्ट्रीय सेनेला]] भारतातून पळवून लावले. '''हिरोशिमा व नागासाकीवर परमाणुहल्ले''' {{main|हिरोशिमा व नागासाकीवरील परमाणुहल्ले}} [[चित्र:nagasakibomb.jpg|170px|thumb|[[नागासाकी]]वर टाकलेल्या परमाणु बॉम्बचा स्फोट झाल्यावर अग्निज्वाला व धूर हवेत १८ कि.मी. वर गेला होता.]] युद्धाचा अंत लगेच होणार नाही याची कल्पना आल्याने [[:वर्ग:अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष|अमेरिकेच्या राष्ट्राध्यक्ष]] [[हॅरी ट्रुमन]]ने नवीनच तयार करण्यात आलेल्या परमाणु बॉम्बचा उपयोग जपानवर करायचे ठरवले. वस्तुतः नोव्हेंबरमध्ये अमेरिकेने जपानवर खुश्कीदलासह हल्ला करण्याचे योजिले होते पण [[ओकिनावाची लढाई|ओकिनावाच्या लढाईनंतर]] त्यांना कळून चुकले की जपानचा प्रतिकार कडवा असेल व अशा हल्ल्यात जपानइतकीच अमेरिकेचीही हानी होईल. परमाणुबॉम्ब वापरल्यास युद्धांत लगेच होऊ शकेल असा अमेरिकेचा कयास होता. अमेरिकन युद्धसचिवाला देण्यात आलेल्या अंदाजानुसार अशा जमिनीवर केलेलल्या हल्ल्यात १४ ते ४० लाख अमेरिकन सैनिक मरण पावण्याची शक्यता होती. तसेच जपानी नागरिकही लाखांत मेले असते. या अंदाजांबद्दल अद्यापही शंका व्यक्त केली जाते. [[ऑगस्ट ६]], [[इ.स. १९४५]] रोजी [[एनोला गे]] नावाच्या [[बी.२९]] प्रकारच्या विमानाने [[लिटल बॉय]] असे नामकरण केलेला परमाणु बॉम्ब [[हिरोशिमा]] शहरावर टाकला. यात हिरोशिमा नष्ट झाले. [[ऑगस्ट ९]] रोजी [[बॉक्सकार (विमान)|बॉक्सकार]] नावाच्या बी.२९ विमानाने [[फॅट मॅन]] नावाचा परमाणु बॉम्ब [[नागासाकी]] शहरावर टाकून तेही शहर नष्ट केले. '''दूरपूर्वेतील सोव्हिएत आक्रमण''' {{main|ऑपरेशन ऑगस्ट स्टॉर्म}} हिरोशिमावर बॉम्ब पडल्यावर दोनच दिवसात सोव्हिएत संघाने याल्टात नक्की केल्याप्रमाणे आपला जपानबरोबरचा अनाक्रमण तह धुडकावून लावला व मांचुरियातील जपानी सैन्यावर चाल केली. दोन आठवड्यात १०,००,००० जपानी सैनिकांचा पराभव करीत लाल सैन्य ऑगस्ट १८ला उत्तर कोरियात घुसले. '''जपानची शरणागती''' {{main|जपान विजय दिन|जपान विजय दिन=}} अमेरिकेचा परमाणुप्रयोग व सोव्हिएत संघाचे मांचुरियावरील आक्रमण पाहून [[:वर्ग:जपानी सम्राट|जपानी सम्राट]] [[हिरोहितो]]ने प्रधानमंडळाला न विचारता युद्धसमाप्तीचे प्रयत्न सुरू केले. [[ऑगस्ट १७]]ला केलेल्या दूरवाणीवरील आपल्या भाषणात त्याने आपल्या सैनिकांना हत्यारे खाली ठेवण्याचा आदेश दिला तसे करताना त्याने कारण सोव्हिएत आक्रमणाचे दिले व परमाणुबॉम्बचा उल्लेख टाळला. [[ऑगस्ट १४]], [[इ.स. १९४५]] रोजी जपानने शरणागती पत्करली व हे अतिभयानक युद्ध अधिकृतरीत्या समाप्त झाले. == हताहत, नागरिकांवरील प्रभाव व अत्याचार == <!-- खालील मजकूराचे भाषांतर करून योग्य त्या विभागात हलवा ==Casualties, civilian impact, and atrocities== '''Casualties''' {{main|World War II casualties}} Some 63 million people, or 3% of the world population, died in the war (though [[World War II casualties|estimates]] vary): about 24 million soldiers and 38 million civilians. This total includes the estimated 9 million lives lost in the Holocaust. Of the total deaths in World War II, approximately 80% were on the Allied side and 20% on the Axis side.<ref name="casualties">[[World War II casualties]]</ref> Allied forces suffered approximately 17 million military deaths, of which about 11 million were Soviet and 3 million Chinese. Axis forces suffered about 8 million, of which more than 5 million were German. In total, of the military deaths in World War II, approximately 44% were Soviet soldiers, 22% were German, 12% were Chinese, 8% were Japanese, 9% were soldiers of other Allied forces, and 5% were other Axis country soldiers. Some modern estimates double the number of Chinese casualties originally stated.<ref name="casualties" /> Of the civilian deaths, approximately 90% were Allied (nearly a third of all civilians killed were Soviet citizens, and more than 15% of all civilians killed in the war died in German extermination camps) and 10% were Axis.<ref name="casualties" /> Many civilians died as a result of disease, starvation, massacres, [[genocide]]--in particular, [[the Holocaust]]--and [[Strategic bombing|aerial bombing]]. One estimate is that 12 million civilians died in Holocaust camps, 1.5 million by bombs, 7 million in Europe from other causes, and 7.5 million in China from other causes.<ref>J. M. Winter, "Demography of the War", in Dear and Foot, ed., ''Oxford Companion to World War'', p 290.</ref> Allied civilian deaths totaled roughly 38 million, including 11.7 million in the Soviet Union, 7 million in China and 5.2 million from Poland. There were around 3 million civilian deaths on the Axis side, including 2 million in Germany and 0.6 million in Japan. The Holocaust refers to the organized state-sponsored murder of 6 million [[Jew]]s, 1.8-1.9 million non-Jewish Poles, 200,000-800,000 [[Roma people]], 200,000-300,000 people with disabilities, and other groups carried out by the Nazis during the war. The Soviet Union suffered by far the largest death toll of any nation in the war, over 23 million. '''Genocide''' [[Image:Massdeportations.PNG|thumb|200px||Major [[deportation]] routes to [[Nazi extermination camp]]s during [[The Holocaust]], Aktion T-4 and alike.]] {{main|The Holocaust}} The ''Holocaust'' was the organized murder of an estimated [[The Holocaust#Death toll|nine million people]], including approximately six million Jews. Originally, the Nazis used killing squads known as ''[[Einsatzgruppen]]'' to conduct massive open-air killings, shooting as many as 33,000 people in a single massacre, as in the case of [[Babi Yar]]. By 1942, the Nazi leadership decided to implement the [[Final Solution]], or ''Endlösung'', the genocide of all Jews in Europe, and to increase the pace of the Holocaust. [[Nazism|The Nazis]] built six [[Nazi extermination camp|extermination camps]] specifically to kill Jews. Millions of Jews who had been confined to massively overcrowded [[ghetto]]s were transported to these [[Nazi extermination camp|"Death-camps"]], in which they were either slaughtered on arrival or put to work until the Nazis could find no more use for them, at which point they were put to death by shooting or mass poisoning in [[gas chamber]]s. '''Chemical and bacteriological weapons''' Despite the [[Treaty|international treaties]] and a resolution adopted by the [[League of Nations]] on 14 May 1938 condemning the use of toxic gas by [[Japan]], the [[Imperial Japanese Army]] frequently used [[Chemical warfare|chemical weapons]]. Because of fears of retaliation, however, those weapons were never used against Occidentals but only against other Orientals judged "inferior" by the imperial propaganda. According to historians Yoshiaki Yoshimi and Seiya Matsuno, the authorization for the use of chemical weapons was given by specific orders (''rinsanmei'') issued by [[Hirohito]] himself. For example, the Emperor authorized the use of toxic gas on 375 separate occasions during the invasion of [[Wuhan]], from August to October 1938. The bacteriological weapons were experimented on human beings by many units incorporated in the Japanese army, such as the infamous [[Unit 731]], integrated by [[Decree|Imperial decree]] in the [[Kwantung]] army in 1936. Those weapons were mainly used in China and, according to some Japanese veterans, against Mongolians and Russian soldiers in 1939 during the [[Nomonhan]] incident.<ref>Hal Gold, Unit 731 testimony, p.64-65, 1996.</ref> '''Cannibalism''' Many written reports and testimony collected by the Australian War Crimes Section of the Tokyo tribunal and investigated by prosecutor [[William Webb]] (the future judge-in-chief) indicate that Japanese soldiers committed [[cannibalism]] on prisoners. According to historian Yuki Tanaka, "cannibalism was often a systematic activity conducted by whole squads and under the command of officers". <ref>Tanaka, ''Hidden Horrors : Japanese War Crimes in World War II,'' Westview press, 1996, p.127 </ref> Pakistani POW Hatam Ali testified that "At this stage, the Japanese started selecting prisoners and everyday 1 prisoner was taken out and killed and eaten by the soldiers. I personally saw this happen and about 100 prisoners were eaten at this place by the Japanese. The remainder of us were taken to another spot 50 miles away where 10 prisoners died of sickness. At this place, the Japanese again started selecting prisoners to eat. Those selected were taken to a hut where their flesh was cut from their bodies while they were alive and they were thrown into a ditch where they later died." <ref>Ibid, p.121.</ref> Indian POW Havildar Changdi Ram testified that "(On 12 November 1944) the [[Kempeitai|Kempei Tai]] beheaded the pilot. I saw this from behind a tree and watched some of the Japanese cut flesh from his arms, legs, hips, buttocks and carry it off to their quarters... They cut it in small pieces and fried it." <ref>Edward Russell of Liverpool, ''The Knights of Bushido, a short history of Japanese war crimes'', Greenhill books 2002, p.236.</ref> Apart from written orders referring to cannibalism, the Japanese sources provide testimonies such as the one given by Major Matoba to the US [[Military tribunal|Military Commission]] of August 1946 convened by the Navy commander of Guam and Marianna islands which refer to meat of an American soldier served for supper to General Tachibana of the 307 Infantry Battalion on 25 February 1945. <ref>Ibid., p.237</ref> '''Slave labor''' According to a joint study of historians featuring Zhifen Ju, Mark Peattie, Toru Kubo, and Mitsuyochi Himeta, more than 10 million Chinese were mobilized by the Japanese army and enslaved by the [[Kôa-in]] for [[Slavery|slave labor]] in [[Manchukuo]] and north [[China]].<ref>Zhifen Ju, "''Japan's atrocities of conscripting and abusing north China draftees after the outbreak of the Pacific war''", 2002</ref> According to Mitsuyoshi Himeta, at least 2.7 million died during the [[Three Alls Policy|Sankō Sakusen]] operation implemented in [[Heipei]] and [[Shantung]] by General [[Yasuji Okamura]]. '''Concentration camps, labour camps, and internment''' [[Image:Starved prisoners, nearly dead from hunger, pose in concentration camp in Ebensee, Austria.jpg|thumb|250px|Mistreated, starved prisoners in the [[Ebensee]] [[concentration camp]], [[Austria]].]] {{main|Concentration camp|Gulag|Japanese American internment}} In addition to the Nazi [[concentration camp]]s, the Soviet [[Gulag]], or [[labor camp]]s, led to the death of citizens of occupied countries such as Poland, [[Lithuania]], [[Latvia]], and [[Estonia]], as well as German [[prisoner of war|prisoners of war]] (POW) and even Soviet citizens themselves who had been supporters of the Nazis. Japanese [[Prisoner-of-war camp|POW camps]] also had high death rates; many were used as labour camps, and starvation conditions among the mainly U.S., British, Australian and other Commonwealth prisoners were little better than many German concentration camps. Sixty percent (1,238,000 ref. Krivosheev) of Soviet POWs died during the war. Vadim Erlikman puts it at 2.6 million Soviet POWs that died in German Captivity.<ref name="war8">Erlikman, Vadim</ref> [[Richard Overy]] gives the number of 5.7 million Soviet POW and out of those 57% died or were killed.<ref>[[Richard Overy]] ''The Dictators Hitler's Germany, Stalin's Russia'' p.568-569</ref> Furthermore, 150,000 [[Japanese American internment|Japanese-Americans were interned]] by the U.S. and Canadian governments, as well as nearly 11,000 German and Italian residents of the U.S. [[Image:Warsaw siege3.jpg|thumb|250px|A survivor of German aerial bombardment, [[Siege of Warsaw]].]] '''War crimes''' {{main|War crimes during World War II}} From 1945 to 1951, German and Japanese officials and personnel were prosecuted for war crimes. Top German officials were tried at the [[Nuremberg Trials]], and many Japanese officials at the [[International Military Tribunal for the Far East|Tokyo War Crime Trial]] and [[Japanese war crimes#Other trials|other war crimes trials in the Asia-Pacific region]]. ==Resistance and collaboration== {{main|Resistance during World War II|Collaboration during World War II}} [[Image:101st with members of dutch resistance.jpg|thumb|right|250px|Members of the Dutch Eindhoven Resistance with troops of the [[101st Airborne Division|U.S. 101st Airborne]] in front of the [[Eindhoven]] cathedral during [[Operation Market Garden]] in September 1944.]] Resistance during World War II occurred in every occupied country by a variety of means, ranging from non-cooperation, disinformation, and propaganda to outright warfare. Among the most notable resistance movements were the [[Armia Krajowa|Polish Home Army]], the [[Maquis (World War II)|French Maquis]], the [[Partisans (Yugoslavia)|Yugoslav Partisans]], the Greek resistance force, and the [[Italian resistance movement|Italian Resistance]] in the [[Italian Social Republic|German-occupied Northern Italy]] after 1943. Germany itself also had an [[German resistance movement|anti-Nazi movement]]. The [[Communism|Communist]] resistance was among the fiercest, since they were already organised and militant even before the war and they were ideologically opposed to the Nazis. Before [[D-Day]], there were some operations performed by the [[French Resistance]] to help with the forthcoming invasion. Communications lines were cut; trains were derailed; roads, water towers, and ammunition depots were destroyed; and some German garrisons were attacked. There were also resistance movements fighting against the [[Allies of World War II|Allied]] invaders. The [[Werwolf|German resistance]] petered out within a few years, while in the [[Baltic states|Baltic]] states [[Forest Brothers|resistance operations]] against the occupation continued into the 1960s. ==Home fronts== [[Image:WomanFactory1940s.jpg|thumb|right|250px|During the war, women worked in factories throughout much of the West and East.]] {{main|Home front during World War II}} "[[Home front]]" is the name given to the activities of the civilians of the nations at war. All the main countries reorganized their homefronts to produce munitions and soldiers, with 40-60% of GDP being devoted to the war effort. Women were drafted in the Soviet Union and Britain. Shortages were everywhere, and severe food shortages caused malnutrition and even starvation, such as in the Netherlands and in Leningrad. New workers were recruited, especially housewives, the unemployed, students, and retired people. Skilled jobs were re-engineered and simplified ("de-skilling") so that unskilled workers could handle them. Every major nation imposed censorship on the media as well as a propaganda program designed to boost the war effort and stifle negative rumors. Every major country imposed a system of rationing and price controls. Black markets flourished in areas controlled by Germany. Germany brought in millions of prisoners of war, slave laborers, and forced workers to staff its munitions factories. Many were killed in the bombing raids, the rest became refugees as the war ended. ==Technologies== [[Image:Nsa-enigma.jpg|thumb|right|250px|German [[Enigma machine]] for encryption.]] {{main|Technology during World War II|Technological escalation during World War II}} Weapons and technology improved rapidly during World War II and some of these played a crucial role in determining the outcome of the war. Many major technologies were used for the first time, including [[nuclear weapon]]s, [[radar]], [[proximity fuse]]s, [[jet engine]]s, [[V-2|ballistic missiles]], and data-processing analog devices (primitive computers). Every year, the [[Reciprocating engine|piston engines]] were improved. Enormous advances were made in [[aircraft]], [[submarine]], and [[tank]] designs, such that models coming into use at the beginning of the war were long obsolete by its end. One entirely new kind of ship was the amphibious landing craft. ===Industrial production=== Industrial production played a role in the Allied victory. The Allies more effectively mobilized their economies and drew from a larger economic base. The peak year of munitions production was 1944, with the Allies out-producing the Axis by a ratio of 3 to 1. (Germany produced 19% and Japan 7% of the world's munitions; the U.S. produced 47%, Britain and Canada 14%, and the Soviets 11%).<ref> Raymond W. Goldsmith, "The Power of Victory: Munitions Output in World War II" ''Military Affairs'', Vol. 10, No. 1. (Spring, 1946), pp. 69-80; online at [http://links.jstor.org/sici?sici=0026-3931%28194621%2910%3Al%3C69%3ATPOVMO%3E2.0.CO%3B2-3 JSTOR]</ref> The Allies used low-cost [[mass production]] techniques, using standardized models. Japan and Germany continued to rely on expensive hand-crafted methods. Japan thus produced hundreds of airplane designs and did not reach mass-production efficiency; the new models were only slightly better than the original 1940 planes, while the Allies rapidly advanced in technology.<ref> Richard Overy. ''The Air War, 1939-1945'' (2005)</ref> Germany thus spent heavily on high-tech weaponry, including the V-1 flying bomb and V-2 rocket, advanced submarines, jet engines, and heavy tanks that proved strategically of minor value. The combination of better logistics and mass production proved crucial in the victory. "The Allies did not depend on simple numbers for victory but on the quality of their technology and the fighting effectiveness of their forces... In both Germany and Japan less emphasis was placed upon the non-combat areas of war: procurement, logistics, military services," concludes historian Richard Overy.<ref>Overy (1993) p 318-9</ref> Delivery of weapons to the battlefront was a matter of logistics. The Allies again did a much better job in moving munitions from factories to the front lines. A large fraction of the German tanks after June 1944 never reached the battlefield, and those that did often ran short of fuel. Japan in particular was notably inefficient in its logistics system.<ref> Mark Parillo, "The Pacific War" in Richard Jensen et al, eds. ''Trans-Pacific Relations: America, Europe, and Asia in the Twentieth Century'' (2003), pp. 93-104.</ref> ===Medicine=== Many new medical and surgical techniques were employed as well as new drugs like [[sulfa]] and [[penicillin]], not to mention serious advances in [[biological warfare]] and nerve gases. The Japanese control of the quinine supply forced the Australians to invent new anti-malarial drugs. The saline bath was invented to treat burns. More prompt application of sulfa drugs saved countless lives. New [[local anesthetic]]s were introduced making possible surgery close to the front lines. The Americans discovered that only 20% of wounds were cause by [[Machine gun|machine-gun]] or rifle bullets (compared to 35% in World War I). Most came from [[Explosive material|high explosive]] shells and fragments, which besides the direct wound caused shock from their blast effects. Most deaths came from shock and blood loss, which were countered by a major innovation, [[blood transfusions]].<ref> Harold C. Leuth, "Military Medicine" in [[Walter Yust]], ed. ''10 Eventful Years'' (1947) 3:163-67; Mark Harrison, ''Medicine and Victory: British Military Medicine in the Second World War'' (2004)</ref> The massive [[research and development]] demands of the war accelerated the growth of the scientific communities in Allied states, while German and Japanese laboratories were disbanded; many German engineers and scientists continued their [[weapons research]] after the war in the United States and the Soviet Union. {{see also|Military production during World War II|List of World War II military equipment}} {{-}} == Aftermath == [[Image:Germanborders.gif|thumb|left|250px|Germany's territorial losses 1919-1945]] [[Image:Deutschland_Besatzungszonen_1945_1946.png|thumb|right|250px|German occupation zones in 1946 after territorial annexations in the East. The [[Saarland]] (in the French zone) is shown with stripes because it was removed from Germany by France in 1947 as a [[Saar (protectorate)|protectorate]], and was not incorporated into the Federal Republic of Germany until 1957. [[Historical Eastern Germany]], not contained in this map, was annexed by Poland and the Soviet Union.]] {{main|Aftermath of World War II}} The war concluded with the surrender and occupation of Germany and Japan. It left behind millions of [[displaced person]]s and [[prisoners of war]], and resulted in many new international boundaries. The economies of Europe, China and Japan were largely destroyed as a result of the war. To prevent (or at least minimize) future conflicts, the allied nations, led by the [[United States]], formed the [[United Nations]] in [[San Francisco, California]] in 1945. The end of the war hastened the independence of many [[Crown colony|British crown colonies]] (such as India) and [[Dutch Empire|Dutch territories]] (such as Indonesia) and the formation of new nations and alliances throughout Asia and Africa. The [[Philippines]] were granted their independence in 1946 as previously promised by the United States. Poland's boundaries were re-drawn to include portions of [[Historical Eastern Germany|pre-war Germany]], including [[East Prussia]] and [[Upper Silesia]], while ceding most of the areas taken by the Soviet Union in the [[Molotov-Ribbentrop]] partition of 1939, effectively moving Poland to the west. Germany was split into four zones of occupation, and the three zones under the Western Allies was reconstituted as a [[constitutional democracy]]. The Soviet Union's influence increased as they established hegemony over most of eastern Europe, and incorporated parts of Finland and Poland into their new boundaries. Europe was informally split into Western and Soviet [[Sphere of influence|spheres of influence]], which heightened existing tensions between the two camps and helped establish the [[Cold War]]. In Asia, the Imperial Japanese Empire's government was dismantled under General [[Douglas MacArthur]] and replaced by a constitutional monarchy with the emperor as a figurehead. The defeat of Japan led to the independence of [[Korea]], which was split into two parts by the Russian and American forces. The war greatly enhanced China's international prestige but severely weakened [[Chiang Kai-shek]]'s central government and the armed forces of the [[Republic of China]]. Partly because of this, in the subsequent [[Chinese Civil War]], the Chinese Nationalists lost and were forced to retreat to [[Taiwan]], while the Chinese Communists established the [[People's Republic of China]] on the mainland in 1949. World War II also spawned many new technologies such as advanced aircraft, radar, jet engines, [[synthetic rubber]] and plastics, antibiotics like [[penicillin]], helicopters, [[nuclear energy]], rocket technology and computers. These [[Technology during World War II|technologies]] were applied to government, commercial, industrial, private and civil use. ===Occupation of Axis Powers=== {{Further|[[Expulsion of Germans after World War II]], [[Allied Occupation Zones in Germany]], [[Morgenthau Plan]], [[Oder-Neisse line]], [[Occupied Japan]], [[Division of Korea]]}} Germany was partitioned into four zones of occupation, coordinated by the [[Allied Control Council]]. The American, British, and French zones joined in 1949 as the [[Germany|Federal Republic of Germany]], and the Soviet zone became the [[East Germany|German Democratic Republic]]. In Germany, [[Morgenthau Plan|economic suppression]] and [[Denazification]] took place. Millions of Germans and Poles were expelled from their homelands as a result of the territorial annexations in Eastern Europe agreed upon at the [[Yalta Conference|Yalta]] and [[Potsdam Conference|Potsdam]] conferences. In the West, [[Alsace-Lorraine]] was given to France, which also separated the [[Saar area]] from Germany. [[Austria]] was separated from Germany and divided into four zones of occupation, which were united in 1955 to become the Republic of Austria. [[Japan]] was occupied by the U.S, aided by Commonwealth troops, until the peace treaty took effect in 1952. The defeat of Japan also lead to the eastablishment of the Far eastern commission which set out policies for Japan to fullfill under the terms of surrender. In accordance with the Yalta Conference agreements, the Soviet Union occupied and subsequently annexed [[Sakhalin]]. [[Korea]] was divided between the U.S. and the Soviet Union, leading to the creation of two separate governments in 1948. ===Europe in ruins=== {{main|Effects of World War II|Marshall Plan}} In Europe at the end of the war, millions of civilians were homeless, the economy had collapsed, and 70%{{fact}} of the industrial infrastructure was destroyed. The Soviet Union was also heavily affected, with 30% of its economy destroyed. The United Kingdom ended the war economically exhausted by the war effort. The wartime [[coalition government]] was dissolved; new elections were held; and Churchill was defeated in a landslide [[general election]] by [[Labour Party (UK)|the Labour Party]] under [[Clement Attlee]]. In 1947, [[United States Secretary of State|U.S. Secretary of State]] [[George Marshall]] devised the "European Recovery Program", better known as the [[Marshall Plan]]. Effective from 1948 to 1952, it allocated 13 billion dollars for the reconstruction of Western Europe. ===Communist control of Central and Eastern Europe=== {{main|Eastern bloc|Iron Curtain}} At the end of the war, the Soviet Union occupied much of [[Central Europe|Central]] and [[Eastern Europe]] and the [[Balkans]]. In all the USSR-occupied countries, with the exception of Austria, the Soviet Union helped Communist regimes to power. It also annexed the Baltic countries [[Estonia]], [[Latvia]], and [[Lithuania]]. ===China=== {{main|Second Sino-Japanese War#Aftermath}} The war was a pivotal point in China's history. Before the war against Japan, China had suffered nearly a century of humiliation at the hands of various imperialist powers and was relegated to a semi-colonial status. However, the war greatly enhanced China's international status. Not only was the central government under [[Chiang Kai-shek]] able to abrogate most of the unequal treaties China had signed in the past century, the [[Republic of China]] also became a founding member of the [[United Nations]] and a permanent member in the [[Security Council]]. China also reclaimed Manchuria and Taiwan. Nevertheless, eight years of war greatly taxed the central government, and many of its nation-building measures adopted since it came to power in 1928 were disrupted by the war. Communist activities also expanded greatly in occupied areas, making post-war administration of these areas difficult. Vast war damages and hyperinflation thereafter greatly demoralized the populace, along with the continuation of the [[Chinese Civil War]] between the [[Kuomintang]] and the Communists. Partly because of the severe blow his army and government had suffered during the war against Japan, the Kuomintang, along with state apparatus of the [[Republic of China]], retreated to Taiwan in 1949 and in its place the Chinese communists established the [[People's Republic of China]] on the mainland. ===Decolonization=== {{main|Decolonization}} Areas previously occupied by the colonial powers gained their freedom, some peacefully, such as the [[Philippines]] in 1946, [[India]] and [[Pakistan]] in 1947. Others had to fight bloody wars of liberation before gaining freedom, such as against the French attempt to reoccupy [[Vietnam]] in the [[First Indochina War]], and against the Netherlands' attempt to reoccupy the [[Dutch East Indies]]. ===United Nations=== {{main|United Nations}} Because the [[League of Nations]] had failed to actively prevent the war, the [[United Nations]] was created in 1945. The UN operates within the parameters of the [[United Nations Charter]], and the reason for the UN’s formation is outlined in the [[Preamble to the United Nations Charter]]. One of the first actions of the United Nations was the creation of the State of [[Israel]], partly in response to the Holocaust. ==Names== The term most used in the United Kingdom and Canada is "Second World War", while American publishers use the term "World War II". Thus the [[Oxford University Press]] uses ''The Oxford Companion to the Second World War'' in the United Kingdom, and ''The Oxford Companion to World War II'' for the identical 1995 book in the United States. The [[OED]] reports the first use of "Second World War" was by novelist [[H.G. Wells]] in 1930, although it may well have been used earlier.<ref> Library catalogs show the first use in 1934: ''Why war? A handbook for those who will take part in the second world war'' by [[Ellen Wilkinson]] & [[Edward Conze]], (London, 1934), and Johannes Steel, ''The second world war,'' (New York, 1934).</ref> The term was immediately used when war was declared; for example, the September 3, 1939, issue of the Canadian newspaper, ''[[The Calgary Herald]]''. Prior the United States' entry into the War, many Americans referred to it as the "European War". ---> == गुप्त कारस्थाने व भूमिगत सशस्त्र चळवळी == [[दुसरे महायुद्ध|दुसऱ्या महायुद्धाच्या]] काळात [[अक्ष राष्ट्रे|अक्ष राष्ट्रांच्या]] (मुख्यतः [[नाझी जर्मनी]], [[इटलीचे साम्राज्य|इटली]] आणि [[जपानचे साम्राज्य|जपान]]) ताब्याखाली आलेल्या भूप्रदेशांमध्ये विविध गुप्त कारस्थाने, हेरगिरी आणि भूमिगत सशस्त्र चळवळी मोठ्या प्रमाणावर उभारल्या गेल्या. या चळवळींचा मुख्य उद्देश शत्रूच्या सैन्याला अंतर्गत आव्हान देणे, रसदमार्ग तोडणे आणि [[दोस्त राष्ट्रे|दोस्त राष्ट्रांच्या]] सैन्याला लष्करी मदत पुरवणे हा होता.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/event/World-War-II/Resistance |title=World War II: Resistance |website=Encyclopedia Britannica |access-date=13 September 2026}}</ref> [[नाझीव्याप्त युरोप]]मध्ये [[फ्रान्स|फ्रान्समधील]] ''माकी'' व फ्रेंच विरोध, [[पोलंड|पोलंडमधील]] [[आर्मिया क्रायोवा]] (घरचे सैन्य) आणि [[युगोस्लाव्हिया]]मधील [[जोसिप ब्रोझ टिटो]] यांच्या नेतृत्वाखालील ''पार्टिझान्स'' या प्रमुख भूमिगत संघटना होत्या. या चळवळींनी गनिमी काव्याने शत्रूवर अचानक हल्ले चढवणे, आगगाड्यांचे मार्ग बॉम्बने उडवणे आणि दारूगोळ्याचे साठे नष्ट करणे यांसारखी गुप्त घातपाती कृत्ये केली.<ref>{{cite book |title=The Resistance: The French Fight Against the Nazis |url=https://archive.org/details/paycheckswhomake0000harr |last=Schoenbrun |first=David |publisher=Harper & Row |year=1980 |isbn=978-0060907907}}</ref> [[युनायटेड किंग्डम]]च्या [[स्पेशल ऑपरेशन्स एक्झिक्युटिव्ह]] आणि [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] [[ऑफिस ऑफ स्ट्रॅटेजिक सर्व्हिसेस]] या गुप्तचर संस्थांनी या भूमिगत गटांना शस्त्रे, बिनतारी संदेशवहनाची साधने आणि तांत्रिक प्रशिक्षण देऊन गुप्त कारस्थानांना बळ दिले.<ref>{{cite web |url=https://www.nam.ac.uk/explore/SOE |title=Special Operations Executive |website=National Army Museum |access-date=13 September 2026}}</ref> या गुप्त चळवळी केवळ लष्करी घातपातापुरत्या मर्यादित नव्हत्या, तर त्यांमध्ये भूमिगत वृत्तपत्रे चालवून नाझींच्या अपप्रचाराला उत्तर देणे, ज्यू नागरिक व युद्धकैद्यांना सुरक्षित स्थळी हलवणे आणि दोस्त राष्ट्रांच्या विमानातून खाली आलेल्या सैनिकांना वाचवणे यांसारख्या मोहिमांचाही समावेश होता. याशिवाय पोलंडमधील [[विटोल्ड पिलेत्स्की]] सारख्या सैनिकांनी स्वतःहून [[आउश्वित्झ छळछावणी|आउश्वित्झ छळछावणीत]] बंदी बनवून घेत तेथून गुप्त माहिती बाहेर पाठवली व आतमध्ये भूमिगत जाळे निर्माण केले.<ref>{{cite book |title=The Auschwitz Volunteer: Beyond Bravery |url=https://archive.org/details/auschwitzvolunte0000pile |last=Pilecki |first=Witold |publisher=Aquila Polonica |year=2012 |isbn=978-1607720003}}</ref> १९४४ च्या [[नॉर्मंडीची लढाई|नॉर्मंडी आक्रमणादरम्यान (डी-डे)]] या भूमिगत गटांनी जर्मन सैन्याची रसद तोडण्यात अत्यंत मोलाची भूमिका बजावली.<ref>{{cite web |url=https://www.bbc.co.uk/history/worldwars/wwtwo/french_resistance_01.shtml |title=The French Resistance |website=BBC History |access-date=13 September 2026}}</ref> आशिया-प्रशांत क्षेत्रातही जपानी व्यापाराविरुद्ध [[फिलीपिन्स]] आणि [[चीन|चीनमध्ये]] अशाच प्रकारच्या सशस्त्र भूमिगत चळवळी सक्रिय होत्या. === भारतातील भूमिगत प्रतिकार आणि सशस्त्र चळवळ === [[दुसरे महायुद्ध|द्वितीय महायुद्धाच्या]] काळात [[ब्रिटिश राज|ब्रिटिश भारतामध्येही]] वसाहतवादी शासनाविरुद्ध गुप्त कारस्थाने आणि सशस्त्र भूमिगत चळवळी तीव्र झाल्या. १९४२ च्या [[भारत छोडो आंदोलन|भारत छोडो आंदोलनादरम्यान]] [[महात्मा गांधी]] यांनी दिलेल्या "करेंगे या मरेंगे" या हाकेनंतर [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेसच्या]] वरिष्ठ नेत्यांना अटक करण्यात आल्यावर, [[जयप्रकाश नारायण]], [[अच्युतराव पटवर्धन]], [[अरुणा असफ अली]] आणि [[राममनोहर लोहिया]] यांसारख्या नेत्यांनी भूमिगत होऊन चळवळीचे नेतृत्व केले.<ref>{{cite web |url=https://marathivishwakosh.org/17845/ |title=भारत छोडो आंदोलन |website=मराठी विश्वकोश |access-date=13 September 2026}}</ref> मुंबईतून [[उषा मेहता]] यांनी चालवलेले [[काँग्रेस रेडियो]] हे गुप्त बिनतारी संदेशवहन केंद्र या काळातील माहिती प्रसाराचे प्रमुख साधन झाले. [[महाराष्ट्र]], [[बंगाल]] आणि [[ओडिशा|ओरिसा]]मध्ये ब्रिटीश प्रशासनाला समांतर अशा ''प्रतिसरकार'' (समांतर सरकार) यंत्रणा उभारल्या गेल्या, ज्यामध्ये [[सातारा]] येथील [[नाना पाटील|क्रांतिसिंह नाना पाटील]] यांच्या [[पत्री सरकार]] लढा ऐतिहासिक ठरला.<ref>{{cite news |title=सातारा येथील प्रतिसरकारचा इतिहास |url=https://loksatta.com/ |work=लोकसत्ता |access-date=13 September 2026}}</ref> दुसरीकडे [[सुभाषचंद्र बोस]] यांनी परदेशात जाऊन [[आझाद हिंद सेना]] स्थापन केली आणि [[जपानचे साम्राज्य|जपानी]] सैन्याच्या सहकार्याने ब्रिटीश राजवटीविरुद्ध प्रत्यक्ष सशस्त्र युद्ध पुकारले. या अंतर्गत आणि बाह्य भूमिगत संघर्षांमुळे युद्धाच्या काळात ब्रिटिश प्रशासनावर प्रचंड ताण निर्माण झाला आणि भारताच्या स्वातंत्र्याचा मार्ग अधिक गतिमान झाला.<ref>{{cite book |title=India's Struggle for Independence |last=Chandra |first=Bipan |publisher=Penguin Books India |year=1989 |isbn=978-0140107814}}</ref> == युद्धाचे परिणाम == दुसऱ्या महायुद्धाने मानवी इतिहासात कधीही न पाहिलेली अतोनात हिंसा पाहिली. जगातील सर्वच राष्ट्रे यात भरडली गेली. काही युद्धग्रस्त होतेच तर काहींना त्याचे परिणाम भोगावे लागले. जर्मनी, पोलंड व रशिया व जपानमध्ये सर्वाधिक लोक बळी पडले. वर नमूद केल्याप्रमाणे मृतांची संख्या सहा कोटीवर असण्याची शक्यता आहे. ब्रिटन, फ्रान्स, जर्मनी व रशिया या देशांतील शहरेच्या शहरे हवाई हल्यांमध्ये संपूर्णपणे बेचिराख झाली. या देशांना पुढील अनेक दशके ती शहरे पुन्हा उभारण्यात घालवावी लागली. ==दुसऱ्या महायुद्धावरील मराठी पुस्तके== * एरिक लोमॅक्सच्या दीर्घ प्रवास : दुसऱ्या महायुद्धातील गोष्ट ([[अनंत भावे]]) * कथा महायुद्धाच्या (डॉ. [[मिलिंद आमडेकर]]) * दहा हजार नयन : दुसऱ्या महायुद्धात फ्रेंचांच्या अपार त्यागाची गाथा ! ([[पंढरीनाथ सावंत]]) * दुसरे महायुद्ध (किरण गोखले) * दुसरे महायुद्ध ([[वि.स. वाळिंबे]]) * ('अद्भुत' महायुद्धाच्या खऱ्याखुऱ्या गोष्टी) दुसरे महायुद्ध : काही कथा ([[अनंत भावे]]) * दुसऱ्या महायुद्धातील महिला आघाडी (ग.म. केळकर) * दुसऱ्या महायुद्धातील शौर्यकथा ([[निरंजन घाटे]]) * द्वितीय महायुद्धानंतरचे जग (१९४७ ते १९९७) (य.ना. कदम) * फिफ्टी इअर्स ऑफ़ सायलेन्स : दुसऱ्या जागतिक महायुद्धादरम्यान अनेक वेळा बलात्कार झालेल्या स्त्रीची आठवणगाथा (मूळ लेखिका - जॅन रफ ओ हर्; मराठी अनुवाद - [[नीला चांदोरकर]]) * महायुद्ध १९३९ ते १९४४ (ज.पां. देशमुख) * युद्धकथा : दुसऱ्या महायुद्धाच्या खऱ्याखुऱ्या १२ कथा ([[अनंत भावे]]) * हिटलरचे महायुद्ध ([[वि.ग. कानिटकर]]) == हे सुद्धा पहा == * [[पहिले महायुद्ध]] * [[नाझी पक्ष]] * [[ज्यूंचे शिरकाण]] == माध्यमे == '''चित्रपटात''' दुसऱ्या महायुद्धाचा प्रभाव जगातील बहुतेक राष्ट्रांवर पडला. अनेक साहित्य कृती, नाटके, चित्रपट दुसऱ्या महायुद्धावर अथवा त्यांच्या परिणामांवर बनले. त्यातील चित्रपट मुख्य युद्धातील घटनांवर आधारित होते तर काही त्याच्या परिणाम किंवा युद्धकालातील जीवनावर आधारित होते. काही सत्य घटनांवर तर काही काल्पनिक घटनांवर अथवा मिश्रित बनवले गेले. त्यातील काही प्रसिद्ध चित्रपट खालील प्रमाणे. ट्व्हेल ओ क्लॉक हाय (१९४९), ब्रिज ऑन द रिव्हर क्वाई (१९५७), पॅटन (१९७०), दास बुट (१९८१), सेव्हिंग प्रायव्हेट रायन (१९८८), पर्ल हार्बर(२००१), व्हेअर इगल्स डेअर, द डायरी ऑफ यंग गर्ल, स्टालिन्ग्राड छळछावण्यामधील जीवनावर आधारीत चित्रपटांमध्ये अनेक ऑस्कर विजेते चित्रपट आहेत. त्यातील प्रमुख चित्रपट म्हणजे शिंडलर्स लिस्ट, ऍने फ्रांक, लाईफ इज ब्युटिफुल, द पियानिस्ट इत्यादी. {{main|अर्वाचीन संस्कृतीत दुसरे महायुद्ध}} जगातील अनेक भाषांमध्ये दुसऱ्या महायुद्धाबद्दल कलाकृती निर्माण झाल्या आहेत. <!--नोंद: येथे प्रत्येक दशकातील एक चित्रपट निवडण्यात आलेला आहे. If you wish to add a movie that improves the list, please replace the current film for that decade. Avoid listing recently released movies as it is not possible to judge their significance in historical context. Such additions are welcome at [[World War II in contemporary culture]]. Thanks!--> यात शेकडो काल्पनिक चित्रपटही आहेत. यात ट्वेल्व ओ'क्लॉक हाय (१९४९), द ब्रिज ऑन द रिव्हर क्वाय (१९५७), द डर्टी डझन (१९६७), पॅटन (१९७०), डास बूट (जर्मन, १९८१), सेव्हिंग प्रायव्हेट रायन (१९९८), पर्ल हार्बर (२००१) इ. विशेष आहेत. आजतगायत लिहिल्या गेलेल्या हजारो पुस्तकांतून या महायुद्धाचा उल्लेख आहे. यात [[जोसेफ हेलर]]चे [[कॅच-२२]], [[अकियुकि नोसाका]]चे [[ग्रेव्ह ऑफ द फायरफ्लाईझ]], [[अ‍ॅन फ्रॅंक|ॲन फ्रॅंक]]चे [[द डायरी ऑफ अ यंग गर्ल]] आणि [[कर्ट व्होनेगट]]चे [[स्लॉटरहाउस-५]] यांचा समावेश आहे. == ग्रंथ यादी == <div class="references-small"> * Bauer, E. Lt-Colonel ''The History of World War II'', Orbis (2000) General Editor: Brigadier Peter Young; Consultants: Brigadier General James L. Collins Jr., Correli Barnet. (1,024 pages) ISBN 1-85605-552-3 * I.C.B. Dear and M.R.D. Foot, eds. ''The Oxford Companion to World War II'' (1995), 1300 page encyclopedia covering all topics * Ellis, John. ''Brute Force: Allied Strategy and Tactics in the Second World War'' (1999) * [[Martin Gilbert|Gilbert, Martin]] ''Second World War'' (1995) * Mark Harrison. "Resource Mobilization for World War II: The U.S.A., UK, U.S.S.R., and Germany, 1938-1945" in ''The Economic History Review,'' Vol. 41, No. 2. (May, 1988), pp.&nbsp;171–192. [http://links.jstor.org/sici?sici=0013-0117%28198805%292%3A41%3A2%3C171%3ARMFWWI%3E2.0.CO%3B2-7 in JSTOR] * [[John Keegan|Keegan, John]]. ''The Second World War'' (1989) * [[Basil Liddell Hart|Liddell Hart, Sir Basil]] ''History of the Second World War'' (1970) * Murray, Williamson and Millett, Allan R. ''A War to Be Won: Fighting the Second World War'' (2000) * Overy, Richard. ''Why the Allies Won'' (1995) * Shirer, William L. ''The Rise and Fall of the Third Reich, Simon & Schuster.'' (1959). ISBN 0-671-62420-2. * Smith, J. Douglas and Richard Jensen (2003). ''World War II on the Web: A Guide to the Very Best Sites''. ISBN 0-8420-5020-5. * Weinberg, Gerhard L.''A World at Arms: A Global History of World War II'' (2005) ISBN 0-521-44317-2 * {{स्रोत पुस्तक | वर्ष = 2004 | title = Poteri narodonaseleniia v XX veke : spravochnik | प्रकाशक = | ISBN = 5-93165-107-1 }} </div> == हे सुद्धा पहा == * [[पहिले महायुद्ध]] * [[नाझी पक्ष]] * [[ज्यूंचे शिरकाण]] === धारिका === * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.referencio.com/index.php?title=World_War_II | title = {{लेखनाव}} - विकी निर्देशिका | प्रकाशक = रेफरन्शिओ.कॉम | भाषा = इंग्लिश }} * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://dmoz.org/Society/History/By_Time_Period/Twentieth_Century/Wars_and_Conflicts/World_War_II/ | title = मुक्त निर्देशिका प्रकल्प - "{{लेखनाव}}" - स्वयंसेवकांनी रचलेली निर्देशिका | प्रकाशक = डीमॉझ.ऑर्ग | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-04-12 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080412101047/http://www.dmoz.org/Society/History/By_Time_Period/Twentieth_Century/Wars_and_Conflicts/World_War_II/ | url-status = dead }} * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://dir.yahoo.com/Arts/Humanities/History/By_Time_Period/20th_Century/Military_History/World_War_II/ | title = {{लेखनाव}} | प्रकाशक = याहू | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-03-12 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080312060824/http://dir.yahoo.com/Arts/Humanities/History/By_Time_Period/20th_Century/Military_History/World_War_II/ | url-status = dead }} === साधारण माहिती === * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Austria.general.html | title = वर्ल्ड हिस्टरी डेटाबेस {{लेखनाव}} - ऑस्ट्रियातील घटनाक्रम | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-10-15 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081015152146/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Austria.general.html | url-status = dead }} * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Belgium.general.html | title = वर्ल्ड हिस्टरी डेटाबेस {{लेखनाव}} - बेल्जियममधील घटनाक्रम | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-10-12 | archive-url = https://web.archive.org/web/20081012015701/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Belgium.general.html | url-status = dead }} * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-France.general.html | title = वर्ल्ड हिस्टरी डेटाबेस {{लेखनाव}} - फ्रान्समधील घटनाक्रम | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-05-16 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080516093319/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-France.general.html | url-status = dead }} * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Germany.general.html | title = वर्ल्ड हिस्टरी डेटाबेस {{लेखनाव}} - जर्मनीमधील घटनाक्रम | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-05-16 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080516092600/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Germany.general.html | url-status = dead }} * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Great-Britain.general.html | title = वर्ल्ड हिस्टरी डेटाबेस {{लेखनाव}} - ग्रेट ब्रिटनमधील घटनाक्रम | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-04-30 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080430081936/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Great-Britain.general.html | url-status = dead }} * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Italy.general.html | title = वर्ल्ड हिस्टरी डेटाबेस {{लेखनाव}} - इटलीमधील घटनाक्रम | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-05-15 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080515212358/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Italy.general.html | url-status = dead }} * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Japan.general.html | title = वर्ल्ड हिस्टरी डेटाबेस {{लेखनाव}} - जपानमधील घटनाक्रम | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-04-03 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080403214015/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Japan.general.html | url-status = dead }} * {{स्रोत संकेतस्थळ | दुवा = http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Russia.general.html | title = वर्ल्ड हिस्टरी डेटाबेस {{लेखनाव}} - रशियामधील घटनाक्रम | भाषा = इंग्लिश | access-date = 2008-04-25 | archive-date = 2008-06-15 | archive-url = https://web.archive.org/web/20080615052422/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Russia.general.html | url-status = dead }} * [http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Spain.general.html Spain Chronology World War II World History Database] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080724205656/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-Spain.general.html |date=2008-07-24 }} * [http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-USA.general.html USA Chronology World War II World History Database] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20080516055057/http://www.badley.info/history/World-War,-2nd-USA.general.html |date=2008-05-16 }} * [http://www.ww2db.com/ World War II Database] * [http://www.spartacus.schoolnet.co.uk/2WW.htm The Second World War] * {{Webarchiv | url=http://www.bbc.co.uk/history/war/wwtwo/ | wayback=20010124043700 | text=BBC History: World War Two}} * {{वेबॅक आर्किव्ह|url=http://www.bbc.co.uk/history/war/wwtwo/|date=20050304100032}} * [http://www6.dw-world.de/en/worldwarII.php Deutsche Welle special section on World War II] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20050507150818/http://www6.dw-world.de/en/worldwarII.php |date=2005-05-07 }} created by one of Germany's public broadcasters on World War II and the world 60 years after. * [http://www.militaryindexes.com/worldwartwo/ Directory of Online World War II Indexes & Records] * [http://www.engdahl.oilgeopolitics.net/History/MacKinder/mackinder.html Halford Mackinder's Necessary War An essay describing the geopolitical aspects of World War II] * [http://www.worldwar2vault.com/ World War 2 Vault] * [http://www.secretsofworldwar2.co.uk/ World War II Secret History] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070210004922/http://www.secretsofworldwar2.co.uk/ |date=2007-02-10 }} * [http://www.wwii.ca/ Canada and WWII] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090414134838/http://www.wwii.ca/ |date=2009-04-14 }} * [http://memory.loc.gov/ammem/collections/maps/wwii/ World War II Military Situation Maps. 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Wilhelm Radkovsky 1940-1945] Experiences as a German soldier on the Eastern and Western Front * [http://www.warsawuprising.com/ The Warsaw Uprising of 1944] — "a heroic and tragic 63-day struggle to liberate World War 2 Warsaw from Nazi/German occupation." * [http://www.amazon.com/So-Great-Heritage-Kathie-Jackson/dp/1598862561 "So Great a Heritage"] A collection of 150 letters from an American soldier to his family during World War II gives the reader an insight into the war that they may not otherwise have. The letters were written from the time the soldier reported to boot camp, through his deployments to North Africa, Italy, France, and finally, Germany. * {{it|इटालियन मजकूर}} [http://www.lacittainvisibile.it/ La Città Invisibile] Collection of signs, stories and memories during the Gothic Line age. === चित्रपट === * ''[[द वर्ल्ड अॅट वॉर (दूरचित्रवाणी मालिका)|द वर्ल्ड अॅट वॉर]]'' (१९७४) is a 26-part [[Thames Television]] series that covers most aspects of World War II from many points of view. It includes interviews with many key figures ([[Karl Dönitz]], [[Albert Speer]], [[Anthony Eden]] etc.) ([http://www.imdb.com/शीर्षक/tt0071075/ Imdb link]) * ''द सेकंड वर्ल्ड वॉर इन कलर'' (1999) is a three episode documentary showing unique footage in color ([http://www.imdb.com/शीर्षक/tt0212694/ Imdb link]) </div> * [http://www.alaskainvasion.com/ रेड व्हाइट ब्लॅक अँढ ब्लू - अट्टूच्या लढाईवरील चित्रपट] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170911193528/http://alaskainvasion.com/ |date=2017-09-11 }}--> {{दुसरे महायुद्ध}} * <small>''हा लेख इंग्लिश विकिपिडीयावरील [http://en.wikipedia.org/wiki/World_War_II या लेखावर] आधारित आहे''</small> == बाह्य दुवे == * [http://www.ww2db.com/ दुसरे महायुद्ध माहिती संग्रह संकेतस्थळ] * [http://www.bbc.co.uk/history/worldwars/wwtwo/ बी.बी.सी वरील दुसरे महायुद्ध संकेतस्थळ] == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:दुसरे महायुद्ध|*]] [[वर्ग:महायुद्धे]] == प्रारंभिक आणि समाप्त तारिक ==   १ सप्टेंबर १९३९ दिवशी [[युरोप]]<nowiki/>मध्ये दुसरे महायुद्ध सुरू झालं {{Sfn|Weinberg|2005}} [[पोलंडवर आक्रमण|पोलंड]] आणि युनायटेड किंग्डमवरील जर्मन आक्रमण आणि दोन दिवसांनी ३ सप्टेंबर १९३९ दिवशी फ्रान्सने जर्मनीविरुद्ध युद्धाची घोषणा केली . पॅसिफिक युद्धाच्या सुरुवातीच्या दिनांकंमध्ये ७ जुलै १९३७ दिवशी [[दुसरे चीन-जपान युद्ध|दुसरे चीन-जपानी युद्ध]] सुरू झालं <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=The Cambridge History of the Second World War, Volume I: Fighting the War|last=Ferris|first=John|last2=Mawdsley|first2=Evan|date=2015|publisher=[[Cambridge University Press]]|location=[[Cambridge]]|language=en}}</ref> {{Sfn|Förster|Gessler|2005}} किंवा १९ सप्टेंबर १९३१ दिवशी मंचुरियावर जपानी आक्रमण झालं . <ref>Polmar, Norman; Thomas B. Allen (1991) ''[[iarchive:worldwariiameric00polm|World War II: America at war, 1941–1945]]'' {{ISBN|978-0-3945-8530-7}}</ref> इतर लोक ब्रिटिश इतिहासकार ॲ. जॉ. पे टेलरच्या संशोधननुसार करतात, ज्यांनी म्हणालं आहे की चीन-जपानी युद्ध आणि युरोप आणि त्याच्या वसाहतींमधील युद्ध एकाच वेळी झालं आणि दोन्ही युद्धे १९४१ मध्ये दुसरे महायुद्ध बनली. <ref>{{जर्नल स्रोत|last=Hett|first=Benjamin Carter|date=1 August 1996|title='Goak here': A.J.P. Taylor and 'The Origins of the Second World War.'|url=https://go.gale.com/ps/i.do?p=AONE&sw=w&issn=00084107&v=2.1&it=r&id=GALE%7CA18672225&sid=googleScholar&linkaccess=abs|journal=Canadian Journal of History|language=English|volume=31|issue=2|pages=257–281|doi=10.3138/cjh.31.2.257|issn=0008-4107|archive-url=https://web.archive.org/web/20230307200155/https://go.gale.com/ps/i.do?p=AONE&sw=w&issn=00084107&v=2.1&it=r&id=GALE%7CA18672225&sid=googleScholar&linkaccess=abs&userGroupName=nm_p_oweb&isGeoAuthType=true|archive-date=7 March 2023|access-date=14 September 2022}}</ref> द्वितीय महायुद्धाच्या इतर प्रस्तावित सुरुवातीच्या दिनांक मध्ये ३ ऑक्टोबर १९३५ दिवशी[[दुसरे इटली-इथियोपिया युद्ध|अबिसिनियावरील इटालियन आक्रमणाचा]] समावेश आहे. ब्रिटिश इतिहासकार अँटनी बीव्हर द्वितीय महायुद्धाच्या सुरुवातीच्ं अंदाजक मांडतात{{Spaces}}मे ते सप्टेंबर १९३९ दरम्याने [[जपानी साम्राज्य|जपान]] आणि मंगोलिया व[[सोव्हिएत संघ|सोव्हिएत युनियनच्या]] सैन्यात खलखिन गोलच्या लढाईत लढलं गेलं. {{Sfn|Beevor|2012}} इतर लोक [[स्पॅनिश यादवी|स्पॅनिश यादवी युद्धाला]] द्वितीय महायुद्धाची प्रारंभ किंवा प्रस्तावना मानतात. <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.npr.org/2017/03/10/519462137/in-many-ways-author-says-spanish-civil-war-was-the-first-battle-of-wwii|title=In Many Ways, Author Says, Spanish Civil War Was 'The First Battle Of WWII'|date=10 March 2017|work=[[Fresh Air]]|publisher=NPR|access-date=16 April 2021|archive-url=https://web.archive.org/web/20210416013707/https://www.npr.org/2017/03/10/519462137/in-many-ways-author-says-spanish-civil-war-was-the-first-battle-of-wwii|archive-date=16 April 2021|url-status=live}}</ref> <ref>{{जर्नल स्रोत|last=Frank|first=Willard C.|date=1987|title=The Spanish Civil War and the Coming of the Second World War|url=https://www.jstor.org/stable/40105814|journal=The International History Review|volume=9|issue=3|pages=368–409|doi=10.1080/07075332.1987.9640449|jstor=40105814|archive-url=https://web.archive.org/web/20220201143429/https://www.jstor.org/stable/40105814|archive-date=1 February 2022|access-date=17 February 2022}}</ref> युद्धाच्या समाप्तीची नेमकं दिनांक देखील सर्वत्र मान्य नाही. त्या वेळी सामान्यतः असे मान्य केलं जात होते की युद्धाचा शेवट १५ ऑगस्ट १९४५ ( व्हीजे डे ) च्या युद्धविरामाने झाला, २ सप्टेंबर १९४५ दिवशी जपानच्या औपचारिक आत्मसमर्पणाने झाला नाही, ज्यामुळे आशियातील युद्ध संपलं . १९५१ मध्ये जपान आणि दोस्त राष्ट्रांमध्ये शांतता करार झाला. {{Sfn|Masaya|1990}} जर्मनीच्या भविष्याबाबत १९९० च्या करारामुळे [[जर्मनीचे पुनःएकत्रीकरण|पूर्व आणि पश्चिम जर्मनीचे पुनर्मिलन]] झालं. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://usa.usembassy.de/etexts/2plusfour8994e.htm|title=German-American Relations – Treaty on the Final Settlement concerning Germany|date=12 September 1990|publisher=usa.usembassy.de|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20120507180629/https://usa.usembassy.de/etexts/2plusfour8994e.htm|archive-date=7 May 2012|access-date=6 May 2012}}</ref> जपान आणि सोव्हिएत युनियन यांच्यात कधीही औपचारिक सन्धि झाला नाही, <ref>[https://asiatimes.com/article/fact-box-japan-russia-never-signed-wwii-peace-treaty/ Why Japan and Russia never signed a WWII peace treaty] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180604072306/https://www.atimes.com/article/fact-box-japan-russia-never-signed-wwii-peace-treaty}}. ''Asia Times''.</ref> जरी १९५६ च्या सोव्हिएत-जपानी संयुक्त घोषणेद्वारे दोन्ही देशांमधील युद्धाची स्थिती संपुष्टात आली, ज्यामुळे त्यांच्यातील पूर्ण राजनैतिक संबंध देखील पुनर्संचयित झालं. <ref name="nyt">[https://www.nytimes.com/1956/10/20/archives/texts-of-sovietjapanese-statements-peace-declaration-trade-protocol.html?sq=Soviet-Japanese+Joint+Declaration&scp=1&st=p ''Texts of Soviet–Japanese Statements; Peace Declaration Trade Protocol.''] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20211209133402/https://www.nytimes.com/1956/10/20/archives/texts-of-sovietjapanese-statements-peace-declaration-trade-protocol.html?sq=Soviet-Japanese+Joint+Declaration&scp=1&st=p}} [[न्यू यॉर्क टाइम्स|The New York Times]], page 2, 20 October 1956.<br /><br />Subtitle: "Moscow, October 19. (UP) – Following are the texts of a Soviet–Japanese peace declaration and of a trade protocol between the two countries, signed here today, in unofficial translation from the Russian". Quote: "The state of war between the U.S.S.R. and Japan ends on the day the present declaration enters into force [...]"</ref> 07mvsd8ums36gkwfsjpx8wm2dhhvjwr ग्रामपंचायत 0 14487 2710920 2699885 2026-09-20T10:14:35Z ~2026-50512-80 187604 /* अविश्वासाचा ठराव */ 2710920 wikitext text/x-wiki छोट्या खेडेगावाचा कारभार '''ग्रामपंचायत''' नावाची [[स्थानिक स्वराज्य संस्था]] पाहते. [[सरपंच]], [[उपसरपंच]], [[ग्रामसेवक]] ह्यांच्या मदतीने हा कारभार पाहिला जातो. पंचायतराजमधील सर्वात खालच्या पण महत्त्वाच्या टप्प्याला ग्रामपंचायत म्हणतात. हिला ग्रामसभेची '''कार्यकारी समिती''' असेही म्हणतात. * ग्रामपंचायतीचा कारभार महाराष्ट्रात लागू असणारा मुंबई ग्रामपंचायत कायदा १९५८ कलम ५ अन्वये चालतो. नवीन ग्रामपंचायत स्थापन करण्याचा अधिकार राज्य सरकार व निवडणूक आयुक्तांना असतो. ** ग्रामपंचायत निर्मितीसाठी किमान ६०० लोकसंख्या असणे आवश्यक असून, डोंगरी भागात हे प्रमाण ३०० आहे. ग्रामपंचायत सदस्यांची संख्या कमीत कमी ७ व जास्तीत जास्त १७ असून ते लोकसंख्येवर निश्चित होते. अविश्वास प्रस्ताव :- # तहसीलदारांकडे # 1/3 सदस्यांनी यांची मागणी करावी. # 2/3 सदस्यांनी ठराव संमत करावा. महाराष्ट्रातील एकूण ग्रामपंचायतींची संख्या: २७,८९४ == कायद्यातील कलमे == महाराष्ट्र ग्रामपंचायत अधिनियम १९५८ कलम ५ अन्वये प्रत्येक खेड्यासाठी एक ग्रामपंचायत असावी. #ग्रामपंचायतीचे कार्य चालविण्यास गावातील लोक आपले प्रतिनिधी लोकसंख्येच्या प्रमाणात खालीलप्रमाणे प्रत्यक्ष मतदानाने निवडतील. #सदर सदस्यांचे मतदान हे प्रौढ व गुप्त मतदान पद्धतीने होईल. #आरक्षण :- अ) ग्रामपंचायतीमध्ये महिलांसाठी एकूण जागा पैकी ५०% जागा राखीव ठेवण्यात आल्या आहेत.<br> ब) अनुसूचित जाती व अनुसूचित जमातीकरिता लोकसंख्येच्या प्रमाणात राखीव जागा ठेवण्यात आल्या आहेत.<br> क) इतर मागासवर्गीय घटकामध्ये मोडणाऱ्यांसाठी लोकांकरीता २७ % जागा आरक्षित आहेत. #सदस्यांची पात्रता :- १) तो गावातील ग्रामसभेचा सदस्य असावा.<br> २) त्याचे नाव मतदार यादीत असणे आवश्यक आहे.<br> ३) त्याने वयाची २१ वर्षे पूर्ण केलेली असावीत. #कृषी व पतपुरवठा क्षेत्रातील सहकार सोसायटीच्या अध्यक्षांना सहयोगी सदस्य म्हणून घेता येते. मात्र त्यास ग्रामपंचायतीची परवानगी लागते, आता ही पद्धत बंद झाली आहे. #मुदत – ग्रामपंचायतीची मुदत ५ वर्षांसाठी आहे. ग्रामपंचायत बरखास्तीनंतर ६ महिन्यात निवडणूक घेणे बंधनकारक आहे व कोणत्याही परिस्थितीत मुदतवाढ मिळत नाही. ग्रामपंचायत बरखास्त करण्याचा अधिकार राज्यशासनास आहे. जर निम्म्यापेक्षा जास्त सदस्यांनी राजीनामा दिला तर पोटनिवडणूक घेण्याचा निर्देश किंवा बरखास्तीचा निर्णय राज्यशासन घेते. त्या संदर्भातील अहवाल जिल्हाधिकारी शासनाकडे पाठवितो. #डोंगरी भागातील ३०० ते १५०० लोकसंख्येत सात सदस्य असतात. ==ग्रामसभा== मुंबई ग्रामपंचायत अधिनियम १९५८ कलम ७ अ अन्वये प्रत्येक गावासाठी एक ग्रामसभा अस्तित्वात आली.. खेड्यामधील मतदानाचा हक्क प्राप्त असणारी प्रत्येक व्यक्ती ही ग्रामसभेचा सदस्य असते. ग्रामपंचायत ही ग्रामसभेची कार्यकारिणी असल्याने ती ग्रामसभेला जबाबदार आहे. बोंगीरवाल नावाच्या एका समितीने ग्रामसभेला बळकटी प्राप्त करून दिली. ७३ व्या राज्यघटनादुरुस्तीनुसार १९९३ साली ग्रामसभेला संवैधानिक दर्जा प्राप्त झाला.असे असले तरीही, गावसंबंधीत कामे मंजूर करण्याचा अधिकार ग्रामसभेला नसतो.पण या सभेस नैतिक अधिकार जास्त असतो.ग्रामसभेचे गावाच्या विकासात महत्त्वाचे योगदान असते.हे तळागाळातील लोकांचा आवाज स्पष्ट करण्याचे एक माध्यम आहे.{{संदर्भ हवा}} ===ग्रामसभेच्या बैठका=== ग्रामसभेच्या एकूण ४ बैठका वर्षभरात होतात. २६ जानेवारी, १ मे, १५ ऑगस्ट व २ ऑक्टोबर या दिवशी या बैठका बोलविल्या जातात. * 2018 पासून 2 octची ग्रामसभा रद्द करण्यात आली असून ती ग्रामसभा नवीन आर्थिक वर्ष सुरू होण्यापूर्वी घेतली जाईल. ===अध्यक्ष=== ग्रामपंचायतीचा सरपंच ग्रामसभेच्या बैठकीचा अध्यक्ष असतो. त्याच्या अनुपस्थित उपसरपंच असतो आणि दोन्ही पण अनुपस्थित असतील तर सदस्यांमधून एकाची निवड अध्यक्ष म्हणून केली जाते ===ग्रामसभा करीत असलेली कामे=== #कर आकारणीसाठी मान्यता देणे. #ग्रामपंचायतीच्या विकास कामांना मजुरी देणे. #ग्रामपंचायतीचा प्रत्यक्ष खर्च व काम यांच्या पाहणीसाठी दक्षता समिती नेमणे. #ग्रामपंचायतीचे सदस्य निवडणे. #ग्रामसभा ठरावाचे माध्यमातून सर्व विभागांना सूचना व मत पाठवू शकते. == संस्थात्मक पदानुक्रम == {{chart top|संस्थात्मक पदानुक्रम|रचना|collapsed=no}} {{chart/start|align=center}} {{chart| | | | | | |ROI|ROI=[[भारत|भारतीय प्रजासत्ताक]]}} {{chart| | | | | |,|-|^|-|.}} {{chart| | | | |ST| |UT|ST=[[भारताची राज्ये आणि प्रदेश|राज्ये]]|UT=[[केंद्रशासित प्रदेश]]}} {{chart| | | | | |`|-|v|-|'}} {{chart| | | | | | |DV| | | | | | | | |DV=[[भारतातील प्रशासकीय विभाग|प्रशासकीय विभाग]]}} {{chart| | | | | | | |!| }} {{chart| | | | | | |DT| | | | | | | | |DT=[[भारतातील जिल्ह्यांची यादी|जिल्हे]]}} {{chart| |,|-|-|-|v|-|^|-|v|-|-|.}} {{chart|BK| |MC| |MS| |CC|BK=[[पंचायत समिती|पंचायत समिती (ब्लॉक)]]<br>(तहसील/तालुका)|MC=[[भारतातील महानगरपालिका|महानगरपालिका]]<br>(Municipal Corporations)|MS=[[नगर परिषद]]<br>(Municipal Council)|CC=[[नगर पंचायत]]<br>(Town Board)}} {{chart| |!| | | |`|-|-|-|+|-|-|'}} {{chart|VS| | | | | |WS|VS=[[ग्रामपंचायत]]<br />(ग्राम/गाव)|WS=वॉर्ड/प्रभाग}} {{chart/end}} {{chart bottom}} == सरपंच व उपसरपंच == ग्रामपंचायतीचा कार्यकारी प्रमुख हा सरपंच असतो. ग्रामपंचायतीमधून निवडून आलेले सभासद आपल्यातून सरपंचांची व उपसरपंचाची निवड करतात. (२०१७ सालापासून सरपंचाची निवडणूक थेट जनतेमधून होत आहे). सरपंच हे पद आरक्षित तर उपसरपंच हे पद खुले असून आरक्षणाची सोडत निवडणूक होण्याअगोदर जिल्हाधिकारी कार्यालयात करण्यात येते. निवडणुकीनंतर ग्रामपंचायतीची पहिली बैठक बोलाविण्याची अधिसूचना तेथील जिल्हाधिकारी काढतो. जिल्हाधिकाऱ्यांनी नियुक्त केलेला आधिकारी या बैठकीचे अध्यक्षस्थान भूषवितो. ===अविश्वासाचा ठराव=== सरपंचावर व उपसरपंचावर अविश्वासाचा ठराव आणण्यासाठी ग्रामपंचायत सदस्यांपैकी १/३ सदस्यांनी तो मांडावा लागतो. सूचना तहसीलदारांना मिळाल्यानंतर सात दिवसाच्या आत तहसीलदार ग्रामपंचायतीची विशेष सभा बोलवितो. त्याचे अध्यक्षस्थान तहसीलदार भूषवितात. जर हा ठराव २/३ बहुमताने पारित झाला तर त्यांना सरपंच वा उपसरपंच पदाचा राजीनामा द्यावा लागतो. मात्र महिला सरपंचावरील अविश्वासाचा ठराव मंजूर होण्यास ३/४ बहुमत असणे आवश्यक असते, असा ठराव बारगळल्यास तो पुन्हा पुढील एक वर्षात मांडता येत नाही. सरपंचांची निवड थेट जनतेतून होते. राज्य मंत्रिमंडळ बैठकीत हा निर्णय होऊन त्यावर शासन अधिसूचना प्रसिद्ध झाली आहे. ग्रामपंचायतीचे ‘बजेट’ तयार करण्याचा अधिकार यापासून ते ते विविध ग्रामविकास समित्यांचे अध्यक्षपद सरपंचांना बहाल केले आहे. शासनाने सरपंचांना ‘कवचकुण्डले’ सुद्धा दिली आहेत. पहिली दोन वर्षे सरपंचावर अविश्‍वासाचा ठराव आणता येत नाही. दोन वर्षांनी ७५ टक्के किंवा त्याहून अधिक ग्रामपंचायत सदस्यांनी अविश्‍वास प्रस्ताव मंजूर केला तरीही सरपंचपद जात नाही. या अविश्‍वासाच्या प्रस्तावाला विशेष ग्रामसभेत गुप्त मतदानाद्वारे संमती मिळाली तरच सरपंचपद जाते. जुलै २०१७ पासून दोनतृतीयांश सदस्यांनी मागणी केली तर अविश्‍वास प्रस्ताव मांडता येतो. यापूर्वी दोनतृतीयांश सदस्यांनी अविश्‍वासाचा ठराव मंजूर होत होता, पण आता तीनचतुर्थांश सदस्यांच्या बहुमताशिवाय अविश्‍वासाचा ठराव मंजूर होत नाही. पण ग्रामपंचायत सदस्यांच्या तीनचतुर्थांश बहुमताने अविश्‍वासाचा ठराव मंजूर झाला तरी सरपंचपद जाणार नाही. त्यासाठी आणखी एक महत्त्वाचा टप्पा शासनाने ठेवला आहे. ग्रामपंचायत सदस्यांच्या तीनचतुर्थांश बहुमताने सरपंच यांच्यावरील अविश्‍वासाचा ठराव मंजूर झाल्यानंतर जिल्हाधिकारी हे त्यांनी नियुक्त केलेल्या अधिकाऱ्यामार्फत विशेष ग्रामसभा बोलवतात. जिल्हाधिकारी यांनी नियुक्त केलेल्या अधिकाऱ्याच्या समक्ष व त्याच्या अध्यक्षतेखाली विशेष ग्रामसभेसमोर गुप्त मतदानाद्वारे अविश्‍वासाचा ठरावाला संमती मिळाली तरच सरपंचपद जाईल. सरपंचावर अविश्‍वासाठी केवळ ग्रामपंचायत सदस्यांवर शासनाने भरोसा ठेवला नाही. विशेष ग्रामसभेवरच भरोसा ठेवला आहे.[[rafikbhairafikbhai039@gmail.com]] ===अविश्‍वासाचा ठराव निष्फळ ठरल्यास=== सरपंच किंवा उपसरपंच यांच्या निवडणुकीच्या दिनांकापासून दोन वर्षांच्या कालावधीच्या आत आणि ग्रामपंचायतीची मुदत समाप्त होण्यापूर्वी सहा महिन्यांच्या आत अविश्‍वासाचा प्रस्ताव आणता येत नाही. अविश्‍वासाचा प्रस्ताव निष्फळ ठरवल्यास त्यानंतर पुढील दोन वर्षांच्या कालावधीत अविश्‍वासाचाप्रस्ताव आणता येत नाही. यापूर्वी सरपंचांवर कितीही वेळा अविश्‍वासाचा प्रस्ताव आणता येत होता. त्याचा परिणाम सरपंचांच्या स्थैर्यावर आणि कामकाजावर होत होता. पण आता पाच वर्षांच्या कालावधीत सरपंचावर केवळ दोनदाच अविश्‍वासाचा प्रस्ताव आणता येतो. ==थेट जनतेतून निवड== [[गुजरात]] आणि [[मध्यप्रदेश]] यांसारख्या राज्यांत सरपंचांची निवड थेट जनतेतून होते. महाराष्ट्रातही थेट जनतेतून सरपंच निवडण्याचा निर्णय राज्य मंत्रिमंडळाच्या ३ जुलै २०१७ च्या बैठकीत झाला होता. त्यानुसार महाराष्ट्र ग्रामपंचायत अधिनियमात सुधारणा करण्यासाठी राज्यपालांनी संमती दिली व दि. १९ जुलै २०१७ रोजी शासन अधिसूचना प्रसिद्ध झाली. महाराष्ट्र ग्रामपंचायत अधिनियमात अनेक महत्त्वाच्या सुधारणा करण्यात आल्या. सरपंचांना गावाचा ‘'''शक्तिमान नेता'''’ बनवले आहे. *महाराष्ट्रातील जिल्ह्यांत ऑक्टोबर २०१७ पासून ते फेब्रुवारी २०१८ या पाच महिन्यांच्या कालावधीत ४५८ ग्रामपंचायतींच्या निवडणुका झाल्या. एकेकाळी सर्व ग्रामसभा, समित्यांचे अध्यक्ष व सरपंच यांची निवड ग्रामपंचायत सदस्यांमधून निवडणुकीने होत होती. * आर्थिक वर्षाच्या पहिल्या ग्रामसभेचे अध्यक्षपद सरपंचांकडे आणि इतर ग्रामसभांचे अध्यक्षपद ग्रामसभा ठरवील त्यांना मिळत होते. मात्र, आता जुलै २०१७पासून गावातील पात्र मतदारांकडून गुप्त मतदान पद्धतीने थेट सरपंचाची निवड होते.. सर्व ग्रामसभांचे आणि ग्रामविकास समित्यांचे पदसिद्ध अध्यक्षपद सरपंच यांच्याकडे असते. सरपंच पदासाठी वय २१हून कमी नसावे, सातवी उत्तीर्ण असावे आणि गावच्या मतदार यादीत नाव असावे, अशा अटी आहेत. थेट जनतेतून निवड सध्या रद्द करण्यात आली होती, पण २०२२ पासून थेट जनतेतून निवड पुन्हा सुरू करण्यात आली आहे. == समसमान मते पडल्यास सरपंचाचे मत-निर्णायक == उपसरपंचपदाच्या निवडणूक फेरीमध्ये सरपंच यांना मतदानात भाग घेता येईल. *तसेच उमेदवारांना समसमान मते पडली तर निर्णायकी मत देण्याचा हक्क सरपंचाला आहे. ** (अवर सचिव महाराष्ट्र शासन यांचेकडील 3 जुलै 2018चे पत्र तसेच मुंबई उच्च न्यायालय यांचा याचिका क्रमांक 5949 /2018 मधील 15/6/2018चा निर्णय) ==राजीनामा== [[सरपंच]] आपल्या पदाचा राजीनामा पंचायत समिती सभापती यांच्याकडे तर उपसरपंच सरपंचांकडे देतात. अकार्यक्षमता, गैरवर्तन यासारख्या कारणांवरून जिल्हा परिषदेची स्थायी समिती सरपंचास पदमुक्त करते. ==मानधन== सरपंचाचे मानधन ग्रामपंचायतीच्या वार्षिक उत्पन्नावर अवलंबून असते. त्यांना अतिथी भत्ता म्हणून वार्षिक अंदाजपत्रकांच्या २% किंवा ६०००/- रु यापैकी जी मोठी रक्कम असते ती दिली जाते. ==अधिकार व कार्ये== #मासिक सभा बोलावणे व त्यांचे अध्यक्षस्थान भूषविणे. #गावातील विकास योजनांची अंमलबजावणी करणे #ग्रामपंचायतीच्या कर्मचाऱ्यांवर देखरेख व नियंत्रण ठेवणे. #योजनांना पंचायत समितीची मंजूरी घेणे. #ग्रामपंचायतीचा दस्तऐवज सुस्थितीत ठेवणे. == ग्रामविकास अधिकारी == ग्रामसेवकाला ग्रामपंचायतीचा सचिव, ग्रामपंचायत अधिकारी वा चिटणीस या नावाने ओळखतात. ग्रामसेवकाची निवड जिल्हा परिषदेकडून होते व त्याची नेमणूक ''मुख्य कार्यकारी अधिकारी'' करतात. * हा जिल्हा परिषदेचा सेवक असतो, त्याचे वेतन जिल्हा निधीतून होते. त्याच्यावर गटविकास अधिकारी यांचे नजीकचे नियंत्रण असते. ===ग्रामसेवकाचे काम=== #[[ग्रामपंचायतीचे]] अंदाजपत्रक तयार करणे. #ग्रामपंचायतीचे दफ्तर सांभाळणे. #गावातील लोकांना आरोग्य, शेती, ग्रामविकास, शिक्षण इत्यादींबाबत सल्ला देणे. #लोकांना ग्रामविकासाच्या वेगवेगळ्या शासकीय योजनांची माहिती देणे. #करवसुल करणे. #जनतेला विविध प्रकारची दाखले देणें #जन्म-मृत्यू,उपजतमृत्यू नोंदणी निबंधक अधिकारी म्हनून काम पाहणे. #बालविवाह प्रतिबंध अधिकारी म्हणून कामकाज करणे. #मजूर नोंदणी अधिकारी म्हणून कामकाज करणे. #बांधकाम कामगार यांची नोंदणी करणे. #जनमाहिती अधिकारी कामकाज करणे. #जैव विविधता समिती सचिव म्हणून काम करणे. #विवाह नोंदणी निबंधक कामकाज करणे. #आपत्कालीन समिती सचिव म्हणून काकाज करणे. #झाडे लावणे,शोछालय बांधून ते वापरायला शिकविणे. #ग्रामसभेचा सचिव म्हणून कामकाज करणे... ==ग्रामपंचायतीच्या उत्पन्नाची साधने== #ग्रामपंचायत हद्दीतील घरे व मोकळ्या जागा यांवरील कर #व्यवसाय कर, यात्रा कर, जनावरांच्या खरेदी-विक्रीवरील कर #जमीन महसुलाच्या प्रमाणात राज्य सरकारकडून मिळणारे अनुदान #विकासकामांसाठी जिल्हा परिषदेकडून मिळणारे अनुदान. ==ग्रामपंचायतीची कामे== एकूण 29 विषय # गावात रस्ते बांधणे. # गावातील रस्त्यांची दुरुस्ती करणे. # दिवाबत्तीची सोय करणे. #[[जन्म]], [[मृत्यू]] व [[विवाह]] यांची नोंद ठेवणे. # सार्वजनिक स्वच्छता ठेवणे. # सांडपाण्याची व्यवस्था करणे. # पिण्याच्या पाण्याचा पुरवठा करणे. #[[शिक्षण]] तसेच [[आरोग्य]] विषयक सोयी पुरवणे. # शेती विकासाच्या व पशुधन सुधारणेच्या योजना अंमलात आणणे. # गावाचा [[बाजार]], [[जत्रा]], [[उत्सव|उत्सव, संदल]] , उरुस यांची व्यवस्था ठेवणे. # ग्राम पंचायत हद्दीतील येणारे कर व शासना कडून येणारी निधी यांचा योग्य त्या ठिकाणी वापर करावा. == मासिक बैठका == ग्रामपंचायतीची प्रत्येक महिन्यास एक अशा वर्षातून बारा बैठका बोलावल्या जातात. गावामध्ये नैसर्गिक आपत्ती किंवा इतर कोणतेही कारण देऊन बैठक बोलवता येते . == अर्थसंकल्प == येणाऱ्या वर्षाचा गावाच्या जमाखर्चाचा अंदाज बांधणे, म्हणजे अर्थसंकल्प करणे. महाराष्ट्र शासनाने त्यासाठी आराखडा तयार केलेला आहे. त्यानुसार विविध १२८ मार्गाने गावात निधी जमा केला जाऊ शकतो व त्याचा विनियोग करणारी ढोबळ मानाने मुख्यतः १२२ खाती शासनाने नमूद केलेली आहेत. त्या त्या मार्गाने व खात्यानुसार आर्थिक अंदाज बनवून तो ग्रामसभेतून मंजूर करून घ्यावा लागतो. ==प्राचार्य पी.बी.पाटील समितीच्या शिफारशी== महाराष्ट्रातील भाजप- शिवसेना युती सरकारने ग्रामपंचायतीचा सरपंच जनतेतून निवडण्याचा निर्णय ३ जुलै २०१७ रोजी घेतला. मात्र, जनतेतून सरपंचाची निवड करावी, अशी सूचना सन १९८४ प्राचार्य पी. बी. पाटील यांच्या समितीने केली होती. राज्य सरकारनेया शिफारशीची अंमलबजावणी तब्बल ३१ वर्षांनंतर केली. महाराष्ट्रात वसंतराव नाईक यांच्या शिफारशीनुसार १ मे १९६२ पासून ग्रामपंचायत, पंचायत समिती व जिल्हा परिषद असे त्रिस्तरीय पंचायतराज व्यवस्था सुरू झाली. पंचायतराज व्यवस्थेत सुधारणा करण्याबाबत राज्य सरकारने वेळोवेळी समित्या नेमल्या. पंचायतराज व्यवस्थेच्या बळकटीकरणासाठी १८ जून १९८४ रोजी प्राचार्य पी. बी. पाटील यांची समिती नेमण्यात आली. ‘पंचायतराज’चे पुनर्विलोकन करणाऱ्या या संस्थेची कार्यकक्षा व्यापक होती. जून १९८६ मध्ये या समितीने तिच्या शिफारशी राज्य सरकारला सादर केल्या. * त्यात ग्रामपंचायतीचा प्रमुख असलेल्या सरपंचाची निवड थेट जनतेतून करावी. तसेच विविध शासकीय योजनांची अंमलबजावणी पंचायतराज व्यवस्थेकडे सोपवावी, महिला व बालकल्याण समिती स्थापन करावी, अशा अनेक क्रांतिकारी शिफारशी या समितीने केल्या. या समितीने ‘पंचायतराज’ला एक वेगळी दिशा दिली. ७३ वी घटनादुरुस्ती होण्यापूर्वीच या समितीने क्रांतिकारी शिफारशी केल्या होत्या; परंतु राज्यकर्त्यांनी त्याकडे दुर्लक्ष केले. पंचायतराज व्यवस्थेच्या बळकटीकरणाबाबत ७३ व्या घटनादुरुस्तीनंतर राज्य सरकारने पावले उचलली. विलासराव देशमुख मुख्यमंत्री असताना २ ऑक्‍टोबर २००० रोजी पाटील समितीच्या बहुतांश शिफारशींची अंमलबजावणी सुरू झाली; परंतु जनतेतून सरपंच ही शिफारस मात्र लागू करण्यात आली नाही. त्याची अंमलबजावणी करण्याचा निर्णय २०१७ साली युती सरकारने घेतला. {{भारतातील स्थानिक स्वराज्य संस्था}} [[वर्ग:नागरिकशास्त्र]] [[वर्ग:१० जानेवारी २०१८ कार्यशाळा]] [[वर्ग:भारताच्या स्थानिक शासन]] mocxksizugs5crmzgh4178uw985e3zr ऑगस्ट १८ 0 15769 2710755 2703905 2026-09-19T13:58:51Z InternetArchiveBot 130355 Add 3 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710755 wikitext text/x-wiki {{ऑगस्ट दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|ऑगस्ट|१८|२३०|२३१}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === तेरावे शतक === * [[इ.स. १२०१|१२०१]] - [[रिगा]] शहराची स्थापना करण्यात आली.<ref>{{cite book |last=व्हॉन झुर मुहलेन |first=हाइन्स |title=बाल्टिक हिस्टोरिकल एसेज |publisher=व्हँडरहोएक अँड रुप्रेक्ट |year=१९९८}}</ref> === सोळावे शतक === * [[इ.स. १५८७|१५८७]] - [[रोआनोक वसाहत|रोआनोक वसाहतीच्या]] गव्हर्नर [[जॉन व्हाइट (रोआनोक वसाहत)|जॉन व्हाइट]]ची मुलगी [[व्हर्जिनिया डेर]] ही अमेरिकेत जन्माला आलेली सर्वप्रथम इंग्लिश व्यक्ती ठरली.<ref>{{cite book |last=कुपर्मन |first=कॅरेन ऑर्डाहल |title=रोआनोक: द ॲबँडन्ड कॉलनी |url=https://archive.org/details/roanokeabandoned0000kupp_b1j0 |publisher=रोमन अँड लिटलफिल्ड |year=२००७ |isbn=978-0742552630}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९०९|१९०९]] - [[टोक्यो]]चे महापौर युकिओ ओझाकी यांनी [[वॉशिंग्टन डी.सी.]] शहरास २,००० [[चेरी]]ची झाडे भेट दिली.<ref>{{cite book |last=जेफरसन |first=ॲन |title=द चेरी ब्लॉसम फेस्टिव्हल |publisher=आर्केडिया पब्लिशिंग |year=२००३}}</ref> * [[इ.स. १९१७|१९१७]] - [[थेसालोनिकी]] शहराला लागलेल्या भीषण आगीत शहराचा एक तृतीयांश भाग भस्मसात झाला.<ref>{{cite book |last=यारासिमोस |first=स्टीफन |title=द ग्रेट फायर ऑफ थेसालोनिकी |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००२}}</ref> * [[इ.स. १९२०|१९२०]] - [[अमेरिकेच्या संविधानातील १९वा बदल]] लागू झाल्याने स्त्रियांना मतदानाचा अधिकार मिळाला.<ref>{{cite book |last=फ्लेक्सनर |first=एलेनॉर |title=सेन्च्युरी ऑफ स्ट्रगल: द वुमेन्स राइट्स मूव्हमेंट इन द युनायटेड स्टेट्स |publisher=हार्वर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९६ |isbn=978-0674106536}}</ref> * [[इ.स. १९४१|१९४१]] - नागरिकांच्या दबावापुढे झुकून [[ॲडॉल्फ हिटलर]]ने मतिमंद व्यक्तींचे हत्याकांड (ॲक्शन टी४) तात्पुरते थांबवले.<ref>{{cite book |last=इव्हान्स |first=रिचर्ड जे. |title=द थर्ड राइख इन पॉवर |publisher=पेन्गुइन बुक्स |year=२००५ |isbn=978-0143037903}}</ref> * [[इ.स. १९६३|१९६३]] - [[जेम्स मेरेडिथ]] हा [[मिसिसिपी विद्यापीठ|मिसिसिपी विद्यापीठातून]] पदवी मिळवणारा पहिला कृष्णवर्णीय व्यक्ती ठरला.<ref>{{cite book |last=मेरेडिथ |first=जेम्स |title=थ्री इयर्स इन मिसिसिपी |publisher=युनिव्हर्सिटी प्रेस ऑफ मिसिसिपी |year=१९६६}}</ref> * [[इ.स. १९७१|१९७१]] - [[व्हियेतनाम युद्ध]] - [[ऑस्ट्रेलिया]] आणि [[न्यू झीलंड]]ने आपले सैनिक [[व्हियेतनाम]]मधून काढून घेण्याचा निर्णय घेतला.<ref>{{cite book |last=एडवर्ड्स |first=पीटर |title=अ नेशन्स हेल्थ: ऑस्ट्रेलिया अँड द व्हिएतनाम वॉर |publisher=ॲलन अँड अनविन |year=१९९७}}</ref> * [[इ.स. १९८३|१९८३]] - [[हरिकेन ॲलिशिया]] [[टेक्सास]]च्या किनाऱ्यावर धडकले; २२ जण ठार तर १ अब्ज [[अमेरिकन डॉलर]]चे नुकसान झाले.<ref>{{cite web |title=Hurricane Alicia Hurricane Report |url=https://www.nhc.noaa.gov/ |publisher=नॅशनल हरिकेन सेंटर |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००५|२००५]] - [[जावा बेट|जावा]] बेटावर वीज यंत्रणा कोलमडल्यामुळे सुमारे १० कोटी लोक अंधारात गेले.<ref>{{cite news |title=Java Power Outage Crisis |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१८ ऑगस्ट २००५ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००८|२००८]] - [[पाकिस्तान]]चे राष्ट्राध्यक्ष [[परवेझ मुशर्रफ]] यांनी महाभियोगाच्या भीतीने राजीनामा दिला.<ref>{{cite news |title=Pervez Musharraf Resigns |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१९ ऑगस्ट २००८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. १६९२|१६९२]] - [[लुई हेन्री, डुक दि बर्बन]], [[:वर्ग:फ्रांसचे पंतप्रधान|फ्रांसचा पंतप्रधान]].<ref>{{cite book |last=शेरमन |first=कॅरोल |title=द डुके डी बार्बन |publisher=पॅरिस प्रेस |year=१९८५}}</ref> * [[इ.स. १६९९|१६९९]] - [[थोरले बाजीराव पेशवे]], मराठा साम्राज्याचे ५वे पेशवे.<ref>{{cite book |last=सरदेसाई |first=गोविंद सखाराम |title=मराठी रियासत: बाजीराव पेशवा |publisher=पॉप्युलर प्रकाशन |year=१९४६}}</ref> * [[इ.स. १७५०|१७५०]] - [[आंतोन्यो साल्येरी]], [[:वर्ग:इटालियन संगीतकार|इटालियन संगीतकार]].<ref>{{cite book |last=राईस |first=जॉन ए. |title=अँटोनियो सालिएरी अँड व्हिएनीज ऑपेरा |publisher=युनिव्हर्सिटी ऑफ शिकागो प्रेस |year=१९९८}}</ref> * [[इ.स. १७७४|१७७४]] - [[मेरीवेदर लुईस]], अमेरिकन शोधक व साहसिक.<ref>{{cite book |last=ॲम्ब्रॉस |first=स्टीफन |title=अुंटेड डेन्टिनी: द लुईस अँड क्लार्क एक्सपेडिशन |publisher=सायमन अँड शुस्टर |year=१९९६}}</ref> * [[इ.स. १७९२|१७९२]] - [[जॉन रसेल, युनायटेड किंग्डमचा पंतप्रधान|जॉन रसेल]], [[:वर्ग:युनायटेड किंग्डमचे पंतप्रधान|युनायटेड किंग्डमचा पंतप्रधान]].<ref>{{cite book |last=वॉल्पोल |first=स्पेंसर |title=द लाइफ ऑफ लॉर्ड जॉन रसेल |publisher=लॉंगमॅन्स |year=१८८९}}</ref> * [[इ.स. १८३०|१८३०]] - [[फ्रांझ जोसेफ पहिला, ऑस्ट्रिया|फ्रांझ जोसेफ पहिला]], ऑस्ट्रियाचा सम्राट.<ref>{{cite book |last=पाल्मर |first=ॲलन |title=द ट्विलाइट ऑफ द हॅप्सबर्ग्स |publisher=हार्ट-डेव्हिस |year=१९७६}}</ref> * [[इ.स. १८७२|१८७२]] - पंडित [[विष्णू दिगंबर पलुसकर]], भारतीय शास्त्रीय संगीतकार.<ref>{{cite book |last=देवधर |first=बी. आर. |title=पंडित विष्णू दिगंबर पलुसकर चरित्र |publisher=संगीत कार्यालय |year=१९७१}}</ref> * [[इ.स. १९६२|१९६२]] - [[फेलिपे काल्देरोन]], [[:वर्ग:मेक्सिकोचे राष्ट्राध्यक्ष|मेक्सिकोचा राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=कॅम्प |first=रोडेरिक ऐ |title=मेक्सिकन पोलिटिकल बायोग्राफी |publisher=युनिव्हर्सिटी ऑफ टेक्सास प्रेस |year=२०११}}</ref> * [[इ.स. १९६७|१९६७]] - [[दलेर मेहंदी]], भारतीय गायक आणि नर्तक.<ref>{{cite news |title=Daler Mehndi Profile |url=https://www.timesofindia.com/ |work=[[द टाइम्स ऑफ इंडिया]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९८०|१९८०]] - [[प्रीती झंगियानी]], [[:वर्ग:हिंदी चित्रपट अभिनेत्री|हिंदी चित्रपट अभिनेत्री]].<ref>{{cite web |title=Preeti Jhangiani Profile |url=https://www.imdb.com/ |publisher=[[आयएमडीबी]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. १२२७|१२२७]] - [[चंगीझ खान]], मंगोल संस्थापक व सम्राट.<ref>{{cite book |last=वेदरफोर्ड |first=जॅक |title=जेन्घिस खान अँड द मेकिंग ऑफ द मॉडर्न वर्ल्ड |url=https://archive.org/details/genghiskhanmaki00jack |publisher=क्रॉउन |year=२००४ |isbn=978-0609610626}}</ref> * [[इ.स. १२७६|१२७६]] - [[पोप एड्रियन पाचवा]].<ref>{{cite book |last=केली |first=जे. एन. डी. |title=द ऑक्सफर्ड डिक्शनरी ऑफ पॉप्स |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८६}}</ref> * [[इ.स. १५०३|१५०३]] - [[पोप अलेक्झांडर सहावा]].<ref name="kelly">{{cite book |last=केली |first=जे. एन. डी. |title=द ऑक्सफर्ड डिक्शनरी ऑफ पॉप्स |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८६}}</ref> * [[इ.स. १५५९|१५५९]] - [[पोप पॉल चौथा]].<ref name="kelly"/> * [[इ.स. १६२०|१६२०]] - [[वान्ली]], चीनचा मिंग वंशाचा सम्राट.<ref>{{cite book |last=मोटे |first=फ्रेडरिक डब्ल्यू. |title=इम्पिरियल चायना ९००-१८०० |publisher=हार्वर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९९}}</ref> * [[इ.स. १७६५|१७६५]] - [[फ्रांसिस पहिला, पवित्र रोमन सम्राट|फ्रांसिस पहिला]], पवित्र रोमन सम्राट.<ref>{{cite book |last=कॅहन |first=रॉबर्ट |title=द हॅप्सबर्ग एम्पायर |publisher=युनिव्हर्सिटी ऑफ कॅलिफोर्निया प्रेस |year=१९७४}}</ref> * [[इ.स. १८५०|१८५०]] - [[ऑनोरे दि बाल्झाक]], [[:वर्ग:फ्रेंच लेखक|फ्रेंच लेखक]].<ref>{{cite book |last=रोब |first=ग्रॅहॅम |title=बालझाक: अ बायोग्राफी |publisher=पिपेर |year=१९९४}}</ref> * [[इ.स. १९४०|१९४०]] - [[वॉल्टर क्रायस्लर]], क्रायस्लर कॉर्पोरेशनचे संस्थापक.<ref>{{cite book |last=क्रायस्लर |first=वॉल्टर पी. |title=लाइफ ऑफ अ अमेरिकन वर्कमन |publisher=डिड, मीड अँड कंपनी |year=१९३७}}</ref> * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[सुभाषचंद्र बोस|नेताजी सुभाषचंद्र बोस]], भारतीय स्वातंत्र्यसेनानी.<ref>{{cite book |last=बोस |first=सुगत |title=हिजबुल मजेस्टी: नेताजी सुभाषचंद्र बोस |url=https://archive.org/details/hismajestysoppon0000bose |publisher=हार्वर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२०११ |isbn=978-0674047549}}</ref> * [[इ.स. १९७९|१९७९]] - [[वसंतराव नाईक]], महाराष्ट्राचे माजी मुख्यमंत्री व कृषितज्ज्ञ (सिंगापूर येथे निधन).<ref>{{cite book |last=पवार |first=शरद |title=लोकनेते वसंतराव नाईक |publisher=राजहंस प्रकाशक |year=१९८९}}</ref> * [[इ.स. १९९८|१९९८]] - [[पर्सिस खंभाता]], भारतीय अभिनेत्री व मॉडेल.<ref>{{cite news |title=Persis Khambatta Obituary |url=https://www.independent.co.uk/ |work=[[द इंडिपेंडंट]] |date=२० ऑगस्ट १९९८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००८|२००८]] - [[नारायण धारप]], [[:वर्ग:मराठी लेखक|मराठी भयकथा लेखक]].<ref>{{cite news |title=लेखक नारायण धारप यांचे निधन |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |date=१९ ऑगस्ट २००८ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००९|२००९]] - [[किम दे-जुंग]], नोबेल विजेते [[:वर्ग:दक्षिण कोरियाचे राष्ट्राध्यक्ष|दक्षिण कोरियाचे १५वे राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite news |title=Kim Dae-jung Dies at 83 |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=१८ ऑगस्ट २००९ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००९|२००९]] - [[रॉबर्ट नोव्हाक]], अमेरिकन पत्रकार.<ref>{{cite news |title=Robert Novak Dies |url=https://www.washingtonpost.com/ |work=[[द वॉशिंग्टन पोस्ट]] |date=१८ ऑगस्ट २००९ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * वनस्पती दिन - [[इंडोनेशिया]].<ref>{{cite web |title=Hari Pohon Nasional |url=https://www.indonesia.go.id/ |publisher=इंडोनेशिया सरकार |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६ |archive-date=2022-10-09 |archive-url=https://web.archive.org/web/20221009003440/https://www.indonesia.go.id/ |url-status=dead }}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||august/18}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ---- [[ऑगस्ट १५]] - [[ऑगस्ट १६]] - [[ऑगस्ट १७]] - '''ऑगस्ट १८''' - [[ऑगस्ट १९]] - [[ऑगस्ट महिना]] {{ग्रेगरियन महिने}} nvs5kwpjyp3vof3f31v8l6bw3k8wqdt भोपाळ वायुदुर्घटना 0 16139 2710751 2704994 2026-09-19T13:46:04Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710751 wikitext text/x-wiki {{बदल}} '''भोपाळ वायुदुर्घटना''' ३ डिसेंबर, १९८४ या दिवशी मध्यप्रदेश येथील [[भोपाळ]] या शहरात घडली.<ref>{{cite web |title=Bhopal Gas Tragedy: What happened that night |url=https://www.thehindu.com/news/national/bhopal-gas-tragedy-what-happened-that-night/article67600880.ece |work=द हिंदू |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> [[युनियन कार्बाइड]] (इंडिया) लिमिटेड या कंपनीच्या ६१० नंबरच्या जमिनीखालील टॅंकमधून अत्यंत विषारी असा पेस्टिसाईड मिथाईल आयसोसायनाईट (एम. आय. सी.) वायुच्या ४० टन गळतीमुळे ही दुर्घटना घडली.<ref>{{cite web |title=Union Carbide Corporation - Bhopal Gas Leak |url=https://www.britannica.com/event/Bhopal-disaster |publisher=इन्सायक्लोपीडिया ब्रिटानिका |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> जवळपास २०,००० लोकांना या दुर्घटनेशी निगडित आजारांमुळे मृत्यू ओढवला तर ५००,०००हून जास्त जण जखमी अथवा अपंग झाले.<ref>{{cite news |title=Bhopal disaster: Death toll and long-term impact |url=https://www.bbc.com/news/world-asia-india-30232402 |work=बीबीसी न्यूझ |access-date=२०२६-०८-१३ }}{{मृत दुवा|date=August 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> [[चित्र:Bhopal-Union Carbide 1 crop memorial.jpg|इवलेसे|१९८४ मध्ये वायुदुर्घटनेत मरण पावलेल्या आणि अपंग झालेल्यांचे भोपाळ स्मारक]] == पार्श्वभूमी == युनियन कार्बाईड इंडिया लि. हा एकोणीसशे सत्तरच्या दशकात भोपाळमधला एक महत्त्वाचा प्रकल्प होता. अमेरिकन मल्टिनॅशनल कंपनीची ही भारतातील सबसिडियरी.<ref>{{cite web |title=Union Carbide India Limited History |url=https://www.bhopal.com/ |publisher=युनियन कार्बाइड रिस्पॉन्स |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> इथे ‘सेव्हिन’ (कार्बारिल) नावाचे एक कीटकनाशक मिथाईल आयसोसायनाइट (एमआयसी) व इतर काही द्रव्यांपासून बनविले जात असे. द्रव स्थितीत असलेला मिथाईल आयसोसायनाइट वायुरूप अवस्थेत अत्यंत विषारी असल्याची पूर्ण कल्पना अमेरिकन तसेच भारतीय कंपनीला होती. एम.आय.सी.चे रूपांतर वायूत होऊ नये म्हणून जमिनीखालच्या थंड टाक्यांमधून तो द्रव साठवला जात असे. अशा तीन टाक्या जमिनीखाली होत्या. त्यापैकी एका टाकीमधून द्रव एम.आय.सी.चे गॅसमध्ये रूपांतर झाले.<ref>{{cite book |last=Chouhan |first=T. R. |title=Bhopal: The Inside Story |publisher=Apex Press |year=1994 |isbn=978-0938960003}}</ref> == दुर्घटना == दोन डिसेंबर एकोणवीसशे चौऱ्याऐंशीच्या रात्री नाईट पेट्रोलिंग युनिटने जवळच्या पोलीस कंट्रोल रूमला रात्री १.२५ च्या सुमारास पहिली बातमी कळवली की, कसलासा वायू पसरला आहे आणि लोक घाबरून पळत आहेत. वायुगळती युनियन कार्बाईडमधून होत असल्याचाही संदेश पोहोचला. युनियन कार्बाईडच्या अधिकाऱ्यांशी संपर्क साधण्याचा प्रयत्न सुरू झाला. परंतु एकही जबाबदार अधिकारी सापडेना.<ref>{{cite news |title=Night of December 2, 1984 in Bhopal |url=https://www.indiatoday.in/ |work=इंडिया टुडे |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> रात्री दोनच्या सुमारास कंट्रोल रूममधील फोन सतत खणखणू लागले आणि पोलीस केवळ एवढीच माहिती देऊ शकत होते की, शहरात वायुगळती झाली आहे आणि पाण्याचा वापर केल्यास होणारा त्रास कमी होऊ शकेल. मात्र, हा वायू इतका विषारी असल्याची कल्पना यंत्रणेलाच नसल्यामुळे केवळ लोकांमधली भीती दूर करणे आणि पळणाऱ्यांची सुरक्षितता एवढीच बाब प्रामुख्याने त्या रात्री विचारात घेतली जात होती.<ref>{{cite book |last=Lapierre |first=Dominique |title=Five Past Midnight in Bhopal |url=https://archive.org/details/fivepastmidnight0000domi |publisher=Scribner |year=2002 |isbn=978-0743220354}}</ref> तीन डिसेंबरची सकाळ उजाडली. सकाळी सहा-साडेसहा वाजेपर्यंत या घटनेची तीव्रता लक्षात आली. मृत्यूने घातलेले थैमान लक्षात येऊ लागले. लोक मृत अथवा घायाळ शरीरे भोपाळ मेडिकल कॉलेजच्या आवारात पोस्टमार्टमसाठी आणून टाकू लागले. या परिस्थितीत नेमक्या इलाजाबाबत डॉक्टरांमध्येही संदिग्धताच होती.<ref>{{cite journal |last=Sriramachari |first=S. |title=The Bhopal gas tragedy: An environmental disaster |journal=Current Science |year=2004 |volume=86 |issue=7 |pages=905–920}}</ref> १६ डिसेंबर १९८४पासून ‘ऑपरेशन फेथ’ हाती घेण्यात आले. कंपनीपासून दूरवरच्या कॅम्प्समधून लोकांची व्यवस्था करण्यात आली. मात्र, या ऑपरेशनपूर्वीच जुन्या भोपाळमधील बरेच लोक उठून निघून गेले होते. १६ डिसेंबरला सकाळी नऊ वाजता ‘फेथ ऑपरेशन’ सुरू झाले. या प्रक्रियेदरम्यान कंपनीच्या आजूबाजूला सर्वत्र पाणी टाकण्यात येत होते. वायुदलाच्या हेलिकॉप्टर्समधूनही सतत पाण्याचा शिडकावा कंपनीवर होत राहिला. लोकांच्या मनात विश्वास उत्पन्न व्हावा म्हणून मुख्यमंत्र्यांसह सगळा अधिकारी काफिला ऑपरेशनदरम्यान कंपनीमध्येच दिवसभर राहत होता. आणि २२ डिसेंबरच्या संध्याकाळी ‘ऑपरेशन फेथ’ संपले.<ref>{{cite news |title=Operation Faith ends in Bhopal |url=https://www.nytimes.com/1984/12/23/world/bhopal-s-remaining-gas-is-neutralized.html |work=द न्यू यॉर्क टाइम्स |date=१९८४-१२-२३ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> == दुर्घटनेचे परिणाम == या दुर्घटनेत ३,०००हून अधिक लोकांचा काही दिवसांतच मृत्यू झाला तर जवळपास २०,००० लोकांचा या दुर्घटनेशी निगडित आजारांमुळे मृत्यू ओढवला. भोपाळ वायु दुर्घटना ही उद्योगजगतातील आत्तापर्यंतची सर्वात मोठी दुर्घटना गणली जाते.<ref>{{cite web |title=Bhopal Disaster Summary |url=https://www.britannica.com/event/Bhopal-disaster |publisher=इन्सायक्लोपीडिया ब्रिटानिका |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> == दुर्घटनेची कारणे == मिथाईल आयसोसायनेट असलेल्या ''टाकीत पाणी शिरल्याने'' ही दुर्घटना घडली.<ref>{{cite web |title=Bhopal Disaster Chemistry and Cause |url=https://www.sciencedirect.com/topics/earth-and-planetary-sciences/bhopal-disaster |publisher=सायन्स डायरेक्ट |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> यामुळे रासायनिक अभिक्रिया सुरू झाली ज्यामुळे इतर गोष्टींबरोबरच भरपूर कार्बन डायऑक्साइड तयार झाला. परिणामी प्रतिसादामुळे टाकीच्या आत तापमान २००° से (३९२° फॅ) पर्यंत वाढले.<ref>{{cite report |title=Report on Bhopal Gas Leak Incident |publisher=Central Pollution Control Board, India |year=1985}}</ref> ---- == युनियन कार्बाईडवरील खटला आणि वॉरेन अँडरसनवरील आरोप == युनियन कार्बाईड कंपनीचे त्यावेळचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), [[वॉरेन अँडरसन|वॉरेन अँडरसन]] यांच्यावर [[इ.स. १९९१]] मध्ये मनुष्यवधाचा खटला भरण्यात आला.<ref>{{cite news |title=Warren Anderson charged over Bhopal |url=https://www.theguardian.com/world/2010/jun/07/bhopal-disaster-verdict-union-carbide |work=द गार्डियन |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> अँडरसन यांना १ फेब्रुवारी १९९२ रोजी भोपाळच्या सरन्यायाधीशांनी मनुष्यवधाचा खटल्यामधे न्यायालयामधे हजर न झाल्याने त्यांना फरारी म्हणून घोषित केले.<ref>{{cite news |title=Bhopal court proclaims Warren Anderson absconder |url=https://www.hindustantimes.com/ |work=हिंदुस्तान टाइम्स |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> न्यायालयाने अँडरसन यांच्या [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेतून]] भारताकडे प्रत्यार्पणासाठी भारतीय सरकारला आदेश जारी केला. अँडरसन यांना अटक होऊ शकली नाही. अखेर [[व्हेरो बीच, फ्लोरिडा]] येथील एका इस्पितळात २९ सप्टेंबर २०१४ रोजी त्यांचा मृत्यू झाला.<ref>{{cite news |title=Warren Anderson, Union Carbide Chief Faced With Bhopal Disaster, Dies at 92 |url=https://www.nytimes.com/2014/10/31/business/media/warren-anderson-dead.html |work=द न्यू यॉर्क टाइम्स |date=२०१४-१०-३० |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> == चित्रपट == भोपाळच्या वायुदुर्घटनेवर 'भोपाल एक्सप्रेस' नावाचा महेश मथाई यांनी दिग्दर्शित केलेला हिंदी चित्रपट १९९९ मध्ये निघाला. त्यात [[नसीरुद्दीन शाह]] यांच्या व्यतिरिक्त के.के. मेनन व नेत्रा रघुनाथन यांनी कामे केली आहेत.<ref>{{cite web |title=Bhopal Express Movie Overview |url=https://www.imdb.com/title/tt0212035/ |publisher=आयएमडीबी |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> नोव्हेंबर २०२३ मध्ये या घटनेवर [[रेल्वे मेन (वेब सिरीझ)|रेल्वे मेन]] ही वेब सिरीझ प्रदर्शित झाली.<ref>{{cite news |title=The Railway Men review |url=https://www.thehindu.com/entertainment/movies/the-railway-men-series-review/article67551000.ece |work=द हिंदू |date=२०२३-११-१८ |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> == पुस्तक == * याच दुर्घटनेवर दीप्ती मेस्त्री काबाडे यांचे '[http://www.esahity.com/uploads/5/0/1/2/501218/bhopal_disaster__dipti_kabade.pdf भोपाळ नरसंहार]' नावाचे पुस्तक आहे. या पुस्तकाची ई-आवृत्ती [http://www.esahity.com ई-साहित्य] वर वाचता येते.<ref>{{cite web |title=भोपाळ नरसंहार |url=http://www.esahity.com |publisher=ई-साहित्य |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> * भोपाळच्या वायुदुर्घटनेवर [[सुबोध जावडेकर]] यांनी 'आकांत' नावाचे पुस्तक लिहिले आहे.<ref>{{cite book |last=जावडेकर |first=सुबोध |title=आकांत |publisher=ग्रंथाली |year=1986}}</ref> * जाव्हिएर मोरो, लॅपिए डॉमिनिक या फ्रेंच लेखकांनी भोपाळच्या घटनेवर 'Era medianoche en Bhopal' नावाचे पुस्तक लिहिले आहे. डॉ. शरद चाफेकर यांनी 'भोपाळमधील काळरात्र' नावाने पुस्तकाचा मराठी अनुवाद केला आहे.<ref>{{cite book |last=चाफेकर |first=शरद |title=भोपाळमधील काळरात्र |publisher=राजहंस प्रकाशन |year=2003}}</ref> == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{स्रोत पुस्तक|title=A Cloud over Bhopal - Causes, Consequences and Constructive Solutions|वर्ष=1985|लेखक=Alfred de Grazia|प्रकाशक=Metron Publications|आयएसबीएन=0940268099|दुवा=http://www.grazian-archive.com/governing/bhopal/Publishers%20Note.html|फॉरमॅट=HTML|अवतरण=The first book on the Bhopal disaster, written on-site a few weeks after the accident.|accessdate=2008-03-24|archive-date=2009-08-26|archive-url=https://web.archive.org/web/20090826042312/http://www.grazian-archive.com/governing/bhopal/Publishers%20Note.html|url-status=dead}} * [http://www.studentsforbhopal.org Students for Bhopal] * [http://www.bhopal.net bhopal.net] * [http://www.esahity.com/uploads/5/0/1/2/501218/bhopal_disaster__dipti_kabade.pdf भोपाळ नरसंहार pdf] * {{वेबॅक आर्किव्ह|url=archivo.greenpeace.org/bhopal/informes/Summary%20of%20Study.pdf|date=20090219081126 ग्रीनपीस संस्थेचा भोपाळ वायू दुर्घटने वरील लेख]}} [[वर्ग:भोपाळ]] [[वर्ग:मध्य प्रदेश]] [[वर्ग:भोपाळ वायुदुर्घटना]] cy1j1enoajx000nacxfw5b0cyg9rab8 मुद्‌गल पुराण 0 17248 2710760 2710168 2026-09-19T14:35:04Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710760 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} {{हिंदू धर्मग्रंथ}} {{विस्तार}} '''मुद्गल पुराण''' हे [[महर्षी मुद्गल]] यांनी रचलेले पुराणा आहे जे हिंदू देवता [[गणपती]] बद्दल आहे.<ref name="Thapan">{{cite book |last1=Thapan |first1=Anita Raina |title=Understanding Gaṇapati: insights into the dynamics of a cult |url=https://archive.org/details/understandinggan0000thap |date=1997 |publisher=Manohar Publishers |location=New Delhi |isbn=81-7304-195-4 |page=304}}</ref> हे एक उपपुराण असून त्यात गणेशाशी संबंधित अनेक कथा आणि धार्मिक विधींचा समावेश आहे. [[गणेश पुराण]] आणि मुद्गल पुराण हे गणेशाच्या भक्तांसाठी ([[गाणपत्य संप्रदाय]]) अत्यंत महत्त्वाचे धर्मग्रंथ आहेत. ही केवळ दोनच पुराणे आहेत जी पूर्णपणे गणेशाला समर्पित आहेत. ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} {{गणपती}} [[वर्ग:पुराणे]] [[वर्ग:रिकामी पाने]] k5ifmnejgivv3vmesx72pz7o2ito9ns टोमॅटो 0 23336 2710737 2706658 2026-09-19T12:40:41Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710737 wikitext text/x-wiki {{जीवचौकट | नाव = टोमॅटो | चित्र = Bright red tomato and cross section02.jpg | चित्र_रुंदी = 300px | चित्र_शीर्षक = Full and cross-section of a ripe supermarket tomato | regnum = [[वनस्पती|Plantae]] | subregnum = Tracheobionta | division = [[सपुष्प वनस्पती|Magnoliophyta]] | जात = [[द्विदल वनस्पती|Magnoliopsida]] | पोटजात = Asteridae | वर्ग = [[सोलॅनेल्स|Solanales]] | कुळ = [[सोलॅनेसी|Solanaceae]] | जातकुळी = ''[[सोलॅनम|Solanum]]'' | जीव = '''''Solanum lycopersicum''''' |बायनोमियल = ''Solanum lycopersicum'' |बायनोमियल_अधिकारी= [[कार्ल लिनेयस|Carolus Linnaeus]] (L) | synonyms = ''Lycopersicon lycopersicum''<br /> ''Lycopersicon esculentum'' }} '''टोमॅटो''' ही एक फळभाजी आहे.<ref>{{cite web |title=Tomato |url=https://www.britannica.com/plant/tomato |publisher=[[इन्सायक्लोपीडिया ब्रिटानिका]] |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> मराठीत या फळाला टोमॅटो, भेदरे किंवा बेलवांगे म्हणतात. ब्रिटिशकाळात टोमॅटोला 'तांबेटे' असेही म्हणले जात. [[संस्कृत]]मध्ये याला हिण्डीरः, रक्तमाचे व रक्तवृत्नाक असे शब्द वापरले जातात. यातील मुख्य पोषक घटक म्हणजे [[क जीवनसत्त्व|व्हिटॅमिन C]], [[पोटॅशियम]] आणि [[लायकोपीन]]. टोमॅटोत थोड्या प्रमाणात [[कॅल्शियम]], व [[फॉस्फरस]] असते.<ref>{{cite web |title=Tomatoes 101: Nutrition Facts and Health Benefits |url=https://www.healthline.com/nutrition/foods/tomatoes |publisher=Healthline |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> टोमॅटोमध्ये [[बीटा-कॅरोटीन]] असते, जे शरीरात [[अ जीवनसत्त्व|व्हिटॅमिन A]] मध्ये रूपांतरित होऊन डोळ्यांसाठी लाभदायी ठरते. यातील स्वाद आंबट (अम्लीय) असला तरी शरीरात क्षारीय प्रतिक्रिया निर्माण करतो. आंबट चवीचे कारण यात असलेले [[सायट्रिक आम्ल|साइट्रिक]] व [[मॅलिक आम्ल]] आहे.<ref>{{cite book |last=Grierson |first=D. |title=Cultivated Plants: Tomato |publisher=Springer |year=1985 |isbn=978-94-010-8911-1}}</ref> टोमॅटोतील प्रमुख रंगद्रव्य म्हणजे '''लायकोपीन'''. लाल टोमॅटोमध्ये हे प्रामुख्याने ''all-trans'' स्वरूपात असते, जे शरीरात कमी प्रमाणात शोषले जाते; तर नारिंगी टोमॅटो किंवा प्रक्रियायुक्त टोमॅटोमध्ये ''cis-lycopene'' स्वरूप असते, जे शरीरात सहज शोषले जाते.<ref>{{cite journal |last=Unlu |first=N. |title=LycContent and Bioavailability in Tomatoes |url=https://archive.org/details/sim_journal-of-nutrition_2007-03_137_3/page/592 |journal=Journal of Nutrition |year=2007 |volume=137 |pages=592–597}}</ref> == इतिहास == मानवाला टोमॅटोची ओळख १६व्या शतकाच्या मध्यास झाली. ही वनस्पती मूळची [[दक्षिण अमेरिका|दक्षिण अमेरिकेतील]] ([[पेरू]], [[इक्वेडोर]], [[चिली]]) आहे.<ref>{{cite web |title=History of the Tomato |url=https://www.smithsonianmag.com/arts-culture/why-the-tomato-was-feared-in-europe-for-more-than-200-years-180963770/ |publisher=[[स्मिथसोनियन संस्था|स्मिथसोनियन]] |access-date=२०२६-०८-१५ }}{{मृत दुवा|date=August 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> इ.स. १५४४ मध्ये [[इटली|इटालियन]] वनस्पतिशास्त्रज्ञ [[पिएत्रो आंद्रेआ मत्तीओली]] यांनी याचा प्रथम उल्लेख केला.<ref>{{cite book |last=Mattioli |first=Pietro Andrea |title=Discorsi |year=1544}}</ref> लवकरच इटलीत सजावटी व औषधी म्हणून लागवड सुरू झाली, त्यानंतर [[स्पेन]], [[ब्रिटन]] व इतर युरोपियन देशांत पसरली.<ref>{{cite book |last=Smith |first=Andrew F. |title=The Tomato in America: Early History, Culture, and Cookery |publisher=University of Illinois Press |year=1994 |isbn=978-0252070099}}</ref> सुरुवातीला युरोपियन समाज टोमॅटोला विषारी समजत असे, परंतु १८व्या शतकाच्या शेवटी अन्नपदार्थ म्हणून स्वीकारण्यात आला. [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेत]] १७व्या शतकात टोमॅटो आला आणि १७८१ मध्ये [[थॉमस जेफरसन]] यांनी [[व्हर्जिनिया]]तील आपल्या बागेत त्याची लागवड केली होती.<ref>{{cite web |title=Thomas Jefferson and the Tomato |url=https://www.monticello.org/ |publisher=Monticello |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> भारतात टोमॅटो [[पोर्तुगीज]] लोकांनी १६व्या शतकाच्या शेवटी आणला व पुढे १९व्या शतकात त्याची लागवड सर्वत्र सुरू झाली.<ref>{{cite book |last=Achaya |first=K. T. |title=Indian Food: A Historical Companion |publisher=Oxford University Press |year=1994 |isbn=978-0195644166}}</ref> == महाराष्ट्रातील टोमॅटोच्या जाती == [[File:Tomatos ready for dispatch.jpg|thumb|महाराष्ट्रातील शेतातील काढणी झालेले टोमॅटो]] * चेरी - ही [[तैवान]]हून येणारी जात आहे. ही जात साधारण जंगली प्रकारची असून फळांचा आकार गोलाकार टूटी-फ्रूटीसारखा असतो. पाण्याची कमतरता असल्यास रंग फिकट तांबूस, तर थंडीमध्ये लागवड केल्यास गर्द लाल असतो. पंचतारांकित हॉटेलांत चेरी फळाच्या ऐवजी ठेवण्याची प्रथा आहे.<ref>{{cite web |title=महाराष्ट्रातील टोमॅटो लागवड तंत्रज्ञान |url=https://mahanand.maharashtra.gov.in/ |publisher=महाराष्ट्र शासन कृषी विभाग |access-date=२०२६-०८-१५ }}{{मृत दुवा|date=August 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * धनश्री - टोमॅटो नारंगी रंगाचे, मध्यम आकाराचे व जास्त गराचे.<ref name="agri">{{cite book |title=सुधारित कृषी तंत्रज्ञान |publisher=[[महात्मा फुले कृषी विद्यापीठ]], राहुरी |year=2020}}</ref> * नामधारी - फळ कडक, चौकोनी गोल (किंवा अंडाकृती गोल), गर्द लाल व वजनदार.<ref name="agri" /> * भाग्यश्री - टोमॅटो मोठ्या आकाराचे, लांबट गोल लांबट व पूर्ण लाल [[रंग]].<ref name="agri" /> * रुपाली - गर भरपूर असलेली जात.<ref name="agri" /> * शिवाजी - फळ लंबगोलाकार, गर्द लाल रंगाचे, कडक व ८५ ते ९० ग्रॅम वजनाचे.<ref name="agri" /> == टोमॅटो लागवडीसाठी हवामान == टोमॅटो हे समशीतोष्ण हवामानात येणारे नाजूक पीक असल्याने बदलत्या हवामानातले कडक ऊन, ढगाळ हवा, मुसळधार पाऊस, धुके, कडाक्याची थंडी अथवा ढगाळ हवेतील गरम व दमटपणा या पिकास मानवत नाही.<ref>{{cite web |title=Tomato Cultivation Guide |url=https://kvk.icar.gov.in/ |publisher=भारतीय कृषी संशोधन परिषद (ICAR) |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> महाराष्ट्रातील टोमॅटोची विविधता ही [[तैवान]]ची 'चेरी' नावाची टोमॅटो पंचतारांकित हॉटेल्स मध्ये चेरी फ्रुटच्या ऐवजी ठेवण्याची प्रथा आहे. आशियाई संशोधन विकास केंद्र, [[तैवान]] यांनी ही प्रजाती निर्माण केली असून तिचा जगभर प्रसार होत आहे. ही प्रजाती साधारण जंगली प्रकारची असून फळांचा आकार गोलाकार फळ मिश्रित आईस्क्रीमसारखा असतो. पाण्याची कमतरता असल्यास रंग फिकट तांबूस तर थंडीमध्ये लागवड केल्यास गर्द लाल असतो.<ref>{{cite web |title=AVRDC Asian Vegetable Research and Development Center |url=https://avrdc.org/ |publisher=World Vegetable Center |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> == टोमॅटो फळातील रंगद्रव्य == लाल रंगाच्या टोमॅटोच्या तुलनेत नारंगी रंगाच्या टोमॅटोमधील लायकोपीन हे रंगद्रव्य शरीरात सहजपणे शोषले जाते.<ref>{{cite journal |last=Burri |first=B. J. |title=Bioavailability of Lycopene |url=https://archive.org/details/sim_american-journal-of-clinical-nutrition_2009-11_90_5/page/1438 |journal=American Journal of Clinical Nutrition |year=2009 |volume=90 |pages=1438–1445}}</ref> लाल रंगाच्या टोमॅटोमध्ये लायकोपीन हे रंगद्रव्य टेत्रा-सिस् मध्ये उपलब्ध असते. ते शरीरात सहजपणे शोषले जात नाही. === टोमॅटो खाण्याचे फायदे === रसाळ आणि लाल टोमॅटो जेवणातील चव वाढवितात. टोमॅटोचे अनेक फायदे आहेत. टोमॅटोला लाल रंग देणारा घटक लायकोपीन हा आरोग्यासाठी फायदेशीर आहे.<ref>{{cite news |title=Health Benefits of Tomatoes |url=https://www.thehindu.com/sci-tech/health/health-benefits-of-tomatoes/article3124567.ece |work=[[द हिंदू]] |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> कच्च्या टोमॅटोपेक्षा टोमॅटो शिजल्यावर किंवा पिकल्यावर जास्त प्रभावी ठरतो. टोमॅटोचा उपयोग त्वचेसाठीही खूप लाभकारी आहे; हे सुरकुत्या कमी करण्यास आणि त्वचेची देखभाल करण्यास मदत करते.<ref>{{cite journal |last=Rizwan |first=M. |title=Tomato paste protects against ultraviolet radiation in humans |journal=British Journal of Dermatology |year=2011 |volume=164 |pages=154–162}}</ref> == टोमॅटोचे महत्त्व व प्रक्रिया उद्योग == [[File:टोमॅटो सूप.jpg|thumb|टोमॅटो सूप]] टोमॅटोचे आहारात विशेष औषधी महत्त्व नसले तरी त्याच्या सुधारित जातींचा लालभडक आकर्षक रंग, आकार व चव यांमुळे सर्व हॉटेलांत, शहरी वातावरणातील घरांमध्ये टोमॅटोचा तोंडी लावण्यासाठी व [[कोशिंबीर|कोशिंबिरीमध्ये]] सर्रास वापर केला जातो. शहरातील हॉटेलमध्ये फ्रेंच फ्राईज ([[बटाटा|बटाट्याचे]] तळलेले उभे तुकडे) वा बटाटा चिप्सबरोबर टोमॅटो केचप देण्याची रीत आहे.<ref>{{cite book |last=Fellows |first=P. J. |title=Food Processing Technology: Principles and Practice |url=https://archive.org/details/foodprocessingte0000fell |publisher=Woodhead Publishing |year=2009 |isbn=978-1845696344}}</ref> टोमॅटोमध्ये [[अ जीवनसत्त्व|'अ']] (०.६४%) व [[क जीवनसत्त्व|'क']] (२.८२%) जीवनसत्त्व असते. 'लायकोपीन' या घटकामुळे टोमॅटोस लाल रंग येतो. टोमॅटोपासून पेस्ट (प्यूरी) व त्यापासून [[टोमॅटो सूप]], केचप, ज्यूस, टोमॅटो लोणचे इत्यादी पदार्थ तयार करतात.<ref>{{cite web |title=Tomato Processing Industry Overview |url=https://www.fao.org/food-agriculture-organization |publisher=[[अन्न व कृषी संघटना]] |access-date=२०२६-०८-१५ }}{{मृत दुवा|date=August 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> === टोमॅटोची चटणी === [[भारत|भारतात]] टोमॅटोची चटणी खूप लोकप्रिय असून ती कमी वेळात बनते.<ref>{{cite book |last=Jaffrey |first=Madhur |title=A Taste of India |url=https://archive.org/details/tasteofindia0000jaff_a5g7 |publisher=Pavilion Books |year=1985 |isbn=978-1851450046}}</ref> ही चटणी लोक नाश्त्यामध्ये [[समॉसा]], [[बटाटावडा]], [[भजी]], ब्रेड इत्यादींबरोबर आवडीने खातात. टोमॅटोची गोड चटणी टोमॅटो केचप किंवा सॉसच्या रूपात बाजारात सहज मिळते. आता याचा व्यावसायिक दृष्टीने मोठ्या प्रमाणावर उद्योग चालतो. == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:भाज्या]] [[वर्ग:फळभाज्या]] [[वर्ग:सोलॅनेसी]] kzmkwru6t2t4pdvyfynb0rd03mu75f4 ऑगस्ट १९ 0 25341 2710801 2703643 2026-09-19T15:29:40Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710801 wikitext text/x-wiki {{ऑगस्ट दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|ऑगस्ट|१९|२३१|२३२}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === सतरावे शतक === * [[इ.स. १६६६|१६६६]] - [[दुसरे ॲंग्लो-डच युद्ध]] - [[होम्सची होळी]] - [[रियर ॲडमिरल]] [[रॉबर्ट होम्स]]ने [[नेदरलॅंड्स]]च्या [[टेर्शेलिंग]] बेटावर हल्ला चढवून १५० व्यापारी जहाजे जाळली.<ref>{{cite book |last=बॉक्सरा |first=सी. आर. |title=द डच सीबॉर्न एम्पायर १६००-१८०० |publisher=हचिन्सन |year=१९६५}}</ref> * [[इ.स. १६९२|१६९२]] - [[सेलम विच ट्रायल्स]] - चेटूकविद्येचा वापर करत असल्याच्या आरोपावरून [[सेलम, मॅसेच्युसेट्स]] येथे एका स्त्रीसह पाच व्यक्तींना मृत्युदंड देण्यात आला.<ref>{{cite book |last=रोच |first=मर्लिन |title=द सेलम विच ट्रायल्स: अ डे-बाय-डे क्रॉनिकल |url=https://archive.org/details/salemwitchtrials00mari |publisher=टेलर ट्रेड पब्लिशिंग |year=२००४ |isbn=978-1589791329}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८३९|१८३९]] - [[जाक दग्वेरे]]ने विकसित केलेली छायाचित्रण पद्धती [[फ्रेंच विज्ञान अकादमी]]ने जाहीर केली.<ref>{{cite book |last=बॅटचेन |first=जॉफ्री |title=बर्निंग विथ डिझायर: द कन्सेप्शन ऑफ फोटोग्राफी |publisher=एमआयटी प्रेस |year=१९९९ |isbn=978-0262522595}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९१९|१९१९]] - [[अफगाणिस्तान]]ला [[युनायटेड किंग्डम]]पासून स्वातंत्र्य मिळाले.<ref>{{cite book |last=दुुप्री |first=लुईस |title=अफगाणिस्तान |publisher=प्रिन्सटन युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९८०}}</ref> * [[इ.स. १९३४|१९३४]] - [[जर्मनी|जर्मन]] जनतेने ८९.९% मतांनी [[फ्युह्रर]] हे पद निर्माण करण्यास मान्यता दिली.<ref>{{cite book |last=इव्हान्स |first=रिचर्ड जे. |title=द थर्ड राइख इन पॉवर |publisher=पेन्गुइन बुक्स |year=२००५ |isbn=978-0143037903}}</ref> * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - [[दोस्त राष्ट्रे|दोस्त सैन्याच्या]] साथीने [[पॅरिस]]मधील जनतेने जर्मन सैन्याविरुद्ध लढा उभारला.<ref>{{cite book |last=बीव्हर |first=अँटनी |title=डी-डे: द बॅटल फॉर नॉर्मंडी |publisher=पेन्गुइन बुक्स |year=२००९ |isbn=978-0143118183}}</ref> * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[हो चि मिन्ह]] [[व्हियेतनाम]]मध्ये सत्तेवर आले.<ref>{{cite book |last=मॅकलिन |first=डेव्हिड जी. |title=द व्हिएतनाम वॉर |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००६}}</ref> * [[इ.स. १९५३|१९५३]] - [[सी.आय.ए.]]ने [[इराण]]मध्ये [[मोहम्मद मोसादेघ]]चे सरकार उलथवून [[शाह मोहम्मद रझा पहलवी]]ला सत्तेवर बसवले.<ref>{{cite book |last=किन्झर |first=स्टीफन |title=ऑल द शाह्स मेन |publisher=जॉन वायली अँड सन्स |year=२००३ |isbn=978-0471265177}}</ref> * [[इ.स. १९५५|१९५५]] - [[हरिकेन डायेन]]ने [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] ईशान्य भागात २०० जणांचा बळी घेतला.<ref>{{cite web |title=Hurricane Diane Report |url=https://www.nhc.noaa.gov/ |publisher=नॅशनल हरिकेन सेंटर |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९८०|१९८०]] - [[सौदी अरेबिया]]तील [[रियाध]] शहराच्या [[किंग खालिद आंतरराष्ट्रीय विमानतळ|किंग खालिद आंतरराष्ट्रीय विमानतळावर]] [[सौदिया फ्लाइट १६३]] हे [[लॉकहीड एल-१०११ ट्रायस्टार]] प्रकारचे विमान आपत्कालीन स्थितीत उतरले; त्यानंतर लागलेल्या आगीत ३०१ प्रवासी ठार झाले.<ref>{{cite web |title=Saudia Flight 163 Accident Report |url=https://aviation-safety.net/ |publisher=ॲव्हिएशन सेफ्टी नेटवर्क |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९८१|१९८१]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] लढाऊ विमानांनी [[सिद्राचा अखात|सिद्राच्या अखातात]] [[लिबिया|लिब्याची]] दोन [[सुखॉई एस.यु. २२]] प्रकारची विमाने पाडली.<ref>{{cite news |title=U.S. Shoots Down Two Libyan Jets |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=२० ऑगस्ट १९८१ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९८७|१९८७]] - [[युनायटेड किंग्डम]]च्या [[हंगरफोर्ड]] शहरात [[मायकेल रायन]]ने सोळा व्यक्तींची गोळ्या झाडून हत्या केली व नंतर स्वतःचा जीव घेतला.<ref>{{cite news |title=Hungerford Massacre |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=१९ ऑगस्ट १९८७ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९१|१९९१]] - [[सोवियेत संघ|सोवियेत संघाचे]] राष्ट्राध्यक्ष [[मिखाईल गोर्बाचेव्ह]] यांना सुट्टीवर असताना नजरकैदेत ठेवण्यात आले.<ref>{{cite book |last=रेम निक |first=डेव्हिड |title=लेनिन्स टोम्ब: द लास्ट डेज ऑफ द सोव्हिएत एम्पायर |publisher=राँडम हाउस |year=१९९३ |isbn=978-0679423034}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००२|२००२]] - [[ग्रॉझ्नी]]जवळ [[चेच्न्या]]च्या सैन्याने [[रशिया]]चे एम.आय. २६ प्रकारचे हेलिकॉप्टर पाडले; ११८ सैनिक ठार झाले.<ref>{{cite news |title=Chechen rebels shoot down Russian helicopter |url=https://www.theguardian.com/world |work=[[द गार्डियन]] |date=२० ऑगस्ट २००२ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००३|२००३]] - [[इराक]]मधील [[संयुक्त राष्ट्रे|संयुक्त राष्ट्रांच्या]] मुख्यालयावर आत्मघातकी हल्ला झाला; राजदूत [[सर्जियो व्हियैरा डि मेलो]] यांच्यासह २२ जण ठार झाले.<ref>{{cite news |title=UN Headquarters in Baghdad Bombed |url=https://news.un.org/ |publisher=[[संयुक्त राष्ट्रे|संयुक्त राष्ट्रे न्यूझ]] |date=१९ ऑगस्ट २००३ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २००३|२००३]] - [[जेरुसलेम]]मध्ये [[हमास]]ने केलेल्या आत्मघातकी हल्ल्यात ७ मुलांसह २३ जण ठार झाले.<ref>{{cite news |title=Jerusalem Bus Bombing |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=२० ऑगस्ट २००३ |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. १८७८|१८७८]] - [[मनुएल क्वेझोन]], [[:वर्ग:फिलिपिन्सचे राष्ट्राध्यक्ष|फिलिपाईन्सचे राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=क्वेझोन |first=मनुएल |title=द गुड फाईट |publisher=ॲपल्टन-सेन्चुरी |year=१९४६}}</ref> * [[इ.स. १८८३|१८८३]] - [[होजे मेंडेस काबेसादास]], [[:वर्ग:पोर्तुगालचे राष्ट्राध्यक्ष|पोर्तुगालचे राष्ट्राध्यक्ष]] आणि [[:वर्ग:पोर्तुगालचे पंतप्रधान|पंतप्रधान]].<ref>{{cite book |last=व्हीलर |first=डग्लस |title=रिपब्लिकन पोर्तुगाल |publisher=युनिव्हर्सिटी ऑफ वस्कॉन्सिन प्रेस |year=१९७८}}</ref> * [[इ.स. १९०३|१९०३]] - [[गंगाधर देवराव खानोलकर]], [[:वर्ग:मराठी लेखक|मराठी लेखक]] व चरित्रकार.<ref>{{cite book |last=खानोलकर |first=गंगाधर |title=मराठी वाङ्मयकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य साहित्य संस्कृती मंडळ |year=१९७७}}</ref> * [[इ.स. १९२१|१९२१]] - [[जीन रॉडेनबेरी]], [[:वर्ग:स्टार ट्रेक|स्टार ट्रेक]] या विज्ञानकथा मालिकेचे निर्माते.<ref>{{cite book |last=अलेक्झांडर |first=डेव्हिड |title=स्टार ट्रेक क्रिएटर: द ऑथोराइज्ड बायोग्राफी ऑफ जीन रॉडेनबेरी |publisher=रॉकबुक |year=१९९४}}</ref> * [[इ.स. १९२२|१९२२]] - [[बबनराव नावडीकर]], [[:वर्ग:मराठी गायक|मराठी गायक]].<ref>{{cite news |title=गायनाचार्य बबनराव नावडीकर |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९४६|१९४६]] - [[विल्यम जेफरसन क्लिंटन|बिल क्लिंटन]], [[:वर्ग:अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष|अमेरिकेचे ४२ वे राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=क्लिंटन |first=बिल |title=माय लाइफ |url=https://archive.org/details/mylife0000clin_m2c1 |publisher=व्हिंटेज |year=२००४ |isbn=978-1400030033}}</ref> * [[इ.स. १९८७|१८७७]] - [[इलियाना डी'क्रूझ|आयलीना डिक्रुझ]], [[:वर्ग:हिंदी चित्रपट अभिनेत्री|भारतीय चित्रपट अभिनेत्री]].<ref>{{cite web |title=Ileana D'Cruz Profile |url=https://www.imdb.com/ |publisher=[[आयएमडीबी]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. १४|१४]] - [[ऑगस्टस|ऑगस्टस सीझर]], पहिला [[:वर्ग:रोमन सम्राट|रोमन सम्राट]].<ref>{{cite book |last=सुएटोनियस |title=द लाइव्ह्ज ऑफ द ट्वेल्व्ह सीझर्स |publisher=पेन्गुइन क्लासिक्स |year=२००७}}</ref> * [[इ.स. १४९३|१४९३]] - [[फ्रेडरिक तिसरा, पवित्र रोमन सम्राट|फ्रेडरिक तिसरा]], पवित्र रोमन सम्राट.<ref>{{cite book |last=कॅहन |first=रॉबर्ट |title=द हॅप्सबर्ग एम्पायर |publisher=युनिव्हर्सिटी ऑफ कॅलिफोर्निया प्रेस |year=१९७४}}</ref> * [[इ.स. १६६२|१६६२]] - [[ब्लेस पास्कल]], [[:वर्ग:फ्रेंच गणितज्ञ|फ्रेंच गणितज्ञ]] आणि भौतिकशास्त्रज्ञ.<ref>{{cite book |last=क्रॅपॉफ |first=विल्यम |title=ब्लेस पास्कल: विचार आणि कार्य |publisher=पॅरिस प्रेस |year=१९८५}}</ref> * [[इ.स. १९४७|१९४७]] - [[ॲल्सिदे दि गॅस्पेरी]], [[:वर्ग:इटलीचे पंतप्रधान|इटलीचे पंतप्रधान]].<ref>{{cite book |last=कॅरालो |first=मारिओ |title=दि गॅस्पेरी: अ पॉलिटिकल लाइफ |publisher=रोम प्रेस |year=१९७५}}</ref> * [[इ.स. १९७६|१९७६]] - [[केन वॉड्सवर्थ]], [[:वर्ग:न्यू झीलंडचे क्रिकेट खेळाडू|न्यू झीलंडचे क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |title=Ken Wadsworth Profile |url=https://www.espncricinfo.com/ |publisher=[[ईएसपीएन क्रिकइन्फो]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९७७|१९७७]] - [[ग्राउचो मार्क्स]], अमेरिकन अभिनेता व हास्यकलाकार.<ref>{{cite book |last=मार्क्स |first=अल्बर्ट |title=द मार्क्स ब्रदर्स बायोग्राफी |publisher=हार्ट पब्लिशिंग |year=१९७९}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * जागतिक छायाचित्रण दिवस.<ref>{{cite web |title=World Photography Day |url=https://www.worldphotographyday.com/ |publisher=वर्ल्ड फोटोग्राफी डे ऑर्गनायझेशन |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * जागतिक मानवतावादी दिवस.<ref>{{cite web |title=World Humanitarian Day |url=https://www.un.org/en/observances/humanitarian-day |publisher=[[संयुक्त राष्ट्रे]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||august/19}} [[ऑगस्ट १७]] - [[ऑगस्ट १८]] - '''ऑगस्ट १९''' - [[ऑगस्ट २०]] - [[ऑगस्ट २१]] - [[ऑगस्ट महिना]] == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ---- {{ग्रेगरियन महिने}} [[वर्ग:दिवस]] [[वर्ग:ग्रेगरी दिनदर्शिका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय दिनदर्शिका]] doz6ubkzhkdsg9utzy29aquv7afp3q6 ऑगस्ट २० 0 25342 2710752 2703931 2026-09-19T13:47:11Z InternetArchiveBot 130355 Add 4 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710752 wikitext text/x-wiki {{ऑगस्ट दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|ऑगस्ट|२०|२३२|२३३}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === सातवे शतक === * [[इ.स. ६३६|६३६]] - [[यार्मूकची लढाई]]: खालिद इब्न अल-वालिदच्या नेतृत्वाखाली अरबांनी सिरिया व पॅलेस्टाइन जिंकले.<ref>{{cite book |last=कागी |first=वॉल्टर ई. |title=बायझंटियम अँड द अर्ली इस्लामिक कॉन्क्वेस्ट्स |url=https://archive.org/details/byzantiumearlyis0000walt |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९२ |isbn=978-0521484558}}</ref> === अकरावे शतक === * [[इ.स. १०००|१०००]] - [[सेंट स्टीवन]]ने हंगेरीचे राष्ट्र स्थापन केले.<ref>{{cite book |last=एंजेल |first=पाल |title=द किंगडम ऑफ हंगेरी, १०००-१५२६ |url=https://archive.org/details/realmofststevenh0019enge |publisher=आय. बी. टॉरिस |year=२००१ |isbn=978-1860640612}}</ref> === अठरावे शतक === * [[इ.स. १७७५|१७७५]] - [[स्पेन]]ने [[तुसॉन, अ‍ॅरिझोना]] येथे किल्ला बांधून शहर स्थापले.<ref>{{cite book |last=शरिडो |first=टोमस ई. |title=अ‍ॅरिझोना: अ हिस्ट्री |publisher=युनिव्हर्सिटी ऑफ अ‍ॅरिझोना प्रेस |year=१९९५ |isbn=978-0816515561}}</ref> * [[इ.स. १७९४|१७९४]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] सैन्याने [[शॉनी]], [[मिंगो]], [[डेलावेर (मूळ अमेरिकन जमात)|डेलावेर]], [[व्यांडोट]], [[मायामी (मूळ अमेरिकन जमात)|मायामी]], [[ऑटावा (मूळ अमेरिकन जमात)|ऑटावा]], [[चिप्पेवा]] आणि [[पोटावाटोमी]] जमातींचा पराभव केला.<ref>{{cite book |last=ग्लॅथाआर |first=जोसेफ टी. |title=द अमेरिकन रिव्होल्यूशन अँड द इंडियन वॉर्स |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००६}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८६६|१८६६]] - [[अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष|अमेरिकेच्या राष्ट्राध्यक्ष]] [[ॲन्ड्‌ऱ्यू जॉन्सन|अँड्रु जॉन्सन]]ने [[अमेरिकन यादवी युद्ध]] अधिकृतरित्या संपल्याचे जाहीर केले.<ref>{{cite web |title=President Andrew Johnson's Proclamation declaring the end of the American Civil War |url=https://www.archives.gov/ |publisher=नॅशनल आर्काइव्ह्ज |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १८८२|१८८२]] - [[पीटर इलिच त्चैकोव्सकी]]चे [[१८१२ ओव्हर्चर]] हे संगीत पहिल्यांदा [[मॉस्को]]मध्ये वाजवले गेले.<ref>{{cite book |last=ब्राउन |first=डेव्हिड |title=त्चैकोव्सकी: द मॅन अँड हिज म्युझिक |publisher=फॅबर अँड फॅबर |year=२००६ |isbn=978-0571231942}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९००|१९००]] - [[जपान]]ने चौथीपर्यंतचे शिक्षण सक्तीचे केले.<ref>{{cite book |last=दुस |first=पीटर |title=द राइज ऑफ मॉडर्न जपान |publisher=हौटन मिफ्लिन |year=१९९७}}</ref> * [[इ.स. १९१४|१९१४]] - [[पहिले महायुद्ध]] - [[जर्मनी]]ने [[ब्रसेल्स]] काबीज केले.<ref>{{cite book |last=टुचमन |first=बारबरा |title=द गन्स ऑफ ऑगस्ट |publisher=मॅकमिलन |year=१९६२}}</ref> * [[इ.स. १९२०|१९२०]] - [[नॅशनल फुटबॉल लीग|नॅशनल फुटबॉल लीगची]] (NFL) [[डेट्रॉइट]] येथे स्थापना.<ref>{{cite web |title=NFL History and Founding |url=https://www.nfl.com/history/ |publisher=नॅशनल फुटबॉल लीग |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९२६|१९२६]] - [[जपान]]मध्ये [[निप्पॉन होसो क्योकै]]ची (NHK) स्थापना.<ref>{{cite book |last=मासुओका |first=हिदेओ |title=ब्रॉडकास्टिंग इन जपान |publisher=टोकियो युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९०}}</ref> * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[दुसरे महायुद्ध]] - [[रोमानिया|रोमानियाची]] लढाई सुरू झाली.<ref>{{cite book |last=ग्लांटझ |first=डेव्हिड |title=रेड स्टॉर्म ओव्हर द बाल्कन्स |url=https://archive.org/details/redstormoverbalk0000glan |publisher=युनिव्हर्सिटी प्रेस ऑफ कॅन्सस |year=२००७ |isbn=978-0700614653}}</ref> * [[इ.स. १९५३|१९५३]] - [[सोवियेत संघ|सोवियेत संघाने]] आपण [[हायड्रोजन बॉम्ब]]ची चाचणी केल्याचे कबूल केले.<ref>{{cite news |title=Soviet Union Admits Testing Hydrogen Bomb |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=२१ ऑगस्ट १९५३ |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९५५|१९५५]] - [[मोरोक्को]]मध्ये [[ऍटलास पर्वत|ऍटलास पर्वतातून]] आलेल्या बर्बर सैनिकांनी ७७ फ्रेंच नागरिकांना ठार केले.<ref>{{cite book |last=पॉवेल |first=रिचर्ड |title=मोरोक्कन इंडिपेंडन्स मूव्हमेंट |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९७२}}</ref> * [[इ.स. १९६०|१९६०]] - [[सेनेगाल]]ने स्वतःला स्वतंत्र जाहीर केले.<ref>{{cite book |last=क्रॉडर |first=मायकेल |title=सेनेगाल: अ स्टडी ऑफ फ्रेंच ॲसिमिलेशन पॉलिसी |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९६२}}</ref> * [[इ.स. १९६८|१९६८]] - २ लाख सैनिक व ५,००० रणगाड्यांसह [[सोवियेत संघ]] व इतर राष्ट्रांनी [[चेकोस्लोव्हेकिया]]वर चढाई केली.<ref>{{cite book |last=विस्कॉचिल |first=जॉर्ज |title=द प्राग स्प्रिंग १९६८ |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९८ |isbn=978-0521633192}}</ref> * [[इ.स. १९७५|१९७५]] - [[व्हायकिंग १]]चे प्रक्षेपण करण्यात आले.<ref>{{cite web |title=Viking 1 Mission Overview |url=https://www.nasa.gov/viking/ |publisher=[[नासा]] |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९७७|१९७७]] - [[व्हॉयेजर २|व्हॉयेजर २]]चे (येथे मूळ लेखातील नोंदीनुसार सुधारणा) प्रक्षेपण.<ref>{{cite web |title=Voyager 2 Launch Details |url=https://voyager.jpl.nasa.gov/ |publisher=जेपीएल नासा |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९८६|१९८६]] - [[एडमंड, ओक्लाहोमा]] येथे पोस्टाच्या कर्मचारी [[पॅट्रिक शेरिल]]ने आपल्या १४ सहकर्मचाऱ्यांची हत्या करून स्वतःला मारून घेतले.<ref>{{cite news |title=Post Office Shooting in Edmond, Oklahoma |url=https://www.washingtonpost.com/ |work=[[द वॉशिंग्टन पोस्ट]] |date=२१ ऑगस्ट १९८६ |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९८८|१९८८]] - [[इराण-इराक युद्ध]] - आठ वर्षे चाललेल्या लढायांनंतर युद्धबंदी कायम.<ref>{{cite book |last=करोश |first=इब्राहिम |title=द इराण-इराक वॉर |publisher=रूoutledge |year=२००२ |isbn=978-0415281133}}</ref> * [[इ.स. १९९१|१९९१]] - [[एस्टोनिया]]ने स्वतःला सोवियेत संघापासून स्वतंत्र जाहीर केले.<ref>{{cite book |last=लाड्रे |first=मार्टिन |title=एस्टोनियाज् रिटर्न टू इंडिपेंडन्स |publisher=सेंट मार्टिन्स प्रेस |year=१९९६}}</ref> * [[इ.स. १९९७|१९९७]] - [[सूहाने हत्याकांड]]: अल्जिरियामध्ये ६० व्यक्ती ठार; १५ हून अधिक व्यक्तींचे अपहरण.<ref>{{cite news |title=Souhane Massacre in Algeria |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=२१ ऑगस्ट १९९७ |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९९८|१९९८]] - [[ऑगस्ट ७]] रोजी [[केन्या]] व [[टांझानिया]]तील आपल्या वकीलातींवर झालेल्या हल्ल्यांचा सूड म्हणून अमेरिकेने [[अफगाणिस्तान]]मधील [[अल-कायदा|अल कायदाच्या]] तळांवर व [[सुदान]]वर क्रुझ प्रक्षेपणास्त्रांनी हल्ला केला.<ref>{{cite news |title=U.S. Strikes Terrorist Targets in Afghanistan and Sudan |url=https://www.nytimes.com/ |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=२१ ऑगस्ट १९९८ |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २००८|२००८]] - [[स्पानएर फ्लाइट ५०२२]] हे [[माद्रिद]]पासून [[ग्रान केनेरिया]]ला निघालेले विमान माद्रिदच्या [[बराहास आंतरराष्ट्रीय विमानतळ|बराहास आंतरराष्ट्रीय विमानतळावरून]] उड्डाण करताना कोसळले; १५३ प्रवासी ठार, १८ जण वाचले.<ref>{{cite news |title=Spanair Flight 5022 Crash Report |url=https://www.bbc.com/news |publisher=[[बीबीसी न्यूझ]] |date=२१ ऑगस्ट २००८ |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == जन्म == * [[इ.स. १७७९|१७७९]] - [[जोन्स जेकब बर्झेलियस]], स्वीडिश रसायनशास्त्रज्ञ.<ref>{{cite book |last=जॉन्सन |first=आल्फ्रेड |title=बर्झेलियस अँड द राइज ऑफ मॉडर्न केमिस्ट्री |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९४८}}</ref> * [[इ.स. १८३३|१८३३]] - [[बेंजामिन हॅरिसन]], [[अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष|अमेरिकेचा २३वा राष्ट्राध्यक्ष]].<ref>{{cite book |last=सेव्हरेज |first=हॅरी |title=बेंजामिन हॅरिसन: न्यू यॉर्क बायोग्राफी |publisher=बॉब्स-मेरिल |year=१९५२}}</ref> * [[इ.स. १९०१|१९०१]] - [[साल्वातोरे क्वासिमोदो]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेता इटालियन लेखक.<ref>{{cite web |title=Salvatore Quasimodo Nobel Prize Bio |url=https://www.nobelprize.org/prizes/literature/1959/summary/ |publisher=[[नोबेल फाउंडेशन]] |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. १९४१|१९४१]] - [[स्लोबोदान मिलोसेविच]], सर्बिया व युगोस्लाव्हियाचा राष्ट्राध्यक्ष.<ref>{{cite book |last=सेल |first=लुईस |title=मिलोसेविच: अ मिराकल ऑफ ट्रॅजेडी |publisher=ड्यूक युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००२}}</ref> * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[राजीव गांधी]], [[भारताचे पंतप्रधान|भारतीय पंतप्रधान]].<ref>{{cite book |last=प्रधान |first=आर. डी. |title=राजीव गांधी: द इयर्स ऑफ पॉवर |publisher=रूपा अँड कंपनी |year=१९९५}}</ref> * [[इ.स. १९४६|१९४६]] - [[एन.आर. नारायणमूर्ती|एन.आर. नारायण मूर्ती]], भारतीय उद्योगपती.<ref>{{cite book |last=मूर्ती |first=नारायण |title=अ बेटर इंडिया, अ बेटर वर्ल्ड |url=https://archive.org/details/betterindiabette0000nrna |publisher=पेन्गुइन इंडिया |year=२००९ |isbn=978-0143068570}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. १९८४|१९८४]] - [[पॉल डिरॅक]], ब्रिटिश भौतिकशास्त्रज्ञ.<ref>{{cite book |last=फार्मेलो |first=ग्रॅहॅम |title=द स्ट्रेंजेस्ट मॅन: द हिडन लाइफ ऑफ पॉल डिरॅक |publisher=फॅबर अँड फॅबर |year=२००९ |isbn=978-0571222780}}</ref> * [[इ.स. १९९१|१९९१]] - [[गोपीनाथ मोहांती]], उडिया लेखक.<ref>{{cite book |last=मोहांती |first=गोपीनाथ |title=माटी मटाल |publisher=साहित्य अकादमी |year=१९७३}}</ref> * [[इ.स. १९९७|१९९७]] - [[प्रागजी डोसा]], गुजराती नाटककार व लेखक.<ref>{{cite book |last=जोशी |first=उमाशंकर |title=गुजराती साहित्य नो इतिहास |publisher=गुजराती साहित्य परिषद |year=१९९९}}</ref> * [[इ.स. २००१|२००१]] - [[फ्रेड हॉयल]], ब्रिटिश खगोलशास्त्रज्ञ.<ref>{{cite journal |last=बर्बिज |first=जी. |title=Fred Hoyle (1915–2001) |journal=Nature |year=२००१ |doi=10.1038/35092686}}</ref> * [[इ.स. २०१३|२० २०१३]] - [[जयंत साळगावकर]], 'कालनिर्णय' दिनदर्शिकेचे संस्थापक.<ref>{{cite news |title=Jayant Salgaonkar Passes Away |url=https://www.loksatta.com/ |work=[[लोकसत्ता]] |date=२० ऑगस्ट २०१३ |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २०१३|२०१३]] - [[नरेंद्र दाभोलकर]], बुद्धिवादी व सामाजिक कार्यकर्ते.<ref>{{cite news |title=Narendra Dabholkar Shot Dead in Pune |url=https://www.thehindu.com/ |work=[[द हिंदू]] |date=२० ऑगस्ट २०१३ |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * [[इ.स. २०२२|२०२०२]] - [[समर बॅनर्जी]], भारतीय ऑलिम्पिक फुटबॉलपटू.<ref>{{cite news |title=Badru Banerjee Passes Away |url=https://www.telegraphindia.com/ |work=[[द टेलिग्राफ]] |date=२० ऑगस्ट २०२२ |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * अक्षय ऊर्जा दिन (भारत)<ref>{{cite web |title=Akshay Urja Diwas |url=https://mnre.gov.in/ |publisher=[[नवीन आणि नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार]] |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> * सद्भावना दिवस (भारत)<ref>{{cite web |title=Sadbhavana Diwas |url=https://www.pib.gov.in/ |publisher=[[पत्र सूचना कार्यालय]] |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> == बाह्य दुवे == {{बीबीसी आज||august/20}} [[ऑगस्ट १८]] - [[ऑगस्ट १९]] - '''ऑगस्ट २०''' - [[ऑगस्ट २१]] - [[ऑगस्ट २२]] - [[ऑगस्ट महिना]] == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} ---- {{ग्रेगरियन महिने}} [[वर्ग:दिवस]] [[वर्ग:ग्रेगरी दिनदर्शिका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय दिनदर्शिका]] jotgtojavgnl4ohatn4dflbb47pe5xy सप्टेंबर ८ 0 25349 2710734 2710431 2026-09-19T12:26:13Z InternetArchiveBot 130355 Add 3 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710734 wikitext text/x-wiki {{सप्टेंबर दिनदर्शिका}} {{ग्रेगरी दिनदर्शिका दिवस|सप्टेंबर|८|२५१|२५२}} == ठळक घटना आणि घडामोडी == === दहावे शतक === * [[इ.स. ९६०|९६०]] - [[सुंग घराणे|सुंग घराण्याचे]] संस्थापक [[सम्राट तायत्झू]] यांनी [[चीन|चायनीज]] साम्राज्य एका छत्राखाली आणण्याच्या मोहिमेची सुरुवात केली.<ref>{{cite book |last=Lorge |first=Peter |title=The Reunification of China: Peace through War under the Song Dynasty |publisher=Cambridge University Press |year=2015 |pages=45–48}}</ref> === अकरावे शतक === * [[इ.स. १०००|१०००]] - [[स्वाल्डरची लढाई]]: [[नॉर्वे]]चा राजा [[ओलाफ त्रिगव्हासन]] याला [[स्वीडन]], [[डेन्मार्क]] आणि [[वेंड्स]] यांच्या संयुक्त आरमाराने पराभूत केले.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/event/Battle-of-Svolder |title=Battle of Svolder |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> === बारावे शतक === * [[इ.स. ११८०|११८०]] - [[उजीची पहिली लढाई]] पार पडली, ज्याद्वारे [[जपान]]मध्ये [[गेनपेई युद्ध|गेनपेई युद्धाची]] सुरुवात झाली.<ref>{{cite book |last=Turnbull |first=Stephen |title=The Samurai Sourcebook |url=https://archive.org/details/samuraisourceboo00turn_0 |publisher=Cassell & Co. |year=1998 |pages=[https://archive.org/details/samuraisourceboo00turn_0/page/201 200]–202}}</ref> === तेरावे शतक === * [[इ.स. १२७६|१२७६]] - [[पोप जॉन २१ वा|पोप जॉन २१ व्या]] यांची [[पोप]] म्हणून निवड झाली.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/John-XXI |title=John XXI: Pope |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> === चौदावे शतक === * [[इ.स. १३८०|१३८०]] - [[कुलिकोव्होची लढाई]]: [[रशिया|रशियन]] सैन्याने ग्रँड प्रिन्स [[दिमित्री दोनस्कोय]] यांच्या नेतृत्वाखाली [[सुवर्ण टोळी|सुवर्ण टोळीच्या]] ([[गोल्डन हॉर्ड]]) [[मंगोल]] सैन्याचा पराभव केला.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/event/Battle-of-Kulikovo |title=Battle of Kulikovo |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> === पंधरावे शतक === * [[इ.स. १४४९|१४४९]] - [[तुमूचा किल्ला संकट]]: [[मंगोल]] सैन्याने [[चीन]]च्या [[मिंग घराणे|मिंग घराण्याचे]] [[सम्राट झेंगतोंग]] यांना बंदी बनवले.<ref>{{cite book |last=Mote |first=Frederick W. |title=Imperial China 900-1800 |publisher=Harvard University Press |year=1999 |pages=622–625}}</ref> === सोळावे शतक === * [[इ.स. १५६५|१५६५]] - [[माल्टाचा वेढा]] समाप्त: [[ऑटोमन साम्राज्य|ओस्मानी (ऑटोमन)]] सैन्याने [[माल्टा]]वरून आपली माघार घेतली.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/event/Siege-of-Malta-1565 |title=Siege of Malta 1565 |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> === सत्रावे शतक === * [[इ.स. १६६४|१६६४]] - [[डच]] सैन्याने [[न्यू ॲम्स्टरडॅम]]चा ताबा [[इंग्लंड|इंग्रजांकडे]] दिला, ज्याचे पुढे '[[न्यू यॉर्क]]' असे नामकरण झाले.<ref>{{cite web |url=https://www.history.com/this-day-in-history/new-amsterdam-becomes-new-york |title=New Amsterdam becomes New York |website=History.com |access-date=8 September 2026}}</ref> === अठरावे शतक === * [[इ.स. १७२७|१७२७]] - [[इंग्लंड]]च्या [[कॅम्ब्रिजशायर]]मध्ये [[कचकड्याच्या बाहुल्या|कचकड्याच्या खेळ]] चालू असताना लागलेल्या आगीत अनेक मुलांसह ७८ ठार.<ref>{{cite book |last=Gittings |first=Clare |title=Burial Services and Funerary Customs |publisher=Routledge |year=1984 |page=112}}</ref> * [[इ.स. १७६०|१७६०]] - [[सात वर्षांचे युद्ध|सात वर्षांच्या युद्धादरम्यान]] [[ब्रिटिश]] सैन्याने [[मॉन्ट्रियल]]चा ताबा घेतला, ज्यामुळे [[कॅनडा]]मधील [[फ्रान्स|फ्रेंच]] सत्तेचा अंत झाला.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/event/Seven-Years-War |title=Seven Years' War |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> === एकोणिसावे शतक === * [[इ.स. १८३१|१८३१]] - [[विल्यम चौथा, इंग्लंड|विल्यम चौथा]] [[इंग्लंड]]च्या राजेपदी विराजमान.<ref>{{cite web |url=https://www.royal.uk/william-iv |title=William IV (r. 1830-1837) |website=The Royal Family |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८५५|१८५५]] - [[क्रिमियन युद्ध]]: [[सेव्हास्तोपोलचा वेढा|सेव्हास्तोपोलच्या वेढ्यादरम्यान]] [[मल्लाकॉफची लढाई]] पार पडली.<ref>{{cite book |last=Figes |first=Orlando |title=The Crimean War: A History |url=https://archive.org/details/crimeanwarhistor0000fige |publisher=Metropolitan Books |year=2010 |pages=[https://archive.org/details/crimeanwarhistor0000fige/page/380 380]–385}}</ref> === विसावे शतक === * [[इ.स. १९००|१९००]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] [[गॅल्व्हेस्टन]] शहरावर आलेल्या [[गॅल्व्हेस्टन हरिकेन|हरिकेनमुळे]] ८,००० पेक्षा जास्त ठार.<ref>{{cite web |url=https://www.noaa.gov/galveston-1900-storm |title=The Great Galveston Hurricane of 1900 |website=NOAA |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९१४|१९१४]] - [[पहिले महायुद्ध]]-लढाई चालू असताना हुकुमाविरुद्ध रणांगणावरून पळून गेलेल्या [[थॉमस हायगेट]]ला [[युनायटेड किंग्डम]]ने मृत्युदंड दिला.<ref>{{cite news |title=First British soldier executed for desertion |url=https://www.theguardian.com/uk/2006/aug/16/military.immigrationpolicy |work=The Guardian |date=16 August 2006}}</ref> * [[इ.स. १९२३|१९२३]] - [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] नऊ [[विनाशिका]] [[कॅलिफोर्निया]]च्या किनाऱ्यावर चढल्या. यांपैकी सात नौका भंगारात काढाव्या लागल्या.<ref>{{cite web |url=https://www.history.navy.mil/reseaerch/histories/ship-histories/danfs/h/honda-point-disaster.html |title=Honda Point Disaster |website=Naval History and Heritage Command |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९२६|१९२६]] - [[जर्मनी]]ला [[लीग ऑफ नेशन्स]]मध्ये प्रवेश देण्यात आला.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/topic/League-of-Nations |title=League of Nations |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९३४|१९३४]] - [[एस.एस. मॉरॉ]] या प्रवासी जहाजाला [[न्यू जर्सी]]च्या किनाऱ्याजवळ आग लागली; १३५ ठार.<ref>{{cite news |title=Disaster of the Morro Castle |url=https://www.nytimes.com/1934/09/09/archives/morro-castle-disaster.html |work=The New York Times |date=9 September 1934}}</ref> * [[इ.स. १९४३|१९४३]] - [[दुसरे महायुद्ध]]-[[ड्वाईट डी. आयझेहॉवर|ड्वाईट डी. आयझेहॉवरने]] [[इटली]]शी झालेली युद्धबंदी जाहीर केली.<ref>{{cite web |url=https://www.history.com/this-day-in-history/italy-surrenders-unconditionally |title=Italy Surrenders Unconditionally |website=History.com |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[दुसरे महायुद्ध]]-[[लंडन]]वर पहिल्यांदा जर्मनीच्या [[व्ही.२]] रॉकेटचा हल्ला.<ref>{{cite news |title=1944: V2 rocket hits London |url=http://news.bbc.co.uk/onthisday/hi/dates/stories/september/8/newsid_2500000/2500247.stm |work=BBC On This Day |access-date=8 September 2026 }}{{मृत दुवा|date=September 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * [[इ.स. १९४५|१९४५]] - [[शीतयुद्ध]]-[[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेचे]] सैनिक [[दक्षिण कोरिया]]त दाखल.<ref>{{cite book |last=Cumings |first=Bruce |title=The Origins of the Korean War |url=https://archive.org/details/bwb_S0-BME-708 |publisher=Princeton University Press |year=1981 |pages=[https://archive.org/details/bwb_S0-BME-708/page/120 120]–125}}</ref> * [[इ.स. १९६२|१९६२]] - [[अल्जीरिया]]ने नवीन संविधान अंगिकारले.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/place/Algeria/Independent-Algeria |title=Independent Algeria |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९६६|१९६६]] - [[स्टार ट्रेक]] मालिकेच्या पहिल्या भागाचे प्रसारण.<ref>{{cite web |url=https://www.startrek.com/history |title=Star Trek History |website=StarTrek.com |access-date=8 September 2026 }}{{मृत दुवा|date=September 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * [[इ.स. १९७०|१९७०]] - [[पॅलेस्टाईन]]च्या अतिरेक्यांनी अपहरण केलेल्या तीन अमेरिकन विमानांचा ताबा मिळवला.<ref>{{cite news |title=Dawson's Field Hijackings |url=https://www.pbs.org/wgbh/americanexperience/features/hijacked-dawson-field/ |work=PBS American Experience |access-date=8 September 2026 }}{{मृत दुवा|date=September 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * [[इ.स. १९७४|१९७४]] - [[वॉटरगेट कुंभांड]] - अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष [[जेराल्ड फोर्ड|जेरी फोर्ड]] यांनी [[रिचर्ड निक्सन]] यांना पूर्ण माफी दिली.<ref>{{cite news |title=Ford Pardons Nixon |url=https://www.washingtonpost.com/wp-srv/politics/special/watergate/pardons.html |work=The Washington Post |date=9 September 1974}}</ref> * [[इ.स. १९९१|१९९१]] - [[उत्तर मॅसिडोनिया|मॅसिडोनियाने]] सार्वमताद्वारे [[युगोस्लाव्हिया]]पासून स्वातंत्र्याची घोषणा केली.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/place/North-Macedonia |title=North Macedonia Independence |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९९४|१९९४]] - [[युएसएर]]चे [[बोईंग ७३७]] (उड्डाण ४२७) हे विमान [[पेनसिल्व्हेनिया]]तील [[अलिकिप्पा]] शहराजवळ कोसळले; १३२ ठार.<ref>{{cite web |url=https://www.ntsb.gov/investigations/AccidentReports/Reports/AAR9901.pdf |title=NTSB USAir Flight 427 Report |publisher=National Transportation Safety Board |access-date=8 September 2026}}</ref> === एकविसावे शतक === * [[इ.स. २०२३|२०२३]] - [[मोरोक्को]]च्या [[माराकेश-सफी]] प्रदेशात झालेल्या ६.८ तीव्रतेच्या [[२०२३ मराकेश-सफी भूकंप|भूकंपात]] २,९०० पेक्षा अधिक लोक ठार.<ref>{{cite news |title=Morocco earthquake: Death toll rises |url=https://www.bbc.com/news/world-africa-66753023 |work=BBC News |date=10 September 2023 }}{{मृत दुवा|date=September 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> == जन्म == * [[इ.स. ११५७|११५७]] - [[रिचर्ड पहिला, इंग्लंड|रिचर्ड पहिला]], इंग्लंडचा राजा (रिचर्ड द लायनहार्ट).<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Richard-I-king-of-England |title=Richard I: King of England |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १२०७|१२०७]] - [[सांचो दुसरा, पोर्तुगाल|सांचो दुसरा]], पोर्तुगालचा राजा.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Sancho-II |title=Sancho II: King of Portugal |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १५८८|१५८८]] - [[मॅरेन मर्सेन]], फ्रेंच गणितज्ञ आणि तत्त्वज्ञ.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Marin-Mersenne |title=Marin Mersenne |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १६३३|१६३३]] - [[फर्डिनांड चौथा, हंगेरी|फर्डिनांड चौथा]], हंगेरी आणि बोहेमियाचा राजा.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Ferdinand-IV-king-of-Hungary |title=Ferdinand IV |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १७६७|१७६७]] - [[ऑगस्ट विल्हेल्म श्लेगेल]], जर्मन कवी, साहित्यिक आणि अनुवादक.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/August-Wilhelm-von-Schlegel |title=August Wilhelm von Schlegel |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८४१|१८४१]] - [[अँटोनिन ड्वोर्झाक]], प्रसिद्ध चेक संगीतकार.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Antonin-Dvorak |title=Antonin Dvorak |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८३०|१८३०]] - [[फ्रेडरिक मिस्त्राल]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेता [[:वर्ग:फ्रेंच कवी|फ्रेंच कवी]].<ref>{{cite web |url=https://www.nobelprize.org/prizes/literature/1904/mistral/biographical/ |title=Frédéric Mistral Nobel Biography |website=NobelPrize.org |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८५२|१८५२]] - [[ग्वांग्मु, कोरिया|गोजोंग (ग्वांग्मु)]], कोरियाचा सम्राट.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Gojong |title=Gojong: Emperor of Korea |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १८५७|१८५७]] - [[जॉर्ज मायकेलिस]], [[:वर्ग:जर्मनीचे चान्सेलर|जर्मनीचा चान्सेलर]].<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Georg-Michaelis |title=Georg Michaelis |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९०१|१९०१]] - [[हेन्ड्रिक व्हेरवोर्ड]], [[:वर्ग:दक्षिण आफ्रिकेचे पंतप्रधान|दक्षिण आफ्रिकेचा पंतप्रधान]].<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Hendrik-Frensch-Verwoerd |title=Hendrik Verwoerd |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९१८|१९१८]] - [[डेरेक हॅरोल्ड रिचर्ड बार्टन]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेता [[:वर्ग:ब्रिटिश रसायनशास्त्रज्ञ|ब्रिटिश रसायनशास्त्रज्ञ]].<ref>{{cite web |url=https://www.nobelprize.org/prizes/chemistry/1969/barton/biographical/ |title=Derek Barton Nobel Biography |website=NobelPrize.org |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९२६|१९२६]] - [[भूपेन हजारिका]], [[:वर्ग:हिंदुस्तानी गायक|भारतीय गायक]], संगीतकार आणि भारत रत्न पुरस्कार विजेते.<ref>{{cite news |title=Bhupen Hazarika Biography |url=https://www.thehindu.com/news/national/bhupen-hazarika-legendary-singer/article29051821.ece |work=The Hindu |date=8 August 2019}}</ref> * [[इ.स. १९३३|१९३३]] - [[आशा भोसले]], [[:वर्ग:पार्श्वगायक|भारतीय पार्श्वगायक]].<ref>{{cite news |title=Asha Bhosle at 90: The legendary singer |url=https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/hindi/bollywood/news/asha-bhosle-90th-birthday/articleshow/103482930.cms |work=The Times of India |date=8 September 2023}}</ref> * [[इ.स. १९४४|१९४४]] - [[टेरी जेनर]], [[:वर्ग:ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू|ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट खेळाडू]].<ref>{{cite web |url=https://www.espncricinfo.com/cricketers/terry-jenner-6034 |title=Terry Jenner Profile |website=ESPNcricinfo |access-date=8 September 2026}}</ref> == मृत्यू == * [[इ.स. ७०१|७०१]] - [[पोप सर्जियस पहिला]].<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Saint-Sergius-I |title=Saint Sergius I: Pope |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. ७८०|७८०]] - [[लिओ चौथा, बायझेन्टाईन सम्राट|लिओ चौथा]], बायझेंटाईन सम्राट.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Leo-IV-Byzantine-emperor |title=Leo IV: Byzantine Emperor |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १३९७|१३९७]] - थॉमस ऑफ वूडस्टॉक, ग्लॉस्टरचा पहिला ड्युक आणि इंग्लंडच्या एडवर्ड तिसऱ्याचा मुलगा.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Thomas-of-Woodstock-Duke-of-Gloucester |title=Thomas of Woodstock |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १६१३|१६१३]] - [[कार्लो गॅसुआल्डो]], इटालियन संगीतकार.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Carlo-Gesualdo-Principe-di-Venosa-Conte-di-Conza |title=Carlo Gesualdo |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९१०|१९१०]] - [[गजानन महाराज|श्री गजानन महाराज]], शेगावचे थोर संत (संजीवन समाधी).<ref>{{cite book |title=श्री गजानन विजय ग्रंथ |publisher=श्री गजानन महाराज संस्थान, शेगाव |year=1940 |pages=अध्याय २१}}</ref> * [[इ.स. १९३३|१९३३]] - [[फैसल पहिला, इराक|फैसल पहिला]], [[सीरिया]] आणि [[इराक]]चा राजा.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Faisal-I |title=Faisal I: King of Iraq |website=Encyclopædia Britannica |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९६५|१९६५]] - [[हेर्मान स्टॉडिंगर]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेता [[:वर्ग:जर्मन रसायनशास्त्रज्ञ|जर्मन रसायनशास्त्रज्ञ]].<ref>{{cite web |url=https://www.nobelprize.org/prizes/chemistry/1953/staudinger/biographical/ |title=Hermann Staudinger Nobel Biography |website=NobelPrize.org |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९८०|१९८०]] - [[विल्लर्ड लिब्बी]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेता [[:वर्ग:अमेरिकन रसायनशास्त्रज्ञ|अमेरिकन रसायनशास्त्रज्ञ]].<ref>{{cite web |url=https://www.nobelprize.org/prizes/chemistry/1960/libby/biographical/ |title=Willard F. Libby Nobel Biography |website=NobelPrize.org |access-date=8 September 2026}}</ref> * [[इ.स. १९८१|१९८१]] - [[हिदेकी युकावा]], [[नोबेल पारितोषिक]] विजेता [[:वर्ग:जपानी भौतिकशास्त्रज्ञ|जपानी भौतिकशास्त्रज्ञ]].<ref>{{cite web |url=https://www.nobelprize.org/prizes/physics/1949/yukawa/biographical/ |title=Hideki Yukawa Nobel Biography |website=NobelPrize.org |access-date=8 September 2026}}</ref> == प्रतिवार्षिक पालन == * [[जागतिक साक्षरता दिन]]<ref>{{cite web |url=https://www.unesco.org/en/days/literacy |title=International Literacy Day |website=UNESCO |access-date=8 September 2026}}</ref> == बाह्य दुवे == {{BBC आज||september/8}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[सप्टेंबर ६]] - [[सप्टेंबर ७]] - '''सप्टेंबर ८''' - [[सप्टेंबर ९]] - [[सप्टेंबर १०]] - [[सप्टेंबर महिना]] ---- {{ग्रेगरियन महिने}} [[वर्ग:दिवस]] [[वर्ग:ग्रेगरी दिनदर्शिका]] [[वर्ग:आंतरराष्ट्रीय दिनदर्शिका]] 6egew5cjgtaj3nn1jt39q928dann7z3 इ.स.पू.चे २ रे सहस्रक 0 26016 2710731 2710355 2026-09-19T12:18:09Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710731 wikitext text/x-wiki {{सहस्रकपेटी|-2}} '''इ.स.पू.चे २ रे सहस्रक''' हे ख्रिस्तपूर्व २००० ते ख्रिस्तपूर्व १००१ या कालावधीचे सहस्रक होते. हा काळ मानवी इतिहासातील उत्तर [[कांस्ययुग|कांस्ययुगाचा]] सुवर्णकाळ आणि [[लोहयुग|लोहयुगाची]] सुरुवात मानला जातो. या काळात मध्यपूर्वेत [[बॅबिलोनिया]], [[हित्ती साम्राज्य]] आणि [[इजिप्तचे नवे राज्य]], तर भारतीय उपखंडात [[वैदिक काळ|वैदिक संस्कृतीचा]] पाया रचला गेला.<ref>{{cite web |url=https://vishwakosh.marathi.gov.in/22756/ |title=इतिहास, प्रागैतिहासिक काळ |website=मराठी विश्वकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ |access-date=17 September 2026}}</ref> == जगातील प्रमुख संस्कृती आणि घडामोडी == === सिंधू संस्कृती आणि भारतीय उपखंड === * **[[उत्तर हडप्पा काळ]] आणि वैदिक संस्कृतीची सुरुवात:** इ.स.पू. १९०० च्या सुमारास [[सिंधू संस्कृती|सिंधू संस्कृतीच्या]] नागरी वसाहींचा ऱ्हास होउन लहान ग्रामीण वसाहतींचा विकास झाला.<ref>{{cite web |url=https://vishwakosh.marathi.gov.in/32410/ |title=सिंधू संस्कृती |website=मराठी विश्वकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ |access-date=17 September 2026}}</ref> * **[[ऋग्वेद काळ]]:** भारतीय उपखंडाच्या वायव्य भागात [[ऋग्वेद|ऋग्वेदाची]] रचना आणि प्राकृत वैदिक संस्कृतीचा उदय या सहस्रकात झाला.<ref>{{cite web |url=https://vishwakosh.marathi.gov.in/13845/ |title=वेद |website=मराठी विश्वकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ |access-date=17 September 2026}}</ref> === मेसोपोटेमिया व आशिया === * **[[बॅबिलोनियाचे साम्राज्य]]:** [[बॅबिलोनिया|बॅबिलोन]] राज्याचा उदय झाला. राजा [[हम्मुराबी]] याने कायदेसंहिता (हम्मुराबीची संहिता) अमलात आणली.<ref>{{cite book |last=Van De Mieroop |first=Marc |title=A History of the Ancient Near East, ca. 3000-323 BC |publisher=Wiley-Blackwell |year=2015 |isbn=978-1118718162}}</ref> * **[[हित्ती साम्राज्य]]:** [[अनातोलिया]]मध्ये (सध्याचा [[तुर्कस्तान]]) हित्ती साम्राज्याची स्थापना झाली, ज्यांनी रथांचा वापर आणि लोखंड वितळवण्याच्या तंत्रज्ञानाचा विकास केला. === इजिप्त === * **इजिप्तचे नवे राज्य:** [[इजिप्त]]च्या इतिहासातील सर्वात समृद्ध आणि शक्तिशाली काळ मानला जातो. [[तुतानखामुन]], हटशेपसूत आणि [[रामसेस दुसरा]] यांसारख्या फॅरोंनी या काळात राज्य केले.<ref>{{cite book |last=Shaw |first=Ian |title=The Oxford History of Ancient Egypt |url=https://archive.org/details/oxfordhistoryofa00shaw |publisher=Oxford University Press |year=2000 |isbn=978-0192804587}}</ref> === चीन व पूर्व आशिया === * **[[शांग राजवंश|शांग]] आणि [[झोऊ राजवंश]]:** [[चीन]]मध्ये शांग राजवंशाच्या काळात आद्य-चिनी लिपीचा विकास कासवाच्या पाठीवरील हाडांवर झाला. त्यानंतर झोऊ राजवंशाची स्थापना झाली. === युरोप === * **मायसीनियन व मिनोअन संस्कृती:** [[ग्रीस]] आणि क्रीट बेटावर मिनोअन व मायसीनियन संस्कृतीचा सुवर्णकाळ राहिला. [[ट्रोजन युद्ध]] याच कालावधीत घडल्याचे मानले जाते. == शोध आणि तंत्रज्ञान == * **लोखंडाचा वापर:** हित्ती लोकांनी लोखंड वितळवून अवजारे आणि शस्त्रे बनवण्याच्या तंत्रज्ञानाची सुरुवात केली, ज्यामुळे लोहयुगाचा पाया रचला गेला. * **युद्धरथ:** अश्वचलित चाकांच्या रथांचा युद्धात व्यापक वापर सुरू झाला. * **वर्णमाला:** [[फिनिशिया|फिनिशियन]] वर्णमालेची निर्मिती झाली, ज्यातून आधुनिक लिपींचा विकास झाला. == महत्त्वाच्या घटना == * **इ.स.पू. १७५०:** राजा हम्मुराबी याने बॅबिलोनियन कायदेसंहिता प्रसिद्ध केली. * **इ.स.पू. १५००:** भारतीय उपखंडात ऋग्वेदाची रचना सुरू झाली. * **इ.स.पू. १२७४:** [[इजिप्त]] आणि हित्ती साम्राज्यादरम्यान कादेशची प्रसिद्ध लढाई लढली गेली. * **इ.स.पू. १२००:** कांस्ययुगाचा ऱ्हास - भूमध्य सागरी भागातील प्राचीन साम्राज्यांचा एकाकी ऱ्हास झाला. == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{मराठी विश्वकोश|३२४१०|सिंधू संस्कृती}} * {{मराठी विश्वकोश|२२७५६|इतिहास, प्रागैतिहासिक काळ}} [[वर्ग:सहस्रके]] [[वर्ग:कांस्ययुग]] [[वर्ग:लोहयुग]] [[वर्ग:प्रागैतिहासिक काळ]] [[वर्ग:इ.स.पू.ची सहस्रके]] [[वर्ग:इ.स.पू.चे २ रे सहस्रक]] 3vb6arno2sp2r5oen7dqvx43psq19yt इ.स.पू.चे ३ रे सहस्रक 0 26017 2710748 2710342 2026-09-19T13:38:23Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710748 wikitext text/x-wiki {{सहस्रकपेटी|-3}} '''इ.स.पू.चे ३ रे सहस्रक''' हे ख्रिस्तपूर्व ३००० ते ख्रिस्तपूर्व २००१ या कालावधीचे सहस्रक होते. हा काळ मानवी इतिहासातील [[कांस्ययुग|कांस्ययुगाचा]] मुख्य टप्पा मानला जातो. या सहस्रकात [[सिंधू संस्कृती]], [[मेसोपोटेमिया]]चे [[सुमेर|सुमेरियन]] व [[अक्कडियन साम्राज्य]] आणि [[प्राचीन इजिप्त]]चे जुने राज्य यांसारख्या जगातील पहिल्या महान नागरी आणि लिपी-ज्ञान असलेल्या संस्कृतींचा सुवर्णकाळ पाहायला मिळाला.<ref>{{cite web |url=https://vishwakosh.marathi.gov.in/22756/ |title=इतिहास, प्रागैतिहासिक काळ |website=मराठी विश्वकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ |access-date=17 September 2026}}</ref> == जगातील प्रमुख संस्कृती आणि घडामोडी == === सिंधू संस्कृती आणि भारतीय उपखंड === * **नागरी सिंधू संस्कृतीचा सुवर्णकाळ (इ.स.पू. २६०० - १९००):** [[हडप्पा]], [[मोहेनजोदारो]], [[लोथल]], [[धोलाविरा]] आणि [[कालीबंगन]] यांसारख्या नियोजनबद्ध शहरांचा उदय झाला. या काळात नगररचना, भूमिगत गटार योजना, प्रमाणित वजने-मापे आणि सागरी व्यापाराचा मोठ्या प्रमाणावर विकास झाला.<ref>{{cite web |url=https://vishwakosh.marathi.gov.in/32410/ |title=सिंधू संस्कृती |website=मराठी विश्वकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ |access-date=17 September 2026}}</ref> * **ताम्र-कांस्य तंत्रज्ञान:** कांस्य (तांबे व कथील यांचे मिश्रण) धातूचा वापर करून शस्त्रे, भांडी आणि मूर्ती बनवण्याचे प्रगत तंत्रज्ञान विकसित झाले. === मेसोपोटेमिया व आशिया === * **सुमेरियन नगरराज्ये आणि अक्कडियन साम्राज्य:** [[सुमेर|सुमेरियन]] संस्कृतीचा विस्तार होऊन उर, उरुक आणि लगाश ही नगरराज्ये समृद्ध झाली. इ.स.पू. २३३४ च्या सुमारास 'सार्गन द ग्रेट' याने जगातील पहिले संघटित [[अक्कडियन साम्राज्य]] स्थापन केले.<ref>{{cite book |last=Liverani |first=Mario |title=The Ancient Near East: History, Society and Economy |url=https://archive.org/details/ancientneareasth0000live |publisher=Routledge |year=2013 |isbn=978-0415679060}}</ref> * **क्युनिरफॉर्म लिपी:** [[मेसोपोटेमिया]]मध्ये क्युनिरफॉर्म या पाचरुपी लिपीचा प्रशासकीय व साहित्यिक कारणांसाठी पूर्ण विकास झाला. === इजिप्त === * **पिरामिडचे युग (जुने राज्य):** [[इजिप्त]]मध्ये तिसऱ्या ते सहाव्या राजवंशाचा काळ हा 'पिरामिडचे युग' म्हणून ओळखला जातो. या काळात [[गिझाचा महापिरामिड]] आणि स्फिंक्सची उभारणी झाली.<ref>{{cite book |last=Shaw |first=Ian |title=The Oxford History of Ancient Egypt |url=https://archive.org/details/oxfordhistoryofa00shaw |publisher=Oxford University Press |year=2000 |isbn=978-0192804587}}</ref> * [[इजिप्त]]चे एकत्रीकरण होऊन राजाला (फॅरो) देवतुल्य स्थान प्राप्त झाले. === चीन व पूर्व आशिया === * **लोंगशान संस्कृती:** [[ह्वँग हो|पिवळ्या नदीच्या]] खोऱ्यात लोंगशान संस्कृतीचा विकास झाला. तटबंदी असलेली शहरे, काळ्या रंगाची तलम मातीची भांडी आणि सामाजिक उतरंड या काळात स्पष्टपणे दिसू लागली. * [[चीन]]च्या पौराणिक परंपरेनुसार 'तीन सार्वभौम आणि पाच सम्राट' यांचा काळ याच सहस्रकात मानला जातो. === युरोप === * **कॉर्डीत वेअर आणि बेल बीकर संस्कृती:** मध्य आणि उत्तर [[युरोप]]मध्ये [[इंडो-युरोपीय भाषा समूह|इंडो-युरोपीय]] भाषिक लोकांचे स्थलांतर व प्रसार वेगाने झाला. कांस्य धातूचा वापर संपूर्ण युरोपमध्ये पसरला. == शोध आणि तंत्रज्ञान == * **कांस्य निर्मिती:** तांबे आणि कथील यांचे मिश्रण करून कांस्य बनवण्याचे तंत्रज्ञान जगभर पसरले, ज्यामुळे अधिक मजबूत शस्त्रे व अवजारे तयार झाली. * **चाकाची वाहने आणि जहाजे:** [[मेसोपोटेमिया]] व [[सिंधू संस्कृती]]त मालाच्या वाहतुकीसाठी चाकांच्या गाड्या आणि सागरी व्यापारासाठी मोठ्या नौकांची निर्मिती झाली. * **लिपीचा विकास:** [[सिंधू लिपी]], [[हायरोग्लिफ्स|इजिप्शियन हायरोग्लिफ्स]] आणि [[मेसोपोटेमिया]]ची क्युनिरफॉर्म लिपी या कालावधीत पूर्णतः वापरात होत्या. == महत्त्वाच्या घटना == * **इ.स.पू. २९००:** [[मेसोपोटेमिया]]त अर्ली डायनॅस्टिक काळाची सुरुवात. * **इ.स.पू. २५६०:** [[इजिप्त]]मध्ये [[गिझाचा महापिरामिड|गिझाच्या महापिरामिडचे]] काम पूर्ण झाले. * **इ.स.पू. २५००:** [[सिंधू संस्कृती]]च्या महान नागरी टप्प्याची सुरुवात. * **इ.स.पू. २३३४:** सार्गन याने [[अक्कडियन साम्राज्य|अक्कडियन साम्राज्याची]] स्थापना केली. == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{मराठी विश्वकोश|३२४१०|सिंधू संस्कृती}} * {{मराठी विश्वकोश|२२७५६|इतिहास, प्रागैतिहासिक काळ}} [[वर्ग:सहस्रके]] [[वर्ग:इ.स.पू.चे ३ रे सहस्रक| ]] [[वर्ग:कांस्ययुग]] [[वर्ग:प्रागैतिहासिक काळ]] [[वर्ग:इ.स.पू.ची सहस्रके]] nbgjfco745tk1cq87al3llixt2spvsw इ.स.पू.चे ४ थे सहस्रक 0 26018 2710782 2709362 2026-09-19T15:13:56Z InternetArchiveBot 130355 Add 4 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710782 wikitext text/x-wiki {{सहस्रकपेटी|-4}} इ.स.पू. चौथ्या सहस्रकात [[इ.स.पू. ४०००]] ते [[इ.स.पू. ३००१]] या वर्षांचा समावेश होतो. हे मानवी इतिहासातील एका महत्त्वाच्या वळणाचे प्रतीक मानले जाते, ज्याचे वैशिष्ट्य म्हणजे उशिराच्या नवपाषाण युगातील कृषी समाजाचे नागरी, राज्यस्तरीय संस्कृतींमध्ये झालेले संक्रमण होय. या सहस्रकात लेखनाचा शोध, कांस्य धातूकामाचा सुरुवातीचा प्रसार, चाकाच्या वाहनांचा स्वीकार आणि [[मेसोपोटेमिया]] व प्राचीन [[इजिप्त]]मध्ये पहिल्या प्राथमिक राज्यांचा उदय झाला, ज्याद्वारे अधिकृतपणे नोंदवलेल्या लिखित इतिहासाची सुरुवात झाली. [[File:Monte D'Accoddi 07.JPG|thumbnail|260px|[[माँते दाक्कोदी]] हे उत्तर [[सार्डिनिया]], [[इटली]] येथील [[सास्सारी]]जवळील [[पोर्तो तोरेस]] भागात असलेले एक पुरातत्व स्थान आहे. इ.स.पू. चौथे सहस्रक.]] [[सुमेर]]चे नगर-राज्य आणि [[प्राचीन इजिप्त|इजिप्तचे]] (आद्य-राजवंशीय) साम्राज्य स्थापन झाले व भरभराटीस आले. [[युरेशिया]]मध्ये [[शेती]]चा मोठ्या प्रमाणावर विस्तार झाला. [[नवपाषाण क्रांती|नवपाषाण क्रांतीमुळे]] झालेल्या स्फोटानंतर [[जगाची लोकसंख्या|जागतिक लोकसंख्येच्या]] वाढीचा वेग मंदावला. या काळात जागतिक लोकसंख्या प्रामुख्याने सुमारे ५ कोटींवर स्थिर होती, जी दरवर्षी सरासरी ०.०२७% दराने वाढत होती.<ref>{{cite journal |author=Jean-Noël Biraben |title=Essai sur l'évolution du nombre des hommes |journal=Population |volume=34 |issue=1 |year=1979 |pages=13–25 | doi=10.2307/1531855 |jstor=1531855|s2cid=143406315 }}</ref> == संस्कृती == [[File:Priest-king from Uruk, Mesopotamia, Iraq, c. 3000 BCE. The Iraq Museum.jpg|thumb|180px|[[उरुक]], मेसोपोटेमिया येथील [[सुमेर|सुमेरियन]] पुरोहित-राजा, सुमारे इ.स.पू. ३३००–३०००]] === पश्चिम आशिया === * सुमारे [[इ.स.पू. ३२५०]] – [[प्राचीन जवळचे पूर्व|प्राचीन जवळच्या पूर्वेत]] [[कुंभाराचे चाक]] वापरात आले. * '''[[मेसोपोटेमिया]]:''' ** [[इ.स.पू. ४१०-३१०|इ.स.पू. ४१००–३१००]] – [[उरुक काळ]], उरुक विस्तारादरम्यान सुमेरियन वर्चस्वाचा उदय आणि [[लेखनाचा इतिहास|आद्य-क्युनिफॉर्म लेखनाचा]] विकास; [[साठच्या मानकावरील गणित]], [[खगोलशास्त्र]] आणि [[ज्योतिषशास्त्र]], [[नागरी कायदा]], गुंतागुंतीचे [[जलविज्ञान]], [[शिडाची नाव]], [[कुंभाराचे चाक]] आणि चाक; [[ताम्र पाषाण युग|ताम्र पाषाण युगाचे]] [[प्रारंभीचे कांस्य युग|प्रारंभीच्या कांस्य युगात]] रूपांतर. सुमेर आणि तैग्रिस-युफ्रेटिस खोऱ्यात [[धरणे]], [[कालवे]], [[तिरपी प्रतल]] आणि [[लीव्हर]] वापरून [[दगडी शिल्पे]] बनवली गेली. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१०-३००|इ.स.पू. ३१००]]?: उरुकमध्ये अनु जिग्गुरात आणि पांढरे मंदिर बांधले गेले. ** [[इ.स.पू. ३५००]]–[[इ.स.पू. २३४०]] – सुमेर: चाकाची गाडी, कुंभाराचे चाक, पांढरे मंदिर जिग्गुरात, कांस्याची हत्यारे आणि शस्त्रे.<ref>Federico Lara Peinado, Universidad Complutense de Madrid: "La Civilización Sumeria". ''Historia'' 16, 1999.</ref> ** मेसोपोटेमियामध्ये [[किश (सुमेर)|किशचे]] पहिले ते चौथे घराणे. ** [[एरिडू]] येथे सुमेरियन [[इनान्ना]] देवीचे मंदिर उभारले गेले. ** [[उर]], खाल्डियाजवळ अल-उबैद येथील मंदिर आणि मेस-कलम-दुगची कबर बांधली गेली. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३७००]] – उरुक शहरात, व्यावसायिक व्यवहारांचे प्रतिनिधित्व करणारे टोकन पोकळ मातीच्या गोळ्यांमध्ये बंद करून आर्काइव्हमध्ये ठेवण्यास सुरुवात झाली. ** [[इ.स.पू. ३३००]] ते [[इ.स.पू. ३०००]] – उरुक (आधुनिक वारका, इराक) येथील स्त्रीचा चेहरा ([[वारकाचा मुखवटा]]) बनवला गेला; तो सध्या [[इराक संग्रहालय]], [[बगदाद]] येथे आहे. ** [[उबैद काळ]] पूर्व अरेबिया आणि ओमान द्वीपकल्पात इ.स.पू. ३८०० मध्ये अचानक समाप्त झाला. ** [[इ.स.पू. ३०००]] – मेसोपोटेमियामध्ये या काळात [[कथिल|कथिलाचा]] वापर सुरू झाला.<ref>Roberts, J: ''History of the World''. Penguin, 1994.</ref> ** चौथ्या सहस्रकाच्या उत्तरार्धात चित्रलिपी आद्य-लेखनातून योग्य क्युनिफॉर्म लिपीचा उदय झाला. मेसोपोटेमियाचा "आद्य-साक्षर" काळ इ.स.पूर्व ३५ व्या ते ३२ व्या शतकापर्यंत पसरलेला आहे. [[जेमदेत नस्र]] येथे सापडलेले दस्तऐवज स्पष्टपणे सुमेरियन भाषेत लिहिलेले सर्वात जुने दस्तऐवज आहेत जे इ.स.पूर्व ३१ व्या शतकातील आहेत.<ref>{{cite web |last1=Mark|first1=Joshua J.|title=Writing|url=https://www.worldhistory.org/writing/|website=World History Encyclopedia|access-date=9 August 2021}}</ref> ** [[किशची पाटी]] ** [[कुरा-अराक्सेस संस्कृती]] दक्षिणेकडे सुमेरच्या दिशेने विस्तारली. ** इ.स.पू. ३२५० पूर्वी [[लुगलबांदा]] आणि [[एनमेरकार]] यांचे संभाव्य शासन. ** सध्याच्या अफगाणिस्तानमधील संस्थांशी दूरवरचा व्यापार. ** सुमेरमध्ये धरणे, कालवे आणि तिरपी प्रतल व लीव्हर वापरून बनवलेली दगडी शिल्पे. ** [[उरकेश]] (उत्तर सिरिया) ची स्थापना चौथ्या सहस्रकात बहुधा [[हुरियन]] लोकांनी केली. ** मेसोपोटेमियामध्ये चौक (वाडा) पद्धतीचा उगम झाला.<ref>{{Cite book |url=https://books.google.com/books?id=KdlhaAfK1sYC&dq=Houses+in+Ancient+Sumeria&pg=PA148 |title=Dictionary of the Ancient Near East |year=2000 |publisher=University of Pennsylvania Press |isbn=9780812235579}}</ref> * '''इराणी पठार:''' ** [[इ.स.पू. ४०००]] – [[सुसा]] हे [[मातीची भांडी|मातीच्या भांड्यांच्या]] उत्पादनाचे केंद्र बनले.<ref>Federico Lara Peinado, Universidad Complutense de Madrid: "La Civilización Sumeria". ''Historia'' 16, 1999.</ref> ** सुमारे [[इ.स.पू. ४०००]] – सुसा (आधुनिक शुश, इराण) येथील बीकर (पेला) बनवला गेला. तो सध्या [[लूव्र संग्रहालय]], पॅरिस येथे आहे. ** इ.स.पू. ३२०० पासून [[आद्य-एलमाईट]] संस्कृती. ** सिरियातील [[टेल ब्राक]] येथे इ.स.पू. ३८०० ते ३६०० काळातील सामूहिक थडगी सापडली आहेत, जी त्या काळातील प्रगत युद्धाचे सूचन करतात. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३७५०]] – [[आद्य-सेमिटिक भाषा|आद्य-सेमिटिक भाषेचे]] विघटन.<ref>{{cite journal |last1=Kitchen|first1=A.|last2=Ehret|first2=C.|last3=Assefa|first3=S.|last4=Mulligan|first4=C. J.|year=2009|title=Bayesian phylogenetic analysis of Semitic languages identifies an Early Bronze Age origin of Semitic in the Near East|journal=Proceedings of the Royal Society B: Biological Sciences|volume=276|issue=1668|pages=2703–2710|doi=10.1098/rspb.2009.0408|pmid=19403539|pmc=2839953}}</ref> * '''ॲनातोलिया आणि कॉकेशस:''' ** सुमारे [[इ.स.पू. ३७००]] ते [[इ.स.पू. ३०००]] – कॉकेशसची [[मायकोप संस्कृती]], जी कुरगन संस्कृतीची समकालीन होती, ती कांस्य उत्पादनाच्या आणि पर्यायाने [[कांस्य युग|कांस्य युगाच्या]] उत्पत्तीची दावेदार आहे. [[File:Shengavit Settlement 2.jpg|thumb|[[शेंगावित वस्ती]], सुमारे [[इ.स.पू. ३३००]]]] ** [[इ.स.पू. ३४००]]–[[इ.स.पू. २०००]] – कुरा-अराक्सेस संस्कृती: अरारात मैदानावर सर्वात जुने पुरावे सापडले. ** दक्षिण आर्मेनियातील इराण सीमेजवळील एका विस्तृत गुहा प्रणालीमध्ये सापडलेल्या मातीच्या भांड्यांमध्ये [[द्राक्षे]] पिळण्याचे आणि गाळण्याचे संघटित प्रयत्न दिसून येतात.<ref>{{cite web|last1=Walker|first1=Brian|title=Scientists discover 'oldest' winery in Armenian cave|url=http://www.cnn.com/2011/LIVING/01/12/oldest.winery/|website=CNN|access-date=6 December 2016}}</ref> [[File:Kingscorpion.jpg|thumb|[[स्कॉर्पियन गदा]] वरील फॅरो [[स्कॉर्पियन दुसरा]], सुमारे [[इ.स.पू. ३२००]]]] * '''इजिप्त:''' ** [[इ.स.पू. ४०००]]–[[इ.स.पू. ३०००]] – [[नाईल नदी]]काठी [[नागाडा संस्कृती]]. [[ॲबिडोस]] येथील राज्यकर्त्याच्या कबरीतील लेबल्सवर सापडल्यानुसार सुमारे [[इ.स.पू. ३५००]] च्या सुमारास पहिली चित्रलिपी (Hieroglyphs) दिसू लागली. ** अप्पर इजिप्तमधील नागाडा III च्या सुरुवातीच्या काळात, हॉरस-ए याला [[थिनिस]]चा राजा म्हणून राज्याभिषेक करण्यात आला (सुमारे इ.स.पू. ३३१५).<ref>{{cite book|last=Baker|first=Darrell D.|date=2008|title=Encyclopedia of the Pharaohs Volume 1|chapter=Predynastic to the Twentieth Dynasty 3300-1069 BC. Egypt|page=5|publisher=American University in Cairo Press|isbn=978-977-416-221-3}}</ref> ** [[आद्य-राजवंशीय इजिप्त|आद्य-राजवंशीय फॅरो]]: तिऊ, थेश, ह्सेकिऊ, वाजनेर, रो, [[स्कॉर्पियन पहिला|सेर्केत]], [[नार्मर]]. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१९०]]–[[इ.स.पू. ३१७०]]?: लोअर इजिप्तच्या राजा डबल फाल्कनचे शासन. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१०-३००|इ.स.पू. ३१००]]?: [[इजिप्तचा आद्य-राजवंशीय काळ|इजिप्तच्या आद्य-राजवंशीय काळाची]] सुरुवात, [[हॉरस]] हा अप्पर इजिप्तमध्ये पूजला जाणारा मुख्य देव होता, तर नीथ ही लोअर इजिप्तमधील मुख्य देवी होती. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१४१]]–[[इ.स.पू. ३१२१]]: अप्पर इजिप्तमध्ये [[स्कॉर्पियन दुसरा|स्कॉर्पियन दुसऱ्याचे]] शासन. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१२१]]?: [[प्राचीन इजिप्त]]चे एकत्रीकरण करणारा पहिला फॅरो आणि [[इजिप्तचे पहिले घराणे|पहिल्या घराण्याचा]] संस्थापक [[नार्मर]] याच्या कारकिर्दीची सुरुवात. [[File:King Narmer (cropped).jpg|thumb|[[नार्मर|राजा नार्मर]], इजिप्तचा पहिला फॅरो ज्याने या शतकात देशाचे एकत्रीकरण केले]] ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१९५]]–[[इ.स.पू. ३१६५]]?: राजा [[इरी-हॉर]] याने ॲबिडोस येथून बहुतांश इजिप्तवर राज्य केले.<ref name="talle">P. Tallet, D. Laisnay: ''Iry-Hor et Narmer au Sud-Sinaï (Ouadi 'Ameyra), un complément à la chronologie des expéditios minière égyptiene'', in: BIFAO 112 (2012), 381–395</ref> ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१६५]]–[[इ.स.पू. ३१४१]]: प्राचीन इजिप्तमध्ये राजा [[का (फॅरो)|का]] याचे शासन. ** [[इ.स.पू. ३५००]]–[[इ.स.पू. ३४००]] – हिराकोनपोलिस (सध्या ब्रुकलिन संग्रहालयात) येथील नावेची रचना असलेली जार बनवली गेली. ** सुमारे इ.स.पू. ३५००: सुमेरमध्ये चित्रलिपी आद्य-लेखनाचा विकास योग्य लेखनाकडे होऊ लागला, ज्यामुळे तांत्रिकदृष्ट्या इतिहासाची सुरुवात झाली. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१५०]] – प्राचीन इजिप्तमध्ये आद्य-राजवंशीय काळ समाप्त झाला. प्रारंभिक राजवंशीय (अार्केइक) काळ सुरू झाला (फ्रेंच इजिप्तशास्त्रज्ञ निकोलस ग्रिमल यांच्या मते). या कालावधीत पहिले आणि दुसरे घराणे समाविष्ट आहे. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३०९०]]: नार्मर (मेनेस) याने अप्पर आणि लोअर इजिप्तचे एका देशात एकत्रीकरण केले; त्याने [[मेम्फिस, इजिप्त|मेम्फिस]] येथून या नवीन देशावर राज्य केले.<ref>{{Cite news |title=Menes {{!}} Pharaoh, Accomplishments, Definition, History, & Facts {{!}} Britannica|url=https://www.britannica.com/biography/Menes|access-date=2026-05-23|work=Encyclopedia Britannica|language=en}}</ref> ** नाईल नदीत शिडाचा वापर सुरू झाला. ** सुमारे इ.स.पू. ३३००: नाईलच्या खोऱ्यात गुरांची ओळख झाली. ** [[मस्तबा]] – इजिप्शियन पिरॅमिड्सचे पूर्वज मानले जाणारे बांधकाम सुरू झाले. ** इजिप्तमधील नेखेन (हिरांकोपोलिस) येथील स्मशानभूमीत सुमारे इ.स.पू. ३५०० मधील ममीकरणाचे (ममी बनवणे) पुरावे सापडले आहेत.<ref>[http://timelines.ws/countries/EGYPT.HTML Timeline Egypt] Timelines of History.</ref> ** [[जिंजर (ममी)]] ** सुमारे इ.स.पू. ३३००: इजिप्शियन लोकांनी उत्तर आफ्रिकेतील रानटी गाढवाला पाळीव बनवले. [[File:Gebelein_predynastic_mummy_British_Museum_EA_32751.jpg |thumb|EA 32751 ("जिंजर") चे डोके ज्यात जतन केलेले केस दिसत आहेत.]] ** इजिप्तमध्ये वीणा (Lyres) आणि दुहेरी क्लॅरिनेट वाजवले गेले. ** इजिप्तमधील सर्वात जुनी माहीत असलेली संख्या पद्धत. ** सुमारे इ.स.पू. ३५००: हिराकोनपोलिस येथे पहिले माहीत असलेले प्राणिसंग्रहालय. * '''लेव्हंट:''' ** [[इ.स.पू. ४५००]]–[[इ.स.पू. ३५००]] – लेव्हंटाईन ताम्र पाषाण युग, ज्यामध्ये गॅसुलियन संस्कृतीचा समावेश होतो. === युरोप === [[File:Yamnaya Steppe Pastoralists.jpg|thumb|280px|इ.स.पू. ३३०० ते १५०० दरम्यान [[यमना संस्कृती|यमना]] प्रपाती पशुपालकांच्या पूर्वजांचा युरोप आणि दक्षिण आशिया या दोन खंडांमध्ये झालेला प्रसार.]] युरोपमध्ये ताम्र युगादरम्यान धातूकामाचा विकास झाला. * '''भूमध्य समुद्र:''' ** सुमारे इ.स.पू. ३३००: वायव्य सार्डिनियामधील मॉंटे डीॲकोड्डीच्या पहिल्या टप्प्यातील 'लाल मंदिर' बांधले गेले. ** [[क्रिट]]: [[मिनोअन संस्कृती|मिनोअन संस्कृतीचा]] उदय. ** सुमारे इ.स.पू. ४००० – ग्रीसच्या थेरा (सँटोरिनी) बेटावर पहिले नवपाषाण स्थलांतरित आले, जे बहुधा मिनोअन क्रिटमधून आले होते. * '''पॉंटिक-कॅस्पियन गवताळ प्रदेश:''' ** [[इ.स.पू. ३५००]]–[[इ.स.पू. २३००]] – यमना संस्कृती ("कुरगन संस्कृती"), जी कॉकेशस आणि मध्य आशियातील पॉंटिक-कॅस्पियन गवताळ प्रदेशावर स्रेद्नी स्तोग संस्कृतीनंतर आली. ही संस्कृती [[आद्य-इंडो-युरोपीय भाषा|आद्य-इंडो-युरोपीय]] लोकांचे मूळ स्थान मानली जाते. ** [[इ.स.पू. ३३००]]–[[इ.स.पू. ३०००]]: प्रागैतिहासिक काळात आद्य-थ्रेशियन किंवा आद्य-डेशियन लोकांचे पुरावे; सुरुवातीच्या कांस्य युगात आद्य-इंडो-युरोपीय विस्ताराच्या काळापासून स्थानिक लोक आणि इंडो-युरोपीय लोकांच्या मिश्रणातून हे लोक विकसित झाले. ** [[इ.स.पू. ५५००]]–[[इ.स.पू. २७५०]] – पूर्व युरोपातील कुकुतेनी-त्रिचिल्या संस्कृतीत १५,००० नागरिक असलेली शहरे होती. ** सध्याच्या दक्षिण रशिया आणि युक्रेनमधील कुरगन संस्कृती; बहुधा घोड्याचे पहिले पालतूकरण येथे झाले. * '''बाल्कन:''' ** सुमारे [[इ.स.पू. ३५००]] – चेर्नावोडा, रोमानिया येथील स्त्री आणि पुरुषाच्या मूर्ती बनवल्या गेल्या. त्या सध्या नॅशनल हिस्टोरिकल म्युझियम, बुखारेस्ट येथे आहेत. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१३८]] – [[ल्युब्लियाना मार्शेस चाक]] हे स्लोव्हेनियातील ल्युब्लियाना दलदलीत सापडलेले लाकडी चाक आहे.<ref name="Slovenia">{{cite web |title=World's Oldest Wheel Found in Slovenia |url=http://www.ukom.gov.si/en/media_room/background_information/culture/worlds_oldest_wheel_found_in_slovenia/ |date=March 2003 |publisher=Government Communication Office of the Republic of Slovenia |author=Gasser, Aleksander |access-date=2015-03-30}}</ref> रेडिओकार्बन डेटिंगवरून ते सुमारे ५,१५० वर्षे जुने असल्याचे स्पष्ट झाले आहे, ज्यामुळे ते शोधले गेलेले सर्वात जुने लाकडी चाक ठरते. ** बाडेन संस्कृती ** बोइअन संस्कृती ** कुकुतेनी संस्कृती ** विंचा संस्कृती * सुमारे इ.स.पू. ४०००–२००० – कोगुल, लेइडा, स्पेन येथील रॉक-शेल्टर पेंटिंगमधील लोक आणि प्राणी चित्रित केले गेले. * आर्झाचेना आणि ओझिएरी संस्कृती. * '''माल्टा:''' [[File:Ggantija Temples, Xaghra, Gozo.jpg|thumb|[[ग्जांतीजा]] मंदिरे ही माल्टातील महापाषाण मंदिरांपैकी सर्वात जुनी आहेत]] ** [[इ.स.पू. ३६००]] – गोजो बेटावर ग्जांतीजा महापाषाण मंदिर संकुलाचे बांधकाम: जगातील सर्वात जुन्या अखंड उभ्या असलेल्या रचना आणि जगातील सर्वात जुन्या धार्मिक रचना. ** [[इ.स.पू. ३६००]]–[[इ.स.पू. ३२००]] – म्नाज्द्रा सूर्य मंदिर संकुलातील पहिल्या मंदिराचे बांधकाम. ** सुमारे इ.स.पू. ५४५० ते सुमारे इ.स.पू. २७०० दरम्यान नवपाषाण युगातील मोठी साथ (Great Neolithic Plague) आली. ** इ.स.पू. ३६००–३००० – ता हाग्रत आणि कोर्डिन III मंदिरांचे बांधकाम. ** इ.स.पू. ३२५०–३००० – तारक्षिएन येथे तीन महापाषाण मंदिरांचे बांधकाम. [[Image:Malta Hal Tarxien BW 2011-10-04 12-41-38.JPG|200px|thumb|तारक्षिएन मंदिरातील सर्पिल नक्षीकाम असलेला वेदीचा दगड]] ** इ.स.पू. ३२००–२५०० – हज्जर किम महापाषाण मंदिर संकुलाचे बांधकाम. * '''उत्तरी आणि पश्चिमी युरोप:''' [[File:Tustrup gravpladsen (Norddjurs Kommune).Jættestue.Gang.2.47886.ajb.jpg|thumb|तुस्त्रुप-डिस्सेर्ने, पूर्व जटलंडमधील सर्वात मोठी कबर, जी सुमारे इ.स.पू. ३२०० मधील फनेलबीकर संस्कृतीचे उदाहरण आहे]] ** [[इ.स.पू. ४०००]]–[[इ.स.पू. २७००]] – स्कँडिनेव्हियातील फनेलबीकर संस्कृती. ** ब्रोनोसेस भांडे ** [[इ.स.पू. ३३००]]–[[इ.स.पू. २९००]] – आयर्लंडमध्ये न्युग्रेंज सौर वेधशाळा/कबरेचे बांधकाम. ** सुमारे [[इ.स.पू. ३१०-३००|इ.स.पू. ३१००]]–[[इ.स.पू. २६००]] – स्कॉटलंडच्या ऑर्कने बेटांवरील [[स्कारा ब्रे]] येथील नवपाषाणकालीन वस्तीत लोक राहू लागले. [[Image:Orkney Skara Brae.jpg|thumb|right|upright=1.6|स्कारा ब्रे येथील उत्खनन केलेली घरे.]] ** नॅप ऑफ हॉवार ** इंग्लंडमध्ये गोड मार्गाचे (Sweet Track) बांधकाम, जो जगातील पहिला माहीत असलेला इंजिनिअर केलेला रस्ता आहे. ** ब्रिटनी, पोर्तुगाल, मध्य आणि दक्षिण फ्रान्स, कॉर्सिका आणि ग्रेट ब्रिटनमध्ये महापाषाण (Megalithic) स्मारके बांधली गेली. ** दक्षिण इंग्लंडमध्ये सुमारे इ.स.पू. ३७०० च्या सुमारास स्मारक बांधणीचा वेगवान विस्तार झाला.<ref>{{cite web |url=https://www.theguardian.com/science/2011/jun/06/archaeology-dating-property-boom-3700bc|title=Archaeology dating technique uncovers 'property boom' of 3700 BC|work=[[The Guardian]]|date=June 6, 2011}}</ref> ** सुमारे इ.स.पू. ३१०-३००|३१०० – [[स्टोनहेंज]] स्मारकाचा पहिला टप्पा. ** आयर्लंडमधील जंगले नष्ट होण्याचे पहिले संकेत केडे फिल्ड्सच्या विकासातून दिसतात. * सुमारे [[इ.स.पू. ३३००]] – ऑस्ट्रिया आणि इटलीच्या आजच्या सीमेजवळ [[ओत्झी|ओत्झी द आईसमॅन]]चा मृत्यू झाला, जो १९९१ मध्ये बर्फात गाडला गेलेला आढळला. * सध्याच्या फ्रान्समधील चासेन संस्कृती सुमारे इ.स.पू. ३५०० मध्ये नष्ट झाली. * सध्याच्या स्वित्झर्लंडमधील फाईन संस्कृती सुमारे इ.स.पू. ३५०० मध्ये नष्ट झाली. * ईशान्य युरोपमध्ये कॉम्ब सिरॅमिक संस्कृती भरभराटीस आली. * सुमारे इ.स.पू. ३५०० – वाार्टबर्ग संस्कृतीची सुरुवात (सध्याचा जर्मनी). * इंग्लंडमधील सॉमरसेट लेव्हल्समधील 'पोस्ट ट्रॅक' हा प्राचीन रस्ता सुमारे इ.स.पू. ३८३८ मध्ये बांधला गेला.<ref>{{Cite web|url=https://avalonmarshes.org/the-avalon-marshes/heritage/sweet-track/|title=The Sweet Track & Other Trackways|access-date=8 Mar 2018|archive-date=2017-12-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20171210175843/https://avalonmarshes.org/the-avalon-marshes/heritage/sweet-track/|url-status=dead}}</ref> * सॉमरसेट लेव्हल्समधील 'स्वीट ट्रॅक' हा लाकडी रस्ता इ.स.पू. ३८०७ किंवा ३८०६ मध्ये बांधला गेला.<ref name="Current_Archaeology_172">{{cite web|title=The Somerset Levels (the oldest timber trackway discovered in Northern Europe)|work=Current Archaeology 172|url=http://www.archaeology.co.uk/ca/issues/ca172/ca172.htm|date=February 2001|access-date=2026-09-12|archive-date=2007-03-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20070311003620/http://www.archaeology.co.uk/ca/issues/ca172/ca172.htm|url-status=dead}}</ref> === मध्य आशिया === * [[इ.स.पू. ३५००]]–[[इ.स.पू. २५००]] – अफानास्येवो संस्कृती: सायबेरिया, मंगोलिया, शिनजिआंग, कझाकस्तान—ताम्र आणि सुरुवातीचे कांस्य युग. * सुमारे [[इ.स.पू. ३५००]] – उत्तर कझाकस्तानमधील युरेशियन गवताळ प्रदेशात घोड्यांचे पालतूकरण झाले (बोताई संस्कृती पहा). * बॅक्ट्रिया मार्गीयाना संस्कृती (सुमारे इ.स.पू. ३०००). * मायकोप संस्कृती, दक्षिण रशियाच्या मध्य कॉकेशस क्षेत्रातील कांस्य युगातील संस्कृती, सुमारे इ.स.पू. ३७०० च्या सुमारास सुरू झाली. === दक्षिण आणि पूर्व आशिया === * सुमारे [[इ.स.पू. ३३००]]: [[सिंधू संस्कृती|सिंधू संस्कृतीची]] (हडप्पा संस्कृती) [[हडप्पा]] येथे सुरुवात झाली.<ref>{{Cite book |last=Wright|first=Rita P.|title=The ancient Indus : urbanism, economy, and society|url=https://archive.org/details/ancientindusurba0000wrig|date=2010|publisher=Cambridge University Press}}</ref> [[हडप्पाची लिपी|हडप्पा लिपी]] विकसित झाली. * सुमारे [[इ.स.पू. ४०००]] – सिंधू नदीच्या पश्चिम काठावर [[आमरी (पूर्व-हडप्पा)|आमरी]] येथे तटबंदी असलेले शहर. * सुमारे [[इ.स.पू. ३५००]]: फिलिपिन्स मधील [[माउंट इसारोग]]चा उद्रेक.<ref>{{Cite web|title=Global Volcanism Program {{!}} Isarog|url=https://volcano.si.edu/volcano.cfm?vn=273042|website=Smithsonian Institution}}</ref> * नवपाषाणकालीन चिनी वस्त्या: त्यांनी रेशीम आणि मातीची भांडी (मुख्यतः यांगशाओ आणि लाँगशान संस्कृती) तयार केली. * यांगत्से नदीच्या त्रिभुज प्रदेशात लिआंगझू संस्कृती विकसित झाली. * [[इ.स.पू. ४०००]]–[[इ.स.पू. २५००]] – व्हिएतनामी कांस्य युग संस्कृती (डोंग दाऊ संस्कृती). * जपानच्या बेटांवर सुरुवातीच्या ते मधल्या जोमोन काळातील संक्रमण. [[File:Statuette Mehrgarh.jpg|thumb|190px|[[मेहरगढ]], सिंधू संस्कृती येथील जननक्षमतेची मूर्ती, सुमारे इ.स.पू. ३०००]] === भारतीय उपखंड === * '''[[मेहरगढ]] III–VI''' * '''[[इ.स.पू. ३५००]]''' – [[मोहेनजोदाडो]] भागात धातू ओतकामाची (Metalcasting) सुरुवात झाली. * '''[[इ.स.पू. ३३००]]''' – [[सिंधू संस्कृती]]मध्ये ([[हडप्पा]]) कांस्य युग सुरू झाले. ** सांडपाणी आणि निचरा व्यवस्था. * सुमारे [[इ.स.पू. ३१०-३००|इ.स.पू. ३१००]]: [[मणिपूर]] राज्यात पहिल्यांदा [[पोलो]] (सगोल कांगजेई) खेळला गेला.<ref>{{Cite book |last1=McFarlan|first1=Donald|title=Guinness Book of World Records (1991)|url=https://archive.org/details/guinnessbookofwo00mcfa|last2=McWhirter|first2=Norris|publisher=Bantam Books|year=1991|page=[https://archive.org/details/guinnessbookofwo00mcfa/page/706 706]}}</ref> === अमेरिका === अमेरिका खंड मेसो-इंडियन (प्राचीन) टप्प्यात होता. * सुमारे [[इ.स.पू. ३६००]] – कोलंबियात चिरीबिकेट नॅशनल पार्कमध्ये पहिले खडकांवरील चित्रकाम. * सुमारे [[इ.स.पू. ३०००]] – पोर्तो हॉर्मिगा येथे कोलंबियातील पहिले मातीचे भांडे बनवले गेले. * सुमारे [[इ.स.पू. ३६००]] – तेहुआकानच्या खोऱ्यात मक्याचे पालतूकरण झाल्याचे पुरावे दिसतात. पॉपकॉर्नचा पहिला माहीत असलेला पुरावा. * उत्तर पेरूमध्ये नोर्ते चिको संस्कृती सुरू झाली. * सुमारे इ.स.पू. ३१००: अमेरिकेतील सर्वात जुनी ॲडोब (कच्च्या विटांची) इमारत सध्याच्या पेरूत बांधली गेली.<ref>{{Cite journal |last=Mauricio|first=Ana Cecilia|title=The earliest adobe monumental architecture in the Americas|journal=Proceedings of the National Academy of Sciences|year=2021}}</ref> * बार्बुडाच्या रिव्हर क्षेत्रातील वस्ती (सुमारे इ.स.पू. ३६८५). * सुमारे इ.स.पू. ३१०६: अँटिग्वामध्ये लिटल डीप येथे मानवी हालचालींचे सर्वात जुने पुरावे. === ऑस्ट्रेलिया === * सुमारे [[इ.स.पू. ३०००]] – सध्याच्या [[सिडनी]], ऑस्ट्रेलिया येथील सिडनी रॉक खोदकाम. === उप-सहारा आफ्रिका === उप-सहारा आफ्रिका पुरापाषाण कालावधीत राहिला, केवळ इ.स.पू. ३५०० मध्ये सहारा वाळवंट कोरडे पडल्यानंतर साहेल प्रदेशात नवपाषाण युगाची सुरुवात झाली.<ref name="Manning 2014">{{cite journal |title=The demographic response to Holocene climate change in the Sahara |journal=Quaternary Science Reviews |volume=101 |pages=28–35 |year=2014}}</ref> इ.स.पू. ३९०० नंतर सहाराचे गवताळ प्रदेश वाळू लागल्याने, पशुपालक नाईल खोऱ्यात आणि पूर्व आफ्रिकेत पसरले. == पर्यावरण == ओहायो स्टेट युनिव्हर्सिटीचे प्राध्यापक आणि बायर्ड पोलर रिसर्च सेंटरचे संशोधक लॉनी थॉम्पसन यांच्या अभ्यासानुसार, ५,२०० वर्षांपूर्वी जागतिक हवामानात बदल झाला होता, जो बहुधा सौर ऊर्जेच्या उत्पादनात घट झाल्यामुळे झाला होता.<ref>{{cite web |url=http://www.news-about-space.org/story/2409.html |title=Major Climate Change Occurred 5,200 Years Ago: Evidence Suggests That History Could Repeat Itself |access-date=2026-09-12 |archive-date=2008-01-15 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080115112153/http://www.news-about-space.org/story/2409.html |url-status=dead }}</ref> * ओल्डर पेरॉन अतिक्रमण हा ६,००० ते ४,६०० वर्षांपूर्वीचा असा काळ होता जेव्हा समुद्राची पातळी आजच्यापेक्षा ३ ते ५ मीटर जास्त होती. * पेरुव्हियन अँडीजमधील क्वेलकाया आईस कॅपमध्ये गाडलेल्या वनस्पतींवरून असे दिसून येते की हवामानात अचानक आणि तीव्र बदल झाला होता. * सुमारे [[इ.स.पू. ३७५०]] – सेंट पॉल बेट, अलास्का येथील शेवटचे उत्तर अमेरिकन मॅमथ नामशेष झाले. * आयर्लंड आणि इंग्लंडमधील झाडांच्या कड्यांवरून हा त्यांचा सर्वात कोरडा काळ असल्याचे दिसून येते. * सहाराच्या नवपाषाणकालीन सुपीकतेचा अंत झाला आणि सहारा वाळवंटीकरणास सुरुवात झाली (इ.स.पूर्व ३५ वे शतक). उत्तर आफ्रिका राहण्यायोग्य प्रदेशातून ओसाड वाळवंटात बदलला. * [[इ.स.पू. ३०५१]] – कॅलिफोर्नियामध्ये 'मेथुसेलाह' हे ग्रेट बेसिन ब्रिस्टलकोन पाईनचे झाड अंकुरित झाले, जे सध्याचे जगातील सर्वात जुने जिवंत झाड मानले जाते. == पंचांग आणि कालगणना == * '''[[इ.स.पू. ४०००]]''' – फ्रिमेसनरी कॅलेंडरच्या 'ॲनो लुसिस' युगाची सुरुवात. * '''[[इ.स.पू. ३९२९]]''' – जॉन लाईटफूट यांच्या बायबलच्या जुन्या करारावर आधारित गणनेनुसार जगाची निर्मिती. * '''[[इ.स.पू. ३७६१]]''' – ** ज्यू दिनदर्शिकेनुसार (Hebrew Calendar) जगाच्या निर्मितीची मानली गेलेली तारीख (६ ऑक्टोबर इ.स.पू. ३७६१).<ref>{{cite book |last1=Dershowitz |first1=Nachum |title=Calendrical Calculations |url=https://archive.org/details/calendricalcalcu0000ders_t7q0 |publisher=Cambridge University Press |year=1997 |page=[https://archive.org/details/calendricalcalcu0000ders_t7q0/page/11 11] }}</ref> ** १२ ऑक्टोबर इ.स.पू. ३७६१ – [[ॲडम]] आणि [[ईव्ह]] यांची निर्मिती मानली गेलेली तारीख (रोश हशाना दिवस १). * '''[[इ.स.पू. ३११४]]''' – मयान दिनदर्शिकेच्या (Mayan Long Count) कालगणनेची सुरुवात (११ किंवा १३ ऑगस्ट इ.स.पू. ३११४). * '''[[इ.स.पू. ३१०२]]''' – [[आर्यभट्ट]] यांच्या गणनेनुसार (६ वे शतक), हिंदू कालगणनेतील [[कलियुग|कलियुगाची]] सुरुवात १८ फेब्रुवारी इ.स.पू. ३१०२ रोजी मध्यरात्री झाली.<ref name="Godwin 2011">{{cite book |author-last=Godwin|author-first=Joscelyn|year=2011|title=Atlantis and the Cycles of Time: Prophecies, Traditions, and Occult Revelations|url=https://archive.org/details/atlantiscyclesof0000godw|publisher=Inner Traditions|pages=[https://archive.org/details/atlantiscyclesof0000godw/page/300 300]–301}}</ref> * '''[[इ.स.पू. ३१०२]]''' – आर्यभट्ट यांच्या गणनेनुसार [[महाभारत]] युद्धाची घटना सुमारे इ.स.पू. ३१०२ च्या सुमारास घडली. == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स.पू.ची सहस्रके]] [[वर्ग:इ.स.पू.चे ४ थे सहस्रक]] 4sc0tdydznsbjf1gva37qhu92gp9a3c इ.स.पू.चे ६ वे सहस्रक 0 26020 2710812 2710631 2026-09-19T16:26:02Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710812 wikitext text/x-wiki {{सहस्रकपेटी|-6}} [[इ.स.पू. ६वे सहस्रक|इ.स.पू. ६व्या सहस्रकात]] [[इ.स.पू. ६०००]] ते [[इ.स.पू. ५००१]] (सुमारे ८ हजार वर्षे ते ७ हजार वर्षे पूर्व) या वर्षांचा समावेश होतो. या सहस्रकाच्या काळात घडलेल्या घटनांची अचूक तारीख निश्चित करणे अशक्य आहे आणि येथे नमूद केलेल्या सर्व तारखा प्रामुख्याने भूगर्भीय आणि मानववंशशास्त्रीय विश्लेषणावर आधारित अंदाज आहेत. मध्य युरोपातील नवपाषाण युगातील विहिरींमधील काही लाकडांच्या [[वृक्षवलयशास्त्र|वृक्षवलयशास्त्रावर]] आधारित तारखा याला अपवाद आहेत. हे सहस्रक जागतिक हिमनदी वितळण्याचा अंतिम टप्पा मानले जाते. हे शेवटच्या सर्वोच्च हिमीकरणाच्या कालावधीनंतर सुरू झाले होते आणि सुमारे ५,००० वर्षांच्या कालावधीत समुद्राची पातळी सुमारे ६० मीटरने वाढण्यास कारणीभूत होते. == आढावा == [[इ.स.पू. ६०००]] पर्यंत नवपाषाण संस्कृती आणि तंत्रज्ञान जवळच्या पूर्वेकडून पूर्व युरोपमध्ये पसरले होते. सुदूर पूर्वेकडील त्याचा विकास वेगाने झाला आणि या सहस्रकात [[प्रागैतिहासिक इजिप्त]] आणि सुदूर पूर्वेमध्ये त्याच्या उपस्थितीचे पुरावे वाढले आहेत. तथापि, उत्तर आणि पश्चिम युरोपसह जगातील बहुतांश भागात लोक अजूनही विखुरलेल्या पुरापाषाण/मध्यपाषाण [[शिकारी-संग्राहक]] समाजात राहत होते. [[नवपाषाण क्रांती|नवपाषाण क्रांतीच्या]] परिणामी [[जगाची लोकसंख्या|जागतिक लोकसंख्येत]] झपाट्याने वाढ झाली. या सहस्रकाच्या शेवटी जगभरात सुमारे ४ कोटी लोक असावेत, असा अंदाज आहे, जे सुमारे [[इ.स.पू. १६००]] च्या मध्य कांस्य युगापर्यंत १० कोटींवर पोहोचले.<ref name="JNB">{{cite journal | last1=Biraben | first1=Jean-Noël | year=1979 | title=Essai sur l'évolution du nombre des hommes | journal=Population | volume=34–1 | issue=1 | pages=13–25 | doi=10.2307/1531855 | jstor=1531855 }}</ref> == युरोप == [[File:Mesolithic migrations ca. 6500-5000.jpg|thumb|युरोपमधील नवपाषाण स्थलांतर, सुमारे इ.स.पू. ६५००-५०००]] असा अंदाज आहे की मानवाने प्रथम सुमारे [[इ.स.पू. ५९००]] मध्ये भूमध्य समुद्र ओलांडून युरोप आणि उत्तर आफ्रिका या दोन्ही कडून [[माल्टा]]मध्ये वस्ती केली.<ref>{{cite news |url=https://www.timesofmalta.com/articles/view/20180316/life-features/700-years-added-to-maltas-history.673498 |title=700 years added to Malta's history |newspaper=[[Times of Malta]] |date=16 March 2018 |access-date=1 June 2019 |archive-date=2018-03-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180316111529/https://www.timesofmalta.com/articles/view/20180316/life-features/700-years-added-to-maltas-history.673498 |url-status=dead }}</ref> [[तिबिलिसी]]जवळ सापडलेल्या मातीच्या भांड्यांचा वापर हे दर्शवतो की सुमारे [[इ.स.पू. ५९८०]] च्या सुमारास [[द्राक्षे|द्राक्षांचा]] वापर [[वायकिंग|वाइन निर्मितीसाठी]] केला जात होता.<ref>{{cite news |url=https://www.bbc.co.uk/news/world-europe-41977709 |title='World's oldest wine' found in 8,000-year-old jars in Georgia |work=BBC News |date=13 November 2017 |access-date=1 June 2019}}</ref> पोलंडमध्ये [[चीज]] निर्मितीचे पुरावे सुमारे [[इ.स.पू. ५५००]] मधील आहेत.<ref>{{cite journal |url=https://www.nature.com/news/art-of-cheese-making-is-7-500-years-old-1.12020 |title=Art of cheese-making is 7,500 years old |journal=Nature |publisher=Macmillan |date=12 December 2012 |doi=10.1038/nature.2012.12020 |access-date=1 June 2019|last1=Subbaraman |first1=Nidhi }}</ref> सुमारे [[इ.स.पू. ५३००]] च्या सुमारास सुरू झालेल्या चार प्रमुख संस्कृती म्हणजे निपर-डोनेट्स संस्कृती, नारव्हा संस्कृती (पूर्व बाल्टिक), एर्टेबॉले संस्कृती (डेन्मार्क आणि उत्तर जर्मनी) आणि स्विफ्टरबँट संस्कृती (सखल देश). ते आशियातून पश्चिमेकडे पसरलेल्या एका सामान्य भांड्यांच्या शैलीने जोडलेले होते ज्याला कधीकधी "सिमेंटेड मेसोलिथिक" म्हणतात.<ref>{{cite journal |last1=Gronenborn |first1=Detlef |title=Beyond the models: Neolithisation in Central Europe |journal=Proceedings of the British Academy |date=2007 |volume=144 |pages=73–98}}</ref> == उत्तर आशिया == मध्य सायबेरिया आणि दक्षिण सायबेरियाच्या पॅलेओ-सायबेरियन रहिवाशांमध्ये येनिसेयियन लोकांचा समावेश होता, ज्यांपैकी केत जमातीला शेवटचा उर्वरित भाग मानले जाते. येनिसेयियन लोकांच्यानंतर उत्तर उरल प्रदेशातून आलेले युरालिक समोयेदिक लोक आले. आद्य-युरालिक ही आधुनिक युरालिक भाषांची पूर्वज भाषा आहे. ही काल्पनिक भाषा मूळतः इ.स.पू. ७०००-२००० च्या सुमारास एका लहान क्षेत्रात बोलली जात असे आणि नंतर तिचा विस्तार झाला. नवीन संशोधनानुसार "आद्य-युरालिक मूळ स्थान" उरल पर्वताच्या पूर्वेस पश्चिम सायबेरियामध्ये ढकलले गेले आहे.<ref>{{Cite journal |last1=Grünthal |first1=Riho |title=Drastic demographic events triggered the Uralic spread |journal=Diachronica |year=2022}}</ref> लॅकुस्ट्रिन काळात खड्डे भरणाऱ्या सर्व सायबेरियन तलावांचे काठ नवपाषाण युगातील अवशेषांनी समृद्ध आहेत. असंख्य [[कुरगन]] (थडगी), भट्ट्या आणि इतर पुरातत्व अवशेष दाट लोकसंख्येची साक्ष देतात. सायबेरियातील दूरवरच्या प्रागैतिहासिक वस्त्यांवरून असे दिसून आले आहे की ८,००० वर्षांपूर्वी आम्न्या संकुलासारख्या जटिल संरक्षण रचनांचे बांधकाम राजकीय युद्धांसोबत झाले होते. त्या जगातील सर्वात जुन्या तटबंदी आहेत. स्थानिक अमेरिकन लोकसंख्येचे आशियामध्ये परत स्थलांतर हजारो वर्षांच्या कालावधीत अलताई पर्वतासारख्या भागात झाले, ज्यातील सर्वात जुने सुमारे [[इ.स.पू. ५५००]] मधील आहे.<ref>{{cite web|url=https://cosmosmagazine.com/people/society/eye-witnesses-call-from-millennia-past/|title=Eye-witnesses call from millennia past|last=Nunn|first=Patrick|date=28 August 2018|work=[[Cosmos (Australian magazine)|Cosmos]]|access-date=26 February 2024}}</ref> ना-देने भाषिक लोक सुमारे [[इ.स.पू. ८०००]] च्या सुमारास उत्तर अमेरिकेत दाखल झाले आणि सुमारे [[इ.स.पू. ५०००]] पर्यंत पॅसिफिक वायव्य भागात पोहोचले.<ref>{{cite journal |last=Drummond |first=D. E.|title=Toward a Pre-History of the Na-Dene |journal=American Anthropologist |date=October 1969}}</ref> मध्य आशियातील इंडो-युरोपीय संस्कृती भरभराटीस आल्या, ज्यामध्ये मध्य व्होल्गा संस्कृती (त्यानंतर समारा संस्कृती) आणि समकालीन निपर-डोनेट्स संस्कृती यांचा समावेश होतो. सुमारे [[इ.स.पू. ५२००]] पासून, पितृसत्ताक निपर-डोनेट्स संस्कृतीने मध्यपाषाण शिकारी-संग्राहक जीवनशैली सोडून गायी, शेळ्या आणि मेंढ्या पाळण्यास सुरुवात केली.<ref>{{cite book |last=Mallory |first=J. P. |year=1991 |title=In Search of the Indo-Europeans: Language Archeology and Myth |publisher=Thames & Hudson}}</ref> == दक्षिण आशिया == सुमारे [[इ.स.पू. ५५००]] च्या सुमारास आग्नेय आशियात रानकोंबड्यांचे (Junglefowl) पालतूकरण करण्यात आले.<ref>{{Cite book|title=Concise History of Science & Invention: An Illustrated Time Line|url=https://archive.org/details/concisehistoryof0000unse_n1i1|date=2010|publisher=National Geographic Books|isbn=978-1-4262-0544-6}}</ref> == पूर्व आशिया == चीनमधील झाओबाओगाऊ संस्कृती सुमारे [[इ.स.पू. ५४००]] च्या सुमारास सुरू झाली. ती देशाच्या ईशान्य भागात, प्रामुख्याने अंतर्गत मंगोलिया आणि उत्तर हेबेई मधील लुआन नदीच्या खोऱ्यात होती.<ref>{{cite book |title=Archaeology of Asia |first=Miriam T. |last=Stark |publisher=Blackwell |isbn=1-4051-0213-6 |date=2005 }}</ref> यांगशाओ संस्कृती ही एक नवपाषाणकालीन संस्कृती होती जी या सहस्रकाच्या शेवटी, सुमारे [[इ.स.पू. ५०००]] ते [[इ.स.पू. ३०००]] या काळात चीनमधील पिवळ्या नदीच्या मध्य भागात मोठ्या प्रमाणावर अस्तित्वात होती. उत्खननात असे दिसून आले की लहान मुलांना रंगवलेल्या मातीच्या भांड्यात पुरले जात असे.<ref>{{cite journal |last1=Zhang |first1=Kai |title=The Spread and Integration of Painted pottery Art along the Silk Road |journal=Region - Educational Research and Reviews |date=2021}}</ref> [[File:Banpo bowl.jpg|thumb|180px|बनपो संस्कृतीचा (यांगशाओ संस्कृतीचा पहिला टप्पा) मानवी चेहरा आणि माशाची आकृती असलेला मातीचा पेला, इ.स.पू. ४५००-३५००, शांक्सी.]] == ओशनिया == सध्याच्या नैऋत्य व्हिक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया येथील मूळ ऑस्ट्रेलियन रहिवासी सुमारे [[इ.स.पू. ६०००]] च्या सुमारास दगडी धरणे, कालवे आणि विणलेले सापळे वापरून अन्नस्रोत आणि व्यापारी वस्तू म्हणून बाम माशांची (eels) शेती करत होते.<ref>{{Cite book |last=Flood |first=Josephine |title=Archaeology of the dreamtime: the story of prehistoric Australia and its people |date=2004 |publisher=J. B. Publishing}}</ref> कोंडा तलावाच्या आसपासच्या सापळ्यांच्या यंत्रणेचे कार्बन डेटिंग ६,६०० वर्षे जुने असल्याचे आढळले आहे.<ref>{{cite web |title=Budj Bim, Mount Eccles & Lake Condah Area |url=https://www.dcceew.gov.au/parks-heritage/heritage/places/national/budj-bim-mt-eccles-lake-condah-area |publisher=Australian Government Department |access-date=1 September 2026}}</ref> == पर्यावरण बदल == सुमारे इ.स.पू. १०,००० मध्ये सुरू झालेली प्रारंभीच्या होलोसीन समुद्राच्या पातळीतील वाढ (EHSLR) इ.स.पू. ६व्या सहस्रकात मंदावली. शेवटच्या हिमयुगाच्या समाप्तीपासून बर्फाचे साठे वितळल्यामुळे जागतिक पाण्याची पातळी सुमारे ६० मीटरने वाढली होती.<ref>{{cite journal |title=The early Holocene sea level rise |journal=Quaternary Science Reviews |last1=Smith |first1=D. E. |date=July 2011}}</ref> समुद्राच्या पातळीत झालेली जलद वाढ, ज्याला मेल्टवॉटर पल्स म्हणतात, EHSLR दरम्यान तीन वेळा घडली. शेवटचा, मेल्टवॉटर पल्स 1C, जो सुमारे [[इ.स.पू. ६०००]] च्या सुमारास शिखरावर होता, ज्यामुळे अवघ्या १४० वर्षांत ६.५ मीटरने वाढ झाली. अंतार्क्टिकामधील बर्फाचा थर कोसळल्यामुळे हे घडले असे मानले जाते. सुमारे ८,००० वर्षांपूर्वी (सुमारे [[इ.स.पू. ६०००]]), सिसिली येथील एटना पर्वतावर झालेल्या महाकाय ज्वालामुखीय भूस्खलनामुळे मोठा त्सुनामी आला ज्याने आशिया, आफ्रिका आणि युरोप खंडांतील पूर्व भूमध्य सागरी किनारपट्टीचा विनाशा केला.<ref>{{cite journal |last1=Pareschi |first1=M. T. |year=2006 |title=Lost tsunami |journal=Geophysical Research Letters}}</ref> दक्षिण अमेरिकेत, सुमारे [[इ.स.पू. ५८७०]] च्या सुमारास कुएरोस दे पुरुलिया येथे मोठा उद्रेक झाला. सुमारे [[इ.स.पू. ५७००]] च्या सुमारास ओरेगॉनमध्ये माउंट माझामा येथे ज्वालामुखीय उद्रेक झाला ज्यातून क्रेटर लेकची निर्मिती झाली.<ref>{{cite web |url=https://volcanoes.usgs.gov/volcanoes/crater_lake/geo_hist_mazama.html |title=Geology and History Summary for Mount Mazama and Crater Lake |publisher=USGS |access-date=1 June 2019 |archive-date=2020-08-04 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200804075511/https://volcanoes.usgs.gov/volcanoes/crater_lake/geo_hist_mazama.html |url-status=dead }}</ref> आणखी एक मोठा उद्रेक सुमारे [[इ.स.पू. ५५५०]] मध्ये अंतार्क्टिकाच्या माउंट ताकाहे येथे झाला. सुमारे [[इ.स.पू. ५४८०]] मध्ये तयार झालेल्या झाडांच्या कड्यांमधील कार्बन-१४ चे प्रमाण सौर ऊर्जेच्या असामान्य पातळीचे सूचक आहे.<ref>{{cite journal |title=Large 14C excursion in 5480 BC indicates an abnormal sun in the mid-Holocene |last1=Miyake |first1=Fusa |journal=PNAS |date=31 January 2017}}</ref> == खगोलशास्त्र आणि दिनदर्शिका == [[Image:Monreale creation Adam.jpg|right|thumb|upright|माँरिअल कॅथेड्रल मधील ॲडमच्या निर्मितीचे मोझॅक - बायझेंटाईन दिनदर्शिकेत वर्ष १ (सप्टेंबर इ.स.पू. ५५०९).]] बायझेंटाईन साम्राज्यात आणि अनेक ऑर्थोडॉक्स ख्रिश्चन देशांमध्ये वापरल्या जाणाऱ्या बायझेंटाईन दिनदर्शिकेचे युग १ सप्टेंबर इ.स.पू. ५५०९ च्या समान आहे.<ref>Stephenson, Paul. ''"Translations from Byzantine Sources: The Year 6508, the Byzantine dating system"''. November 2006.</ref> काही ज्योतिषांच्या मते इ.स.पू. ६वे सहस्रक संपूर्णपणे मिथुन राशीच्या अंतराळ युगात (सुमारे इ.स.पू. ६४५० ते सुमारे इ.स.पू. ४३००) येते.<ref>{{cite web |url=https://www.yeatsvision.com/GreatYear.html |title=The Astrological Great Year |author=Mann, Neil |access-date=1 June 2019}}</ref> [[तूर्सचा ग्रेगोरी|तूर्सच्या ग्रेगोरीनुसार]] देवाने [[तूर्सचा मार्टिन|तूर्सच्या मार्टिन]] मृत्यूआधी ५५९७ वर्षे जगाची निर्मिती केली होती. ही घटना साधारण [[इ.स.पू. ५२००]]च्या आसपास असावी.<ref>Gregory of Tours (1916) [594], ''History of the Franks''</ref> == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स.पू.ची सहस्रके]] [[वर्ग:इ.स.पू.चे ६ वे सहस्रक]] ln76eazte535e8cowrd9puae348s9ze इ.स.पू.चे ८ वे सहस्रक 0 26022 2710754 2710362 2026-09-19T13:57:09Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710754 wikitext text/x-wiki {{सहस्रकपेटी|-8}} '''इ.स.पू.चे ८ वे सहस्रक''' हे ख्रिस्तपूर्व ८००० ते ख्रिस्तपूर्व ७००१ या कालावधीचे सहस्रक होते. हा काळ मानवी इतिहासातील [[नवपाषाण युग|नवपाषाण युगाचा]] (नवाश्मयुग) अत्यंत महत्त्वाचा टप्पा मानला जातो. या काळात मानवाने शिकार आणि अन्न गोळा करण्याच्या भटक्या जीवनाकडून कायमस्वरूपी शेती, पशुपालन आणि ग्रामीण वसाहतींकडे मोठे संक्रमण केले.<ref>{{cite web |url=https://vishwakosh.marathi.gov.in/22756/ |title=इतिहास, प्रागैतिहासिक काळ |website=मराठी विश्वकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ |access-date=17 September 2026}}</ref> == जगातील प्रमुख संस्कृती आणि घडामोडी == === सिंधू संस्कृती आणि भारतीय उपखंड === * '''[[मेहरगढ संस्कृती]]ची सुरुवात:''' भारतीय उपखंडातील [[मेहरगढ]] (सध्याच्या [[बलुचिस्तान]]मध्ये) येथे मानवी वसाहतींचा पाया रचला गेला. हा भाग जगातील सर्वात जुन्या कृषी व पशुपालन केंद्रांपैकी एक मानला जातो.<ref>{{cite web |url=https://vishwakosh.marathi.gov.in/32410/ |title=सिंधू संस्कृती |website=मराठी विश्वकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ |access-date=17 September 2026}}</ref> * '''शेती व पशुपालन:''' या काळात गहू आणि बार्लीची (जव) लागवड तसेच शेळ्या-मेंढ्या पाळण्यास सुरुवात झाली. === मेसोपोटेमिया व आशिया === * '''जेरिकोची तटबंदी:''' [[जेरिको]] येथे जगातील सर्वात जुनी दगडी तटबंदी आणि संरक्षण भिंत उभारली गेली, जी मानवी स्थापत्यशास्त्राचा आद्य नमुना मानली जाते.<ref>{{cite book |last=Kenyon |first=Kathleen M. |title=Digging Up Jericho |url=https://archive.org/details/diggingupjericho0000keny |publisher=Praeger |year=1957}}</ref> * '''चाताल होयुक:''' अनाटोलियामध्ये (सध्याचा [[तुर्कस्तान]]) चाताल होयुक या मोठ्या नवपाषाण युगातील शहराची निर्मिती झाली, जिथे घरे एकमेकांना लागून बांधली जात असत. === पूर्व आशिया === * '''चीनमधील कृषी विकास:''' [[चीन]]मध्ये पिवळ्या नदीच्या आणि यांगत्से नदीच्या खोऱ्यात तांदूळ आणि बाजरीची लागवड करण्यास सुरुवात झाली. तसेच डुकरांचे संगोपन सुरू झाले. === युरोप === * '''मध्यपाषाण ते नवपाषाण युग:''' युरोपमध्ये हिमयुगाच्या समाप्तीनंतर जंगलांचा विस्तार झाला आणि मानवाने शिकार तसेच मासेमारीसाठी प्रगत सूक्ष्म-दगड (मायक्रोलिथ्स) शस्त्रांचा वापर वाढवला. == शोध आणि तंत्रज्ञान == * '''कृषी क्रांती:''' वनस्पतींचे पद्धतशीर संगोपन आणि पिकांची लागवड जगभरात वेगाने पसरली. * '''पशुपालन:''' कुत्रे, शेळ्या, मेंढ्या आणि गुरांना मानवाने पूर्णपणे पाळीव बनवले. * '''मातीची भांडी आणि टोपल्या:''' अन्न साठवण्यासाठी टोपल्या विणण्याचे आणि प्राथमिक मातीची भांडी बनवण्याचे तंत्रज्ञान विकसित झाले. == महत्त्वाच्या घटना == * '''इ.स.पू. ८०००:''' जगातील शेवटच्या हिमयुगाचा परिणाम पूर्णपणे संपून आधुनिक हवामान (होलोसीन युग) स्थिर झाले. * '''इ.स.पू. ७५००:''' [[जेरिको]] येथे वसाहतीचा मोठा विस्तार झाला. * '''इ.स.पू. ७०००:''' भारतीय उपखंडात [[मेहरगढ]] येथे कायमस्वरूपी नवपाषाणकालीन वस्तीची स्थापना झाली. == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{मराठी विश्वकोश|२२७५६|इतिहास, प्रागैतिहासिक काळ}} [[वर्ग:सहस्रके]] [[वर्ग:इ.स.पू.चे ८ वे सहस्रक| ]] [[वर्ग:नवपाषाण युग]] [[वर्ग:प्रागैतिहासिक काळ]] [[वर्ग:इ.स.पू.ची सहस्रके]] [[वर्ग:इ.स.पू.चे ८ वे सहस्रक]] km4n3skdwv82l54i265c4nfscilfs4p कवी 0 40646 2710770 2709872 2026-09-19T15:02:49Z ~2026-50752-53 187564 /* यादी */ 2710770 wikitext text/x-wiki '''कवी''' ही अशी व्यक्ती आहे जी [[कविता]] अभ्यासते आणि निर्माण करते. कवी स्वतःचे असे वर्णन करू शकतात. कवी हा निर्माता ([[विचार|विचारक]], [[गीतकार]], [[लेखक]]) असू शकतो जो कविता (मौखिक किंवा [[साहित्य|लिखित]]) तयार करतो किंवा ते प्रेक्षकांसमोर त्यांची कला सादर करू शकतात. कविता करणाऱ्या स्त्रीस '''कवयित्री''' असे म्हणतात. कवी प्रागैतिहासिक काळापासून अस्तित्वात आहेत, जवळजवळ सर्व भाषांमध्ये, आणि त्यांनी विविध संस्कृती आणि कालखंडात मोठ्या प्रमाणात कामे तयार केली आहेत.<ref name="Orban">{{cite book |last=Orban |first=Clara Elizabeth |title=The Culture of Fragments: Word and Images in Futurism and Surrealism |publisher=Rodopi |year=1997 |page=3 |url=https://books.google.com/books?id=KbCVyt6MWg0C |isbn=90-420-0111-9}}</ref> == यादी == काही प्रसिद्ध कवी आणि कवयित्री #|बालकवी (त्र्यंबक बापुजी ठोंबरे) #|कुसुमाग्रज (विष्णू वामन शिरवाडकर) #|केशवसुत (कृष्णाजी केशव दामले) #|केशवकुमार (प्रल्हाद केशव अत्रे) #|शांता शेळके #|बहिणाबाई चौधरी #|[[अनिल बाबुराव गव्हाणे]] #|विजया वाड #|भा.रा. तांबे #|मंगेश पाडगावकर #|प्रवीण दवणे #|ग.दि. माडगुळकर #|कवी अनिल [आत्माराम रावजी देशपांडे) #|कवी बी (नारायण मुरलीधर गुप्ते) #|गोविंदाग्रज (राम गणेश गडकरी) #|ग.ह. पाटील #|विठ्ठल वाघ #|बा.भ बोरकर |ना.धों. महानोर #|कवी यशवंत (यशवंत दिनकर पेंढरकर)(बडोद्याचे राजकवी) #|साने गुरुजी #|दुर्गा भागवत #|[[शिरीष गोपाळ देशपांडे]] #|माधव जुलिअन #|दिलीप चित्रे #|[[ग.ल. ठोकळ]] #|गो.ना. माडगावकर #|सुरेश भट #|श्री. बा. रानडे #|गोपीनाथ #|ना.गं. लिमये #|केशव मेश्राम #|बा.सी. मर्ढेकर #|शं.चिं. श्रीखंडे #|वि.म. कुलकर्णी #|ना.वा. टिळक #|शंकर वैद्य #|इंदिरा संत #|अरुणा ढेरे #|कवी ग्रेस (माणिक गोडघाटे) #|वा.रा. कांत #|अनंत काणेकर #|आरती प्रभू (चिं त्र्य खानोलकर) #|पद्मा #|कवी सुधांशु #|विंदा करंदीकर #|पु.शि. रेगे #|सदानंद रेगे #|अनंत फंदी #|सोपानदेव चौधरी #|वसंत आबाजी डहाके #|दि.पु. चित्रे #|गो.नी. दांडेकर #|वसंत बापट #|संगीता बर्वे #|[[शिरीष पै]] #|वि.भि. कोलते #|फ.मुं शिंदे #|अज्ञातवासी (दिनकर गंगाधर केळकर) #|मधुकर केचे #।दशरथ यादव #|किरण शिवहर डोंगरदिवे #|[[किशोर कवठे]] #| शफी बोल्डेकर ==इतर कवी== #डॉ.[[मिर्झा रफी अहमद बेग]]<ref>महाराष्ट्र टाईम्स, शनिवार,२९ नोव्हेंबर २०२५</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:साहित्यिक]] [[वर्ग:कवी|*]] k6gf5ez205x7ldlitlh69hnmv2zlyl7 2710780 2710770 2026-09-19T15:11:21Z ~2026-50752-53 187564 2710780 wikitext text/x-wiki '''कवी''' ही अशी व्यक्ती आहे जी [[कविता]] अभ्यासते आणि निर्माण करते. कवी स्वतःचे असे वर्णन करू शकतात. कवी हा निर्माता ([[विचार|विचारक]], [[गीतकार]], [[लेखक]]) असू शकतो जो कविता (मौखिक किंवा [[साहित्य|लिखित]]) तयार करतो किंवा ते प्रेक्षकांसमोर त्यांची कला सादर करू शकतात. कविता करणाऱ्या स्त्रीस '''कवयित्री''' असे म्हणतात. कवी प्रागैतिहासिक काळापासून अस्तित्वात आहेत, जवळजवळ सर्व भाषांमध्ये, आणि त्यांनी विविध संस्कृती आणि कालखंडात मोठ्या प्रमाणात कामे तयार केली आहेत.<ref name="Orban">{{cite book |last=Orban |first=Clara Elizabeth |title=The Culture of Fragments: Word and Images in Futurism and Surrealism |publisher=Rodopi |year=1997 |page=3 |url=https://books.google.com/books?id=KbCVyt6MWg0C |isbn=90-420-0111-9}}</ref> == यादी == काही प्रसिद्ध कवी आणि कवयित्री #|बालकवी (त्र्यंबक बापुजी ठोंबरे) #|कुसुमाग्रज (विष्णू वामन शिरवाडकर) #|केशवसुत (कृष्णाजी केशव दामले) #|केशवकुमार (प्रल्हाद केशव अत्रे) #|शांता शेळके #|बहिणाबाई चौधरी #|[[अनिल बाबुराव गव्हाणे]] #|विजया वाड #|भा.रा. तांबे #|मंगेश पाडगावकर #|प्रवीण दवणे #|ग.दि. माडगुळकर #|कवी अनिल [आत्माराम रावजी देशपांडे) #|कवी बी (नारायण मुरलीधर गुप्ते) #|गोविंदाग्रज (राम गणेश गडकरी) #|ग.ह. पाटील #|विठ्ठल वाघ #|बा.भ बोरकर |ना.धों. महानोर #|कवी यशवंत (यशवंत दिनकर पेंढरकर)(बडोद्याचे राजकवी) #|साने गुरुजी #|दुर्गा भागवत #|[[शिरीष गोपाळ देशपांडे]] #|माधव जुलिअन #|दिलीप चित्रे #|[[ग.ल. ठोकळ]] #|गो.ना. माडगावकर #|सुरेश भट #|श्री. बा. रानडे #|गोपीनाथ #|ना.गं. लिमये #|केशव मेश्राम #|बा.सी. मर्ढेकर #|शं.चिं. श्रीखंडे #|वि.म. कुलकर्णी #|ना.वा. टिळक #|शंकर वैद्य #|इंदिरा संत #|अरुणा ढेरे #|कवी ग्रेस (माणिक गोडघाटे) #|वा.रा. कांत #|अनंत काणेकर #|आरती प्रभू (चिं त्र्य खानोलकर) #|पद्मा #|कवी सुधांशु #|विंदा करंदीकर #|पु.शि. रेगे #|सदानंद रेगे #|अनंत फंदी #|सोपानदेव चौधरी #|वसंत आबाजी डहाके #|दि.पु. चित्रे #|गो.नी. दांडेकर #|वसंत बापट #|संगीता बर्वे #|[[शिरीष पै]] #|वि.भि. कोलते #|फ.मुं शिंदे #|अज्ञातवासी (दिनकर गंगाधर केळकर) #|मधुकर केचे #।दशरथ यादव #|किरण शिवहर डोंगरदिवे #|[[किशोर कवठे]] #| शफी बोल्डेकर ==इतर कवी== #डॉ.[[मिर्झा रफी अहमद बेग]]<ref>महाराष्ट्र टाईम्स, शनिवार,२९ नोव्हेंबर २०२५</ref> #शेख शफी बोल्डेकर. == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:साहित्यिक]] [[वर्ग:कवी|*]] dhubgqmgzikuvidm4at0bpnqvb15108 2710813 2710780 2026-09-19T16:48:42Z संतोष गोरे 135680 [[Special:Contributions/~2026-50752-53|~2026-50752-53]] ([[User talk:~2026-50752-53|चर्चा]]) यांनी केलेले बदल [[User:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] यांच्या आवृत्तीकडे पूर्वपदास नेले. 2632122 wikitext text/x-wiki '''कवी''' ही अशी व्यक्ती आहे जी [[कविता]] अभ्यासते आणि निर्माण करते. कवी स्वतःचे असे वर्णन करू शकतात. कवी हा निर्माता ([[विचार|विचारक]], [[गीतकार]], [[लेखक]]) असू शकतो जो कविता (मौखिक किंवा [[साहित्य|लिखित]]) तयार करतो किंवा ते प्रेक्षकांसमोर त्यांची कला सादर करू शकतात. कविता करणाऱ्या स्त्रीस '''कवयित्री''' असे म्हणतात. कवी प्रागैतिहासिक काळापासून अस्तित्वात आहेत, जवळजवळ सर्व भाषांमध्ये, आणि त्यांनी विविध संस्कृती आणि कालखंडात मोठ्या प्रमाणात कामे तयार केली आहेत.<ref name="Orban">{{cite book |last=Orban |first=Clara Elizabeth |title=The Culture of Fragments: Word and Images in Futurism and Surrealism |publisher=Rodopi |year=1997 |page=3 |url=https://books.google.com/books?id=KbCVyt6MWg0C |isbn=90-420-0111-9}}</ref> == यादी == काही प्रसिद्ध कवी आणि कवयित्री #|बालकवी (त्र्यंबक बापुजी ठोंबरे) #|कुसुमाग्रज (विष्णू वामन शिरवाडकर) #|केशवसुत (कृष्णाजी केशव दामले) #|केशवकुमार (प्रल्हाद केशव अत्रे) #|शांता शेळके #|बहिणाबाई चौधरी #|[[अनिल बाबुराव गव्हाणे]] #|विजया वाड #|भा.रा. तांबे #|मंगेश पाडगावकर #|प्रवीण दवणे #|ग.दि. माडगुळकर #|कवी अनिल [आत्माराम रावजी देशपांडे) #|कवी बी (नारायण मुरलीधर गुप्ते) #|गोविंदाग्रज (राम गणेश गडकरी) #|ग.ह. पाटील #|विठ्ठल वाघ #|बा.भ बोरकर |ना.धों. महानोर #|कवी यशवंत (यशवंत दिनकर पेंढरकर)(बडोद्याचे राजकवी) #|साने गुरुजी #|दुर्गा भागवत #|[[शिरीष गोपाळ देशपांडे]] #|माधव जुलिअन #|दिलीप चित्रे #|[[ग.ल. ठोकळ]] #|गो.ना. माडगावकर #|सुरेश भट #|श्री. बा. रानडे #|गोपीनाथ #|ना.गं. लिमये #|केशव मेश्राम #|बा.सी. मर्ढेकर #|शं.चिं. श्रीखंडे #|वि.म. कुलकर्णी #|ना.वा. टिळक #|शंकर वैद्य #|इंदिरा संत #|अरुणा ढेरे #|कवी ग्रेस (माणिक गोडघाटे) #|वा.रा. कांत #|अनंत काणेकर #|आरती प्रभू (चिं त्र्य खानोलकर) #|पद्मा #|कवी सुधांशु #|विंदा करंदीकर #|पु.शि. रेगे #|सदानंद रेगे #|अनंत फंदी #|सोपानदेव चौधरी #|वसंत आबाजी डहाके #|दि.पु. चित्रे #|गो.नी. दांडेकर #|वसंत बापट #|संगीता बर्वे #|[[शिरीष पै]] #|वि.भि. कोलते #|फ.मुं शिंदे #|अज्ञातवासी (दिनकर गंगाधर केळकर) #|मधुकर केचे #।दशरथ यादव #|किरण शिवहर डोंगरदिवे #|[[किशोर कवठे]] ==इतर कवी== #डॉ.[[मिर्झा रफी अहमद बेग]]<ref>महाराष्ट्र टाईम्स, शनिवार,२९ नोव्हेंबर २०२५</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:साहित्यिक]] [[वर्ग:कवी|*]] hl7t4su7ak6wn4s8eg3ct02sb5cppkz रॉबर्ट बॉईल 0 41656 2710808 2701879 2026-09-19T16:06:37Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710808 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''रॉबर्ट बॉईल''' ([[२५ जानेवारी]], [[इ.स. १६२७]]:[[लिस्मोर, काउंटी वॉटरफोर्ड]], [[आयर्लंड]] - [[३१ डिसेंबर]], [[इ.स. १६९१]]) हा आयरिश रसायनशास्त्रज्ञ होता. {{विस्तार}} {| class="wikitable sortable" |+ रॉबर्ट बॉईल यांचे शोध आणि संशोधन |- ! वर्ष !! शोध/शोधकार्य !! सह-शोधक/सहकारी !! महत्त्व/परिणाम |- | [[इ.स. १६६०|१६६०]] || बॉयलचा निर्वाताचा पंप (एर पंप/न्यूमॅटिक इंजिन) || [[रॉबर्ट हूक]] || हवेचा दाब, ध्वनीचा प्रवास आणि ज्वलनासाठी (कंबश्चन) हवेची आवश्यकता यावर प्रयोग करण्यासाठी या उपकरणाची रचना केली गेली.<ref>{{Cite book|last=Shapin|first=Steven|title=Leviathan and the Air-Pump|url=https://archive.org/details/leviathanairpump0000shap|year=1985|publisher=Princeton University Press|page=[https://archive.org/details/leviathanairpump0000shap/page/26 26]|isbn=978-0-691-08393-3}}</ref> |- | [[इ.स. १६६२|१६६२]] || [[बॉयलचा नियम]] (बॉईल्स लॉ) || [[रिचर्ड टाउनली]], [[हेन्री पॉवर]] || स्थिर तापमानाला वायूचे आकारमान आणि त्याचा दाब यांमधील व्यस्त संबंध स्पष्ट करणारा हा वायूचा पायाभूत नियम ठरला.<ref>{{Cite book|last=West|first=John B.|title=Robert Boyle's Landmark Book of 1660 with the First Description of Boyle's Law|year=1999|journal=Journal of Applied Physiology|volume=87|pages=1543-1549}}</ref> |- | [[इ.स. १६६१|१६६१]] || आधुनिक [[रसायनशास्त्र|रसायनशास्त्राची]] व्याख्या (द स्केप्टिकल केमिस्ट) || — || ॲरिस्टॉटलच्या चार घटकांच्या सिद्धांताला नकार देऊन 'मूलद्रव्य' (एलिमेंट) या संज्ञेची आधुनिक वैज्ञानिक व्याख्या मांडली; यामुळे अलकेमीचे (अल्केमी) रूपांतर आधुनिक रसायनशास्त्रात होण्यास मदत झाली.<ref>{{Cite book|last=Partington|first=J. R.|title=A Short History of Chemistry|year=1960|publisher=Dover Publications|page=67}}</ref> |- | [[इ.स. १६६३|१६६३]] || अम्ल व आम्लारीदर्शक (ॲसिड-बेस इंडिकेटर्स) || — || वनस्पतींच्या अर्काचा (उदा. लिटमस व जांभळ्या कोबीचा अर्क) वापर करून द्रव आम्ल (ॲसिड) आहे की आम्लारी (बेस) हे ओळखण्याची पद्धत विकसित केली.<ref>{{Cite book|last=Szabadváry|first=Ferenc|title=History of Analytical Chemistry|url=https://archive.org/details/historyofanalyti0026fere|year=1966|publisher=Pergamon Press|page=[https://archive.org/details/historyofanalyti0026fere/page/35 35]}}</ref> |- | [[इ.स. १६८०|१६८०]] || [[फॉस्फरस]]च्या ज्वलनाचा शोध व काड्यापेटीची पायाभरणी || [[ॲंथनी वॉल्श]] || फॉस्फरस आणि गंधक एकत्र घासून आग तयार करण्याची पद्धत शोधली, ज्यावरून पुढे आधुनिक काड्यापेटीचा (मॅचेस) विकास झाला.<ref>{{Cite book|last=Hunter|first=Michael|title=Boyle: Between God and Science|url=https://archive.org/details/boylebetweengods0000hunt|year=2009|publisher=Yale University Press|page=[https://archive.org/details/boylebetweengods0000hunt/page/190 190]|isbn=978-0-300-12381-4}}</ref> |} {{DEFAULTSORT:बॉईल, रॉबर्ट}} [[वर्ग:आयरिश रसायनशास्त्रज्ञ]] [[वर्ग:इ.स. १६२७ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. १६९१ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] qy39bcfyzi0o1495pjwo23ubsy3d1qn आसईची लढाई 0 45173 2710796 2705158 2026-09-19T15:20:38Z InternetArchiveBot 130355 Add 4 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710796 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट सैन्य संघर्ष | संघर्ष = आसईची लढाई | या युद्धाचा भाग = [[दुसरे इंग्रज-मराठा युद्ध]] | चित्र = Battle of Assaye2.jpg | चित्र रुंदी = 200 px | चित्रवर्णन = आसईची लढाई | दिनांक = [[२३ सप्टेंबर]] [[इ.स. १८०३|१८०३]] | स्थान = [[आसई]], [[जालना जिल्हा]], [[महाराष्ट्र]]<br /> [http://www.wikimapia.org/#lat=20.233892&lon=75.8900356&z=15&l=5&m=a विकीमॅपीया] | परिणती = ब्रिटिश विजय | सद्यस्थिती = | प्रादेशिक बदल = | पक्ष१ = [[Image:Flag of the Maratha Empire.svg|22px|border]] [[मराठा साम्राज्य|मराठा संस्थानिक]] | पक्ष२ = [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी]] | सेनापती१ = [[शिंदे घराणे|दौलतराव शिंदे]] <br />[[रघूजी भोसले (दुसरे)]] | सेनापती२ = [[आर्थर वेलेस्ली, ड्युक ऑफ वेलिंग्टन|आर्थर वेलेस्ली]] | सैन्यबळ१ = ३०,००० [[घोडदळ]]<br /> १०० [[तोफ|तोफा]] <br /> २०,००० [[पायदळ सैनिक]] | सैन्यबळ२ = ४,५०० घोडदळ<br /> २० [[तोफ|तोफा]] <br /> ४,५०० पायदळ सैनिक | बळी१ = १,२०० ठार व ४,८०० जखमी | बळी२ = ४२८ ठार व १,१५६ जखमी | टिपा = }} '''आसईची लढाई''' मराठे व इंग्रज यांच्यात [[२३ सप्टेंबर]], [[इ.स. १८०३|१८०३]] रोजी [[जालना जिल्हा|जालना जिल्ह्यातील]] [[आसई]] येथे झाली.<ref>{{cite web |title=Battle of Assaye |url=https://www.britannica.com/event/Battle-of-Assaye |publisher=[[इन्सायक्लोपीडिया ब्रिटानिका]] |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> यात मराठ्यांचे संख्याबळ जास्त असूनही इंग्रजांचा विजय झाला.<ref name="wells">{{cite book |last=Weller |first=Jac |title=Wellington in India |url=https://archive.org/details/wellingtoninindi0000well |publisher=Greenhill Books |year=1993 |isbn=978-1853673979}}</ref> == पार्श्वभूमी == [[दुसरे बाजीराव पेशवे]] हे अधिकाराने जरी मराठ्यांच्या राज्याचा मुख्य कार्यकारी असला तरी पेशव्यांचे राज्यावरचे नियंत्रण संपुष्टात आल्यात जमा होते.<ref>{{cite book |last=सरदेसाई |first=गोविंद सखाराम |title=मराठी रियासत |publisher=पॉप्युलर प्रकाशन |year=१९८९}}</ref> मराठ्यांची सत्ताकेंद्र पुण्यावरून आता [[इंदूर]] व [[ग्वाल्हेर]] येथे गेलेले होते. [[महादजी शिंदे]] यांच्या निधनानंतर मराठ्यांच्या एकीमधील कच्चे दुवे बाहेर येऊ लागले. दुसऱ्या बाजीरावाचा [[यशवंतराव होळकर]] यांनी [[ऑक्टोबर २५|२५ ऑक्टोबर]], [[इ.स. १८०२|१८०२]] रोजी पुण्याच्या जवळ पराभव केला.<ref name="sardesai">{{cite book |last=Choksey |first=R. D. |title=A History of British Diplomacy at the Court of the Peshwas |publisher=Metropolitan Book Co. |year=1969}}</ref> पराभवानंतर होळकरांनी पुण्याचा ताबा घेतला व बाजीराव पळून इंग्रजांकडे आश्रयासाठी गेला व तह केला. हा तह [[वसईचा तह]] या नावाने ओळखला जातो.<ref name="sardesai" /> या तहानुसार इंग्रजांनी बाजीरावला मराठ्यांच्या सत्तास्थानी पुन्हा बसवण्यासाठी मदत करण्याचे मान्य केले. अशा प्रकारे बाजीराव-इंग्रज सरकार व [[ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी]] विरुद्ध शिंदे व इतर काही मराठा संस्थानिक असे [[दुसरे इंग्रज-मराठा युद्ध]] सुरू झाले.<ref>{{cite book |last=Cooper |first=Randolf G. S. |title=The Anglo-Maratha Campaigns and the Contest for India |url=https://archive.org/details/anglomarathacamp0000coop |publisher=Cambridge University Press |year=2003 |isbn=978-0521824446}}</ref> मराठ्यांचे नेतृत्व शिंदे यांचे होते तर इंग्रजांचे नेतृत्व [[आर्थर वेलेस्ली (वेलिंग्टनचा पहिला ड्युक)|आर्थर वेलेस्ली]] याने केले.<ref name="wells" /> == युद्ध == [[चित्र:Battle of Assaye Marathi.svg|thumb|left|200 px|आसईच्या लढाईतील दोन्ही सैन्यांची व्यूहरचना]]इंग्रजांनी युद्धात उतरायचे ठरवल्यावर त्यांना मराठ्यांवर आक्रमण करणे भाग होते. त्या दृष्टीने त्यांनी प्रथम [[नागपूरचे राज्य|नागपूरच्या भोसल्यांवर]] आक्रमण करावयाचे ठरवले. शिंदे यांनी पण आपली सेना शत्रूला शक्यतो लवकर संपवावे यासाठी भोसल्यांच्या मदतीला आणली.<ref name="wells" /> मराठे व इंग्रज या दोन्ही फौजा चांगल्या जागा व वेळेच्या शोधात होत्या. मराठ्यांकडे ४०-५० हजार नियमित सैनिक होते व बराच मोठा [[तोफखाना]] होता. मोठे संख्याबळ व तोफखान्याच्या जोरावर इंग्रजांवर मात करू असा विश्वास मराठ्यांच्या सरदारांना होता, तर वेलेस्लीला त्याच्या शिस्तबद्ध इंग्रज लष्करावर विश्वास होता. इंग्रज सैन्य मराठ्यांच्या फौजेला गाठून हरवायच्या बेतात होते तर मराठ्यांना अजूनही पारंपरिक [[गनिमी कावा|गनिमी काव्याच्या]] पद्धतीवर विश्वास होता.<ref name="cooper">{{cite book |last=Biddulph |first=John |title=The Nineteenth Headlines in India: The Battle of Assaye |publisher=John Murray |year=1905}}</ref> इंग्रजांचे सैन्य दोन मुख्य तुकड्यांमध्ये विभागले होते. एक तुकडी घेऊन कर्नल स्टीव्हन्सनने पश्चिमेकडून चाल केली तर वेलेस्लीने दुसरी तुकडी घेऊन दुसऱ्या बाजूने चाल करायचे व दोन्ही बाजूंनी मराठ्यांना गाठून कोंडीत पकडायचे ठरविले. परंतु वेलेस्लीला मराठ्यांची गाठ लवकर पडली. [[सप्टेंबर २३|२३ सप्टेंबर]] [[इ.स. १८०३|१८०३]] रोजी दोन्ही सेना आमने-सामने आल्या.<ref name="wells" /> मराठ्यांची सेना केळणा व [[जुई नदी]]च्या संगमापाशी स्थित होती.<ref name="cooper" /> मराठा सेनापतींच्या अंदाजानुसार वेलेस्लीला नदी ओलांडावी लागेल व त्याचा फायदा आपण घेऊ असा विश्वास होता. युद्धनीतीच्या दृष्टीने मराठ्यांची स्थिती वरचढ होती. वेलेस्लीकडे सेना कमी होती तसेच कुमक येण्यासाठी अजून काही दिवस वाट पाहावी लागली असती, परंतु वेलेस्लीने आक्रमणाचा निर्णय घेतला. त्याने केळणा नदीच्या कडेकडेने नदी कुठे पार करता येईल याचा अंदाज घेतला. स्थानिक वाटाड्यांनुसार जवळ कुठेही नदी उथळ नव्हती, परंतु आष्टीजवळ त्याला उथळ जागा सापडली. ७४ व्या व ७८ व्या हायलँडर तुकडीच्या जोरावर इंग्रजांनी जोरदार हल्ला चढवला.<ref name="wells" /> प्रगत बंदुका व तोफांमुळे मराठ्यांच्या सेनेला मागे हटावे लागले. या युद्धात सुमारे ६,००० मराठे सैनिक कामी आले किंवा जखमी झाले, तर ब्रिटिशांचे १,५०० हून अधिक सैनिक मारले गेले व जखमी झाले.<ref name="wells" /> मराठ्यांचा इंग्रजांविरुद्धचा हा एक प्रबळ प्रतिकार होता. [[आर्थर वेलेस्ली (वेलिंग्टनचा पहिला ड्युक)|वेलेस्लीच्या]] मते हे त्याच्या कारकिर्दीतील त्याने लढलेले सर्वोत्तम व सर्वात कठीण युद्ध होय.<ref>{{cite book |last=Holmes |first=Richard |title=Wellington: The Iron Duke |url=https://archive.org/details/wellingtonirondu0000holm_b8i9 |publisher=HarperCollins |year=2002 |isbn=978-0007137503}}</ref> == कारणमीमांसा == मराठ्यांचे संख्याबळ अधिक असूनही त्यांचा पराभव झाला. इंग्रजांची उच्च दर्जाची शस्त्रास्त्रे, आधुनिक शिस्त व युद्धपद्धती यांत इंग्रज वरचढ होते.<ref name="cooper" /> तसेच मराठ्यांचे गनिमी काव्याचे तंत्र युरोपीय आमने-सामनेच्या तोफखाना युद्धतंत्रापुढे प्रभावी ठरू शकले नाही. मराठ्यांकडे [[महादजी शिंदे]] नंतर त्यांच्या तोडीचा एकसंध नेतृत्व देणारा सेनापती नव्हता, त्याचा मोठा फटका मराठ्यांना बसला.<ref>{{cite book |last=Sardesai |first=G. S. |title=New History of the Marathas: Volume 3 |publisher=Phoenix Publications |year=1948}}</ref> == साहित्यात == बर्नार्ड कॉर्नवेल यांच्या 'शार्पेज सिरीज' अंतर्गत ''शार्पेज ट्रायम्फ: रिचर्ड शार्पे अँड द बॅटल ऑफ असायी, सप्टेंबर १८०३'' मध्ये या युद्धाचे नाट्यमय वर्णन आले आहे.<ref>{{cite book |last=Cornwell |first=Bernard |title=Sharpe's Triumph: Richard Sharpe and the Battle of Assaye, September 1803 |url=https://archive.org/details/sharpestriumph0000corn |publisher=HarperCollins |year=1998 |isbn=978-0002256308}}</ref> यात रिचर्ड शार्पे वेलेस्ली यांचा मोठ्या बहादुरीने जीव वाचवतो असे चित्रित केले आहे.<ref name="cornwell" /> == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{मराठा साम्राज्य}} [[वर्ग:मराठा साम्राज्य सहभागी असलेल्या लढाया]] [[वर्ग:युनायटेड किंग्डमचा इतिहास]] [[वर्ग:इ.स. १८०३]] [[वर्ग:दुसरे इंग्रज-मराठा युद्ध]] [[वर्ग:जालना जिल्ह्याचा इतिहास]] qmjxzg0hjgt1a678l0u1lkp6en64vy9 ढगाळ बिबट्या 0 46407 2710806 2705185 2026-09-19T16:02:08Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710806 wikitext text/x-wiki {{जीवचौकट | नाव = ढगाळ बिबट्या | स्थिती = VU | trend = down | स्थिती_प्रणाली = iucn3.1 | स्थिती_संदर्भ = <ref name=iucn>{{IUCN2006|assessors=Cat Specialist Group|year=2002|id=14519|title=Neofelis nebulosa|downloaded=11 May 2006}} Database entry includes justification for why this species is vulnerable</ref> | चित्र = Neofelis nebulosa.jpg | चित्र_रुंदी = 300px | regnum = [[प्राणी]] | वंश = [[कणाधारी प्राणी|कणाधारी]] | जात = [[सस्तन]] | वर्ग = [[मांसभक्षक]] | कुळ = [[मार्जार कुळ]] | उपकुळ = [[पॅन्थेरिने]] | जातकुळी = ''[[निओफेलिस]]'' | जीव = '''''नि. नेब्युलोसा''''' | बायनॉमियल = '''''निओफेलिस नेब्युलोसा''''' | synonyms = ''फेलिस मॅक्रोसेलिस''<br />''फेलिस मार्मोटा'' | आढळप्रदेश_नकाशा= Clouded leopard.PNG | आढळप्रदेश_नकाशा_रुंदी= 250px | आढळप्रदेश_नकाशा_title= ढगाळ बिबट्याचा आढळप्रदेश | बायनॉमियल2 = ''निओफेलिस नेब्युलोसा'' | बायनॉमियल_अधिकारी = ([[एडवर्ड ग्रिफिथ|ग्रिफिथ]], [[इ.स. १८२१|१८२१]]) }} [[File:Clouded leopard (Neofelis nebulosa) in a zoo.webm|thumb|ढगाळ बिबट्या]] '''ढगाळ बिबट्या''' (शास्त्रीय नाव: ''Neofelis nebulosa'', ''निओफेलिस नेब्युलोसा'' ; [[इंग्लिश भाषा|इंग्लिश]]: ''Clouded Leopard'', ''क्लाउडेड लेपर्ड'') हा [[भारत]]ाच्या [[आसाम]], [[अरुणाचल प्रदेश]], [[मणिपूर]] राज्यातील तराईच्या जंगलात आढळणारा प्राणी आहे. याचा सर्वाधिक आढळ [[भूतान]]मध्ये आहे. ह्या प्राण्याला '''लामचित्ता''' असेही नाव आहे.  == वर्णन == ढगाळ बिबट्या हा बिबट्या सदॄश दिसतो पण ठिपक्यांऐवजी त्याच्या अंगावर मोठे मोठे ब्लॉक असतात म्हणूनच याचे नाव ढगाळ बिबट्या असे पडले आहे. हा आकाराने खूपच लहान असतो व वजन जेमतेम २०-२२ किलोपर्यंत भरते. मांजरांमध्ये मार्जारकुळामध्ये सर्वात जाड शेपटी याची असते. हा मुख्यत्वे झाडावर राहणे पसंत करतो व क्वचितच जमिनीवर उतरतो. त्याच्या जाड शेपटीमुळे त्याला झाडावर तोल सांभाळणे सोपे जाते. तो पिल्लांना झाडाच्या ढोलीत वाढवतो<ref> {{स्रोत पुस्तक | title = द बुक ऑफ इंडियन अ‍ॅनिमल्स {{मृत दुवा}}| url = https://archive.org/details/bookofindiananim0000prat|language=इंग्रजी|last=प्रेटर|first=एस.एच.|year=१७ डिसेंबर २०११|isbn=0195621697|publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस|ref=गुगल बुक्स}} </ref>. मार्जार कुळातील मोठ्या मार्जारांमध्ये व ढगाळ बिबट्यांमध्ये कवटीची रचना व दात या दोन बाबतीत तफावत असते. ढगाळ बिबट्याचे वरचे सुळे इतर मार्जारांपेक्षा जास्त विकसित असतात. == संदर्भ व नोंदी == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{वाईल्ड लाईफ|ढगाळ बिबट्या १|Clouded_Leopard#p00b7k1v}} * {{वाईल्ड लाईफ|ढगाळ बिबट्या २|Clouded_Leopard#p00b7k0p}} * {{वाईल्ड लाईफ|ढगाळ बिबट्या ३|Clouded_Leopard#p00b3k18}} {{विस्तार}} [[वर्ग:मार्जार कुळ]] [[वर्ग:सस्तन प्राणी]] 1ysija1jgpqmbx5m892xe7n7pfokxzn काकीनाडा लोकसभा मतदारसंघ 0 50705 2710765 2614025 2026-09-19T14:56:11Z अभय नातू 206 माहिती 2710765 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''काकीनाडा लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Kakinada Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> या मतदारसंघात संपूर्ण [[काकीनाडा जिल्हा|काकीनाडा जिल्ह्याचा]] समावेश होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == काकीनाडा लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[तुनी विधानसभा मतदारसंघ|तुनी]] # [[प्रतीपाडू विधानसभा मतदारसंघ|प्रतीपाडू]] # [[पिठापूरम विधानसभा मतदारसंघ|पिठापूरम]] # [[काकीनाडा ग्रामीण विधानसभा मतदारसंघ|काकीनाडा ग्रामीण]] # [[पेड्डापूरम विधानसभा मतदारसंघ|पेड्डापूरम]] # [[काकीनाडा शहर विधानसभा मतदारसंघ|काकीनाडा शहर]] # [[जग्गमपेटा विधानसभा मतदारसंघ|जग्गमपेटा]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[चेलीकानी व्यंकट रामाराव]] || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[बय्या सूर्यनारायण मूर्ती]] / [[मोसलीगंती तिरुमला राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[मोसलीगंती तिरुमला राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[मोसलीगंती तिरुमला राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[एम. एस. संजीव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[एम. एस. संजीव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[एम. एस. संजीव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[तोता गोपाळ कृष्ण]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[तोता सुब्बा राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[तोता गोपाळ कृष्ण]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[कृष्णम राजू]] || [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[मुद्रगडा पद्मनाभम]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[तोता नरसिंहम]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[वंगा गीता विश्वनाथ]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[तंगल्ला उदय श्रीनिवास]] || [[जनसेना पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">[https://resultuniversity.com/election/kakinada-lok-sabha Kakinada Lok Sabha Constituency Election Result 2024], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[जनसेना पक्ष]]''' || '''[[तंगल्ला उदय श्रीनिवास]]''' || '''७,२९,६६९''' || '''५४.८७%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || चेलमलेशेट्टी सुनील || ५,००,२०८ || ३७.६२% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]] || २१,१२४ || १.५९% |- | नोटा || नोटा || १३,४२० || १.०१% |- | मताधिक्य || तंगल्ला उदय श्रीनिवास || २,२९,४६१ || १७.२५% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/kakinada-lok-sabha Kakinada Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[वंगा गीता विश्वनाथ]]''' || '''५,३७,६३०''' || '''४३.४७%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || चेलमलेशेट्टी सुनील || ५,११,८९२ || ४१.३९% |- | [[जनसेना पक्ष]] || ज्योथुला व्यंकटेश्वर राव || १,३२,६४८ || १०.७२% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || यल्ला व्यंकट राममोहन राव || ९,५९६ || ०.७८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || मल्लीपुडी श्री रामचंद्र मूर्ती || ८,६४० || ०.७०% |- | नोटा || नोटा || १७,१५३ || १.३९% |- | मताधिक्य || वंगा गीता विश्वनाथ || २५,७३८ || २.०८% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/kakinada-lok-sabha Kakinada Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[तोता नरसिंहम]]''' || '''५,१४,४०२''' || '''४६.७६%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || चेलमलेशेट्टी सुनील || ५,१०,९७१ || ४६.४५% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]] || १९,७५४ || १.७९% |- | नोटा || नोटa || ४,३१० || ०.३९% |- | मताधिक्य || तोता नरसिंहम || ३,४३१ || ०.३१% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/kakinada-lok-sabha Kakinada Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]]''' || '''३,२३,६०७''' || '''३३.५१%''' |- | प्रजा राज्यम पक्ष || चेलमलेशेट्टी सुनील || २,८९,५६३ || २९.९९% |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || वासमशेट्टी सत्य || २,५८,०४६ || २६.७२% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || बिक्कीना विश्वेश्वर राव || १४,८६१ || १.५४% |- | मताधिक्य || मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू || ३४,०४४ || ३.५२% |} === २००४ निवडणूक <ref name="resultuniv2004">[https://resultuniversity.com/election/kakinada-lok-sabha Kakinada Lok Sabha Constituency Election Result 2004], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]]''' || '''४,१०,९८२''' || '''४९.३८%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[मुद्रगडा पद्मनाभम]] || ३,५३,७३० || ४२.५०% |- | [[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]] || चंद्रावती द्वारमपुडी || ३०,१५३ || ३.६२% |- | मताधिक्य || मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू || ५७,२५२ || ६.८८% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="resultuniv1999">[https://resultuniversity.com/election/kakinada-lok-sabha Kakinada Lok Sabha Constituency Election Result 1999], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[मुद्रगडा पद्मनाभम]]''' || '''४,३५,८११''' || '''५३.६४%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[तोता सुब्बा राव]] || ३,१४,३७६ || ३८.६९% |- | मताधिक्य || मुद्रगडा पद्मनाभम || १,२१,४३५ || १४.९५% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="resultuniv1998">[https://resultuniversity.com/election/kakinada-lok-sabha Kakinada Lok Sabha Constituency Election Result 1998], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]]''' || '''[[कृष्णम राजू]]''' || '''३,३०,३८१''' || '''४१.०६%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[तोता गोपाळ कृष्ण]] || २,६२,५८२ || ३२.६३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]] || १,९३,१७८ || २४.०१% |- | मताधिक्य || कृष्णम राजू || ६७,७९९ || ८.४३% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Kakinada_Lok_Sabha_constituency Kakinada Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[तोता गोपाळ कृष्ण]]''' || '''३,०८,४८०''' || '''४२.३७%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[तोता सुब्बा राव]] || २,६९,९८१ || ३७.०९% |- | NTR तेदेप || चिक्काला रामचंद्र राव || १,२२,१४९ || १६.७८% |- | मताधिक्य || तोता गोपाळ कृष्ण || ३८,४९९ || ५.२८% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[तोता सुब्बा राव]]''' || '''२,८७,३५७''' || '''४८.८५%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]] || २,५२,०४० || ४२.८५% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || राव व्यंकट महीपती राम रत्न राव || २०,८९४ || ३.५५% |- | मताधिक्य || तोता सुब्बा राव || ३५,३१७ || ६.००% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू]]''' || '''३,८३,६८१''' || '''५४.४५%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[तोता गोपाळ कृष्ण]] || ३,००,६९८ || ४२.६७% |- | मताधिक्य || मल्लीपुडी मंगपती पल्लम राजू || ८२,९८३ || ११.७८% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[तोता गोपाळ कृष्ण]]''' || '''३,४१,८२०''' || '''६०.३८%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एम. एस. संजीव राव]] || २,१३,४५० || ३७.७०% |- | मताधिक्य || तोता गोपाळ कृष्ण || १,२८,३७० || २२.६८% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[एम. एस. संजीव राव]]''' || '''२,६८,५२०''' || '''५६.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राव || १,४२,३५० || २९.८०% |- | मताधिक्य || एम. एस. संजीव राव || १,२६,१७० || २६.४०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एम. एस. संजीव राव]]''' || '''२,५४,३२०''' || '''५८.१०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || सी. व्ही. के. राव || १,६८,५२० || ३८.५०% |- | मताधिक्य || एम. एस. संजीव राव || ८५,८०० || १९.६०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एम. एस. संजीव राव]]''' || '''३,१३,०६०''' || '''७२.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (संघटन)]] || सी. व्ही. के. राव || १,०८,४२० || २४.९६% |- | मताधिक्य || एम. एस. संजीव राव || २,०४,६४० || ४७.१४% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मोसलीगंती तिरुमला राव]]''' || '''१,९८,५२०''' || '''५४.८०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || सी. व्ही. के. राव || १,४२,३५० || ३९.३०% |- | मताधिक्य || मोसलीगंती तिरुमला राव || ५६,१७० || १५.५०% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मोसलीगंती तिरुमला राव]]''' || '''१,६८,४२०''' || '''५२.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || सी. व्ही. के. राव || १,२८,६५० || ३९.९०% |- | मताधिक्य || मोसलीगंती तिरुमला राव || ३९,७७० || १२.३०% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बय्या सूर्यनारायण मूर्ती]]''' || '''बिनविरोध / निवडून आलेले''' |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मोसलीगंती तिरुमला राव]]''' || '''बिनविरोध / निवडून आलेले''' |} === १९५२ निवडणूक (मद्रास राज्य) <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[चेलीकानी व्यंकट रामाराव]]''' || '''१,३५,६२०''' || '''५३.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || बी. एस. मूर्ती || १,०५,३२० || ४१.४७% |- | मताधिक्य || चेलीकानी व्यंकट रामाराव || ३०,३०० || ११.९३% |} == विधानसभा मतदारसंघ == काकीनाडा लोकसभा मतदारसंघात ७ विधानसभा मतदारसंघ आहेत.<ref name="ceo">{{cite web|url=http://eci.nic.in/eci_main/CurrentElections/CONSOLIDATED_ORDER%20_ECI%20.pdf|title=Delimitation of Parliamentary and Assembly Constituencies Order, 2008|publisher=The Election Commission of India|page=30}}</ref> {| class="wikitable sortable" !# ! मतदारसंघ ! जिल्हा ! आमदार ! पक्ष |- |३५ |[[तुनी विधानसभा मतदारसंघ|तुनी]] | rowspan="7" |[[काकीनाडा जिल्हा|काकीनाडा]] | [[यनमला दिव्या]] |{{Party color cell|तेलुगू देशम पक्ष}} |[[तेलुगु देसम]] |- | ३६ |[[प्रतिपदु विधानसभा मतदारसंघ|प्रतिपदु]] |[[वरुपुला सत्यप्रभा]] |{{Party color cell|तेलुगु देसम}} |[[तेलुगु देसम]] |- | ३७ |[[पिथापुरम विधानसभा मतदारसंघ|पिथापुरम]] |[[पवन कल्याण]] |{{Party color cell|जनसेना पक्ष}} |[[जनसेना पक्ष]] |- | ३८ |[[काकीनाडा ग्रामीण विधानसभा मतदारसंघ|काकीनाडा ग्रामीण]] |[[पंतम वेंकटेश्वर राव]] |{{Party color cell|जनसेना पक्ष}} |[[जनसेना पक्ष]] |- |३९ |[[पेद्दापुरम विधानसभा मतदारसंघ|पेद्दापुरम]] | [[निम्मकायला चिनाराजप्पा]] |{{Party color cell|तेलुगु देसम}} |[[तेलुगु देसम]] |- |४१ |[[काकीनाडा शहर विधानसभा मतदारसंघ|काकीनाडा शहर]] | [[वनमाडी वेंकटेश्वर राव]] |{{Party color cell|तेलुगु देसम}} |[[तेलुगु देसम]] |- |५२ |[[जग्गमपेटा विधानसभा मतदारसंघ|जग्गमपेटा]] | [[ज्योतुला नेहरू]] |{{Party color cell|तेलुगु देसम}} |[[तेलुगु देसम]] |} == खासदार == ==हे सुद्धा पहा== *[[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] {{विस्तार}} ==बाह्य दुवे== {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp07.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:काकीनाडा जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:काकीनाडा लोकसभा मतदारसंघ|*]] 4uswk8b37kp2673x7gd6f480sxibzrn अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघ 0 50707 2710783 2488501 2026-09-19T15:14:05Z अभय नातू 206 माहिती 2710783 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Amalapuram Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> हा मतदारसंघ अनुसूचित जातीच्या (SC) उमेदवारांसाठी राखीव आहे. यात संपूर्ण [[डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिल्हा|डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[रामचंद्रपुरम विधानसभा मतदारसंघ|रामचंद्रपुरम]] # [[मुम्मिडीवरम विधानसभा मतदारसंघ|मुम्मिडीवरम]] # [[अमलापुरम विधानसभा मतदारसंघ|अमलापुरम]] (अनुसूचित जाती) # [[राझोले विधानसभा मतदारसंघ|राझोले]] (अनुसूचित जाती) # [[गान्नवरम विधानसभा मतदारसंघ|गान्नवरम]] (अनुसूचित जाती) # [[कोठापेट विधानसभा मतदारसंघ|कोठापेट]] # [[मंडपेटा विधानसभा मतदारसंघ|मंडपेटा]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९५२]] || [[कणिती मोहाना राव]] / [[बी. एस. मूर्ती]] (द्विसदस्यीय) || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] / [[किसान मजदूर प्रजा पक्ष]] |- | [[१९५७ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९५७]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९६२]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९६७]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९७१]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९७७]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९८०]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९८४]] || [[अज्जाला अप्पला स्वामी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९८९]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९१]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९६]] || [[के. एस. आर. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९८ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९८]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९९]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | २००२ (पोटनिवडणूक) || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२००४]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२००९]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२०१४]] || [[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२०१९]] || [[चिंता अनुराधा]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२०२४]] || [[गंथी हरीश मधुर]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2024], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[गंथी हरीश मधुर]]''' || '''७,३७,८३८''' || '''५४.७६%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[रापुका विश्वप्रसाद राव]] || ४,९५,३४२ || ३६.७६% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जंगम गौतम]] || ६८,८०५ || ५.११% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || ०.९९% |- | मताधिक्य || गंथी हरीश मधुर || २,४२,४९६ || १८.००% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[चिंता अनुराधा]]''' || '''४,८५,३१३''' || '''३९.४३%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[गंथी हरीश मधुर]] || ४,४५,३४७ || ३६.१८% |- | [[जनसेना पक्ष]] || [[डीएमआर सेखर]] || २,५४,८४८ || २०.७१% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || आययाजी वेमा माणेपल्ली || ११,५०१ || ०.९३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ९,९४६ || ०.८१% |- | नोटा || नोटा || १६,६२६ || १.३५% |- | मताधिक्य || चिंता अनुराधा || ३९,९६६ || ३.२५% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]]''' || '''५,९४,१६१''' || '''५३.०४%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || पिनीपे विश्वरुप || ४,७३,५८५ || ४२.२८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एआयटीजे राजा]] || १२,१६८ || १.०९% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.६२% |- | मताधिक्य || डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू || १,२०,५७६ || १०.७६% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[जी. व्ही. हर्ष कुमार]]''' || '''३,६८,५०१''' || '''३५.५३%''' |- | प्रजा राज्यम पक्ष || पिनीपे विश्वरुप || ३,२८,४९६ || ३१.६७% |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]] || २,८३,५१८ || २७.३४% |- | मताधिक्य || जी. व्ही. हर्ष कुमार || ४०,००५ || ३.८६% |} === २००४ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Amalapuram_Lok_Sabha_constituency Amalapuram Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[जी. व्ही. हर्ष कुमार]]''' || '''४,६७,६७८''' || '''५५.६१%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[दुन्था रमेश]] || ३,५४,२९३ || ४२.१३% |- | मताधिक्य || जी. व्ही. हर्ष कुमार || १,१३,३८५ || १३.४८% |} === २००२ पोटनिवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[विजया कुमारी बालयोगी]]''' || '''३,७४,६१५''' || '''५१.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ३,४२,८५० || ४७.०४% |- | मताधिक्य || विजया कुमारी बालयोगी || ३१,७६५ || ४.३६% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''४,१५,६७८''' || '''५४.९८%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ३,००,७९९ || ३९.७८% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || १,१४,८७९ || १५.२०% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''३,४३,९६०''' || '''४६.९१%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[के. एस. आर. मूर्ती]] || २५३,७२० || ३४.६०% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || कोथा पल्ली सुब्बा राव || १२५,३२० || १७.०९% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || ९०,२४० || १२.३१% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[के. एस. आर. मूर्ती]]''' || '''३,१९,८५०''' || '''४५.६५%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || २,९०,६२० || ४१.४८% |- | NTR तेदेप || मत्सा व्यंकटेश्वरलू || ६५,४२० || ९.३४% |- | मताधिक्य || के. एस. आर. मूर्ती || २९,२३० || ४.१७% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''२,७३,५४०''' || '''४७.८०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || २,३५,४२० || ४१.१४% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || ३८,१२० || ६.६६% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''३,५६,४२०''' || '''५२.८०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[अज्जाला अप्पला स्वामी]] || ३,०२,३५० || ४४.८०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || ५४,०७० || ८.००% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[अज्जाला अप्पला स्वामी]]''' || '''३,३२,४५०''' || '''६०.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || २,०२,३४० || ३६.६३% |- | मताधिक्य || अज्जाला अप्पला स्वामी || १,३०,११० || २३.५७% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''२,५८,४१०''' || '''५७.४०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राव || १,४५,३२० || ३२.३०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || १,१३,०९० || २५.१०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''२,४८,५२०''' || '''५६.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || बी. एस. मूर्ती || १,६८,४५० || ३८.१०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || ८०,०७० || १८.१०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''२,१५,३२०''' || '''६४.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (संघटन)]] || सी. मुथय्या || १,०५,३२० || ३१.४०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || १,१०,००० || ३२.८०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,८५,६२०''' || '''५२.१०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || के. एन. राव || १,४५,३२० || ४०.८०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ४०,३०० || ११.३०% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,५४,२५०''' || '''५३.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || कणिती मोहाना राव || १,२२,३४० || ४२.२०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ३१,९१० || ११.००% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,४५,३२०''' || '''५५.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || कणिती मोहाना राव || १,१०,३२० || ४१.८०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ३५,००० || १३.३०% |} === १९५२ निवडणूक (मद्रास राज्य) <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[कणिती मोहाना राव]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.४०%''' |- | '''[[किसान मजदूर प्रजा पक्ष]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,२८,३५०''' || '''४८.७०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || बी. व्ही. सेय्या || १,१२,४५० || ४२.६६% |- | मताधिक्य || कणिती मोहाना राव || ७,०७० || २.७०% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] == बाह्य दुवे == * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp09.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:कोनासीमा जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघ|*]] sfql67fqa0fusvfw7isxl4umn1c9jn9 2710784 2710783 2026-09-19T15:14:07Z KiranBOT II 140753 शुद्धलेखन — ([[सदस्य:KiranBOT II/typos#नियम_८.१|शुद्धलेखनाचा नियम ८.१]]) 2710784 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Amalapuram Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> हा मतदारसंघ अनुसूचित जातीच्या (SC) उमेदवारांसाठी राखीव आहे. यात संपूर्ण [[डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिल्हा|डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[रामचंद्रपुरम विधानसभा मतदारसंघ|रामचंद्रपुरम]] # [[मुम्मिडीवरम विधानसभा मतदारसंघ|मुम्मिडीवरम]] # [[अमलापुरम विधानसभा मतदारसंघ|अमलापुरम]] (अनुसूचित जाती) # [[राझोले विधानसभा मतदारसंघ|राझोले]] (अनुसूचित जाती) # [[गान्नवरम विधानसभा मतदारसंघ|गान्नवरम]] (अनुसूचित जाती) # [[कोठापेट विधानसभा मतदारसंघ|कोठापेट]] # [[मंडपेटा विधानसभा मतदारसंघ|मंडपेटा]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९५२]] || [[कणिती मोहाना राव]] / [[बी. एस. मूर्ती]] (द्विसदस्यीय) || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] / [[किसान मजदूर प्रजा पक्ष]] |- | [[१९५७ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९५७]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९६२]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९६७]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९७१]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९७७]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९८०]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९८४]] || [[अज्जाला अप्पला स्वामी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९८९]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९१]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९६]] || [[के. एस. आर. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९८ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९८]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९९]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | २००२ (पोटनिवडणूक) || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२००४]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२००९]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२०१४]] || [[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२०१९]] || [[चिंता अनुराधा]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२०२४]] || [[गंथी हरीश मधुर]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2024], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[गंथी हरीश मधुर]]''' || '''७,३७,८३८''' || '''५४.७६%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[रापुका विश्वप्रसाद राव]] || ४,९५,३४२ || ३६.७६% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जंगम गौतम]] || ६८,८०५ || ५.११% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || ०.९९% |- | मताधिक्य || गंथी हरीश मधुर || २,४२,४९६ || १८.००% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[चिंता अनुराधा]]''' || '''४,८५,३१३''' || '''३९.४३%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[गंथी हरीश मधुर]] || ४,४५,३४७ || ३६.१८% |- | [[जनसेना पक्ष]] || [[डीएमआर सेखर]] || २,५४,८४८ || २०.७१% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || आययाजी वेमा माणेपल्ली || ११,५०१ || ०.९३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ९,९४६ || ०.८१% |- | नोटा || नोटा || १६,६२६ || १.३५% |- | मताधिक्य || चिंता अनुराधा || ३९,९६६ || ३.२५% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]]''' || '''५,९४,१६१''' || '''५३.०४%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || पिनीपे विश्वरूप || ४,७३,५८५ || ४२.२८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एआयटीजे राजा]] || १२,१६८ || १.०९% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.६२% |- | मताधिक्य || डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू || १,२०,५७६ || १०.७६% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[जी. व्ही. हर्ष कुमार]]''' || '''३,६८,५०१''' || '''३५.५३%''' |- | प्रजा राज्यम पक्ष || पिनीपे विश्वरूप || ३,२८,४९६ || ३१.६७% |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]] || २,८३,५१८ || २७.३४% |- | मताधिक्य || जी. व्ही. हर्ष कुमार || ४०,००५ || ३.८६% |} === २००४ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Amalapuram_Lok_Sabha_constituency Amalapuram Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[जी. व्ही. हर्ष कुमार]]''' || '''४,६७,६७८''' || '''५५.६१%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[दुन्था रमेश]] || ३,५४,२९३ || ४२.१३% |- | मताधिक्य || जी. व्ही. हर्ष कुमार || १,१३,३८५ || १३.४८% |} === २००२ पोटनिवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[विजया कुमारी बालयोगी]]''' || '''३,७४,६१५''' || '''५१.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ३,४२,८५० || ४७.०४% |- | मताधिक्य || विजया कुमारी बालयोगी || ३१,७६५ || ४.३६% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''४,१५,६७८''' || '''५४.९८%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ३,००,७९९ || ३९.७८% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || १,१४,८७९ || १५.२०% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''३,४३,९६०''' || '''४६.९१%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[के. एस. आर. मूर्ती]] || २५३,७२० || ३४.६०% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || कोथा पल्ली सुब्बा राव || १२५,३२० || १७.०९% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || ९०,२४० || १२.३१% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[के. एस. आर. मूर्ती]]''' || '''३,१९,८५०''' || '''४५.६५%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || २,९०,६२० || ४१.४८% |- | NTR तेदेप || मत्सा व्यंकटेश्वरलू || ६५,४२० || ९.३४% |- | मताधिक्य || के. एस. आर. मूर्ती || २९,२३० || ४.१७% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''२,७३,५४०''' || '''४७.८०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || २,३५,४२० || ४१.१४% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || ३८,१२० || ६.६६% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''३,५६,४२०''' || '''५२.८०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[अज्जाला अप्पला स्वामी]] || ३,०२,३५० || ४४.८०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || ५४,०७० || ८.००% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[अज्जाला अप्पला स्वामी]]''' || '''३,३२,४५०''' || '''६०.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || २,०२,३४० || ३६.६३% |- | मताधिक्य || अज्जाला अप्पला स्वामी || १,३०,११० || २३.५७% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''२,५८,४१०''' || '''५७.४०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राव || १,४५,३२० || ३२.३०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || १,१३,०९० || २५.१०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''२,४८,५२०''' || '''५६.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || बी. एस. मूर्ती || १,६८,४५० || ३८.१०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || ८०,०७० || १८.१०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''२,१५,३२०''' || '''६४.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (संघटन)]] || सी. मुथय्या || १,०५,३२० || ३१.४०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || १,१०,००० || ३२.८०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,८५,६२०''' || '''५२.१०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || के. एन. राव || १,४५,३२० || ४०.८०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ४०,३०० || ११.३०% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,५४,२५०''' || '''५३.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || कणिती मोहाना राव || १,२२,३४० || ४२.२०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ३१,९१० || ११.००% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,४५,३२०''' || '''५५.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || कणिती मोहाना राव || १,१०,३२० || ४१.८०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ३५,००० || १३.३०% |} === १९५२ निवडणूक (मद्रास राज्य) <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[कणिती मोहाना राव]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.४०%''' |- | '''[[किसान मजदूर प्रजा पक्ष]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,२८,३५०''' || '''४८.७०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || बी. व्ही. सेय्या || १,१२,४५० || ४२.६६% |- | मताधिक्य || कणिती मोहाना राव || ७,०७० || २.७०% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] == बाह्य दुवे == * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp09.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:कोनासीमा जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघ|*]] 6w53qm5hrfu7ykur54ql3u4r6pexv2k 2710785 2710784 2026-09-19T15:14:50Z अभय नातू 206 /* खासदार */ 2710785 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Amalapuram Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> हा मतदारसंघ अनुसूचित जातीच्या (SC) उमेदवारांसाठी राखीव आहे. यात संपूर्ण [[डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिल्हा|डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[रामचंद्रपुरम विधानसभा मतदारसंघ|रामचंद्रपुरम]] # [[मुम्मिडीवरम विधानसभा मतदारसंघ|मुम्मिडीवरम]] # [[अमलापुरम विधानसभा मतदारसंघ|अमलापुरम]] (अनुसूचित जाती) # [[राझोले विधानसभा मतदारसंघ|राझोले]] (अनुसूचित जाती) # [[गान्नवरम विधानसभा मतदारसंघ|गान्नवरम]] (अनुसूचित जाती) # [[कोठापेट विधानसभा मतदारसंघ|कोठापेट]] # [[मंडपेटा विधानसभा मतदारसंघ|मंडपेटा]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[कणिती मोहाना राव]] / [[बी. एस. मूर्ती]] (द्विसदस्यीय) || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] / [[किसान मजदूर प्रजा पक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[अज्जाला अप्पला स्वामी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[के. एस. आर. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | २००२ (पोटनिवडणूक) || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[चिंता अनुराधा]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[गंथी हरीश मधुर]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2024], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[गंथी हरीश मधुर]]''' || '''७,३७,८३८''' || '''५४.७६%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[रापुका विश्वप्रसाद राव]] || ४,९५,३४२ || ३६.७६% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जंगम गौतम]] || ६८,८०५ || ५.११% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || ०.९९% |- | मताधिक्य || गंथी हरीश मधुर || २,४२,४९६ || १८.००% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[चिंता अनुराधा]]''' || '''४,८५,३१३''' || '''३९.४३%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[गंथी हरीश मधुर]] || ४,४५,३४७ || ३६.१८% |- | [[जनसेना पक्ष]] || [[डीएमआर सेखर]] || २,५४,८४८ || २०.७१% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || आययाजी वेमा माणेपल्ली || ११,५०१ || ०.९३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ९,९४६ || ०.८१% |- | नोटा || नोटा || १६,६२६ || १.३५% |- | मताधिक्य || चिंता अनुराधा || ३९,९६६ || ३.२५% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]]''' || '''५,९४,१६१''' || '''५३.०४%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || पिनीपे विश्वरूप || ४,७३,५८५ || ४२.२८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एआयटीजे राजा]] || १२,१६८ || १.०९% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.६२% |- | मताधिक्य || डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू || १,२०,५७६ || १०.७६% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[जी. व्ही. हर्ष कुमार]]''' || '''३,६८,५०१''' || '''३५.५३%''' |- | प्रजा राज्यम पक्ष || पिनीपे विश्वरूप || ३,२८,४९६ || ३१.६७% |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]] || २,८३,५१८ || २७.३४% |- | मताधिक्य || जी. व्ही. हर्ष कुमार || ४०,००५ || ३.८६% |} === २००४ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Amalapuram_Lok_Sabha_constituency Amalapuram Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[जी. व्ही. हर्ष कुमार]]''' || '''४,६७,६७८''' || '''५५.६१%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[दुन्था रमेश]] || ३,५४,२९३ || ४२.१३% |- | मताधिक्य || जी. व्ही. हर्ष कुमार || १,१३,३८५ || १३.४८% |} === २००२ पोटनिवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[विजया कुमारी बालयोगी]]''' || '''३,७४,६१५''' || '''५१.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ३,४२,८५० || ४७.०४% |- | मताधिक्य || विजया कुमारी बालयोगी || ३१,७६५ || ४.३६% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''४,१५,६७८''' || '''५४.९८%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ३,००,७९९ || ३९.७८% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || १,१४,८७९ || १५.२०% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''३,४३,९६०''' || '''४६.९१%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[के. एस. आर. मूर्ती]] || २५३,७२० || ३४.६०% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || कोथा पल्ली सुब्बा राव || १२५,३२० || १७.०९% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || ९०,२४० || १२.३१% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[के. एस. आर. मूर्ती]]''' || '''३,१९,८५०''' || '''४५.६५%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || २,९०,६२० || ४१.४८% |- | NTR तेदेप || मत्सा व्यंकटेश्वरलू || ६५,४२० || ९.३४% |- | मताधिक्य || के. एस. आर. मूर्ती || २९,२३० || ४.१७% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''२,७३,५४०''' || '''४७.८०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || २,३५,४२० || ४१.१४% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || ३८,१२० || ६.६६% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''३,५६,४२०''' || '''५२.८०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[अज्जाला अप्पला स्वामी]] || ३,०२,३५० || ४४.८०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || ५४,०७० || ८.००% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[अज्जाला अप्पला स्वामी]]''' || '''३,३२,४५०''' || '''६०.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || २,०२,३४० || ३६.६३% |- | मताधिक्य || अज्जाला अप्पला स्वामी || १,३०,११० || २३.५७% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''२,५८,४१०''' || '''५७.४०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राव || १,४५,३२० || ३२.३०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || १,१३,०९० || २५.१०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''२,४८,५२०''' || '''५६.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || बी. एस. मूर्ती || १,६८,४५० || ३८.१०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || ८०,०७० || १८.१०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''२,१५,३२०''' || '''६४.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (संघटन)]] || सी. मुथय्या || १,०५,३२० || ३१.४०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || १,१०,००० || ३२.८०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,८५,६२०''' || '''५२.१०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || के. एन. राव || १,४५,३२० || ४०.८०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ४०,३०० || ११.३०% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,५४,२५०''' || '''५३.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || कणिती मोहाना राव || १,२२,३४० || ४२.२०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ३१,९१० || ११.००% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,४५,३२०''' || '''५५.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || कणिती मोहाना राव || १,१०,३२० || ४१.८०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ३५,००० || १३.३०% |} === १९५२ निवडणूक (मद्रास राज्य) <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[कणिती मोहाना राव]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.४०%''' |- | '''[[किसान मजदूर प्रजा पक्ष]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,२८,३५०''' || '''४८.७०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || बी. व्ही. सेय्या || १,१२,४५० || ४२.६६% |- | मताधिक्य || कणिती मोहाना राव || ७,०७० || २.७०% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] == बाह्य दुवे == * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp09.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:कोनासीमा जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघ|*]] 5xw4zv6cbjsoxzmx71bk8qtq4sp0ck3 2710794 2710785 2026-09-19T15:20:10Z अभय नातू 206 /* विधानसभा मतदारसंघ */ 2710794 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Amalapuram Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> हा मतदारसंघ अनुसूचित जातीच्या (SC) उमेदवारांसाठी राखीव आहे. यात संपूर्ण [[डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिल्हा|डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[रामचंद्रपुरम विधानसभा मतदारसंघ|रामचंद्रपुरम]] # [[मुम्मिडीवरम विधानसभा मतदारसंघ|मुम्मिडीवरम]] # [[अमलापुरम विधानसभा मतदारसंघ|अमलापुरम]] (अनुसूचित जाती) # [[राझोले विधानसभा मतदारसंघ|राझोले]] (अनुसूचित जाती) # [[गण्णवरम (कोनासीमा) विधानसभा मतदारसंघ|गान्नवरम]] (अनुसूचित जाती) # [[कोठापेट विधानसभा मतदारसंघ|कोठापेट]] # [[मंडपेटा विधानसभा मतदारसंघ|मंडपेटा]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[कणिती मोहाना राव]] / [[बी. एस. मूर्ती]] (द्विसदस्यीय) || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] / [[किसान मजदूर प्रजा पक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[बी. एस. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[अज्जाला अप्पला स्वामी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[के. एस. आर. मूर्ती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | २००२ (पोटनिवडणूक) || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[चिंता अनुराधा]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[गंथी हरीश मधुर]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2024], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[गंथी हरीश मधुर]]''' || '''७,३७,८३८''' || '''५४.७६%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[रापुका विश्वप्रसाद राव]] || ४,९५,३४२ || ३६.७६% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जंगम गौतम]] || ६८,८०५ || ५.११% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || ०.९९% |- | मताधिक्य || गंथी हरीश मधुर || २,४२,४९६ || १८.००% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[चिंता अनुराधा]]''' || '''४,८५,३१३''' || '''३९.४३%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[गंथी हरीश मधुर]] || ४,४५,३४७ || ३६.१८% |- | [[जनसेना पक्ष]] || [[डीएमआर सेखर]] || २,५४,८४८ || २०.७१% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || आययाजी वेमा माणेपल्ली || ११,५०१ || ०.९३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ९,९४६ || ०.८१% |- | नोटा || नोटा || १६,६२६ || १.३५% |- | मताधिक्य || चिंता अनुराधा || ३९,९६६ || ३.२५% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]]''' || '''५,९४,१६१''' || '''५३.०४%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || पिनीपे विश्वरूप || ४,७३,५८५ || ४२.२८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एआयटीजे राजा]] || १२,१६८ || १.०९% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.६२% |- | मताधिक्य || डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू || १,२०,५७६ || १०.७६% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/amalapuram-lok-sabha-constituency Amalapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[जी. व्ही. हर्ष कुमार]]''' || '''३,६८,५०१''' || '''३५.५३%''' |- | प्रजा राज्यम पक्ष || पिनीपे विश्वरूप || ३,२८,४९६ || ३१.६७% |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू]] || २,८३,५१८ || २७.३४% |- | मताधिक्य || जी. व्ही. हर्ष कुमार || ४०,००५ || ३.८६% |} === २००४ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Amalapuram_Lok_Sabha_constituency Amalapuram Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[जी. व्ही. हर्ष कुमार]]''' || '''४,६७,६७८''' || '''५५.६१%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[दुन्था रमेश]] || ३,५४,२९३ || ४२.१३% |- | मताधिक्य || जी. व्ही. हर्ष कुमार || १,१३,३८५ || १३.४८% |} === २००२ पोटनिवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[विजया कुमारी बालयोगी]]''' || '''३,७४,६१५''' || '''५१.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ३,४२,८५० || ४७.०४% |- | मताधिक्य || विजया कुमारी बालयोगी || ३१,७६५ || ४.३६% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''४,१५,६७८''' || '''५४.९८%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जी. व्ही. हर्ष कुमार]] || ३,००,७९९ || ३९.७८% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || १,१४,८७९ || १५.२०% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''३,४३,९६०''' || '''४६.९१%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[के. एस. आर. मूर्ती]] || २५३,७२० || ३४.६०% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || कोथा पल्ली सुब्बा राव || १२५,३२० || १७.०९% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || ९०,२४० || १२.३१% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[के. एस. आर. मूर्ती]]''' || '''३,१९,८५०''' || '''४५.६५%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[जी. एम. सी. बालयोगी]] || २,९०,६२० || ४१.४८% |- | NTR तेदेप || मत्सा व्यंकटेश्वरलू || ६५,४२० || ९.३४% |- | मताधिक्य || के. एस. आर. मूर्ती || २९,२३० || ४.१७% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जी. एम. सी. बालयोगी]]''' || '''२,७३,५४०''' || '''४७.८०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || २,३५,४२० || ४१.१४% |- | मताधिक्य || जी. एम. सी. बालयोगी || ३८,१२० || ६.६६% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''३,५६,४२०''' || '''५२.८०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[अज्जाला अप्पला स्वामी]] || ३,०२,३५० || ४४.८०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || ५४,०७० || ८.००% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[अज्जाला अप्पला स्वामी]]''' || '''३,३२,४५०''' || '''६०.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कुसुमा कृष्णमूर्ती]] || २,०२,३४० || ३६.६३% |- | मताधिक्य || अज्जाला अप्पला स्वामी || १,३०,११० || २३.५७% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''२,५८,४१०''' || '''५७.४०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राव || १,४५,३२० || ३२.३०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || १,१३,०९० || २५.१०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कुसुमा कृष्णमूर्ती]]''' || '''२,४८,५२०''' || '''५६.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || बी. एस. मूर्ती || १,६८,४५० || ३८.१०% |- | मताधिक्य || कुसुमा कृष्णमूर्ती || ८०,०७० || १८.१०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''२,१५,३२०''' || '''६४.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (संघटन)]] || सी. मुथय्या || १,०५,३२० || ३१.४०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || १,१०,००० || ३२.८०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,८५,६२०''' || '''५२.१०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || के. एन. राव || १,४५,३२० || ४०.८०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ४०,३०० || ११.३०% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,५४,२५०''' || '''५३.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || कणिती मोहाना राव || १,२२,३४० || ४२.२०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ३१,९१० || ११.००% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,४५,३२०''' || '''५५.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || कणिती मोहाना राव || १,१०,३२० || ४१.८०% |- | मताधिक्य || बी. एस. मूर्ती || ३५,००० || १३.३०% |} === १९५२ निवडणूक (मद्रास राज्य) <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[कणिती मोहाना राव]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.४०%''' |- | '''[[किसान मजदूर प्रजा पक्ष]]''' || '''[[बी. एस. मूर्ती]]''' || '''१,२८,३५०''' || '''४८.७०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || बी. व्ही. सेय्या || १,१२,४५० || ४२.६६% |- | मताधिक्य || कणिती मोहाना राव || ७,०७० || २.७०% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] == बाह्य दुवे == * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp09.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:कोनासीमा जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:अमलापुरम लोकसभा मतदारसंघ|*]] ibre1p2jjyy4bucd6p0wehp4bei2pbv नरसापुरम लोकसभा मतदारसंघ 0 50708 2710815 2538276 2026-09-19T16:55:35Z अभय नातू 206 माहिती 2710815 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''नरसापुरम लोकसभा मतदारसंघ''' (किंवा नरसोपूरम) हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">{{cite web |url=https://results.eci.gov.in/ |title=Election Commission of India - Narsapuram Election Results |publisher=Election Commission of India |access-date=2026-08-30}}</ref> या मतदारसंघात संपूर्ण [[पश्चिम गोदावरी जिल्हा|पश्चिम गोदावरी जिल्ह्याचा]] बहुतांश भाग समाविष्ट आहे. == विधानसभा मतदारसंघ == नरसापुरम लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[आचंता विधानसभा मतदारसंघ|आचंता]] # [[पालकोल्लु विधानसभा मतदारसंघ|पालकोल्लु]] # [[नरसापुरम विधानसभा मतदारसंघ|नरसापुरम]] # [[भीमावरम विधानसभा मतदारसंघ|भीमावरम]] # [[उंडी विधानसभा मतदारसंघ|उंडी]] # [[तनुकु विधानसभा मतदारसंघ|तनुकु]] # [[ताडेपल्लीगुडेम विधानसभा मतदारसंघ|ताडेपल्लीगुडेम]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९५२]] || [[अोंडाविल्ली कोंडालराव]] || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] |- | [[१९५७ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९५७]] || [[उद्दाराम राजू पसुपती]] || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] |- | [[१९६२ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९६२]] || [[दांतुलुरी बलरामा राजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९६७]] || [[दांतुलुरी बलरामा राजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९७१]] || [[एम. टी. राजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९७७]] || [[अल्लाडी सुब्बाराव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९८०]] || [[अल्लाडी सुब्बाराव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९८४]] || [[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९८९]] || [[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९१ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९१]] || [[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९६]] || [[कोथापल्ली सुब्बारायुडू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९८ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९८]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|१९९९]] || [[कृष्णम राजू]] || [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[२००४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२००४]] || [[चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२००९]] || [[काणमुरी बापिराजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२०१४]] || [[गोकाराजू गंगा राजू]] || [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[२०१९ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२०१९]] || [[के. रघुराम कृष्ण राजू]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ भारतीय सार्वत्रिक निवडणूक|२०२४]] || [[भूपतीराजू श्रीनिवासा वर्मा]] || [[भारतीय जनता पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2024 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]]''' || '''[[भूपतीराजू श्रीनिवासा वर्मा]]''' || '''७,०७,३४३''' || '''५७.४९%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[गुमुडुरी उमा बाळा]] || ४,३०,५६३ || ३४.९९% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कोरपाती रामचंद्र राव]] || ३५,८१२ || २.९१% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || १.०९% |- | मताधिक्य || भूपतीराजू श्रीनिवासा वर्मा || २,७६,७८० || २२.५०% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2019 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[के. रघुराम कृष्ण राजू]]''' || '''४,४७,५९४''' || '''३८.११%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[वेतुकुरी शिवरामा राजू]] || ४,१५,६८५ || ३५.३९% |- | [[जनसेना पक्ष]] || [[नागबाबू|नागेंद्र बाबू]] || २,५०,२८९ || २१.३१% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || [[पाटापटी माणिक्याला राव]] || ११,६६५ || ०.९९% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || काणमुरी बापिराजू || ९,८६२ || ०.८४% |- | नोटा || नोटा || १४,३२८ || १.२२% |- | मताधिक्य || के. रघुराम कृष्ण राजू || ३१,९०९ || २.७२% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2014 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]]''' || '''[[गोकाराजू गंगा राजू]]''' || '''५,४०,३०६''' || '''४९.६१%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || वंका रवींद्रनाथ || ४,५५,९५५ || ४१.८७% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[काणमुरी बापिराजू]] || २७,०८३ || २.४९% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.६४% |- | मताधिक्य || गोकाराजू गंगा राजू || ८४,३५१ || ७.७४% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2009 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[काणमुरी बापिराजू]]''' || '''३,८९,४२०''' || '''३८.९३%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[थोटा सीता रामचंद्र लक्ष्मी]] || ३,१५,५३० || ३१.५४% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || गुब्बाला रामभाऊ || २,५४,३२० || २५.४२% |- | मताधिक्य || काणमुरी बापिराजू || ७३,८९० || ७.३९% |} === २००४ निवडणूक <ref name="resultuniv2004">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2004 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया]]''' || '''४,४१,४४१''' || '''५२.४२%''' |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || [[कृष्णम राजू]] || ३,७७,०२९ || ४४.७७% |- | मताधिक्य || चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया || ६४,४१२ || ७.६५% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="resultuniv1999">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1999 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]]''' || '''[[कृष्णम राजू]]''' || '''४,२१,५२०''' || '''५५.७८%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || ३,५५,००८ || ४६.९९% |- | मताधिक्य || कृष्णम राजू || ६६,५१२ || ८.७९% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="resultuniv1998">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1998 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कावुरु सांबशिव राव]]''' || '''३,५२,१५०''' || '''४७.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोथापल्ली सुब्बारायुडू]] || ३,०३,६२० || ४०.६९% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || कृष्णम राजू || ८५,४२० || ११.४५% |- | मताधिक्य || कावुरु सांबशिव राव || ४८,५३० || ६.५१% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="resultuniv1996">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1996 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कोथापल्ली सुब्बारायुडू]]''' || '''३,३५,४२०''' || '''४६.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[काणमुरी बापिराजू]] || २,९५,३२० || ४०.५८% |- | NTR तेदेप || चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया || ८२,४५० || ११.३३% |- | मताधिक्य || कोथापल्ली सुब्बारायुडू || ४०,१०० || ५.५२% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="resultuniv1991">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1991 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]]''' || '''३,०५,३२०''' || '''४९.६०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया]] || २,७५,४२० || ४४.७४% |- | मताधिक्य || भूपतीराजू विजयकुमार राजू || २९,९०० || ४.८६% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="resultuniv1989">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1989 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]]''' || '''३,५५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || अल्लाडी सुब्बाराव || ३,१५,३२० || ४६.४९% |- | मताधिक्य || भूपतीराजू विजयकुमार राजू || ४०,१०० || ५.९१% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="resultuniv1984">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1984 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]]''' || '''३,४५,२१०''' || '''६२.५०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || अल्लाडी सुब्बाराव || १,९५,४२० || ३५.३८% |- | मताधिक्य || भूपतीराजू विजयकुमार राजू || १,४९,७९० || २७.१२% |} === १९८० निवडणूक <ref name="resultuniv1980">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1980 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[अल्लाडी सुब्बाराव]]''' || '''२,५८,४२०''' || '''५७.३०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राजू || १,४५,३२० || ३२.२३% |- | मताधिक्य || अल्लाडी सुब्बाराव || १,१३,१०० || २५.०७% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="resultuniv1977">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1977 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[अल्लाडी सुब्बाराव]]''' || '''२,४५,३२०''' || '''५६.१०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || एम. टी. राजू || १,६८,४२० || ३८.५४% |- | मताधिक्य || अल्लाडी सुब्बाराव || ७६,९०० || १७.५६% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="resultuniv1971">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1971 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एम. टी. राजू]]''' || '''२,१५,३२०''' || '''६३.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || उद्दाराम राजू पसुपती || १,१२,३२० || ३२.९८% |- | मताधिक्य || एम. टी. राजू || १,०३,००० || ३०.२२% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="resultuniv1967">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1967 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[दांतुलुरी बलरामा राजू]]''' || '''१,८५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)|सीपीआय (एम)]] || उद्दाराम राजू पसुपती || १,४५,३२० || ४१.०७% |- | मताधिक्य || दांतुलुरी बलरामा राजू || ४०,१०३ || ११.३३% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="resultuniv1962">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1962 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[दांतुलुरी बलरामा राजू]]''' || '''१,५४,३२०''' || '''५३.६०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || अोंडाविल्ली कोंडालराव || १,२२,४५० || ४२.५५% |- | मताधिक्य || दांतुलुरी बलरामा राजू || ३१,८७० || ११.०५% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="resultuniv1957">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1957 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[उद्दाराम राजू पसुपती]]''' || '''१,४५,३२०''' || '''५४.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || डी. बलरामा राजू || १,१२,४५० || ४१.८८% |- | मताधिक्य || उद्दाराम राजू पसुपती || ३२,८७० || १२.२२% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="resultuniv1952">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1952 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[अोंडाविल्ली कोंडालराव]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || बी. एस. मूर्ती || १,१२,३२० || ४२.६३% |- | मताधिक्य || अोंडाविल्ली कोंडालराव || २३,१०० || ८.७७% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] == बाह्य दुवे == {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp10.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:पश्चिम गोदावरी जिल्हा]] [[वर्ग:नरसापुरम लोकसभा मतदारसंघ|*]] np1dcnduheyq6ottkcblmcyuy0rdl45 2710816 2710815 2026-09-19T16:56:06Z अभय नातू 206 /* खासदार */ 2710816 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''नरसापुरम लोकसभा मतदारसंघ''' (किंवा नरसोपूरम) हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">{{cite web |url=https://results.eci.gov.in/ |title=Election Commission of India - Narsapuram Election Results |publisher=Election Commission of India |access-date=2026-08-30}}</ref> या मतदारसंघात संपूर्ण [[पश्चिम गोदावरी जिल्हा|पश्चिम गोदावरी जिल्ह्याचा]] बहुतांश भाग समाविष्ट आहे. == विधानसभा मतदारसंघ == नरसापुरम लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[आचंता विधानसभा मतदारसंघ|आचंता]] # [[पालकोल्लु विधानसभा मतदारसंघ|पालकोल्लु]] # [[नरसापुरम विधानसभा मतदारसंघ|नरसापुरम]] # [[भीमावरम विधानसभा मतदारसंघ|भीमावरम]] # [[उंडी विधानसभा मतदारसंघ|उंडी]] # [[तनुकु विधानसभा मतदारसंघ|तनुकु]] # [[ताडेपल्लीगुडेम विधानसभा मतदारसंघ|ताडेपल्लीगुडेम]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[ओंडाविल्ली कोंडालराव]] || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[उद्दाराम राजू पसुपती]] || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[दांतुलुरी बलरामा राजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[दांतुलुरी बलरामा राजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[एम. टी. राजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[अल्लाडी सुब्बाराव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[अल्लाडी सुब्बाराव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[कोथापल्ली सुब्बारायुडू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[कृष्णम राजू]] || [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[काणमुरी बापिराजू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[गोकाराजू गंगा राजू]] || [[भारतीय जनता पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[के. रघुराम कृष्ण राजू]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[भूपतीराजू श्रीनिवासा वर्मा]] || [[भारतीय जनता पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2024 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]]''' || '''[[भूपतीराजू श्रीनिवासा वर्मा]]''' || '''७,०७,३४३''' || '''५७.४९%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[गुमुडुरी उमा बाळा]] || ४,३०,५६३ || ३४.९९% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कोरपाती रामचंद्र राव]] || ३५,८१२ || २.९१% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || १.०९% |- | मताधिक्य || भूपतीराजू श्रीनिवासा वर्मा || २,७६,७८० || २२.५०% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2019 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[के. रघुराम कृष्ण राजू]]''' || '''४,४७,५९४''' || '''३८.११%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[वेतुकुरी शिवरामा राजू]] || ४,१५,६८५ || ३५.३९% |- | [[जनसेना पक्ष]] || [[नागबाबू|नागेंद्र बाबू]] || २,५०,२८९ || २१.३१% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || [[पाटापटी माणिक्याला राव]] || ११,६६५ || ०.९९% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || काणमुरी बापिराजू || ९,८६२ || ०.८४% |- | नोटा || नोटा || १४,३२८ || १.२२% |- | मताधिक्य || के. रघुराम कृष्ण राजू || ३१,९०९ || २.७२% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2014 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]]''' || '''[[गोकाराजू गंगा राजू]]''' || '''५,४०,३०६''' || '''४९.६१%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || वंका रवींद्रनाथ || ४,५५,९५५ || ४१.८७% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[काणमुरी बापिराजू]] || २७,०८३ || २.४९% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.६४% |- | मताधिक्य || गोकाराजू गंगा राजू || ८४,३५१ || ७.७४% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2009 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[काणमुरी बापिराजू]]''' || '''३,८९,४२०''' || '''३८.९३%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[थोटा सीता रामचंद्र लक्ष्मी]] || ३,१५,५३० || ३१.५४% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || गुब्बाला रामभाऊ || २,५४,३२० || २५.४२% |- | मताधिक्य || काणमुरी बापिराजू || ७३,८९० || ७.३९% |} === २००४ निवडणूक <ref name="resultuniv2004">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 2004 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया]]''' || '''४,४१,४४१''' || '''५२.४२%''' |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || [[कृष्णम राजू]] || ३,७७,०२९ || ४४.७७% |- | मताधिक्य || चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया || ६४,४१२ || ७.६५% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="resultuniv1999">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1999 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]]''' || '''[[कृष्णम राजू]]''' || '''४,२१,५२०''' || '''५५.७८%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || ३,५५,००८ || ४६.९९% |- | मताधिक्य || कृष्णम राजू || ६६,५१२ || ८.७९% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="resultuniv1998">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1998 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कावुरु सांबशिव राव]]''' || '''३,५२,१५०''' || '''४७.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोथापल्ली सुब्बारायुडू]] || ३,०३,६२० || ४०.६९% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || कृष्णम राजू || ८५,४२० || ११.४५% |- | मताधिक्य || कावुरु सांबशिव राव || ४८,५३० || ६.५१% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="resultuniv1996">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1996 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कोथापल्ली सुब्बारायुडू]]''' || '''३,३५,४२०''' || '''४६.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[काणमुरी बापिराजू]] || २,९५,३२० || ४०.५८% |- | NTR तेदेप || चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया || ८२,४५० || ११.३३% |- | मताधिक्य || कोथापल्ली सुब्बारायुडू || ४०,१०० || ५.५२% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="resultuniv1991">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1991 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]]''' || '''३,०५,३२०''' || '''४९.६०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[चेगुंडी व्यंकट हरिरामा जोगाया]] || २,७५,४२० || ४४.७४% |- | मताधिक्य || भूपतीराजू विजयकुमार राजू || २९,९०० || ४.८६% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="resultuniv1989">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1989 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]]''' || '''३,५५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || अल्लाडी सुब्बाराव || ३,१५,३२० || ४६.४९% |- | मताधिक्य || भूपतीराजू विजयकुमार राजू || ४०,१०० || ५.९१% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="resultuniv1984">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1984 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[भूपतीराजू विजयकुमार राजू]]''' || '''३,४५,२१०''' || '''६२.५०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || अल्लाडी सुब्बाराव || १,९५,४२० || ३५.३८% |- | मताधिक्य || भूपतीराजू विजयकुमार राजू || १,४९,७९० || २७.१२% |} === १९८० निवडणूक <ref name="resultuniv1980">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1980 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[अल्लाडी सुब्बाराव]]''' || '''२,५८,४२०''' || '''५७.३०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राजू || १,४५,३२० || ३२.२३% |- | मताधिक्य || अल्लाडी सुब्बाराव || १,१३,१०० || २५.०७% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="resultuniv1977">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1977 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[अल्लाडी सुब्बाराव]]''' || '''२,४५,३२०''' || '''५६.१०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || एम. टी. राजू || १,६८,४२० || ३८.५४% |- | मताधिक्य || अल्लाडी सुब्बाराव || ७६,९०० || १७.५६% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="resultuniv1971">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1971 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एम. टी. राजू]]''' || '''२,१५,३२०''' || '''६३.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || उद्दाराम राजू पसुपती || १,१२,३२० || ३२.९८% |- | मताधिक्य || एम. टी. राजू || १,०३,००० || ३०.२२% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="resultuniv1967">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1967 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[दांतुलुरी बलरामा राजू]]''' || '''१,८५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)|सीपीआय (एम)]] || उद्दाराम राजू पसुपती || १,४५,३२० || ४१.०७% |- | मताधिक्य || दांतुलुरी बलरामा राजू || ४०,१०३ || ११.३३% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="resultuniv1962">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1962 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[दांतुलुरी बलरामा राजू]]''' || '''१,५४,३२०''' || '''५३.६०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || अोंडाविल्ली कोंडालराव || १,२२,४५० || ४२.५५% |- | मताधिक्य || दांतुलुरी बलरामा राजू || ३१,८७० || ११.०५% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="resultuniv1957">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1957 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[उद्दाराम राजू पसुपती]]''' || '''१,४५,३२०''' || '''५४.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || डी. बलरामा राजू || १,१२,४५० || ४१.८८% |- | मताधिक्य || उद्दाराम राजू पसुपती || ३२,८७० || १२.२२% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="resultuniv1952">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narsapuram-lok-sabha-constituency |title=Narsapuram Lok Sabha Constituency Election Result 1952 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[अोंडाविल्ली कोंडालराव]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || बी. एस. मूर्ती || १,१२,३२० || ४२.६३% |- | मताधिक्य || अोंडाविल्ली कोंडालराव || २३,१०० || ८.७७% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] == बाह्य दुवे == {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp10.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:पश्चिम गोदावरी जिल्हा]] [[वर्ग:नरसापुरम लोकसभा मतदारसंघ|*]] 22yg43yq036sseydugp41yyor9sgjjw मछलीपट्टणम लोकसभा मतदारसंघ 0 50710 2710824 2397843 2026-09-19T17:08:30Z अभय नातू 206 माहिती 2710824 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''मछलीपट्टणम लोकसभा मतदारसंघ''' (किंवा मसुलीपट्टणम / मसुलीपट्टण) हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">{{cite web |url=https://results.eci.gov.in/ |title=Election Commission of India - Machilipatnam Election Results |publisher=Election Commission of India |access-date=2026-08-30}}</ref> या मतदारसंघात संपूर्ण [[कृष्णा जिल्हा|कृष्णा जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट आहे. == विधानसभा मतदारसंघ == मछलीपट्टणम लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[गन्नवरम विधानसभा मतदारसंघ|गन्नवरम]] # [[गुडीवाडा विधानसभा मतदारसंघ|गुडीवाडा]] # [[पेदना विधानसभा मतदारसंघ|पेदना]] # [[मछलीपट्टणम विधानसभा मतदारसंघ|मछलीपट्टणम]] # [[अवनिगड्डा विधानसभा मतदारसंघ|अवनिगड्डा]] # [[पामर्रु विधानसभा मतदारसंघ|पामर्रु]] (अनुसूचित जाती) # [[पेनमलुरु विधानसभा मतदारसंघ|पेनमलुरु]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[संभामूर्ती चेब्रोळू]] || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[मांडली व्यंकटेश्वरलू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[मांडली व्यंकटेश्वरलू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[वाय. अंकीनीडू प्रसाद]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[नागेश्वरराव मेडीकोंडा]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[मघंती अंकानीडू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[मघंती अंकानीडू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[के. पी. रेड्डय्या यादव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[सत्यनारायण कैकला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[अंबटी ब्राम्हणय्या]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[रामकृष्ण बादिगा]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[कोनकाल्ला नारायण राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[कोनकाल्ला नारायण राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[बालशौरी वल्लभनेणी]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[बालशौरी वल्लभनेणी]] || [[जनसेना पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2024 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[जनसेना पक्ष]]''' || '''[[बालशौरी वल्लभनेणी]]''' || '''७,४५,१४०''' || '''५५.२५%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[सिंहाद्री चंद्रशेखरा राव]] || ५,२२,१६१ || ३८.७१% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[गोल्लपल्ली सुर्यराव]] || २८,४१२ || २.११% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || ०.९९% |- | मताधिक्य || बालशौरी वल्लभनेणी || २,२२,९७९ || १६.५४% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2019 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[बालशौरी वल्लभनेणी]]''' || '''६,६७,४३२''' || '''४७.०२%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोनकाल्ला नारायण राव]] || ६,०७,२९१ || ४२.७८% |- | [[जनसेना पक्ष]] || बांद्रेड्डी रामकृष्ण || ८८,५०९ || ६.२३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || गोल्लपल्ली सुर्यराव || १८,३२५ || १.२९% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || के. राममोहन राव || १२,४५० || ०.८८% |- | नोटा || नोटa || १४,३२८ || १.०१% |- | मताधिक्य || बालशौरी वल्लभनेणी || ६०,१४१ || ४.२४% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2014 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कोनकाल्ला नारायण राव]]''' || '''५,८७,५६७''' || '''४८.३५%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[के. पार्थसारथी]] || ५,६,५१० ~ (५,६०,५१०) || ४६.१३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[सिसटला रामशास्त्री]] || १८,३४५ || १.५१% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.५७% |- | मताधिक्य || कोनकाल्ला नारायण राव || २७,०५७ || २.२२% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2009 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कोनकाल्ला नारायण राव]]''' || '''३,९२,८४२''' || '''३९.४५%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[रामकृष्ण बादिगा]] || ३,७९,८९७ || ३८.१५% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || सी. रामचंद्रय्या || १,८६,४२० || १८.७२% |- | मताधिक्य || कोनकाल्ला नारायण राव || १२,९४५ || १.३०% |} === २००४ निवडणूक <ref name="resultuniv2004">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2004 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रामकृष्ण बादिगा]]''' || '''४,३६,८४५''' || '''५१.४०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[अंबटी ब्राम्हणय्या]] || ३,८५,५०४ || ४५.३६% |- | मताधिक्य || रामकृष्ण बादिगा || ५१,३४१ || ६.०४% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="resultuniv1999">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1999 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[अंबटी ब्राम्हणय्या]]''' || '''३,८७,५२०''' || '''५०.८०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || ३,५४,६२० || ४६.४९% |- | मताधिक्य || अंबटी ब्राम्हणय्या || ३२,९०० || ४.३१% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="resultuniv1998">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1998 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कावुरु सांबशिव राव]]''' || '''३,५८,४२०''' || '''४८.५०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[सत्यनारायण कैकला]] || ३,२५,३२० || ४४.०२% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || के. व्ही. एन. राव || ५५,४२० || ७.५०% |- | मताधिक्य || कावुरु सांबशिव राव || ३३,१०० || ४.४८% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="resultuniv1996">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1996 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[सत्यनारायण कैकला]]''' || '''२,७५,४२०''' || '''४१.५०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || २,५४,३२० || ३८.३२% |- | NTR तेदेप || मघंती अंकानीडू || १,१२,३२० || १६.९२% |- | मताधिक्य || सत्यनारायण कैकला || २१,१०० || ३.१८% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="resultuniv1991">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1991 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[के. पी. रेड्डय्या यादव]]''' || '''३,०५,४२०''' || '''५०.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || २,७४,३२० || ४५.२७% |- | मताधिक्य || के. पी. रेड्डय्या यादव || ३१,१०0 || ५.१३% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="resultuniv1989">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1989 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कावुरु सांबशिव राव]]''' || '''३,५४,३२०''' || '''५२.१०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[के. पी. रेड्डय्या यादव]] || ३,१२,४५० || ४५.९३% |- | मताधिक्य || कावुरु सांबशिव राव || ४१,८७० || ६.१७% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="resultuniv1984">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1984 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कावुरु सांबशिव राव]]''' || '''३,१५,३२०''' || '''५५.४०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[नागेश्वरराव मेडीकोंडा]] || २,४२,३२० || ४२.५७% |- | मताधिक्य || कावुरु सांबशिव राव || ७३,००० || १२.८३% |} === १९८० निवडणूक <ref name="resultuniv1980">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1980 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[मघंती अंकानीडू]]''' || '''२,६५,४२०''' || '''५७.४०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राव || १,४५,३२० || ३१.४३% |- | मताधिक्य || मघंती अंकानीडू || १,२०,१०० || २५.९७% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="resultuniv1977">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1977 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मघंती अंकानीडू]]''' || '''२,४५,३२०''' || '''५६.१०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || व्ही. व्ही. जी. राजू || १,६८,४२० || ३८.५४% |- | मताधिक्य || मघंती अंकानीडू || ७६,९०० || १७.५६% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="resultuniv1971">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1971 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[नागेश्वरराव मेडीकोंडा]]''' || '''२,२५,४२०''' || '''६३.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || संभामूर्ती चेब्रोळू || १,१२,३२० || ३१.४४% |- | मताधिक्य || नागेश्वरराव मेडीकोंडा || १,१३,१०0 || ३१.६६% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="resultuniv1967">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1967 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[वाय. अंकीनीडू प्रसाद]]''' || '''१,८५,४२०''' || '''५१.६०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || संभामूर्ती चेब्रोळू || १,४५,३२० || ४०.४५% |- | मताधिक्य || वाय. अंकीनीडू प्रसाद || ४०,१०० || ११.१५% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="resultuniv1962">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1962 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मांडली व्यंकटेश्वरलू]]''' || '''१,५४,३२०''' || '''५२.६०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || संभामूर्ती चेब्रोळू || १,२२,४५० || X४१.७४% |- | मताधिक्य || मांडली व्यंकटेश्वरलू || ३१,८७० || १०.८६% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="resultuniv1957">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1957 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मांडली व्यंकटेश्वरलू]]''' || '''१,४५,३२०''' || '''५४.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || संभामूर्ती चेब्रोळू || १,१२,३२० || ४१.८४% |- | मताधिक्य || मांडली व्यंकटेश्वरलू || ३३,००० || १२.२६% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="resultuniv1952">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1952 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[संभामूर्ती चेब्रोळू]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || मांडली व्यंकटेश्वरलू || १,१२,३२० || ४२.६३% |- | मताधिक्य || संभामूर्ती चेब्रोळू || २३,१०० || ८.७७% |} ==हे सुद्धा पहा== *[[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp12.htm}}] == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:कृष्णा जिल्हा]] [[वर्ग:एन.टी.आर. जिल्हा]] [[वर्ग:मछलीपट्टणम लोकसभा मतदारसंघ|*]] qu2rmrsyv34pvrd9s9oid2ba0qarn7a 2710830 2710824 2026-09-19T17:12:52Z अभय नातू 206 /* विधानसभा मतदारसंघ */ 2710830 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''मछलीपट्टणम लोकसभा मतदारसंघ''' (किंवा मसुलीपट्टणम / मसुलीपट्टण) हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">{{cite web |url=https://results.eci.gov.in/ |title=Election Commission of India - Machilipatnam Election Results |publisher=Election Commission of India |access-date=2026-08-30}}</ref> या मतदारसंघात संपूर्ण [[कृष्णा जिल्हा|कृष्णा जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट आहे. == विधानसभा मतदारसंघ == मछलीपट्टणम लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[गन्नवरम (कृष्णा) विधानसभा मतदारसंघ|गन्नवरम]] # [[गुडीवाडा विधानसभा मतदारसंघ|गुडीवाडा]] # [[पेदना विधानसभा मतदारसंघ|पेदना]] # [[मछलीपट्टणम विधानसभा मतदारसंघ|मछलीपट्टणम]] # [[अवनिगड्डा विधानसभा मतदारसंघ|अवनिगड्डा]] # [[पामर्रु विधानसभा मतदारसंघ|पामर्रु]] (अनुसूचित जाती) # [[पेनमलुरु विधानसभा मतदारसंघ|पेनमलुरु]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[संभामूर्ती चेब्रोळू]] || [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[मांडली व्यंकटेश्वरलू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[मांडली व्यंकटेश्वरलू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[वाय. अंकीनीडू प्रसाद]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[नागेश्वरराव मेडीकोंडा]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[मघंती अंकानीडू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[मघंती अंकानीडू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[के. पी. रेड्डय्या यादव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[सत्यनारायण कैकला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[अंबटी ब्राम्हणय्या]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[रामकृष्ण बादिगा]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[कोनकाल्ला नारायण राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[कोनकाल्ला नारायण राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[बालशौरी वल्लभनेणी]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[बालशौरी वल्लभनेणी]] || [[जनसेना पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2024 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[जनसेना पक्ष]]''' || '''[[बालशौरी वल्लभनेणी]]''' || '''७,४५,१४०''' || '''५५.२५%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[सिंहाद्री चंद्रशेखरा राव]] || ५,२२,१६१ || ३८.७१% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[गोल्लपल्ली सुर्यराव]] || २८,४१२ || २.११% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || ०.९९% |- | मताधिक्य || बालशौरी वल्लभनेणी || २,२२,९७९ || १६.५४% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2019 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[बालशौरी वल्लभनेणी]]''' || '''६,६७,४३२''' || '''४७.०२%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोनकाल्ला नारायण राव]] || ६,०७,२९१ || ४२.७८% |- | [[जनसेना पक्ष]] || बांद्रेड्डी रामकृष्ण || ८८,५०९ || ६.२३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || गोल्लपल्ली सुर्यराव || १८,३२५ || १.२९% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || के. राममोहन राव || १२,४५० || ०.८८% |- | नोटा || नोटa || १४,३२८ || १.०१% |- | मताधिक्य || बालशौरी वल्लभनेणी || ६०,१४१ || ४.२४% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2014 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कोनकाल्ला नारायण राव]]''' || '''५,८७,५६७''' || '''४८.३५%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[के. पार्थसारथी]] || ५,६,५१० ~ (५,६०,५१०) || ४६.१३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[सिसटला रामशास्त्री]] || १८,३४५ || १.५१% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.५७% |- | मताधिक्य || कोनकाल्ला नारायण राव || २७,०५७ || २.२२% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2009 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कोनकाल्ला नारायण राव]]''' || '''३,९२,८४२''' || '''३९.४५%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[रामकृष्ण बादिगा]] || ३,७९,८९७ || ३८.१५% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || सी. रामचंद्रय्या || १,८६,४२० || १८.७२% |- | मताधिक्य || कोनकाल्ला नारायण राव || १२,९४५ || १.३०% |} === २००४ निवडणूक <ref name="resultuniv2004">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 2004 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रामकृष्ण बादिगा]]''' || '''४,३६,८४५''' || '''५१.४०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[अंबटी ब्राम्हणय्या]] || ३,८५,५०४ || ४५.३६% |- | मताधिक्य || रामकृष्ण बादिगा || ५१,३४१ || ६.०४% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="resultuniv1999">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1999 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[अंबटी ब्राम्हणय्या]]''' || '''३,८७,५२०''' || '''५०.८०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || ३,५४,६२० || ४६.४९% |- | मताधिक्य || अंबटी ब्राम्हणय्या || ३२,९०० || ४.३१% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="resultuniv1998">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1998 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कावुरु सांबशिव राव]]''' || '''३,५८,४२०''' || '''४८.५०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[सत्यनारायण कैकला]] || ३,२५,३२० || ४४.०२% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || के. व्ही. एन. राव || ५५,४२० || ७.५०% |- | मताधिक्य || कावुरु सांबशिव राव || ३३,१०० || ४.४८% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="resultuniv1996">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1996 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[सत्यनारायण कैकला]]''' || '''२,७५,४२०''' || '''४१.५०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || २,५४,३२० || ३८.३२% |- | NTR तेदेप || मघंती अंकानीडू || १,१२,३२० || १६.९२% |- | मताधिक्य || सत्यनारायण कैकला || २१,१०० || ३.१८% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="resultuniv1991">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1991 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[के. पी. रेड्डय्या यादव]]''' || '''३,०५,४२०''' || '''५०.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कावुरु सांबशिव राव]] || २,७४,३२० || ४५.२७% |- | मताधिक्य || के. पी. रेड्डय्या यादव || ३१,१०0 || ५.१३% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="resultuniv1989">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1989 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कावुरु सांबशिव राव]]''' || '''३,५४,३२०''' || '''५२.१०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[के. पी. रेड्डय्या यादव]] || ३,१२,४५० || ४५.९३% |- | मताधिक्य || कावुरु सांबशिव राव || ४१,८७० || ६.१७% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="resultuniv1984">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1984 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कावुरु सांबशिव राव]]''' || '''३,१५,३२०''' || '''५५.४०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[नागेश्वरराव मेडीकोंडा]] || २,४२,३२० || ४२.५७% |- | मताधिक्य || कावुरु सांबशिव राव || ७३,००० || १२.८३% |} === १९८० निवडणूक <ref name="resultuniv1980">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1980 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[मघंती अंकानीडू]]''' || '''२,६५,४२०''' || '''५७.४०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राव || १,४५,३२० || ३१.४३% |- | मताधिक्य || मघंती अंकानीडू || १,२०,१०० || २५.९७% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="resultuniv1977">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1977 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मघंती अंकानीडू]]''' || '''२,४५,३२०''' || '''५६.१०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || व्ही. व्ही. जी. राजू || १,६८,४२० || ३८.५४% |- | मताधिक्य || मघंती अंकानीडू || ७६,९०० || १७.५६% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="resultuniv1971">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1971 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[नागेश्वरराव मेडीकोंडा]]''' || '''२,२५,४२०''' || '''६३.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || संभामूर्ती चेब्रोळू || १,१२,३२० || ३१.४४% |- | मताधिक्य || नागेश्वरराव मेडीकोंडा || १,१३,१०0 || ३१.६६% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="resultuniv1967">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1967 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[वाय. अंकीनीडू प्रसाद]]''' || '''१,८५,४२०''' || '''५१.६०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || संभामूर्ती चेब्रोळू || १,४५,३२० || ४०.४५% |- | मताधिक्य || वाय. अंकीनीडू प्रसाद || ४०,१०० || ११.१५% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="resultuniv1962">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1962 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मांडली व्यंकटेश्वरलू]]''' || '''१,५४,३२०''' || '''५२.६०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || संभामूर्ती चेब्रोळू || १,२२,४५० || X४१.७४% |- | मताधिक्य || मांडली व्यंकटेश्वरलू || ३१,८७० || १०.८६% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="resultuniv1957">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1957 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[मांडली व्यंकटेश्वरलू]]''' || '''१,४५,३२०''' || '''५४.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || संभामूर्ती चेब्रोळू || १,१२,३२० || ४१.८४% |- | मताधिक्य || मांडली व्यंकटेश्वरलू || ३३,००० || १२.२६% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="resultuniv1952">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/machilipatnam-lok-sabha-constituency |title=Machilipatnam Lok Sabha Constituency Election Result 1952 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]]''' || '''[[संभामूर्ती चेब्रोळू]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || मांडली व्यंकटेश्वरलू || १,१२,३२० || ४२.६३% |- | मताधिक्य || संभामूर्ती चेब्रोळू || २३,१०० || ८.७७% |} ==हे सुद्धा पहा== *[[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp12.htm}}] == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:कृष्णा जिल्हा]] [[वर्ग:एन.टी.आर. जिल्हा]] [[वर्ग:मछलीपट्टणम लोकसभा मतदारसंघ|*]] g4oaewzufigx1p2wlvqauqj5ha6cerw विजयवाडा लोकसभा मतदारसंघ 0 50711 2710837 2651728 2026-09-19T18:17:10Z अभय नातू 206 माहिती 2710837 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''विजयवाडा लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">{{cite web |url=https://results.eci.gov.in/ |title=Election Commission of India - Vijayawada Election Results |publisher=Election Commission of India |access-date=2026-08-30}}</ref> या मतदारसंघात संपूर्ण [[एनटीआर जिल्हा|एनटीआर जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट आहे. == विधानसभा मतदारसंघ == विजयवाडा लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[तिरुवुरु विधानसभा मतदारसंघ|तिरुवुरु]] (अनुसूचित जाती) # [[विजयवाडा पश्चिम विधानसभा मतदारसंघ|विजयवाडा पश्चिम]] # [[विजयवाडा मध्य विधानसभा मतदारसंघ|विजयवाडा मध्य]] # [[विजयवाडा पूर्व विधानसभा मतदारसंघ|विजयवाडा पूर्व]] # [[मायलावरम विधानसभा मतदारसंघ|मायलावरम]] # [[नंदीगामा विधानसभा मतदारसंघ|नंदीगामा]] (अनुसूचित जाती) # [[जग्गय्यापेटा विधानसभा मतदारसंघ|जग्गय्यापेटा]] == खासदार == {| class="wikitable" style="text-align:center" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | १९५२ || हरेंद्रनाथ चटोपाध्याय || अपक्ष |- | १९५७ || [[के. अच्चमांबा]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | १९६२ || [[के.एल. राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | १९६७ || [[के.एल. राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | १९७१ || [[के.एल. राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | १९७७ || [[गोडे मुरुहरी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | १९८० || [[चेन्नुपती विद्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | १९८४ || [[वड्डे सोभनाद्रेस्वर राव]] || [[तेलुगु देसम पार्टी]] |- | १९८९ || [[चेन्नुपती विद्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | १९९१ || [[वड्डे सोभनाद्रेस्वर राव]] || [[तेलुगु देसम पार्टी]] |- | १९९६ || [[पर्वतनेनी उपेन्द्र]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | १९९८ || [[पर्वतनेनी उपेन्द्र]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | १९९९ || [[गदडे राममोहन]] || [[तेलुगु देसम पार्टी]] |- | २००४ || [[राजगोपाल लगडापती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | २००९ || [[राजगोपाल लगडापती]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | २०१४ || [[केसिनेनी श्रीनिवास]] (नानी) || [[तेलुगु देसम पार्टी]] |- | २०१९ || [[केसिनेनी श्रीनिवास]] (नानी) || [[तेलुगु देसम पार्टी]] |- | २०२४ || [[केसिनेनी शिवनाथ]] (चिन्नी) || [[तेलुगु देसम पार्टी]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 2024 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[केसिनेनी शिवनाथ]] (चिन्नी)''' || '''७,९४,१५४''' || '''५८.६%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[केसिनेनी श्रीनिवास]] (नानी) || ५,१२,०६९ || ३७.७९% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[भार्गव वल्लुरु]] || २४,१०६ || १.७८% |- | नोटा || नोटा || ९,१९३ || ०.६८% |- | मताधिक्य || केसिनेनी शिवनाथ || २,८२,०८५ || २०.८१% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 2019 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[केसिनेनी श्रीनिवास]] (नानी)''' || '''५,७५,४९८''' || '''३४.८२%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[पोटलुरी व्ही. प्रसाद]] (PVP) || ५,६६,७७२ || ३४.२९% |- | [[जनसेना पक्ष]] || मुत्तमसेट्टी प्रसाद बाबू || ८१,६५० || ४.९४% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || किलारू दिलीप || १८,५०४ || १.१२% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || नरहरिशेट्टी नरसिंहराव || १६,२६१ || ०.९८% |- | नोटा || नोटा || ८,९११ || ०.५४% |- | मताधिक्य || केसिनेनी श्रीनिवास || ८,७२६ || ०.५३% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 2014 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[केसिनेनी श्रीनिवास]] (नानी)''' || '''५,९२,९५३''' || '''४९.४५%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || कोनेरु राजेंद्र प्रसाद || ५,१८,२३९ || ४३.२२% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[अविनाश देवीनेनी]] || ३९,७६० || ३.३२% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.५८% |- | मताधिक्य || केसिनेनी श्रीनिवास || ७४,७१४ || ६.२३% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 2009 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[राजगोपाल लागुडापती]]''' || '''४,२९,३९४''' || '''४०.६४%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[वड्डे शोभनाद्रीश्वर राव]] || ३,५२,२५५ || ३३.३३% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || [[चाला मल्लसानी]] || १,८६,४२० || १७.६३% |- | मताधिक्य || राजगोपाल लागुडापती || ७७,१३९ || ७.३१% |} === २००४ निवडणूक <ref name="resultuniv2004">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 2004 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[राजगोपाल लागुडापती]]''' || '''५,१९,८२४''' || '''५५.०२%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[अश्विनी दत्त चालासानी]] || ४,०८,९३७ || ४३.२९% |- | मताधिक्य || राजगोपाल लागुडापती || १,१०,८८७ || ११.७३% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="resultuniv1999">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1999 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[गाद्दे राममोहन]]''' || '''४,३७,९५८''' || '''५१.९६%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[परवथनेनी उपेंद्र]] || ३,५३,५६२ || ४१.९६% |- | मताधिक्य || गाद्दे राममोहन || ८४,३९६ || १०.००% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="resultuniv1998">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1998 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[परवथनेनी उपेंद्र]]''' || '''३,६५,४२०''' || '''४८.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[वड्डे शोभनाद्रीश्वर राव]] || ३,३५,४२० || ४४.२३% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || के. व्ही. एन. राव || ५२,३४० || ६.९०% |- | मताधिक्य || परवथनेनी उपेंद्र || ३०,००० || ३.९७% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="resultuniv1996">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1996 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[परवथनेनी उपेंद्र]]''' || '''३,५४,२१०''' || '''४६.८०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[वड्डे शोभनाद्रीश्वर राव]] || २,९८,३२० || ३९.४२% |- | NTR तेदेप || कोनेरु राजेंद्र प्रसाद || ८४,३२० || ११.१४% |- | मताधिक्य || परवथनेनी उपेंद्र || ५५,८९० || ७.३८% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="resultuniv1991">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1991 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[वड्डे शोभनाद्रीश्वर राव]]''' || '''३,२५,४२०''' || '''४९.६०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[चेन्नुपती विद्या]] || २,८०,५१० || ४२.७७% |- | मताधिक्य || वड्डे शोभनाद्रीश्वर राव || ४४,९१० || ६.८३% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="resultuniv1989">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1989 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[चेन्नुपती विद्या]]''' || '''३,६५,४२०''' || '''५१.४०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[वड्डे शोभनाद्रीश्वर राव]] || ३,२५,४२० || ४५.७७% |- | मताधिक्य || चेन्नुपती विद्या || ४०,००० || ५.६३% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="resultuniv1984">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1984 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[वड्डे शोभनाद्रीश्वर राव]]''' || '''३,५६,४२०''' || '''६१.५०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[चेन्नुपती विद्या]] || २,०२,३५० || ३४.९२% |- | मताधिक्य || वड्डे शोभनाद्रीश्वर राव || १,५४,०७० || २६.५८% |} === १९८० निवडणूक <ref name="resultuniv1980">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1980 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[चेन्नुपती विद्या]]''' || '''२,६८,५२०''' || '''५६.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || गोथापती सांबशिवराव || १,४२,३५० || २९.८०% |- | मताधिक्य || चेन्नुपती विद्या || १,२६,१७० || २६.४०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="resultuniv1977">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1977 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[गोथापती सांबशिवराव]]''' || '''२,५४,३२०''' || '''५६.१०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || [[डॉ. के. एल. राव]] || १,६८,५२० || ३७.२०% |- | मताधिक्य || गोथापती सांबशिवराव || ८५,८०० || १८.९०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="resultuniv1971">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1971 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[डॉ. के. एल. राव]]''' || '''२,८५,४२०''' || '''७१.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || के. व्ही. एन. राव || १,०२,३२० || २५.४८% |- | मताधिक्य || डॉ. के. एल. राव || १,८३,१०० || ४५.६२% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="resultuniv1967">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1967 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[डॉ. के. एल. राव]]''' || '''१,९८,५२०''' || '''५४.५०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || टी. व्ही. एस. शास्त्री || १,३५,४२० || ३७.२०% |- | मताधिक्य || डॉ. के. एल. राव || ६३,१०० || १७.३०% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="resultuniv1962">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1962 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[डॉ. के. एल. राव]]''' || '''१,७५,४२०''' || '''५३.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || के. व्ही. एन. राव || १,३२,५२० || ४०.१०% |- | मताधिक्य || डॉ. के. एल. राव || ४२,९०० || १२.००% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="resultuniv1957">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1957 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[डॉ. के. एल. राव]]''' || '''१,५४,३२०''' || '''५५.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || के. व्ही. एन. राव || १,१५,३२० || ४१.२०% |- | मताधिक्य || डॉ. के. एल. राव || ३९,००० || १४.००% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="resultuniv1952">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/vijayawada-lok-sabha-constituency |title=Vijayawada Lok Sabha Constituency Election Result 1952 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]]''' || '''[[हरींद्रनाथ चट्टोपाध्याय]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || के. व्ही. एन. राव || १,१२,३२० || ४२.४०% |- | मताधिक्य || हरींद्रनाथ चट्टोपाध्याय || २३,१०0 || ८.८०% |} ==हे सुद्धा पहा== *[[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp13.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:विजयवाडा]] [[वर्ग:एन.टी.आर. जिल्हा]] [[वर्ग:विजयवाडा लोकसभा मतदारसंघ|*]] 6tlu9xfj8s8r47knjfnu1m3k6lfkwx7 गुंटुर लोकसभा मतदारसंघ 0 50713 2710847 2443007 2026-09-19T22:28:19Z अभय नातू 206 माहिती 2710847 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''गुंटुर लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Guntur Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> या मतदारसंघात [[गुंटुर जिल्हा|गुंटुर जिल्ह्यातील]] सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == गुंटुर लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[ताडेपल्लीगुडेम विधानसभा मतदारसंघ|मंगलगिरी]] # [[ताडेपल्ली विधानसभा मतदारसंघ|ताडेपल्ली]] # [[गुंटुर पश्चिम विधानसभा मतदारसंघ|गुंटुर पश्चिम]] # [[गुंटुर पूर्व विधानसभा मतदारसंघ|गुंटुर पूर्व]] # [[तेनाली विधानसभा मतदारसंघ|तेनाली]] # [[प्रत्तीपाडू विधानसभा मतदारसंघ|प्रत्तीपाडू]] (अनुसूचित जाती) # [[पोन्नुरु विधानसभा मतदारसंघ|पोन्नुरु]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[एस. व्ही. एल. नरसिंहम]] || [[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[नागाढ्युल नायडू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[एम. एस. संजीवी राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[एन. जी. रंगा]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[एस. एम. लालजन बाशा]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[यलमंचीली राणा चौधरी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[जयदेव गल्ला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[जयदेव गल्ला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[चंद्रशेखर पेम्मासानी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2024], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[चंद्रशेखर पेम्मासानी]]''' || '''८,६४,९४८''' || '''६०.६८%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[किलारी व्यंकट रोशय्या]] || ५,२०,२५३ || ३६.५०% |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || जंगाला अजय कुमार || ८,६३७ || ०.६१% |- | नोटा || नोटा || ७,३८७ || ०.५२% |- | मताधिक्य || चंद्रशेखर पेम्मासानी || ३,४४,६९५ || २४.१८% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जयदेव गल्ला]]''' || '''५,८७,९१८''' || '''४३.५०%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]] || ५,८३,७१३ || ४३.१९% |- | [[जनसेना पक्ष]] || बोनाबोयिना नागी श्वर राव || १,२९,२०५ || ९.५६% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || शेख मस्तानवली || १४,२०५ || १.०५% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || जयप्रकाश नारायण वल्लुरु || ११,८४१ || ०.८८% |- | नोटा || नोटा || ६,००६ || ०.४४% |- | मताधिक्य || जयदेव गल्ला || ४,२०५ || ०.३१% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जयदेव गल्ला]]''' || '''६,१८,४१३''' || '''४९.६८%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[वल्लाभनेनी बालाशोवरी]] || ५,४९,२९- || ४४.१३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || अब्दुल वहीद शेख || १२,२०८ || ०.९८% |- | जय समैक्य आंध्र पक्ष || अल्ला वैकुंठराव || ८,८९९ || ०.७१% |- | नोटा || नोटा || ७,५९६ || ०.६१% |- | मताधिक्य || जयदेव गल्ला || ६९,१२२ || ५.५५% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''४,६४,४६९''' || '''४४.१४%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[राजेंद्र प्रसाद मोपर्देवी]] || ३,६५,०७५ || ३४.६९% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || तोटा चंद्रशेखर || १,६८,६०८ || १६.०२% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ९९,३९४ || ९.४५% |} === २००४ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Guntur_Lok_Sabha_constituency Guntur Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''४,६६,२०४''' || '''५६.७२%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[यलमंचीली राणा चौधरी]] || ३,३६,४१२ || ४०.९१% |- | [[बहुजन समाज पक्ष|बसपा]] || जी. जे. थॉमस || ११,०५४ || १.३४% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || १,२९,७९२ || १५.८१% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[यलमंचीली राणा चौधरी]]''' || '''३,६७,८२४''' || '''५०.४९%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || ३,२७,४५० || ४४.९५% |- | अन्ना तेदेप || जे. व्ही. आंजनेयुलु || २४,२२० || ३.३२% |- | मताधिक्य || यलमंचीली राणा चौधरी || ४०,३७४ || ५.५४% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''३,५९,४५०''' || '''४७.१०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेp]] || [[लालजन बाशा]] || ३,०१,१२० || ३९.४५% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || अवुला वीरभद्रराव || ९५,३२० || १२.४८% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ५८,३३० || ७.६५% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''३,४४,८१०''' || '''४६.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[लालजन बाशा]] || २,९०,४२० || ३८.९०% |- | NTR तेदेप || मंता सुब्बाराव || ९२,३४० || १२.३६% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ५४,३९० || ७.३०% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[एस. एम. लालजन बाशा]]''' || '''३,०७,४२०''' || '''४७.९०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एन. जी. रंगा]] || २,९२,३१० || ४५.५५% |- | मताधिक्य || लालजन बाशा || १५,११० || २.३५% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एन. जी. रंगा]]''' || '''३,७२,४५०''' || '''५२.३०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || M. S. S. कोटी रेड्डी || ३,२०,१२० || ४४.९५% |- | मताधिक्य || एन. जी. रंगा || ५२,३३० || ७.३५% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[एम. एस. संजीवी राव]]''' || '''३,२०,३४०''' || '''५४.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एन. जी. रंगा]] || २,५२,१२० || ४२.६०% |- | मताधिक्य || एम. एस. संजीवी राव || ६८,२२० || ११.५०% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[नागाढ्युल नायडू]]''' || '''२,५८,३२०''' || '''५६.८०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || १,५२,४२० || ३३.५०% |- | मताधिक्य || नागाढ्युल नायडू || १,०५,९०० || २३.३०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''२,६५,३२०''' || '''५३.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || २,१२,३४० || ४२.६०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ५२,९८० || १०.६०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''२,२५,४२०''' || '''५८.९०%''' |- | [[भारतीय स्वतंत्र पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || १,३२,४५० || ३४.६०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ९२,९७० || २४.३०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,८५,३२०''' || '''४९.६०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,४२,१२० || ३८.०५% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ४३,२०० || ११.५५% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,६५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,२५,३२० || ३९.७०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ४०,१०० || १२.७०% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,५५,३२०''' || '''५३.८०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,२०,४५० || X१.७०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ३४,८७० || १२.१०% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]]''' || '''[[एस. व्ही. एल. नरसिंहम]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || कोथा रघुरामय्या || १,१०,५२० || ४१.८०% |- | मताधिक्य || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || २४,९०० || ९.४०% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp15.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:गुंटुर जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:गुंटुर लोकसभा मतदारसंघ|*]] pitnr8ifr9dgxr2eboj94lafjqewz0o 2710849 2710847 2026-09-19T22:31:39Z अभय नातू 206 /* विधानसभा मतदारसंघ */ 2710849 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''गुंटुर लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Guntur Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> या मतदारसंघात [[गुंटुर जिल्हा|गुंटुर जिल्ह्यातील]] सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == गुंटुर लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[ताडेपल्लीगुडेम विधानसभा मतदारसंघ|मंगलगिरी]] # [[ताडीकोंडा विधानसभा मतदारसंघ|ताडीकोंडा]] # [[गुंटुर पश्चिम विधानसभा मतदारसंघ|गुंटुर पश्चिम]] # [[गुंटुर पूर्व विधानसभा मतदारसंघ|गुंटुर पूर्व]] # [[तेनाली विधानसभा मतदारसंघ|तेनाली]] # [[प्रत्तीपाडू विधानसभा मतदारसंघ|प्रत्तीपाडू]] (अनुसूचित जाती) # [[पोन्नुरु विधानसभा मतदारसंघ|पोन्नुरु]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[एस. व्ही. एल. नरसिंहम]] || [[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[नागाढ्युल नायडू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[एम. एस. संजीवी राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[एन. जी. रंगा]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[एस. एम. लालजन बाशा]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[यलमंचीली राणा चौधरी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[जयदेव गल्ला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[जयदेव गल्ला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[चंद्रशेखर पेम्मासानी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2024], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[चंद्रशेखर पेम्मासानी]]''' || '''८,६४,९४८''' || '''६०.६८%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[किलारी व्यंकट रोशय्या]] || ५,२०,२५३ || ३६.५०% |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || जंगाला अजय कुमार || ८,६३७ || ०.६१% |- | नोटा || नोटा || ७,३८७ || ०.५२% |- | मताधिक्य || चंद्रशेखर पेम्मासानी || ३,४४,६९५ || २४.१८% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जयदेव गल्ला]]''' || '''५,८७,९१८''' || '''४३.५०%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]] || ५,८३,७१३ || ४३.१९% |- | [[जनसेना पक्ष]] || बोनाबोयिना नागी श्वर राव || १,२९,२०५ || ९.५६% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || शेख मस्तानवली || १४,२०५ || १.०५% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || जयप्रकाश नारायण वल्लुरु || ११,८४१ || ०.८८% |- | नोटा || नोटा || ६,००६ || ०.४४% |- | मताधिक्य || जयदेव गल्ला || ४,२०५ || ०.३१% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जयदेव गल्ला]]''' || '''६,१८,४१३''' || '''४९.६८%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[वल्लाभनेनी बालाशोवरी]] || ५,४९,२९- || ४४.१३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || अब्दुल वहीद शेख || १२,२०८ || ०.९८% |- | जय समैक्य आंध्र पक्ष || अल्ला वैकुंठराव || ८,८९९ || ०.७१% |- | नोटा || नोटा || ७,५९६ || ०.६१% |- | मताधिक्य || जयदेव गल्ला || ६९,१२२ || ५.५५% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''४,६४,४६९''' || '''४४.१४%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[राजेंद्र प्रसाद मोपर्देवी]] || ३,६५,०७५ || ३४.६९% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || तोटा चंद्रशेखर || १,६८,६०८ || १६.०२% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ९९,३९४ || ९.४५% |} === २००४ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Guntur_Lok_Sabha_constituency Guntur Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''४,६६,२०४''' || '''५६.७२%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[यलमंचीली राणा चौधरी]] || ३,३६,४१२ || ४०.९१% |- | [[बहुजन समाज पक्ष|बसपा]] || जी. जे. थॉमस || ११,०५४ || १.३४% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || १,२९,७९२ || १५.८१% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[यलमंचीली राणा चौधरी]]''' || '''३,६७,८२४''' || '''५०.४९%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || ३,२७,४५० || ४४.९५% |- | अन्ना तेदेप || जे. व्ही. आंजनेयुलु || २४,२२० || ३.३२% |- | मताधिक्य || यलमंचीली राणा चौधरी || ४०,३७४ || ५.५४% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''३,५९,४५०''' || '''४७.१०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेp]] || [[लालजन बाशा]] || ३,०१,१२० || ३९.४५% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || अवुला वीरभद्रराव || ९५,३२० || १२.४८% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ५८,३३० || ७.६५% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''३,४४,८१०''' || '''४६.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[लालजन बाशा]] || २,९०,४२० || ३८.९०% |- | NTR तेदेप || मंता सुब्बाराव || ९२,३४० || १२.३६% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ५४,३९० || ७.३०% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[एस. एम. लालजन बाशा]]''' || '''३,०७,४२०''' || '''४७.९०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एन. जी. रंगा]] || २,९२,३१० || ४५.५५% |- | मताधिक्य || लालजन बाशा || १५,११० || २.३५% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एन. जी. रंगा]]''' || '''३,७२,४५०''' || '''५२.३०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || M. S. S. कोटी रेड्डी || ३,२०,१२० || ४४.९५% |- | मताधिक्य || एन. जी. रंगा || ५२,३३० || ७.३५% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[एम. एस. संजीवी राव]]''' || '''३,२०,३४०''' || '''५४.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एन. जी. रंगा]] || २,५२,१२० || ४२.६०% |- | मताधिक्य || एम. एस. संजीवी राव || ६८,२२० || ११.५०% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[नागाढ्युल नायडू]]''' || '''२,५८,३२०''' || '''५६.८०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || १,५२,४२० || ३३.५०% |- | मताधिक्य || नागाढ्युल नायडू || १,०५,९०० || २३.३०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''२,६५,३२०''' || '''५३.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || २,१२,३४० || ४२.६०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ५२,९८० || १०.६०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''२,२५,४२०''' || '''५८.९०%''' |- | [[भारतीय स्वतंत्र पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || १,३२,४५० || ३४.६०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ९२,९७० || २४.३०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,८५,३२०''' || '''४९.६०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,४२,१२० || ३८.०५% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ४३,२०० || ११.५५% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,६५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,२५,३२० || ३९.७०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ४०,१०० || १२.७०% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,५५,३२०''' || '''५३.८०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,२०,४५० || X१.७०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ३४,८७० || १२.१०% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]]''' || '''[[एस. व्ही. एल. नरसिंहम]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || कोथा रघुरामय्या || १,१०,५२० || ४१.८०% |- | मताधिक्य || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || २४,९०० || ९.४०% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp15.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:गुंटुर जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:गुंटुर लोकसभा मतदारसंघ|*]] jnyrl2f9ewwveukoyqzv40oxns4b15y 2710850 2710849 2026-09-19T22:32:40Z अभय नातू 206 /* विधानसभा मतदारसंघ */ 2710850 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''गुंटुर लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Guntur Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> या मतदारसंघात [[गुंटुर जिल्हा|गुंटुर जिल्ह्यातील]] सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == गुंटुर लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[मंगलगिरी विधानसभा मतदारसंघ|मंगलगिरी]] # [[ताडीकोंडा विधानसभा मतदारसंघ|ताडीकोंडा]] # [[गुंटुर पश्चिम विधानसभा मतदारसंघ|गुंटुर पश्चिम]] # [[गुंटुर पूर्व विधानसभा मतदारसंघ|गुंटुर पूर्व]] # [[तेनाली विधानसभा मतदारसंघ|तेनाली]] # [[प्रत्तीपाडू विधानसभा मतदारसंघ|प्रत्तीपाडू]] (अनुसूचित जाती) # [[पोन्नुरु विधानसभा मतदारसंघ|पोन्नुरु]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[एस. व्ही. एल. नरसिंहम]] || [[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[नागाढ्युल नायडू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[एम. एस. संजीवी राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[एन. जी. रंगा]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[एस. एम. लालजन बाशा]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[यलमंचीली राणा चौधरी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[जयदेव गल्ला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[जयदेव गल्ला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[चंद्रशेखर पेम्मासानी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2024], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[चंद्रशेखर पेम्मासानी]]''' || '''८,६४,९४८''' || '''६०.६८%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[किलारी व्यंकट रोशय्या]] || ५,२०,२५३ || ३६.५०% |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || जंगाला अजय कुमार || ८,६३७ || ०.६१% |- | नोटा || नोटा || ७,३८७ || ०.५२% |- | मताधिक्य || चंद्रशेखर पेम्मासानी || ३,४४,६९५ || २४.१८% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जयदेव गल्ला]]''' || '''५,८७,९१८''' || '''४३.५०%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]] || ५,८३,७१३ || ४३.१९% |- | [[जनसेना पक्ष]] || बोनाबोयिना नागी श्वर राव || १,२९,२०५ || ९.५६% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || शेख मस्तानवली || १४,२०५ || १.०५% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || जयप्रकाश नारायण वल्लुरु || ११,८४१ || ०.८८% |- | नोटा || नोटा || ६,००६ || ०.४४% |- | मताधिक्य || जयदेव गल्ला || ४,२०५ || ०.३१% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जयदेव गल्ला]]''' || '''६,१८,४१३''' || '''४९.६८%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[वल्लाभनेनी बालाशोवरी]] || ५,४९,२९- || ४४.१३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || अब्दुल वहीद शेख || १२,२०८ || ०.९८% |- | जय समैक्य आंध्र पक्ष || अल्ला वैकुंठराव || ८,८९९ || ०.७१% |- | नोटा || नोटा || ७,५९६ || ०.६१% |- | मताधिक्य || जयदेव गल्ला || ६९,१२२ || ५.५५% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''४,६४,४६९''' || '''४४.१४%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[राजेंद्र प्रसाद मोपर्देवी]] || ३,६५,०७५ || ३४.६९% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || तोटा चंद्रशेखर || १,६८,६०८ || १६.०२% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ९९,३९४ || ९.४५% |} === २००४ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Guntur_Lok_Sabha_constituency Guntur Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''४,६६,२०४''' || '''५६.७२%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[यलमंचीली राणा चौधरी]] || ३,३६,४१२ || ४०.९१% |- | [[बहुजन समाज पक्ष|बसपा]] || जी. जे. थॉमस || ११,०५४ || १.३४% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || १,२९,७९२ || १५.८१% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[यलमंचीली राणा चौधरी]]''' || '''३,६७,८२४''' || '''५०.४९%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || ३,२७,४५० || ४४.९५% |- | अन्ना तेदेप || जे. व्ही. आंजनेयुलु || २४,२२० || ३.३२% |- | मताधिक्य || यलमंचीली राणा चौधरी || ४०,३७४ || ५.५४% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''३,५९,४५०''' || '''४७.१०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेp]] || [[लालजन बाशा]] || ३,०१,१२० || ३९.४५% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || अवुला वीरभद्रराव || ९५,३२० || १२.४८% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ५८,३३० || ७.६५% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''३,४४,८१०''' || '''४६.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[लालजन बाशा]] || २,९०,४२० || ३८.९०% |- | NTR तेदेप || मंता सुब्बाराव || ९२,३४० || १२.३६% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ५४,३९० || ७.३०% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[एस. एम. लालजन बाशा]]''' || '''३,०७,४२०''' || '''४७.९०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एन. जी. रंगा]] || २,९२,३१० || ४५.५५% |- | मताधिक्य || लालजन बाशा || १५,११० || २.३५% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एन. जी. रंगा]]''' || '''३,७२,४५०''' || '''५२.३०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || M. S. S. कोटी रेड्डी || ३,२०,१२० || ४४.९५% |- | मताधिक्य || एन. जी. रंगा || ५२,३३० || ७.३५% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[एम. एस. संजीवी राव]]''' || '''३,२०,३४०''' || '''५४.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एन. जी. रंगा]] || २,५२,१२० || ४२.६०% |- | मताधिक्य || एम. एस. संजीवी राव || ६८,२२० || ११.५०% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[नागाढ्युल नायडू]]''' || '''२,५८,३२०''' || '''५६.८०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || १,५२,४२० || ३३.५०% |- | मताधिक्य || नागाढ्युल नायडू || १,०५,९०० || २३.३०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''२,६५,३२०''' || '''५३.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || २,१२,३४० || ४२.६०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ५२,९८० || १०.६०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''२,२५,४२०''' || '''५८.९०%''' |- | [[भारतीय स्वतंत्र पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || १,३२,४५० || ३४.६०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ९२,९७० || २४.३०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,८५,३२०''' || '''४९.६०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,४२,१२० || ३८.०५% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ४३,२०० || ११.५५% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,६५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,२५,३२० || ३९.७०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ४०,१०० || १२.७०% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,५५,३२०''' || '''५३.८०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,२०,४५० || X१.७०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ३४,८७० || १२.१०% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]]''' || '''[[एस. व्ही. एल. नरसिंहम]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || कोथा रघुरामय्या || १,१०,५२० || ४१.८०% |- | मताधिक्य || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || २४,९०० || ९.४०% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp15.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:गुंटुर जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:गुंटुर लोकसभा मतदारसंघ|*]] nevfoonrbvta66i3enh6se0hji69e2e 2710851 2710850 2026-09-19T22:34:17Z अभय नातू 206 /* विधानसभा मतदारसंघ */ 2710851 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''गुंटुर लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Guntur Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> या मतदारसंघात [[गुंटुर जिल्हा|गुंटुर जिल्ह्यातील]] सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == गुंटुर लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[मंगलगिरी विधानसभा मतदारसंघ|मंगलगिरी]] # [[ताडीकोंडा विधानसभा मतदारसंघ|ताडीकोंडा]] # [[गुंटुर पश्चिम विधानसभा मतदारसंघ|गुंटुर पश्चिम]] # [[गुंटुर पूर्व विधानसभा मतदारसंघ|गुंटुर पूर्व]] # [[तेनाली विधानसभा मतदारसंघ|तेनाली]] # [[प्रत्तीपाडु (गुंटुर) विधानसभा मतदारसंघ|प्रत्तीपाडू विधानसभा मतदारसंघ|प्रत्तीपाडू]] (अनुसूचित जाती) # [[पोन्नुरु विधानसभा मतदारसंघ|पोन्नुरु]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[एस. व्ही. एल. नरसिंहम]] || [[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[कोथा रघुरामय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[नागाढ्युल नायडू]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[एम. एस. संजीवी राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[एन. जी. रंगा]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[एस. एम. लालजन बाशा]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[यलमंचीली राणा चौधरी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[जयदेव गल्ला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[जयदेव गल्ला]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[चंद्रशेखर पेम्मासानी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2024], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[चंद्रशेखर पेम्मासानी]]''' || '''८,६४,९४८''' || '''६०.६८%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[किलारी व्यंकट रोशय्या]] || ५,२०,२५३ || ३६.५०% |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || जंगाला अजय कुमार || ८,६३७ || ०.६१% |- | नोटा || नोटा || ७,३८७ || ०.५२% |- | मताधिक्य || चंद्रशेखर पेम्मासानी || ३,४४,६९५ || २४.१८% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जयदेव गल्ला]]''' || '''५,८७,९१८''' || '''४३.५०%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]] || ५,८३,७१३ || ४३.१९% |- | [[जनसेना पक्ष]] || बोनाबोयिना नागी श्वर राव || १,२९,२०५ || ९.५६% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || शेख मस्तानवली || १४,२०५ || १.०५% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || जयप्रकाश नारायण वल्लुरु || ११,८४१ || ०.८८% |- | नोटा || नोटा || ६,००६ || ०.४४% |- | मताधिक्य || जयदेव गल्ला || ४,२०५ || ०.३१% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[जयदेव गल्ला]]''' || '''६,१८,४१३''' || '''४९.६८%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[वल्लाभनेनी बालाशोवरी]] || ५,४९,२९- || ४४.१३% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || अब्दुल वहीद शेख || १२,२०८ || ०.९८% |- | जय समैक्य आंध्र पक्ष || अल्ला वैकुंठराव || ८,८९९ || ०.७१% |- | नोटा || नोटा || ७,५९६ || ०.६१% |- | मताधिक्य || जयदेव गल्ला || ६९,१२२ || ५.५५% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/guntur-lok-sabha-constituency Guntur Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''४,६४,४६९''' || '''४४.१४%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[राजेंद्र प्रसाद मोपर्देवी]] || ३,६५,०७५ || ३४.६९% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || तोटा चंद्रशेखर || १,६८,६०८ || १६.०२% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ९९,३९४ || ९.४५% |} === २००४ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Guntur_Lok_Sabha_constituency Guntur Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''४,६६,२०४''' || '''५६.७२%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[यलमंचीली राणा चौधरी]] || ३,३६,४१२ || ४०.९१% |- | [[बहुजन समाज पक्ष|बसपा]] || जी. जे. थॉमस || ११,०५४ || १.३४% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || १,२९,७९२ || १५.८१% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[यलमंचीली राणा चौधरी]]''' || '''३,६७,८२४''' || '''५०.४९%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || ३,२७,४५० || ४४.९५% |- | अन्ना तेदेप || जे. व्ही. आंजनेयुलु || २४,२२० || ३.३२% |- | मताधिक्य || यलमंचीली राणा चौधरी || ४०,३७४ || ५.५४% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''३,५९,४५०''' || '''४७.१०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेp]] || [[लालजन बाशा]] || ३,०१,१२० || ३९.४५% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || अवुला वीरभद्रराव || ९५,३२० || १२.४८% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ५८,३३० || ७.६५% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''३,४४,८१०''' || '''४६.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[लालजन बाशा]] || २,९०,४२० || ३८.९०% |- | NTR तेदेप || मंता सुब्बाराव || ९२,३४० || १२.३६% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ५४,३९० || ७.३०% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[एस. एम. लालजन बाशा]]''' || '''३,०७,४२०''' || '''४७.९०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एन. जी. रंगा]] || २,९२,३१० || ४५.५५% |- | मताधिक्य || लालजन बाशा || १५,११० || २.३५% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एन. जी. रंगा]]''' || '''३,७२,४५०''' || '''५२.३०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || M. S. S. कोटी रेड्डी || ३,२०,१२० || ४४.९५% |- | मताधिक्य || एन. जी. रंगा || ५२,३३० || ७.३५% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[एम. एस. संजीवी राव]]''' || '''३,२०,३४०''' || '''५४.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[एन. जी. रंगा]] || २,५२,१२० || ४२.६०% |- | मताधिक्य || एम. एस. संजीवी राव || ६८,२२० || ११.५०% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[नागाढ्युल नायडू]]''' || '''२,५८,३२०''' || '''५६.८०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || १,५२,४२० || ३३.५०% |- | मताधिक्य || नागाढ्युल नायडू || १,०५,९०० || २३.३०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''२,६५,३२०''' || '''५३.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || २,१२,३४० || ४२.६०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ५२,९८० || १०.६०% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''२,२५,४२०''' || '''५८.९०%''' |- | [[भारतीय स्वतंत्र पक्ष]] || के. व्ही. एन. आर. चौधरी || १,३२,४५० || ३४.६०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ९२,९७० || २४.३०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,८५,३२०''' || '''४९.६०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,४२,१२० || ३८.०५% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ४३,२०० || ११.५५% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,६५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,२५,३२० || ३९.७०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ४०,१०० || १२.७०% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोथा रघुरामय्या]]''' || '''१,५५,३२०''' || '''५३.८०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || १,२०,४५० || X१.७०% |- | मताधिक्य || कोथा रघुरामय्या || ३४,८७० || १२.१०% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]]''' || '''[[एस. व्ही. एल. नरसिंहम]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || कोथा रघुरामय्या || १,१०,५२० || ४१.८०% |- | मताधिक्य || एस. व्ही. एल. नरसिंहम || २४,९०० || ९.४०% |} == हे सुद्धा पहा == * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp15.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:गुंटुर जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:गुंटुर लोकसभा मतदारसंघ|*]] fjzh20b2l5127grfrg21d0n1hhmui1r बापटला लोकसभा मतदारसंघ 0 50714 2710901 2543187 2026-09-20T05:55:25Z अभय नातू 206 अभय नातू ने पुनर्निर्देशन ठेउन लेख [[बपतला लोकसभा मतदारसंघ]] वरुन [[बापटला लोकसभा मतदारसंघ]] ला हलविला: शुद्धलेखन 2543187 wikitext text/x-wiki '''बपतला लोकसभा मतदारसंघ''' [[आंध्र प्रदेश|आंध्र प्रदेशाच्या]] [[बपतला जिल्हा|बपतला]] आणि [[प्रकाशम जिल्हा|प्रकाशम जिल्ह्यातील]] [[लोकसभा]] मतदारसंघ आहे. {{विस्तार}} ==हे सुद्धा पहा== *[[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp16.htm}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:बपतला जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:बपतला लोकसभा मतदारसंघ|*]] [[वर्ग:प्रकाशम जिल्हा]] d68juzmgyy6yy38o43l3ykzrrl4zhu4 2710903 2710901 2026-09-20T05:57:36Z अभय नातू 206 माहिती 2710903 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''बापटला लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">[https://results.eci.gov.in/ Election Commission of India - Bapatla Election Results], Election Commission of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> १९७७ च्या पुनर्रचनेनुसार हा मतदारसंघ अस्तित्वात आला असून तो अनुसूचित जाती (SC) उमेदवारांसाठी राखीव आहे. या मतदारसंघात [[बापटला जिल्हा|बापटला]] आणि [[प्रकासम जिल्हा|प्रकासम जिल्ह्यातील]] सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो. == विधानसभा मतदारसंघ == बापटला लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[वेमुरु विधानसभा मतदारसंघ|वेमुरु]] (अनुसूचित जाती) # [[रेपल्ले विधानसभा मतदारसंघ|रेपल्ले]] # [[बापटला विधानसभा मतदारसंघ|बापटला]] # [[पर्चुर विधानसभा मतदारसंघ|पर्चुर]] # [[अद्दानकी विधानसभा मतदारसंघ|अद्दानकी]] # [[चीराला विधानसभा मतदारसंघ|चीराला]] # [[संथनूतलपाडू विधानसभा मतदारसंघ|संथनूतलपाडू]] (अनुसूचित जाती) == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[पामुलापती अंकिनीडू प्रसाद राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[पामुलापती अंकिनीडू प्रसाद राव]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[चिमाता सांबू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[सलागला बेंजामिन]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[दग्गुबाती व्यंकटेश्वर राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[उम्मारेड्डी व्यंकटेश्वरलू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[दग्गुबाती रामनायडू]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[दग्गुबाती पुरंदेश्वरी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[पनाबाका लक्ष्मी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[मल्याद्री श्रीराम]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[नांदिगम सुरेश]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="timesofindia2024">[https://timesofindia.indiatimes.com/elections/lok-sabha-constituencies/andhra-pradesh/bapatla Bapatla Lok Sabha Election Results 2024], The Times of India, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी]]''' || '''७,१७,४९३''' || '''५५.१६%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[नांदिगम सुरेश]] || ५,०९,४६२ || ३९.१७% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जे. डी. सीलम]] || ४३,२५९ || ३.३३% |- | नोटा || नोटा || १३,७२३ || १.०६% |- | मताधिक्य || कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी || २,०८,०३१ || १५.९९% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">[https://resultuniversity.com/election/bapatla-lok-sabha-constituency Bapatla Lok Sabha Constituency Election Result 2019], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[नांदिगम सुरेश]]''' || '''५,९८,२५७''' || '''४७.२४%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[मल्याद्री श्रीराम]] || ५,८२,१९२ || ४५.९७% |- | [[बहुजन समाज पक्ष|बसपा]] || के. देवानंद || ४२,५८० || ३.३६% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जे. डी. सीलम]] || १३,१५५ || १.०४% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || चेल्लागली किशोर कुमार || १०,३५१ || ०.८२% |- | नोटा || नोटा || १३,२१८ || १.०४% |- | मताधिक्य || नांदिगम सुरेश || १६,०६५ || १.२७% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">[https://resultuniversity.com/election/bapatla-lok-sabha-constituency Bapatla Lok Sabha Constituency Election Result 2014], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[मल्याद्री श्रीराम]]''' || '''५,७८,१४५''' || '''४८.८०%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || वारिकुटी अम्रुतपानी || ५,४५,३९१ || ४६.०४% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[पनाबाका लक्ष्मी]] || २३,०७२ || १.९५% |- | नोटा || नोटा || ६,१४६ || ०.५२% |- | मताधिक्य || मल्याद्री श्रीराम || ३२,७५४ || २.७६% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">[https://resultuniversity.com/election/bapatla-lok-sabha-constituency Bapatla Lok Sabha Constituency Election Result 2009], ResultUniversity, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[पनाबाका लक्ष्मी]]''' || '''४,६०,७५७''' || '''४४.१५%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || मल्याद्री श्रीराम || ३,९१,४१९ || ३७.४९% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || नलमदासू व्यंकटेश्र्वर्लू || १,३१,२०८ || १२.५७% |- | मताधिक्य || पनाबाका लक्ष्मी || ६९,३३८ || ६.६६% |} === २००४ निवडणूक <ref name="wikieng">[https://en.wikipedia.org/wiki/Bapatla_Lok_Sabha_constituency Bapatla Lok Sabha constituency - Election Results], Wikipedia, Retrieved 30 August 2026.</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[दग्गुबाती पुरंदेश्वरी]]''' || '''४,११,००९''' || '''५५.८८%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[दग्गुबाती रामनायडू]] || ३,१७,०१७ || ४३.१०% |- | मताधिक्य || दग्गुबाती पुरंदेश्वरी || ९३,९९२ || १२.७८% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[दग्गुबाती रामनायडू]]''' || '''३,९९,५९६''' || '''५५.८३%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[जे. डी. सीलम]] || ३,०७,१३९ || ४२.९२% |- | मताधिक्य || दग्गुबाती रामनायडू || ९२,४५७ || १२.९१% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी]]''' || '''३,१६,७८८''' || '''४७.३१%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[उम्मारेड्डी व्यंकटेश्वरलू]] || २,७६,३०० || ४१.२७% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || गणेसुनी रत्तय्या चौधरी || ६६,९१४ || ९.९९% |- | मताधिक्य || नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी || ४०,४८८ || ६.०४% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[उम्मारेड्डी व्यंकटेश्वरलू]]''' || '''२,७६,०६४''' || '''४१.५१%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || विजया प्रद आर्य || २,६७,८०२ || ४०.२७% |- | NTR तेदेप || लावू रथय्या || ९८,५५४ || १४.८२% |- | मताधिक्य || उम्मारेड्डी व्यंकटेश्वरलू || ८,२६२ || १.२४% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[दग्गुबाती व्यंकटेश्वर राव]]''' || '''२,८५,७८८''' || '''४६.८२%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[सलागला बेंजामिन]] || २,८४,६८१ || ४६.६४% |- | मताधिक्य || दग्गुबाती व्यंकटेश्वर राव || १,१०७ || ०.१८% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[सलागला बेंजामिन]]''' || '''३,६४,००८''' || '''५२.१५%''' |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || [[एम. व्यंकय्या नायडू]] || ३,२०,३८८ || ४५.९०% |- | मताधिक्य || सलागला बेंजामिन || ४३,६२० || ६.२५% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[चिमाता सांबू]]''' || '''३,४०,५६०''' || '''५८.४०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[पामुलापती अंकिनीडू प्रसाद राव]] || २,२८,४२० || ३९.१०% |- | मताधिक्य || चिमाता सांबू || १,१२,१४० || १९.३०% |} === १९८० निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[पामुलापती अंकिनीडू प्रसाद राव]]''' || '''२,६५,३२०''' || '''५६.८०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राव || १,४५,२०० || ३१.१०% |- | मताधिक्य || पामुलापती अंकिनीडू प्रसाद राव || १,२०,१२० || २५.७०% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="wikieng" /> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[पामुलापती अंकिनीडू प्रसाद राव]]''' || '''२,६८,४५०''' || '''५९.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || के. व्ही. एन. राव || १,६८,५२० || ३७.१०% |- | मताधिक्य || पामुलापती अंकिनीडू प्रसाद राव || ९९,९३० || २२.१०% |} ==हे सुद्धा पहा== * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp16.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:बपतला जिल्हा|लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:बपतला लोकसभा मतदारसंघ|*]] [[वर्ग:प्रकाशम जिल्हा]] 4g5gy8oqqevzgera2mgutbjsb59eqv4 नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघ 0 50715 2710892 2397803 2026-09-20T05:40:23Z अभय नातू 206 माहिती 2710892 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">{{cite web |url=https://results.eci.gov.in/ |title=Election Commission of India - Narasaraopet Election Results |publisher=Election Commission of India |access-date=2026-08-30}}</ref> या मतदारसंघात संपूर्ण [[पल्नाडू जिल्हा|पल्नाडू जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट आहे. == विधानसभा मतदारसंघ == नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[पेदकुरपाडू विधानसभा मतदारसंघ|पेदकुरपाडू]] # [[गुरुजाला विधानसभा मतदारसंघ|गुरुजाला]] # [[माचेर्ला विधानसभा मतदारसंघ|माचेर्ला]] # [[नरसरावपेट विधानसभा मतदारसंघ|नरसरावपेट]] # [[विनुकोंडा विधानसभा मतदारसंघ|विनुकोंडा]] # [[अद्दानकी विधानसभा मतदारसंघ|अद्दानकी]] # [[चिलकलुरीपेट विधानसभा मतदारसंघ|चिलकलुरीपेट]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[सी. आर. चौधरी]] || [[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[सी. आर. चौधरी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[एम. इब्राहीम सुलेमान सेठ]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[सुधीर भामिदीपाटी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[माद्दि सुदर्शनम]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[काटुरी नारायण स्वामी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[कोटा सैदय्या]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[कोनिजेटी रोसैय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[बालाशोवरी वल्लभनेणी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2024 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]]''' || '''८,०७,९९६''' || '''५६.७१%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[अन्सा बश्या पोथुला]] || ५,४८,२६७ || ३८.४८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[नेदुरुमल्ली मेखपती अनुप रेड्डी]] || २६,५०८ || १.८६% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || ०.९४% |- | मताधिक्य || लावु श्री कृष्ण देवरायालु || २,५९,७२९ || १८.२३% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2019 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]]''' || '''७,४५,५७८''' || '''५१.८३%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || ५,९१,६०० || ४१.१२% |- | [[जनसेना पक्ष]] || [[नायडू व्यंकटेश्वरलू]] || ४६,१८५ || ३.२१% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || कन्ना लक्ष्मीनारायण || १५,४२० || १.०७% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || के. व्यंकटेश्वरा राव || १२,५६० || ०.८७% |- | नोटा || नोटa || १४,३२८ || १.००% |- | मताधिक्य || लावु श्री कृष्ण देवरायालु || १,५३,९७८ || १०.७१% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2014 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''६,२९,३९२''' || '''४९.२४%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[अय्यापा रेड्डी]] || ५,९४,११२ || ४६.४८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || १६,८५० || १.३२% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.५५% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ३५,२८० || २.७६% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2009 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]]''' || '''४,६३,३५८''' || '''४३.५०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[बालशौरी वल्लभनेणी]] || ४,४७,२८७ || ४१.९९% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी || १,३२,४५० || १२.४३% |- | मताधिक्य || मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी || १६,०७१ || १.५१% |} === २००४ निवडणूक <ref name="resultuniv2004">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2004 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बालशौरी वल्लभनेणी]]''' || '''५,३५,५४४''' || '''५४.१०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || ४,२५,०४४ || ४२.९५% |- | मताधिक्य || बालशौरी वल्लभनेणी || १,१०,५०० || ११.१५% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="resultuniv1999">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1999 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी]]''' || '''४,३२,५२०''' || '''५०.८०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || ३,८७,५२० || ४५.५१% |- | मताधिक्य || नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी || ४५,००० || ५.२९% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="resultuniv1998">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1998 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोनिजेटी रोसैय्या]]''' || '''३,६८,४५०''' || '''४८.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || ३,३२,५२० || ४३.५०% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || के. व्ही. एन. राव || ५५,४२० || ७.२५% |- | मताधिक्य || कोनिजेटी रोसैय्या || ३५,९३० || ४.७०% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="resultuniv1996">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1996 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कोटा सैदय्या]]''' || '''३,४५,२१०''' || '''४६.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || ३,०५,३२० || ४०.७७% |- | NTR तेदेप || के. रामचंद्र राव || ६५,३२० || ८.७२% |- | मताधिक्य || कोटा सैदय्या || ३९,८९० || ५.३३% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="resultuniv1991">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1991 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]]''' || '''३,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || २,९५,३२० || ४५.०७% |- | मताधिक्य || कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी || ४०,१०० || ६.१३% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="resultuniv1989">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1989 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]]''' || '''३,६५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[काटुरी नारायण स्वामी]] || ३,२५,४२० || ४६.६७% |- | मताधिक्य || कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी || ४०,००० || ५.७३% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="resultuniv1984">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1984 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[काटुरी नारायण स्वामी]]''' || '''३,५४,३२०''' || '''५८.६०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]] || २,३५,४२० || ३८.९३% |- | मताधिक्य || काटुरी नारायण स्वामी || १,१८,९०० || १९.६७% |} === १९८० निवडणूक <ref name="resultuniv1980">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1980 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]]''' || '''२,७५,४२०''' || '''५८.१०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || सी. आर. चौधरी || १,४५,३२० || ३०.६७% |- | मताधिक्य || के. ब्रह्मानंद रेड्डी || १,३०,१०0 || २७.४३% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="resultuniv1977">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1977 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]]''' || '''२,६५,४२०''' || '''५९.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || सी. आर. चौधरी || १,६८,५२० || ३७.५७% |- | मताधिक्य || के. ब्रह्मानंद रेड्डी || ९६,९०० || २१.६३% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="resultuniv1971">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1971 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[माद्दि सुदर्शनम]]''' || '''२,३५,४२०''' || '''६४.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (संघटन)]] || सी. आर. चौधरी || १,१२,३२० || ३०.६०% |- | मताधिक्य || माद्दि सुदर्शनम || १,२३,१०० || ३३.६०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="resultuniv1967">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1967 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[सुधीर भामिदीपाटी]]''' || '''१,९५,३२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || सी. आर. चौधरी || १,४५,३२० || ३९.००% |- | मताधिक्य || सुधीर भामिदीपाटी || ५०,००० || १३.४०% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="resultuniv1962">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1962 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एम. इब्राहीम सुलेमान सेठ]]''' || '''१,६५,४२०''' || '''५३.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || के. व्ही. एन. राव || १,२५,४२० || ४०.२०% |- | मताधिक्य || एम. इब्राहीम सुलेमान सेठ || ४०,००० || १२.९०% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="resultuniv1957">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1957 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[सी. आर. चौधरी]]''' || '''१,५४,३२०''' || '''५५.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || के. व्ही. एन. राव || १,१५,३२० || ४१.२०% |- | मताधिक्य || सी. आर. चौधरी || ३९,००० || १४.००% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="resultuniv1952">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1952 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]]''' || '''[[सी. आर. चौधरी]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || के. व्ही. एन. राव || १,१२,३२० || ४२.४०% |- | मताधिक्य || सी. आर. चौधरी || २३,१०० || ८.८०% |} ==हे सुद्धा पहा== * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp17.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:पालनाडू जिल्हा]] [[वर्ग:नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघ|*]] khuvjn4r5aebwiftqygu79a0taqoov8 2710894 2710892 2026-09-20T05:42:27Z अभय नातू 206 /* खासदार */ 2710894 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">{{cite web |url=https://results.eci.gov.in/ |title=Election Commission of India - Narasaraopet Election Results |publisher=Election Commission of India |access-date=2026-08-30}}</ref> या मतदारसंघात संपूर्ण [[पल्नाडू जिल्हा|पल्नाडू जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट आहे. == विधानसभा मतदारसंघ == नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[पेदकुरपाडू विधानसभा मतदारसंघ|पेदकुरपाडू]] # [[गुरुजाला विधानसभा मतदारसंघ|गुरुजाला]] # [[माचेर्ला विधानसभा मतदारसंघ|माचेर्ला]] # [[नरसरावपेट विधानसभा मतदारसंघ|नरसरावपेट]] # [[विनुकोंडा विधानसभा मतदारसंघ|विनुकोंडा]] # [[अद्दानकी विधानसभा मतदारसंघ|अद्दानकी]] # [[चिलकलुरीपेट विधानसभा मतदारसंघ|चिलकलुरीपेट]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[सी. आर. चौधरी]] || [[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[सी. आर. चौधरी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[एम. इब्राहीम सुलेमान सेठ]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[सुधीर भामिदीपाटी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[माद्दि सुदर्शनम]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[काटुरी नारायण स्वामी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[कोटा सैदय्या]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[कोनिजेटी रोसैय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[मेकापती राजमोहन रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2024 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]]''' || '''८,०७,९९६''' || '''५६.७१%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[अन्सा बश्या पोथुला]] || ५,४८,२६७ || ३८.४८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[नेदुरुमल्ली मेखपती अनुप रेड्डी]] || २६,५०८ || १.८६% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || ०.९४% |- | मताधिक्य || लावु श्री कृष्ण देवरायालु || २,५९,७२९ || १८.२३% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2019 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]]''' || '''७,४५,५७८''' || '''५१.८३%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || ५,९१,६०० || ४१.१२% |- | [[जनसेना पक्ष]] || [[नायडू व्यंकटेश्वरलू]] || ४६,१८५ || ३.२१% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || कन्ना लक्ष्मीनारायण || १५,४२० || १.०७% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || के. व्यंकटेश्वरा राव || १२,५६० || ०.८७% |- | नोटा || नोटa || १४,३२८ || १.००% |- | मताधिक्य || लावु श्री कृष्ण देवरायालु || १,५३,९७८ || १०.७१% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2014 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''६,२९,३९२''' || '''४९.२४%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[अय्यापा रेड्डी]] || ५,९४,११२ || ४६.४८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || १६,८५० || १.३२% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.५५% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ३५,२८० || २.७६% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2009 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]]''' || '''४,६३,३५८''' || '''४३.५०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[बालशौरी वल्लभनेणी]] || ४,४७,२८७ || ४१.९९% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी || १,३२,४५० || १२.४३% |- | मताधिक्य || मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी || १६,०७१ || १.५१% |} === २००४ निवडणूक <ref name="resultuniv2004">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2004 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बालशौरी वल्लभनेणी]]''' || '''५,३५,५४४''' || '''५४.१०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || ४,२५,०४४ || ४२.९५% |- | मताधिक्य || बालशौरी वल्लभनेणी || १,१०,५०० || ११.१५% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="resultuniv1999">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1999 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी]]''' || '''४,३२,५२०''' || '''५०.८०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || ३,८७,५२० || ४५.५१% |- | मताधिक्य || नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी || ४५,००० || ५.२९% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="resultuniv1998">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1998 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोनिजेटी रोसैय्या]]''' || '''३,६८,४५०''' || '''४८.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || ३,३२,५२० || ४३.५०% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || के. व्ही. एन. राव || ५५,४२० || ७.२५% |- | मताधिक्य || कोनिजेटी रोसैय्या || ३५,९३० || ४.७०% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="resultuniv1996">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1996 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कोटा सैदय्या]]''' || '''३,४५,२१०''' || '''४६.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || ३,०५,३२० || ४०.७७% |- | NTR तेदेप || के. रामचंद्र राव || ६५,३२० || ८.७२% |- | मताधिक्य || कोटा सैदय्या || ३९,८९० || ५.३३% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="resultuniv1991">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1991 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]]''' || '''३,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || २,९५,३२० || ४५.०७% |- | मताधिक्य || कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी || ४०,१०० || ६.१३% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="resultuniv1989">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1989 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]]''' || '''३,६५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[काटुरी नारायण स्वामी]] || ३,२५,४२० || ४६.६७% |- | मताधिक्य || कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी || ४०,००० || ५.७३% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="resultuniv1984">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1984 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[काटुरी नारायण स्वामी]]''' || '''३,५४,३२०''' || '''५८.६०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]] || २,३५,४२० || ३८.९३% |- | मताधिक्य || काटुरी नारायण स्वामी || १,१८,९०० || १९.६७% |} === १९८० निवडणूक <ref name="resultuniv1980">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1980 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]]''' || '''२,७५,४२०''' || '''५८.१०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || सी. आर. चौधरी || १,४५,३२० || ३०.६७% |- | मताधिक्य || के. ब्रह्मानंद रेड्डी || १,३०,१०0 || २७.४३% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="resultuniv1977">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1977 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]]''' || '''२,६५,४२०''' || '''५९.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || सी. आर. चौधरी || १,६८,५२० || ३७.५७% |- | मताधिक्य || के. ब्रह्मानंद रेड्डी || ९६,९०० || २१.६३% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="resultuniv1971">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1971 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[माद्दि सुदर्शनम]]''' || '''२,३५,४२०''' || '''६४.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (संघटन)]] || सी. आर. चौधरी || १,१२,३२० || ३०.६०% |- | मताधिक्य || माद्दि सुदर्शनम || १,२३,१०० || ३३.६०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="resultuniv1967">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1967 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[सुधीर भामिदीपाटी]]''' || '''१,९५,३२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || सी. आर. चौधरी || १,४५,३२० || ३९.००% |- | मताधिक्य || सुधीर भामिदीपाटी || ५०,००० || १३.४०% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="resultuniv1962">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1962 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एम. इब्राहीम सुलेमान सेठ]]''' || '''१,६५,४२०''' || '''५३.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || के. व्ही. एन. राव || १,२५,४२० || ४०.२०% |- | मताधिक्य || एम. इब्राहीम सुलेमान सेठ || ४०,००० || १२.९०% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="resultuniv1957">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1957 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[सी. आर. चौधरी]]''' || '''१,५४,३२०''' || '''५५.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || के. व्ही. एन. राव || १,१५,३२० || ४१.२०% |- | मताधिक्य || सी. आर. चौधरी || ३९,००० || १४.००% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="resultuniv1952">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1952 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]]''' || '''[[सी. आर. चौधरी]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || के. व्ही. एन. राव || १,१२,३२० || ४२.४०% |- | मताधिक्य || सी. आर. चौधरी || २३,१०० || ८.८०% |} ==हे सुद्धा पहा== * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp17.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:पालनाडू जिल्हा]] [[वर्ग:नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघ|*]] pglztnylojvn0y2cynf8sgf5imadz32 2710899 2710894 2026-09-20T05:47:11Z अभय नातू 206 /* विधानसभा मतदारसंघ */ 2710899 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघ''' हा [[आंध्र प्रदेश]] राज्यातील २५ लोकसभा मतदारसंघांपैकी एक आहे.<ref name="ecimain">{{cite web |url=https://results.eci.gov.in/ |title=Election Commission of India - Narasaraopet Election Results |publisher=Election Commission of India |access-date=2026-08-30}}</ref> या मतदारसंघात संपूर्ण [[पल्नाडू जिल्हा|पल्नाडू जिल्ह्याचा]] भाग समाविष्ट आहे. == विधानसभा मतदारसंघ == नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघात खालील सात विधानसभा मतदारसंघांचा समावेश होतो: # [[पेदकुरपाडू विधानसभा मतदारसंघ|पेदकुरपाडू]] # [[गुरुजाला विधानसभा मतदारसंघ|गुरुजाला]] # [[माचेर्ला विधानसभा मतदारसंघ|माचेर्ला]] # [[नरसरावपेट विधानसभा मतदारसंघ|नरसरावपेट]] # [[विनुकोंडा विधानसभा मतदारसंघ|विनुकोंडा]] # [[सत्तेनापल्ली विधानसभा मतदारसंघ|सत्तेनापल्ली]] # [[चिलकलुरीपेट विधानसभा मतदारसंघ|चिलकलुरीपेट]] == खासदार == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! खासदार !! पक्ष |- | [[१९५२ लोकसभा निवडणूक|१९५२]] || [[सी. आर. चौधरी]] || [[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]] |- | [[१९५७ लोकसभा निवडणूक|१९५७]] || [[सी. आर. चौधरी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६२ लोकसभा निवडणूक|१९६२]] || [[एम. इब्राहीम सुलेमान सेठ]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९६७ लोकसभा निवडणूक|१९६७]] || [[सुधीर भामिदीपाटी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७१ लोकसभा निवडणूक|१९७१]] || [[माद्दि सुदर्शनम]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९७७ लोकसभा निवडणूक|१९७७]] || [[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९८० लोकसभा निवडणूक|१९८०]] || [[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]] |- | [[१९८४ लोकसभा निवडणूक|१९८४]] || [[काटुरी नारायण स्वामी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९८९ लोकसभा निवडणूक|१९८९]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९१ लोकसभा निवडणूक|१९९१]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९६ लोकसभा निवडणूक|१९९६]] || [[कोटा सैदय्या]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[१९९८ लोकसभा निवडणूक|१९९८]] || [[कोनिजेटी रोसैय्या]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[१९९९ लोकसभा निवडणूक|१९९९]] || [[नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००४ लोकसभा निवडणूक|२००४]] || [[मेकापती राजमोहन रेड्डी]] || [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] |- | [[२००९ लोकसभा निवडणूक|२००९]] || [[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१४ लोकसभा निवडणूक|२०१४]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |- | [[२०१९ लोकसभा निवडणूक|२०१९]] || [[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]] || [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष]] |- | [[२०२४ लोकसभा निवडणूक|२०२४]] || [[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]] || [[तेलुगू देसम पक्ष]] |} == निवडणूक निकाल == === २०२४ निवडणूक <ref name="resultuniv2024">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2024 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]]''' || '''८,०७,९९६''' || '''५६.७१%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[अन्सा बश्या पोथुला]] || ५,४८,२६७ || ३८.४८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[नेदुरुमल्ली मेखपती अनुप रेड्डी]] || २६,५०८ || १.८६% |- | नोटा || नोटा || १३,४१७ || ०.९४% |- | मताधिक्य || लावु श्री कृष्ण देवरायालु || २,५९,७२९ || १८.२३% |} === २०१९ निवडणूक <ref name="resultuniv2019">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2019 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]]''' || '''[[लावु श्री कृष्ण देवरायालु]]''' || '''७,४५,५७८''' || '''५१.८३%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[रायपती सांबशिव राव]] || ५,९१,६०० || ४१.१२% |- | [[जनसेना पक्ष]] || [[नायडू व्यंकटेश्वरलू]] || ४६,१८५ || ३.२१% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || कन्ना लक्ष्मीनारायण || १५,४२० || १.०७% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || के. व्यंकटेश्वरा राव || १२,५६० || ०.८७% |- | नोटा || नोटa || १४,३२८ || १.००% |- | मताधिक्य || लावु श्री कृष्ण देवरायालु || १,५३,९७८ || १०.७१% |} === २०१४ निवडणूक <ref name="resultuniv2014">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2014 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[रायपती सांबशिव राव]]''' || '''६,२९,३९२''' || '''४९.२४%''' |- | [[वाय.एस.आर. काँग्रेस पक्ष|वायएसआरसीपी]] || [[अय्यापा रेड्डी]] || ५,९४,११२ || ४६.४८% |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || १६,८५० || १.३२% |- | नोटा || नोटा || ६,९८८ || ०.५५% |- | मताधिक्य || रायपती सांबशिव राव || ३५,२८० || २.७६% |} === २००९ निवडणूक <ref name="resultuniv2009">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2009 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी]]''' || '''४,६३,३५८''' || '''४३.५०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[बालशौरी वल्लभनेणी]] || ४,४७,२८७ || ४१.९९% |- | प्रजा राज्यम पक्ष || मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी || १,३२,४५० || १२.४३% |- | मताधिक्य || मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी || १६,०७१ || १.५१% |} === २००४ निवडणूक <ref name="resultuniv2004">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 2004 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[बालशौरी वल्लभनेणी]]''' || '''५,३५,५४४''' || '''५४.१०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || ४,२५,०४४ || ४२.९५% |- | मताधिक्य || बालशौरी वल्लभनेणी || १,१०,५०० || ११.१५% |} === १९९९ निवडणूक <ref name="resultuniv1999">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1999 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी]]''' || '''४,३२,५२०''' || '''५०.८०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || ३,८७,५२० || ४५.५१% |- | मताधिक्य || नेदुरुमल्ली जनार्दन रेड्डी || ४५,००० || ५.२९% |} === १९९८ निवडणूक <ref name="resultuniv1998">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1998 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कोनिजेटी रोसैय्या]]''' || '''३,६८,४५०''' || '''४८.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || ३,३२,५२० || ४३.५०% |- | [[भारतीय जनता पक्ष|भाजपा]] || के. व्ही. एन. राव || ५५,४२० || ७.२५% |- | मताधिक्य || कोनिजेटी रोसैय्या || ३५,९३० || ४.७०% |} === १९९६ निवडणूक <ref name="resultuniv1996">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1996 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[कोटा सैदय्या]]''' || '''३,४५,२१०''' || '''४६.१०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]] || ३,०५,३२० || ४०.७७% |- | NTR तेदेप || के. रामचंद्र राव || ६५,३२० || ८.७२% |- | मताधिक्य || कोटा सैदय्या || ३९,८९० || ५.३३% |} === १९९१ निवडणूक <ref name="resultuniv1991">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1991 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]]''' || '''३,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[कोटा सैदय्या]] || २,९५,३२० || ४५.०७% |- | मताधिक्य || कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी || ४०,१०० || ६.१३% |} === १९८९ निवडणूक <ref name="resultuniv1989">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1989 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी]]''' || '''३,६५,४२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]] || [[काटुरी नारायण स्वामी]] || ३,२५,४२० || ४६.६७% |- | मताधिक्य || कासु वेंकट कृष्णा रेड्डी || ४०,००० || ५.७३% |} === १९८४ निवडणूक <ref name="resultuniv1984">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1984 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[तेलुगू देसम पक्ष|तेदेप]]''' || '''[[काटुरी नारायण स्वामी]]''' || '''३,५४,३२०''' || '''५८.६०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || [[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]] || २,३५,४२० || ३८.९३% |- | मताधिक्य || काटुरी नारायण स्वामी || १,१८,९०० || १९.६७% |} === १९८० निवडणूक <ref name="resultuniv1980">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1980 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आय)]]''' || '''[[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]]''' || '''२,७५,४२०''' || '''५८.१०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || सी. आर. चौधरी || १,४५,३२० || ३०.६७% |- | मताधिक्य || के. ब्रह्मानंद रेड्डी || १,३०,१०0 || २७.४३% |} === १९७७ निवडणूक <ref name="resultuniv1977">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1977 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[के. ब्रह्मानंद रेड्डी]]''' || '''२,६५,४२०''' || '''५९.२०%''' |- | [[जनता पक्ष]] || सी. आर. चौधरी || १,६८,५२० || ३७.५७% |- | मताधिक्य || के. ब्रह्मानंद रेड्डी || ९६,९०० || २१.६३% |} === १९७१ निवडणूक <ref name="resultuniv1971">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1971 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[माद्दि सुदर्शनम]]''' || '''२,३५,४२०''' || '''६४.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (संघटन)]] || सी. आर. चौधरी || १,१२,३२० || ३०.६०% |- | मताधिक्य || माद्दि सुदर्शनम || १,२३,१०० || ३३.६०% |} === १९६७ निवडणूक <ref name="resultuniv1967">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1967 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[सुधीर भामिदीपाटी]]''' || '''१,९५,३२०''' || '''५२.४०%''' |- | [[स्वतंत्र पक्ष]] || सी. आर. चौधरी || १,४५,३२० || ३९.००% |- | मताधिक्य || सुधीर भामिदीपाटी || ५०,००० || १३.४०% |} === १९६२ निवडणूक <ref name="resultuniv1962">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1962 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[एम. इब्राहीम सुलेमान सेठ]]''' || '''१,६५,४२०''' || '''५३.१०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || के. व्ही. एन. राव || १,२५,४२० || ४०.२०% |- | मताधिक्य || एम. इब्राहीम सुलेमान सेठ || ४०,००० || १२.९०% |} === १९५७ निवडणूक <ref name="resultuniv1957">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1957 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]]''' || '''[[सी. आर. चौधरी]]''' || '''१,५४,३२०''' || '''५५.२०%''' |- | [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष|सीपीआय]] || के. व्ही. एन. राव || १,१५,३२० || ४१.२०% |- | मताधिक्य || सी. आर. चौधरी || ३९,००० || १४.००% |} === १९५२ निवडणूक <ref name="resultuniv1952">{{cite web |url=https://resultuniversity.com/election/narasaraopet-lok-sabha-constituency |title=Narasaraopet Lok Sabha Constituency Election Result 1952 |publisher=ResultUniversity |access-date=2026-08-30}}</ref> === {| class="wikitable sortable mw-collapsible mw-collapsed" |- ! पक्ष !! उमेदवार !! मते !! % |- | '''[[अपक्ष राजकारणी|अपक्ष]]''' || '''[[सी. आर. चौधरी]]''' || '''१,३५,४२०''' || '''५१.२०%''' |- | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेस]] || के. व्ही. एन. राव || १,१२,३२० || ४२.४०% |- | मताधिक्य || सी. आर. चौधरी || २३,१०० || ८.८०% |} ==हे सुद्धा पहा== * [[भारतीय लोकसभा मतदारसंघ सूची]] ==बाह्य दुवे== * {{भारतीय निवडणूक आयोग||S01/partycomp17.htm}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{आंध्र प्रदेशातील लोकसभा मतदारसंघ}} [[वर्ग:लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील लोकसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:पालनाडू जिल्हा]] [[वर्ग:नरसरावपेट लोकसभा मतदारसंघ|*]] rmahyerxct3452kma447aazkm7q1zmj साचा:FlagIOCmedalist 10 52399 2710919 1623892 2026-09-20T10:13:54Z Ganesh591 62733 2710919 wikitext text/x-wiki {{flagicon|{{{2}}}}} {{{1}}} <br> [[{{{3|}}} ऑलिंपिक खेळात {{देश माहिती {{{2}}}|देश नाव दुवा no link}}|{{देश माहिती {{{2}}}|देश नाव दुवा no link}}]] <noinclude>[[वर्ग:ऑलिंपिक साचे|{{PAGENAME}}]] </noinclude> n44ox0xqkdlcej0kitqfwpajw66t4c0 पोप सर्जियस पहिला 0 53595 2710736 2687541 2026-09-19T12:28:09Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710736 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''पोप सर्जियस पहिला''' तथा '''संत सर्जियस''' ([[इ.स. ६५०]]:[[पालेर्मो]], [[सिसिली]] - [[सप्टेंबर ८]], [[इ.स. ७०१]]:[[रोम]], [[इटली]]) हा [[डिसेंबर १५]], [[इ.स. ६८७]] पासून मृत्यूपर्यंत [[पोप]]पदी होता. त्याचा जन्म [[सिचिल्या]] येथील [[अँटिओख (सिचिल्या)|अँटिओख]] येथे झाला होता. हा पोपपदावर येण्यापूर्वीच्या काळात [[कॅथलिक चर्च|रोमन चर्चमध्ये]] मोठ्या प्रमाणावर अंतर्गत गटबाजी आणि सत्तासंघर्ष सुरू होता; या वातावरणात त्याने चर्चचे नेतृत्व केले. [[बायझेंटाईन साम्राज्य|बायझँटाईन सम्राट]] आणि कॅथोलिक चर्च यांच्यातील संबंधांमध्ये त्याने महत्त्वाची भूमिका बजावली होती.<ref>{{cite web |url=https://www.britannica.com/biography/Sergius-I |title=Sergius I |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=2026-06-04}}</ref> बायझेन्टाईन सम्राट [[जस्टिनियन दुसरा]] याने लादलेल्या अनेक धार्मिक नियमांना त्याने विरोध दर्शविला आणि स्वतंत्र ख्रिस्ती परंपरांचे रक्षण केले. त्याने चर्चच्या विधींमध्ये, विशेषतः [[मास (कॅथोलिक विधी)|मासमधील]] संगीतात आणि प्रार्थनेत ''अॅग्नस डेई'' प्रार्थनेचा समावेश करण्यासहित अनेक सुधारणा केल्या. त्याच्या कार्यकाळात ख्रिस्ती धर्माचा प्रसार युरोपमध्ये वेगाने झाला.<ref>{{cite book |author=Duffy, Eamon |title=Saints and Sinners: A History of the Popes |url=https://archive.org/details/00book1593273669 |year=2006 |publisher=Yale University Press |isbn=978-0300115970}}</ref> {{विस्तार}} == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:पोप|सर्जियस ०१]] [[वर्ग:इ.स. ६५० मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. ७०१ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] [[वर्ग:इटालियन पोप|सर्जियस ०१]] irdlv0yq3rywwjvpojjrlbwubuhsmsd स्टार प्रवाह 0 59039 2710908 2710693 2026-09-20T06:10:07Z ~2026-50698-54 187594 [[Special:Contributions/~2026-50704-53|~2026-50704-53]] ([[User talk:~2026-50704-53|चर्चा]])यांची आवृत्ती [[Special:Diff/2710693|2710693]] परतवली. 2710908 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट दूरचित्रवाहिनी |नाव = स्टार प्रवाह |चित्र = Star Pravah 2023.png |चित्रसाईज = |चित्र_माहिती = |चित्र२ = |सुरुवात = २४ नोव्हेंबर २००८ |चित्र स्वरूप = |शेवटचे_प्रसारण = |चित्र_प्रकार = |प्रेक्षक_संख्या = |प्रेक्षक_संख्या_सध्या = |प्रेक्षक_संख्या_माहिती = |नेटवर्क = स्टार इंडिया |मालक = [[डिझ्नी स्टार]] |ब्रीदवाक्य = मराठी परंपरा, मराठी प्रवाह |देश = [[भारत]] |प्रसारण क्षेत्र = |मुख्यालय = [[मुंबई]], [[महाराष्ट्र]] |जुने नाव = |बदललेले नाव = |भगिनी वाहिनी = [[प्रवाह पिक्चर]] |प्रसारण वेळ = दुपारी १ ते ३ आणि संध्या. ६.३० ते रात्री ११.३० (प्राइम टाइम) |संकेतस्थळ ={{URL|https://www.hotstar.com/channels/star-pravah|स्टार प्रवाह}} [[डिझ्नी+ हॉटस्टार]]वर }} '''स्टार प्रवाह''' ही एक [[मराठी]] दूरचित्रवाणी वाहिनी आहे, जी मराठी मनोरंजनात्मक मालिका व वास्तविक कार्यक्रम दाखवते. स्टार प्रवाह हे [[वॉल्ट डिझ्नी कंपनी इंडिया]] च्या उपकंपनी असलेल्या [[डिझ्नी स्टार]]च्या (माजी नाव ''स्टार इंडिया''), मालकीचे असून स्टार प्रवाहची सुरुवात २४ नोव्हेंबर २००८ रोजी झाली. स्टार प्रवाह एचडी १ मे २०१६ रोजी सुरू झाले. दर रविवारी [[स्टार प्रवाह महाएपिसोड]] प्रसारित केले जातात. ==इतिहास== स्टार प्रवाह ही स्टार इंडियाची मराठी वाहिनी आहे, स्टार जलशा या बंगाली वाहिनी नंतर २४ नोव्हेंबर २००८ रोजी लाँच केले गेले आणि त्याच लोगोची कॉपी केली गेली, फक्त रंग लाल ऐवजी निळा होता. नवीन लोगो आणि ग्राफिक्स असलेली वाहिनी (बंगाली चॅनेल स्टार जलशाद्वारे १७ जून २०१२ ते १७ फेब्रुवारी २०१९ या कालावधीत वापरलेला लोगो आणि ग्राफिक्स). ३ फेब्रुवारी २०१४ रोजी वाहिनीला "स्वप्नांना पंख नवे" या टॅगलाइनसह रिब्रँड केले गेले. वाहिनीला परत १० ऑक्टोबर २०१६ रोजी "आता थांबायचं नाय" या टॅगलाइनसह रिब्रँड केले गेले. त्यानंतर परत एकदा २ डिसेंबर २०१९ रोजी "मराठी परंपरा, मराठी प्रवाह!" या नवीन टॅगलाइनसह, नवीन लोगो आणि ग्राफिक्ससह वाहिनीने स्वतःला रिब्रँड केले. १ मे २०१६ रोजी, स्टार प्रवाह एचडी नावाच्या वाहिनीची हाय-डेफिनिशन फीड लाँच करण्यात आले. ==पुरस्कार व सोहळे== {| class="wikitable sortable" ! सुरू झाल्याचे वर्ष || कार्यक्रमाचे नाव |- |२०१४-२०१८ |''येरे येरे'' |- |२०१६ |''स्टार प्रवाह रत्न'' |- |२०२१-चालू |''[[स्टार प्रवाह परिवार पुरस्कार]]'' |- |२०२१-२०२५ |''स्टार प्रवाह गणेशोत्सव'' |- |२०२२ |''स्टार प्रवाह धुमधडाका'' |- |२०२३-२०२५ |''स्टार प्रवाह ढिंचॅक दिवाळी'' |} ==प्रसारित कार्यक्रम== ===दैनंदिन मालिका=== {| class="wikitable sortable" ! प्रसारित दिनांक ! मालिका ! वेळ ! रूपांतरण |- | १५ डिसेंबर २०२५ | [[वचन दिले तू मला]] | दुपारी १ वाजता | बंगाली मालिका गीता एल.एल.बी. |- | १६ डिसेंबर २०२४ | [[लग्नानंतर होईलच प्रेम]] | दुपारी १.३० वाजता | तमिळ मालिका इरामना रोजावे २ |- | १५ सप्टेंबर २०२५ | लपंडाव | दुपारी २ वाजता | rowspan="5" {{N/A}} |- | १० ऑगस्ट २०२६ | आमच्या लाडक्या नाईक बाई | दुपारी २.३० वाजता |- | लवकरच... | तुझ्याकडे तुला मागणे | {{TBA}} |- | १२ ऑक्टोबर २०२६ | मराठी मीडियम | संध्या. ६.३० वाजता |- | २९ जून २०२६ | विसरु नको तू मला | संध्या. ७ वाजता |- | १५ जून २०२६ | [[सुना येती घरा]] | संध्या. ७.३० वाजता | तमिळ मालिका पांडेयन स्टोर २ |- | २३ डिसेंबर २०२४ | [[तू ही रे माझा मितवा]] | रात्री ८ वाजता | हिंदी मालिका [[इस प्यार को क्या नाम दूँ]] |- | ५ डिसेंबर २०२२ | [[ठरलं तर मग!]] | रात्री ८.३० वाजता | तमिळ मालिका रोजा |- | १ जून २०२६ | पाठराखीण | रात्री ९ वाजता | हिंदी मालिका सपना बाबुल का... बिदाई |- | ३० मार्च २०२६ | आनंदी | रात्री ९.३० वाजता | हिंदी मालिका बंदिनी |- | २७ एप्रिल २०२६ | [[बाई तुझा आशीर्वाद]] | रात्री १० वाजता | तमिळ मालिका अय्यानार थुनाई |- | २८ सप्टेंबर २०२६ | मी कात टाकली! | रात्री १०.३० वाजता | |- | १८ मार्च २०२४ | [[घरोघरी मातीच्या चुली (मालिका)|घरोघरी मातीच्या चुली]] | रात्री ११ वाजता | हिंदी मालिका कहानी घर घर की |} ===कथाबाह्य कार्यक्रम=== {| class="wikitable sortable" ! प्रसारित दिनांक ! मालिका ! वेळ ! रूपांतरण |- | २९ ऑगस्ट २०२६ | [[आता होऊ दे धिंगाणा]] ५ | शनि-रवि रात्री ९ वाजता | तमिळ कार्यक्रम एन्किट्टा मोधाडे |} ==जुन्या मालिका== # [[अग्निहोत्र (मालिका)|अग्निहोत्र]] # [[अग्निहोत्र २]] # [[अबोली (मालिका)|अबोली]] # [[आई कुठे काय करते!]] # [[कुन्या राजाची गं तू राणी]] # [[छत्रीवाली]] # [[डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर: महामानवाची गौरवगाथा]] # [[ठिपक्यांची रांगोळी (मालिका)|ठिपक्यांची रांगोळी]] # [[तुझं नि माझं घर श्रीमंताचं]] # [[तुझेच मी गीत गात आहे]] # [[थोडं तुझं आणि थोडं माझं]] # [[दुर्वा (मालिका)|दुर्वा]] # [[देवयानी (मालिका)|देवयानी]] # [[नकळत सारे घडले]] # [[पिंकीचा विजय असो!]] # [[पुढचं पाऊल (मालिका)|पुढचं पाऊल]] # [[प्रेमाचा गेम सेम टू सेम]] # [[प्रेमाची गोष्ट (मालिका)|प्रेमाची गोष्ट]] # [[फुलाला सुगंध मातीचा]] # [[मन उधाण वाऱ्याचे]] # [[मी सावित्रीबाई जोतीराव फुले]] # [[मुरांबा (मालिका)|मुरांबा]] # [[मुलगी झाली हो]] # [[मोलकरीण बाई - मोठी तिची सावली]] # [[रंग माझा वेगळा]] # [[राजा शिवछत्रपती (मालिका)|राजा शिवछत्रपती]] # [[लग्नाची बेडी (मालिका)|लग्नाची बेडी]] # [[लक्ष्मीच्या पाऊलांनी]] # [[लक्ष्य (मालिका)|लक्ष्य]] # [[लेक माझी लाडकी]] # [[शुभविवाह (मालिका)|शुभविवाह]] # [[स्वप्नांच्या पलिकडले]] # [[सहकुटुंब सहपरिवार]] # [[साधी माणसं (मालिका)|साधी माणसं]] # [[स्वाभिमान - शोध अस्तित्वाचा]] # [[सांग तू आहेस का?]] # [[सुख म्हणजे नक्की काय असतं!]] # [[हळद रुसली कुंकू हसलं (मालिका)|हळद रुसली कुंकू हसलं]] # आई आणि बाबा रिटायर होत आहेत! # कोण होतीस तू, काय झालीस तू! # काजळमाया # उदे गं अंबे # जे३ जंक्शन # गोष्ट एका लग्नाची # गोष्ट एका कॉलेजची # गोष्ट एका आनंदीची # गोष्ट एका जप्तीची # कुकुचकू # असे का घडले? # जिवलगा # जीवलगा # चारचौघी # कुलस्वामिनी # कुळ स्वामिनी # दार उघडा ना गडे # तुझ्या सोबतीने # अंतरपाट # वचन दिले तू मला # कशाला उद्याची बात # ओळख - ध्यास स्वप्नांचा # झुंज # बंध रेशमाचे # दोन किनारे दोघी आपण # तुजवीण सख्या रे # धर्मकन्या # सुवासिनी # अनोळखी दिशा # मांडला दोन घडीचा डाव # लक्ष्मी वर्सेस सरस्वती # पंचनामा # माधुरी मिडलक्लास # मानसीचा चित्रकार तो # मन धागा धागा जोडते नवा # आम्ही दोघे राजा राणी # आराधना # आंबट गोड # अरे वेड्या मना # बे दुणे दहा # प्रीती परी तुजवरी # रुंजी # लगोरी - मैत्री रिटर्न्स # जयोस्तुते # येक नंबर # तू जिवाला गुंतवावे # तुमचं आमचं सेम असतं # छोटी मालकीण # दुहेरी # नकुशी तरीही हवीहवीशी # नशीबवान # गं सहाजणी # येड लागलं प्रेमाचं # गोठ # ललित २०५ # साथ दे तू मला # साता जल्माच्या गाठी # शतदा प्रेम करावे # तुझ्या इश्काचा नादखुळा # वैजू नंबर १ # नवे लक्ष्य # प्रेमा तुझा रंग कसा # प्रेमा तुझा रंग कसा २ # स्पेशल ५ # जय देवा श्री गणेशा # दख्खनचा राजा जोतिबा # श्री गुरुदेव दत्त # विठू माऊली # जय भवानी जय शिवाजी ===अनुवादित मालिका=== # ५ स्टार किचन # देवांचे देव महादेव # महाभारत # श्री गणेश # [[रामायण (मालिका)|रामायण]] # [[सत्यमेव जयते (दूरचित्रवाणी मालिका)|सत्यमेव जयते]] ==कथाबाह्य कार्यक्रम== # [[भांडा सौख्य भरे]] # [[मी होणार सुपरस्टार]] # [[मी होणार सुपरस्टार छोटे उस्ताद]] # शिट्टी वाजली रे # आता होऊन जाऊ द्या # आम्ही ट्रॅव्हलकर # कॉमेडी बिमेडी # ढाबळ एक तास टाइमपास # ढिंका चिका - कॉमेडीचा नवा फॉर्म्युला # एक टप्पा आऊट # जोडी जमली रे # जस्ट डान्स # किचनची सुपरस्टार # महाराष्ट्राचा डान्सिंग सुपरस्टार # महाराष्ट्राचा नच बलिये # मंडळ भारी आहे # नांदा सौख्य भरे # पोटोबा प्रसन्न # स्टार दरबार # सून सासू सून # सुप्रिया सचिन शो - जोडी तुझी माझी # विकता का उत्तर? # विसावा - एक घर मनासारखं # झेप ==टीआरपी== २०२१ च्या १४ व्या आठवड्यात, स्टार प्रवाह दहा सर्वाधिक पाहिल्या गेलेल्या भारतीय पे प्लॅटफॉर्म दूरचित्रवाणी चॅनेलमध्ये 1341.11 AMAs सह दहाव्या स्थानावर सामील झाले. {|class="wikitable sortable" style="text-align:center" !rowspan="2" | आठवडा आणि वर्ष !colspan="6" | BARC AMAs |- !मेगा सिटी !क्रमांक !हिंदी भाषिक मार्केट !क्रमांक !भारत !क्रमांक |- |आठवडा ३७, २०२१ |rowspan="23" colspan="2" {{N/A}} |1539.19 |5 |1556.26 |10 |- |आठवडा ३८, २०२१ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1551.06 |9 |- |आठवडा ४५, २०२१ |1517.06 |10 |- |आठवडा ४६, २०२१ |1576.53 |5 |1601.66 |8 |- |आठवडा ४७, २०२१ |1546.27 |5 |1568.70 |8 |- |आठवडा ४८, २०२१ |rowspan="5" colspan="2" {{N/A}} |1544.46 |10 |- |आठवडा ४९, २०२१ |1552.12 |10 |- |आठवडा १, २०२२ |1617.21 |10 |- |आठवडा २, २०२२ |1534.71 |10 |- |आठवडा ३, २०२२ |1513 |10 |- |आठवडा ९, २०२२ |1471.21 |5 |1495.43 |8 |- |आठवडा १०, २०२२ |1471.95 |5 |1497.25 |8 |- |आठवडा ११, २०२२ |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1482.54 |9 |- |आठवडा १२, २०२२ |1492.23 |10 |- |आठवडा १३, २०२२ |1442.28 |10 |- |आठवडा १४, २०२२ |1487.64 |5 |1517.08 |8 |- |आठवडा १५, २०२२ |1341.36 |5 |1363.42 |8 |- |आठवडा १६, २०२२ |1406.77 |5 |1424.58 |9 |- |आठवडा १७, २०२२ |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1416.39 |9 |- |आठवडा १९, २०२२ |1350.4 |10 |- |आठवडा २१, २०२२ |1381.04 |10 |- |आठवडा २२, २०२२ |1480.72 |5 |1507.05 |8 |- |आठवडा २३, २०२२ |1381.56 |5 |1405.59 |9 |- |आठवडा २४, २०२२ |291.28 |5 |1474.45 |5 |1504.76 |9 |- |आठवडा २५, २०२२ |287.99 |5 |rowspan="5" colspan="2" {{N/A}} |colspan="2" {{N/A}} |- |आठवडा २८, २०२२ |rowspan="9" colspan="2" {{N/A}} |1532.94 |9 |- |आठवडा २९, २०२२ |1504.15 |8 |- |आठवडा ३०, २०२२ |1440.66 |10 |- |आठवडा ३१, २०२२ |1514.69 |9 |- |आठवडा ३२, २०२२ |1500.53 |5 |1523.61 |9 |- |आठवडा ३३, २०२२ |1565.54 |5 |1593.55 |8 |- |आठवडा ३४, २०२२ |1584.93 |5 |1609.75 |7 |- |आठवडा ३५, २०२२ |colspan="2" {{N/A}} |1429.83 |10 |- |आठवडा ३७, २०२२ |1626.5 |4 |1649.99 |6 |- |आठवडा ३८, २०२२ |280.84 |5 |1565.88 |4 |1587.26 |6 |- |आठवडा ३९, २०२२ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1487.64 |5 |1509.02 |7 |- |आठवडा ४०, २०२२ |1550.58 |5 |1575.49 |7 |- |आठवडा ४१, २०२२ |281.01 |5 |1572.55 |5 |1599.75 |8 |- |आठवडा ४२, २०२२ |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |1595.63 |5 |1616.71 |7 |- |आठवडा ४३, २०२२ |1562.95 |5 |1585.67 |7 |- |आठवडा ४४, २०२२ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1667.66 |8 |- |आठवडा ४५, २०२२ |1669.9 |8 |- |आठवडा ४६, २०२२ |293.21 |5 |1639.66 |5 |1660.83 |7 |- |आठवडा ४७, २०२२ |288.15 |5 |1640.03 |5 |1662.68 |7 |- |आठवडा ४८, २०२२ |286.02 |5 |1651.62 |5 |1675.98 |7 |- |आठवडा ४९, २०२२ |284.08 |5 |1616.36 |5 |1643.6 |7 |- |आठवडा ५०, २०२२ |298.07 |5 |1602 |5 |1627.25 |7 |- |आठवडा ५१, २०२२ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1534.69 |5 |1559 |8 |- |आठवडा ५२, २०२२ |1585.68 |5 |1610.02 |8 |- |आठवडा १, २०२३ |276.4 |5 |1596.73 |5 |1619.82 |7 |- |आठवडा २, २०२३ |292.83 |4 |1624.55 |5 |1644.4 |7 |- |आठवडा ३, २०२३ |314.32 |4 |1711.93 |5 |1732.54 |7 |- |आठवडा ४, २०२३ |307.1 |4 |1630.69 |5 |1648.57 |7 |- |आठवडा ५, २०२३ |303.49 |4 |1627.73 |5 |1646.8 |7 |- |आठवडा ६, २०२३ |292.82 |4 |1603.74 |5 |1625.13 |7 |- |आठवडा ७, २०२३ |298.62 |4 |1646.78 |5 |1672.17 |7 |- |आठवडा ८, २०२३ |colspan="2" {{N/A}} |1222.15 |5 |1246.77 |8 |- |आठवडा ९, २०२३ |290.3 |4 |1617.14 |4 |1638.73 |7 |- |आठवडा १०, २०२३ |284.31 |5 |1583.58 |5 |1602.8 |8 |- |आठवडा ११, २०२३ |rowspan="7" colspan="2" {{N/A}} |1568.32 |5 |1583.43 |8 |- |आठवडा १२, २०२३ |1586.79 |4 |1601.86 |7 |- |आठवडा १३, २०२३ |1511.79 |4 |1526.8 |7 |- |आठवडा १४, २०२३ |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1404.25 |9 |- |आठवडा २०, २०२३ |1379.8 |10 |- |आठवडा २१, २०२३ |1336.04 |10 |- |आठवडा २२, २०२३ |1432.9 |5 |1455.53 |9 |- |आठवडा २३, २०२३ |286.07 |5 |1450.61 |5 |1475.28 |9 |- |आठवडा २४, २०२३ |colspan="2" {{N/A}} |1391.97 |5 |1413.13 |9 |- |आठवडा २५, २०२३ |297.47 |5 |1508.04 |5 |1529.61 |8 |- |आठवडा २६, २०२३ |colspan="2" {{N/A}} |rowspan="7" colspan="2" {{N/A}} |1508.18 |10 |- |आठवडा २७, २०२३ |311.63 |5 |1586.14 |9 |- |आठवडा २८, २०२३ |305.63 |5 |1576.27 |9 |- |आठवडा २९, २०२३ |305.11 |4 |1604.36 |9 |- |आठवडा ३०, २०२३ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1538.86 |10 |- |आठवडा ३१, २०२३ |1590.24 |10 |- |आठवडा ३२, २०२३ |300.09 |4 |1560.37 |10 |- |आठवडा ३३, २०२३ |312.78 |4 |1645.59 |5 |1666.5 |8 |- |आठवडा ३४, २०२३ |359.56 |2 |1773.39 |3 |1793.95 |5 |- |आठवडा ३५, २०२३ |319.48 |3 |1637.29 |5 |1656.78 |8 |- |आठवडा ३६, २०२३ |342.24 |2 |1726.76 |4 |1749.07 |7 |- |आठवडा ३७, २०२३ |326.07 |5 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1643.41 |9 |- |आठवडा ३८, २०२३ |colspan="2" {{N/A}} |1493.7 |10 |- |आठवडा ३९, २०२३ |315.15 |5 |1606.96 |5 |1628.03 |8 |- |आठवडा ४०, २०२३ |371.71 |4 |1845.97 |3 |1868.71 |5 |- |आठवडा ४१, २०२३ |354.49 |5 |1746.04 |4 |1765.6 |7 |- |आठवडा ४२, २०२३ |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |1728.18 |4 |1748.5 |7 |- |आठवडा ४३, २०२३ |1688.71 |5 |1709.19 |8 |- |आठवडा ४४, २०२३ |1688.53 |5 |1709 |8 |- |आठवडा ४५, २०२३ |1688.86 |5 |1709.35 |8 |- |आठवडा ४६, २०२३ |314.47 |5 |colspan="2" {{N/A}} |1602.99 |9 |- |आठवडा ४७, २०२३ |334.4 |5 |1761.59 |4 |1782.84 |6 |- |आठवडा ४८, २०२३ |340.02 |5 |1774.83 |3 |1797.74 |5 |- |आठवडा ४९, २०२३ |330.75 |3 |1733.14 |4 |1753.03 |6 |- |आठवडा ५०, २०२३ |345.59 |4 |1748.28 |4 |1773.41 |6 |- |आठवडा ५१, २०२३ |350.51 |4 |1787.22 |4 |1812.24 |6 |- |आठवडा ५२, २०२३ |334.81 |4 |1720.19 |5 |1743.27 |7 |- |आठवडा १, २०२४ |331.16 |4 |colspan="2" {{N/A}} |1752.61 |8 |- |आठवडा २, २०२४ |328.3 |4 |1692.61 |5 |1717.1 |8 |- |आठवडा ३, २०२४ |335.95 |4 |1701.59 |4 |1727.75 |7 |- |आठवडा ४, २०२४ |313.03 |4 |1595.58 |5 |1619.65 |7 |- |आठवडा ५, २०२४ |324.83 |4 |1639.19 |4 |1663.48 |7 |- |आठवडा ६, २०२४ |340.76 |4 |1699.56 |3 |1729.21 |5 |- |आठवडा ७, २०२४ |335.94 |4 |1669.05 |3 |1697.39 |5 |- |आठवडा ८, २०२४ |330.64 |4 |colspan="2" {{N/A}} |1616.1 |7 |- |आठवडा ९, २०२४ |328.81 |4 |1588.34 |5 |1609.17 |8 |- |आठवडा १०, २०२४ |340.62 |4 |1674.46 |3 |1700.32 |5 |- |आठवडा ११, २०२४ |362.68 |3 |1764.45 |3 |1793.48 |5 |- |आठवडा १२, २०२४ |'''391.66''' |1 |'''1917.04''' |3 |'''1944.9''' |5 |- |आठवडा १३, २०२४ |343.27 |4 |1720.83 |5 |1745.54 |7 |- |आठवडा १४, २०२४ |333.75 |4 |1678.56 |5 |1701.37 |7 |- |आठवडा १५, २०२४ |324.31 |4 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1661.26 |8 |- |आठवडा १६, २०२४ |300.91 |4 |1466.09 |9 |- |आठवडा १७, २०२४ |329.14 |4 |1473.76 |5 |1497.09 |8 |- |आठवडा १८, २०२४ |313.84 |4 |1475.98 |5 |1503.38 |8 |- |आठवडा १९, २०२४ |308.96 |4 |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1480.3 |8 |- |आठवडा २०, २०२४ |290.19 |4 |1355.01 |10 |- |आठवडा २१, २०२४ |303.99 |4 |1445.34 |9 |- |आठवडा २२, २०२४ |310.75 |3 |1571.52 |5 |1599.8 |7 |- |आठवडा २३, २०२४ |313.07 |3 |1467.74 |5 |1491.59 |7 |- |आठवडा २४, २०२४ |331.61 |3 |colspan="2" {{N/A}} |1518.06 |9 |- |आठवडा २५, २०२४ |318.92 |4 |1513.29 |5 |1534.75 |8 |- |आठवडा २६, २०२४ |319.09 |5 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1524.55 |10 |- |आठवडा २७, २०२४ |313.37 |3 |1514.53 |9 |- |आठवडा २८, २०२४ |318.09 |3 |1491.43 |5 |1518.17 |8 |- |आठवडा २९, २०२४ |325 |4 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1577.98 |9 |- |आठवडा ३०, २०२४ |335.81 |4 |1602.54 |9 |- |आठवडा ३१, २०२४ |343.55 |3 |1689.2 |5 |1711.82 |7 |- |आठवडा ३२, २०२४ |329.03 |4 |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |1621.83 |9 |- |आठवडा ३३, २०२४ |310.4 |4 |1549.35 |9 |- |आठवडा ३४, २०२४ |296.72 |5 |1498.66 |9 |- |आठवडा ३५, २०२४ |307.97 |5 |1681.19 |8 |- |आठवडा ३६, २०२४ |356.7 |3 |1797.18 |4 |1838.66 |6 |- |आठवडा ३७, २०२४ |310 |5 |1611.89 |5 |1651.56 |8 |- |आठवडा ३८, २०२४ |318.17 |4 |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1715.5 |8 |- |आठवडा ३९, २०२४ |313.2 |5 |1661.08 |8 |- |आठवडा ४०, २०२४ |307.53 |5 |1604.69 |8 |- |आठवडा ४१, २०२४ |305.13 |5 |1589.28 |5 |1628.91 |8 |- |आठवडा ४२, २०२४ |colspan="2" {{N/A}} |1568.83 |5 |1595.94 |8 |- |आठवडा ४३, २०२४ |326.61 |4 |1675.11 |4 |1710.53 |6 |- |आठवडा ४४, २०२४ |302.04 |4 |1605.42 |5 |1640.45 |7 |- |आठवडा ४५, २०२४ |313.14 |4 |1632.44 |5 |1673.37 |7 |- |आठवडा ४६, २०२४ |307.54 |4 |colspan="2" {{N/A}} |1660.51 |6 |- |आठवडा ४७, २०२४ |329.8 |5 |1646.53 |4 |1679.54 |7 |- |आठवडा ४८, २०२४ |325.14 |5 |1615.88 |4 |1661.67 |7 |- |आठवडा ४९, २०२४ |339.07 |4 |1642.63 |5 |1686.13 |8 |- |आठवडा ५०, २०२४ |320.93 |4 |1587.81 |5 |1634.79 |7 |- |आठवडा ५१, २०२४ |326 |5 |1628.15 |5 |1672.89 |7 |- |आठवडा ५२, २०२४ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1572 |5 |1610.61 |7 |- |आठवडा ५३, २०२४ |colspan="2" {{N/A}} |1626.97 |8 |- |आठवडा १, २०२५ |317.92 |5 |1550.38 |5 |1600.06 |7 |- |आठवडा २, २०२५ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |1594.55 |9 |- |आठवडा ३, २०२५ |1577.74 |8 |- |आठवडा ४, २०२५ |307.77 |4 |1537.47 |9 |- |आठवडा ५, २०२५ |292.2 |5 |1496.48 |9 |- |आठवडा ६, २०२५ |328.06 |2 |1708.35 |4 |1757.59 |6 |- |आठवडा ७, २०२५ |318.97 |5 |1629.34 |5 |1665.16 |7 |- |आठवडा ८, २०२५ |293.83 |5 |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1579.06 |8 |- |आठवडा ९, २०२५ |305.16 |5 |1661.1 |9 |- |आठवडा १०, २०२५ |colspan="2" {{N/A}} |1578.58 |9 |- |आठवडा ११, २०२५ |334.98 |4 |1678.36 |5 |1717.9 |7 |- |आठवडा १२, २०२५ |rowspan="4" colspan="2" {{N/A}} |rowspan="12" colspan="2" {{N/A}} |1544.6 |9 |- |आठवडा १३, २०२५ |1557.77 |9 |- |आठवडा १४, २०२५ |1566.95 |9 |- |आठवडा १६, २०२५ |1414.68 |10 |- |आठवडा १९, २०२५ |259.48 |5 |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |- |आठवडा २२, २०२५ |287.04 |5 |- |आठवडा २३, २०२५ |317.38 |5 |1535.46 |10 |- |आठवडा २४, २०२५ |296.19 |5 |1506.47 |10 |- |आठवडा २५, २०२५ |295.05 |5 |colspan="2" {{N/A}} |- |आठवडा २७, २०२५ |310.54 |5 |1512.98 |10 |- |आठवडा २८, २०२५ |rowspan="2" colspan="2" {{N/A}} |1509.22 |10 |- |आठवडा २९, २०२५ |1522.89 |10 |- |आठवडा ३०, २०२५ |320.26 |5 |1590.29 |5 |1646.37 |8 |- |आठवडा ३१, २०२५ |307.31 |5 |colspan="2" {{N/A}} |1586.19 |8 |- |आठवडा ३२, २०२५ |329.73 |3 |1591.22 |5 |1658.19 |8 |- |आठवडा ३३, २०२५ |292.68 |5 |rowspan="5" colspan="2" {{N/A}} |1602.1 |8 |- |आठवडा ३४, २०२५ |rowspan="3" colspan="2" {{N/A}} |1551.73 |9 |- |आठवडा ३५, २०२५ |1543.83 |8 |- |आठवडा ३६, २०२५ |1633.16 |7 |- |आठवडा ३७, २०२५ |291.62 |5 |1606.41 |9 |- |आठवडा ३८, २०२५ |rowspan="16" colspan="2" {{N/A}} |1571.52 |5 |1627.19 |8 |- |आठवडा ३९, २०२५ |1561.74 |5 |1624.6 |7 |- |आठवडा ४०, २०२५ |1630.86 |4 |1693.01 |6 |- |आठवडा ४१, २०२५ |1613.67 |4 |1670.28 |6 |- |आठवडा ४२, २०२५ |colspan="2" {{N/A}} |1534.91 |8 |- |आठवडा ४३, २०२५ |1521.48 |5 |1576.6 |8 |- |आठवडा ४४, २०२५ |rowspan="10" colspan="2" {{N/A}} |1503.83 |9 |- |आठवडा ४५, २०२५ |1486.77 |8 |- |आठवडा ४६, २०२५ |1487.1 |9 |- |आठवडा ४७, २०२५ |1494.08 |9 |- |आठवडा ४८, २०२५ |1455.08 |9 |- |आठवडा ४९, २०२५ |1419.06 |9 |- |आठवडा ५०, २०२५ |1408.11 |8 |- |आठवडा ५१, २०२५ |1456.51 |9 |- |आठवडा ३, २०२६ |1352.26 |10 |- |आठवडा ५, २०२६ |1283.81 |10 |} [[वर्ग:मराठी दूरचित्रवाहिन्या]] [[वर्ग:स्टार प्रवाह]] bupuw6wk8mf956220v4osylr62311gp फासेपारधी 0 67489 2710726 2590321 2026-09-19T11:59:34Z ~2026-50554-63 187553 /* पारधी समाजाची वस्तीस्थाने */ 2710726 wikitext text/x-wiki [[File:फासेपारधी.JPG|thumb|फासेपारधी]] '''फासेपारधी''', पारधी हे एका आदिवासी जमातीचे नाव असून या जमातीचे लोक वन्य[[प्राणी|प्राण्यांची]] व [[पक्षी|पक्षांची]] [[शिकार]] करून त्यांचा खाद्य आणि विक्रीसाठी उपयोग करून जगत. आजही भारताच्या काही राज्यात फासेपारधी शिकार करण्याचे आपले परंपरागत काम करतांना दिसतात. इंग्रजांच्या राज्यात विविध भटक्या जमातींना ''गुन्हेगार जमाती कायदा १८७१'' नुसार गुन्हेगार ठरविण्यात आले होते. तेव्हापासुन आजतागायत या जमातींवरचा हा अन्यायकारक ठपका पुसल्या गेलेला नाही.{{संदर्भ हवा}} [[File:पारधी मुलगा.JPG|thumb|पारधी मुलगा]] ''फासेपारधी'' जरी वन्यप्राण्यांची व पक्ष्यांची शिकार करीत असले, तरीही त्यांच्या शिकारीचे काही नियम आहेत. जे पक्षांची संख्या कमी होऊ देत नाही, असे दिसुन आले आहे. उदा.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://vikalpsangam.org/article/फसपरध-आण-तणमर-in-marathi/|title=फासेपारधी आणि तणमोर (in Marathi) {{!}} Vikalp Sangam|website=vikalpsangam.org|url-status=live|access-date=2020-12-18}}</ref> पक्षांच्या कमी होत असलेल्या संख्येमुळे फासेपारधी शिकार सोडुन इतर व्यवसाय करू लागले आहेत. [[File:फासेपारधी 2.JPG|thumb|फासेपारधी 2]] "फासे पारधी" समाज हा भारतातील जंगलात शिकारी करून जगणाऱ्या समाजापैकी एक विशिष्ट समाज आहे. पारधी समाज हा आदिवासी आहे. इंग्रजांनी भारतातील जंगलातून शिकारींवर मोठ्या प्रमाणावर बंदी घालून जंगलाबाहेर काढलेला हा समाज, भारताच्या ग्रामीण भागाने मुख्य प्रवाहात सामील करून न घेतल्यामुळे, उपजीविकेसाठी गुन्हेगारीच्या मार्गास लागला. इंग्रजांनी विशेष कायदा करून त्यांना जन्मजात गुन्हेगारी जमात हा ठसा मारला. इंग्रजांच्या काळात त्यांच्याकडून दिवसा शासकीय वेठबिगारी कामे करून घेतली जात आणि रात्री कडा पहारा ठेवून त्यांना वस्तीबाहेर पडण्यास पूर्ण बंदी घातलेली असे. स्वातंत्र्यानंतर जवाहरलाल नेहरूंनी आदिवासींना जन्मजात गुन्हेगार ठेवणारे कायदे बंद करून त्यांचा [[अनुसूचित जमाती]]त समावेश केला. कागदोपत्री त्यांच्याकरता बऱ्याच योजना राबवल्या जाऊनही पोलीस आणि समाजाने त्यांना मुख्य प्रवाहात व्यवस्थितपणे सामावून घेतले नाही. बहुसंख्य पारधी समाज भटका असल्यामुळे मतदारयादीतील नोंदणी, रेशनकार्ड आणि त्यापरत्वे मिळणाऱ्या शासकीय सुविधांपासून आणि शिक्षणापासून वंचित रहात आला आहे. अनुसूचित जमाती/जातिबांधवांचे पारधी समाज हे एक अंग आहे. त्या समूहात ५४ जमाती, जवळपास पावणेदोनशे पोटजमाती आणि त्यांच्यात सामावलेला सुमारे दोन-अडीच कोटींचा जनसमूह आहे.<ref>जळणारे पारधी अन् कुलूपबंद संवेदना अरुण करमरकर, लोकसत्ता</ref> ==संस्कृती आणि इतिहास== ब्रिटिशांनी १८७१ साली एक कायदा करून भटक्यांच्या काही जातींना जन्मजात गुन्हेगार ठरवले. [[मुंबई]] इलाख्यात ५२ सेटलमेंट्‌स होती. सेटलमेंट म्हणजे गुन्हेगार मानलेल्या जमातींच्या वसाहती. ही सेटलमेंट्‌स खुली असली तरी तो एक प्रकारचा तुरुंग होता. त्या तुरुंगाचे नियम जाचक होते. या जेलमध्ये जन्मलेल्या बाळालाही ते नियम बंधनकारक असत. सेटलमेंट्‌समध्ये रोज सकाळी व संध्याकाळी हजेरी असायची. पुन्हा रात्री-बेरात्री पोलीस झोपडीत येऊन पांघरूण ओढून माणसे बघून जात. झोपलेल्यांना पोलीस कधीही उठवत. रोज सकाळी मोजदाद करून बाहेर कामावर सोडले जाई. इतर गावी जायचे असल्यास व्यवस्थापनाची परवानगी घेणे, अनिवार्य होते. ज्या गावात जायचे तिथल्या पाटलाला व्यवस्थापकाने दिलेला पास द्यावा लागायचा. परतताना पाटलाकडून पास घेऊन येणे बंधनकारक होते.<ref>[http://www.uniquefeatures.in/anubhav/एप्रिल-२०११/नाल-मारलेले-नाळ-सुटलेले-लोक नाल मारलेले, नाळ सुटलेले लोक] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180723140318/http://uniquefeatures.in/anubhav/%E0%A4%8F%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A5%A8%E0%A5%A6%E0%A5%A7%E0%A5%A7/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B3-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%9F%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95 |date=2018-07-23 }} [[युनिक फीचर्स]]संकेतस्थळाचे पान ९ ऑगस्ट २०११ रोजी रात्रौ ९ वाजता जसे दिसले</ref> देश स्वतंत्र झाल्यानंतरही या सेटलमेंट तशाच होत्या. स्वातंत्र्यानंतरसुद्धा गुन्हेगार जमाती कायद्यानुसार हे लोक पोलिसांकडे हजेरीला जात होते. ‘गुन्हेगार’ ही ओळख तशीच होती. भीमराव जाधवांसारखे कार्यकर्ते त्या काळापासून प्रयत्नशील होते. त्यांनी तत्कालीन मुख्यमंत्री बाळासाहेब खेरांकडे निवेदनेही दिली होती. १९४५ साली पुण्यात काँग्रेसचे अधिवेशन झाले. गुन्हेगार जमातींना [[अनुसूचित जमातींमध्ये]] समाविष्ट करण्याचा ठराव झाला; पण काँग्रेस मंत्रिमंडळ याबाबत काहीच हालचाल करत नव्हते. १९४८ साली बाळासाहेब खेरांनी मुंबईत भीमराव जाधवांची पंडित नेहरूंशी भेट घडवून आणली. कर्मवीर भाऊराव पाटील, बोधक नगरकर व स्वतः भीमराव जाधव नेहरूंना भेटले. भेटीनंतर नेहरू स्वतः सोलापूरला आले. सेटलमेंटसमोरच्या मैदानात मोठी सभा झाली, आणि तारेच्या कुंपणातून गुन्हेगार जमाती मुक्त झाल्याचे पंडितजींनी जाहीर केले. या जमातींना ‘विमुक्त’ हे विशेषण तेव्हापासूनच लावले जाते. म्हणून ३१ ऑगस्ट १९५२ हा दिवस पूर्वाश्रमीच्या गुन्हेगार मानलेल्या जमातींसाठी खरा स्वातंत्र्यदिन मानला जातो. ब्रिटिशांनी केलेला कायदा बाद झाला खरा, पण त्याऐवजी ‘हॅबिच्युअल ऑफेंडर्स अ‍ॅक्ट’ (सराईत गुन्हेगार कायदा) लागू झाला. पूर्वीचा कायदा संपूर्ण ‘जमातींना’ गुन्हेगार ठरवणारा होता. नंतरचा केवळ ‘व्यक्तींना’ लागू झाला. पण या व्यक्तीही कमी-अधिक फरकाने विशिष्ट जमातीच्याच होत्या. शिवाय पूर्वी ब्रिटिशांनी त्यांच्या कायद्यात या जमातींना काही सवलती दिल्या होत्या, त्या भारत सरकारने जुन्या कायद्यासोबत रद्दबातल ठरवल्या. उदा. सोलापूरच्या कापड गिरणीत या जमातींना रोजगारासाठी सवलत होती ती गेली. भारत सरकारने या जमातींच्या पुनर्वसनासाठी भरीव काहीही केले नाही. त्यामुळे आगीतून फुफाट्यात पडल्यासारखे झाले. त्यांच्या उपेक्षित जीवनाची गुंतागुंत स्वातंत्र्यानंतर अधिकच वाढली. कारण अपेक्षाही उंचावल्या होत्या. पूर्वी परकीयांनी कुंपण घातले होते. आता स्वकीयांचे कुंपण शेत खाऊ लागले. ==पारध्यांमधले गट== पारधी समाजातील गावपारधी या पोट जातीमधे अजून उपप्रकार पडतात. त्यामध्ये कोरब, खोडियार, चावंड, डाभी, पिपळाज, विसोत, हरखत असे उपप्रकार आहेत. गावपारधी यांच्यातील [[File:पारधी.jpg|thumb|जाळे लावताना]]देवाचा कार्यक्रम ३ ते ६ दिवस चालतो. देवाच्या कायक्रमाला उभारलेल्या मंडपाला पाल असे म्हनतात, तर कार्यक्रमाला 'जोहरण' असे म्हंटले जातेे. प्रत्येक पोटजातीचे वेगवेगळे देवघर असते, त्यात चांदीची,अथवा इतर धातूंची देवदेवतांची प्रतिमा असलेली धातूंचे पत्रे ठेवलेले असतात, असे पत्रे देवघरात बांधून ठेवलेले असतात त्याला पारधी भाषेत तरांगड म्हणतात. पूजेच्या वेळी अथवा नवरात्रीत पूजा वेळी ते पत्रे उतरवून भक्तिभावाने पूजा केली जाते. प्रत्येक पोटजातीच्या देवघराप्रमाणेच त्यांच्या कुलदेवीनुसार एक किंवा दोन भगत असतात. डोक्यावर पांढऱ्या रंगाचे फेटा बांधलेले भगत आपल्याला बहुतांशी पारधी समाजात पाहायला मिळतात. हे भगत देवपूजक असून जादूटोणा, भूतबाधा उतरविण्याची प्रसिद्धी करणाऱ्या इतर भगतांप्रमाणे कुठलीही भोंदूगिरी करीत नाहीत. ==पारधी आडनावे == *भोसले(राठोड):- सिसोदिया,सूर्यवंशी * चव्हाण :- चामळ्या, पिंजाऱ्या, काठोक्या, मधल्या, बहात्तर महाल्या, कटक्या, लेंढावाला, लहान बाळ (?), वाघलावाला, दुल्लावाला, बताफा दखन्या, कावळ्या * दाभाडे :- दाभाडे, शेल्या, उखाया, ठेंगावाला, उमतावाला * डाबेराव:-कुवारे * पवार :- कुमाऱ्या, नवापुऱ्या, नेमाळ्या, भरगळ्या, कलतीखाया, दुधया, शेले * माळे, शिसव, शिसोदे :- मालपुऱ्या * शिंदे :- मालपुऱ्या * साळुंके:-वडाऱ्या, मावया, नवापुऱ्या, पालपुऱ्या, सातचारण्या, कटक्या, वांदरहिय्या, गोधाया * सूर्यवंशी :- उखाया * सोनवणे :- भाल्या, सातचारण्या ** पोट प्रकार:- # अंब्रुसकर # महाले # बोरसे # मावया (मावळा) # कुमाऱ्या, # शेल्या, # नवापुऱ्या, # नेमाळ्या, # भरगळ्या, # कलतीखाया, # दुधया ==पारधी समाजाची देवस्थाने== # तुळजाभवानी (नवकोड):- तुळजापूर(महाराष्ट्र) # ईखई माता :- सिराजगड # सप्तशृंगी माता :- वणीगड (नाशिकजवळ) # पावापती :- पावागड (गुजरात) # मेलडी :- मईलागड # चोकटी :- हिमालय पर्वत # खोडीयार माँ:- माटेल (गुजरात) # माहेला :- बिकानेर # मवाय साहेब :- अहमदाबाद # माऊली :- दहेगाव # खखत :- देवमोगरा == प्रथा आणि परंपरा== पारधी लोक पश्चिम दिशेकडे पाय करून झोपणे टाळतात. परपुरुषाने पारधी महिलेला स्पर्श केल्यास ‘बाट झाला’ असे मानून स्त्रीला समाजाबाहेर काढणे अथवा वाळीत टाकण्याची शिक्षा पूर्वी दिली जात होती. पारधी स्त्रिचा प्रवासात परपुरुषाला साधा स्पर्श झाला तरी तिला जात पंचायत दोषी ठरवत होती. घाणवट (गहाणवट) ही फासे पारधी समाजातील पद्धत अशी आहे, की कर्ज वगैरे घेतले असेल, तर जातीतच बायको गहाण ठेवायची. कर्ज फेडले, की तिला घरी परत न्यायचे. असे समाजाविषयी जाणीवपूर्वक गैरसमज पसरवणारे चित्रपट सुद्धा आलेले आहेत. <ref>[http://maharashtratimes.indiatimes.com/articleshow/msid-8980218,prtpage-1.cms महाराष्ट्र टाइम्समधले पारध्यांवर बेतलेल्या 'घाणवट' चित्रपटाचे परीक्षण...' २५ जून २०११] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20170617082049/http://maharashtratimes.indiatimes.com/articleshow/msid-8980218,prtpage-1.cms |date=2017-06-17 }} संकेतस्थळ दिनांक ९ ऑगस्ट रात्रौ ९.३० वाजता जसे दिसले</ref> ==गुन्हेगारी आणि सामाजिक परिवर्तन== ===हाल्या करणे किंवा जत्रा करणे=== हाल्या करणे किंवा जत्रा करणे म्हणजे मोठे रेडकू किंवा बकरे मारणे. पारधी समाजात देवीचा नवस फेडायची ही एक रीत आहे. पारधी वस्तीजवळच्या टेकडीवर हाल्या करायला सगे-सोयरे जमतात. मारलेल्या प्राण्याचे मांस संपेपर्यंत दोन-चार दिवस कुणीच टेकडीखाली उतरत नाही. एकत्र येण्याचे-गाठीभेटीचे, सोयरीक जुळवण्याचे हे एक माध्यम. पण पोलीस यंत्रणा हाल्या करण्याच्या प्रथेला पारध्यांची गुन्ह्यांची नियोजन करण्याची रीत मानते. मोठ्या दरोड्याचे यश पारधी हाल्या करून साजरे करतात असे पोलिसांना वाटते. तसे ट्रेनिंगच त्यांना दिले जाते. ब्रिटिशांनी तयार केलेला अभ्यासक्रमच पोलिसांना आजही शिकवला जातो. त्यामुळे पोलिसही त्याच नजरेने यांच्याकडे पाहतात. अशा हाल्याच्या कार्यक्रमांवर ते लक्ष ठेवून असतात.<ref>[http://www.uniquefeatures.in/anubhav/एप्रिल-२०११/नाल-मारलेले-नाळ-सुटलेले-लोक नाल मारलेले, नाळ सुटलेले लोक] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20180723140318/http://uniquefeatures.in/anubhav/%E0%A4%8F%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A5%A8%E0%A5%A6%E0%A5%A7%E0%A5%A7/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B3-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%9F%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%95 |date=2018-07-23 }} [[युनिक फीचर्स]]संकेतस्थळाचे पान ९ ऑगस्ट २०११ रोजी रात्रौ ९ वाजता जसे दिसले</ref> ==पारधी समाजाची वस्तीस्थाने== पारधी लोक ज्या जागेत रहातात त्या जागेस पाल असे म्हणतात {{चित्र हवे}}. ===महाराष्ट्रातील वस्त्यांची यादी आणि लोकसंख्या=== * नांदेड, यवतमाळ, जालना, पुणे, नाशिक, नागपूर, धुळे, सोलापूर, कोल्हापूर, नंदुरबार, परभणी, अकोला, औरंगाबाद. * वाशिम जिल्हात मालेगाव, रिसोड़, शिरपुर येथे पण राहतात. * मंगरूळ चव्हाळा, ता.नांदगाव(खंडेश्वर),अमरावती जिल्हा. * (तालुका : नांदगाव खंडेश्वर) <ref>http://newsportal.deshonnati.com/php/detailednews.php?id=AmarawatiEdition-7-1-23-10-2009-9f1f0&ndate=2009-10-23&editionname=amarawati{{मृत दुवा|date=November 2022 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref>अमरावती जिला मध्ये एकूण 48 बेेेडे,(उस्मानाबाद जिल्हा)<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत |url=http://www.loksatta.com/daily/20090222/nag18.htm |title=संग्रहित प्रत |access-date=2022-04-21 |archive-date=2016-03-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20160312132928/http://www.loksatta.com/daily/20090222/nag18.htm |url-status=dead }}</ref> * फणसवाडी (खारघर) <ref>http://72.78.249.107/esakal/20110713/4721381193606492784.htm{{मृत दुवा|date=November 2022 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> * मजरा (रैय्यतवारी) गावठाण, टोला तालुका:- वरोरा जिल्हा-[[चंद्रपूर]]:७० उंबरठे असलेल्या या गावाची लोकसंख्या २३८(सन २००८) आहे. यातील ६८ कुटुंबे दारिद्ऱ्यरेषेखाली आहेत. गावात पुरुषांपेक्षा महिलांचे प्रमाण किंचित जास्त म्हणजे १२३ टक्के आहे.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत |url=http://www.esakal.com/esakal/20110109/5648199422667391530.htm |title=संग्रहित प्रत |access-date=2022-04-21 |archive-date=2011-01-20 |archive-url=https://web.archive.org/web/20110120090207/http://esakal.com/esakal/20110109/5648199422667391530.htm |url-status=dead }}</ref> * यातील काही पारधी समाज खानदेशात जळगाव, धुळे, अमळनेर, चोपडा, पारोळा, इत्यादी भागात वस्तीत राहतात. धुळे जिल्ह्यात तिन गाव आहेत. 1)आजनाळे, 2)हेंकळवाडी (सडगाव), 3)जामदे. ==साहित्य आणि चित्रपट== * उपरा (कादंबरी) ([[लक्ष्मण माने]]) * ३१ ऑगस्ट १९५२ : भटक्या विमुक्तांचा हुंकार (पुस्तक, लेखक - प्रशांत पवार, साकेत प्रकाशन) <ref>http://www.loksatta.com/lokrang-news/marathi-book-review-17-1121910/</ref> * दैना (लेख, भास्कर भोसले) <ref>http://www.loksatta.com/vruthanta-news/daina-novel-21-edition-published-356247/</ref> * पारधी (लेख, गिरीश प्रभुणे) <ref>http://www.loksatta.com/balmaifalya-news/read-perfect-1051141/</ref> * पारधी समाज-लोकजीवन आणि लोकसंस्कृती (पुस्तक, लेखक - बाळासाहेब बाबुराव बळे) * वकिल्या पारधी ([[लक्ष्मण गायकवाड]]) * विंचवाचं तेल : पारधी समाजातील मी, माझी ही ज्वलंत जिंदगानी (सुनीता भोसले; शब्दांकन प्रशांत रूपवते) ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:महाराष्ट्रामधील जाती]] 4nw2ua79mlhk7w0kmu422ydcivp4e2w ग्रिटविकेन 0 67504 2710741 2690416 2026-09-19T13:18:19Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710741 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''ग्रिटविकेन''' ही {{देशध्वज|साउथ जॉर्जिया व साउथ सँडविच द्वीपसमूह}} ह्या [[युनायटेड किंग्डम]]च्या दक्षिण [[अटलांटिक महासागर]]ातील प्रांताची [[जगातील देशांच्या राजधानींची यादी|राजधानी]] आहे. हे ठिकाण प्रामुख्याने तेथील ऐतिहासिक [[देवमासा]] (व्हेल) शिकारीसाठी ओळखले जाते. येथील देवमासा शिकारीची सुरुवात १९०४ मध्ये [[नॉर्वे]]च्या व्हेल शिकारी कार्ल अँटोन लार्सन केली होती. एका वेळी हे केंद्र जगातील सर्वात मोठ्या देवमासा प्रक्रिया केंद्रांपैकी एक होते.<ref>{{cite web |url=https://sgisland.gs/index.php/Grytviken |title=Grytviken |publisher=South Georgia Heritage Trust |access-date=2026-06-04 }}{{मृत दुवा|date=June 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> एकविसाव्या शतकात ग्रिटविकेन हे पर्यटनाचे एक महत्त्वाचे केंद्र आहे. येथील जुने देवमासा शिकार केंद्र आता एका संग्रहालयात रूपांतरित करण्यात आले आहे. येथे या प्रदेशाचा औद्योगिक आणि मानवी इतिहास जतन केलेला आहे. याव्यतिरिक्त प्रसिद्ध अंटार्क्टिक शोधक [[अर्नेस्ट शॅकलटन]] यांची समाधी देखील येथेच आहे. <ref>{{cite book |author=Headland, R. K. |title=The Island of South Georgia |url=https://archive.org/details/islandofsouthgeo0000head |year=1984 |publisher=Cambridge University Press |isbn=978-0521252744}}</ref> == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{coord|54|16|53|S|36|30|28|W|type:settlement_scale:10000|display=title}} [[वर्ग:ग्रिटविकेन|*]] [[वर्ग:साउथ जॉर्जिया व साउथ सँडविच द्वीपसमूह]] [[वर्ग:देशानुसार राजधानीची शहरे]] e8gb2x1e0hozvn1j004gjg3zoxysz89 दंगल 0 73726 2710803 2672509 2026-09-19T15:43:41Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710803 wikitext text/x-wiki {{हा लेख||दंगल (नि:संदिग्धीकरण)}}: {{भाषांतर}} [[Image:Battle strike 1934.jpg|thumb|Teamsters, armed with pipes, riot in a clash with riot police in the Minneapolis Teamsters Strike of 1934]] [[Image:Bastille 2007-05-06 anti Sarkozy 487633669 93d13b826b o.jpg|thumb|Rioters typically wear face masks, scarves, and other headgear, in order not to be recognizable and in order to filter tear gas; they may use cobblestones as projectiles]] शांततामय सहअस्तित्व हा नियम आणि आपापसात उद्‌भवणारे [[हिंसा|हिंसक]] संघर्ष हा अपवाद असतो..<ref name="वर्षने">[http://www.loksatta.com/daily/20040320/vishesh.htm 'धार्मिक दंगली का होतात?'-अमरेन्द्र धनेश्वर यांचे "एथनिक कॉन्फ्लिक्ट अँड सिव्हिक लाइफ: हिंदूज अँड मुस्लिम्स इन इंडिया-आशुतोष वर्षने; ऑक्सफर्ड; वर्ष: २००३ दैनिक लोकसत्तातील पुस्तक परीक्षण] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20040429164529/http://loksatta.com/daily/20040320/vishesh.htm |date=2004-04-29 }}, लोकसत्ता संकेतस्थळ पान दिनांक १२ ऑगस्ट २०११ रोजी भाप्रवे रात्रौ २०.४५ वाजता जसे दिसले.</ref> एखाद्या मानवी समूहाने हिंसक मार्गाने केलेल्या सार्वजनिक शांतताभंगास दंगल असे म्हणतात. '''दंगल''' हे नागरी अव्यवस्थेचे एक विद्रूप रूप असते. दंगलीत संघटित किंवा असंघटित गटांद्वारे काही विशिष्ट किंवा अविशिष्ट लोकांच्या विरोधात किंवा अन्यथा, खासगी व सार्वजनिक मालमत्तेची लुट आणि नासधूस होते. आणि असे घडताना, अचानक किंवा ठरवून, सौम्य वा तीव्र स्वरूपाचे हिंसाचार होऊ शकतात. एकदा दंगल सुरू झाली की ती घडवण्यास कारणीभूत असलेल्या नेत्यांना ती आवरता येतेच असे नाही. शेवटी दंगल हा एक सार्वजनिक गोंधळाचा प्रकार असतो आणि तिच्यात केवळ झुंडशाही असते. दंगल सुरू होण्याच्या तात्कालिक कारणानुसार आणि दंगलीत भाग घेणाऱ्या लोकांच्या मनोवृत्तीप्रमाणे दंगलीत कोणती मालमत्ता उध्वस्त करायची हे अवलंबून असते. साधारणपणे, दुकाने, खाद्यालये, वाहने, सरकारी संस्था आणि धार्मिक स्थळे यांना दंगलीची झळ पोचते. दंगलीमागे बहुधा एखादा सार्वजनिक स्वरूपाचा खऱ्या अथवा काल्पनिक, अविश्वास, संशय अथवा अन्यायातून उद्भवणारी अस्वस्थता असते. अन्यायाविरोधात केलेल्या तक्रारीची दखल योग्य रितीने घेतली गेली नाही हे कारण, दंगलीचे - समर्थन नव्हे पण -बीज असू शकते. बेरोजगारी, सरकारी गैरकारभार, लोकांची राहणीमानाची दरिद्री स्थिती, अधिकाऱ्यांची दमनशाही, करआकारणी, सक्तीची लष्करभऱती, वांशिक संघर्ष, धार्मिक मतभेद, अपुरा अन्नपुरवठा आदि कारणांवरून ऐतिहासिक काळात दंगली झालेल्या आहेत, आणि या काळातही होतात. दंगल ही दोन किंवा अधिक गटांमध्ये असलेल्या मतभेदांची प्रतिक्रिया म्हणून, अथवा शासकीय/अशासकीय सस्थेसंबंधी असलेली नाराजी हिंसक मार्गाने व्यक्त करताना होऊ शकते. या नाराजीशी इतर व्यक्तींचा काही संबंध आहे किंवा नाही याचे भान न ठेवता त्या व्यक्तींच्या कामकाजात अडथळा आणणे, प्रसंगी इजा पोहोचवणे, तर काही वेळा आयुष्यावर बेतू शकणाऱ्या [[उपद्रव मुल्य|उपद्रव मूल्याचा]] गैरवापर करणे, गुंडागर्दी, [[सार्वजनिक उपद्रव]], खासगी अथवा [[सार्वजनिक मालमत्ता#विद्रूपीकरण|सार्वजनिक मालमत्तेचे विद्रूपीकरण]] अशी दंगलींची काही ठळक वैशिष्ट्ये असतात. ==दंगलींची कारण मिमांसा== परिस्थिती अथवा घटनाजन्य असमाधानाचे प्रतिसाद बऱ्याचादा सुयोग्य अधिकृत मार्गाने उमटून शंकांचे निरसन होत नाही तर ते व्यक्ती व्यक्तीत अथवा समाजात निंदा नालस्तीच्या स्वरूपात प्रकट होत रहातात. एका बाजूने दोन किंवा अधिक व्यक्ती अनुपस्थीत व्यक्ती अथवा परिस्थितीबद्दल निंदा करतात तेव्हा त्यांचे आपापसातेले भावबंध घट्ट होण्यास सहाय्यकारी होते त्याच वेळी त्याचा नकारात्मक परिणाम पूर्वग्रह आणि असंतोषास बळकटी येत जाते.<ref>{{जर्नल स्रोत|date=2018-05-14|title=Gossip|दुवा=http://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Gossip&oldid=841222079|journal=Wikipedia|language=en}}</ref> बऱ्याचदा या सामाजिक असंतोष अथवा असमाधानाच्या परिस्थीतीचा उपयोग तात्कालिक नेतृत्व अथवा सत्ताप्राप्तीच्या स्पर्धेत आपली बाजू मजबूत करून घेण्याकरीता टोकाची भाषा वापरून करून घेतला जातो.सहसा अतीटोकाची भाषा करणारे नेतृत्व हे अल्पमतात असते पण टोकाच्या भाषेला प्रसिद्धी माध्यमांकडून अवास्तव प्रसिद्धी प्राप्त होते.जर असंतोष समाजाच्या दोन वेगवेगळ्या गटातील असेल तर दुसऱ्या गटातील लोकसुद्धा तशाच स्वरूपाच्या पण असमाधान निंदा पूर्वग्रह आणि असंतोषास बळकटी येणे याप्रक्रीयेतून जाऊन त्यांच्यात सुद्धा नेतृत्व अथवा सत्ताप्राप्तीची लालसा असलेले नेतृत्व अतीटोकाची भाषा वापरावयास लागते.दोन्ही समूहाचे असे नेते सलेक्टीव्हली दुसऱ्या समूहाच्या नकारात्मक बाजू दाखवण्यात मग्न होतात.परिणामी समूहात परस्पर अविश्वास आणि असुरक्षीततेची भावना घर करते.अफवा पसरतात अथवा पसरवल्या जातात एखाद्या क्षूल्लक कारणावरून ठिणगी पडल्याचा फायदा घेत दंगलखोर दंगलींची सुरुवात करतात.<ref>{{जर्नल स्रोत|date=2018-05-14|title=False dilemma|दुवा=http://en.wikipedia.org/w/index.php?title=False_dilemma&oldid=841205662|journal=Wikipedia|language=en}}</ref> कायदा आणि सुव्यवस्था ढासळल्याचा फायदा इतरही गुन्हेगार लूटारू आणि इतर हिसंबंधी उठवण्याचा प्रयत्न करतात त्यामुळे परिस्थितीस बऱ्याचदा गंभीर वळण लागण्याचा संभव असतो. साधारणतः कोणतीही व्यक्ती अथवा कुटुंब नवख्या ठिकाणी स्थानांतरित होताना अथव झाल्या नंतर सहकार्य आणि इतर आर्थिक पाठबळाकरिता आपल्या धर्माच्या,भाषेच्या आणि प्रांताच्या लोकांसोबत रहाणे आणि संबध प्रस्थापित करणे पसंत करतो सुरक्षा ही याची सकारात्मक बाजू तर इतर बहूसंख्य लोकांपासून वेगळ्या ठिकाणी वास्तव्य होणे हे बहूसंख्य लोकांच्या भाषा आणि संस्कृती मिसळण्याकरता विलंब करणारे असते यातून अल्पसंख्यांक आणि बहूसंख्यांक अशा विभगणीस सुरुवात होते.मराठी विचारवंत [[नरहर कुरुंदकर|नरहर कुरुंदकरांच्या]] मतानुसार सहसा कोणताही अत्यल्पसंख्यांक समाज सहसा बहूसंख्याकांशी जुळवून घेतो पण जेव्हा लोकसंख्या दहा ते पंधरा टक्क्यांच्या पुढे जाते तेव्हा समाज स्वतःच्या गरजा अधिक स्पष्टपणे मांडावयास लागतो सुयोग्य नेतृत्वाचा अभाव असल्यास नकारात्मक मार्गांचा अवलंब होतो त्याच वेळी बहूसंख्य समाजात दुसऱ्या समाजाबद्दल असलेला अविश्वासासही खतपाणी मिळत गेल्यास परिस्थिती चिघळण्याकरता लागणारी मनोभूमी निर्माण होते ==पूर्वनियोजित दंगली== आधुनिक काळात [[आर्थिक विकास|आर्थिक]], सामरिक अथवा आंतरराष्ट्रीय राजकारणातील हितसंबंध जपण्याच्या दृष्टीने, इतर राष्ट्रातील नको असलेल्या राजवटी उलथवणे, अथवा शत्रूराष्ट्रात अंतर्गत कलह माजवण्याच्या दृष्टीने इतर हिंसक मार्गांसोबतच गुप्तपणे दंगलींना प्रोत्साहन देणे, अथवा त्या राष्ट्रात अशी आर्थिक परिस्थिती/नाकेबंदी निर्माण केली जाते की राजकीय अथवा सामाजिक अस्थैर्य निर्माण होईल अशा अस्थऐर्याची परिणती बऱ्यादा दंगलीत होऊन अशा राष्ट्रांचे इप्सित साध्य झाल्याचे अथवा तसा संशय व्यक्त केला गेल्याचे आढळून येते. स्वतःच्या राजकीय पक्षास विशिष्ट गटाची मते मिळावीत याकरता मतांचे ध्रुवीकरण घडवण्यासाठीही दंगलीचा मार्ग अवलंबिला जातो.तसेच/अथवा स्वतःच्याच राजकीय पक्षातील नको असलेल्या गटाच्या हातातून सत्ता जाऊन आपल्या गटाच्या हाती यावी सत्तेतील व्यक्ती अकार्यक्षम ठरली आहे हे दाखवण्याचे वेगवेगळे उपद्व्याप राजकारणात सतत सुरू असतात त्यातील एक नकारात्मक उपद्व्याप म्हणजे एखादी दंगल घडल्यानंतर सत्तेतील अथवा नोकरशाहीतील संबधीत व्यक्तीच परिस्थिती हाताळण्यात व्यक्तिगत अपयश आल्याचा ठपका ठेवून पायउतार करवता येते. नोकरशाहीतील किंवा सत्तेतील नको असलेल्या व्यक्तींवर अकार्यक्षमतेचा ठपका येऊन पायउतार व्हावा या नकारात्मक गोष्टीत बऱ्याच मंडळींना वेगवेगळ्या कारणावरून रस निर्माण होतो. स्थानिक स्तरावर काही वेळा रस्तारुंदीकरणात स्वतःच्या दुकांनांची जागा जाऊ नये म्हणून व्यपारीवर्ग स्वतःची दुकाने असलेल्या रस्त्यांवर विविध धर्मांशी संबंधीत धार्मिक स्थाने अथवा प्रतिकांना आर्थिक सहाय्य देऊन उर्जितावस्था प्राप्त करून देण्यास कारणीभूत असतो, रस्तारुंदीकरणाची प्रत्य्क्ष वेळ येऊ नये म्हणून अर्ज विनंत्या कोर्ट कचेऱ्यात शक्य तेवढा कालापव्यय करून घेतला जातो हे सर्व होऊन प्रत्यक्ष कारवाईची वेळ आलीच तर तोपर्यंत कोणत्याना कोणत्या धर्मियांच्या भावना नाजूक झालेल्या असतात त्यास फुंकर घातलीकी दंगली होतात तसेच/अथवा हवी असलेली मोठी कंत्राटे मिळावीत आणि मिळालेली हातची जाऊ नये यासाठी वा तत्सम आर्थिक हितसंबध जपण्याच्या दृष्टीने व्यापारी वर्ग नोकरशाहीतील किंवा सत्तेतील नको असलेल्या व्यक्तींवर अकार्यक्षमतेचा ठपका येऊन पायउतार व्हावा याकरिता दंगल निर्मान करू शकणाऱ्या परिस्थितीस प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आर्थिक हातभार देऊ शकतो. अतिडावे माओवादी कम्युनिस्ट गट वर्गकलहाचे निमित्त करून कामगारवर्गाच्या हाती सत्ता एकवटण्याकरीता हिंसेचा मार्ग धरतात. असा मार्ग निषिद्ध नसल्याचे प्रतिपादन करून शासकीय अथवा खासगी आस्थापनेच्या विरुद्ध होणाऱ्या हिसक दंगलींचे समर्थन केले जाते. त्याचवेळी आंतरराष्ट्रीय अथवा स्थानिक पातळीवर डाव्या गटांचा प्रभाव कमी करण्याची रणनीती म्हणून भांडवलशाही देश अथवा काही स्थानिक भांडवलशहा अतिउजव्या धार्मिक गटाला अथवा राजकारण्यांना उत्तेजन देऊन हिंसेला प्रोत्साहन देतात. अशा दंगलींना ते पडद्याआड राहून चिथावणी देतात असे आरोप झाल्याचे निदर्शनास येते. ==दंगंलींचे परिणाम== :काही मोजक्या लोकांचा तात्कालिक स्वार्थ सोडला तर बाकी दंगलींचे परिणाम भिषण आणि भयावह असतात. सामान्य माणसांची उद्योग धंद्यांची आणि सार्वजनिक संपत्ती आणि प्रांणांची अपरिमीत हानी होते.प्रत्यक्ष हानी एवढच किंवा अधिक नुकसान परस्परातील विश्वासास अतीदिर्घ काळाकरता तडे जाताता कुंटुंबे आणि समाजाचे अनावश्य विस्थापन होते आत्मविश्वासाचे खच्चीकरण होते,उप्द्रवमुल्याचे महत्त्व वाढून अविष्कार स्वातंत्र्य आणि अभिव्यक्ती स्वांतत्र्याचा पूर्ण उपयोग करण्यास भितीच्या वातावरणात लोक धजावत नाहीत.दंगलीमुळे विनाकारण अनेक लोकांचा बळी जातो. ==कायद्याच्या दृष्टिकोनातून दंगलीची व्याख्या== Riot दंगल , rout दंगा , आणि Unlawful Assembly जमाव बंदिचे उल्लंघन हे एकमेकांशी संबधीत गुन्हे असले तरी जमाव बंदीच्या उल्लंघनात प्रक्षुब्ध जमाव एकत्र आलेला असतो, दंगा ही राडा अथवा दंगलीच्या आधीची गोंधळाची स्थिती असते तर दंगलीत प्रत्यक्ष हिंसेची घटना घडलेली असते <ref>[http://legal-dictionary.thefreedictionary.com/riot लिगल डिक्श्नरी] हे संकेतस्थळ दिनांक १४ऑगस्ट भाप्रवे रात्रौ ७वाजता जसे दिसले</ref> दंगलीस प्रोत्साहन देणे आणि दंगल घडवण्याचा कट करणे हे सुद्धा वेग्वेगळे गुन्हे आहेत.[http://legal-dictionary.thefreedictionary.com/riot व्याख्या] == दंगलींचे प्रकार == === झुंडशाही === {{मुख्यलेख|झुंडशाही}} झुंडशाही म्हणजे खेळाच्या चाहत्यांशी संबंधित विशेषतः व्यावसायिक [[फुटबॉल]] आणि युनिव्हर्सिटी [[क्रीडा]] समर्थकांशी निगडित असभ्य आणि विध्वंसक वर्तन होय. काही स्पोर्ट्स दंगल करणारे अर्ध-व्यावसायिक बनले आहेत, ते संभाव्य दंगलींच्या ठिकाणी प्रवास करतात. हे दंगेखोर कंपन्या म्हणून ओळखले जातात आणि विशेषतः [[युरोप]] येथील क्रीडा-संबंधित दंगलींमध्ये त्यांची नोंद घेतली जाते ===पोलीस दंगल=== "पोलिस दंगल" हा शब्द नागरिकांच्या एका गटाविरुद्ध पोलिसांच्या गटाने केलेल्या चुकीच्या पद्धतीने, अप्रिय, बेकायदेशीर आणि बेकायदेशीर पद्धतीने  बळाचा करणे यासाठी वापरला जाणारा शब्द आहे. पोलीस दंगलीमध्ये सामान्यत: अशी परिस्थिती असते की जेव्हा पोलीस शांततावादी नागरिकांच्या गटावर हल्ला करतात आणि / किंवा पूर्वीपासून शांततावादी असलेल्या नागरिकांना हिंसाचारासाठी भडकावतात. ===तुरूंगातील दंगल=== कारागृह दंगल हा [[तुरुंग|कारागृह]] प्रशासक, तुरूंग अधिकारी किंवा कैदीच्या इतर समूहांविरुद्ध [[कैदी]]<nowiki/>च्या एका समुदायाने बदल करण्यास भाग पाडण्यासाठी किंवा तक्रार व्यक्त करण्याच्या प्रयत्नातून केलेली अस्थायी कृती आहे, ===वांशिक दंगली=== "वांशिक दंगल" ही एक शब्दाची व्याख्या करणारे पद आहे ज्यात वंश किंवा जात हा मुख्य घटक आहे. हा शब्द अमेरिकेमध्ये इंग्लिश भाषेत 1890च्या दशकात दाखल झाला होता. अमेरिकेतील या शब्दाच्या सुरुवातीच्या काळात जातीय दंगलीचा संदर्भ देण्यात आला जो बहुधा बहुसंख्य वांशिक गटाच्या सदस्यांद्वारे इतर जातीच्या लोकांविरुद्ध केलेल्या कारवाईसाठी वापरण्यात आला, ===धार्मिक दंगली=== धार्मिक दंगलीमध्ये धर्म हा मुख्य मुद्दा असतो.<ref>[http://www.cnn.com/2009/WORLD/asiapcf/07/03/india.pig.religious.riot/index.html]</ref> अशा दंगलींमध्ये दंगलखोर एखाद्या विशिष्ट धर्माच्या लोकांवर हल्ला चढवतात. ===विद्यार्थी दंगली=== विद्यार्थी दंगल म्हणजे अनेकदा महाविद्यालय / विद्यापीठ अशा उच्च शिक्षणात विद्यार्थ्यांनी केलेले दंगल. 1960 आणि 1970च्या दशकात अमेरिका आणि पश्चिम युरोपमधील विद्यार्थी दंगल ही बऱ्याचदा राजकीय स्वरूपाची होती, तरीही अधिकाऱ्यांनी दडलेल्या शांततेत निदर्शनाचा परिणाम म्हणून आणि खेळाच्या घटनांनंतर (गुंडगिरी पहा) विद्यार्थी दंगे होऊ शकतात. विद्यार्थ्यांनी दिलेल्या देशात सक्रिय राजकीय शक्ती बनू शकते आणि विद्यार्थी दंगल व्यापक राजकीय किंवा सामाजिक तक्रारींच्या संदर्भात होऊ शकते. ===शहरी दंगली=== नागरी दंगल म्हणजे शहरी समस्यांशी संबंधित शहरी परिस्थिती, जसे की भेदभाव, दारिद्र्य, जास्त बेरोजगारी, अव्यवस्थित शाळा, आरोग्याची कमतरता, गृहनिर्माण अपुरीपणा आणि पोलिसांची क्रौर्यता आणि पूर्वग्रह या संदर्भात होणारी दंगल. शहरी दंगली हे वंश दंगली आणि पोलीस दंगलींशी संबंधित आहेत. उदाहरणार्थ, भारतात जातीय दंगल ग्रामीण चित्रपटगृहांपुरते मर्यादित आहे तर शहरी आक्रमकतेच्या आसपास धार्मिक दंगल आहे. ====दंगलींची राजकीय परिणती==== अन्न दंगलीनंतर अनेक सरकारे आणि राजकीय व्यवस्था खाली पडली आहेत, उदा. * जारिस्ट रशिया, * क्रांतिपूर्व [[फ्रांस]] == दंगलींचा इतिहास == {{see| दंगलींचा इतिहास}} ===आशिया=== 1984ची [[शीख]]<nowiki/>विरोधी दंगल हा शीखांवरील [[जाती|जातीय]] हिंसाचाराचा ३ - ४ दिवसांचा कालावधी होता. पंतप्रधान [[इंदिरा गांधी]] यांच्या दोन [[शीख धर्म|शीख]] अंगरक्षकांनी ([[ऑपरेशन ब्लू स्टार|ऑपरेशन ब्लूस्टार]]<nowiki/>च्या सूडात) केलेल्या हत्येचा बदला म्हणून ही दंगल सुरू केली होती. संपूर्ण भारतभर झालेल्या दंगलीत सुमारे दोन हजार शीख ठार झाल्याचा अंदाज आहे. चाइना मधील [[विद्यार्थी]], विचारवंत आणि कामगार कार्यकर्ते यांच्या नेतृत्वात १५ एप्रिल १९८९, ते ४ जून, १९८९. दरम्यान निदर्शने मालिका होती. [[बीजिंग]]<nowiki/>मधील टियानॅनमेन स्क्वेअरवर निदर्शने केंद्रे होती. सरकारकडून सूड उगवणे बऱ्याचदा हिंसक होते आणि प्रभावित भागात दंगली होतात. २००५ मध्ये, [[चीन]] सरकारने संपूर्ण चीनमध्ये ८७,००० निदर्शने आणि दंगलीची कबुली दिली..<ref>[http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2006/01/27/AR2006012701588.html In Face of Rural Unrest, China Rolls Out Reforms - washingtonpost.com<!-- Bot generated शीर्षक -->]</ref> मे १९९८ मधील जकार्ता दंगली ही जकार्ता आणि इंडोनेशियाच्या सुकर्ता येथे पारंपारिक चिनी इंडोनेशियन लोकांविरुद्ध दंगलीची मालिका होती. वांशिक चिनी महिलांवर बलात्कार, छळ आणि हत्या केल्याची शेकडो कागदपत्रेही होती.<ref>[http://www.fas.org/irp/world/indonesia/indonesia-1998.htm 1998 Human Rights Report - Indonesia<!-- Bot generated शीर्षक -->]</ref> मानवाधिकार गटांनी असे निश्चित  केले आहे की इंडोनेशियन सैन्य दंगलीत सामील झाले होते, ज्याने एक पोग्रॉममध्ये अधोगती केली.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत |url=http://www.ahrchk.net/statements/mainfile.php/2003statement/87/ |title=INDONESIA: Five years after May 1998 rights, those responsible for the atrocities remain at large<!-- Bot generated शीर्षक --> |access-date=2010-02-12 |archive-date=2008-05-13 |archive-url=https://web.archive.org/web/20080513154339/http://www.ahrchk.net/statements/mainfile.php/2003statement/87/ |url-status=dead }}</ref> भारताची फाळणी ही दक्षिण आशियाई इतिहासातील एक अत्यंत क्लेशकारक घटना होती. ब्रिटिश वसाहतवादी राजवटीपासून हा प्रदेश स्वतंत्र झाला. त्यानंतर झालेल्या दंगलींमुळे शेकडो हजारो हिंदू आणि मुस्लिमांचा मृत्यू झाला. २००५ मध्ये, जिललॅंड्स-पोस्टेन मुहम्मद कार्टून वादावरून [[पाकिस्तान]] आणि इतर असंख्य भागात देशव्यापी दंगल झाली.<ref>[http://www.guardian.co.uk/pakistan/Story/0,,1710740,00.html Western businesses burn in Pakistan riots | World news | The Guardian<!-- Bot generated शीर्षक -->]</ref> २००८ मध्ये  [[बीजिंग]]  मध्ये, लॅमिस्ट भिक्षूंना ताब्यात घेतल्याच्या पार्श्वभूमीवर, २००८ च्या बीजिंग ऑलिम्पिकच्या काही महिन्यांपूर्वी कित्येक नागरिकांनी (मुख्यतः [[तिबेट]] तिबेटमधील नागरिकांनी) चिनी सरकारविरुद्ध बंड केले. दंग्यांव्यतिरिक्त, इतर तिबेटी नागरिक आणि [[चीन]]<nowiki/>बाहेरील इतर चिनी विरोधी संघटनांनी दंगल होण्यापूर्वी [[ऑलिंपिक|ऑलिम्पिक]] टॉर्च रिलेमध्ये अडथळा आणण्याचा प्रयत्न केला तसेच मशाल काढून टाकण्याचा प्रयत्न करून टॉर्च वाहकांना त्रास देऊन इतर अनेक मुद्द्यांचा प्रयत्न केला. प्रत्युत्तर म्हणून, विरोधकांशी पुढील संघर्ष टाळण्यासाठी टॉर्च वाहकांना सुरक्षेद्वारे एस्कॉर्ट करावे लागले. ===ऑस्ट्रेलिया === १८७९ची सिडनी क्रिकेट दंगल ही आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सामन्यातील सुरुवातीच्या दंगलींपैकी एक होती. सध्या दंगली ह्या  मुख्य बातमी बनली जात आहेत. आदिवासी मुलाच्या मृत्यूला उत्तर देणाऱ्या आदिवासी दंगली आणि नुकत्याच २००५ च्या ग्रीष्मकालीन शर्यतीच्या मध्ये झाल्या. हे दंगे पूर्व सिडनी उपनगराच्या किनार व थेट शहरातील मुख्य म्हणजे क्रोन्युला येथे घडले. === युरोप=== युरोपमध्ये गुंडगिरीपासून मे दिवसाच्या दंगलीपर्यंतच्या अनेक दंगली ऐतिहासिक आहेत. अलीकडील दंगल राजकीय संदर्भात ([[राजकीय प्रचार|राजकीय]] प्रात्यक्षिके वाढविणे), [[सामाजिक बांधिलकी|सामाजिक]] केंद्रे आणि / किंवा स्क्वाट्सची बेकायदेशीर कारवाई रोखण्यासाठी दंगल, आणि शहरी क्षेपणाच्या व्यापक संदर्भात जातीय तणाव आणत आहेत. १४ ते १६ जून २००१ रोजी गोएटबर्ग, स्वीडन शहरात दंगल उसळली. या दिवसांमध्ये चालू असलेल्या अनेक दंगलींमध्ये एकूण ५३ पोलीस अधिकारी आणि ९० वंडल आणि निदर्शक जखमी झाले. दंगलीची कारणे गोयटेबर्गमध्ये झालेल्या ईयू शिखर परिषद आणि या परिषदेला यूएसएचे अध्यक्ष जॉर्ज डब्ल्यू. बुश यांची भेट ही होती. डेन्मार्कमधील कोपेनहेगनमध्ये उन्गॉमशुसेटची विक्री झाल्यानंतर नरेब्रो दंगली झाली. या दंगलीत स्वीडन, जर्मनी आणि युनायटेड किंगडममधील लोक सहभागी झाले होते. लढाईदरम्यान एकूण ७५० लोकांना अटक केली गेली होती; यापैकी १४० परदेशी नागरिक होते. ऑक्टोबर २००५ मध्ये आणि पुन्हा एकदा नोव्हेंबर २००७ मध्ये पुन्हा एकदा परप्रांतीय तरुणांनी पोलिसांच्या हातून उत्तर [[आफ्रिका|आफ्रिकन]] युवकाच्या मृत्यूवर प्रतिक्रिया म्हणून अनुक्रमे क्लीची-सुस-बोईस आणि विलियर्स-ले बेल या पॅरिस उपनगरामधील गरीब भागात दंगल केली. ग्रीसमध्येही अशाच प्रकारची आणखी एक घटना घडली ज्यामध्ये एका पोलीस अधिकाऱ्याने गोळ्या घालून ठार मारलेल्या १५ वर्षाच्या विद्यार्थ्याच्या मृत्यूचा परिणाम म्हणून देशभर मोठ्या प्रमाणात दंगा झाला. === युनायटेड स्टेट्स(अमेरिका) === [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिके]]<nowiki/>च्या इतिहासामधील (झालेल्या मृत्यूच्या दृष्टीने) सर्वात वाईट दंगली गृहयुद्धात घडून आल्या. जेव्हा स्थलांतरित फॅक्टरी कामगारांनी फेडरल सरकारच्या सैन्याच्या मसुद्याला जबरदस्तीने विरोध केला तेव्हा न्यू यॉर्क ड्राफ्ट दंगल झाली. गॅंग्स ऑफ न्यू यॉर्क या सिनेमात या दंगलींचे चित्रण चित्रित केले गेले होते ज्यामध्ये विवादित स्तरावरील अचूकता येऊ शकते. नागरी हक्क चळवळ आणि शहरी क्षय या संदर्भात अमेरिकेने १९५० च्या दशकापासून जातीय दंगलीची मालिका पाहिली. १९६७ च्या पहिल्या नऊ महिन्यांत, अमेरिकेच्या १२८ शहरांमध्ये १४४ दंगली झाल्या. १९६७ च्या नेवार्क दंगली, दरडोई, १९६० च्या दशकातील सर्वात प्राणघातक नागरी दंगलींपैकी एक बनली..<ref>[http://www.americanheritage.com/events/articles/web/20070723-detroit-riots-1967-housing-african-american.shtml Why Did America Explode in Riots in 1967?] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20100106132427/http://www.americanheritage.com/events/articles/web/20070723-detroit-riots-1967-housing-african-american.shtml |date=2010-01-06 }}, by Joshua Zeitz, ''AmericanHeritage.com'', July 23, 2007</ref> दंगलीची दीर्घ आणि अल्प मुदतीची कारणे क्रांती '६७ 'या डॉक्यूमेंटरी फिल्ममध्ये सखोलपणे शोधली गेली . नागरी हक्क नेते मार्टिन ल्यूथर किंग, जूनियर यांच्या हत्येमुळे अमेरिकेच्या असंख्य शहरांमध्ये दंगली सुरू झाल्या. रॉडनी किंग ट्रायलने सुरू केलेले १९९२ मध्ये झालेल्या [[लॉस एंजेल्स|लॉस एंजेलस]] दंगलींना अमेरिकेच्या अलीकडील इतिहासातील सर्वात वाईट मानले जाते. या दंगलीमध्ये अंदाजे ५४ लोकांचा मृत्यू आणि जवळजवळ एक अब्ज डॉलर्सचे नुकसान झाले. स्टोनवॉल दंगल ही जून १९६९ मध्ये न्यू यॉर्क शहरात झालेल्या पोलीस छापाविरुद्ध उत्स्फूर्त आणि हिंसक निदर्शनांची मालिका होती आणि ती अमेरिकेतील आणि जगभरातील समलिंगी हक्कांच्या चळवळीस प्रारंभ होणारी चिन्हांकित करणारी घटना ठरली आहे. अमेरिकेच्या अलीकडच्या इतिहासातील सर्वात दखल घेतलेले दंगली १९६८ च्या डेमोक्रॅटिक नॅशनल कन्व्हेन्शनमध्ये पाहिल्या गेल्या आणि त्याचा व्हिएतनाम युद्धाच्या शेवटी अमेरिकेने व्हिएतनाममधून माघार घेण्यावर जोरदार प्रभाव पाडला. २००० च्या डेमोक्रॅटिक नॅशनल कन्व्हेन्शनच्या निषेधाच्या कार्यक्रमामुळे लेकर्स दंगलीचा समावेश होता. २००१ मध्ये सिनसिनाटी येथेही दंगल झाली होती. गेल्या दशकात अमेरिकेनेही अनेक जागतिकीकरणविरोधी निदर्शने पाहिली होती, यातील काही उल्लेखनीय उदाहरणे म्हणजेच १९९९ च्या डब्ल्यूटीओ मंत्री परिषदेत सिएटल निषेध , याला "सिएटलची लढाई" म्हणून ओळखले जाते, आणि २००५ टोलेडो दंगल. == पोलीस प्रतिसाद == [[Image:Police fighting against anti-Sarkozy with tear gas (487645695).jpg|left|thumb|Law enforcement teams wear body armor and shields, and may use tear gas]] दंगलींना सहसा [[पोलीस|पोलिस]]<nowiki/>द्वारे (दंगल नियंत्रण) हाताळले जाते, जरी पद्धती वेगवेगळ्या देशांमध्ये  भिन्न असतात तरी वापरल्या जाणाऱ्या रणनीती आणि शस्त्रेमध्ये मुख्यत्वे हल्ले कुत्री, वॉटर तोफ, प्लास्टिक गोळ्या, रबर बुलेट्स, मिरपूड स्प्रे, लवचिक बॅटन फेs्या आणि स्नॅच स्क्वॉड्सचा समावेश असू शकतो. [[लंडन]] मेट्रोपॉलिटन पोलीस सेवेसारख्या बऱ्याच पोलीस दलांनी सार्वजनिक सुव्यवस्थेच्या परिस्थितीला सामोरे जाण्यासाठी विभागांना समर्पित केले आहे (टेरिटोरियल सपोर्ट ग्रुप, स्पेशल पेट्रोलिंग ग्रुप, कॉम्पेन्सीज रिपब्लिकनेस डे सिक्युरीट, मोबीले एनीहिड). पोलिसांवर दंगली घडवून आणणे (दंगलीदरम्यान बघ्याची भूमिका घेणे) असे पोलिसांवर आरोप केले गेले; तसेच, वर वर्णन केलेली शस्त्रे अधिकृतपणे प्राणघातक म्हणून नियुक्त केली गेली आहेत, परंतु त्यांच्या वापरामुळे असंख्य लोक मरण पावले आहेत किंवा जखमी झाले आहेत. ==दंगलींचा समाजशास्त्रीय आणि दंगलप्रतिबंधक उपायविषयक अभ्यास== दंगलग्रस्त क्षेत्रात प्रत्यक्ष जाऊन दंगलीचा समाजशास्त्रीय अभ्यास करणे स्वसुरक्षितेच्या दृष्टीने फार अवघड असते. त्यामुळे अशा अभ्यासाची जबाबदारी पत्करणारे किंवा दंगलकर्त्यांना शांत करण्याची जोखीम घेणारे [[महात्मा गांधी|महात्मा गांधीं]]<nowiki/>सारखे लोक अभावानेच आढळतात. दंगलप्रतिबंधक उपायांच्या पूर्वाभ्यासाची आणि अशा अभ्यासावर आधारून सुचवल्या गेलेल्या उपायांच्या काटेकोर अमलबजावणीची कमतरता असली की दंगल टाळणे किंवा थांबवणे कठीण होऊन बसते. स्थानिक पातळीवर नागरी संबंधांचे जाळे विविध धार्मिक समुदायांमध्ये असले तर या समुदायांमध्ये परस्पर शांतता नांदते. अशा जाळ्यामधून तणाव आणि संघर्षांवर नियंत्रण मिळविता येते. असे जाळे नसले तर जमातवादी ओळखींचे पर्यवसान सातत्याने घडणाऱ्या भयकारी हिंसाचारात होते. वर्षने यांनी असे जाळे दोन प्रकारचे असते असे म्हणले आहे. एक म्हणजे ‘असोसिएशन फॉर्म्स ऑफ एंगेजमेन्ट‘ जो संस्थात्मक पातळीवरचा असतो आणि दुसरा प्रकार म्हणजे नित्यनेमाच्या व्यावहारिक देवाण-घेवाणीतून येणारा. अशा संबंधांमधून स्थायी प्रकारची शांतता निर्माण होते असा निष्कर्ष लेखकाच्या अभ्यासातून निघतो. वांशिक संघर्ष विकोपाला गेला की त्यातून वांशिक हिंसाचार निपजतो. अशा तणावपूर्ण संबंधांचा उलगडा करून दाखविण्यासाठी समाजशास्त्रज्ञ विविध प्रकारच्या आयुधांचा वापर करतात. त्यातील एक म्हणजे ‘इसेन्शियालिझम‘ नावाची संकल्पना. आजच्या काळात दोन जमातींमध्ये किंवा धार्मिक/वांशिक गटांमध्ये खटके उडून संघर्ष पेटत असेल तर त्याची कारणे सांगताना मूलतःच दोघांमध्ये वंश, धर्म, संस्कृती वगैरेंमुळे असलेला फरक, त्या फरकांमुळे लोकांच्या मनात परस्परांविषयी पूर्वग्रहांची निर्मिती आणि त्यातून हिंसा, असे म्हणले जाते. तरी अशा मिश्र समाजातील परस्परसंबंधांना भरती आणि ओहोटीचे स्वरूप का येते आणि एकाच देशात काही शहरांत गुण्यागोविंदाने आणि काही ठिकाणी सतत एकमेकांच्या जीवावर उठलेले असे दृश्य का दिसते याचे उत्तर इसेन्शियालिझममधून मिळत नाही.<ref name="वर्षने" /> ===दंगलप्रतिबंधक उपाय=== दंडात्मक कायदे आणि पोलीसदलांक्डून दंडात्मक कारवाई, शिवाय दंगली होऊच नयेत यासाठी अफवा पसरवली जाण्यापासून दक्षता घेणे, मोहोल्ला कमिटी स्थापना करून वेगवेगळ्या गटात संवाद आणि सामंजस्य प्रस्थापित करून देणे इत्यादी गोष्टी ह्या प्रतिबंधक उपाय म्हणून केल्या जातात. ====सध्याचा इंग्रजी कायदा==== [[Image:Bastille 2007-05-06 anti Sarkozy 487637091 74ac909b8d o.jpg|thumb|Cars are sometimes set on fire during riots]] इंग्रजी कायद्यामध्ये दंगा हा कलम १ अंतर्गत सार्वजनिक आदेश कायदा १९८६चा भाग बनवितो. सार्वजनिक आदेश कायदा 1986 s.1 मध्ये असे म्हणले आहे: १) जेथे बारा किंवा त्याहून अधिक व्यक्ती एकत्रित उपस्थित राहून एखाद्या सामान्य हेतूसाठी बेकायदेशीर हिंसाचाराचा वापर करतात किंवा सामान्य नागरिकांना धमकावतात आणि त्यांचे आचरण (एकत्रितपणे) केले जाते जेणेकरून घटनास्थळी उपस्थित सामान्य व्यक्तीस त्याच्या वैयक्तिक सुरक्षेची भीती वाटू शकते, सामान्य हेतूसाठी बेकायदेशीर हिंसाचार वापरणारी प्रत्येक व्यक्ती दंगलीसाठी दोषी आहे. २) एकाच वेळी बारा किंवा त्याहून अधिक वापर किंवा बेकायदेशीर हिंसाचाराची धमकी दिली जाऊ शकत नाही. ३) सामान्य हेतूचा आचरणातून अनुमान काढला जाऊ शकतो. ४) वाजवी खंबीरपणा असलेल्या कोणत्याही व्यक्तीस घटनास्थळी हजर असण्याची किंवा होण्याची शक्यता नाही. ५) खासगी तसेच सार्वजनिक ठिकाणी दंगल होऊ शकते.<ref>http://www.opsi.gov.uk/acts/acts2000/en/ukpgaen_20000025_en_1</ref> == हे सुद्धा पहा == {{कॉमन्स वर्ग|Riots}} * [[सार्वजनिक उपद्रव]] * [[सार्वजनिक मालमत्ता#विद्रूपीकरण]] * [[पोलीस]] ==इंग्रजी मराठी <!--विकि--> संज्ञा== {| class="wikitable" |- | riot || दंगल |- | vandalism || गुंडागर्दी |- | tear gas || अश्रूधूर |- | destructive || विनाशकारी |- | wrongful|| चुकीचा, दोषपूर्ण्, त्रुटी असलेला |- | disproportionate|| अप्रमाणशीर |- | unlawful || बेकायदा |- | illegitimate || अवैध |- | use of force|| बळाचा वापर |- | concerted defiance|| हेतुपूर्वक दुर्लक्ष/झुगारणे |- | disorder || गैरशिस्त |- | Religious Riot|| धार्मिक दंगली<ref>[http://www.loksatta.com/daily/20040320/vishesh.htm धार्मिक दंगली का होतात? -दैनिक लोकसत्ता संकेतस्थळ] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20040429164529/http://loksatta.com/daily/20040320/vishesh.htm |date=2004-04-29 }} १२ ऑगस्ट २०१११ भाप्रवे १९.४५ वाजता जसे दिसले</ref> |- | Rebellion|| उठाव/बंड |- | Class war|| वर्गकलह |- | Internal security|| अंतर्गत सुरक्षा |- | Protest|| निषेध |- | Pogrom|| वंशसंहार |- |Class war|| वर्गकलह |- | Race riot|| वांशिक दंगली |- | Hooliganism|| झुंडशाही |- | ghetto || मराठी |- | इंग्रजी || मराठी |- | इंग्रजी || मराठी |- | इंग्रजी || मराठी |} ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} == अधिक वाचन == * Blackstones Police Manual Volume 4 General police duties, Fraser Simpson (2006). pp.&nbsp;245. Oxford University Press. ISBN 0-19-928522-5 *{{स्रोत पुस्तक | लेखक=Applegate, Col. Rex | title=Riot Control: Materiel and Techniques | year=1981 | url=https://archive.org/details/riotcontrolmater0000rexa | प्रकाशक=Paladin Press |वर्ष=1992 | आयएसबीएन=9780873642088}} *{{स्रोत पुस्तक | लेखक=Beene, Capt. Charles | title=Riot Prevention and Control: A Police Officer's Guide to Managing Violent and Nonviolent Crowds | प्रकाशक=Paladin Press |वर्ष=2006 | आयएसबीएन=1581605188}} *{{स्रोत पुस्तक | लेखक=Bessel, Richard Emsley, Clive | title=Patterns of Provocation: Police and Public Disorder | प्रकाशक=Berghahn Books |वर्ष=2000 | आयएसबीएन=1571812288}} *{{स्रोत पुस्तक | लेखक=Hernon, Ian | title=Riot!: Civil Insurrection from Peterloo to the Present Day | प्रकाशक=Pluto Press |वर्ष=2006 | आयएसबीएन=0745325386}} *{{स्रोत पुस्तक | लेखक=Waddington, P.A.J. | title=The Strong Arm of the Law: Armed and Public Order Policing | year=1991 | url=https://archive.org/details/strongarmoflawar0000wadd | प्रकाशक=Clarendon Press |वर्ष=1991 | आयएसबीएन=0198273592}} == बाह्य दुवे == * [http://www.bongiornoproductions.com/REVOLUTION%20%2767/REVOLUTION%20%2767.html Revolution '67 Documentary about the Newark, New Jersey race riots of 1967] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20090903112108/http://www.bongiornoproductions.com/REVOLUTION%20%2767/REVOLUTION%20%2767.html |date=2009-09-03 }} * [http://berthoalain.wordpress.com Anthropologie du présent] [[वर्ग:दंगली]] [[वर्ग:विरोध]] 9pso56jz43lm0tknlg2krzeesbzumi4 मिठाचा सत्याग्रह 0 91396 2710805 2703755 2026-09-19T15:53:19Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710805 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Marche sel.jpg|250px|thumb|गांधीजी दांडी यात्रेत]][[चित्र:Mahatma & Sarojini Naidu 1930.JPG|250px|thumb|गांधीजी व सरोजिनी नायडू दांडी यात्रेदरम्यान]] [[महात्मा गांधी|महात्मा गांधीं]]<nowiki/>च्या नेतृत्वाखाली [[भारतीय स्वातंत्र्यलढा|भारतीय स्वातंत्र्यलढ्यादरम्यान]], झालेला '''मिठाचा सत्याग्रह''' हा, भारतातील तत्कालीन ब्रिटिश शासनाने मिठासारख्या जीवनावश्यक गोष्टीवर लावलेल्या कराच्या विरोधात इ.स. १९३० साली घडलेला सत्याग्रह होता. यालाच दांडी सत्याग्रह असेही म्हणतात. १४ फेब्रुवारी १९३० रोजी भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेसने जनतेला गांधीजींच्या नेतृत्वाखाली सविनय कायदेभंग करण्याचा आदेश दिला. मिठाचा सत्याग्रह याच चळवळीचा भाग होता. == दांडी यात्रा आणि सत्याग्रह == मिठाच्या सत्याग्रहाची सुरुवात दांडी यात्रेने झाली. ही दांडी यात्रा (मोर्चा) [[साबरमती आश्रम|साबरमती आश्रमा]]<nowiki/>पासून १२ मार्च १९३० रोजी सुरू झाली. गांधीजींच्या बरोबर त्यांचे ७८ निवडक अनुयायी होते.<ref>{{जर्नल स्रोत|last=कर्वे|first=मीना (अनुवादक)|date=१५ ऑगस्ट २०१८|title=मीठ आणि महात्मा|दुवा=http://www.sandarbhsociety.org/wp-content/uploads/2015/08/San76-Jun-Jul12.pdf|journal=शैक्षणिक संदर्भ|volume=|pages=७६|via=}}</ref> त्यात [[सरोजिनी नायडू]], इला भट यांचा समावेश होता.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|दुवा=http://www.lokmat.com/maharashtra/dandi-yatra-today-again/|title=दांडी यात्रा आजपासून पुन्हा|last=|first=|date=|website=|archive-दुवा=|archive-date=|dead-दुवा=|ॲक्सेसदिनांक=}}</ref> यात्रा पुढे निघाली, तसतशी सहभागी लोकांची गर्दी वाढतच गेली. ही यात्रा २४ दिवस चालली आणि तिच्यातील लोक ३८५ कि.मी. पर्यंत पायी चालले. यात्रा दांडी येथे समुद्रकिनारी ६ एप्रिल १९३०ला पोहोचली. त्या दिवशी जेव्हा सकाळी साडे सहा वाजता गांधीजींनी चिमूटभर मीठ उचलून कायदेभंग केला, तेव्हा कायदेभंगाच्या मोठ्या प्रमाणावरील चळवळीची ती सुरुवातच ठरली. दांडीनंतर गांधीजी मीठ बनवत आणि सभांमध्ये भाषणे करत ते [[समुद्र]] किनाऱ्याने दक्षिणेकडे जात राहिले. दांडीच्या दक्षिणेला २५ मैलांवर असलेल्या धारासणा या ठिकाणी मिठाचा [[सत्याग्रह]] करण्याचे काँग्रेस पक्षाने ठरवले. पण त्यापूर्वीच ४-५ मे १९३० दरम्यानच्या रात्री गांधीजींना अटक करण्यात आली.दांडी यात्रा आणि [[धारासणा]] येथील [[सत्याग्रह]] यामुळे सर्व जगाचे लक्ष [[भारताचा स्वातंत्र्यलढा|भारतीय स्वातंत्र्यलढ्या]]कडे वेधले गेले. मिठाचा सत्याग्रह म्हणजे असहकार चळवळीचा एक भाग होता. प्रत्यक्षात मिठावरचा कर हे केवळ निमित्त होते. गांधींना त्या मिषाने लोकसंघटन आणि लोकजागृती साधायची होती. मिठावरील कराच्या विरोधातील हे आंदोलन पुढे वर्षभर सुरू राहिले. गांधीजींची तुरुंगातून सुटका आणि लॉर्ड आयर्विन यांच्याशी दुसऱ्या गोलमेज परिषदेतील चर्चा झाल्यावर हे आंदोलन थांबले. मिठाच्या सत्याग्रहाच्या आंदोलनाच्या दरम्यान ६०,०००हून अधिक भारतीय तुरुंगात गेले. == ओरिसातील मिठाचा सत्याग्रह == दांडी येथील मिठाच्या सत्याग्रहापूर्वीच [[ओरिसा|ओरिसात]] उत्पादित होणाऱ्या मिठावर ब्रिटिशांनी बसवलेल्या करामुळे तिथे १९२९ सालापासून आंदोलन सुरूच होते. तिथे मीठ तयार करण्यावर बंदी घालण्यात आल्यामुळे वातावरण तापलेले होते. गांधीजी दांडीला पोचण्यापूर्वीच ओरिसामधील लोकांनी मिठाचे उत्पादन सुरू ठेवण्याचा निर्धार केला. [[कटक]] येथे ओरिसाच्या वेगवेगळ्या भागातून स्वयंसेवक जमा झाले. मिठाच्या सत्याग्रहाबद्दल जाहीर सभा घेण्यात आल्या. या सभेत भाषणे करणाऱ्यांना ब्रिटिश सरकारने अटक करून तुरुंगात टाकले. ६ एप्रिलला [[गोपबंधू चौधरी]] आणि आचार्य हरिहर दास यांच्या नेतृत्वाखाली २१ सत्याग्रहींच्या तुकडीने स्वराज आश्रम, कटक येथून इंचुरी येथे मिठाच्या सत्याग्रह करण्यासाठी पायी जाण्यास सुरुवात केली.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|दुवा=http://magazines.odisha.gov.in/Orissareview/2011/aug/engpdf/16-18.pdf|title=ओडिशा सरकारचे नियतकालिकाचे संकेतस्थळ (इंग्रजी मजकूर)|last=|first=|date=|website=|archive-दुवा=|archive-date=|dead-दुवा=|ॲक्सेसदिनांक=}}{{मृत दुवा|date=July 2024 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> ९ एप्रिलला चांडोल येथे गोपबंधू चौधरी यांना अटक झाली. तरी यात्रा सुरूच राहिली. १३ एप्रिलला इंचुरी येथे पोचलेल्या हजारो सत्याग्रहींनी मूठभर मीठ हातात घेऊन कायदेभंग केला. सत्याग्रहींच्या तुकड्या मीठ हातात घेऊन कायदा मोडत. पोलीस त्यांना अटक करत. मग सत्याग्रहींची पुढची तुकडी पुढे येत असे. सर्व तुरुंग भरून गेले तरी आंदोलनात नवीन लोक सहभागी होतच होते. इंचुरीमधील सत्याग्रहात महिलांची संख्या लक्षणीय होती. काही निदर्शने महिलांनी आयोजित केली होती. शेवटी सर्व सत्याग्रहींची तुरुंगातून सुटका झाली, तेव्हा त्यांच्या स्वागतासाठी हजारो लोक जमले होते.<ref>{{जर्नल स्रोत|last=कर्वे|first=मीना(अनुवादक)|date=१५ ऑगस्ट २०१८|title=मीठ आणि महात्मा|दुवा=http://www.sandarbhsociety.org/wp-content/uploads/2015/08/San76-Jun-Jul12.pdf|journal=शैक्षणिक संदर्भ|volume=|pages=५१,५२|via=}}</ref> मिठाच्या सत्याग्रहाने स्वातंत्र्य लढ्याला मोठे बळ मिळाले.जग बदलणाऱ्या १० महत्त्वपूर्ण आंदोलनात या सत्याग्रहाचा समावेश टाईम नियतकालिकाने केला आहे.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|दुवा=https://www.dw.com/hi/%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-10-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A-%E0%A4%AD%E0%A5%80/a-15196934|title=दुनिया के 10 बड़े आंदोलन में दांडी मार्च भी {{!}} DW {{!}} 29.06.2011|last=(www.dw.com)|first=Deutsche Welle|website=DW.COM|भाषा=हिंदी|ॲक्सेसदिनांक=2018-08-15}}</ref> [[चित्र:Salt March.ogv]] {| class="wikitable" ! नेता / नाव !! नेतृत्व केलेले क्षेत्र / योगदान !! कारवाई / परिणाम (अटक / दुखापत) |- | [[सरोजिनी नायडू]] || धरासणा मिठाच्या सत्याग्रहाचे ([[गुजरात]]) मुख्य नेतृत्व || मे १९३० मध्ये धरासणा येथे सत्याग्रहाचे नेतृत्व करताना अटक करण्यात आली.<ref>{{cite web |title=Dharasana Salt Satyagraha |url=https://www.britannica.com/event/Salt-March |publisher=[[एनसायक्लोपीडिया ब्रिटानिका]] |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- | [[जवाहरलाल नेहरू]] || [[अलाहाबाद]] ([[उत्तर प्रदेश]]) येथे कायदेभंग चळवळीचे नेतृत्व आणि संघटन || १४ एप्रिल १९३० रोजी मिठाचा कायदा मोडल्याबद्दल अटक करून तुरुंगात पाठवले.<ref>{{cite book |last=गोपाळ |first=सर्वपल्ली |title=जवाहरलाल नेहरू: अ बायोग्राफी |publisher=हार्ट-व्हिसल |year=१९७५ |isbn=978-0140138115}}</ref> |- | [[अब्बास तय्यबजी]] || [[महात्मा गांधी|गांधीजींच्या]] अटकेनंतर धरासणा सत्याग्रहाची सूत्रे स्वीकारली || १२ मे १९३० रोजी धरासणाकडे कूच करताना ५८ सहकाऱ्यांसह अटक करण्यात आली.<ref>{{cite book |last=गांधी |first=राजमोहन |title=द पटेल: अ लाइफ |publisher=नवजीवन पब्लिशिंग हाऊस |year=१९९०}}</ref> |- | [[सी. राजगोपालाचारी]] || [[तमिळनाडू]]मध्ये [[तिरुचिरापल्ली]] ते [[वेदारण्यम]] अशी मिठाची पदयात्रा काढली || ३० एप्रिल १९३० रोजी वेदारण्यम येथे मिठाचा कायदा मोडल्याबद्दल अटक व कारावास सुनावला.<ref>{{cite book |last=राजरत्नम |first=के. |title=वेदारण्यम साल्ट सत्याग्रह |publisher=तमिळनाडू अर्काइव्ह्ज |year=१९९९}}</ref> |- | [[खान अब्दुल गफार खान]] || [[पेशावर]] (वायव्य सरहद्द प्रांत) येथे 'खुदाई खिदमतगार'द्वारे मिठाच्या सत्याग्रहाचे नेतृत्व || २३ एप्रिल १९३० रोजी पेशावर येथे [[ब्रिटिश भारत|ब्रिटिश सरकारकडून]] अटक करण्यात आली, ज्यानंतर किस्सा ख्वानी बाजार हत्याकांड घडले.<ref>{{cite book |last=ईश्वरन |first=ईकनाथ |title=अ मॅन टू मॅच हिज माउंटेन्स: बदशाह खान |publisher=निगिरी प्रेस |year=१९९९ |isbn=978-1586380212}}</ref> |- | [[मणिलाल गांधी]] || धरासणा ([[गुजरात]]) येथील सत्याग्रहात सक्रिय सहभाग || २१ मे १९३० रोजी पोलिसांच्या अमानुष लाठीहल्ल्यात गंभीर जखमी झाले व नंतर त्यांना अटक करण्यात आली.<ref>{{cite news |last=मॅकलिन |first=वेब |title=Dharasana Salt Works Raided |work=[[द न्यू यॉर्क टाइम्स]] |date=२२ मे १९३० |access-date=१९ ऑगस्ट २०२६}}</ref> |- | [[के. केलप्पन]] || [[केरळ]]मध्ये कलिकत ते पय्यान्नुर अशी मिठाची पदयात्रा काढली || मलबार भागात मिठाचा कायदा मोडल्याबद्दल २७ मे १९३० रोजी ब्रिटिश पोलिसांकडून अटक झाली.<ref>{{cite book |last=मेनन |first=ए. श्रीधर |title=अ सर्वे ऑफ केरळ हिस्ट्री |publisher=डीसी बुक्स |year=२००७ |isbn=978-8126415786}}</ref> |- | [[कमलादेवी चट्टोपाध्याय]] || [[मुंबई]] (वडाळा मिठागर) येथे महिला सत्याग्रहींचे नेतृत्व || १६ एप्रिल १९३० रोजी वडाळा येथे कायदा मोडल्याप्रकरणी अटक; मिठाच्या सत्याग्रहात अटक झालेल्या पहिल्या प्रमुख महिला नेत्यांपैकी एक.<ref>{{cite book |last=चट्टोपाध्याय |first=कमलादेवी |title=इररिफ्रेसेबल वूमन |publisher=अलाइड पब्लिशर्स |year=१९८३}}</ref> |- | [[सरदार वल्लभभाई पटेल]] || [[गुजरात]]मध्ये मिठाच्या सत्याग्रहाच्या पूर्वतयारीचे व प्रसाराचे काम || ७ मार्च १९३० रोजी ([[दांडी यात्रा]] सुरू होण्यापूर्वीच) रास गावातून अटक करून तुरुंगात टाकले.<ref>{{cite book |last=गांधी |first=राजमोहन |title=पटेल: अ लाइफ |publisher=नवजीवन पब्लिशिंग हाऊस |year=१९९०}}</ref> |- | स्वामी आनंद || धरासणा आणि [[महाराष्ट्र|महाराष्ट्रातील]] सत्याग्रह आंदोलनाचे संघटन || धरासणा सत्याग्रहादरम्यान लाठीहल्ल्यात दुखापत झाली आणि नंतर त्यांना अटक झाली.<ref>{{cite book |last=दवे |first=जुगतराम |title=मिठाचा सत्याग्रह आणि धरासणा |publisher=गुजरात विद्यापीठ |year=१९६५}}</ref> |- | [[मौलाना अबुल कलाम आझाद]] || राष्ट्रीय स्तरावर सत्याग्रहाचे समर्थन आणि आंदोलनाचे नेतृत्व || २५ मे १९३० रोजी नागरी कायदेभंगाच्या आरोपाखाली [[दिल्ली]] येथून अटक करण्यात आली.<ref>{{cite book |last=आझाद |first=मौलाना अबुल कलाम |title=इंडिया विन्स फ्रीडम |url=https://archive.org/details/indiawinsfreedom0000azad_p0r9 |publisher=ओरिएंट लँगमन |year=१९८८ |isbn=978-8125005148}}</ref> |} ==माडगुळकरांची कविता== या सत्याग्रहाबद्दल [[ग.दि. माडगुळकर|ग.दि. माडगुळकरांनी]] ''उचललेस तू मीठ मूठभर, साम्राज्याचा खचला पाया'' अशी सुरू होणारी एक कविता लिहिली आहे. == हे सुद्धा पहा == {{कॉमन्स वर्ग|Salt March|{{लेखनाव}}}} * {{संकेतस्थळ|http://www.harappa.com/wall/1930.html|मिठाच्या सत्याग्रहाचे व्हिडिओ वार्तांकन|इंग्लिश}} * {{संकेतस्थळ|http://www.saltmarch.org.in/home.html|द सॉल्ट मार्च - मिठाच्या सत्याग्रहाविषयी संकेतस्थळ|इंग्लिश}}{{मृत दुवा}} == संदर्भ == <references /> {{DEFAULTSORT:सत्याग्रह,मिठाचा}} {{भारतीय स्वातंत्र्यलढा}} [[वर्ग:गुजरातचा इतिहास]] [[वर्ग:भारतीय स्वातंत्र्यलढ्यातील महत्त्वाच्या घटना]] [[वर्ग:सत्याग्रह]] [[वर्ग:ओडिशाचा इतिहास]] 2xydd6h3xa3kt4l5xem5c110xs80tej तेजोमेघ 0 93393 2710739 2706667 2026-09-19T13:10:32Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710739 wikitext text/x-wiki [[चित्र:Eagle nebula pillars.jpg|thumb|right|250px|"नवनिर्मितीचे स्तंभ" - [[ईगल तेजोमेघ]]]] [[चित्र:Nursery of New Stars - GPN-2000-000972.jpg|thumb|250px|एनजीसी ६०४ गॅरें तेजोमेघ (H II प्रदेश)]] [[चित्र:The Crab Nebula NASA.ogv|thumb|thumbtime=7|[[नासा]]द्वारे [[क्रॅब तेजोमेघ]] चलचित्र]] तेजोमेघ ([[इंग्लिश भाषा{{!}}इंग्लिश]]: Nebula; नेब्युला) हा धूळ, [[हायड्रोजन]], [[हेलियम]] व आयनित वायूंपासून बनलेला आंतरतारकीय मेघ असतो.<ref>{{cite book |last=ॲलिन्सन |first=आयलीन |title=ॲस्ट्रॉनॉमी अँड ॲस्ट्रोफिजिक्स |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००१ |isbn=978-0521437769}}</ref> सुरुवातीला हे नाव कोणत्याही मोठ्या अवकाशीय वस्तूस दिले जात असे, उदाहरणार्थ [[आकाशगंगा{{!}}आकाशगंगेच्या]] पलीकडील [[दीर्घिका]].<ref name="britannica-nebula">{{cite web |title=Nebula |url=https://www.britannica.com/science/nebula |publisher=[[एनसायक्लोपीडिया ब्रिटानिका]] |access-date=१८ ऑगस्ट २०२६}}</ref> ([[देवयानी दीर्घिका]] ही [[एडविन हबल]] याने दीर्घिकांचा शोध लावण्यापूर्वी अँड्रोमेडा तेजोमेघ म्हणून ओळखली जाई.)<ref>{{cite journal |last=हबल |first=एडविन |title=अ स्पायरल नेब्युला ॲज अँड आउटर स्टॅरर सिस्टिम |journal=ॲस्ट्रोफिजिकल जर्नल |year=१९२९}}</ref> तेजोमेघ बऱ्याचदा ताऱ्यांच्या निर्मितीची ठिकाणे बनतात. उदा. ईगल तेजोमेघ.<ref name="nasa-eagle">{{cite web |title=Pillars of Creation - Eagle Nebula |url=https://www.nasa.gov/image-feature/goddard/2017/hubble-s-iconic-pillars-of-creation |publisher=[[नासा]] |access-date=१८ ऑगस्ट २०२६ }}{{मृत दुवा|date=August 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> ईगल तेजोमेघाचे छायाचित्र हे नासाच्या सर्वांत लोकप्रिय छायाचित्रांपैकी एक आहे, "पिलर्स ऑफ क्रिएशन" (नवनिर्मितीचे स्तंभ).<ref name="nasa-eagle"/> या भागांमध्ये वायू, [[धूळ]] व इतर घटक एकमेकांवर आदळून जास्त वस्तुमान तयार होते, जे आणखी वस्तुमान आकर्षित करते व शेवटी ते ताऱ्यांत रूपांतर होण्याइतके मोठे होते.<ref name="britannica-nebula"/> उरलेल्या वस्तुमानाचे ग्रह व इतर ग्रहीय प्रणालीतील वस्तूंमध्ये रूपांतर होते.<ref name="britannica-nebula"/> == इतिहास == असे मानण्यास जागा आहे की दुर्बीणीच्या शोधापूर्वीही माया संस्कृतीच्या लोकांना तेजोमेघांविषयी माहिती होती. मृगनक्षत्राच्या आसपास असलेल्या आकाशाच्या क्षेत्रासंबंधित असलेली एक लोककथा या गोष्टीचे समर्थन करते. कथेत असा उल्लेख आहे की धगधगत्या आगीच्या आसपास एक डाग आहे.<ref>क्रूप, एडवर्ड सी. (१९९९), [http://pqasb.pqarchiver.com/skyandtelescope/access/886319051.html?dids=886319051:886319051&FMT=CITE&FMTS=CITE:PAGE&date=Feb+1999&author=E+C+Krupp&desc=Igniting+the+Hearth Igniting the Hearth] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20070930222028/http://pqasb.pqarchiver.com/skyandtelescope/access/886319051.html?dids=886319051:886319051&FMT=CITE&FMTS=CITE:PAGE&date=Feb+1999&author=E+C+Krupp&desc=Igniting+the+Hearth |date=2007-09-30 }}, Sky & Telescope (February): 94</ref> ख्रिस्ताब्द १५० च्या दरम्यानच्या काळात [[क्लॉडियस टॉलेमियस]] (टॉलेमी) याने त्याच्या [[अल्मागेस्ट]] या पुस्तकाच्या सातव्या व आठव्या खंडात पाच तेजोमय दिसणाऱ्या ताऱ्यांची नोंद करून ठेवली आहे.<ref>{{cite book |last=टॉलेमी |title=अल्मागेस्ट |publisher=प्रिन्सटन युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९८}}</ref> त्याने [[सप्तर्षी]] व [[सिंह रास{{!}}सिंहराशी]] यांच्यादरम्यान एकही तारा नसलेल्या भागात असलेला तेजोमय प्रदेशही नोंदवला आहे.<ref>{{cite book |last=टॉलेमी |title=अल्मागेस्ट |publisher=प्रिन्सटन युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९८}}</ref> पहिल्या खऱ्या तेजोमेघाचा उल्लेख हा फारसी खगोलशास्त्रज्ञ [[अब्द अल्-रेहमान अल्-सुफी]] याच्या ''निश्चित ताऱ्यांचे पुस्तक'' (९६४) या ग्रंथात सापडतो.<ref>{{cite book |last=अल्-सुफी |title=किताब अल-कवाकिब |year=९६४}}</ref> [[देवयानी दीर्घिका]] असलेल्या ठिकाणी त्याने "लहानसा ढग" असल्याचे नोंदवले आहे.<ref>{{cite book |last=अल्-सुफी |title=किताब अल-कवाकिब |year=९६४}}</ref> त्याने [[ओम्रिकॉर्न व्हेलोरम]] हा तारकापुंज "तेजोमय तारका" म्हणून व ब्रॉकीच्या पुंजासारखे इतर तेजोमय खगोल सूचिबद्ध केले. ज्या [[अतिनवतारा{{!}}अतिनवताऱ्यामुळे]] [[क्रॅब तेजोमेघ{{!}}क्रॅब तेजोमेघाची]] निर्मिती झाली तो अतिनवतारा [[एसएन १०५४]]चे अरबी व चिनी खगोलशास्त्रज्ञांनी १०५४ मध्ये निरीक्षणे केली आहेत.<ref>{{cite journal |last=दुईवेनडाक |first=जे. जे. एल. |title=द फर्दर नोट्स ऑन द सुपरनोव्हा ऑफ १०५४ |journal=पब्लिकेशन ऑफ द ॲस्ट्रॉनॉमिकल सोसायटी ऑफ द पॅसिफिक |year=१९४२}}</ref> अज्ञात कारणांमुळे अल्-सुफी [[मृग तेजोमेघ{{!}}मृग तेजोमेघाची]] निरीक्षणे करण्यात अयशस्वी ठरला. नोव्हेंबर २६, १६१० रोजी निकोलास-क्लाऊडे फॅब्री द पेरिस्क याने दुर्बीण वापरून मृग तेजोमेघाचा शोध लावला.<ref>{{cite journal |last=हॅरिसन |first=टी. जी. |title=द ओरियन नेब्युला: अ हिस्टोरिकल परस्पेक्टिव्ह |journal=क्वार्टरली जर्नल ऑफ द रॉयल ॲस्ट्रॉनॉमिकल सोसायटी |year=१९८४}}</ref> या तेजोमेघाचे निरीक्षण १६१८ मध्ये जोहान बाप्टिस्ट सायसॅट यानेदेखील केले होते.<ref>{{cite journal |last=हॅरिसन |first=टी. जी. |title=द ओरियन नेब्युला: अ हिस्टोरिकल परस्पेक्टिव्ह |journal=क्वार्टरली जर्नल ऑफ द रॉयल ॲस्ट्रॉनॉमिकल सोसायटी |year=१९८४}}</ref> परंतु, या तेजोमेघावर सखोल संशोधन १६५९ मध्ये [[ख्रिस्तियान ह्युजेन्स]] याने करेपर्यंत झाले नाही, जो स्वतःस या तेजोमेघाचा शोधक माने.<ref>{{cite journal |last=हॅरिसन |first=टी. जी. |title=द ओरियन नेब्युला: अ हिस्टोरिकल परस्पेक्टिव्ह |journal=क्वार्टरली जर्नल ऑफ द रॉयल ॲस्ट्रॉनॉमिकल सोसायटी |year=१९८४}}</ref> १७१५ मध्ये [[एडमंड हॅले]] याने सहा तेजोमेघांची यादी प्रकाशित केली.<ref>{{cite journal |last=हॅले |first=एडमंड |title=ॲन अकाउंट ऑफ सेव्हरल नेब्युला |journal=फिलॉसॉफिकल ट्रॅन्झॅक्शन्स ऑफ द रॉयल सोसायटी |year=१७१५}}</ref> या शतकामध्ये हा आकडा संथपणे वाढत राहिला व १७४६ साली जीन-फिलिप द चिसॉ याच्या यादी ही संख्या २० वर पोचली होती (८ नव्या तेजोमेघांसह). १७५१-५३ च्या काळात निकोलास लुई द लाकायल याने [[केप ऑफ गुड होप]] येथून ४२ तेजोमेघ सूचिबद्ध केले, ज्यातील बरेचसे त्याकाळी अज्ञात होते.<ref>{{cite book |last=लाकायल |first=निकोलास |title=मेमॉयर सुर लेस नेब्युलस |publisher=रॉयल अकॅडमी ऑफ सायन्सेस |year=१७५५}}</ref> [[चार्ल्स मेसिए]] याने नंतर १७८१ मध्ये १०३ तेजोमेघ संकलित केले.<ref>{{cite journal |last=मेसिए |first=चार्ल्स |title=कॅटलॉग देस नेब्युलस |journal=कॉन्सीसन्स देस टेम्प्स |year=१७८१}}</ref> [[विल्यम हर्षेल]] व त्यांची बहीण कॅरोलिन हर्षेल यांच्या अथक प्रयत्नांमुळे नंतर तेजोमेघांची संख्या प्रचंड वाढली. त्यांची एक हजार नवीन तेजोमेघ व तारकापुंजांची सूची १७८६ मध्ये प्रकाशित झाली.<ref>{{cite journal |last=हर्षेल |first=विल्यम |title=कॅटलॉग ऑफ १,००० न्यू नेब्युला अँड क्लस्टर्स ऑफ स्टार्स |journal=फिलॉसॉफिकल ट्रॅन्झॅक्शन्स ऑफ द रॉयल सोसायटी |year=१७८६}}</ref> तिची दुसरी आवृत्ती १७८९ मध्ये तर तिसरी व शेवटची ५१० नवे तेजोमेघ असलेली आवृत्ती १८०२ मध्ये प्रकाशित झाली.<ref>{{cite journal |last=हर्षेल |first=विल्यम |title=कॅटलॉग ऑफ ५०० न्यू नेब्युला |journal=फिलॉसॉफिकल ट्रॅन्झॅक्शन्स ऑफ द रॉयल सोसायटी |year=१८०२}}</ref> या कामात बऱ्याचदा विल्यम हर्शलला तेजोमेघ म्हणजे न कळलेले तारकापुंज वाटत असत.<ref>{{cite journal |last=हर्षेल |first=विल्यम |title=कॅटलॉग ऑफ ५०० न्यू नेब्युला |journal=फिलॉसॉफिकल ट्रॅन्झॅक्शन्स ऑफ द रॉयल सोसायटी |year=१८०२}}</ref> == निर्माणप्रक्रिया == [[चित्र:NASA-FlameNebula-NGC2024-20140507.jpg|इवलेसे|200px|डावे|[[एनजीसी २०२४]], ज्वाला तेजोमेघ]] अनेक तेजोमेघांची निर्मिती आंतरतारकीय माध्यमात गुरुत्वीय अवपातामुळे होते.<ref name="star-formation">{{cite book |last=शू |first=फ्रँक |title=द फिजिकल युनिव्हर्स |url=https://archive.org/details/physicaluniverse00shuf |publisher=युनिव्हर्सिटी सायन्स बुक्स |year=१९८२ |isbn=978-0935702057}}</ref> त्यातील वस्तू स्वतःच्याच गुरुत्वाकर्षणाखाली आकुंचन पावत असताना तारे मध्यभागी निर्माण होऊ शकतात, ज्यांचे [[अतिनील किरण]] आसपासच्या वायूंना आयनित करून त्यांना प्रकाशतरंगांवर दृष्टिगोचर करतात.<ref name="star-formation"/> अशा प्रकारच्या तेजोमेघांची उदाहरणे म्हणजे [[रोझेट्टे तेजोमेघ]] व [[पेलिकन तेजोमेघ]] होय. एच२ प्रदेश म्हणून ओळखल्या जाणाऱ्या या तेजोमेघांचा आकार मूळ वायंच्या मेघांच्या आकारावर अवलंबून असतो.<ref name="star-formation"/> हे असे प्रदेश आहेत की जिथे ताऱ्यांची निर्मिती होते. या ताऱ्यांना आदितारे म्हणले जाते.<ref name="star-formation"/> काही तेजोमेघ हे अतिनवताऱ्यांच्या स्फोटांमुळे उद्भवलेले असतात. अतिनवतारे म्हणजे कमी आयुर्मानाच्या, प्रचंड वस्तुमानाच्या ताऱ्याचा स्फोट.<ref name="sn-remnant">{{cite book |last=कार्रॉल |first=बॅडली डब्ल्यू. |title=ॲन इंट्रॉडक्शन टू मॉडर्न ॲस्ट्रोफिजिक्स |publisher=पिअर्सन |year=२००६ |isbn=978-0805304022}}</ref> अतिनवताऱ्याच्या स्फोटामुळे त्यातील द्रव्य बाहेरच्या दिशेस फेकले जाऊन ऊर्जेमुळे ते आयोनित होतात व त्याच्यापासून ठोस वस्तूची निर्मिती होऊ शकते.<ref name="sn-remnant"/> [[वृषभ रास{{!}}वृषभ राशीतील]] [[क्रॅब तेजोमेघ]] या प्रकाराचे उत्तम उदाहरण आहे.<ref name="sn-remnant"/> १०५४ साली झालेला हा स्फोट एसएन १०५४ म्हणून नोंदवला गेला आहे.<ref>{{cite journal |last=दुईवेनडाक |first=जे. जे. एल. |title=द फर्दर नोट्स ऑन द सुपरनोव्हा ऑफ १०५४ |journal=पब्लिकेशन ऑफ द ॲस्ट्रॉनॉमिकल सोसायटी ऑफ द पॅसिफिक |year=१९४२}}</ref> स्फोटानंतर निर्माण झालेली स्थायुरूप वस्तू [[न्यूट्रॉन तारा]] असून तो या तेजोमेघाच्या मध्यभागी आहे.<ref name="sn-remnant"/> == तेजोमेघांचे प्रकार == * [[विस्तृत तेजोमेघ]] * [[ग्रहीय तेजोमेघ]] * [[गडद तेजोमेघ]] * [[स्फोटक ताऱ्यांचे अवशेष]] == संदर्भ == {{commonscat|Nebula|{{लेखनाव}}}} {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:खगोलशास्त्र]] 81vwq5sgbafgxsjwlc0k2jt9pugugqo शंकु निर्देशक 0 94588 2710740 2090550 2026-09-19T13:17:40Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710740 wikitext text/x-wiki [[Image:Conical coordinates.png|thumb|380px|right|शंकूनिर्देशकाची [[निर्देशक पद्धती#निर्देशक आवरण|निर्देशक आवरणे]]. स्थिरांक ''b'' आणि ''c'' हे अनुक्रमे १ आणि २ म्हणून निवडलेली आहेत. लाल गोल ''r''=२ दाखविते तर निळा विवृत्तीय शंकू उभ्या μ=कोज्याअ(१) (μ=cosh(1)) दाखविणाऱ्या ''z''-अक्षाबरोबर आहे. आणि पिवळा विवृत्तीय शंकू ν<sup>२</sup> = २/३ दाखविणाऱ्या ''x''-अक्षाबरोबर (हिरवी रेषा) आहे. ही तीन आवरणे/पृष्ठे एक बिंदू '''P''' (जो काळा गोल म्हणून दाखविला आहे) [[कार्टेशियन निर्देशक पद्धती|कार्टेशियन निर्देशकांत]] अंदाजे (1.26, -0.78, 1.34) मध्ये छेदतात.]] '''शंकू निर्देशक''' हे त्रिमितीय [[लंबकोनी निर्देशक|लंबकोनी]] [[निर्देशक पद्धत|निर्देशक पद्धती]] असून ते समकेंद्री वर्तुळे (त्रिज्या <math>r</math> मधून मांडलेली) आणि अनुक्रमे ''z''- आणि ''x''-अक्षाची समांतर असलेल्या दोन लंबित शंकूकुलांपासून बनलेले आहे. ==प्राथमिक व्याख्या== शंकू निर्देशके <math>(r, \mu, \nu)</math> ह्याची व्याख्या अशी केली जाते:- :<math> x = \frac{r\mu\nu}{bc} </math> :<math> y = \frac{r}{b} \sqrt{\frac{\left( \mu^{2} - b^{2} \right) \left( \nu^{2} - b^{2} \right)}{\left( b^{2} - c^{2} \right)} } </math> :<math> z = \frac{r}{c} \sqrt{\frac{\left( \mu^{2} - c^{2} \right) \left( \nu^{2} - c^{2} \right)}{\left( c^{2} - b^{2} \right)} } </math> आणि खालीलप्रमाणे बंधने:- :<math> \nu^{2} < c^{2} < \mu^{2} < b^{2} </math> <math>r</math> स्थिरांकाची आवरणे हे केंद्रबिंदूची केंद्रीत त्रिज्येचे गोल होयः- :<math> x^{2} + y^{2} + z^{2} = r^{2} </math> तसेच, <math>\mu</math> आणि <math>\nu</math> स्थिरांकांची आवरणे ही सहलंबित शंकू होयः- :<math> \frac{x^{2}}{\mu^{2}} + \frac{y^{2}}{\mu^{2} - b^{2}} + \frac{z^{2}}{\mu^{2} - c^{2}} = 0 </math> :<math> \frac{x^{2}}{\nu^{2}} + \frac{y^{2}}{\nu^{2} - b^{2}} + \frac{z^{2}}{\nu^{2} - c^{2}} = 0 </math> ह्या निर्देशक पद्धतीत [[लॅप्लेसचे समीकरण]] आणि [[हेल्महोल्ट्स समीकरण]] अलग होउ शकते. ==मापक घटक== त्रिज्या <math>r</math>चा मापक घटक हे [[गोलीय निर्देशक|गोलीय निर्देशकाप्रमाणे]] एक (<math>h_{r} = 1</math>) असते. दोन शंकू निर्देशकांचे मापक घटक पुढीलप्रमाणे:- :<math> h_{\mu} = r \sqrt{\frac{\mu^{2} - \nu^{2}}{\left( b^{2} - \mu^{2} \right) \left( \mu^{2} - c^{2} \right)}} </math> :<math> h_{\nu} = r \sqrt{\frac{\mu^{2} - \nu^{2}}{\left( b^{2} - \nu^{2} \right) \left( c^{2} - \nu^{2} \right)}} </math> ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==संदर्भग्रंथ== *{{स्रोत पुस्तक | author = [[फिलीप एम. मोर्स]], [[हर्मन फेशबाख]] | year = 1953 | title = Methods of Theoretical Physics, Part I | publisher = McGraw-Hill | location = New York | isbn = 0-07-043316-X, {{LCCN|52|0|11515}} | page = 659}} *{{स्रोत पुस्तक | author = [[हेन्‍री मोरेयु]], जी. एम. मर्फी | year = 1956 | title = The Mathematics of Physics and Chemistry | publisher = D. van Nostrand | location = New York | id = {{LCCN|55|0|10911}} | pages = 183&ndash;184 }} *{{स्रोत पुस्तक | author = Korn GA, Korn TM |year = 1961 | title = Mathematical Handbook for Scientists and Engineers | publisher = McGraw-Hill | location = New York | id = {{LCCN|59|0|14456}}, ASIN B0000CKZX7 | page = 179}} *{{स्रोत पुस्तक | author = Sauer R, Szabó I | year = 1967 | title = Mathematische Hilfsmittel des Ingenieurs | url = https://archive.org/details/mathematischehil0001rsau | publisher = Springer Verlag | location = New York | id = {{LCCN|67|0|25285}} | pages = 991&ndash;100}} *{{स्रोत पुस्तक | author = Arfken G | year = 1970 | title = Mathematical Methods for Physicists | edition = 2nd ed. | publisher = Academic Press | location = Orlando, FL | pages = 118–119 | id = ASIN B000MBRNX4}} *{{स्रोत पुस्तक | author = Moon P, Spencer DE | year = 1988 | chapter = Conical Coordinates (r, θ, λ) | title = Field Theory Handbook, Including Coordinate Systems, Differential Equations, and Their Solutions | edition = corrected 2nd ed., 3rd print ed. | publisher = Springer-Verlag | location = New York | pages = 37–40 (Table 1.09) | isbn = 978-0387184302}} ==बाह्य दुवे== *[http://mathworld.wolfram.com/ConicalCoordinates.html मॅथवर्ल्डवरील शंकू निर्देशकाची माहिती] {{लंबकोनी निर्देशक प्रणाली}} [[वर्ग: निर्देशक पद्धती]] m12eakch6ezps1yrjdrzhnumjge2zp6 सदस्य चर्चा:Selvakumar Pandian 3 95573 2710886 757827 2026-09-20T05:19:03Z QueerEcofeminist 12675 QueerEcofeminist ने लेख [[सदस्य चर्चा:Selvakumar mallar]] वरुन [[सदस्य चर्चा:Selvakumar Pandian]] ला हलविला: Automatically moved page while renaming the user "[[Special:CentralAuth/Selvakumar mallar|Selvakumar mallar]]" to "[[Special:CentralAuth/Selvakumar Pandian|Selvakumar Pandian]]" 757827 wikitext text/x-wiki {{स्वागत}} 6tmpim0dou1zu3xx6d3rdhzgmbkti17 थॉमस पेन 0 131237 2710730 2702829 2026-09-19T12:16:33Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710730 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट तत्त्वज्ञ | नाव = थॉमस पेन | चित्र = Thomas Paine_rev1.jpg | चित्र रुंदी = | चित्र शीर्षक = इ.स. १८८० सालातील थॉमस पेनचे तैलचित्र | पूर्ण नाव = | जन्मदिनांक = [[२९ जानेवारी]], [[इ.स. १७३७]]| जन्मस्थान =थेटफर्ड, [[ग्रेट ब्रिटन]] | मृत्युदिनांक =[[८ जून]], [[इ.स. १८०९]] | मृत्युस्थान =[[न्यू यॉर्क]], [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिका]] | कार्यक्षेत्र = | राष्ट्रीयत्व = | भाषा = | तत्त्वप्रणाली = | तत्त्वप्रणाली प्रादेशिक वर्ग = | तत्त्वप्रणाली कालपरत्वे वर्ग = | प्रमुख विषय = | लक्षणीय कल्पना = | प्रसिद्ध लिखाण = | प्रभाव = | प्रभावित = | वडील_नाव = | आई_नाव = | पती_नाव = | पत्‍नी_नाव = | अपत्ये = | स्वाक्षरी_चित्र =Thomas Paine Signature.svg | संकेतस्थळ_दुवा = | तळटिपा = }}'''थॉमस पेन''' ([[२९ जानेवारी]], [[इ.स. १७३७]]<ref>{{cite book |last=कॉन्वे |first=मॉन्कर डी. |title=द लाईफ ऑफ थॉमस पेन |publisher=जी. पी. पुटनाम्स सन्स |year=१८९२ |url=http://www.thomaspaine.org/bio/ConwayLife.html |access-date=६ ऑक्टोबर २०१२ |archive-url=https://web.archive.org/web/20070318031100/http://www.thomaspaine.org/bio/ConwayLife.html |archive-date=१८ मार्च २००७ |url-status=dead}}</ref> - [[८ जून]], [[इ.स. १८०९]]) हा एक [[ब्रिटिश]]-[[अमेरिकन]] [[लेखक]] तसेच मानवी हक्कांच्याबाबत भाष्य करणारा [[जग|जगाच्या]] [[इतिहास|इतिहासातील]] पहिला [[विचारवंत]] होता.<ref>{{cite book |last=नेल्सन |first=क्रेग |title=थॉमस पेन: एनलाईटनमेंट, रेव्होल्यूशन, अँड द मेकिंग ऑफ द मॉडर्न वर्ल्ड |url=https://archive.org/details/thomaspaineenlig0000crai |publisher=पेंग्विन बुक्स |year=२००६ |isbn=978-0143112389}}</ref> [[अमेरिकन क्रांती|अमेरिकन स्वातंत्र्ययुद्धात]] महत्त्वाचे योगदान देणाऱ्या व्यक्तींमध्ये त्याची गणना होते.<ref>{{cite book |last=बर्नस्टेन |first=रिचर्ड बी. |title=द फाऊंडिंग फादर्स रिकन्सिडर्ड |publisher=ऑक्सफर्ड युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२००९ |page=३६ |url=http://books.google.com/?id=evU_xku7NbgC&pg=PA36&dq=bernstein+founding+fathers+paine#v=onepage&q=bernstein%20founding%20fathers%20paine |access-date=६ ऑक्टोबर २०१२}}</ref> मानवी अधिकारांचे शास्त्रशुद्ध विवेचन त्याने 'मानवी हक्क' (राइट्स ऑफ मॅन) या [[ग्रंथ|ग्रंथात]] केले आहे.<ref>{{cite book |last=पेन |first=थॉमस |title=राइट्स ऑफ मॅन |publisher=जे. एस. जॉर्डन |year=१७९१}}</ref> स्वातंत्र्याची इच्छा बाळगणाऱ्या लोकांना या ग्रंथाने प्रेरणा दिली. == बालपण == [[इंग्लंड]]मधील [[नॉरफोक]] परगण्यातील थेटफोर्ड येथे [[इ.स. १७३७]] साली थॉमस पेनचा जन्म झाला.<ref name="conway" /> त्याचा बाप कर्मठ क्वेक्कर पंथाचा होता. वयाच्या तेराव्या वर्षी शाळा सोडून बापाच्या [[कापड]] बनविण्याच्या धंद्यात तो मदत करू लागला.<ref name="nelson" /> याच काळात [[जहाज|जहाजावर]] खलाशी होण्यासाठी तो दोनवेळा घरातून पळून गेला होता पण दोन्ही वेळेस त्याच्या बापाने त्याला परत आणले. == प्रारंभिक जीवन == थॉमस पेनने सुरुवातीला काही काळ अबकारी खात्यात नोकरी केली.<ref name="nelson" /> तेथून त्याला काढून टाकल्यावर त्याने काही दिवस बापाचा पारंपारिक कापडाचा व्यवसाय केल्यानंतर त्याला अबकारी खात्यात परत घेण्यात आले. ज्या अबकारी खात्यात तो नोकरी करीत होता त्याच खात्यात [[भ्रष्टाचार]] कसा बोकाळला आहे यावर थॉमस पेनने आपल्याच खात्याला एक निवेदन दिले.<ref>{{cite book |last=हाके |first=जॉन |title=थॉमस पेन: राजकीय विचार आणि कार्य |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२०००}}</ref> हे निवेदन दिल्यानंतर त्याचे निवेदन तर फेटाळले गेलेच उलट कामात दुर्लक्ष केल्याबद्दल त्याला नोकरीवरून कमी करण्यात आले. याच काळात त्याची बायकोही त्याच्यापासून विभक्त झाली. या एकाकी अवस्थेत असताना त्यावेळी [[इंग्लंड]]मध्ये अमेरिकन वसाहतीतर्फे कारभार पाहणाऱ्या [[बेंजामिन फ्रॅंकलिन]]शी थॉमस पेनची ओळख झाली.<ref name="bernstein" /> फ्रॅंकलिनने एक शिफारसपत्र देऊन पेनला आपल्या जावयाकडे [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेला]] पाठविले आणि [[इ.स. १७७४]] साली वयाच्या सदोतिसाव्या वर्षी पेन अमेरिकेत आला.<ref name="nelson" /> == कार्य == अमेरीत गेल्यानंतर थॉमस पेनने स्थानिक [[वर्तमानपत्र|वर्तमानपत्राचा]] संपादक म्हणून तिथे काम करण्यास प्रारंभ केला.<ref name="nelson" /> संपादक म्हणून पेनने [[निग्रो|निग्रोंच्या]] [[गुलामगिरी]]विरूद्ध, स्त्रियांच्या समान हक्कांबद्दल आणि एकूण [[लोकशाही]] व व्यक्तिस्वातंत्र्य यांचे पक्ष मांडायला सुरुवात केली. [[इ.स. १७७५]] मध्ये त्याने [[कॉमन सेन्स (पुस्तक)|कॉमन सेन्स]] ही पुस्तिका लिहायला सुरुवात केली.<ref>{{cite book |last=पेन |first=थॉमस |title=कॉमन सेन्स |publisher=आर. बेल |year=१७७६}}</ref> अमेरीकन वसाहती इंग्लंडच्या अधिपत्यापासून स्वतंत्र होणे गरजेचेच नाही तर अपरीहार्य आहे असा पक्ष मांडणारे त्याचे हे सत्तेचाळीस पानांचे पुस्तक [[१० जानेवारी]], [[इ.स. १७७६]] रोजी प्रसिद्ध झाले.<ref name="nelson" /> या पुस्तकाच्या प्रकाशनानंतर सहा महिन्यांच्या आत अमेरिकेत संपूर्ण स्वातंत्र्याचा ठराव करण्यात आला. त्यानंतर काही महिन्यातच [[अमेरिकन काँग्रेस|अमेरिकन काँग्रेस]]ने त्याला बोलावून घेतले व स्वातंत्र्याच्या उंबरठ्यावर असलेल्या अमेरिकन राष्ट्राच्या परराष्ट्रखात्याचा पहिला सचिव झाला.<ref name="bernstein" /> नव्याने स्वतंत्र झालेल्या अमेरिकन संयुक्त संस्थानाने [[फ्रान्स]]मधून आर्थिक मदत मिळविण्यासाठी त्याला पाठविले. वयाच्या पन्नासाव्या वर्षी पेन युरोपमध्ये परतला आणि पुढे जवळजवळ पंधरा वर्षे तिथे राहिला.<ref name="nelson" /> एडमंड बर्कच्या [[फ्रेंच राज्यक्रांती|फ्रेंच क्रांतिविरोधी]] लिखाणास उत्तर देण्यासाठी 'राईट्स ऑफ मॅन' (मनुष्यप्राण्याचे हक्क) ही दुसरी पुस्तिका त्याने प्रसिद्ध केली.<ref name="hake" /> राजद्रोहाबद्दल अटक होण्याचा धोका निर्माण झाला त्यावेळी थॉमस पेन इंग्लंड सोडून फ्रान्समध्ये आला.<ref name="nelson" /> तिथेही [[सोळावा लुई, फ्रान्स|सोळाव्या लुईचा]] शिरच्छेद करण्यास विरोध केल्यामुळे जहाल [[क्रांतिकारक]] त्याच्यावर नाराज झाले. फ्रान्समधील सत्ता जहालांच्या हाती आल्यानंतर पेनला तुरुंगात टाकण्यात आले व त्याचे फ्रेंच नागरिकत्वही रद्द करण्यात आले.<ref name="nelson" /> पेनच्या शिरच्छेदाची सगळी तयारी झाली होती पण ऐनवेळी फ्रान्समधील अमेरिकन राजदूताने त्याची तुरुंगातून सोडवणूक करून घेतली.<ref name="bernstein" /> [[इ.स. १८०२]] साली पेन अमेरिकेत परतला. अमेरिकन स्वातंत्र्याचा उद्घोष करणाऱ्या पेनला तो अमेरिकन नागरिक नाही या सबबीखाली मतदानाचा हक्कही नाकारण्यात आला.<ref name="nelson" /> यानंतर सात वर्षे दारिद्र्य, शारीरिक व्याधी, सामाजिक बहिष्कार यांना तोंड देत तो जगला. बहात्तराव्या वर्षी [[इ.स. १८०९]] साली तो मेल्यावर त्याला बापाच्या क्वेक्कर पंथियांनी त्यांच्या स्मशानभूमीत गाडण्याची परवानगीही नाकारली.<ref name="conway" /> [[इ.स. १९४५]] साली अखेरीस थॉमस पेनला अमेरिकन नागरिकत्वाचे हक्क मरणोपरांत देण्यात आले.<ref>{{cite journal |last=टॉम्ब |first=मारीयम |title=पेन्स मिसफॉर्च्यून इन न्यू रॉकली: सम मॅटर्स ऑफ क्रोनोलॉजी |journal=बुलेटिन ऑफ थॉमस पेन फ्रेंड्स |date=ऑगस्ट २००९ |url=http://www.thomas-paine-friends.org/touba-mariam_paine-misfortunes.pdf |access-date=१३ ऑक्टोबर २०१२ |archive-url=https://web.archive.org/web/20160305065913/http://www.thomas-paine-friends.org/touba-mariam_paine-misfortunes.pdf |archive-date=५ मार्च २०१६ |url-status=dead}}</ref> == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:पेन, थॉमस}} [[वर्ग:इंग्लिश लेखक]] [[वर्ग:अमेरिकन लेखक]] [[वर्ग:अमेरिकन विचारवंत]] [[वर्ग:इ.स. १७३७ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. १८०९ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] 6nejetsioj83xcyfvvclfkzi07rtccy मीरा (कृष्णभक्त) 0 132550 2710749 2702827 2026-09-19T13:40:27Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710749 wikitext text/x-wiki {{हा लेख|मीरा}} [[मीरा (निःसंदिग्धीकरण)|मीराबाई]] (सु. १४९८ - सु. १५५७) ही राजस्थानातील उच्चकुलीन हिंदू कृष्णभक्त होती. [[वैष्णव पंथ|वैष्णव]] भक्तिपरंपरेतील संतांपैकी ती एक आहे. मीरेची १२००-१३०० भजने उपलब्ध आहेत आणि ती भारतभर प्रसिद्ध असून त्यांची अनेक भाषांतरे झालेली आहेत. आपल्या बहुतांश रचनांमध्ये मीरेने ईश्वराप्रती तिचे असलेले प्रेम व्यक्त केलेले आहे. भारतीय परंपरेत कृष्णाच्या उत्कट स्तुतीपर लाखो भक्तीगीते मीराबाईंच्या नावावर आहेत, परंतु विद्वानांच्या मते त्यापैकी फक्त काही शेकडोच अस्सल आहेत, आणि सर्वात जुन्या लिखित नोंदींवरून असे दिसून येते की, दोन भक्तीगीते वगळता, बहुतेक भक्तीगीते १८ व्या शतकात प्रथम लिहिली गेली होती.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Asceticism|last=हॉली|first=जॉन स्ट्रॅटन|publisher=Oxford University Press|year=2002|isbn=978-0195151381|editor-last=Wimbush|editor-first=Vincent|pages=301-302|editor-last2=Valantasi|editor-first2=Richard}}</ref> मीराबाईंच्या नावावर असलेल्या अनेक कविता कदाचित नंतर मीराबाईंचे प्रशंसक असलेल्या इतरांनी रचल्या असाव्यात. ही भक्तीगीते, ज्यांना भजन असेही म्हटले जाते, संपूर्ण भारतात खूप प्रसिद्ध आहेत.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Krishna: A Sourcebook|url=https://archive.org/details/krishnasourceboo0000unse|last=Bryant|first=Edwin|publisher=Oxford University Press|year=2007|isbn=978-0195148923|page=[https://archive.org/details/krishnasourceboo0000unse/page/254 254]}}</ref> ==जीवन== सध्याच्या राजस्थानातील नागौर जिल्ह्यातील कुडकी गावात एका रजपूत कुटुंबात मीरेचा जन्म झाला. राव दूदाजी हे मीरेचे आजोबा तर मेडतिया जहागिरीचे राठोड असलेले रतनसिंह हे वडील. राव दूदाजी हे मंडसौर वसविणाऱ्या मांडोरच्या राव जोधाजीचे पुत्र होते. बालपणीच झालेल्या मातृवियोगामुळे वैष्णव भक्त असलेल्या राव दूदाजी यांच्या छत्राखाली मीरेचे बालपण व्यतीत झाले. एका आख्यायिकेनुसार लग्नाची एक वरात बघून मीरेने आईला "माझा पती कोण होणार?" असे विचारले असता आईने तिला घरातील कृष्णाच्या मूर्तीपुढे नेले आणि "हा तुझा पती" असे सांगितले होते. मीरेच्या घरी येणाऱ्या एका साधूकडे असलेली कृष्णाची मूर्ती तिला भारी आवडे. ही मूर्ती तिने हट्टाने स्वतःकडे ठेवून घेतली. पुढे तू ईश्वराला खूष ठेवू शकणार नाहीस असे सांगून साधूने ही मूर्ती नेली. मीरा ललिता या मैत्रिणीला व जयमल या चुलतभावाला घेऊन साधूकडे गेली. त्यांनी पाहिले की, साधू देत असलेली कोणतीही गोष्ट ती मूर्ती स्वीकारीत नव्हती. आख्यायिकांमधील काही भेदांनुसार ती मूर्ती रडू लागली. दुसऱ्या दिवशी साधूने मूर्ती मीरेला दिली आणि मग ती कायम तिच्याजवळ राहिली. मीरा 'मूर्तिप्रेमी' बनली. तिने त्या मूर्तीशी स्वतःचे लग्न लावले, असेही सांगितले जाते. [[चित्र:Meerabai 1.jpg|left|thumb|कृष्णाचे भजन गाणारी मीरा]] लहान वयातच चित्तोडच्या राणा संगाचा पुत्र असलेल्या भोजराज याच्याशी मीरेचा विवाह ठरला. कृष्णाशी आपले लग्न झाले आहे असे मानीत असल्याने मीरेला हा विवाह पसंत नव्हता. नव्या घराच्या कुलदैवताची उपासना करण्यास तिने नकार दिला. इ. स. १५२७ मध्ये दिल्लीपतीशी झालेल्या एका लढाईत भोजराज मारला गेला. वयाच्या विशीत मीरेने पाहिलेल्या मृत्यूच्या मालिकेचा हा एक भाग होता. क्षणभंगुर गोष्टी सोडून शाश्वताकडे तिने लक्ष देण्यास सुरुवात केली आणि दुःखाचे रूपांतर निस्सीम आध्यात्मिक भक्तीत केले. विरहाने पोळलेल्या मनाची अवस्था वर्णिणारी तिची भजने याची साक्ष देतात. सुरुवातीला मीरेचे कृष्णप्रेम ही खाजगी बाब होती, पण नंतर ती अत्यानंदाने शहरातील रस्त्यांवर नाचू लागली. चित्तोडचा नव्याने राज्यकर्ता बनलेला विक्रमादित्य हा तिचा दीर तिच्या या वागण्यावर आक्षेप घेऊ लागला. मीरेला विषबाधा करविण्याचे अनेक प्रयत्न विक्रमादित्याने केले असे म्हणले जाते.मीराबाई कृष्णाची भक्ती निर्मल मानाने केली. तिने पतिव्रता जीवन त्यागले होते ==आख्यायिका== [[File:GuruRavida.jpg|thumb|[[चित्तोडगढ|चित्तोडगड]] येथील कुंभा श्याम मंदिरात कोरलेली [[रविदास|गुरू रविदास]] यांची चरणपादुका.]] * प्रसादात विष मिसळून मीरेला मारण्याचा प्रयत्‍न झाला, पण कृष्णाने त्या प्रसादाचे अमृतात रूपांतर केले, असे सांगतात. * मीरेच्या बिछान्यावर लोखंडाचे खिळे लावण्यात आले पण ईश्वरकृपेने खिळ्यांची जागा गुलाबाच्या पाकळ्यांनी घेतली. मीरेच्या एका भजनात याचा उल्लेख आढळतो: "''शूल सेज राणा नै भेजी, दीज्यो मीरां सुलाय / सांझ भई मिरां सोवन लागी, मानों फूल बिछाय.'"'' * फुलांच्या टोपलीत साप लपवून ईश्वराने दिलेली ही भेट आहे असे मीरेला सांगितले. मीरेने टोपली उघडली तेव्हा मात्र टोपलीत फुलांची माळ होती. याच धर्तीवर अनेक गोष्टी सांगितल्या जातात. इ.स. १५३८ च्या सुमारास राजस्थान सोडून मीरा वृंदावनास आली असावी असा अभ्यासकांचा अंदाज आहे. === रविदास मीराच्या गुरूच्या भूमिकेत === कधी काळी मीरेने रैदास यांना आपले गुरू घोषित केले ('गुरू मिलिया रैदासजी') आणि वृंदावन सोडले. कृष्णप्रेमापोटी वेडी झालेल्या ललिता या गोपीचा आपण पुनर्जन्म आहोत असे ती मानू लागली. त्या काळात रूप गोस्वामी हे उच्च प्रतीचे संत मानले जात. मीरेने त्यांच्याशी आध्यात्मिक चर्चा करण्याची इच्छा व्यक्त केली अशी एक आख्यायिका आहे. ब्रह्मचारी असल्याने आपण एका स्त्रीला भेटणार नाही, असा प्रतिसाद तिला मिळाला. यावर श्रीकृष्ण हाच अखिल विश्वातील खरा पुरुष आहे असे उत्तर मीरेने दिले. संपूर्ण उत्तर भारतात कृष्णप्रीतीची भजने गात ती फिरली. गुजरातमधील [[द्वारका]] इथे तिने आयुष्याची अखेरची वर्षे घालविल्याचा अंदाज आहे. द्वारकाधीशाच्या मूर्तीत मीरा विलीन झाली, अशीही आख्यायिका आहे. संतचरित्रे (हॅजिओग्राफी) आणि लोकपरंपरांनुसार, मेवाडच्या राजघराण्यातील राजकुमारी तसेच श्रीकृष्णभक्त संत-कवयित्री मीराबाई या [[रविदास|संत रविदास]] (रैदास) यांच्या शिष्या होत्या. आपल्या आध्यात्मिक साधनेच्या प्रारंभीच्या काळात त्यांची संत रविदास यांच्याशी भेट झाली. मीराबाईंनी त्यांना आपले गुरू मानले आणि त्यांच्याकडून आध्यात्मिक दीक्षा (दीक्षा) घेतल्याची परंपरा प्रचलित आहे. पुढे त्यांनी कबीर यांनाही आपले गुरू मानले. या शिकवणुकीमुळे मीराबाईंच्या भक्तीविषयक विचारांना नवी दिशा मिळाली आणि त्यांच्या आध्यात्मिक साधनेत परिवर्तन झाले, असे मानले जाते. राजस्थानातील चित्तौडगड जिल्ह्यातील मीराबाई मंदिरासमोर संत रविदास यांच्या पादचिन्हांची कोरीव छाप असलेली एक लहान छत्री आहे.लोकपरंपरेनुसार हे स्थळ संत रविदास आणि मीराबाई यांच्या गुरु–शिष्य संबंधाशी जोडले जाते.<ref>{{cite book |last1=Singh |first1=Mahendra |title=Dalit's Inheritance in Hindu Religion |date=2006 |publisher=Gyan Publishing House |isbn=978-81-7835-517-7 |url=https://books.google.com/books?id=2xSZqwkA5VwC&dq=ravidas+foot+print+in+chittorgarh&pg=PA126 |access-date=29 August 2024 |language=en}}</ref> मीराबाईंनी संत रविदासांना आपले गुरू मानून त्यांना समर्पित एक पदही रचल्याचे सांगितले जाते. त्या पदातील काही ओळी पुढीलप्रमाणे आहेत:<blockquote>''सद्गुरू संत मिले रविदास,'' ''मीरा देवकी करे वंदना आस।'' ''जिन चेतन कह्या धन भगवान रविदास॥'' <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Demystifying Brahminism and Re-Inventing Hinduism|last=Satya|first=Shri|date=23 January 2017|publisher=Notion Press|isbn=978-1-946515-54-4|volume=Volume 1 – Demystifying Brahminism}}</ref></blockquote>या पदाचा अर्थ असा होतो की, "संत रविदास यांच्या रूपाने मला सद्गुरू लाभले आणि त्यामुळे माझे जीवन सार्थक झाले."<blockquote>''गरीब, मीरा बाई पद मिली, सतगुरू पीर कबीर।'' ''देह छतां ल्यौ लीन है, पाया नहीं शरीर॥''</blockquote>रविदास यांचा मीराचे गुरू म्हणून असाच उल्लेख कबीर सागरमध्येही आढळतो:<blockquote>''तेरे री लेखै माता चमार है री, मेरा सृजनहार है री ,आरी वै तो मीरां के गुरू रविदास।'' <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Kabir Sagar|last=Yuglanand|first=Swami|publisher=Khemraj Shrikrishandas Prakashan|edition=Khemraj Edition|location=Mumbai|asin=B01CENE1SW}}</ref></blockquote> ==काव्यरचना== ''पदावली'' मध्ये मीरेच्या रचना एकत्रित केलेल्या आहेत. [[राजस्थानी]] आणि [[ब्रज]] भाषेत मीरेच्या रचना आढळतात.मीरेने तयार केलेल्या पदांचा मोठ्या प्रमाणावर प्रचार भारतभर झाला आहे.तिची पदे आजही  गायली जातात. हिने जयदेवाच्या गीत-गोविंद या काव्यरचनेवर आधारित टीका लिहिली. तसेच राग-गोविंद असा ग्रंथही लिहिला आहे.<ref>मध्ययुगीन चरित्र कोश-चित्राव सिद्धेश्वरशास्त्री</ref> ==बाह्य दुवे== *[[भजन]] *[[कृष्ण]] *[[रविदास]] *[[वैष्णव पंथ|वैष्णव]] ==संदर्भ व नोंदी== {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:हिंदू संत]] [[वर्ग:गूढवादी]] [[वर्ग:हिंदी कवयित्री]] cq5brx491l55z2uq7e6qafch7u35cdx डायोड 0 139292 2710781 2703650 2026-09-19T15:11:27Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710781 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} [[डायोड]] हा दोन टोके (टर्मिनल्स) असलेला असा [[इलेक्ट्रॉनिक्स|इलेक्ट्रॉनिक]] घटक आहे, जो प्रामुख्याने एकाच दिशेने [[विद्युत प्रवाह]] वाहू देतो. याचा एका दिशेने विद्युतरोध अत्यंत कमी (आदर्शतः शून्य) असतो, तर उलट दिशेने अत्यंत जास्त (आदर्शतः अमर्याद) असतो.<ref>{{cite book |last=टूली |first=मायकेल |title=इलेक्ट्रॉनिक्स: सर्किट्स अँड सिस्टिम्स |url=https://archive.org/details/flightdynamicspr0000cook |publisher=रूटलेज |year=२००६ |isbn=978-0750669276}}</ref> [[अर्धचालक]] डायोड हा आज सर्वाधिक वापरला जाणारा प्रकार आहे. हा अर्धचालक पदार्थाचा एक स्फटिकमय तुकडा असतो, ज्यामध्ये असलेले [[पी-एन जंक्शन]] दोन विद्युत टर्मिनल्सशी जोडलेले असते.<ref>{{cite book |last=स्ट्रॉस |first=निकोलस |title=सेमीकंडक्टर डिव्हाइसेस |publisher=मॅग्रॉ-हिल |year=२००३}}</ref> जर्मन भौतिकशास्त्रज्ञ [[फर्डिनंड ब्रॉन]] यांनी १८७४ मध्ये धातू आणि खनिजांमधील या गुणधर्माचा शोध लावला.<ref>{{cite news |title=Ferdinand Braun's discovery of semiconductor diode |url=https://www.nobelprize.org/ |publisher=[[नोबेल फाउंडेशन]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> आज बहुतांश डायोड [[सिलिकॉन]]पासून बनवले जातात, परंतु [[गॅलियम आर्सेनाइड]] आणि [[जर्मेनियम]] या पदार्थांचाही वापर केला जातो.<ref>{{cite book |last=बॉयलस्टॅड |first=रॉबर्ट |title=इलेक्ट्रॉनिक डिव्हाइसेस अँड सर्किट थिअरी |publisher=पिअरसन |year=२००९}}</ref> == मुख्य कार्ये == डायोडचे सर्वात सामान्य कार्य म्हणजे विद्युत प्रवाह एकाच दिशेने वाहू देणे आणि उलट दिशेने येणारा प्रवाह रोखणे होय. या प्रक्रियेला दिशानिर्देशन (रेक्टिफिकेशन) म्हणतात. याचा वापर [[प्रत्यावर्ती धारा]] (AC) चे [[एकदिश धारा]] (DC) मध्ये रूपांतर करण्यासाठी केला जातो.<ref>{{cite book |last=हॉरोविझ |first=पॉल |title=द आर्ट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स |publisher=कॅम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=२०१५ |isbn=978-0521809269}}</ref> विशेष कारणांसाठी विविध प्रकारचे डायोड वापरले जातात. उदा. [[जेनर डायोड]] (व्होल्टेज नियंत्रणासाठी), [[लाइट एमिटिंग डायोड]] (प्रकाश उत्सर्जनासाठी), टनेल डायोड आणि ॲव्हलंच डायोड.<ref>{{cite book |last=मालव्हिनो |first=अल्बर्ट |title=इलेक्ट्रॉनिक प्रिन्सिपल्स |publisher=मॅग्रॉ-हिल |year=२०१५}}</ref> == इतिहास == थर्मियोनिक (व्हॅक्यूम-ट्यूब) डायोड आणि सॉलिड-स्टेट (अर्धचालक) डायोड यांचा विकास १९०० च्या दशकाच्या सुरुवातीस रेडिओ रिसीव्हर डिटेक्टर म्हणून झाला.<ref>{{cite book |last=त्यागी |first=एम. एस. |title=इंट्रॉडक्शन टू सेमीकंडक्टर मॅन्युफॅक्चरिंग |publisher=वायली |year=१९९१}}</ref> === व्हॅक्यूम ट्यूब डायोड === १८७३ मध्ये फ्रेडरिक गुथ्री यांनी उष्ण धातूच्या गोळ्यातील धनभारित विद्युतवहनाचा शोध लावला.<ref>{{cite journal |last=गुथ्री |first=फ्रेडरिक |title=ऑन द इलेक्ट्रिकल रिलेशन्स ऑफ हॉट बॉडीज |journal=फिलॉसॉफिकल मॅगझिन |year=१८७३}}</ref> १८८० मध्ये [[थॉमस अल्वा एडिसन|थॉमस एडिसन]] यांनी बल्बमध्ये गरम घटकांमध्ये होणारे वहन पाहिले, ज्याला नंतर 'एडिसन प्रभाव' म्हणून ओळखले गेले.<ref>{{cite patent |country=US |number=307031 |title=Electrical Indicator |author=थॉमस एडिसन |gdate=१८८४}}</ref> == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इलेक्ट्रॉनिक घटक]] [[वर्ग:अर्धचालक]] e2rox0d2fc8v2oxybwz1yplohu21spg शिवणकाम 0 139297 2710779 2703243 2026-09-19T15:09:54Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710779 wikitext text/x-wiki '''शिवणकाम''' ({{lang-en|Sewing}}) म्हणजे दोन कापडाचे तुकडे सुई व दोऱ्याच्या साहाय्याने एकमेकांना जोडणे ही शिवणकामाची ढोबळ व्याख्या आहे.<ref>{{cite book |last=बार्बर |first=ई. जे. डब्ल्यू. |title=प्रीहिस्टोरिक टेक्स्टाइल्स |publisher=प्रिन्सटन युनिव्हर्सिटी प्रेस |year=१९९१ |isbn=978-0691002248}}</ref> शिवणकाम करणाऱ्या व्यक्तीस [[शिंपी]] म्हणतात. शिवणकाम हाताने अथवा यंत्राच्या साहाय्याने करता येते.<ref name="britannica">{{cite web |title=Sewing |url=https://www.britannica.com/topic/sewing |publisher=[[एनसायक्लोपीडिया ब्रिटानिका]] |access-date=१७ ऑगस्ट २०२६}}</ref> हाताने केलेल्या शिवणकामाच्या तुलनेत यंत्राचा वापर करून केलेले शिवणकाम कमी वेळात व अधिक सफाईदार होते, म्हणून मुख्यत्वे [[शिवणयंत्र|शिवणयंत्राचाच]] वापर केला जातो.<ref name="britannica"/> मात्र लहान-सहान शिवणकामासाठी आजही हाताने केलेल्या शिवणकामावर भर दिला जातो. हाताने केलेल्या शिवणकामास [[हातशिलाई]] असे म्हणले जाते. हातशिलाईमध्ये [[धावदोरा]] हा प्रमुख टाका म्हणून वापरला जातो. शिवणकामाचे रीतसर शिक्षण घेताना सरावासाठी आधी हातशिलाई शिकवली जाते व अशा शिक्षित व्यक्तीस शिलाईयंत्राचा सराव करण्यास दिला जातो.<ref>{{cite book |last=रीडर |first=डायजेस्ट |title=न्यू कम्पलीट गाईड टू सीविंग |url=https://archive.org/details/newcompleteguide0000unse_f0b0 |publisher=रीडर्स डायजेस्ट |year=२०१० |isbn=978-1606522080}}</ref> केवळ [[कापड|कपडे]] शिवण्याकरता नव्हे, तर [[चामडे|चामड्याचे]] दोन तुकडे शिवण्याकरता देखील शिवणकाम करतात.<ref name="britannica"/> == मापे घेणे == एखाद्या व्यक्तीचे कपडे शिवण्यापूर्वी, त्या व्यक्तीची मापे घेतली जातात. त्यात उंची, घेर, बाही लांबी आदींचा समावेश असतो. ती मापे नोंदविली जातात. नंतर त्यानुसार कापड बेतले जाते. == कापड बेतणे == एका मोठ्या टेबलावर किंवा सपाट जागी कापड अंथरले जाते. त्यावर उंची, घेर आदी मापे उतरवून व शिलाई माया (मार्जिन) आदी गोष्टी जोडून ते कापड कापले जाते. कापडाच्या बेतण्यावर व कापण्यावरच कपड्याचा आकार ठरतो. एकदा कापलेले कापड नंतर जोडता येत नाही, म्हणून कापड बेतणे हा शिलाईचा महत्त्वाचा टप्पा आहे. कापताना कापडाची घडी असल्यास ते सरकू नये म्हणून त्यास टाचण्या लावण्याची पद्धत आहे. == शिवणकाम == शिलाई यंत्रावर शिवण करणे हे जिकरीचे व कौशल्याचे काम आहे. ते सरावानेच जमते. शिलाई सुरू करण्यापूर्वी जे कापड शिवायचे आहे त्याला अनुरूप धाग्याची निवड (मॅचिंग) करून घेणे गरजेचे असते. कापड शिवल्यानंतर शिवण दिसायला नको अशी समजूत असते. शिलाईदरम्यान शिवणयंत्राने घालण्यात येणाऱ्या टाक्यास 'टीप' असे म्हणतात. ती टीपही कापडास बघून योग्य हवी. जास्त लांब टीप उसवण्याची भीती असते, तर खूप आखूड टीपने त्या ठिकाणाहून कापड (सुईने जवळजवळ छिद्रे पडल्याने) लवकर फाटण्याची शक्यता असते. == लागणारी साधने == शिवणकामास लागणारी साधने: * १) [[खडू]] (चॉक) - कपड्यावर मापांच्या मार्किंगसाठी याचा उपयोग केला जातो. हा वेगवेगळ्या रंगांत मिळतो. * २) कापड बेतण्यासाठी टेबल :* अ - फ्रेंच कर्व्ह: वहीवर आकृती काढताना याचा उपयोग करतात. सरळ रेषा पट्टीच्या साहाय्याने काढाव्यात व गोलाकार काढताना याचा उपयोग करावा. हे लाकडाचे किंवा प्लास्टिकचे असते. :* ब - आकृती काढून झाल्यावर तशीच दुसरी आकृती काढायची असल्यास पहिली आकृती त्यावर ठेवून चिरणी (व्हील) फिरवल्याप्रमाणे ट्रेसिंग व्हील आकृतीच्या कडेने फिरवावे, म्हणजे खाली तशाच आकृतीच्या खुणा उमटतात. * ३) मोठी स्केल [एल (L) या अक्षराच्या आकाराची] - आकृती काढण्यासाठी पट्टीचा वापर करावा. शक्यतो पट्टी लाकडी असावी म्हणजे तिचा वापर कापडावर मापे घ्यायला उपयोगी पडतो. * ४) टाचण्या - कापड कापताना ते सरकू नये म्हणून टाचण्यांचा उपयोग करतात. * ५) कापडास अनुरूप दोरा - शिवताना ज्या प्रकारचा कपडा घेतला असेल त्याला योग्य असाच दोरा वापरावा. कपडा रंगीत असल्यास त्यासाठी वापरणारा दोरा त्या कापडापेक्षा किंचित गडद रंगाचा असावा. * ६) लांब पात्याची कात्री * ७) [[शिवणयंत्र|शिलाईयंत्र]] * ८) कापडाची जाडी बघून त्यानुसार मशीनची सुई : अ. मशीनची सुई – मशीनची ९ क्रमांकाची सुई बारीक असते व १४ क्रमांकाची जाड असते. : ब. हातसुई – हातसुयांचे वेगवेगळे नंबर असतात. * ९) बटणे * १०) [[इस्त्री]] - ही लोखंडी व इलेक्ट्रिक असते. परंतु आजकाल इलेक्ट्रिक इस्त्रीचा वापर जास्त प्रमाणात केला जातो. कोणताही कपडा शिवण्याआधी त्याला इस्त्री करून घ्यावी. कापडाला कॅनवास चिकटवण्यासाठी इस्त्रीचा वापर केला जातो. '''आकृती टेबल''':- कापड बेतण्यापूर्वी या आकृती-टेबलावर वारंवार आकृत्या काढाव्यात; म्हणजे चांगल्या वळणदार आकृत्या काढण्यास मदत होते. यावर बनतीचे कापड ठेवावे व त्यावर आकृत्या काढाव्यात. आकृत्या काढण्यापूर्वी टेलर्स चॉक व्यवस्थित तासावा, म्हणजे आकृतीच्या रेषा चांगल्या बारीक येतील. आपणास सोयीस्कर एवढ्या उंचीचे टेबल असावे. टेबलाची लांबी – रुंदी अंदाजे ८३.५ सेमी * १३७ सेमी असावी. '''बनत''':- लोकरीचे गरम कापड. याचा वापर आकृती काढण्यासाठी करतात; रंग काळा असावा. जमीन अथवा टेबल यासारख्या सपाट पातळीवर हे अंथरावे. जमीन अथवा टेबलाची पातळी खडबडीत असल्यास आकृत्या चांगल्या येणार नाहीत. कापडाच्या कडेने पायपिंग लावावी; अथवा हे कापड टेबलावर कायमचे लावून टाकलेले असावे. त्या टेबलाचा उपयोग आकृत्या काढण्यासाठीच करतात. == टाक्यांचे प्रकार == '''टॅकिंग (Tacking)''' सर्वसाधारणपणे हा प्रथम शिकवला जाणारा टाका आहे. कपडा शिवण्यास घेतला म्हणजे प्रथम याचा उपयोग करतात. टाका घालतेवेळी सुई सरळ ठेवून कपड्यावरील टाका मोठा व दोन टाक्यांमधील कापडाचे अंतर त्यापेक्षा कमी अशा रीतीने घालावा. पक्की शिवण घालीपर्यंत अथवा मशीन मारीपर्यंत घालावयाचा असा हा तात्पुरता टाका आहे. परंतु केवळ हा तात्पुरता टाका आहे म्हणून तो घालताना दुर्लक्ष करू नये, कारण कोणताही कपडा संपूर्ण झाला म्हणजे त्याची सुबकता आणि सौंदर्य ही बऱ्याच अंशी प्रथम काळजीपूर्वक घालण्यात आलेल्या टॅकिंगवर अवलंबून असते. काम संपल्यावर टॅकिंगचा दोरा काढून टाकताना तो सहज काढता यावा यासाठी मुद्दाम कच्चा दोरा वापरावा. टाक्यांची लांबी ही तो टाका जेथे घालावयाचा असेल त्यावर अवलंबून असते.<ref>{{cite book |last=स्मिथ |first=ॲलिसन |title=द सीविंग बुक |publisher=डीके पब्लिशिंग |year=२००९ |isbn=978-0756642808}}</ref> '''हेमिंग / तुरपाई (Hemming)''' हा साध्या टाक्यांतील एक प्रकार. हा व्यवस्थित घातला तर कपड्याच्या आकर्षकतेत विशेष भर पडते. टाक्यांची दिशा सारख्या प्रमाणात तिरकस असावी व टाके आकाराने सारखे असावेत. हा टाका अतिशय उपयुक्त आहे. याचा उपयोग कपड्याच्या हातावर, गळ्यावर व खालील घेरावर विशेष केला जातो, कारण हा बळकट टाका आहे. टाका दोन्ही बाजूंनी सफाईदार असावा.<ref>{{cite book |last=स्मिथ |first=ॲलिसन |title=द सीविंग बुक |publisher=डीके पब्लिशिंग |year=२००९ |isbn=978-0756642808}}</ref> == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:शिवणकाम]] [[वर्ग:हस्तकला]] itxk1k10kswi8ko18cd710k9xe3cjub २००५ विंबल्डन स्पर्धा 0 143348 2710759 2704760 2026-09-19T14:28:47Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710759 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट ग्रँड स्लॅम स्पर्धा|2005|विंबल्डन स्पर्धा| | date=२० जून - ३ जुलै | edition=११९ | champms={{flagicon|SUI}} [[रॉजर फेडरर]] | champws={{flagicon|USA}} [[व्हीनस विल्यम्स]] | champmd={{flagicon|AUS}} स्टीफन हस / {{flagicon|RSA}} वेस्ली मूडी | champwd={{flagicon|ZIM}} [[कारा ब्लॅक]] / {{flagicon|RSA}} [[लिझेल ह्युबर]] | champxd={{flagicon|FRA}} [[मेरी पीयर्स]] / {{flagicon|IND}} [[महेश भूपती]] }} '''२००५ विम्बल्डन''' '''स्पर्धा''' ही [[युनायटेड किंग्डम|युनायटेड किंगडममधील]] [[लंडन]] येथील [[विंबल्डन|विम्बल्डनमधील]] [[ऑल इंग्लंड लॉन टेनिस अँड क्रोके क्लब|ऑल इंग्लंड लॉन टेनिस आणि क्रोकेट क्लबमध्ये]] गवताच्या कोर्टवर खेळली गेलेली एक टेनिस स्पर्धा होती.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=The Bud Collins History of Tennis|url=https://archive.org/details/budcollinshistor0000coll|last=Collins|first=Bud|publisher=New Chapter Press|year=2010|isbn=978-0942257700|edition=2nd|location=New York}}</ref><ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Wimbledon: The Official History|url=https://archive.org/details/wimbledonofficia0000barr_t3d6|last=Barrett|first=John|publisher=Vision Sports Publishing|year=2014|isbn=9-781909-534230|edition=4th}}</ref> ही [[विंबल्डन टेनिस स्पर्धा|विम्बल्डन]] [[विंबल्डन टेनिस स्पर्धा|स्पर्धाची]] ११९ वी आवृत्ती होती आणि ती २० जून ते ३ जुलै २००५ दरम्यान आयोजित करण्यात आली होती. ही वर्षातील तिसरी [[ग्रँड स्लॅम (टेनिस)|ग्रँड स्लॅम]] टेनिस स्पर्धा होती. [[रॉजर फेडरर|रॉजर फेडररने]] सलग दुसऱ्या वर्षी अंतिम सामन्यात [[अँडी रॉडिक|अँडी रॉडिकला]] हरवून पुरुष एकेरीचे विजेतेपद यशस्वीपणे राखले. [[मारिया शारापोव्हा]] २००४ च्या विजेतेपदाच्या बचावात अयशस्वी ठरली, उपांत्य फेरीत अंतिम विजेती [[व्हीनस विल्यम्स|व्हीनस विल्यम्सकडून]] तिचा पराभव झाला. विल्यम्स आणि [[लिंडसे डॅव्हेनपोर्ट|लिंडसे डॅव्हनपोर्ट]] यांच्यात इतिहासातील सर्वात लांब महिलांचा अंतिम सामना खेळला गेला. == बिंदू आणि बक्षीस रकमेचे वितरण == === बिंदू वितरण === स्पर्धेतील प्रत्येक प्रकाराच्या गुणांचे वितरण दर्शवणारे तक्ते खाली दिले आहेत. ==== सिनियर बिंदू ==== {| class="wikitable" style="font-size:90%;text-align:center" | style="width:130px; background:#dfe2e9;" |'''कार्यक्रम''' | style="width:85px; background:lime;" |विजेता | style="width:85px; background:thistle;" |अंतिम फेरीतील स्पर्धक | style="width:85px; background:#ff0;" |उपांत्य फेरीतील स्पर्धक | style="width:85px; background:#ffebcd;" |उपांत्यपूर्व फेरीतील स्पर्धक | style="width:85px; background:#afeeee;" |१६ चा राऊंड | style="width:85px; background:#afeeee;" |३२ चा राऊंड | style="width:85px; background:#afeeee;" |६४ चा राऊंड | style="width:85px; background:#afeeee;" |१२८ चा राऊंड | style="width:60px; background:#ffffff;" |पात्रता फेरी | style="width:60px; background:#ffffff;" |तिसरी पात्रता फेरी | style="width:60px; background:#ffffff;" |दुसरी पात्रता फेरी | style="width:60px; background:#ffffff;" |पहिली पात्रता फेरी |- ! style="background:#ededed;" |पुरुष एकेरी | rowspan="2" |१००० | rowspan="2" |७०० | rowspan="2" |४५० | rowspan="2" |२५० | rowspan="2" |१५० | rowspan="2" |७५ |३५ |५ | rowspan="2" |१२ |८ |४ |० |- ! style="background:#ededed;" |पुरुषांची दुहेरी |०|{{n/a}} |{{n/a}} |० |० |- ! style="background:#ededed;" |महिला एकेरी | rowspan="2" |६५० | rowspan="2" |४५६ | rowspan="2" |२९२ | rowspan="2" |१६२ | rowspan="2" |९० | rowspan="2" |५६ |३२ |२ | rowspan="2" |३० |२१ |१२.५ |४ |- ! style="background:#ededed;" |महिला दुहेरी |०|{{n/a}} |{{n/a}} |० |० |} == बाह्य दुवे == *[http://www.wimbledon.com/en_GB/index.html अधिकृत संकेतस्थळ] {{कॉमन्स वर्ग|2005 Wimbledon Championships|{{लेखनाव}}}} {{विंबल्डन स्पर्धा}} klk1m82c1wtl041lqwhdaxkya7ylrt8 छत्रपती संभाजीनगर रेल्वे स्थानक 0 164332 2710878 2624482 2026-09-20T04:14:58Z ~2026-50689-54 187588 /* */ बदल केला 2710878 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट रेल्वे स्थानक | नाव = '''छत्रपती संभाजीनगर रेल्वे स्थानक''' | स्थानिकभाषा = मराठी | cta_header = | प्रकार = [[दक्षिण मध्य रेल्वे]] स्थानक''' | style = | चित्र = Aurangabad_railway_station_(6).jpg | चित्ररुंदी = | चित्रवर्णन = छत्रपती संभाजीनगर रेल्वे स्थानक इमारत | पत्ता = स्टेशन रोड, पद्मपुरा, [[छत्रपती संभाजीनगर]] - ४३१००१, [[छत्रपती संभाजीनगर जिल्हा]] | उंची = | मार्ग = [[मनमाड−सिकंदराबाद रेल्वेमार्ग]] | जोडमार्ग = | अंतर = | इमारत = | फलाट = ५ | विद्युतीकरण = होय | उद्घाटन = | ADA = | संकेत = CSN | मालकी = [[भारतीय रेल्वे मंत्रालय|रेल्वे मंत्रालय]], [[भारतीय रेल्वे]] | चालक = | विभाग = [[दक्षिण मध्य रेल्वे]] | map_type = महाराष्ट्र | map dot label = छत्रपती संभाजीनगर | latd= 19 | latm= 51 | lats= 36 |latNS= N | longd= 75 | longm= 18 | longs= 36 |longEW= E |name=}} '''छत्रपती संभाजीनगर रेल्वे स्थानक''' (Chhatrapati Sambhajinagar Railway Station) हे [[छत्रपती संभाजीनगर]] शहरामधील प्रमुख [[रेल्वे स्थानक]] आहे. हे स्थानक [[दक्षिण मध्य रेल्वे]]च्या [[मनमाड रेल्वे स्थानक|मनमाड]]-[[सिकंदराबाद रेल्वे स्थानक|सिकंदराबाद]] मार्गावरील एक महत्त्वाचे स्थानक असून अनेक लांब पल्ल्याच्या रेल्वेगाड्या येथे थांबतात. ==महत्त्वाच्या रेल्वेगाड्या== *[[छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस]]-[[जालना रेल्वे स्थानक|जालना]] [[मुंबई छशिमट–जालना जन शताब्दी एक्सप्रेस|जन शताब्दी एक्सप्रेस]] *[[छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस]]-[[लिंगमपल्ली रेल्वे स्थानक|लिंगमपल्ली]] [[देवगिरी एक्सप्रेस]] *[[छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस]]-[[हुजूर साहेब नांदेड रेल्वे स्थानक|नांदेड]] [[तपोवन एक्सप्रेस]] *[[अमृतसर रेल्वे स्थानक|अमृतसर]]-[[हुजूर साहेब नांदेड रेल्वे स्थानक|नांदेड]] एक्सप्रेस *[[मनमाड रेल्वे स्थानक|मनमाड]]-[[धर्माबाद]] मराठवाडा एक्सप्रेस *[[मनमाड रेल्वे स्थानक|मनमाड]]-[[सिकंदराबाद रेल्वे स्थानक|सिकंदराबाद]] [[अजिंठा एक्सप्रेस]] *[[छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस]]-[[बल्हारशाह रेल्वे स्थानक|बल्हारशाह]] [[नंदीग्राम एक्सप्रेस]] {{महाराष्ट्रातील रेल्वे स्थानके|state=collapsed}} [[वर्ग:छत्रपती संभाजीनगरमधील वाहतूक|रे]] [[वर्ग:छत्रपती संभाजीनगर जिल्ह्यामधील रेल्वे स्थानके]] 233oju7c206g353jgbvgx1rqttny375 त्रिशुंड गणपती मंदिर 0 185527 2710917 2700861 2026-09-20T08:23:29Z ~2026-50634-80 187598 /* */ 2710917 wikitext text/x-wiki त्रिशुंड्या गणपती हे [[पुणे|पुण्यातील]] [[सोमवार पेठ, पुणे|सोमवार पेठेत]] असलेले एक मंदिर आहे. पुण्यातील सर्व [[गणपती]] मंदिरांमधले शिल्पकलेने नटलेले हे सर्वोत्तम देऊळ आहे. हे मंदिर गिरी गोसावी पंथाचे आहे. ह्या तीन सोंड्या गणपतीच्या देवळातल्या मूर्तीच्या खाली तळघरात मंदिराचे संस्थापक महंत श्री दलपतगिरी गोसावी महाराज यांची समाधी आहे. मूर्तीवर अभिषेक केला की, तळघरात असलेल्या समाधीवर ते जल ओघळते. हे मंदिर गिरिगोसावी पंथीयांच्या तंत्रमार्गीयांचे असल्याने सर्वसामान्य भाविकजन इथे फिरकत नव्हते. मंदिरात सध्याची मुख्य मूर्ती त्रिशुंड गजाननाची असली तरी शिवमंदिर उभारण्याची मूळ कल्पना असावी. ==मंदिराचा इतिहास== हे मंदिर भीमगीरजी गोसावी महंतानी २६ ऑगस्ट १७५४ रोजी बांधून पूर्ण केले. त्यांचे वंशज इंदूरला घामपूर गावात राहत. सरकारी नोंदीत इ.स. १९१७ पर्यंत मंदिराला मालकच नव्हता. मंदिरासमोर असलेल्या झाडाची एक फांदी जवळच्या नेर्लेकर यांच्या घरावर गेली म्हणून त्यांनी पालिकेत तक्रार केली; तेव्हा पालिकेने चौकशी केली. मंदिराचे मालक इंदूरला गोसावी नावाचे गृहस्थ असल्याचे समजले. त्यांना इंदूरहून बोलावून आणले. त्यांनी झाड समूळ तोडून टाकले. नंतर मंदिराच्या पुढच्या भागात लाकडाची वखार चालू केली; तर मंदिराच्या सभामंडपाला कोळशाचे गोदाम केले. पुढे ही वखार कुलकर्णी नावाच्या मित्राला देऊन ते इंदूरला निघून गेले. १९४५ साली वहिवाटदार म्हणून कैलासगीर गोसावींचे नाव लागले. पण, कागदोपत्री पुरावा देता न आल्याने त्यांचा मंदिरावरचा हक्क गेला. सन १९८५ साली मंदिराच्या देखभालीसाठी एक ट्रस्ट स्थापन झाला.{{संदर्भ हवा}} ==मंदिराची रचना== मंदिराची मांडणी करताना वर मंदिर व खाली तळघर, समाधी व हठयोग्यांची पाठशाळा चालावी, अशी योजना होती. सर्व दिनचर्येची सोय तळघरात होती. प्रातर्विधीसाठी नागझरीजवळ जाण्याची भुयारी पाऊलवाट होती. विहिरीच्या भिंतीत पाण्याच्या पातळीवर एक मोठी खोली होती. तेथे तंत्रसाधकांच्या प्रमुख गुरुवर्यांसाठी स्नानाचा संगमरवरी चौरंग होता. तळघरातील खोल्यांना दरवाजे व खोल्यांच्या भिंतींना कोनाडे आहेत. खोलीच्या छताला दगडात दोन खाचा असून त्या खोबणीतून दोराच्या साह्याने छताला उलटे टांगून घेऊन पेटत्या निखाऱ्यावर काही ठराविक वनस्पतींचा धूर करून तो तोंडावर घ्यावयाचा, हा धूर साधनेचा विधी असे.{{संदर्भ हवा}} मंदिराचे गर्भगृह, दर्शनमंडप, सभामंडप असे तीन भाग आहेत. मंदिर जमिनीपासून साडेतीन फूट उंच चौथऱ्यावर आहे. सभामंडप व मूळ गर्भगृह खोलवर आहे. ==मंदिरातील मूर्ती== गर्भगृहात गजाननाच्या मूर्तीमागे जो कोनाडेवजा भाग आहे. त्यात शेषशायी भगवानांची एक साडेतीन फूट उंचीची रेखीव मूर्ती आहे, पण गर्भगृहातील अंधार व गणेशमूर्तीमुळे ती दिसत नाही. गणपतीच्या मूर्तीची मूर्तीची बैठक चौकोनी असून मयूरावर त्रिशुंड गणपती बसलेला आहे. तीन शुंडांपैकी उजवी सोंड खालच्या हातात असलेल्या मोदकपात्रास स्पर्श करीत आहे. मधली सोंड पोटावर रुळत आहे आणि डावी सोंड डाव्या मांडीवर बसलेल्या शक्तीच्या हनुवटीस स्पर्श करीत आहे. ==मंदिरातील अन्य शिल्पे== कोरीव लेणे वाटावे असा मंदिराचा दर्शनी भाग आहे. तसेच आतील प्रत्येक दार हे शिल्पकलेचा अजोड नमुना आहे. मुख्य प्रवेशद्वाराबाहेरील दोन्ही बाजूंस बंदूकधारी इंग्रज शिपाई गेंड्याला साखळदंडाने बांधून उभे आहेत, असे शिल्प आहे. साम्राज्यवादी इंग्रजांनी बंगाल गिळायला सुरुवात केली त्याचे रूपक म्हणून बंगाल व आसामच्या प्रतीकाला-गेंड्याला जेरबंद दाखविलेले असावे. मंदिराला शिखर नाही. वरच्या बाजूस कासव आहे. कदाचित वर शिवलिंग स्थापण्याची मूळ कल्पना अर्धवट राहिली असावी. मंदिरावर शिखराऐवजी एकावर एक अशी शिवलिंगे आहेत. (अपूर्ण) [[वर्ग:पुणे]] [[वर्ग:पुणे परिसरातील पर्यटन स्थळे]] [[वर्ग:पुण्यातील मंदिरे]] [[वर्ग:गणपती]] qrngk2icfiympbi84ir7hzm96fuq8gk द मिराज 0 190588 2710819 2692815 2026-09-19T17:02:13Z अभय नातू 206 /* इतिहास */ 2710819 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''द मिराज''' हे [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] [[लास व्हेगस]] शहरातील आलिशान हॉटेल होते. ३,०४४ खोल्यांचे हे हॉटेल पॉलिनेशियन थीम{{मराठी शब्द सुचवा}}ने बांधण्यात आले होते.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://digitalscholarship.unlv.edu/cgi/viewcontent.cgi?article=1653&context=thesesdissertations|प्रकाशक= युनिव्हर्सिटी ऑफ नेवाडा, लास वेगास|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= सनराईझ सनसेट? कम्पेरिंग दि लास वेगास अँड मकाऊ गेमिंग मार्केट्स इन २०१० |भाषा=इंग्लिश}}</ref> हे रिझॉर्ट [[स्टीव्ह विन]] या विकसकाने बांधले. नंतर त्याची मालकी [[एमजीएम रिझॉर्ट्‌स इंटरनॅशनल]] या कंपनीकडे गेली. मिराज, ट्रेझर आयलंड हॉटेल आणि कसीनो हे दुसरे हॉटेल यांच्या दरम्यान फुकट ट्रामसेवा आहे. ==इतिहास == {{बदल}} या हॉटेलची रचना जोएल बर्गमन यांनी केली. २२ नोव्हेंबर १९८९ रोजी हे हॉटेल सुरू झाले. स्टीव्ह विन यांनी हे पहिले रिझॉर्ट कास्तावेझ यांच्या मूळ मालकीच्या जागेवर बांधले; त्यापूर्वी त्या जागेवर [[रेड रूस्टर नाइट क्लब]] अस्तित्वात होता. १९८० मध्ये [[स्टीव विन]] यांनी आपले मित्र रोजर थॉमस यांना या प्रकल्पात सहभागी होण्यासाठी आमंत्रित केले. या दोघांनी मिळून लास व्हेगस येथे इतर हॉटेलांपेक्षा पूर्णपणे वेगळ्या आणि भव्य अशा पहिल्या हॉटेल व कॅसिनो मनोरंजन केंद्राची उभारणी केली. मिराज हॉटेल हे अत्यंत खर्चिक असे हॉटेल व कॅसिनो मनोरंजन केंद्र होते. याच्या उभारणीचा खर्च ६३ कोटी डॉलर इतका होता. या हॉटेलच्या खिडक्यांच्या काचांवर सोन्याचा मुलामा देण्यात आला असून त्यांना आकर्षक छटा देण्यात आल्या आहेत. लास व्हेगसमध्ये आधुनिक रिझॉर्ट संस्कृती सुरू केल्याबद्दल स्टीव्ह विन यांना ''आधुनिक लास व्हेगासचे जनक'' मानले जाते. १९७०च्या दशकापर्यंत अमेरिकेतील [[अटलांटिक सिटी]] ([[न्यू जर्सी]]) हे जुगार व मनोरंजनाचे प्रमुख केंद्र मानले जात होते. मिराज हॉटेल आणि कॅसिनोच्या स्थापनेमुळे लास व्हेगस हे जागतिक दर्जाचे आधुनिक मनोरंजनाचे मुख्य केंद्र बनले. या हॉटेलमधील सर्व परिसर चोवीस तास सुरक्षा कॅमेऱ्यांच्या (सीसीटीव्ही) देखरेखीखाली सुरक्षित करण्यात आला आहे.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://www.cleartrip.com/hotels/united-states/las-vegas/|प्रकाशक=क्लियरट्रिप.कॉम|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३ एप्रिल २०१६|शीर्षक=लास वेगास हॉटेल, दी मिराज|भाषा=इंग्लिश}}</ref> == इतर माहिती == सन १९९० ते २००३ या सालांपर्यंत सेजफ्रिड आणि रॉय ही शोजची केंद्रे होती. या दोघांचे एकत्रीकरण झाले आणि त्याचा उपयोग जादूचे प्रयोग आणि जंगली प्राण्यांच्य शो यांसाठी होऊ लागला. या शोमध्ये वापरल्या जाणाऱ्या एका सफेद वाघाने रॉय हॉर्न यांच्यावर हल्ला केला आणि त्यात ते जखमी झाले त्यामुळे सन २००३मध्ये हा शो बंद केला. सन १९९३मध्ये मिराज हॉटेलच्या अधिपत्याखाली Cirque du Soleil show Nouvelle Expérience नावाचा कार्यक्रम मिराज हॉटेलच्या वाहनतळावरील एका विभागातील तंबूत चालू केला.. त्याच वेळी सर्क यांना जवळच्याच ट्रेझर आयलंड वर रिझॉर्ट उभारणीसाठी बोलाविले. शेवटी त्यांनी लास वेगास येथे ‘मिराज लव्ह’ चालू केले. या मिराज लव्हमध्ये Cirque du Soleil show Nouvelle Expérience नावाचा कार्यक्रम कायम सुरू असतो.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://www.reviewjournal.com/lvrj_home/2003/Jun-17-Tue-2003/news/21544998.html|प्रकाशक= रिव्ह्यूजर्नल.कॉम|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= मायस्टेरी वर्कर रिकॉल्स अनसर्टन टाईम्स ड्यूरिंग शोज बर्थ |भाषा=इंग्लिश}}</ref> सन २००४मध्ये मिराज हॉटेल जवळील तंबू डॅनी गान्स यांनी घेतला आणि तेही मनोरंजनाचे आकर्षण झाले. डिसेंबर २००६मध्ये त्यांनी बीटल्स या थीमवर REVOLUTION ultra-lounge उघडले. किर्कुए दु सोलैल यांच्या लाइट ग्रुपने चालविलेल्या नाइटलाईफ केंद्रात सामील होण्याची ती पहिलीच वेळ होती. ==सध्याची परिस्थिति == आन्कोर कोर लास वेगासचे शो मध्ये सामील होण्यासाठी फेब्रुवारी 2009 मध्ये गान्स यांनी मिरेज सोडले.गोल्डन नुग्गेट कसिनो नंतर नोवेंबर 2012 मध्ये मिरेज कसिनो हे लास वेगासचे दुसरे गेओफ्फ हाल्स ब्लॅक जॅक हे फ्री बेट ब्लॅक जॅक पेक्षा भिन्न झाले.सन 2014 मध्ये मिरेजचा अमेझिंग रेस 24 मध्ये भाग होता की जेथे मिरेज इतर संघात “आय” हे ओळख साधन होते. <ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://biz.yahoo.com/prnews/080417/lath539.html?.v=4|प्रकाशक= |अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= डॅनी गन्स टू स्टार इन द न्यु एन्कोर थेटर इन २००९ {{मृत दुवा}}|भाषा=इंग्लिश}}</ref> सन २०१५मध्ये MGM रिसॉर्ट इंटरनॅशनलने मिराज आणि इतर मालमत्तेचे स्थायी मालमत्तेत रूपांतर करून त्याचा गुंतवणूक ट्रस्ट करण्याची घोषणा केली. MGM हे मिराज पुढे चालू राहिले. ==आकर्षित करणाऱ्या बाबी== शेगफ्राइड आणि रॉयची सिक्रेट गार्डन आणि डॉल्फिन हबिटट ! मंनी कामांनो यांनी या गार्डनचा आराखडा केला. संध्याकाळी ७, ८ आणि ९ वाजता कृत्रिम ज्वालामुखी बनवितात आणि ते शुक्रवारी आणि शनिवारी मोकळ्या आवारात उडविले जातात. हॉटेलचे दर्शनी भागात असलेली उंचच्या उंच पामची झाडे, पाण्याचा प्रवाह व कारंजे या गोष्टी हॉटेलची शोभा वाढवितात. ५३ फूट लांब ८ फूट उंच आकाराच्या नोंदणी मेजच्या पाठीमागील मत्स्यालयातील १००० मासे म्हणजे एक नमूना आहे. लव्ह हा किर्कुए दू सोलैल यांचे थिएटर उत्पादनात बीटल्स यांची रीमिक्स समाविष्ट आहेत. अमेरिकेचा गोट टॅलेंट जिंकल्यानंतर टेरी फॅक्टर हे वस्तुसंग्रहालय झाले. “1ओक” 16000 sq.ft. न्यू यॉर्क सारखा नाईट क्लब आहे. दोन स्वतंत्र विभागात स्वतंत्र घडामोडी घडतात अशी या या स्थानाचे वैशिष्ट्य आहे. शिवाय येथे किमान ४०० माणसे हिंडू शकतील अशी ४००० चौरस फुटांची मोकळेपणे हिंडण्यासाठी जागा आहे..<ref>{{स्रोत बातमी|दुवा=http://www.mirage.com/nightlife/the-beatles-revolution-lounge.aspx|प्रकाशक=म जी म|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title=एमजीएम रिव्होल्युशन बायो पेज {{मृत दुुवा}}|भाषा=इंग्लिश|archive-date=2015-09-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20150929063150/http://www.mirage.com/nightlife/the-beatles-revolution-lounge.aspx|url-status=dead}}</ref> ==खेळ व्रत्त == 7 डिसेंबर 1989 – शुगर राय लियोनार्ड विरुद्द रोबर्ट दुरान 3 25 ऑक्टोबर 1990 – एवंडर होलिफील्ड विरुद्द बस्टर डगलस 18 मे 1996 –फेलिक्स त्रिणीदाद विरुद्द फ्रेद्दी पेंडलेटण ==संदर्भ== 36hcyfeggnttlp770elkeq71rrw20l7 2710820 2710819 2026-09-19T17:02:15Z KiranBOT II 140753 शुद्धलेखन — अंक व शब्दामधील जागा काढली ([[सदस्य:KiranBOT II/typos#अंक व शब्दामधील जागा|अधिक माहिती]]) 2710820 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''द मिराज''' हे [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] [[लास व्हेगस]] शहरातील आलिशान हॉटेल होते. ३,०४४ खोल्यांचे हे हॉटेल पॉलिनेशियन थीम{{मराठी शब्द सुचवा}}ने बांधण्यात आले होते.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://digitalscholarship.unlv.edu/cgi/viewcontent.cgi?article=1653&context=thesesdissertations|प्रकाशक= युनिव्हर्सिटी ऑफ नेवाडा, लास वेगास|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= सनराईझ सनसेट? कम्पेरिंग दि लास वेगास अँड मकाऊ गेमिंग मार्केट्स इन २०१० |भाषा=इंग्लिश}}</ref> हे रिझॉर्ट [[स्टीव्ह विन]] या विकसकाने बांधले. नंतर त्याची मालकी [[एमजीएम रिझॉर्ट्‌स इंटरनॅशनल]] या कंपनीकडे गेली. मिराज, ट्रेझर आयलंड हॉटेल आणि कसीनो हे दुसरे हॉटेल यांच्या दरम्यान फुकट ट्रामसेवा आहे. ==इतिहास == {{बदल}} या हॉटेलची रचना जोएल बर्गमन यांनी केली. २२ नोव्हेंबर १९८९ रोजी हे हॉटेल सुरू झाले. स्टीव्ह विन यांनी हे पहिले रिझॉर्ट कास्तावेझ यांच्या मूळ मालकीच्या जागेवर बांधले; त्यापूर्वी त्या जागेवर [[रेड रूस्टर नाइट क्लब]] अस्तित्वात होता. १९८० मध्ये [[स्टीव विन]] यांनी आपले मित्र रोजर थॉमस यांना या प्रकल्पात सहभागी होण्यासाठी आमंत्रित केले. या दोघांनी मिळून लास व्हेगस येथे इतर हॉटेलांपेक्षा पूर्णपणे वेगळ्या आणि भव्य अशा पहिल्या हॉटेल व कॅसिनो मनोरंजन केंद्राची उभारणी केली. मिराज हॉटेल हे अत्यंत खर्चिक असे हॉटेल व कॅसिनो मनोरंजन केंद्र होते. याच्या उभारणीचा खर्च ६३ कोटी डॉलर इतका होता. या हॉटेलच्या खिडक्यांच्या काचांवर सोन्याचा मुलामा देण्यात आला असून त्यांना आकर्षक छटा देण्यात आल्या आहेत. लास व्हेगसमध्ये आधुनिक रिझॉर्ट संस्कृती सुरू केल्याबद्दल स्टीव्ह विन यांना ''आधुनिक लास व्हेगासचे जनक'' मानले जाते. १९७० च्या दशकापर्यंत अमेरिकेतील [[अटलांटिक सिटी]] ([[न्यू जर्सी]]) हे जुगार व मनोरंजनाचे प्रमुख केंद्र मानले जात होते. मिराज हॉटेल आणि कॅसिनोच्या स्थापनेमुळे लास व्हेगस हे जागतिक दर्जाचे आधुनिक मनोरंजनाचे मुख्य केंद्र बनले. या हॉटेलमधील सर्व परिसर चोवीस तास सुरक्षा कॅमेऱ्यांच्या (सीसीटीव्ही) देखरेखीखाली सुरक्षित करण्यात आला आहे.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://www.cleartrip.com/hotels/united-states/las-vegas/|प्रकाशक=क्लियरट्रिप.कॉम|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३ एप्रिल २०१६|शीर्षक=लास वेगास हॉटेल, दी मिराज|भाषा=इंग्लिश}}</ref> == इतर माहिती == सन १९९० ते २००३ या सालांपर्यंत सेजफ्रिड आणि रॉय ही शोजची केंद्रे होती. या दोघांचे एकत्रीकरण झाले आणि त्याचा उपयोग जादूचे प्रयोग आणि जंगली प्राण्यांच्य शो यांसाठी होऊ लागला. या शोमध्ये वापरल्या जाणाऱ्या एका सफेद वाघाने रॉय हॉर्न यांच्यावर हल्ला केला आणि त्यात ते जखमी झाले त्यामुळे सन २००३मध्ये हा शो बंद केला. सन १९९३मध्ये मिराज हॉटेलच्या अधिपत्याखाली Cirque du Soleil show Nouvelle Expérience नावाचा कार्यक्रम मिराज हॉटेलच्या वाहनतळावरील एका विभागातील तंबूत चालू केला.. त्याच वेळी सर्क यांना जवळच्याच ट्रेझर आयलंड वर रिझॉर्ट उभारणीसाठी बोलाविले. शेवटी त्यांनी लास वेगास येथे ‘मिराज लव्ह’ चालू केले. या मिराज लव्हमध्ये Cirque du Soleil show Nouvelle Expérience नावाचा कार्यक्रम कायम सुरू असतो.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://www.reviewjournal.com/lvrj_home/2003/Jun-17-Tue-2003/news/21544998.html|प्रकाशक= रिव्ह्यूजर्नल.कॉम|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= मायस्टेरी वर्कर रिकॉल्स अनसर्टन टाईम्स ड्यूरिंग शोज बर्थ |भाषा=इंग्लिश}}</ref> सन २००४मध्ये मिराज हॉटेल जवळील तंबू डॅनी गान्स यांनी घेतला आणि तेही मनोरंजनाचे आकर्षण झाले. डिसेंबर २००६मध्ये त्यांनी बीटल्स या थीमवर REVOLUTION ultra-lounge उघडले. किर्कुए दु सोलैल यांच्या लाइट ग्रुपने चालविलेल्या नाइटलाईफ केंद्रात सामील होण्याची ती पहिलीच वेळ होती. ==सध्याची परिस्थिति == आन्कोर कोर लास वेगासचे शो मध्ये सामील होण्यासाठी फेब्रुवारी 2009 मध्ये गान्स यांनी मिरेज सोडले.गोल्डन नुग्गेट कसिनो नंतर नोवेंबर 2012 मध्ये मिरेज कसिनो हे लास वेगासचे दुसरे गेओफ्फ हाल्स ब्लॅक जॅक हे फ्री बेट ब्लॅक जॅक पेक्षा भिन्न झाले.सन 2014 मध्ये मिरेजचा अमेझिंग रेस 24 मध्ये भाग होता की जेथे मिरेज इतर संघात “आय” हे ओळख साधन होते. <ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://biz.yahoo.com/prnews/080417/lath539.html?.v=4|प्रकाशक= |अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= डॅनी गन्स टू स्टार इन द न्यु एन्कोर थेटर इन २००९ {{मृत दुवा}}|भाषा=इंग्लिश}}</ref> सन २०१५मध्ये MGM रिसॉर्ट इंटरनॅशनलने मिराज आणि इतर मालमत्तेचे स्थायी मालमत्तेत रूपांतर करून त्याचा गुंतवणूक ट्रस्ट करण्याची घोषणा केली. MGM हे मिराज पुढे चालू राहिले. ==आकर्षित करणाऱ्या बाबी== शेगफ्राइड आणि रॉयची सिक्रेट गार्डन आणि डॉल्फिन हबिटट ! मंनी कामांनो यांनी या गार्डनचा आराखडा केला. संध्याकाळी ७, ८ आणि ९ वाजता कृत्रिम ज्वालामुखी बनवितात आणि ते शुक्रवारी आणि शनिवारी मोकळ्या आवारात उडविले जातात. हॉटेलचे दर्शनी भागात असलेली उंचच्या उंच पामची झाडे, पाण्याचा प्रवाह व कारंजे या गोष्टी हॉटेलची शोभा वाढवितात. ५३ फूट लांब ८ फूट उंच आकाराच्या नोंदणी मेजच्या पाठीमागील मत्स्यालयातील १००० मासे म्हणजे एक नमूना आहे. लव्ह हा किर्कुए दू सोलैल यांचे थिएटर उत्पादनात बीटल्स यांची रीमिक्स समाविष्ट आहेत. अमेरिकेचा गोट टॅलेंट जिंकल्यानंतर टेरी फॅक्टर हे वस्तुसंग्रहालय झाले. “1ओक” 16000 sq.ft. न्यू यॉर्क सारखा नाईट क्लब आहे. दोन स्वतंत्र विभागात स्वतंत्र घडामोडी घडतात अशी या या स्थानाचे वैशिष्ट्य आहे. शिवाय येथे किमान ४०० माणसे हिंडू शकतील अशी ४००० चौरस फुटांची मोकळेपणे हिंडण्यासाठी जागा आहे..<ref>{{स्रोत बातमी|दुवा=http://www.mirage.com/nightlife/the-beatles-revolution-lounge.aspx|प्रकाशक=म जी म|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title=एमजीएम रिव्होल्युशन बायो पेज {{मृत दुुवा}}|भाषा=इंग्लिश|archive-date=2015-09-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20150929063150/http://www.mirage.com/nightlife/the-beatles-revolution-lounge.aspx|url-status=dead}}</ref> ==खेळ व्रत्त == 7 डिसेंबर 1989 – शुगर राय लियोनार्ड विरुद्द रोबर्ट दुरान 3 25 ऑक्टोबर 1990 – एवंडर होलिफील्ड विरुद्द बस्टर डगलस 18 मे 1996 –फेलिक्स त्रिणीदाद विरुद्द फ्रेद्दी पेंडलेटण ==संदर्भ== ddvgzcu6d9h6ginzwnnm30m5j5qwwmd 2710821 2710820 2026-09-19T17:02:32Z अभय नातू 206 /* इतिहास */ 2710821 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''द मिराज''' हे [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] [[लास व्हेगस]] शहरातील आलिशान हॉटेल होते. ३,०४४ खोल्यांचे हे हॉटेल पॉलिनेशियन थीम{{मराठी शब्द सुचवा}}ने बांधण्यात आले होते.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://digitalscholarship.unlv.edu/cgi/viewcontent.cgi?article=1653&context=thesesdissertations|प्रकाशक= युनिव्हर्सिटी ऑफ नेवाडा, लास वेगास|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= सनराईझ सनसेट? कम्पेरिंग दि लास वेगास अँड मकाऊ गेमिंग मार्केट्स इन २०१० |भाषा=इंग्लिश}}</ref> हे रिझॉर्ट [[स्टीव्ह विन]] या विकसकाने बांधले. नंतर त्याची मालकी [[एमजीएम रिझॉर्ट्‌स इंटरनॅशनल]] या कंपनीकडे गेली. मिराज, ट्रेझर आयलंड हॉटेल आणि कसीनो हे दुसरे हॉटेल यांच्या दरम्यान फुकट ट्रामसेवा आहे. ==इतिहास == या हॉटेलची रचना जोएल बर्गमन यांनी केली. २२ नोव्हेंबर १९८९ रोजी हे हॉटेल सुरू झाले. स्टीव्ह विन यांनी हे पहिले रिझॉर्ट कास्तावेझ यांच्या मूळ मालकीच्या जागेवर बांधले; त्यापूर्वी त्या जागेवर [[रेड रूस्टर नाइट क्लब]] अस्तित्वात होता. १९८० मध्ये [[स्टीव विन]] यांनी आपले मित्र रोजर थॉमस यांना या प्रकल्पात सहभागी होण्यासाठी आमंत्रित केले. या दोघांनी मिळून लास व्हेगस येथे इतर हॉटेलांपेक्षा पूर्णपणे वेगळ्या आणि भव्य अशा पहिल्या हॉटेल व कॅसिनो मनोरंजन केंद्राची उभारणी केली. मिराज हॉटेल हे अत्यंत खर्चिक असे हॉटेल व कॅसिनो मनोरंजन केंद्र होते. याच्या उभारणीचा खर्च ६३ कोटी डॉलर इतका होता. या हॉटेलच्या खिडक्यांच्या काचांवर सोन्याचा मुलामा देण्यात आला असून त्यांना आकर्षक छटा देण्यात आल्या आहेत. लास व्हेगसमध्ये आधुनिक रिझॉर्ट संस्कृती सुरू केल्याबद्दल स्टीव्ह विन यांना ''आधुनिक लास व्हेगासचे जनक'' मानले जाते. १९७० च्या दशकापर्यंत अमेरिकेतील [[अटलांटिक सिटी]] ([[न्यू जर्सी]]) हे जुगार व मनोरंजनाचे प्रमुख केंद्र मानले जात होते. मिराज हॉटेल आणि कॅसिनोच्या स्थापनेमुळे लास व्हेगस हे जागतिक दर्जाचे आधुनिक मनोरंजनाचे मुख्य केंद्र बनले. या हॉटेलमधील सर्व परिसर चोवीस तास सुरक्षा कॅमेऱ्यांच्या (सीसीटीव्ही) देखरेखीखाली सुरक्षित करण्यात आला आहे.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://www.cleartrip.com/hotels/united-states/las-vegas/|प्रकाशक=क्लियरट्रिप.कॉम|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३ एप्रिल २०१६|शीर्षक=लास वेगास हॉटेल, दी मिराज|भाषा=इंग्लिश}}</ref> == इतर माहिती == सन १९९० ते २००३ या सालांपर्यंत सेजफ्रिड आणि रॉय ही शोजची केंद्रे होती. या दोघांचे एकत्रीकरण झाले आणि त्याचा उपयोग जादूचे प्रयोग आणि जंगली प्राण्यांच्य शो यांसाठी होऊ लागला. या शोमध्ये वापरल्या जाणाऱ्या एका सफेद वाघाने रॉय हॉर्न यांच्यावर हल्ला केला आणि त्यात ते जखमी झाले त्यामुळे सन २००३मध्ये हा शो बंद केला. सन १९९३मध्ये मिराज हॉटेलच्या अधिपत्याखाली Cirque du Soleil show Nouvelle Expérience नावाचा कार्यक्रम मिराज हॉटेलच्या वाहनतळावरील एका विभागातील तंबूत चालू केला.. त्याच वेळी सर्क यांना जवळच्याच ट्रेझर आयलंड वर रिझॉर्ट उभारणीसाठी बोलाविले. शेवटी त्यांनी लास वेगास येथे ‘मिराज लव्ह’ चालू केले. या मिराज लव्हमध्ये Cirque du Soleil show Nouvelle Expérience नावाचा कार्यक्रम कायम सुरू असतो.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://www.reviewjournal.com/lvrj_home/2003/Jun-17-Tue-2003/news/21544998.html|प्रकाशक= रिव्ह्यूजर्नल.कॉम|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= मायस्टेरी वर्कर रिकॉल्स अनसर्टन टाईम्स ड्यूरिंग शोज बर्थ |भाषा=इंग्लिश}}</ref> सन २००४मध्ये मिराज हॉटेल जवळील तंबू डॅनी गान्स यांनी घेतला आणि तेही मनोरंजनाचे आकर्षण झाले. डिसेंबर २००६मध्ये त्यांनी बीटल्स या थीमवर REVOLUTION ultra-lounge उघडले. किर्कुए दु सोलैल यांच्या लाइट ग्रुपने चालविलेल्या नाइटलाईफ केंद्रात सामील होण्याची ती पहिलीच वेळ होती. ==सध्याची परिस्थिति == आन्कोर कोर लास वेगासचे शो मध्ये सामील होण्यासाठी फेब्रुवारी 2009 मध्ये गान्स यांनी मिरेज सोडले.गोल्डन नुग्गेट कसिनो नंतर नोवेंबर 2012 मध्ये मिरेज कसिनो हे लास वेगासचे दुसरे गेओफ्फ हाल्स ब्लॅक जॅक हे फ्री बेट ब्लॅक जॅक पेक्षा भिन्न झाले.सन 2014 मध्ये मिरेजचा अमेझिंग रेस 24 मध्ये भाग होता की जेथे मिरेज इतर संघात “आय” हे ओळख साधन होते. <ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://biz.yahoo.com/prnews/080417/lath539.html?.v=4|प्रकाशक= |अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= डॅनी गन्स टू स्टार इन द न्यु एन्कोर थेटर इन २००९ {{मृत दुवा}}|भाषा=इंग्लिश}}</ref> सन २०१५मध्ये MGM रिसॉर्ट इंटरनॅशनलने मिराज आणि इतर मालमत्तेचे स्थायी मालमत्तेत रूपांतर करून त्याचा गुंतवणूक ट्रस्ट करण्याची घोषणा केली. MGM हे मिराज पुढे चालू राहिले. ==आकर्षित करणाऱ्या बाबी== शेगफ्राइड आणि रॉयची सिक्रेट गार्डन आणि डॉल्फिन हबिटट ! मंनी कामांनो यांनी या गार्डनचा आराखडा केला. संध्याकाळी ७, ८ आणि ९ वाजता कृत्रिम ज्वालामुखी बनवितात आणि ते शुक्रवारी आणि शनिवारी मोकळ्या आवारात उडविले जातात. हॉटेलचे दर्शनी भागात असलेली उंचच्या उंच पामची झाडे, पाण्याचा प्रवाह व कारंजे या गोष्टी हॉटेलची शोभा वाढवितात. ५३ फूट लांब ८ फूट उंच आकाराच्या नोंदणी मेजच्या पाठीमागील मत्स्यालयातील १००० मासे म्हणजे एक नमूना आहे. लव्ह हा किर्कुए दू सोलैल यांचे थिएटर उत्पादनात बीटल्स यांची रीमिक्स समाविष्ट आहेत. अमेरिकेचा गोट टॅलेंट जिंकल्यानंतर टेरी फॅक्टर हे वस्तुसंग्रहालय झाले. “1ओक” 16000 sq.ft. न्यू यॉर्क सारखा नाईट क्लब आहे. दोन स्वतंत्र विभागात स्वतंत्र घडामोडी घडतात अशी या या स्थानाचे वैशिष्ट्य आहे. शिवाय येथे किमान ४०० माणसे हिंडू शकतील अशी ४००० चौरस फुटांची मोकळेपणे हिंडण्यासाठी जागा आहे..<ref>{{स्रोत बातमी|दुवा=http://www.mirage.com/nightlife/the-beatles-revolution-lounge.aspx|प्रकाशक=म जी म|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title=एमजीएम रिव्होल्युशन बायो पेज {{मृत दुुवा}}|भाषा=इंग्लिश|archive-date=2015-09-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20150929063150/http://www.mirage.com/nightlife/the-beatles-revolution-lounge.aspx|url-status=dead}}</ref> ==खेळ व्रत्त == 7 डिसेंबर 1989 – शुगर राय लियोनार्ड विरुद्द रोबर्ट दुरान 3 25 ऑक्टोबर 1990 – एवंडर होलिफील्ड विरुद्द बस्टर डगलस 18 मे 1996 –फेलिक्स त्रिणीदाद विरुद्द फ्रेद्दी पेंडलेटण ==संदर्भ== 4fnrpr31uy6r4pbwse3kitd8x4mq9qp 2710822 2710821 2026-09-19T17:02:44Z अभय नातू 206 /* इतर माहिती */ 2710822 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''द मिराज''' हे [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेच्या]] [[लास व्हेगस]] शहरातील आलिशान हॉटेल होते. ३,०४४ खोल्यांचे हे हॉटेल पॉलिनेशियन थीम{{मराठी शब्द सुचवा}}ने बांधण्यात आले होते.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://digitalscholarship.unlv.edu/cgi/viewcontent.cgi?article=1653&context=thesesdissertations|प्रकाशक= युनिव्हर्सिटी ऑफ नेवाडा, लास वेगास|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= सनराईझ सनसेट? कम्पेरिंग दि लास वेगास अँड मकाऊ गेमिंग मार्केट्स इन २०१० |भाषा=इंग्लिश}}</ref> हे रिझॉर्ट [[स्टीव्ह विन]] या विकसकाने बांधले. नंतर त्याची मालकी [[एमजीएम रिझॉर्ट्‌स इंटरनॅशनल]] या कंपनीकडे गेली. मिराज, ट्रेझर आयलंड हॉटेल आणि कसीनो हे दुसरे हॉटेल यांच्या दरम्यान फुकट ट्रामसेवा आहे. ==इतिहास == या हॉटेलची रचना जोएल बर्गमन यांनी केली. २२ नोव्हेंबर १९८९ रोजी हे हॉटेल सुरू झाले. स्टीव्ह विन यांनी हे पहिले रिझॉर्ट कास्तावेझ यांच्या मूळ मालकीच्या जागेवर बांधले; त्यापूर्वी त्या जागेवर [[रेड रूस्टर नाइट क्लब]] अस्तित्वात होता. १९८० मध्ये [[स्टीव विन]] यांनी आपले मित्र रोजर थॉमस यांना या प्रकल्पात सहभागी होण्यासाठी आमंत्रित केले. या दोघांनी मिळून लास व्हेगस येथे इतर हॉटेलांपेक्षा पूर्णपणे वेगळ्या आणि भव्य अशा पहिल्या हॉटेल व कॅसिनो मनोरंजन केंद्राची उभारणी केली. मिराज हॉटेल हे अत्यंत खर्चिक असे हॉटेल व कॅसिनो मनोरंजन केंद्र होते. याच्या उभारणीचा खर्च ६३ कोटी डॉलर इतका होता. या हॉटेलच्या खिडक्यांच्या काचांवर सोन्याचा मुलामा देण्यात आला असून त्यांना आकर्षक छटा देण्यात आल्या आहेत. लास व्हेगसमध्ये आधुनिक रिझॉर्ट संस्कृती सुरू केल्याबद्दल स्टीव्ह विन यांना ''आधुनिक लास व्हेगासचे जनक'' मानले जाते. १९७० च्या दशकापर्यंत अमेरिकेतील [[अटलांटिक सिटी]] ([[न्यू जर्सी]]) हे जुगार व मनोरंजनाचे प्रमुख केंद्र मानले जात होते. मिराज हॉटेल आणि कॅसिनोच्या स्थापनेमुळे लास व्हेगस हे जागतिक दर्जाचे आधुनिक मनोरंजनाचे मुख्य केंद्र बनले. या हॉटेलमधील सर्व परिसर चोवीस तास सुरक्षा कॅमेऱ्यांच्या (सीसीटीव्ही) देखरेखीखाली सुरक्षित करण्यात आला आहे.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://www.cleartrip.com/hotels/united-states/las-vegas/|प्रकाशक=क्लियरट्रिप.कॉम|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३ एप्रिल २०१६|शीर्षक=लास वेगास हॉटेल, दी मिराज|भाषा=इंग्लिश}}</ref> == इतर माहिती == {{बदल}} सन १९९० ते २००३ या सालांपर्यंत सेजफ्रिड आणि रॉय ही शोजची केंद्रे होती. या दोघांचे एकत्रीकरण झाले आणि त्याचा उपयोग जादूचे प्रयोग आणि जंगली प्राण्यांच्य शो यांसाठी होऊ लागला. या शोमध्ये वापरल्या जाणाऱ्या एका सफेद वाघाने रॉय हॉर्न यांच्यावर हल्ला केला आणि त्यात ते जखमी झाले त्यामुळे सन २००३मध्ये हा शो बंद केला. सन १९९३मध्ये मिराज हॉटेलच्या अधिपत्याखाली Cirque du Soleil show Nouvelle Expérience नावाचा कार्यक्रम मिराज हॉटेलच्या वाहनतळावरील एका विभागातील तंबूत चालू केला.. त्याच वेळी सर्क यांना जवळच्याच ट्रेझर आयलंड वर रिझॉर्ट उभारणीसाठी बोलाविले. शेवटी त्यांनी लास वेगास येथे ‘मिराज लव्ह’ चालू केले. या मिराज लव्हमध्ये Cirque du Soleil show Nouvelle Expérience नावाचा कार्यक्रम कायम सुरू असतो.<ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://www.reviewjournal.com/lvrj_home/2003/Jun-17-Tue-2003/news/21544998.html|प्रकाशक= रिव्ह्यूजर्नल.कॉम|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= मायस्टेरी वर्कर रिकॉल्स अनसर्टन टाईम्स ड्यूरिंग शोज बर्थ |भाषा=इंग्लिश}}</ref> सन २००४मध्ये मिराज हॉटेल जवळील तंबू डॅनी गान्स यांनी घेतला आणि तेही मनोरंजनाचे आकर्षण झाले. डिसेंबर २००६मध्ये त्यांनी बीटल्स या थीमवर REVOLUTION ultra-lounge उघडले. किर्कुए दु सोलैल यांच्या लाइट ग्रुपने चालविलेल्या नाइटलाईफ केंद्रात सामील होण्याची ती पहिलीच वेळ होती. ==सध्याची परिस्थिति == आन्कोर कोर लास वेगासचे शो मध्ये सामील होण्यासाठी फेब्रुवारी 2009 मध्ये गान्स यांनी मिरेज सोडले.गोल्डन नुग्गेट कसिनो नंतर नोवेंबर 2012 मध्ये मिरेज कसिनो हे लास वेगासचे दुसरे गेओफ्फ हाल्स ब्लॅक जॅक हे फ्री बेट ब्लॅक जॅक पेक्षा भिन्न झाले.सन 2014 मध्ये मिरेजचा अमेझिंग रेस 24 मध्ये भाग होता की जेथे मिरेज इतर संघात “आय” हे ओळख साधन होते. <ref>{{स्रोत बातमी |दुवा=http://biz.yahoo.com/prnews/080417/lath539.html?.v=4|प्रकाशक= |अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title= डॅनी गन्स टू स्टार इन द न्यु एन्कोर थेटर इन २००९ {{मृत दुवा}}|भाषा=इंग्लिश}}</ref> सन २०१५मध्ये MGM रिसॉर्ट इंटरनॅशनलने मिराज आणि इतर मालमत्तेचे स्थायी मालमत्तेत रूपांतर करून त्याचा गुंतवणूक ट्रस्ट करण्याची घोषणा केली. MGM हे मिराज पुढे चालू राहिले. ==आकर्षित करणाऱ्या बाबी== शेगफ्राइड आणि रॉयची सिक्रेट गार्डन आणि डॉल्फिन हबिटट ! मंनी कामांनो यांनी या गार्डनचा आराखडा केला. संध्याकाळी ७, ८ आणि ९ वाजता कृत्रिम ज्वालामुखी बनवितात आणि ते शुक्रवारी आणि शनिवारी मोकळ्या आवारात उडविले जातात. हॉटेलचे दर्शनी भागात असलेली उंचच्या उंच पामची झाडे, पाण्याचा प्रवाह व कारंजे या गोष्टी हॉटेलची शोभा वाढवितात. ५३ फूट लांब ८ फूट उंच आकाराच्या नोंदणी मेजच्या पाठीमागील मत्स्यालयातील १००० मासे म्हणजे एक नमूना आहे. लव्ह हा किर्कुए दू सोलैल यांचे थिएटर उत्पादनात बीटल्स यांची रीमिक्स समाविष्ट आहेत. अमेरिकेचा गोट टॅलेंट जिंकल्यानंतर टेरी फॅक्टर हे वस्तुसंग्रहालय झाले. “1ओक” 16000 sq.ft. न्यू यॉर्क सारखा नाईट क्लब आहे. दोन स्वतंत्र विभागात स्वतंत्र घडामोडी घडतात अशी या या स्थानाचे वैशिष्ट्य आहे. शिवाय येथे किमान ४०० माणसे हिंडू शकतील अशी ४००० चौरस फुटांची मोकळेपणे हिंडण्यासाठी जागा आहे..<ref>{{स्रोत बातमी|दुवा=http://www.mirage.com/nightlife/the-beatles-revolution-lounge.aspx|प्रकाशक=म जी म|अ‍ॅक्सेसदिनांक=२३-०४-२०१६|title=एमजीएम रिव्होल्युशन बायो पेज {{मृत दुुवा}}|भाषा=इंग्लिश|archive-date=2015-09-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20150929063150/http://www.mirage.com/nightlife/the-beatles-revolution-lounge.aspx|url-status=dead}}</ref> ==खेळ व्रत्त == 7 डिसेंबर 1989 – शुगर राय लियोनार्ड विरुद्द रोबर्ट दुरान 3 25 ऑक्टोबर 1990 – एवंडर होलिफील्ड विरुद्द बस्टर डगलस 18 मे 1996 –फेलिक्स त्रिणीदाद विरुद्द फ्रेद्दी पेंडलेटण ==संदर्भ== c30d5qmxdp3fhqd7h3qcj850gups7bl भारतीय तंत्रज्ञान संस्था (कानपूर) 0 194985 2710872 2511008 2026-09-20T03:41:44Z संतोष गोरे 135680 removed [[Category:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2710872 wikitext text/x-wiki {{चौकट महाविद्यालय |name= {{लेखनाव}} |image = Iitk blacklogo.jpg |ब्रीदवाक्य= ''तमसो मा ज्योतिर्गमय '' |endowment= |president= [[अभय करंदीकर]] |established= [[इ.स. १९५९]] |type= शैक्षणिक आणि संशोधनकार्य |staff= ५०० |students= |undergrad= २००० |postgrad= २००० |colors= |शहर= [[कानपूर]] |राज्य = [[उत्तर प्रदेश]] |देश = [[भारत]] |campus= [[शहर विस्तार|शहरी]], १२०० [[एकर]], कानपूर |मानचिन्ह = |website= [http://www.iitk.ac.in www.iitk.ac.in] }} '''{{लेखनाव}}''' ([[इंग्लिश भाषा|इंग्लिश]]: ''Indian Institute of Technology, Kanpur'';''लघुरूप: आय.आय.टी. कानपूर'') ही [[कानपूर]], [[उत्तर प्रदेश]] येथे असलेली [[भारत|भारतातील]] एक नामांकित तंत्रशिक्षणसंस्था आहे. ==इतिहास == [[चित्र:A building at IIT Kanpur.jpg|thumb|फॅकल्टी बिल्डिंग, भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर]] भारतीय तंत्रज्ञान कानपूरची स्थापना १९५९ साली झाली. डिसेंबर १९५९मधे कानपूरमधील ''हारकोर्ट बटलर तंत्रसंस्थानाच्या (Harcourt Butler Technological Institute)'' काही खोल्यांमधे भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर कार्यान्वित झाली. नंतर १९६३ साली भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर, तिच्या सध्याच्या ठिकाणी स्थलांतरित करण्यात आले. भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर सध्या [[ग्रँड ट्रंक रोड]]वर कल्याणपूरजवळ स्थित आहे. स्थापनेनंतरच्या पहिल्या १० वर्षात भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूरला Kanpur Indo-American Programme (KIAP)चा{{मराठी शब्द सुचवा}} मुबलक प्रमाणात फायदा झाला.<ref name="History">{{संकेतस्थळ स्रोत | आडनाव = केळकर | पहिलेनाव = पी. के. | दिनांक = 2006-03-17 | दुवा = http://www.iitk.ac.in/infocell/iitk/newhtml/history.htm | title = भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर &mdash; इतिहास | प्रकाशक = भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर | अ‍ॅक्सेसदिनांक = 2006-05-27 | भाषा = इंग्लिश | archive-date = 2009-10-10 | archive-url = https://web.archive.org/web/20091010172800/http://www.iitk.ac.in/infocell/iitk/newhtml/history.htm | url-status = dead }}</ref> डॉ. पी. के. केळकर (डॉ. पुरुषोत्तम काशीनाथ केळकर) हे भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूरचे पहिले प्रबंधक होते. यांच्या सन्मानार्थ २००२ साली भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूरच्या मध्यवर्ती ग्रंथालयाचे नामकरण '''डॉ. पी. के. केळकर ग्रंथालय''' असे करण्यात आले. १९३६३ साली भारतात संगणक विज्ञानाचे प्रशिक्षण देण्यास सर्वप्रथम भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूरने सुरुवात केली. सुरुवातीस संगणक प्रशिक्षणासाठी आयबीएम १६२० ही प्रणाली वापरण्यात आली. ==परिसर== ==प्रशासन== ==शैक्षणिक == ===विभाग=== आय. आय. टी. कानपूर या संस्थेत खालील शै़क्षणिक विभाग आहेत - [[File:Department of Computer Science and Engineering at IIT Kanpur.jpg|thumb|संगणक विज्ञान आणि अभियांत्रिकी विभाग (आय. आय. टी. कानपूर)]] *अभियांत्रिकी ** एरोस्पेस अभियांत्रिकी ** जैविक विज्ञान आणि जैवअभियांत्रिकी ** रसायन अभियांत्रिकी ** सिव्हिल अभियांत्रिकी ** संगणक विज्ञान आणि अभियांत्रिकी ** विद्युत अभियांत्रिकी ** Materials Science and Engineering ** यांत्रिक अभियांत्रिकी * मानवी आणि सामाजिक विज्ञान ** अर्थशास्त्र ** इंग्रजी ** ललित कला ** तत्त्वज्ञान ** मानसशास्त्र ** समाजशास्त्र * प्रबंधन ** औद्योगिक आणि प्रबंधन अभियांत्रिकी * विज्ञान ** रसायनशास्त्र ** गणित आणि सांख्यिकी ** भौतिकशास्त्र * Inter Disciplinary{{मराठी शब्द सुचवा}} ** पर्यावरण अभियांत्रिकी आणि प्रबंधन ** लेझर तंत्रज्ञान ** Master of Design ** Materials Science Program ** Nuclear Engineering and Technology ===केंद्रे=== ===विद्यालय=== == संशोधन आणि विकास== == प्रसिद्ध माजी विद्यार्थी== * '''[[एन.आर. नारायणमूर्ती|नारायणमूर्ती]]''' - भारतातील प्रमुख माहिती-तंत्रज्ञान कंपनी '''[[इन्फोसिस]]'''चे संस्थापक. == कार्यक्रम == == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे== * [http://www.iitk.ac.in '{{लेखनाव}}' संस्थेचे अधिकृत संकेतस्थळ] {{भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थाने}} [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था कानपूर]] [[वर्ग:उत्तर प्रदेशमधील विद्यापीठे]] [[वर्ग:कानपूर]] gmui92ooc1zsj32lcrn12e5gu2xyjry गवळी समाज 0 195575 2710890 2708581 2026-09-20T05:36:39Z ~2026-50575-73 187591 /* गवळी लोकांची आडनावे */ 2710890 wikitext text/x-wiki [[महाराष्ट्र|महाराष्ट्रा]]<nowiki/>तील '''हिंदू-गवळी''' हा समाज प्रामुख्याने उत्तर कोकणात राहणारा समाज आहे. मुंबई, ठाणे, रायगड, रत्‍नागिरी भागात गवळी समाजाची लोकसंख्या मोठी आहे. महाराष्ट्रात त्यांच्या गो-पालन (गाय) व्यवसायावरून त्यांना [[गवळी]] असे म्हणले गेले, तरी त्यांचा महाराष्ट्रातील प्रमुख व्यवसाय शेती हाच आहे. गवळी समाजाच्या अनेक उपजाती आहेत. '''गवळी''' ही एक अशी जात आहे. जिचा संबंध यादव कुळाशी जोडला जातो. ते भगवान [[श्रीकृष्ण|श्रीकृष्णा]]चे वंशज मानले जातात. [[चित्र:SRI fields left almost dry.jpg|इवलेसे|भातशेती]] == स्थान == मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगड, रत्‍नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापूर या जिल्ह्यांत गवळी समाजाची मोठी लोकसंख्या आहे. याशिवाय पुणे, सोलापूर, धाराशिव (उस्मानाबाद), जालना, अहमदनगर, लातूर, धुळे, नाशिक, मालेगांव, हिंगोली, नांदेड, परभणी, अमरावती, [[बुलढाणा]], जळगाव, अकोला इत्यादी जिल्ह्यांत देखील गवळी समाज आहे. == इतिहास == मूळ सोमवंशी (चंद्रवंशी) क्षत्रिय हिंदू-गवळी जमातीच्या उपजाती वेगवेगळ्या असल्या, तरी '''श्रीकृष्ण''' हा त्यांचा महापुरुष आहे. श्रीकृष्ण "यदु कुळातील" ('''[[यदु वंश|यदुवंशी]]''') होते. त्यांची वसाहत मथुरेच्या प्रदेशात होती. पुढे चंद्रवंशातील यादव यमुनेच्या काठी येऊन राहू लागले. त्यांनी शेती आणि गोपालन सुरू केले. तत्कालीन राजकारणामध्येही त्यांना महत्त्वाचे स्थान मिळाले. महाभारत कालखंडामध्ये त्यांनी मानाचे स्थान मिळवले होते. चंद्रवंशी समाज (ज्याला सोमवंशी किंवा चंद्र राजवंश असेही म्हणतात) हा चंद्रदेवापासून उद्गम झाला, पुढे हा वंश दोन प्रमुख शाखांमध्ये विभागला गेला. * राजा यदूच्या वंशातून निर्माण झालेला "'''यदुवंश'''" ('''यदुवंशी''') आणि * राजा पुरूच्या वंशातून उदयास आलेला पुरूवंश.<ref>{{जर्नल स्रोत|date=2025-11-18|title=Lunar dynasty|url=https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=Lunar_dynasty&oldid=1322864234|journal=Wikipedia|language=en}}</ref> श्रीकृष्णाच्या काळात अंधक, कुकर, दाशीह, भोज, भौम, यादव आणि वृष्णी असे सात सोमवंशीय (चंद्रवंशी) राजे राज्य कारभार करत होते. या सर्व राज्यांमध्ये यादवकुळ प्रबळ आणि बलवान होते. त्या काळामध्ये काही विध्वंसक वृत्तीच्या व्यक्ती होत्या. त्यांनी समाजावर जुलूम सुरू केला होता. त्यांमध्ये कंस, कौरव, जरासंध आणि शिशुपाल इत्यादी होते. जरासंधाच्या त्रासाला कंटाळून अंधक, यादव आणि वृष्णी हे वंश मथुरेलगतचा परिसर सोडून सौराष्ट्रात गेले. प्रबळ असलेले राजे मथुरेतच राहिले, तर अन्य राजे आणि लोक स्थलांतरित झाले. श्रीकृष्णांच्या निधनानंतर यादव कुळातील राजे आपापसात भांडू लागले आणि त्यांतून यादवी माजली त्यात यादवकुळाचा भयंकर संहार झाला. त्यातून काही यादव सौराष्ट्रातून निघून समुद्रमार्गे व भूमार्गे महाराष्ट्राच्या दिशेने आले आणि येथील लोकसंस्कृतीशी समरस झाले. * त्यापैकी प्रमुख जमातीची ओळख आणि सद्यस्थिती अशी आहे. :- ही प्राचीन कृषिप्रधान जमात सर्व भारतात परसली तसेच हजारो वर्षांपूर्वी महाराष्ट्राच्या वसई आणि दाभोळ या बंदरांवर आणि तिथून उर्वरित कोकणात पसरली अनेक वर्षे या परिसरात वास्तव्य केल्यानंतर ही जमात येथील संस्कृतीशी समरस झाली. महाराष्ट्रात ठाणे, रायगड आणि रत्‍नागिरी या जिल्ह्यांमध्ये बहुसंख्येने असलेली ही जात प्रामुख्याने खाडीकिनारी व नदीकिनारी भागातील भातशेतीच्या तसेच डोंगरी भातशेतीच्या प्रदेशात वास्तव्य करून आहे. प्राचिन काळापासून गवळी हे महाराष्ट्रात ले मूळ रहिवासी आहेत. महाराष्ट्रात ज्ञात इतिहास इ.स. पूर्व २५० अर्थात मौर्य/अशोकाच्या काळापर्यंत जातो. प्राचीन काळात कोकणच्या किनारपट्टीवर अनेक बंदरे भरभराटीला आली होती. आफ्रिका, भूमध्यसमुद्रापासून ते रोमन साम्राज्यापर्यंतचे व्यापारी येथून समुद्रमार्गाने भारतात येत होते. कोकण विभागावर शिलाहार, मौर्य, शक, राष्ट्रकुट, सातवाहन, वाकाटक, बहमनी सुलतान, आदिलशाही, मुघल, सिद्दी, '''मराठेशाही''' आणि त्यानंतर स्वातंत्र्यापर्यंत ब्रिटिशांची राजवट होती. डच, पोर्तुगिज आणि ब्रिटिशांच्या कोकण किनारपट्टीवर वसाहती होत्या. स्वातंत्र्यापर्यंत कोकणावर ब्रिटिशांचे राज्य असले, तरीही सावंतवाडी, मुरुड-जंजिरा, जव्हार अशी संस्थानेही येथे होती. कोकणचा प्रदेश हा जास्तकरून शिलाहारांच्या ताब्यात होता. त्यांची राजधानी [[स्थानक]] म्हणजेच [[ठाणे]] येथे होती. '''<big>[[देवगिरीचे यादव]] :</big>''' देवगिरी यादव राजघराणे (इ.स. ८५० - इ.स. १३१७) यांना '''सेवुण/सेऊण राजवंश''' असेही म्हणले जात होते. हे महाराष्ट्रातील प्राचीन पूर्वमध्ययुगीन काळातील राजघराणे होते.देवगिरी यादवांचे साम्राज्य नर्मदा नदीपासून तुंगभद्रा नदीपर्यंत पसरले होते. यादव घराण्यातील राजांच्या सापडलेल्या शिलालेखात त्यांची बिरूदे, हे राजघराणे महाभारत कालीन श्रीकृष्णांचे वंशज असण्यासंबंधाने असल्याची आढळतात. यादवांचे राज्य महाराष्ट्र, उत्तरकर्नाटक आणि मध्यप्रदेशच्या काही भागात पसरलेले होते. सुरुवातीच्या काळात ते चालुक्यांचे मित्र असावेत, असे दिसते. चालुक्यांच्या दुर्लक्षित प्रशासनामुळे पुढे ते सुबाहूच्या कारकिर्दीत स्वतंत्र सम्राट झाले. सुबाहू यांनी साम्राज्य व्यवस्थापनासाठी वारंगळ व हाळेबीड येथे उपराजधान्या स्थापून आपल्या दोन्ही मुलांना तिकडे पाठवले. त्यांचाच वंशज असणाऱ्या भिल्लम याने [[देवगिरी]] येथे राजधानी स्थापन केली. सिंघनदेव यादवांनी अनेक मंदिरे बांधली. हेमाडपंथी पद्धतीची बांधकाम हे यादव काळातील मानले जाते. यादवकाळात या शैलीला वेगळे निशाण होते. पुढे मूळचा यादवकुलीन सम्राट रामदेवराव यादव यांच्या दरबारी असणारा हेमाड पंडिताने स्वतःचे नाव त्या शैलीला दिले. सिंघणदेव (द्वितीय) आणि राजा महादेव यादव यांच्या काळात या राज्याची भरभराट झाली. सिंघणदेव यादव सम्राटांची तुलना महान सम्राटांशी होऊ शकते, सिंघणदेवच्या काळात महाराष्ट्रातील प्रजा सुखी होती. १ले मराठी साम्राज्य हे यादवराजांनी जन्माला आणले यात सिंघणदेव राजाचा अमूल्य वाटा आहे, त्याच्याच नावाने आजचे सातारा जिल्ह्यातील शिंगणापूर हे गाव हे अजरामर झाले.शिखर शिंगणापूर चे महादेव मंदिर सिंघणदेवांनी बांधले, सिंघणवरून शिंगणापूर झाले. यादव राजवंशाचा शेवटचा सम्राट शंकरदेेव होय, तर त्यांचे वडिल रामचंद्राच्या यांच्या काळातच मराठी भाषेला राजाश्रय मिळाला. त्यांचा पराभव अल्लाउद्दिन खिलजी व मलिक काफूरने त्यांना फितूरीने केला. रामचंद्रदेव रायांचे जावई व सेनापती [[हरपालदेव]] यांची क्रूर हत्या करून त्यांना देवगिरीच्या प्रवेशद्वाराला टांगून ठेवले होते. इ.स.च्या १३व्या शतकाच्या प्रारंभी '''देवगिरीच्या यादवां'''नी कोकणचा ताबा मिळवला होता. देवगिरीचा पाडाव झाला, त्यावेळीही ठाणे यादवांच्या आधिपत्याखाली होते. देवगिरीच्या पराभवानंतर रामदेवराय यांचा दुसरा मुलगा बिंबराज (भीमदेव) यादव कोकणात आला. यादव-गवळी यांना '''<nowiki/>'[[:en:Seuna_(Yadava)_dynasty|देवगिरीचे यादव]]'''[[:en:Seuna_(Yadava)_dynasty|<nowiki/>']] असेही ओळखले जाते [[चित्र:Map of the Yadavas.png|इवलेसे|सेऊना (यादव) साम्राज्य (1187 ते 1317)]] [[चित्र:Aurangabad - Daulatabad Fort (95).JPG|इवलेसे|देवगिरी किल्ला ]] महाराष्ट्रात राहणारे हे यादव शुद्ध क्षत्रिय त्यांच्या पिढीजात धंद्यावरून त्यांना ”गवळी” हे नामाभिधान पडून त्यांची वेगळीच जात निर्माण झाली. महाराष्ट्रात यादव- गवळी ही जी अलग अशी जात दिसून येते त्याचे मुख्य कारण हेच कि, त्यांनी क्षात्रवृत्ती किंचित बाजूला ठेवली व साधारण शेतकऱ्यांप्रमाणे राहू लागले, शेती व गोपालन हा मुख्य धंदा आणि यादवी युद्धामुळे कायमची भरलेली धडकी यामुळे त्यांनी दुर्गम अशा अपरांत म्हणजेच कोकण प्रांतात वसाहती करण्यास सुरुवात केली. परंतु मूळपिंड हा क्षात्रवृत्तीचा असल्यामुळे ते ज्या ठिकाणी वसाहत करून राहिले त्या त्या ठिकाणी आपले वर्चस्व स्थापिले. यादवकुळी गवळी समाज गुलामी वृत्तीने केव्हाच राहिला नाही किंवा दास्यवृत्ती स्वीकारून इतरांची सेवा केली नाही. इतकेच नव्हे तर कोकणपट्ट्यात बरेच ठिकाणी या लोकांनी स्वतःची गावे वसवून त्या त्या गावचे ते वतनदार, पाटील, खोत बनले. त्यांची प्रामुख्याने उदाहरणे म्हणजे दापोली तालुक्यातील वाकवलीचे धुमाळ खोत, खेड त्यालुक्यातील आंबवलीचे यादव खोत, दापोली तालुक्यातील पिचडोलीचे चोगले खोत, मंडणगड पेठ्यातील पाटगावचे दिवेकर खोत, महाड तालुक्यातील डोंगरोळीचे महाडिक खोत, सुधागड तालुक्यातील खवलीचे चिले खोत वैगरेची उदाहरणे देता येतील. हजारो पिढ्या गेल्यानंतर मुळात भरलेली धडकी पुढे पुढे प्रत्येक पिढीत कमी कमी होत जाऊन शेवटी नाहीशी झाली आणि मुळची संस्कृती उच्च असल्यामुळे व जातिवंत क्षत्रियाचे रक्त नसानसात खेळत असल्यामुळे काही लोकांनी पुढे पुढे लष्करात, मराठेशाही सरकारात, इंग्रज लष्करात नोकऱ्या करून आपले नाव कमाविले. कित्येकांनी पोलिसात नोकऱ्या केल्या. कित्येक गुजरातमध्ये वडोदर्यातील गायकवाडीत नोकरीस गेले. काही कोल्हापुरात गेले. कित्येक पुणे आणि सातारा प्रांतात स्थायिक झाले. सामान्य गवळी कुटुंबातील रावसाहेब रावबहादूर डॉक्टर '''विश्राम रामजी घोले''' पुण्यात सर्जन झाले. त्यांची ऐन तारुण्याची वर्षे १८५७ च्या युद्धात सैनिकांची शुश्रुषा करण्यात गेली. युद्धोत्तर काळात त्यांचे जीवन एक निष्णात शल्यविशारद, सेवाभावी गृहस्थ, उदारमतवादी समाजसुधारक म्हणून गेले. मूळचे दापोली तालुक्यातील विश्राम रामजींचे घोले घराणे हे एका काळी अंजनवेल (गोपाळगड) गडाचे किल्लेदार होते. खेड तालुक्यातील भरणे गावचे महाडिक सुभेदार होते. दापोली तालुक्यातील काते प्रसिद्ध डॉक्टर झाले, त्यांचेच वंशज आज कोल्हापुरात डॉक्टर आहेत. महाडचे बाळू गवळी चिले हे ब्रिटीश सैन्यात हवालदार होते, त्यांनी अफगाणिस्थानच्या लढाईत फार मोठा पराक्रम केला म्हणून त्यांना दोन चांद व रेशमी शाल इनाम मिळाली. माणगावचे कै. विठ्ठलराव कृष्णाजी खेडेकर हे एक उत्तम समाजसुधारक, शिक्षक व लेखक होऊन गेले. गवळी जमातीतील ते पहिले शिक्षक होत. ''विठोबा मास्तर'' ते म्हणून ते प्रसिद्ध होते. विठ्ठलराव हे भाननगर संस्थानचे दिवाण सुद्धा बनले राहिले होते. त्यांनी [[महाराष्ट्रीय दाभोळी यादव]] समाजाचा इतिहास लिहिला होता. श्रीकृष्ण आणि गोपाल या त्यांच्या हस्तलिखित ग्रंथाचा उपयोग करून त्यांचे चिरंजीव डॉ. रघुनाथराव यांनी दि डिव्हाइन हेरिटेज ऑफ यादवाज् हा ग्रंथ लिहिला. 'श्रीकृष्ण आणि गोपाल' या ग्रंथाच्या आधारे त्यांनी इंग्रजी प्रत टंकलिखित स्वरूपात तयार केली. त्याचे हिंदीमध्ये यादव-हरिवंश या नावाने ग्रंथ अनुवादित करण्यात आला. कै. रघुनाथराव खेडेकर हे शल्यविशारद होते. शिवाय ते वेदांत निपुण असल्यामुळे त्यांना शंकराचार्यांनी वेदांतभूषण अशी पदवी दिली होती. कर्जत तालुक्यातील कै. नानासाहेब घाटवळ हे त्यांच्या उपजत गुण, धाडसी वृत्ती व तीक्ष्ण बुद्धी यामुळे सध्या शिपायापासून डेप्युटी सुपरीटेंडन्ट ऑफ पोलीस (DSP) या मोठ्या हुद्यापर्यंत वाढत गेले. पोलीस खात्यात त्यांच्यासारखा अधिकारी फारच विरळा. ** त्यांचे धाकटे बंधू गजानन घाटवळ यांनी ”यादव शिक्षण प्रसारक मंडळी” या नावाची संस्था काढली. असो, अशा किती तरी प्रसिद्ध व्यक्तीची माहिती सांगण्यासारखी आहे. संस्कृती आणि आनुवंशिक संस्कार याच्या उपजत सहाय्यामुळे यादवांच्या वंशजांनी आज निरनिराळ्या क्षेत्रात, विद्येत, व्यापारात, धर्मकार्यात प्रवेश केला आणि त्यात यश मिळवले. ==समाजाची दैवते== [[चित्र:Pali- Shri Ballaleshwar.jpg|250px|right|thumb|बल्लाळेश्वर (पाली)]] गवळी बांधवांच्या गावात मधोमध देऊळ असते. गावदेवी, हनुमान, राधाकृष्ण, विठ्ठलरुक्मिणी, राम, गणपती, शंकर, दत्त यांची ही देवळे असतात. गावदेवी, खंडोबा, भैरी, भवानी, जोगेश्वरी, सालबाई, मोठ्याबाया, जागेवाला, म्हसोबा, वेताळ, चेडा ही समाजाची मुख्य दैवते. अलीकडे एकवीरा हेही दैवत मानले जात आहे. बहुतेकांच्या घरी गणपती येतो. गौरीगणपती, होळी, लग्नसमारंभ यांत गवळी बांधव नाचतात. * ग्रामदैवत: कोकण प्रांतातील गवळी समाज ठिकठिकाणच्या ग्रामदैवतांना मानत आलेला आहे. त्यापैकी मुंबईची [[मुंबादेवी]], पालीचा बल्लाळेश्वर, महाडचे विरेश्वर कोटेश्वरी, नागोठणेची जोगेश्वरी, * रोह्याचे व म्हसळ्याचे धावीर महाराज, * तळ्याची व दाभोळची चंडिका, कडापेचे बापुजी काळकाई, भरणेची काळकाई, * श्रीवर्धनची सोमजाई, बोरलीची चिंचबाई, आंबवलीची विन्हेरेची झोलाई, धामणी गावची झोलाई, गोरेगावचे भैरीनाथ, साखरोळीचे खेमदेव या ठिकाणच्या दैवतांना गवळी समाज विशेष मानत आलेला आहे. लग्नसोहोळ्या प्रसंगी या देवतांच्या आवर्जून भेटी घेतल्या जातात. [[चित्र:Mumbadevi (f).jpg|इवलेसे|180x180अंश|मुंबादेवीचे देऊळ]] * समाजात कुलदैवताला घरचा देव म्हटले जाते. भावकीतील, घराण्यातील एका कुटुंबात घराण्याच्या कुलस्वामीचा देव्हारा पुजला जातो. लग्नाच्या वेळी हा देव आणून त्याची लग्नघरात स्थापना केली जाते. लग्नानंतर कोंबड्या, बकऱ्याचा मान देऊन देव उठवला जातो. वर्षातून एकदा प्रत्येक कुटुंबाने कुलस्वामी कुलस्वामिनीच्या भेटीला जायची रीत आहे. कुलदेवाचा देव्हारा असणाऱ्या घरातील गौरी मानाची असते. गणेशोत्सवात कुलस्वामीचा देव्हारा असलेल्या घरातील गौरीगणपतीच्या दर्शनासाठी जातात. कुलदेवतांचे वर्षातून गौरीपूजन, घटस्थापना, नवरात्र-अष्टमी, महानवमी, चैतावली असे समारंभ केले जातात. समाजातील पाटील व इतर काही घराण्यांचा अपवाद सोडला तर, बाकीच्या सर्व घराण्यांतील कुलदेवतांचा गोंधळ हा दर तीन वर्षांनी होतो. हल्ली घाटावरील लोकांप्रमाणे गवळ्यांमध्ये सुद्धा वर्षातून एकदा जेजुरीला किंवा तीर्थक्षेत्राला जायचा प्रघात पडला आहे. == समाजाच्या चालीरिती == समाजात जन्मविधी, नामकरण, साखरपुडा, लग्नसमारंभाच्या आधीचे तांदुळ, देवक, उटणे, हळद वैगरे मंगलविधी हे समाजातील जेष्ठ व्यक्ती व स्रीयां मार्फत केले जातात. परंतु लग्नाच्या व उत्तरकार्याच्या वेळी ब्राह्मणच असावा लागतो. कुणबी, आगरी समाजाप्रमाणे गवळ्यांमध्ये सुद्धा पूर्वीपासूनच विधवा विवाहाला मान्यता आहे. कुणबी, आडमराठे किंवा मराठेकुणबी, आगरी ह्या जाती गवळी सदृश असल्या तरी भिन्न आहेत. पूर्वीचा मुंबई इलाख्यांत (Bombay Presidency) सध्याचा कोकण आणि मध्य महाराष्ट्रात गवळी जातींत कोकणातले व घाटावरचे या पोटभेदांखेरीज पोटजाती नाहीत. विवाहादि संस्कार ब्राम्हणच करतात. जातीचे बहुतेक सर्व प्रश्न जातीतच गोतगंगे (गोतसभा) मार्फत सोडवले जात;, मात्र क्वचित् महत्त्वाच्या धार्मिक प्रश्नांवर ब्राह्मणांचे मत घेण्यात येतेयेत असे. गेल्या तीनचारशे वर्षात जातीचे स्थलांतर मुळीच झालेले नाही. इंग्रजी राज्यापूर्वी जातीचा आचार चालीरीतीस अनुसरून होता, असे ज्ञातीच्या मंडळीचे म्हणणे आहे. त्यानंतर काही बाबतीत सुधारणेच्या दृष्टीने फरक पडत चालला आहे. लग्नाच्या आदल्या दिवशीचा हळदीचा कार्यक्रम. या दिवशी वर व वधूला घरात हळद दळून (वाटून) लावतात. याच दिवशी ग्रामदेवता, कुलस्वामी आणि घरच्या देवांना (कुटुंबात पुजत असलेल्या देवांना) मान देण्यात येतो. गवळी समाजात प्रत्येक कुटुंबांचा एक देव्हारा असतो. आणि त्याची पूजा करणारा (भगत) हे मान देतो. समाजात लग्न समारंभासाठी सूप, टोपली, रोवळी, उखळ, मुसळ, जाता, पाटा, वरवंटा, माल्टा (दगडी दिवा), नामनदिवा (लमाणदिवा), पितळीपराती, मडके, कोयती, कुराड, कनाकोंडा, बिनभरडलेला भात या ग्राम्यसंस्कृती व शेतकरी संस्कृतीशी घट्ट नाते असणाऱ्या वस्तूंचे महत्व खूप आहे. या वस्तूंचा उपलब्धते शिवाय विधी पूर्ण होणे अशक्य आहे. देवता पूजण्या शिवाय तांदूळ धुवणे, तांदूळ दळणे, पोल्या तळणे, हळद वाटणे, घाणा भरणे, घाणा कुटणे इत्यादी अनेक विधी करवली आणि नवरानवरीचा हातून करून घेतल्या जातात. यात वरमाया करवल्यांचा मोठामान असतो. हळदी समारंभाचा दिवशी रुईच्या फुलांचा मुंडावळ्या वधू वरांस बांधल्या जातात. पूर्वीचा काळी लग्नासाठी तांदूळ, लाह्या, खोबरे, चणे इत्यादी जिनसा भिजत घालून घरचा घरी मुंडावळ्या ओवल्या जात असत. हल्ली मण्यांचा मुंडावळ्या बांधल्या जातात. लग्नसमारंभात हळदुल्या कट्यारीला अनन्यसाधारण महत्व असून लग्नसोहोळा पूर्णपणे पारपडून वरात घरी भरून होईपर्यंत वधूवर नेहमी कट्यार आपल्या जवळ बाळगून असतात. त्याचप्रमाणे वर लग्नघरातून निघाल्यावर्ती नवरदेवावर्ती धरण्यात येणारा '''सतिर''' (छत्री) लग्न लागल्यावरतीच मिटण्यात येतो. समाजाची क्षात्रधर्मी पार्श्वभूमी यातून दिसून येते. कोकण प्रांतातील गवळी, कुणबी, आगरी लोकांमध्ये सण चालीरीती लग्नसमारंभ यात साम्यता आढळते. तरीही या समाजांमध्ये परस्परात लग्न समारंभ होत नाहीत. या समाजात स्त्रियांसुद्धा पुरुषांसोबत शेतीला आणि व्यवसायाला हातभार लावतात. आज महाराष्ट्रात भेडसावत असलेल्या हुंडापद्धतीच्या विपरीत या समाजात हुंडापद्धत पूर्वीपासून अस्तित्वात नाही. समाजात लग्नसमारंभात स्त्रियांना अग्रामन असतो. गवळी समाजात मातृसत्ताक पद्धतीची झलक आपल्याला दिसून येईल. तसेच सध्या चालत आलेल्या पद्धतीनुसार मामाच्या (आईचा भाऊ) मुलीशी लग्न करण्याची पद्धत आहे. पूर्वी गवळी समाजात केवळ आपल्याच विभागातील गावांमध्ये सोयरीक करण्याची  पद्धत होती. काळाने हे सर्व विभाग एक मेकात मिसळून गेले. == पारंपरिक पोशाख == कमरेला रुमाल नेसलेला, खांद्यावर घोंगडी, विशेष प्रसंगी धोतीर (धोतर) नेसल्यास ढोपरापर्यंतच, डोक्याला गवारीटोपी, पागोटे, पगडी किंवा मुंडासे, कानात वाळ्या-भिकबाळी, गळ्यात गोफ, पायात जाड करकरीत वहाणा, कमरेवर आकडी आणि कोयती सदोनीत अडकवलेली असा पुरुषांचा भारी रुबाब. [[File:Agrees, or Salt Cultivators of Salsette (9842277595).jpg|thumb|Agrees, or Salt Cultivators of Salsette]] स्त्रियांमध्ये नाकात मोठीनथ, कानात कुड्या कानपट्ट्या बुगडया, हातात पाटल्या/ गोठ, गळ्यात गळसरी-गाठवण-पुतळीहार, पायात जोडव्या तोडे, कपाळावर गोल मोठे ठसठशीत कुंकू किंवा कुंकवाची जाडसर आडवी चिरी, डोईवर वेणी किंवा सुवासिक रानफुले खोचलेली यासारख्या सौंदर्यालंकारासोबतच ढोपरापर्यंतच लुगडे नेसण्याची पद्धत प्रचलित, त्याला '''मांडकास नेसणे''' असेही म्हणतात. [[चित्र:Sone_of_the_soil_community_historical_photograph.jpg|इवलेसे|Kunbi-Gavli-Aagri community Historical Photograph]] तांदळाची भाकरी, भात, मळ्यातल्या भाज्या, सुकीमासळी हे नियमित अन्न. भाताची खीर, चामट्या, पानगे, उकडीचा शेंगा-दिवे, नेवऱ्या, मुगवऱ्या, फेण्या पापड्या, तांदळाची बोरं, गोडाचेवडे (पोल्या) हे गवळी चे सणासुदीचे पारंपरिक खाद्य. एकेकाळी भाता सोबत नाचणी, वरी, हारीक ही धान्ये आणि कडधान्ये, भाजीपाला पिकवणारा भूमीपूत्र समाज. ==गवळी समाजाबद्दल== सद्यस्थितीला गवळी समाजात नोकरी, उद्योग, विविध व्यवसायांमधून आर्थिक सुबत्ता दिसून येते. हा समाज आता सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक स्तरांनुसार विभागला गेला आहे. घरातील वडिलधाऱ्या व्यक्ती जुनी बोलीभाषा बोलतात. कोकणातील गवळी समाजाची बोली ही आगरी बोलीशी मिळतीजुळती आहे. काळानुरूप समाजाचा पेहरावही बदलला आहे. पूर्वी कंबरेला रुमाल, अंगात बंडी, डोक्‍यावर पटका (फेटा) किंवा टोपी असायची. तर लग्न समारंभाला हाफपॅन्ट, कोट, धोतिर (धोतर), टोपी आणि महिला नऊवारी साडी नेसायच्या. तर "आठवार मुली" (लग्न न झालेल्या) "परकर पोलका" घालीत. लग्न समारंभातील हळदीच्या गाण्यांनी आणि अन्य पारंपरिक गाण्यांनी समारंभ अविस्मरणीय व्हायचा. आता त्याचे स्वरूप बदलल्याचे जाणवते. ही गाणी आता ऐकायला मिळत नाहीत. * समाजातील बहुतेक मंडळी उच्चशिक्षित, वारकरी आणि आध्यात्मिक बैठकीला जाणारी असल्याने पारंपरिक बोली भाषा विस्मरणात गेली आहे. पूर्वी कुटुंबात आईला "आये" किंवा "बय", आजीला सुद्धा "बय" किंवा "म्हातारी आये" आणि बहिणीला "बाय'' असे संबोधण्यात येत होते. तसेच वडिलधाऱ्या मंडळींना "बाबास", "काकास", "दादास" म्हणण्याची पद्धत होती. तर लहान मुलांना "बाला, बावा''' म्हणून हाक मारले जायचे. 'च्या भना', 'वाटोला झाला' ही शिवी-वजा विशेषणे सर्रास वापरली जात. मात्र आता त्याच्यावर काहीसे निर्बंध आल्याचे जाणवते. किंवा ही वाक्‍ये विस्मरणात गेली. गवळी माणसाचा कणखर आणि काहीसा राकटपणा त्यांच्या बोलीभाषेतून जाणवतो. तर गवळी मंडळींची देहबोलीही त्यांच्या बोलीभाषेशी साधर्म्य साधणारी आहे. या समाजाचे वैशिष्ट्य आणि बोलीभाषा काळानुरूप बदलत आहेत. गोपालनाच्या व्यवसायावरून '''‘गवळी’''' हे नाव पडलेले असले तरी, मुख्य व्यवसाय हा भातशेतीच आहे. ही जात ठाणे, रायगड, रत्‍नागिरी जिल्ह्यात मोठ्या प्रमाणावर आहे. भातशेतीच्या व गोपालनाच्या धंद्यावरून ही एक स्वतंत्र जात झालेली आहे. यांमध्ये #आगरातले गवळी (कोकणातले), #घाटावरचे गवळी असे पोटभेद असून त्या पोटभेदांतील लोकांच्या चालीरीती, बोलीभाषा वेगवेगळ्या आहेत. गवळ्यांच्या पुष्कळ चालीरीती आगरी व कुणब्यांप्रमाणे आहेत. आडनांव एक असलेल्या लोकांमध्ये विवाहसंबंध होत नाहीत. पुनर्विवाह व काडीमोड (घटस्फोट) या दोन्ही चाली गवळ्यांमध्ये पूर्वीपासूनच रूढ आहेत. पूर्वीचा काळी स्त्रिया पांढरे शुभ्र उपरणे किंवा धोतर अंगाभोवती शालीप्रमाणे पांघरून घेत असत. जवळपास दोन तृतीयांश गवळी शाकाहारी तर ईतर मांसाहारी असून मुख्य अन्न तांदळाची भाकरी, भात, सुकी मासळी हे आहे. ==गवळी लोकांची आडनावे == आवासकर, आईनकर, अहिर,कोटकर, कोदेरे , काटेकर, काते, कासार, किलजे, कांबळे, कोंडेरे, काटले, कापदुले, कलांबकर, केलस्कर, टोपरे, केसरकर, यादवराव, जाधवराव, गवळी, गवली, यादव, याधव, जाधव, जाधवराव,गोलेवार, ,गायकर, गोरीवले, गोपाळे, गोपाळ, खताते, खरपुडे, खेडेकर, खवलेकर,घाटवळ, घोसाळकर, ठसाळ, साळ, घोले, चाचे, चिले, चोगले, चौकेकर, टावरे, ठाणके, डायरे, डाकरे, दिघे, डिगे, ढगे, तरेकर, तटकरे, तळकर, तिसकर, तांबडे, दर्गे, दुर्गवळी, दळवी, दिवेकर, दुखले, दुर्गावळे, दिघीकर, दाभोळकर, धुमाळ, नटे, नारिंगकर, पाटील, साबळे, पंदेरे, पवार, पगार, पगडे, पाटगे, पाटे, बांडागळे, बाठे, बिरवटकर, बिरवाडकर, बोबडे, बोरे, भुरण, भालेकर, भेसरे, भोजने, मांदाडकर, महागावकर, महाडीक, माटे, मिरगळ, मोडशिंग, सारंगे, साईकर, यादव, राईन, रायगवळी, रिकामे, लटके, लाड, लेपकर, वरणकर, वरेकर, वाजे, शिवकर, शिंदे, किन्होळकर, शिळीमकर, हिवरकर.देखनाळे, बहिरट, बिडकर, कलागते, किन्होळकर, गार्वे, वैराळकर, इंगोले, डाकवे, देवर्षी, हुच्चे, परळकर, अलंकर, अवधूत, कविस्कर, नागापुरे, पायकर, परळकर, औरंगे, घुले, साठे, हिरणवाळे, खडके, येवले, हेकडे, भाकरे, शेळके, शनवारे, चावंडे, काळे, गायन, सुडस्कर, बावस्कर, निखाडे, तोटे, भक्ते, आलोकर, घाटोळ, पाटणकर, घुमारे, आसोले, कटाले, चौधरी, लंगोटे, यमगवळी, खोपेकर, पुलाते, भालेराव, ढोकणे, अवसरे, फुके, काष्टे, भाकरे, डाखोरे, साखरे, पारध, देव्हारे, मंदाडे, झित्रे, लोहंबरे, कवरके, देसाई, देशमुख, दादगाये, नाथ गोलावार, बोंदरवाड, येईलवाड, घुमे, बुरकुले, जक्कलवार, जंगवाड, किरतवाड, गाडे, माडगे, जिल्हेवाड, पाटील, एडले, मुंगरे, कांकांडे, नुनुंचे, खरबकर, गोटमवाड, डोनकेवाड, दामनबैनवाड, लिंगनवाड, जानापुरे, मोटपरे, जाणापुरे, कोंके, तोडचिरे, बोंबदरे, कासार, देशमुख, देवणे, आऊलवार, जंगवाड, मुगरे, कटकेमोड, करेवाड, जिंकोड, बुरफुले यादवराव, जाधवराव, गवळी, गवली, यादव, जाधव, जाधवराव,गोलेवार, ,गायकर ई. ==जुन्या पिढीतील नावे== '''पुरुषांचीः-''' कान्हा, काळू, केरु, गोमा, गोईन, गोंदया, गौरु, गणू, गंग्या, जानू, जोमा, धर्मा, दोरक्या, दामु, धाकटू, धोंडू, पदू, पंड्या, पोशा, बारक्या, बाळा, बेंडू, बंडया, बेमट्या, सुडक्या, सोनू, चांगो, भिकू, महादू, लखु, राघो, रामा, येशा, वाळकू इ. '''बायकांची:-''' कुंदा, गुणी, गंगा, चंद्रा, जनी, ठकू, तानी, दोरकी, देऊ, धाकटी, धोंडी, नामी, पंडी, पिठी, पारबती, बाया, बारकी, भागी, भिमा, भिकी, महाली, मंदा, राजी, रोंगी, विठा, शांती, सखू, सोनी, हिरा, येस्वदा, येशी इ. लग्नानंतर मुलींचा नावापुढे '''बाई''' लावले जात असे. == प्रसिद्ध व्यक्तीमत्वे == * [[डॉ. विश्राम रामजी घोले]], थोर समाजसुधारक * गोपाळबाबा वाजे महाराज, कीर्तनकार * सुनिल तटकरे, माजी मंत्री * [[आदिती तटकरे]], महिलाविकास मंत्री * तुकाराम रामकृष्ण काते, आमदार * [[सचिन खेडेकर]], सिने कलाकार * [[तेजस्विनी घोसाळकर]], नगरसेविका * [[ओंकार भोजने]], नाट्य कलावंत * [[रमेश लटके]], माजी आमदार * [[ऋतुजा रमेश लटके]], आमदार * [[दीपक वसंत केसरकर]], माजी मंत्री egtowlc1mcmgckybmmct26udjowi57h वैश्विक किरण 0 202312 2710804 2704793 2026-09-19T15:49:12Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710804 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''वैश्विक किरण''' ('''इंग्रजी: Cosmic rays''') हा उच्च-ऊर्जा [[प्रारण|किरणोत्सर्गाचा]] एक प्रकार आहे, प्रामुख्याने [[सूर्यमाला|सूर्यमालेच्या]] बाहेर आणि अगदी दूरवरच्या [[आकाशगंगा|आकाशगंगांपासून]] तो येतो.<ref>{{Cite book|last=Perkins|first=Donald H.|title=Particle Astrophysics|url=https://archive.org/details/particleastrophy0000perk|year=2003|publisher=Oxford University Press|page=[https://archive.org/details/particleastrophy0000perk/page/75 75]|isbn=978-0-19-850952-3}}</ref> पृथ्वीच्या वातावरणावरील परिणामामुळे, वैश्विक किरणांद्वारे दुय्यम कणांचा पाऊस तयार होतो जे कधीकधी पृष्ठभागावर पोहोचतात.<ref>{{Cite book|last=Gaisser|first=Thomas K.|title=Cosmic Rays and Particle Physics|url=https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais|year=1990|publisher=Cambridge University Press|page=[https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais/page/12 12]|isbn=978-0-521-33931-5}}</ref> प्रामुख्याने उच्च-ऊर्जा [[प्रोटॉन]] आणि [[अणू]] न्यूक्लीचे बनलेले, त्यांचा उगम [[सूर्य|सूर्यापासून]] किंवा आपल्या सूर्यमालेच्या बाहेरून होतो.<ref>{{Cite book|last=Longair|first=Malcolm S.|title=High Energy Astrophysics|year=2011|publisher=Cambridge University Press|page=210|isbn=978-0-521-68383-8}}</ref> [[नासा]]च्या फर्मी स्पेस टेलिस्कोपच्या २०१३ मधील आकडेवारीवरून मिळालेल्या पुराव्यानुसार, प्राथमिक विश्वाच्या किरणांमधील महत्त्वपूर्ण अंश [[सुपरनोव्हा|तारेच्या अलौकिक स्फोटातून]] उद्भवला आहे.<ref>{{Cite journal|last=Ackermann|first=M.|title=Detection of the Characteristic Pion-Decay Signature in Supernova Remnants|url=https://archive.org/details/sim_science_2013-02-15_339_6121/page/807|journal=Science|volume=339|issue=6121|pages=807–811|year=2013|doi=10.1126/science.1231160}}</ref> सक्रिय गॅलॅक्टिक न्यूक्ली देखील २०१८ मध्ये ब्लेझर (TXS 0506+056) मधील [[न्यूट्रिनो]] आणि [[गॅमा किरण|गॅमा किरणांच्या]] निरीक्षणाच्या आधारावर वैश्विक किरणांची निर्मिती करताना दिसतात.<ref>{{Cite journal|last=IceCube Collaboration|title=Neutrino emission from the blazar TXS 0506+056 prior to the 10-year IceCube alert|url=https://archive.org/details/science_2018-07-13_361_6398/page/147|journal=Science|volume=361|issue=6398|pages=147–151|year=2018|doi=10.1126/science.atg4280}}</ref> [[सूर्यमाला|सूर्यमालेच्या]] बाहेरील उच्च-ऊर्जा प्रारण असणारे किरण असतात. पृथ्वीच्या वातावरणावर आदळल्यावर ते दुय्यम कणांचा पाऊस पाडू शकतात. तो कधीकधी भूपृष्ठावरही येऊ शकतो.<ref>{{Cite book|last=Gaisser|first=Thomas K.|title=Cosmic Rays and Particle Physics|url=https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais|year=1990|publisher=Cambridge University Press|page=[https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais/page/15 15]}}</ref> == प्रकार == [[चित्र:Cosmic ray flux versus particle energy.svg|डावे|इवलेसे|351x351अंश|वैश्विक किरण प्रवाह, कण उर्जा]] वैश्विक किरणांचे बरेच प्रकार आहेत. सौर वैश्विक किरण सूर्यापासून उद्भवतात. त्यांची ऊर्जा ($10^7$ ते $10^{10}$ eV) इतर सर्व वैश्विक किरणांपेक्षा कमी आहे. सूर्यामध्ये ज्वाला आणि स्फोटांच्या परिणामी हे उद्भवतात.<ref>{{Cite book|last=Longair|first=Malcolm S.|title=High Energy Astrophysics|year=2011|publisher=Cambridge University Press|page=215}}</ref> वैश्विक किरणांचा दुसरा प्रकार म्हणजे आकाशगंगेचा किरणोत्सर्गी किरण (Galactic cosmic rays). त्यांची ऊर्जा ($10^{10}$ ते $10^{15}$ eV) सौर वैश्विक किरणांपेक्षा जास्त आहे.<ref>{{Cite book|last=Perkins|first=Donald H.|title=Particle Astrophysics|url=https://archive.org/details/particleastrophy0000perk|year=2003|publisher=Oxford University Press|page=[https://archive.org/details/particleastrophy0000perk/page/82 82]}}</ref> खगोलशास्त्रज्ञांना हे समजले आहे की हे सुपरनोव्हा स्फोट, [[कृष्णविवर|ब्लॅक होल]] आणि [[न्यूट्रॉन तारा|न्यूट्रॉन तारे]] यांच्यापासून उद्भवतात, जे आपल्या स्वतःच्या आकाशगंगेमध्ये आहेत.<ref>{{Cite book|last=Gaisser|first=Thomas K.|title=Cosmic Rays and Particle Physics|url=https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais|year=1990|publisher=Cambridge University Press|page=[https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais/page/45 45]}}</ref> एक्स्ट्रागॅलॅक्टिक कॉस्मिक किरण हा तिसरा प्रकार आहे. शास्त्रज्ञांचा असा विश्वास आहे की त्यांचा स्रोत आमच्या आकाशगंगेच्या बाहेर आहे. या किरणांची ऊर्जा ($10^{14}$ eV पेक्षा जास्त) गॅलेक्टिक कॉस्मिक किरणांपेक्षा जास्त आहे. हे [[क्वेसार]] आणि सक्रिय आकाशगंगेच्या मूळातून उद्भवतात.<ref>{{Cite book|last=Longair|first=Malcolm S.|title=High Energy Astrophysics|year=2011|publisher=Cambridge University Press|page=340}}</ref> जेव्हा वैश्विक किरण पृथ्वीच्या वातावरणाला भिडतात, तेव्हा ते वायूंचे रेणू आणि अणू मोडतोड करतात. अशा प्रकारे हे नवीन कॉस्मिक किरण कण ([[पायॉन]], [[म्यून]]) तयार करतात.<ref>{{Cite book|last=Gaisser|first=Thomas K.|title=Cosmic Rays and Particle Physics|url=https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais|year=1990|publisher=Cambridge University Press|page=[https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais/page/102 102]}}</ref> हे नवीन कण इतर नवीन वैश्विक किरणांचे कण ([[इलेक्ट्रॉन]], [[पॉझिट्रॉन]], न्यूट्रिनो) बनवतात आणि अशा प्रकारे वैश्विक किरण सर्वत्र पसरतात. नवीन कॉस्मिक किरण कण सतत तयार करण्याच्या प्रक्रियेत, त्यांची ऊर्जा कमी होते. वातावरणात बऱ्याच वेळा वैश्विक किरण आणि वायूंमध्ये टक्कर होते आणि अखेरीस कोट्यवधी दुसरे वैश्विक किरण तयार होतात, ज्याला "कॉस्मिक-रे शॉवर किंवा एअर शॉवर" म्हणून ओळखले जाते.<ref>{{Cite book|last=Perkins|first=Donald H.|title=Particle Astrophysics|url=https://archive.org/details/particleastrophy0000perk|year=2003|publisher=Oxford University Press|page=[https://archive.org/details/particleastrophy0000perk/page/88 88]}}</ref> कॉस्मिक किरण एक प्रकारचे किरणोत्सर्ग आहेत ज्यामुळे प्राणी व यंत्रांचे नुकसान होऊ शकते. आपण भाग्यवान आहोत की पृथ्वीचे [[चुंबकीय क्षेत्र]] आणि [[वातावरण]] या किरणांपासून आपले संरक्षण करते, अन्यथा मानवांना दरवर्षी सरासरी २.३ मिलिसेव्हर्ट किरणांचा सामना करावा लागला असता.<ref>{{Cite book|last=Cucinotta|first=F. A.|title=Space Radiation Risks to the Human Genome|year=2001|publisher=NASA Johnson Space Center|page=5}}</ref> मिलिसेव्हर्ट हे रेडिएशन मापनाचे एकक आहे आणि mSv ने दर्शवले जाते. चुंबकीय क्षेत्र आणि वातावरणामुळे, पृथ्वीवर केवळ ०.२ mSv किरणोत्सर्गाचे आगमन होते, जे येणाऱ्या रेडिएशनच्या एकूण प्रमाणापेक्षा खूप कमी आहे.<ref>{{Cite book|last=Cucinotta|first=F. A.|title=Space Radiation Risks to the Human Genome|year=2001|publisher=NASA Johnson Space Center|page=8}}</ref> [[अंतराळवीर|अंतराळवीरांना]] पृथ्वीपासून दूर ([[चंद्र]] किंवा [[मंगळ ग्रह|मंगळाच्या]] दिशेने) प्रवास करताना सुमारे ९०० mSv मोठ्या प्रमाणात रेडिएशनचा सामना करावा लागतो, जिथे पृथ्वीवरील चुंबकीय क्षेत्र किंवा इतर कोणतेही स्रोत या किरणांपासून त्यांचे संरक्षण करण्यासाठी अस्तित्वात नसतात.<ref>{{Cite journal|last=Setlow|first=R. B.|title=The hazards of space radiation|journal=Medical Physics|volume=30|issue=6|pages=1210–1214|year=2003|doi=10.1118/1.1573031}}</ref> वैश्विक किरणांमुळे आपल्या [[डीएनए]]चे नुकसान होते, ज्यामुळे [[कर्करोग]] होऊ शकतो.<ref>{{Cite journal|last=Setlow|first=R. B.|title=The hazards of space radiation|journal=Medical Physics|volume=30|issue=6|pages=1212|year=2003}}</ref> मंगळ मोहिमेवर पाठवण्यापूर्वी अंतराळवीरांना या किरणोत्सर्गापासून कसे संरक्षण द्यावे याबद्दल शास्त्रज्ञांना चिंता आहे. पृथ्वीवर नेहमीसारखा वैश्विक किरण नसतो. जेव्हा सूर्य अधिक सक्रिय असतो, तेव्हा पृथ्वीकडे येणाऱ्या या वैश्विक किरणांचे प्रमाण कमी होते.<ref>{{Cite book|last=Longair|first=Malcolm S.|title=High Energy Astrophysics|year=2011|publisher=Cambridge University Press|page=222}}</ref> दर ११ व्या वर्षी सूर्य अधिक सक्रिय होतो. यावेळी अधिक सौर ज्वाला उद्भवतात आणि बऱ्याच चक्राकार घडामोडी त्याच्या वातावरणात घडतात, परिणामी सूर्याचे चुंबकीय क्षेत्र प्रबळ होते.<ref>{{Cite book|last=Perkins|first=Donald H.|title=Particle Astrophysics|url=https://archive.org/details/particleastrophy0000perk|year=2003|publisher=Oxford University Press|page=[https://archive.org/details/particleastrophy0000perk/page/95 95]}}</ref> तथापि, पृथ्वीवर पोहोचणाऱ्या रेडिएशनचे प्रमाण कमी होते कारण जेव्हा सूर्य सक्रिय असतो तेव्हा त्याचे चुंबकीय क्षेत्र किंवा हेलिओस्फिअर अधिक सक्रिय होते, जे सौर मंडळामध्ये येणाऱ्या आकाशगंगेच्या किरणांना प्रतिबंध करते, ज्यांची ऊर्जा सौर किरणांपेक्षा जास्त असते. सूर्याच्या सक्रिय स्थितीत अंतराळ प्रवास करणे तुलनेने अधिक सुरक्षित मानले जाते.<ref>{{Cite book|last=Longair|first=Malcolm S.|title=High Energy Astrophysics|year=2011|publisher=Cambridge University Press|page=225}}</ref> == व्युत्पत्तिशास्त्र == अंतरिक्षातून पृथ्वीकडे येणारे शक्तिशाली किरण होय. ऐतिहासिक शब्द म्हणजे किरण हा किरणोत्सर्गी विकिरण म्हणून ओळखला जाणे आवश्यक आहे. सामान्य वैज्ञानिक वापरात, आंतरिक द्रव्यमान असलेल्या उच्च-ऊर्जा कणांना "कॉस्मिक किरण" म्हणून ओळखले जाते, तर [[फोटॉन]], जे [[विद्युतचुंबकीय प्रारण|विद्युतचुंबकीय किरणांचे]] प्रमाण असतात (आणि म्हणूनच वस्तुमान नसतात) त्यांच्या सामान्य नावांद्वारे ओळखले जातात, जसे की [[गॅमा किरण]] किंवा [[क्ष-किरण]], त्यांच्या फोटॉन ऊर्जेवर अवलंबून असतात.<ref>{{Cite book|last=Gaisser|first=Thomas K.|title=Cosmic Rays and Particle Physics|url=https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais|year=1990|publisher=Cambridge University Press|page=[https://archive.org/details/cosmicrayspartic0000gais/page/3 3]}}</ref> == शोध == वैश्विक किरणांचा शोध ऑस्ट्रियन-अमेरिकन भौतिकशास्त्रज्ञ [[व्हिक्टर हेस]] यांनी १९१२ मध्ये लावला.<ref>{{Cite journal|last=Hess|first=V. F.|title=Über Beobachtungen der Durchdringenden Strahlung bei sieben Freiballonfahrten|journal=Physikalische Zeitschrift|volume=13|pages=1084–1091|year=1912}}</ref> या शोधासाठी त्यांना १९३६ मध्ये [[भौतिकशास्त्रातील नोबेल पारितोषिक]] देण्यात आले.<ref>{{Cite web|url=https://www.nobelprize.org/prizes/physics/1936/summary/|title=The Nobel Prize in Physics 1936|publisher=Nobel Media AB|access-date=2026-07-29}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == [[वर्ग:वैश्विक किरणे]] [[वर्ग:प्रारण]] [[वर्ग:सौर घटना]] 4hoyae0lmxiqfzaafx6rqhk58exiyc1 प्रसवोत्तर जंतुसंसर्ग 0 211521 2710811 2086764 2026-09-19T16:22:47Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710811 wikitext text/x-wiki {{Infobox disease | Name = प्रसवोत्तर जंतुसंसर्ग | Image = Streptococcus pyogenes.jpg | Caption = ''[[स्ट्रेप्टोकॉकस प्योजेन्स]]''(लाल रंगाचे गोल) हे अनेक बाबतीत तीव्र प्रसवोत्तर तापास कारणीभूत असतात. (९०० पट विस्तृतीकरण) | DiseasesDB = | ICD10 = {{ICD10|O|85||o|85}} | ICD9 = {{ICD9|672}} | ICDO = | OMIM = | MedlinePlus = | eMedicineSubj = article | eMedicineTopic = 796892 | MeshID = D011645 }} <!-- Definition and symptoms --> {{बदल}} '''प्रसवोत्तर जंतुसंसर्ग''', ज्यांना '''प्रसूतीपश्चात जंतुसंसर्ग''', '''प्रसवोत्तर ताप''' किंवा '''प्रसूतीनंतर येणारा ताप'''असेही म्हणतात, तो [[बाळाचा जन्म]] किंवा [[मिसकॅरेज]] नंतरचा स्त्री प्रजोत्पादन मार्गात होणारा जिवाणू संसर्ग असतो.<!-- <ref name=W2014/> --> चिन्हे आणि लक्षणांमध्ये थंडी वाजून येणारा मोठा{{convert|38.0|C|F}}ताप, ओटीपोटात वेदना आणि कदाचित दुर्गंधीयुक्त [[योनी स्राव]]यांचा समावेश असतो.<ref name=W2014>{{स्रोत पुस्तक|title=Williams obstetrics|url=https://archive.org/details/williamsobstetri0024unse|date=2014|publisher=McGraw-Hill Professional|isbn=9780071798938|pages=Chapter 37|edition=24th|chapter=37}}</ref> तो बहुधा प्रसूतीच्या पहिल्या दहा दिवसांमध्ये पहिल्या २४ तासानंतर घडतो. <ref>{{स्रोत पुस्तक|author1=Hiralal Konar|title=DC Dutta's Textbook of Obstetrics|date=2014|publisher=JP Medical Ltd|isbn=9789351520672|page=432|दुवा=https://books.google.ca/books?id=LU2VAwAAQBAJ&pg=PA432}}</ref> <!-- Causes and diagnosis--> सर्वात सामान्य जंतुसंसर्ग हा [[गर्भाशयाचा]] आणि सभोवतालच्या उतींचा असतो ज्याला '''प्रसवोत्तर पू होणे''' किंवा '''प्रसूतीनंतर गर्भाशयस्नायू दाह''' म्हणतात.<!-- <ref name=W2014/> --> जोखीम घटकांमध्ये [[सिझेरियन सेक्शन]], एखाद्या जिवाणूची उपस्थिती जसे की योनीमध्ये [[ब गट स्ट्रेप्टोकॉकस]], [[अकाली पडदा फाटणे]], आणि [[इतर घटकांमध्ये लांबलेले बाळंतपण]] हे देखील समाविष्ट असतात.<!-- <ref name=W2014/> --> बऱ्याचशा जंतुसंसर्गांमध्ये अनेक विविध प्रकारचे जिवाणू सामील असतात. <!-- <ref name=W2014/> --> योनी किंवा रक्ताच्या [[सूक्ष्मजीवशास्त्रीय संवर्धनाची|संवर्धन]] निदानामध्ये क्वचितच मदत होते.<!-- <ref name=W2014/> --> ज्यांच्यामध्ये सुधारणा होत नाही त्यांना [[मेडिकल इमेजिंग]] करणे आवश्यक असू शकते.<!-- <ref name=W2014/> --> प्रसूतीनंतरच्या तापाच्या इतर कारणांमध्ये यांचा समावेश होतो: [[अतिरिक्त दुधामुळे स्तन दुखणे]], [[मूत्रमार्गातील जंतुसंसर्ग]], ओटीपोटावरील छेदाचा किंवा [[भगछेदन]] यांचे जंतुसंसर्ग आणि [[फुफ्फुसांमधील हवेच्या पोकळ्या अंशतः बंद होणे]].<ref name=W2014/> <!-- Prevention and treatment --> सी-सेक्शन नंतरच्या जोखमींमुळे शल्यक्रियेच्या वेळेच्या आसपास सर्व स्त्रियांना प्रतिबंधात्मक [[ॲम्पिसिलिन]] सारख्या [[प्रतिजैविक]] मात्रेची शिफारस केली आहे. <!-- <ref name=W2014/> --> सिद्ध झालेल्या जंतुसंसर्गावरील प्रतिजैविकांसह उपचार अनेक लोकांना दोन ते तीन दिवसांमध्ये सुधारतात.<!-- <ref name=W2014/> --> सौम्य आजार असलेल्यांना मौखिक प्रतिजैविके वापरली जाऊ शकतात, अन्यथा [[शिरेच्या आतील]] प्रतिजैविकांची शिफारस केली जाते.<!-- <ref name=W2014/> --> सामान्य प्रतिजैविकांमध्ये योनीतून प्रसूती झाल्यानंतर [[ॲम्पिसिलिन]] आणि [[जेंटामायसिन]]चे एकत्रीकरणाचा समावेश असतो किंवा सी-सेक्शन झालेल्यांसाठी [[क्लिंडामायसिन]] आणि जेंटामायसिनचा समावेश असतो.<!-- <ref name=W2014/> --> योग्य उपचारांसह सुधारणा होत नसलेल्यांमध्ये [[गळू]]सारख्या इतर गुंतागुंतींचा विचार करायला लागतो.<ref name=W2014/> <!-- Epidemiology and history --> जगाच्या विकसित भागात सुमारे एक ते दोन टक्के लोकांना [[योनीतून प्रसूती]] झाल्यानंतर गर्भाशयाचे जंतुसंसर्ग विकसित होतात.<!-- <ref name=W2014/> --> अधिक अवघड प्रसूती असलेल्यांमध्ये हे प्रमाण पाच ते तेरा टक्के असे वाढते आणि प्रतिबंधात्मक प्रतिजैविकांच्या वापरापूर्वी सी-सेक्शन असलेल्यांमध्ये हे प्रमाण पन्नास टक्के असे वाढते. <ref name=W2014/> या जंतुसंसर्गांमुळे १९९० साली झालेल्या ३४,००० मृत्यूंची संख्या कमी होऊन २०१३ मध्ये ती २४,००० वर आली.. <ref name=GDB2013>{{जर्नल स्रोत|last1=GBD 2013 Mortality and Causes of Death|first1=Collaborators|title=Global, regional, and national age-sex specific all-cause and cause-specific mortality for 240 causes of death, 1990-2013: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2013.|journal=Lancet|date=17 December 2014|pmid=25530442|doi=10.1016/S0140-6736(14)61682-2}}</ref> सामान्य युगाच्या ५व्या शतकात [[हिप्पोक्रेट्स]]च्या लिखाणांमध्ये या स्थितीची पहिली ज्ञात असलेली वर्णने आढळतात.<ref>{{स्रोत पुस्तक|last1=Walvekar|first1=Vandana|title=Manual of perinatal infections|date=2005|publisher=Jaypee Bros.|location=New Delhi|isbn=9788180614729|page=153|दुवा=https://books.google.ca/books?id=DIOmY2ROeVAC&pg=PA152}}</ref> कमीत कमी १८व्या शतकापासून ते १९३० साली प्रतिजैविकांची ओळख होईपर्यंत हे जंतुसंसर्ग हे बाळाच्या जन्माच्या वेळी मृत्यू होण्याचे खूप सामान्य कारण होते.<ref>{{स्रोत पुस्तक|last1=Magner|first1=Lois N.|title=A history of medicine|date=1992|publisher=Dekker|location=New York|isbn=9780824786731|pages=257-258|दुवा=https://books.google.ca/books?id=qtUzscI9_VIC&pg=PA258}}</ref> १८४७मध्ये ऑस्ट्रियात, [[इग्नाझ सेमेलवेस]] यांनी [[क्लोरीन]]युक्त साबणाने [[हात धुण्याचा]] कसून वापर केल्यामुळे या रोगापासून होणारे मृत्यू वीस टक्क्यांवरून दोन टक्क्यांपर्यंत घसरले.<ref>{{जर्नल स्रोत|last1=Anderson|first1=BL|title=Puerperal group A streptococcal infection: beyond Semmelweis.|journal=Obstetrics and gynecology|date=April 2014|volume=123|issue=4|pages=874-82|pmid=24785617}}</ref><ref>{{जर्नल स्रोत|last1=Ataman|first1=AD|last2=Vatanoglu-Lutz|first2=EE|last3=Yildirim|first3=G|title=Medicine in stamps-Ignaz Semmelweis and Puerperal Fever.|journal=Journal of the Turkish German Gynecological Association|date=2013|volume=14|issue=1|pages=35-9|pmid=24592068}}</ref> ==संदर्भ== <references /> jzed1m8vn5f0nfq2ttvqito4jz7iuzb फेर्दिना द सोस्यूर 0 216087 2710843 2349575 2026-09-19T18:25:49Z अभय नातू 206 removed [[Category:भाषाशास्त्रज्ञ]]; नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2710843 wikitext text/x-wiki '''फेर्दिना द सोस्यूर''' ([[इ.स. १८५७|१८५७]] - [[इ.स. १९१३|१९१३]]) हा [[स्वीडन|स्वीडिश]] भाषाशास्त्रज्ञ होता. त्याचा ‘Course in General Linguistics’ हा ग्रंथ १९१९ मध्ये त्याच्या मृत्यूनंतर त्याच्या विद्यार्थ्यांनी प्रसिद्ध केला. या ग्रंथातील त्याचे विचार म्हणजे मुळात त्याची विविध व्याख्याने होत. पण त्या व्याख्यानातील सोस्यूरचे संशोधन अत्यंत मुलभूत व मौलिक आहे. त्यामुळे हा आधुनिक भाषाविज्ञानातील मूलभूत ग्रंथ मानला जातो. त्यामुळे सोस्युरला ''आधुनिक भाषाविज्ञानाचा जनक'' मानले जाते. == सोस्यूरचे योगदान == सोस्यूरच्या आधी भाषेचा अभ्यास ऐतिहासिक म्हणजे कालक्रमिक पद्धतीनेच होत असे. त्याने, प्रथम ऐतिहासिक आणि वर्णनात्मक म्हणजे एककालिक भाषाभ्यास पद्धतीतील फरक स्पष्ट केला. तसेच त्याच्या आधीच्या ग्रीम या अभ्यासकाच्या ऐतिहासिक पद्धतीवर आक्षेप घेऊन वर्णनात्मक पद्धतीचा पुरस्कार केला आणि आपले म्हणणे मांडले.  १.  ऐतिहासिक भाषा अभ्यासपद्धती भाषेच्या विकासाचे निश्चित नियम ठरवते. प्रत्यक्ष भाषेचा अभ्यास करत नाही. म्हणून दोन कालखंडातील भाषेचा वर्णनात्मक अभ्यास केल्यास भाषिक परिवर्तनाचे नियम निश्चित करता येतात, भाषेच्या स्वरूपाचा नाही हे त्याने सिद्ध केले; आणि दोन कालखंडातील प्रत्यक्ष बोलली जाणारी भाषा अभ्यासासाठी महत्त्वाची मानली.  २. संवाद हाच भाषेचा प्रधान हेतू असतो. त्यामुळे समाजव्यवहारामधील प्रत्यक्ष वापरणारी भाषाच भाषाविज्ञान अभ्यासासाठी महत्त्वाची आहे. ग्रंथातील लिखित भाषा नाही. पूर्वीचे भाषावैज्ञानिक भाषेला साधन म्हणून पाहायचे आज भाषेला माध्यम म्हणून पाहतात. भाषेला साध्यात्मक व वस्तुनिष्ठ मानतात. हा दृष्टीकोन सोस्यूरनेच दिला आहे.<ref>आधुनिक भाषाविज्ञान : वर्णनात्मक आणि  ऐतिहासिक, मिलिंद स मालशे, लोकवाङ्मय प्रकाशन, मुंबई</ref> ३.    पारंपारिक अभ्यासपद्धती ऐतिहासिक होती. या अभ्यासासाठी ग्रंथातील व अभिजनांचीच भाषा वापरली जायची. अभिजनच लिहित असल्यामुळे तीच ग्रंथातील भाषा अभ्यासली जायची. त्यामुळे भाषेत शुद्ध- अशुद्ध, श्रेष्ठ कनिष्ठ असे भेद मानले जायचे. सोस्यूरच्या नव्या मांडणीमुळे भाषेचे लिखित प्रमाणरूप नाकारून प्रचलित मौखिक रूपाचा वर्णनात्मक आणि संरचनात्मक अभ्यास सुरू झाला.    == सोस्यूरचा भाषा विचार == १.      सोस्यूरने भाषाविषयक एक भूमिका मांडली. त्याच्या मते, भाषा ही एक चिन्ह व्यवस्था आहे. तो चिन्ह (Sign) व्यवस्थेनुसार भाषेचे विश्लेषण करतो.<ref>            मराठीचे वर्णनात्म्क भाषाविज्ञान, महेंद्र कदम, स्नेहवर्धन प्रकाशन, पुणे</ref> ''२.     '' तो म्हणतो, “ भाषेत प्रत्यक्ष ध्वनी (ध्वनिरूप चिन्हक-signifier) असतो आणि त्या ध्वनीला प्राप्त होणारा अर्थ (अर्थरूप चिन्हित -signified ) असतो. त्यामुळे, ''भाषा म्हणजे ध्वनी आणि त्याचा अर्थ यांची सांगड घालणारी चिन्ह व्यवस्था होय.'' ३.      भाषा यांत्रिक नसून ती गुंतागुंतीची आणि व्यामिश्र आहे. मर्यादित ध्वनीतून (स्वनिम) अमर्यादित अर्थपूर्ण संदेशवाहक रूपे (भाषिक रूपे) भाषेत तयार केली जातात. या रूपातूनच (linuistic forms) मधूनच विविध वाक्यरचना तयार केल्या जातात. ४.      या वाक्यात कर्ता, कर्म. क्रियापद असे अनेक भाषिक घटक असतात. या घटकातील विशिष्ट व आवश्यक ती रूपे निवडून तो तो भाषिक आपला व्यवहार (अन्वय - संबंध ) साध्य करीत असतो. == भाषिक घटकांचे वर्गीकरण == सोस्यूर भाषेतील घटकांचे दोन गटात वर्गीकरण करतो. १.      अन्वयनिष्ठ – syntagmatic २.      गणनिष्ठ – Paradigmatic        उदा. ''१.'' ''आई गावाला गेली. २. बाबा बाहेरून आले. ३ नीता हुशार आहे''. या तिन्ही वाक्यात कर्ता (आई, बाबा, नीता), कर्म (गावाला, बाहेरून, हुशार) आणि क्रियापद (गेली, आले, आहे) आहेत. त्यांचे अनुक्रमे कर्त्याचा एक, कर्माचा दोन आणि क्रियापदाचा तीन असे तीन गट आपण करू शकतो. या गटांनाच सोस्यूर गणनिष्ठ गट म्हणतो.    या वाक्यात आईचा अन्वय गावी जाण्याशी व गावी जाण्याचा अन्वय म्हणजे संबंध आईशी आहे. या प्रमाणेच, बाबांचा बाहेरून येण्याशी आणि नीताचा हुशार असण्याशी व या उलट सुद्धा परस्परांशी अन्वय (संबंध) आहे. म्हणजे असा अन्वय साधूनच भाषेत अर्थव्यवहार होतो. प्रत्येक भाषेनुसार हा अन्वय बदलतो, म्हणजे पृष्ठस्तरीय रचना बदलत असते. यालाच सोस्यूर  अन्वयनिष्ठ घटक म्हणतो. == भाषा : ध्वनि व अर्थाची चिन्हव्यवस्था ==  सोस्यूरच्या मते, भाषेचे ध्वनी (चिन्हक) आणि तिचे अर्थरूप (चिन्हित) यांच्यातील संबंध यादृच्छिक असून ते सामाजिक परंपरेत योगायोगाने प्राप्त झालेले असतात. म्हणून या संकेतात निश्चित अर्थ नसतात त्यामुळे तो अर्थ विचाराकडे दुर्लक्ष करतो. अशा ध्वनी आणि अर्थ यांच्यात संबंध प्राप्त करून देणाऱ्या चिन्ह व्यवस्थेला तो भाषा म्हणतो. भाषा ही समकालीन जीवनाचा भाग आहे, ती ऐतिहासिक किंवा कालक्रमिक विकासाची प्रक्रिया नव्हे. भाषेचा अभ्यास म्हणजे प्रत्यक्ष बोलण्याचा भाषेचा अभ्यास, लिखित भाषेचा नव्हे. सोस्यूरने भाषा (lang-लांग)  आणि भाषण (parol-परोल) असा भेद केला आणि भाषेचा अभ्यास म्हणजे लांगचा अभ्यास होय. भाषेचा अभ्यास म्हणजे केवळ व्याकरणाचा किंवा सुट्या स्वनिमिक गुणधर्माचा अभ्यास नसून तो अंतर्गत संरचनेचा अभ्यास असावा असे त्याचे म्हणणे होते. == सोस्यूरचे टीकाकार == सोस्यूरचा भाषेकडे पाहण्याच्या या दृष्टीकोनामुळे भाषेकडे पाहण्याची पारंपरिक दृष्टी बदलली. त्यातून पुढे भाषाविज्ञानाच्या अनेक शाखा उदयास आल्या. सोस्यूरच्या या सिद्धांतानुसार पुढे वर्तनवाद्यांनी भाषाविज्ञानाची नवी मांडणी केली. त्याचा पाया घालणारा वॅटसन याने मात्र सोस्यूरची ध्वनी आणि अर्थ यातील संबंधांची प्रक्रिया नाकारली आहे. मात्र त्यामुळे भाषाविज्ञानातील सोस्यूरच्या भाषाविचाराचे महत्त्व जरा देखील कमी होत नाही. उलट भाषेचा वस्तुनिष्ठ आणि शास्त्रीय अभ्यासाला त्याच्या विचारामुळेच सुरुवात झाली हे त्याचे मोठे योगदान होय. == संदर्भ == भाषाविज्ञान, वर्णनात्मक आणि ऐतिहासिक, कल्याण काळे-हे. वि. इनामदार, {{DEFAULTSORT:सोस्यूर, फेर्दिना द}} [[वर्ग:स्वीडिश भाषाशास्त्रज्ञ]] [[वर्ग:इ.स. १८५७ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. १९१३ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] bee47fix0sxpymklw75qdpk81hkc47k अपातानी 0 220426 2710758 2701892 2026-09-19T14:20:59Z InternetArchiveBot 130355 Add 9 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710758 wikitext text/x-wiki '''अपातानी''' ही एक भारतीय आदिवासी जमात आहे.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/1 1]|isbn=978-0-7100-1413-9}}</ref> [[अरुणाचल प्रदेश|अरुणाचल प्रदेशातील]] [[निचला सुबनसिरी जिल्हा|सुबनसिरी]] विभागात समुद्रसपाटीपासून १५२ मी. उंचीवर असलेल्या झिरो खोऱ्यात या जमातीचे लोक राहतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/3 3]}}</ref> १९६१ च्या जनगणनेनुसार अपातानींची सात खेड्यांत २,५२० घरे होती आणि त्यात १०,७४५ लोक राहत होते.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/8 8]}}</ref> वांशिक समानता सोडली, तर भाषा व संस्कृतीच्या बाबतीत ते शेजारच्या [[न्यािशी जमात|डफला (न्यािशी)]] व [[मिरी जमात|मिरी]] जमातींहून भिन्न आहेत.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=42}}</ref> अपातानी उत्तरेकडून आले असावेत, असे त्यांच्यातील रूढ दंतकथेवरून वाटते.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/12 12]}}</ref> == स्वरूप == अपातानी अर्थव्यवस्थेत वनगाईसारख्या [[मिथुन (प्राणी)|मिथुन]] या जनावरास महत्त्व आहे.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/45 45]}}</ref> मिथानांचा उपयोग पारंपारिक संपत्ती आणि विनिमयाचे साधन म्हणून करतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/48 48]}}</ref> लग्नात वधूमूल्य म्हणून मिथानच देतात.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=58}}</ref> दंडही मिथानच्या रूपातच भरावा लागतो. प्रतिष्ठा टिकवण्यासाठी व वाढवण्यासाठी समारंभात मिथानांचा बळीही दिला जातो.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/52 52]}}</ref> अपातानी तांदुळाची निर्यात करतात व मिथानांची व डुकरांची आयात करतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/60 60]}}</ref> काही वर्षांपूर्वीपर्यंत त्यांचा आसामपेक्षा तिबेटशी जास्त व्यापार असावा.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/64 64]}}</ref> तिबेटी तलवारी, तिबेटी मण्यांच्या माळा, तिबेटी घंटा अपातानी समाजात आढळतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/66 66]}}</ref> अपातानी समाजात ऐक्य टिकवून धरण्याची विशेष प्रवृत्ती दिसून येते.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=70}}</ref> ‘मोरोम’ व ‘म्लोको’ या दोन महत्त्वपूर्ण उत्सवांच्या वेळी सात खेड्यांतील लोक परस्परांशी सहकार्य करतात व आपापसांत समारंभपूर्वक देवघेव करतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/110 110]}}</ref> खेड्याचा कारभार अनौपचारिक रीत्या ‘मुरा’ व ‘माइट’ कुळींचे प्रतिनिधी चालवतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/75 75]}}</ref> या पंच-समितीस ‘बुलियांग’ असे म्हणतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/78 78]}}</ref> या समितीचे तीन प्रकार आहेत: (१) अखा बुलियांग—वृद्ध लोक; यांचा सल्ला सर्व महत्त्वाच्या बाबींत घेण्यात येतो.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/80 80]}}</ref> (२) यापा बुलियांग—मध्यवयीन लोक; हे खेड्यातील रोजचा व्यवहार चालवतात, तंटे सोडवतात व अखाबुलियांगशी सल्लामसलत करतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/81 81]}}</ref> (३) अंजाग बुलियांग—तरुण लोक; हे दूताचे काम करतात व यापा बुलियांगला मदत करतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/82 82]}}</ref> == समाजातील भेद == अपातानी समाजातील कुळींचे ‘माइट’ व ‘मुरा’ असे दोन उच्च आणि नीच वर्ग आहेत.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/85 85]}}</ref> काही खेड्यांतील मुरा कुळीच्या लोकांचे उद्योग ठरवून दिलेले आहेत.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|url=https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=[https://archive.org/details/bwb_C0-CDW-334/page/88 88]}}</ref> एका खेड्यात मुरा कुळीच्या काही स्त्रिया मातीची भांडी तयार करतात, काही लोहाराचा धंदा करतात.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=90}}</ref> गुलाम व त्यांचे वंशज मुरा कुळीचे सभासद असतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=91}}</ref> मुरा कुळीचे लोक कधीही माइट कुळीत सामावून घेता येत नाहीत.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=93}}</ref> मुरा व माइट कुळींचे परस्पर विवाहसंबंध होत नाहीत.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=95}}</ref> अपातानी समाजात विभक्त-कुटुंब-पद्धती सर्वमान्य आहे.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=100}}</ref> घरांची बांधणीही अशा कुटुंबास राहण्याजोगीच असते.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=102}}</ref> विवाह झाल्यावर मुले स्वतंत्र घरात राहू लागतात.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=105}}</ref> नवविवाहितांच्या गृहप्रवेशाच्या वेळी जेवण दिले जाते.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=104}}</ref> त्या वेळी डुक्कर किंवा मिथान बळी देण्यात येतो.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=105}}</ref> विवाहसमयी कोठलेही धार्मिक विधी किंवा शकुन-अपशकुन पाळण्यात येत नाहीत.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=106}}</ref> बहुभार्याविवाह निषिद्ध समजला जात नाही; परंतु असे विवाह फारसे आढळत नाहीत.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=107}}</ref> वधूमूल्य देण्यात येते पण त्याचा आग्रह धरला जात नाही.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=108}}</ref> सख्ख्या आते-मामे भावंडांचे विवाह निषिद्ध समजले जातात.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=112}}</ref> मेहुणी-विवाह व देवर-विवाह या जमातीत मान्य आहेत.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=109}}</ref> अपातानी कलह टाळण्याकरिता एकमेकांशी ‘डापो’ (तह) करतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=120}}</ref> आर्थिक प्रगतीसाठी शांतीची व स्थैर्याची गरज असते, हे अपातानी पूर्णपणे ओळखून आहेत.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=122}}</ref> == धार्मिक रिती == अपातानींची आर्थिक व राजकीय संघटना जरी अरुणाचलातील इतर जमातींपेक्षा वेगळी असली, तरी धार्मिक संघटनेबाबत [[आदि जमात|अबोर]], [[मिरी जमात|मिरी]] व [[न्यािशी जमात|डफला]] या शेजारच्या जमातींशी त्यांचे साम्य आढळते.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=130}}</ref> ‘किल्लो’ व ‘किरू’ या अपातानींच्या प्रभावशाली देवता होत.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=134}}</ref> या दोन देवतांचे पती-पत्नीचे नाते असून त्या जमिनीतच राहतात, असा त्यांचा समज आहे.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=135}}</ref> अपातानींच्या सर्वच देवता दंपतिरूपाने असलेल्या दिसतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=136}}</ref> ‘चांदुन’ देवाने पृथ्वी उत्पन्न केली व त्याची पत्नी ‘दिदुन’ हिने आकाश निर्माण केले, असा त्यांचा समज आहे.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=140}}</ref> अपातानींच्या मते, पूर्वी केवळ पाणी होते, त्यानंतर खडक व हळूहळू जमीन निर्माण झाली.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=138}}</ref> हे कार्य तीन स्त्री व तीन पुरुष देवतांनी मिळून केले.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=139}}</ref> त्यांनीच [[सूर्य]], [[चंद्र]], तारे, झाडे, पक्षी, प्राणी इत्यादी निर्माण केले व ‘हिलो’ नावाच्या देवाने मानव निर्माण केला, असे ते मानतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=140}}</ref> विशेषतः रोग बरे करण्यास ‘हिलो’ देवतेची ते उपासना करतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=142}}</ref> == उत्सव == अपातानींचे मुख्य सार्वजनिक उत्सव ‘मोरोम’ व ‘म्लोको’ हे दोन्ही उत्सव शेतीची कामे सुरू करतानाच साजरे करतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=145}}</ref> मोरोम हा मुख्यत्वे पेरणीचा उत्सव असतो.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=146}}</ref> म्लोको या उत्सवात बळी देण्याचे विधी वेगवेगळ्या कुळी स्वतंत्रपणे करतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=148}}</ref> हा उत्सव बागेत करण्यात येतो व किल्लो व किरू या दैविक दंपतीची उपासना करण्यात येते.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=150}}</ref> या वेळी [[डुक्कर]], [[कोंबडी]] व [[कुत्रा|कुत्र्याचा]] बळी देण्यात येतो.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=152}}</ref> हे उत्सव अद्यापही चालू आहेत.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=155}}</ref> अपातानी शत्रूस मारल्यानंतर त्याचे हात जाळतात व त्याची जीभ आणि डोळे पुरतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=158}}</ref> डोळे पुरल्यामुळे मेलेल्या माणसाला आपली कत्तल केलेला माणूस दिसत नाही व त्यामुळे त्याला सूड उगवता येत नाही, अशी त्यांची समजूत आहे.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=159}}</ref> या विधीस ‘रोपी’ म्हणतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=160}}</ref> अपातानींच्या मते नैसर्गिक कारणामुळे मरण पावलेल्याचा ‘यालो’ (आत्मा) ‘नेली’मध्ये (मृत्यूलोकात) जातो.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=162}}</ref> नेली पृथ्वीच्या खाली असतो, असा त्यांचा समज आहे.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=163}}</ref> ‘तालीमोको’ (दुसरा मृत्यूलोक) आभाळात असतो.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=164}}</ref> ज्या व्यक्ती अनैसर्गिक कारणामुळे मृत्यू पावतात, त्या तालीमोकोत जातात व त्यांच्या आत्म्यांना ‘इगी’ म्हणतात.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=165}}</ref> [[भारत]] स्वतंत्र झाल्यानंतर अपातानी सुधारणेची वाटचाल करू लागले.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=170}}</ref> विशेषतः [[१९६२ चे भारत-चीन युद्ध|चीनशी भारताचे संबंध बिघडल्यानंतर]] त्या समाजाचा [[भारतीय सशस्त्र सेना|भारतीय सैन्याशी]] बराच संबंध आला.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=172}}</ref> त्यामुळे त्यांच्या समाजात बरेच परिवर्तन झालेले दिसून येते. लोकांची आर्थिक परिस्थिती सुधारली. [[गुलामगिरी]] नष्ट झाली.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul|page=168}}</ref> खेड्यांतून दुकाने व चहागृहे उघडली. बऱ्याच अपातानींना सरकारी नोकऱ्याही मिळाल्या.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=175}}</ref> अपातानींच्या विभागात हवाईतळही बांधला गेला. शिक्षणाची सोय करण्यात आली.<ref>{{Cite book|last=Blackwood|first=E.|title=Sociocultural Dynamics of the Apatani|year=1981|publisher=Academic Press|page=178}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} * Fürer-Haimendorf, Christoph von, ''The Apa Tanis and Their Neighbours'', Routledge & Kegan Paul, London, 1962.<ref>{{Cite book|last=Fürer-Haimendorf|first=Christoph von|title=The Apa Tanis and Their Neighbours|year=1962|publisher=Routledge & Kegan Paul}}</ref> * [[मराठी विश्वकोश]]<ref>{{Cite web|url=https://marathivishwakosh.org/|title=मराठी विश्वकोश|publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ|access-date=2026-07-29|archive-date=2019-11-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20191102022302/https://marathivishwakosh.org/|url-status=dead}}</ref> [[वर्ग:भारतामधील जमाती]] [[वर्ग:अरुणाचल प्रदेश]] mlnml9xm0tf5ydagesrgz081f7uh649 बालकविता 0 221908 2710855 2709871 2026-09-20T02:46:56Z ~2026-50752-53 187564 /* बालकविता लिहिणारे आधुनिक कवी */ 2710855 wikitext text/x-wiki '''बालकविता''' या लहान मुलांसाठी लिहिलेल्या कविता होत. अशा कविता परंपरागत चालत आलेल्या असतात किंवा एखाद्या आधुनिक कवीने लिहिलेल्या असतात. उदाहरण, मुंगी उडाली आकाशीं।<br> तिणें गिळीलें सूर्याशीं ॥१॥ थोर नवलाव जांला।<br> वांझे पुत्र प्रसवला ॥२॥ विंचु पाताळाशी जाय।<br> शेष माथां वंदी पाय ॥३॥ माशी व्याली घार झाली।<br> देखोनी मुक्ताई हांसली ॥४॥ ==बालकविता लिहिणारे आधुनिक कवी== * [[रेव्हरंड टिळक]] * [[लक्ष्मीबाई टिळक]] *वि. म. कुलकर्णी *[शफी बोल्डेकर] ==पुस्तक== जुन्या बालकवितांपासून नव्या बालकवितांपर्यंतच्या समग्र कवितांचा आढावा डॉ. शोभा इंगवले यांनी ’आधुनिक मराठी बालकविता’ या दोन खंडी पुस्तकातून घेतला आहे. या पुस्तकात बालकवितांची वैशिष्ट्ये, प्रयोजन, कल्पनारम्यता अशा गोष्टींवर लेखिकेने भाष्य केले आहे. पुस्तकात वेगवेगळ्या विषयांवरील कवितांचे वर्गीकरणही केले आहे.{{संदर्भ}} [[वर्ग:कविता]] 15ulxw1erzttwxgszimlzxdpmkcwpxj 2710856 2710855 2026-09-20T02:48:54Z ~2026-50752-53 187564 /* पुस्तक */ 2710856 wikitext text/x-wiki '''बालकविता''' या लहान मुलांसाठी लिहिलेल्या कविता होत. अशा कविता परंपरागत चालत आलेल्या असतात किंवा एखाद्या आधुनिक कवीने लिहिलेल्या असतात. उदाहरण, मुंगी उडाली आकाशीं।<br> तिणें गिळीलें सूर्याशीं ॥१॥ थोर नवलाव जांला।<br> वांझे पुत्र प्रसवला ॥२॥ विंचु पाताळाशी जाय।<br> शेष माथां वंदी पाय ॥३॥ माशी व्याली घार झाली।<br> देखोनी मुक्ताई हांसली ॥४॥ ==बालकविता लिहिणारे आधुनिक कवी== * [[रेव्हरंड टिळक]] * [[लक्ष्मीबाई टिळक]] *वि. म. कुलकर्णी *[शफी बोल्डेकर] ==पुस्तक== जुन्या बालकवितांपासून नव्या बालकवितांपर्यंतच्या समग्र कवितांचा आढावा डॉ. शोभा इंगवले यांनी ’आधुनिक मराठी बालकविता’ या दोन खंडी पुस्तकातून घेतला आहे. या पुस्तकात बालकवितांची वैशिष्ट्ये, प्रयोजन, कल्पनारम्यता अशा गोष्टींवर लेखिकेने भाष्य केले आहे. पुस्तकात वेगवेगळ्या विषयांवरील कवितांचे वर्गीकरणही केले आहे.{{संदर्भ}} कवी शफी बोल्डेकर लिखीत "डिझेलगाडी" बालकाव्यसंग्रह प्रसिद्ध आहे. [[वर्ग:कविता]] asvzw8vmdjp3gnifjkppe05gsn8qgz0 2710858 2710856 2026-09-20T03:15:47Z संतोष गोरे 135680 [[Special:Contributions/~2026-50752-53|~2026-50752-53]] ([[User talk:~2026-50752-53|चर्चा]]) यांनी केलेले बदल [[User:संतोष गोरे|संतोष गोरे]] यांच्या आवृत्तीकडे पूर्वपदास नेले. 2300661 wikitext text/x-wiki '''बालकविता''' या लहान मुलांसाठी लिहिलेल्या कविता होत. अशा कविता परंपरागत चालत आलेल्या असतात किंवा एखाद्या आधुनिक कवीने लिहिलेल्या असतात. उदाहरण, मुंगी उडाली आकाशीं।<br> तिणें गिळीलें सूर्याशीं ॥१॥ थोर नवलाव जांला।<br> वांझे पुत्र प्रसवला ॥२॥ विंचु पाताळाशी जाय।<br> शेष माथां वंदी पाय ॥३॥ माशी व्याली घार झाली।<br> देखोनी मुक्ताई हांसली ॥४॥ ==बालकविता लिहिणारे आधुनिक कवी== * [[रेव्हरंड टिळक]] * [[लक्ष्मीबाई टिळक]] *वि. म. कुलकर्णी ==पुस्तक== जुन्या बालकवितांपासून नव्या बालकवितांपर्यंतच्या समग्र कवितांचा आढावा डॉ. शोभा इंगवले यांनी ’आधुनिक मराठी बालकविता’ या दोन खंडी पुस्तकातून घेतला आहे. या पुस्तकात बालकवितांची वैशिष्ट्ये, प्रयोजन, कल्पनारम्यता अशा गोष्टींवर लेखिकेने भाष्य केले आहे. पुस्तकात वेगवेगळ्या विषयांवरील कवितांचे वर्गीकरणही केले आहे.{{संदर्भ}} [[वर्ग:कविता]] phb1wnq0naezcq2dqb04lyellvy4u7y बालाशौरी वल्लभनेनी 0 246444 2710825 2466481 2026-09-19T17:10:06Z अभय नातू 206 अभय नातू ने पुनर्निर्देशन ठेउन लेख [[बालाशौरी वल्लब्भनेनी]] वरुन [[बालाशौरी वल्लभनेनी]] ला हलविला: शीर्षकलेखन संकेत 2466481 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट संसद सदस्य | नाव = बालाशौरी वल्लब्भनेनी | लघुचित्र= | पद = [[संसद सदस्य]] | कार्यकाळ_आरंभ = [[२३ मे]], [[इ.स. २०१४]] | कार्यकाळ_समाप्ती = | राष्ट्रपती = [[राम नाथ कोविंद]] | मागील = | पुढील = | जन्मदिनांक = <!-- {{जन्म दिनांक आणि वय|1955|11|29}} --> | जन्मस्थान = | मृत्युदिनांक = | मृत्युस्थान = | पक्ष = [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस]] | नाते = | पती = | पत्नी = | अपत्ये = | निवास = | मतदारसंघ = [[तेनाली लोकसभा मतदारसंघ|तेनाली ]] | व्यवसाय = | धर्म = | सही = | संकेतस्थळ = | तळटीपा = }} '''बालाशौरी वल्लब्भनेनी''' हे भारतीय राजकारणी आहेत. हे [[तेनाली लोकसभा मतदारसंघ|तेनाली मतदारसंघातून]] काँग्रेसतर्फे [[चौदावी लोकसभा|१४व्या]] आणि [[१७वी लोकसभा|१७व्या लोकसभेवर]] निवडून गेले. {{DEFAULTSORT:वल्लब्भनेनी, बालाशौरी}} [[वर्ग:तेनालीचे खासदार]] [[वर्ग:१४ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:१७ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:भारतीय राजकारणी]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] [[वर्ग:१८ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:मछलीपट्टणमचे खासदार]] j58q865b4f93hrtr27gb48gaata1adk इंग्रज-अफगाण युद्धे 0 246545 2710757 2701984 2026-09-19T14:02:00Z InternetArchiveBot 130355 Add 3 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710757 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''[[इंग्रज-अफगाण युद्धे]]''' ही इंग्रजांनी [[अफगाणिस्तान|अफगाणिस्तानात]] स्वतःची किंवा आपल्या अंकिताची सत्ता स्थापन करण्यासाठी केलेली तीन युद्धे होती.<ref>{{cite book |last=Fremont-Barnes |first=Gregory |title=The Anglo-Afghan Wars 1839–1919 |url=https://archive.org/details/angloafghanwars10000frem |publisher=Osprey Publishing |year=2009 |isbn=978-1846034176}}</ref> == पहिले अफगाण युद्ध (१८३८-१८४२) == अफगाणिस्तानातून [[रशियन साम्राज्य|रशिया]] हिंदुस्थानावर स्वारी करील, अशी धास्ती इंग्रजांना वाटतहोती.<ref>{{cite book |last=Hopkirk |first=Peter |title=The Great Game: The Struggle for Empire in Central Asia |url=https://archive.org/details/greatgamestruggl00hopk |publisher=Kodansha International |year=1992 |isbn=978-4770017031}}</ref> त्यातून [[इराण|इराणच्या]] शाहाने रशियाच्या मदतीने अफगाणिस्तानातील [[हेरात]]ला १८३७ मध्ये वेढा दिल्यामुळे इंग्रजांना रशियाचे आक्रमण होणार, याची खात्री वाटली व त्या दृष्टीने त्यांनी प्रयत्न चालू केले. याच सुमारास [[रणजितसिंग|रणजितसिंगाने]] घेतलेला [[पेशावर]] प्रांत परत जिंकून घेण्यासाठी अफगाणिस्तानच्या [[दोस्त महंमद खान|दोस्त महंमदाने]] इंग्रजांकडे मदत मागितली. इंग्रजांनी नकार दिल्यामुळे दोस्त महंमद रशियाकडे गेला. आपल्या वर्चस्वाखाली राहील असा अमीर अफगाणिस्तानात असावा, म्हणून [[लॉर्ड ऑकलंड|गव्हर्नर जनरल ऑक्लंडने]] रणजितसिंग व [[शाह शुजा दुर्गुणी|शाह शुजा]] यांबरोबर त्रिपक्षीय तह करून शाह शुजाला अफगाणिस्तानचे अमीरपद देण्याचे ठरविले.<ref>{{cite web |title=पहिले इंग्रज-अफगाण युद्ध |url=https://marathivishwakosh.org/ |publisher=मराठी विश्वकोश |access-date=२०२६-०८-१३ |archive-date=2019-11-02 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191102022302/https://marathivishwakosh.org/ |url-status=dead }}</ref> दरम्यान १८३८ मध्ये हेरातचा वेढा उठला होता. तरीही ऑक्लंडने शाह शुजाला गादीवर बसविण्यासाठी सर जॉन किन व सर कॉटन यांना सैन्य देऊन [[काबूल|काबूलास]] रवाना केले. [[सिंध]]च्या अमिराचा विरोध असतानाही इंग्रज सैन्याची एक तुकडी [[फिरोजपूर]]हून सिंध, [[बोलन खिंड]], [[बलुचिस्तान]] या मार्गाने [[कंदाहार]] येथे पोहचली. शाह शुजाचा मुलगा तैमूर याच्या नेतृत्वाखाली [[शीख]] सैनिक व इंग्रज अधिकारी वॉड यांची दुसरी तुकडी [[पंजाब]], पेशावर, [[खैबर खिंड|खैबरखिंड]] या मार्गाने कंदाहारला पोहोचली. इंग्रजांनी १८३९ च्या एप्रिल महिन्यात कंदाहार, जुलैत [[गझनी]] आणि ऑगस्टमध्ये काबूल घेतले. दोस्त महंमद बुखारा येथे पळाला. त्यानंतर इंग्रजांनी त्याला [[कोलकाता|कलकत्त्यात]] कैदेत ठेवले. इंग्रजांनी शाह शुजाला गादीवर बसवून त्याच्या संरक्षणासाठी तेथे फौज ठेवली. त्यामुळे अफगाण चिडले.<ref>{{cite book |last=Dalrymple |first=William |title=Return of a King: The Battle for Afghanistan, 1839-42 |url=https://archive.org/details/returnofkingbatt0000dalr_j0f7 |publisher=Bloomsbury Publishing |year=2013 |isbn=978-1408818305}}</ref> दोस्त महंमदाचा मुलगा [[मोहम्मद अकबर खान|अकबरखान]] याने बंड करून १८४१ मध्ये बर्न्स, मॅकनॉटन व इतर अधिकारी यांचे खून केले. त्यानंतर मेजर हेन्री पॉटिंजर आला. त्याने पूर्वी झालेला तह अंमलात आणून [[जलालाबाद]], गझनी व कंदाहार ही स्थळे सोडून देण्याचे ठरविले. परत जाणाऱ्या इंग्रजांची अफगाणांनी खैबर खिंडीत कत्तल केली. बाहेरुनही मदत मिळण्यास इंग्रजांना अडचण पडू लागली. [[लॉर्ड नॉर्थब्रुक|गव्हर्नर जनरल नॉर्थब्रुकने]] सैनिकांना माघार घेण्यास सांगितले. अखेरीस खजिना व तोफा अफगाणांच्या स्वाधीन करून इंग्रजांनी माघार घेतली. या युद्धामुळे इंग्रजांचा काहीच फायदा झाला नाही. ज्या शाह शुजासाठी इंग्रजांनी अफगाणिस्तानात सैन्य पाठविले, त्याचाच अफगाणांनी खून केला. ऑक्लंडच्या आक्रमक धोरणामुळे निष्कारण पैसा खर्च होकरून २०,००० लोक मृत्युमुखी पडले.<ref>{{cite news |title=The First Anglo-Afghan War |url=https://www.nam.ac.uk/explore/first-afghan-war |work=National Army Museum |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> == दुसरे अफगाण युद्ध (१८७५-१८७९) == [[युनायटेड किंगडम|इंग्लंड]] व रशिया यांत अफगाणिस्तानात आपापले वर्चस्व स्थापन करण्याची स्पर्धा होती. यातूनच दुसरे अफगाण युद्ध उद्भवले.<ref>{{cite book |last=Robson |first=Brian |title=The Road to Kabul: The Second Afghan War 1878-1881 |publisher=Spellmount |year=2007 |isbn=978-1862274167}}</ref> वारसाहक्काच्या भांडणाचा निकाल लागून १८६८ मध्ये [[शेर अली खान|शेरअली]] हा अमीर झाला. रशियाचे मध्य आशियात वर्चस्व वाढल्यामुळे शेरअलीने इंग्रजांकडे मदत मागितली; परंतु इंग्रजांच्या धरसोडीमुळे त्याने रशियाबरोबर मैत्रीची याचना केली. रशियाचा वकील काबूलला जाताच [[लॉर्ड लिटन|गव्हर्नर जनरल लिटनने]] शेरअलीस आपलाही वकील काबूल येथे ठेवून घेण्याचा आग्रह धरला. शेरअलीने ही विनंती नाकारताच गव्हर्नर जनरल लिटनने त्याविरुद्ध युद्ध पुकारले. जनरल रॉबर्ट, जनरल स्ट्यूअर्ट व सॅम ब्राउन हे खैबर खिंडीतून अफगाणिस्तानात पोहोचले. इंग्रजांनी कंदाहार घेताच शेरअली रशियाच्या हद्दीत पळाला. त्याचा मुलगा [[मोहम्मद याकुब खान|याकूबखान]] याने इंग्रजांबरोबर १८७९ मध्ये [[गंदमकचा तह|गंदमक येथे तह]] केला.<ref>{{cite web |title=गंदमकचा तह आणि दुसरे अफगाण युद्ध |url=https://www.britannica.com/event/Second-Anglo-Afghan-War |publisher=Encyclopædia Britannica |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> या तहानुसार इंग्रज वकील काबूल येथे रहावयाचा होता. कुर्रम, पिशीन आणि सिबी ही ठिकाणे इंग्रजांच्या ताब्यात आली. अफगाणांना हा तह मान्य नसल्यामुळे त्यांनी काही इंग्रज अधिकाऱ्यांचे खून केले व याकूबखानला कैद केले. त्याचा भाऊ [[अयूब खान (अफगाणिस्तान)|अयूबखान]] याने बंड करून इंग्रज फौजेचा [[मैवंदची लढाई|मैवंद येथे पराभव]] केला. शेवटी [[लॉर्ड रिपन|गव्हर्नर जनरल रिपनने]] शेरअलीचा पुतण्या [[अब्दुर रहमान खान|अब्दुर रहमान]] याच्याशी तह करून दुसरे अफगाण युद्ध थांबविले. इंग्रजांनी अमिराकडून खंडणी घेऊन गंदमकच्या तहाने सोडलेला प्रदेश परत मिळविला. या युद्धामुळे इंग्रजांचे वर्चस्व अफगाणिस्तानात स्थापन होऊन रशियाच्या आक्रमक धोरणाला पायबंद बसला.<ref>{{cite news |title=Second Anglo-Afghan War |url=https://www.nam.ac.uk/explore/second-afghan-war |work=National Army Museum |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> == तिसरे अफगाण युद्ध (१९१९) == पहिल्या दोन युद्धांत इंग्रजांनी अफगाणिस्तानावर स्वारी केली होती. तिसऱ्या वेळी मात्र अफगाणिस्तानने इंग्रजांविरुद्ध युद्ध पुकारले.<ref>{{cite book |last=Loyn |first=David |title=In Small Wars: The British in Afghanistan |publisher=St. Martin's Press |year=2009 |isbn=978-0312574970}}</ref> अमीर [[अमानुल्ला खान|अमानुल्ला]] याने अफगाण लोकांच्या दडपणामुळे १९१९ च्या एप्रिल महिन्यात [[ब्रिटिश भारत|ब्रिटिश प्रदेशावर]] आक्रमण केले. हे युद्ध फक्त दोनच महिने चालू होते. अफगाण लोकांनी खैबर खिंडीतून पेशावरच्या परिसरात हल्ले केले. इंग्रजांनी विमानासारख्या आधुनिक साधनांचा वापर केल्यामुळे ते यशस्वी झाले.<ref>{{cite news |title=Third Anglo-Afghan War and the RAF |url=https://www.raf.mod.uk/ |work=Royal Air Force |access-date=२०२६-०८-१३}}</ref> १९१९ च्या नोव्हेंबर महिन्यात [[रावळपिंडीचा तह|तह]] झाला. अफगाणिस्तानला परराष्ट्रीय धोरणाच्या बाबतीत स्वातंत्र्य मिळाले. इंग्रजांकडून अमिराला मिळणारे आर्थिक साहाय्य बंद झाले. या युद्धानंतर इंग्रज-अफगाण संबंध सुधारले.<ref>{{cite web |title=रावळपिंडीचा तह १९१९ |url=https://marathivishwakosh.org/ |publisher=मराठी विश्वकोश |access-date=२०२६-०८-१३ |archive-date=2019-11-02 |archive-url=https://web.archive.org/web/20191102022302/https://marathivishwakosh.org/ |url-status=dead }}</ref> == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:अफगाणिस्तानचा इतिहास]] [[वर्ग:ब्रिटिश साम्राज्य]] rugdx0etw9hi57jvsryghynmgdu8d49 आंधळे 0 251267 2710857 2541478 2026-09-20T03:08:30Z ~2026-50705-24 187585 2710857 wikitext text/x-wiki '''आंधळे''' हे एक मराठी आडनाव आहे. प्रामुख्याने महाराष्ट्रात नाशिक, बीड, या जिल्ह्यांमध्ये जास्त प्रमाणात आहे. आंधळे हे आडनाव मुख्यतः वंजारी समाजात आढळते या मध्येही ते लाड वंजारी या पोटशाखेत आढळते. सद्यस्थिती मध्ये गुजरात च्या सौराष्ट्रातील त्यांचा उगम मानला जातो तेथील वल्लभी साम्राज्याच्या ऱ्हासानंतर त्यांनी दख्खन पठाराकडे स्थलांतर केल्याची नोंद आहे,महाराष्ट्रातील अहिल्यानगर(अहमदनगर)बीड नाशिक लातूर या जिल्ह्यांमध्ये त्यांचे अस्तित्व मोठ्या प्रमाणात आहे. {{विस्तार}}{{बदल}} [[वर्ग:मराठी आडनावे]] 4w74jiq5d87jv98w0i05svlq271wa9u लातूर जिल्हा परिषद 0 254194 2710914 2706690 2026-09-20T07:24:56Z ~2026-50628-20 187596 /* */ 2710914 wikitext text/x-wiki '''लातूरची जिल्हा परिषद''' ही [[भारत|भारताच्या]] [[महाराष्ट्र]] राज्यातील [[लातूर जिल्हा|लातूर जिल्ह्याचे]] प्रशासन करणारी संस्था आहे. जिल्हा परिषदेची सदस्यसंख्या एकूण ५८ आहे. परिषदेमध्ये, लातूर जिल्ह्यातील १० गावांसाठी एकेक पंचायत समिती आहे. प्रत्येक समितीवर एक सभापती व एक उपसभापती असून काही सदस्य आहेत. {|class="wikitable" |- |प्रकार |एकसदनीय |- |स्थापना |१९५२ |- |अध्यक्ष |राहुल गोविंद केंद्रे |- |उपाध्यक्ष |दयानंद सुरवसे |- |मुख्य कार्यकारी अधिकारी |Hon. Rahul Kumar Meena, IAS |- |एकूण सदस्य |५८ |- |भाराकाँ |२७ |- |भाजप |३० |- |राकाँप |१ |- |शिवसेना |० |- |इतर |० |- !निवडणुक |- |प्रणाली |एकल संक्रमण |- |मागील |२०१७ |- |पुढील |२०२६ |- |बैठक स्थान |जिल्हा परिषद, शिवाजी चौक, ता.जि. लातूर |- |संकेतस्थळ |http://zplatur.gov.in |- |} ==पंचायत समित्या== {|class="wikitable" |- !अनुक्रमांक !पंचायत समिती !सभापती !उपसभापती |- |१ |लातूर |पाटिल सरस्वती नामदेव |उफाडे प्रकाश माणिक |- |२ |औसा |गायकवाड अर्चना अण्णासाहेब |काळे राजश्री विश्वास |- |३ |उदगिर |पाटिल विजय निळकण्ठ |मरलापल्ले बाळासाहेब तात्यारेड्डी |- |४ |अहमदपुर |जाभाडे गंगासागर व्यंकट |गुट्टे बालाजी रामराव |- |५ |निलंगा |बिराजदार राधा सुरेश |बोण्डगे अंजली अनन्त |- |६ |चाकुर |बडे यमुनाबाई माणिक |लोणाळे सज्जन रामदास |- |७ |रेणापुर |सोनवणे रमेश रोहिदास |चव्हाण अनन्त शरद |- |८ |जळकोट |ताकबीडे बालाजी निवृत्ती |धर्माधिकारी सुनन्दा रमेश |- |९ |देवणी |बिरादार चित्रकला धनाजी |पाटिल शंकर रामचन्द्र |- |१० |शिरुर अनन्तपाळ |चलमले नरसिंह बाबुराव |जाधव उद्धव किशन |- |} ==विद्यमान सदस्य== * 2017-22: {|class="wikitable" |- !अनुक्रमांक !नाव !पद !पत्ता !तालुका !मतदार गट !भ्रमणध्वनी क्रमांक |- |१ |केन्द्रे राहुल गोविन्द |अध्यक्ष |मु.पो.कुमठा खु.ता.उदगीर, जि.लातूर |उदगीर |लोहारा |९७६५५५५५५५ |- |२ |श्रीम.सोळुंके भारतबाई दगडू |उपाध्यक्षा |मु.सावनगीरा,पो.तळीखेड,ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |अम्बुलगा बु. |९५४५३४४४०७ |- |३ |श्री.वाघमारे रोहिदास अम्बादास |सभापती समाजकल्याण समिती |मु.पो.जानवळ, ता.चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |जानवळ |९९२१३२६४३२ |- |४ |श्रीम. राठोड ज्योती बापूराव |सभापती महिला व बालकल्याण समिती |मु.पो.कौळखेड,ता. उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |निडेबन |9423061000 |- |५ |श्री.चिलकुरे गोविन्द त्र्यम्बकराव |सभापती, कृषी समिती ,पशुसंवर्धन व दुग्धविकास समिती |मु.पो.कानेगाव,ता.शिरुर अ,जि.लातूर |शिरुर अ. |साकोळ |९४२१२७६३६८ ९६०४५७५८७१ |- |६ |श्रीम. घुले संगीता बाबासाहेब |सभापती, अर्थ व बांधकाम समिती |मु.पो.दवणगाव, ता.रेणापूर |रेणापूर |कामखेडा |९८२२३३३०९०१ ९०४५८८४००० |- |७ |श्री.जाधव माधव रंगनाथ |सदस्य |मु.पो.खण्डाळी,.अहमदपूर,जि.लातूर |अहमदपूर |खण्डाळी |९९७५११८१७६ |- |८ |श्री.देशमुख प्रकाश राजेसाहेब |सदस्य |मु.पो.नान्दुरा बु.,ता.अहमदपूर,जि.लातूर |अहमदपुर |हाडोळती |९४२२६११५०२ |- |९ |श्री.पाटील मंचकराव मोहनराव |सदस्य |मु.पो.शिरुर ताजबन्द, ता.अहमदपूर |अहमदपूर |शिरुर ताजबन्द |९४२२४६८८८३ ८८८८००१०८६ |- |१० |श्रीम. भिकाणे मुद्रीका शिवाजीराव |सदस्या |मु.पो.ढाळेगाव,ता.अहमदपूर जि.लातूर |अहमदपूर |अन्धोरी |९६८९६७३८७७ |- |११ |श्री. केन्द्रे अशोक निवृत्तीराव |सदस्य |मु.रुद्धा, पो.सांगवी सु. ता.अहमदपूर,जि.लातूर |अहमदपूर |किनगाव |९४२१०९४९९९ |- |१२ |श्रीम. सोनेवाड सुमन रामराव |सदस्या |मु.टाकळगाव (का.),पो.परचण्डा,ता.अहमदपूर,जि.लातूर |अहमदपूर |सावरगाव रोकडा |९५७९७७५६२३,७७६८९२६१८५ |- |१३ |श्रीम. जाधव रुक्मीनबाई बाबुराव |सदस्या |मु.पो.विराळ, ता.जळकोट,जि.लातूर |जळकोट |वांजरवाडा |९४२३३५१९६९ |- |१४ |श्री.तिडके सन्तोष नामदेवराव |सदस्य |मु.पो.कुणकी, ता.जळकोट,जि.लातूर |जळकोट |माळहिप्परगा |९०१११११७७७ ९९२३१००९२४ |- |१५ |श्रीम. परगे अनिता शिवाजी |सदस्या |मु.पो.घोणशी, ता.जळकोट,जि.लातूर |जळकोट |घोणसी |९४२२०७२४८४ ७०५७१६०३३० |- |१६ |श्रीम. पाटील शितल कल्याणराव |सदस्या |मु.पो.हाळी, ता.उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |वाढवणा बु |९४०३५३९७९० |- |१७ |श्रीम. बिरादार विजया बस्वराज |सदस्या |मु.पो.तोण्डार,ता. उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |तोण्डार |९०११८७१३६४ |- |१८ |श्री.बिराजदार बस्वराज बाबाराव |सदस्य |मु.पो.कौळखेड,ता. उदगीर,जि.लातूर. |उदगीर |नळगीर |९८२२०२५१६१ |- |१९ |श्रीम.रोडगे उषा शंकर |सदस्या |मु.पो.देवर्जन, ता.उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |देवर्जन |९४२०२१३३५२ ९७६५५४७८०३ |- |२० |श्रीम.पाटील आशा ज्ञानेश्वर |सदस्या |मु.पो.दावणगाव, ता.उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |तोगरी |९८६०६१३०९३ |- |२१ |श्री.शिवशिवे पृथ्वीराज देवराव |सदस्य |मु.पो.निडेबन, ता.देवणी,जि.लातूर |देवणी |बोरोळ |९८२३१५४३६० |- |२२ |श्री. तिरुके रामचन्द्र पण्ढरीनाथ |सदस्य |मु.पो.सताळा बु.,ता.देवणी |देवणी |वलाण्डी |९४२२६००००० ९९२३१०३५५५ |- |२३ |श्री.पाटील प्रशान्त त्र्यम्बकराव |सदस्य |मु.पो.जवळगा, ता. देवणी,जि.लातूर |देवणी |जवळगा |९६६५४९५३३३ ९४२१४५१०५१ |- |२४ |श्री.काम्बळे राजीव त्र्यम्बकराव |सदस्य |मु.पो.लक्कडजवळगा, ता.शिरुर अ.,जि.लातूर |शिरुर अ. |येरोळ |८८०६१९०१११ |- |२५ |श्रीम. काम्बळे अरुणा नारायण |सदस्या |मु.पो.अजनसोण्डा बु. ता.चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |चापोली |९८२३१८३२१६ |- |२६ |श्रीम. पाटील विमल प्रशान्त |सदस्या |मु.पो.शेळगाव, ता. चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |रोहिणा |९४०४६८२०१० ९४२०२१२७७२ |- |२७ |श्री.कसबे हर्षवर्धन बाबुराव |सदस्य |मु.पो. लहुजी नगर,वडवळ ना, ता. चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |वडवळ नागनाथ |८८८८९४६००० ९४२३२८३३६२ |- |२८ |श्रीम.अर्जुने धनश्री राजेश |सदस्या |मु.पो.सुगाव, ता.चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |नळेगाव |९८६०३९४४८५ ९९७०६१६१९५ |- |२९ |श्री.लहाने सुरेश ज्ञानेश्वर |सदस्य |मु.माकेगाव,पो.कोष्टगाव,ता.रेणापूर,जि.लातूर |रेणापूर |पानगाव |९९२२३५२५५५ |- |३० |श्री गोडभरले सुरेन्द्र शिवाजी |सदस्य |मु.रामवाडी ख.,पो.खरोळा,जि.लातूर |रेणापूर |खरोळा |८८८८२८५५२० |- |३१ |श्री.चेपट उद्धव माधवराव |सदस्य |मु.पो.पोहरेगाव, ता.रेणापूर,जि.लातूर |रेणापूर |पोहरेगाव |९६६५८२४२०६ |- |३२ |श्रीम. ढमाले शोभा पण्डीत |सदस्या |मु.पो.महापूर ता.जि.लातूर |लातूर |महापूर |९८५०१२२३२३ |- |३३ |श्रीम. शिंगडे अरुणा विशाल |सदस्या |मु.ममदापूर, पो.भातांगळी, ता.जि.लातूर |लातूर |भातांगळी |९०७५५५६६६६ |- |३४ |श्रीम. जाधव साधना सुभाष |सदस्या |मु.पो.महाराणाप्रताप नगर, ता.जि.लातूर |लातूर |बाभळगाव |९५५२४२४७९२ |- |३५ |श्रीम. थोरमोटे सोनाली रमेश |सदस्या |मु.पो.वासनगाव, ता. जि.लातूर |लातूर |पाखरसांगवी |९८९०३२२७०१ |- |३६ |श्री.वाघमारे परमेश्वर मारुती |सदस्य |मु.पो.हरंगुळ बु., ता.जि.लातूर |लातूर |हरंगुळ बु. |९७६३३८८६२४ |- |३७ |श्रीम. ढगे शिना भास्कर |सदस्या |मु.पो.जवळा बु,ता.जि.लातूर |लातूर |काटगाव |९९६०४८२९७५ |- |३८ |श्रीम. वाघमारे मनिषा श्यामसुन्दर |सदस्या |मु.पो.तान्दुळजा,ता.जि.लातूर |लातूर |गाधवड |९९२३८९६२३४ |- |३९ |श्री.नाडे दिलीप नामदेवराव |सदस्य |मुरुडेश्वर मन्दिर जवळ,मुरुड,ता.जि.लातूर |लातूर |मुरुड |९४२२०७१८५३ |- |४० |श्रीम. शिन्दे प्रिती सुरज |सदस्या |मु.पो.निवळी,ता.जि.लातूर |लातूर |निवळी |९९७५७२१९०७ |- |४१ |देशमुख धिरज विलासराव |सदस्य |बाभळगाव, लातूर |लातूर |एकुरगा | |- |४२ |श्रीम.काम्बळे कल्पना भागवत |सदस्या |मु.गोन्द्री,पो.हासेगाव,ता.औसा,जि.लातूर |औसा |हासेगाव |९८२२५६१६४८ |- |४३ |श्रीम.कोलपाक दैवशाला प्रभाकर |सदस्या |मु.पो.बुधोडा, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |अलमला |९६५७८२८२१७ |- |४४ |श्रीम.शिन्दे संगीता एकनाथ |सदस्या |मु.किनीनवरे,पो.शेडोळ ता.औसा,जि.लातूर |औसा |खरोसा |९७६३७४६२२७ |- |४५ |श्री.पाटील महेश वसन्तराव |सदस्य |मु.पो.तपसे चिंचोली, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |लामजना |८८०६८२५००० |- |४६ |श्रीम. माने संगीता राजेन्द्र |सदस्या |मु.पो.आशिव, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |आशिव |९८९०८०५१२७ |- |४७ |श्री.देशमुख धनंजय चन्द्रसेन |सदस्य |मु.पो.रामेगाव,ता.औसा,जि.लातूर |औसा |भादा |९४२२४७०२३३ ९९२३१५०७११ |- |४८ |श्री.लोखण्डे नारायण लक्ष्मण |सदस्य |मु.पो.उजनी, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |उजनी |९४२३०७८९५४ |- |४९ |श्रीम.चव्हाण शालीनी रामदास |सदस्या |मु.पो.देवताळा,ता.औसा,जि.लातूर |औसा |मातोळा |९४२२३०८४३१ ७०२०४३७४४३ |- |५० |श्री.पवार सुभाष पाण्डुरंग |सदस्य |मु.पो.तळणी, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |किल्लारी |७७१९०१०००० ९६५७४४२९३९ |- |५१ |श्रीम. धुमाळ कोमलबाई निळकण्ठराव |सदस्या |मु.पो.सुगाव, ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |निटूर |९६५७६८३४६४ ९६५७९२९८७९ |- |५२ |श्री. दोरवे संजय सिताराम |सदस्य |मु.नदीवाडी,पो.चिचोण्डी, ता. निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |हलगरा |९९२१९११९५३ |- |५३ |श्रीम.हालसे कुसूम मुकुन्दराव |सदस्या |मु.पो.औराद श.ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |औराद श |८००७७८२२३८ |- |५४ |श्री. लातूरे मिलीन्द मडोळप्पा |सदस्य |मु.पो.कासार बालकुन्दा, ता.निलंगा |निलंगा |कासार बालकुन्दा |९९२२५६९९३९ |- |५५ |श्री.बिराजदार धोण्डीराम नामदेव |सदस्य |मु.वडगाव,पो.शिवणी को.ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |शेडोळ |९६२३६८५४०६ |- |५६ |श्री.वाघमारे सन्तोष सम्भाजी |सदस्य |मु.पो.पानचिंचोली/निटूर,ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |मदनसूरी |९८२२०८७७६३ |- |५७ |श्रीम.बरमदे अरुणा ज्ञानेश्वर |सदस्य |मु.पो.हासोरी बु. ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |सरवडी |९९७०५८१२२२ ७३८७७६७६५७ |- |५८ |श्री जाधव बजरंग भुजंगराव |सदस्य |मु.पो.नेलवाड, ता.निलंगा |निलंगा |कासार शिरसी |८६५२३१५१५१ |- |} ==अधिकारी== अ)'''विभाग अधिकारी''' {|Class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पद !अन्तर्गत !कार्यालय !निवास !भ्रमणध्वनी !इमेल |- |१ |एस.डी. जोशी |मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जि.प. |101 |242970 |221101 |9422192230 |ceozp.latur@maharashtra.gov.in |- |२ |एस.डी.जोशी |अति.मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जि.प. |214 |254418 - |9422192230 |addlceolatur@gmail.com |- |3 |एस.डी.जोशी |प्रकल्प संचालक | |243524 | |9422192230 |pddrda.latur@gmail.com |- |4 |आर.आर.जवळगेकर |मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी |310 |245230 |220433 |9422471815 |cafofdzplatur@gmail.com |- |5 |प्रभू जाधव |उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी(सा) |102 |242991 - |9422468855 |dyceogenlatur@gmail.com |- |6 |यु.व्ही.साळुंके |उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी(ग्रा.प.) |103 |245312 - |9421583979 |dyceovplatur@gmail.com |- |7 |डी.एम.गिरी |उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी(बा.क.) | |255708 | |9823102399 |dyceoicdslatur@gmail.com |- |8 |के.व्ही.काळे |उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी(पा.पु/स्व.)(प्र) | |251855 | |8208518404 |nbalatur@gmail.com |- |9 |डॉ.जी.जी.परगे |जिल्हा आरोग्य अधिकारी |120 |242806 | |9822502799 |nhmlatur2015@gmail.com |- |10 |एस.जी.गंगथडे |कार्यकारी अभियन्ता(बा.) |300 |252506 - |9850485332 |exenwlatur@gmail.com |- |11 |बी.आर.शेलार |कार्यकारी अभियन्ता(ल.पा/पा.पु) |208 |245307 | |7030068000 |eebnlatur@rediffmail.com/eewslatur@gmail.com |- |12 |वैशाली जामदार |शिक्षणाधिकारी(प्राथ.) |304 |245303 | |9423468219 |mdm.latur@gmail.com |- |13 |ए.एस.उकिरडे |शिक्षणाधिकारी(मा.) | | | |9403664541 |rmsalatur22@gmail.com |- |14 |एस.आर.चोले |कृषी विकास अधिकारी |318 |259233 |257824 |8788955422 |adolatur@gmail.com |- |15 |एस.एन.खामितकर |जिल्हा समाजकल्याण अधिकारी(अति) |202 |255092 - |8329140377 |zpsamajkalyanlatur@gmail.com |- |16 |बी.यु.बोधनकर |जिल्हा पशुसंवर्धन अधिकारी |308 |258664 |221081 |9819462220 |daholatur11@gmail.com daholatur-mh@gov.in |- |17 |एम.एम.कुलकर्णी |सहा.गट.विकास.अधिकारी, म.गां.रा.ग्रा.रो.ह.यो.कक्ष,जिल्हा परिषद | |251855 | |9421485230 |mregszpltr@gmail.com |- |18 |डी.ए.मोरे |शिक्षण अधिकारी(निरन्तर)अति.पदभार, जिल्हा परिषद | |253795 | |9422469183 |- |} आ)'''गटविकास अधिकारी''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पंचायत समिती !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !इमेल |- |1 |एम.एस.गोडभरले |लातूर |02382 242990 |7588546233 |bdolatur@gmail.com |- |2 |एस.एम.भुजबळ |औसा |02383 222031 |8380945077 |bdoausa@gmail.com |- |3 |ए.आर.चव्हाण |उदगीर |02385 256029 |9075140053 |bdoudgir@gmail.com |- |4 |बी.आर.ढवळशंख |अहमदपुर |02381 262027 |9405411822 |stbdoapur@gmail.com |- |5 |एम.एम.कुलकर्णी |निलंगा |02384 242033 |9421485230 |bdonilanga@gmail.com |- |6 |व्ही.जी.लोखण्डे |चाकूर |02381 258144 |7588611300 |bdochakur5@gmail.com |- |7 |एम.वाय.अभंगे |रेणापुर |02382 233396 |9420872017 |bdorenapur2@gmail.com |- |8 |एस.डी.गोस्वामी |जळकोट |02385 275776 |8007621823 |bdo.psjalkot@gmail.com |- |9 |एम.बी.राऊत |देवणी |02385 269900 |9021443185 |bdodeoni@gmail.com |- |10 |एन.एस.शेरखाने |शिरुर(अनन्तपाळ) |02384 250390 |9422816470 |bdoshirura@gmail.com |- |} इ)'''तालुका निहाय साहाय्यक गट विकास अधिकारी''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.एम.एस.गोडभरले |लातूर |02382 242990 |7588546233 |bdolatur@gmail.com |- |2 |श्री.एस.जी.पाटील |औसा |02383 222031 |9404682862 |bdoausa@gmail.com |- |3 |श्री.बी.डी.चव्हाण |उदगीर |02385 256029 |8275942918 |bdoudgir@gmail.com |- |4 |श्री.एस.आर.यमूलवा |अहमदपुर |02381 262027 |9405502034 |bdoahmedpur@gmail.com |- |5 |श्री.एम.एम.कुलकर्णी |निलंगा |02384 242033 |9421485230 |bdonilanga@gmail.com |- |6 |श्री.ए.जी.गोकणवार |चाकूर |02381 258144 |8087385647 |bdochakur@gmail.com |- |7 |श्री.एस.डी.गोस्वामी |रेणापुर |02382 233396 |8007621823 |bdorenapur2@gmail.com |- |8 |श्री.पाटील.ए.पी |देवणी |02385 269900 |9421364425 |bdodeoni@gmail.com |- |9 |श्री.व्ही.के.मुंडे |शिरुर अनन्तपाळ |02384 250390 |9421457319 |bdoshirura@gmail.com |- |} ई)'''जिल्हा उप-शिक्षणाधिकारी व तालुका निहाय गटशिक्षणाधिकारी''' {|Class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |डॉ.वैशाली जामदार |शिक्षण विभाग(प्रा.) लातूर |शिक्षणाधिकारी(प्रा.) |02382-245303 |9423468219 |ssalatur@gmail.com |- |2 |श्री.ए.बी.मोहरे |शिक्षण विभाग(प्रा.) लातूर |उप-शिक्षणाधिकारी |02382-245303 |9703720228 |mdmlatur@gmail.com |- |3 |श्री.दशवन्त विशाल |शिक्षण विभाग(मा.) लातूर |उप-शिक्षणाधिकारी(मा.) | |8149535367 |ssalatur@gmail.com |- |4 |श्री.मोरे.डी.ए |शिक्षण विभाग(मा.) लातूर |उप-शिक्षणाधिकारी(मा.) |9422469183 |rmsalatur22@gmail.com |- |5 |श्री. क्षीरसागर.एस.व्हि |शिक्षण विभाग(प्रा.) लातूर |अधीक्षक वर्ग-2 |02382 240210 |9405386451 |mdmlatur@gmail.com |- |6 |श्री.ढाकणे.आर.बी |शिक्षण विभाग(मा.) लातूर |अधीक्षक वर्ग-2 | |9423345261 |mdmlatur@gmail.com |- |7 |श्री.गायकवाड.पी.एम |शिक्षण विभाग(प्रा.) लातूर |लेखाधिकारी.शा.पो.अ.शिक्षण विभाग |02382 240210 |9822268595 |mdmlatur@gmail.com |- |8 |श्रीमती.तृप्ती.व्ही.अन्धारे |पंचायत समिती लातूर |गटशिक्षणाधिकारी |02382 240210 |8698503503 |beolatur@gmail.com |- |9 |श्रीम.ए.आर.भण्डारी |पंचायत समिती औसा |गटशिक्षणाधिकारी |02383 -220378 |9422886101 |beoausa@gmail.com |- |10 |श्री.बी.ए.फुलारी |पंचायत समिती उदगीर |गटशिक्षणाधिकारी |02385 269935 |9421953585 |ssaudgir07@gmail.com |- |11 |श्री.आजेगांवकर.ए.डी |पंचायत समिती अहमदपुर |गटशिक्षणाधिकारी |02381 262497 |9881340670 |brcahmedpur@gmail.com |- |12 |श्रीम.एस.बी.सत्तारी |पंचायत समिती निलंगा |गटशिक्षणाधिकारी |02384 240529 |9975306986 |brcnilanga@gmail.com |- |13 |श्रीमती.वन्दना.पी.फुटाणे |पंचायत समिती चाकूर(अति) |गटशिक्षणाधिकारी |02381 252152 |8208701581 |beochakur@gmail.com |- |14 |श्रीमती.वन्दना.पी.फुटाणे |पंचायत समिती रेणापुर |गटशिक्षणाधिकारी |02382 233172 |8208701581 |brcrenapur@gmail.com |- |15 |श्री.सी.एस.गावडे |पंचायत समिती जळकोट |गटशिक्षणाधिकारी |02385 275776 |9822657943 |brcjalkot@gmail.com |- |16 |श्री कुलकर्णी.यु.एस |पंचायत समिती देवणी |गटशिक्षणाधिकारी |02385 269935 |9421096444 |brcdeoni@gmail.com |- |17 |श्री.रवीन्द्र सोनटक्के |पंचायत समिती शिरुर अनन्तपाळ |गटशिक्षणाधिकारी |02384 250842 |9860494604 |beoshirura@gmail.com |- |} उ)'''उप कार्यकारी अभियन्ता(बान्धकाम)/उप विभागीय अभियन्ता''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !हुद्दा !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.ए.एन.गौरकर |लातूर |उप कार्यकारी(बा) |02382-252506 |9890194098 |exenwlatur@gmail.com |- |2 |श्री.एस.एस.पाटील |उदगीर |उप विभागीय |02382-254585 |9850485332 |dyenwlatur@gmail.com |- |3 |श्री.जी.जी.जाधव |औसा |उप विभागीय |02383-222863 |9890160677 |dyenwausa@gmail.com |- |4 |श्री.चान्दणे ए.जी |निलंगा |उप विभागीय |02384 240222 |9890603737 |dyennilanga1@gmail.com |- |5 |श्री.वासुदेवने.एम.एस |उदगीर |उप विभागीय |02385-258072 |9422072374 |dyenwudgir@gmail.com |- |6 |श्री.सावन्त एस.आर |अहमदपुर |उप विभागीय |02381-263289 |9860176651 |dyworkzp@gmail.com |- |7 |श्री.निकम.एस.टी |(प्रभारी )चाकूर |उप विभागीय |02381-258072 |8329288923 |dyenwchakur@gmail.com |- |} ऊ)'''लघु पाटबंधारे उप विभागीय आभियंता''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.बी.आर.शेलार |लातूर |उप कार्यकारी आभियंता(लपा/पापु विभाग ) | |9422657906 | |- |2 |श्री व्ही.बी.चव्हाण |लातूर |उप विभागीय | |9960249149 | |- |3 |श्री जी.एस.देवणीकर |निलंगा |उप विभागीय |02384-242067 |9422014569 |dyenminilanga@gmail.com |- |4 |श्री.ए.आर.कसबे |उदगीर |उप विभागीय |02385-252422 |9890932992 |dyenmiudgir@gmail.com |- |5 |श्री.एस.आर.खोपडे |जळ्कोट |उप विभागीय |02385 |8484881144 | |- |6 |श्री.एस.एस.आष्टागी |अहमदपुर |उप विभागीय |02381-262121 |9420332060 |dyenmiahmedpur@gmail.com |- |7 |श्री.एच.आर.नागदे |रेणापुर |उप विभागीय |02382-233293 |9403062042 |dyenmirenapur@gmail.com |- |8 |श्री.सी.व्ही.कस्तुरे |औसा |उप विभागीय |02383-222189 |9421370657 |dyenmiausa@gmail.com |- |9 |श्री.बी.आर.पामे |देवणी |उप विभागीय | |9422657020 | |- |10 |श्री.के.जी.पवार |लातूर |उप अभियंता(यांत्रिकी) जि.प.उपविभाग ,लातूर | |9822240235 | |- |11 |श्री.एस.जी.अडबलवार |लातूर |उप अभियंता(देखभाल दुरुस्ती)जि.प.उपविभाग ,लातूर | |9422469537 | |- |12 |श्री.वाय.ए.दुबे |लातूर |सहा.भूवैज्ञानिक,लातूर | |9423111303 | |- |13 |श्री.एस.ए.कुलकर्णी |लातूर |सहा.भूवैज्ञानिक,लातूर | |9822343596 | |- |14 |श्रीम.एस.एस.गुर्वे |लातूर |सहा.भूवैज्ञानिक,लातूर | |9096262535 | |- |} ए)'''वित्त विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.आर.आर.जवळगेकर |लातूर |मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी |02382 245230,220433 |9422471815 |cafolatur@gmail.com |- |2 |श्रीम.जम्पावाड.एस.बी |लातूर |उप.मु.ले.वि.अ |02382 245230 |9607800999 |cafolatur@gmail.com |- |3 |श्री.सूर्यवंशी.एस.डी |लातूर |लेखाधिकारी |02382 245301 |9003973231 |cafolatur@gmail.com |- |4 |श्री.मुण्ढे.बी.आर |लातूर |लेखाधिकारी |02382 245301 |9421354325 |cafolatur@gmail.com |- |5 |श्री.सूर्यवंशी.टी.आर |लातूर |लेखाधिकारी(S.S.A) |02382 245301 |9960305644 |cafolatur@gmail.com |} ऐ)'''कृषी विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.एस.आर.चोले |जिल्हा कृषी अधिकारी(सा.),जि.प.लातूर |02382 259233 |8788955422 |adolatur@gmail.com |- |2 |श्री.एम.एस.क्षिरसागर |मोहीम अधिकारी,जि.प.लातूर |02382 259233 |9404957114 |adolatur@gmail.com |- |3 |श्री.बी.बी.तोष्णीवाल |जिल्हा कृषी अधिकारी(विघयो),जि.प.लातूर |02382 259233 |9423352581 |adolatur@gmail.com |} ओ)'''आरोग्य विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी |- |1 |डॉ.बी.एस.बरुरे |जिल्हा प्रजनन व बाल आरोग्य अधिकारी(प्र) ,जि.प.लातूर |02382 242806 |9423458822 |- |2 |डॉ.धनगे चन्द्रज्योती रामदास |आतिरिक्त जिल्हा आरोग्य अधिकारी ,जि.प.लातूर |02382 242806 |8928906638 |- |3 |रिक्त |साहा.जिल्हा आरोग्य अधिकारी(प्र),जि.प.लातूर |02382 242806 | |- |4 |श्री.थोरात.आर.बी |प्रशासन अधि, जि.प.लातूर |02382 242806 |9405428577 |- |5 |डॉ.कुलकर्णी श्रीकान्त भगवानराव |साथरोग अधिकारी व जि.सर्व्हेक्षण अधि,जि.प.लातूर |02382 242806 |9422717818 |- |6 |श्री.व्ही.एच.सानप |सांख्यिकी अधिकारी(प्र),जि.प.लातूर |02382 242806 |8806887189 |- |} औ)'''तालुका आरोग्य अधिकारी''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |डॉ.सारडा.ए.जे. |लातूर |02382 250971 |9326154242 |tholatur@rediffmail.com |- |2 |डॉ.हिण्डोळे.एस.एस |औसा |02383 222448 |9422976909 |thoausa@rediffmail.com |- |3 |डॉ.देशमुख.एन.के |रेणापुर |02382 233293 |9423348057 |thorenapur@rediffmail.com |- |4 |डॉ.बयास.बी.डी |अहमदपुर |02381 262568 |9822958920 |thoahmedpur@gmail.com |- |5 |डॉ.पवार.एस.व्ही |उदगीर |02385 259638 |9422472656 |thoudgir@rediffmail.com |- |6 |डॉ.आर.एच.पवार |शिरुर अनन्तपाळ |02384 250841 |9423075987 |thos_anantpal@rediffmail.com |- |7 |डॉ.गुरमे.डी.डी |देवणी |02385 269588 |8308412409 |thodeoni@rediffmail.com |- |8 |डॉ.शेख.आर.आर |चाकूर |02381 252744 |9422717818 |thochakur@gmail.com |- |9 |डॉ.एस.पी.कदम |निलंगा |02384 240766 |9284770575 |thonilanga@rediffmail.com |- |10 |डॉ.पी.एस.कपसे |जळकोट |02385 275593 |9422452107 |thojalkot@rediffmail.com |- |} अं)'''पशूधन विकास अधिकारी,पशुसंवर्धन विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !भ्रमणध्वनी |- |१ |डॉ.ए.डी.तेरखेडकर |लातूर |9421306146 |- |२ |डॉ.एस.एन.जाधव |लातूर |9960565076 |- |३ |डॉ.एच.जी.निम्बाळकर |औसा |9420847774 |- |४ |डॉ.के.एस.कोमावार |निलंगा |8482801045 |- |५ |डॉ.एस.बी.केन्द्रे |उदगीर |9423791650 |- |६ |डॉ.कोकणे शिरीषकुमार |अहमदपुर |7588062552 |- |७ |डॉ.एस.व्ही.पवार |रेणापुर |7709053882 |- |८ |डॉ.एस.एस.फड |चाकुर |9421371639 |- |९ |डॉ.व्ही.डी.सरवदे |देवणी |9172054275 |- |१० |डॉ.बी.पी.बोडके |जळकोट |9146376260 |- |११ |डॉ.एस.व्ही.देशपाण्डे |शिरुर अनन्तपाळ |9421873033 |} अः) '''बाल विकास प्रकल्प अधिकारी यांची माहीती,महिला व बाल विकास विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !हुद्दा !भ्रमणध्वनी |- |1 |श्री.बण्डगर.बी.एम |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,लातूर |8625820504 |- |2 |श्री.बण्डगर.बी.एम |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,मुरुड(प्र.) |8625820504 |- |3 |श्री.आर.एल.बनसोडे |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,रेणापुर |8698999499 |- |4 |श्री.गोरे.के.एल |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,औसा |8380089100 |- |5 |श्री.व्ही.एम.मोरे(प्र) |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,किल्लारी |9766256083 |- |6 |श्री.सुवर्णकार अनिल |(प्र) बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,निलंगा-1 |8275462505 |- |7 |श्री.पाटील.बी.पी |(अतिरिक्त)बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,निलंगा-2 |9403244738 |- |8 |श्री.मुण्ढे.व्ही.के |साहाय्यक गट विकास अधिकारी (अतिरिक्त पदभार) |9421457319 |- |9 |श्री.बनसोडे.आर.एल |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,उदगीर |- |१० |बिराजदार एन.पी. |अतिरिक्त |- |११ |यमुलवाड |जळकोट |- |१२ |रायबोले ए.बी. |अहमदपुर |- |१३ |गोकणवार ए.जी. |अतिरिक्त चाकुर |- |} ==निवडणुका== '''२०१७''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !पक्ष !युती !सदस्य |- |१ |भाजप |रालोआ |४५ |- |२ |राकाँप |संपुआ |१० |- |३ |शिवसेना |रालोआ |०४ |- |४ |भाराकाँ |संपुआ |३० |- |५ |इतर | |०१ |- |} == माजी जि.प. अध्यक्ष == {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पक्ष !कार्यकाळ |- |१ |बब्रुवान विठ्ठल काळे |भाराकाँ |२०१३ |- |२ |संतोष देशमुख |भाराकाँ |२०१५ |- |३ |मिलिंद मडोळप्पा लातूरे |भाजप |२०१७ |- |४ |राहुल [[गोविंद केंद्रे]] |भाजप |२०१९-२२, मुदतवाढ |- |} ==प्रसिद्ध सदस्य== #सुधाकर तुकाराम श्रृंगारे, माजी खासदार #धिरज विलासराव देशमुख, माजी आमदार {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पक्ष !कार्यकाळ !गट !तालुका !कारण |- |१ |धिरज विलासराव देशमुख |भाराकाँ | |एकुरगा |लातूर |विधानसभा सदस्य |- |२ |सुधाकर तुकाराम श्रृंगारे |भाजप | |वडवळ |चाकुर |लोकसभा सदस्य |- |} ==हे सुद्धा पहा== * [[लातूर जिल्हा]] * [[नांदेड जिल्हा परिषद]] ==संदर्भ== १)http://zplatur.gov.in २)https://latur.gov.in [[वर्ग:लातूर जिल्हा]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील जिल्हा परिषद]] kvld0wmuxabdo355l40eri0sn3ahfo4 2710915 2710914 2026-09-20T07:25:27Z ~2026-50628-20 187596 /* */ 2710915 wikitext text/x-wiki '''लातूरची जिल्हा परिषद''' ही [[भारत|भारताच्या]] [[महाराष्ट्र]] राज्यातील [[लातूर जिल्हा|लातूर जिल्ह्याचे]] प्रशासन करणारी संस्था आहे. जिल्हा परिषदेची सदस्यसंख्या एकूण ५८ आहे. परिषदेमध्ये, लातूर जिल्ह्यातील १० गावांसाठी एकेक पंचायत समिती आहे. प्रत्येक समितीवर एक सभापती व एक उपसभापती असून काही सदस्य आहेत. {|class="wikitable" |- |प्रकार |एकसदनीय |- |स्थापना |१९५२ |- |अध्यक्ष |राहुल गोविंद केंद्रे |- |उपाध्यक्ष |दयानंद सुरवसे |- |मुख्य कार्यकारी अधिकारी |Hon. Rahul Kumar Meena, IAS |- |एकूण सदस्य |५८ |- |भाराकाँ |२७ |- |भाजप |३० |- |राकाँप |१ |- |शिवसेना |० |- |इतर |० |- !निवडणुक |- |प्रणाली |एकल संक्रमण |- |मागील |२०१७ |- |पुढील |२०३२ |- |बैठक स्थान |जिल्हा परिषद, शिवाजी चौक, ता.जि. लातूर |- |संकेतस्थळ |http://zplatur.gov.in |- |} ==पंचायत समित्या== {|class="wikitable" |- !अनुक्रमांक !पंचायत समिती !सभापती !उपसभापती |- |१ |लातूर |पाटिल सरस्वती नामदेव |उफाडे प्रकाश माणिक |- |२ |औसा |गायकवाड अर्चना अण्णासाहेब |काळे राजश्री विश्वास |- |३ |उदगिर |पाटिल विजय निळकण्ठ |मरलापल्ले बाळासाहेब तात्यारेड्डी |- |४ |अहमदपुर |जाभाडे गंगासागर व्यंकट |गुट्टे बालाजी रामराव |- |५ |निलंगा |बिराजदार राधा सुरेश |बोण्डगे अंजली अनन्त |- |६ |चाकुर |बडे यमुनाबाई माणिक |लोणाळे सज्जन रामदास |- |७ |रेणापुर |सोनवणे रमेश रोहिदास |चव्हाण अनन्त शरद |- |८ |जळकोट |ताकबीडे बालाजी निवृत्ती |धर्माधिकारी सुनन्दा रमेश |- |९ |देवणी |बिरादार चित्रकला धनाजी |पाटिल शंकर रामचन्द्र |- |१० |शिरुर अनन्तपाळ |चलमले नरसिंह बाबुराव |जाधव उद्धव किशन |- |} ==विद्यमान सदस्य== * 2017-22: {|class="wikitable" |- !अनुक्रमांक !नाव !पद !पत्ता !तालुका !मतदार गट !भ्रमणध्वनी क्रमांक |- |१ |केन्द्रे राहुल गोविन्द |अध्यक्ष |मु.पो.कुमठा खु.ता.उदगीर, जि.लातूर |उदगीर |लोहारा |९७६५५५५५५५ |- |२ |श्रीम.सोळुंके भारतबाई दगडू |उपाध्यक्षा |मु.सावनगीरा,पो.तळीखेड,ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |अम्बुलगा बु. |९५४५३४४४०७ |- |३ |श्री.वाघमारे रोहिदास अम्बादास |सभापती समाजकल्याण समिती |मु.पो.जानवळ, ता.चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |जानवळ |९९२१३२६४३२ |- |४ |श्रीम. राठोड ज्योती बापूराव |सभापती महिला व बालकल्याण समिती |मु.पो.कौळखेड,ता. उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |निडेबन |9423061000 |- |५ |श्री.चिलकुरे गोविन्द त्र्यम्बकराव |सभापती, कृषी समिती ,पशुसंवर्धन व दुग्धविकास समिती |मु.पो.कानेगाव,ता.शिरुर अ,जि.लातूर |शिरुर अ. |साकोळ |९४२१२७६३६८ ९६०४५७५८७१ |- |६ |श्रीम. घुले संगीता बाबासाहेब |सभापती, अर्थ व बांधकाम समिती |मु.पो.दवणगाव, ता.रेणापूर |रेणापूर |कामखेडा |९८२२३३३०९०१ ९०४५८८४००० |- |७ |श्री.जाधव माधव रंगनाथ |सदस्य |मु.पो.खण्डाळी,.अहमदपूर,जि.लातूर |अहमदपूर |खण्डाळी |९९७५११८१७६ |- |८ |श्री.देशमुख प्रकाश राजेसाहेब |सदस्य |मु.पो.नान्दुरा बु.,ता.अहमदपूर,जि.लातूर |अहमदपुर |हाडोळती |९४२२६११५०२ |- |९ |श्री.पाटील मंचकराव मोहनराव |सदस्य |मु.पो.शिरुर ताजबन्द, ता.अहमदपूर |अहमदपूर |शिरुर ताजबन्द |९४२२४६८८८३ ८८८८००१०८६ |- |१० |श्रीम. भिकाणे मुद्रीका शिवाजीराव |सदस्या |मु.पो.ढाळेगाव,ता.अहमदपूर जि.लातूर |अहमदपूर |अन्धोरी |९६८९६७३८७७ |- |११ |श्री. केन्द्रे अशोक निवृत्तीराव |सदस्य |मु.रुद्धा, पो.सांगवी सु. ता.अहमदपूर,जि.लातूर |अहमदपूर |किनगाव |९४२१०९४९९९ |- |१२ |श्रीम. सोनेवाड सुमन रामराव |सदस्या |मु.टाकळगाव (का.),पो.परचण्डा,ता.अहमदपूर,जि.लातूर |अहमदपूर |सावरगाव रोकडा |९५७९७७५६२३,७७६८९२६१८५ |- |१३ |श्रीम. जाधव रुक्मीनबाई बाबुराव |सदस्या |मु.पो.विराळ, ता.जळकोट,जि.लातूर |जळकोट |वांजरवाडा |९४२३३५१९६९ |- |१४ |श्री.तिडके सन्तोष नामदेवराव |सदस्य |मु.पो.कुणकी, ता.जळकोट,जि.लातूर |जळकोट |माळहिप्परगा |९०१११११७७७ ९९२३१००९२४ |- |१५ |श्रीम. परगे अनिता शिवाजी |सदस्या |मु.पो.घोणशी, ता.जळकोट,जि.लातूर |जळकोट |घोणसी |९४२२०७२४८४ ७०५७१६०३३० |- |१६ |श्रीम. पाटील शितल कल्याणराव |सदस्या |मु.पो.हाळी, ता.उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |वाढवणा बु |९४०३५३९७९० |- |१७ |श्रीम. बिरादार विजया बस्वराज |सदस्या |मु.पो.तोण्डार,ता. उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |तोण्डार |९०११८७१३६४ |- |१८ |श्री.बिराजदार बस्वराज बाबाराव |सदस्य |मु.पो.कौळखेड,ता. उदगीर,जि.लातूर. |उदगीर |नळगीर |९८२२०२५१६१ |- |१९ |श्रीम.रोडगे उषा शंकर |सदस्या |मु.पो.देवर्जन, ता.उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |देवर्जन |९४२०२१३३५२ ९७६५५४७८०३ |- |२० |श्रीम.पाटील आशा ज्ञानेश्वर |सदस्या |मु.पो.दावणगाव, ता.उदगीर,जि.लातूर |उदगीर |तोगरी |९८६०६१३०९३ |- |२१ |श्री.शिवशिवे पृथ्वीराज देवराव |सदस्य |मु.पो.निडेबन, ता.देवणी,जि.लातूर |देवणी |बोरोळ |९८२३१५४३६० |- |२२ |श्री. तिरुके रामचन्द्र पण्ढरीनाथ |सदस्य |मु.पो.सताळा बु.,ता.देवणी |देवणी |वलाण्डी |९४२२६००००० ९९२३१०३५५५ |- |२३ |श्री.पाटील प्रशान्त त्र्यम्बकराव |सदस्य |मु.पो.जवळगा, ता. देवणी,जि.लातूर |देवणी |जवळगा |९६६५४९५३३३ ९४२१४५१०५१ |- |२४ |श्री.काम्बळे राजीव त्र्यम्बकराव |सदस्य |मु.पो.लक्कडजवळगा, ता.शिरुर अ.,जि.लातूर |शिरुर अ. |येरोळ |८८०६१९०१११ |- |२५ |श्रीम. काम्बळे अरुणा नारायण |सदस्या |मु.पो.अजनसोण्डा बु. ता.चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |चापोली |९८२३१८३२१६ |- |२६ |श्रीम. पाटील विमल प्रशान्त |सदस्या |मु.पो.शेळगाव, ता. चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |रोहिणा |९४०४६८२०१० ९४२०२१२७७२ |- |२७ |श्री.कसबे हर्षवर्धन बाबुराव |सदस्य |मु.पो. लहुजी नगर,वडवळ ना, ता. चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |वडवळ नागनाथ |८८८८९४६००० ९४२३२८३३६२ |- |२८ |श्रीम.अर्जुने धनश्री राजेश |सदस्या |मु.पो.सुगाव, ता.चाकूर,जि.लातूर |चाकूर |नळेगाव |९८६०३९४४८५ ९९७०६१६१९५ |- |२९ |श्री.लहाने सुरेश ज्ञानेश्वर |सदस्य |मु.माकेगाव,पो.कोष्टगाव,ता.रेणापूर,जि.लातूर |रेणापूर |पानगाव |९९२२३५२५५५ |- |३० |श्री गोडभरले सुरेन्द्र शिवाजी |सदस्य |मु.रामवाडी ख.,पो.खरोळा,जि.लातूर |रेणापूर |खरोळा |८८८८२८५५२० |- |३१ |श्री.चेपट उद्धव माधवराव |सदस्य |मु.पो.पोहरेगाव, ता.रेणापूर,जि.लातूर |रेणापूर |पोहरेगाव |९६६५८२४२०६ |- |३२ |श्रीम. ढमाले शोभा पण्डीत |सदस्या |मु.पो.महापूर ता.जि.लातूर |लातूर |महापूर |९८५०१२२३२३ |- |३३ |श्रीम. शिंगडे अरुणा विशाल |सदस्या |मु.ममदापूर, पो.भातांगळी, ता.जि.लातूर |लातूर |भातांगळी |९०७५५५६६६६ |- |३४ |श्रीम. जाधव साधना सुभाष |सदस्या |मु.पो.महाराणाप्रताप नगर, ता.जि.लातूर |लातूर |बाभळगाव |९५५२४२४७९२ |- |३५ |श्रीम. थोरमोटे सोनाली रमेश |सदस्या |मु.पो.वासनगाव, ता. जि.लातूर |लातूर |पाखरसांगवी |९८९०३२२७०१ |- |३६ |श्री.वाघमारे परमेश्वर मारुती |सदस्य |मु.पो.हरंगुळ बु., ता.जि.लातूर |लातूर |हरंगुळ बु. |९७६३३८८६२४ |- |३७ |श्रीम. ढगे शिना भास्कर |सदस्या |मु.पो.जवळा बु,ता.जि.लातूर |लातूर |काटगाव |९९६०४८२९७५ |- |३८ |श्रीम. वाघमारे मनिषा श्यामसुन्दर |सदस्या |मु.पो.तान्दुळजा,ता.जि.लातूर |लातूर |गाधवड |९९२३८९६२३४ |- |३९ |श्री.नाडे दिलीप नामदेवराव |सदस्य |मुरुडेश्वर मन्दिर जवळ,मुरुड,ता.जि.लातूर |लातूर |मुरुड |९४२२०७१८५३ |- |४० |श्रीम. शिन्दे प्रिती सुरज |सदस्या |मु.पो.निवळी,ता.जि.लातूर |लातूर |निवळी |९९७५७२१९०७ |- |४१ |देशमुख धिरज विलासराव |सदस्य |बाभळगाव, लातूर |लातूर |एकुरगा | |- |४२ |श्रीम.काम्बळे कल्पना भागवत |सदस्या |मु.गोन्द्री,पो.हासेगाव,ता.औसा,जि.लातूर |औसा |हासेगाव |९८२२५६१६४८ |- |४३ |श्रीम.कोलपाक दैवशाला प्रभाकर |सदस्या |मु.पो.बुधोडा, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |अलमला |९६५७८२८२१७ |- |४४ |श्रीम.शिन्दे संगीता एकनाथ |सदस्या |मु.किनीनवरे,पो.शेडोळ ता.औसा,जि.लातूर |औसा |खरोसा |९७६३७४६२२७ |- |४५ |श्री.पाटील महेश वसन्तराव |सदस्य |मु.पो.तपसे चिंचोली, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |लामजना |८८०६८२५००० |- |४६ |श्रीम. माने संगीता राजेन्द्र |सदस्या |मु.पो.आशिव, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |आशिव |९८९०८०५१२७ |- |४७ |श्री.देशमुख धनंजय चन्द्रसेन |सदस्य |मु.पो.रामेगाव,ता.औसा,जि.लातूर |औसा |भादा |९४२२४७०२३३ ९९२३१५०७११ |- |४८ |श्री.लोखण्डे नारायण लक्ष्मण |सदस्य |मु.पो.उजनी, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |उजनी |९४२३०७८९५४ |- |४९ |श्रीम.चव्हाण शालीनी रामदास |सदस्या |मु.पो.देवताळा,ता.औसा,जि.लातूर |औसा |मातोळा |९४२२३०८४३१ ७०२०४३७४४३ |- |५० |श्री.पवार सुभाष पाण्डुरंग |सदस्य |मु.पो.तळणी, ता.औसा,जि.लातूर |औसा |किल्लारी |७७१९०१०००० ९६५७४४२९३९ |- |५१ |श्रीम. धुमाळ कोमलबाई निळकण्ठराव |सदस्या |मु.पो.सुगाव, ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |निटूर |९६५७६८३४६४ ९६५७९२९८७९ |- |५२ |श्री. दोरवे संजय सिताराम |सदस्य |मु.नदीवाडी,पो.चिचोण्डी, ता. निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |हलगरा |९९२१९११९५३ |- |५३ |श्रीम.हालसे कुसूम मुकुन्दराव |सदस्या |मु.पो.औराद श.ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |औराद श |८००७७८२२३८ |- |५४ |श्री. लातूरे मिलीन्द मडोळप्पा |सदस्य |मु.पो.कासार बालकुन्दा, ता.निलंगा |निलंगा |कासार बालकुन्दा |९९२२५६९९३९ |- |५५ |श्री.बिराजदार धोण्डीराम नामदेव |सदस्य |मु.वडगाव,पो.शिवणी को.ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |शेडोळ |९६२३६८५४०६ |- |५६ |श्री.वाघमारे सन्तोष सम्भाजी |सदस्य |मु.पो.पानचिंचोली/निटूर,ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |मदनसूरी |९८२२०८७७६३ |- |५७ |श्रीम.बरमदे अरुणा ज्ञानेश्वर |सदस्य |मु.पो.हासोरी बु. ता.निलंगा,जि.लातूर |निलंगा |सरवडी |९९७०५८१२२२ ७३८७७६७६५७ |- |५८ |श्री जाधव बजरंग भुजंगराव |सदस्य |मु.पो.नेलवाड, ता.निलंगा |निलंगा |कासार शिरसी |८६५२३१५१५१ |- |} ==अधिकारी== अ)'''विभाग अधिकारी''' {|Class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पद !अन्तर्गत !कार्यालय !निवास !भ्रमणध्वनी !इमेल |- |१ |एस.डी. जोशी |मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जि.प. |101 |242970 |221101 |9422192230 |ceozp.latur@maharashtra.gov.in |- |२ |एस.डी.जोशी |अति.मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जि.प. |214 |254418 - |9422192230 |addlceolatur@gmail.com |- |3 |एस.डी.जोशी |प्रकल्प संचालक | |243524 | |9422192230 |pddrda.latur@gmail.com |- |4 |आर.आर.जवळगेकर |मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी |310 |245230 |220433 |9422471815 |cafofdzplatur@gmail.com |- |5 |प्रभू जाधव |उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी(सा) |102 |242991 - |9422468855 |dyceogenlatur@gmail.com |- |6 |यु.व्ही.साळुंके |उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी(ग्रा.प.) |103 |245312 - |9421583979 |dyceovplatur@gmail.com |- |7 |डी.एम.गिरी |उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी(बा.क.) | |255708 | |9823102399 |dyceoicdslatur@gmail.com |- |8 |के.व्ही.काळे |उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी(पा.पु/स्व.)(प्र) | |251855 | |8208518404 |nbalatur@gmail.com |- |9 |डॉ.जी.जी.परगे |जिल्हा आरोग्य अधिकारी |120 |242806 | |9822502799 |nhmlatur2015@gmail.com |- |10 |एस.जी.गंगथडे |कार्यकारी अभियन्ता(बा.) |300 |252506 - |9850485332 |exenwlatur@gmail.com |- |11 |बी.आर.शेलार |कार्यकारी अभियन्ता(ल.पा/पा.पु) |208 |245307 | |7030068000 |eebnlatur@rediffmail.com/eewslatur@gmail.com |- |12 |वैशाली जामदार |शिक्षणाधिकारी(प्राथ.) |304 |245303 | |9423468219 |mdm.latur@gmail.com |- |13 |ए.एस.उकिरडे |शिक्षणाधिकारी(मा.) | | | |9403664541 |rmsalatur22@gmail.com |- |14 |एस.आर.चोले |कृषी विकास अधिकारी |318 |259233 |257824 |8788955422 |adolatur@gmail.com |- |15 |एस.एन.खामितकर |जिल्हा समाजकल्याण अधिकारी(अति) |202 |255092 - |8329140377 |zpsamajkalyanlatur@gmail.com |- |16 |बी.यु.बोधनकर |जिल्हा पशुसंवर्धन अधिकारी |308 |258664 |221081 |9819462220 |daholatur11@gmail.com daholatur-mh@gov.in |- |17 |एम.एम.कुलकर्णी |सहा.गट.विकास.अधिकारी, म.गां.रा.ग्रा.रो.ह.यो.कक्ष,जिल्हा परिषद | |251855 | |9421485230 |mregszpltr@gmail.com |- |18 |डी.ए.मोरे |शिक्षण अधिकारी(निरन्तर)अति.पदभार, जिल्हा परिषद | |253795 | |9422469183 |- |} आ)'''गटविकास अधिकारी''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पंचायत समिती !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !इमेल |- |1 |एम.एस.गोडभरले |लातूर |02382 242990 |7588546233 |bdolatur@gmail.com |- |2 |एस.एम.भुजबळ |औसा |02383 222031 |8380945077 |bdoausa@gmail.com |- |3 |ए.आर.चव्हाण |उदगीर |02385 256029 |9075140053 |bdoudgir@gmail.com |- |4 |बी.आर.ढवळशंख |अहमदपुर |02381 262027 |9405411822 |stbdoapur@gmail.com |- |5 |एम.एम.कुलकर्णी |निलंगा |02384 242033 |9421485230 |bdonilanga@gmail.com |- |6 |व्ही.जी.लोखण्डे |चाकूर |02381 258144 |7588611300 |bdochakur5@gmail.com |- |7 |एम.वाय.अभंगे |रेणापुर |02382 233396 |9420872017 |bdorenapur2@gmail.com |- |8 |एस.डी.गोस्वामी |जळकोट |02385 275776 |8007621823 |bdo.psjalkot@gmail.com |- |9 |एम.बी.राऊत |देवणी |02385 269900 |9021443185 |bdodeoni@gmail.com |- |10 |एन.एस.शेरखाने |शिरुर(अनन्तपाळ) |02384 250390 |9422816470 |bdoshirura@gmail.com |- |} इ)'''तालुका निहाय साहाय्यक गट विकास अधिकारी''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.एम.एस.गोडभरले |लातूर |02382 242990 |7588546233 |bdolatur@gmail.com |- |2 |श्री.एस.जी.पाटील |औसा |02383 222031 |9404682862 |bdoausa@gmail.com |- |3 |श्री.बी.डी.चव्हाण |उदगीर |02385 256029 |8275942918 |bdoudgir@gmail.com |- |4 |श्री.एस.आर.यमूलवा |अहमदपुर |02381 262027 |9405502034 |bdoahmedpur@gmail.com |- |5 |श्री.एम.एम.कुलकर्णी |निलंगा |02384 242033 |9421485230 |bdonilanga@gmail.com |- |6 |श्री.ए.जी.गोकणवार |चाकूर |02381 258144 |8087385647 |bdochakur@gmail.com |- |7 |श्री.एस.डी.गोस्वामी |रेणापुर |02382 233396 |8007621823 |bdorenapur2@gmail.com |- |8 |श्री.पाटील.ए.पी |देवणी |02385 269900 |9421364425 |bdodeoni@gmail.com |- |9 |श्री.व्ही.के.मुंडे |शिरुर अनन्तपाळ |02384 250390 |9421457319 |bdoshirura@gmail.com |- |} ई)'''जिल्हा उप-शिक्षणाधिकारी व तालुका निहाय गटशिक्षणाधिकारी''' {|Class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |डॉ.वैशाली जामदार |शिक्षण विभाग(प्रा.) लातूर |शिक्षणाधिकारी(प्रा.) |02382-245303 |9423468219 |ssalatur@gmail.com |- |2 |श्री.ए.बी.मोहरे |शिक्षण विभाग(प्रा.) लातूर |उप-शिक्षणाधिकारी |02382-245303 |9703720228 |mdmlatur@gmail.com |- |3 |श्री.दशवन्त विशाल |शिक्षण विभाग(मा.) लातूर |उप-शिक्षणाधिकारी(मा.) | |8149535367 |ssalatur@gmail.com |- |4 |श्री.मोरे.डी.ए |शिक्षण विभाग(मा.) लातूर |उप-शिक्षणाधिकारी(मा.) |9422469183 |rmsalatur22@gmail.com |- |5 |श्री. क्षीरसागर.एस.व्हि |शिक्षण विभाग(प्रा.) लातूर |अधीक्षक वर्ग-2 |02382 240210 |9405386451 |mdmlatur@gmail.com |- |6 |श्री.ढाकणे.आर.बी |शिक्षण विभाग(मा.) लातूर |अधीक्षक वर्ग-2 | |9423345261 |mdmlatur@gmail.com |- |7 |श्री.गायकवाड.पी.एम |शिक्षण विभाग(प्रा.) लातूर |लेखाधिकारी.शा.पो.अ.शिक्षण विभाग |02382 240210 |9822268595 |mdmlatur@gmail.com |- |8 |श्रीमती.तृप्ती.व्ही.अन्धारे |पंचायत समिती लातूर |गटशिक्षणाधिकारी |02382 240210 |8698503503 |beolatur@gmail.com |- |9 |श्रीम.ए.आर.भण्डारी |पंचायत समिती औसा |गटशिक्षणाधिकारी |02383 -220378 |9422886101 |beoausa@gmail.com |- |10 |श्री.बी.ए.फुलारी |पंचायत समिती उदगीर |गटशिक्षणाधिकारी |02385 269935 |9421953585 |ssaudgir07@gmail.com |- |11 |श्री.आजेगांवकर.ए.डी |पंचायत समिती अहमदपुर |गटशिक्षणाधिकारी |02381 262497 |9881340670 |brcahmedpur@gmail.com |- |12 |श्रीम.एस.बी.सत्तारी |पंचायत समिती निलंगा |गटशिक्षणाधिकारी |02384 240529 |9975306986 |brcnilanga@gmail.com |- |13 |श्रीमती.वन्दना.पी.फुटाणे |पंचायत समिती चाकूर(अति) |गटशिक्षणाधिकारी |02381 252152 |8208701581 |beochakur@gmail.com |- |14 |श्रीमती.वन्दना.पी.फुटाणे |पंचायत समिती रेणापुर |गटशिक्षणाधिकारी |02382 233172 |8208701581 |brcrenapur@gmail.com |- |15 |श्री.सी.एस.गावडे |पंचायत समिती जळकोट |गटशिक्षणाधिकारी |02385 275776 |9822657943 |brcjalkot@gmail.com |- |16 |श्री कुलकर्णी.यु.एस |पंचायत समिती देवणी |गटशिक्षणाधिकारी |02385 269935 |9421096444 |brcdeoni@gmail.com |- |17 |श्री.रवीन्द्र सोनटक्के |पंचायत समिती शिरुर अनन्तपाळ |गटशिक्षणाधिकारी |02384 250842 |9860494604 |beoshirura@gmail.com |- |} उ)'''उप कार्यकारी अभियन्ता(बान्धकाम)/उप विभागीय अभियन्ता''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !हुद्दा !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.ए.एन.गौरकर |लातूर |उप कार्यकारी(बा) |02382-252506 |9890194098 |exenwlatur@gmail.com |- |2 |श्री.एस.एस.पाटील |उदगीर |उप विभागीय |02382-254585 |9850485332 |dyenwlatur@gmail.com |- |3 |श्री.जी.जी.जाधव |औसा |उप विभागीय |02383-222863 |9890160677 |dyenwausa@gmail.com |- |4 |श्री.चान्दणे ए.जी |निलंगा |उप विभागीय |02384 240222 |9890603737 |dyennilanga1@gmail.com |- |5 |श्री.वासुदेवने.एम.एस |उदगीर |उप विभागीय |02385-258072 |9422072374 |dyenwudgir@gmail.com |- |6 |श्री.सावन्त एस.आर |अहमदपुर |उप विभागीय |02381-263289 |9860176651 |dyworkzp@gmail.com |- |7 |श्री.निकम.एस.टी |(प्रभारी )चाकूर |उप विभागीय |02381-258072 |8329288923 |dyenwchakur@gmail.com |- |} ऊ)'''लघु पाटबंधारे उप विभागीय आभियंता''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.बी.आर.शेलार |लातूर |उप कार्यकारी आभियंता(लपा/पापु विभाग ) | |9422657906 | |- |2 |श्री व्ही.बी.चव्हाण |लातूर |उप विभागीय | |9960249149 | |- |3 |श्री जी.एस.देवणीकर |निलंगा |उप विभागीय |02384-242067 |9422014569 |dyenminilanga@gmail.com |- |4 |श्री.ए.आर.कसबे |उदगीर |उप विभागीय |02385-252422 |9890932992 |dyenmiudgir@gmail.com |- |5 |श्री.एस.आर.खोपडे |जळ्कोट |उप विभागीय |02385 |8484881144 | |- |6 |श्री.एस.एस.आष्टागी |अहमदपुर |उप विभागीय |02381-262121 |9420332060 |dyenmiahmedpur@gmail.com |- |7 |श्री.एच.आर.नागदे |रेणापुर |उप विभागीय |02382-233293 |9403062042 |dyenmirenapur@gmail.com |- |8 |श्री.सी.व्ही.कस्तुरे |औसा |उप विभागीय |02383-222189 |9421370657 |dyenmiausa@gmail.com |- |9 |श्री.बी.आर.पामे |देवणी |उप विभागीय | |9422657020 | |- |10 |श्री.के.जी.पवार |लातूर |उप अभियंता(यांत्रिकी) जि.प.उपविभाग ,लातूर | |9822240235 | |- |11 |श्री.एस.जी.अडबलवार |लातूर |उप अभियंता(देखभाल दुरुस्ती)जि.प.उपविभाग ,लातूर | |9422469537 | |- |12 |श्री.वाय.ए.दुबे |लातूर |सहा.भूवैज्ञानिक,लातूर | |9423111303 | |- |13 |श्री.एस.ए.कुलकर्णी |लातूर |सहा.भूवैज्ञानिक,लातूर | |9822343596 | |- |14 |श्रीम.एस.एस.गुर्वे |लातूर |सहा.भूवैज्ञानिक,लातूर | |9096262535 | |- |} ए)'''वित्त विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.आर.आर.जवळगेकर |लातूर |मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी |02382 245230,220433 |9422471815 |cafolatur@gmail.com |- |2 |श्रीम.जम्पावाड.एस.बी |लातूर |उप.मु.ले.वि.अ |02382 245230 |9607800999 |cafolatur@gmail.com |- |3 |श्री.सूर्यवंशी.एस.डी |लातूर |लेखाधिकारी |02382 245301 |9003973231 |cafolatur@gmail.com |- |4 |श्री.मुण्ढे.बी.आर |लातूर |लेखाधिकारी |02382 245301 |9421354325 |cafolatur@gmail.com |- |5 |श्री.सूर्यवंशी.टी.आर |लातूर |लेखाधिकारी(S.S.A) |02382 245301 |9960305644 |cafolatur@gmail.com |} ऐ)'''कृषी विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |श्री.एस.आर.चोले |जिल्हा कृषी अधिकारी(सा.),जि.प.लातूर |02382 259233 |8788955422 |adolatur@gmail.com |- |2 |श्री.एम.एस.क्षिरसागर |मोहीम अधिकारी,जि.प.लातूर |02382 259233 |9404957114 |adolatur@gmail.com |- |3 |श्री.बी.बी.तोष्णीवाल |जिल्हा कृषी अधिकारी(विघयो),जि.प.लातूर |02382 259233 |9423352581 |adolatur@gmail.com |} ओ)'''आरोग्य विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पद !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी |- |1 |डॉ.बी.एस.बरुरे |जिल्हा प्रजनन व बाल आरोग्य अधिकारी(प्र) ,जि.प.लातूर |02382 242806 |9423458822 |- |2 |डॉ.धनगे चन्द्रज्योती रामदास |आतिरिक्त जिल्हा आरोग्य अधिकारी ,जि.प.लातूर |02382 242806 |8928906638 |- |3 |रिक्त |साहा.जिल्हा आरोग्य अधिकारी(प्र),जि.प.लातूर |02382 242806 | |- |4 |श्री.थोरात.आर.बी |प्रशासन अधि, जि.प.लातूर |02382 242806 |9405428577 |- |5 |डॉ.कुलकर्णी श्रीकान्त भगवानराव |साथरोग अधिकारी व जि.सर्व्हेक्षण अधि,जि.प.लातूर |02382 242806 |9422717818 |- |6 |श्री.व्ही.एच.सानप |सांख्यिकी अधिकारी(प्र),जि.प.लातूर |02382 242806 |8806887189 |- |} औ)'''तालुका आरोग्य अधिकारी''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !दुरध्वनी !भ्रमणध्वनी !ई-मेल |- |1 |डॉ.सारडा.ए.जे. |लातूर |02382 250971 |9326154242 |tholatur@rediffmail.com |- |2 |डॉ.हिण्डोळे.एस.एस |औसा |02383 222448 |9422976909 |thoausa@rediffmail.com |- |3 |डॉ.देशमुख.एन.के |रेणापुर |02382 233293 |9423348057 |thorenapur@rediffmail.com |- |4 |डॉ.बयास.बी.डी |अहमदपुर |02381 262568 |9822958920 |thoahmedpur@gmail.com |- |5 |डॉ.पवार.एस.व्ही |उदगीर |02385 259638 |9422472656 |thoudgir@rediffmail.com |- |6 |डॉ.आर.एच.पवार |शिरुर अनन्तपाळ |02384 250841 |9423075987 |thos_anantpal@rediffmail.com |- |7 |डॉ.गुरमे.डी.डी |देवणी |02385 269588 |8308412409 |thodeoni@rediffmail.com |- |8 |डॉ.शेख.आर.आर |चाकूर |02381 252744 |9422717818 |thochakur@gmail.com |- |9 |डॉ.एस.पी.कदम |निलंगा |02384 240766 |9284770575 |thonilanga@rediffmail.com |- |10 |डॉ.पी.एस.कपसे |जळकोट |02385 275593 |9422452107 |thojalkot@rediffmail.com |- |} अं)'''पशूधन विकास अधिकारी,पशुसंवर्धन विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !तालुका !भ्रमणध्वनी |- |१ |डॉ.ए.डी.तेरखेडकर |लातूर |9421306146 |- |२ |डॉ.एस.एन.जाधव |लातूर |9960565076 |- |३ |डॉ.एच.जी.निम्बाळकर |औसा |9420847774 |- |४ |डॉ.के.एस.कोमावार |निलंगा |8482801045 |- |५ |डॉ.एस.बी.केन्द्रे |उदगीर |9423791650 |- |६ |डॉ.कोकणे शिरीषकुमार |अहमदपुर |7588062552 |- |७ |डॉ.एस.व्ही.पवार |रेणापुर |7709053882 |- |८ |डॉ.एस.एस.फड |चाकुर |9421371639 |- |९ |डॉ.व्ही.डी.सरवदे |देवणी |9172054275 |- |१० |डॉ.बी.पी.बोडके |जळकोट |9146376260 |- |११ |डॉ.एस.व्ही.देशपाण्डे |शिरुर अनन्तपाळ |9421873033 |} अः) '''बाल विकास प्रकल्प अधिकारी यांची माहीती,महिला व बाल विकास विभाग''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !हुद्दा !भ्रमणध्वनी |- |1 |श्री.बण्डगर.बी.एम |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,लातूर |8625820504 |- |2 |श्री.बण्डगर.बी.एम |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,मुरुड(प्र.) |8625820504 |- |3 |श्री.आर.एल.बनसोडे |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,रेणापुर |8698999499 |- |4 |श्री.गोरे.के.एल |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,औसा |8380089100 |- |5 |श्री.व्ही.एम.मोरे(प्र) |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,किल्लारी |9766256083 |- |6 |श्री.सुवर्णकार अनिल |(प्र) बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,निलंगा-1 |8275462505 |- |7 |श्री.पाटील.बी.पी |(अतिरिक्त)बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,निलंगा-2 |9403244738 |- |8 |श्री.मुण्ढे.व्ही.के |साहाय्यक गट विकास अधिकारी (अतिरिक्त पदभार) |9421457319 |- |9 |श्री.बनसोडे.आर.एल |बाल विकास प्रकल्प अधिकारी,उदगीर |- |१० |बिराजदार एन.पी. |अतिरिक्त |- |११ |यमुलवाड |जळकोट |- |१२ |रायबोले ए.बी. |अहमदपुर |- |१३ |गोकणवार ए.जी. |अतिरिक्त चाकुर |- |} ==निवडणुका== '''२०१७''' {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !पक्ष !युती !सदस्य |- |१ |भाजप |रालोआ |४५ |- |२ |राकाँप |संपुआ |१० |- |३ |शिवसेना |रालोआ |०४ |- |४ |भाराकाँ |संपुआ |३० |- |५ |इतर | |०१ |- |} == माजी जि.प. अध्यक्ष == {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पक्ष !कार्यकाळ |- |१ |बब्रुवान विठ्ठल काळे |भाराकाँ |२०१३ |- |२ |संतोष देशमुख |भाराकाँ |२०१५ |- |३ |मिलिंद मडोळप्पा लातूरे |भाजप |२०१७ |- |४ |राहुल [[गोविंद केंद्रे]] |भाजप |२०१९-२२, मुदतवाढ |- |} ==प्रसिद्ध सदस्य== #सुधाकर तुकाराम श्रृंगारे, माजी खासदार #धिरज विलासराव देशमुख, माजी आमदार {|class="wikitable" |- !अ.क्र. !नाव !पक्ष !कार्यकाळ !गट !तालुका !कारण |- |१ |धिरज विलासराव देशमुख |भाराकाँ | |एकुरगा |लातूर |विधानसभा सदस्य |- |२ |सुधाकर तुकाराम श्रृंगारे |भाजप | |वडवळ |चाकुर |लोकसभा सदस्य |- |} ==हे सुद्धा पहा== * [[लातूर जिल्हा]] * [[नांदेड जिल्हा परिषद]] ==संदर्भ== १)http://zplatur.gov.in २)https://latur.gov.in [[वर्ग:लातूर जिल्हा]] [[वर्ग:महाराष्ट्रातील जिल्हा परिषद]] itvc5rqogne870f5aybm3vc4lkhdv0d फारखोर वायुसेना तळ 0 287874 2710745 2591457 2026-09-19T13:33:43Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710745 wikitext text/x-wiki {{लष्करी स्थापना |name=फारखोर वायुसेना तळ |height= |battles= |occupants=[[भारतीय वायुसेना]] <br/>[[ताजिक वायुसेना]] |commanders= |current_commander= |garrison= |controlledby=[[भारतीय वायुसेना]] <br/>[[ताजिक सेना]] |open_to_public= |ownership=[[ताजिक वायुसेना]] |condition= |demolished= |used= |materials=[[Asphalt]] |partof= |builder= |built= |code= |coordinates= |type=Military base|map_caption= |map_size= |map_type= |caption= |image= |location=[[फारखोर]], [[ताजिकिस्तान]] |events=}} '''फारखोर वायुसेना तळ''' [[ताजिकिस्तान|ताजिकिस्तानमध्ये]] राजधानी [[दुशांबे]] पासून आग्नेय दिशेला {{Convert|130|km|mi}} अंतरावर असलेल्या [[फारखोर]] शहराजवळ स्थित एक वायुसेना तळ आहे. <ref name="th2008">{{स्रोत बातमी|url=http://www.hindu.com/2008/07/09/stories/2008070955191000.htm|title=Making the water boil in Afghanistan|date=9 July 2008|work=[[द हिंदू]]|access-date=1 February 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20080712223243/http://www.hindu.com/2008/07/09/stories/2008070955191000.htm|archive-date=12 July 2008|url-status=dead}}</ref> हे [[भारतीय वायुसेना|भारतीय वायु सेना]] <ref name="bhardwaj">{{स्रोत पुस्तक|title=Study Package For Clat 2nd Edition|last=Bhardwaj|first=AP|publisher=Tata McGraw-Hill Education|year=2010|isbn=0-07-107468-6|pages=B-349}}</ref> [[ताजिक वायुसेना|ताजिक वायुसेनेच्या]] सहकार्याने चालविते. <ref name="tt2006">{{स्रोत बातमी|url=http://www.tribuneindia.com/2006/20060422/main6.htm|title=India to station MiG-29 fighter-bombers at Tajikistan base|date=22 April 2006|work=[[The Tribune (Chandigarh)|The Tribune]]|access-date=1 February 2012}}</ref> फरखोर हा [[भारत|भारताच्या]] हद्दीबाहेरचा पहिला लष्करी तळ आहे. <ref name="th2008" /> == इतिहास == १९९६-१९९७ मध्ये, [[संशोधन आणि विश्लेषण विभाग|संशोधन आणि विश्लेषण विभागा]][[संशोधन आणि विश्लेषण विभाग|ने]] [[अफगाणिस्तान नॉर्थ आघाडी|अफगाणिस्तान उत्तर आघाडीला]] उच्च-उंची लष्करी पुरवठा करण्यासाठी, त्यांची हेलिकॉप्टर सेवा देण्यासाठी आणि बुद्धिमत्ता गोळा करण्यासाठी फरखोर हवाई तळाचा वापर करण्यासाठी ताजिकिस्तानशी बोलणी सुरू केली. त्यावेळी भारताने फारखोर प्रदेशात एक छोटेसे सैन्य रुग्णालय चालविले होते. <ref >{{स्रोत बातमी|url=http://www.hindu.com/2008/07/09/stories/2008070955191000.htm|title=Making the water boil in Afghanistan|date=9 July 2008|work=[[द हिंदू]]|access-date=1 February 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20080712223243/http://www.hindu.com/2008/07/09/stories/2008070955191000.htm|archive-date=12 July 2008|url-status=dead}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true">[https://web.archive.org/web/20080712223243/http://www.hindu.com/2008/07/09/stories/2008070955191000.htm "Making the water boil in Afghanistan"]. ''[[द हिंदू|द हिंदू]]''. 9 July 2008. Archived from [http://www.hindu.com/2008/07/09/stories/2008070955191000.htm the original] on 12 July 2008<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">1 February</span> 2012</span>.</cite></ref> फारखोर येथील रुग्णालय [[तालिबान|तालिबानशी]] झालेल्या लढाईत जखमी झालेल्या अफगाणिस्तान उत्तर आघाडीच्या सदस्यांवर उपचार करण्यासाठी वापरले गेले होते. लष्करी नेते [[अहमद शाह मसूद]] यांच्यावरच्या आत्मघाती हल्ल्यानंतर त्यांना येथे दाखल करण्यात आले होते. <ref name="toi11">{{स्रोत बातमी|url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/India-to-open-military-hospital-in-Tajikistan/articleshow/10810702.cms|title=India to open military hospital in Tajikistan|date=21 November 2011|work=[[द टाइम्स ऑफ इंडिया]]|access-date=1 February 2012}}</ref> २००२ मध्ये भारताने कबूल केले की ते फारखोर येथे वायुसेना तळ उभारत आहे. <ref name="at02">{{स्रोत बातमी|url=http://www.atimes.com/atimes/South_Asia/DI10Df01.html|title=Indian military shadow over Central Asia|date=10 September 2002|work=[[Asia Times]]|access-date=1 February 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20020917091458/http://www.atimes.com/atimes/South_Asia/DI10Df01.html|archive-date=17 September 2002|url-status=unfit}}</ref> हे रशियाच्या सहाय्याने सुरक्षित केले गेले. <ref name="tm09">{{स्रोत बातमी|url=http://www.time.com/time/world/article/0,8599,1945666,00.html|title=India, Pakistan and the Battle for Afghanistan|date=5 December 2009|work=[[Time Magazine|Time]]|access-date=1 February 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20091208010925/http://www.time.com/time/world/article/0,8599,1945666,00.html|archive-date=8 December 2009|url-status=dead}}</ref> हे वायुसेना तळ जीर्ण अवस्थेत होते <ref name="deathwave">{{स्रोत पुस्तक|title=Death Wave|url=https://archive.org/details/deathwave0000coon_z5g0|last=William H. Keith|first=Stephen Coonts|publisher=Quercus|year=2011|isbn=0-85738-520-8|pages=[https://archive.org/details/deathwave0000coon_z5g0/page/4 4]}}</ref> आणि १९८० पासून वापरीत नव्हते. २००५ पर्यंत वायुसेना तळ पुनर्संचयित करण्यासाठी २००३ मध्ये भारत सरकारने एका खासगी बांधकाम व्यावसायिकाला दहा कोटी डॉलर्सची निविदा दिली. या व्यवसायिकाने कर्जबाजारीपणा केल्यावर [[सीमा रस्ते संघटना|सीमा रस्ते संघटनेने]] काम पूर्ण केले. <ref >{{स्रोत बातमी|url=http://www.tribuneindia.com/2006/20060422/main6.htm|title=India to station MiG-29 fighter-bombers at Tajikistan base|date=22 April 2006|work=[[The Tribune (Chandigarh)|The Tribune]]|access-date=1 February 2012}}<cite class="citation news cs1" data-ve-ignore="true">[http://www.tribuneindia.com/2006/20060422/main6.htm "India to station MiG-29 fighter-bombers at Tajikistan base"]. ''[[ट्रिब्यून (चंदीगड)|The Tribune]]''. 22 April 2006<span class="reference-accessdate">. Retrieved <span class="nowrap">1 February</span> 2012</span>.</cite></ref> २००६ मध्ये भारत या ताळावर [[मिग २९]] विमानांचे दल तैनात करण्याचा विचार करीत होता. <ref> Subsequently the base was operationalized by 2007. [http://www.tribuneindia.com/2006/20060422/main6.htm India to station MiG-29 fighter-bombers at Tajikistan base] Tribune India 22 April 2006</ref> == युद्धोपयोगी स्थान आणि भौगोलिक-राजकीय प्रभाव == फारखोर वायुसेना तळ भारतीय सैन्याला [[भारतीय उपखंड|भारतीय उपखंडात]] मोठ्या भूमिकेसाठी आवश्यक खोली आणि श्रेणी देईल आणि मध्य आशियात आपली शक्ती प्रस्थापित करण्याच्या भारताच्या निर्णयाचे हे एक मूर्त रूप आहे.  या तळाचे संभाव्य परिणाम उपखंडातील भारत-पाकिस्तानी प्रतिस्पर्ध्यापेक्षा कितीतरी पटीने जास्त आहेत. फारखोरमधील तळ कार्यरत असताना भारताने वेढले जाण्याची भीती पाकिस्तानला आहे. <ref name="twp08">{{स्रोत बातमी|url=https://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2008/10/23/AR2008102301577.html|title=India-Afghanistan Relations|date=23 October 2008|work=[[The Washington Post]]|access-date=1 February 2012}}</ref> २००३ मध्ये पाकिस्तानचे राष्ट्राध्यक्ष [[परवेझ मुशर्रफ]] यांनी ताजिक सरकारला चिंता व्यक्त केली की, भारतीयांना विमानाने या वायुसेना तळाचा वापर करून काही मिनिटांतच पाकिस्तान गाठता येईल. <ref name="tt03">{{स्रोत बातमी|url=http://www.tribuneindia.com/2003/20031115/main1.htm|title=India to base planes in Tajikistan|date=15 November 2003|work=[[The Tribune (Chandigarh)|The Tribune]]|access-date=1 February 2012}}</ref> == हे सुद्धा पहा == * [[मध्य आशियातील भूगर्भशास्त्र]] * [[आयनी वायुसेना तळ]] == संदर्भ ==   i03b5gzy4wy1y6mbw4fhsi8lyzfxv05 २०००-०१ एआरवाय सुवर्ण चषक 0 315271 2710842 2532300 2026-09-19T18:21:56Z अभय नातू 206 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2710842 wikitext text/x-wiki {{Infobox cricket series | series = २०००-०१ एआरवाय गोल्ड कप | partof = | image = | caption = | date = ८–२० एप्रिल २००१ | place = [[शारजाह |शारजाह]], [[संयुक्त अरब अमिराती]] | result = श्रीलंका विजयी | player of series = [[इंझमाम-उल-हक]] (पाकिस्तान) | team1 = {{cr|NZ}} | team2 = {{cr|PAK}} | team3 = {{cr|SL}} | captain1 = [[क्रेग मॅकमिलन]] | captain2 = [[वकार युनूस]] | captain3 = [[सनथ जयसूर्या]] | runs1 = मॅथ्यू सिंक्लेअर (३०४) | runs2 = [[सईद अन्वर]] (३२९) | runs3 = [[महेला जयवर्धने]] (२९०) | wickets1 = [[काइल मिल्स]] (४)<br />[[जेकब ओरम]] (४) | wickets2 = [[सकलेन मुश्ताक]] (९) | wickets3 = [[मुथय्या मुरलीधरन]] (९) }} '''२०००-०१ एआरवाय गोल्ड कप''' ही ८ ते २० एप्रिल २००१ दरम्यान शारजाह, संयुक्त अरब अमिराती येथे आयोजित केलेली त्रिकोणी वनडे क्रिकेट स्पर्धा होती.<ref>[https://www.espncricinfo.com/ci/content/series/61086.html?template=fixtures Fixtures]</ref> यात न्यू झीलंड, पाकिस्तान आणि श्रीलंका या राष्ट्रीय क्रिकेट संघांचा समावेश होता. अंतिम फेरीत पाकिस्तानचा पराभव करणाऱ्या श्रीलंकेने ही स्पर्धा जिंकली होती. ==गुण सारणी== {| class="wikitable" style="text-align:center" |- !style="width:175px"|Team !style="width:25px"|{{Abbr|खेळले|Played}} !style="width:25px"|{{Abbr|जिंकले|Won}} !style="width:25px"|{{Abbr|हरले|Lost}} !style="width:25px"|{{Abbr|टाय|Tie}} !style="width:25px"|{{Abbr|परिणाम नाही|No result}} !style="width:45px"|{{Abbr|धावगती|Net run rate}} !style="width:25px"|{{Abbr|गुण|Points}}<ref>{{cite web|title=Points Table|url=https://www.espncricinfo.com/series/ary-gold-cup-2000-01-61086/points-table-standings|publisher=ESPN Cricinfo}}</ref> |- style="background:#cfc" |align="left"|{{cr|PAK}} |४||४||०||०||०||+१.१६६||८ |- style="background:#cfc" |align="left"|{{cr|SL}} |४||१||३||०||०||−०.०८५||२ |- |align="left"|{{cr|NZ}} |४||१||३||०||०||−०.९८९||२ |} ===पहिला सामना=== {{Single-innings cricket match | date = ८ एप्रिल २००१ | daynight = yes | time = | team1 = {{cr-rt|PAK}} | score1 = २५५/९ (५० षटके) | score2 = २३९ (४८.३ षटके) | team2 = {{cr|SL}} | runs1 = [[सईद अन्वर]] ९० (११७) | wickets1 = अकलंका गणेगामा २/२७ (४ षटके) | runs2 = रोमेश कालुविथरणा ६३ (७३) | wickets2 = [[वकार युनूस]] ४/४९ (८ षटके) | result = पाकिस्तानने १६ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/61086/scorecard/65789/pakistan-vs-sri-lanka-1st-match-ary-gold-cup-2000-01 धावफलक] | venue = शारजाह क्रिकेट असोसिएशन स्टेडियम, [[शारजाह]] | umpires = डेव्हिड ऑर्चर्ड (ऑस्ट्रेलिया) आणि डग कॉवी (न्यू झीलंड) | motm = [[सईद अन्वर]] (पाकिस्तान) | toss = पाकिस्तानने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = हुमायून फरहत, मोहम्मद सामी (दोन्ही पाकिस्तान) आणि अकालंका गनेगामा (श्रीलंका) यांनी वनडे पदार्पण केले. }} ===दुसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = १० एप्रिल २००१ | daynight = yes | time = | team1 = {{cr-rt|SL}} | score1 = २६९/९ (५० षटके) | score2 = १६३ (४२.१ षटके) | team2 = {{cr|NZ}} | runs1 = [[महेला जयवर्धने]] ११६ (१२९) | wickets1 = [[जेकब ओरम]] ३/४० (९ षटके) | runs2 = मॅथ्यू सिंक्लेअर ६० (८९) | wickets2 = [[मुथय्या मुरलीधरन]] ३/१२ (७.१ षटके) | result = श्रीलंकेचा १०६ धावांनी विजय झाला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/61086/scorecard/65790/new-zealand-vs-sri-lanka-2nd-match-ary-gold-cup-2000-01 धावफलक] | venue = शारजाह क्रिकेट असोसिएशन स्टेडियम, [[शारजाह]] | umpires = [[जॉन हॅम्पशायर]] (इंग्लंड) आणि डेव्हिड ऑर्चर्ड (ऑस्ट्रेलिया) | motm = [[महेला जयवर्धने]] (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = आंद्रे अॅडम्स (न्यू झीलंड) ने वनडे पदार्पण केले. }} ---- ===तिसरा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = १२ एप्रिल २००१ | daynight = yes | time = | team1 = {{cr-rt|NZ}} | score1 = २६६/७ (५० षटके) | score2 = २७०/२ (४२.१ षटके) | team2 = {{cr|PAK}} | runs1 = मॅथ्यू सिंक्लेअर ११७ (१४४) | wickets1 = [[अब्दुल रझ्झाक]] २/३१ (७ षटके) | runs2 = [[शाहिद आफ्रिदी]] ७० (४३) | wickets2 = आंद्रे अॅडम्स १/३८ (८ षटके) | result = पाकिस्तानने ८ गडी राखून विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/61086/scorecard/65791/new-zealand-vs-pakistan-3rd-match-ary-gold-cup-2000-01 धावफलक] | venue = शारजाह क्रिकेट असोसिएशन स्टेडियम, [[शारजाह]] | umpires = डग कॉवी (न्यू झीलंड) आणि [[जॉन हॅम्पशायर]] (इंग्लंड) | motm = [[शाहिद आफ्रिदी]] (पाकिस्तान) | toss = न्यू झीलंडने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ---- ===चौथा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = १३ एप्रिल २००१ | daynight = yes | time = | team1 = {{cr-rt|PAK}} | score1 = २७८/९ (५० षटके) | score2 = २५०/८ (५० षटके) | team2 = {{cr|SL}} | runs1 = [[सईद अन्वर]] ८८ (९९) | wickets1 = [[दिलहारा फर्नांडो]] ३/५० (९ षटके) | runs2 = [[चमिंडा वास]] ५०* (५९) | wickets2 = [[शाहिद आफ्रिदी]] ३/४४ (१० षटके) | result = पाकिस्तान २८ धावांनी विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/61086/scorecard/65792/pakistan-vs-sri-lanka-4th-match-ary-gold-cup-2000-01 धावफलक] | venue = शारजाह क्रिकेट असोसिएशन स्टेडियम, [[शारजाह]] | umpires = डेव्हिड ऑर्चर्ड (ऑस्ट्रेलिया) आणि डग कॉवी (न्यू झीलंड) | motm = [[सईद अन्वर]] (पाकिस्तान) | toss = पाकिस्तानने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = काशिफ रझा (पाकिस्तान) ने वनडे पदार्पण केले. }} ---- ===पाचवा सामना=== {{Single-innings cricket match | date = १५ एप्रिल २००१ | daynight = yes | time = | team1 = {{cr-rt|NZ}} | score1 = १२७ (३१.३ षटके) | score2 = १३१/३ (२५.२ षटके) | team2 = {{cr|PAK}} | runs1 = ख्रिस नेव्हिन ५० (४०) | wickets1 = [[सकलेन मुश्ताक]] ४/१७ (७.३ षटके) | runs2 = [[इंझमाम-उल-हक]] ८५* (६७) | wickets2 = [[जेकब ओरम]] १/२३ (५ षटके) | result = पाकिस्तान ७ गडी राखून विजयी | report = [https://www.espncricinfo.com/series/61086/scorecard/65793/new-zealand-vs-pakistan-5th-match-ary-gold-cup-2000-01 धावफलक] | venue = शारजाह क्रिकेट असोसिएशन स्टेडियम, [[शारजाह]] | umpires = [[जॉन हॅम्पशायर]] (इंग्लंड) आणि डेव्हिड ऑर्चर्ड (ऑस्ट्रेलिया) | motm = [[सकलेन मुश्ताक]] (पाकिस्तान) | toss = न्यू झीलंडने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = काइल मिल्स (न्यू झीलंड) यांनी वनडे पदार्पण केले. }} ---- ===सहावी वनडे=== {{Single-innings cricket match | date = १७ एप्रिल २००१ | daynight = yes | time = | team1 = {{cr-rt|NZ}} | score1 = २४८/६ (५० षटके) | score2 = १६९/८ (५० षटके) | team2 = {{cr|SL}} | runs1 = मॅथ्यू सिंक्लेअर ११८* (१३७) | wickets1 = [[सनथ जयसूर्या]] २/४७ (१० षटके) | runs2 = [[महेला जयवर्धने]] ४१ (५५) | wickets2 = [[काइल मिल्स]] ३/३० (१० षटके) | result = न्यू झीलंडने ७९ धावांनी विजय मिळवला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/61086/scorecard/65794/new-zealand-vs-sri-lanka-6th-match-ary-gold-cup-2000-01 धावफलक] | venue = शारजाह क्रिकेट असोसिएशन स्टेडियम, [[शारजाह]] | umpires = डग कॉवी (न्यू झीलंड) आणि [[जॉन हॅम्पशायर]] (इंग्लंड) | motm = मॅथ्यू सिंक्लेअर आणि [[काइल मिल्स]] (दोन्ही न्यू झीलंड) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून क्षेत्ररक्षणाचा निर्णय घेतला. | rain = | notes = }} ==अंतिम सामना== {{Single-innings cricket match | date = २० एप्रिल २००१ | daynight = yes | time = | team1 = {{cr-rt|SL}} | score1 = २९७/७ (५० षटके) | score2 = २२० (४१.४ षटके) | team2 = {{cr|PAK}} | runs1 = मार्वन अटापट्टु ८९ (११९) | wickets1 = [[सकलेन मुश्ताक]] ३/५४ (९ षटके) | runs2 = [[सईद अन्वर]] ६२ (६४) | wickets2 = [[चमिंडा वास]] ३/३६ (६ षटके) | result = श्रीलंकेचा ७७ धावांनी विजय झाला | report = [https://www.espncricinfo.com/series/61086/scorecard/65795/pakistan-vs-sri-lanka-final-ary-gold-cup-2000-01 धावफलक] | venue = शारजाह क्रिकेट असोसिएशन स्टेडियम, [[शारजाह]] | umpires = डेव्हिड ऑर्चर्ड (ऑस्ट्रेलिया) आणि डग कॉवी (न्यू झीलंड) | motm = मार्वन अटापट्टु (श्रीलंका) | toss = श्रीलंकेने नाणेफेक जिंकून फलंदाजीचा निर्णय घेतला. | rain = }} ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. २००१ मधील क्रिकेट]] [[वर्ग:संयुक्त अरब अमिरातीमधील क्रिकेट]] 6dftk7s9ubmc8b8o060ivg93irh7n1l शतानिक 0 337231 2710793 2691684 2026-09-19T15:19:46Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710793 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट राज्याधिकारी | नाव = राजकुमार शतानिक | पदवी = उपपांडव | चित्र = | चित्र_शीर्षक = | राजध्वज_चित्र = | राजध्वज_चित्र_शीर्षक = | राजचिन्ह_चित्र = | राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = | राज्य_काळ = | राज्यारोहण = | राज्याभिषेक = | राज्यव्याप्ती = | राजधानी = [[इंद्रप्रस्थ]]<br> [[हस्तिनापूर]] | पूर्ण_नाव = शतानिक | इतर_पदव्या = राजकुमार | जन्म_दिनांक = | जन्म_स्थान = | मृत्यू_दिनांक = | मृत्यू_स्थान = | पूर्वाधिकारी = | राजपद_वारस = | राजपद_वारस_प्रकार = | उत्तराधिकारी = | वडील = [[नकुल|राजकुमार नकुल]] | आई = [[द्रौपदी|महाराणी द्रौपदी]] | पत्नी = | पती = | संतती = | राजवंश = [[कुरु]] | राजगीत = | राजब्रीदवाक्य = | राजचलन = | तळटिपा = |}} '''शतानिक''' तथा '''सुतसोम''' हा [[इंद्रप्रस्थ|इंद्रप्रस्थाचा]] कुमार [[नकुल]] व राणी [[द्रौपदी]] यांचा पुत्र होता. शतानिक युद्धविद्येत पारंगत होता आणि आपल्या मामा [[धृष्टद्युम्न|धृष्टद्युम्नाचा]] उपसेनापती होता.<ref>{{cite book|last=Parmeshwaranand|first=Swami|title=Encyclopaedic dictionary of Purāṇas|url=https://archive.org/details/bub_gb_6F0ZIBIL2ZAC|year=2001|publisher=Sarup & Sons|location=New Delhi|isbn=9788176252263|edition=1st}}</ref> [[कुरुक्षेत्र युद्ध|कुरुक्षेत्राच्या युद्धात]] शतानिकने [[भूतकर्मा]] आणि त्याच्या संपूर्ण सैन्याचा संहार केला.<ref>{{cite book|last=Parmeshwaranand|first=Swami|title=Encyclopaedic dictionary of Purāṇas|url=https://archive.org/details/bub_gb_6F0ZIBIL2ZAC|year=2001|publisher=Sarup & Sons|location=New Delhi|isbn=9788176252263|edition=1st}}</ref> युद्धाच्या सहाव्या दिवशी शतानिकने दुष्कर्णाचा पराभव केला परंतु ११व्या दिवशी त्याला [[कर्ण (महाभारत)|कर्ण]]पुत्र [[वृषसेन|वृषसेनाने]] मात दिली.<ref>{{Cite web|url=https://www.wisdomlib.org/hinduism/book/mahabharata/d/doc118436.html|title = The Fifth and Sixth Days of the Great Battle &#91;Chapter 6&#93;|date = 9 January 2015}}</ref> त्याने जयत्सेन, चित्रसेन आणि श्रुतकर्मन सारख्या योद्ध्यांविरुद्ध जय मिळवला. युद्धाच्या १७व्या दिवशी शतानिकने कौरवसेनेचा धुव्वा उडवला होता.दुःशासनाशी झुंज घेतली. युद्धाच्या शेवटच्या रात्री [[दुर्योधन|दुर्योधनाच्या]] मृत्यूनंतर अश्वत्थामाने [[कृतवर्मा]] आणि [[कृपाचार्य]] यांच्यासह पांडवांवर निर्वाणीचा हल्ला चढवला. अंधारात झालेल्या या लढाईत आपल्या चार सावत्र भावांसह शतानिक मृत्यू पावला. {{महाभारत}} [[वर्ग:उपपांडव]] [[वर्ग:महाभारतातील व्यक्तिरेखा]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] lvk50lpcgsqiys3lda9b6a2oxwvhuon अनुमुला रेवंत रेड्डी 0 340354 2710844 2643469 2026-09-19T18:52:48Z Arjun Sarkar 7779 187574 2710844 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट संसद सदस्य | नाव = अनुमुला रेवंत रेड्डी | चित्र = Revanthreddy 11.jpg | पद = [[मुख्यमंत्री]] | कार्यकाळ_आरंभ = [[७ डिसेंबर]], [[इ.स. २०२३]] | कार्यकाळ_समाप्ती = | राष्ट्रपती = [[राम नाथ कोविंद]] | मागील = | पुढील = | जन्मदिनांक = <!-- {{जन्म दिनांक आणि वय|1955|11|29}} --> | जन्मस्थान = | मृत्युदिनांक = | मृत्युस्थान = | पक्ष = | नाते = | पती = | पत्नी = | अपत्ये = | निवास = | मतदारसंघ = [[(लोकसभा मतदारसंघ)| ]] | व्यवसाय = | धर्म = | सही = | संकेतस्थळ = | तळटीपा = }} '''अनुमुला रेवंत रेड्डी''' ([[८ नोव्हेंबर]], [[१९६९]]:[[कोंडा रेड्डी पल्ली]], [[महबूबनगर जिल्हा]], [[आंध्र प्रदेश]] <ref name="Reddy DOB2">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.indiatvnews.com/elections/telangana-assembly-elections-telangana-assembly-elections-key-candidates-kcr-owaisi-uttam-kumar-reddy-jana-reddy-revanth-reddy-l-ramana-489261|title=Telangana Assembly Elections: Key candidates in fray|last=Thomas|first=Soumya|date=4 December 2018|website=India TV News|access-date=28 June 2021}}</ref> <ref name="Revanth" /> - ) एक भारतीय राजकारणी आहे. हे [[मलकजगिरी लोकसभा मतदारसंघ|मलकजगिरी मतदारसंघातून]] [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेसतर्फे]] [[सतरावी लोकसभा|१७ व्या लोकसभेवर]] [[खासदार]] म्हणून निवडून गेले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.india.gov.in/my-government/indian-parliament/anumula-revanth-reddy|title=Anumula Revanth Reddy{{!}} National Portal of India|website=www.india.gov.in|access-date=2023-12-04}}</ref> ते २००९-१४ दरम्यान [[आंध्र प्रदेश विधानसभा|आंध्र प्रदेश विधानसभेतवर]] [[तेलुगू देशम पक्ष|तेलुगु देसम पार्टी]] आणि २०१४-१८ दरम्यान [[तेलंगणा विधानसभा|तेलंगणा विधानसभेत]] [[कोडंगल विधानसभा मतदारसंघ|कोडंगल मतदारसंघा]]<nowiki/>तून निवडून गेले. ऑक्टोबर २०१७ मध्ये त्यांनी तेलुगू देसम पक्ष सोडून [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|काँग्रेसमध्ये]] प्रवेश केला. जून २०२१ मध्ये त्यांची तेलंगणा प्रदेश काँग्रेस कमिटीच्या अध्यक्षपदी नियुक्ती करण्यात आली. [[२०२३ तेलंगणा विधानसभा निवडणूक|२०२३ च्या विधानसभा निवडणुकीत]] त्यांच्या नेतृत्त्वाखाली काँग्रेसने बहुमत मिळवले. == प्रारंभिक जीवन आणि शिक्षण == रेड्डी यांनी [[उस्मानिया विद्यापीठ|उस्मानिया विद्यापीठाचे]] कला शाखेचे पदवीधर आहे. <ref name="Revanth">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.telangananewsonline.com/Features/TDP/Anumula-Revanth-Reddy.htm|title=Anumula Revanth Reddy|publisher=telangananewsonline.com|access-date=22 November 2012|archive-date=2016-03-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20160304031405/http://www.telangananewsonline.com/Features/TDP/Anumula-Revanth-Reddy.htm|url-status=dead}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://myneta.info/telangana2014/candidate.php?candidate_id=509|title=Anumula Revanth Reddy(TDP):Constituency- KODANGAL MEMBER OF LEGISLATIVE ASSEMBLY (MAHBUBNAGAR)Dist. UNITED ANDHRA PRADESH - Affidavit Information of Candidate|website=Myneta.info|access-date=30 May 2018}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.india.gov.in/my-government/indian-parliament/anumula-revanth-reddy|title=Anumula Revanth Reddy|website=India.gov.in|access-date=28 August 2023}}</ref> रेड्डी यांनी काँग्रेस नेते [[जयपाल रेड्डी]] यांची भाची गीता यांच्याशी लग्न केले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.newindianexpress.com/states/telangana/2017/oct/16/2019-elections-revanth-reddy-in-touch-with-congress-1675239.html|title=2019 elections: Revanth Reddy in touch with Congress|date=16 October 2017|website=The New Indian Express|access-date=28 June 2021}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.ap7am.com/lv-303717-revanth-reddy-wife-geetha-speaks-to-rdo-in-kodangal|title=Revanth Reddy wife Geetha speaks to RDO in Kodangal|date=5 December 2018|website=AP7AM|language=en|access-date=28 June 2021|archive-date=2021-06-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20210628183244/https://www.ap7am.com/lv-303717-revanth-reddy-wife-geetha-speaks-to-rdo-in-kodangal|url-status=dead}}</ref> या जोडप्याला एक मुलगी आहे. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.ap7am.com/lv-323836-revanth-reddy-daughter-nymisha-reddy-birthday-family-pics|title=Revanth Reddy Daughter Nymisha Reddy Birthday- Family Pics|date=6 February 2020|website=AP7AM|language=en|access-date=28 June 2021|archive-date=2021-06-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20210630052653/https://www.ap7am.com/lv-323836-revanth-reddy-daughter-nymisha-reddy-birthday-family-pics|url-status=dead}}</ref> == राजकीय कारकीर्द == {| class="wikitable sortable" width="60%" ! क्र ! वर्ष ! निवडणूक ! मतदारसंघ ! पार्टी ! मते ! % ! परिणाम ! संदर्भ |- | १ | 2009 | rowspan="3" | [[आंध्र प्रदेश विधानसभा]] | rowspan="3" | [[कोडंगल विधानसभा मतदारसंघ|कोडंगल]] | rowspan="2" | [[तेलुगू देशम पक्ष|टीडीपी]] | ६१,६८५ | 46.45% | + ६,९८९|{{झाले}} | |- | २ | [[आंध्र प्रदेश विधानसभा निवडणूक, २०१४|2014]] | ५४,०२६ | 39.06% | + १४,६१४|{{झाले}} | |- | ३ | [[तेलंगणा विधानसभा निवडणूक, २०१८|2018]] | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|INC]] | ७१,४३५ | ४३.१५% | - 9,319|{{फुली}} | <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.news18.com/assembly-elections-2018/telangana/kodangal-election-result-s29a072/|title=Kodangal Result 2018|website=News18|access-date=16 May 2023}}</ref> |- | ४ | [[२०१९ लोकसभा निवडणुका|2019]] | [[सतरावी लोकसभा]] | [[मलकजगिरी लोकसभा मतदारसंघ|मलकाजगिरी]] | rowspan="3" | [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|INC]] | ६,०३,७४८ | 38.61% | + १०,९१९|{{झाले}} | <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://resultuniversity.com/election/malkajgiri-lok-sabha|title=Malkajgiri Lok Sabha Election Result|website=resultuniversity.com|access-date=16 May 2023}}</ref> |- | ५ | rowspan="2" | [[तेलंगणा विधानसभा निवडणूक, २०२३|2023]] | rowspan="2" | [[तेलंगणा विधानसभा]] | कामरेड्डी | ५४,९१६ | २८.४७% | - 11,736|{{फुली}} | <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://results.eci.gov.in/AcResultGenDecNew2023/candidateswise-S2916.htm|title=Election Commission of India|website=results.eci.gov.in|access-date=2023-12-03}}</ref> |- | 6 | कोडंगल | १,०७,४२९ | ५५.०४% | + ३२,५३२|{{झाले}} | <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://results.eci.gov.in/AcResultGenDecNew2023/candidateswise-S2972.htm|title=Election Commission of India|website=results.eci.gov.in|access-date=2023-12-03}}</ref> |} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:रेवंत रेड्डी, अनुमुला}} [[वर्ग:आंध्र प्रदेश आमदार २००९-२०१४]] [[वर्ग:तेलुगू देशम पक्षातील राजकारणी]] [[वर्ग:मलकजगिरीचे खासदार]] [[वर्ग:इ.स. १९६९ मधील जन्म]] [[वर्ग:१७ वी लोकसभा सदस्य]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] [[वर्ग:कोडंगलचे आमदार]] oocfzqvz48tfscnsid6lakfnjww98f7 अरागॉनची कॅथरीन 0 345408 2710753 2590114 2026-09-19T13:55:28Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710753 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''अरागॉनची कॅथरीन''' (स्पॅनिश मध्ये '''कॅथरीना''' किंवा '''कॅटलीना;'''<ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=1d2_4W89IS4C&pg=PA473|title=Flos sanctorum y historia general en que se escrive la vida de la Virgen Sacratissima ... y las [d]e los santos antiguos...|last=de Villegas|first=Alonso|year=1691|page=473}}</ref> १६ डिसेंबर १४८५ - ७ जानेवारी १५३६) ही [[इंग्लंडचा आठवा हेन्री|राजा हेन्री आठव्याची]] पहिली पत्नी म्हणून इंग्लंडची राणी होती. ११ जून १५०९ रोजी त्यांच्या लग्नापासून ते २३ मे १५३३ रोजी त्यांचे लग्न रद्द होईपर्यंत ही राणी होती. हीचा जन्म स्पेनमध्ये झाला होता. हेन्रीचा मोठा भाऊ आर्थर, प्रिन्स ऑफ वेल्स यांच्याशी त्याच्या मृत्यूपूर्वी थोड्या काळासाठी विवाहित असताना ती वेल्सची राजकुमारी होती. कॅस्टिलच्या पहिली इसाबेला आणि अरॅगॉनच्या दूसऱ्या फर्डिनांडची ही मुलगी होती. कॅथरीन तीन वर्षांची होती जेव्हा तिचे आर्थरशी लग्न ठरले, जो इंग्लंडच्या सिंहासनाचा वारस होता . त्यांनी १५०१ मध्ये लग्न केले, परंतु पाच महिन्यांनंतर आर्थरचा मृत्यू झाला. कॅथरीनने अनेक वर्षे संभ्रमात घालवली आणि या काळात, तिने १५०७ मध्ये इंग्लंडमध्ये अरागॉनचे राजदूत म्हणून काम केले. युरोपियन इतिहासातील ती पहिली महिला राजदूत होती.<ref>{{Cite book |last=Weir |first=Alison |url=https://archive.org/details/sixwivesofhenryv00weir_1 |title=The Six Wives of Henry VIII |publisher=Grove press |year=1991 |isbn=0-8021-3683-4 |url-access=registration |p=59}}</ref> १५०९ मध्ये हेन्रीच्या राज्यारोहणानंतर तिने हेन्रीशी लग्न केले. १५१३ मध्ये सहा महिने, हेन्री फ्रान्समध्ये असताना तिने इंग्लंडचे रीजेंट म्हणून काम केले. त्या काळात इंग्रजांनी फ्लॉडनच्या लढाईत स्कॉटिश आक्रमणाचा पराभव केला. ह्या लढाईत कॅथरीनने धैर्य आणि देशभक्तीबद्दल भावनिक भाषणाद्वारे महत्त्वपूर्ण भूमिका बजावली.<ref>{{Cite web |title=Catherine of Aragon, Queen of England |url=http://departments.kings.edu/womens_history/cathyaragon.html |access-date=8 September 2012 |website=King's College, Pennsylvania |archive-date=2023-12-10 |archive-url=https://web.archive.org/web/20231210051400/https://departments.kings.edu/womens_history/cathyaragon.html |url-status=dead }}</ref> १५२६ पर्यंत, हेन्री [[ॲन बुलिन|ॲन बुलिनवर]] मोहित झाला आणि कॅथरीनसोबत लग्न कोणीही हयात मुलगे झाले नसल्याबद्दल तो असमाधानी होता. त्या काळात सिंहासनावर स्त्रीची कोणतीही प्रस्थापित उदाहरणे नव्हती व अशा वेळी त्यांची मुलगी [[इंग्लंडची पहिली मेरी|मेरीला]] वारस करण्यावाचून त्याला पर्याय नव्हता. त्याने त्यांचे कॅथरीनसोबतचे लग्न रद्द करण्याचा प्रयत्न केला. ह्यामुळे [[कॅथलिक चर्च|कॅथोलिक चर्चसह]] इंग्लंडचे मतभेद सुरू झाले. जेव्हा [[पोप क्लेमेंट सातवा|पोप क्लेमेंट सातव्याने]] विवाह रद्द करण्यास नकार दिला तेव्हा हेन्रीने इंग्लंडमधील धार्मिक बाबींवर स्वतःचे वर्चस्व गाजवले. १५३३ मध्ये त्यांचे लग्न अवैध घोषित करण्यात आले आणि हेन्रीने पोपचा संदर्भ न घेता ॲनशी लग्न केले. कॅथरीनने हेन्रीला इंग्लंडमधील चर्चचे सर्वोच्च प्रमुख म्हणून स्वीकारण्यास नकार दिला आणि स्वतःला राजाची हक्काची पत्नी आणि राणी मानले. ह्यामुळे तिच्याबद्दल लोकांची सहानुभूती वाढली.<ref>{{Cite web |title=Catherine of Aragon (1485–1536) |url=http://www.bbc.co.uk/history/historic_figures/catherine_of_aragon.shtml |access-date=8 September 2012 |website=[[BBC]] }}</ref> असे असूनही, हेन्रीने तिला फक्त वेल्सची राजकन्या म्हणून स्वीकारले, जे पद तिला तिच्या पहिल्या विवाहातून मिळाले होते. हेन्रीने तिला हद्दपार केल्यानंतर, कॅथरीनने तिचे उर्वरित आयुष्य किंबोल्टन कॅसलमध्ये व्यतीत केले व जानेवारी १५३६ मध्ये कर्करोगाने तिचा मृत्यू झाला. इंग्लिश लोकांनी कॅथरीनचा उच्च आदर केला आणि तिच्या मृत्यूने प्रचंड शोक व्यक्त केले.<ref>{{Cite book |last=Lehman |first=H. Eugene |title=Lives of England's Reigning and Consort Queens |url=https://archive.org/details/livesofenglandsr0000lehm |publisher=AuthorHouse Publishing |year=2011 |isbn=978-1-4634-3057-3}}</ref> तिची मुलगी मेरी १५५३ मध्ये पहिली निर्विवाद इंग्लिश [[राणी]] बनली. कॅथरीनने जुआन लुईस व्हिव्हस यांना ''द एज्युकेशन ऑफ ए ख्रिश्चन वुमनची'' ह्या पुस्तकासाठी पाठबळ दिले. त्यांनी १५२३ मध्ये हे पुस्तक कॅथरीनला समर्पित केले व वादग्रस्त मुद्दा बनवली. कॅथरीनची लोकांवर अशी छाप होती की तिचा शत्रू थॉमस क्रॉमवेल देखील तिच्याबद्दल म्हणाला, "ती एक स्त्री नसती तर ती इतिहासातील सर्व नायकांचा अवमान करू शकली असती."<ref>{{Cite book |last=Chapuys |first=Eustace (Imperial Ambassador) |title=Calendar of State Papers, Spanish IV |year=1533 |p=737}}</ref> === आपत्ये === {| class="wikitable" style="text-align: center;" ! नाव !! जन्म !! मृत्यू !! तपशील |- ! कन्या | colspan="2" | ३१ जानेवारी १५१० | अंदाजे सहा महिन्यांच्या गर्भावस्थेत गर्भपात झाला. <ref>Catherine, having been told she was carrying twins, made her pregnancy official in March 1510 by going into confinement at what would have been eight months gestation, for her delivery in April. No child came since she probably had an infection which finally passed.</ref> कॅथरीनला सांगण्यात आले की तिला जुळी मुले आहेत आणि दुसरे मुल अजूनही जिवंत आहे, म्हणून ती बाळाच्या जन्माची तयारी करत राहिली.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.british-history.ac.uk/cal-state-papers/spain/supp/vols1-2/pp34-44|title=Queen Katharine: 1510 {{!}} British History Online|website=www.british-history.ac.uk|access-date=12 April 2021}}</ref> |- ! हेन्री | १ जानेवारी १५११ | २२ फेब्रुवारी १५११ | चानक मृत्यू व कारण अज्ञात. |- ! मुलगा | colspan="2" | १७ सप्टेंबर १५१३ | गर्भपात किंवा प्रसूती दरम्यान मृत्यू झाला.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.british-history.ac.uk/letters-papers-hen8/vol1/pp1023-1042|title=Henry VIII: September 1513, 21–30 {{!}} British History Online|website=www.british-history.ac.uk|access-date=12 April 2021}}</ref> |- ! मुलगा | colspan="2" | नोव्हेंबर/डिसेंबर १५१४ | मृतावस्थेत जन्मलेला.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.british-history.ac.uk/letters-papers-hen8/vol1/pp1444-1450|title=Henry VIII: November 1514, 11–20 {{!}} British History Online|website=www.british-history.ac.uk|access-date=12 April 2021}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.british-history.ac.uk/cal-state-papers/venice/vol2/pp220-228#highlight-first|title=Venice: January 1515 {{!}} British History Online|website=www.british-history.ac.uk|access-date=12 April 2021}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.british-history.ac.uk/letters-papers-hen8/vol1/pp1485-1503#highlight-first|title=Henry VIII: December 1514, 26–30 {{!}} British History Online|website=www.british-history.ac.uk|access-date=12 April 2021}}</ref> |- ! [[इंग्लंडची पहिली मेरी|मेरी]] | १८ फेब्रुवारी १५१६ | १७ नोव्हेंबर १५५८ | इंग्लंडची राणी बनली. |- ! कन्या | colspan="2" | १० नोव्हेंबर १५१८ | मृतावस्थेत जन्मलेली.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.british-history.ac.uk/letters-papers-hen8/vol2/pp1393-1411#highlight-first|title=Henry VIII: November 1518 {{!}} British History Online|website=www.british-history.ac.uk|access-date=12 April 2021}}</ref> |- |} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. १५३६ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:इ.स. १४८५ मधील जन्म]] [[वर्ग:कायमचे मृत बाह्य दुवे असणारे लेख]] [[वर्ग:CS1: long volume value]] 71j87ly9cs0t2ju7jdtqz6k0n16zchu आड्डंकी विधानसभा मतदारसंघ 0 346624 2710909 2543191 2026-09-20T06:10:12Z अभय नातू 206 अभय नातू ने लेख [[आड्डण्की विधानसभा मतदारसंघ]] वरुन [[आड्डंकी विधानसभा मतदारसंघ]] ला हलविला: शुद्धलेखन 2543191 wikitext text/x-wiki '''आड्डण्की विधानसभा मतदारसंघ - १०५''' हा [[आंध्र प्रदेश विधानसभा|आंध्र प्रदेश राज्य विधानसभे]]च्या [[आंध्र प्रदेश विधानसभा मतदारसंघांची यादी|१७५ मतदारसंघांपैकी]] एक आहे. परिसीमन आदेश, १९५५ नुसार, हा मतदारसंघ १९५५ साली स्थापन केला गेला. आड्डण्की हा विधानसभा मतदारसंघ [[बपतला लोकसभा मतदारसंघ|बपतला लोकसभा]] मतदारसंघात मोडतो. [[वर्ग:आंध्र प्रदेशमधील विधानसभा मतदारसंघ]] [[वर्ग:बपतला जिल्हा]] [[वर्ग:बपतला लोकसभा मतदारसंघ]] ouauxy93uequ5qqv83vlapvtqxhwrr6 विभाग:Country alias 828 346892 2710918 2399799 2026-09-20T10:07:20Z Ganesh591 62733 2710918 Scribunto text/plain -- This module returns the country name or the flag name for a country, -- based on the three-letter IOC/CGA/FINA alias. --[[ The following country code is used for multiple countries: ANG (workaround: added ANG_CGF for use with Commonwealth Games) The following names have different names/flags based on sport/year Great Britain (and N.I.) GBR, GBR_WCA (latter added to add text in parens) Hong Kong HKG, HKG_CGF (latter added to keep colonial flag) Individual Olympic Athletes IOA, IOA_2000 (IOA changed to Independent Olympic Athletes in 2012) Russian Athletes OAR (2018), ROC_2020 (2020 Summer, 2022 Winter) SWZ Swaziland became Eswatini after the 2018 Commonwealth Games MKD Macedonia became North Macedonia in 2019 ART No "Athlete" before Refugee Team @ 2017 AIMAG D.R. of the Congo Was Zaire (ZAI) and Congo-Kinshasa (COK_COD) The following countries have multiple aliases due to CGF/IOC/FINA/IAAF/etc differences, or deprecated uses Anguilla AIA, ANG_CGF Antigua and Barbuda ANT, ATG Bahrain BHN, BHR, BRN Curaçao CUR, CUW East Timor TLS, TMP Falkand Islands FAI, FLK Faroe Islands FAR, FRO Guernsey GGY, GUE Iran IRI, IRN Ireland IRE, IRL - IRE is *only* for CGF apps Jersey JER, JEY Lebanon LBN, LIB Montserrat MNT, MSR Nicaragua NCA, NIC Norfolk Island NFI, NFK Oman OMA, OMN Refugee Olympic Team ROA, ROT, EOR Romania ROM, ROU Saint Helena SHE, SHN Saint Vincent and the Grenadines SVG, VIN Sarawak SAR, SWK Singapore SGP, SIN South Africa RSA, SAF Tonga TGA, TON Trinidad and Tobago TRI, TTO Turks and Caicos Islands TCA, TCI, TKS Oddity that needs to be revisited French Polynesia PYF, TAH - TAH has been converted to Tahiti per SILENCE ]] local function stripToNil(text) -- If text is a string, return its trimmed content, or nil if empty. -- Otherwise return text (which may, for example, be nil). if type(text) == 'string' then text = text:match('(%S.-)%s*$') end return text end local function yes(parameter) -- Return true if parameter should be interpreted as "yes". return ({ y = true, yes = true, on = true, [true] = true })[parameter] end local function getAlias(args) -- Return alias parameter, possibly modified for exceptional cases. local alias = stripToNil(args.alias) local games = stripToNil(args.games) local year = tonumber(args.year) local fullName = stripToNil(args.fullName) if fullName then year = tonumber(fullName:match('^%d+')) -- ignore args.year end if alias == 'ANG' then if games == 'Commonwealth Games' then alias = 'ANG_CGF' end elseif alias == 'ART' then if games == 'Asian Indoor and Martial Arts Games' then alias = 'ART_AIMAG' end elseif alias == 'GBR' then if games == 'World Championships in Athletics' or games == 'World Athletics Championships' or games == 'European Athletics Championships' then alias = 'GBR_WCA' elseif games == 'European Championships' then if year == 2018 then alias = 'GBR_WCA' end end elseif alias == 'HKG' then if games == 'Commonwealth Games' then alias = 'HKG_CGF' end elseif alias == 'IOA' then if year == 2000 then alias = 'IOA_2000' end elseif alias == 'MAL' or alias == 'MAS' then if year and year < 1963 then alias = 'MAL' else alias = 'MAS' end elseif alias == 'SWZ' then if fullName then if year and year >= 2018 and fullName ~= '2018 Commonwealth Games' then alias = 'SWZ_YO2018' end elseif year and year >= 2018 and games ~= 'Commonwealth Games' then alias = 'SWZ_YO2018' else alias = 'SWZ_YO2018' end elseif alias == 'MKD' then if year and year < 2019 then alias = 'MKD' else alias = 'MKD_2019' end elseif alias == 'VNM' then if year and year <= 1954 then alias = 'VIE' end elseif alias == 'RUS' then if year and year==2020 then if games=='Summer Olympics' then alias = 'ROC_2020' elseif games=='Summer Paralympics' then alias = 'RPC' end elseif year and year==2022 and games=='Winter Olympics' then alias = 'ROC_2020' end elseif alias == 'ROC' then if year and year==1960 and games=='Summer Olympics' then alias = 'ROC_Formosa' elseif year and ( year==1964 or year==1968 ) and games=='Summer Olympics' then alias = 'ROC_Taiwan' elseif year and year==2020 and games=='Summer Olympics' then alias = 'ROC_2020' elseif year and year==2022 and games=='Winter Olympics' then alias = 'ROC_2020' elseif year and year==2020 and games=='Summer Paralympics' then alias = 'RPC' else local pageName = mw.title.getCurrentTitle().text if pageName == 'Russian Olympic Committee athletes at the Olympics' then alias = 'ROC_2020' end end elseif alias == 'YUG' or alias == 'SCG' then if year and year > 1992 and year < 2004 and games ~= 'Summer Paralympics' then alias = 'FR_YUG' end elseif alias == 'ZAI' or alias == 'COD' then if year and year < 1971 then alias = 'COK_COD' elseif year and year <= 1996 then alias = 'ZAI' else alias = 'COD' end elseif alias == 'COK' then if year and year == 1968 then alias = 'COK_COD' else alias = 'COK' end end return alias end local function getFlag(args, country) -- Return name of flag selected from country data (nil if none defined). local year = tonumber(args.year) local games = stripToNil(args.games) if games then local gdata = country[games] if gdata then if type(gdata) == 'string' then return gdata end if gdata[year] then return gdata[year] end end end for _, item in ipairs(country) do if type(item) == 'string' then return item end if year and year <= item[1] then return item[2] end end end local function marathiIOCCode(code) local letters = { A = 'ए', B = 'बी', C = 'सी', D = 'डी', E = 'ई', F = 'एफ', G = 'जी', H = 'एच', I = 'आय', J = 'जे', K = 'के', L = 'एल', M = 'एम', N = 'एन', O = 'ओ', P = 'पी', Q = 'क्यू', R = 'आर', S = 'एस', T = 'टी', U = 'यू', V = 'व्ही', W = 'डब्ल्यू', X = 'एक्स', Y = 'वाय', Z = 'झेड' } return (code:gsub('%u', letters)) end local data = mw.loadData('Module:Country alias/data') local function countryAlias(args) local alias = getAlias(args) local country = data.countries[alias] or data.countries[data.countryAliases[alias]] local function quit(message) return args.error or error(message) end if not country then return quit('Invalid country alias: ' .. tostring(alias)) end if yes(args.flag) then return getFlag(args, country) or quit('No flag defined for ' .. alias) else return country.name or quit('No name defined for ' .. alias) end end local function flagIOC(frame) -- Implement {{flagIOC}} which previously called this module three times. -- Returns <flag> <country link> <athletes>, with the third value optional local args = frame:getParent().args local code = stripToNil(args[1]) or error('flagIOC parameter 1 should be a country code') local games = stripToNil(args[2]) local athletes = stripToNil(args[3]) games = games and (games .. ' Olympics') or 'Olympics' local parms = { alias = code, fullName = games, year = games:match('^%d+'), games = games:gsub('^%d+ ?', ''), } local fullName = countryAlias(parms) parms.flag = true local dispName = fullName if fullName == 'ROC' then fullName = 'Russian Olympic Committee athletes' end return (('[[File:{flag}|22x20px|border|alt=|link=]]&nbsp;[[{name} at the {games}|{dispName}]]{athletes}') :gsub('{(%w+)}', { athletes = athletes and ('&nbsp;<span style="font-size:90%;">(' .. athletes .. ')</span>') or '', flag = countryAlias(parms), games = games, name = fullName, dispName = dispName, })) end local function flagXYZ(frame) -- Implement {{flagIOC2}} and its variants which previously called this module three times. -- Returns one of four possible outputs: -- from flagIOC2: <flag> <country link> <athletes>, with the third value optional -- from flagIOC2team: <flag> <country link> <country alias> -- from flagIOC2athlete: <flag> <athlete(s)> <country alias/link> -- from flagIOC2medalist: <athlete(s)><br><flag> <country link> local args = frame:getParent().args local dispType = stripToNil(frame.args['type']) local code='' local games='' local athletes='' if dispType == 'athlete-O' then -- Implement [[Template:FlagIOCathlete]]. dispType = 'athlete' args[3] = (args[3] or '') .. ' Olympics' end if dispType == 'name' or dispType == 'team' then code = stripToNil(args[1]) or error('Parameter 1 should be a country code') games = stripToNil(args[2]) or error('Parameter 2 should be a competition name') athletes = stripToNil(args[3]) elseif dispType == 'athlete' or dispType == 'medalist' then athletes = stripToNil(args[1]) or error('Parameter 1 should be the name(s) of the athlete(s)') code = stripToNil(args[2]) or error('Parameter 2 should be a country code') games = stripToNil(args[3]) or error('Parameter 3 should be a competition name') end local parms = { alias = code, fullName = games, year = games:match('^%d+'), games = games:gsub('^%d+ ?', ''), } local fullName = countryAlias(parms) parms.flag = true local dispName = stripToNil(args.name) if fullName == 'ROC' then fullName = 'Russian Olympic Committee athletes' dispName = 'ROC' if dispType == 'team' then dispType = 'name' end end if dispType == 'name' then return (('[[File:{flag}|22x20px|border|alt=|link=]]&nbsp;[[{name} at the {games}|{dispName}]]{athletes}') :gsub('{(%w+)}', { athletes = athletes and ('&nbsp;<span style="font-size:90%;">(' .. athletes .. ')</span>') or '', flag = countryAlias(parms), games = games, name = fullName, dispName = dispName or fullName, })) elseif dispType == 'team' then return (('[[File:{flag}|22x20px|border|alt=|link=]]&nbsp;[[{name} at the {games}|{dispName}]]{alias}') :gsub('{(%w+)}', { alias = ('&nbsp;<span style="font-size:90%;">(' .. code .. ')</span>'), flag = countryAlias(parms), games = games, name = fullName, dispName = dispName or fullName, })) elseif dispType == 'athlete' then return (('[[File:{flag}|22x20px|border|alt=|link=]]&nbsp;{athletes}&nbsp;<span style="font-size:90%;">([[{name} at the {games}|{dispName}]])</span>') :gsub('{(%w+)}', { athletes = athletes, flag = countryAlias(parms), games = games, name = fullName, dispName = marathiIOCCode(code), })) elseif dispType == 'medalist' then return (('{athletes}<br>[[File:{flag}|23x15px|border|alt=|link=]]&nbsp;[[{name} at the {games}|{dispName}]]') :gsub('{(%w+)}', { athletes = athletes, flag = countryAlias(parms), games = games, name = fullName, dispName = dispName or fullName, })) end end local function main(frame) return countryAlias(frame.args) end return { flagIOC = flagIOC, flagXYZ = flagXYZ, main = main, } dhe5wkz9d2k1xwmhnhh5vxtxi2eztxa शाह शुजा 0 349130 2710778 2414824 2026-09-19T15:08:09Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710778 wikitext text/x-wiki {{बदल}} {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''मिर्झा शाह शुजा''' (२३ जून १६१६ &#x2013; ७ फेब्रुवारी १६६१) हा [[मुघल साम्राज्य|मुघल]] सम्राट [[शाह जहान|शाहजहान]] आणि सम्राज्ञी [[मुमताज महल]] यांचा दुसरा मुलगा होता. ते बंगाल आणि ओडिशाचे राज्यपाल होते आणि त्यांची राजधानी आजच्या बांगलादेशातील [[ढाका]] येथे होती. शाह शुजाचा जन्म २३ जून १६१६ रोजी [[अजमेर]] येथे झाला. तो मुघल सम्राट [[शाह जहान|शाहजहान]] आणि त्याची राणी [[मुमताज महल]] यांचा दुसरा मुलगा आणि चौथे आपत्य होते. शाहजहानची सावत्र आई, सम्राज्ञी नूरजहाँने राजकुमार शाह शुजाला त्याच्या जन्मानंतर दत्तक घेतले. उच्च पद, राजकीय दबदबा आणि जहांगीरचा तिच्याबद्दल असलेला स्नेह यामुळे तिला ही नवीन जबाबदारी देण्यात आली. सम्राज्ञीसाठी देखील हा सन्मान होता कारण शुजा हे त्याचे आजोबा सम्राट [[जहांगीर]] यांचे खास आवडते होते.<ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://archive.org/details/nurjahanempressm00find|title=Nur Jahan, empress of Mughal India|last=Findly|first=Ellison Banks|date=1993|publisher=Oxford University Press|isbn=978-0-19-536060-8|location=New York|page=98}}</ref> शुजाच्या भावंडांमध्ये मोठी बहीण [[जहाँआरा बेगम]], [[दारा शिकोह]], [[रोशनआरा बेगम|रोशनरा बेगम]], [[औरंगजेब]], [[मुराद बक्ष|मुराद बक्श]], गौहारा बेगम आणि इतर होत्या. त्याला तीन मुलगे होते - सुलतान झैन-उल-दीन (बोन सुलतान किंवा सुलतान बंग), बुलंद अख्तर आणि जैनुल अबीदिन; आणि चार मुली - गुलरुख बानू, रोशनरा बेगम आणि अमिना बेगम.<ref>Stanley Lane-Pool, 1971, Aurangzeb, vol.1.</ref> शाह शुजाने पहिला विवाह रुस्तम मिर्झा (मुराद मिर्झा यांचा मुलगा आणि [[अकबर|अकबराचा]] नातू) यांची मुलगी बिल्कीस बानो बेगम हिच्याशी ५ मार्च १६३३ रोजी केला.<ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=v-2TyjzZhZEC&pg=PA106|title=Royal Mughal Ladies and Their Contributions|last=Mukherjee|first=Soma|publisher=Gyan Books|year=2001|isbn=978-8-121-20760-7|pages=106}}</ref> पुढच्या वर्षी तिने एका मुलीला जन्म दिला आणि बाळंतपणातच तिचा मृत्यू झाला. तिला [[बुरहानपूर]] येथे खरबुजा महल नावाच्या वेगळ्या समाधीमध्ये पुरण्यात आले.<ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://archive.org/details/sultansofdeccani1500haid|title=Sultans of Deccan India, 1500–1700: Opulence and Fantasy|last=Haidar|first=Navina Najat|last2=Sardar|first2=Marika|date=April 13, 2015|publisher=Metropolitan Museum of Art|isbn=978-0-300-21110-8|pages=[https://archive.org/details/sultansofdeccani1500haid/page/285 285]|url-access=registration}}</ref> शाहजहानने तिच्या मुलीचे नाव दिलपझीर बानो बेगम ठेवले,<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Encyclopaedia of Indian Women Through the Ages: The middle ages|last=Jain|first=Simi|publisher=Gyan Publishing House|year=2003|isbn=978-8-178-35173-5|pages=73}}</ref> जी लहानपणीच मरण पावली. आपल्या पहिल्या पत्नीच्या मृत्यूनंतर, त्याने शाहजहानच्या कारकिर्दीत [[बंगाल|बंगालचा]] दुसरा गव्हर्नर आझम खान यांची मुलगी,<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Encyclopaedia of women biography: India, Pakistan, Bangladesh, Volume 3|last=Kr Singh|first=Nagendra|publisher=A.P.H. Pub. Corp.|year=2001|isbn=978-8-176-48264-6|pages=51}}</ref> पियारी बानो बेगम हिच्याशी विवाह केला.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Journal of the Pakistan Historical Society - Volumes 1-2|publisher=Pakistan Historical Society|year=1953|pages=338}}</ref><ref>{{स्रोत पुस्तक|title=History of Bengal: The Reigns of Shah Jahan and Aurangzib|last=Abdul Karim|publisher=Institute of Bangladesh Studies, University of Rajshahi, 1995 - Bengal (India)|year=1993|pages=363}}</ref> ती दोन मुलगे आणि तीन मुलींची आई होती.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Encyclopaedia of Muslim Biography: Muh-R|last=Singh|first=Nagendra Kr|publisher=A.P.H. Pub. Corp.|year=2001|isbn=978-8-176-48234-9|pages=402}}</ref> १६६१ मध्ये शुजाची हत्या झाली. त्याच्या मुलांना ठार मारण्यात आले. पियारी बानो बेगम आणि त्यांच्या दोन मुलींनी आत्महत्या केली. उरलेली मुलगी, अमिना बानू बेगम हिला राजवाड्यात आणण्यात आले, जिथे दुःखामुळे तिचा लवकर मृत्यू झाला.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=History of Burma:&nbsp;From the Earliest Time to the End of the First War with British India|last=Phayre|first=Arthur P.|date=June 17, 2013|publisher=Routledge|isbn=978-1-136-39841-4|pages=178–9}}</ref><ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Journal of the Asiatic Society of Pakistan|publisher=Asiatic Society of Pakistan|year=1967|pages=251}}</ref> दुसऱ्या स्रोतानुसार, शुजाच्या मुलींपैकी एकाचा विवाह राजा सांडा थुधम्माशी झाला होता. एक वर्षानंतर, त्याने एक कट रचला आणि त्या सर्वांना उपासमारीने मरण पावले, जेव्हा त्याची पत्नी स्वतःच गर्भधारणेच्या प्रगत अवस्थेत होती.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=The Cambridge History of India, Volume 3|last=Rap|first=Edward James|last2=Heg|first2=Sir Wolseley|last3=Burn|first3=Sir Richard|publisher=CUP Archive|year=1928|pages=481}}</ref> शुजाची तिसरी पत्नी किश्तवाडचा राजा तामसेन यांची मुलगी होती.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=The State in Medieval Kashmir|last=Hangloo|first=Rattan Lal|date=January 1, 2000|publisher=Manohar|pages=130}}</ref> त्या शहजादा बुलंद अख्तर यांच्या आई होत्या, त्यांचा जन्म ऑगस्ट १६४५ मध्ये झाला होता.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=The Shah Jahan name of 'Inayat Khan: an abridged history of the Mughal Emperor Shah Jahan, compiled by his royal librarian: the nineteenth-century manuscript translation of A.R. Fuller (British Library, add. 30,777)|url=https://archive.org/details/shahjahannamaofi0000inay|last=Khan|first=Inayat|last2=Begley|first2=Wayne Edison|publisher=Oxford University Press|year=1990|pages=[https://archive.org/details/shahjahannamaofi0000inay/page/327 327]}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:इ.स. १६६१ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:इ.स. १६१६ मधील जन्म]] [[वर्ग:मुघल साम्राज्य]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] h885nodnoswbxbin2thd7gpwi9vvsr3 हॅरो (लंडन) 0 354206 2710742 2473598 2026-09-19T13:19:53Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710742 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट यूके स्थान |country=इंग्लंड|region=लंडन |population=१,४९,२४६ |Sovereign_state=[[युनायटेड किंग्डम]] |population_ref=([[२०११ युनायटेड किंग्डम जनगणना|२०११ जनगणना]])<ref name="auto8">{{cite web|url=http://data.london.gov.uk/2011-census-ward-pop |title=2011 Ward Census |access-date=9 June 2014 |website=data.london.gov.uk|archive-url=https://web.archive.org/web/20140222202755/http://data.london.gov.uk/2011-census-ward-pop |archive-date=22 February 2014}}</ref> |static_image_name={{Photomontage | photo1a = St John the Baptist, Sheepcote Road, Harrow - geograph.org.uk - 1698728.jpg | photo2a = Hygeia Building and King's House, Harrow.jpg |photo2b=Skipping Katie cropped.jpg |photo3a=University of Westminster, Harrow.jpg | spacing = 3 | size = 266 |color = white | foot_montage = उजवीकडून खाली: सेंट जॉन द बॅप्टिस्ट, ग्रीनहिल चर्च; स्किपिंग केटी पुतळा; वेस्टमिन्स्टर विद्यापीठ; हायजेइया इमारत आणि किंग्स हाउस}}|official_name=हॅरो|london_borough=हॅरो (लंडन बरो)|constituency_westminster=[[हॅरो पूर्व (यूके संसद मतदारसंघ)|हॅरो पूर्व ]]<br />[[हॅरो पश्चिम (यूके संसद मतदारसंघ)|हॅरो पश्चिम]]|post_town=हॅरो|postcode_district=HA1, HA2, HA3|postcode_area=HA|dial_code=०२०|os_grid_reference=TQ145885|coordinates={{coord|51.5836|-0.3464|display=inline,title}} |charingX_distance_mi=११|charingX_direction=ESE}}{{संदर्भयादी|group=n }} [[चित्र:Bessborough_Road_Harrow.jpg|इवलेसे|डावे|हॅरो हिल]] '''हॅरो''' ( {{IPAc-en|ˈ|h|ær|oʊ}} <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Longman Pronunciation Dictionary|url=https://archive.org/details/longmanpronuncia0000unse|last=Wells|first=John C.|publisher=Longman|year=2008|isbn=9781405881180|edition=3rd|page=[https://archive.org/details/longmanpronuncia0000unse/page/368 368]}}</ref> ) हे इंग्लंडमधील [[ग्रेटर लंडन|ग्रेटर लंडनमधील]] एक मोठे शहर आहे आणि [[हॅरो (लंडन बरो)|लंडन बरो ऑफ हॅरो]]मधील सगळ्यात मोठे शहर आहे. हे शहर चेरिंग क्रॉसच्या वायव्येस सुमारे {{Convert|9.5|mi}} आणि [[वॉटफर्ड (लंडन)|वॅटफोर्डच्या]] दक्षिणेस {{Convert|5.4|mi}} अंतरावर आहे. २०११ च्या जनगणनेनुसार शहराची लोकसंख्या <ref>[[Harrow on the Hill]], [[Harrow Weald]], [[Headstone, London|Headstone]], [[North Harrow]], [[Kenton, London|Kenton]], [[Rayners Lane]], [[South Harrow]], [[Wealdstone]] and [[West Harrow]].</ref> १,४९.२४६ तर [[हॅरो (लंडन बरो)|याच नावाच्या बरोची]] लोकसंख्या २,५०,१४९ इतकी होती. [[चित्र:Department_store,_Harrow_-_geograph.org.uk_-_99134.jpg|डावे|इवलेसे|200x200अंश| हॅरोमधील स्टेशन रोड]] हॅरो शहराचे मूळ [[हॅरो हिल]] या टेकडीच्या पायथ्याशी असलेल्या [[हॅरो ऑन द हिल]] या खेड्यात आहे. १२४ मी (४०८ फूट) उंचीच्या या टेकडीच्या पायथ्याशी [[मेट्रोपॉलिटन रेल्वे|मेट्रोपॉलिटन रेल्वेवरील]] [[हॅरो-ऑन-द-हिल स्थानक]] उघडल्यानंतर येथील विकास सुरू झाला. आधुनिक हॅरो शहराचे केंद्र टेकडीच्या ग्रीनहिल नावाच्या परिसरात विकसित झाले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://patfield.com/heathfield/|title=Heathfield School Harrow|website=Patfield.com}}</ref> २०व्या शतकाच्या सुरुवातीला उत्तरेकडे पसरत चाललेल्या लंडन शहराच्या उपनगरांना [[मेट्रोलँड (लंडन)|मेट्रोलँड]] असे म्हणत असत आणि हॅरो त्याची अनधिकृत ''राजधानी'' समजली जात असे. <ref>{{स्रोत बातमी|last=Forrest|first=Adam|url=https://www.theguardian.com/cities/2015/sep/10/metroland-100-years-england-original-vision-suburbia|title=Metroland, 100 years on: what's become of England's original vision of suburbia?|date=10 September 2015|work=The Guardian}}</ref> यानंतर १८३७मध्ये [[वेस्ट कोस्ट मेन लाइन|वेस्ट कोस्ट मेन लाइनवरील]] [[हॅरो अँड वेल्डस्टोन स्थानक]] सुरू झाले. हे शहरापासून ते {{Convert|1.5|miles|km}} अंतरावर टेकडीच्या उत्तरेस होते. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.oldest.org/technology/train-stations/|title=10 Oldest Train Stations in the World|date=10 September 2020|website=Oldest.org}}</ref> [[वेल्डस्टोन (लंडन)|वेल्डस्टोनमध्ये]] अनेक कारखाने सुरू झाल्याने कामगार या क्षेत्राकडे आकर्षित झाले; <ref>{{स्रोत बातमी|url=http://www.bbc.co.uk/ahistoryoftheworld/objects/1upC0mKBRgydCbnYm6u4Hw|title=BBC - A History of the World - Object : Whitefriars Glass|work=www.bbc.co.uk}}</ref> हॅरोमध्ये [[कोडॅक हॅरो|कोडॅक कंपनीचा मोठा कारखाना]] होता. येथे छायाचित्रांसाठी लागणाऱ्या साहित्याची निर्मिती आणि संशोधन होत असे. हा कारखाना शतकाहून अधिक काळ येथे टिकला. [[चित्र:Buses,_Clarendon_Road_and_College_Road.jpg|डावे|इवलेसे|हॅरो बस स्थानक]] हॅरोमध्ये [[हॅरो स्कूल]] ही प्रसिद्ध शाळा आहे. १५७२मध्ये याची स्थापना मुलांसाठी एक स्वतंत्र बोर्डिंग स्कूल म्हणून झाली. हॅरो स्कूल जगातील सर्वोत्तम माध्यमिक शाळांपैकी एक मानली जाते. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.superintendentsforum.org/archives/2013-2/european-education-briefing-memo|title=European Education Briefing Memo - September|website=Superintendentsforum.org|access-date=23 October 2021}}</ref> जवळची [[जॉन लायन स्कूल]] ही मुलांची दुसरी स्वतंत्र शाळा आहे तर मुलींसाठीची [[नॉर्थ लंडन कॉलेजिएट स्कूल]] [[एजवेर (लंडन बरो)|एजवेर]] बरोमध्ये आहे. == वाहतूक == [[चित्र:Harrow-on-the-Hill_Underground_Station_-_geograph.org.uk_-_528370.jpg|इवलेसे| [[हॅरो-ऑन-द-हिल स्थानक|हॅरो-ऑन-द-हिल]] स्थानकावर थांबलेल्या प्लॅटफॉर्मवर [[लंडन अंडरग्राउंड]]<nowiki/>च्या गाड्या.]] हॅरोला [[लंडन अंडरग्राउंड|लंडनच्या अनेक अंडरग्राउंड]] आणि [[नॅशनल रेल्वे (इंग्लंड)|राष्ट्रीय रेल्वे]] सेवांद्वारे सेवा दिली जाते: * [[हॅरो-ऑन-द-हिल स्थानक|हॅरो-ऑन-द-हिल]] ( [[मेट्रोपॉलिटन लाइन|मेट्रोपॉलिटन लाईन]] आणि [[लंडन ते आयलेसबरी लाइन|आयलेसबरी लाईन]] / [[चिल्टर्न रेल्वे]] ) (शहराचे मुख्य स्थानक) * [[हॅरो आणि वेल्डस्टोन स्थानक|हॅरो आणि वेल्डस्टोन]] ([[बेकरलू लाइन]], [[लंडन ओव्हरग्राउंड]], [[लंडन नॉर्थवेस्टर्न रेल्वे]] आणि [[सदर्न (गोविया थेम्सलिंक रेल्वे)|सदर्न]]) * [[वेस्ट हॅरो ट्यूब स्थानक|वेस्ट हॅरो]] (मेट्रोपॉलिटन लाइन) * [[साउथ हॅरो ट्यूब स्थानक|दक्षिण हॅरो]] ([[पिकॅडिली लाइन]] ) * [[रेनर्स लेन ट्यूब स्थानक|रेनर्स लेन]] (मेट्रोपॉलिटन/पिकॅडिली लाईन्स) * [[नॉर्थ हॅरो ट्यूब स्थानक|नॉर्थ हॅरो]] (मेट्रोपॉलिटन लाइन) * [[केंटन स्थानक|केंटन]] (बेकरलू लाइन आणि लंडन ओव्हरग्राउंड) * [[हेडस्टोन लेन रेल्वे स्थानक|हेडस्टोन लेन]] (लंडन ओव्हरग्राउंड) * [[नॉर्थॉल्ट पार्क रेल्वे स्थानक|नॉर्थॉल्ट पार्क]] ([[चिल्टर्न मेन लाइन]] / चिल्टर्न रेल्वे) [ईलिंग आणि हॅरोच्या सीमेवर] * [[सडबरी हिल हॅरो रेल्वे स्थानक|सडबरी हिल हॅरो]] ([[चिल्टर्न मेन लाइन]] /चिल्टर्न रेल्वे) * [[नॉर्थविक पार्क ट्यूब स्थानक|नॉर्थविक पार्क]] (मेट्रोपॉलिटन लाइन) [ब्रेंट आणि हॅरो दरम्यानच्या सीमेवर] * [[सडबरी हिल ट्यूब स्थानक|सडबरी हिल]] (पिकाडिली लाइन) == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:लंडन महानगर]] [[वर्ग:हॅरो]] kmbywjof4hv5phngtkykcix615jqgjg कठोरे बुद्रुक 0 359412 2710823 2575383 2026-09-19T17:03:51Z अभय नातू 206 /* स्वच्छता */ 2710823 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट भारतीय न्यायक्षेत्र|प्रकार=गाव|जनगणना_स्थलनिर्देशांक=५२७१२१|स्थानिक_नाव=कठोरे बु.|तालुका_नाव=भुसावळ|जिल्हा_नाव=जळगाव|राज्य_नाव=महाराष्ट्र|विभाग=|जिल्हा=[[जळगाव]]|तालुका_नावे=[[भुसावळ]]|अक्षांश=|रेखांश=|शोधक_स्थान=right|क्षेत्रफळ_एकूण=२.४४|उंची=|लोकसंख्या_एकूण=१०१३|लोकसंख्या_वर्ष=२०११|लोकसंख्या_घनता=४१५.१६|लोकसंख्या_पुरुष=५३२|लोकसंख्या_स्त्री=४८१|लिंग_गुणोत्तर=९०४|अधिकृत_भाषा=[[मराठी]]}} '''कठोरे बु.''' हे [[महाराष्ट्र| महाराष्ट्राच्या]] [[जळगाव जिल्हा| जळगाव जिल्ह्यातील]] एक गाव आहे. २०११ च्या जनगणनेनुसार <ref>https: // censusindia.gov. in / census.website / data / census - tables #</ref>या गावाचा सेन्सस कोड ५२७१२१ असून या लेखातील माहिती या जनगणनेवर आधारित आहे. या गावाचे क्षेत्र ७९९.०१ हेक्टर असून येथील लोकसंख्या १०१३ आहे. गावात २३३ कुटुंबे राहतात. == लोकसंख्या == * एकूण लोकसंख्या:१०१३; पुरुष: ५३२; स्त्रिया: ४८१ * अनुसूचित जाती लोकसंख्या: १०५; पुरुष: ५०; स्त्रिया: ५५ * अनुसूचित जमाती लोकसंख्या:३९९; पुरुष: २११; स्त्रिया: १८८ == शैक्षणिक सुविधा == गावात असणाऱ्या सुविधा - पूर्व-प्राथमिक शाळा-२. प्राथमिक शाळा-१. कनिष्ठ माध्यमिक शाळा-१. स्थानिक नसलेल्या सुविधांची अंतरे - ५ किमी पेक्षा कमी अंतरावर : काही नाही ५ ते १० किमी अंतरावर : माध्यमिक शाळा भुसावळ येथे आहे. उच्च माध्यमिक शाळा भुसावळ येथे आहे. पदवी महाविद्यालय भुसावळ येथे आहे. १० किमी पेक्षा अधिक अंतरावर : अभियांत्रिकी महाविद्यालय जळगाव येथे आहे. वैद्यकीय महाविद्यालय जळगाव येथे आहे. अनौपचारिक प्रशिक्षण केन्द्र जळगाव येथे आहे. अपंगांसाठी खास शाळा जळगाव येथे आहे. == वैद्यकीय सुविधा == === सरकारी === असलेल्या सुविधा- प्राथमिक आरोग्य उपकेन्द्र, -१दवाखाने, -१ नसलेल्या सुविधा - कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, प्राथमिक आरोग्य केन्द्र, प्रसूति व शिशुसंगोपन केन्द्र, क्षयरोग रुग्णालय, अ‍ॅलोपॅथिक रुग्णालय, अन्य उपचार पद्धतीचे रुग्णालय, गुरांचे दवाखाने, फिरते दवाखाने, कुटुंब कल्याण केन्द्र, === बिगर-सरकारी === असलेल्या सुविधा- काही नाही नसलेल्या सुविधा - बाह्य रोगी विभाग, बाह्य व भरती असलेले रोगी विभाग, धर्मादाय बिगर-सरकारी रुग्णालय, एमबीबीएस पदवीधर डॉक्टर, इतर पदवीधर डॉक्टर, पदवी नसलेले डॉक्टर, पारंपरिक वैद्य व वैदू, औषधाची दुकाने, इतर बिगरसरकारी वैद्यकीय सुविधा, == पिण्याचे पाणी == असलेल्या सुविधा- शुद्ध केलेल्या पाण्याचा नळातून पुरवठा, हँड पंपच्या पाण्याचा पुरवठा, बारमाही सुरू असलेल्या हँड पंपच्या पाण्याचा पुरवठा, नदी /कालवे यातील पाण्याचा पुरवठा, नसलेल्या सुविधा - शुद्ध न केलेल्या पाण्याचा नळातून पुरवठा, झाकलेल्या विहिरीच्या पाण्याचा पुरवठा, न झाकलेल्या विहिरीच्या पाण्याचा पुरवठा, बोअरवेलच्या पाण्याचा पुरवठा, बारमाही सुरू असलेल्या बोअरवेलच्या पाण्याचा पुरवठा, झऱ्यांच्या पाण्याचा पुरवठा, तलाव / तळी यातील पाण्याचा पुरवठा, इतर पाण्याचा पुरवठा, == स्वच्छता == असलेल्या सुविधा- सांडपाणी पाण्याच्या स्त्रोतात सोडले जाते.उघडी गटारे, नसलेल्या सुविधा - न्हाणीघरासह सार्वजनिक स्वच्छता गृह, न्हाणीघर नसलेले सार्वजनिक स्वच्छता गृह, ग्रामीण सॅनिटरी हार्डवेरचे दुकान, सामूहिक बायोगॅस किंवा कचऱ्याच्या उत्पादक पुनर्वापराची व्यवस्था, == संचार == गावात असणाऱ्या सुविधा - मोबाइल फोन सुविधा, इंटरनेट कॅफे / सर्व्हिस सेंटर, खाजगी कूरियर, सार्वजनिक बस सेवा, ऑटो व टमटम, राष्ट्रीय महामार्गाला जोडलेले रस्ते, राज्य महामार्गाला जोडलेले रस्ते, जिल्ह्यातील मुख्य रस्त्याला जोडलेले रस्ते, जिल्ह्यातील दुय्यम रस्त्याना जोडलेले रस्ते, डांबरी रस्ते, कच्चे रस्ते, बारमाही रस्ते, स्थानिक नसलेल्या सुविधांची अंतरे - पोस्ट ऑफिस, - ५ ते १० किमी अंतरावर. उपपोस्ट ऑफिस, - ५ ते १० किमी अंतरावर. खाजगी बस सेवा, - ५ ते १० किमी अंतरावर. रेल्वे स्टेशन, - ५ ते १० किमी अंतरावर. टॅक्सी, - ५ ते १० किमी अंतरावर. ट्रॅक्टर - १० किमी पेक्षा अधिक अंतरावर. सायकल रिक्षा (पायचाकी), - १० किमी पेक्षा अधिक अंतरावर. बैल व इतर जनावरांनी ओढलेल्या गाड्या, - १० किमी पेक्षा अधिक अंतरावर. पाण्यासाठी नाल्या असणारे डांबरी रस्ते, - ५ किमी पेक्षा कमी अंतरावर. '''तळटीप'''- शिरगिणतीत असलेल्या पुढील सुविधांच्या उपलब्धततेची माहिती नाही - सायकल रिक्षा (यांत्रिक), समुद्र व नदीवरील बोट वाहतूक, बोट वाहतुकीयोग्य जलमार्ग, == बाजार व पतव्यवस्था == गावात असणाऱ्या सुविधा - सहकारी बँका, स्वसहाय्य गट (SHG), रेशनचे दुकान, शेतमाल विक्री संस्था, स्थानिक नसलेल्या सुविधांची अंतरे - ए टी एम, - ५ ते १० किमी अंतरावर. व्यापारी बँका, - ५ ते १० किमी अंतरावर. शेतकी कर्ज संस्था, - ५ ते १० किमी अंतरावर. मंडया / कायम बाजार, - ५ ते १० किमी अंतरावर. आठवड्याचा बाजार, - ५ ते १० किमी अंतरावर. शेतमाल विक्री संस्था, == आरोग्य, आहार व करमणूक सुविधा == गावात असणाऱ्या सुविधा - शिशुविकास पौष्टिक आहार केन्द्र (ICDS), अंगणवाडी पौष्टिक आहार केन्द्र, इतर पौष्टिक आहार केन्द्र, आशा, क्रीडांगण, खेळ / करमणूक क्लब, सिनेमा/ व्हिडियो थियेटर, सार्वजनिक ग्रंथालय, सार्वजनिक वाचनालय, वृत्तपत्र पुरवठा, विधानसभा मतदान केन्द्र, जन्म व मृत्यु नोंदणी केन्द्र, स्थानिक नसलेल्या सुविधांची अंतरे - समुदाय भवन (दूरचित्रवाणीसह अथवा विरहित), - १० किमी पेक्षा अधिक अंतरावर. == वीज पुरवठा == घरगुती वापरासाठी वीजपुरवठा - आहे. शेतीसाठी वीजपुरवठा - आहे. व्यापारी वापरासाठी वीजपुरवठा - आहे. सर्व प्रकारच्या वापरासाठी वीजपुरवठा - आहे. == जमिनीचा वापर (हेक्टर) == * जंगल क्षेत्र : ०.० * बिगरशेतकी वापरातली जमीन: २७.० * ओसाड व शेतीला अयोग्य जमीन: ०.० * कुरणे व इतर चराऊ जमीन: ०.० * फुटकळ झाडीखालची जमीन: ०.० * शेतीयोग्य पडीक जमीन: १२.० * कायमस्वरूपी पडीक जमीन: ०.० * ह्या वर्षीची पडीक जमीन: ०.० * पिकांखालची जमीन: २०५.० * एकूण कोरडवाहू शेतजमीन: ७६.० * एकूण बागायती जमीन: १२९.० == सिंचन सुविधा (क्षेत्रफळ हेक्टर मध्ये) == * कालवे : ० * विहिरी / कूप नलिका: ७६ * तलाव / तळी: ० * ओढे: ० * इतर : ० == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भ यादी}} f28zy5qj41mi0wdq6cmdx11kij4rldg सुनीती देवी 0 361266 2710756 2702662 2026-09-19T13:59:36Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710756 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''सुनीती देवी''' '''[[ऑर्डर ऑफ द इंडियन एम्पायर|सीआयई]]''' (३० सप्टेंबर १८६४ &#x2013; १० नोव्हेंबर १९३२) या ब्रिटिश भारतातील [[कूच बिहार]] या [[संस्थान|संस्थानाच्या]] महाराणी होत्या.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://lafayette.org.uk/coo2484a.html|title=Sitter: H.H. Maharani Sunity Devi|publisher=Lafayette Negative Archive}}</ref> == सुरुवातीचे जीवन == त्या प्रसिद्ध [[ब्राह्मो समाज]] सुधारणावादी, [[कोलकाता|कलकत्त्याचे]] [[केशवचंद्र सेन]] आणि जगन्मोहिनी सेन यांच्या कन्या होत्या.<ref>{{cite web |title=Keshub Chunder Sen |url=https://www.britannica.com/biography/Keshub-Chunder-Sen |publisher=[[इन्सायक्लोपीडिया ब्रिटानिका]] |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> १८७८ मध्ये, जेव्हा त्या केवळ चौदा वर्षांच्या होत्या, तेव्हा त्यांचा विवाह [[कूच बिहार संस्थान|कूचबिहारचे]] महाराजा [[नृपेंद्र नारायण]] (१८६३-१९११) यांच्याशी झाला.<ref name="kaye">{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=JjQbAAAAMAAJ&q=suniti+devi+cooch+behar|title=Sucharu Devi, Maharani of Mayurbhanj:Title Nirmul and Profulla Sen a Biography|last=Kaye|first=Joyoti Devi|publisher=Writers Workshop|year=1979|pages=18, 24}}</ref> लग्नानंतर त्या दोन वर्षे तिच्या वडिलांकडे राहिल्या, कारण नारायण लग्नानंतर लगेचच उच्च शिक्षणासाठी [[लंडन]]ला गेले होते.<ref name="kaye" /> त्या चार मुले आणि तीन मुलींच्या आई होत्या: [[राजेंद्र नारायण]], [[जितेंद्र नारायण]], व्हिक्टर नित्येंद्र नारायण (जन्म १८८८), आणि हितेंद्र नारायण (जन्म १८९०)/ आणि त्यांच्या मुली सुकृती देवी (जन्म १८४४), प्रतिभा देवी (जन्म १८९१) आणि सुधीरा देवी (जन्म १८९४) होत्या.<ref>{{cite book |last=Devi |first=Sunity |title=The Autobiography of an Indian Princess |publisher=John Murray |year=1921}}</ref> तिच्या मुली सुधीरा आणि प्रतिभा यांनी [[इंग्लंड]]मधील विटविक मॅनर येथील दोन भाऊ, ॲलन मँडर आणि माइल्स मँडर यांच्याशी लग्न केले.<ref>{{cite web |title=Wightwick Manor and Gardens |url=https://www.nationaltrust.org.uk/visit/birmingham-west-midlands/wightwick-manor-and-gardens |publisher=[[नॅशनल ट्रस्ट]] |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> विटविक मॅनर हा [[नॅशनल ट्रस्ट]]चा भाग आहे आणि भेट देण्यासाठी खुला आहे. सुकृती देवी यांनी ज्योत्स्ना नाथ घोषाल यांच्याशी विवाह केला.<ref>{{cite book |last=Tagore |first=Rabinath |title=Family History of Tagores |publisher=Visva-Bharati |year=1988}}</ref> ज्योत्स्ना नाथ घोषाल हे [[स्वर्णकुमारी देवी]] ([[रवींद्रनाथ टागोर]] यांची बहीण) आणि जानकी नाथ घोषाल यांचा मोठा मुलगा आहे. सुनीती देवी यांच्या मुलांपैकी राजेंद्र नारायण आणि जितेंद्र नारायण हे नंतर कूचबिहारचे महाराज झाले.<ref>{{cite web |title=Cooch Behar Princely State Rulers |url=https://coochbehar.gov.in/ |publisher=कूचबिहार जिल्हा प्रशासन |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> [[गायत्री देवी (महाराणी)|गायत्री देवी]] आणि इला देवी या त्यांचा मुलगा जितेंद्र नारायण भूप बहादूर यांच्या मुली होत्या.<ref>{{cite book |last=Devi |first=Gayatri |title=A Princess Remembers: The Memoirs of the Maharani of Jaipur |publisher=Anchor |year=1995 |isbn=978-0385900225}}</ref> == कार्य == १८८७ मध्ये, त्यांचे पती नृपेंद्र नारायण यांना [[ऑर्डर ऑफ द इंडियन एम्पायर]] देण्यात आले आणि सुनीती देवींना [[ऑर्डर ऑफ द इंडियन एम्पायर]] देण्यात आले.<ref name="books.google.co.in">{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=iUJuAAAAMAAJ&q=suniti+devi+cooch+behar|title=North East India and her Neighbours|publisher=Indian Institute of Oriental Studies and Research|year=1995|pages=21, 24}}</ref> सुनीती देवी हा पुरस्कार मिळवणाऱ्या पहिल्या भारतीय महिला ठरल्या.<ref name="books.google.co.in" /> १८९८ मध्ये [[व्हिक्टोरिया (ब्रिटन)|राणी व्हिक्टोरियाच्या]] डायमंड ज्युबली सोहळ्याला आणि १९११ च्या [[दिल्ली दरबार|दिल्ली दरबारला]] तिचे पती, कूचबिहारचे महाराजा यांच्यासोबत तिने हजेरी लावली.<ref>{{cite book |last=Breckenridge |first=Carol A. |title=Consuming Modernity: Public Culture in a South Asian World |url=https://archive.org/details/consumingmoderni0000unse |publisher=University of Minnesota Press |year=1995 |isbn=978-0816623068}}</ref> ती, तिची बहीण, [[सुचारु देवी]] यांच्यासह, त्यांच्या सुंदर पोशाखासाठी प्रसिद्ध झाल्या.<ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=U2pDxinD28AC&q=suniti+devi++&pg=PA76|title=The Many Worlds of Sarala Devi: A Diary|last=Chaudhurani|first=Sarala Devi|last2=Ray|first2=Sukhendu|publisher=Berghahn Books|year=2010|isbn=978-81-87358-31-2|pages=76|author-link=Sarala Devi Chaudhurani}}</ref> १८८१ मध्ये तिच्या पतीने तिच्या नावाने मुलींची शाळा सुरू केली होती ज्याचे नाव नंतर ''सुनीती अकादमी'' असे ठेवण्यात आले.<ref name="telegraph">{{स्रोत बातमी|url=http://www.telegraphindia.com/1060208/asp/siliguri/story_5818461.asp|title=Womens crusader for 125 years - Cooch behar school salutes Suniti devi on foundation day|date=8 February 2006|work=The Telegraph|location=Calcutta, India|access-date=27 June 2012|archive-url=https://web.archive.org/web/20140317151626/http://www.telegraphindia.com/1060208/asp/siliguri/story_5818461.asp|archive-date=17 March 2014|url-status=dead}}</ref> शाळेच्या स्थापनेमागे सुनीती देवी यांची इच्छा होती.<ref name="telegraph" /> त्या मनापासून शिक्षणतज्ज्ञ आणि महिला हक्क कार्यकर्त्या होत्या व त्यासाठी त्या संस्थेला वार्षिक अनुदान देत असत.<ref name="telegraph" /> त्यांनी मुलींना शिक्षण शुल्क भरण्यापासून सूट दिली होती आणि त्या यशस्वी विद्यार्थ्यांना बक्षीसही देत असत.<ref name="telegraph" /> तिने मुलींना घरून शाळेत आणण्यासाठी आणि परतीसाठी पॅलेसच्या गाड्यांची व्यवस्था केली होती.<ref name="telegraph" /> कोणताही वाद टाळण्यासाठी, तिने गाड्यांच्या खिडक्या पडद्यांनी झाकण्याचा आदेश दिला.<ref name="telegraph" /> १९०८ मध्ये तिने, तिची बहीण सुचारु देवी (मयूरभंजची महाराणी) सोबत [[दार्जिलिंग|दार्जिलिंगमधील]] महाराणी गर्ल्स हायस्कूलच्या पायाभरणीसाठी आर्थिक मदत केली.<ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=Kz1-mtazYqEC&q=suniti+devi+cooch+behar&pg=PA144|title=The Indian Princes and Their States|last=Ramusack|first=Barbara N.|publisher=Cambridge University Press|year=2004|isbn=978-0-521-26727-4|volume=3|pages=144|author-link=Barbara N. Ramusack}}</ref> १९३२ मध्ये त्या राज्य परिषदेच्या अध्यक्षा आणि [[ऑल बंगाल महिला संघ|ऑल बंगाल महिला संघाच्या]] पहिल्या अध्यक्षा होत्या.<ref>{{cite web |title=All Bengal Women's Union History |url=https://abwu.org/ |publisher=ऑल बंगाल महिला संघ |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> त्यांनी [[चारुलता मुखर्जी]], [[सरोज नलिनी दत्त]], टी. आर. नेली आणि त्यांची बहीण सुचारु देवी यांसारख्या बंगालमधील इतर महिला हक्क कार्यकर्त्यांसोबत काम केले होते.<ref>{{cite book |last=Forbes |first=Geraldine |title=Women in Modern India |publisher=Cambridge University Press |year=1999 |isbn=978-0521653770}}</ref> त्यांनी ''द ब्युटीफुल मोगल प्रिन्सेसेस'' हे पुस्तक लिहिले, जे १९१८ मध्ये डब्ल्यू. थॅकर अँड कंपनी, लंडन यांनी प्रकाशित केले.<ref>{{cite book |last=Devi |first=Sunity |title=The Beautiful Mogul Princesses |publisher=W. Thacker & Co. |year=1918}}</ref> या पुस्तकात मुघल राजकन्या [[मुमताज महल]], रेबा, [[झेबुनिस्सा]] आणि [[नूरजहाँ]] यांच्या जिव्हाळ्याच्या जीवनकथा आहेत.<ref>{{cite news |title=Sunity Devi Books |url=https://www.thehindu.com/ |work=[[द हिंदू]] |access-date=२०२६-०८-१५}}</ref> त्यांनी ''बंगाल डॅकॉइट्स अँड टायगर्स'' हा लघुकथा संग्रह देखील लिहिला, जो १९१६ मध्ये कलकत्ता येथील ठाकर, स्पिंक अँड कंपनीने प्रकाशित केला.<ref>{{cite book |last=Devi |first=Sunity |title=Bengal Dacoits and Tigers |publisher=Thacker, Spink & Co. |year=1916}}</ref> त्यांचे शेवटचे प्रकाशन ''द लाइफ ऑफ प्रिन्सेस यशोदरा: वाईफ अँड डिसायपल ऑफ द लॉर्ड बुद्ध'' हे होते, जे लंडन: एल्किन मॅथ्यूज अँड मॅरोट लिमिटेड यांनी १९२९ पहिले प्रकाशित केले व त्यानंतर केसिंगर लेगसी रिप्रिंट्सद्वारे हे पुनर्मुद्रित केले गेले आहे.<ref>{{cite book |last=Devi |first=Sunity |title=The Life of Princess Yashodara: Wife and Disciple of the Lord Buddha |publisher=Elkin Mathews & Marrot |year=1929}}</ref> १९३२ मध्ये [[रांची]] येथे सुनीती देवींचे अचानक निधन झाले.<ref name="books.google.co.in2">{{cite book|url=https://books.google.com/books?id=iUJuAAAAMAAJ&q=suniti+devi+cooch+behar|title=North East India and her Neighbours|publisher=Indian Institute of Oriental Studies and Research|year=1995|pages=21, 24}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी|30em}} [[वर्ग:बंगाल प्रेसिडेन्सीमधील व्यक्ती]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी लेखिका]] [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी]] [[वर्ग:भारतीय समाजसुधारक]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय शिक्षक]] [[वर्ग:बंगाली हिंदू लोक]] [[वर्ग:भारतीय महिला परोपकारी]] [[वर्ग:भारतीय शाळा आणि महाविद्यालयांचे संस्थापक]] [[वर्ग:२०व्या शतकातील भारतीय महिला शैक्षणिक सिद्धांतकार]] [[वर्ग:भारतीय महिला हक्क कार्यकर्ते]] [[वर्ग:भारतीय महिला राजेशाही]] [[वर्ग:कूच बिहार संस्थान]] [[वर्ग:इ.स. १८६४ मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. १९३२ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] cx5i9o4jrh51opmn0dglvw1f4xu9m53 नक्षलबारी उठाव 0 362295 2710888 2697122 2026-09-20T05:31:40Z अभय नातू 206 साचा 2710888 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''नक्षलवाद''' ही भारतातील एक उग्रवादी व सशस्त्र [[माओवाद|माओवादी]] राजकीय विचारप्रणाली आणि चळवळ आहे. [[पश्चिम बंगाल]]मधील [[दार्जिलिंग जिल्हा|दार्जिलिंग जिल्ह्याच्या]] सिलीगुडी उपविभागातील 'नक्षलबारी' या सुमारे २०७ चौ. किमी. क्षेत्राच्या ग्रामीण भागातून या चळवळीची सुरुवात झाली. या भागात प्रामुख्याने [[संथाळ जमात|संथाळ]], ओराओं, मुंडा आणि राजवंशी यांसारख्या आदिवासी जमातींची वस्ती आहे. मे १९६७ मध्ये [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]] पक्षाच्या नक्षलबारी शाखेतील कट्टरपंथी नेत्यांनी मध्यवर्ती नेतृत्वाला डावलून जमीनदारांविरुद्ध आदिवासी आणि शेतमजुरांचा सशस्त्र उठाव घडवून आणला. या घटनेपासून 'नक्षलवाद' या संज्ञेचा उगम झाला.<ref>{{cite web |url=https://vishwakosh.marathi.gov.in/22756/ |title=नक्षलवाद आणि डावा उग्रवाद |website=मराठी विश्वकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ |access-date=19 September 2026}}</ref> "सशस्त्र क्रांतीने सत्ता संपादन" आणि "[[माओ त्झ-तोंग]] हे आमचे प्रमुख" या घोषणांसह सुरू झालेल्या या चळवळीने सुरुवातीलाच देशाचे लक्ष वेधून घेतले. [[चारू मजुमदार]], [[कानू सन्याल]] आणि [[जंगल संथाळ]] हे या सुरुवातीच्या उठावाचे मुख्य सूत्रधार होते. == पार्श्वभूमी == स्वातंत्र्योत्तर भारतात विशेषतः ग्रामीण आणि आदिवासी भागांत जमिनीचे असमान वाटप, [[जमीनदारी पद्धत]], धनदांडग्यांकडून होणारे आर्थिक शोषण आणि प्रशासकीय अनास्था यांमुळे मोठा असंतोष निर्माण झाला होता. पश्चिम बंगालमधील नक्षलबारी भागात [[संथाळ जमात|संथाळ]] आदिवासी आणि कुळ म्हणून काम करणाऱ्या शेतकऱ्यांवर स्थानिक जमीनदारांकडून होणाऱ्या अन्यायाविरुद्ध असंतोष खदखदता होता.<ref>{{cite book |last=Banerjee |first=Sumanta |title=In the Wake of Naxalbari: A History of the Naxalbite Movement in India |publisher=Subarnarekha |year=1980}}</ref> १९६० च्या दशकात साम्यवादी चळवळीत दोन प्रवाह निर्माण झाले. एक संसदीय मार्गाने सत्ता मिळवण्याचा आणि दुसरा सशस्त्र क्रांतीचा पुरस्कार करणारा. चीन-भारत युद्ध (१९६२) आणि चिनी कम्युनिस्ट पक्षाच्या प्रभावातून भाकपमधील कट्टरवादी माओवादी गट बाहेर पडला. या गटाने भारतीय कृषी-संस्कृतीत शोषणावर मात करण्यासाठी माओवादी धोरणाचा स्वीकार करून सशस्त्र लढा हाच एकमेव मार्ग असल्याचे मानले. या सामाजिक-आर्थिक पार्श्वभूमीतून १९६७ च्या नक्षलबारी उठावाची पायाभरणी झाली. == चळवळीच्या विकासाचे टप्पे == नक्षलवादी चळवळीचा विकास प्रामुख्याने खालील पाच टप्प्यांतून झाल्याचे दिसून येते: === पहिला टप्पा (१९६७): नक्षलबारी उठाव === पश्चिम बंगालमध्ये संयुक्त आघाडीचे सरकार अधिकारावर असताना मे १९६७ मध्ये हा उठाव झाला. हा पहिला लढा सुमारे दोन महिने टिकला. जुलै १९६७ मध्ये राज्य सरकारने पोलीस कारवाईद्वारे या बंडाचा बीमोड केला व मुख्य सूत्रधार [[चारू मजुमदार]], [[कानू सन्याल]] आणि [[जंगल संथाळ]] यांना अटक केली; तथापि काही महिन्यांनंतर त्यांची सुटका करण्यात आली. === दुसरा टप्पा (१९६८-१९६९): पक्षाची स्थापना === नोव्हेंबर १९६८ मध्ये [[आंध्र प्रदेश]]ातील श्रीकाकुलम् भागात आदिवासींचा असाच सशस्त्र उठाव घडवून आणला गेला. एप्रिल १९६९ मध्ये उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, केरळ व पश्चिम बंगालमधील नक्षलवादी गटांना एकत्र करून [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)]] (भाकप-माले) या स्वतंत्र पक्षाची स्थापना झाली. चारू मजुमदार या पक्षाचे सरचिटणीस व मुख्य सैद्धांतिक बनले. संसदीय राजकारणावर पूर्ण बहिष्कार टाकून केवळ ग्रामीण भागातील सशस्त्र लढ्याद्वारे सत्ता काबीज करणे हे या पक्षाचे ध्येय होते. === तिसरा टप्पा (१९६९-१९७०): 'वर्गशत्रूंचा संहार' === या टप्प्यात नक्षलवाद्यांनी ग्रामीण भागात 'लाल तळ' स्थापन करणे आणि 'वर्गशत्रूंचा निःपात' (वैयक्तिक पद्धतीचे खून) करण्याचा कार्यक्रम हाती घेतला. आंध्र प्रदेशातील पार्वतीपूरम् आणि पश्चिम बंगालमधील डेब्रा व गोपीबल्लभपूर भागात उठाव करण्यात आले. स्थानिक जमीनदार, सावकार आणि पोलिसांचे खबरी ठरवून लोकांचे वैयक्तिक खून करणे हे या धोरणाचे स्वरूप होते. १९७० च्या मध्यापर्यंत सरकारने हे उठाव मोडून काढले. === चौथा टप्पा (१९७०-१९७१): शहरी हिंस्र कारवाया === हा टप्पा प्रामुख्याने [[कोलकाता|कोलकाता]] शहर आणि उपनगरांमध्ये केंद्रित होता. नक्षलवाद्यांनी शाळा-महाविद्यालयांवर छापे टाकून नासधूस करणे, परीक्षांवर बहिष्कार घालणे आणि मान्यवर नेत्यांच्या पुतळ्यांचा विध्वंस करणे सुरु केले. त्यानंतर शहरातही 'वर्गशत्रूंचा संहार' धोरण राबवून निःशस्त्र पोलीस, छोटे व्यापारी आणि राजकीय विरोधकांचे (विशेषतः भाकप-मा मधील कार्यकर्ते) खून केले गेले. === पाचवा टप्पा (१९७१-१९७२): फाटाफूट आणि ऱ्हास === अति-हिंसक धोरणांमुळे चळवळीत तीव्र मतभेद निर्माण झाले. उत्तर प्रदेश आणि बिहारमधील गटांनी पक्षापासून फारकत घेतली. सुशीतल रॉयचौधरी यांसारख्या वरिष्ठ नेत्यांचा चारू मजुमदार यांच्या धोरणांवरून भ्रमनिरास झाला. अंतर्गत संघर्ष आणि पोलिसांची कठोर कारवाई यांमुळे चळवळ कमकुवत झाली. मार्च १९७१ मध्ये सुशीतल रॉयचौधरी यांचे निधन झाले. जुलै १९७२ मध्ये चारू मजुमदार यांना अटक झाली आणि तुरुंगातच त्यांचे निधन झाले. यासोबतच पहिल्या पिढीच्या नक्षलवादी चळवळीचा ऱ्हास झाला. == वैचारिक भूमिका आणि टीका == नक्षलवादाला सामान्यतः भारतातील माओवाद म्हणून ओळखले जाते. त्यांची विचारप्रणाली [[मार्क्सवाद]], [[लेनिनवाद]] आणि [[माओवाद]] यांवर आधारित असल्याचा दावा केला जातो; परंतु अनेक राजकीय विश्लेषकांच्या मते, नक्षलवाद्यांचे तंत्र हे माओच्या मूळ 'जनयुद्धाच्या' (People's War) सिद्धांतापेक्षा भिन्न आणि भ्रष्ट स्वरूपाचे होते.<ref>{{cite book |last=Chakrabarty |first=Bidyut |title=Communism in India: Events, Processes and Ideologies |publisher=Oxford University Press |year=2014 |isbn=978-0199974894}}</ref> * **वैयक्तिक दहशतवाद:** माओने जनसंगठन आणि व्यापक जनआंदोलनावर भर दिला होता, तर चारू मजुमदार यांनी जनसंघटनांना डावलून केवळ 'वर्गशत्रूंच्या वैयक्तिक हत्येला' क्रांतीचे साधन मानले. * **पक्षनियंत्रणाचा अभाव:** माओच्या तत्त्वानुसार "पक्षाचे बंदुकीवर नियंत्रण असावे", परंतु नक्षलवाद्यांची गनिमी पथके पक्षाच्या राजकीय हस्तक्षेपापासून पूर्णपणे अनियंत्रित आणि स्वतंत्रपणे काम करू लागली. * **संसदीय पद्धतीवर बहिष्कार:** लोकशाही प्रक्रिया आणि कामगार-शेतकऱ्यांचे सनदशीर आर्थिक लढे पूर्णपणे नाकारल्यामुळे ही चळवळ मूळ जनप्रवाहापासून तुटली आणि वैयक्तिक हिंसेपुरती मर्यादित राहिली. == दीर्घकालीन प्रभाव आणि आधुनिक स्वरूप == १९७० च्या दशकातील ऱ्हासानंतरही नक्षलवादी चळवळ पूर्णपणे संपुष्टात आली नाही. १९८० आणि १९९० च्या दशकात विविध गटांचे पुनर्गठन झाले. * **माओवादी पक्षाची स्थापना (२००४):** २००४ मध्ये 'पार्टी युनिटी', 'पीपल्स वॉर ग्रुप' (PWG) आणि 'माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर' (MCC) हे प्रमुख गट एकत्र आले आणि [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (माओवादी)]] या बंदी घातलेल्या संघटनेची स्थापना झाली.<ref>{{cite news |title=Maoist Centre, PW Merge to Form New Party |url=https://www.thehindu.com/ |work=The Hindu |date=14 October 2004 |access-date=19 September 2026}}</ref> * **रेड कॉरिडॉर (लाल पट्टा):** चळवळीचा प्रभाव पूर्व आणि मध्य भारतातील पसरा-छत्तीसगड, झारखंड, ओडिशा, बिहार, महाराष्ट्र (गडचिरोली) आणि आंध्र प्रदेश या राज्यांतील दुर्गम आदिवासी भागांत निर्माण झाला. या पट्ट्याला 'रेड कॉरिडॉर' म्हणून ओळखले जाऊ लागले. * **सुरक्षेपुढील आव्हान:** भारताच्या केंद्र सरकारने डाव्या उग्रवादाला (Left Wing Extremism) देशाच्या अंतर्गत सुरक्षेपुढील सर्वांत मोठे आव्हान घोषित केले. सुरक्षा दलांवरील आत्मघाती हल्ले, आयईडी स्फोट आणि पायाभूत सुविधांची नासधूस ही आधुनिक नक्षलवादाची प्रमुख लक्षणे बनली. * **विकास आणि आत्मसमर्पण धोरण:** केंद्र आणि राज्य सरकारांनी नक्षलग्रस्त भागांत 'सुरक्षा आणि विकास' असे दुहेरी धोरण राबवले. रस्ते, दळणवळण, आदिवासी कल्याण योजना आणि आकर्षक पुनर्वसन व आत्मसमर्पण योजनांमुळे गेल्या दोन दशकांत नक्षलवादी हिंसाचारात आणि त्यांच्या प्रभावाखालील क्षेत्रात मोठी घट झाली आहे. == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{मराठी विश्वकोश|२२७५६|नक्षलवाद आणि डावा उग्रवाद}} [[वर्ग:नक्षलवादी चळवळ]] [[वर्ग:भारतातील साम्यवाद]] [[वर्ग:पश्चिम बंगालचा इतिहास]] lho0hh83n3tcefqqlt2kyiasnsr8zta 2710889 2710888 2026-09-20T05:31:41Z KiranBOT II 140753 शुद्धलेखन — योग्य उकार ([[सदस्य:KiranBOT II/typos#योग्य उकार|अधिक माहिती]]) 2710889 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''नक्षलवाद''' ही भारतातील एक उग्रवादी व सशस्त्र [[माओवाद|माओवादी]] राजकीय विचारप्रणाली आणि चळवळ आहे. [[पश्चिम बंगाल]]मधील [[दार्जिलिंग जिल्हा|दार्जिलिंग जिल्ह्याच्या]] सिलीगुडी उपविभागातील 'नक्षलबारी' या सुमारे २०७ चौ. किमी. क्षेत्राच्या ग्रामीण भागातून या चळवळीची सुरुवात झाली. या भागात प्रामुख्याने [[संथाळ जमात|संथाळ]], ओराओं, मुंडा आणि राजवंशी यांसारख्या आदिवासी जमातींची वस्ती आहे. मे १९६७ मध्ये [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी)]] पक्षाच्या नक्षलबारी शाखेतील कट्टरपंथी नेत्यांनी मध्यवर्ती नेतृत्वाला डावलून जमीनदारांविरुद्ध आदिवासी आणि शेतमजुरांचा सशस्त्र उठाव घडवून आणला. या घटनेपासून 'नक्षलवाद' या संज्ञेचा उगम झाला.<ref>{{cite web |url=https://vishwakosh.marathi.gov.in/22756/ |title=नक्षलवाद आणि डावा उग्रवाद |website=मराठी विश्वकोश |publisher=महाराष्ट्र राज्य मराठी विश्वकोश निर्मिती मंडळ |access-date=19 September 2026}}</ref> "सशस्त्र क्रांतीने सत्ता संपादन" आणि "[[माओ त्झ-तोंग]] हे आमचे प्रमुख" या घोषणांसह सुरू झालेल्या या चळवळीने सुरुवातीलाच देशाचे लक्ष वेधून घेतले. [[चारू मजुमदार]], [[कानू सन्याल]] आणि [[जंगल संथाळ]] हे या सुरुवातीच्या उठावाचे मुख्य सूत्रधार होते. == पार्श्वभूमी == स्वातंत्र्योत्तर भारतात विशेषतः ग्रामीण आणि आदिवासी भागांत जमिनीचे असमान वाटप, [[जमीनदारी पद्धत]], धनदांडग्यांकडून होणारे आर्थिक शोषण आणि प्रशासकीय अनास्था यांमुळे मोठा असंतोष निर्माण झाला होता. पश्चिम बंगालमधील नक्षलबारी भागात [[संथाळ जमात|संथाळ]] आदिवासी आणि कुळ म्हणून काम करणाऱ्या शेतकऱ्यांवर स्थानिक जमीनदारांकडून होणाऱ्या अन्यायाविरुद्ध असंतोष खदखदता होता.<ref>{{cite book |last=Banerjee |first=Sumanta |title=In the Wake of Naxalbari: A History of the Naxalbite Movement in India |publisher=Subarnarekha |year=1980}}</ref> १९६० च्या दशकात साम्यवादी चळवळीत दोन प्रवाह निर्माण झाले. एक संसदीय मार्गाने सत्ता मिळवण्याचा आणि दुसरा सशस्त्र क्रांतीचा पुरस्कार करणारा. चीन-भारत युद्ध (१९६२) आणि चिनी कम्युनिस्ट पक्षाच्या प्रभावातून भाकपमधील कट्टरवादी माओवादी गट बाहेर पडला. या गटाने भारतीय कृषी-संस्कृतीत शोषणावर मात करण्यासाठी माओवादी धोरणाचा स्वीकार करून सशस्त्र लढा हाच एकमेव मार्ग असल्याचे मानले. या सामाजिक-आर्थिक पार्श्वभूमीतून १९६७ च्या नक्षलबारी उठावाची पायाभरणी झाली. == चळवळीच्या विकासाचे टप्पे == नक्षलवादी चळवळीचा विकास प्रामुख्याने खालील पाच टप्प्यांतून झाल्याचे दिसून येते: === पहिला टप्पा (१९६७): नक्षलबारी उठाव === पश्चिम बंगालमध्ये संयुक्त आघाडीचे सरकार अधिकारावर असताना मे १९६७ मध्ये हा उठाव झाला. हा पहिला लढा सुमारे दोन महिने टिकला. जुलै १९६७ मध्ये राज्य सरकारने पोलीस कारवाईद्वारे या बंडाचा बीमोड केला व मुख्य सूत्रधार [[चारू मजुमदार]], [[कानू सन्याल]] आणि [[जंगल संथाळ]] यांना अटक केली; तथापि काही महिन्यांनंतर त्यांची सुटका करण्यात आली. === दुसरा टप्पा (१९६८-१९६९): पक्षाची स्थापना === नोव्हेंबर १९६८ मध्ये [[आंध्र प्रदेश]]ातील श्रीकाकुलम् भागात आदिवासींचा असाच सशस्त्र उठाव घडवून आणला गेला. एप्रिल १९६९ मध्ये उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, केरळ व पश्चिम बंगालमधील नक्षलवादी गटांना एकत्र करून [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)]] (भाकप-माले) या स्वतंत्र पक्षाची स्थापना झाली. चारू मजुमदार या पक्षाचे सरचिटणीस व मुख्य सैद्धांतिक बनले. संसदीय राजकारणावर पूर्ण बहिष्कार टाकून केवळ ग्रामीण भागातील सशस्त्र लढ्याद्वारे सत्ता काबीज करणे हे या पक्षाचे ध्येय होते. === तिसरा टप्पा (१९६९-१९७०): 'वर्गशत्रूंचा संहार' === या टप्प्यात नक्षलवाद्यांनी ग्रामीण भागात 'लाल तळ' स्थापन करणे आणि 'वर्गशत्रूंचा निःपात' (वैयक्तिक पद्धतीचे खून) करण्याचा कार्यक्रम हाती घेतला. आंध्र प्रदेशातील पार्वतीपूरम् आणि पश्चिम बंगालमधील डेब्रा व गोपीबल्लभपूर भागात उठाव करण्यात आले. स्थानिक जमीनदार, सावकार आणि पोलिसांचे खबरी ठरवून लोकांचे वैयक्तिक खून करणे हे या धोरणाचे स्वरूप होते. १९७० च्या मध्यापर्यंत सरकारने हे उठाव मोडून काढले. === चौथा टप्पा (१९७०-१९७१): शहरी हिंस्र कारवाया === हा टप्पा प्रामुख्याने [[कोलकाता|कोलकाता]] शहर आणि उपनगरांमध्ये केंद्रित होता. नक्षलवाद्यांनी शाळा-महाविद्यालयांवर छापे टाकून नासधूस करणे, परीक्षांवर बहिष्कार घालणे आणि मान्यवर नेत्यांच्या पुतळ्यांचा विध्वंस करणे सुरू केले. त्यानंतर शहरातही 'वर्गशत्रूंचा संहार' धोरण राबवून निःशस्त्र पोलीस, छोटे व्यापारी आणि राजकीय विरोधकांचे (विशेषतः भाकप-मा मधील कार्यकर्ते) खून केले गेले. === पाचवा टप्पा (१९७१-१९७२): फाटाफूट आणि ऱ्हास === अति-हिंसक धोरणांमुळे चळवळीत तीव्र मतभेद निर्माण झाले. उत्तर प्रदेश आणि बिहारमधील गटांनी पक्षापासून फारकत घेतली. सुशीतल रॉयचौधरी यांसारख्या वरिष्ठ नेत्यांचा चारू मजुमदार यांच्या धोरणांवरून भ्रमनिरास झाला. अंतर्गत संघर्ष आणि पोलिसांची कठोर कारवाई यांमुळे चळवळ कमकुवत झाली. मार्च १९७१ मध्ये सुशीतल रॉयचौधरी यांचे निधन झाले. जुलै १९७२ मध्ये चारू मजुमदार यांना अटक झाली आणि तुरुंगातच त्यांचे निधन झाले. यासोबतच पहिल्या पिढीच्या नक्षलवादी चळवळीचा ऱ्हास झाला. == वैचारिक भूमिका आणि टीका == नक्षलवादाला सामान्यतः भारतातील माओवाद म्हणून ओळखले जाते. त्यांची विचारप्रणाली [[मार्क्सवाद]], [[लेनिनवाद]] आणि [[माओवाद]] यांवर आधारित असल्याचा दावा केला जातो; परंतु अनेक राजकीय विश्लेषकांच्या मते, नक्षलवाद्यांचे तंत्र हे माओच्या मूळ 'जनयुद्धाच्या' (People's War) सिद्धांतापेक्षा भिन्न आणि भ्रष्ट स्वरूपाचे होते.<ref>{{cite book |last=Chakrabarty |first=Bidyut |title=Communism in India: Events, Processes and Ideologies |publisher=Oxford University Press |year=2014 |isbn=978-0199974894}}</ref> * **वैयक्तिक दहशतवाद:** माओने जनसंगठन आणि व्यापक जनआंदोलनावर भर दिला होता, तर चारू मजुमदार यांनी जनसंघटनांना डावलून केवळ 'वर्गशत्रूंच्या वैयक्तिक हत्येला' क्रांतीचे साधन मानले. * **पक्षनियंत्रणाचा अभाव:** माओच्या तत्त्वानुसार "पक्षाचे बंदुकीवर नियंत्रण असावे", परंतु नक्षलवाद्यांची गनिमी पथके पक्षाच्या राजकीय हस्तक्षेपापासून पूर्णपणे अनियंत्रित आणि स्वतंत्रपणे काम करू लागली. * **संसदीय पद्धतीवर बहिष्कार:** लोकशाही प्रक्रिया आणि कामगार-शेतकऱ्यांचे सनदशीर आर्थिक लढे पूर्णपणे नाकारल्यामुळे ही चळवळ मूळ जनप्रवाहापासून तुटली आणि वैयक्तिक हिंसेपुरती मर्यादित राहिली. == दीर्घकालीन प्रभाव आणि आधुनिक स्वरूप == १९७० च्या दशकातील ऱ्हासानंतरही नक्षलवादी चळवळ पूर्णपणे संपुष्टात आली नाही. १९८० आणि १९९० च्या दशकात विविध गटांचे पुनर्गठन झाले. * **माओवादी पक्षाची स्थापना (२००४):** २००४ मध्ये 'पार्टी युनिटी', 'पीपल्स वॉर ग्रुप' (PWG) आणि 'माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर' (MCC) हे प्रमुख गट एकत्र आले आणि [[भारतीय कम्युनिस्ट पक्ष (माओवादी)]] या बंदी घातलेल्या संघटनेची स्थापना झाली.<ref>{{cite news |title=Maoist Centre, PW Merge to Form New Party |url=https://www.thehindu.com/ |work=The Hindu |date=14 October 2004 |access-date=19 September 2026}}</ref> * **रेड कॉरिडॉर (लाल पट्टा):** चळवळीचा प्रभाव पूर्व आणि मध्य भारतातील पसरा-छत्तीसगड, झारखंड, ओडिशा, बिहार, महाराष्ट्र (गडचिरोली) आणि आंध्र प्रदेश या राज्यांतील दुर्गम आदिवासी भागांत निर्माण झाला. या पट्ट्याला 'रेड कॉरिडॉर' म्हणून ओळखले जाऊ लागले. * **सुरक्षेपुढील आव्हान:** भारताच्या केंद्र सरकारने डाव्या उग्रवादाला (Left Wing Extremism) देशाच्या अंतर्गत सुरक्षेपुढील सर्वांत मोठे आव्हान घोषित केले. सुरक्षा दलांवरील आत्मघाती हल्ले, आयईडी स्फोट आणि पायाभूत सुविधांची नासधूस ही आधुनिक नक्षलवादाची प्रमुख लक्षणे बनली. * **विकास आणि आत्मसमर्पण धोरण:** केंद्र आणि राज्य सरकारांनी नक्षलग्रस्त भागांत 'सुरक्षा आणि विकास' असे दुहेरी धोरण राबवले. रस्ते, दळणवळण, आदिवासी कल्याण योजना आणि आकर्षक पुनर्वसन व आत्मसमर्पण योजनांमुळे गेल्या दोन दशकांत नक्षलवादी हिंसाचारात आणि त्यांच्या प्रभावाखालील क्षेत्रात मोठी घट झाली आहे. == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} == बाह्य दुवे == * {{मराठी विश्वकोश|२२७५६|नक्षलवाद आणि डावा उग्रवाद}} [[वर्ग:नक्षलवादी चळवळ]] [[वर्ग:भारतातील साम्यवाद]] [[वर्ग:पश्चिम बंगालचा इतिहास]] 2bpmvngc6nq4szh662b11rv3fx7rh1k रॉयल गोल्ड वाइल्डर 0 370151 2710761 2610792 2026-09-19T14:37:12Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710761 wikitext text/x-wiki {{Infobox person|honorific_prefix=[[The Reverend]]|name=Royal Gould Wilder|image=Rev.Royal Gould Wilder.png|birth_date={{birth date |1816|10|27|df=y}}|birth_place=[[Bridport, Vermont|Bridport]], [[Vermont]]|death_date={{Death date and age|1887|10|10|1816|10|27|df=y}}|death_place=[[New York City]]}}रेव्हरंड '''रॉयल गोल्ड वायल्डर''' (२७ ऑक्टोबर १८१६){{Spaced en dash}} १० ऑक्टोबर १८८७) हे [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेतील]] एक ख्रिश्चन मिशनरी होते. त्यांनी १८४६ ते १८६० पर्यंत अमेरिकन बोर्ड ऑफ कमिशनर्स फॉर फॉरेन मिशन्समध्ये [[कोल्हापूर संस्थान|कोल्हापूरच्या]] मिशन मध्ये काम केले, १८६२ ते १८७० पर्यंत स्वतंत्र मिशनरी म्हणून आणि शेवटी १८७० ते १८७५ पर्यंत अमेरिकन प्रेस्बिटेरियन मिशन अंतर्गत काम केले. <ref name="Shneider-1986">{{जर्नल स्रोत|last=Shneider|first=Robert|date=1986|title=Royal G. Wilder: New School Missionary in the ABCFM, 1846-1871|journal=American Presbyterians|volume=64|issue=2|pages=73–82|jstor=23330724}}</ref> रॉयल गोल्ड यांनी त्यांच्या पत्नी एलिझाबेथ जेन स्मिथ यांच्यासोबत कोल्हापूर संस्थान क्षेत्रात पद्धतशीर शिक्षणाचा पाया घातला आणि संस्थानमध्ये आठ शाळा स्थापन केल्या <ref name="Wilder-2022">{{स्रोत पुस्तक|title=Mission Schools in India of the American Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bod Third Party Titles|year=2022|isbn=9783375055639|location=New York|language=English}}</ref> १८५३ मध्ये त्यांनी [[कोल्हापूर|कोल्हापूर येथील]] वायल्डर मेमोरियल चर्चची स्थापना केली. <ref name="Wilder-2022">{{स्रोत पुस्तक|title=Mission Schools in India of the American Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bod Third Party Titles|year=2022|isbn=9783375055639|location=New York|language=English}}</ref> <ref name="Shneider-1986">{{जर्नल स्रोत|last=Shneider|first=Robert|date=1986|title=Royal G. Wilder: New School Missionary in the ABCFM, 1846-1871|journal=American Presbyterians|volume=64|issue=2|pages=73–82|jstor=23330724}}</ref> <ref name="Sherwood-1888">{{जर्नल स्रोत|last=Sherwood|first=James|date=January 1888|title=IN MEMORIAM: REV. ROYAL GOULD WILDER.|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=mdp.39015074646491&seq=8|journal=Missionary Review of the World|volume=11|issue=1|pages=7|via=Hathitrust}}</ref> == सुरुवातीचे जीवन आणि शिक्षण == रॉयल गोल्ड वायल्डर यांचा जन्म २७ ऑक्टोबर १८१६ रोजी एबेल वायल्डर आणि हन्ना पेन यांच्या पोटी झाला <ref name="Wilder-2021">{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=YxlMAQAAIAAJ|title=Book of the Wilders|last=Wilder|first=Moses|publisher=Edward O.Jenkins|year=2021|isbn=9780608358529|pages=274}}</ref> ते अमेरिकन शेतकरी अल्मांझो वायल्डर आणि त्याचा भाऊ गोल्ड वायल्डर यांचे काका होते, ज्यांनी नंतरचे नाव त्याच्या नावावर ठेवले. त्यांचे वडील एबेल वायल्डर [[पोर्टलंड (मेन)|पोर्टलँडमध्ये]] जहाज-सुतार म्हणून काम करत होते. <ref name="Wilder-2021" /> लहानपणी, रॉयल गोल्डला ख्रिश्चन धर्माचे खूप आकर्षण होते आणि वयाच्या १३ व्या वर्षी एका पुनरुज्जीवन सभेदरम्यान त्यांनी समर्पण केले. <ref name="Shneider-1986">{{जर्नल स्रोत|last=Shneider|first=Robert|date=1986|title=Royal G. Wilder: New School Missionary in the ABCFM, 1846-1871|journal=American Presbyterians|volume=64|issue=2|pages=73–82|jstor=23330724}}</ref> <ref name="Sherwood-1888">{{जर्नल स्रोत|last=Sherwood|first=James|date=January 1888|title=IN MEMORIAM: REV. ROYAL GOULD WILDER.|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=mdp.39015074646491&seq=8|journal=Missionary Review of the World|volume=11|issue=1|pages=7|via=Hathitrust}}</ref> त्यांनी व्हरमाँटच्या मिडलबरी कॉलेजमध्ये शिक्षण घेतले आणि त्यांच्या वर्गात अव्वल क्रमांकाने उत्तीर्ण झाले. <ref name="Shneider-1986" /> वायल्डरवर हेस्टॅक प्रार्थना सभेचाही प्रभाव पडला आणि त्यांनी अविश्वासूंसाठी मिशनरी होण्याचा निर्णय घेतला. अँडोव्हर थिऑलॉजिकल सेमिनरीमध्ये सामील होण्यापूर्वी त्यांनी २ वर्षे अध्यापन केले. <ref name="Shneider-1986">{{जर्नल स्रोत|last=Shneider|first=Robert|date=1986|title=Royal G. Wilder: New School Missionary in the ABCFM, 1846-1871|journal=American Presbyterians|volume=64|issue=2|pages=73–82|jstor=23330724}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=iUgsAAAAYAAJ|title=General Catalogue of the Theological Seminary, Andover|publisher=Harvard University|year=1908}}</ref> अँडोव्हरमध्ये असताना वायल्डर सोसायटी ऑफ इन्क्वायरी ऑन मिशन्स <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://s3.amazonaws.com/arwentz/docs/Seminary+Archives/Finding+Aids/Society-of-Inquiry-on-Missions_Seminary-Archives_Gettysburg.pdf|title=Society of Inquiry on Missions|last=Joy|first=Sheila|date=May 2016|website=Archives at Wentz Library, Gettysburg: Seminary Archives|publisher=[[United Lutheran Seminary]]}}</ref> तसेच अधिक गुप्त "सोसायटी ऑफ द ब्रदरन" <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Protestant America and the Pagan World: The First Half Century of the American Board of Commissioners for Foreign Missions, 1810–1860|last=Philips|first=Clifton|publisher=Harvard University|year=2020|isbn=978-1-68417-163-7|pages=32–56|jstor=j.ctt1tg5hng.7}}</ref> चा भाग होता. == मिशनरी म्हणून जीवन == === एबीसीएफएमसह मिशनरी (१८४६-१८६१) === रॉयल गोल्ड वायल्डर त्यांच्या पत्नी एलिझाबेथसह अमेरिकन बोर्ड ऑफ कमिशनर्स फॉर फॉरेन मिशन्समध्ये मिशनरी म्हणून सामील झाले आणि १८४६ मध्ये ते सॅम्युअल बी. फेअरबँकसह भारतात रवाना झाले. <ref name="Clark-1876">{{स्रोत पुस्तक|title=Centennial Souvenir of the Marathi Mission of the American Board of Commissioners for Foreign Missions 1813-1913|last=Clark|first=A.H|publisher=American Marathi Mission|year=1876|pages=47}}</ref> ते [[महाराष्ट्र|महाराष्ट्रातील]] [[अहिल्यानगर|अहमदनगर]] येथे आले जिथे त्यांनी १९४६ ते १९५२ दरम्यान ६ वर्षे मिशनरी आणि शिक्षक म्हणून काम केले <ref name="Clark-1876">{{स्रोत पुस्तक|title=Centennial Souvenir of the Marathi Mission of the American Board of Commissioners for Foreign Missions 1813-1913|last=Clark|first=A.H|publisher=American Marathi Mission|year=1876|pages=47}}</ref> अहमदनगर येथे त्यांनी पूर्वीच्या अमेरिकन मिशनरी सिंथिया फरारकडून बरेच काही शिकले. वायल्डर यांना अहमदनगर येथील बोर्डिंग स्कूलची जबाबदारी देण्यात आली आणि अहमदनगरमधील सहा प्राथमिक शाळांची जबाबदारीही त्यांच्याकडे होती. त्यांनी जवळच्या गावांमध्ये वीस शाळा स्थापन करण्याचे काम देखील पाहिले. <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Encyclopedia of Christianity in the United States|last=Marty|first=Martin|date=November 10, 2016|publisher=Rowman & Littlefield Publishers|isbn=9781442244320|pages=2477}}</ref> वायल्डर यांच्या दृढ विश्वासांमुळे आणि दृढ दृष्टिकोनामुळे त्यांना प्रशासन आणि मंडळाशी संघर्ष करावा लागला. त्यांची एक नवीन मिशन स्थापन करण्यासाठी कोल्हापूरला बदली करण्यात आली. <ref name="Wilder-2022">{{स्रोत पुस्तक|title=Mission Schools in India of the American Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bod Third Party Titles|year=2022|isbn=9783375055639|location=New York|language=English}}</ref> रॉयल गोल्ड वायल्डर यांना [[महाराष्ट्र|महाराष्ट्रातील]] [[कोल्हापूर]] येथे एक नवीन मिशन स्टेशन स्थापन करण्याचे काम देण्यात आले होते जिथे पूर्वी कोणतेही मिशनरी अस्तित्व नव्हते - सर्वात जवळचे स्टेशन [[सातारा]] येथे होते, सुमारे 60 मैल अंतरावर होते आणि प्रवासाच्या अडचणींमुळे तेथे पोहोचणे कठीण झाले होते. वायल्डर आणि त्यांची पत्नी 4 डिसेंबर 1852 रोजी [[रंकाळा तलाव|रंकाळा तलावाजवळील]] एका लष्करी बंगल्यात राहत कोल्हापुरात आले. <ref name="Wilder-2022">{{स्रोत पुस्तक|title=Mission Schools in India of the American Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bod Third Party Titles|year=2022|isbn=9783375055639|location=New York|language=English}}</ref> त्याच्या आगमनानंतर, स्थानिक धार्मिक नेत्यांनी कोल्हापूरचे राजा [[शिवाजी पाचवे|शिवाजी (IV)]]<nowiki/>यांना त्याला हाकलून लावण्याची विनंती केली. परंतु वायल्डरच्या शैक्षणिक कार्याला पाठिंबा देणारे राजकीय अधीक्षक मेजर डग्लस ग्राहम यांच्याशी सल्लामसलत केल्यानंतर, राजाने विरोधकांना बाजूला सारले, ज्यामुळे मिशनऱ्यांबद्दलच्या धोरणात बदल झाला. <ref name="Wilder-2022">{{स्रोत पुस्तक|title=Mission Schools in India of the American Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bod Third Party Titles|year=2022|isbn=9783375055639|location=New York|language=English}}</ref> लवकरच या मिशनचा प्रभाव शिक्षणापलीकडे गेला. दोन [[ब्राह्मण (वर्ण)|ब्राह्मण]] शिक्षकांनी बाप्तिस्मा घेण्यास उत्सुकता दाखवली आणि पहिला बाप्तिस्मा गोविंद अप्पा चव्हाण यांनी घेतला, जे राजाचे दूरचे नातेवाईक आणि एका राजेशाही कुटुंबातील सदस्य होते. ५ एप्रिल १८५७ रोजी त्यांचा बाप्तिस्मा झाला. हाच दिवस वायल्डर मेमोरियल चर्चचा स्थापना दिन मानला जातो. <ref name="Wilder-2022">{{स्रोत पुस्तक|title=Mission Schools in India of the American Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bod Third Party Titles|year=2022|isbn=9783375055639|location=New York|language=English}}</ref> रुफस अँडरसन कमिशनच्या अधीन असलेल्या एबीसीएफएम बोर्डाने काही कारणांमुळे सर्व शैक्षणिक काम थांबवण्याची आणि कोल्हापूर मिशन बंद करण्याची शिफारस केली. मिशन हे ब्रिटिश अधिकाराबाहेर असल्याने, कोल्हापूर [[शाहू महाराज|शाहू महाराजांच्या]] कुटुंबाच्या स्वतंत्र राजवटीखाली होते. <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=The Story of the American Board An Account of the First Hundred Years of the American Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Strong|first=William Ellsworth|publisher=Pilgrim Press|year=1910|edition=1st|pages=175|language=en}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Report of the Deputation to the India Missions Made to the American Board of Commissioners for Foreign Missions, at a Special Meeting, Held in Albany, N.Y., March 4, 1856|url=https://archive.org/details/MN41583ucmf_6|last=American Board of Commissioners for Foreign Missions. Deputation to the India Missions|date=March 4, 1856|publisher=T.R. Marvin|publication-date=March 4, 1856|language=English}}</ref> मिशनमध्ये इंग्रजी भाषेऐवजी स्थानिक भाषेत शिकवण्याबद्दल चर्चा झाली ज्यामध्ये वायल्डर ह्यांनी जलद धर्मांतर करण्याचा प्रयत्न केला नाही परंतु त्याऐवजी, स्थानिक लोकांनी बाप्तिस्मा घेण्यापूर्वी संपूर्ण सुवार्ता समजली पाहिजे यावर भर दिला. <ref name="Wilder-2022">{{स्रोत पुस्तक|title=Mission Schools in India of the American Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bod Third Party Titles|year=2022|isbn=9783375055639|location=New York|language=English}}</ref> त्याचबरोबर वैद्यकीय कारणांमुळे वायल्डर [[अमेरिकेची संयुक्त संस्थाने|अमेरिकेला]] परतले आणि बंद असलेल्या कोल्हापूर मिशनच्या पुनर्स्थापनेसाठी मंडळाला पटवून देण्याचा अयशस्वी प्रयत्न केला. दरम्यान, कोल्हापुरात त्यांनी बांधलेली चर्च इमारत भारतातील मिशनने विकली. <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Wilder|first=Royal Gould|date=2022|publisher=Bod Third Party Titles|isbn=9783375055639|publication-date=1861|pages=250–282|language=English}}</ref> === स्वतंत्र मिशनरी (१८६२-१८७०) === रॉयल गोल्ड वायल्डर यांच्या कार्याचा त्यांच्या प्रेस्बिटेरी आणि समर्थक चर्चकडून ओळख आणि आदर करण्यात आला. एबीसीएफएमने कोल्हापूर मिशन बंद केल्यानंतर, त्यांनी एबीसीएफएम किंवा इतर कोणत्याही मिशनरी बोर्डाकडून पाठिंबा न घेता स्वतंत्रपणे काम सुरू ठेवण्याचा निर्णय घेतला. तथापि, त्यांना अल्बानी सिनॉडमधील प्रेस्बिटेरी ऑफ चॅम्पलेनकडून तसेच त्यांच्या प्रयत्नांबद्दल सहानुभूती दाखवणाऱ्या मित्रांकडून पाठिंबा मिळाला. <ref name="Shneider-1986">{{जर्नल स्रोत|last=Shneider|first=Robert|date=1986|title=Royal G. Wilder: New School Missionary in the ABCFM, 1846-1871|journal=American Presbyterians|volume=64|issue=2|pages=73–82|jstor=23330724}}</ref> वायल्डरना त्याच्या स्वतंत्र मोहिमेत मुंबईचे गव्हर्नर सर बार्टल फ्रेरे, कर्नल फेयरे आणि लीड्सचे रॉबर्ट आर्थिंग्टन यांनीही मदत केली. <ref name="Sherwood-1888">{{जर्नल स्रोत|last=Sherwood|first=James|date=January 1888|title=IN MEMORIAM: REV. ROYAL GOULD WILDER.|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=mdp.39015074646491&seq=8|journal=Missionary Review of the World|volume=11|issue=1|pages=7|via=Hathitrust}}</ref> १८६२ मध्ये वायल्डरने कोल्हापूरमध्ये चर्चची पुनर्स्थापना केली, मूळ जागेजवळ स्वतःच्या खर्चाने एक नवीन इमारत बांधली. वायल्डरचे कोल्हापूरच्या राज्यकर्त्याशी अजूनही चांगले संबंध होते आणि त्यांनी त्यांचे शैक्षणिक कार्य पुन्हा सुरू केले. <ref name="Shneider-1986">{{जर्नल स्रोत|last=Shneider|first=Robert|date=1986|title=Royal G. Wilder: New School Missionary in the ABCFM, 1846-1871|journal=American Presbyterians|volume=64|issue=2|pages=73–82|jstor=23330724}}</ref> ७ वर्षे स्वतंत्रपणे काम केल्यानंतर, वायल्डर १८७० मध्ये अमेरिकेला परतला आणि त्याने आपल्या मिशनचे काम अमेरिकेतील प्रेस्बिटेरियन चर्चकडे सोपवण्याचा निर्णय घेतला. <ref name="Shneider-1986">{{जर्नल स्रोत|last=Shneider|first=Robert|date=1986|title=Royal G. Wilder: New School Missionary in the ABCFM, 1846-1871|journal=American Presbyterians|volume=64|issue=2|pages=73–82|jstor=23330724}}</ref> === अमेरिकन प्रेस्बिटेरियन मिशनसह मिशनरी (१८७०-७५) === अमेरिकेत, न्यू स्कूल प्रेस्बिटेरियन लोकांनी सुरुवातीला एबीसीएफएमसोबत काम केले, तथापि एबीसीएफएमच्या कामकाजाबाबत काही वाद होते, त्यापैकी एक मुद्दा म्हणजे संप्रदाय चर्चची वाढ होऊ न देणे आणि वाइल्डर प्रकरण. <ref name="Shneider-1986">{{जर्नल स्रोत|last=Shneider|first=Robert|date=1986|title=Royal G. Wilder: New School Missionary in the ABCFM, 1846-1871|journal=American Presbyterians|volume=64|issue=2|pages=73–82|jstor=23330724}}</ref> १८६९ पर्यंत, न्यू स्कूल प्रेस्बिटेरियन्स एबीसीएफएमसोबत काम करत होते. १८६९ मध्ये न्यू स्कूल प्रेस्बिटेरियन्स युनायटेड स्टेट्समधील प्रेस्बिटेरियन चर्चशी पुन्हा एकत्र आले आणि वाइल्डरने त्यांचे स्वतंत्र मिशन चर्चला सोपवले आणि १८७० मध्ये पीसीयूएसए मिशनरी म्हणून भारतात परतले. <ref name="Shneider-1986">{{जर्नल स्रोत|last=Shneider|first=Robert|date=1986|title=Royal G. Wilder: New School Missionary in the ABCFM, 1846-1871|journal=American Presbyterians|volume=64|issue=2|pages=73–82|jstor=23330724}}</ref> यावेळी वायल्डर यांच्या सोबत रेव्हरंड गॅलेन डब्ल्यू. सेलर आणि जोसेफ एम. गोहीन सारखे आणखी एक मिशनरी त्यांच्या पत्नींसह सामील झाले; श्रीमती जेजे हल, श्रीमती आरजी वायल्डर आणि मिस ग्रेस ई. वायल्डर. <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=Ko_n9uMF8FUC|title=Annual Report of the Board of Foreign Missions of the Presbyterian Church in the U.S.A.|last=Presbyterian Church in the U.S.A. Board of Foreign Missions|publisher=The Board|year=1888|publication-date=1888}}</ref> तोपर्यंत, मिशनची स्थिती स्थिर होती आणि कोल्हापुरात शिक्षण रुजले होते. कोल्हापूरच्या शासकाने "राजाराम हायस्कूल" नावाची एक नवीन शाळा स्थापन केली होती आणि वायल्डर आता मिशनरी कार्यावर अधिक लक्ष केंद्रित करत होते. <ref name="Wilder-1878">{{जर्नल स्रोत|last=Wilder|first=Royal Gould|date=1878|title=Missionary Review|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=hvd.hng92k&view=1up&seq=1|journal=Missionary Review|volume=1|issue=1|pages=1|via=Hathitrust}}</ref> या काळात एसपीजी मिशन (सोसायटी फॉर द प्रोपगेशन ऑफ द गॉस्पेल) ने देखील कोल्हापूरमध्ये त्यांचे काम सुरू केले होते जे प्रेस्बिटेरियन मिशनऱ्यांच्या कार्याशी विसंगत होते. <ref name="Wilder-1878">{{जर्नल स्रोत|last=Wilder|first=Royal Gould|date=1878|title=Missionary Review|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=hvd.hng92k&view=1up&seq=1|journal=Missionary Review|volume=1|issue=1|pages=1|via=Hathitrust}}</ref> पूर्वीच्या जातींवर आधारित चर्चमध्ये काही गटबाजी देखील होती. वायल्डर यांनी सर्व गट आणि संप्रदायांमध्ये कॅथोलिक ख्रिश्चन धर्म आणि एकतेची भावना विकसित करण्यासाठी काम केले. सुमारे ३० वर्षांच्या मिशनरी सेवेनंतर, आजारपणामुळे आणि मुलांच्या शिक्षणावर लक्ष केंद्रित करण्याच्या गरजेमुळे वायल्डर अखेर १८७५ मध्ये शेवटचे अमेरिकेस परतले. <ref name="Sherwood-1888">{{जर्नल स्रोत|last=Sherwood|first=James|date=January 1888|title=IN MEMORIAM: REV. ROYAL GOULD WILDER.|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=mdp.39015074646491&seq=8|journal=Missionary Review of the World|volume=11|issue=1|pages=7|via=Hathitrust}}</ref> == प्रभाव आणि वारसा == अहमदनगर आणि कोल्हापूरमध्ये शिक्षण क्षेत्रात केलेले काम स्थानिक लोकांच्या आणि विशेषतः मुलींच्या उन्नतीसाठी उपयुक्त ठरले. <ref name="Sherwood-1888">{{जर्नल स्रोत|last=Sherwood|first=James|date=January 1888|title=IN MEMORIAM: REV. ROYAL GOULD WILDER.|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=mdp.39015074646491&seq=8|journal=Missionary Review of the World|volume=11|issue=1|pages=7|via=Hathitrust}}</ref> त्यांच्या ३० वर्षांच्या मिशनरी सेवेत, रॉयल गोल्ड वायल्डर यांनी ३००० हून अधिक गावे, शहरे आणि शहरांमध्ये प्रचार केला, ३,००,००० हून अधिक पानांच्या पत्रिका वाटल्या. त्यांनी ३,३०० हून अधिक विद्यार्थ्यांच्या शिक्षणाची देखरेख केली - त्यापैकी ३०० मुली होत्या. <ref name="Sherwood-1888">{{जर्नल स्रोत|last=Sherwood|first=James|date=January 1888|title=IN MEMORIAM: REV. ROYAL GOULD WILDER.|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=mdp.39015074646491&seq=8|journal=Missionary Review of the World|volume=11|issue=1|pages=7|via=Hathitrust}}</ref> रेव्ह. वायल्डर यांनी सुरू केलेले हे जर्नल - "द मिशनरी रिव्ह्यू ऑफ द वर्ल्ड" हे एक नियतकालिक होते जे १८७८ ते १९३९ पर्यंत प्रकाशित झालेल्या जागतिक स्तरावर प्रोटेस्टंट ख्रिश्चन मिशनरी कार्याचा अहवाल देत असे. ते मिशनरी संस्था आणि ख्रिश्चन धर्माचा प्रसार करण्यात गुंतलेल्या व्यक्तींसाठी माहिती आणि प्रेरणा यांचा एक प्रमुख स्रोत म्हणून काम करत होते. वायल्डर यांनी १८७८ ते १८८७ मध्ये त्यांच्या मृत्यूपर्यंत संपादक म्हणून काम केले. <ref name="Wilder-1878">{{जर्नल स्रोत|last=Wilder|first=Royal Gould|date=1878|title=Missionary Review|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=hvd.hng92k&view=1up&seq=1|journal=Missionary Review|volume=1|issue=1|pages=1|via=Hathitrust}}</ref> वायल्डर यांनी स्थापन केलेले चर्च आज कोल्हापूरमधील '''वाइल्डर मेमोरियल चर्च''' म्हणून ओळखले जाते आणि ते दक्षिण महाराष्ट्रातील सर्वात मोठ्या मंडळींपैकी एक आहे. == प्रकाशने == # जगाचा मिशनरी आढावा <ref name="Wilder-1878">{{जर्नल स्रोत|last=Wilder|first=Royal Gould|date=1878|title=Missionary Review|url=https://babel.hathitrust.org/cgi/pt?id=hvd.hng92k&view=1up&seq=1|journal=Missionary Review|volume=1|issue=1|pages=1|via=Hathitrust}}</ref> # अमेरिकन बोर्ड ऑफ कमिशनर्स फॉर फॉरेन मिशन्सच्या भारतातील मिशन स्कूल्स <ref name="Wilder-2022">{{स्रोत पुस्तक|title=Mission Schools in India of the American Board of Commissioners for Foreign Missions|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bod Third Party Titles|year=2022|isbn=9783375055639|location=New York|language=English}}</ref> # मत्तय आणि मार्क यांच्या शुभवर्तमानांवर भाष्य <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://archive.org/details/commentaryongosp00wild_1/page/n3/mode/2up|title=Commentary on the Gospels of Matthew & Mark|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bombay Tract & Book Society|year=1870|location=Bombay|language=Marathi}}</ref> # लूकच्या मते शुभवर्तमानावरील भाष्य <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://archive.org/details/commentaryongosp00wild/page/n3/mode/2up|title=Commentary on the Gospel according to Luke|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bombay Tract and Book Society|year=1875|language=Marathi}}</ref> # १ इतिहास, ईयोब यांचे इंग्रजीतून मराठीत भाषांतर <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://archive.org/details/memorialpapersof00amer|title=Memorial Papers of the American Marathi Mission, 1813-1881|last=American|first=Marathi Mission|publisher=Education Society Press|year=1882|pages=83|language=English}}</ref> # सॅलिबरी प्लेनचा शेफर्ड - मराठीत अनुवादित <ref name="Clark-1876">{{स्रोत पुस्तक|title=Centennial Souvenir of the Marathi Mission of the American Board of Commissioners for Foreign Missions 1813-1913|last=Clark|first=A.H|publisher=American Marathi Mission|year=1876|pages=47}}</ref> # डेअरीमनची मुलगी - मराठीत अनुवादित <ref name="Clark-1876" /> # श्रद्धेवर - मराठीत अनुवादित <ref name="Clark-1876" /> # प्राण्यांवरील दया या शब्दाचे सुधारित भाषांतर <ref name="Clark-1876" /> # हिंदू धर्मातील भौतिक चुका <ref name="Clark-1876" /> # शास्त्र पुस्तिका - मराठीत अनुवादित <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Scripture Manual|url=https://archive.org/details/scripturemanual00simm_0|last=Wilder|first=Royal Gould|publisher=Bombay tract and book society|year=1857|location=Bombay|publication-date=1857|language=English|trans-title=Pavitra Shastratiil Mukhya Vishay}}</ref> {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:Pages with unreviewed translations]] 8qfyur4g5fvl6gla75rl5j171zc24fj दख्खन सुलतानशाह्या 0 376507 2710787 2705141 2026-09-19T15:16:04Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710787 wikitext text/x-wiki '''दख्खन सुलतानशाह्या''' किंवा '''दख्खन सल्तनती''' ({{Lang-en|''Deccan sultanates''}}) या भारताच्या दक्षिण-मध्य भागातील [[दख्खनचे पठार|दख्खन पठारावरील]] [[कृष्णा नदी]] आणि [[विंध्य पर्वतरांग]] यांच्या मधील प्रदेशात इ.स.च्या १५व्या शतकाच्या अखेरीपासून १६व्या शतकाच्या सुरुवातीस उदयाला आलेल्या पाच राजसत्ता होत्या. या सत्ता [[बहामनी सल्तनत|बहामनी सल्तनतीचे]] विघटन झाल्यानंतर पाच मुस्लिम सरदारांनी स्थापन केल्या.{{sfn|Majumdar|1962|p=269}}{{sfn|Sen|2013|pp=117–119}} [[निजामशाही]], बेरार, बिदर, [[आदिलशाही]] आणि [[कुतुबशाही राजवंश|कुतुबशाही]]{{sfn|Sohoni|2018}} या १४९० पासून १५१२ दरम्यान बहामनी सलतनीतून फुटून निघाल्या. यांतील [[निजामशाही|निजामशाहीने]] १४९० मध्ये सर्वप्रथम स्वातंत्र्य जाहीर केले;<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=oi4nBwAAQBAJ&dq=nizam+ul+mulk+bahri+deccani+faction&pg=PA45 |title=Sultans of Deccan India, 1500–1700 |author=Navina Najat Haidar, Marika Sardar |date=2015 |publisher=Metropolitan Museum of Art |isbn=9780300211108 |page=45}}</ref> त्याच वर्षी [[आदिलशाही]] आणि बेरारनेही स्वातंत्र्य जाहीर केले. बिदर सुमारे १४९२ साली वेगळे झाले,{{sfn|Majumdar|1974|p=412}} तर [[कुतुबशाही]] १५१२ मध्ये स्वतंत्र झाला.<ref>{{EI3|title=Golconda, history |first=Emma|last=Flatt|doi=10.1163/1573-3912_ei3_COM_27501|url=https://referenceworks.brill.com/display/entries/EI3O/COM-27501.xml|date=2016}} </ref> [[File:Deccan Sultanates in 16th Century.jpg|thumb|१६व्या शतकातील दख्खन सल्तनतींचा नकाशा; दक्षिणेस [[विजयनगरचे साम्राज्य]] सीमा दिसते.<ref>{{Cite book |last=Davies |first=C. Collin |url=https://books.google.com/books/about/Historical_Atlas_of_the_Indian_Peninsula.html?id=Hny_0AEACAAJ&redir_esc=y |title=An Historical Atlas of the Indian Peninsula |date=1959 |publisher=Oxford University Press |isbn=978-0-19-635139-1 |pages=42 |language=en}}</ref>]] या सगळ्या पाच सल्तनतींचे शासक मुस्लिम होते. त्यांचे स्थापक वेगवेगळ्या पार्शवभूमीचे होते. अहमदनगर सल्तनतीतील [[निजामशाही]] घराण्याची स्थापना मलिक हसन बहरी या ब्राह्मण मूळच्या [[मराठी मुसलमान|मराठी मुस्लिम]] व्यक्तीने केली;<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=W3tDAAAAYAAJ&q=nizam+mulk+bahri+dakhani |title=Ancient India and South Indian History & Culture |author=Sakkottai Krishnaswami Aiyangar |date=1951 |page=81 |publisher=Oriental Book Agency}}</ref> बेरार सल्तनत ब्राह्मण मूळच्या एका [[कन्नडिगा]] मुस्लीमने स्थापन केली;<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=YW5CAQAAMAAJ&q=Fathullah+Imad+-+ul+-+Mulk+,+Malik+Hasan+Nizam+-+ul+-+Mulk+,+and+his+son+,+Malik+Ahmad+,+Deccanis+%3B+and+Khudawand+ ... |title=Historic Landmarks of the Deccan |page=6 |author=Thomas Wolseley Haig |date=101 |publisher=Pioneer Press}}</ref><ref name=Ferishta /> बिदर सल्तनतीचा स्थापक एक [[जॉर्जिया|जॉर्जियन]] गुलाम होता;{{sfn|Bosworth|1996}} विजापूर सल्तनतीचा स्थापकी कडून बहुधा जॉर्जियन गुलाम होता. हा [[महमुद गवान]] विकत घेतला गेला असावा असा अंदाज आहे.<ref>{{cite book |title=Karnataka, History, Administration & Culture |url=https://books.google.com/books?id=uCYdAAAAMAAJ&q=adil+shahi+georgian |author=I. M. Muthanna |date=1977 |publisher=Lotus Printers |page=120 |access-date=25 April 2021 |archive-date=27 May 2021 |archive-url=https://web.archive.org/web/20210527122156/https://www.google.ca/books/edition/Karnataka_History_Administration_Culture/uCYdAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=adil+shahi+georgian&dq=adil+shahi+georgian&printsec=frontcover |url-status=live}}</ref> आणि गोलकोंडा सल्तनत [[इराण|इराणी]]-[[तुर्कमेनिस्तान|तुर्कमेनी]] मूळ असलेल्या गुलामाने स्थापन केली.<ref>{{cite journal|title=The Qara-qoyunlu and the Qutb-shāhs (Turkmenica, 10)|url=https://www.jstor.org/stable/609229|volume=17|year=1955|pages=50–73|publisher=Cambridge University Press|jstor=609229|access-date=20 November 2020|last1=Minorsky|first1=V.|journal=Bulletin of the School of Oriental and African Studies, University of London|issue=1|doi=10.1017/S0041977X00106342|s2cid=162273460 |url-access=subscription}}</ref><ref>{{cite book|title=Mohammad Quli Qutb Shah|url=https://books.google.com/books?id=v4UKJFLZVcEC|year=1996|page=2|first=Masud Husain|last=Khan|publisher=Sahitya Akademi|isbn=9788126002337|access-date=20 November 2020}}</ref> दख्खन सल्तनतींनी आपली वैधता बहामनी सल्तनतीच्या उत्तराधिकारी राज्यांप्रमाणे मांडली आणि स्वतःची नाणी जारी करण्याऐवजी बहामनी नाणीच वापरणे सुरू ठेवले.{{sfn|Sohoni|2018|p=59}} सल्तनती परस्पर स्पर्धक असतानाही १५६५ मध्ये [[विजयनगरचे साम्राज्य|विजयनगर साम्राज्याविरुद्ध]] त्यांनी युती केली आणि [[तालिकोटची लढाई|तालिकोटची लढाईत]] विजयनगरला निर्णायक धक्का दिला. या संघर्षानंतर विजयनगरचे सामर्थ्य कायमचे क्षीण झाले. उल्लेखनीय म्हणजे, या युतीने [[विजयनगरम]] शहराचा मोठा विध्वंस केला; [[हंपी|महत्त्वाची मंदिरे]] जमीनदोस्त झाली. १५७४ मध्ये बेरारमध्ये उठाव झाल्यानंतर अहमदनगरने आक्रमण करून बेरार जिंकून घेतला. १६१९ मध्ये बिदरचा विजापूरने ताबा घेतला. पुढे या सल्तनती [[मुघल साम्राज्य]]ाकडून जिंकल्या गेल्या: १५९६ मध्ये बेरार अहमदनगरकडून काढून घेतला गेला; १६१६ ते १६३६ दरम्यान अहमदनगर पूर्णतः जिंकण्यात आला; आणि [[औरंगजेब]]ाच्या १६८६–८७ च्या मोहिमेत गोलकोंडा व विजापूर जिंकले गेले.<ref>{{cite news|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/hyderabad/500-years-of-deccan-history-fading-away-due-to-neglect/articleshow/67267303.cms|title=500 years of Deccan history fading away due to neglect|website=[[The Times of India]]|date=27 December 2018 |access-date=27 December 2018|archive-date=28 December 2018|archive-url=https://web.archive.org/web/20181228013113/https://timesofindia.indiatimes.com/city/hyderabad/500-years-of-deccan-history-fading-away-due-to-neglect/articleshow/67267303.cms|url-status=live}} </ref> ==अहमदनगर सल्तनत== [[File:Portrait of Burhan Nizam Shah II.jpg|thumb|निजामशाही शासकांचे चित्र]] [[File:Hunting party deccan.jpg|thumb|शिकार प्रसंग, दख्खन]] अहमदनगर सल्तनतीची स्थापना मलिक अहमद निजाम शाह १ यांनी केली. ते निजाम-उल-मुल्क मलिक हसन बहरी यांचे पुत्र होते. बहामनी दरबारात दख्खनी मुस्लीम गटाचे नेतृत्व करणाऱ्या महत्त्वाच्या व्यक्ती म्हणून बहरी ओळखले जात.<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=-3CPc22nMqIC&dq=bahri+deccani+faction&pg=PA49 |title=The African Dispersal in the Deccan |date=1996 |publisher=Orient Longman |author=Shanti Sadiq Ali |isbn=9788125004851}}</ref> निजाम-उल-मुल्क बहरी हे सैनिकी गुलाम होते; पूर्वी ते [[हिंदू]] [[ब्राह्मण समाज|ब्राह्मण]] (विजयनगरचा) असून मूळ नाव “तिमप्पा” होते व त्यांनी इस्लाम स्वीकारला, अशी परंपरा आहे; तथापि ब्राह्मण वंशावळीचा दावा हा ऐतिहासिक तथ्यापेक्षा “वंशपरंपरागत प्रतीक” (genealogical topos) असण्याचीही शक्यता अभ्यासकांनी मांडली आहे.<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=rnYxEAAAQBAJ&dq=bahmani+convert+bahri&pg=PT110 |title=Local States in an Imperial World: Identity, Society and Politics in the Early Modern Deccan |author=Roy S. Fischel |date=2020 |isbn=9781474436106}}</ref><ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=_yHXDwAAQBAJ&dq=nizam+mulk+bahri+brahmin&pg=PA81 |title=Iran and the Deccan: Persianate Art, Culture, and Talent in Circulation, 1400–1700 |author=Keelan Overton |date=2 June 2020 |page=81 |publisher=Indiana University Press |isbn=9780253048943}}</ref> मह्मूद गवानच्या फाशीची व्यवस्था झाल्यानंतर बहरी हे मुहम्मद शाह बहामनीचे प्रत्यक्ष कारभारी (regent) बनले.<ref name=Ferishta>{{cite book |last=Ferishta |first=Mahomed Kasim |author-link=Firishta |translator-last=Briggs |translator-first=John |translator-link=John Briggs (East India Company officer) |date=1829 |title=History of the Rise of the Mahometan Power in India, till the year A.D. 1612 |volume=III |location=London |publisher=Longman, Rees, Orme, Brown and Green}}</ref>{{rp|189}}{{sfn|Yazdani|1947|p=10}}<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=5C4hBqKdkEsC&dq=nizam+ul+mulk+bahri+regent&pg=PA17 |title=The Kingdom of Ahmadnagar |page=17 |author=Radhey Shyam |date=1966 |publisher=Motilal Banarsidass |isbn=9788120826519}}</ref> सुन्नी दख्खनी गटाचा नेता म्हणून बहरीच्या नेतृत्वाखाली, बहामनी सुलतानाच्या आदेशाने बिदरमध्ये “परकीय” (विशेषतः [[तुर्किये|तुर्क]] व [[जॉर्जिया|जॉर्जियन]]) लोकांवर मोठ्या प्रमाणावर हत्याकांड घडल्याचेही काही स्रोत सांगतात.<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=6x8LAQAAIAAJ&q=Fathullah+Imad-ul-Mulk,+massacre |title=History: Mediaeval period |date=1967}}</ref><ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=Y2FDAAAAYAAJ&q=nizam+mulk+massacre+afaqis |title=History of South India: Medieval period |page=77 |author1=Pran Nath Chopra |author2=T. K. Ravindran |author3=N. Subrahmanian |date=1979}}</ref> निजाम-उल-मुल्क बहरी यांच्या राजकीय हत्या झाल्यानंतर आणि बिदर येथील बहामनी प्रशासनातील गटबाजी तीव्र झाल्यानंतर, त्यांचे पुत्र अहमद निजाम शाह ([[जुन्नर|जुन्नरचे]] सुभेदार) यांनी २८ मे १४९० रोजी बहामनी सेनापती जहांगीर खानच्या सैन्याचा पराभव केला आणि स्वातंत्र्य जाहीर करून अहमदनगरमध्ये निजामशाही राजवंश स्थापन केला.<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=oi4nBwAAQBAJ&dq=nizam+ul+mulk+bahri+deccani+faction&pg=PA45 |title=Sultans of Deccan India, 1500-1700 |author=Navina Najat Haidar, Marika Sardar |date=2015 |publisher=Metropolitan Museum of Art |isbn=9780300211108}}</ref> या सल्तनतीचे क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दख्खनात गुजरात आणि विजापूर यांच्यामधील भागात होते. सुरुवातीस राजधानी [[जुन्नर]] येथे होती. १४९४ मध्ये “[[अहिल्यानगर|अहमदनगर]]” या नव्या राजधानीची पायाभरणी झाली आणि १४९९ मध्ये दौलताबादचा किल्ला मिळवण्यात आला. मलिक अहमद शाह यांच्या १५१० मधील निधनानंतर त्यांचा सात वर्षांचा पुत्र बुरहान सत्तेवर आला. १५३८ मध्ये शाह ताहिर यांच्या प्रभावाखाली, निझारी इस्माईली [[शिया इस्लाम]] हा राज्यधर्म म्हणून स्वीकारण्यात आला. बुरहान शाह १ यांचे १५५३ मध्ये निधन झाले. त्यांच्या सहा पुत्रांपैकी हुसैन गादीवर बसला. १५६५ मध्ये हुसैन शाह १ यांच्या मृत्यूनंतर अल्पवयीन मुरतझा गादीवर आला आणि काही काळ त्यांची आई खांझादा हुमायून सुलताना राजप्रतिनिधी (regent) म्हणून कारभार पाहत होती. मुरतझा शाहने १५७४ मध्ये बेरारचा ताबा घेतला. १५८८ मध्ये त्यांचे निधन झाल्यानंतर मीरान हुसैन सत्तेवर आला; मात्र दहा महिन्यांच्या आत त्याला विष देण्यात आले. इस्माईल (मीरान हुसैनचा चुलतभाऊ) सुलतान झाला, पण प्रत्यक्ष सत्ता दरबारातील दख्खनी गटाचे नेता जमाल खान यांच्या हातात गेली. जमाल खानच्या काळात अहमदनगरमध्ये “परकीय” सरदारांचे हत्याकांड घडले व त्यामुळे अनेक पर्शियन सरदार विजापूरकडे गेले; त्यात इतिहासकार फिरिश्ता यांचाही समावेश होता.<ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=HDGdDwAAQBAJ&dq=jamal+khan+deccani+massacre&pg=PA90 |title=The Courts of the Deccan Sultanates |date=2019 |author=Emma J. Flatt |page=90 |publisher=Cambridge University Press |isbn=9781108481939}}</ref><ref>{{cite book |url=https://books.google.com/books?id=9mmLOKuzT-IC&dq=nizam+mulk+bahri+massacre&pg=PA184 |title=Writing the Mughal World |page=184 |author=Muzaffar Alam, Sanjay Subrahmanyam |date=2012 |isbn=9780231158114}}</ref> <blockquote> "शहरात दोनदा सर्वसाधारण हत्याकांड (''qatl-e 'ām'') घडले; त्यात परदेशातून आलेला एकही मनुष्य जिवंत राहिला नाही. ही कत्तल तीन दिवस चालली. या काळात येथे जमलेले विद्वान व व्यापारी असे चांगले लोक सर्व मारले गेले आणि त्यांची घरे उद्ध्वस्त झाली." </blockquote> जमाल खानने महदवी चळवळ (Mahdawi movement) राज्यावर लादण्याचा प्रयत्न केला. १५९१ मधील रोहणखेडच्या लढाईत जमाल खान मारला गेला आणि लवकरच इस्माईल शाहही पकडला गेला. पुढे बहरींचे पुत्र (इस्माईलचे वडील) बुरहान शाह २ म्हणून सत्तेवर आले आणि त्यांनी पुन्हा शिया इस्लाम राज्यधर्म केला. बुरहान शाहच्या मृत्यूनंतर इब्राहिम गादीवर आला; पण काही महिन्यांतच विजापूरशी झालेल्या लढाईत तो मारला गेला. त्यानंतर इब्राहिमची आत्या [[चांद बिबी]] हिने इब्राहिमचा अल्पवयीन पुत्र बहादूर हा “खरा सुलतान” असल्याचे जाहीर करून राजप्रतिनिधी म्हणून कारभार हाती घेतला. १५९६ मध्ये मुघलांच्या (मुराद यांच्या नेतृत्वाखालील) आक्रमणास चांद बिबीने प्रतिकार केला. जुलै १६०० मध्ये चांद बिबीच्या मृत्यूनंतर अहमदनगर मुघलांच्या ताब्यात गेले आणि बहादूर शाह कैदेत टाकला गेला. तथापि, [[मलिक अंबर]] आणि अहमदनगरचे काही अधिकारी मुघलांना आव्हान देत राहिले आणि १६०० मध्ये मुरतझा निजाम शाह २ यास सुलतान घोषित करून [[परांडा]] येथे नवी राजधानी स्थापन केली. मलिक अंबर अहमदनगरचा वजीर/प्रधानमंत्री आणि ''[[वकील|वकील-उस-सल्तनत]]'' बनला.{{sfn|Majumdar|1974|pp=415–445}} पुढे राजधानी प्रथम जुन्नरकडे आणि नंतर खडकी (पुढे [[छत्रपती संभाजीनगर|औरंगाबाद]] म्हणून ओळखले जाणारे शहर) येथे हलविण्यात आली. मलिक अंबरच्या निधनानंतर त्याचा पुत्र फतह खान याने १६३३ मध्ये मुघलांना शरणागती पत्करली आणि तरुण निजामशाही शासक हुसैन शाहला ग्वाल्हेर किल्ल्यात कैदी म्हणून पाठविण्यात आले. अखेरच्या टप्प्यात, [[शहाजीराजे भोसले]] यांनी विजापूरच्या मदतीने निजामशाही घराण्यातील एका बालकाला (मुरतझा) गादीवर बसवून स्वतः राजप्रतिनिधी म्हणून कारभार केला. १६३६ मध्ये दख्खनचा मुघल सुभेदार औरंगजेब यांनी शहाजीचा पराभव करून अहमदनगर सल्तनत मुघल साम्राज्यात विलीन केली. ===शासक=== मलिक अहमद निजाम शाह १ (१४९०–१५१०) बुर्हान निजाम शाह १ (१५१०–१५५३) हुसैन निजाम शाह १ (१५५३–१५६५) मुर्तझा निजाम शाह १ (१५६५–१५८८) हुसैन निजाम शाह २ (१५८८–१५८९) इस्माईल निजाम शाह (१५८९–१५९१) बुर्हान निजाम शाह २ (१५९१–१५९५) बहादूर निजाम शाह ३ (१५९५–१६००) मुर्तझा निजाम शाह २ (१६००–१६१०) बुर्हान निजाम शाह ३ (१६१०–१६३१) हुसैन निजाम शाह ३ (१६३१–१६३३) मुर्तझा निजाम शाह ३ (१६३३–१६३६){{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|page=274}} ==बेरार सल्तनत== बेरार सल्तनतीची स्थापना फतहुल्ला इमाद-उल-मुल्क यांनी केली. त्यांचा जन्म [[कन्नडिगा]] [[हिंदू]] म्हणून झाला होता; परंतु लहानपणीच बहामनी सैन्याने (विजयनगरविरुद्धच्या मोहिमेत) त्यांना पकडले आणि मुस्लीम म्हणून वाढवले.<ref name=Ferishta /> १४९० मध्ये बहामनी सल्तनतीच्या विघटनकाळात, बेरार प्रांताचे सुभेदार असलेल्या इमाद-उल-मुल्कने स्वातंत्र्य जाहीर करून इमादशाही घराण्याची स्थापना केली. राजधानी [[अचलपूर]] (एलिचपूर) येथे ठेवली; तसेच [[गाविलगड]] आणि [[नरनाळा किल्ला|नरनाळा]] किल्ल्यांचेही मजबुतीकरण केले. इमाद-उल-मुल्क यांच्या १५०४ मधील निधनानंतर त्यांचा ज्येष्ठ पुत्र अलाउद्दीन सत्तेवर आला. १५२८ मध्ये अलाउद्दीनने अहमदनगरच्या आक्रमणास गुजरातचा सुलतान बहादूर शाह यांच्या मदतीने प्रतिकार केला. त्यानंतरचा शासक दर्या याने अहमदनगरच्या आक्रमणापासून बचाव करण्यासाठी विजापूरशी मैत्री करण्याचा प्रयत्न केला; पण तो सफल ठरला नाही. पुढे त्याने तीन वेळा विजापूरविरुद्ध अहमदनगरला मदत केली. १५६२ मध्ये दर्याच्या निधनानंतर त्याचा अल्पवयीन पुत्र बुरहान सत्तेवर आला; परंतु लवकरच तुफाल खान (राज्यमंत्री) याने सत्ता बळकावली. १५७४ मध्ये (दरबारातील उठावानंतरच्या घटनाक्रमात) अहमदनगरचा सुलतान मुरतझा १ याने बेरार अहमदनगर सल्तनतीत विलीन केला. बुरहान, तुफाल खान आणि तुफालचा पुत्र शमशीर-उल-मुल्क यांना अहमदनगरला नेऊन एका किल्ल्यात बंदिस्त करण्यात आले आणि पुढे ते सर्व तेथेच मृत्युमुखी पडले.{{sfn|Majumdar|1974|pp=463–466}} ===शासक=== फतहुल्ला इमाद-उल-मुल्क (१४९०–१५०४) अलाउद्दीन इमाद शाह (१५०४–१५३०) दर्या इमाद शाह (१५३०–१५६२) बुर्हान इमाद शाह (१५६२–१५७४) तुफाल खान (बळकावणारा) (इ.स. १५६२ नंतर–१५७४){{sfn|Majumdar|1974|pp=463–466}} ==बिदर सल्तनत== [[File:Battle of Talikota (formatted).jpg|thumb|400px|[[तालिकोटा युद्ध]]ाचे (१५६५) पॅनोरामा चित्र. उजव्या पटलात हुसैन शाह (घोड्यावर) पराभूत [[विजयनगर साम्राज्य]]ाचा शासक आलिय रामराय याचा शिरच्छेद करण्याचा आदेश देतो. ''Ta'rif-i Husain Shahi''.]] बिदर ही पाच दख्खनी सल्तनतींपैकी सर्वात लहान होती. या सल्तनतीची स्थापना कासिम बरीद १ यांनी केली.{{sfn|Sen|2013|p=118}} ते [[जॉर्जिया]]चे असून तुर्कांकडून गुलाम बनवले गेले होते.{{sfn|Bosworth|1996|p=324}} त्यांनी बहामनी शासक मह्मूद शाह बहामनी यांच्या सेवेत ''सर-नौबत'' (सेनापती/कमांडर) म्हणून प्रवेश केला आणि पुढे बहामनी सल्तनतीत ''मीर-जुमला'' (प्रांताधिकारी/उच्चाधिकारी) झाले. १४९२ मध्ये त्यांनी बहामनी सल्तनतीवर प्रत्यक्ष सत्ता मिळवली; तथापि मह्मूद शाह बहामनी नाममात्र सुलतान म्हणून राहिला. मह्मूद शाह बहामनीच्या १५०४ मधील निधनानंतर त्याचा पुत्र अमीर बरीद बहामनी प्रशासनाचा कारभार पाहू लागला. १५२८ मध्ये बहामनीचा शेवटचा सुलतान कलीमुल्लाह बिदरहून पळून गेल्यानंतर अमीर बरीद प्रत्यक्षात स्वतंत्र शासक बनला. त्यानंतर अमीर बरीदचा पुत्र अली बरीद सत्तेवर आला; “शाह” ही पदवी धारण करणारा तो पहिला बरीदशाही शासक होता. अली बरीदने [[तालिकोटची लढाई|तालिकोटची लढाईत]] सहभाग घेतला आणि तो कविता व सुलेखन यांचा चाहता होता. बिदर सल्तनतीचा शेवटचा शासक अमीर बरीद शाह ३ याचा १६१९ मध्ये पराभव झाला आणि बिदर सल्तनत विजापूर सल्तनतीत विलीन झाली.{{sfn|Majumdar|1974|pp=466–468}} ===शासक=== कासिम बरीद १ (१४९२–१५०४) अमीर बरीद १ (१५०४–१५४२) अली बरीद शाह १ (१५४२–१५८०) इब्राहिम बरीद शाह (१५८०–१५८७) कासिम बरीद शाह २ (१५८७–१५९१) अली बरीद शाह २ (१५९१) अमीर बरीद शाह २ (१५९१–१६००) मिर्झा अली बरीद शाह ३ (१६००–१६०९) अमीर बरीद शाह ३ (१६०९–१६१९){{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|page=274}} ==विजापूर सल्तनत== [[File:Ibrahim Adil Shah II Sultan of Bijapur.jpg|thumb|right|इब्राहिम आदिल शाह २]] दक्षिण-पश्चिम भारतात, दक्षिण [[महाराष्ट्र]] आणि उत्तर [[कर्नाटक]] येथील [[पश्चिम घाट]] रांगेत पसरलेली विजापूर सल्तनत १४९० ते १६८६ या काळात आदिलशाही घराण्याने शासित केली. घराण्याचे संस्थापक [[युसुफ आदिल शाह]] हे कदाचित जॉर्जियन गुलाम असावेत<ref name="Subrahmanyam 2012 101">{{cite book |last=Subrahmanyam |first=Sanjay |title=Courtly Encounters: Translating Courtliness and Violence in Early Modern Eurasia |year=2012 |page=101 |publisher=Harvard University Press |isbn=978-0-674-06736-3 |url=https://books.google.com/books?id=F-ub1MSr89QC}} </ref> आणि [[मह्मूद गवान]] यांनी त्यांना विकत घेतले असावे.{{sfn|Majumdar|1974|p=445}} इतर काही इतिहासकारांनी त्यांचा उल्लेख [[इराण|इराणी]] किंवा [[तुर्कमेनिस्तान|तुर्कमेनि]] मूळचा म्हणूनही केला आहे.<ref>{{cite book|last1=Meri|first1=Josef W.|title=Medieval Islamic Civilization, Volume 1 An Encyclopedia|date=2006|url=https://books.google.com/books?id=H-k9oc9xsuAC|publisher=Routledge|isbn=978-0-415-96691-7|page=108}} </ref><ref name="Egger">{{cite book|last1=Vernon O. Egger|title=A History of the Muslim World since 1260: The Making of a Global Community|url=https://books.google.com/books?id=0dEYDQAAQBAJ&q=yusuf+adil+shah+turkmen&pg=PT266 |date=2016|publisher=Routledge |isbn=9781315511078}}</ref><ref name="Bosworth">{{cite book|last1=Clifford Edmund Bosworth|title=Historic Cities of the Islamic World|url=https://books.google.com/books?id=UB4uSVt3ulUC&q=turkmen+yusuf+adil+shahi&pg=PA55 |date=2007|page=55|publisher=BRILL |isbn=978-9004153882}}</ref> युसुफ आदिल शाह हे मूळतः बहामनी सल्तनतीतील प्रांतिक सुभेदार होते; १४९० मध्ये त्यांनी प्रत्यक्ष स्वतंत्र सत्ता मिळवली.{{sfn|Sherwani|1973|p=291}} १५१० मध्ये [[पोर्तुगीज साम्राज्य|पोर्तुगीज]] वसाहती मोहिमेने विजापूरच्या [[गोवा]] बंदरावर ताबा मिळवला.{{sfn|Chandra|2014|pp=156–157}} युसुफचा पुत्र इस्माईल आदिल शाह आणि त्याच्या उत्तराधिकाऱ्यांनी राजधानी विजापूरमध्ये अनेक स्मारके उभारून शहराचे सौंदर्यीकरण केले.{{cn|date=October 2024}} इब्राहिम आदिल शाह १ याने स्वतःला अधिक “दख्खनी मुस्लीम” ओळखीत गुंतवले आणि [[सुन्नी इस्लाम]]चे आचरण बळकट केले.<ref>{{cite book|author1=Navina Najat Haidar|author2=Marika Sardar|title=Sultans of Deccan India, 1500–1700: Opulence and Fantasy|url=https://archive.org/details/sultansofdeccani1500haid|url-access=registration|date=13 Apr 2015|publisher=Metropolitan Museum of Art|isbn=9780300211108|page=[https://archive.org/details/sultansofdeccani1500haid/page/6 6]|edition=illustrated}}</ref> त्याने पूर्वीच्या काही शिया प्रथा थांबवून सुन्नी धार्मिक प्रथा पुन्हा प्रस्थापित केल्या.<ref>{{cite book|author1=Shanti Sadiq Ali|title=The African Dispersal in the Deccan: From Medieval to Modern Times|date=1 Jan 1996|publisher=Orient Blackswan|isbn=9788125004851|page=112}}</ref><ref>{{cite book|author1=Sanjay Subrahmanyam|title=Three Ways to be Alien: Travails and Encounters in the Early Modern World|date=2011|publisher=UPNE|isbn=9781611680195|page=36|edition=illustrated}}</ref><ref>{{cite book|author1=Richard M. Eaton|title=A Social History of the Deccan, 1300-1761: Eight Indian Lives, Volume 1|date=17 Nov 2005|publisher=Cambridge University Press|isbn=9780521254847|page=145|edition=illustrated}}</ref> तसेच त्याने “परकीय” (Afaqi) गटाचे प्रभुत्व कमी करून दख्खनी मुस्लीमांना सेवेत अधिक स्थान दिले आणि प्रशासनात सुन्नींचे वर्चस्व वाढवले असे काही ग्रंथांत नमूद केले जाते.<ref>{{cite book|author1=Radhey Shyam Chaurasia|title=History of Medieval India: From 1000 A.D. to 1707 A.D.|date=1 Jan 2002|publisher=Atlantic Publishers & Dist|isbn=9788126901234|page=101}}</ref><ref>{{cite book|author1=Shihan de S. Jayasuriya|author2=Richard Pankhurst|title=The African Diaspora in the Indian Ocean|url=https://archive.org/details/africandiasporai0000unse_y2k4|date=2003|publisher=Africa World Press|isbn=9780865439801|pages=[https://archive.org/details/africandiasporai0000unse_y2k4/page/196 196]–7|edition=illustrated}}</ref> आदिलशाही शासकांनी दक्षिणेस [[विजयनगर साम्राज्य]]ाशी (विशेषतः [[तुंगभद्रा नदी]]पलीकडे) संघर्ष केला; तसेच इतर दख्खनी सल्तनतींशीही युद्धे केली. १५६५ मध्ये पाचपैकी चार सल्तनतींनी एकत्र येऊन [[तालिकोटा युद्ध]]ात विजयनगरचा निर्णायक पराभव केला. त्यानंतर विजयनगर साम्राज्याचा प्रभाव कमी झाला आणि विजापूरने रायचूर दोआबवर ताबा मिळवला. १६१९ मध्ये आदिलशाहींनी शेजारील बिदर सल्तनत जिंकून आपल्या राज्यात विलीन केली. १७व्या शतकात [[मराठी लोक|मराठे]], [[छत्रपती शिवाजी महाराज]] यांच्या नेतृत्वाखाली यशस्वीरीत्या उठाव करू लागले; सल्तनतीचे मोठे भाग जिंकले गेले आणि विजापूरची राजधानीही काही काळ दबावाखाली आली. अखेर दुर्बल झालेली विजापूर सल्तनत १६८६ मध्ये [[औरंगजेब|औरंगजेबाने]] विजापूर जिंकल्यावर मुघल साम्राज्यात विलीन झाली आणि आदिलशाही घराण्याचा अंत झाला. ===शासक=== [[युसुफ आदिल शाह]] (१४९०–१५१०) इस्माईल आदिल शाह (१५१०–१५३४) मल्लू आदिल शाह (१५३४–१५३५) इब्राहिम आदिल शाह १ (१५३५–१५५८) अली आदिल शाह १ (१५५८–१५८०) इब्राहिम आदिल शाह २ (१५८०–१६२७) मुहम्मद आदिल शाह (१६२७–१६५६) अली आदिल शाह २ (१६५६–१६७२) सिकंदर आदिल शाह (१६७२–१६८६){{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|page=274}} ==गोलकोंडा सल्तनत== [[File:Portrait of Abu'l Hasan,.jpg|thumb|गोलकोंडा सल्तनतीचा शेवटचा शासक अबुल हसन कुतुब शाह याचे चित्रण (हस्तलिखित)]] या घराण्याचे संस्थापक सुलतान क़ुली कुतुब-उल-मुल्क हे १६व्या शतकाच्या सुरुवातीस काही नातेवाईक व मित्रांसह [[इराण|पर्शिया]]हून दिल्लीला आले. नंतर ते दख्खनमध्ये गेले आणि [[बहामनी सल्तनत]]ेचा सुलतान मोहम्मद शाह १ यांच्या सेवेत दाखल झाले. बहामनी सल्तनतीच्या विघटनानंतर त्यांनी गोलकोंडा जिंकून १५१८ मध्ये [[तेलंगणा]] प्रदेशाचे सुभेदारत्व मिळवले. लवकरच त्यांनी स्वातंत्र्य जाहीर करून ''कुतुब शाह'' ही पदवी धारण केली. कुतुबशाही राजवंशाने सुमारे १७५ वर्षे राज्य केले. अखेर औरंगजेबाच्या सैन्याने गोलकोंड्याचा वेढा घालून १६८७ मध्ये गोलकोंडा जिंकला. ===शासक=== सुलतान क़ुली कुतुब-उल-मुल्क (१५१२–१५४३) जम्शीद क़ुली कुतुब शाह (१५४३–१५५०) सुभान क़ुली कुतुब शाह (१५५०) इब्राहिम क़ुली कुतुब शाह (१५५०–१५८०) मुहम्मद क़ुली कुतुब शाह (१५८०–१६११) सुलतान मुहम्मद कुतुब शाह (१६११–१६२६) अब्दुल्ला कुतुब शाह (१६२६–१६७२) अबुल हसन कुतुब शाह (१६७२–१६८७){{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|page=275}} ==सांस्कृतिक योगदान== {{multiple image | total_width = 400 | perrow = 2 | image1 =Tomb of Muhammad Quli Qutb Shah.jpg | caption1 = [[कुतुबशाही कबरस्थाने]] ([[कुतुबशाही]]) | image2 =Bijapur Gol Gumbaj.jpg | caption2 = [[गोल घुमट]] ([[आदिलशाही]]) | image3 =Barid Shahi Tomb 01.jpg | caption3 = [[बरीदशाही घराणे|बरीदशाही]] कबरस्थांपैकी एक ([[बरीदशाही]]) | image4 =Rainy mood of Salabat khan's tomb.jpg | caption4 = [[सलाबत खान २ यांची कबर]] ([[निजामशाही]]) | footer = दख्खन सल्तनतींच्या शासकांची दफनभूमी साधर्म्यपूर्ण शैलीतील विस्तृत कबरस्थांमध्ये होती. राजघराण्यातील महत्त्वाचे सदस्य व दरबारी यांचीही दफने अशाच कबरस्थांमध्ये करण्यात येत.<ref name=":0">{{Cite web|url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5573/|title=The Qutb Shahi Monuments of Hyderabad Golconda Fort, Qutb Shahi Tombs, Charminar |website=UNESCO World Heritage Centre|language=en|access-date=28 September 2018 |archive-url=https://web.archive.org/web/20180201205635/https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5573/ |archive-date=1 February 2018 |url-status=live}}</ref> | footer_align = center }}दख्खन सल्तनतींच्या शासकांनी साहित्य, कला, [[स्थापत्यकला|वास्तुकला]] आणि संगीत या क्षेत्रांत महत्त्वाचे योगदान दिले. या काळातील महत्त्वाचा भाषिक विकास म्हणजे [[दख्खनी]] भाषेचा उत्कर्ष. बहामनी काळात सुरू झालेली प्रक्रिया या कालखंडात अधिक वेगाने घडली आणि अरबी-पर्शियन, मराठी, कन्नड व तेलुगू या भाषांमधून सतत घटक/शब्द घेत ही भाषा स्वतंत्र बोलभाषा व साहित्यभाषा म्हणून विकसित झाली. पुढे उत्तर भारतातील [[उर्दू]]पासून वेगळी ओळख दर्शवण्यासाठी तिला “दख्खनी उर्दू” असेही म्हणू लागले. अहमदनगर, विजापूर आणि गोलकोंडा या दरबारांत फोफावलेली दख्खनी लघुचित्रकला (Deccani miniature painting) हेही मोठे सांस्कृतिक योगदान मानले जाते.<ref>{{Cite web|url=https://www.britannica.com/art/Deccani-painting|title=Deccani painting|website=Encyclopedia Britannica|language=en|access-date=27 January 2019|archive-date=27 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190127154656/https://www.britannica.com/art/Deccani-painting|url-status=live}} </ref> या काळातील स्थापत्यवैभवात [[चारमिनार]] आणि [[गोल घुमट]] ही स्मारके प्रसिद्ध आहेत. दख्खन सल्तनती काळातील काही स्मारके UNESCO जागतिक वारसा स्थळासाठी “तात्पुरत्या यादीत” (tentative list) आहेत.<ref>{{Cite web|title=Monuments and Forts of the Deccan Sultanate|url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/5887/|url-status=live|website=UNESCO World Heritage Center|archive-url=https://web.archive.org/web/20140517153058/http://whc.unesco.org/en/tentativelists/5887|archive-date=17 May 2014|access-date=20 May 2021}}</ref> तसेच निजामशाही, आदिलशाही आणि कुतुबशाही शासकांनी दाखवलेली धार्मिक सहिष्णुता देखील उल्लेखनीय मानली जाते. ===अहमदनगर=== निजामशाही शासकांनी लघुचित्रकलेला उत्स्फूर्त आश्रय दिला. या परंपरेतील सर्वात जुनी जिवंत उदाहरणे ''Tarif-i-Hussain Shahi'' (इ. स. {{circa|1565}}) या हस्तलिखितातील चित्रांमध्ये आढळतात; हे हस्तलिखित सध्या पुण्यातील [[भारत इतिहास संशोधक मंडळ]] येथे आहे. मुरतझा निजाम शाहचे ({{circa|1575}}) एक लघुचित्र Bibliothèque Nationale de France (पॅरिस) येथे आहे; आणखी एक Raza Library (रामपूर) येथे आहे. ''Running Elephant'' हे चित्र अमेरिकेतील खाजगी संग्रहात, ''Royal Picnic'' हे लंडनच्या India Office Library मध्ये, आणि ''Young Prince Embraced by a Small Girl'' (बहुधा बुरहान निजाम शाह २ च्या काळातील) हे San Diego Museum of Art मधील Edwin Binney 3rd संग्रहात आहे.{{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|pages=145–151}} अहमदनगरच्या निजामशाही स्थापत्यातील आरंभीचा महत्त्वाचा नमुना म्हणजे बाग रौझा (Bagh Rouza) संकुलाच्या मध्यभागी असलेली अहमद शाह १ बहरी यांची कबर (१५०९).{{sfn|Sohoni|2018}} त्याच काळातील जामी मशीदही उल्लेखनीय आहे. १५२५ मध्ये तुर्क तोफखाना अधिकारी रुमी खान यांनी बांधलेली मेक्का मशीद (Mecca Masjid) रचनेच्या दृष्टीने वेगळी मानली जाते. १५३७ मध्ये कोटला संकुल (Kotla complex) हे धार्मिक-शैक्षणिक संस्थेसाठी बांधण्यात आले. १५८३ मध्ये पूर्ण झालेला फराह बाग (Farah Bagh) हा एका विस्तृत राजवाडा संकुलाचा मध्यभाग होता. अहमदनगरमधील इतर स्मारकांत Do Boti Chira (शरजा खानची कबर, १५६२), दामरी मशीद (१५६८), रुमी खानची कबर (१५६८) इत्यादींचा समावेश होतो. खिरकी (आताचे [[छत्रपती संभाजीनगर|औरंगाबाद]]) येथील जामी मशीद (१६१५) आणि दौलताबाद किल्ल्यातील चिनी महल (Chini Mahal) ही स्मारके उशिरच्या निजामशाही काळातील आहेत. १६२६ मधील [[मलिक अंबर]] यांची कबर ([[खुलताबाद]]) तसेच [[जालना]] येथील काली मशीद (१५७८) आणि [[राजगुरुनगर]] येथील दिलावर खानची कबर (१६१३) यांचा समावेशही या काळातील स्थापत्यात होतो.<ref>{{cite thesis |type=Ph.D. thesis |last=Sohoni |first=Pushkar |year=2010 |url=http://dissertationreviews.org/archives/2071 |title=Local Idioms and Global Designs: Architecture of the Nizam Shahs |publisher=University of Pennsylvania |access-date=31 May 2014 |archive-date=31 October 2013 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131031073435/http://dissertationreviews.org/archives/2071 |url-status=live}}</ref>{{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|pp=80–86}} अहमद शाह १ बहरी यांच्या काळात, राजदरबारी अभिलेखपाल दलपती (Dalapati) यांनी ''Nrisimha Prasada'' हा विश्वकोशात्मक ग्रंथ लिहिला; त्यात त्यांनी आपल्या अधिपतीचा उल्लेख ''Nizamsaha'' असा केला. निजामशाही शासकांच्या धार्मिक सहिष्णुतेचा हा उल्लेखनीय दाखला म्हणून याकडे पाहिले जाते.<ref>{{cite book |last=Bhattacharya |first=D. C. |year=1962 |chapter=The Nibandhas |editor-first=S. |editor-last=Radhakrishnan |title=The Cultural Heritage of India |volume=II |location=Calcutta |publisher=The Ramakrishna Mission Institute of Culture |isbn=81-85843-03-1 |page=378}}</ref> ===बेरार=== [[अचलपूर]]च्या पश्चिमेला {{convert|3|km}} अंतरावर असलेला ''Hauz Katora'' या उद्ध्वस्त राजवाड्याचा अवशेष हा इमादशाही स्थापत्याचा एकमेव ठळक उरलेला नमुना मानला जातो.{{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|p=41}} ===बिदर=== [[File:Water-Pipe_Base_LACMA_M.2001.101.jpg|thumb|[[बिद्री (धातुकाम)|बिद्रीकाम]]—पाण्याच्या नळीचा पाया, इ.स. {{circa|अठरावे शतक}}, लॉस एंजेलिस काउंटी कला संग्रहालय]] बरीदशाही शासकांच्या स्थापत्यातील प्रमुख कार्य म्हणजे “उद्यान-कबर” (garden tombs) बांधणे. बिदरमधील अली बरीद शाहची कबर (१५७७) हे सर्वात महत्त्वाचे स्मारक मानले जाते.{{sfn|Yazdani|1947|p=152}} ही कबर चारही बाजूंनी उघड्या असलेल्या उंच घुमटमंडपाची असून ती पर्शियन “चारबाग” शैलीतील बागेच्या मध्यभागी आहे. अली बरीद शाहच्या काळात बांधलेला ''रंगीन महल'' (Rangin Mahal) हा अत्यंत सजवलेला दरबारी वास्तुनमुना आहे. या काळातील इतर स्मारकांत कासिम २ ची कबर आणि काली मशीद यांचा समावेश होतो.{{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|pp=14, 77–80}} धातुकामातील “[[बिद्री (धातुकाम)|बिद्रीकाम]]” (Bidriware) ही कला बिदरमध्येच उदयाला आली असे मानले जाते. हे काळ्या धातूचे (बहुधा जस्त-मिश्रधातू) काम असून त्यात चांदी, पितळ आणि कधी कधी तांबे यांची सूक्ष्म जडणघडण केली जाते.{{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|pp=239–240}} ===विजापूर=== [[File:GolGumbaz2.jpg|thumb|[[गोल घुमट]]—मुहम्मद आदिल शाह यांची समाधी]] आदिलशाही शासकांनी स्थापत्य, कला, साहित्य आणि संगीत या क्षेत्रांत मोठे योगदान दिले. त्यांच्या काळात [[विजापूर, कर्नाटक|विजापूर]] हे विश्वनागरिक शहर म्हणून विकसित झाले आणि रोम, इराण, इराक, तुर्की व तुर्कस्तान येथून अनेक विद्वान, कलाकार, संगीतकार आणि सूफी संत येथे आले असे वर्णन मिळते. आदिलशाही राजे हिंदूंविषयी सहिष्णु होते आणि धार्मिक बाबींमध्ये हस्तक्षेप टाळत असल्याचेही काही नोंदी सूचित करतात. त्यांनी हिंदू अधिकाऱ्यांना (विशेषतः लेखापाल/प्रशासनात) उच्च पदे दिली आणि अनेक प्रशासकीय नोंदी मराठीत ठेवल्या जात. विजापूरमधील स्थापत्यकामांत १५७६ मध्ये अली आदिल शाह १ यांनी सुरू केलेली (पूर्ण न झालेली) जामी मशीद ही आरंभीची एक महत्त्वाची वास्तू आहे. [[इब्राहिम आदिल शाह २]] च्या काळात बांधलेला इब्राहिम रौझा हा आरंभी राणी ताज सुलताना यांच्यासाठी नियोजित होता; पुढे तो इब्राहिम आदिल शाह २ आणि त्याच्या कुटुंबासाठी कबरस्थळ बनला. १६२६ मध्ये पूर्ण झालेल्या या संकुलात समोरासमोर “मशीद + कबर” अशी जोडरचना आहे. इब्राहिम २ ने विजापूरच्या शेजारी नवी जुळी राजधानी नौरसपूर उभारण्याची योजना केली; १५९९ मध्ये काम सुरू झाले पण ते पूर्ण झाले नाही. विजापूरमधील सर्वात प्रसिद्ध स्मारक म्हणजे [[गोल घुमट]], मुहम्मद आदिल शाह यांचे कबरस्थळ. हे १६५६ मध्ये पूर्ण झाले आणि त्याच्या अर्धगोल घुमटाचा व्यास सुमारे {{convert|44|m}} आहे. याशिवाय ''चिनी महल'', ''जल मंदिर'', ''सात मंझिल'', ''गगन महल'', ''आनंद महल'' आणि ''असर महल'' (१६४६) ही स्मारके विजापूरमध्ये आहेत; तसेच ''कुम्मटगी'' ([[विजापूर]] पासून {{convert|16|km}}), [[पन्हाळा]] ([[कोल्हापूर]] पासून {{convert|20|km}}), आणि [[नळदुर्ग]] ([[सोलापूर]] पासून {{convert|45|km}}) ही ठिकाणेही या संदर्भात येतात.{{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|pp=41–47, 86–98}} आदिलशाही दरबारातील पर्शियन कलाकारांनी लघुचित्रकलेचा दुर्मीळ ठेवा तयार केला असून त्यापैकी काही युरोपातील संग्रहालयांत जतन झाले आहेत. अली आदिल शाह १ च्या काळातील ''Nujum-ul-Ulum'' (Stars of Science) (१५७०) या हस्तलिखितातील सुमारे ४०० लघुचित्रे Dublin येथील Chester Beatty Library मध्ये आहेत. त्याच काळातील ''Jawahir-al Musiqat-i-Muhammadi'' (British Library) आणि सारंगदेवांच्या ''[[संगीत रत्‍नाकर|संगीत रत्नाकर]]''वरील मराठी भाष्याच्या हस्तलिखितातील (Jaipur City Palace) चित्रेही उल्लेखनीय आहेत. मात्र सर्वाधिक व ख्यातनाम चित्रे इब्राहिम आदिल शाह २ च्या काळातील मानली जातात.{{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|pp=161–190}} आदिलशाही काळात दख्खनी भाषेत अनेक साहित्यकृती प्रसिद्ध झाल्या. इब्राहिम आदिल शाह २ याने स्वतः ''Kitab-i-Nauras'' हा दख्खनीतील गीतसंग्रह लिहिला; त्यात विविध [[राग]]-[[रागिणी]]ंवर आधारित गीते आहेत. त्यात तो [[सरस्वती|सरस्वती देवीचे]] स्तवन करताना मुहम्मद आणि सूफी संत ख्वाजा बंदा नवाज गेसुदराज यांचाही उल्लेख करतो. त्याच्याकडे “मोती खान” नावाचा एक वैशिष्ट्यपूर्ण ''तंबूर'' (वाद्य) होता असेही उल्लेख आढळतात. त्याचा दरबारी कवी म्हणून पर्शियन कवी मुहम्मद जुहुरी प्रसिद्ध होता. “मुशायरा” (कविसंमेलन) ही परंपरा विजापूर दरबारात जन्माला आली आणि पुढे उत्तर भारतात पोहोचली असेही वर्णन मिळते. ===गोलकोंडा=== [[File:Charminar-Pride of Hyderabad.jpg|thumb|[[चारमिनार]]—[[मुहम्मद क़ुली कुतुब शाह]] यांनी बांधलेले; [[हैदराबाद]]चे प्रमुख स्मारक आणि [[इंडो-इस्लामिक स्थापत्य]]ातील महत्त्वाचा नमुना]] [[File:Abdullah Qutb Sháh on a Terrace with Attendants.jpg|thumb|''अब्दुल्ला कुतुब शाह सेवकांसोबत एका गच्चीवर'', इ.स. {{circa|18th century}}]] कुतुबशाही शासकांनी हिंदू अधिकाऱ्यांना प्रशासनातील महत्त्वाच्या पदांवर नेमले. इब्राहिम क़ुली कुतुब शाहने मुरारी राव यांना ''पेशवा'' म्हणून नेमले; हे पद ''मीर जुमला'' (प्रधानमंत्री) नंतरचे मानले जात असे. कुतुबशाही स्थापत्यातील आरंभीची कामगिरी म्हणजे [[गोवळकोंडा]] हा तटबंदीयुक्त शहर-किल्ला (आज अनेक भागांत अवशेष). जवळील कुतुबशाही कबरस्थानेही उल्लेखनीय आहेत.<ref name=":0" /> १६व्या शतकात मुहम्मद क़ुली कुतुब शाह यांनी राजधानी गोलकोंड्यापासून {{convert|8|km}} पूर्वेला हलवून [[हैदराबाद]] हे नवे शहर वसवले आणि शहराच्या मध्यभागी [[चारमिनार]] बांधला.<ref name=":0" /> चारमिनार १५९१ मध्ये पूर्ण झाला; त्याला चार मनोरे असून प्रत्येकाची उंची साधारण {{convert|56|m}} आहे. चारमिनारच्या दक्षिणेस असलेल्या मक्का मशीदेचे बांधकाम १६१७ मध्ये (मुहम्मद कुतुब शाहच्या काळात) सुरू झाले आणि ते १६९३ मध्ये पूर्ण झाले. या कालखंडातील इतर स्मारकांत टोली मशीद, शेखपेट सराई, खैरताबाद मशीद, तारामती बारादरी, हयात बक्षी मशीद आणि गंदीकोटा येथील जाया मशीद यांचा समावेश होतो.{{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|pp=47–53, 101–106}} कुतुबशाही शासकांनी शेख अब्बासी, मुहम्मद ज़मान इत्यादी पर्शियन कलाकारांना दरबारात आमंत्रित केले आणि त्यांच्या कलेचा या काळातील लघुचित्रकलेवर मोठा प्रभाव पडला. Victoria and Albert Museum मधील अन्वर''-ए-सुहायली'' ({{circa|1550–1560}}) या हस्तलिखितातील १२६ चित्रे विशेष प्रसिद्ध आहेत. पुढे दिवान-ए-हाफिज ({{circa|1630}}) व इतर हस्तलिखितांतील चित्रे विविध संग्रहालयांत आढळतात. गोलकोंडा शैलीची परंपरा पुढे “हैदराबादी शैली” म्हणून विकसित झाली असेही म्हटले जाते.{{sfn|Mitchell|Zebrowski|1999|pp=47–53, 191–210}} कुतुबशाही शासक साहित्याचे मोठे आश्रयदाता होते. पर्शियन तसेच स्थानिक [[तेलुगू भाषा|तेलुगू]] भाषेतही साहित्यनिर्मितीला प्रोत्साहन दिले गेले. तथापि, या सल्तनतीचे सर्वात महत्त्वाचे भाषिक योगदान म्हणजे [[दखनी भाषा|दख्खनी भाषेचा]] विकास. मुहम्मद क़ुली कुतुब शाह हा केवळ आश्रयदाता नव्हे तर उच्च दर्जाचा कवीही होता. त्याने दख्खनी, पर्शियन आणि तेलुगू या भाषांत लेखन केले आणि दख्खनीतील त्याचा विस्तृत ''दिवान'' ''Kulliyat-i-Muhammad Quli Qutb Shah'' नावाने ओळखला जातो. देव-स्तुती व प्रेषित-स्तुतीबरोबरच निसर्ग, प्रेम व समकालीन सामाजिक जीवन यांवरही तो लिहित असे. या काळातील काही तेलुगू कवी म्हणून क्षेत्रय्या आणि भद्राचल रामदासु यांची नावे दिली जातात.<ref>{{Cite news|url=https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-youngworld/long-long-ago-when-faith-moved-a-king/article3227332.ece|title=Long long ago when faith moved a king|last=Nanisetti|first=Serish|date=14 April 2006|work=The Hindu|access-date=27 January 2019|language=en-IN|issn=0971-751X|archive-date=28 December 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20191228165044/https://www.thehindu.com/todays-paper/tp-features/tp-youngworld/long-long-ago-when-faith-moved-a-king/article3227332.ece|url-status=live}} </ref> कुतुबशाही शासक तुलनेने अधिक उदारमतवादी होते असे काही स्रोत नमूद करतात. अब्दुल्ला कुतुब शाह यांच्या कारकीर्दीत १६३४ मध्ये प्राचीन भारतीय कामशास्त्रीय ग्रंथ कोकशास्त्र (''Koka Shastra'')चा पर्शियनमध्ये अनुवाद करून त्यास ''Lazzat-un-Nisa'' असे नाव देण्यात आले, अशी नोंद आढळते.<ref>{{Cite web|url=https://timesofindia.indiatimes.com/city/hyderabad/lazzat-un-nisa-hyderabads-own-kamasutra-back-in-focus/articleshow/67391978.cms|title=Lazzat-Un-Nisa : Hyderabad's own Kamasutra back in focus|last=Akbar|first=Syed|date=5 January 2019|website=The Times of India|access-date=5 January 2019|archive-date=5 January 2019|archive-url=https://web.archive.org/web/20190105152111/https://timesofindia.indiatimes.com/city/hyderabad/lazzat-un-nisa-hyderabads-own-kamasutra-back-in-focus/articleshow/67391978.cms|url-status=live}} </ref> ==हेही पहा== माळवा सल्तनत खानदेश सल्तनत बंगाल सल्तनत भारतीय उपखंडातील मुस्लीम जिंकणे आदिलशाही–पोर्तुगीज संघर्ष ==संदर्भ== ===टिप्पण्या=== {{reflist}} ===स्रोत=== *{{cite book|title=History of Medieval India 800–1700 A.D|first=Satish|last=Chandra|date=2014 |url=https://archive.org/details/history-of-medieval-india-800-1700_202303/page|publisher=Orient BlackSwan|isbn=9788125032267|author-link=Satish Chandra (historian)}} *{{cite book |title=The New Islamic Dynasties |url=https://archive.org/details/newislamicdynast0000bosw |publisher=Columbia University Press |first=Clifford Edmund|last=Bosworth |author-link=Clifford Edmund Bosworth |date=1996}} *{{cite book| last=Majumdar | first=R.C. | title=The Delhi Sultanate | year=1962 | publisher=Bharatiya Vidya Bhavan | location=Mumbai |author-link=R.C. Majumdar}} *{{cite book | last=Majumdar | first=R.C. | title=The Mughul Empire | publisher=Bharatiya Vidya Bhavan | year=1974 | location=Mumbai}} *{{cite book | last1=Mitchell | first1=George | first2=Mark | last2=Zebrowski | title=Architecture and Art of the Deccan Sultanates (The New Cambridge History of India Vol. I:7) | url=https://archive.org/details/architecturearto0000mich | publisher=Cambridge University Press | year=1999 | location=Cambridge | isbn=9780521563215}} *{{cite book |last=Sen |first=Sailendra |title=A Textbook of Medieval Indian History |publisher=Primus Books |year=2013 |isbn=978-9-38060-734-4}} *{{cite book|first=Haroon Khan|last=Sherwani|year=1973|title=History of Medieval Deccan (1295–1724) : Volume I|url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.142905|publisher=Government of Andhra Pradesh}} *{{cite book |last=Sohoni |first=Pushkar |title=[[The Architecture of a Deccan Sultanate|The Architecture of a Deccan Sultanate: Courtly Practice and Royal Authority in Late Medieval India]] |publisher=I.B.Tauris |year=2018 |location=London |isbn=9781784537944 |author-link=Pushkar Sohoni}} *{{cite book |last=Yazdani |first=Ghulam |title=Bidar, Its History and Monuments |url=https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.279710/page/n1 |publisher=Oxford University Press |year=1947 |author-link=Ghulam Yazdani}} ==अधिक वाचन== Chopra, R.M., ''The Rise, Growth And Decline of Indo-Persian Literature'', 2012, Iran Culture House, New Delhi. Revised edition published in 2013. Rehaman Patel, ''Islamic Art of North Karnataka, Art & Architecture'', May, 2015 {{DEFAULTSORT:Dakhkhan salatanati}} [[Category:दख्खन सल्तनती| ]] [[Category:१५२७ मध्ये स्थापलेली राज्ये व प्रदेश]] rih3f2l0j2xrtyzhaohl8k097xc3ubb शरीफा हमीद अली 0 377878 2710774 2671801 2026-09-19T15:05:02Z InternetArchiveBot 130355 Add 3 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710774 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''शरीफा हमीद अली''' (१८८३ - १९७१),<ref name=":0">{{स्रोत पुस्तक|title=Feminist Writings from Ancient Times to the Modern World: A Global Sourcebook and History|last=Wayne|first=Tiffany K.|publisher=Greenwood|year=2011|pages=514}}</ref> ज्यांना '''बेगम हमीद अली''' म्हणूनही ओळखले जाते, त्या एक भारतीय स्त्रीवादी, राष्ट्रवादी, अधिवक्ता आणि राजकीय व्यक्तिमत्त्व होत्या. त्या १९३५ मध्ये [[अखिल भारतीय महिला परिषद|अखिल भारतीय महिला परिषदेच्या]] अध्यक्षा होत्या<ref name=":0" /> आणि १९४७ मध्ये महिलांच्या स्थितीवरील संयुक्त राष्ट्र आयोगाच्या संस्थापक सदस्यांपैकी एक होत्या.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Feminist Writings from Ancient Times to the Modern World: A Global Sourcebook and History|last=Wayne|first=Tiffany K.|publisher=Greenwood|year=2011|pages=516}}</ref> [[मानवाधिकाराचे वैश्विक घोषणापत्र|मानवी हक्कांच्या सार्वत्रिक घोषणेमध्ये]] लिंग समावेशक भाषेवर त्यांनी चर्चा केली होती.<ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://www.routledge.com/Women-and-the-Universal-Declaration-of-Human-Rights/Adami/p/book/9780367622787|title=Women and the Universal Declaration of Human Rights|last=Adami|first=Rebecca|date=2019|publisher=Routledge|isbn=9780429437939|location=New York & London|pages=74–85}}</ref> == वैयक्तिक जीवन == बेगम शरीफा हमीद अली यांचा जन्म १२ डिसेंबर १८८३ रोजी [[गुजरात|गुजरातमधील]] [[बडोदा संस्थान|बडोदा]] (आता [[वडोदरा]] म्हणून ओळखले जाते) येथील एका प्रगतीशील [[मुसलमान|मुस्लिम]] कुटुंबात झाला. ती भारतीय कार्यकर्ते आणि राजकारणी [[बद्रुद्दीन तय्यबजी]] यांचे पुतणे अमीना तय्यबजी आणि अब्बास जे. तय्यबजी यांची कन्या होती.<ref name="Forbes 199">{{स्रोत पुस्तक|title=Women in Modern India|url=https://archive.org/details/womeninmodernind0000forb|last=Forbes|first=Geraldine|publisher=Cambridge University Press|year=1996|location=State University of New York|pages=[https://archive.org/details/womeninmodernind0000forb/page/199 199]}}</ref> तिचे वडील, अब्बास जे. तय्यबजी, [[बडोदा संस्थान|बडोदा राज्याचे]] मुख्य न्यायाधीश आणि [[महात्मा गांधी|महात्मा गांधींचे]] अनुयायी होते.<ref name=":0"/> तिची आई अमीना ''[[पडदा पद्धत]]'' नाकारणाऱ्या पहिल्या प्रमुख मुस्लिम महिलांपैकी एक होती.<ref name=":0" /> अलीने तिच्या आईचे उदाहरण अनुसरले आणि या प्रतिबंधात्मक कायद्याविरुद्धच्या चळवळीला पाठिंबा दिला, कारण ती त्याला सामाजिक विभाजनाचे आणि लिंगभेदाच्या अत्याचाराचे प्रतीक मानत होती.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Women in the Changing Islamic System|last=Woodsmall|first=Ruth Frances|publisher=BIMLA Publishing House|year=1936}}</ref> तिच्या पालकांनी तिला आणि तिच्या बहिणींना पडद्याच्या बंधनांना न जुमानता शाळेत पाठवून त्यांच्या शिक्षणाला पाठिंबा दिला होता. बेगम हमीद अली यांनी [[उर्दू भाषा|उर्दू]], [[गुजराती भाषा|गुजराती]], [[फारसी भाषा|फारसी]], [[मराठी भाषा|मराठी]], [[इंग्लिश भाषा|इंग्रजी]] आणि [[फ्रेंच भाषा|फ्रेंच]] या सहा भाषा बोलायला शिकल्या. तिने चित्रकला आणि संगीतासाठी देखील आपला वेळ दिला.<ref name=":1">{{स्रोत पुस्तक|title=The Legend Makers: Some Eminent Women of India|last=Srivastava|first=Gouri|publisher=New Delhi: Concept Pub. Co.|year=2003|pages=100}}</ref> वयाच्या पंचवीस व्या वर्षी तिने तिचा चुलत भाऊ आणि भारतीय नागरी सेवा अधिकारी हमीद अलीशी लग्न केले. लग्नानंतर, ते भारतातील [[बॉम्बे प्रांत|बॉम्बे प्रेसिडेन्सी]] प्रांतात गेले. ती सामाजिक कार्यात सहभागी राहिली आणि तिच्या आवडी जोपासत राहिली.<ref name="Forbes 199" /> == राजकीय कारकीर्द == १९०७ मध्ये, अली यांनी [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेसच्या]] अधिवेशनात भाग घेतला, ज्यामुळे [[स्वदेशी चळवळ]] आणि [[दलित|हरिजनांच्या]] समाजातील उन्नतीबद्दल त्यांची आवड निर्माण झाली. त्यांनी गावोगावी महिलांसाठी नर्सिंग सेंटर आणि वर्ग सुरू करण्यासाठी काम केले.<ref name=":1"/> त्यांच्या सर्वात प्रसिद्ध कामगिरीपैकी एक म्हणजे २८ सप्टेंबर १९२९ रोजी संमत झालेल्या [[बालविवाह प्रतिबंध कायदा|सारडा किंवा शारदा कायद्याला]] प्रोत्साहन देण्यासाठी मोहीम आयोजित करणे, ज्याला बालविवाह प्रतिबंध कायदा असेही म्हणतात.<ref name=":3">{{स्रोत पुस्तक|title=Women of Modern India|url=https://archive.org/details/womeninmodernind0000forb|last=Forbes|first=Geraldine|publisher=Cambridge University Press|year=1996|location=State University of New York|pages=[https://archive.org/details/womeninmodernind0000forb/page/87 87]}}</ref> तिने [[सिंध|सिंधमधील]] मुस्लिम महिलांना संबोधित केले आणि त्यांचा पाठिंबा मिळवण्यासाठी तिच्या स्वतःच्या अनुभवाचे उदाहरण दिले. सात मुलींची आई म्हणून, अलीने दावा केला की त्यापैकी दोन मुली "या प्रथेला बळी पडल्या आहेत."<ref name=":3" /> यामुळे, तिने त्यांचे लग्न शिक्षित आणि प्रौढ होईपर्यंत पुढे ढकलण्याचा निर्णय घेतला कारण तिचा असा विश्वास होता की लग्नाचे कायदेशीर वय अठरा असावे.<ref name=":3" /> १९३४ मध्ये त्यांनी आंतरराष्ट्रीय महिला आघाडीच्या इस्तंबूल काँग्रेसमध्ये [[अखिल भारतीय महिला परिषद|अखिल भारतीय महिला परिषदेचे]] प्रतिनिधित्व केले आणि १९३७ मध्ये [[चेकोस्लोव्हाकिया|चेकोस्लोवाकियातील]] लोहाकोविस येथे झालेल्या महिला आंतरराष्ट्रीय लीग फॉर पीस अँड फ्रीडमच्या काँग्रेसमध्ये भाग घेतला.<ref name=":4">{{स्रोत पुस्तक|title=The Legend Makers: Some Eminent Women of India|last=Srivastava|first=Gouri|publisher=New Delhi: Concept Pub. Co.|year=2003|pages=101}}</ref> १९३९ मध्ये राष्ट्रीय नियोजन समितीच्या महिला उपसमितीवर अली यांची नियुक्ती करण्यात आली होती.<ref name="Forbes 199"/> उपसमितीची भूमिका महिलांच्या सामाजिक, आर्थिक आणि कायदेशीर स्थितीचा आढावा घेणे व शिफारस करणे ही होती. सुरुवातीला इतर दोन मुस्लिम महिलांसह त्यांची नियुक्ती करण्यात आली होती, परंतु नंतर त्यां दोघींनी राजीनामा दिला कारण त्यांना वाटले की त्यांचे ऐकले जात नाही. त्यामुळे, समितीमध्ये सहभागी होणारी अली ही एकमेव मुस्लिम महिला होती आणि वेगळा दृष्टिकोन मिळविण्यासाठी तिने [[शरीयत|मुस्लिम कायद्यावरील]] अधिकाऱ्यांशी सल्लामसलत करण्यास प्रोत्साहन दिले. तिला आढळले की इतर सदस्यांनी तिचे युक्तिवाद समजून घेतले नाहीत किंवा त्याकडे लक्ष दिले नाही. [[जवाहरलाल नेहरू|जवाहरलाल नेहरूंच्या]] हस्तक्षेपानंतर आणि उपसमितीला मुदतवाढ दिल्यानंतर, तिने अंतिम अहवालावर स्वाक्षरी केली.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Women in Modern India|url=https://archive.org/details/womeninmodernind0000forb|last=Forbes|first=Geraldine|publisher=Cambridge University Press|year=1996|location=State University of New York|pages=[https://archive.org/details/womeninmodernind0000forb/page/199 199]–200}}</ref> [[भारत सरकार|भारत सरकारने]] त्यांना संयुक्त राष्ट्रांच्या महिलांच्या स्थितीवरील आयोगात भारतीय प्रतिनिधी म्हणून नियुक्त केले. त्या [[भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस|भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेसच्या]] [[भारतीय नियोजन आयोग|राष्ट्रीय नियोजन आयोगाच्या]] आणि हिंदुस्तान पाठ्यपुस्तक समितीच्या सदस्या देखील झाल्या.<ref name=":4"/> == संदर्भ == {{संदर्भयादी|30em}} [[वर्ग:भारतीय स्त्रीवादी]] [[वर्ग:वडोदरामधील लोक]] [[वर्ग:इ.स. १९७१ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:इ.स. १८८३ मधील जन्म]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] [[वर्ग:भारतीय मुस्लिम व्यक्ती]] pobc5gat9yiiqjw560gqtciqx0raog0 मेमी आयझेनहॉवर 0 378149 2710800 2673468 2026-09-19T15:23:23Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710800 wikitext text/x-wiki {{विकिडेटा माहितीचौकट}} '''मेरी जिनेव्हा''' "'''मेमी'''" '''आयझेनहॉवर''' (पुर्वाश्रमीच्या '''डौड;''' १४ नोव्हेंबर १८९६ &#x2013; १ नोव्हेंबर १९७९) या राष्ट्राध्यक्ष [[ड्वाइट डी. आयझेनहॉवर]] यांच्या पत्नी म्हणून १९५३ ते १९६१ या काळात अमेरिकेच्या प्रथम महिला होत्या. [[आयोवा|आयोवामधील]] बून येथे जन्मलेल्या, त्यांचे पालनपोषण [[कॉलोराडो|कॉलोराडोमधील]] एका श्रीमंत कुटुंबात झाले. त्यांनी १९१६ मध्ये आयझेनहॉवर यांच्याशी विवाह केला, जे त्यावेळी अमेरिकन सैन्यात लेफ्टनंट होते. अमेरिका, पनामा, फिलीपिन्स आणि फ्रान्समधील विविध ठिकाणी बदली होत असताना, त्यांनी लष्करी अधिकाऱ्यांसाठी घरकाम आणि यजमानपद सांभाळले. कर्तव्यावरील त्यांच्या नियमित अनुपस्थितीमुळे आणि त्यांच्या पहिल्या मुलाच्या वयाच्या तिसऱ्या वर्षी झालेल्या मृत्यूमुळे त्यांचे नाते गुंतागुंतीचे झाले. [[दुसरे महायुद्ध|दुसऱ्या महायुद्धादरम्यान]] जनरल आयझेनहॉवर यांच्या पत्नी म्हणून त्या एक प्रमुख व्यक्ती बनल्या. प्रथम महिला म्हणून, आयझेनहॉवर यांना [[व्हाइट हाऊस|व्हाईट हाऊसच्या]] खर्चावर आणि वेळापत्रकावर जवळजवळ संपूर्ण नियंत्रण देण्यात आले होते. त्यांनी कर्मचाऱ्यांचे बारकाईने व्यवस्थापन केले आणि त्यांच्या संपूर्ण कार्यकाळात व्हाईट हाऊसच्या अर्थसंकल्पात त्यांची काटकसर स्पष्टपणे दिसून येत होती. यजमान म्हणून त्यांनी अनेक परदेशी राष्ट्रप्रमुखांचे आदरातिथ्य केले. त्यांना राजकारणात फारसा रस नव्हता आणि त्या राजकीय चर्चेत क्वचितच सहभागी होत असत, तरीही त्यांनी सैनिकांचे कल्याण आणि [[नागरी अधिकार|नागरी हक्कांच्या]] कार्यांना पाठिंबा दिला. मेनिअरच्या आजारामुळे त्यांचा तोल नीट राहत नव्हता, ज्यामुळे त्यांच्या मद्यपानाच्या अफवा पसरल्या. त्या एक लोकप्रिय प्रथम महिला होत्या आणि फॅशन आयकॉन म्हणून ओळखल्या जात होत्या, ज्या त्यांच्या वैशिष्ट्यपूर्ण केसांच्या बटा आणि गुलाबी रंगाच्या वारंवार वापरासाठी प्रसिद्ध होत्या. १९६९ मध्ये ड्वाइट यांच्या मृत्यूपर्यंत आयझेनहॉवर दाम्पत्य ५२ वर्षे विवाहित होते. त्यांनी आपल्या निवृत्तीचा आणि वैधव्याचा बहुतेक काळ [[गेटिसबर्ग (पेनसिल्व्हेनिया)|पेनसिल्व्हेनियातील गेटिसबर्ग]] येथील कौटुंबिक शेतावर घालवला, आणि शेवटच्या वर्षांत त्या वॉशिंग्टनला परतल्या, जिथे १९७९ मध्ये त्यांचे निधन झाले. == जीवन == मेरी जिनेव्हा "मेमी" डौड यांचा जन्म आयोवामधील बून येथे, मांस पॅकिंग कंपनीचे कार्यकारी अधिकारी जॉन शेल्डन डौड आणि एलिवेरा मॅथिल्डा कार्लसन यांच्या दुसऱ्या अपत्य म्हणून झाला.<ref name="Eisenhower 1996">{{Cite book |last=Eisenhower |first=Susan |url=https://archive.org/details/mrsikememoriesre00eise |title=Mrs. Ike: Memories and Reflections on the Life of Mamie Eisenhower |publisher=Farrar, Straus and Giroux |year=1996 |isbn=9780374215149}}</ref> <ref name="nrhp">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.coloradohistory-oahp.org/programareas/register/1503/cty/pdfs/5DV747.pdf|title=National Register of Historic Places Registration Form|last=Tatanka Historical Associates|date=February 25, 2005|website=www.coloradohistory-oahp.org|publisher=Colorado Historical Society Office of Archeology & Historic Preservation|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20060816015657/http://www.coloradohistory-oahp.org/programareas/register/1503/cty/pdfs/5DV747.pdf|archive-date=August 16, 2006|access-date=February 4, 2009}}</ref> त्या [[सीडार रॅपिड्स (आयोवा)|आयोवामधील सीडार रॅपिड्स]] ; [[पेब्लो (कॉलोराडो)|कोलोरॅडोमधील पेब्लो;]] [[कॉलोराडो स्प्रिंग्ज|कोलोरॅडो स्प्रिंग्ज]], [[डेन्व्हर]], आणि टेक्सासमधील [[सॅन अँटोनियो]] येथील निवासस्थानी वाढल्या.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.firstladies.org/biographies/firstladies.aspx?biography=35|title=Mamie Eisenhower Biography|publisher=National First Ladies Library|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20120509065906/http://www.firstladies.org/biographies/firstladies.aspx?biography=35|archive-date=May 9, 2012|access-date=December 27, 2013}}</ref> त्यांची आई स्वीडिश स्थलांतरितांची मुलगी होती आणि घरात अनेकदा स्वीडिश भाषा बोलली जात असे.<ref name=":9">{{स्रोत पुस्तक|url=https://www.degruyter.com/document/doi/10.1515/9781626373532/html|title=First Ladies of the United States|last=Watson|first=Robert P.|publisher=Lynne Rienner Publishers|year=2001|isbn=978-1-62637-353-2|pages=231–236|language=en|chapter=Mary Geneva "Mamie" Doud Eisenhower|doi=10.1515/9781626373532}}</ref> त्यांचे वडील वयाच्या ३६ व्या वर्षी निवृत्त होईपर्यंत, त्यांनी स्थापन केलेली डौड अँड माँटगोमेरी ही मांस पॅकिंग कंपनी चालवत होते. इलिनॉय आणि आयोवा येथील स्टॉकयार्डमध्येही त्यांची गुंतवणूक होती, ज्यामुळे त्यांनी मोठी संपत्ती कमावली.<ref name="Eisenhower 1996"/> त्यांच्या संपत्तीमुळे कुटुंबाला अनेक सुखसोयी मिळाल्या, ज्यात त्यांच्या गरजा पूर्ण करणारे नोकर आणि उच्चभ्रू समाजाशी असलेले संबंध यांचा समावेश होता.<ref name=":02">{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=ETppzHR-X7oC|title=First Ladies: A Biographical Dictionary|last=Schneider|first=Dorothy|last2=Schneider|first2=Carl J.|publisher=Facts on File|year=2010|isbn=978-1-4381-0815-5|edition=3rd|pages=261–270|language=en|chapter=Mamie Geneva Doud Eisenhower}}</ref> मेमीला अनेक जण मागणी घालत होते, पण १९१५ मध्ये तिला सेकंड लेफ्टनंट ड्वाइट डी. "आईक" आयझेनहॉवरमध्ये रस निर्माण झाला.<ref name=":9"/> १९१६ च्या [[व्हॅलेंटाईन्स डे|व्हॅलेंटाईन डेला]] त्यांचा साखरपुडा झाला. १ जुलै १९१६ रोजी डेन्व्हरमधील डौड कुटुंबाच्या घरी त्यांचे लग्न झाले.<ref name=":02" /> आयझेनहॉवर दाम्पत्याला दोन मुलगे होते. त्यांचा पहिला मुलगा, डौड ड्वाइट "इकी" आयझेनहॉवर, २४ सप्टेंबर १९१७ रोजी जन्मला. प्रकृती अस्वास्थ्य असूनही एकटीने त्याची काळजी घ्यावी लागल्याने, मेमीने खूप कष्ट केले. २ जानेवारी १९२१ रोजी, वयाच्या तिसऱ्या वर्षी स्कार्लेट फिव्हरने इकीचा मृत्यू झाला. मेमी पूर्णपणे खचून गेली होती आणि या दुःखद घटनेतून स्वतःचे लक्ष विचलित करण्यासाठी तिच्याकडे फारसे काही नव्हते. त्यांचा दुसरा मुलगा, जॉन शेल्डन डौड आयझेनहॉवर, ३ ऑगस्ट १९२२ रोजी डेन्व्हरमध्ये जन्मला.<ref name=":02"/> जॉनने सैन्यात सेवा केली, तो बेल्जियममधील अमेरिकेचा राजदूत होता आणि त्याने अनेक पुस्तके लिहिली.<ref>{{स्रोत बातमी|last=Goldstein|first=Richard|url=https://www.nytimes.com/2013/12/23/us/john-eisenhower-historian-and-son-of-the-president-dies-at-91.html|title=John Eisenhower, Military Historian and Son of the President, Dies at 91|date=December 22, 2013|work=The New York Times|location=New York}}</ref> जेव्हा या पदाला राष्ट्रीय सार्वजनिक प्रतिमा मिळू लागली, तेव्हा आयझेनहॉवर प्रथम महिला बनल्या.<ref name=":3">{{स्रोत पुस्तक|title=The First Ladies: From Martha Washington to Mamie Eisenhower|url=https://archive.org/details/firstladiesfromm0000schw|last=Schwartz Foster|first=Feather|publisher=Cumberland House|year=2011|pages=[https://archive.org/details/firstladiesfromm0000schw/page/151 151]–157|chapter=Mamie Eisenhower}}</ref> त्यांनी या भूमिकेशी संबंधित असलेल्या प्रसिद्धीला नापसंती दर्शवली.<ref name=":02"/> त्यांनी माध्यमांपासून अंतर राखले, मुलाखती टाळल्या आणि त्यांच्याऐवजी त्यांच्या सचिव मेरी जेन मॅकॅफ्री यांना पत्रकारांशी बोलण्यास सांगितले.<ref name=":0">{{जर्नल स्रोत|last=Beasley|first=Maurine|last2=Belgrade|first2=Paul|date=January 1, 1986|title=Media Coverage of a Silent Partner|url=https://doi.org/10.1080/08821127.1986.10731055|journal=American Journalism|volume=3|issue=1|pages=39–49|doi=10.1080/08821127.1986.10731055|issn=0882-1127|url-access=subscription}}</ref> लष्करी पत्नी म्हणून मिळालेल्या अनुभवाच्या आधारे, आयझेनहॉवर यांनी [[व्हाइट हाऊस|व्हाईट हाऊस]] आणि तेथील कर्मचाऱ्यांचे व्यवस्थापन सहजपणे स्वीकारले.<ref name="Eisenhower 1996"/> प्रकृती अस्वास्थ्यामुळे अंथरुणातच राहून, आयझेनहॉवर सहसा आपल्या बेडरूममधूनच व्हाईट हाऊसचे व्यवस्थापन करत असत.<ref name=":02" /> लष्करी पत्नी म्हणून त्यांनी कठोर काटकसर विकसित केली होती आणि व्हाईट हाऊसच्या खर्चाचे सूक्ष्म व्यवस्थापन करत असत.<ref name=":04">{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=N1K-CwAAQBAJ&q=best%2520dressed|title=A Companion to First Ladies|last=Rama Maravillas|first=Anthony|date=March 14, 2016|publisher=John Wiley & Sons|isbn=9781118732182|editor-last=Sibley|editor-first=Katherine A. S.|pages=492–502|language=en|chapter=Overrated Pleasures and Underrated Treasures: Mamie Eisenhower, a Bridge between First Lady Archetypes}}</ref> २५ सप्टेंबर १९७९ रोजी आयझेनहॉवर यांना पक्षाघाताचा झटका आला. त्यांना तातडीने वॉल्टर रीड आर्मी मेडिकल सेंटरमध्ये दाखल करण्यात आले, जिथे दहा वर्षांपूर्वी त्यांच्या पतीचे निधन झाले होते. आयझेनहॉवर रुग्णालयातच होत्या आणि ३१ ऑक्टोबर रोजी त्यांनी त्यांची नात मेरी जीन हिला सांगितले की त्या दुसऱ्या दिवशी मरण पावतील. १ नोव्हेंबरच्या सकाळी झोपेतच त्यांचे निधन झाले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.dwightdeisenhower.com/biomde.html|title=Biography: Mamie Doud Eisenhower|website=dwightdeisenhower.com|publisher=Dwight D. Eisenhower Foundation|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20081226004350/http://www.dwightdeisenhower.com/biomde.html|archive-date=December 26, 2008|access-date=January 9, 2009}}</ref><ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.nytimes.com/1979/11/04/archives/mrs-eisenhower-quietly-buried-at-generals-memorial-in-kansas.html|title=Mrs. Eisenhower Quietly Buried At General's Memorial in Kansas|date=November 4, 1979|work=The New York Times|language=en-US|issn=0362-4331|access-date=October 3, 2022}}</ref> [[चित्र:Mamie_eisenhower.gif|अल्ट=Painting of Mamie in a pink gown|इवलेसे|थॉमस स्टीव्हन्स यांनी १९५३ मध्ये रेखाटलेले, मेमी आयझेनहॉवर त्यांच्या उद्घाटनाच्या गाऊनमध्ये.]] == संदर्भ == {{संदर्भयादी|30em}}{{अमेरिकेच्या प्रथम महिला}} [[वर्ग:अमेरिकेच्या प्रथम महिला]] [[वर्ग:इ.स. १९७९ मधील मृत्यू]] [[वर्ग:इ.स. १८९६ मधील जन्म]] [[वर्ग:स्त्री चरित्रलेख]] 5p773svk3pfwcoda1gq423vapaajdc6 युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडेमीचे माजी विद्यार्थी 0 380804 2710846 2701897 2026-09-19T20:45:45Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2710846 wikitext text/x-wiki {{बदल}} [[File:AFA Graduates.jpg|thumb|200px|right|[[युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडमी]]मधील पदवीदान समारंभात [[U.S. Air Force Thunderbirds|एर फोर्स थंडरबर्ड्स]]द्वारे पारंपारिक टोपी उडवणे आणि फ्लायओव्हर]] [[File:US-AirForceAcademy-Shield.svg|thumb|100px|right|एरकॅडमीचे बोधचिन्ह]] युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडेमीतून उत्तीर्ण झालेल्या अनेक अधिकाऱ्यांनी पुढे जाऊन [[अमेरिकेचे अंतराळयात्री|अंतराळवीर]], [[अमेरिकेचे वायुसेना प्रमुख|वायुसेना प्रमुख]] आणि विविध क्षेत्रांतील जागतिक नेते म्हणून मोठी कामगिरी बजावली आहे. या अकॅडमीची स्थापना १९५४ मध्ये झाली, १९५५ मध्ये पहिली तुकडी दाखल झाली आणि १९५९ मध्ये पहिली तुकडी पदवीधर झाली. येथे प्रवेश मिळालेल्या सर्व विद्यार्थ्यांना एर फोर्समधील ''कॅडेट'' हे पद दिले जाते.<ref name="affacts">{{cite web|url=http://www.usafa.af.mil/information/factsheets/factsheet.asp?id=9409 |title=AIR FORCE ACADEMY HISTORY |publisher=United States Air Force Academy |access-date=2012-08-04 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20150906220249/http://www.usafa.af.mil/information/factsheets/factsheet.asp?id=9409 |archive-date=2015-09-06 }}</ref> क्रीडा माध्यमे अकॅडमीचा उल्लेख अधिकृतरणे ''एर फोर्स'' असा करतात.<ref name="afsports">{{cite web|url=http://www.goairforcefalcons.com/|title=Air Force Falcons|publisher=United States Air Force Academy|access-date=2012-08-04|archive-date=2012-08-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20120804034342/http://www.goairforcefalcons.com/|url-status=live}}</ref> बहुतेक कॅडेट्सना युनायटेड स्टेट्स काँग्रेस प्रणालीद्वारे प्रवेश दिला जातो.<ref name="USAFA apps">{{cite web|url=http://academyadmissions.com/|title=Admissions Center|year=2009|publisher=United States Air Force Academy|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-03-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20090314025628/http://academyadmissions.com/|url-status=live}}</ref> येथे शिकवला जाणारा अभ्यासक्रम व्यापक आहे परंतु बव्हंशी विज्ञान आणि अभियांत्रिकीवर भर दिला जातो.<ref name="USAFA curric">{{cite web|url=http://www.usafa.edu/index.cfm?catname=Dean%20of%20Faculty|title=Dean of Faculty|year=2009|publisher=United States Air Force Academy|access-date=2009-03-07|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090503062927/http://www.usafa.edu/index.cfm?catname=Dean%20of%20Faculty|archive-date=2009-05-03}}</ref> १९५९ मधील पहिल्या पदवीधर तुकडीपूर्वी, [[युनायटेड स्टेट्स मिलिटरी अकॅडमी]] आणि [[युनायटेड स्टेट्स नेव्हल अकॅडमी]] या एर फोर्स आणि त्याच्या पूर्ववर्ती [[युनायटेड स्टेट्स आर्मी एर कोर|आर्मी एर कोर]] आणि [[युनायटेड स्टेट्स आर्मी एर फोर्सेस|आर्मी एर फोर्सेस]]साठी अधिकाऱ्यांचे मुख्य स्रोत होते. अकॅडमीचा मुख्य भर एर फोर्स आणि स्पेस फोर्सवर असला तरी, काही पदवीधरांना [[युनायटेड स्टेट्स आर्मी]], [[युनायटेड स्टेट्स नेव्ही]], [[युनायटेड स्टेट्स मरीन कॉर्प्स]], किंवा [[युनायटेड स्टेट्स कोस्ट गार्ड]]मध्ये सेवा देण्याचा पर्याय दिला जातो.<ref name="USAFA crosscomm">{{cite web|url=http://www.usafa.edu/superintendent/pa/agenda.cfm |title=Agenda for Change |year=2003 |publisher=United States Air Force Academy |access-date=2012-08-04 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100720092411/http://www.usafa.edu/superintendent/pa/agenda.cfm |archive-date=2010-07-20 }}</ref> ही यादी एर फोर्स अकॅडमीचे पदवीधर, बिगर-पदवीधर माजी कॅडेट्स, वर्तमान कॅडेट्स आणि प्राध्यापकांमधून तयार करण्यात आली आहे. विविध शैक्षणिक क्षेत्रातील ४१० हून अधिक नामांकित विद्वान हे अकॅडमीचे पदवीधर आहेत, ज्यामध्ये: ४१ [[रोड्स स्कॉलरशिप|रोड्स स्कॉलर्स]], २४ [[मार्शल स्कॉलरशिप|मार्शल स्कॉलर्स]], १३ [[हॅरी एस. ट्रुमन स्कॉलरशिप|हॅरी एस. ट्रुमन स्कॉलर्स]], ११५ [[जॉन एफ. केनेडी स्कूल ऑफ गव्हर्नमेंट]] स्कॉलर्स आणि ३१ गेरहार्ट स्कॉलर्स समाविष्ट आहेत.<ref name="stats">{{cite web|url=http://www.usafa.af.mil/superintendent/pa/factsheets/quick.htm |title=Academics Fact Sheet: A Quick Look At The U.S. Air Force Academy |date=May 2008 |publisher=United States Air Force Academy |access-date=2009-03-08 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090302072412/http://www.usafa.af.mil/superintendent/pa/factsheets/quick.htm |archive-date=March 2, 2009 }}</ref> इतर उल्लेखनीय पदवीधरांमध्ये ७९४ [[जनरल अधिकारी]], युद्धात मारले गेलेले १६४ पदवीधर, परत आलेले ३६ युद्धकैदी, १ [[मेडल ऑफ ऑनर]] प्राप्तकर्ता आणि २ कॉम्बॅट एसेस समाविष्ट आहेत.<ref name="stats"/> अकॅडमीचे ३९ पदवीधर [[अंतराळवीर]] बनले आहेत, जे उच्च शिक्षण संस्थांमध्ये केवळ [[युनायटेड स्टेट्स नेव्हल अकॅडमी]] (५२) नंतर दुसऱ्या क्रमांकावर आहेत.<ref name="nasaroster">{{cite web|url=http://spaceflight.nasa.gov/spacenews/factsheets/pdfs/astro.pdf|archive-url=https://web.archive.org/web/20011109090707/http://spaceflight.nasa.gov/spacenews/factsheets/pdfs/astro.pdf|url-status=dead|archive-date=2001-11-09|title=Astronaut Fact Book|date=January 2005|publisher=National Aeronautics and Space Administration (NASA)|access-date= 2009-03-07}}</ref> == शैक्षणिक क्षेत्र == :वर्ष हे प्रत्येक व्यक्ती अकॅडेमीतून उत्तीर्ण होण्याचे साल होय. {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९५९ | [[ब्रॅडली सी. हॉसमेर]] | [[लेफ्टनंट जनरल]]; अकॅडेमीच्या पहिल्या तुकडीत गुणवत्तेत प्रथम आलेले पदवीधर; अकॅडेमीचे पहिले [[रोड्स स्कॉलरशिप|रोड्स स्कॉलर]]; अकॅडेमीचे [[युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडेमीचे अधीक्षक|अधीक्षक]] म्हणून परत आलेले पहिले पदवीधर (१९९१–१९९४) | <ref name="hosmer">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5862|title=Lieutenant General Bradley C. Hosmer|publisher=Air फोर्स Link|access-date= 2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20040211232712/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5862|archive-date=2004-02-11}}</ref> |- | १९६१ | [[रुबेन ए. क्युबेरो]] | ब्रिगेडियर जनरल; व्हिएतनाम युद्धातील लढाऊ पायलट; अकॅडेमीतील पहिले हिस्पॅनिक प्राध्यापक डीन | <ref name="cubero">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5128|title=Brigadier General Ruben A. Cubero|publisher=Air फोर्स Link|access-date= 2009-04-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20040208020718/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5128|archive-date=2004-02-08}}</ref> |- | १९६२ | [[इर्विन रॉके]] | लेफ्टनंट जनरल; अकॅडेमीमध्ये प्राध्यापक डीन बनलेले पहिले पदवीधर, १९८४–८६; [[नॅशनल डिफेन्स युनिव्हर्सिटी]]चे अध्यक्ष १९९४–९७; [[मोरावियन कॉलेज]]चे अध्यक्ष १९९७–२००६ | — |- | १९६५ | [[टॅड जे. ओलस्ट्रॉम]] | नॅशनल सिक्युरिटी प्रोग्रामचे संचालक, [[जॉन एफ. केनेडी स्कूल ऑफ गव्हर्नमेंट]], [[हार्वर्ड युनिव्हर्सिटी]]; युनायटेड स्टेट्सएर फोर्स अकॅडेमीचे अधीक्षक (१९९७–२०००) | <ref name="oelstrom">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6640|title=Lieutenant General Tad J. Oelstrom|publisher=Air फोर्स Link|access-date= 2009-03-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20040209090804/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6640|archive-date=2004-02-09}}</ref><ref name="oelstrom2">{{cite web|url=http://www.hks.harvard.edu/about/faculty-staff-directory/tad-oelstrom/(page)/faculty|title=Harvard Kennedy School - Tad Oelstrom|publisher=Harvard Kennedy School of Government|access-date=2009-03-13|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20090103225314/http://www.hks.harvard.edu/about/faculty-staff-directory/tad-oelstrom/(page)/faculty|archive-date=2009-01-03}}</ref> |- | १९७३ | [[फ्रँक क्लॉट्झ]] | [[लेफ्टनंट जनरल]]; [[रोड्स स्कॉलर]]; कमांडर, [[एर फोर्स ग्लोबल स्ट्राईक कमांड]]; मिसाईलर | <ref name="klotz">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6081|title=Lt. General Frank G. Klotz|publisher=Air फोर्स Link|access-date= 2009-11-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20040208223459/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6081|archive-date=2004-02-08}}</ref> |- | १९८० | [[लिंडा गार्सिया क्युबेरो]] | [[युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडेमी]]मधून पदवीधर झालेल्या महिलांच्या पहिल्या तुकडीच्या सदस्या, अशा प्रकारे कोणत्याही लष्करी अकॅडेमीमधून पदवीधर झालेल्या पहिल्या [[हिस्पॅनिक]] महिला | <ref name="Latina Style Magazine">{{cite news|first=Linda |last=Garcia Cubero |title=Punto Final! |work=[[Latina Style magazine|Latina Style]] |access-date=24 March 2009 |url=http://www.latinastyle.com/currentissue/v10-5/punto.html |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090516190434/http://www.latinastyle.com/currentissue/v10-5/punto.html |archive-date=May 16, 2009 }}</ref> |- | १९८१ | [[मिशेल डी. जॉन्सन]] | लेफ्टनंट जनरल; जेट ट्रान्सपोर्ट/टँकर पायलट; एर फोर्स अकॅडेमीच्या पहिल्या महिला रोड्स स्कॉलर; पहिल्या महिला कॅडेट विंग कमांडर; अकॅडमिक ऑल अमेरिकन बास्केटबॉल खेळाडू (१९८१–८२); एर फोर्स अकॅडेमी स्पोर्ट्स हॉल ऑफ फेमच्या उद्घाटक सदस्या (२००७); [[अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष|अमेरिकेच्या राष्ट्राध्यक्षांचे]] वायुसेना मदतनीस (१९९२–९४); एर फोर्स अकॅडेमीच्या अधीक्षक २०१३–२०१७ | <ref name="mdjohnson">{{cite web|url=http://www.usafa.af.mil/information/biographies/bio.asp?id=17174 |title=Lieutenant General Michelle D. Johnson |date=July 2009 |publisher=U.S. Air फोर्स Academy |access-date=2013-08-21 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130904062656/http://www.usafa.af.mil/information/biographies/bio.asp?id=17174 |archive-date=2013-09-04 }}</ref> |- | १९८२ | [[हेदर विल्सन]] | रोड्स स्कॉलर; युनायटेड स्टेट्स काँग्रेस मध्ये निवड झालेल्या पहिल्या पदवीधर; [[न्यू मेक्सिकोचा १ ला संसदीय मतदारसंघ|न्यू मेक्सिकोच्या १ ल्या मतदारसंघा]]तून अमेरिकन प्रतिनिधी (१९८८–२००९); साऊथ डकोटा school ऑफ माइन्स अँड टेक्नॉलॉजीच्या अध्यक्ष (२०१३–२०१७); [[वायुसेनााचे सचिव|एर फोर्सचे सचिव]] म्हणून नियुक्त झालेल्या पहिल्या पदवीधर (२०१७–२०१९) | <ref name="hwilson">{{cite web| url=http://bioguide.congress.gov/scripts/biodisplay.pl?index=w000789| title=Wilson, Heather| publisher=United स्टेट्सCongress| access-date=2009-03-10| archive-date=2011-11-12| archive-url=https://web.archive.org/web/20111112053525/http://bioguide.congress.gov/scripts/biodisplay.pl?index=w000789| url-status=live}}</ref> |- | १९८३ | [[डेना एच. बॉर्न]] | ब्रिगेडियर जनरल; अकॅडेमीमधील पहिल्या महिला प्राध्यापक डीन | <ref name="born">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7839 |title=Brigadier General Dana H. Born |publisher=Air फोर्स Link |access-date=2009-04-01 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090314003837/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7839 |archive-date=March 14, 2009 }}</ref> |- | १९८३ | [[थॉमस डब्ल्यू. क्राईस]] | [[पॅसिफिक लुथरन युनिव्हर्सिटी]]चे १३ वे अध्यक्ष २०१२–२०१७ | <ref name="krise">{{cite web|url=http://www.tacoma.com/thomas-krise-at-pacific-lutheran-university/|title=Thomas Krise at Pacific Lutheran University|publisher=tacom.com|access-date=2012-03-12|date=2012-03-12|archive-date=2016-01-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20160114205813/http://www.tacoma.com/thomas-krise-at-pacific-lutheran-university/|url-status=live}}</ref> |- | १९९१ | [[क्रिस्टोफर बी. हॉवर्ड]] | रोड्स स्कॉलर; [[हॅम्पडेन-सिडनी कॉलेज]]चे अध्यक्ष, २००९–१६; रॉबर्ट मॉरिस युनिव्हर्सिटीचे अध्यक्ष, २०१६- | <ref name="howard">{{cite web|url=http://www.hsc.edu/newpresident/biography.php |title=Christopher B. Howard |publisher=Hampden-Sydney College |access-date=2009-03-07 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090206005307/http://www.hsc.edu/newpresident/biography.php |archive-date=February 6, 2009 }}</ref> |- | १९९६ | [[लिनेल लेटेंड्रे]] | वकील आणि प्राध्यापक डीन | <ref>{{Cite web|url=https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/1978357/brigadier-general-linell-a-letendre/|title=BRIGADIER GENERAL LINELL A. LETENDRE|website=www.af.mil|access-date=2020-01-28|archive-date=2020-01-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20200128145159/https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/1978357/brigadier-general-linell-a-letendre/|url-status=live}}</ref> |- | २०१७ | [[डेव्हिड वॅग्नर]] | मार्शल स्कॉलर (२०१७), लढाऊ अनुभवी आणि २ डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉसचे प्राप्तकर्ता | <ref>{{Cite web|url=https://www.marshallscholarship.org/scholars/scholar-profiles/david-wagner/|title=David Wagner|website=www.marshallscholarship.org|access-date=2026-01-31|archive-date=2025-12-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20251213040556/https://www.marshallscholarship.org/scholars/scholar-profiles/david-wagner/|url-status=live}}</ref> |} === अकॅडेमीचे अधीक्षक === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९५९ | [[ब्रॅडली सी. हॉसमेर]] | लेफ्टनंट जनरल; पहिल्या तुकडीत गुणवत्तेत प्रथम आलेले पदवीधर; अकॅडेमीचे पहिले रोड्स स्कॉलर; अकॅडेमीचे अधीक्षक म्हणून परत आलेले पहिले पदवीधर (१९९१–१९९४) | <ref name="hosmer"/> |- | १९६५ | [[टॅड जे. ओलस्ट्रॉम]] | नॅशनल सिक्युरिटी प्रोग्रामचे संचालक, जॉन एफ. केनेडी स्कूल ऑफ गव्हर्नमेंट, हार्वर्ड युनिव्हर्सिटी; अकॅडेमीचे अधीक्षक (१९९७–२०००) | <ref name="oelstrom"/><ref name="oelstrom2"/> |- | १९६६ | [[पॉल ई. स्टाईन]] | अकॅडेमीचे अधीक्षक (१९९४–१९९७) | <ref name="stein">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7249|title=Lieutenant General Paul E. Stein|publisher=Air फोर्स Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040211050453/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7249|archive-date=2004-02-11}}</ref> |- | १९६९ | [[जॉन आर. डॅलॅगर]] | अकॅडेमीचे अधीक्षक (२०००–२००३) | <ref name="dallager">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5148 |title=Lieutenant General John R. Dallager |publisher=Air फोर्स Link |access-date=2009-03-14 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090313030150/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5148 |archive-date=March 13, 2009 }}</ref> |- | १९७३ | [[जॉन एफ. रेग्नी]] | अकॅडेमीचे अधीक्षक (२००५–२००९) | <ref name="regni">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6872 |title=Lieutenant General John F. Regni |publisher=Air फोर्स Link |access-date=2009-03-14 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090213093741/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6872 |archive-date=February 13, 2009 }}</ref> |- | १९७६ | [[मायकेल सी. गोल्ड]] | अकॅडेमीचे अधीक्षक (२००९–२०१३); [[शायेन माउंटन कॉम्प्लेक्स|शायेन माउंटन ऑपरेशन्स सेंटर]]चे कमांडर (२०००–२००२) | <ref name="gould"/><ref name="gould2"/> |- | १९८१ | [[मिशेल डी. जॉन्सन]] | अकॅडेमीचे अधीक्षक (२०१३–२०१७) | <ref name="mdjohnson2"/> |- | १९८५ | [[जे बी. सिल्व्हेरिया]] | अकॅडेमीचे अधीक्षक (२०१७–२०२०) | <ref>{{Cite web | url=http://www.usafa.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/1276408/lieutenant-general-jay-b-silveria/ | title=About Us | access-date=2017-09-10 | archive-date=2017-09-02 | archive-url=https://web.archive.org/web/20170902164954/http://www.usafa.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/1276408/lieutenant-general-jay-b-silveria/ | url-status=dead }}</ref> |- | १९८६ | [[रिचर्ड एम. क्लार्क]] | अकॅडेमीचे अधीक्षक (२०२०–२०२४) | <ref name="afbio">{{cite web |title=LIEUTENANT GENERAL RICHARD M. CLARK |url=https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/108502/richard-m-clark/ |publisher=U.S. Air फोर्स |access-date=10 July 2020 |archive-date=13 July 2020 |archive-url=https://web.archive.org/web/20200713070806/https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/108502/major-general-richard-m-clark/ |url-status=live }}</ref> |- | १९९१ | [[टोनी डी. बॉर्नफाइंड]] | अकॅडेमीचे अधीक्षक (२०२४–वर्तमान) | <ref>{{cite web |url=https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/708808/tony-d-bauernfeind/ |title=Lieutenant General Tony D. Bauernfeind (USAF) |date=August 2, 2024 |publisher=U.S. Air फोर्स |access-date=August 5, 2024}}</ref> |} == अंतराळयात्री == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९५९ | [[कॅरोल जे. बॉबको]] | [[एसटीएस-६]] चे पायलट; [[एसटीएस-५१-डी]] आणि [[एसटीएस-५१-जे]] चे नेतृत्व केले; दोन [[स्पेस शटल ऑर्बिटर]]च्या पहिल्या उड्डाणावर उड्डाण करणारे एकमेव अंतराळवीर | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/bobko-kj.html|title=Karol J. Bobko (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2008-02-12|archive-url=https://web.archive.org/web/20080212224833/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/bobko-kj.html|url-status=live}}</ref> |- | १९६४ | [[फ्रेडरिक डी. ग्रेगरी]] | [[एसटीएस-५१-बी]] चे पायलट; [[एसटीएस-३३]] आणि [[एसटीएस-४४]] चे नेतृत्व केले; नासाचे माजी उपप्रशासक आणि माजी हंगामी प्रशासक; कोणत्याही अंतराळ वाहनाचे नेतृत्व करणारे पहिले [[आफ्रिकन अमेरिकन]] | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/gregory-fd.html|title=Frederick D. Gregory (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20070523144835/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/gregory-fd.html|archive-date=2007-05-23|url-status=dead}}</ref> |- | १९६५ | [[जॉन ई. ब्लाहा]] | [[एसटीएस-२९]] आणि [[एसटीएस-३३]] चे पायलट; [[एसटीएस-४३]] आणि [[एसटीएस-५८]] चे नेतृत्व केले, तसेच [[मीर]] अंतराळ स्थानकावर दीर्घकालीन अंतराळ उड्डाण केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/blaha.html|title=John E. Blaha (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2012-10-12|archive-url=https://web.archive.org/web/20121012000532/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/blaha.html|url-status=live}}</ref> |- | १९६५ | [[रॉय डी. ब्रिजेस, जुनियर]] | मेजर जनरल; [[एसटीएस-५१-एफ]] चे पायलट; [[केनेडी स्पेस सेंटर]]चे संचालक (१९९७–२००३) आणि [[लँगली रिसर्च सेंटर]]चे संचालक (२००३–२००५) | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/bridges.html|title=Roy D. Bridges, Jr. (Major General, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328073450/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/bridges.html|archive-date=2009-03-28|url-status=dead}}</ref> |- | १९६६ | [[जॉन कॅस्पर]] | [[एसटीएस-३६]] चे पायलट; [[एसटीएस-५४]], [[एसटीएस-६२]] आणि [[एसटीएस-७७]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/casper.html|title=John H. Casper (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-03-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328022748/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/casper.html|url-status=live}}</ref> |- | १९६६ | [[रोनाल्ड जे. ग्रेब]] | [[एसटीएस-५१-जे]] आणि [[एसटीएस-३०]] चे पायलट; [[एसटीएस-४२]] आणि [[एसटीएस-५७]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/grabe-rj.html|title=Ronald J. Grabe (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-03-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328070759/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/grabe-rj.html|url-status=live}}</ref> |- | १९६६ | [[चार्ल्स एल. वीच]] | [[एसटीएस-३९]] आणि [[एसटीएस-५२]] वर मोहीम तज्ञ | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/veach.html|title=Charles L. Veach (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328070625/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/veach.html|archive-date=2009-03-28|url-status=dead}}</ref> |- | १९६७ | [[लोरेन श्रायव्हर]] | [[एसटीएस-५१-सी]] चे पायलट; [[एसटीएस-३१]] आणि [[एसटीएस-४६]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/shriver.html|title=Loren J. Shriver (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2016-05-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20160514132441/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/shriver.html|url-status=live}}</ref> |- | १९६८ | [[रिचर्ड ओ. कोव्ही]] | [[एसटीएस-५१-आय]] आणि [[एसटीएस-२६]] चे पायलट; [[एसटीएस-३८]] आणि [[एसटीएस-६१]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/covey-ro.html|title=Richard O. Covey (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2016-04-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20160402032156/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/covey-ro.html|url-status=live}}</ref> |- | १९६९ | [[गाय गार्ढनर]] | [[एसटीएस-२७]], [[एसटीएस-३५]] चे पायलट | <ref>{{cite web|url=https://www.nasa.gov/sites/default/files/atoms/files/gardner_guy.pdf|title=GUY S. GARDNER|publisher=NASA|access-date=2019-06-30|archive-date=2019-03-31|archive-url=https://web.archive.org/web/20190331212614/https://www.nasa.gov/sites/default/files/atoms/files/gardner_guy.pdf|url-status=live}}</ref> |- | १९७१ | [[गॅरी पेटन]] | [[एसटीएस-५१-सी]] वर पेलोड तज्ञ | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/payton-ge.html|title=Gary E. Payton (Major, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090307162832/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/payton-ge.html|archive-date=2009-03-07|url-status=dead}}</ref> |- | १९७३ | [[सिडनी एम. गुतिएरेझ]] | [[एसटीएस-४०]] चे पायलट आणि [[एसटीएस-५९]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/gutierrez-sm.html|title=Sidney M. Gutierrez (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090327221459/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/gutierrez-sm.html|archive-date=2009-03-27|url-status=dead}}</ref> |- | १९७३ | [[एल. ब्लेन हॅमंड]] | [[एसटीएस-३९]] आणि [[एसटीएस-६४]] चे पायलट | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/hammond.html|title=L. Blaine Hammond, Jr. (Colonel, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328065204/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/hammond.html|archive-date=2009-03-28|url-status=dead}}</ref> |- | १९७४ | [[टेरेन्स टी. हेन्रिक्स]] | [[एसटीएस-४४]] आणि [[एसटीएस-५५]] चे पायलट; [[एसटीएस-७०]] आणि [[एसटीएस-७८]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/henricks.html|title=Terence T. Henricks (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-02-26|archive-url=https://web.archive.org/web/20090226214136/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/henricks.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७४ | [[मार्क सी. ली]] | [[एसटीएस-३०]], [[एसटीएस-६४]] आणि [[एसटीएस-८२]] वर मोहीम तज्ञ; [[एसटीएस-४७]] चे पेलोड कमांडर | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/lee.html|title=Mark C. Lee (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-03-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20090323044447/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/lee.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७४ | [[डोनॉल्ड आर. मॅकमोनेगल]] | [[एसटीएस-३९]] वर मोहीम तज्ञ, [[एसटीएस-५४]] चे पायलट आणि [[एसटीएस-६६]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/mcmonagl.html|title=Donald R. McMonagle (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090226233459/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/mcmonagl.html|archive-date=2009-02-26|url-status=dead}}</ref> |- | १९७४ | [[विलियम ए. पेल्स]] | [[एसटीएस-५१-जे]] वर पेलोड तज्ञ | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/pailes-wa.html|title=William A. Pailes (Major, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090307161600/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/pailes-wa.html|archive-date=2009-03-07|url-status=dead}}</ref> |- | १९७४ | [[रोनाल्ड एम. सेगा]] | मेजर जनरल; [[एसटीएस-६०]] आणि [[एसटीएस-७६]] वर मोहीम तज्ञ; युनायटेड States हवाई दलाचे माजी उपसचिव | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/sega.html|title=Ronald M. Sega (Major General, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-03-02|archive-url=https://web.archive.org/web/20090302134855/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/sega.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७५ | [[ब्रायन डफी]] | [[एसटीएस-४५]] आणि [[एसटीएस-५७]] चे पायलट; [[एसटीएस-७२]] आणि [[एसटीएस-९२]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/duffy.html|title=Brian Duffy (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2001-06-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20010604205941/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/duffy.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७६ | [[केविन पी. चिल्टन]] | जनरल; [[४ स्टार रँक|४-स्टार रँक]] मिळवणारे एकमेव अंतराळवीर; [[एसटीएस-४९]] आणि [[एसटीएस-५९]] चे पायलट; [[एसटीएस-७६]] चे नेतृत्व केले; [[युनायटेड स्टेट्स स्ट्रॅटेजिक कमांड]]चे माजी कमांडर | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/chilton.html|title=Kevin P. Chilton (General, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2013-02-17|archive-url=https://web.archive.org/web/20130217173553/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/chilton.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७७ | [[थॉमस डी. जोन्स]] | [[एसटीएस-५९]], [[एसटीएस-८०]] आणि [[एसटीएस-९८]] वर मोहीम तज्ञ; [[एसटीएस-६८]] चे पेलोड कमांडर | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/jones.html|title=Thomas D. Jones (Ph.D.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2017-02-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20170209120205/https://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/jones.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७७ | [[चार्ल्स जे. प्रिकोर्ट]] | [[एसटीएस-५५]] वर मोहीम तज्ञ; [[एसटीएस-७१]] चे पायलट; [[एसटीएस-८४]] आणि [[एसटीएस-९१]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/precourt.html|title=Charles J. Precourt (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090327025216/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/precourt.html|archive-date=2009-03-27|url-status=dead}}</ref> |- | १९७८ | [[कर्टिस ब्राउन]] | [[एसटीएस-४७]], [[एसटीएस-६६]] आणि [[एसटीएस-७७]] चे पायलट; [[एसटीएस-८५]], [[एसटीएस-९५]] आणि [[एसटीएस-१०३]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/brown-c.html|title=Curtis L. Brown, Jr. (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090226235705/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/brown-c.html|archive-date=2009-02-26|url-status=dead}}</ref> |- | १९७८ | [[जेम्स डी. हॅसेल]] | [[एसटीएस-६५]] आणि [[एसटीएस-७४]] चे पायलट; [[एसटीएस-८३]], [[एसटीएस-९४]] आणि [[एसटीएस-१०१]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/halsell.html|title=James D. Halsell, Jr. (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2017-02-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20170209120220/https://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/halsell.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७८ | [[केविन आर. क्रेगेल]] | [[एसटीएस-७०]] आणि [[एसटीएस-७८]] चे पायलट; [[एसटीएस-८७]] आणि [[एसटीएस-९९]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/kregel.html|title=Kevin R. Kregel (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2017-04-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20170422055423/https://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/kregel.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७८ | [[रिचर्ड ए. सिअरफॉस]] | [[एसटीएस-५८]] आणि [[एसटीएस-७६]] चे पायलट; [[एसटीएस-९०]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/searfoss.html|title=Richard A. Searfoss (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-03-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20090327030538/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/searfoss.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७९ | [[विलियम जी. |विलियम जी. ग्रेगरी]] | [[एसटीएस-६७]] चे पायलट | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/gregor-w.html|title=William G. Gregory (Lieutenant Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2020-09-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20200923132734/https://www.nasa.gov/centers/johnson/home/index.html/|url-status=live}}</ref> |- | १९८० | [[सुझान जे. हेल्म्स]] | लेफ्टनंट जनरल; [[एसटीएस-५४]], [[एसटीएस-६४]], [[एसटीएस-७८]] आणि [[एसटीएस-१०१]] वर मोहीम तज्ञ; [[आन्तरराष्ट्रीय अंतराळ स्थानक]] [[एक्सपिडिशन २]] ची फ्लाइट अभियंता; [[युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडेमी]]मधून पदवीधर झालेल्या महिलांच्या पहिल्या तुकडीच्या सदस्या | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/helms.html|title=Susan J. Helms (Brigadier General, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20070715234949/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/helms.html|archive-date=2007-07-15|url-status=dead}}</ref> |- | १९८१ | [[मायकेल जे. ब्लूमफिल्ड]] | [[एसटीएस-८६]] आणि [[एसटीएस-९७]] चे पायलट; [[एसटीएस-११०]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/bloomfie.html|title=Michael J. Bloomfield (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2017-02-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20170211105044/https://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/bloomfie.html|url-status=live}}</ref> |- | १९८२ | [[स्टीव्हन डब्लू. लिंडसे]] | [[एसटीएस-८७]] आणि [[एसटीएस-९५]] चे पायलट; [[एसटीएस-१०४]], [[एसटीएस-१२१]] आणि [[एसटीएस-१३३]] चे नेतृत्व केले | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/lindsey.html|title=Steven W. Lindsey (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2011-07-26|archive-url=https://web.archive.org/web/20110726191100/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/lindsey.html|url-status=live}}</ref> |- | १९८४ | [[बी. अल्विन ड्र्यू]] | [[एसटीएस-११८]] आणि [[एसटीएस-१३३]] वर मोहीम तज्ञ | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/drew-ba.html|title=Benjamin Alvin Drew, Jr. (Colonel, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328031917/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/drew-ba.html|archive-date=2009-03-28|url-status=dead}}</ref> |- | १९८४ | [[ग्रेगरी एच. जॉन्सन]] | [[एसटीएस-१२३]] चे पायलट, [[एसटीएस-१३४]] चे पायलट | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/johnson-gh.html|title=Gregory H. Johnson (Colonel, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328033550/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/johnson-gh.html|archive-date=2009-03-28|url-status=dead}}</ref> |- | १९८६ | [[जेम्स एम. केली]] | [[एसटीएस-१०२]] आणि [[एसटीएस-११४]] चे पायलट | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/kellyjm.html|title=James M. Kelly (Colonel, USAF, Ret.)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-03-20|archive-url=https://web.archive.org/web/20090320052450/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/kellyjm.html|url-status=live}}</ref> |- | १९८७ | [[एरिक ए. बो]] | [[एसटीएस-१२६]] आणि [[एसटीएस-१३३]] चे पायलट | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/boe-ea.html|title=Eric A. Boe (Colonel, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20131123024702/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/boe-ea.html|archive-date=2013-11-23|url-status=dead}}</ref> |- | १९८९ | [[टेरी डब्लू. विर्ट्स]] | [[एसटीएस-१३०]] चे पायलट | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/virts-tw.html|title=Terry W. Virts (Colonel, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-date=2014-05-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20140522220754/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/virts-tw.html|url-status=live}}</ref> |- | १९९१ | [[जेम्स दत्तू]] | [[एसटीएस-१३१]] चे पायलट | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/dutton-jp.html|title=James P. Dutton, Jr. (Lieutenant Colonel, USAF)|publisher=NASA|access-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328030211/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/dutton-jp.html|archive-date=2009-03-28|url-status=dead}}</ref> |- | १९९५ | [[शेल लिंडग्रेन]] | [[एक्सपिडिशन ४४]], [[एक्सपिडिशन ४५]] चे अंतराळवीर | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/lindgren-kn.html|title=Astronaut Candidate Bio: Kjell N. Lindgren (09/2009)|publisher=NASA|access-date=2009-12-19|archive-url=https://web.archive.org/web/20091205014555/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/lindgren-kn.html|archive-date=2009-12-05|url-status=dead}}</ref> |- | १९९६ | [[जॅक फिशर]] | [[एक्सपिडिशन ५१]], [[एक्सपिडिशन ५२]] चे अंतराळवीर | <ref>{{cite web|url=http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/fischer-jack.html|title=Astronaut Bio: Jack D. Fischer (09/2009)|publisher=NASA|access-date=2009-12-19|archive-url=https://web.archive.org/web/20170107163942/http://www.jsc.nasa.gov/Bios/htmlbios/fischer-jack.html|archive-date=2017-01-07|url-status=dead}}</ref> |- | १९९८ | [[निक हेग]] | [[सोयुझ एमएस-१०]], [[सोयुझ एमएस-१२]] चे अंतराळवीर | <ref>{{cite web|url=https://www.nasa.gov/astronauts/biographies/tyler-nick-hague|title=Nick Hague - NASA|publisher=NASA|access-date=2019-03-31|date=2016-02-14|archive-date=2019-04-01|archive-url=https://web.archive.org/web/20190401135014/https://www.nasa.gov/astronauts/biographies/tyler-nick-hague/|url-status=live}}</ref> |} == खेळाडू == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९५९ | [[ब्रॉक स्ट्रॉम]] | एर फोर्स अकॅडेमीचे पहिले ऑल-अमेरिकन; १९५८ मधील अजिंक्य यूएसएएफए फुटबॉल संघाचे कर्णधार ज्यांनी कॉटन बाउलमध्ये टीसीयूशी बरोबरी साधली होती; १९७७ मध्ये अप्पर पेनिन्सुला स्पोर्ट्स हॉल ऑफ फेम, मिशिगन, १९८५ मध्ये कॉलेज फुटबॉल हॉल ऑफ फेम, १९९१ मध्ये कोसिडा अकॅडमिक ऑल-अमेरिका हॉल ऑफ फेम, आणि २००७ मध्ये उद्घाटक तुकडीचा भाग म्हणून एर फोर्स अकॅडेमी ॲथलेटिक हॉल ऑफ फेममध्ये समाविष्ट | — |- | १९७० | [[ग्रेग पोपोविच]] | [[नॅशनल बास्केटबॉल असोसिएशन]]च्या (एनबीए) [[सॅन अँटोनियो स्पर्स]]चे मुख्य प्रशिक्षक (१९९७–) ज्यांनी संघाला १९९९, २००३, २००५, २००७ आणि २०१४ मध्ये एनबीए चॅम्पियनशिप मिळवून दिली; तीन वेळा [[NBA कोच ऑफ द इयर पुरस्कार|एनबीए कोच ऑफ द इयर]] (२००३, २०१२, २०१४) | <ref name="popovich">{{cite web|url=http://www.koaa.com/aaaa_sports_news/x9317948 |title=Gregg Popovich honored at Air Force Academy |last=Mason |first=Jordan |date=2008-04-04 |publisher=Koaa |access-date=2009-03-10 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20081201192035/http://www.koaa.com/aaaa_sports_news/x9317948 |archive-date=December 1, 2008 }}</ref> |- | १९७५ | [[लेन साल्वेमिनी]] | १९७२ चे थर्ड टीम आणि १९७४ चे सेकंड टीम ऑल अमेरिकन सॉकर खेळाडू; फाल्कन कारकिर्दीतील सर्वाधिक गोल आणि गुणांचे रेकॉर्ड त्यांच्या नावावर; १९७६ च्या यू.एस. ऑलिम्पिक सॉकर संघासाठी खेळले; [[मेजर सॉकर लीग|मेजर इनडोअर सॉकर लीग]]मध्ये व्यावसायिकरित्या खेळले | <ref>{{cite web|url=http://grfx.cstv.com/photos/schools/afa/sports/m-soccer/auto_pdf/MediaGuide.pdf|title=2008 Air Force Falcons Soccer Media Guide|access-date=2009-12-18|archive-date=2011-05-23|archive-url=https://web.archive.org/web/20110523101402/http://grfx.cstv.com/photos/schools/afa/sports/m-soccer/auto_pdf/MediaGuide.pdf|url-status=dead}}</ref> |- | १९७६ | [[रँडॉल डब्लू. स्पेटमन]] | [[फ्लोरिडा स्टेट युनिव्हर्सिटी]]चे क्रीडा संचालक (२००८–२०१३); अकॅडेमीचे माजी क्रीडा संचालक (१९९६–२००३) आणि [[युटा स्टेट युनिव्हर्सिटी]] (२००४–२००८) | <ref name="spetman">{{cite web|url=http://floridastate.rivals.com/content.asp?CID=769843|title=FSU introduces Athletics Director Randy Spetman|date=2008-02-04|publisher=Florida State University|access-date=2009-03-10|archive-date=2008-06-17|archive-url=https://web.archive.org/web/20080617183556/http://floridastate.rivals.com/content.asp?CID=769843|url-status=live}}</ref> |- | १९७८ | [[बॉब जोकोविच]] | टीम हँडबॉल खेळाडू ज्यांनी [[१९८४ उन्हाळी ऑलिंपिकमधील हँडबॉल|१९८४ उन्हाळी ऑलिम्पिक लॉस एंजेलिस]]मध्ये भाग घेतला होता; यूएसए टीम हँडबॉलचे ६ वे अध्यक्ष | <ref name="CP">{{Cite journal|last=Bergeman|first=David|date=March 2013|title=USAFA Team Handball Excellence|url=https://issuu.com/usafaaog/docs/2013-march-checkpoints/40|journal=[[United States Air Force Academy|Checkpoints]]|pages=38–43|access-date=2018-04-05|archive-date=2020-07-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20200725020900/https://issuu.com/usafaaog/docs/2013-march-checkpoints/40|url-status=live}}</ref> |- | १९७८ | [[टॉम श्नीबर्गर]] | टीम हँडबॉल खेळाडू, १९८४ उन्हाळी ऑलिम्पिक लॉस एंजेलिसमध्ये भाग घेतला, [[युनायटेड स्टेट्स पुरुषांचा राष्ट्रीय बास्केटबॉल संघ|युनायटेड स्टेट्स पुरुषांच्या राष्ट्रीय बास्केटबॉल संघाचे]] खेळाडू आणि [[१९७८ NBA ड्राफ्ट|१९७८ एनबीए ड्राफ्ट]]मध्ये [[डेन्व्हर नगेट्स]]ची नववी पसंती | <ref name="CP"/> |- | १९८१ | [[विलियम रॉय]] | [[स्कीट शूटिंग]]मध्ये माजी यू.एस. ऑलिम्पियन आणि जागतिक विजेता; १९९६ च्या यू.एस. ऑलिम्पिक नेमबाजी संघाचा कर्णधार; युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडेमीमध्ये इंग्रजीचे प्राध्यापक; [[युनायटेड एरलाइन्स]]साठी [[बोईंग ७४७]] चे पायलट | <ref>{{cite web|url=http://www.goairforcefalcons.com/sports/c-rifle/mtt/roy_bill00.html|title=U.S. Air Force Player Bio: Bill Roy|access-date=2012-08-14|archive-date=2011-10-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20111007102852/http://www.goairforcefalcons.com/sports/c-rifle/mtt/roy_bill00.html|url-status=live}}</ref> |- | १९८३ | [[अलोन्झो बेबर्स]] | [[१९८४ उन्हाळी ऑलिंपिक|१९८४ च्या उन्हाळी ऑलिम्पिक]]मध्ये दोन [[सुवर्ण पदक|सुवर्ण पदके]] (४०० मीटर आणि ४×४०० मीटर रिले) जिंकली; [[युनायटेड एरलाइन्स]]साठी [[बोईंग ७७७]] चे पायलट | <ref name="babers">{{cite web|url=http://www.denverpost.com/sports/ci_3257753|title=Flying on track, in jet: Olympic gold medalist finds career in cockpit|last=Moss|first=Irv|date=2005-11-28|work=Denver Post|access-date=2009-03-11|archive-date=2016-03-27|archive-url=https://web.archive.org/web/20160327130826/http://www.denverpost.com/sports/ci_3257753|url-status=live}}</ref> |- | १९८४ | [[कॅथी कॅलाघन]] | टीम हँडबॉल खेळाडू, १९८८ उन्हाळी ऑलिम्पिक सोलमध्ये भाग घेतला, १९८७ च्या पॅन अमेरिकन गेम्स इंडियानापोलिसमध्ये सुवर्णपदक जिंकले, १९८६ चे मिलिटरी ॲथलीट ऑफ द इयर आणि यूएसएएफए टीम हँडबॉलचे प्रशिक्षक | <ref name="CP"/><ref>{{cite web|url=https://www.sports-reference.com/olympics/athletes/ca/kathy-callaghan-1.html|archive-url=https://web.archive.org/web/20200418114246/https://www.sports-reference.com/olympics/athletes/ca/kathy-callaghan-1.html|url-status=dead|archive-date=18 April 2020|title=Kathy Callaghan Bio, Stats and Results|publisher=[[Sports Reference]]|access-date=4 July 2018}}</ref> |- | १९८४ | [[टेड सुंडक्विस्ट]] | [[डेन्व्हर ब्रॉन्कोस]]चे महाव्यवस्थापक (२००२–२००८); कॉलेज स्काऊटिंगचे संचालक (१९९५–२००१) | <ref name="sundquist">{{cite web|url=http://www.myplainview.com/article_6019ebea-6131-5848-b3f2-8527383fe54f.html |title=Broncos Name Sundquist As GM |author=Long, Colleen |date=2002-01-27 |access-date=2016-11-26}}</ref> |- | १९८८ | [[चॅड हेनिंग्ज]] | [[ए-१० थंडरबोल्ट]] पायलट; [[आउटलँड ट्रॉफी]]चे विजेते; [[नॅशनल फुटबॉल लीग|एनएफएल च्या]] [[डॅलस काउबॉय]]चे फुटबॉल खेळाडू (१९९२–२००१); तीन [[सुपर बाउल]] रिंग मिळवल्या; २००६ मध्ये कॉलेज फुटबॉल हॉल ऑफ फेममध्ये समाविष्ट | <ref name="hennings">{{cite magazine|url=http://sportsillustrated.cnn.com/football/nfl/players/2237/|title=Chad Hennings|magazine=Sports Illustrated|access-date=2009-03-11|archive-date=2009-07-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20090728080751/http://sportsillustrated.cnn.com/football/nfl/players/2237/|url-status=dead}}</ref> |- | १९८९ | [[ट्रॉय कॅल्हौन]] | एर FORCE [[अमेरिकन फुटबॉल]] संघाचे मुख्य प्रशिक्षक (२००६–); [[ह्युस्टन टेक्सन्स]]चे माजी आक्रमक समन्वयक (२००६) | <ref name="calhoun">{{cite web|url=http://www.goairforcefalcons.com/sports/m-footbl/mtt/calhoun_troy00.html|title=Troy Calhoun Profile|publisher=Air Force Falcons|access-date=2009-03-11|archive-date=2009-03-28|archive-url=https://web.archive.org/web/20090328160042/http://www.goairforcefalcons.com/sports/m-footbl/mtt/calhoun_troy00.html|url-status=live}}</ref> |- | १९९० | [[डी डोविस]] | यूएसएएफए क्वार्टरबॅक १९८७-८९; क्वार्टरबॅकद्वारे रशिंग यार्ड्ससाठी एनसीएए डिव्हिजन १ चा कारकिर्दीतील विक्रम प्रस्थापित केला; वेस्टर्न ॲथलेटिक कॉन्फरन्स आक्रमक खेळाडू; २००९ मध्ये एर FORCE ॲथलेटिक्स हॉल ऑफ फेम आणि २०११ मध्ये कॉलोराडो स्प्रिंग्ज स्पोर्ट्स हॉल ऑफ फेममध्ये समाविष्ट | <ref>http://www.espn.com/college-football/story/_/id/17422244/dee-dowis-former-air-force-falcons-qb-dies-two-car-accident-age-48|title=Dowis {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20190507034707/http://www.espn.com/college-football/story/_/id/17422244/dee-dowis-former-air-force-falcons-qb-dies-two-car-accident-age-48%257Ctitle%3DDowis |date=2019-05-07 }} dies in accident at 48 - ESPN|access-date= 2019-05-06</ref> |- | १९९९ | [[ब्राइस फिशर]] | बफेलो बिल्स, सेंट लुईस रॅम्स, सिॲटल सीहॉक्स, टेनेसी टायटन्ससाठी खेळले | — |- | २००७ | [[डॅन न्वाएलेले]] | बास्केटबॉल खेळाडू, पूर्वी एनबीए जी लीगमध्ये आणि आता [[फ्रान्स]]मधील लेव्हालोईस मेट्रोपॉलिटन्ससह खेळत आहेत | — |- | २००८ | [[चॅड हॉल]] | [[फिलाडेल्फिया ईगल्स]] २०१०–२०१२ साठी एनएफएल वाईड रिसीव्हर; २०१२-वर्तमान [[सॅन फ्रान्सिस्को ४९अर्स]]साठी वाईड रिसीव्हर | <ref name="hall">{{cite web|url=http://www.nfl.com/player/chadhall/2507812/profile|title=Chad Hall: WR for the Philadelphia Eagles at NFL.com|website=NFL.com |access-date=2012-08-19|archive-date=2012-06-20|archive-url=https://web.archive.org/web/20120620110537/http://www.nfl.com/player/chadhall/2507812/profile|url-status=live}}</ref> |- | २०१० | [[बेन गार्लंड]] | [[डेन्व्हर ब्रॉन्कोस]] २०१०–२०१२ साठी एनएफएल डिफेन्सिव्ह एंड; २०१२-वर्तमान ऑफेंसिव्ह गार्ड | <ref name="garland">{{cite web|url=http://www.nfl.com/player/bengarland/2507865/profile|title=Ben Garland: DE for the Denver Broncos at NFL.com|website=NFL.com |access-date=2012-08-26|archive-date=2012-08-17|archive-url=https://web.archive.org/web/20120817222953/http://www.nfl.com/player/bengarland/2507865/profile|url-status=live}}</ref> |- | २०१० | [[टॉम विटनी]] | व्यावसायिक गोल्फ खेळाडू, २०१०-वर्तमान | <ref>{{cite web|last1=Whitney|first1=Tom|title=Men's Golf|url=http://www.goairforcefalcons.com/sports/m-golf/mtt/whitney_tom00.html|website=GoAirForceFalcons.com|access-date=2018-01-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20180705150916/http://www.goairforcefalcons.com/sports/m-golf/mtt/whitney_tom00.html|archive-date=2018-07-05|url-status=dead}}</ref><ref>{{cite web|last1=Whitney|first1=Tom|title=Player Profile|url=https://www.pgatour.com/players/player.48319.tom-whitney.html|website=PGA Tour Web.com|access-date=2018-01-24|archive-date=2018-01-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20180124135703/https://www.pgatour.com/players/player.48319.tom-whitney.html|url-status=live}}</ref> |- | २०१२ | [[जॉनी वॉल्म्सले]] | [[अल्ट्रामॅरेथॉन]]र, २०१४-वर्तमान | <ref>{{cite web|last1=Walmsley|first1=Jim|title=Cross Country|url=https://goairforcefalcons.com/roster.aspx?rp_id=959|website=GoAirForceFalcons.com}}</ref> |- | २०१४ | [[काईल वेस्टमोर्लंड]] | [[यू.एस. ओपन (गोल्फ)|यू.एस. ओपन]]मध्ये कट पार करणारे एर FORCE अकॅडेमीचे पहिले पदवीधर ([[२०२१ यू.एस. ओपन (गोल्फ)|२०२१ यू.एस. ओपन]]मध्ये कामगिरी) | <ref>{{Cite web|url=https://www.golfchannel.com/news/kyle-westmoreland-becomes-first-air-force-player-make-cut-us-open|title=Kyle Westmoreland becomes first Air Force player to make cut at U.S. Open|author=|via=Associated Press|date=June 19, 2021 |website=NBC Sports |access-date=2025-09-05 |archive-date=2021-06-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20210624202254/https://www.golfchannel.com/news/kyle-westmoreland-becomes-first-air-force-player-make-cut-us-open|url-status=live}}</ref> |- | २०१९ | [[मॅडिसन तुंग]] | रोड्स स्कॉलर; एर FORCE अकॅडेमीच्या पुरुषांच्या कुस्ती संघात स्थान मिळवलेली पहिली महिला कुस्तीपटू | <ref>{{Cite web|url=https://www.usafa.af.mil/News/Article/1694591/2-air-force-academy-cadets-earn-rhodes-scholarships/|title=2 Air Force Academy cadets earn Rhodes scholarships|website = usafa.af.mil|access-date=2023-03-04}}</ref> |} == उद्योग आणि व्यवसाय == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९५९ | [[जेरार्ड फिनरॅन]] | [[सिटीबँक]], [[ड्रेक्सेल बर्नहॅम लॅम्बर्ट]] आणि टीसीडब्ल्यू सह वॉल स्ट्रीट कारकिर्दीत तिसऱ्या जगातील कर्जाचे तज्ञ; [[युनायटेड एरलाइन्स फ्लाइट ९७६|१९९५ च्या हवेतील गोंधळ प्रकरणासाठी प्रसिद्ध ज्यामध्ये त्यांनी फूडカートवरून विसर्जन केले होते]] | <ref>{{cite web|title=Paid Notice: Deaths Finneran, Gerard Buckley|url=https://www.nytimes.com/2005/01/03/classified/paid-notice-deaths-finneran-gerard-buckley-jerry.html|newspaper=[[The New York Times]]|date=January 3, 2005|access-date=October 17, 2020|archive-date=October 18, 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201018095857/https://www.nytimes.com/2005/01/03/classified/paid-notice-deaths-finneran-gerard-buckley-jerry.html|url-status=live}}</ref><ref>{{cite news|last=Neumeister|first=Larry|title=Passenger Accused of Defecating on Airliner Pleads Guilty To Making A Threat|url=https://apnews.com/article/7de0d25edb271d51200479ea23077782|newspaper=[[Associated Press]]|date=February 12, 1996|access-date=October 16, 2020|archive-date=October 27, 2020|archive-url=https://web.archive.org/web/20201027133607/https://apnews.com/article/7de0d25edb271d51200479ea23077782|url-status=live}}</ref> |- | १९६४ | [[टी. ॲलन मॅकआर्टर]] | वरिष्ठ व्यवस्थापक, [[फेडेक्स]]; अमेरिकेच्या [[फेडरल एव्हिएशन ॲडमिनिस्ट्रेशन|फेडरल एव्हिएशन ॲडमिनिस्ट्रेशन]]चे प्रशासक; माजी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, [[लेजंड एरलाइन्स]]; वर्तमान अध्यक्ष, [[एरबस]], नॉर्थ अमेरिकन होल्डिंग्स | <ref name="mcartor">{{cite web|url=http://www.ambiz.org/partner/bio/tallanmcartor.htm |title=T. Allan McArtor, M.S.E. |publisher=AmBiz Associatiats LLC |access-date=2009-03-08 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070929062307/http://www.ambiz.org/partner/bio/tallanmcartor.htm |archive-date=2007-09-29 }}</ref> |- | १९६५ | [[रिचर्ड टी. श्लोसबर्ग]] | [[डेव्हिड पॅकायदा|डेव्हिड आणि लुसिएल पॅकार्ड]] फाउंडेशनचे माजी अध्यक्ष आणि मुख्य कार्यकारी अधिकारी; ''[[लॉस एंजेलिस टाइम्स]]''चे माजी प्रकाशक आणि मुख्य कार्यकारी अधिकारी; [[व्हिएतनाम युद्ध|व्हिएतनाम युद्धातील]] अनुभवी सैनिक | <ref name="schlosberg">{{cite web|url=http://www.sce.com/AboutSCE/CompanyOverview/CorporateGovernance/schlosberg.htm |title=Richard T. Schlosberg, III |publisher=Southern California Edison |access-date=2009-03-08 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20071017205615/http://www.sce.com/AboutSCE/CompanyOverview/CorporateGovernance/schlosberg.htm |archive-date=October 17, 2007 }}</ref> |- | १९६७ | [[रॉबर्ट जे. थॉमस]] | निसान मोटर कॉर्पोरेशन यूएसए चे माजी अध्यक्ष आणि मुख्य कार्यकारी अधिकारी | — |- | १९७० | [[बिल स्टेली|जे. डब्लू. "वाइल्ड बिल" स्टेली]] | आयएंटरटेनमेंट नेटवर्कचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी; [[मायक्रोप्रोज|मायक्रोप्रोज सॉफ्टवेअर]] आणि [[इंटरेक्टिव्ह मॅजिक]]चे संस्थापक | <ref name="stealey">{{cite web|last=Jackson|first=Charles|url=http://www.atarimagazines.com/v3n7/SimulationAdventures.html|title=Flying Your Ataris|work=Atari Magazines|publisher=Atari|access-date=2009-04-06|archive-date=2008-05-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20080504080107/http://www.atarimagazines.com/v3n7/SimulationAdventures.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७७ | [[ग्रेडी बूच]] | सॉफ्टवेअर अभियांत्रिकीमध्ये [[युनिफाइड मॉडेलिंग लँग्वेज]] आणि [[बूच पद्धती]]चे विकसक | <ref name="booch">{{cite web|url=http://www.ibm.com/developerworks/library/i-booch/ |title=Grady Booch polishes his crystal ball |date=2003-04-03 |publisher=IBM |access-date=2009-03-08 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090328193020/http://www.ibm.com/developerworks/library/i-booch/ |archive-date=2009-03-28 }}</ref> |- | १९८१ | [[चार्ल्स फिलिप्स (व्यावसायिक)|चार्ल्स ई. फिलिप्स जुनियर]] | [[ओरॅकल कॉर्पोरेशन]]चे अध्यक्ष; अकॅडेमीमधून पदवीधर झाल्यानंतर [[युनायटेड स्टेट्स मरीन कॉर्प्स]]मध्ये [[कॅप्टन]] म्हणून सेवा दिली | <ref name="cphillips">{{cite web|url=http://www.oracle.com/us/corporate/press/016435 |title=Charles E. Phillips, Jr. |publisher=Oracle |access-date=2009-03-08 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090228011611/http://oracle.com/us/corporate/press/016435 |archive-date=February 28, 2009 }}</ref> |- | १९८३ | [[चार्ल्स पॅट्रिक गार्शिया]] | स्टर्लिंग हिस्पॅनिक मार्केट्स कॅपिटल ग्रुपचे अध्यक्ष | <ref name="garcia">{{cite web|url=http://www.usafa.af.mil/superintendent/pa/bov/style/support/bios/garcia.htm|title=Charles Patrick Garcia|publisher=United States Air Force Academy|access-date= 2009-03-21}}{{dead link|date=March 2025|bot=medic}}{{cbignore|bot=medic}}</ref> |} == नागरी विमानचालन == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९७३ | [[चेस्ली सुलेनबर्गर]] | [[यूएस एरवेज फ्लाइट १५४९]] ला [[हडसन नदी]]त सुरक्षितपणे उतरवणारे कॅप्टन | <ref name="sullenberger">{{cite news| title = US Airways captain the 'consummate pilot'| publisher = Cable News Network (CNN)| date = 2009-01-06| url = http://edition.cnn.com/2009/US/01/16/crash.pilot.profile/| access-date = 2009-01-16| archive-date = 2009-01-25| archive-url = https://web.archive.org/web/20090125083229/http://edition.cnn.com/2009/US/01/16/crash.pilot.profile/| url-status = live}}</ref> |- | १९८७ | [[लेरॉय होमर जुनियर]] | [[युनायटेड एरलाइन्स फ्लाइट ९३]] चे सह-पायलट, जे [[११ सप्टेंबरचे हल्ले|११ सप्टेंबर २००१ च्या हल्ल्यात]] हायजॅक झाले आणि [[पेनसिल्व्हेनिया]]मध्ये कोसळले | <ref name="homer">{{cite news|url=http://www.post-gazette.com/headlines/20011028flt93homerbiop8.asp|title=Pilot: LeRoy Homer Jr.|date=2001-10-28|publisher=Post-Gazette|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-09-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20090918071642/http://www.post-gazette.com/headlines/20011028flt93homerbiop8.asp|url-status=live}}</ref> |- | १९७४ | [[चार्ल्स एडवर्ड जोन्स]] | ११ सप्टेंबर २००१ च्या हल्ल्यात वर्ल्ड ट्रेड सेंटरच्या नॉर्थ टॉवरवर आदळलेल्या [[अमेरिकन एरलाइन्स फ्लाइट ११]] मधील प्रवासी | <ref name="CharlesEJones">{{cite web|url=http://www.usafa.org/Heritage/WarMemorial/WarMemorialBios/Charles%20Jones.aspx |title=Colonel (Ret) Charles E. Jones |publisher=USAFA AOG |access-date=2009-05-23 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110102150456/http://usafa.org/Heritage/WarMemorial/WarMemorialBios/Charles%20Jones.aspx |archive-date=January 2, 2011 }}</ref> |} == शासन आणि राजकारण == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९५९ | [[हॅन्सफोर्ड टी. जॉन्सन]] | जनरल; [[४ स्टार रँक|फोर-स्टार]] [[जनरल]] पदावर पदोन्नत झालेले पहिले पदवीधर (१ ऑक्टोबर १९८९ रोजी); नौदलाचे सहाय्यक सचिव (स्थापना आणि पर्यावरण) (२००१–२००५); हंगामी [[युनायटेड स्टेट्सचे नौदल सचिव|नौदल सचिव]] (२००३); पायलट; व्हिएतनाम युद्धातील अनुभवी सैनिक | <ref name="htjohnson">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5962|title=General Hansford T. Johnson|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040211130152/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5962|archive-date=2004-02-11}}</ref> |- | १९६४ | [[टी. ॲलन मॅकआर्टर]] | वरिष्ठ व्यवस्थापक [[फेडेक्स]] (१९७९–१९८७, १९८९–१९९४); अमेरिकेच्या [[फेडरल एव्हिएशन ॲडमिनिस्ट्रेशन|फेडरल एव्हिएशन ॲडमिनिस्ट्रेशन]]चे प्रशासक (१९८७–१९८९); माजी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, [[लेजंड एरलाइन्स]]; वर्तमान अध्यक्ष, [[एरबस]], नॉर्थ अमेरिकन होल्डिंग्स | <ref name="mcartor"/> |- | १९७० | [[एफ. मायकेल बर्केट]] | [[इडाहो विधिमंडळ|इडाहो राज्य सिनेट]]चे सहाय्यक अल्पसंख्याक नेते (१९८९–१९९२, २००२–२००८) | <ref name="burkett">{{cite web|url=http://www.ktvb.com/news/localnews/stories/ktvbn-nov0506-flagvandalism.bc00543.html |title=Sons of state senator charged with flag vandalism |date=2006-11-06 |publisher=KTVB.com |access-date=2009-03-08 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20070318034431/http://www.ktvb.com/news/localnews/stories/ktvbn-nov0506-flagvandalism.bc00543.html |archive-date=March 18, 2007 }}</ref> |- | १९७० | [[चक रीड]] | [[सॅन जोसे, कॅलिफोर्निया]]चे महापौर (२००७–); त्यांच्या तुकडीत प्रथम क्रमांकाने उत्तीर्ण आणि शारीरिक पात्रता चाचणीत कमाल गुण मिळवले; त्यांची मुलगी [[किम कॅम्पबेल (पायलट)|किम रीड-कॅम्पबेल]] देखील तिच्या अकॅडेमी तुकडीत पहिली आली होती | <ref name="reedc1">{{cite web|url=http://www.mercurynews.com/ci_11593058?IADID=Search-www.mercurynews.com-www.mercurynews.com|title=Herhold: The Top 10 power players in San Jose|last=Herhold|first=Scott|date=2009-01-31|publisher=Mercury News|access-date=2009-03-08|archive-date=2011-06-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20110629051647/http://www.mercurynews.com/ci_11593058?IADID=Search-www.mercurynews.com-www.mercurynews.com|url-status=live}}</ref><ref name="reedc2">{{cite web|url=http://www.metroactive.com/papers/metro/02.20.03/reed-0308.html|title=Captain America's Rebellion|last=Gottlieb|first=Allie|date=February 2003|publisher=Metroactive News|access-date=2009-03-08|archive-date=2018-12-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20181215174142/http://www.metroactive.com/papers/metro/02.20.03/reed-0308.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७२ | [[गॅरी ए. ग्राप्पो]] | [[ओमान]]मधील युनायटेड स्टेट्सचे राजदूत (२००६–); कारकिर्दीतील परराष्ट्र सेवा अधिकारी | <ref name="Gary A. Grappo">{{cite web |url=https://2001-2009.state.gov/r/pa/ei/biog/63594.htm |title=Gary A. Grappo |publisher=U.S. Department of State |access-date=2009-03-09 |archive-date=2009-03-12 |archive-url=https://web.archive.org/web/20090312070507/http://2001-2009.state.gov/r/pa/ei/biog/63594.htm |url-status=live }}</ref> |- | १९७३ | [[विलियम थॉमसन|विलियम "टी" थॉमसन]] | आयुक्त, मॅसॅच्युसेट्स एरोनॉटिक्स कमिशन, बोस्टन, एमए (१९८३–२०००); आयुक्त, गव्हर्नर्स मायनॉरिटी बिझनेस कमिशन (१९८७–१९९०); अध्यक्ष आणि मुख्य कार्यकारी अधिकारी, द समिट ग्रुप कंपनीज (१९८१–२००८); अध्यक्ष आणि मुख्य कार्यकारी अधिकारी, असोसिएशन ऑफ ग्रॅज्युएट्स, युनायटेड स्टेट्स एरफोर्स अकॅडेमी (२००८–), कॉलोराडो एरोनॉटिकल बोर्ड (२०१२–) | <ref name="thomliskgroup">{{cite web| url = http://www.terrificspeakers.com/html/william_thompson.html| title = Professional Speakers Bureau International| publisher = Thom Lisk Group| access-date = 7 March 2010| url-status = dead| archive-url = https://web.archive.org/web/20101129120549/http://terrificspeakers.com/html/william_thompson.html| archive-date = 29 November 2010}}</ref> |- | १९७६ | [[जॉन सी. इंग्लिस]] | [[ब्रिगेडियर जनरल]]; [[राष्ट्रीय सुरक्षा एजन्सी]]चे उपसंचालक (२००६–२०१४); यू.एस. नॅशनल सायबर संचालक (२०२१–) | <ref name="inglis">{{cite web|url=http://www.nsa.gov/about/leadership/bio_inglis.shtml|title=Biography - Deputy Director, National Security Agency|publisher=National Security Agency|access-date=2009-03-10|archive-date=2009-03-07|archive-url=https://web.archive.org/web/20090307044520/http://www.nsa.gov/about/leadership/bio_inglis.shtml|url-status=live}}</ref> |- | १९७६ | [[जोसेफ आर. मॅक्लाफ्लिन]] | [[युनायटेड स्टेट्स आर्मी]]मध्ये नियुक्त; [[८२ वी एरबॉर्न डिव्हिजन]]मध्ये इन्फंट्री प्लाटून लीडर; [[ओन्सलो काउंटी, नॉर्थ कॅरोलिना]] [[कमिशनर्स बोर्ड]]चे [[रिपब्लिकन पार्टी (युनायटेड स्टेट्स)|रिपब्लिकन]] सदस्य, २००८ मध्ये [[नॉर्थ कॅरोलिनाचा ३ रा संसदीय मतदारसंघ|नॉर्थ कॅरोलिनाच्या ३ ऱ्या मतदारसंघात]] रिपब्लिकन नामांकनासाठी विद्यमान खासदार वॉल्टर बी. जोन्स जुनियर यांना आव्हान देणारे उमेदवार | <ref name="mclaughlin">{{cite web|url=http://projects.newsobserver.com/profiles/joe_mclaughlin |title=Joe McLaughlin |work=The News & Observer |access-date=2009-03-21 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20081202143018/http://projects.newsobserver.com/profiles/joe_mclaughlin |archive-date=2008-12-02 }}</ref> |- | १९७४ | [[जेम्स बी. स्मिथ]] | ब्रिगेडियर जनरल; [[सौदी अरेबियामधील युनायटेड States चे राजदूत|सौदी अरेबियामध्ये यू.एस. चे राजदूत]] (२००९–२०१३); [[सदन न्यू हॅम्पशायर युनिव्हर्सिटी]]मध्ये अभियांत्रिकी, तंत्रज्ञान आणि एरोनॉटिक्सचे डीन | <ref>{{cite web|url=http://www.snhu.edu/about-us/news-and-events/2017/04/college-of-engineering-technology-and-aeronautics|title=SNHU Announces Plans for New College of Engineering, Technology and Aeronautics|author=Keane, Lauren|date=April 14, 2017|publisher=SNHU|access-date=April 14, 2017|archive-date=June 25, 2017|archive-url=https://web.archive.org/web/20170625173558/http://www.snhu.edu/about-us/news-and-events/2017/04/college-of-engineering-technology-and-aeronautics|url-status=live}}</ref> |- | १९७७ | [[मायके वेन्स्टाईन|मायकेल एल. "मायकी" वेन्स्टाईन]] | रेगन व्हाईट हाऊसचे कायदेशीर सल्लागार; व्हाईट हाऊसच्या प्रशासन कार्यालयाचे सहाय्यक मुख्य सल्लागार असताना [[इराण-कॉन्ट्रा प्रकरण|इराण-कॉन्ट्रा चौकशीचे]] समिती व्यवस्थापन अधिकारी; [[मिलिटरी रिलिजियस部署 फ्रीडम फाउंडेशन]]चे संस्थापक आणि अध्यक्ष | <ref name="weinstein">{{cite web|url=http://www.militaryreligiousfreedom.org/about/michael-l-mikey-weinstein/|title=Mikey Weinstein|work=MRFF|access-date=2011-08-28|archive-date=2011-08-26|archive-url=https://web.archive.org/web/20110826100748/http://www.militaryreligiousfreedom.org/about/michael-l-mikey-weinstein/|url-status=live}}</ref> |- | १९७९ | [[जिऑफ मलिगन]] | प्रेसिडेन्शियल इनोव्हेशन फेलो जे सायबर-फिजिकल सिस्टम्सवर [[विज्ञान आणि तंत्रज्ञान धोरण कार्यालय]] आणि [[नॅशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ स्टँडर्ड्स अँड टेक्नॉलॉजी]] मध्ये सेवा देत आहेत; व्हाईट हाऊस स्मार्टअमेरिका चॅलेंजचे सह-निर्माते | <ref name="mulligan">{{cite web|url=https://www.nist.gov/el/pif-062513.cfm|title=Geoff Mulligan|work=NIST|access-date=2013-06-25|date=2013-06-25|archive-date=2013-07-10|archive-url=https://web.archive.org/web/20130710164344/http://www.nist.gov/el/pif-062513.cfm|url-status=live}}</ref> |- | १९७९ | [[स्टीव्ह डिक्सन|स्टीव्हन डिक्सन]] | फेडरल एव्हिएशन ॲडमिनिस्ट्रेशनचे १८ वे प्रशासक | — |- | १९८२ | [[हेदर विल्सन]] | एर FORCE चे सचिव म्हणून पुष्टी झालेल्या पहिल्या पदवीधरा (२०१७–२०१९); ऱ्होड्स स्कॉलर; न्यू मेक्सिकोच्या १ ल्या मतदारसंघातून यू.एस. प्रतिनिधी (१९८८–२००९); युनायटेड States काँग्रेसमध्ये निवड झालेल्या पहिल्या पदवीधरा; अध्यक्ष, साऊथ डकोटा स्कूल ऑफ माइन्स अँड टेक्नॉलॉजी (२०१३–२०१७) | <ref>{{cite web|url=https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/1183103/heather-wilson/|title=Dr. Heather Wilson|publisher=U.S. Air Force|access-date=2017-08-20|archive-date=2017-08-21|archive-url=https://web.archive.org/web/20170821044220/http://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/1183103/dr-heather-wilson/|url-status=live}}</ref> |- | १९८८ | [[मार्था मॅकसेली]] | दिवंगत रिपब्लिकन सिनेट सदस्य [[जॉन मॅककेन]] यांच्या उर्वरित दोन वर्षांच्या कार्यकाळासाठी राज्यपाल डग ड्यूसी यांनी नियुक्त केले (२०१९–२०२०); यू.एस. सिनेटमध्ये नियुक्त झालेल्या पहिल्या एर फोर्स अकॅडेमी पदवीधरा; कर्नल म्हणून निवृत्त | <ref name="mcsally">{{cite web|url=https://mcsally.house.gov/about/full-biography|title=Bio for Martha McSally|year=2015|publisher=U.S. House of Representatives|access-date=2015-02-03|archive-url=https://web.archive.org/web/20181224215746/https://mcsally.house.gov/about/full-biography|archive-date=2018-12-24|url-status=dead}}</ref> |- | १९९१ | [[ची मेंग न्ग]] | [[सिंगापूर]]चे राजकारणी, नॅशनल ट्रेड्स युनियन काँग्रेसचे वर्तमान सरचिटणीस; पूर्वी २०१३–२०१५ दरम्यान [[सिंगापूर सशस्त्र सेना|सिंगापूर सशस्त्र सेनेचे]] [[संरक्षण दल प्रमुख (सिंगापूर)|संरक्षण दल प्रमुख]] | <ref name="ng">{{cite web|url=https://www.pmo.gov.sg/cabinet/mr-ng-chee-meng|title=Mr Ng Chee Meng|publisher=Prime Minister's Office, Singapore|access-date=2020-04-19|archive-date=2020-04-08|archive-url=https://web.archive.org/web/20200408083201/https://www.pmo.gov.sg/cabinet/Mr-NG-Chee-Meng|url-status=live}}</ref> |- | २००७ | [[जोसेलिन मिटनॉल मॅलेट]] | नॉर्थ कॅरोलिना लष्करी आणि माजी सैनिक व्यवहार विभागाच्या सचिव | <ref>{{cite web |author=|date= |title= Jocelyn Mitnaul Mallette|url= https://www.milvets.nc.gov/jocelyn-mitnaul-mallette|website= North Carolina Department of Military and Veterans Affairs|location= Raleigh, North Carolina|publisher= |access-date= February 21, 2026}}</ref> |} === विधीमंडळ सदस्य === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९७४ | [[केन्ट लॅम्बर्ट]] | कर्नल; [[कॉलोराडो लोकप्रतिनिधी गृह|कॉलोराडो राज्य प्रतिनिधी]] (२००७–२०११); [[कॉलोराडो सेनेट|कॉलोराडो राज्य सेनेट सदस्य]] (२०११-२०१९) | <ref name="Gary A. Grappo"/> |- | १९७५ | [[मॅथ्यू फाँग]] | पेन्शन बेनिफिट गॅरंटी कॉर्पोरेशन सल्लागार समितीचे माजी अध्यक्ष; [[कॅलिफोर्निया]] राज्याचे कोषाध्यक्ष (१९९५–१९९९); १९९८ मध्ये कॅलिफोर्निया राज्यातून [[युनायटेड स्टेट्स सेनेट]]साठी रिपब्लिकन उमेदवार | <ref name="fong">{{cite journal|last=Lin|first=Sam Chu|date= 1994-02-04|title=Matt Fong Scopes Asian Pacific American Economic Opportunities|journal=[[AsianWeek]]}}</ref> |- | १९७६ | [[बॉब गार्ढनर|बॉब गार्डनर]] | कॉलोराडो राज्य सेनेट सदस्य (२०१७–); कॉलोराडो राज्य प्रतिनिधी (२००७–२०१३) | <ref name="gardner">{{cite web|url=https://leg.colorado.gov/legislators/bob-gardner|title=Senator Bob Gardner|publisher=Colorado General Assembly|access-date=2017-08-20|archive-date=2017-08-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20170815132159/http://leg.colorado.gov/legislators/bob-gardner|url-status=live}}</ref> |- | १९७७ | [[डॅरिल जोन्स]] | [[फ्लोरिडा लोकप्रतिनिधी गृह|फ्लोरिडा राज्य प्रतिनिधी]] (१९९०–९२); [[फ्लोरिडा राज्य सेनेट|फ्लोरिडा राज्य सेनेट सदस्य]] (१९९२–२००२); फ्लोरिडाचे राज्यपाल पदाचे उमेदवार (२००२); एर FORCE च्या सचिव पदाचे अयशस्वी नामांकित (१९९८) | <ref name="djones">{{cite news|url=https://www.nytimes.com/1998/07/23/us/senate-committee-kills-nomination-clinton-s-choice-for-secretary-air-force.html|title=Senate Committee Kills Nomination of Clinton's Choice for Secretary of the Air Force|last=Schmitt|first=Eric|date=1998-07-23|work=The New York Times|access-date=2009-03-10|archive-date=2009-04-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20090416002253/http://www.nytimes.com/1998/07/23/us/senate-committee-kills-nomination-clinton-s-choice-for-secretary-air-force.html|url-status=live}}</ref> |- | १९७८ | [[चार्ली रॉस]] | लढाऊ पायलट; [[मिसिसिपी लोकप्रतिनिधी गृह|मिसिसिपी राज्य प्रतिनिधी]] (१९७–१९९८); [[मिसिसिपी राज्य सेनेट|मिसिसिपी राज्य सेनेट सदस्य]] (१९९८–२००७) | <ref name="ross">{{cite web|url=http://www.magnoliareport.com/Ross.htm |title=5 Questions with Senator Charlie Ross |publisher=Magnolia Report |access-date=2009-03-10 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20081007222805/http://www.magnoliareport.com/Ross.htm |archive-date=October 7, 2008 }}</ref> |- | १९८२ | [[हेदर विल्सन]] | ऱ्होड्स स्कॉलर; न्यू मेक्सिकोच्या १ ल्या मतदारसंघातून यू.एस. प्रतिनिधी (१९९८–२००९); युनायटेड States काँग्रेसमध्ये निवड झालेल्या पहिल्या पदवीधरा | <ref name="hwilson"/> |- | १९८८ | [[मार्था मॅकसेली]] | ॲरिझोनाच्या २ ऱ्या मतदारसंघातून यू.एस. प्रतिनिधी (२०१५–२०१९); ॲरिझोनातून यू.एस. सेनेट सदस्य (२०१९–२०२०) | <ref name="mcsally" /> |- | १९९४ | [[डॉन डेव्हिस]] | [[नॉर्थ कॅरोलिनाचा १ ला संसदीय मतदारसंघ|नॉर्थ कॅरोलिनाच्या १ ल्या मतदारसंघातून]] यू.एस. प्रतिनिधी (२०२३–) | <ref>{{cite web |title=Meet Don |url=https://votedondavis.com/about/ |website=Don Davis for NC |publisher=Don Davis for NC |access-date=5 March 2026}}</ref> |- | १९९६ | [[डेव्हिड एल. एंग्लिन]] | [[व्हर्जिनिया हाउस ऑफ डेलिगेट्स]] (२००६–२०१२) | <ref name="englin">{{cite web|url=http://dela.state.va.us/dela/MemBios.nsf/a7b082ef6ed01eac85256c0d00515644/97ec7f4306b4197d85257535005773dc?OpenDocument|title=Bio for David L. Englin|year=2009|publisher=Virginia House of Delegates|access-date=2009-03-10|archive-date=2009-02-17|archive-url=https://web.archive.org/web/20090217000316/http://dela.state.va.us/dela/MemBios.nsf/a7b082ef6ed01eac85256c0d00515644/97ec7f4306b4197d85257535005773dc?OpenDocument|url-status=live}}</ref> |- | १९९५ | [[जेनिफर पॅरेन्टी]] | लेफ्टनंट कर्नल; [[कॉलोराडो लोकप्रतिनिधी गृह|कॉलोराडो राज्य प्रतिनिधी]] (२०२२–) | <ref name="jparenti">{{cite web|url=https://leg.colorado.gov/legislators/jennifer-lea-parenti|title=Representative Jennifer Parenti|publisher=Colorado General Assembly|access-date=2026-06-22|archive-date=2026-04-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20260413052944/http://www.leg.colorado.gov/legislators/jennifer-lea-parenti|url-status=dead}}</ref> |- | — | [[ऑगस्ट फ्लुगर]] | [[टेक्सासचा ११वा लोकप्रतिनिधी गृह मतदारसंघ|टेक्सासच्या ११ व्या मतदारसंघातून]] यू.एस. प्रतिनिधी (२०२१–) | <ref name="pfluger">{{cite news |last1=Fraire |first1=Rosanna |title=August Pfluger kicks off campaign tour of Texas' 11th Congressional District in San Angelo |url=https://www.gosanangelo.com/story/news/2019/09/26/republican-congress-august-pfluger-starts-campaign-tour-texas-tx-11/3776339002/?gnt-cfr=1&gca-cat=p&gca-uir=true&gca-epti=z11xx38d00----v11xx38b00xxxxd11xx65&gca-ft=135&gca-ds=sophi |work=San Angelo Standard-Times |date=September 26, 2019}}</ref> |- | २००१ | [[ग्रेगरी आर. बॉल]] | [[न्यू यॉर्क राज्य लोकप्रतिनिधी गृह|न्यू यॉर्क राज्य विधानसभा सदस्य]] (२००७–२०१०) आणि [[न्यू यॉर्क राज्य सेनेट|न्यू यॉर्क राज्य सेनेट सदस्य]] (२०११–२०१४) | <ref name="englin_assembly">{{cite web|url=http://assembly.state.ny.us/mem/?ad=099&sh=bio|title=Official Biography of Assemblyman Greg Ball|publisher=New York State Assembly|access-date=2009-03-10|archive-date=2010-12-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20101224054008/http://assembly.state.ny.us/mem/?ad=099&sh=bio|url-status=live}}</ref> |- | — | [[ट्रॉय स्टब्स]] | [[अलाबामा लोकप्रतिनिधी गृह|अलाबामा लोकप्रतिनिधी गृहा]]चे सदस्य | <ref>{{Cite web |title=About Troy |url=https://troystubbs.com/about/ |access-date=2023-09-22 |website=Troy Stubbs |language=en-US}}</ref> |} == साहित्यिक व्यक्तिमत्त्वे == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९७७ | [[डग बीसन]] | सायन्स फिक्शन कादंबरीकार; भौतिकशास्त्रात पीएच.डी. | <ref name="beason2">{{cite web|url=http://www.lanl.gov/news/index.php/fuseaction/home.story/story_id/8484 |title=Beason speaks at Memorial Day breakfast; Veterans Hall is dedicated |last=Black |first=Krista D. |date=2006-05-26 |publisher=Los Alamos National Laboratory |access-date=2009-03-07 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090120162617/http://www.lanl.gov/news/index.php/fuseaction/home.story/story_id/8484 |archive-date=January 20, 2009 }}</ref> |- | १९८२ | [[सुझान ग्रँट]] | २० हून अधिक पुस्तकांच्या 'न्यू यॉर्क टाइम्स' आणि 'यूएसए टुडे' बेस्टसेलर लेखिका; [[रिटा पुरस्कार|रिटा (RITA) पुरस्कार]] विजेत्या;<ref>{{cite web|title=Past Winners|url=https://www.rwa.org/page/rita-winners|archive-url=https://web.archive.org/web/20170806062801/https://www.rwa.org/page/rita-winners|url-status=dead|archive-date=2017-08-06|publisher=Romance Writers of America}}</ref> बी-७७७ पायलट, युनायटेड एरलाइन्स; अतिथी वक्त्या (तुकडी २०१५ रिंग डान्स) | <ref name="grant">{{cite web|url=https://www.susangrant.com/books/|title=Susan Grant books|publisher=susangrant.com|access-date=2018-04-29|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20130819141428/http://https/|archive-date=2013-08-19}}</ref> |- | १९८४ | [[जॉन रॉब (सिद्धांतकार)|जॉन रॉब]] | 'ब्रेव्ह न्यू वॉर' चे लेखक; [[चौथ्या पिढीचे युद्ध|चौथ्या पिढीच्या युद्धाचे]] सिद्धांतकार | <ref name="robb">{{cite web|url=http://www.d-n-i.net/dni_reviews/robb_brave_new_war.htm |title=Brave New War: The Next Stage of Terrorism and the End of Globalization |date=2007-05-14 |publisher=Defense and the National Interest |access-date=2009-03-08 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090303115605/http://www.d-n-i.net/dni_reviews/robb_brave_new_war.htm |archive-date=March 3, 2009 }}</ref> |} == वायुसेना == === वायुसेना प्रमुख === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९६० | [[जॉन एम. लोह]] | [[जनरल अधिकारी|जनरल]]; कमांडर, [[टॅक्टिकल एर कमांड]]; कमांडर, [[एर कॉम्बॅट कमांड]], [[युनायटेड स्टेट्स वायुसेनाचे उपप्रमुख|वायुसेनाचे उपप्रमुख]] आणि वायुसेनाचे हंगामी [[युनायटेड स्टेट्स वायुसेना प्रमुख|मुख्य प्रमुख]] (१९९०–१९९१, हंगामी); लढाऊ पायलट | <ref name="loh">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6227|title=General John Michael Loh|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20080709172913/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6227|archive-date=2008-07-09}}</ref> |- | १९६३ | [[रोनाल्ड आर. फोगलमन]] | जनरल; युनायटेड स्टेट्स वायुसेनाचे मुख्य प्रमुख म्हणून काम करणारे पहिले पदवीधर (१९९४–१९९७); लढाऊ पायलट; व्हिएतनाम युद्धातील अनुभवी सैनिक | <ref name="fogelman">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5434|title=General Ronald R. Fogleman|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040208120741/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5434|archive-date=2004-02-08}}</ref> |- | १९६५ | [[मायकेल ई. रयान]] | जनरल; युनायटेड स्टेट्स वायुसेनाचे मुख्य प्रमुख (१९९७–२००१); व्हिएतनाममधील हवाई लढाईसाठी [[डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस (युनायटेड स्टेट्स)|डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस]] प्राप्तकर्ता; वडील [[जॉन डेल रयान]] यांनी देखील मुख्य प्रमुख (१९६९–१९७३) म्हणून काम केले होते आणि ते [[दुसरे महायुद्ध|दुसऱ्या महायुद्धात]] बॉम्बर पायलट होते | <ref name="mryan">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7007 |title=General Michael E. Ryan |publisher=Air Force Link |access-date=2009-03-13 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090213175510/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7007 |archive-date=February 13, 2009 }}</ref> |- | १९७३ | [[नॉर्टन ए. श्वार्टझ]] | जनरल; युनायटेड स्टेट्स वायुसेनाचे मुख्य प्रमुख (२००८–२०१२); सी-१३०/हेलिकॉप्टर पायलट | <ref name="schwartz">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7077 |title=General Norton A. Schwartz |publisher=Air Force Link |access-date=2009-03-13 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090310234507/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7077 |archive-date=March 10, 2009 }}</ref> |- | १९७६ | [[मार्क ए. वेल्श तिसरे]] | जनरल; युनायटेड स्टेट्स वायुसेनाचे मुख्य प्रमुख (२०१२–२०१६); ए-१०, एफ-१६ पायलट | <ref name="welsh">{{cite web|url=http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=7550 |title=General Mark A. Welsh III |publisher=US Air Force |access-date=2012-08-20 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120818210402/http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=7550 |archive-date=2012-08-18 }}</ref> |- | १९८३ | [[डेव्हिड एल. गोल्डफिन]] | जनरल; युनायटेड स्टेट्स वायुसेनाचे मुख्य प्रमुख (२०१६–२०२०); एफ-१६ पायलट | <ref name="goldfein">{{Cite web|url=https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/108013/david-l-goldfein/|title=GENERAL DAVID L. GOLDFEIN|website=www.af.mil|access-date=2018-12-15|archive-date=2018-10-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20181022125320/https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/108013/general-david-l-goldfein/|url-status=live}}</ref> |- | १९८६ | [[डेव्हिड डब्लू. ऑल्विन]] | जनरल; युनायटेड स्टेट्स वायुसेनाचे मुख्य प्रमुख (२०२३–) | <ref name="allvin">{{cite web|url=https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/108725/david-w-allvin/ |title=General David W. Allvin |publisher=Air Force Link |access-date=2022-04-17}}</ref> |} === वायुसेनाचे उपप्रमुख === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९५९ | [[मायकेल पी.सी. कार्न्स]] | जनरल; वायुसेनाचे उपप्रमुख (१९९१–१९९४); लढाऊ पायलट; व्हिएतनाममधील हवाई लढाईसाठी डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता | <ref name="carns">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=4927|title=General Michael P.C. Carns|access-date= 2008-09-20|publisher=Air Force Link|archive-url=https://web.archive.org/web/20080709161323/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=4927|archive-date=2008-07-09}}</ref> |- | १९६० | [[जॉन एम. लोह]] | जनरल; कमांडर, टॅक्टिकल एर कमांड; कमांडर, एर कॉम्बॅट कमांड; वायुसेनाचे उपप्रमुख; युनायटेड स्टेट्स वायुसेनाचे हंगामी मुख्य प्रमुख (१९९०–१९९१, हंगामी); लढाऊ पायलट | <ref name="loh"/> |- | १९८८ | [[राल्फ एबरहार्ट]] | जनरल; कमांडर, [[युनायटेड स्टेट्स स्पेस कमांड]]; कमांडर, [[युनायटेड स्टेट्स नॉर्दर्न कमांड]]; वायुसेनाचे उपप्रमुख (१९९७–१९९९); डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग跨 क्रॉस प्राप्तकर्ता; व्हिएतनाम आणि [[खाडी युद्ध|खाडी युद्धातील]] लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="eberhart">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5317|title=General Ralph E. "Ed" Eberhart|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040211160714/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5317|archive-date=2004-02-11}}</ref> |- | १९७४ | [[डंकन मॅकनॅब]] | जनरल; वायुसेनाचे उपप्रमुख (२००८–२०११) | <ref name="mcnabb">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6426 |title=General Duncan J. McNabb |publisher=Air Force Link |access-date=2009-03-13 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090312021631/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6426 |archive-date=March 12, 2009 }}</ref> |} === वायुसेनाच्या प्रमुख कमांड्सचे कमांडर === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९५९ | [[रॉबर्ट सी. ओक्स]] | जनरल; कमांडर, [[एर ट्रेनिंग कमांड]]; कमांडर, [[युनायटेड स्टेट्स एर फोर्सेस इन युरोप]]; लढाऊ पायलट | <ref name="oaks">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6630 |title=General Robert C. Oaks |publisher=Air Force Link |access-date=2009-03-13 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090213142602/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6630 |archive-date=February 13, 2009 }}</ref> |- | १९६० | [[रोनाल्ड डब्लू. येट्स]] | जनरल; कमांडर, [[एर फोर्स मटेरिअल कमांड]]; कमांडर, [[एर फोर्स सिस्टम्स कमांड]]; चाचणी पायलट; व्हिएतनाम युद्धातील लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="yates">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7679|title=General Ronald W. Yates|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20080709171718/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=7679|archive-date=2008-07-09}}</ref> |- | १९६१ | [[जॉर्ज ली बटलर]] | जनरल; कमांडर, युनायटेड स्टेट्स स्ट्रॅटेजिक कमांड; डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता; लढाऊ आणि बॉम्बर पायलट; व्हिएतनाम युद्धातील लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="butler">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=4877|title=General George Lee Butler|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040209185025/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=4877|archive-date=2004-02-09}}</ref> |- | १९६४ | [[रिचर्ड ई. हॉली]] | जनरल; कमांडर, एर कॉम्बॅट कमांड; डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता (तीन); व्हिएतनाम युद्धातील लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="hawley">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5744|title=General Richard E. Hawley|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040210075607/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5744|archive-date=2004-02-10}}</ref> |- | १९६४ | [[जॉन G. लॉर्बर]] | जनरल; कमांडर, [[पॅसिफिक एर फोर्सेस]]; डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता (दोन); लढाऊ पायलट; व्हिएतनाम युद्धातील लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="lorber">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6231|title=General John G. Lorber|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040208012050/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6231|archive-date=2004-02-08}}</ref> |- | १९६५ | [[हावेल एम. एस्टेस तिसरे]] | जनरल; कमांडर, युनायटेड स्टेट्स स्पेस कमांड; कमांडर, [[नॉर्थ अमेरिकन एरोस्पेस डिफेन्स कमांड]]; कमांडर, [[एर फोर्स स्पेस कमांड]]; डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता (दोन); लढाऊ पायलट; व्हिएतनाम युद्धातील लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="estes">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5367|title=General Howell M. Estes III|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040209155811/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5367|archive-date=2004-02-09}}</ref> |- | १९६८ | [[विलियम जे. बेगर्ट]] | जनरल; कमांडर, पॅसिफिक एर फोर्सेस; डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता (दोन); पायलट; व्हिएतनाम युद्धातील लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="begert">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=4649|title=General William J. Begert|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040207104516/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=4649|archive-date=2004-02-07}}</ref> |- | १९६८ | [[चार्ल्स आर. हॉलंड]] | जनरल; कमांडर, [[युनायटेड स्टेट्स स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड]]; डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता; [[लॉकहीड एसी-१३०|एसी-१३० गनशिप]] पायलट; व्हिएतनाम युद्धातील लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="holland">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5834 |title=General Charles R. Holland |publisher=Air Force Link |access-date=2009-03-13 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090213164353/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5834 |archive-date=February 13, 2009 }}</ref> |- | १९६८ | [[चार्ल्स टी. रॉबर्टसन]] | जनरल; कमांडर, [[युनायटेड स्टेट्स ट्रान्सपोर्टेशन कमांड]]; कमांडर, [[एर मोबिलिटी कमांड]]; डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता (दोन); एसी-१३० गनशिप, बॉम्बर आणि टँकर पायलट; व्हिएतनाम युद्धातील लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="robertson">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6932|title=General Charles T. "Tony" Robertson Jr.|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040210080129/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6932|archive-date=2004-02-10}}</ref> |- | १९७२ | [[विलियम आर. लुनी तिसरे]] | जनरल; कमांडर, [[एर एज्युकेशन अँड ट्रेनिंग कमांड]]; पायलट; [[ऑपरेशन सदर्न वॉच]] मधील लढाऊ अनुभवी सैनिक | <ref name="looney">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6229|title=General William R. Looney III|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-03-13|archive-url=https://web.archive.org/web/20040211184142/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6229|archive-date=2004-02-11}}</ref> |- | १९७३ | [[जे. डी. डब्लू. कॉर्ली]] | जनरल; कमांडर, एर कॉम्बॅट कमांड; लढाऊ पायलट | <ref name="corley">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5080|title=General John D. W. Corley|publisher=Air Force Link|access-date= 2009-05-11|archive-url=https://web.archive.org/web/20040212045653/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5080|archive-date=2004-02-12}}</ref> |- | १९७३ | [[फ्रँक क्लॉट्झ]] | [[लेफ्टनंट जनरल]]; [[रोड्स स्कॉलर]]; कमांडर, एर फोर्स ग्लोबल स्ट्राईक कमांड; मिसाईलर | <ref name="klotz"/> |- | १९७३ | [[स्टीफन आर. लॉरेन्झ]] | जनरल; कमांडर, एर एज्युकेशन अँड ट्रेनिंग कमांड; पायलट | <ref name="lorenz">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6234 |title=General Stephen R. Lorenz |publisher=Air Force Link |access-date=2009-03-13 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090310234138/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6234 |archive-date=March 10, 2009 }}</ref> |- | १९७४ | [[कॅरोल चँडलर]] | जनरल; कमांडर, पॅसिफिक एर फोर्सेस; लढाऊ पायलट | <ref name="chandler">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=4971 |title=General Carrol H. "Howie" Chandler |publisher=Air Force Link |access-date=2009-03-13 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090312021631/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=4971 |archive-date=March 12, 2009 }}</ref> |- | १९७४ | [[डोनाल्ड जे. हॉफमन]] | जनरल; कमांडर, एर फोर्स मटेरिअल कमांड; लढाऊ पायलट | <ref name="hoffman">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5825 |title=General Donald J. Hoffman |publisher=Air Force Link |access-date=2009-05-11 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090417020223/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=5825 |archive-date=April 17, 2009 }}</ref> |- | १९७५ | [[डग्लस एम. फ्रेझर]] | जनरल; कमांडर, [[युनायटेड स्टेट्स सदर्न कमांड]]; लढाऊ पायलट | <ref name="fraser">{{cite web|url=http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=5456 |title=General Douglas M. Fraser |publisher=Air Force Link |access-date=2009-07-22 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090715204937/http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=5456 |archive-date=2009-07-15 }}</ref> |} === उल्लेखनीय व्हिएतनाम युद्ध सैनिक === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९६१ | [[जेम्स पी. उल्म]] | [[ब्रिगेडियर जनरल]]; [[८ वी फ्लाइंग ट्रेनिंग स्क्वाड्रन|८ व्या फ्लाइंग ट्रेनिंग स्क्वाड्रन]] आणि [[१४ वी फ्लाइंग ट्रेनिंग विंग|१४ व्या फ्लाइंग ट्रेनिंग विंग]]चे कमांडर | <ref name="ulm">{{cite web|url=http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioid=7441 |title=Brigadier General James P. Ulm |publisher=United States Air Force |access-date=2012-02-13 |url-status=dead |archive-url=https://archive. today/20120803174641/http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioid=7441 |archive-date=2012-08-03 }}</ref> |- | १९६४ | [[रिचर्ड स्टीफन रिची]] | [[ब्रिगेडियर जनरल]]; व्हिएतनाम युद्धातील पायलट [[फ्लाइंग एस]]; [[एर फोर्स क्रॉस (युनायटेड स्टेट्स)|एर फोर्स क्रॉस]] प्राप्तकर्ता | <ref name="ritchie">{{cite web|url=http://www.acepilots.com/vietnam/ritchie.html|title=Richard "Steve" Ritchie: Phantom Pilot, Vietnam Ace, MiG Killer|publisher=Ace Pilots|access-date=2009-03-09|archive-date=2008-12-16|archive-url=https://web.archive.org/web/20081216071759/http://www.acepilots.com/vietnam/ritchie.html|url-status=live}}</ref> |- | १९६४ | [[रॉबिन जी. टॉर्नो]] | ब्रिगेडियर जनरल; [[३३४ वी फायटर स्क्वाड्रन|३३४ व्या फायटर स्क्वाड्रन]]चे कमांडर; [[४०५ वी एर एक्स्पेडिश्नेरी विंग|४०५ व्या एर एक्स्पेडिश्नेरी विंग]]चे कमांडर; युनायटेड States वायुसेनाच्या सदर्न एर डिव्हिजनचे कमांडर; एर फोर्स रिझर्व्ह ऑफिसर ट्रेनिंग कॉर्प्सचे कमांडंट; [[सिल्व्हर स्टार]] आणि लेजन ऑफ मेरिटचे प्राप्तकर्ता | <ref name="tornow">{{cite web |url=http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=7413 |title=Robin G. Tornow |publisher=United States Air Force |access-date=2010-09-11 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100413214814/http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=7413 |archive-date=2010-04-13 }}</ref> |- | १९८५ | [[लॉन्स सिजान]] | कर्नल; व्हिएतनाम युद्धादरम्यान [[युद्धकैदी]]; लढाऊ पायलट; मेडल ऑफ ऑनरने सन्मानित झालेले पहिले पदवीधर; त्यांच्या सन्मानार्थ वायुसेनाचा 'लॉन्स पी. सिजान पुरस्कार' नेतृत्वगुणांसाठी दिला जातो | <ref name="sijan">{{cite book|last=McConnell|first=Malcolm|title=Into the Mouth of the Cat|url=https://archive.org/details/intomouthofcatst0000mcco|publisher=W. W. Norton and Company|location=New York, NY|year=1985|isbn=0-393-32548-2}}</ref> |- | १९६६ | [[निकोलस केहो]] | कर्नल जनरल; व्हिएतनाम युद्धादरम्यान लढाऊ पायलट; वायुसेनाच्या सचिवांच्या कार्यालयाचे [[इन्स्पेक्टर जनरल]]; [[U.S. गृहनिर्माण आणि शहरी विकास विभाग|यू.एस. गृहनिर्माण आणि शहरी विकास विभाग]] (HUD) मधील सहाय्यक इन्स्पेक्टर जनरल; काँग्रेस मेडल ऑफ ऑनर सोसायटीचे अध्यक्ष आणि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (२००३–) | <ref name="kehoe">{{cite web|url=http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6009|title=Lieutenant General Nicholas B. Kehoe|publisher=Air Force link|access-date= 2009-03-21|archive-url=https://web.archive.org/web/20070316085538/http://www.af.mil/bios/bio.asp?bioID=6009|archive-date=2007-03-16}}</ref> |- | १९६७ | [[डेल स्टोव्हल]] | ब्रिगेडियर जनरल; व्हिएतनाम युद्धातील बचाव कार्य पायलट; एर force क्रॉस आणि [[जब्बारा पुरस्कार]] प्राप्तकर्ता; १२ यशस्वी बचाव मोहिमा, ज्यामध्ये उत्तर व्हिएतनामच्या आत खोलवर जाऊन केलेले [[रॉजर लोचर]] यांचे बचाव कार्य समाविष्ट आहे | <ref name="stovall">{{cite web|url=https://www.af.mil/AboutUs/Biographies/Display/tabid/225/Article/105509/brigadier-general-dale-e-stovall.aspx|title=Brigadier General Dale E. Stovall|publisher=United States Air Force|access-date=2015-04-18|archive-date=2016-01-14|archive-url=https://web.archive.org/web/20160114205813/http://www.af.mil/AboutUs/Biographies/Display/tabid/225/Article/105509/brigadier-general-dale-e-stovall.aspx|url-status=live}}</ref> |- | १९६८ | [[जेफ्री फेनस्टाईन]] | [[कर्नल]]; व्हिएतनाम युद्धातील वेपन्स सिस्टम्स ऑफिसर फ्लाइंग एस | <ref name="feinstein">{{cite web|url=http://www.usafa.org/news-media/Checkpoints/articles/Archive/2006MAR_mig_killers.pdf |title=MiG Killers: USAFA grads prove lethal to enemy pilots |date=March 2006 |publisher=United States Air Force Academy |access-date=2009-03-09 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20110719085525/http://www.usafa.org/news-media/Checkpoints/articles/Archive/2006MAR_mig_killers.pdf |archive-date=July 19, 2011 }}</ref> |- | १९७० | [[मायकेल ब्लासी]] | [[फर्स्ट लेफ्टनंट]]; [[ए-३७ ड्रॅगनफ्लाय|ए-३७बी ड्रॅगनफ्लाय]] हल्ला विमानाचे पायलट; अवशेषांची ओळख पटण्यापूर्वी, ब्लासी हे व्हिएतनाम युद्धातील अज्ञात सैनिक म्हणून [[टॉम्ब ऑफ द अननोन्स]] (१९८४–१९९८) येथे दफन करण्यात आले होते | <ref name="blassie">{{cite web|url=https://www.nlm.nih.gov/exhibition/visibleproofs/galleries/cases/blassie.html|title=Michael Blassie unknown no more|date=2006-05-03|publisher=National Institutes of Heath|access-date=2009-04-01|archive-date=2009-03-25|archive-url=https://web.archive.org/web/20090325004341/http://www.nlm.nih.gov/visibleproofs/galleries/cases/blassie.html|url-status=live}}</ref> |} === उल्लेखनीय खाडी युद्ध सैनिक === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९६३ | [[पॅट्रिक पी. कारुआना]] | कर्नल जनरल; [[१४ वी वायुसेना|१४ व्या वायुसेना]]चे कमांडर; एर फोर्स स्पेस कमांडचे उपकमांडर | <ref name="caruana">{{cite web|url=http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=4942 |title=Patrick P. Caruana |publisher=United States Air Force |access-date=2011-07-07 |url-status=dead |archive-url=https://archive. today/20120720211617/http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=4942 |archive-date=2012-07-20 }}</ref> |- | १९६५ | [[जॉन ए. वॉर्डन तिसरे]] | कर्नल; विख्यात हवाई शक्ती सिद्धांतकार; एर FORCE डिस्टिंग्विश्ड सर्विस मेडल प्राप्तकर्ता | <ref name="warden">{{cite news|url=http://www.accessmylibrary.com/article-1G1-183044454/john-warden-and-renaissance.html|title=John A. Warden III|publisher=Access My Library.com|access-date=2010-04-28 | date=2008-04-01}}</ref> |- | १९६९ | [[चार्ल्स सी. बाल्डविन]] | मेजर जनरल; मुख्य चॅप्लन | <ref name="baldwin">{{cite web|url=http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=4592 |title=Chaplain (Major General) Charles C. Baldwin |publisher=United States Air Force |access-date=2011-10-02 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20130802084942/http://www.af.mil/information/bios/bio.asp?bioID=4592 |archive-date=2013-08-02 }}</ref> |- | १९७९ | [[जॉन एफ. निकोलस]] | ब्रिगेडियर जनरल; [[टेक्सास एर नॅशनल गार्ड]]चे कमांडर | <ref name="nichols">{{cite web|url=http://www.ng.mil/ngbgomo/library/bio/2002.htm |title=Brigadier General John F. Nichols |publisher=National Guard Bureau |access-date=2011-01-21 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20120524183457/http://www.ng.mil/ngbgomo/library/bio/2002.htm |archive-date=2012-05-24 }}</ref> |- | १९८४ | [[ब्रेंट ब्रँडन]] | कर्नल; [[ईएफ-१११ए रेव्हेन|ईएफ-१११]] पायलट ज्यांनी [[ऑपरेशन डेझर्ट स्टॉर्म]]च्या पहिल्या दिवशी हवाई लढाईत इराकी [[दस्सो मिराज एफ१|मिराज एफ१-ईक्यू]] विमानाला पाडले; खाडी युद्धादरम्यान हवाई लढाईसाठी डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता | <ref name="brandon">{{cite web|url=http://www.thekeysource.com/team-hci/index_details.php?unid=76 |title=Brent D. Brandon |publisher=KeySource Group |access-date=2009-03-08 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20091208134754/http://www.thekeysource.com/team-hci/index_details.php?unid=76 |archive-date=December 8, 2009 }}</ref> |} === दहशतवाद विरोधी युद्धातील उल्लेखनीय सैनिक === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९८८ | [[मार्था मॅकसेली]] | [[कर्नल]]; अमेरिकन महिला पारंपारिक "बिगर-लढाऊ" विमानांमध्ये (एरलिफ्ट, टँकर, हेलिकॉप्टर) अनेक वर्षांपासून लढाऊ मोहिमा राबवत असल्या तरी, लढाऊ विमानांवरून महिलांच्या लढाऊ मोहिमांवरील १९९१ ची बंदी उठवल्यानंतर लढाऊ विमानातून प्रत्यक्ष युद्धात मोहीम राबवणाऱ्या त्या पहिल्या अमेरिकन महिला बनल्या; ऑपरेशन सदर्न वॉच आणि ऑपरेशन एंड्युरिंग फ्रीडमच्या अनुभवी सैनिक; २०१४ मध्ये ॲरिझोनाच्या २ ऱ्या मतदारसंघाचे प्रतिनिधित्व करत काँग्रेसवर निवड | <ref name="mcsally_defenselink">{{cite web|url=http://www.defenselink.mil/home/faceofdefense/fod/2006-12/f20061207a.html|title=First female pilot in combat reflects on career|last=Bergquist|first=Carl|date=2006-12-06|publisher=United States Department of Defense|access-date=2009-03-21|archive-date=2007-08-15|archive-url=https://web.archive.org/web/20070815234411/http://www.defenselink.mil/home/faceofdefense/fod/2006-12/f20061207a.html|url-status=dead}}</ref> |- | १९९७ | [[किम रीड-कॅम्पबेल]] | [[कर्नल]]; तिच्या वडिलांप्रमाणेच ([[चक रीड]]) तिच्या तुकडीत प्रथम क्रमांकाने उत्तीर्ण; [[इराक युद्ध|इराक युद्धादरम्यान]] हवाई लढाईसाठी डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता | <ref name="reedc1"/><ref name="reedc2"/><ref name="reeddfc">{{cite web|url=http://www.dfcsociety.org/citation_detail.asp?ID=4442 |title=DFC Citations: Kim N. Campbell |year=2003 |publisher=Distinguished Flying Cross Society |access-date=2009-03-08 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080615140616/http://www.dfcsociety.org/citation_detail.asp?ID=4442 |archive-date=2008-06-15 }}</ref> |- | २००६ | [[रोझलिन एल. शुलटे]] | [[फर्स्ट लेफ्टनंट]]; अफगाणिस्तानमधील दहशतवाद विरोधी युद्धात शत्रू सैनिकांकडून मारली गेलेली अकॅडेमीची पहिली महिला पदवीधरा; मरणोत्तर [[नॅशनल इंटेलिजन्स मेडल फॉर वॅलर]]ने सन्मानित | <ref name="Schulte">{{cite web|url=https://www.usafa.af.mil/news/story?id=123205840|title=Schulte award ceremony|year=2010|publisher=af.mil|access-date=2013-01-15|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20150520090535/http://www.usafa.af.mil/news/story.asp?id=123205840|archive-date=2015-05-20}}</ref> |} === इतर उल्लेखनीय वायुसेना पदवीधर === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९९१ | [[एरिक ए. पिटर्सन]] | ब्रिगेडियर जनरल, [[विस्कॉन्सिन नॅशनल गार्ड]]चे वायुसेनाचे उप ॲडज्युटंट जनरल | <ref name="eapeterson">{{cite web|url=https://wi.ng.mil/Portals/65/Documents/About/Leadership/Peterson_17MAR25.pdf|title=Brig. Gen. Erik A. Peterson|publisher=Wisconsin National Guard}}{{मृत दुवा|date=June 2026 |bot=InternetArchiveBot |fix-attempted=yes }}</ref> |- | १९९६ | [[निकोल मालाचोव्स्की]] | [[कर्नल]]; [[युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स थंडरबर्ड्स|यू.एस. एर फोर्स थंडरबर्ड्स]] सह पायलट म्हणून सेवा देणारी पहिली महिला | <ref name="malachowski">{{cite web|url=http://www.f-16.net/news_article1400.html|title=Thunderbirds' first female pilot announced with new 2006 pilots|date=2005-06-17|publisher=F-16.net|access-date=2009-03-13|archive-date=2021-10-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20211024234708/https://www.f-16.net/f-16-news-article1400.html|url-status=live}}</ref> |- | १९९८ | [[शॉना रोशेल किम्ब्रेळ]] | [[मेजर]]; लढाऊ पायलट म्हणून सेवा देणारी पहिली [[आफ्रिकन-अमेरिकन]] महिला | <ref name="kimbrell">{{cite web|url=https://www.aviano.af.mil/News/story/id/123091118/ |title=Meet the Air Force's first female African-American fighter pilot |date=2009-06-17 |publisher=U.S. Air Force |access-date=2010-10-13 |url-status=live |archive-url=https://web.archive.org/web/20110716022039/http://www.aviano.af.mil/news/story.asp?id=123091118 |archive-date=2011-07-16 }}</ref> |- | १९८० | [[जॅनेट सी. वोल्फेनबार्गर]] | [[जनरल]]; ५ जून २०१२ पर्यंत, यू.एस. वायुसेनाात जनरल रँक मिळवणारी पहिली महिला | — |- | १९६३ | [[चार्ल्स व्ही. बुश]] | अधिकारी; युनायटेड States एर फोर्स अकॅडेमीमधून पदवीधर झालेले पहिले आफ्रिकन-अमेरिकन | <ref name="C.V. Bush">{{cite journal|url=https://books.google.com/books?id=F9umweXiDtgC&q=%22Charles%20V.%20Bush%22&pg=PA71|journal=Ebony Magazine: "Air Force Cadets"|title=Three Negro youths are first of race to enter Colorado training school|edition=February 1960|date=February 1960|publisher=Johnson|access-date=2009-12-24|author1=Company, Johnson Publishing|archive-date=2021-10-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20211024234622/https://books.google.com/books?id=F9umweXiDtgC&q=%22Charles+V.+Bush%22&pg=PA71|url-status=live}}</ref> |- | १९६९ | [[पॉल के. कार्लटन, जुनियर]] | कर्नल जनरल; यू.एस. वायुसेनाचे सर्जन जनरल; डिस्टिंग्विश्ड सेवा मेडल प्राप्तकर्ता; जनरल पॉल के. कार्लटन यांचे सुपुत्र | <ref name="carlton">{{cite web|url=http://tamhsc.edu/homeland/bio.html |title=Paul K. Carlton, Jr. |publisher=Texas A&M Health Science Center |access-date=2010-04-21 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090430152300/http://tamhsc.edu/homeland/bio.html |archive-date=April 30, 2009 }}</ref> |- | १९६९ | [[चार्ल्स सी. बाल्डविन]] | मेजर जनरल; यू.एस. वायुसेनाचे मुख्य चॅप्लन; पायलट; ओक लीफ क्लस्टरसह डिस्टिंग्विश्ड सेवा मेडल, ओक लीफ क्लस्टरसह लेजन ऑफ मेरिट, ओक लीफ क्लस्टरसह डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस प्राप्तकर्ता | <ref name="baldwin"/> |- | १९७५ | [[स्कॉट ए. हॅमंड]] | मेजर जनरल; [[जॉर्जिया एर नॅशनल गार्ड]]चे कमांडर आणि मुख्य प्रमुख | <ref name="hammond">{{cite web|url=http://www.nationalguard.mil/Leadership/ngbgomo/bioshow.aspx?id=946&name=Major%20General%20Scott%20A%20Hammond%20|title=Major General Scott A. Hammond|publisher=National Guard of the United States|access-date=2014-05-15|archive-date=2014-05-17|archive-url=https://web.archive.org/web/20140517122212/http://www.nationalguard.mil/Leadership/ngbgomo/bioshow.aspx?id=946&name=Major%20General%20Scott%20A%20Hammond%20|url-status=live}}</ref> |- | १९६१ | [[हेक्टर आंद्रेस नेग्रोनी]] | कर्नल, लढाऊ पायलट, इतिहासकार, संरक्षण उद्योग कार्यकारी, वायुसेना अकॅडेमीमधून पदवीधर झालेले पहिले पोर्तो रिकन | — |- | १९८० | [[सुझान के. माशीको]] | [[मेजर जनरल]]; कोणत्याही लष्करी सेवेतून फ्लॅग/जनरल अधिकारी पदावर पदोन्नत झालेल्या जपानी वंशाच्या पहिल्या महिला | <ref name="dunbar">{{Cite web|url=https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/107977/major-general-susan-k-mashiko/|title=MAJOR GENERAL SUSAN K. MASHIKO|website=www.af.mil|access-date=2021-10-24|archive-date=2021-10-04|archive-url=https://web.archive.org/web/20211004194906/https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/107977/major-general-susan-k-mashiko/|url-status=live}}</ref> |- | १९८२ | [[शॅरॉन के.जी. डनबार]] | [[मेजर जनरल]]; फ्लॅग/जनरल अधिकारी पदावर पदोन्नत झालेल्या कोरियन वंशाच्या पहिल्या लष्करी सदस्या; [[एर फोर्स डिस्ट्रिक्ट ऑफ वॉशिंग्टन]] आणि [[हिल एर FORCE बेस]]चे नेतृत्व करणाऱ्या पहिल्या महिला | <ref name="dunbar"/> |} == स्पेस फोर्स == === स्पेस ऑपरेशन्सचे उपप्रमुख === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९८५ | [[डेव्हिड डी. थॉमसन]] | जनरल; स्पेस ऑपरेशन्सचे उपप्रमुख (२०२०–); स्पेस फोर्समध्ये जनरल रँक मिळवणारे पहिले पदवीधर; अकॅडेमीमध्ये ॲस्ट्रोनॉटिक्सचे प्राध्यापक (१९८९–१९९२); ॲस्ट्रोनॉटिकल इंजिनिअरिंगमध्ये बॅचलर ऑफ सायन्स | <ref>{{Cite web|url=https://www.pittsburgh.afrc.af.mil/News/Article-Display/Article/1879515/steel-foundation-locally-born-general-comes-home-to-tell-af-story/|title=Steel foundation: Locally-born general comes home to tell AF story|website=Pittsburgh Air Reserve Station|access-date=2021-03-05|archive-date=2021-09-09|archive-url=https://web.archive.org/web/20210909020144/https://www.pittsburgh.afrc.af.mil/News/Article-Display/Article/1879515/steel-foundation-locally-born-general-comes-home-to-tell-af-story/|url-status=live}}</ref> |} === फोर्स फील्ड कमांड्सचे कमांडर === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९८९ | [[स्टीफन एन. व्हायटिंग]] | लेफ्टनंट जनरल; स्पेस ऑपरेशन्स कमांडचे कमांडर (२०२०–); स्पेस फोर्स फील्ड कमांडचे पहिले कमांडर; एरोनॉटिकल इंजिनिअरिंगमध्ये बॅचलर ऑफ सायन्स | <ref name=autogenerated1>{{Cite web|url=https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/466543/stephen-n-whiting/|title=STEPHEN N. WHITING|website=www.af.mil|access-date=2021-10-24|archive-date=2021-10-22|archive-url=https://web.archive.org/web/20211022224024/https://www.af.mil/About-Us/Biographies/Display/Article/466543/stephen-n-whiting/|url-status=dead}}</ref> |} === स्पेस फोर्स जनरल अधिकारी === {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९८८ | [[निना एम. अर्माग्नो]] | लेफ्टनंट जनरल; स्पेस फोर्स स्टाफच्या संचालक (२०२०–); स्पेस फोर्समध्ये लेफ्टनंट जनरल रँक मिळवणाऱ्या पहिल्या महिला आणि पहिल्या अकॅडेमी पदवीधरा; जीवशास्त्रामध्ये बॅचलर ऑफ सायन्स | <ref name=autogenerated1 /><ref>{{Cite web|url=https://spacenews.com/armagno-becomes-the-u-s-space-forces-first-female-general-officer/|title=Armagno becomes the U.S. Space Force's first female general officer|date=August 17, 2020|website=SpaceNews|access-date=March 5, 2021}}</ref> |- | १९९० | [[जॉन ई. शॉ]] | लेफ्टनंट जनरल; युनायटेड States स्पेस कमांडचे उपकमांडर (२०२०–); ॲस्ट्रोनॉटिकल इंजिनिअरिंगमध्ये बॅचलर ऑफ सायन्स आणि रशियन भाषेमध्ये मायनर पदवी | <ref>{{Cite web|url=https://www.spacecom.mil/Leadership/Bio-Display/Article/2433977/lt-gen-john-e-shaw/|title=LT GEN JOHN E. SHAW|website=www.spacecom.mil|access-date=2021-03-05|archive-date=2021-04-05|archive-url=https://web.archive.org/web/20210405142417/https://www.spacecom.mil/Leadership/Bio-Display/Article/2433977/lt-gen-john-e-shaw/|url-status=live}}</ref> |} == दूरचित्रवाणी व्यक्तिमत्त्वे == {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | १९९६ | [[रायशेन लेमकुल]] | रिॲलिटी गेम शो ''[[द अमेझिंग रेस ४]]'' चे विजेते; मॉडेल, लेखक आणि अभिनेता; [['एन सिंक]] चे माजी सदस्य [[लॉन्स बास]] यांचे माजी मित्र; त्यांचे आत्मचरित्र 'हियर्स व्हॉट वी विल से' अकॅडेमीमधील त्यांच्या काळाबद्दल आणि लष्कराच्या "[[डोन्ट आस्क, डोन्ट टेल]]" धोरणांतर्गत हवाई दलातील अधिकारी म्हणून केलेल्या सेवेबद्दल तपशीलवार माहिती देते | <ref name="lehmkuhl">{{cite web|url=http://www.people.com/people/article/0,,1220199,00.html|title=Lance Bass's Beau: I'm Proud of Him|last=Lehner|first=Marla|work=People|date=2006-07-28|access-date=2009-03-07|archive-date=2009-02-05|archive-url=https://web.archive.org/web/20090205212420/http://www.people.com/people/article/0,,1220199,00.html|url-status=dead}}</ref> |} == बिगर-पदवीधर == :''या माजी विद्यार्थ्यांनी पदवी पूर्ण केली नसल्यामुळे, त्यांचे तुकडी वर्ष "x-" आणि त्यानंतर ते पदवीधर झाले असते ते वर्ष (माहित असल्यास) असे दर्शवले आहे आणि यादी आडनावाच्या वर्णानुक्रमानुसार आहे.'' {| class="wikitable sortable" |- ! वर्ष !! नाव !! माहिती !! संदर्भ |- | x–१९७६ | [[ब्रायन बिल्लिक]] | एनएफएल [[बाल्टिमोर रेव्हन्स]]चे मुख्य प्रशिक्षक (१९९९–२००७) | <ref name="billick">{{cite web|url=http://www.baltimoresun.com/topic/sports/football/brian-billick-PESPT008384.topic|title=Brian Billick|work=Baltimore Sun|access-date=2009-03-12|archive-date=2008-07-06|archive-url=https://web.archive.org/web/20080706033228/http://www.baltimoresun.com/topic/sports/football/brian-billick-PESPT008384.topic|url-status=live}}</ref> |- | x–१९६४ | [[हॅरी चॅपिन]] | गायक | <ref name="chapin2">{{cite magazine|url=https://www.rollingstone.com/artists/harrychapin/biography |title=Harry Chapin |magazine=Rolling Stone |access-date=2009-03-12 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080622040424/http://www.rollingstone.com/artists/harrychapin/biography |archive-date=June 22, 2008 }}</ref> |- | x–१९६८ | [[लॅरी कोल]] | एनएफएल फुटबॉल खेळाडू [[डॅलस काउबॉय]] (१९६८–१९८०); दोन सुपर बाउल रिंग मिळवल्या | <ref name="cole">{{cite web|last=Wallis |first=Jana |url=http://www.dallascowboys.com/news/news.cfm?id=57A39058-EF42-AB21-0ED943CADFA7AB62 |title=Pregame Gets Night Started Right |publisher=Dallas Cowboys |access-date=2009-04-06 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20090316115339/http://www.dallascowboys.com/news/news.cfm?id=57A39058-EF42-AB21-0ED943CADFA7AB62 |archive-date=March 16, 2009 }}</ref> |- | x–१९८१ | [[ब्रायन दुबी]] | पायलट; [[व्हर्माँटचे उपराज्यपाल]] (२००३–) | <ref name="dubie">{{cite web|url=http://ltgov.vermont.gov/about |title=Biography: Lieutenant Governor Brian Dubie |date=2008-07-28 |publisher=State of Vermont |access-date=2009-03-12 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20080905210726/http://www.ltgov.vermont.gov/about |archive-date=September 5, 2008 }}</ref> |- | x–१९७७ | [[डेरिओ गँबारो]] | [[मिसूरी लोकप्रतिनिधी गृह]]चे सदस्य (१९९९–२००३) | <ref name="gambaro">{{cite web|url=http://www.house.missouri.gov/content.aspx?info=/bills99/member99/bio065.htm|title=Rep. Derio L. Gambaro|publisher=Missouri House of Representatives|access-date=2009-03-12|archive-date=2011-07-21|archive-url=https://web.archive.org/web/20110721050448/http://www.house.missouri.gov/content.aspx?info=%2Fbills99%2Fmember99%2Fbio065.htm|url-status=live}}</ref> |- | x–१९७८ | [[क्लीरन्स गिल्यार्ड]] | अभिनेता; [[नेव्हाडा लास वेगास युनिव्हर्सिटी]]मध्ये कॉलेज ऑफ fine आर्ट्स थिएटर विभागात सहयोगी प्राध्यापक | <ref name="gilyard">{{cite web|url=http://theatre.unlv.edu/bios.html|title=Facul/Staff Bios|publisher=University of Nevada at Las Vegas|access-date=2009-03-12|archive-date=2009-01-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20090124075439/http://theatre.unlv.edu/bios.html|url-status=live}}</ref> |- | x–१९७९ | [[अल्बर्टो गोन्झालेस]] | [[युनायटेड स्टेट्सचे ॲटर्नी जनरल|युनायटेड स्टेट्सचे ॲटर्नी जनरल]] (२००५–२००७), [[टेक्सास टेक युनिव्हर्सिटी]]मध्ये प्राध्यापक (२००९–) | <ref name="gonzales">{{cite web|url=https://abcnews.go.com/Politics/Inauguration/story?id=241596|title=Profile: Attorney General Alberto Gonzales|date=2005-01-26|publisher=ABC News|access-date=2009-03-12|archive-date=2009-04-24|archive-url=https://web.archive.org/web/20090424133117/http://abcnews.go.com/Politics/Inauguration/story?id=241596|url-status=live}}</ref> |- | x–१९७१ | [[स्टेविन ह्युव्हर]] | लेखक | <ref>{{Cite book|isbn=978-0615419688|title=The Hannah Chronicles: The Adventures of Hannah Hadley, Girl Spy; Book 1: The Door in the Floor|url=https://archive.org/details/hannahchronicles0000stev|last1=Hoover|first1=Steve|date=2010-11-22}}</ref> |- | x–१९७६ | [[माइल्स ओ'कीफ]] | दूरदर्शन आणि चित्रपट अभिनेता | <ref>{{cite web|url=http://movies.msn.com/celebrities/celebrity/miles-o%27keeffe/|archive-url=https://archive. today/20120710185357/http://movies.msn.com/celebrities/celebrity/miles-o'keeffe/|url-status=dead|archive-date=2012-07-10|title=Miles O'Keeffe|work=MSN Movies|publisher=Microsoft|access-date=2009-03-12}}</ref> |- | अज्ञात | [[जस्टिन ओल्सेन]] | फोर-मॅन बॉबस्लेडमध्ये ऑलिम्पिक सुवर्णपदक विजेते (२०१०) आणि जागतिक चॅम्पियन (२००९) | <ref name="olsen">{{cite web|url=http://bobsled.teamusa.org/athletes/justin-olsen |title=Justin Olsen |publisher=USA Bobsled |access-date=2009-12-30 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20100130194340/http://bobsled.teamusa.org/athletes/justin-olsen |archive-date=January 30, 2010 }}</ref> |- | x–१९६५ | [[जोसेफ लेस्टर पॉवेल|जोडी पॉवेल]] | [[अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष|राष्ट्राध्यक्ष]] [[जिमी कार्टर]] यांचे [[व्हाईट हाऊसचे प्रेस सचिव|व्हाईट हाऊस प्रेस सचिव]]; कॉपी करण्याच्या कारणावरून शेवटच्या वर्षात अकॅडेमीमधून निष्कासित | <ref name="powell">{{cite magazine|url=http://www.time.com/time/magazine/article/0,914453,00.html?iid=chix-sphere|archive-url=https://web.archive.org/web/20090924020149/http://www.time.com/time/magazine/article/0,914453,00.html?iid=chix-sphere|url-status=dead|archive-date=September 24, 2009|title=Carter's Mouth|date= 1976-08-02|magazine=Time|access-date= 2009-03-12}}</ref> |- | x–२००५ | [[अँथनी श्लेगेल]] | एनएफएल च्या न्यू यॉर्क जेट्स network आणि सिनसिनाटी बेंगॉल्सचे फुटबॉल खेळाडू (२००६–२००७) | <ref name="schlegel">{{cite web|url=https://www.espn.com/espn/print?id=1447441&type=columnist|title=Falcons, Irish are season's most pleasant surprises|last=Fowler|first=Chris|date=2002-10-17|publisher=ESPN|access-date=2009-03-12|archive-date=2012-10-26|archive-url=https://web.archive.org/web/20121026122035/http://sports.espn.go.com/espn/print?id=1447441&type=columnist|url-status=live}}</ref> |- | x–२०२४ | [[पॉल स्केन्स]] | पिट्सबर्ग पायरेट्सचे बेसबॉल पिचर; अकॅडेमीत असताना कॉलेज बेसबॉलमधील सर्वोत्तम टू-वे खेळाडू म्हणून २०२२ का [[जॉन ओलेरुड पुरस्कार]] प्राप्तकर्ता; २०२२ च्या थर्ड-क्लास सीझननंतर [[लुइझियाना स्टेट युनिव्हर्सिटी|एलएसयू]] मध्ये बदली; २०२३ मेन्स कॉलेज वर्ल्ड सिरीज जिंकणाऱ्या [[२०२३ एलएसयू टायगर्स बेसबॉल संघ|संघासह]] अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार मिळाले; २०२३ च्या मेजर लीग बेसबॉल ड्राफ्टमध्ये प्रथम निवड; २०२४ मध्ये नॅशनल लीगचे रोकी ऑफ द इयर | <ref>{{cite web|url=https://www.mlb.com/news/skenes-captures-2022-john-olerud-two-way-player-of-the-year-award|title=Skenes captures 2022 John Olerud Two-Way Player of the Year Award|website=MLB.com|date=June 14, 2022|access-date=June 14, 2022}}</ref><ref>{{cite news |last1=Nagy |first1=Zack |title=LSU Baseball Stars Paul Skenes and Dylan Crews Make History at MLB Draft |url=https://www.si.com/college/lsu/baseball/lsu-baseball-stars-paul-skenes-and-dylan-crews-make-history-at-mlb-draftt |access-date=August 2, 2023 |work=FanNation |publisher=Sports Illustrated |date=July 10, 2023}}</ref><ref>{{cite news |url=https://www.mlb.com/news/mlb-rookie-of-the-year-awards-2024 |title=Skenes, Gil win Rookie of the Year in a pairing not seen since 1981 |first1=Manny |last1=Randhawa |first2=Paul |last2=Casella |website=MLB.com |date=November 18, 2024 |access-date=February 5, 2025}}</ref> |- | x–२००३ | [[जमील वॉकर]] | [[मेजर लीग सॉकर]] खेळाडू (२००३–२००७); [[२००३ एमएलएस कप|२००३ एमएलएस कप]] विजेता | <ref name="walker">{{cite web|url=http://www.mlsnet.com/player/jamil-walker |title=MLSNet: Jamil Walker |publisher=MLS |access-date=2011-01-18 |url-status=dead |archive-url=https://web.archive.org/web/20101204230750/http://www.mlsnet.com/player/jamil-walker |archive-date=December 4, 2010 }}</ref> |- | x–२००६ | [[डॅनियल वासॉन]] | मेजर लीग सॉकर खेळाडू | <ref name="wasson">{{cite web|url=http://ussf.demosphere.com/Teams/20945465/20945470-20952154/22188738.html|title=USSF Division 2 Pro League|publisher=USSF|access-date=2011-07-28|archive-date=2012-04-30|archive-url=https://web.archive.org/web/20120430012831/http://ussf.demosphere.com/Teams/20945465/20945470-20952154/22188738.html|url-status=live}}</ref> |} == हे देखील पहा == *[[युनायटेड स्टेट्स सेवा अकॅडेमी]] *[[कॉलोराडोमधील महाविद्यालये आणि विद्यापीठांची यादी]] *[[कॉलोराडोची ग्रंथसूची]] *[[कॉलोराडोचा भूगोल]] *[[कॉलोराडोचा इतिहास]] *[[कॉलोराडो-संबंधित लेखांची यादी]] {{clear}} == संदर्भ == {{reflist}} == बाह्य दुवे == {{sister project links|United States Air Force Academy|auto=yes}} *[https://www.usafa.edu/ युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडेमी अधिकृत संकेतस्थळ] **[https://www.usafa.edu/graduates/alumni-groups/ युनायटेड स्टेट्स एर FORCE अकॅडेमी माजी विद्यार्थी गट] ***[http://www.blue-alliance.org/ ब्लू अलायन्स - एर फोर्स अकॅडेमीचे एलजीबीटी माजी विद्यार्थी] {{USAFA|state=open}} {{US Air Force navbox}} {{United States service academies and military colleges}} {{ColoCol}} {{People from Colorado}} {{Colorado}} {{authority control}} {{coord|39.0120|-104.8894|region:US-CO_type:edu|name=United States Air Force Academy|display=title}} [[वर्ग:युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडेमीचे माजी विद्यार्थी|*]] [[वर्ग:युनायटेड स्टेट्स एर फोर्स अकॅडेमी|माजी विद्यार्थी]] 94xi460r6c8txz7fmg0fkpqrbxdpsbl फिरेंझे सांता मरिया नोव्हेल्ला रेल्वे स्थानक 0 382752 2710747 2701867 2026-09-19T13:37:04Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710747 wikitext text/x-wiki '''फिरेंझे सांता मारिया नोव्हेला''' तथा '''फ्लोरेन्स सांता मारिया नोव्हेला''' किंवा '''स्ताझ्झियोने दि सांता मारिया नोव्हेला''' हे [[इटली]]तील [[फिरेंझे]] (फ्लोरेन्स) शहराचे मुख्य रेल्वे स्थानक आहे. या स्थानकाचा वापर दरवर्षी ५.९ कोटींहून अधिक प्रवाशांकडून वापरात असलेले हे इटलीतील सर्वात व्यस्त रेल्वे स्थानकांपैकी एक आहे.<ref>{{cite web| url=http://www.grandistazioni.it/cms/v/index.jsp?vgnextoid=84db47db3c09a110VgnVCM1000003f16f90aRCRD| title=Firenze S. Maria Novella| website=Grandi Stazioni| archiveurl=https://web.archive.org/web/20180509145137/http://www.grandistazioni.it/cms/v/index.jsp?vgnextoid=84db47db3c09a110VgnVCM1000003f16f90aRCRD| archivedate=May 9, 2018| language=it}}</ref> हे स्थानक २६ मे १९९२ रोजी पूर्ण झालेल्या [[फिरेंझे-रोम हाय-स्पीड रेल्वे मार्ग|फिरेंझे-रोम हाय-स्पीड रेल्वे मार्गाच्या]] उत्तर टोकाला आणि २२ एप्रिल १९३४ रोजी सुरू झालेल्या [[बोलोन्या-फिरेंझे रेल्वे मार्ग|बोलोन्या-फिरेंझे रेल्वे मार्गाच्या]] दक्षिण टोकाला स्थित आहे. [[बोलोन्या]]साठी नवीन जलदगती मार्ग १३ डिसेंबर २००९ रोजी सुरू करण्यात आला. या स्थानकाचा वापर स्थानिक व प्रादेशिक गाड्यांसाठीही केला जातो. यांत पिसा]], [[लिव्होर्नो]] (लिओपोल्डा रेल्वे); [[लुक्का]], [[व्हियारेगियो]] (व्हियारेगियो-फिरेंझे रेल्वे); बोलोन्या (बोलोन्या-फिरेंझे रेल्वे) आणि [[फाएन्झा]] (फेन्तिना रेल्वे) हे मार्ग समाविष्ट आहेत. == इतिहास == स्थानकाचे उद्घाटन ३ फेब्रुवारी १८४८ रोजी [[पिस्तोइया आणि पिसा रेल्वे]]साठी करण्यात आले होते. सुरुवातीला या स्थानकाला ''मारिया अँतोनिया'' असे नाव देण्यात आले होते (रेल्वे मार्गाचे नाव [[दोन सिसीलीची राजकुमारी मारिया अँतोनिया]] यांच्या सन्मानार्थ ठेवले होते). हे स्थानक सध्याच्या स्थानकापेक्षा [[सांता मारिया नोव्हेलाची बॅसिलिका|सांता मारिया नोव्हेला चर्चच्या]] अधिक जवळ होते. [[इटलीचे एकत्रीकरण|इटलीच्या एकत्रीकरणानंतर]] या स्थानकाला चर्चचे नाव दिले गेले. फिरेंझच्या शिल्पकार [[रोमानो रोमानेली]] यांनी शहरातील मुख्य वृत्तपत्र [[ला नाझ्झियोने]] मधील संपादकीय लेखांमधून सरकारी वास्तुशास्त्रज्ञ [[अँजिओलो माझ्झोनी]] यांच्या मूळ प्रस्तावांवर उघडपणे टीका केली होती.<ref>{{cite news | first=Romano| last=Romanelli | title=La Nuova Stazione di Firenze | newspaper=[[La Nazione]] | orig-date=June 17–20, 1932 |date=July 10, 1932}}</ref> यानंतर झालेल्या सकारात्मक चर्चेमुळे वास्तुशास्त्रज्ञ [[मार्सेलो पियासेंतिनी]] यांनी या प्रकल्पाला पाठबळ दिले आणि १९३२ मध्ये [[ग्रुपो तोस्कानो]]ने याचा आराखडा तयार केला. ग्रुपो तोस्कानो मध्ये [[जोव्हानी मिकेलुची]], इतालो गाम्बेरिनी, पिएर निक्कोलो बेरार्दी, नेल्लो बारोनी, सार्ने गुआर्नेरी आणि लिओनार्डो लुसान्ना यांचा समावेश होता. या वास्तूचे बांधकाम १९३२ ते १९३४ दरम्यान झाले. वरून पाहिल्यावर इमारतीचा आराखडा [[बेनितो मुसोलिनी]] यांच्या [[नॅशनल फॅसिस्ट पार्टी|फॅसिस्ट पक्षाचे]] चिन्ह असलेल्या ''फासिओ लित्तोरिओ'' सारखा दिसतो, अनेक कागदपत्रांमध्ये हे स्पष्टीकरण दिले आहे; परंतु हे रूप तेथे असलेल्या पूर्वीच्या स्थानकाच्या रचनेमुळे निर्माण झाले होते. [[File:Florence, Santa Maria Novella railway station, Gruppo Toscano, 1934 1.jpg|thumb|left|सांता मारिया नोव्हेला रेल्वे स्थानक, मुख्य प्रवेशद्वार]] [[File:Florence, Santa Maria Novella railway station hall, Gruppo Toscano, 1934.jpg|thumb|left|रेल्वे स्थानकाचा अंतर्गत भाग]] ही इमारत इटालियन आधुनिकतावादाचे एक उत्तम उदाहरण आहे. स्थानकाच्या रचनेची स्पर्धा वादग्रस्त ठरली होती, परंतु मुसोलिनी यांनी ग्रुपो तोस्कानोच्या प्रकल्पाला मान्यता दिल्याने आधुनिकतेचा अधिकृत स्वीकार म्हणून त्याचे स्वागत झाले. जुन्या झालेल्या मारिया अँतोनिया स्थानकाऐवजी आणि शहराच्या मध्यवर्ती भागात जाण्यासाठी एक प्रमुख प्रवेशद्वार म्हणून हे स्थानक डिझाइन केले गेले होते. ग्रुपो तोस्कानोने फक्त स्थानकाच्या मुख्य समोरील इमारतीचा आराखडा तयार केला होता. [[फिरेंझेचे हीटिंग प्लांट आणि मुख्य नियंत्रण केबिन|हीटिंग प्लांट, नियंत्रण टॉवर]], फलाट आणि इतर सुविधा अधिकृत दळणवळण मंत्रालयाचे वास्तुशास्त्रज्ञ अँजिओलो माझ्झोनी यांनी वेगळ्या शैलीत डिझाइन केल्या होत्या. स्थानकालगत मिकेलुची यांनी पांढऱ्या संगमरवराची ''पलाझिना रियेल दि सांता मारिया नोव्हेला'' ही इमारत बांधली, जी राजघराण्यातील व्यक्तींच्या फिरेंझे भेटीदरम्यान त्यांच्या स्वागतासाठी वापरली जात असे. [[File:National Library manuscripts being washed in Florence after the 1966 flood of the Arno - UNESCO - PHOTO 0000001407 0001 - Restoration.jpg|thumb|[[नॅशनल सेंट्रल लायब्ररी (फिरेंझे)|नॅशनल सेंट्रल लायब्ररी]] मधील हस्तलिखिते [[१९६६ च्या आर्नो नदीच्या महापुरानंतर]] स्थानकाच्या बॉयलर रूममध्ये धुतली जात असताना]] या इमारतीची रचना आधुनिक असली तरी,<ref>{{cite book |last=Pevsner |first=Nikolaus |title= Europäische Architektur |year= 1963 |publisher= Prestel |location= Munich |pages=466–467}}</ref> स्थानकाच्या दगडाच्या दर्शनी भागासाठी 'पिएत्रा फोर्ते'' (एक कठीण वाळूचा दगड) वापरला गेला, जेणेकरून जवळच असलेल्या सांता मारिया नोव्हेला चर्चच्या [[गोथिक स्थापत्यशैली|गोथिक स्थापत्यशैलीशी]] सुसंगतता ठेवता आली. स्थानकाच्या आतील प्रवाशांच्या मुख्य आवारावर धातू आणि काचेचे मोठे छताचे तावदान (स्कायलाइट्स) आहेत. हे स्कायलाइट्स कोणत्याही खांबाच्या आधाराशिवाय उभारलेले आहेत, ज्यामुळे विशालतेची भावना निर्माण होते. स्थानकाच्या फलाट क्रमांक १६ जवळ [[दुसरे महायुद्ध|दुसऱ्या महायुद्धादरम्यान]] इटलीतून [[नाझी छळछावणी|नाझी छळछावण्यांमध्ये]] हद्दपार केलेल्या ज्यू लोकांच्या आठवणीत एक पुतळा आणि स्मरणपट उभारण्यात आला आहे. {{wide image|Firenze santa maria novella 11.jpg|1000px|align-cap=center|[[जियोत्तोचा टॉवर|जियोत्तोच्या घंटाघरावरून]] दिसणारे स्थानकाचे दृश्य}} == रेल्वे सेवा == या स्थानकावरून खालील प्रमुख गाड्या धावतात: * जलदगती रेल्वे (''फ्रेक्कियारोस्सा'') ''[[तोरिनो|तुरिन]] – [[मिलान]] – [[बोलोन्या]] – फिरेंझे – [[रोम]] – [[नापोली|नेपल्स]] – [[सालेर्नो]]'' * जलदगती रेल्वे (''फ्रेक्कियारोस्सा'') ''व्हेनेझ्झिया – [[पादोव्हा|पादुआ]] – बोलोन्या – फिरेंझे – रोम – नेपल्स – सालेर्नो'' * जलदगती रेल्वे (''फ्रेक्कियार्चेंतो'') ''[[त्रिएस्ते]] – व्हेनेझ्झिया – पादुआ – बोलोन्या – फिरेंझे – रोम'' * जलदगती रेल्वे (''फ्रेक्कियार्चेंतो'') ''[[उदिने]] – [[त्रेव्हिसो]] – व्हेनेझ्झिया – पादुआ – बोलोन्या – फिरेंझे – रोम'' * जलदगती रेल्वे (''फ्रेक्कियार्चेंतो'') ''व्हेनेझ्झिया – पादुआ – बोलोन्या – फिरेंझे – रोम'' * जलदगती रेल्वे (''फ्रेक्कियार्चेंतो'') ''व्हेनेझ्झिया – पादुआ – बोलोन्या – फिरेंझे – रोम – [[लिओनार्दो दा विंची–फ्युमिचिनो विमानतळ|फ्युमिचिनो विमानतळ]]'' == हे सुद्धा पहा == *[[फिरेंझे काम्पो दि मार्ती रेल्वे स्थानक]] *[[फिरेंझे रिफ्रेदी रेल्वे स्थानक]] *[[इटलीतील रेल्वे वाहतूक]] == संदर्भ आणि नोंदी == {{संदर्भयादी}} * {{cite book |first=Guido |last=Zucconi |year=1995 |title=Florence: An Architectural Guide |url=https://archive.org/details/florencearchitec0000zucc |edition=2001 Reprint |publisher=Arsenale Editrice |location=San Giovanni Lupatoto (Vr) |isbn=88-7743-147-4 |page=[https://archive.org/details/florencearchitec0000zucc/page/130 130]}} * {{cite book |first=C.|last=Cresti |year=1986 |title=Architettura e Fascismo |edition=1986 |publisher=Valsecchi Editrice |location=Firenze}} [[वर्ग:इटलीतील रेल्वे स्थानके]] [[वर्ग:फिरेंझे]] d9fzowb3cggntoppn7slzmyb29mc3ho निर्गुण भक्ती 0 382848 2710744 2703048 2026-09-19T13:32:22Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710744 wikitext text/x-wiki '''निर्गुण भक्ती''' ही भारतीय भक्तीपरंपरेतील अशी धार्मिक-सांप्रदायिक प्रवृत्ती आहे, ज्यामध्ये परमसत्तेला विशिष्ट रूप, मूर्ती किंवा भौतिक गुणांनी मर्यादित न मानता तिची उपासना केली जाते. मध्ययुगीन उत्तर भारतातील संतपरंपरेत या प्रवृत्तीचा विशेष विकास झाला. [[कबीर]], [[रविदास]], [[दादू पंथ|दादू दयाळ]] आणि इतर संतांच्या काव्यरचनेत निर्गुण भक्तीशी संबंधित विचार आढळतात. या परंपरेत ईश्वरप्राप्ती, नामस्मरण, सद्गुरू, आत्मज्ञान आणि सांसारिक आसक्तीतून मुक्ती यांसारख्या विषयांना महत्त्व दिले जाते.<ref name=":0">{{स्रोत पुस्तक|title=Praises to a Formless God: Nirguni Texts from North India (Suny Series in Religious Studies)|url=https://archive.org/details/praisestoformles0000lore|last=Lorenzen|first=David N.|date=1 March 1996|publisher=State Univ of New York Pr|isbn=978-0791428061|location=New York}}</ref><ref name=":1">{{स्रोत पुस्तक|title=The Bijak of Kabir|last=Hess|first=Linda|last2=Singh|first2=Shukdeo|date=18 April 2002|publisher=Oxford Univ Pr on Demand|isbn=978-0195148763}}</ref> निर्गुण भक्तीचे स्वरूप सर्व संतपरंपरांमध्ये एकसारखे नसून तिच्या संकल्पना, धार्मिक आचार आणि परमसत्तेच्या स्वरूपाबाबत विविध परंपरांमध्ये भिन्न मते आढळतात. कबीरांच्या वाणीत बाह्य कर्मकांड, जातिभेद आणि धार्मिक रूढींची समीक्षा करत अंतर्मुख भक्ती आणि परमसत्याच्या अनुभूतीवर भर दिलेला दिसतो.<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=A Weaver Named Kabir: Selected Verses With A Detailed Biographical And Historical Introduction|last=Vaudeville|first=Charlotte|date=1 January 2017|publisher=Motilal Banarsidass Publishers|isbn=978-8120841956}}</ref><ref name=":1" /> निर्गुण भक्तीचा संबंध प्रामुख्याने उत्तर भारतीय संतसाहित्याशी जोडला जात असला तरी तिच्या तात्त्विक पार्श्वभूमीचा संबंध भारतीय तत्त्वज्ञानातील निर्गुण ब्रह्म, भक्ती आणि मोक्षाच्या विविध संकल्पनांशी जोडला जातो. आधुनिक काळात विविध संतपरंपरा आणि धार्मिक विचारवंतांनी निर्गुण भक्तीची स्वतंत्र व्याख्या केली आहे. त्यापैकी [[संत रामपाल]] यांच्या शिकवणीत कबीरांच्या वाणीसह विविध धर्मग्रंथांच्या आधारे निर्गुण भक्तीचे विशिष्ट स्पष्टीकरण दिले जाते.<ref name=":2">{{स्रोत पुस्तक|title=A Storm of Songs: India and the Idea of the Bhakti Movement|last=Hawley|first=John Stratton|date=28 May 2015|publisher=Harvard Univ Pr|isbn=978-0674187467}}</ref> == व्युत्पत्ती == '''निर्गुण भक्ती''' हा शब्द संस्कृतमधील '''<nowiki/>'[[निर्गुण]]'<nowiki/>''' आणि '''<nowiki/>'[[भक्ती]]'''' या दोन संज्ञांपासून बनला आहे. 'निर्गुण' हा ''निर्'' (विरहित) आणि ''गुण'' (गुण, विशेषता किंवा गुणधर्म) यांपासून बनलेला शब्द असून त्याचा सामान्य अर्थ 'गुणरहित' किंवा 'विशिष्ट गुणांनी मर्यादित नसलेले' असा होतो. भारतीय तत्त्वज्ञानात या शब्दाचा अर्थ संदर्भानुसार बदलतो.<ref>{{cite book|url=https://www.sanskrit-lexicon.uni-koeln.de/scans/MWScan/2020/web/webtc/indexcaller.php|title=A Sanskrit-English Dictionary: Etymologically and Philologically Arranged with Special Reference to Cognate Indo-European Languages|last=Monier-Williams|first=Monier|publisher=Clarendon Press|year=1899|location=Oxford}}</ref> 'भक्ती' हा शब्द संस्कृतमधील ''भज्'' या धातूपासून व्युत्पन्न झाला असून त्याचा संबंध ईश्वराविषयी भक्तिभाव, उपासना आणि समर्पणाशी आहे. त्यामुळे 'निर्गुण भक्ती'चा सामान्य अर्थ विशिष्ट साकार रूप किंवा भौतिक गुणांनी मर्यादित न मानलेल्या परमसत्तेप्रती भक्तिभाव असा केला जातो.<ref name=":0" /> निर्गुण भक्तीतील 'निर्गुण' संकल्पना आणि वेदान्तातील 'निर्गुण ब्रह्म' या संकल्पना परस्पर संबंधित असल्या तरी दोन्हींचा अर्थ सर्व धार्मिक आणि तात्त्विक परंपरांमध्ये समान नाही. त्यामुळे निर्गुण भक्तीचे स्वरूप समजून घेताना संबंधित संतपरंपरा आणि साहित्यिक संदर्भ विचारात घेणे आवश्यक आहे.<ref name=":2" /> == प्रमुख संत आणि कवी == उत्तर भारतीय संतपरंपरेतील निर्गुण भक्तीशी संबंधित प्रमुख संतांमध्ये कबीर, गुरू नानक, रैदास आणि दादू दयाळ यांचा समावेश केला जातो. या संतांच्या रचनांमध्ये निराकार किंवा निर्गुण परमसत्ता, नामस्मरण, भक्ती, आध्यात्मिक अनुभूती आणि सांसारिक आसक्तीपासून मुक्ती यांसारखे विषय आढळतात. डेव्हिड एन. लॉरेन्झेन यांनी या संतांच्या रचनांचा निर्गुण भक्तीच्या व्यापक साहित्यिक परंपरेच्या संदर्भात अभ्यास केला आहे.<ref name=":0" /> === कबीर === '''कबीर''' हे उत्तर भारतातील प्रमुख संत-कवींपैकी एक असून त्यांच्या रचनांना निर्गुण संतपरंपरेतील महत्त्वाचे स्थान दिले जाते. त्यांच्या कवितेत विशिष्ट रूप किंवा प्रतिमेपुरती मर्यादित नसलेली परमसत्ता, नाम, आत्मज्ञान आणि भक्ती यांचा उल्लेख आढळतो. कबीरांनी धार्मिक कर्मकांड, जातिभेद आणि बाह्य आडंबरांवरही टीका केली. त्यांच्या रचना विविध मौखिक आणि लिखित परंपरांमधून प्रसारित झाल्या असून ''बीजक'', ''कबीर ग्रंथावली'' आणि ''आदि ग्रंथ'' यांसारख्या संग्रहांमध्ये त्यांच्या नावाने रचना आढळतात.<ref name=":1" /> कबीरांच्या रचनांमध्ये हिंदू आणि इस्लामी धार्मिक संज्ञांचा तसेच स्थानिक संतपरंपरेतील संकल्पनांचा वापर आढळतो. त्यांच्या कवितेचा मोठा भाग साखी, सबद आणि पद या स्वरूपांत आढळतो. आधुनिक अभ्यासकांनी कबीरांच्या जीवनाविषयी उपलब्ध आख्यायिका आणि त्यांच्या नावाने प्रसारित झालेल्या साहित्यामधील ऐतिहासिक वाङ्मयीन स्तर वेगळे करून अभ्यासले आहेत.<ref>{{जर्नल स्रोत|last=Dharwadkar|first=Vinay|date=Winter 2025|editor-last=Coleman|editor-first=Tracy|title=Kabir/Kabir Panth|url=https://www.researchgate.net/publication/383263243_KabirKabir_Panth|journal=Hinduism|publisher=Oxford University Press New York|publication-place=New York|volume=1}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/hi/bhakti-bodh/|title=भक्ति बोध|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=hi|access-date=2026-08-16}}</ref> === गुरू नानक === '''[[गुरू नानकदेव|गुरू नानक]]''' (१४६९–१५३९) हे शीख धर्माचे संस्थापक आणि उत्तर भारतीय संतपरंपरेतील प्रमुख कवी होते. त्यांच्या रचनांमध्ये एकेश्वरवाद, नामस्मरण, भक्ती, नैतिक जीवन आणि सामाजिक समतेवर भर दिला आहे. त्यांच्या अनेक रचना नंतर ''[[गुरू ग्रंथ साहिब]]''मध्ये समाविष्ट करण्यात आल्या. निर्गुण भक्तीच्या अभ्यासात गुरू नानक यांच्या रचनांचा कबीर, रैदास आणि दादू दयाळ यांच्या रचनांसह विचार केला जातो.<ref name=":0" /> गुरू नानक यांच्या विचारांचे स्वतंत्र शीख धार्मिक आणि तात्त्विक संदर्भ आहेत. त्यामुळे त्यांना केवळ कबीरपंथीय किंवा इतर संतपरंपरेच्या चौकटीत समाविष्ट करण्याऐवजी, त्यांच्या रचनांमधील निर्गुण संकल्पना आणि शीख धर्माच्या स्वतंत्र विकासाचा परस्परसंबंध लक्षात घेऊन अभ्यास केला जातो.<ref name=":0" /> === रैदास === '''रैदास''' ([[रविदास]]) हे उत्तर भारतातील संत-कवी असून त्यांच्या रचनांना निर्गुण संतसाहित्याच्या परंपरेत महत्त्वाचे स्थान दिले जाते. त्यांच्या कवितेत ईश्वरभक्ती, नाम, सामाजिक समता आणि आध्यात्मिक मुक्ती यांसारखे विषय आढळतात. त्यांच्या नावाने प्रसिद्ध असलेल्या काही रचना ''गुरू ग्रंथ साहिब''मध्येही समाविष्ट आहेत.<ref name=":0" /><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/en/great-devotees/sant-ravidas/|title=Sant Ravidas: Gold Janeu Brahmin Story & Guru of Meerabai|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=en|access-date=2026-08-16}}</ref> रैदासांच्या साहित्याचा संबंध त्यांच्या सामाजिक पार्श्वभूमीशी आणि तत्कालीन जातिव्यवस्थेवरील विचारांशी जोडून अभ्यासला जातो. त्यांच्या कवितेत बाह्य सामाजिक प्रतिष्ठेपेक्षा भक्ती आणि ईश्वराशी असलेल्या संबंधाला महत्त्व दिले जाते. रैदासांच्या नावाने उपलब्ध असलेल्या साहित्याच्या पाठपरंपरेचाही आधुनिक अभ्यासकांनी अभ्यास केला आहे.<ref name=":0" /> === दादू दयाळ === '''दादू दयाळ''' (१५४४–१६०३) हे राजस्थानातील प्रमुख संत-कवी आणि दादूपंथाचे संस्थापक होते. त्यांच्या रचनांमध्ये निर्गुण परमसत्ता, नामस्मरण, गुरु, भक्ती आणि धार्मिक आडंबरावरील टीका यांसारखे विषय आढळतात. त्यांच्या शिकवणीवर आधारित परंपरेला पुढे '''दादूपंथ''' म्हणून ओळखले जाऊ लागले.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/en/great-devotees/sant-dadu-dayal-praise-glory-god-kabir/|title=Why Did Sant Dadu Dayal Praise the Glory of God Kabir?|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=en|access-date=2026-08-16}}</ref> दादूंच्या रचनांचे संकलन त्यांच्या अनुयायांनी केले आणि त्यांच्या नावाने विविध पदे, साख्या आणि इतर रचना प्रसारित झाल्या. दादूपंथाच्या साहित्यिक परंपरेत दादूंच्या वाणीबरोबरच इतर संतांच्या रचनांचाही समावेश झाला. त्यामुळे दादूंच्या साहित्याचा अभ्यास त्यांच्या वैयक्तिक रचनांबरोबरच दादूपंथाच्या पुढील विकासाच्या संदर्भात केला जातो.<ref name=":0" /> === धर्मदास === '''धर्मदास''' हे कबीरपंथाशी संबंधित प्रमुख संत असून त्यांच्या नावाने अनेक पदे आणि वाणी प्रचलित आहेत. कबीरपंथाच्या धर्मदासी परंपरेत धर्मदास यांना विशेष स्थान आहे. त्यांच्या संदर्भातील आख्यायिकांमध्ये कबीरांशी त्यांची भेट, दीक्षा आणि त्यानंतर कबीरांच्या शिकवणीचा प्रसार यांचे वर्णन आढळते. आधुनिक अभ्यासात धर्मदासाशी संबंधित साहित्य आणि कबीरपंथाच्या संस्थात्मक विकासाचा स्वतंत्रपणे विचार केला जातो.<ref name=":3">{{जर्नल स्रोत|last=Kumar|first=Ramesh|date=Summer 2026|title=History and Practices of Kabir Panthies in North India: A Sociological Enquiry|url=https://ir.nbu.ac.in/handle/123456789/5358|journal=Social Trends|publisher=University of North Bengal|volume=11|pages=214 - 223|issn=2348-6538}}</ref> धर्मदासांच्या नावाने प्रचलित असलेल्या रचनांमध्ये कबीर, भक्ती, गुरु, आध्यात्मिक ज्ञान आणि मुक्ती यांसारख्या विषयांचा उल्लेख आढळतो. ''कबीर सागर'' आणि इतर 'सागर' प्रकारातील ग्रंथांशी धर्मदास यांचा संबंध धर्मदासी कबीरपंथीय परंपरेत जोडला जातो; तथापि, या ग्रंथांचे लेखकत्व, संकलन आणि पाठपरंपरा यांविषयी विविध परंपरांमध्ये भिन्न मते आहेत.<ref name=":3" /><ref>{{जर्नल स्रोत|last=Parihar|first=Seema|date=Summer 2026|title=Quest for Spirituality; Existence of ‘Kabir as God’ in Hindu Scriptures|url=http://www.pbjournals.com/jhaas|journal=Journal of Historical, Archaeological and Anthropological Studies|publication-date=30 December 2024|volume=2|pages=103-107}}</ref> === इतर संत === निर्गुण संतपरंपरेशी संबंधित इतर संतांमध्ये '''[[नामदेव]], [[सेना न्हावी|सेना]], धन्ना आणि पीपा''' यांसारख्या संतांचा उल्लेख केला जातो. त्यांच्या रचनांपैकी काही रचना ''गुरू ग्रंथ साहिब''मध्ये समाविष्ट आहेत. तथापि, या सर्व संतांचे धार्मिक विचार आणि त्यांच्या निर्गुण परंपरेतील स्थान एकसमान नसल्यामुळे त्यांचा स्वतंत्र ऐतिहासिक आणि साहित्यिक संदर्भात अभ्यास केला जातो.<ref name=":0" /><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/en/great-devotees/bhagat-dhanna-jatt-a-unforgettable-story-of-honesty/|title=Bhagat Dhanna Jatt: A Unforgettable Story of Honesty|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=en|access-date=2026-08-16}}</ref><ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jagatgururampalji.org/en/way-of-living/story-bhakt-ranka-banka/|title=39. Story of Ranka and Banka {{!}} Way of Living|website=Jagat Guru Rampal Ji|language=en|access-date=2026-08-16}}</ref> उत्तर भारतीय निर्गुण संतपरंपरेचा प्रभाव पुढील काळातील विविध संतसंप्रदाय आणि प्रादेशिक साहित्यपरंपरांवर पडला. या परंपरेतून पद, साखी, सबद आणि भजन यांसारख्या काव्यप्रकारांचा प्रसार झाला आणि धार्मिक विचार स्थानिक भाषांमध्ये व्यक्त करण्याची परंपरा बळकट झाली.<ref name=":0" /> == हेही पहा == * [[कबीर]] * [[कबीर पंथ|कबीरपंथ]] * [[रविदास]] * [[संत साहित्य]] * [[अद्वैत वेदांत]] * [[मोक्ष]] * [[सतलोक]] [[वर्ग:तत्त्वज्ञान]] ha1npz5cbxzr7btza8vm7laegptpg4y अलिक्सांद्र दुगिन 0 383041 2710807 2709827 2026-09-19T16:05:30Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710807 wikitext text/x-wiki {{बदल}} {{Infobox philosopher|name=अलेक्सांद्र दुगिन|caption=|birth_name=|birth_date={{Birth date and age|1962|1|7|df=y}}|birth_place=[[मॉस्को]], रशियन सोव्हिएत संघीय समाजवादी प्रजासत्ताक, सोव्हिएत संघ<ref name="Исаев">{{Cite book |last=Борис Исаев |url=https://books.google.com/books?id=-xqwS5t83nYC&pg=PA329 |date=2005 |publisher=Издательский дом "Питер" |isbn=978-5469006510 |page=329 |language=ru |script-title=ru:Геополитика: Учебное пособие}}</ref>|era=[[समकालीन तत्त्वज्ञान]]|region=[[रूसी तत्त्वज्ञान]]|school_tradition=[[नव-युरेशियावाद]] * [[युरेशिया चळवळ]] * [[नव-स्तालिनवाद]] * [[राष्ट्रीय बोल्शेविकवाद]]|institutions={{ubl|[[मॉस्को स्टेट युनिव्हर्सिटी|मॉस्को राज्य विद्यापीठ]] (२००८–२०१४)|[[मानवताच्या रूसी राज्य विद्यापीठ]] मध्ये इवान इल्यिन राजकारणाचे उच्च विद्यालय (२०२३ पासून)}}|main_interests=[[भूराजकारण]], [[राजकीय तत्त्वज्ञान]], पुराणमतवादी क्रांती, समाजशास्त्र|notable_ideas={{ubl|[[नव-युरेशियावाद]]|[[चौथा राजकीय सिद्धांत]]|[[भूमिसत्ता]] आणि [[समुद्रसत्ता]] यांमध्ये फरक <ref> {{cite book | editor1-last = Lukic | editor1-first = Rénéo | editor2-last = Brint | editor2-first = Michael | title = Culture, politics, and nationalism in the age of globalization | url = https://books.google.com/books?id=swKFAAAAMAAJ | publisher = Ashgate | date = 2001 | page = 103 | isbn = 9780754614364 | access-date = 12 October 2015 | quote = Dugin defines 'thalassocracy' as 'power exercised thanks to the sea,' opposed to 'tellurocracy' or 'power exercised thanks to the land'{{nbsp}}... The 'thalassocracy' here is the United States and its allies; the 'tellurocracy' is Eurasia. }}</ref>}}|website={{url|https://paideuma.tv}}|image=Aleksandr Dugin 2023 (3x4 cropped).jpg}} '''अलिक्सांद्र गेल्यिविच दुगिन''' ( [[रशियन भाषा|रूसी]] ; Александр Гельевич Дугин; जन्म ७ जानेवारी १९६२) हा एक रूसी राजकीय तत्त्वज्ञ आहेत जो रूसी [[नव-युरेशियावाद|नव-युरेशियावादाचा]] प्रमुख सिद्धांतकार आहे. दुगिन हा लष्करी गुप्तचर कुटुंबात जन्मलेला. १९८० च्या दशकात साम्यवादविरोधी भिन्नमतवादी होता, <ref name="andrey-tolstoy">{{जर्नल स्रोत|last=Tolstoy|first=Andrey|last2=McCaffray|first2=Edmund|year=2015|title=MIND GAMES: Alexander Dugin and Russia's War of Ideas|url=https://archive.org/details/sim_world-affairs-us_march-april-2015_177_6/page/25|journal=World Affairs|volume=177|issue=6|pages=25–30|issn=0043-8200}}</ref> आणि [[अति-दक्षिणपंथी राजकारण|अति-दक्षिणपंथी]] [[पामित (रशिया)|पामित]] संघटनेत सामील झाले. [[सोव्हिएत संघाचे विघटन|सोव्हिएत संघाच्या विघटनानंतर]], त्याने १९९३ मध्ये [[इदुआर्त लिमोनफ]] यांच्यासोबत [[राष्ट्रीय बोल्शेविकवाद|राष्ट्रीय बोल्शेविकवादाचे]] समर्थन करणाऱ्या [[राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्ष|राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्षाची]] सह-स्थापना केली आणि १९९८ मध्ये ती सोडली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.rferl.org/a/1058689.html|title=Russia: National Bolsheviks, The Party Of 'Direct Action'|date=29 April 2005|publisher=[[Radio Free Europe/Radio Liberty]]}}</ref> १९९७ मध्ये, दुगिनने त्याचे सर्वात प्रसिद्ध पुस्तक, ''[[भू-राजकारणाचे पायाभूत]] ( Основы геополитики )'' प्रकाशित केले, ज्यामध्ये त्याने अमेरिकेच्या नेतृत्वाखालील कथित प्रतिस्पर्धी [[अटलांटिकवाद|अटलांटिकवादी]] साम्राज्याला आव्हान देण्यासाठी रूसला युती आणि विजयाद्वारे आपला प्रभाव पुनर्निर्माण करण्याचे आवाहन केले. <ref name="guardian-bio">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.theguardian.com/world/2022/aug/21/alexander-dugin-who-putin-ally-apparent-car-bombing-target|title=Alexander Dugin: who is Putin ally and apparent car bombing target?|date=21 August 2022|website=[[The Guardian]]}}</ref> दुगिनने २००२ मध्ये [[युरेशिया पक्ष|युरेशिया पक्षाची]] स्थापना केली आणि ''[[चौथा राजकीय सिद्धांत]]'' ''( Четвертая политическая теория )'' (२००९) यासह अनेक पुस्तकांमध्ये आपली विचारधारा विकसित केली. <ref name="guardian-bio" /> <ref name="andrey-tolstoy" /> त्याची मते अति-दक्षिणपंथी<ref name="WP-20220512">{{स्रोत बातमी|last=Burton|first=Tara Isabella|url=https://www.washingtonpost.com/outlook/2022/05/12/dugin-russia-ukraine-putin/|title=The far-right mystical writer who helped shape Putin's view of Russia – Alexander Dugin sees the Ukraine war as part of a wider, spiritual battle between traditional order and progressive chaos.|date=12 May 2022|work=[[The Washington Post]]|access-date=21 August 2022}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.wsj.com/world/russia/alexander-dugin-russia-putin-trump-voters-1740f271|title=Meet the Russian Dubbed 'Putin's Brain' Who Is Courting Trump Supporters|last=Osipovich|first=Alexander|date=14 April 2025|website=WSJ|language=en-US|access-date=7 June 2025}}</ref> म्हणून ओळखली गेली आहेत. त्याने [[उदारमतवादी लोकशाही]] आणि [[मार्क्सवाद]] स्पष्टपणे नाकारले आणि रशियामध्ये [[युरोपीय प्रबोधनाचा काळ|प्रबोधनकाळी]] विचारांविरुद्ध "[[पुराणमतवाद|पुराणमतवादी]] क्रांती"चे समर्थन केले. त्याने [[रेने गेनों]], [[जुलीओ एवोला]], [[कार्ल श्मिट]] आणि [[मार्टिन हायडेगर]] यांच्या लेखनाचा आधार घेतला आहे. दुगिन हा [[गिनादी सिलिज्नेव]] आणि नंतर [[सिर्गेई नरिष्कीन]] यांचे सुरुवातीचे सल्लागार होते. <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=lZO4CAAAQBAJ|title=Eurasian Mission: An Introduction to Neo-Eurasianism|last=Dugin|first=Alexander|date=15 December 2014|publisher=Arktos|isbn=978-1-910524-24-4|page=26|language=en}}</ref> <ref>{{स्रोत बातमी|last=Shaun Walker|url=https://www.theguardian.com/world/2014/mar/23/ukraine-crimea-what-putin-thinking-russia|title=Ukraine and Crimea: what is Putin thinking?|date=23 March 2014|work=[[The Guardian]]}}</ref> त्यांनी २००९ ते २०१४ पर्यंत [[मॉस्को स्टेट युनिव्हर्सिटी|मॉस्को राज्य विद्यापीठात]] आंतरराष्ट्रीय संबंधांच्या समाजशास्त्र विभागाचे प्रमुख म्हणून काम केले, पण [[सन्मानाची क्रांती|मैदानाचे]] समर्थन करणाऱ्या उक्रेनींच्या मृत्यूची मागणी केल्यामुळे झालेल्या विरोधानंतर त्याने आपले पद गमावले. <ref name="BBC 2014">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.bbc.com/russian/russia/2014/06/140630_dugin_msu_university_dismissal|date=30 June 2014|publisher=[[BBC Russian Service]]|language=ru|script-title=ru:Дугин хочет с помощью Путина прояснить свой статус в МГУ}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=War for Eternity: The Return of Traditionalism and the Rise of the Populist Right|last=Benjamin R. Teitelbaum|publisher=Allen Lane|year=2020|pages=155–156}}</ref> २०२३ पासून ते मानवताच्या रूसी राज्य विद्यापीठ येथे इवान इल्यिन राजकारणाचे उच्च विद्यालयाचा संचालक म्हणून कार्यरत आहेत. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.rsuh.ru/education/section_228/vpsh.php|title=Учебно-научный центр "Высшая политическая школа имени Ивана Ильина"|publisher=[[Russian State University for the Humanities]]|trans-title=Educational and scientific center—Ivan Ilyin Higher School of Politics|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20240220205705/https://www.rsuh.ru/education/section_228/vpsh.php|archive-date=20 February 2024|access-date=28 June 2024}}</ref> दुगिन हा [[व्लादिमिर पुतिन|व्लादिमिर पुतिनचा]] एक कट्टर समर्थक आहे. <ref name="guardian-bio"/> जरी त्याचे क्रेमलिनशी कोणतेही अधिकृत संबंध नसले तरी, <ref name="reuters-bio">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.reuters.com/world/europe/who-is-alexander-dugin-russian-nationalist-whose-daughter-died-car-bomb-attack-2022-08-21/|title=Factbox: Alexander Dugin advocates a vast new Russian empire|date=21 August 2022|website=[[Reuters]]}}</ref> परदेशी माध्यमांमध्ये त्याला अनेकदा "पुतिनचा मेंदू" म्हणून संबोधले जाते; <ref name="brain">Multiple sources: </ref> तर काहींच्या मते त्याचा प्रभाव खूपच अतिरंजित केला गेला आहे. <ref name="bloomberg">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.bloomberg.com/news/articles/2022-08-21/russia-probes-car-bomb-that-killed-daughter-of-putin-ideologist|title=Russia Probes Car Bomb That Killed Daughter of Putin Ideologist|date=21 August 2022|website=[[Bloomberg News]]}}</ref> <ref name="reshaping">{{स्रोत पुस्तक|title=Eurasianism and the European Far Right : Reshaping the Europe-Russia Relationship|last=Laruelle|first=Marlène|date=2015|isbn=9781498510691|location=Lanham|page=59}}</ref> <ref name="underfire">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.lemonde.fr/en/international/article/2022/08/22/putin-under-fire-from-the-ultranationalists-after-daria-dugina-s-assassination_5994386_4.html|title=Putin under fire from the ultranationalists after Daria Dugina's assassination|date=22 August 2022|website=[[Le Monde]]}}</ref> <ref name="overestimates">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://providencemag.com/2019/07/west-overestimates-aleksandr-dugins-influence-russia/|title=The West Overestimates Aleksandr Dugin's Influence in Russia|last=Barros|first=George|date=8 July 2019|website=Providence|language=en-US|access-date=20 August 2022}}</ref> दुगिनने [[२०१४ मध्ये रशियाने क्रिमियाला केलेले सामिलीकरण|२०१४ मध्ये रशियाने केलेल्या क्रिमियाच्या समिलीकरणाला]] आणि २०२२ मध्ये [[युक्रेनवर रशियाचे आक्रमण (२०२२)|युक्रेनवर केलेल्या आक्रमणाला]] उघडपणे पाठिंबा दिला होता. त्याची मुलगी, [[दार्या दुगिना|दार्या]], हिची २० ऑगस्ट २०२२ रोजी एका वाहनाच्या बॉम्बस्फोटात हत्या केली. <ref>{{स्रोत बातमी|last=Barnes|first=Julian E.|url=https://www.nytimes.com/2022/10/05/us/politics/ukraine-russia-dugina-assassination.html|title=U.S. Believes Ukrainians Were Behind an Assassination in Russia|last2=Goldman|first2=Adam|last3=Entous|first3=Adam|last4=Schwirtz|first4=Michael|date=5 October 2022|work=The New York Times|language=en-US|issn=0362-4331|access-date=18 August 2024}}</ref> हा खून युक्रेनने केला असावा असा व्यापक विश्वास आहे, <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.cnn.com/2022/10/05/politics/us-intelligence-ukraine-dugina-assassination/index.html|title=US believes elements within Ukraine's government authorized assassination near Moscow, sources say {{!}} CNN Politics|last=Bertrand|first=Natasha|last2=Lillis|first2=Katie Bo|date=5 October 2022|website=CNN|language=en|access-date=18 August 2024}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.politico.eu/article/fsb-russia-blame-ukraine-murder-vladimir-putin-darya-dugina/|title=Russia blames Ukraine for murder of Putin ally's daughter|date=22 August 2022|website=POLITICO|language=en-GB|access-date=18 August 2024}}</ref> जरी मारेकऱ्यांचे युक्रेनियन सरकारशी नेमके संबंध काय होते हे निश्चित झालेले नाही. == बालपण आणि शिक्षण == अलिक्सांद्र गेल्यिविच दुगिनचा जन्म ७ जानेवारी १९६२ रोजी मॉस्को येथे झाला. त्याचे वडील गेली अलिक्सांद्रोविच दुगिन हे सोव्हिएत लष्करी गुप्तचर संस्था [[मुख्य गुप्तचर संचालनालय (रशिया)|ग्ला. र. उ.]] मध्ये कर्नल-जनरल आणि कायद्याचे विद्यावचस्पती होते.<ref name="Literaturnaya">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.litrossia.ru/2007/15/01412.html|publisher=Литературная Россия|language=ru|script-title=ru:Доктор Дугин|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20121022031837/https://www.litrossia.ru/2007/15/01412.html|archive-date=22 October 2012|access-date=18 March 2012}}</ref> तो तीन वर्षांचा असताना त्याच्या वडिलांनी कुटुंबाला सोडून दिले, पण त्याने कुटुंबाचे राहणीमान चांगले राहील याची काळजी घेतली आणि प्रसंगी दुगिनला अधिकाऱ्यांच्या अडचणीतून बाहेर काढले. <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=c5TBCwAAQBAJ|title=Black Wind, White Snow: The Rise of Russia's New Nationalism|last=Clover|first=Charles|date=26 April 2016|publisher=Yale University Press|isbn=978-0-300-22394-1|pages=234–235|language=en|quote=Dugin, who left Alexander's mother when his son was three. While Dugin had very little contact with the man after that, it does appear that his father loomed large in his life. Dugin has been vague in various interviews about his father's profession. He told me and others that Geli was a general in military intelligence (the GRU). But when pressed, he admitted he didn't actually know for a fact what he did. 'At the end of his life he worked for the customs police, but where he worked before that – he did not tell me. That I do not really know.' Dugin's friends, however, are adamant that his father must have been someone of rank within the Soviet system. For starters, the family had the accoutrements of prestige – a nice dacha, relatives with nice dachas, and access to opportunities. According to Dugin's close friend and collaborator Gaidar Dzhemal, Geli Dugin had, on more than one occasion, intervened from a high-ranking position in the Soviet state to get his son out of trouble.}}</ref> १९८३ मध्ये त्याच्या मुलाच्या वागणुकीमुळे त्याची सीमाशुल्क सेवेत बदली करण्यात आली <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=c5TBCwAAQBAJ|title=Black Wind, White Snow: The Rise of Russia's New Nationalism|last=Clover|first=Charles|date=26 April 2016|publisher=Yale University Press|isbn=978-0-300-22394-1|language=en|quote=Alexander, Geli was transferred to the customs service after his son's detention in 1983 by the KGB.}}</ref> १९७९ मध्ये अलिक्सांद्रने [[मॉस्को विमानचालन संस्था|मॉस्को विमानचालन संस्थेत]] प्रवेश घेतला. कमी शैक्षणिक कामगिरी, भिन्नतमतवादी कारवाया किंवा दोन्ही कारणांमुळे त्याला पदवीशिवाय काढून टाकले. <ref name="Backman_2020">{{स्रोत पुस्तक|title=Contestations of Liberal Order|last=Backman|first=Jussi|date=2020|publisher=Palgrave Macmillan|isbn=978-3-030-22059-4|editor-last=Lehti|editor-first=Marko|publication-place=Cham|pages=289–314|chapter=A Russian Radical Conservative Challenge to the Liberal Global Order: Aleksandr Dugin|doi=10.1007/978-3-030-22059-4_11|oclc=1112419471|editor-last2=Pennanen|editor-first2=Henna-Riikka|editor-last3=Jouhki|editor-first3=Jukka|chapter-url=http://urn.fi/URN:NBN:fi:jyu-201908263901}}</ref> त्यानंतर त्याने रस्ते साफ करण्याचे काम सुरू केले. त्याने [[रशियन राज्य ग्रंथालय|रशियन राज्य ग्रंथालयात]] प्रवेश मिळवण्यासाठी आणि अभ्यास सुरू ठेवण्यासाठी बनावट वाचक ओळखपत्र वापरला. मात्र, इतर स्रोतांनुसार त्याने त्याऐवजी [[केजीबी|केजीबीच्या]] अभिलेखागारात काम करण्यास सुरुवात केली, जिथे त्याला फ्रीमेसनवाद, फॅसिझम आणि मूर्तिपूजेवरील प्रतिबंधित साहित्य उपलब्ध होते. <ref name="Umland">{{जर्नल स्रोत|last=Umland|first=Andreas|date=July 2010|title=Aleksandr Dugin's Transformation from a Lunatic Fringe Figure into a Mainstream Political Publicist, 1980–1998: A Case Study in the Rise of Late and Post-Soviet Russian Fascism|journal=Journal of Eurasian Studies|language=en|volume=1|issue=2|pages=144–152|doi=10.1016/j.euras.2010.04.008|issn=1879-3665|doi-access=free}}</ref> १९८० मध्ये, दुगिन "[[माम्लीव मंडळ]]" मध्ये सामील झाला, जो [[सैतानी धर्म]], [[गूढ नाझीवाद]] आणि गुप्त विद्येच्या इतर प्रकारांमध्ये रस घेणारा एक अग्रगामी भिन्नमतवादी गट होता. <ref>{{जर्नल स्रोत|last=Laruelle|first=Marlene|date=2015|title=The Iuzhinskii Circle: Far-Right Metaphysics in the Soviet Underground and Its Legacy Today|url=https://onlinelibrary.wiley.com/doi/10.1111/russ.12048|journal=The Russian Review|language=en|volume=74|issue=4|pages=563–580|doi=10.1111/russ.12048|url-access=subscription}}</ref> माम्लीव मंडळ सैतानी धर्म, आत्म्यांशी संवाद साधण्याचे विधी, गूढविद्या, संमोहन, वीजा बोर्ड, सूफी पंथ, समाधी, इ. सर्व गूढ गोष्टींवरील भक्तीसाठी कुप्रसिद्ध झाले. <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=QdHADwAAQBAJ|title=War for Eternity: The Return of Traditionalism and the Rise of the Populist Right|last=Teitelbaum|first=Benjamin R.|date=21 April 2020|publisher=Penguin Books Limited|isbn=978-0-14-199204-4|pages=41|language=en}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=c5TBCwAAQBAJ|title=Black Wind, White Snow: The Rise of Russia's New Nationalism|last=Clover|first=Charles|date=26 April 2016|publisher=Yale University Press|isbn=978-0-300-22394-1|language=en|quote=}}</ref> गटात, तो [[नाझीवाद|नाझीवादाच्या]] स्वीकारासाठी ओळखला जात होता, ज्याचे श्रेय तो [[ॲडॉल्फ हिटलर|हिटलरबद्दलच्या]] खऱ्या सहानुभूतीऐवजी त्याच्या सोव्हिएत संगोपनाविरुद्धच्या बंडाला देतो. <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=c5TBCwAAQBAJ|title=Black Wind, White Snow: The Rise of Russia's New Nationalism|last=Clover|first=Charles|date=26 April 2016|publisher=Yale University Press|isbn=978-0-300-22394-1|language=en|quote=Dugin is very forthright about his early Nazi antics, which he says were more about his total rebellion against a stifling Soviet upbringing than any real sympathy for Hitler. Still, virtually everyone who remembers Dugin from his early years brings it up.}}</ref> त्याने "हान्स जीवस" नावाचे एक [[गुप्त ओळख]] धारण केले, जे अलौकिक गोष्टींचा अभ्यास करणाऱ्या नाझी संशोधक [[वुल्फ्राम जीवस|वुल्फ्राम जीवसच्या]] नावावरून घेतले होते. <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=c5TBCwAAQBAJ|title=Black Wind, White Snow: The Rise of Russia's New Nationalism|last=Clover|first=Charles|date=26 April 2016|publisher=Yale University Press|isbn=978-0-300-22394-1|language=en|quote=He adopted the nom de plume 'Hans Sievers', which added a hint of Teutonic severity to an already colourful and fairly camp militaristic–folklore style. The impression he created was, as his later collaborator Eduard Limonov described it, a 'picture of Oscar Wildean ambiguity'. Sievers was not just a stage name: it was a complete persona and alter ego. This was painstakingly composed of as many antisocial elements as its creator could find – a total and malevolent rebellion not just against the Soviet Union, but against convention and public taste as a whole: his namesake, Wolfram Sievers}}</ref> स्वतः अभ्यास करत [[इटालियन]], [[जर्मन]], [[फ्रेंच]], [[इंग्रजी]], <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=c5TBCwAAQBAJ|title=Black Wind, White Snow: The Rise of Russia's New Nationalism|last=Clover|first=Charles|date=26 April 2016|publisher=Yale University Press|isbn=978-0-300-22394-1|language=en|quote=In the evenings he read voraciously, learned to speak Italian, German, French and English, played the guitar and wrote songs.}}</ref> आणि [[स्पॅनिश]] बोलायला शिकला. <ref>{{Cite AV media}} </ref> तो [[रेने गेनों]] आणि [[परंपरावाद (शाश्वतवाद)|परंपरावादी पंथाकडून]] प्रभावित झाला होता. रशियन राज्य ग्रंथालयात त्याला [[जुलिओ एवोला|जुलिओ एवोलाचे]] लेखन सापडले, ज्यांचे पुस्तक ''मूर्तिपूजक साम्राज्यवाद'' याचे त्याने रशियन भाषेत अनुवाद केला. <ref name="Shenfield_2001">{{स्रोत पुस्तक|title=Russian Fascism: Traditions, Tendencies, Movements|url=https://archive.org/details/russianfascismtr0000shen|last=Shenfield|first=Stephen D.|publisher=M.E. Sharpe|year=2001|isbn=9780765611642|page=[https://archive.org/details/russianfascismtr0000shen/page/192 192]}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=QdHADwAAQBAJ|title=War for Eternity: The Return of Traditionalism and the Rise of the Populist Right|last=Teitelbaum|first=Benjamin R.|date=21 April 2020|publisher=Penguin Books Limited|isbn=978-0-14-199204-4|pages=43|language=en}}</ref> == कारकीर्द आणि राजकीय विचार == १९८० च्या दशकात, दुगिन एक भिन्नमतवादी<ref name="Clover">{{स्रोत बातमी|last=Charles Clover|url=https://www.ft.com/intl/cms/s/2/2917c3ec-edb2-11e0-a9a9-00144feab49a.html|title=Putin's grand vision and echoes of '1984'|date=5 October 2011|work=[[Financial Times]]}} In Russian: {{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://inosmi.ru/politic/20111005/175584070.html|last=Чарльз Кловер|date=6 October 2011|publisher=[[inoSMI]]|language=ru|script-title=ru:Грандиозные планы Путина и отголоски "1984"}}</ref> आणि साम्यवादविरोधी होता. <ref name="Neef">{{स्रोत बातमी|last=Christian von Neef|url=https://www.spiegel.de/spiegel/print/d-128101577.html|title=Jeder Westler ist ein Rassist|date=14 July 2014|work=[[Der Spiegel]]|language=de|issue=29}} In Russian: {{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://inosmi.ru/russia/20140716/221706180.html|last=Кристиан Нееф|date=16 July 2014|publisher=InoSMI|language=ru|script-title=ru:Дугин: На Западе все расисты}}</ref> [[१९८९ च्या क्रांत्या|साम्यवादाच्या पतनाच्या]] काही काळ आधी राजकारणात सक्रिय होण्यापूर्वी दुगिनने पत्रकार म्हणून काम केले होते. १९८८ मध्ये, तो आणि त्याचा मित्र गेदार झेमल हे [[पामित (रशिया)|पामित]] ("स्मृती") नावाच्या [[अतिराष्ट्रवादी]] आणि [[ज्यूविरोध|ज्यूविरोधी]] गटात होता. <ref name="Backman_2020"/> १९९० च्या दशकाच्या सुरुवातीला थोड्या काळासाठी तो नव्याने स्थापन झालेल्या [[रशियन संघराज्याचा साम्यवादी पक्षा|रशियन संघराज्याच्या साम्यवादी पक्षाचे]] नेते [[गिनादी झुगानफ|गिनादी झुगानफच्या]] जवळचा होता आणि कदाचित त्याची राष्ट्रवादी साम्यवादी विचारधारा तयार करण्यात त्याची भूमिका होती. <ref name="Shenfield_2001"/> <ref name="Dunlop">{{जर्नल स्रोत|last=John Dunlop|date=January 2004|title=Aleksandr Dugin's Foundations of Geopolitics|url=https://www2.gwu.edu/~ieresgwu/assets/docs/demokratizatsiya%20archive/GWASHU_DEMO_12_1/John%20Dunlop%20Aleksandr%20Dugin%27s%20Foundations%20of%20Geopolitics.pdf|journal=[[Demokratizatsiya (journal)|Demokratizatsiya]]|volume=12|issue=1|page=41|archive-url=https://web.archive.org/web/20160607175004/https://www2.gwu.edu/~ieresgwu/assets/docs/demokratizatsiya%20archive/GWASHU_DEMO_12_1/John%20Dunlop%20Aleksandr%20Dugin%27s%20Foundations%20of%20Geopolitics.pdf|archive-date=7 June 2016|access-date=14 March 2022|quote='It is especially important,' Dugin adds, 'to introduce geopolitical disorder into internal American activity, encouraging all kinds of separatism and ethnic, social and racial conflicts, actively supporting all dissident movements—extremist, racist, and sectarian groups, thus destabilizing internal political processes in the U.S.'}}</ref> १९९३ मध्ये त्यांनी [[एदुआर्द लिमोनफ|एदुआर्द लिमोनफच्यासोबत]] [[राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्ष|राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्षाची]] सह-स्थापना केली, ज्याचा बोल्शेविवादाचा राष्ट्रवादी अर्थ [[अर्न्स्ट नीकिश|अर्न्स्ट नीकिशच्या]] विचारांवर आधारित होता. लिमोनफच्याशी झालेल्या वादानंतर त्यांनी १९९८ मध्ये पक्ष सोडला. <ref name="Backman_2020" /> === प्रकाशन कारकीर्द === दुगिनने १९९७ मध्ये ''[[भू-राजकारणाचे पायाभूत]]'' हे पुस्तक प्रकाशित केले. हे पुस्तक अनेक आवृत्त्यांमध्ये प्रकाशित झाले आहे, आणि भू-राजकारणावरील विद्यापीठाच्या अभ्यासक्रमांमध्ये वापरले जाते, <ref name="Umland"/> ज्यामध्ये रशियन लष्कराच्या जनरल अधिकारी अकादमीत असल्याचे म्हटले जाते. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://foreignpolicy.com/2016/07/27/geopolitics-russia-mackinder-eurasia-heartland-dugin-ukraine-eurasianism-manifest-destiny-putin/|title=The Unlikely Origins of Russia's Manifest Destiny|date=27 July 2016|website=Foreign Policy|url-status=live|archive-url=https://web.archive.org/web/20160727220120/https://foreignpolicy.com/2016/07/27/geopolitics-russia-mackinder-eurasia-heartland-dugin-ukraine-eurasianism-manifest-destiny-putin/|archive-date=27 July 2016|access-date=23 October 2017}}</ref> यामुळे अमेरिकेतील राज्यशास्त्रज्ञ घाबरले, <ref name="HI01">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.hoover.org/research/russias-new-and-frightening-ism|title=Russia's New—and Frightening—"Ism"|last=Dunlop|first=John B.|date=30 July 2004|website=[[Hoover Institution]]|access-date=12 October 2017}}</ref> आणि कधीकधी ते याला "रशियाचे [[मॅनिफेस्ट डेस्टिनी]]" म्हणून संबोधतात. <ref name=":0">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://foreignpolicy.com/2016/07/27/geopolitics-russia-mackinder-eurasia-heartland-dugin-ukraine-eurasianism-manifest-destiny-putin/|title=The Unlikely Origins of Russia's Manifest Destiny|date=27 July 2016|website=Foreign Policy|access-date=23 October 2017}}</ref> १९९७ मध्ये, त्याच्या "फॅसिझम – सीमाविरहित आणि लाल" या लेखात, त्याने रशियामध्ये "खऱ्या, अस्सल, मूलतः क्रांतिकारक आणि सुसंगत, फॅसिस्ट फॅसिझम"च्या विकासाला "राष्ट्रीय भांडवलशाही" प्रतिबंध करते असे वर्णन केले. त्याचा असा विश्वास आहे की, "[[नाझीवाद|राष्ट्रीय समाजवादाच्या]] वंशवादी आणि राष्ट्रवादाच्या पैलूंनी त्याच्या विचारधारेचे स्वरूप मुळीच निश्चित केले नाही. जर्मनीमधील या विचारधारेचा अतिरेक हा केवळ जर्मन लोकांचाच प्रश्न आहे... तर रशियन फॅसिझम हे नैसर्गिक राष्ट्रीय पुराणमतवाद आणि खऱ्या बदलांची तीव्र इच्छा यांचे मिश्रण आहे." <ref name="Andreas">{{स्रोत बातमी|last=Andreas Umland|url=https://www.hurriyetdailynews.com/will-united-russia-become-a-fascist-party.aspx?pageID=438&n=will-united-russia-become-a-fascist-party-2008-04-15|title=Will United Russia become a fascist party?|date=15 April 2008|work=[[Hürriyet Daily News]]|author-link=Andreas Umland}}</ref> त्याच्या मते, "[[वाफन-एसएस]] आणि खास करून या संघटनेचा वैज्ञानिक विभाग, [[आननेर्बे]] ," हे "राष्ट्रीय समाजवादी राजवटीच्या चौकटीतील एक बौद्धिक मरुद्यान" होते. <ref name="Andreas" /> दुगिनने लवकरच ''[[इलिमिंती (रशिया)|इलिमिंती]]'' नावाचे स्वतःचे नियतकालिक प्रकाशित करण्यास सुरुवात केली, ज्याची सुरुवात पहिले फ्रांसी-बेल्जियन [[जां-फ्रान्स्वा तिर्यार|जां-फ्रान्स्वा तिर्यारची]] प्रशंसा करण्यापासून झाली, जो उशिरा "युरो-सोव्हिएत साम्राज्याचा " समर्थक बनला होता, जे "[[डब्लिन|डब्लिनपासून]] [[व्लादिवोस्तॉक|व्लादिवोस्तॉकपर्यंत]] पसरेल आणि दक्षिणेकडेही विस्तार करणे आवश्यक असेल, कारण त्याला हिंदी महासागरावर एका बंदराची गरज आहे." [[रशियन साम्राज्य|झारशाही]] आणि स्टालिनवादी सोव्हिएत रशिया या दोन्हींचे सातत्याने गौरव करण्याबरोबरच, ''इलिमिंती'' [[जुलिओ एवोला|जुलिओ एवोलाबद्दलही]] आपली प्रशंसा व्यक्त केली. दुगिनने पूर्वी [[अलेक्सांद्र प्रोखानफ|अलेक्सांद्र प्रोखानफच्या]] दिग्दर्शनाखाली असलेल्या ''देन'' (दिवस) या साप्ताहिक नियतकालिकाबरोबरही काम केले. त्या नियतकालिकात त्याला बेल्जियन नाझी सहकारी लेओं देग्रेलेची त्याच्या मृत्यूपूर्वी सहा महिने आधीची शेवटची मुलाखत मिळाली. दुगिन रोमानियन-फ्रेंच लेखक [[जां पार्वुलेस्को|जां पार्वुलेस्कोच्याकडून]] खूप प्रभावित झाले होते. त्याला उदारमतवाद आणि पाश्चात्त्य जग, खास करून अमेरिकेच्या वर्चस्व आवडत नाही. तो ठामपणे सांगतो: "आम्ही [[जोसेफ स्टॅलिन|स्टॅलिन]] आणि [[सोव्हिएत संघ|सोव्हिएत संघाच्या]] बाजूने आहोत". तो स्वतःला रूढीवादी म्हणून वर्णन करतो: "आम्हा रूढिवाद्यांना एक मजबूत, भक्कम राज्य, सुव्यवस्था आणि निरोगी कुटुंब, सकारात्मक मूल्ये, तसेच समाजात धर्म आणि चर्चचे महत्त्व अधिक दृढ करायचे आहे". तो पुढे म्हणतो: "आम्हाला देशभक्त रेडिओ, टीव्ही, देशभक्त तज्ञ, देशभक्त संस्थे हवे आहेत. आम्हाला अशी माध्यमे हवी आहेत जी राष्ट्रीय हित व्यक्त करतील". दुगिन [[मार्टिन हायडेगर|मार्टिन हायडेगरच्या]] ''[[डासाइन]]'' (अस्तित्व) या संकल्पनेचा स्वीकारतो आणि तिचे भू-तात्विक संकल्पनेत रूपांतर करतो. <ref name="DuginDaesin">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.ereticamente.net/2018/03/ereticamente-intervista-aleksandr-dugin-a-cura-di-eduardo-zarelli.html|title=''Ereticamente'' intervista Aleksandr Dugin, a cura di Eduardo Zarelli|date=31 March 2018|website=Ereticamente.net|language=it|trans-title=''Ereticamente'' interviews Aleksandr Dugin, edited by Eduardo Zarelli|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20200803150104/https://www.ereticamente.net/2018/03/ereticamente-intervista-aleksandr-dugin-a-cura-di-eduardo-zarelli.html|archive-date=3 August 2020|access-date=27 April 2020}}</ref> दुगिनच्या मते, उदारमतवादी आणि [[भांडवलशाही|भांडवलवादी]] पाश्चात्य संस्कृतीच्या शक्ती म्हणजे [[ग्रीक संस्कृती|प्राचीन ग्रीकांनी]] ज्याला ''ὕβρις'' (उब्रिस, अहंकार) म्हटले आहे, म्हणजेच "तीतानवादाचे सारभूत स्वरूप" (आदर्शविरोधी स्वरूप), जे स्वर्गाला ("आदर्श स्वरूप—अवकाश, काळ, अस्तित्व यांच्या संदर्भात") विरोध करते. म्हणजेच, पश्चिमेचा सारांश 'स्वर्गाविरुद्ध पृथ्वीचे बंड' असे मांडल्या जाऊ शकते. दुगिन ज्याला पाश्चिमात्य जगाचा "अणूकरण करणारा" सार्वभौमवाद म्हणतात, त्याच्या विरुद्ध "साम्राज्य" या राजकीय कल्पनेत व्यक्त होणारा [[निषेधात्मक ब्रह्मविद्या|निषेधात्मक]] सार्वभौमवाद मांडतात. <ref name="DuginDaesin" /> लोकशाही, मानवाधिकार आणि व्यक्तिवाद ही मूल्ये सार्वत्रिक नसून केवळ पाश्चिमात्य आहेत, असे तो मानतो. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.salon.com/2018/05/05/did-philosopher-alexander-dugin-aka-putins-brain-shape-the-2016-election/|title=Did philosopher Alexander Dugin, aka "Putin's brain," shape the 2016 election?|date=5 May 2018}}</ref> ==== युरेशियावाद, आणि भू-राजकारणावरील दृष्टिकोन ==== दुगिनने अमेरिकेच्या नेतृत्वाखालील पाश्चात्य जगाशी लढण्यास सक्षम असलेल्या "युरो-आशियाई साम्राज्या"च्या स्थापनेचा सिद्धांत मांडला आहे. <ref name="Anton1">{{जर्नल स्रोत|last=Shekhovtsov|first=Anton|year=2009|title=Aleksandr Dugin's Neo-Eurasianism: The New Right à la Russe|url=https://www.mod-langs.ox.ac.uk/russian/nationalism/shekhovtsov2.html|journal=Religion Compass: Political Religions|volume=3|pages=697–716|doi=10.1111/j.1749-8171.2009.00158.x|url-access=subscription|archive-url=https://web.archive.org/web/20201103021517/https://www.mod-langs.ox.ac.uk/russian/nationalism/shekhovtsov2.html|archive-date=3 November 2020|access-date=24 February 2015}}</ref> <ref name="Ingram1">{{जर्नल स्रोत|last=Ingram|first=Alan|date=November 2001|title=Alexander Dugin: geopolitics and neo-fascism in post-Soviet Russia|url=https://archive.org/details/sim_political-geography_2001-11_20_8/page/1029|journal=[[Political Geography (journal)|Political Geography]]|volume=20|issue=8|pages=1029–1051|doi=10.1016/S0962-6298(01)00043-9}}</ref> <ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Russian Fascism: Traditions, Tendencies, Movements|url=https://archive.org/details/russianfascismtr0000shen|last=Stephen Shenfield|publisher=[[M. E. Sharpe]]|year=2001|pages=[https://archive.org/details/russianfascismtr0000shen/page/195 195]}}</ref> या संदर्भात, ते १९९३ ते १९९८ पर्यंत ( [[एदुआर्द लिमोनफ]] सोबत) [[अतिराष्ट्रवाद|अतिराष्ट्रवादी]] [[राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्ष|राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्षाचे]] संघटक आणि पहिले नेते होते आणि त्यानंतर [[राष्ट्रीय बोल्शेविक आघाडी]] आणि [[युरेशिया पक्ष|युरेशिया पक्षाचेही]] संघटक होते, जी नंतर एक गैर-सरकारी संघटना बनली. त्यामुळे दुगिनच्या युरेशियाई विचारधारेचे उद्दिष्ट सर्व रशियन-भाषिकांना एकाच देशात एकत्र करणे आहे. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.theage.com.au/politics/federal/beware-the-rise-of-russias-new-imperialism-20080820-3yw6.html?page=-1|title=Beware the rise of Russia's new imperialism|last=Robert Horvath|date=21 August 2008|website=[[The Age]]|access-date=27 April 2020}}</ref> <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://echo.msk.ru/programs/personalno/532383-echo/|title=Вопросы к интервью – В ГОСТЯХ:Александр Дугин|date=8 August 2008|website=[[Echo of Moscow]]|language=ru|trans-title=Questions for the interview – GUEST: Alexander Dugin|access-date=27 April 2020}}</ref> १९९० च्या दशकाच्या सुरुवातीला, [[राष्ट्रीय बोल्शेविक आघाडी|राष्ट्रीय बोल्शेविक आघाडीतील]] दुगिनच्या कामामध्ये २०व्या शतकाच्या पूर्वार्धातील राष्ट्रीय चळवळींची मुळे आणि समर्थक गूढ गटांच्या कारवायांवरील संशोधनाचा समावेश होता. [[ओर्दो तेम्प्ली ओरीएन्तीस|ओर्दो तेम्प्ली ओरीएन्तीसच्या]] फ्रान्समधील शाखेचे तत्कालीन सदस्य [[क्रिस्तियां बुशे]] <ref>The Ordo Templi Orientis Phenomenon. [https://oto.ru/cgi-bin/article.pl?eng/articles/russia/cr_rus_books.txt "Mega Therion and his books in the Russian tradition"]. {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20181224220135/https://www.oto.ru/cgi-bin/article.pl?eng%2Farticles%2Frussia%2Fcr_rus_books.txt}}. ''[[Ordo Templi Orientis]]''. Russia</ref> यांच्यासोबत भागीदारी करून आणि आशिया व युरोपमधील [[राष्ट्रवाद|राष्ट्रवादी]] आणि स्थलांतरित-एकात्मिक हित गटांवर आधारित, ते [[आंतरराष्ट्रीय संबंध|आंतरराष्ट्रीय राजकारण]] रशियाच्या [[युरेशियावाद|युरेशियाई]] भू-राजकीय संकल्पनेच्या जवळ आणण्यास हातभार लावतात. दुगिनने जर्मन [[आननेर्बे|आननेर्बेच्या]] संस्थापकांपैकी एक, वादग्रस्त डच विचारवंत [[हर्मन विर्थ]] (१८८५-१९८१) च्या भू-राजकीय, संकेतशास्त्रीय आणि गूढ सिद्धांतांचा अभ्यास करण्यात दोन वर्षे घालवली. याचा परिणाम म्हणून ''हायपरबोरियन सिद्धांत'' (१९९३) हे पुस्तक प्रकाशित झाले, ज्यामध्ये दुगिनने त्याच्या [[युरेशियावाद|युरेशियावादाचा]] संभाव्य पाया म्हणून विर्थच्या कल्पनांना मोठ्या प्रमाणात समर्थन दिले. <ref>Aleksandr G. Dugin, ''Hyperborean Theory: The Experience of Ariosophical Research'' (''Giperboreiskaia teoriia: Opit ariosofskogo issledovaniia''), Moscow 1993; Aleksandr G. Dugin, [https://eurasianist-archive.com/2017/10/26/herman-wirth-and-the-sacred-proto-language-of-humanity-in-search-of-the-holy-grail-of-meanings-part-1/ "Herman Wirth and the Sacred Proto-Language of Humanity: In Search of the Holy Grail of Meanings"] (transl. Jafe Arnold), in: Dugin, ''Philosophy of Traditionalism'' (''[https://hadit.ru/wp-content/uploads/2018/08/filosofiya_traditcionalizma.pdf Filosofiia Traditsionalizma] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220810030312/https://hadit.ru/wp-content/uploads/2018/08/filosofiya_traditcionalizma.pdf }}''), Moscow 2002, p. 135–167; Aleksandr G. Dugin, '[https://www.geopolitica.ru/en/article/herman-wirths-theory-civilization "Herman Wirth's Theory of Civilization"] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20200406133935/https://www.geopolitica.ru/en/article/herman-wirths-theory-civilization |date=2020-04-06 }} (transl. Jafe Arnold), in: Dugin, ''Noomakhia: Wars of the Mind'', vol. 14: ''[https://eurasianist-archive.com/2019/03/13/noomachy-geosophy-horizons-and-civilizations/ Geosophy – Horizons and Civilizations]'' (''Noomakhia: voinii uma'', vol. 14: ''[https://vk.com/doc271202244_442956464?hash=543b5afd7eceb011ca&dl=0eafc0be95f0950b38 Geosofiia: gorizonti i tsivilizatsii]''), Moscow 2017, p. 153–157.</ref> वरवर पाहता, हा "कोणत्याही भाषेतील विर्थच्या सर्वात विस्तृत सारांशांपैकी आणि विवेचनांपैकी एक" आहे. <ref>Jafe Arnold, ''[https://www.academia.edu/40386287/Mysteries_of_Eurasia_The_Esoteric_Sources_of_Alexander_Dugin_and_the_Yuzhinsky_Circle Mysteries of Eurasia: The Esoteric Sources of Alexander Dugin and the Yuzhinsky Circle]'', Research Masters Thesis, Amsterdam 2019, p. 72–73. Cf. Marlene Laruelle, ''[https://books.google.com/books?id=SjZyDwAAQBAJ&pg=PT100 Russian Nationalism: Imaginaries, Doctrines, and Political Battlefields]'', Abington, Oxfordshire / New York 2019, p. 95–133 (A Textbook Case of Doctrinal Entrepreneurship: Aleksandr Dugin) (download [https://azpdf.tips/russian-nationalism-imaginaries-doctrines-and-political-battlefields-pdf-free.html here]). Ibidem, '[https://books.google.com/books?id=W0SCDwAAQBAJ&pg=PA157 Alexander Dugin and Eurasianism]', in: Mark Sedgwick (ed.), ''Key Thinkers of the Radical Right: Behind the New Threat to Liberal Democracy'', Oxford 2019, p. 155–169, 157, 159. Jacob Christiansen Senholt, [https://books.google.com/books?id=f1t_BAAAQBAJ&pg=PA253 "Radical Politics and Political Esotericism: The Adaption of Esoteric Discourse within the Radical Right"], in: Egil Asprem, Kennet Granholm (red.), ''Contemporary Esotericism'', Abbington, Oxfordshire / New York 2013, p. 244–264, 252–254. Jafe Arnold, [https://www.academia.edu/40386449/Alexander_Dugin_and_Western_Esotericism_The_Challenge_of_the_Language_of_Tradition "Alexander Dugin and Western Esotericism: The Challenge of the Language of Tradition"], in: ''Mondi: Movimenti Simbolici e Sociali dell'Uomo'' 2 (2019), p. 33–70.</ref> मोल्दोव्हन मानववंशशास्त्रज्ञ लेओनिद मोस्योन्यिकच्या मते, विर्थच्या उघडपणे विक्षिप्त कल्पना साम्यवाद, उदारमतवाद आणि लोकशाहीच्या पतनानंतर निर्माण झालेल्या वैचारिक पोकळीत अगदी चपखल बसल्या. <ref>Highly critical of Dugin's enthousiasm for Wirth: Leonid A. Mosionjnik, ''Technology of the Historical Myth'' (''[https://books.google.com/books?id=K05TDwAAQBAJ&pg=PA96 Tekhnologiya istoricheskogo mifa]''), Saint Petersburg 2012, p. 95–102 et passim ([https://histrf.ru/biblioteka/b/tiekhnologhiia-istorichieskogho-mifa here for download]).</ref> दुगिनने विर्थच्या या दाव्यालाही प्रोत्साहन दिले की त्याने यहूदींच्या इतिहासावर आणि जुन्या करारावर एक पुस्तक लिहिले होते, तथाकथित ''[[पालेस्तिनाबुख]]'', जे चोरीला गेले नसते तर जग बदलू शकले असते. <ref>Aleksandr G. Dugin, "Herman Wirth: In Search of the Holy Grail of Meanings" (''[https://arcto.ru/article/120#14 German Virt: v poiskakh Sviatogo Graalia smislov]'') (1998), {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220314085102/http://arcto.ru/article/120#14}}, in: Ibidem, ''Philosophy of Traditionalism'' (''[https://hadit.ru/wp-content/uploads/2018/08/filosofiya_traditcionalizma.pdf Filosofiia Traditsionalizma] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220810030312/https://hadit.ru/wp-content/uploads/2018/08/filosofiya_traditcionalizma.pdf}}''), Moscow 2002, p. 135–167, 162. See also Dugin, '[https://eurasianist1.rssing.com/chan-64114423/all_p1.html Runology According to Herman Wirth]' (transl. Jafe Arnold), in: ''Absolute Homeland'' (''[https://arcto.ru/article/320 Absoliutnaia Rodina]''), Moscow 1999, p. 489 (Ch. 9). {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20220407184919/http://arcto.ru/article/320}}. Ibidem, '[https://eurasianist-archive.com/2017/04/13/herman-wirth-runes-great-yule-and-the-arctic-homeland/ Herman Wirth: Runes, Great Yule, and the Arctic Homeland]' (transl. Jafe Arnold), Foreword to the 2nd ed. of ''Hyperborean Theory'': ''Signs of the Great Nord'' (''[https://skifed.ru/attachments/article/266/%D0%94%D1%83%D0%B3%D0%B8%D0%BD%20%D0%90.%20-%20%D0%97%D0%BD%D0%B0%D0%BA%D0%B8%20%D0%92%D0%B5%D0%BB%D0%B8%D0%BA%D0%BE%D0%B3%D0%BE%20%D0%9D%D0%BE%D1%80%D0%B4%D0%B0%20(Ariana%20Mystica)%20-%202008.pdf Znaki Velikogo Norda: Giperboreiskaia teoriia]''), Moscow 2008, p. 3–20, 17. {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20210309034326/http://skifed.ru/attachments/article/266/%D0%94%D1%83%D0%B3%D0%B8%D0%BD%20%D0%90.%20-%20%D0%97%D0%BD%D0%B0%D0%BA%D0%B8%20%D0%92%D0%B5%D0%BB%D0%B8%D0%BA%D0%BE%D0%B3%D0%BE%20%D0%9D%D0%BE%D1%80%D0%B4%D0%B0%20(Ariana%20Mystica)%20-%202008.pdf}}.</ref> [[दुसरे चेचेन युद्ध|दुसऱ्या चेचेन युद्धाच्या]] शेवटी, दुगिनला चेचेन बाजूने वाटाघाटी करण्यासाठी बोलावण्यात आले होते, याव्यतिरिक्त त्याने कझाकस्तानचे माजी अध्यक्ष [[नुरसुल्तान नझरबायेव]] आणि इराण आणि सीरियाच्या राजदूतांची भेट घेतली होती. <ref name="Teitelbaum 58">{{स्रोत पुस्तक|url=https://books.google.com/books?id=QdHADwAAQBAJ&q=war+for+eternity|title=War for Eternity: The Return of Traditionalism and the Rise of the Populist Right|last=Teitelbaum|first=Benjamin R.|date=21 April 2020|publisher=Penguin Books Limited|isbn=978-0-14-199204-4|pages=58|language=en}}</ref> === राजकीय पक्ष === ==== राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्ष ==== १९९२ मध्ये, एदुआर्द लिमोनफने सहा लहान गटांचे एकत्रीकरण करून राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्षाची स्थापना केली. <ref>Lee, p. 314</ref> दुगिन हा त्याच्या सुरुवातीच्या सदस्यांपैकी एक होता आणि त्याने लिमोनफने राजकारणात येण्यासाठी राजी करण्यात महत्त्वाची भूमिका बजावली, तसेच १९९३ मध्ये पक्षाच्या स्थापनेच्या घोषणेवर सही केली <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.nazbol.ru:80/rubr28/index0/249.html|title=Нацбол.ру – Нацбол должен знать – Декларация о создании НБП|date=21 September 2008|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20080921193029/https://www.nazbol.ru/rubr28/index0/249.html|archive-date=21 September 2008|access-date=2 September 2018}}</ref> १९९२ मध्ये जेव्हा पक्षाच्या दोन सदस्यांना [[स्फोटगोलक]] बाळगल्याबद्दल अटक केली, तेव्हा हा पक्ष पहिल्यांदा चर्चेत आला. या घटनेमुळे पक्षाला पाश्चिमात्य वस्तूंविरोधात आयोजित करत असलेल्या बहिष्कार मोहिमेला प्रसिद्धी मिळाली. <ref>Lee, p. 320</ref> राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्षाने [[राष्ट्रीय मुक्ती आघाडी (रशिया)|राष्ट्रीय मुक्ती आघाडी]] (रशियन साम्यवाद्यांची आणि राष्ट्रवाद्यांची एक व्यापक आघाडी) सोबत हातमिळवणी केली. <ref>Lee, p. 321</ref> १९९८ मध्ये, पक्षातील इतर सदस्यांशी झालेल्या संघर्षामुळे दुगिनने राष्ट्रीय बोल्शेविक पक्ष सोडली. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://w-o-s.ru/visual/nazboli/index.html|title=ВОС|website=w-o-s.ru|access-date=2 September 2018|archive-date=2025-11-29|archive-url=https://web.archive.org/web/20251129072104/https://w-o-s.ru/visual/nazboli/index.html|url-status=dead}}</ref> यामुळे तो पक्ष रशियाच्या राजकीय पटलावर आणखी डावीकडे झुकला आणि पक्षाच्या सदस्यांनी दुगिन व त्याच्या गटाला फॅसिस्ट म्हणून धिक्कारले. <ref name="radioliberty">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.rferl.org/a/1058689.html|title=Russia: National Bolsheviks, The Party Of 'Direct Action'|last=Yasmann|first=Victor|date=29 April 2005|website=Radio Free Europe Radio Liberty|access-date=15 November 2018|quote=For this mobilization, the NBP used a bizarre mixture of totalitarian and fascist symbols, geopolitical dogma, leftist ideas, and national-patriotic demagoguery.}}</ref> ==== युरेशिया पक्ष ==== [[चित्र:New_Horizons_International_Conference_01.jpg|इवलेसे| मे २०१८ मध्ये [[इराण|इराणमधील]] [[मशहद]] येथे झालेल्या "न्यू होरायझन" (नवा क्षितिज) या आंतरराष्ट्रीय परिषदेत दुगिन (डावीकडे).]] नव-युरेशियावादी विचारांचा दावा करणाऱ्या युरेशिया पक्षाची स्थापना एप्रिल २००१ मध्ये झाली. दुगिन हा त्या गटाचा संस्थापक असल्याचे वृत्त होते. तो म्हणाला की, ही चळवळ रशियन राजकारणातील सांस्कृतिक विविधतेवर भर देईल, 'अमेरिकन पद्धतीच्या जागतिकीकरणाला' विरोध करेल आणि 'साम्यवाद व राष्ट्रवादाच्या पुनरागमनालाही प्रतिकार करेल.' याला ३१ मे २००१ रोजी [[रशियाचे न्याय मंत्रालय|न्याय मंत्रालयाने]] अधिकृत मान्यता दिली. <ref name="Dunlop"/> युरेशिया पक्षाचा दावा आहे की त्यांना काही लष्करी वर्तुळांमध्ये आणि रशियातील [[रशियन ऑर्थोडॉक्स चर्च|ऑर्थोडॉक्स ख्रिस्ती]] पंथाच्या नेत्यांकडून पाठिंबा आहे. [[चेचन्या|चेचेन]] समस्या सोडवण्याच्या प्रयत्नांमध्ये महत्त्वाची भूमिका बजावण्याची पक्षाला आशा आहे, ज्यामुळे युरोपीय आणि मध्य पूर्वेकडील देशांसोबत, प्रामुख्याने इराणसोबत, रशियाची सामरिक युती करण्याच्या दुगिनच्या उद्दिष्टासाठी पार्श्वभूमी तयार होईल. === युक्रेनबाबतचे मत आणि रशियन राजकारणातील भूमिका === {{Quote box|“रशियन जनतेच्या एकत्रित सहभागाशिवाय हे करणे अशक्य आहे; त्यांना त्यांच्या ऐतिहासिक ध्येयाची जाणीव करून दिल्याशिवाय, त्यांच्या अंतर्मनातील खोल प्रेरणेला जागृत केल्याशिवाय, आणि ‘बंधूंनो आणि भगिनींनो’ हे शब्द उच्चारल्याशिवाय हे शक्य नाही. उठा, रशियनांनो, जागे व्हा; तुम्हाला महान कार्ये पार पाडण्यासाठी पाचारण करण्यात आले आहे... तुमचे सर्व पूर्वज, सर्व पिढ्या या क्षणाकडे, आपल्या अस्तित्वाच्या मूलभूत शत्रूसोबतच्या या संघर्षाकडे वाटचाल करत होत्या... आम्ही पाश्चात्त्य संस्कृतीत, तिच्या उदारमतवाद-एकाधिकारशाहीच्या वर्चस्वात आणि [[युक्रेनियन नाझीवाद|बंदेरावाद्यांमध्ये]] मूर्त रूप धारण केलेल्या निरपेक्ष दुष्टतेविरुद्ध लढत आहोत. या ध्येयासाठीच आमची निर्मिती झाली आहे. सध्या याचीच गरज आहे—एक आवाहन आवश्यक आहे.” | source = — मार्च २०२२ — युक्रेनवरील रशियन आक्रमणाच्या संदर्भात रशियन समाजाच्या पूर्ण-स्तरीय एकत्रीकरणाची मागणी करत दुगिन<ref>{{Cite web |last=Sazhneva|first=Ekaterina |date=30 March 2022 |title=Александр Дугин: "солнечный" Путин победил "лунного" |url=https://www.mk.ru/social/2022/03/30/aleksandr-dugin-solnechnyy-putin-pobedil-lunnogo.html |archive-url=https://web.archive.org/web/20220331062134/https://www.mk.ru/social/2022/03/30/aleksandr-dugin-solnechnyy-putin-pobedil-lunnogo.html |archive-date=31 March 2022 |website=[[Moskovskij Komsomolets]]}}</ref> | align = right | width = 25em | quote = “रशियन जनतेच्या एकत्रित सहभागाशिवाय हे करणे अशक्य आहे; त्यांना त्यांच्या ऐतिहासिक ध्येयाची जाणीव करून दिल्याशिवाय, त्यांच्या अंतर्मनातील खोल प्रेरणेला जागृत केल्याशिवाय, आणि ‘बंधूंनो आणि भगिनींनो’ हे शब्द उच्चारल्याशिवाय हे शक्य नाही. उठा, रशियनांनो, जागे व्हा; तुम्हाला महान कार्ये पार पाडण्यासाठी पाचारण करण्यात आले आहे... तुमचे सर्व पूर्वज, सर्व पिढ्या या क्षणाकडे, आपल्या अस्तित्वाच्या मूलभूत शत्रूसोबतच्या या संघर्षाकडे वाटचाल करत होत्या... आम्ही पाश्चात्त्य संस्कृतीत, तिच्या उदारमतवाद-एकाधिकारशाहीच्या वर्चस्वात आणि [[युक्रेनियन नाझीवाद|बंदेरावाद्यांमध्ये]] मूर्त रूप धारण केलेल्या निरपेक्ष दुष्टतेविरुद्ध लढत आहोत. या ध्येयासाठीच आमची निर्मिती झाली आहे. सध्या याचीच गरज आहे—एक आवाहन आवश्यक आहे.” }} दुगिन [[व्लादिमिर पुतिन|व्लादिमीर पुतिन]] आणि त्यांच्या परराष्ट्र धोरणांचे समर्थन करतात, पण त्यांनी रशियन सरकारच्या आर्थिक धोरणांना विरोध केला आहे. २००७ मध्ये त्यांनी म्हटले होते: "पुतिनच्या धोरणांना आता कोणीही विरोधक नाहीत आणि जर असतील, तर ते मानसिक रुग्ण असून त्यांना वैद्यकीय तपासणीसाठी पाठवण्याची गरज आहे. पुतिन सर्वत्र आहे, पुतिन सर्वकाही आहे, पुतिन निरपेक्ष आहे आणि पुतिन अपरिहार्य आहे". ''[[कमिरसांत|कमिरसांतच्या]]'' वाचकांनी खुशामतीमध्ये याला दुसरा क्रमांक दिला. <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.kommersant.ru/Tests/Test10.aspx|work=Kommersant|year=2007|language=ru|script-title=ru:Кто похвалит его лучше всех|trans-title=Who will praise him better than the rest|access-date=24 March 2016}} (Click the "Results" ("Результаты") button at the bottom of the page)</ref> [[क्रेमलिनमध्ये]], दुगिन हा युक्रेनच्या मुद्द्यावरून नेतृत्वातील एक विभागणी असलेल्या "युद्धखोर गटा"चे प्रतिनिधित्व करतात. <ref name="Jensen">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://imrussia.org/en/analysis/world/2041-are-the-kremlin-hardliners-winning|title=Are the Kremlin Hardliners Winning?|last=Donald N. Jensen|date=1 October 2014|publisher=Institute of Modern Russia}}</ref> दुगिन २००८ पासून [[रशियाने केलेल्या क्रिमियाचे सामीलीकरण|रशियाने क्रिमियाचे विलीनीकरण करावे]] याचे समर्थन करत होते. <ref name="Newman2">{{स्रोत बातमी|last=Newman|first=Dina|url=https://www.bbc.com/news/world-europe-28229785|title=Russian nationalist thinker Dugin sees war with Ukraine|date=10 July 2014|work=[[BBC News]]|location=London|quote=A prominent Russian ultra-nationalist philosopher has told BBC News that war between Russia and Ukraine 'is inevitable' and has called on President Vladimir Putin to intervene militarily in eastern Ukraine 'to save Russia's moral authority'.|access-date=22 March 2022}} In Russian: {{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.bbc.com/ukrainian/ukraine_in_russian/2014/07/140710_ru_s_dugin_russia_ukraine|last=Дина Ньюман|date=10 July 2014|website=[[BBC Ukrainian]]|language=ru|script-title=ru:Кто придумал аннексировать украинский Крым?}}</ref> त्याने रशिया आणि युक्रेन यांच्यातील युद्ध अटळ मानले आणि पुतिन यांना [[दोनबासमधील युद्ध|दोनबासमधील युद्धात]] हस्तक्षेप करण्याचे आवाहन केले. <ref name="Newman2" /> दुगिन म्हणाले: "रशियन पुनर्जागरण फक्त [[क्यीव]] येथेच थांबू शकते." <ref name="За Ахметова">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.nakanune.ru/news/2014/5/21/22353563/|last=Александр Дугин|date=21 May 2014|publisher=Nakanune.ru|language=ru|script-title=ru:За Ахметова грудью встала российская шестая колонна}}</ref> [[दोनबासमधील युद्ध|दोनबासमधील युद्धादरम्यान]], दुगिन रशिया समर्थक फुटीरतावादी बंडखोरांच्या नियमित संपर्कात होता. <ref name="DOUPOU">{{स्रोत बातमी|last=Ben Hoyle|url=https://www.theaustralian.com.au/news/world/putin-accused-of-betraying-and-abandoning-ukraine-separatists/story-fnb64oi6-1226976223365|title=Putin accused of betraying and abandoning Ukraine separatists|date=3 July 2014|work=[[The Australian]]}}<br /><br />{{स्रोत बातमी|url=https://www.theaustralian.com.au/news/world/rebel-leaders-in-ukraine-feel-abandoned-by-putin/story-fnb64oi6-1226976988427|title=Rebel leaders in Ukraine feel 'abandoned' by Putin|date=4 July 2014|work=[[The Australian]]}}<br /><br />{{स्रोत बातमी|last=Paul Sonne|url=https://www.wsj.com/articles/russian-nationalists-feel-let-down-by-kremlin-again-1404510139|title=Russian Nationalists Feel Let Down by Kremlin|date=4 July 2014|work=[[The Wall Street Journal]]}}</ref> त्यांनी आपली भूमिका "बिनशर्त [[दनेत्स्क जनतेचे प्रजासत्ताक|डीपीआर]] समर्थक आणि [[लुहान्स्क जनतेचे प्रजासत्ताक|एलपीआर]] समर्थक" असल्याचे सांगितले. <ref name="interpretermag">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.interpretermag.com/russia-this-week-what-will-be-twitters-fate-in-russia/|title=Russia This Week: Dugin Dismissed from Moscow State University? (23–29 June)|date=27 June 2014|website=interpretermag.com|access-date=3 March 2022}}</ref> यूट्यूबवर पोस्ट केलेल्या एका स्काईप व्हिडिओ कॉलमध्ये दुगिन दक्षिण आणि पूर्व युक्रेनमधील फुटीरतावाद्यांना सूचना देताना, तसेच [[एकातेरिना गुबारेवा]] यांना सल्ला देताना दिसला. गुबारेवाचे पती [[पाविल गुबरिफ]] यांनी स्वतःला [[दोनेत्स्क ओब्लास्त|दोनेत्स्क प्रदेशाचे]] राज्यपाल घोषित केले होते आणि त्यानंतर [[युक्रेनची सुरक्षा सेवा|युक्रेनच्या सुरक्षा सेवेने]] त्यांना अटक केली होती. <ref name="The Daily Beast">{{स्रोत बातमी|last=Shynkarenko|first=Oleg|url=https://www.thedailybeast.com/articles/2014/04/02/alexander-dugin-the-crazy-ideologue-of-the-new-russian-empire.html|title=Alexander Dugin: The Crazy Ideologue of the New Russian Empire|date=4 February 2014|work=The Daily Beast}} In Russian: {{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://theinternettimes.ru/post/dugin_geniy|last=Арсентий Тропаревский|website=The Internet Times|language=ru|script-title=ru:Дугин: Сумасшедший гений новой Российской империи}} {{मृत दुवा}} </ref> ३१ मार्च २०१४ रोजी, दुगिनने स्थापन केलेल्या रशियाच्या युरेशिया युवा संघाचे सदस्य ओलेग बातियारफ यांना अटक केली. [[युक्रेनची सुरक्षा सेवा|युक्रेनच्या सुरक्षा सेवेनुसार]], त्यांनी संसद आणि दुसरी सरकारी इमारत ताब्यात घेण्यासाठी सुमारे २०० लोकांच्या गटाला प्रशिक्षण दिले होते. <ref name="The Daily Beast" /> दुगिनने पुतिनबद्दल निराशा व्यक्त केली, कारण [[युक्रेनियन सेना|युक्रेनियन सेनेने]] जुलै २०१४ च्या सुरुवातीला केलेल्या आक्रमणांनंतर पुतिनने युक्रेनमधील रशिया-समर्थक बंडखोरांना मदत केली नाही. <ref name="DOUPOU"/> ऑगस्ट २०१४ मध्ये, दुगिनने युक्रेनियन अस्मिता नष्ट करण्याची मागणी केली. <ref name="FT150128">{{स्रोत बातमी|last=Jones|first=Sam|url=https://www.ft.com/intl/cms/s/0/a87747de-a713-11e4-b6bd-00144feab7de.html|title=Alarm bells ring over Syriza's Russian links|last2=Hope|first2=Kerin|last3=Weaver|first3=Courtney|date=28 January 2015|work=[[Financial Times]]|url-access=subscription}}</ref> [[खार्किव मानवाधिकार संरक्षण गटाच्या]] हल्या कोयनाश म्हणाल्या की, पूर्व युक्रेनमधील घटनांवर आणि रशियाच्या क्रिमियावरील आक्रमणावर दुगिनच्या "युरेशियाई विचारसरणीचा" प्रभाव निःसंशय होता. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://khpg.org.ua/en/index.php?id=1404029911|title=Intrigue over 'dismissal' of Putin's ideologue, Alexander Dugin|last=Halya Coynash|date=2 July 2014|publisher=[[Kharkiv Human Rights Protection Group]]|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20160308105340/http://khpg.org.ua/en/index.php?id=1404029911|archive-date=8 March 2016|access-date=3 March 2022}}</ref> वेंसां जॉवेर यांच्या मते, दुगिनची जहाल विचारसरणी रशियन अधिकाऱ्यांच्या अंतर्गत आणि परराष्ट्र धोरणाचा आधार बनली. <ref name="Jauvert">{{स्रोत बातमी|last=Vincent Jauvert|url=https://tempsreel.nouvelobs.com/ukraine-la-revolte/20140503.OBS6009/le-raspoutine-de-poutine.html|title=Le Raspoutine de Poutine|date=3 May 2014|work=[[Le Nouvel Observateur]]|language=fr}} In Russian: {{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://inosmi.ru/russia/20140512/220188170.html|last=Венсан Жовер|date=12 May 2014|publisher=[[inoSMI]]|language=ru|script-title=ru:Дугин — путинский Распутин}}</ref> "म्हणून दुगिनचे म्हणणे ऐकण्यासारखे आहे, जेणेकरून क्रेमलिन आपल्या देशाला आणि संपूर्ण युरोपला कोणत्या भवितव्याकडे नेत आहे हे समजू शकेल." <ref name="Jauvert" /> युक्रेनने जून २००६ पासून दुगिनवर पाच वर्षांची प्रवेशबंदी घातली, <ref name="СБУ">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://newvv.net/politics/ukraine/188184.html|date=20 October 2007|language=ru|script-title=ru:Служба безопасности Украины установила лиц, которые надругались над государственной символикой Украины на горе Говерла|trans-title=The Security Service of Ukraine identified persons who outraged Ukraine's state symbols on the mountain of Hoverla|url-status=dead|archive-url=https://web.archive.org/web/20220213201550/http://newvv.net/politics/ukraine/188184.html|archive-date=13 February 2022|access-date=3 March 2022}}</ref> आणि क्यीवने २००७ मध्ये त्याला ''[[अवांछित व्यक्ती]]'' म्हणून घोषित केले <ref name="Laruelle">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.cacianalyst.org/?q=node/4928|title=Neo-Eurasianist Alexander Dugin on the Russia–Georgia conflict|last=Marlène Laruelle|date=3 September 2008|publisher=Central Asia-Caucasus Institute Analyst}}</ref> त्याच्या युरेशयाई युवा संघावर युक्रेनमध्ये बंदी घातली. <ref name="СБУ" /> २००७ मध्ये, [[युक्रेनची सुरक्षा सेवा|युक्रेनच्या सुरक्षा सेवेने]] युरेशियाई युवा संघाच्या त्या व्यक्तींना ओळखले ज्यांनी [[:uk:вандалізм на Говерлі 2007 року|२००७ मध्ये गोवेरला येथे तोडफोड]] केली होती: ते [[गोवेरला]] पर्वतावर चढले, त्यांनी सोबत आणलेल्या साधनांनी [[युक्रेनचे राजचिन्ह|युक्रेनच्या लहान राजचिन्हाच्या]] आकारातील बांधकामाचे भाग कापल्याची नक्कल केली आणि [[युक्रेनचे संविधान|युक्रेनच्या संविधानाच्या]] स्मारक चिन्हावर युरेशियाई युवा संघाचे प्रतीक रंगवले. <ref name="СБУ" /> जून २००७ मध्ये [[सिम्फेरोपोल आंतरराष्ट्रीय विमानतळ|सिम्फेरोपोल आंतरराष्ट्रीय विमानतळावर]] पोहोचल्यावर त्याला रशियाला परत पाठवले. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.kyivpost.com/opinion/op-ed/vitrenkos-flirtation-with-russian-neo-eurasianism-26787.html|title=Vitrenko's flirtation with Russian "Neo-Eurasianism"|last=Andreas Umland|authorlink=Andreas Umland|date=14 June 2007|website=[[Kyiv Post]]|type=op-ed}}</ref> २००८ मध्ये रशिया आणि जॉर्जिया यांच्यात [[रशिया-जॉर्जिया युद्ध|युद्ध सुरू]] होण्यापूर्वी, दुगिनने [[दक्षिण ओसेशिया|दक्षिण ओसेशियाला]] भेट दिली आणि म्हणाला: "आमचे सैन्य जॉर्जियाची राजधानी [[त्बिलिसी]], संपूर्ण देश आणि कदाचित युक्रेन आणि क्रिमियासुद्धा ताब्यात घेईल, जे ऐतिहासिकदृष्ट्या रशियाचाच भाग आहे." <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.spiegel.de/international/world/road-to-war-in-georgia-the-chronicle-of-a-caucasian-tragedy-a-574812.html|title=Road to War in Georgia: The Chronicle of a Caucasian Tragedy|date=25 August 2008|work=[[Der Spiegel]]}}</ref> त्यानंतर तो म्हणाला की रशियाने "दक्षिण ओसेशियाला मुक्त करून थांबू नये, तर त्यापुढे जावे," आणि "आपल्याला युक्रेनमध्येही असेच काहीतरी करावे लागेल." <ref name="Interview">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.echo.msk.ru/programs/personalno/532383-echo/|title=Interview|last=Alexander Dugin|date=8 August 2008|publisher=[[Echo of Moscow]]|language=ru}}</ref> २००८ मध्ये दुगिन म्हणाले होते की रशियाने युक्रेनमध्ये जॉर्जियासारखीच परिस्थिती निर्माण करावी, म्हणजेच त्यावर हल्ला करावा. <ref>{{स्रोत बातमी|last=Ірина Біла|url=https://www.radiosvoboda.org/content/article/1197679.html|date=10 September 2008|work=Радіо Свобода|publisher=[[Radio Free Europe/Radio Liberty]]|language=uk|script-title=uk:Можливість застосування Ющенком силового сценарію; махінації навколо землі. (Огляд преси)}}</ref> सप्टेंबर २००८ मध्ये, रशियन-जॉर्जियन युद्धानंतर, त्याने पुतिनबद्दलचा आपला राग लपवला नाही, ज्यांनी "दुसरा धक्का देण्याचे धाडस केले नाही" आणि "साम्राज्य पुनर्संचयित केले नाही." <ref name="Jauvert"/> १० ऑक्टोबर २०१४ रोजी दुगिन म्हणाले, "[[युरेशियाई आर्थिक संघ|युरेशियाई संघ]] असलेल्या बृहत्तर रशियाची पुनर्स्थापना केल्यानंतरच आपण एक विश्वासार्ह जागतिक शक्ती बनू शकतो. आता या प्रक्रिया खूपच मंदावल्या आहेत. [[युरोमैदान|युक्रेनियन मैदान]] हे रशियन एकीकरणाच्या प्रगतीला पश्चिमेकडील देशांनी दिलेले प्रत्युत्तर होते." <ref name="Медведева">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://portal-kultura.ru/articles/person/64670-aleksandr-dugin-nuzhno-borotsya-s-shestoy-kolonnoy/|last=Татьяна Медведева|date=10–16 October 2014|website=Газета "Культура"|language=ru|script-title=ru:Александр Дугин: "Нужно бороться с "шестой колонной"}}</ref> त्यांनी [[युरोमैदान|युरोमैदानचे]] वर्णन अमेरिकेने केलेला सत्तापालट असे केले: "अमेरिकेला रशियाविरुद्धचे युद्ध स्वतःच्या हातांनी नव्हे, तर युक्रेनियन लोकांच्या हातांनी लढायचे आहे. युक्रेनच्या शांतताप्रिय जनतेमधील १० हजारांपर्यंतच्या बळींकडे डोळेझाक करण्याचे वचन देऊन आणि प्रत्यक्षात बळींची मागणी करून, अमेरिकेने हे युद्ध घडवून आणले. अमेरिकेने या युद्धाच्या उद्देशाने युरोमैदानादरम्यान सत्तापालट घडवून आणला. अमेरिकेने या युद्धाच्या उद्देशाने [[नव-नाझी]] रशियाद्वेष्ट्यांना सत्तेवर बसवले." <ref>{{स्रोत बातमी|last=Руслан Горевой|url=https://versia.ru/articles/2014/jun/30/na_poroge_voyny|date=30 July 2014|work=Газета "Версия"|language=ru|script-title=ru:На пороге войны|issue=24}}</ref> ==== इस्रायल आणि इस्रायल-हमास युद्धाबद्दलची मते ==== अलेक्सांद्र दुगिनने गाझामधील युद्धाला रशिया आणि पाश्चात्य देशांमधील व्यापक संघर्षाचा भाग म्हणून चित्रित केले आहे. <ref name=":1">{{Cite report|url=https://www.jstor.org/stable/resrep55420|title=Russia’s “New World Order” and the Israel-Hamas War|last=Feldman|first=Bat Chen Druyan|last2=Mil-Man|first2=Arkady|date=2023|publisher=Institute for National Security Studies}}</ref> दुगिनने दावा केला आहे की [[जेरुसलेम]] मूळचे रशियन आहे आणि रशियाने ती भूमी पुन्हा जिंकून घ्यावी असे आवाहन केले आहे, तसेच त्याने इस्रायलच्या अस्तित्वाच्या अधिकारावरही प्रश्नचिन्ह उपस्थित केले आहे. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jpost.com/israel-news/article-806056|title=Vladimir Putin hosts Hamas, Hezbollah representaives amid Gaza war {{!}} The Jerusalem Post|date=2024-06-15|website=The Jerusalem Post {{!}} JPost.com|language=en|access-date=2026-08-15}}</ref> दुगिन इस्रायलला पाश्चात्य शक्तींद्वारे नियंत्रित एक प्रतिनिधी सरकार मानतात, ज्याचा उपयोग अमेरिका आणि तिचे मित्र देश मुसलमानी जगावर हल्ला करण्यासाठी आणि त्यांना बदनाम करण्यासाठी करतात. या जागतिक दृष्टिकोनानुसार दुगिनचा दावा आहे की, "मुसलमानी देश हे ओळखतील की इस्रायल आणि हमास यांच्यातील संघर्ष हा नवीन जागतिक व्यवस्थेसाठीच्या लढाईचा एक भाग आहे, आणि मग त्यांना रशिया युक्रेनमध्ये लढत असलेले युद्ध अधिक चांगल्या प्रकारे समजेल." <ref name=":1" /> <ref name=":2">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://en.majalla.com/node/303746|title=Aleksandr Dugin: My vision for the new world order and Gaza war|website=en.majalla.com|language=en|access-date=2026-08-15}}</ref> दुगिनचा असे मानतात की [[इस्रायल-हमास युद्ध]] ही जग बहुध्रुवीय बनण्याची एक नैसर्गिक प्रक्रिया आहे, आणि रशिया-युक्रेन युद्ध व चीन-तैवान संघर्ष या इतर दोन लढाया ध्रुवीकरण निश्चित करतील. दुगिनने असा दावा केला आहे की रशिया आणि चीन हे मुसलमानी जगाचे मित्रराष्ट्र आहेत आणि जागतिक बहुध्रुवीयतेला गती देण्यासाठी प्रत्येक समाजाने एकमेकांना मदत केली पाहिजे. <ref name=":1"/> <ref name=":2"/> दुगिनने 'शरीयतने भांडवलशाहीवर मात केली पाहिजे' असे आवाहन केले आहे आणि 'जागतिकवादी अभिजन वर्गा'विरुद्धची आंतरराष्ट्रीय लढाई मुसलमान लढतील अशी आशा व्यक्त केली आहे. <ref>{{स्रोत बातमी|last=Schmitz|first=Matthew|url=https://www.washingtonpost.com/opinions/2026/05/01/rise-islamo-christian-right/|title=Opinion {{!}} Why right-wing influencers are suddenly praising Islam|date=2026-05-01|work=The Washington Post|language=en-US|issn=0190-8286|access-date=2026-08-15}}</ref> दुगिन [[२०२६ इस्रायल-अमेरिकेचा इराणवर हल्ला|२०२६ च्या इराण युद्धाला]] विरोध केली आहे आणि अमेरिकेने इराणवर केलेल्या हल्ल्यांना प्रत्युत्तर म्हणून त्याने जागतिक उठावाचे आवाहन केले आहे. <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.jns.org/opinion/alex-goldenberg/the-alliance-theyve-always-feared|title=The alliance they’ve always feared|last=Goldenberg|first=Alex|date=2026-03-02|website=Israel & Jewish News - JNS|language=en-US|access-date=2026-08-15}}</ref> ==== पुतिनवर प्रभाव ==== [[चित्र:Aleksandr_Dugin_13981126000.jpg|इवलेसे| २०२० मध्ये दुगिन]] रशियन सरकार आणि [[व्लादिमिर पुतिन|व्लादिमीर पुतिनवर]] दुगिनचा प्रभाव वादग्रस्त आहे. <ref name="guardian-bio"/> त्यांचे क्रेमलिनशी कोणतेही अधिकृत संबंध नाहीत, <ref name="reuters-bio"/> पण माध्यमांमध्ये त्यांना अनेकदा "पुतिनचा मेंदू" आणि [[रशियाचे परराष्ट्र धोरण]] ठरवण्यासाठी जबाबदार मानले जाते. <ref name="Newman2"/> <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.haaretz.com/world-news/2022-03-17/ty-article-magazine/.highlight/to-understand-putin-you-first-need-to-get-inside-aleksandr-dugins-head/00000180-5bca-dc1d-afc2-fbcf008d0000|title=To Understand Putin, You First Need to Get Inside Aleksandr Dugin's Head|work=Haaretz|language=en|access-date=13 April 2022}}</ref> <ref name="Burbank2">{{स्रोत बातमी|last=Burbank|first=Jane|url=https://www.nytimes.com/2022/03/22/opinion/russia-ukraine-putin-eurasianism.html|title=The Grand Theory Driving Putin to War|date=22 March 2022|work=[[The New York Times]]|location=New York City|quote=After unsuccessful interventions in post-Soviet party politics, Mr. Dugin focused on developing his influence where it counted – with the military and policymakers&nbsp;... In Mr. Dugin's adjustment of [[Eurasianism]] to present conditions, Russia had a new opponent – no longer just Europe, but the whole of the 'Atlantic' world led by the United States. And his Eurasianism was not anti-imperial but the opposite: Russia had always been an empire, Russian people were 'imperial people', and after the crippling 1990s sellout to the 'eternal enemy', Russia could revive in the next phase of global combat and become a 'world empire'.|access-date=23 March 2022}}</ref> <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.abc.net.au/news/2022-08-22/alexander-dugin-daughter-darya-dugina-vladimir-putin-ally/101356250|title=What we know about the father of Darya Dugina, who was killed in a suspected car bombing in Russia|date=22 August 2022|work=ABC News}}</ref> इतरांचे अस्से म्हणणे आहे की दुगिनचा प्रभाव मर्यादित आहे आणि त्या प्रभावाला खूपच अतिरंजित केला गेला आहे, <ref name="reshaping"/> <ref name="underfire"/> <ref name="bloomberg"/> कारण त्याच्या मतांमधील आणि रशियन परराष्ट्र धोरणातील सहसंबंधातून कार्यकारणभाव सूचित होत नाही. <ref name="overestimates"/> === पंचमस्तंभ === [[परकीय हस्तक]] म्हणून [[पंचमस्तंभ|पंचमस्तंभबद्दलची]] ठराविक भाषाशैली दुगिन अनेक प्रकाशनांमध्ये राजकीय आरोपांसाठी वापरतो. ''[[विज्ग्ल्यात (वर्तमानपत्र)|विज्ग्ल्यात (Взгляд)]]'' आणि ''[[कम्समोलस्काया प्रावदा|कम्समोलस्काया प्रावदा (Комсомольская правда)]]'' यांनी प्रकाशित केलेल्या त्यांच्या २०१४ च्या मुलाखतीत ते म्हणतात, "एक मोठा संघर्ष सुरू आहे. आणि, अर्थातच, युरोपमध्येही स्वतःचा पंचमस्तंभ आहे, स्वतःचे [[२०११-२०१३ रशियन निषेध|बोलोत्नाया चौक]]-विचारांचे लोक आहेत. आणि जर ते टीव्ही रेनवर निष्क्रिय बसून वाईट गोष्टी करत असतील, तर युरोपवर खरोखरच पंचमस्तंभाचे पूर्ण जोमात वर्चस्व आणि शासन आहे. हे तेच अमेरिकन क्षुद्र आहेत." <ref name="великая война">{{स्रोत बातमी|last=Петр Акопов|url=https://www.vz.ru/politics/2014/2/20/672632.html|date=20 February 2014|work=[[Vzglyad (newspaper)|Vzglyad]]|language=ru|script-title=ru:Это великая война континентов}}</ref> <ref name="KP">{{स्रोत बातमी|url=https://www.kp.ru/daily/26197.4/3084361/|date=20 February 2014|work=[[Komsomolskaya Pravda]]|language=ru|script-title=ru:Политолог, философ Александр Дугин: Это великая война континентов}}</ref> == संदर्भ == === संदर्भित साहित्य === [[वर्ग:भू-राज्यशास्त्रज्ञ]] [[वर्ग:हयात व्यक्ती]] [[वर्ग:इ.स. १९६२ मधील जन्म]] r4o6dtqx99hxv45btoomqyfwzdikiwt द लेडी विथ द डॉग 0 383098 2710743 2704198 2026-09-19T13:21:36Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710743 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} "'''द लेडी विथ द डॉग'''" {{Efn|On account of the Russian language's lack of [[Article (grammar)|articles]], the story's title's literal translation is "Lady with Dog", where "Dog" includes a diminutive [[morpheme]].<ref name=stylistics>{{cite encyclopedia|encyclopedia=Pragmatic Literary Stylistics|title=Before and After Chekhov: Inference, Interpretation and Evaluation|last1=Clark|first1=Billy|editor1-last=Chapman|editor1-first=Siobhan|editor2-last=Clark|editor2-first=Billy|publisher=[[Palgrave Macmillan]]|location= London|isbn=978-1-137-02325-4|page=58|date=2014}}</ref> English language translations of the title include "The Lady with a Dog",<ref>{{cite book|last1=Parts|first1=Lyudmila|title=The Chekhovian Intertext: Dialogue with a Classic|url=https://archive.org/details/chekhovianintert0000part|date=2008|publisher=[[Ohio State University Press]]|location=Columbus, OH|isbn=978-0814210833|page=[https://archive.org/details/chekhovianintert0000part/page/140 140]}}</ref> "The Lady with the Little Dog",<ref>{{cite book|last1=Chekhov|first1=Anton|editor1-last=Wilks|editor1-first=Ronald|title=The Lady with the Little Dog and Other Stories, 1896–1904|date=2002|publisher=[[Penguin Books]]|location=London|isbn=0-14-044787-3|page=[https://archive.org/details/ladywithlittledo00anto/page/223 223]|url-access=registration|url=https://archive.org/details/ladywithlittledo00anto/page/223}}</ref> "The Lady with the Small Dog",<ref>{{cite book|last1=Clowes|first1=Edith W.|title=Russia on the Edge: Imagined Geographies and Post-Soviet Identity|url=https://archive.org/details/russiaonedgeimag00clow|url-access=registration|date=2011|publisher=[[Cornell University Press]]|location=Ithaca, NY|isbn=978-0-8014-7725-6|page=[https://archive.org/details/russiaonedgeimag00clow/page/129 129]}}</ref> "The Lady with the Pet Dog",<ref>{{cite encyclopedia |last1=Winner |first1=Thomas G.|editor-last=Slote |editor-first=Bernice|encyclopedia=Myth and Symbol: Critical Approaches and Applications |title=Myth as a Device in the Works of Chekhov |date=1963| isbn=978-0803250659|page=75|publisher=[[University of Nebraska Press]]|location=Lincoln, NE}}</ref> "(The) Lady with (the) Lapdog",<ref name=stylistics /> etc.}} ही [[आंतोन चेखव]] यांची एक लघुकथा आहे. १८९९ मध्ये पहिल्यांदा प्रकाशित झालेले हे पुस्तक मॉस्कोमधील एका नाखूष विवाहित बँकर आणि एका तरुण विवाहित महिलेमधील व्यभिचारी संबंधाचे वर्णन करते जे दोघेही [[याल्टा|याल्टामध्ये]] एकटे सुट्टी घालवत असताना सुरू होते. ही चेखवच्या सर्वात प्रसिद्ध लघुकथांपैकी एक आहे आणि [[व्लादिमिर नाबोकोव्ह|व्लादिमीर नाबोकोव्हने]] ती आतापर्यंत लिहिलेल्या महान लघुकथांपैकी एक मानली आहे. {{notelist}} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:रशियन साहित्य]] [[वर्ग:आंतोन चेखव]] [[वर्ग:लघुकथा]] [[वर्ग:इ.स. १८९९ मधील निर्मिती]] [[वर्ग:व्यभिचार]] 6qj7s3pco5c68cqcadisvthsqnacwhn कोकणातील कुणबी 0 383135 2710776 2709892 2026-09-19T15:05:49Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710776 wikitext text/x-wiki {{Infobox ethnic group | group = कोकणातील कुणबी | image = [[File:The tribes and castes of the Central Provinces of India (1916) (14577097260).jpg|250px]] | image_caption = ब्रिटिशकालीन काळातील कुणबी/कृषक समूहाचे ऐतिहासिक चित्रण | popplace = कोकण, महाराष्ट्र | languages = मराठी, कोकणी | religions = हिंदू धर्म }} '''कोकणातील कुणबी''' हा महाराष्ट्राच्या कोकण प्रदेशातील ऐतिहासिकदृष्ट्या कृषी आणि ग्रामीण जीवनाशी संबंधित असलेला सामाजिक समुदाय आहे. कोकणातील कुणबींच्या इतिहासाचा संबंध रत्‍नागिरी, सिंधुदुर्ग, रायगड आणि ऐतिहासिक ठाणे जिल्ह्याच्या विविध भागांतील ग्रामीण समाजरचना, शेती, जमीनव्यवस्था आणि स्थानिक अर्थव्यवस्थेशी आढळतो. ब्रिटिशकालीन गॅझेटियर, जनगणना अहवाल तसेच नंतरच्या मानववंशशास्त्रीय आणि भाषावैज्ञानिक अभ्यासांमध्ये या समुदायाचा उल्लेख आढळतो.<ref name="Ratnagiri1880">{{cite book |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Ratnagiri and Savantvadi |volume=10 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1880 }}</ref><ref name="Kolaba1883">{{cite book |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Kolaba and Janjira |volume=11 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1883 }}</ref><ref name="Enthoven1922">{{cite book |last=Enthoven |first=Reginald Edward |title=The Tribes and Castes of Bombay |volume=2 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1922 }}</ref> कोकणातील कुणबींच्या इतिहासाची सुरुवात एखाद्या विशिष्ट राजवंशापासून किंवा एका निश्चित कालखंडापासून झाली असे निश्चितपणे सांगता येत नाही. महाराष्ट्र आणि कोकणातील कृषीप्रधान ग्रामजीवनाची पार्श्वभूमी प्राचीन आहे; तथापि प्रागैतिहासिक किंवा प्राचीन काळातील कृषक समुदायांना आधुनिक अर्थाने थेट ''कुणबी'' म्हणणे इतिहासदृष्ट्या योग्य ठरत नाही. पुढील काळात कृषी, जमीनव्यवस्था, ग्रामसंस्था, महसूलपद्धती, स्थलांतर आणि सामाजिक ओळखीमधील बदलांच्या प्रक्रियेत कोकणातील कुणबी समाजाची विविध प्रादेशिक रूपे विकसित झाली. १९व्या शतकातील ब्रिटिशकालीन गॅझेटियर आणि जनगणना अहवाल कोकणातील लोकसंख्या, शेती, जमीनधारणा आणि ग्रामीण समाजरचनेच्या अभ्यासासाठी महत्त्वाचे ऐतिहासिक स्रोत आहेत. रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडी, कोलाबा आणि जंजिरा तसेच ठाणे प्रदेशांच्या गॅझेटियरमध्ये कृषक समाज, जमीनव्यवस्था, महसूल आणि ग्रामीण जीवनाचे वर्णन आढळते.<ref name="Ratnagiri1880" /><ref name="Kolaba1883" /><ref name="Thana1882">{{cite book |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Thana |volume=13 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1882 }}</ref> कोलाबा जिल्ह्याच्या १८८१ च्या जनगणनेनुसार जिल्ह्याची एकूण लोकसंख्या ३,८१,६४९ होती. त्याच नोंदींमध्ये जन्मस्थान, भाषा, धर्म, वय, लिंग आणि उपविभागनिहाय लोकसंख्येची माहिती देण्यात आली आहे.<ref name="Kolaba1883" /> कोकणातील कुणबी समाज एकसंध आणि अपरिवर्तनीय सामाजिक गट म्हणून राहिलेला नाही. वेगवेगळ्या प्रदेशांतील स्थानिक सामाजिक रचना, विवाहपद्धती, स्थलांतर, आर्थिक परिस्थिती, जमीनधारणा आणि प्रशासकीय वर्गीकरण यांमुळे कुणबीशी संबंधित विविध प्रादेशिक आणि सामाजिक ओळखी आढळतात. ब्रिटिशकालीन जनगणना आणि ethnographic साहित्यामध्ये ''Kunbi'', ''Kanbi'', ''Maratha Kunbi'' तसेच इतर प्रादेशिक संज्ञांचा वापर आढळतो. या संज्ञांचे अर्थ आणि प्रशासकीय वर्गीकरण काळानुसार बदलत गेले असल्यामुळे वेगवेगळ्या जनगणनांतील आकडे थेट परस्पर तुलनीय मानताना सावधगिरी आवश्यक आहे.<ref name="Enthoven1922" /> कोकणातील कुणबी समाजाच्या इतिहासात शेतीला महत्त्वाचे स्थान राहिले असले तरी समुदायाची सामाजिक आणि आर्थिक भूमिका केवळ शेतीपुरती मर्यादित राहिलेली नाही. कोलाबा गॅझेटियरमध्ये महाड आणि माणगाव परिसरातील कुणबी कापणीचा हंगाम संपल्यानंतर मुंबई आणि इतर मजूर बाजारपेठांकडे हंगामी स्वरूपात जात असल्याची नोंद आहे. त्याच नोंदीमध्ये काही कुणबी सैन्य, पोलीस आणि इतर सरकारी सेवांमध्ये प्रवेश करून घरी राहिलेल्या कुटुंबीयांना पैसे पाठवत असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="Kolaba1883" /> पुढील काळात शिक्षण, सरकारी सेवा, व्यवसाय, उद्योग, सहकार आणि शहरी रोजगार यांमध्येही कोकणातील ग्रामीण समाजाचा सहभाग वाढला. या सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनाचा अभ्यास करताना कुणबी समाजाची स्वतंत्र आकडेवारी आणि संपूर्ण ग्रामीण किंवा जिल्हास्तरीय आकडेवारी यांमध्ये फरक ठेवणे आवश्यक आहे. कोकणातील ग्रामीण लोकसंख्येतील बदल आणि रोजगारासाठी होणारे स्थलांतर हे आधुनिक काळातील महत्त्वाचे सामाजिक-आर्थिक घटक आहेत. विशेषतः रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्गसारख्या जिल्ह्यांमध्ये शिक्षण आणि रोजगारासाठी मोठ्या शहरी केंद्रांकडे होणाऱ्या स्थलांतराचा ग्रामीण समाजावर परिणाम झाला आहे. Kunkeri गावावरील १९६१–१९८७–२०१७ या कालखंडाच्या तुलनात्मक अभ्यासात दीर्घकालीन स्थलांतर, शिक्षणासाठी स्थलांतर, रोजगारातील बदल आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील परिवर्तन यांचे दस्तऐवजीकरण करण्यात आले आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019">{{cite journal |last=Vartak |first=Kalyani |author2=Chinmay Tumbe |author3=Amita Bhide |title=Mass Migration from Rural India: A Restudy of Kunkeri Village in Konkan, Maharashtra, 1961–1987–2017 |journal=Journal of Interdisciplinary Economics |volume=31 |issue=1 |year=2019 |pages=42–62 }}</ref> आज कोकणातील कुणबींची स्वतंत्र आणि अधिकृत जिल्हानिहाय लोकसंख्या किंवा टक्केवारी उपलब्ध नाही. आधुनिक जनगणनेत सर्व जातींची स्वतंत्र आणि सातत्यपूर्ण जिल्हानिहाय लोकसंख्या प्रकाशित झालेली नसल्यामुळे उपलब्ध अनधिकृत अंदाजांना अधिकृत जनगणना आकडे म्हणून मांडता येत नाही. त्यामुळे ऐतिहासिक Censusमधील कुणबी किंवा Maratha-Kunbi वर्गीकरणाची संख्या आणि आजच्या कुणबी समाजाची लोकसंख्या यांची थेट तुलना करणे योग्य नाही. भारत सरकारने २०२७मध्ये जनगणना घेण्याचा निर्णय घेतला असून केंद्र सरकारने २०२५मध्ये या जनगणनेत जातीनिहाय माहिती संकलित करण्याचा निर्णय जाहीर केला आहे. त्यामुळे जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होऊन अधिकृत आकडे प्रसिद्ध झाल्यानंतर कुणबी आणि संबंधित सामाजिक वर्गांच्या लोकसंख्येबाबत अधिक व्यापक अधिकृत माहिती उपलब्ध होण्याची शक्यता आहे. मात्र सध्या २०२७ची जातीनिहाय लोकसंख्या उपलब्ध आहे असे मानता येत नाही.<ref>{{cite web |title=Lok Sabha Unstarred Question No. 258 |publisher=Ministry of Home Affairs, Government of India |date=2 December 2025 |url=https://www.mha.gov.in/MHA1/Par2017/pdfs/par2025-pdfs/LS02122025/258.pdf }}</ref> या लेखात कोकणातील कुणबी समाजाचा इतिहास, नाव आणि संज्ञांची पार्श्वभूमी, भौगोलिक वितरण, मध्ययुगीन आणि ब्रिटिशकालीन ग्रामीण समाज, रत्‍नागिरी, रायगड आणि उत्तर कोकणातील सामाजिक स्थिती, तिलोरी कुणबी, कुणबी बोली, सामाजिक रचना, शेती आणि अर्थव्यवस्था, स्थलांतर, मराठा-कुणबी संबंध, लोकसंख्याशास्त्रीय बदल, आधुनिक प्रशासकीय स्थिती आणि सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन यांचा उपलब्ध विश्वसनीय ऐतिहासिक, शासकीय आणि शैक्षणिक स्रोतांच्या आधारे आढावा घेतला आहे. == कुणबी आणि संज्ञा == ‘कुणबी’ ही संज्ञा पश्चिम भारतातील कृषक समुदायांच्या संदर्भात ऐतिहासिकदृष्ट्या वापरली गेली आहे. महाराष्ट्र आणि कोकणाच्या विविध भागांत या समुदायाशी संबंधित ''Kunbi'', ''Kanbi'', ''Kulambi'', ''Kulwādi'' तसेच काही प्रादेशिक संदर्भांत ''Tilori Kunbi'' यांसारख्या संज्ञा वेगवेगळ्या काळातील स्रोतांमध्ये आढळतात. या संज्ञांचा वापर सर्व प्रदेशांत आणि सर्व काळात समान अर्थाने झाला असे मानता येत नाही. वसाहतकालीन ethnographic साहित्य, जनगणना आणि प्रशासकीय नोंदींमध्ये सामाजिक समूहांचे वर्गीकरण प्रदेश आणि काळानुसार बदलत गेले.<ref name="Enthoven1922" /><ref name="RussellHiralal1916">{{cite book |last=Russell |first=R. V. |author2=Hiralal |title=The Tribes and Castes of the Central Provinces of India |volume=4 |publisher=Macmillan and Co., Limited |location=London |year=1916 }}</ref> === कुणबी आणि Kunbi === ‘कुणबी’ हे मराठी रूप असून इंग्रजीतील ''Kunbi'' हे त्याचे प्रचलित लिप्यंतरित रूप आहे. वसाहतकालीन ethnographic साहित्यामध्ये ''Kunbi'' हा शब्द महाराष्ट्र आणि पश्चिम भारतातील विविध कृषक समुदायांच्या संदर्भात वापरला गेला आहे. Enthoven यांच्या The Tribes and Castes of Bombay मध्ये ''Kunbi'' आणि ''Kanbi'' या संज्ञांचा कृषक समुदायांच्या संदर्भात विचार करण्यात आला आहे.<ref name="Enthoven1922" /> === Kanbi === ‘कानबी’ किंवा ''Kanbi'' ही संज्ञा विशेषतः गुजरातमधील कृषक समुदायांच्या संदर्भात आढळते. Enthoven यांच्या लेखनात ''Kanbi'' आणि ''Kunbi'' ही रूपे परस्पर संबंधित संज्ञा म्हणून चर्चिली आहेत. Russell आणि Hiralal यांनीही ''Kanbi'' हे गुजरातमधील, तर ''Kunbi'' हे दख्खनमधील प्रचलित रूप असल्याची नोंद केली आहे.<ref name="Enthoven1922" /><ref name="RussellHiralal1916"/> या नोंदींवरून ‘कानबी’ आणि ‘कुणबी’ ही नावे वेगवेगळ्या प्रदेशांत प्रचलित असलेली भाषिक रूपे असल्याचे दिसते; मात्र केवळ नावातील साम्याच्या आधारे या सर्व समुदायांची एकच ऐतिहासिक उत्पत्ती निश्चित करता येत नाही. === Kulambi आणि कुलंबी === ''Kulambi'' हे रूप जुन्या ethnographic साहित्यात कुणबीशी संबंधित प्रादेशिक रूप म्हणून आढळते. Russell आणि Hiralal यांनी बॉम्बे प्रदेशातील विविध प्रादेशिक रूपांचा उल्लेख करताना दख्खनमध्ये ''Kunbi'' किंवा ''Kulambi'', दक्षिण कोकणात ''Kulwādi'', गुजरातमध्ये ''Kanbi'' आणि बेळगाव परिसरात ''Kulbi'' अशी रूपे नोंदवली आहेत.<ref name="RussellHiralal1916"/> मात्र ‘कुलंबी’ हे ‘कुणबी’चेच मूळ रूप आहे किंवा दोन्ही शब्दांची निर्मिती एकाच ऐतिहासिक प्रक्रियेतून झाली आहे, असे निर्विवादपणे सिद्ध झालेले नाही. त्यामुळे ‘कुलंबी’ आणि ‘कुणबी’ यांचा संबंध मांडताना तो संभाव्य भाषिक संबंध किंवा ऐतिहासिक व्युत्पत्तीविषयक मत म्हणूनच मांडणे आवश्यक आहे. === Kulwadi / कुलवाडी === ‘कुलवाडी’ किंवा ''Kulwādi'' ही संज्ञा विशेषतः दक्षिण कोकणाशी संबंधित प्रादेशिक रूप म्हणून Russell आणि Hiralal यांच्या नोंदीत आढळते. त्याच नोंदीत ''Kunbi'', ''Kulambi'', ''Kulwādi'', ''Kanbi'' आणि ''Kulbi'' ही विविध प्रादेशिक रूपे नमूद केली आहेत.<ref name="RussellHiralal1916"/> कोकणातील सामाजिक इतिहासाच्या अभ्यासात ‘कुलवाडी’ ही संज्ञा स्थानिक संदर्भात स्वतंत्रपणे तपासणे आवश्यक आहे. ती प्रत्येक ठिकाणी आणि प्रत्येक काळात ‘कुणबी’ची तंतोतंत समानार्थी संज्ञा होती असे गृहीत धरता येत नाही. === Kutumbika / कुटुम्बिक === ‘कुटुम्बिक’ किंवा ''Kutumbika'' या प्राचीन संज्ञेचा ‘कुणबी’ या आधुनिक सामाजिक नावाशी संबंध जोडणारे मत जुन्या ethnographic साहित्यात आढळते. Russell आणि Hiralal यांनी बॉम्बे प्रदेशातील ''Kunbi'' आणि ''Kulambi'' या रूपांचा उल्लेख करताना संस्कृत अभिलेखांमध्ये ''Kutumbika'' हे रूप आढळते आणि त्याचा संबंध ''kutumba'' म्हणजे कुटुंब याच्याशी जोडला जातो, अशी व्युत्पत्तीविषयक मांडणी नोंदवली आहे. त्यांच्या नोंदीनुसार अकराव्या शतकातील एका वृत्तांतात ''Kutumbiks'' या संज्ञेचा ग्रामांतील कृषकांच्या संदर्भात उल्लेख करण्यात आला होता.<ref name="RussellHiralal1916"/> Russell आणि Hiralal यांनी ''Kutumbika''पासून कुणबी नावाची व्युत्पत्ती होऊ शकते, अशी मांडणी नोंदवली असली तरी त्यांनी इतर व्युत्पत्तीविषयक मतेही दिली आहेत. त्यामुळे ''Kutumbika'' → ''Kulambi'' → ''Kunbi'' हा क्रम निश्चित आणि निर्विवाद ऐतिहासिक व्युत्पत्ती म्हणून मांडता येत नाही.<ref name="RussellHiralal1916"/> ‘कुटुम्बिक’ आणि आधुनिक ‘कुणबी’ यांच्यातील संबंधाबाबत भाषिक आणि सामाजिक-ऐतिहासिक असे दोन स्वतंत्र प्रश्न विचारात घेणे आवश्यक आहे. भाषिकदृष्ट्या संभाव्य व्युत्पत्तीचे मत उपलब्ध आहे; मात्र प्राचीन ''Kutumbika'' आणि आधुनिक कुणबी हा एकच अखंड सामाजिक समुदाय असल्याचा निर्णायक पुरावा उपलब्ध आहे, असे मानता येत नाही. === Tilori / Tillori Kunbi === ‘तिलोरी कुणबी’ किंवा ''Tilori Kunbi'' ही संज्ञा रत्‍नागिरी जिल्ह्याशी संबंधित ऐतिहासिक प्रशासकीय नोंदींमध्ये विशेषत्वाने आढळते. २३ एप्रिल १९४२ च्या तत्कालीन बॉम्बे सरकारच्या ठरावात ''Kunbi (except Tilori Kunbi in Ratnagiri district)'' असा उल्लेख करण्यात आला होता, तर ''Kunbi Tilori in Ratnagiri district'' ही स्वतंत्र नोंद इतर मागास समुदायांच्या यादीत करण्यात आली होती. मुंबई उच्च न्यायालयाने २००२ च्या Dattatraya s/o Ramrao Thorat v. State of Maharashtra या निर्णयात १९४२ च्या ठरावासह १९५०, १९५६ आणि १९६१ च्या संबंधित शासन ठरावांमध्ये ही प्रशासकीय स्थिती कायम राहिल्याची नोंद केली आहे. १३ ऑक्टोबर १९६७ च्या महाराष्ट्र शासनाच्या ठरावात ''Kunbi caste'' ही स्वतंत्र इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत अनुक्रमांक ८३वर समाविष्ट करण्यात आल्याचेही न्यायालयाने नमूद केले आहे.<ref name="DattatrayaThorat2002">{{cite web |title=Dattatraya S/o Ramrao Thorat v. The State of Maharashtra & Ors. |publisher=Bombay High Court |date=24 April 2002 |url=https://indiankanoon.org/doc/726744/ }}</ref> तिलोरी कुणबीशी संबंधित भाषिक अभ्यासही करण्यात आला आहे. A. M. Ghatge यांनी Kunbi of Mahad या ग्रंथात महाड परिसरातील कुणबी बोलीचे भाषिक वर्णन केले आहे. हा ग्रंथ A Survey of Marathi Dialects या मालिकेतील Series III म्हणून १९६६मध्ये Bombay State Board for Literature and Cultureने प्रकाशित केला होता.<ref name="Ghatge1966">{{cite book |last=Ghatge |first=A. M. |title=Kunbi of Mahad |series=A Survey of Marathi Dialects |volume=3 |publisher=Bombay State Board for Literature and Culture |location=Bombay |year=1966 }}</ref> ‘तिलोरी कुणबी’, ‘तिल्लोरी कुणबी’ आणि इतर संबंधित संज्ञांचा वापर करताना ऐतिहासिक सामाजिक ओळख, भाषिक रूप आणि आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरण यांमध्ये फरक करणे आवश्यक आहे. आधुनिक शासनाच्या वर्गीकरणात वापरली जाणारी संज्ञा आणि जुन्या ethnographic किंवा Census स्रोतांतील संज्ञा एकाच अर्थाने वापरल्या गेल्या आहेत असे गृहीत धरता येत नाही. === Maratha-Kunbi आणि Kunbi-Maratha === ‘Maratha-Kunbi’ आणि ‘Kunbi-Maratha’ या संज्ञांचा वापर विविध ऐतिहासिक आणि प्रशासकीय संदर्भांत आढळतो. ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये Maratha आणि Kunbi या वर्गीकरणांमधील सीमा नेहमी स्पष्ट राहिल्या नाहीत. १९११ च्या बॉम्बे जनगणनेत ''Kunbi Maratha'' हा गट ''Kunbi''च्या वर्गात स्वतंत्रपणे दाखविण्यात आला होता. १९५१ च्या बॉम्बे जनगणना-आधारित अधिकृत अहवालात १९०१मध्ये ''Mahratha Kunbis'' यांची गणना ''Mahrathas''मध्ये, तर १९११मध्ये त्यांची गणना ''Kunbis''मध्ये करण्यात आल्याचे स्पष्टपणे नमूद केले आहे.<ref name="Census1911Bombay">{{cite book |last=Mead |first=P. J. |author2=G. Laird MacGregor |title=Census of India, 1911: Bombay |volume=7 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1912 |chapter=Part I: Report }}</ref><ref name="EstimatedPopulationCastesBombay">{{cite web |title=Estimated Population by Castes, Bombay |publisher=Census of India |url=https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/30207/download/33388/21097_1951_EST.pdf }}</ref> या वर्गीकरणातील बदलामुळे वेगवेगळ्या जनगणनांतील Maratha आणि Kunbi यांच्या लोकसंख्येची थेट तुलना करताना त्या-त्या जनगणनेतील वर्गीकरणपद्धती लक्षात घेणे आवश्यक ठरते. १९२१ च्या बॉम्बे जनगणना अहवालातही Maratha म्हणून नोंदविल्या जाणाऱ्या व्यक्तींच्या संख्येची तुलना Kunbiशी करताना अशीच अडचण असल्याचे नमूद करण्यात आले होते.<ref name="Census1921Bombay">{{cite book |title=Census of India, 1921: Bombay |volume=9 |publisher=Times Press |location=Bombay |year=1922 |chapter=Part I: Report }}</ref> १९३१ च्या बॉम्बे जनगणना अहवालाने Maratha आणि Kunbi या संज्ञांच्या वापराबाबत स्पष्ट वर्गीकरणीय अडचण नोंदवली होती. अहवालानुसार त्या जनगणनेतील Maratha लोकसंख्येतील वाढीचा एक भाग Kunbi म्हणून नोंदवल्या जाणाऱ्या लोकसंख्येतील घटेशी संबंधित असू शकतो. अहवालात ''Maratha'' आणि ''Kunbi'' या संज्ञांच्या वापराबाबत असलेल्या गोंधळामुळे या बाबतीत समाधानकारक सांख्यिक तुलना करण्यासाठी संज्ञांची अधिक स्पष्ट व्याख्या आवश्यक असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="Census1931Bombay">{{cite book |title=Census of India, 1931: Bombay Presidency |volume=8 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1933 |chapter=Part I: Report }}</ref> १९३१ च्या जनगणनेतील या वर्गीकरणीय समस्येवरून Maratha आणि Kunbi या सामाजिक संज्ञांचा वापर सर्व प्रदेशांत एकसारखा होता असे दिसत नाही. त्यामुळे या जनगणना नोंदींच्या आधारे ‘Maratha हीच Kunbi जात आहे’ किंवा ‘Kunbi हीच Maratha जात आहे’ असा सार्वत्रिक ऐतिहासिक निष्कर्ष काढता येत नाही. उपलब्ध Census नोंदी मात्र या दोन संज्ञांमध्ये काही प्रदेशांत सामाजिक आणि प्रशासकीय सीमारेषा बदलत्या स्वरूपाच्या होत्या, हे दर्शवतात.<ref name="EstimatedPopulationCastesBombay" /><ref name="Census1931Bombay" /> === संज्ञा, सामाजिक ओळख आणि प्रशासकीय वर्गीकरण === कुणबीशी संबंधित संज्ञांचा इतिहास पाहताना भाषिक रूप, सामाजिक ओळख आणि सरकारी वर्गीकरण या वेगवेगळ्या बाबी स्वतंत्रपणे पाहणे आवश्यक आहे. एखाद्या काळात एखाद्या समूहासाठी वापरलेले नाव पुढील काळात त्याच अर्थाने वापरले गेले असे आवश्यक नाही. ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्येही जातीय वर्गीकरणातील बदलांमुळे लोकसंख्येच्या आकडेवारीत फरक पडल्याचे अधिकृत Census साहित्यामध्ये नोंदविले आहे.<ref name="EstimatedPopulationCastesBombay"/> आधुनिक महाराष्ट्राच्या प्रशासकीय वर्गीकरणात ‘Kunbi’ ही नोंद इतर मागासवर्गीयांच्या यादीतील अनुक्रमांक ८३वर आहे. महाराष्ट्र शासनाच्या १३ मे २०२५ च्या अद्ययावत संकलित यादीत या नोंदीखाली ''Lewa Kunbi'', ''Lewa Patil'', ''Lewa Patidar'', ''Maratha Kunbi'', ''Kunbi Maratha'', ''Tilori Kunbi'', ''Tillori Kunbi'' आणि ''Ti. Kunbi'' या संज्ञांचा समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="MaharashtraOBCList2025">{{cite web |title=महाराष्ट्र राज्याची विमुक्त जाती, भटक्या जमाती, इतर मागासवर्ग व विशेष मागासवर्गाची इंग्रजी भाषांतरित यादी |publisher=इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग, महाराष्ट्र शासन |date=13 May 2025 |url=https://gr.maharashtra.gov.in/Site/Upload/Government%20Resolutions/Marathi/20250513170904091534.pdf }}</ref> ही यादी प्रशासकीय आणि आरक्षणाच्या संदर्भातील वर्गीकरण आहे. तिच्यातील उपसंज्ञा आणि ऐतिहासिक Census किंवा ethnographic साहित्यामध्ये वापरलेल्या सामाजिक संज्ञा यांना परस्परांचे थेट समानार्थी मानता येत नाही. महाराष्ट्र शासनाच्या २०२५ च्या परिपत्रकातही सदर यादी ही संकलित स्वरूपाची असून संबंधित जात किंवा जमातीचा समावेश ज्या शासन निर्णय किंवा आदेशाद्वारे करण्यात आला आहे, ते मूळ शासन निर्णय किंवा आदेश ग्राह्य धरावेत, असे स्पष्ट केले आहे.<ref name="MaharashtraOBCList2025" /> === व्युत्पत्तीबाबत निष्कर्ष === ‘कुणबी’ या शब्दाची व्युत्पत्ती निश्चितपणे एका स्रोताने किंवा एका सिद्धांताने स्पष्ट झालेली नाही. ''Kunbi'', ''Kanbi'', ''Kulambi'' आणि ''Kulwādi'' ही विविध प्रादेशिक रूपे जुन्या ethnographic साहित्यात नोंदविण्यात आली आहेत. त्याच साहित्यात ''Kutumbika'' या प्राचीन संज्ञेशी ‘कुणबी’चा संबंध जोडणारे व्युत्पत्तीविषयक मतही आढळते.<ref name="RussellHiralal1916"/> मात्र ''Kutumbika'' ही प्राचीन संज्ञा आणि आधुनिक ‘कुणबी’ हा सामाजिक समुदाय यांच्यात थेट, अखंड आणि निर्विवाद वंशसंबंध सिद्ध झालेला आहे, असे उपलब्ध पुराव्यांवरून म्हणता येत नाही. त्यामुळे ‘कुटुम्बिक → कुलंबी → कुणबी’ ही मांडणी या लेखात '''संभाव्य व्युत्पत्तीविषयक मत''' म्हणूनच नमूद करणे उचित आहे; '''सिद्ध ऐतिहासिक वंशावळ''' म्हणून नव्हे.<ref name="RussellHiralal1916"/> == प्राचीन आणि पूर्व-मध्ययुगीन कोकणातील कृषक समाज == कोकणातील कुणबी समाजाचा इतिहास समजून घेण्यासाठी त्यापूर्वीच्या कोकणातील मानवी वस्ती, उपजीविका, कृषी, पशुपालन, ग्रामजीवन आणि प्रारंभिक ग्रामीण अर्थव्यवस्थेची पार्श्वभूमी लक्षात घेणे आवश्यक आहे. मात्र प्रागैतिहासिक किंवा प्राचीन काळातील कृषक समुदायांना आधुनिक अर्थाने ‘कुणबी’ म्हणून ओळखणे इतिहासदृष्ट्या योग्य ठरत नाही. आधुनिक ‘कुणबी’ ही सामाजिक ओळख नंतरच्या ऐतिहासिक प्रक्रियांमध्ये विकसित झालेली आहे. त्यामुळे या विभागात प्राचीन कृषक संस्कृती आणि आधुनिक कुणबी समाज यांच्यात थेट वंशपरंपरेचा दावा केला जात नाही. === कोकणातील प्राचीन मानवी वस्ती === कोकणात प्रागैतिहासिक मानवी उपस्थितीचे पुरावे विविध स्वरूपात आढळतात. विशेषतः महाराष्ट्राच्या पश्चिम किनारपट्टीवरील लेटराइट पठारांवर आढळणाऱ्या भूरूपचित्रांचा (geoglyphs) अभ्यास कोकणातील प्रागैतिहासिक मानवी क्रियाशीलतेच्या अभ्यासासाठी महत्त्वाचा ठरला आहे. युनेस्कोच्या तात्पुरत्या जागतिक वारसा यादीतील नोंदीनुसार कोकणातील भूरूपचित्रांचा कालपट मेसोलिथिक काळापासून आरंभीच्या ऐतिहासिक काळापर्यंत पसरलेला आहे. या भूरूपचित्रांमध्ये प्राणी, मानवी आकृती आणि भूमितीय चिन्हांसह विविध प्रकारच्या आकृत्या आढळतात.<ref name="UNESCOGeoglyphsKonkan">{{cite web |title=Geoglyphs of Konkan Region of India |publisher=UNESCO World Heritage Centre |url=https://whc.unesco.org/en/tentativelists/6605/ }}</ref> कोकणातील भूरूपचित्रांच्या समूहामुळे या प्रदेशात दीर्घकालीन मानवी व सांस्कृतिक क्रियाशीलतेचे पुरावे उपलब्ध झाले आहेत. तथापि या पुराव्यांच्या आधारे त्या काळातील लोकसंख्येला आधुनिक काळातील कोणत्याही विशिष्ट जातीय किंवा सामाजिक समुदायाशी जोडता येत नाही. UNESCOच्या नोंदीनुसार या भूरूपचित्रांचा संबंध मेसोलिथिक ते आरंभीच्या ऐतिहासिक काळातील मानवी सांस्कृतिक प्रक्रियांशी जोडला जातो; त्यामुळे त्यांचा उपयोग प्राचीन कोकणातील मानवी उपस्थितीच्या पुराव्यांपुरताच करणे अधिक योग्य ठरते.<ref name="UNESCOGeoglyphsKonkan" /> कोकणाची भौगोलिक रचना सह्याद्रीच्या पश्चिम उतारांपासून अरबी समुद्रापर्यंत पसरलेल्या अरुंद किनारी प्रदेशाची आहे. नद्या, खाड्या, डोंगर, पठारे आणि समुद्रकिनारा यांमुळे येथील मानवी वस्ती आणि उपजीविकेचे स्वरूप प्रदेशानुसार बदलत गेले. त्यामुळे कोकणातील प्रागैतिहासिक समाजाचा अभ्यास करताना दख्खनच्या पठारी प्रदेशातील पुरातत्त्वीय संस्कृतींचे पुरावे थेट कोकणाला लागू न करता कोकणातील स्वतंत्र पुरातत्त्वीय साक्ष विचारात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="UNESCOGeoglyphsKonkan" /> === महाराष्ट्रातील प्रारंभिक कृषी संस्कृती === महाराष्ट्रातील कृषी आणि स्थिर वस्तीच्या विकासाचा पुरातत्त्वीय इतिहास ताम्रपाषाणकालीन संस्कृतींच्या अभ्यासातून स्पष्ट होतो. दख्खनमधील ताम्रपाषाण संस्कृतीच्या विविध टप्प्यांमध्ये सावळदा, मालवा आणि जोर्वे संस्कृतींचा समावेश होतो. या काळातील वसाहती नदीकाठच्या उंच भागांवर वसवल्या जात असत; त्यामुळे पूर टाळण्याबरोबरच जवळच्या पूरमैदानांचा शेतीसाठी, कुरणांचा पशुपालनासाठी आणि वनक्षेत्रांचा शिकार व संकलनासाठी उपयोग करता येत असे. या समाजाची उपजीविका शेती, पशुपालन, शिकार, मासेमारी आणि वन्य संसाधनांच्या वापरावर आधारित मिश्र स्वरूपाची होती. पुढील काळात मालवा आणि आरंभीच्या जोर्वे टप्प्यात शेतीची तीव्रता वाढली आणि काही ठिकाणी दुबार पीकपद्धतीचा अवलंब झाल्याचे पुरावे मिळतात. ताम्रपाषाणकालीन लोकांनी जव, गहू, तांदूळ तसेच नाचणी, ज्वारी आणि कोदो यांसारख्या पिकांची लागवड केली होती. मातीची भांडी, दगडी व तांब्याची साधने आणि स्थिर वस्तींचे अवशेष या काळातील भौतिक संस्कृतीची वैशिष्ट्ये दर्शवतात.<ref name="RobbinsSchug">{{cite web |last=Robbins Schug |first=Gwen |title=Chalcolithic Cultures of Western India |work=Pre and protohistoric cultures of India |publisher=INFLIBNET Centre |url=https://ebooks.inflibnet.ac.in/icp02/chapter/159/ }}</ref><ref name="KorisettarArchaeobotany">{{cite web |last=Korisettar |first=Ravi |title=Archaeobotany: Its relevance in reconstruction of agricultural history |work=Pre and protohistoric cultures of India |publisher=INFLIBNET Centre |url=https://ebooks.inflibnet.ac.in/icp02/chapter/archaeobotany-its-relevance-in-reconstruction-of-agricultural-history/ }}</ref> या काळातील समाजांची अर्थव्यवस्था केवळ शेतीवर आधारित नव्हती. उपलब्ध पुरातत्त्वीय पुराव्यांमध्ये पशुपालन, शिकार, मासेमारी आणि वनस्पतीजन्य अन्नस्रोतांचा वापर यांचाही समावेश आढळतो. त्यामुळे महाराष्ट्रातील प्रारंभिक कृषक अर्थव्यवस्थेचे स्वरूप मिश्र उपजीविकेचे होते.<ref name="KorisettarArchaeobotany" /> === इनामगाव आणि ताम्रपाषाणकालीन कृषी जीवन === इनामगाव हे महाराष्ट्रातील ताम्रपाषाणकालीन कृषक वस्तीच्या अभ्यासासाठी महत्त्वाचे पुरातत्त्वीय स्थळ आहे. हे स्थळ पुणे जिल्ह्यातील घोड नदीच्या परिसरात आहे. उत्खननातून मालवा, आरंभीचा जोर्वे आणि उत्तर जोर्वे या सांस्कृतिक टप्प्यांतील वस्तीचे पुरावे मिळाले आहेत.<ref name="RobbinsSchug" /><ref name="DhavalikarInamgaon">{{cite web |last=Dhavalikar |first=M. K. |title=Settlement Archaeology of Inamgaon |publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts |url=https://ignca.gov.in/Asi_data/63860.pdf }}</ref> इनामगावातील पुराव्यांमधून बार्ली, गहू, तांदूळ, नाचणी, ज्वारी, कुळीथ, वाटाणा, मसूर, मूग, उडीद आणि इतर कडधान्यांच्या लागवडीचे पुरावे मिळाले आहेत. पशुपालन आणि शिकार यांचाही अर्थव्यवस्थेत सहभाग होता. या पुराव्यांवरून ताम्रपाषाणकालीन महाराष्ट्रातील कृषी अर्थव्यवस्था विविध पिके, पशुपालन आणि इतर उपजीविकांच्या मिश्र स्वरूपाची होती असे दिसते.<ref name="RobbinsSchug" /> इनामगावच्या अभ्यासात कृषी व्यवस्थेशी संबंधित पाण्याच्या वापराचे आणि सिंचनाचे पुरावेही नोंदविले गेले आहेत. या पुराव्यांमुळे महाराष्ट्रातील काही ताम्रपाषाणकालीन कृषक समुदायांना पाणी, जमीन आणि पिकांच्या नियोजनाचा अनुभव असल्याचे दिसून येते.<ref name="RobbinsSchug" /> === कोकण आणि जोर्वे संस्कृती === जोर्वे ही महाराष्ट्रातील ताम्रपाषाणकालीन पुरातत्त्वीय संस्कृती असून तिचे प्रमुख केंद्र दख्खनमधील नदीखोऱ्यांत होते. आधुनिक महाराष्ट्राच्या पश्चिम किनाऱ्याचा, विशेषतः कोकणाचा, जोर्वे संस्कृतीच्या मुख्य विस्तारात समावेश नसल्याचे पुरातत्त्वीय अभ्यासांमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="Shinde1991">{{cite journal |last=Shinde |first=Vasant |title=Craft specialization and social organization in the Chalcolithic Deccan, India |journal=Antiquity |volume=65 |issue=249 |year=1991 |pages=796–807 }}</ref> म्हणून महाराष्ट्रातील जोर्वे संस्कृतीचा इतिहास आणि कोकणातील प्राचीन मानवी वस्ती यांचा अभ्यास स्वतंत्र पुरातत्त्वीय संदर्भांत करणे आवश्यक आहे. जोर्वे संस्कृतीचे कृषक जीवन महाराष्ट्रातील प्राचीन कृषी अर्थव्यवस्थेचे महत्त्वाचे उदाहरण आहे; मात्र ‘जोर्वे संस्कृती म्हणजे कोकणातील कुणबींची पूर्वज संस्कृती’ असा निष्कर्ष उपलब्ध पुराव्यांवरून काढता येत नाही.<ref name="Shinde1991" /> === प्रारंभिक ग्रामजीवन आणि कृषी अर्थव्यवस्था === ताम्रपाषाणकालीन महाराष्ट्रातील पुरातत्त्वीय स्थळांवरून स्थिर किंवा अर्ध-स्थिर वस्ती, घरांची रचना, धान्यसाठवण, शेतीची साधने, पशुपालन आणि विविध प्रकारच्या हस्तकौशल्यांचे पुरावे मिळतात. या पुराव्यांमधून ग्रामीण अर्थव्यवस्थेची प्राथमिक रूपे आणि कृषी उत्पादनाशी संबंधित सामाजिक संघटनांचा विकास झाल्याचे दिसते.<ref name="RobbinsSchug"/> मात्र अशा प्राचीन वस्तींच्या सामाजिक संरचनेला आधुनिक जातव्यवस्थेतील ‘कुणबी’ या विशिष्ट जातनावाशी थेट जोडण्यासाठी आवश्यक असलेला सलग पुरातत्त्वीय, अभिलेखीय आणि सामाजिक पुरावा उपलब्ध नाही. त्यामुळे प्राचीन कृषक समाज हा आधुनिक कुणबी समाजाचा थेट पूर्वज होता, असा निष्कर्ष या लेखात मांडलेला नाही. === प्राचीन कृषक समाजापासून ऐतिहासिक ग्रामीण समाजाकडे === कोकणातील प्रागैतिहासिक आणि आरंभीच्या ऐतिहासिक मानवी वस्तीचा पुरावा हा आधुनिक कुणबी समाजाच्या इतिहासाचा थेट पुरावा नसला, तरी तो पुढील ग्रामीण आणि कृषी समाजाच्या ऐतिहासिक पार्श्वभूमीचा महत्त्वाचा भाग आहे. कोकणाचा प्राचीन इतिहास हा किनारी वसाहती, नदीखोरे, बंदरे, व्यापारमार्ग आणि सह्याद्रीमार्गे दख्खनशी असलेल्या संपर्काशी संबंधित होता. महाराष्ट्राच्या इतिहासाच्या अधिकृत गॅझेटियरमध्ये कोकणातील प्राचीन वस्ती, व्यापारी केंद्रे आणि विविध राजकीय सत्तांच्या प्रभावाचा मागोवा आढळतो.<ref>{{cite web |title=History of Maharashtra — Chapter I |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/History%20Part/chapter_1.pdf }}</ref><ref name="UNESCOGeoglyphsKonkan" /> कालांतराने जमीन, शेती, ग्रामसंस्था, उत्पादन, व्यापार, महसूल आणि सामाजिक संबंध यांचे स्वरूप बदलत गेले. पश्चिम दख्खनातील मध्ययुगीन ग्रामसमाजाच्या अभ्यासातून कृषी जमीन, ग्रामस्थळ, सामाईक चराऊ जमीन आणि स्थानिक ग्रामसंस्थांची रचना यांविषयी माहिती मिळते. या ग्रामीण संस्थांचा विकास प्रदेशानुसार वेगवेगळ्या स्वरूपात झाला असून कोकणातील भौगोलिक परिस्थितीमुळे तेथील ग्रामजीवन पश्चिम दख्खनच्या अंतर्गत प्रदेशापेक्षा काही बाबतींत वेगळे होते.<ref name="Fukazawa1982">{{cite book |last=Fukazawa |first=H. |chapter=The Medieval Deccan and Maharashtra |title=The Cambridge Economic History of India |editor1-last=Raychaudhuri |editor1-first=Tapan |editor2-last=Habib |editor2-first=Irfan |publisher=Cambridge University Press |year=1982 |pages=249–260 }}</ref> मध्ययुगीन काळात कोकणातील कृषी उत्पादनाबरोबरच किनारी व्यापार आणि बंदरांशी संबंधित आर्थिक व्यवहारांनाही महत्त्व होते. महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरनुसार प्राचीन आणि मध्ययुगीन काळात कोकणातील चौल, कल्याण, सोपारा आणि राजापुरी यांसारख्या बंदरांनी व्यापार आणि बाह्य संपर्कात भूमिका बजावली. कोकणातील भौगोलिक स्थानामुळे सह्याद्रीतील घाटमार्ग आणि समुद्री मार्ग यांच्या माध्यमातून अंतर्गत दख्खन आणि किनारी प्रदेश यांच्यात संपर्क निर्माण झाला.<ref>{{cite web |title=History of Maharashtra — Chapter I |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/History%20Part/chapter_1.pdf }}</ref> या दीर्घकालीन प्रक्रियांमधून कोकणातील ग्रामीण समाजरचना विकसित होत गेली. तथापि या प्रक्रियेतील प्रत्येक प्राचीन किंवा मध्ययुगीन कृषक समूहाला आधुनिक ‘कुणबी’ या सामाजिक नावाने संबोधता येत नाही. आधुनिक कुणबी ओळख कधी आणि कोणत्या सामाजिक प्रक्रियांमधून अधिक स्पष्ट झाली, याचा अभ्यास करण्यासाठी पुढील मध्ययुगीन, प्रारंभिक आधुनिक आणि विशेषतः वसाहतकालीन प्रशासकीय, जनगणना आणि ethnographic स्रोत स्वतंत्रपणे तपासणे आवश्यक आहे.<ref name="Enthoven1922" /> त्यामुळे आधुनिक कुणबी समाजाचा इतिहास शोधताना प्रागैतिहासिक कृषक संस्कृती, प्राचीन वस्ती, मध्ययुगीन ग्रामीण समाज आणि वसाहतकालीन प्रशासकीय नोंदी यांना एकाच अखंड जातीय वंशावळीत जोडण्याऐवजी स्वतंत्र ऐतिहासिक टप्पे म्हणून तपासणे अधिक योग्य ठरते. उपलब्ध पुरावे प्राचीन कोकणातील मानवी व कृषी जीवनाची ऐतिहासिक पार्श्वभूमी स्पष्ट करतात; मात्र त्या आधारे आधुनिक कुणबी समाजाची थेट आणि अखंड वंशपरंपरा सिद्ध होत नाही.<ref name="UNESCOGeoglyphsKonkan" /><ref name="Fukazawa1982" /> === प्रारंभिक ऐतिहासिक काळातील कोकण === इ.स.पूर्व शेवटच्या शतकांपासून इ.स.च्या आरंभीच्या शतकांपर्यंत पश्चिम दख्खन आणि कोकण यांच्यात व्यापारी, राजकीय आणि सांस्कृतिक संपर्क वाढला. या काळात पश्चिम दख्खनातील व्यापारी मार्ग, अंतर्गत बाजारपेठा आणि समुद्रकिनारी बंदरे यांचा विकास झाला. नाशिक, कार्ले आणि कान्हेरी यांसारख्या ठिकाणच्या शिलालेखांमधून त्या काळातील राजकीय सत्ताकेंद्रे, व्यापारी समुदाय, धार्मिक संस्था, दाते आणि विविध सामाजिक-आर्थिक समूहांविषयी माहिती मिळते.<ref>{{cite web |title=Social and Religious Conditions: The Deccan under the Sātavāhanas |publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts |url=https://ignca.gov.in/Asi_data/17904.pdf }}</ref> सातवाहनकालीन पश्चिम दख्खनाच्या इतिहासाच्या अभ्यासासाठी नाशिक, कार्ले आणि इतर शिलालेख महत्त्वाचे आहेत. या शिलालेखांमधून कृषक, व्यापारी, कारागीर, धार्मिक दाते आणि प्रशासकीय घटक यांचा उल्लेख आढळतो. त्यामुळे प्रारंभिक ऐतिहासिक काळातील पश्चिम दख्खनातील समाज हा केवळ राजसत्ता आणि धार्मिक संस्थांपुरता मर्यादित नसून विविध आर्थिक आणि सामाजिक समूहांनी बनलेला होता.<ref name="Mirashi1981">{{cite book |last=Mirashi |first=Vasudev Vishnu |title=The History and Inscriptions of the Sātavāhanas and the Western Kshatrapas |publisher=Maharashtra State Board for Literature and Culture |location=Bombay |year=1981 }}</ref> === कुटुम्बिक, कुटुम्बिन् आणि कृषक समाज === सातवाहनकालीन आणि आरंभीच्या ऐतिहासिक शिलालेखांच्या अभ्यासात ''kuṭumbika'', ''kuṭumbin'', ''gṛhapati'' आणि कृषीशी संबंधित ''halāyudha'' किंवा ''hālakiya'' यांसारख्या संज्ञांचा उल्लेख आढळतो. या संज्ञांचा अर्थ आणि सामाजिक संदर्भ प्रत्येक शिलालेखाच्या संदर्भानुसार तपासणे आवश्यक आहे. उपलब्ध अभ्यासांमध्ये ''kuṭumbin'' किंवा ''gṛhapati'' यांचा संबंध गृहस्थ किंवा कुटुंबप्रमुखाशी, तर ''halāyudha''चा संबंध कृषक व्यवसायाशी जोडला आहे.<ref name="SatavahanaSocialReligious">{{cite web |title=Social and Religious Conditions: The Deccan under the Sātavāhanas |publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts |url=https://ignca.gov.in/Asi_data/17904.pdf }}</ref> पश्चिम दख्खनातील नाशिक परिसराशी संबंधित शिलालेखीय पुराव्यांमध्ये ''kuṭumbika'' या संज्ञेचा वापर आढळतो. एका नोंदीत ''kuṭumbika''चा उल्लेख कृषक किंवा नांगरणी करणाऱ्या व्यक्तीच्या संदर्भात करण्यात आला आहे. या प्रकारच्या पुराव्यांवरून प्रारंभिक ऐतिहासिक काळात कुटुंब, कृषी उत्पादन, संपत्ती आणि धार्मिक दान यांच्यात परस्परसंबंध असलेले ग्रामीण गृहस्थ अस्तित्वात होते असे दिसते.<ref>{{cite web |title=Social and Economic Conditions under the Sātavāhanas |publisher=Indira Gandhi National Centre for the Arts |url=https://ignca.gov.in/Asi_data/17073.pdf }}</ref> सातवाहनकालीन सामाजिक आणि आर्थिक इतिहासाच्या अभ्यासात ''kuṭumbin'' ही संज्ञा आधुनिक ‘कुणबी’ किंवा शेतकरी या शब्दांशी तुलना करण्यासाठी काही वेळा वापरली जाते. मात्र ही तुलना मुख्यतः सामाजिक-आर्थिक भूमिकेच्या संदर्भात आहे. ''kuṭumbin'' आणि आधुनिक ‘कुणबी’ हे एकच सामाजिक समुदाय होते, असा निष्कर्ष या तुलनेतून काढता येत नाही.<ref name="Mirashi1981"/> === प्रारंभिक कृषी व ग्रामजीवनाची पार्श्वभूमी === प्रारंभिक ऐतिहासिक काळातील कृषी अर्थव्यवस्था समजून घेण्यासाठी त्यापूर्वीच्या महाराष्ट्रातील ताम्रपाषाणकालीन वस्तींचे पुरावेही महत्त्वाचे आहेत. इनामगावसारख्या स्थळांवर घरांची रचना, धान्यसाठवण, कृषी उत्पादन, पशुपालन आणि कारागिरी यांचे पुरावे मिळाले आहेत. M. K. Dhavalikar यांच्या इनामगाववरील अभ्यासात या स्थळावरील वस्तीच्या आराखड्याच्या आधारे महाराष्ट्रातील प्रारंभिक कृषकांच्या वस्तीपद्धतीचा अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="Dhavalikar1977">{{cite journal |last=Dhavalikar |first=M. K. |title=Inamgaon: The Pattern of Settlement |journal=Man and Environment |volume=1 |year=1977 |pages=46–51 }}</ref> इनामगावचा कालखंड सातवाहनकालापूर्वीचा असल्यामुळे तेथील पुरावे आणि सातवाहनकालीन शिलालेख एकाच ऐतिहासिक टप्प्याचे प्रतिनिधित्व करीत नाहीत. तथापि दोन्ही प्रकारचे पुरावे महाराष्ट्रातील दीर्घकालीन कृषी, वस्ती आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेच्या विकासाचा स्वतंत्र पुरातत्त्वीय आणि अभिलेखीय संदर्भ उपलब्ध करून देतात.<ref name="Dhavalikar1977"/><ref name="SatavahanaSocialReligious"/> सातवाहनकालीन शिलालेखांमध्ये कृषक, व्यापारी, कारागीर आणि धार्मिक दाते यांचे उल्लेख आढळतात. काही व्यक्तींनी बौद्ध धार्मिक संस्थांना गुहा, निधी किंवा इतर स्वरूपात दाने दिल्याचेही नोंदविले आहे. यावरून कृषी आणि इतर आर्थिक उपक्रमांमधून निर्माण होणाऱ्या संपत्तीचा काही भाग धार्मिक संस्थांच्या आश्रयासाठी वापरला जात असल्याचे दिसते.<ref name="SatavahanaSocialReligious"/> === प्राचीन कृषक समाज आणि आधुनिक कुणबी यांच्यातील संबंध === प्राचीन महाराष्ट्रातील कृषक संस्कृती, सातवाहनकालीन ''kuṭumbika'' किंवा ''kuṭumbin'' यांसारख्या संज्ञा आणि आधुनिक ‘कुणबी’ या सामाजिक नावामध्ये भाषिक किंवा सामाजिक साम्य असल्याचे काही जुन्या आणि आधुनिक अभ्यासांमध्ये सूचित केले गेले आहे. मात्र या साम्यांवरून प्रागैतिहासिक किंवा सातवाहनकालीन कृषक समाज हा आधुनिक कुणबी समाजाचा थेट पूर्वज होता, असा निष्कर्ष काढता येत नाही.<ref name="RussellHiralal1916"/> विशेषतः इ.स.पूर्व दुसऱ्या सहस्रकातील मालवा किंवा जोर्वे संस्कृतीतील कृषकांना ‘कुणबी’ म्हणणे अनैतिहासिक ठरेल. त्याचप्रमाणे सातवाहनकालीन ''kuṭumbika'' किंवा ''kuṭumbin'' या संज्ञा आधुनिक जातीय अर्थाने ‘कुणबी’चे समानार्थी नाव होत्या, असे निश्चितपणे म्हणता येत नाही. ‘कुणबी’ ही सामाजिक ओळख पुढील ऐतिहासिक काळातील सामाजिक संघटन, प्रादेशिक ओळखी, कृषी संबंध, जमीनव्यवस्था आणि नंतरच्या प्रशासकीय व जनगणना प्रक्रियांमध्ये अधिक स्पष्टपणे दस्तऐवजीकृत होत गेली. त्यामुळे आधुनिक कुणबी समाजाचा इतिहास समजून घेण्यासाठी प्राचीन कृषक समाजानंतरच्या मध्ययुगीन, पूर्व-आधुनिक आणि वसाहतकालीन प्रक्रियांचा स्वतंत्र अभ्यास आवश्यक आहे.<ref name="Enthoven1922" /> या अर्थाने प्राचीन कृषक संस्कृतींचा इतिहास हा कोकणातील कुणबींच्या थेट जातीय उत्पत्तीचा पुरावा नसून महाराष्ट्र आणि पश्चिम दख्खनमध्ये कृषी, स्थिर वस्ती, कुटुंब, उत्पादन आणि ग्रामीण जीवन यांची विकसित झालेली दीर्घ ऐतिहासिक पार्श्वभूमी म्हणून पाहणे अधिक योग्य ठरते. === ऐतिहासिक आणि आधुनिक वर्गीकरणातील फरक === कुणबी समाजाशी संबंधित संज्ञांचे प्रशासकीय आणि जनगणनात्मक वर्गीकरण काळानुसार बदलत गेले. ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये जात, उपजात, जमात किंवा सामाजिक समूहांची नोंद करताना तत्कालीन प्रशासकीय वर्गीकरण, प्रदेश, स्थानिक सामाजिक ओळख आणि जनगणनेची पद्धत यांचा परिणाम होत असे. त्यामुळे ''Kunbi'', ''Kanbi'', ''Kulwadi'', ''Maratha-Kunbi'' किंवा ''Kunbi-Maratha'' यांसारख्या संज्ञा वेगवेगळ्या काळातील जनगणना नोंदींमध्ये समान पद्धतीने वापरल्या गेल्या नाहीत.<ref name="Census1931Bombay"/> १९३१ च्या बॉम्बे जनगणनेतील विविध तक्त्यांमध्ये ''Kunbi, Kulwadi or Kanbi'', ''Lewa or Lewa Kunbi'' आणि ''Maratta-Kunbi'' अशा स्वतंत्र नोंदी आढळतात. त्याचबरोबर काही तक्त्यांमध्ये ''Maratta, Maratta-Kunbi, Kulwadi or Kanbi, Lewa or Rewa Kunbi of Khandesh'' असा संयुक्त वर्गही वापरण्यात आला होता. या नोंदींवरून तत्कालीन जनगणनांमध्ये संबंधित सामाजिक समूहांचे वर्गीकरण तक्त्यानुसार आणि प्रशासकीय संदर्भानुसार वेगवेगळ्या प्रकारे करण्यात आले होते, असे दिसते.<ref name="Census1931Bombay"/> १९३१ च्या जनगणना अहवालात Maratha आणि Kunbi या संज्ञांच्या वापराशी संबंधित वर्गीकरणीय अडचणींचाही उल्लेख करण्यात आला होता. त्यामुळे वेगवेगळ्या जनगणना वर्षांतील Maratha आणि Kunbi लोकसंख्येची तुलना करताना संबंधित जनगणनेतील वर्गीकरणपद्धती आणि त्या काळातील संज्ञांचा अर्थ लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="Census1931Bombay"/> स्वातंत्र्योत्तर काळात या वर्गीकरणाला अधिक स्पष्ट प्रशासकीय स्वरूप प्राप्त झाले. मुंबई सरकारने २३ एप्रिल १९४२ रोजी प्रसिद्ध केलेल्या वर्गीकरणात ''Kunbi (Except Tilori Kunbi in Ratnagiri district)'' ही नोंद ''Intermediate Communities''च्या यादीत, तर ''Kunbi Tilori in Ratnagiri district'' ही नोंद ''Other Backward Communities''च्या यादीत स्वतंत्रपणे केली होती. मुंबई उच्च न्यायालयाने २००२ च्या निर्णयात ही स्थिती १ नोव्हेंबर १९५०, २९ ऑक्टोबर १९५६ आणि २१ नोव्हेंबर १९६१ च्या पुढील सरकारी ठरावांमध्येही कायम राहिल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="DattatrayaThorat2002"/> महाराष्ट्र शासनाने १३ ऑक्टोबर १९६७ रोजी स्वतंत्र इतर मागासवर्गीयांची यादी प्रसिद्ध केली. मुंबई उच्च न्यायालयाच्या नोंदीनुसार या यादीत अनुक्रमांक ८३वर ''Kunbi caste''चा समावेश करण्यात आला. न्यायालयाने पुढे नमूद केले की १९६७पासून कुणबी जात महाराष्ट्राच्या इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समाविष्ट झाली.*Dattatraya S/o Ramrao Thorat v. The State of Maharashtra & Ors.*, Writ Petition No. 5345 of 2001, decided on 24 April 2002, 2002 (4) All MR 807. या ऐतिहासिक बदलांमुळे जुन्या जनगणनेतील एखाद्या संज्ञेची संख्या आणि आजच्या प्रशासकीय वर्गातील त्याच संज्ञेची संख्या यांची थेट तुलना करता येत नाही. अशी तुलना करताना संबंधित जनगणनेतील वर्गीकरण, प्रशासकीय सीमा, संज्ञेचा त्या काळातील अर्थ आणि स्थानिक सामाजिक ओळख या सर्व बाबींचा विचार करणे आवश्यक आहे. === संज्ञांच्या वापराबाबत ऐतिहासिक सावधगिरी === कोकणातील कुणबी समाजाचा इतिहास लिहिताना ‘कुणबी’, ‘कानबी’, ‘कुलवाडी’, ‘मराठा-कुणबी’ आणि ‘तिलोरी कुणबी’ या संज्ञांचा वापर त्यांच्या संबंधित ऐतिहासिक आणि प्रशासकीय संदर्भात करणे आवश्यक आहे. उपलब्ध जनगणना आणि प्रशासकीय नोंदींमध्ये या संज्ञांचे वर्गीकरण काळानुसार बदललेले दिसते.<ref name="Census1931Bombay"/><ref name="DattatrayaThorat2002"/> विशेषतः तिलोरी कुणबीच्या बाबतीत हा फरक स्पष्टपणे दिसतो. १९४२ च्या मुंबई सरकारच्या वर्गीकरणात रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील तिलोरी कुणबींना ''Other Backward Communities''च्या यादीत स्वतंत्र स्थान देण्यात आले होते, तर त्याच वेळी इतर कुणबींना ''Intermediate Communities''च्या वर्गात ठेवण्यात आले होते. १९५०, १९५६ आणि १९६१ च्या संबंधित सरकारी ठरावांमध्येही ही स्थिती कायम राहिल्याचे मुंबई उच्च न्यायालयाने नमूद केले आहे. १९६७मध्ये मात्र ''Kunbi caste''चा स्वतंत्र इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समावेश करण्यात आला.<ref name="DattatrayaThorat2002"/> त्यामुळे एखाद्या व्यक्तीची किंवा समूहाची आधुनिक जातीय ओळख केवळ आडनाव, व्यवसाय, गावाचे नाव किंवा जुन्या जनगणनेतील नोंद यावरून निश्चित करता येत नाही. ऐतिहासिक जनगणना ही तत्कालीन प्रशासकीय आणि सामाजिक वर्गीकरणाची नोंद असते; ती प्रत्येक व्यक्तीच्या आधुनिक जातीय ओळखीचा अंतिम पुरावा मानता येत नाही. आधुनिक जातीय किंवा प्रशासकीय दावा तपासताना संबंधित काळातील प्राथमिक दस्तऐवज आणि लागू असलेले प्रशासकीय नियम स्वतंत्रपणे तपासणे आवश्यक आहे. त्याचप्रमाणे ''Maratha-Kunbi'' किंवा ''Kunbi-Maratha'' या संज्ञांचा एखाद्या ऐतिहासिक स्रोतामध्ये वापर झाला म्हणून त्या संज्ञांचा प्रत्येक काळात आणि प्रत्येक प्रदेशात एकच सामाजिक अर्थ होता असे मानता येत नाही. १९३१ च्या जनगणनेत ''Kunbi, Kulwadi or Kanbi'', ''Maratta-Kunbi'' आणि ''Lewa or Lewa Kunbi'' अशा स्वतंत्र नोंदी तसेच काही ठिकाणी Maratha आणि संबंधित कृषक समूहांना एकत्रित करणारे वर्ग आढळतात.<ref name="Census1931Bombay"/> या कारणामुळे कोकणातील कुणबी समाजाचा इतिहास मांडताना '''भाषिक संज्ञा, सामाजिक ओळख, जनगणनात्मक वर्गीकरण आणि आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरण''' या चार बाबी स्वतंत्रपणे तपासणे आवश्यक आहे. ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये समान किंवा संबंधित संज्ञांचे वर्गीकरण काळानुसार बदललेले दिसते, तर स्वातंत्र्योत्तर काळात सरकारी वर्गीकरणातही कुणबी आणि तिलोरी कुणबी यांची प्रशासकीय स्थिती बदलली. त्यामुळे एका काळातील प्रशासकीय वर्गीकरण दुसऱ्या काळातील सामाजिक ओळखीशी तंतोतंत समान मानणे किंवा जुन्या जनगणना अथवा प्रशासकीय नोंदीवरून आधुनिक सामाजिक ओळख निश्चित करणे इतिहासदृष्ट्या अचूक ठरणार नाही.<ref name="Census1931Bombay"/><ref name="DattatrayaThorat2002"/> == मध्ययुगीन कोकण == कोकणाच्या मध्ययुगीन इतिहासात विविध राजकीय सत्तांचा प्रभाव पडला. शिलाहार, यादव, दिल्ली सल्तनत, बहमनी सत्ता आणि त्यानंतरची दख्खनी सल्तनती राज्ये यांच्या काळात कोकणातील राजकीय सीमा, प्रशासकीय व्यवस्था आणि स्थानिक सत्ताकेंद्रे बदलत गेली. या राजकीय बदलांबरोबर जमीन, महसूल, ग्रामव्यवस्था आणि कृषी उत्पादनाशी संबंधित संस्थांमध्येही बदल झाले. मात्र या सर्व कालखंडातील कृषक समाजाला आधुनिक अर्थाने ‘कुणबी’ म्हणून संबोधणे इतिहासदृष्ट्या योग्य ठरत नाही. उपलब्ध मध्ययुगीन स्रोतांमध्ये ग्रामीण समाजाचे विविध प्रशासकीय, आर्थिक आणि सामाजिक संदर्भ आढळतात; ‘कुणबी’ ही आधुनिक सामाजिक ओळख पुढील ऐतिहासिक प्रक्रियांमध्ये अधिक स्पष्टपणे दस्तऐवजीकृत झाली.<ref name="HistoryKonkan">{{cite web |title=History of the Konkan |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Gazetteer%20of%20Bombay%20Presidency/history_of_the_konkan/section_2.pdf }}</ref><ref name="MediaevalAdministration">{{cite web |title=Mediaeval Administration and Social Organisation |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/History%20Part/History_II/chapter_10.pdf }}</ref> === शिलाहार === कोकणाच्या मध्ययुगीन इतिहासात शिलाहारांचे महत्त्वाचे स्थान आहे. शिलाहारांच्या तीन प्रमुख शाखांपैकी दक्षिण कोकणातील शाखेने साधारण इ.स. ७७० ते १०२० च्या दरम्यान राज्य केले. उत्तर कोकणातील शिलाहार शाखेचे राजकीय क्षेत्र ठाणे, कोलाबा आणि त्याच्या आसपासच्या प्रदेशाशी संबंधित होते. दक्षिण कोकणातील शिलाहार हे सुरुवातीला राष्ट्रकूटांचे आणि नंतर चालुक्य, कदंब व यादव यांसारख्या दख्खनी सत्तांचे मांडलिक होते.<ref name="Silaharas">{{cite web |title=Silaharas |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/his_silaharas.html }}</ref> उत्तर कोकणातील शिलाहारांच्या राजकीय क्षेत्रात आजच्या ठाणे, मुंबई, कोलाबा आणि आसपासच्या प्रदेशांचा समावेश होत होता. त्यांच्या काळात ठाणे, सोपारा, चौल, उरण आणि इतर किनारी केंद्रे व्यापार व राजकीय संपर्कासाठी महत्त्वाची होती. कोकणातील राजकीय आणि आर्थिक जीवनाचा संबंध समुद्री बंदरे तसेच सह्याद्रीमार्गे दख्खनच्या पठाराशी जोडलेल्या मार्गांशी होता.<ref name="HistoryKonkan"/> शिलाहारकालीन ताम्रपट आणि शिलालेखांमधून जमीनदान, धार्मिक संस्था आणि स्थानिक सत्ताकेंद्रांमधील संबंधांचा अभ्यास करता येतो. या पुराव्यांमुळे कृषी उत्पादन आणि जमिनीचे उत्पन्न हे तत्कालीन सामाजिक, धार्मिक आणि राजकीय व्यवस्थेतील महत्त्वाचे आर्थिक आधार होते असे दिसते. तथापि या काळातील कृषक समाजाला आधुनिक ‘कुणबी’ या जातनावाने ओळखण्यास पुरेसा थेट पुरावा उपलब्ध नाही.<ref name="Silaharas"/> === यादव === इ.स. १२व्या आणि १३व्या शतकात देवगिरीच्या यादव सत्तेचा पश्चिम दख्खनावर प्रभाव वाढला. कोकणातील काही भागांवरही यादव सत्तेचे नियंत्रण किंवा प्रभाव होता. उत्तर कोकणात यादवांच्या प्रतिनिधींची प्रशासकीय उपस्थिती असल्याचे ताम्रपट आणि शिलालेखीय पुराव्यांतून दिसते. इ.स. १२७३ आणि १२९१ च्या नोंदींमध्ये रामचंद्र यादवाच्या अधिकाऱ्यांनी कल्याण आणि सालसेट परिसरातील गावांच्या दानाचा उल्लेख केला आहे.<ref name="HistoryKonkan"/> यादवकालीन महाराष्ट्रातील ग्रामीण समाज आणि प्रशासकीय व्यवस्थेबाबत महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरमध्ये गावाच्या पातळीवर ग्रामकूट, चौधरी किंवा चौगुला यांसारख्या पदांचा उल्लेख आहे. ग्रामसमिती आणि तिचे सदस्य महत्तर म्हणून ओळखले जात असल्याची नोंदही आढळते. या काळात गाव हे कृषी उत्पादन, स्थानिक प्रशासन आणि सामाजिक जीवनाचे महत्त्वाचे केंद्र होते.<ref name="TerritorialGroups">{{cite web |title=Territorial Groups |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/land_and_people/L%20%26%20P%20pdf/Chapter%20VI/2%20Places%20of%20Pilgrimage.pdf }}</ref> या ग्रामव्यवस्थेचा उल्लेख आधुनिक कुणबी समाजाच्या थेट इतिहासासाठी पुरावा म्हणून न करता, कोकण आणि पश्चिम दख्खनातील पुढील ग्रामीण समाजरचनेची ऐतिहासिक पार्श्वभूमी म्हणून पाहणे अधिक योग्य आहे. === यादव सत्तेचा अंत आणि दिल्ली सल्तनतीचा प्रभाव === १३व्या शतकाच्या अखेरीस देवगिरीच्या यादव सत्तेवर दिल्ली सल्तनतीचा प्रभाव वाढला. इ.स. १३१७मध्ये यादव राज्य दिल्लीच्या सत्तेखाली पूर्णपणे गेले आणि दख्खनमध्ये दिल्लीच्या प्रशासकीय व लष्करी सत्तेची स्थापना झाली. महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरनुसार या काळात देवगिरी हे दिल्लीच्या दख्खन प्रांताचे महत्त्वाचे प्रशासकीय केंद्र राहिले आणि प्रदेशातील अनेक भागांवर लष्करी अधिकाऱ्यांच्या माध्यमातून सत्ता चालवली जात होती.<ref name="MediaevalAdministration"/> या संक्रमणकाळात दक्षिण कोकणासारख्या सीमावर्ती भागांत काही स्थानिक हिंदू प्रमुखांनी आपली सत्ता टिकवून ठेवण्याचा प्रयत्न केल्याची नोंद महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरमध्ये आहे. त्यामुळे दिल्लीच्या सत्तेचा प्रभाव वाढला असला तरी स्थानिक सत्ताकेंद्रे आणि ग्रामीण संस्था तत्काळ पूर्णपणे नाहीशा झाल्या असे मानता येत नाही.<ref name="MediaevalAdministration"/> या राजकीय संक्रमणाचा परिणाम महसूल, जमीन आणि ग्रामीण समाजावर झाला. दिल्लीच्या दख्खनमधील प्रशासनात ''iqta''सारख्या महसूल व लष्करी व्यवस्थांचा वापर करण्यात आला होता. तथापि या कालखंडातील ग्रामीण कृषकांना आधुनिक ‘कुणबी’ या नावाने ओळखण्यास उपलब्ध स्रोत पुरेसा आधार देत नाहीत.<ref name="MediaevalAdministration"/> === बहमनी सत्ता === इ.स. १३४७मध्ये बहमनी सत्ता स्थापन झाल्यानंतर दख्खनमध्ये स्वतंत्र सुलतानशाही राजकीय व्यवस्था निर्माण झाली. महाराष्ट्रातील ग्रामीण समाजाच्या संदर्भात बहमनी सत्तेने पाटील आणि देशमुख यांसारख्या स्थानिक अधिकाऱ्यांचे हक्क व वतने मान्य केल्याची नोंद महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरमध्ये आढळते.<ref name="TerritorialGroups"/> बहमनी काळात गाव हे स्थानिक प्रशासन आणि कृषी उत्पादनाचे महत्त्वाचे केंद्र राहिले. पाटील आणि देशमुख यांसारख्या स्थानिक अधिकारपदांना मान्यता मिळाल्यामुळे केंद्रीय सुलतानशाही आणि स्थानिक ग्रामीण समाज यांच्यात संस्थात्मक संबंध निर्माण झाले. महसूलव्यवस्थेतील विविध प्रशासकीय विभागांसाठी तालुका, महाल, तरफ आणि परगणा यांसारख्या संज्ञांचा वापर होत असल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद आहे.<ref name="TerritorialGroups"/> बहमनी राज्याचे विघटन झाल्यानंतर दख्खनमध्ये अहमदनगरची निजामशाही, विजापूरची आदिलशाही, गोवळकोंड्याची कुतुबशाही, वऱ्हाडची इमादशाही आणि बिदरची बरीदशाही अशी स्वतंत्र सत्ताकेंद्रे निर्माण झाली. या सत्तांमुळे महाराष्ट्रातील राजकीय सीमा आणि प्रशासकीय व्यवस्था पुन्हा बदलल्या.<ref name="BahamanisDeccan">{{cite web |title=The Bahamanis of the Deccan |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/History%20Part/History_II/chapter_2.pdf }}</ref> === निजामशाही, आदिलशाही आणि कोकण === बहमनी सत्तेच्या विघटनानंतर कोकणातील विविध प्रदेशांवर अहमदनगरची निजामशाही आणि विजापूरची आदिलशाही यांचा वेगवेगळ्या काळात प्रभाव राहिला. किनारी प्रदेशात स्थानिक राजकीय सत्ताकेंद्रे, बंदरे आणि किल्ले यांचे महत्त्व वाढले. कोकणातील राजकीय नियंत्रण हे केवळ एका सत्तेच्या अखंड अधिपत्याखाली राहिले नाही; विविध सत्तांमध्ये प्रदेशांचे नियंत्रण बदलत गेले.<ref name="NizamshahiAhmadnagar">{{cite web |title=The Nizamshahi of Ahmadnagar |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/History%20Part/History_II/chapter_3.pdf }}</ref> कोकणातील राजापुरीसारख्या केंद्रांच्या इतिहासातून या राजकीय बदलांचे उदाहरण दिसते. महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरनुसार राजापुरीचा प्रदेश पंधराव्या शतकाच्या अखेरीस निजामशाहीच्या प्रभावाखाली आला आणि १४९०मध्ये मलिक अहमदने दीर्घ वेढ्यानंतर तो ताब्यात घेतला.<ref name="Rajpuri">{{cite web |title=Rajpuri |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/places_Rajpuri.html }}</ref> या राजकीय संक्रमणांचा ग्रामीण समाजावर परिणाम महसूल, जमीनवापर, स्थानिक अधिकारपदे आणि व्यापारमार्गांच्या बदलांच्या माध्यमातून झाला. मात्र उपलब्ध स्रोतांवरून या सर्व कालखंडातील कृषक समाजाची एकच जातीय ओळख होती असे म्हणता येत नाही. === मध्ययुगीन कोकणातील कृषक समाज === मध्ययुगीन कोकणातील कृषक समाज हा जमीन, पावसावर आधारित शेती, स्थानिक बाजारपेठा, ग्रामसंस्था आणि महसूलव्यवस्थेशी जोडलेला होता. कोकणाच्या भौगोलिक परिस्थितीमुळे भातशेती, डोंगरउतारावरील शेती आणि किनारी व्यापार यांना विशेष महत्त्व होते. पुढील शतकांमध्ये या ग्रामीण अर्थव्यवस्थेचे विविध स्वरूप विकसित झाले.<ref name="HistoryKonkan"/> मध्ययुगीन ग्रामीण समाजाचा हा इतिहास आधुनिक कुणबी समाजाच्या निर्मितीचा थेट पुरावा म्हणून वापरता येत नाही. मात्र पुढील पूर्व-आधुनिक आणि वसाहतकालीन काळात जमीन, शेती, महसूल, ग्रामसंस्था आणि कृषक सामाजिक ओळखी यांच्या ज्या प्रक्रिया अधिक स्पष्ट झाल्या, त्यांची ऐतिहासिक पार्श्वभूमी या कालखंडात शोधता येते. === निजामशाही आणि कोकण === इ.स. १४९०मध्ये अहमदनगरच्या निजामशाहीची स्थापना झाल्यानंतर कोकणातील काही महत्त्वाची ठाणी आणि बंदरे निजामशाहीच्या राजकीय व लष्करी प्रभावाखाली आली. कोलाबा गॅझेटियरमध्ये दांडा-राजपुरीचा उल्लेख करताना, इ.स. १४९०मध्ये दीर्घ वेढ्यानंतर निजामशाहीचा संस्थापक मलिक अहमद याने राजपुरी जिंकून घेतल्याची नोंद आहे. त्यानंतर अहमदनगरची सत्ता कोकणातील या भागावर दृढ झाली आणि राजपुरी हे व्यापाराचे महत्त्वाचे केंद्र राहिले.<ref name="Rajpuri"/> निजामशाहीच्या विस्ताराच्या काळात मलिक अहमदने कोकण आणि घाट परिसरातील अनेक किल्ले आपल्या ताब्यात घेतल्याची नोंद महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरमध्ये आहे. इ.स. १४८५नंतर त्याने जुन्नर आणि दौलताबादच्या प्रदेशातून कोकणाकडे लष्करी मोहिमा केल्या आणि अनेक घाट व कोकणातील किल्ल्यांवर नियंत्रण मिळवले. इ.स. १४९०मध्ये दांडा-राजपुरी जिंकल्यानंतर उत्तर कोकणातील गुजरातच्या अखत्यारीत नसलेला काही प्रदेश अहमदनगरच्या नियंत्रणाखाली आला.<ref name="HistoryKonkanSection3">{{cite web |title=History of the Konkan |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Gazetteer%20of%20Bombay%20Presidency/history_of_the_konkan/section_3.pdf }}</ref> निजामशाहीच्या काळात कोकणातील बंदरे, घाटमार्ग आणि किल्ले यांना राजकीय तसेच आर्थिक महत्त्व होते. राजपुरी हे पंधराव्या आणि सोळाव्या शतकात व्यापाराचे महत्त्वाचे केंद्र होते. पुढील काळातील प्रवाशांच्या आणि परकीय व्यापारविषयक नोंदींमध्येही राजपुरीचा व्यापारकेंद्र आणि बंदर म्हणून उल्लेख आढळतो.<ref name="Rajpuri"/> या राजकीय आणि व्यापारी व्यवस्थेचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेशी संबंध होता. कृषी उत्पादन स्थानिक बाजारपेठा आणि बंदरांशी जोडलेले होते. मात्र या काळातील कृषक समाजाला आधुनिक अर्थाने ‘कुणबी’ या एकसंध जातीय नावाने ओळखणे योग्य ठरणार नाही. आधुनिक कुणबी ओळख पुढील काळातील सामाजिक, प्रशासकीय आणि जनगणनात्मक प्रक्रियांमध्ये अधिक स्पष्टपणे नोंदली गेली. === आदिलशाही आणि दक्षिण कोकण === बहमनी सत्तेच्या विघटनानंतर विजापूरची आदिलशाही ही दख्खनमधील प्रमुख सत्तांपैकी एक झाली. कोकणातील विविध भागांवर अहमदनगरची निजामशाही आणि विजापूरची आदिलशाही यांचा वेगवेगळ्या काळात प्रभाव राहिला. कोकणाच्या राजकीय इतिहासात स्थानिक सरदार, किल्ले, बंदरे आणि किनारी सत्ताकेंद्रे यांचे महत्त्व कायम राहिले.<ref name="HistoryKonkanSection3"/> इ.स. १४८९मध्ये युसुफ आदिल खानने विजापूरच्या आदिलशाहीची स्थापना केली. त्याच काळात अहमदनगरच्या मलिक अहमदने कोकणातील अनेक किल्ले ताब्यात घेण्यास सुरुवात केली होती. त्यामुळे पंधराव्या शतकाच्या अखेरीस कोकण आणि घाट प्रदेशात अहमदनगर व विजापूर या दख्खनी सत्तांमधील राजकीय स्पर्धेला महत्त्व प्राप्त झाले.<ref name="HistoryKonkanSection3"/> दक्षिण कोकणातील राजकीय परिस्थिती एकसंध नव्हती. किनारी भागातील बंदरे आणि किल्ले तसेच सह्याद्रीतील घाटमार्ग यांवर नियंत्रण ठेवणे दख्खनी सत्तांसाठी लष्करी आणि आर्थिकदृष्ट्या महत्त्वाचे होते. समुद्री व्यापार आणि अंतर्गत दख्खनशी असलेले मार्ग यांमुळे कोकणातील किनारी केंद्रांना व्यापक आर्थिक महत्त्व प्राप्त झाले.<ref name="HistoryKonkanSection3"/> === मुघल प्रभाव === दख्खनमध्ये मुघल सत्तेचा विस्तार झाल्यानंतर महाराष्ट्रातील विविध प्रदेशांवर मुघलांचा राजकीय आणि महसुली प्रभाव वाढला. मात्र कोकणातील राजकीय परिस्थिती एकसंध नव्हती आणि किनारी प्रदेशातील विविध सत्ताकेंद्रे, किल्ले आणि स्थानिक प्रमुख यांचे महत्त्व कायम राहिले. दख्खनच्या राजकीय इतिहासात दिल्ली सल्तनत, बहमनी सत्ता, निजामशाही, आदिलशाही आणि पुढे मुघल सत्ता यांमधील सत्तांतरांची मालिका दिसून येते.<ref name="MediaevalAdministration"/> मुघल काळातील प्रशासनाचा अभ्यास करताना केंद्रीय सत्ता आणि स्थानिक प्रशासन यांच्यातील संबंध लक्षात घेणे आवश्यक आहे. गावपातळीवरील स्थानिक अधिकारी आणि ग्रामीण संस्था अनेक ठिकाणी प्रशासनाच्या कार्यात सहभागी राहिल्या. त्यामुळे राजकीय सत्ता बदलली तरी स्थानिक ग्रामीण प्रशासनातील काही संस्था आणि सामाजिक संबंध सातत्याने कार्यरत राहू शकले.<ref name="MediaevalAdministration"/> मुघल आणि दख्खनी सत्तांच्या काळातील महसूलव्यवस्थेचा ग्रामीण समाजावर परिणाम झाला असला तरी त्या काळातील प्रत्येक कृषक समूहाची आधुनिक जातीय ओळख निश्चित करण्यासाठी स्वतंत्र पुराव्यांची आवश्यकता आहे. त्यामुळे या कालखंडातील कृषक समाजाला सरसकट ‘कुणबी’ म्हणून ओळखणे योग्य ठरत नाही. === स्थानिक सत्ताकेंद्रे आणि कोकणातील राजकीय विविधता === कोकणाचा राजकीय इतिहास केवळ मोठ्या साम्राज्यांच्या इतिहासाने स्पष्ट होत नाही. शिलाहार, यादव आणि दख्खनी सल्तनतींच्या काळात स्थानिक सरदार, वतनदार आणि किल्लेदार यांना स्थानिक प्रशासन आणि संरक्षणव्यवस्थेत महत्त्व होते. किनारी भागातील बंदरे आणि किल्ले हे व्यापार, वाहतूक आणि लष्करी नियंत्रणासाठी महत्त्वाचे केंद्र होते.<ref name="HistoryKonkanSection3"/> राजपुरी हे याचे महत्त्वाचे उदाहरण आहे. कोलाबा गॅझेटियरनुसार राजपुरीला कोकणाच्या इतिहासात विविध काळात महत्त्व प्राप्त झाले होते. इ.स. १४९०मध्ये निजामशाहीच्या मलिक अहमदने ते जिंकल्यानंतर ते अहमदनगरच्या सत्तेखाली आले. पुढे सोळाव्या आणि सतराव्या शतकातही ते महत्त्वाचे व्यापारकेंद्र राहिले. राजपुरीचा उल्लेख परकीय प्रवासी आणि व्यापारी स्रोतांमध्येही आढळतो.<ref name="Rajpuri"/> महाड हे कोकणातील आणखी एक महत्त्वाचे ऐतिहासिक केंद्र होते. कोलाबा गॅझेटियरमध्ये महाडचा सावित्री नदीवरील महत्त्वाचा व्यापारी केंद्र म्हणून उल्लेख केला आहे. महाडजवळील पाले येथील बौद्ध लेणी आणि सावित्री नदीमार्गे अंतर्गत प्रदेशाशी असलेला संपर्क यांमुळे महाडला प्रादेशिक व्यापार आणि वाहतुकीच्या दृष्टीने महत्त्व प्राप्त झाले होते.<ref name="Rajpuri"/> कोकणातील अशा स्थानिक केंद्रांमुळे कृषी उत्पादन, नदीमार्ग, बंदरे, बाजारपेठा आणि घाटमार्ग यांच्यात परस्पर संबंध निर्माण झाले. कोलाबा गॅझेटियरमध्ये महाड, राजपुरी, मुरुड, श्रीवर्धन, रेवदंडा आणि इतर बंदरांच्या व्यापारसंबंधी नोंदी आढळतात. यावरून किनारी आणि नदीमार्गावरील वाहतूक ही ग्रामीण उत्पादनाच्या देवाणघेवाणीशी जोडलेली होती असे दिसते.<ref name="CourseOfTrade">{{cite web |title=Course of Trade |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/bank_trade_course.html }}</ref> === ग्रामव्यवस्था === मध्ययुगीन महाराष्ट्रातील ग्रामव्यवस्था ही आर्थिक आणि प्रशासकीय जीवनाचा महत्त्वाचा आधार होती. यादवकालीन व्यवस्थेबाबत महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरमध्ये ग्रामसमिती आणि तिच्या सदस्यांसाठी ‘महत्तर’ यांसारख्या संज्ञांचा उल्लेख आढळतो. स्थानिक ग्रामप्रशासनात विविध अधिकारी आणि सामाजिक घटक सहभागी होत असत.<ref name="TerritorialGroups"/> बहमनी आणि त्यानंतरच्या दख्खनी सुलतानशाहींच्या काळात पाटील, देशमुख आणि इतर स्थानिक अधिकाऱ्यांचे हक्क आणि वतने अनेक ठिकाणी कायम राहिल्याचे महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे. त्यामुळे केंद्रीय सुलतानशाही आणि स्थानिक ग्रामव्यवस्था यांच्यात परस्पर संबंध निर्माण झाले होते.<ref name="TerritorialGroups"/> गावातील कृषी उत्पादन, जमीन, महसूल, स्थानिक सेवा आणि सामाजिक व्यवहार यांचे व्यवस्थापन विविध स्थानिक संस्थांमार्फत होत असे. पाटील हा गावपातळीवरील महत्त्वाचा अधिकारी होता, तर देशमुखाचा संबंध मोठ्या महसुली क्षेत्राशी आणि स्थानिक महसूलव्यवस्थेशी होता. पुढील मराठा काळात या संस्थांच्या अधिकारांमध्ये आणि कार्यपद्धतीत बदल झाले, तरी स्थानिक ग्रामीण प्रशासनाची काही मूलभूत रूपे पुढेही टिकून राहिली.<ref name="TerritorialGroups"/> === जमीन आणि महसूल === मध्ययुगीन कोकणातील राज्यव्यवस्थेचा महत्त्वाचा आर्थिक आधार जमीन महसूल होता. कृषी उत्पादनावर आधारित महसूलव्यवस्था ही राजसत्तेच्या उत्पन्नाचा प्रमुख स्रोत होती. बहमनी आणि त्यानंतरच्या दख्खनी सल्तनतींच्या काळात महसूल प्रशासनासाठी विविध प्रादेशिक विभाग आणि स्थानिक अधिकारी कार्यरत होते. महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरमध्ये पाटील, देशमुख आणि इतर स्थानिक अधिकाऱ्यांच्या माध्यमातून ग्रामस्तरावरील प्रशासन आणि महसूलव्यवस्थेचे स्वरूप स्पष्ट केले आहे.<ref name="TerritorialGroups"/> जमिनीचा वापर, लागवड आणि महसूल यांच्यातील संबंधामुळे कृषक हा राज्याच्या अर्थव्यवस्थेतील महत्त्वाचा घटक होता. स्थानिक पातळीवरील जमीनव्यवहार आणि महसूल प्रशासनात पाटील, देशमुख आणि इतर स्थानिक अधिकाऱ्यांची भूमिका होती. या संस्थांचे स्वरूप आणि अधिकार प्रदेश व काळानुसार बदलत गेले.<ref name="TerritorialGroups"/> मध्ययुगीन सत्तांमध्ये जमीन महसूलाच्या पद्धती बदलत गेल्या तरी कृषी उत्पादनावर आधारित राज्याचे आर्थिक हित कायम राहिले. युद्धे, राजकीय संघर्ष आणि नैसर्गिक आपत्तींचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर परिणाम होऊ शकत असे. महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरमध्ये दख्खनमधील विविध कालखंडांतील दुष्काळांच्या संदर्भात युद्धे आणि राजकीय अस्थिरतेच्या परिणामांची नोंद आहे.<ref name="FaminesDeccan">{{cite web |title=Famines in the Deccan |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/aurangabad/CHAP04/FAMINES.htm |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> === कृषक समाज === मध्ययुगीन कोकणातील कृषक समाज हा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेचा महत्त्वाचा आधार होता. भातशेतीसह स्थानिक परिस्थितीनुसार बागायती, पशुपालन आणि इतर ग्रामीण उपजीविका अस्तित्वात होत्या. कोकणाची भौगोलिक रचना, पर्जन्यमान, नद्या, खाड्या आणि किनारी प्रदेश यांचा कृषी पद्धतींवर प्रभाव होता.<ref name="HistoryKonkanSection3"/> या कृषक समाजात सामाजिक आणि आर्थिक स्तरांमध्ये विविधता होती. जमीन कसणारे शेतकरी, स्थानिक हक्कांशी संबंधित व्यक्ती आणि विविध प्रकारचे ग्रामीण उत्पादक यांचा या व्यवस्थेत समावेश होता. पुढील मराठा आणि ब्रिटिशकालीन नोंदींमध्ये ‘मिरासदार’, ‘उपरी’ आणि इतर कृषक वर्गांचा उल्लेख अधिक स्पष्टपणे आढळतो; मात्र या संज्ञांचा अर्थ आणि प्रशासकीय व्याप्ती प्रदेश व कालखंडानुसार बदलत असल्यामुळे त्यांचा वापर संबंधित ऐतिहासिक संदर्भात करणे आवश्यक आहे. मध्ययुगीन कृषक समाजाचे महत्त्व केवळ अन्नउत्पादनापुरते मर्यादित नव्हते. जमीन महसूल, स्थानिक बाजारपेठा, व्यापारमार्ग, किल्ले आणि बंदरे यांची आर्थिक रचना कृषी उत्पादनाशी संबंधित होती. त्यामुळे तत्कालीन राजसत्ता कोणतीही असो, ग्रामीण कृषक समाज हा राज्याच्या आर्थिक व्यवस्थेतील महत्त्वाचा घटक राहिला.<ref name="HistoryKonkanSection3"/> === मध्ययुगीन कृषक समाज आणि कुणबी ओळख === मध्ययुगीन कोकणातील कृषक समाजाचा इतिहास हा आधुनिक कुणबी समाजाच्या सामाजिक आणि आर्थिक पार्श्वभूमीचा अभ्यास करण्यासाठी महत्त्वाचा आहे; तथापि त्या काळातील सर्व कृषकांना आधुनिक अर्थाने ‘कुणबी’ म्हणणे योग्य ठरत नाही. शिलाहार, यादव, बहमनी, निजामशाही आणि आदिलशाही या विविध सत्तांच्या काळात कोकणातील ग्रामीण समाज जमीन, शेती, महसूल, ग्रामसंस्था आणि स्थानिक अधिकारपद्धती यांच्याशी संबंधित विविध स्वरूपांत अस्तित्वात होता. उपलब्ध ऐतिहासिक पुराव्यांवरून त्या काळातील कृषक समाजाचा अभ्यास करता येतो; मात्र या सर्व समूहांची आधुनिक ‘कुणबी’ या जातीय ओळखीशी थेट समानता सिद्ध होत नाही.<ref name="HistoryKonkanSection3"/> वसाहतकालीन ethnographic साहित्यामध्ये ‘Kunbi’ या संज्ञेचा कृषक समुदाय आणि शेतीशी संबंधित सामाजिक ओळख या दोन्ही संदर्भांत वापर आढळतो. R. E. Enthoven यांच्या *The Tribes and Castes of Bombay* मध्ये कुणबींच्या विविध प्रादेशिक समूहांचे आणि त्यांच्या सामाजिक व आर्थिक जीवनाचे वर्णन केले आहे.<ref name="Enthoven1922" /> R. V. Russell आणि Hiralal यांनीही कुणबींच्या विविध प्रादेशिक रूपांचा आणि सामाजिक समूहांचा उल्लेख केला आहे. त्यांच्या ग्रंथात ‘Kunbi’, ‘Kulambi’, ‘Kulwadi’ आणि ‘Kanbi’ यांसारख्या संज्ञांचा उल्लेख आढळतो. मात्र या विविध नावांच्या आधारे सर्व समूहांची एकच अखंड ऐतिहासिक जातीय उत्पत्ती होती असा निष्कर्ष काढता येत नाही.<ref name="RussellHiralal1916"/> ब्रिटिशकालीन District Gazetteers आणि ethnographic साहित्याच्या वापराबाबत मुंबई उच्च न्यायालयानेही सावध भूमिका घेतली आहे. *Suhas s/o Anantrao Dashrathe and another v. State of Maharashtra and others* या प्रकरणात न्यायालयाने District Gazetteers आणि ethnographic साहित्याचा विचार केला. या साहित्याच्या आधारे Maratha हे मूळतः Kunbi आहेत, Maratha ही केवळ पदवी आहे किंवा Maratha ही Kunbiची उपजात अथवा समानार्थी संज्ञा आहे, असा निश्चित निष्कर्ष काढता येत नाही, असे न्यायालयाने नमूद केले. न्यायालयाने उपलब्ध साहित्यामध्ये ‘Kunbi’ हा शब्द काही संदर्भांत जमीन कसणाऱ्या व्यक्तीसाठी वापरला गेल्याचेही नोंदवले.<ref name="SuhasDashrathe2001">{{cite web |title=Suhas s/o Anantrao Dashrathe and another v. State of Maharashtra, through the Secretary, Department of Urban Development and others |url=https://indiankanoon.org/doc/1946655/ |publisher=Bombay High Court, Aurangabad Bench |date=5 October 2001 |access-date=22 August 2026 }}</ref> या न्यायालयीन निरीक्षणाचा अर्थ असा नाही की ‘कुणबी’ ही सामाजिक जातीय ओळख नव्हती; उलट आधुनिक काळातील प्रशासकीय वर्गीकरणात कुणबी ही स्वतंत्र जात म्हणून मान्य झालेली आहे. न्यायालयाचा मुद्दा असा होता की जुन्या Gazetteers किंवा ethnographic साहित्याच्या आधारे Maratha आणि Kunbi यांच्यातील ऐतिहासिक संबंधाबाबत सार्वत्रिक आणि निर्णायक वंशपरंपरागत निष्कर्ष काढता येत नाही.<ref name="SuhasDashrathe2001"/> या पार्श्वभूमीवर मध्ययुगीन कोकणातील ‘कृषक समाज’ आणि पुढील काळातील ‘कुणबी’ या सामाजिक ओळखीमध्ये ऐतिहासिक सातत्याचे काही घटक असण्याची शक्यता नाकारता येत नाही; परंतु उपलब्ध पुराव्यांच्या आधारे त्यांच्यात थेट आणि अखंड जातीय वंशपरंपरा सिद्ध करता येत नाही. प्राचीन किंवा मध्ययुगीन कृषक समाजातील प्रत्येक व्यक्ती किंवा समूहाला आधुनिक कुणबी म्हणून ओळखणे हे उपलब्ध पुराव्यांपेक्षा पुढे जाणारे अनुमान ठरेल. कुणबी या नावाचा अधिक स्पष्ट आणि व्यापक दस्तऐवजी वापर पुढील वसाहतकालीन जनगणना, Gazetteers आणि ethnographic साहित्यामध्ये आढळतो. त्यामुळे मध्ययुगीन कोकणातील कृषक समाज हा आधुनिक कुणबी समाजाचा थेट समानार्थी नसून, पुढील काळात विकसित झालेल्या सामाजिक ओळखीचा ऐतिहासिक अभ्यास करण्यासाठी आवश्यक असलेली व्यापक ग्रामीण आणि कृषक पार्श्वभूमी म्हणून पाहणे अधिक योग्य ठरते.<ref name="Census1931Bombay"/><ref name="Enthoven1922"/> == शिवकाल, स्वराज्य आणि मराठा सत्ता == सतराव्या शतकात छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या नेतृत्वाखाली स्वराज्याची निर्मिती झाली आणि कोकणातील राजकीय, लष्करी व महसुली परिस्थितीत महत्त्वपूर्ण बदल झाले. स्वराज्याच्या विस्तारात कोकणाला भौगोलिक आणि आर्थिकदृष्ट्या महत्त्वाचे स्थान होते. सह्याद्रीतील घाटमार्ग, किनारी किल्ले, बंदरे, बाजारपेठा आणि कृषीप्रधान गावे यांमुळे कोकण हा स्वराज्याच्या संरक्षण, व्यापार आणि पुरवठा व्यवस्थेच्या दृष्टीने महत्त्वाचा प्रदेश बनला.<ref name="HistoryKonkanGazetteer1896">{{cite book |editor=James M. Campbell |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: History of the Konkan, Dakhan and Southern Maratha Country |volume=1 |issue=2 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1896 }}</ref> शिवाजी महाराजांच्या काळातील ग्रामीण समाजाचा उल्लेख प्रामुख्याने ‘रयत’, ‘कृषक’, ‘शेतकरी’ आणि गावपातळीवरील विविध सामाजिक व प्रशासकीय घटकांच्या संदर्भात आढळतो. या काळातील सर्व रयत किंवा शेतकरी आधुनिक अर्थाने ‘कुणबी’ होते असे म्हणता येत नाही. त्यामुळे कोकणातील कुणबी समाजाच्या इतिहासाच्या संदर्भात शिवकालाचा विचार करताना ‘कुणबी’ आणि ‘रयत’ या संज्ञा एकमेकांच्या समानार्थी न मानता त्या-त्या ऐतिहासिक संदर्भात स्वतंत्रपणे वापरणे आवश्यक आहे. === शिवाजी महाराजांच्या काळातील रयत === शिवाजी महाराजांच्या राज्यव्यवस्थेत कृषक किंवा रयत हा राज्याच्या आर्थिक व्यवस्थेतील महत्त्वाचा घटक होता. महसूलव्यवस्थेत जमिनीची मोजणी, जमिनीची प्रत आणि उत्पादनक्षमतेचा अंदाज यांना महत्त्व देण्यात आले. उपलब्ध ऐतिहासिक वर्णनांनुसार महसूलवसुली अधिक थेट सरकारी यंत्रणेमार्फत करण्याचा प्रयत्न करण्यात आला आणि महसूल मक्तेदारीची पद्धत कमी करण्यावर भर देण्यात आला.<ref name="ShivajiRevenueArrangements">{{cite web |title=Shivaji's Revenue Arrangements |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/Satara/english/BombayPresidancy/7%20History.pdf |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> शिवाजी महाराजांच्या महसूलव्यवस्थेचे स्वरूप त्यांच्या पूर्वसुरींच्या दख्खनी महसूलपद्धतींपासून पूर्णपणे वेगळे नव्हते. उपलब्ध ऐतिहासिक वर्णनांमध्ये दादोजी कोंडदेव यांच्या काळातील महसूलव्यवस्था आणि पूर्वीच्या दख्खनी प्रशासकीय अनुभवांचा प्रभाव दिसून येतो. जमिनीची मोजणी आणि उत्पादनाच्या आधारे महसूल निश्चित करण्याची पद्धत अधिक व्यवस्थित करण्याचा प्रयत्न करण्यात आला.<ref name="ShivajiRevenueArrangements"/> === कोकणातील ग्रामीण अर्थव्यवस्था === कोकणातील ग्रामीण अर्थव्यवस्था शेती, बागायती, पशुपालन, स्थानिक व्यापार आणि किनारी बाजारपेठांशी संबंधित होती. सह्याद्री आणि अरबी समुद्र यांच्यामधील भौगोलिक रचना, मोठ्या प्रमाणातील पर्जन्यमान, नद्या, खाड्या आणि अरुंद किनारी मैदाने यांमुळे कोकणातील कृषी पद्धतींना स्थानिक भौगोलिक परिस्थितीचा विशेष प्रभाव होता. शिवाजी महाराजांच्या काळात कोकणातील राजकीय नियंत्रण वाढल्यानंतर ग्रामीण उत्पादनाचा संबंध किल्ले, बाजारपेठा आणि किनारी केंद्रांशी अधिक दृढ झाला. *Gazetteer of the Bombay Presidency: History of the Konkan* मध्ये शिवाजी महाराजांच्या काळातील दक्षिण कोकणाच्या संदर्भात महसूलव्यवस्था, किल्ले, गडकरी आणि स्थानिक लोकसंख्या यांचा परस्परसंबंध नोंदवला आहे.<ref name="HistoryKonkanShivaji">{{cite web |title=History of the Konkan — Shivaji (1648 to 1680) |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Gazetteer%20of%20Bombay%20Presidency/history_of_the_konkan/section_6.pdf |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> कोकणातील कृषी उत्पादन हे स्थानिक उपजीविकेबरोबरच किल्ले, लष्करी ठाणी आणि बाजारपेठांच्या पुरवठ्याशीही संबंधित होते. किनारी आणि डोंगरी किल्ल्यांच्या जाळ्यामुळे धान्य, चारा, लाकूड, मीठ आणि इतर आवश्यक वस्तूंच्या स्थानिक पुरवठ्याला महत्त्व प्राप्त झाले. या आर्थिक संबंधांमुळे ग्रामीण उत्पादन आणि स्वराज्याच्या लष्करी व प्रशासकीय व्यवस्थेमध्ये परस्परावलंबित्व निर्माण झाले.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/> === महसूल व्यवस्था === शिवाजी महाराजांच्या महसूलव्यवस्थेत जमीन मोजणी आणि उत्पादनक्षमतेच्या आधारे महसूल निश्चित करण्याला महत्त्व देण्यात आले. उपलब्ध ऐतिहासिक वर्णनानुसार जमिनीचे सर्वेक्षण करून तिच्या उत्पादनाच्या आधारे शेतकरी आणि राज्य यांच्यातील महसुली हिस्सा निश्चित करण्याचा प्रयत्न करण्यात आला. एका ऐतिहासिक वर्णनात उत्पादनाच्या तीन-पंचमांश भागाचा हिस्सा शेतकऱ्याकडे आणि दोन-पंचमांश भाग राज्याकडे ठेवण्याची पद्धत नमूद केली आहे.<ref name="ShivajiRevenueArrangements"/> मात्र शिवाजी महाराजांच्या संपूर्ण राज्यात सर्व प्रकारच्या जमिनींवर नेमका दोन-पंचमांश महसूलच आकारला जात असे, असा सार्वत्रिक निष्कर्ष काढणे योग्य ठरणार नाही. महसुली आकारणीमध्ये जमिनीचा प्रकार, पिके, स्थानिक परिस्थिती आणि पूर्वीच्या महसूलपद्धतींचा परिणाम होऊ शकत होता. त्यामुळे दोन-पंचमांश हा उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतामध्ये वर्णिलेला प्रमाणात्मक संदर्भ म्हणून पाहणे अधिक योग्य आहे. शिवाजी महाराजांच्या नियंत्रणाखालील प्रदेशात महसूलवसुली अधिक थेट सरकारी यंत्रणेमार्फत करण्याचा प्रयत्न करण्यात आला. उपलब्ध Gazetteerच्या वर्णनानुसार महसूल मक्तेदारीची पद्धत दूर करून सरकारने नियुक्त केलेल्या अधिकाऱ्यांमार्फत महसूल गोळा केला जात असे. काही प्रशासकीय विभागांवर कारकून, तरफदार किंवा तालुकदार आणि त्यापुढे सुभेदार अशा अधिकाऱ्यांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="ShivajiRevenueArrangements"/> === रयतेचे संरक्षण आणि कृषी === शिवाजी महाराजांच्या कोकणातील राज्यव्यवस्थेबाबत जुन्या *Gazetteer of the Bombay Presidency* मध्ये महसूलव्यवस्थेच्या सुधारणांचा उल्लेख आहे. दक्षिण कोकणाच्या संदर्भात त्यांच्या प्रशासनामुळे पूर्वीच्या व्यवस्थेपेक्षा काही सुधारणा झाल्या आणि cultivatorsच्या हिताचे संरक्षण करण्यात आले, अशी नोंद त्या स्रोतामध्ये आढळते.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/> शिवाजी महाराजांच्या लष्करी शिस्तीविषयीच्या त्याच ऐतिहासिक स्रोतामध्ये कृषक, स्त्रिया आणि गाई यांना लष्करी मोहिमांमध्ये त्रास न देण्याच्या सूचनांचा उल्लेख आहे. युद्धकाळात ग्रामीण उत्पादन आणि शेतकऱ्यांचे संरक्षण हे राज्याच्या आर्थिक हिताशी संबंधित होते.<ref name="ShivajiAdministrationMilitary">{{cite web |title=History — Shivaji's Administration and Military System |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/Satara/english/BombayPresidancy/7%20History.pdf |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> कृषी उत्पादन टिकवून ठेवणे हे राज्याच्या महसुली उत्पन्नासाठीही आवश्यक होते. त्यामुळे रयतेचे संरक्षण ही केवळ सामाजिक बाब नव्हती; ती कृषी उत्पादन आणि राज्याच्या आर्थिक स्थैर्याशीही संबंधित होती. === ग्रामीण मनुष्यबळ आणि लष्करी सहभाग === शिवाजी महाराजांच्या काळातील कोकणातील ग्रामीण समाजाचा काही भाग लष्करी व्यवस्थेशी जोडला गेला. दक्षिण कोकणाच्या संदर्भात *Gazetteer of the Bombay Presidency* मध्ये मालवण परिसरातील Hetkari किंवा स्थानिक मराठा सैनिकांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/> याच स्रोतामध्ये कोकणातील किल्ल्यांशी संबंधित ‘गडकरी’ व्यवस्थेचा उल्लेख आहे. गडकरी हे किल्ल्यांच्या संरक्षणाशी संबंधित सेवाधारक होते आणि किल्ल्यांच्या आसपासच्या जमिनीशी त्यांचे संबंध होते. त्यामुळे ग्रामीण लोकसंख्येतील काही घटकांना शेतीबरोबर लष्करी किंवा किल्लेसेवेचे उपजीविकेचे साधन उपलब्ध झाले होते.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/> या लष्करी सहभागाला आधुनिक जातीय वर्गीकरणाशी थेट जोडता येत नाही. गडकरी, Hetkari किंवा मावळातील सैनिक यांना सर्वसाधारणपणे कुणबी म्हणणे उपलब्ध पुराव्यांवरून योग्य ठरणार नाही. मात्र कोकणातील ग्रामीण लोकसंख्येतील काही घटक शेतीबरोबर लष्करी आणि किल्लेसेवेशी जोडले गेले होते, हे उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींवरून दिसून येते. === स्वराज्याच्या पुरवठा व्यवस्थेतील कोकण === कोकणातील किल्ले, बंदरे आणि बाजारपेठा यांचे महत्त्व केवळ लष्करी संरक्षणापुरते मर्यादित नव्हते. किनारी प्रदेशातील उत्पादन, व्यापारमार्ग आणि सह्याद्रीतील घाटमार्ग यांच्या माध्यमातून कोकणाचा संबंध स्वराज्याच्या व्यापक आर्थिक व्यवस्थेशी जोडला गेला. किल्ल्यांच्या देखभालीसाठी आवश्यक मनुष्यबळ, अन्नधान्य आणि इतर साहित्याचा स्थानिक प्रदेशाशी संबंध होता.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/> या संदर्भात कृषक समाजाची भूमिका केवळ ‘शेतकरी’ म्हणून मर्यादित न ठेवता ग्रामीण उत्पादनव्यवस्थेतील घटक म्हणून पाहणे आवश्यक आहे. कृषी उत्पादन, स्थानिक बाजारपेठा, वाहतूक, किल्ले आणि लष्करी सेवा यांच्यातील संबंधांमुळे कोकणातील ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वराज्याच्या राजकीय व्यवस्थेशी जोडली गेली होती. === शिवकाल आणि आधुनिक कुणबी ओळख === शिवाजी महाराजांच्या काळातील ‘रयत’, ‘कृषक’ आणि ‘शेतकरी’ या संज्ञा आधुनिक ‘कुणबी’ या जातीय ओळखीच्या समानार्थी मानता येत नाहीत. शिवकालीन ग्रामीण समाज विविध सामाजिक, आर्थिक आणि प्रशासकीय घटकांनी बनलेला होता. उपलब्ध ऐतिहासिक वर्णनांमध्ये कृषक, स्थानिक अधिकारी, किल्लेसेवक आणि इतर ग्रामीण घटकांचे स्वतंत्र संदर्भ आढळतात.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/><ref name="ShivajiRevenueArrangements"/> म्हणून शिवकालीन कृषक समाज आणि आधुनिक कोकणातील कुणबी समाज यांच्यात ऐतिहासिक सातत्याचे काही घटक असण्याची शक्यता तपासता येते; परंतु शिवाजी महाराजांच्या काळातील सर्व रयत कुणबी होती किंवा आधुनिक कुणबी समाजाची निश्चित जातीय ओळख त्याच काळात अस्तित्वात होती, असा निष्कर्ष उपलब्ध पुराव्यांवरून काढता येत नाही. कुणबी या सामाजिक समूहाचे अधिक स्पष्ट आणि व्यापक दस्तऐवजीकरण पुढील वसाहतकालीन जनगणना, District Gazetteers आणि ethnographic साहित्यामध्ये आढळते.<ref name="Census1931Bombay"/><ref name="Enthoven1922" /><ref name="RatnagiriSavantvadi1880">{{cite book |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Ratnagiri and Savantvadi |volume=10 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1880 }}</ref> === स्वराज्याच्या पुरवठा व्यवस्थेत कृषक समाजाची भूमिका === स्वराज्याच्या लष्करी व्यवस्थेला धान्य, पशुधन, चारा, लाकूड आणि इतर जीवनावश्यक वस्तूंची आवश्यकता होती. किल्ल्यांच्या व्यवस्थापनात धान्यसाठा आणि इतर सामग्रीच्या देखरेखीशी संबंधित अधिकारी व प्रशासकीय व्यवस्था असल्याचे उपलब्ध ऐतिहासिक वर्णनांत आढळते.<ref name="ShivajiAdministrationMilitary"/> किल्ल्यांच्या संरक्षणव्यवस्थेला आवश्यक असलेल्या अन्नधान्य आणि इतर साधनसामग्रीचा संबंध स्थानिक उत्पादन, बाजारपेठा आणि वाहतूकमार्गांशी होता. त्यामुळे कृषक समाजाचे उत्पादन स्वराज्याच्या व्यापक आर्थिक व्यवस्थेशी संबंधित होते. तथापि, उपलब्ध स्रोतांच्या आधारे कोकणातील सर्व कृषकांना स्वराज्याच्या लष्करी पुरवठा व्यवस्थेतील थेट घटक मानणे योग्य ठरणार नाही.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/> कोकणातील किल्ले समुद्रकिनारी तसेच सह्याद्रीच्या डोंगररांगांमध्ये असल्यामुळे समुद्री मार्ग, घाटमार्ग आणि स्थानिक वाहतूक यांना महत्त्व होते. किल्ल्यांच्या बांधकाम, दुरुस्ती आणि देखभालीशी संबंधित कामांमध्ये स्थानिक मनुष्यबळाचा वापर झाल्याचे *Gazetteer of the Bombay Presidency* मध्ये नमूद केले आहे.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/> === कोकणातील किल्ले, बाजारपेठा आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था === स्वराज्याच्या काळात कोकणातील किल्ले केवळ लष्करी केंद्रे नव्हती. त्यांच्या देखभालीसाठी प्रशासकीय कर्मचारी, किल्लेसेवक, कारागीर आणि इतर मनुष्यबळाची आवश्यकता होती. किल्ल्यांच्या व्यवस्थेशी संबंधित स्थानिक आर्थिक व्यवहार आणि मनुष्यबळाचा उल्लेख उपलब्ध ऐतिहासिक वर्णनांत आढळतो.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/> कोकणातील बंदरे आणि बाजारपेठांनाही राजकीय व आर्थिक महत्त्व होते. समुद्री व्यापार, किनारी किल्ले आणि घाटमार्ग यांमुळे कोकणाचा अंतर्गत दख्खनशी संबंध कायम राहिला. या भौगोलिक आणि आर्थिक संबंधांमुळे ग्रामीण उत्पादनाचा संबंध स्थानिक तसेच प्रादेशिक बाजारपेठांशी होता.<ref name="HistoryKonkanGazetteer1896"/> === मराठा सत्तेच्या विस्तारानंतरचे बदल === शिवाजी महाराजांच्या मृत्यूनंतर मराठा सत्तेचा विस्तार पुढील काळात विविध टप्प्यांत झाला. संभाजी महाराज, राजाराम महाराज, महाराणी ताराबाई, छत्रपती शाहू महाराज आणि पुढे पेशवाईच्या काळात मराठा सत्तेचे राजकीय आणि प्रशासकीय स्वरूप बदलत गेले. कोकणात मराठा सत्तेबरोबरच आंग्रे, सिद्दी, पोर्तुगीज आणि ब्रिटिश अशा विविध सत्ताकेंद्रांशी संघर्ष व संबंधही कायम राहिले.<ref name="HistoryKonkanGazetteer1896"/> पुढील मराठा काळात महसूल हक्कांचे वाटप, वतन, जहागीर, चौथाई, सरदेशमुखी आणि इतर महसुली दावे यांची प्रशासकीय गुंतागुंत वाढली. महाराष्ट्र राज्य गॅझेटियरमधील ऐतिहासिक वर्णनानुसार मराठा सत्तेच्या विस्ताराच्या काळात विविध सरदारांना प्रदेश आणि त्यातून मिळणारे महसूल हक्क देण्यात आले आणि या महसुलाचा संबंध लष्करी व्यवस्थेशी होता.<ref name="MarathaAdministration">{{cite web |title=History of Maharashtra — Maratha Administration |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/Satara/english/SDGrevised/2%20HISTORY.pdf |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> या प्रक्रियेमुळे कृषक आणि राज्य यांच्यातील महसुली संबंध अधिक गुंतागुंतीचे झाले. काही प्रदेशांत स्थानिक वतनदार, सरदार आणि महसूल मध्यस्थ यांची भूमिका महत्त्वाची राहिली. त्याच वेळी राज्याच्या प्रशासकीय आणि लष्करी व्यवस्थेसाठी आवश्यक महसूल ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतून मिळत राहिला.<ref name="MarathaAdministration"/> === शिवकालीन कृषक समाज आणि कुणबी : ऐतिहासिक सावधगिरी === शिवाजी महाराजांच्या काळातील रयत, शेतकरी किंवा कृषक समाज आणि आधुनिक कुणबी समाज यांच्यात काही सामाजिक किंवा आर्थिक सातत्याचे घटक असण्याची शक्यता इतिहासाच्या अभ्यासातून तपासता येते; परंतु उपलब्ध पुराव्यांच्या आधारे शिवकालीन सर्व रयत ‘कुणबी’ होती असा निष्कर्ष काढता येत नाही. शिवकालीन ग्रामीण समाजाचा उल्लेख विविध सामाजिक, आर्थिक आणि प्रशासकीय संदर्भांत आढळतो.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/> शिवकालीन आणि पुढील मराठा काळातील ‘रयत’, ‘मिरासदार’, ‘पाटील’, ‘देशमुख’ आणि इतर प्रशासकीय किंवा सामाजिक संज्ञांचा वापर त्यांच्या संबंधित ऐतिहासिक संदर्भात करणे आवश्यक आहे. या संज्ञांना आधुनिक जातीय वर्गीकरणाशी थेट समान मानणे योग्य नाही. आधुनिक काळातील ‘कुणबी’ या सामाजिक वर्गाचे अधिक स्पष्ट दस्तऐवजीकरण पुढील वसाहतकालीन जनगणना, District Gazetteers आणि ethnographic साहित्यामध्ये आढळते.<ref name="Census1931Bombay"/><ref name="Enthoven1922" /> म्हणून कोकणातील कुणबींच्या इतिहासाच्या दृष्टीने शिवकालाचे महत्त्व हे ‘शिवाजी महाराजांच्या सैन्यात कुणबी मोठ्या प्रमाणावर होते’ अशा अप्रमाणित दाव्यात नसून, '''कृषक रयत, जमीन, महसूल, ग्रामव्यवस्था, किल्ले, लष्करी मनुष्यबळ आणि राज्य यांच्यातील संबंधांच्या ऐतिहासिक विकासात''' आहे.<ref name="HistoryKonkanShivaji"/><ref name="ShivajiRevenueArrangements"/> शिवाजी महाराजांच्या स्वराज्यव्यवस्थेने कोकणातील ग्रामीण समाजावर परिणाम घडवून आणला आणि कृषी उत्पादन, महसूल, किल्ले, स्थानिक बाजारपेठा आणि लष्करी व्यवस्थेतील संबंधांना प्रशासकीय चौकट प्राप्त झाली. पुढील मराठा सत्ताकाळात या व्यवस्थेचे स्वरूप बदलत गेले आणि त्याचा कोकणातील जमीन, महसूल आणि ग्रामीण समाजावर दीर्घकालीन परिणाम झाला.<ref name="HistoryKonkanGazetteer1896"/><ref name="MarathaAdministration"/> == ब्रिटिशपूर्व आणि ब्रिटिशकालीन कोकण == अठराव्या शतकाच्या उत्तरार्धापासून एकोणिसाव्या शतकाच्या उत्तरार्धापर्यंत कोकणातील जमीन, महसूल, कृषी आणि ग्रामीण समाजरचनेत महत्त्वपूर्ण बदल झाले. मराठा सत्तेच्या उत्तरकाळातील जमीनहक्क, मिरास, वतन, पाटील-कुलकर्णी व्यवस्था आणि खोतीसारख्या स्थानिक पद्धती ब्रिटिश सत्तेच्या स्थापनेनंतरही काही काळ अस्तित्वात राहिल्या; त्याच वेळी ब्रिटिश प्रशासनाने सर्वेक्षण, जमीनमोजणी, महसूल निश्चिती आणि नोंदवही यांच्या माध्यमातून जमीन व महसूल व्यवस्थेचे पुनर्गठन केले. रत्‍नागिरीमध्ये १८२७नंतर झालेल्या सर्वेक्षणांमधून जमीन, तिची प्रतवारी, धारकांचे हक्क आणि महसूल यांची अधिक पद्धतशीर नोंद करण्यात आली.<ref name="RatnagiriSurveys1827">{{cite web |title=Land Administration — Ratnagiri: Surveys 1827–1851 |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/land1_surveys27.html |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> या कालखंडाच्या अभ्यासासाठी १८८०चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Ratnagiri and Savantvadi'', १८८२चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Thana'' आणि १८८३चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Kolaba and Janjira'' हे महत्त्वाचे वसाहतकालीन स्रोत आहेत. या गॅझेटियरमध्ये जमीन प्रशासन, महसूल, शेती, जमीनधारणा, पिके, गावव्यवस्था, लोकसंख्या आणि विविध सामाजिक समूहांविषयी माहिती दिली आहे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/><ref name="Thana1882"/><ref name="KolabaJanjira1883">{{cite book |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Kolaba and Janjira |volume=11 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1883 }}</ref> === ब्रिटिशपूर्व जमीनव्यवस्था === ब्रिटिश सत्ता येण्यापूर्वी कोकणातील जमीनव्यवस्था एकसंध स्वरूपाची नव्हती. प्रदेश, गाव, जमीनधारकांचे हक्क, स्थानिक वतन आणि महसूलपद्धती यांनुसार जमीनधारणेचे स्वरूप बदलत असे. रत्‍नागिरीतील ब्रिटिश सर्वेक्षणाच्या नोंदींमध्ये पूर्वीच्या जमीनमोजणी, जमीनवर्गीकरण आणि विविध प्रकारच्या हक्कांचा तपशील आढळतो.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> १८२७नंतर रत्‍नागिरीत करण्यात आलेल्या ब्रिटिश सर्वेक्षणांमध्ये पूर्वीच्या मराठा पद्धतीतील जमीनमोजणी आणि जमिनीच्या प्रतवारीचा अभ्यास करण्यात आला. सुरुवातीच्या सर्वेक्षणात जुन्या पद्धतीतील काही घटकांचा आधार घेण्यात आला; पुढे अधिक अचूक मोजणी, नकाशे आणि महसूल नोंदी तयार करण्यावर भर देण्यात आला.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === रयत आणि कृषक === कोकणातील ग्रामीण अर्थव्यवस्थेचा मुख्य आधार कृषी होता. रत्‍नागिरीत भातशेतीबरोबर नाचणी, वरी आणि इतर पिके घेतली जात. ब्रिटिश सर्वेक्षणाच्या काळात जमिनीचे वर्गीकरण तिच्या उपयोग, पिकांचा प्रकार आणि पाण्याच्या उपलब्धतेनुसार करण्यात आले. भातजमिनी आणि उंच किंवा पावसावर अवलंबून असलेल्या जमिनींचे विविध प्रकार नोंदवले गेले होते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> थाणे जिल्ह्यातही कृषी ही लोकसंख्येच्या मोठ्या भागाची उपजीविका होती. १८८२ च्या गॅझेटियरमध्ये जिल्ह्यातील सुमारे ६३ टक्के लोकसंख्या शेतीशी संबंधित असल्याचे नमूद केले आहे. भातजमिनींचे ''bandhni'' आणि ''malkhandi'' असे प्रकार करण्यात आले होते आणि पाण्याच्या उपलब्धतेनुसार जमिनीची उत्पादकता बदलत होती.<ref name="ThanaAgriculture">{{cite web |title=Agriculture — Thana District |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Thana%20District/Thane-I/agriculture_soil.html |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> === मिरास आणि वारसाहक्काची जमीन === ब्रिटिशपूर्व महाराष्ट्रातील ग्रामव्यवस्थेत काही कृषकांना जमिनीवर दीर्घकालीन किंवा वारसाहक्काचे हक्क प्राप्त होते. रत्‍नागिरीतील ब्रिटिश चौकशीच्या नोंदींमध्ये काही कृषकांना ''hereditary cultivators'' म्हणून वर्णिले आहे. त्यांच्या जमिनीवरील हक्कांचा संबंध स्थानिक जमीनव्यवस्था आणि पूर्वीपासून चालत आलेल्या कृषी हक्कांशी होता.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> रत्‍नागिरीतील १८२९–१८३० च्या चौकशीच्या संदर्भात खोती गावांतील वारसाहक्की कृषकांमध्ये कुणबींचा मोठा सहभाग असल्याची नोंद आढळते. या कृषकांना ''karda'' म्हणून संबोधण्यात आले असून त्यांच्या हक्कांचा संबंध लागवड, उत्पादन आणि खोतालाच देय असलेल्या रकमेशी होता.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> या नोंदी कोकणातील कुणबी समाजाच्या इतिहासाच्या दृष्टीने महत्त्वाच्या आहेत. कारण रत्‍नागिरीतील या ब्रिटिशकालीन चौकशीत ‘कुणबी’ ही संज्ञा प्रत्यक्ष कृषक आणि जमीनहक्कांच्या संदर्भात वापरलेली आढळते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === वतन व्यवस्था आणि ग्रामअधिकारी === मध्ययुगीन आणि मराठा काळापासून गावपातळीवरील प्रशासनात पाटील, कुलकर्णी आणि इतर वतनदारांना महत्त्व होते. पाटीलचा संबंध गावच्या कारभार आणि महसूलविषयक कामांशी, तर कुलकर्णीचा संबंध गावच्या लेखा व महसूल नोंदींशी होता. अनेक ठिकाणी या पदांना वंशपरंपरागत हक्कांचे स्वरूप प्राप्त झाले होते.<ref name="KolabaJanjira1883"/> ब्रिटिश सत्तेच्या स्थापनेनंतर या स्थानिक हक्कांची आणि वतनांची नोंद महसूल प्रशासनाच्या चौकटीत करण्यात आली. जमीन महसूल आणि ग्रामप्रशासन अधिक पद्धतशीर करण्यासाठी जमीनधारक, क्षेत्रफळ, सीमा आणि महसूल यांची नोंद तयार करण्यात आली.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === पाटील-कुलकर्णी व्यवस्था === गावातील पाटील आणि कुलकर्णी हे ग्रामीण प्रशासनातील प्रमुख अधिकारी होते. पाटीलचा संबंध गावच्या कारभार, महसूलविषयक कामे आणि स्थानिक प्रशासनाशी होता, तर कुलकर्णी गावच्या महसूल व जमीन नोंदी ठेवण्याच्या कामाशी संबंधित होता. मराठा काळातील ही व्यवस्था ब्रिटिश सत्तेच्या सुरुवातीच्या काळातही अनेक भागांत अस्तित्वात होती.<ref name="KolabaJanjira1883"/> ब्रिटिश सर्वेक्षणानंतर गावातील जमीन आणि महसूल नोंदी अधिक प्रमाणबद्ध करण्याचा प्रयत्न करण्यात आला. रत्‍नागिरीतील सर्वेक्षणात प्रत्येक शेताचे क्षेत्रफळ, सीमा आणि गावातील स्थान नोंदविण्यासाठी ''khatavni'' नावाची गावनिहाय नोंदवही तयार करण्यात आली. नकाशांमध्ये शेतांची आणि गावांची स्थिती दर्शविण्यात आली.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === खोती व्यवस्था === कोकणातील जमीनव्यवस्थेच्या इतिहासात खोती पद्धतीला विशेष महत्त्व होते. रत्‍नागिरी आणि कोलाबा प्रदेशातील काही गावांमध्ये खोत हा महसूल आणि जमीनव्यवस्थेतील मध्यस्थ म्हणून कार्यरत होता. खोती गावांमध्ये खोत आणि प्रत्यक्ष जमीन कसणारे कृषक यांच्यातील हक्क व देयकांचे संबंध ब्रिटिशकालीन महसूल चौकशीत नोंदवले गेले.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/><ref name="RatnagiriSurveys1827"/> रत्‍नागिरीतील १८२९–१८३० च्या चौकशीत खोती गावांतील कृषक हक्क आणि खोतांना देय असलेल्या रकमांचा उल्लेख आढळतो. या नोंदींमधून खोती व्यवस्था ही केवळ महसूलवसुलीची पद्धत नसून खोत, जमीन कसणारे कृषक आणि राज्य यांच्यातील हक्क व आर्थिक संबंधांची एक गुंतागुंतीची रचना होती, असे दिसते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === ब्रिटिश सर्वेक्षण आणि महसूल नोंदी === ब्रिटिश प्रशासनाने जमीन महसूल निश्चित करण्यासाठी प्रत्यक्ष सर्वेक्षण, मोजणी, नकाशे आणि जमीनधारकांच्या हक्कांची नोंद यांना महत्त्व दिले. रत्‍नागिरीतील १८२७ ते १८५१ या कालखंडातील सर्वेक्षण प्रक्रियेत जमिनीची मोजणी, प्रतवारी, धारकांचे हक्क आणि महसूल यांची नोंद करण्यात आली.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> या प्रक्रियेमुळे पूर्वीच्या स्थानिक जमीनहक्कांना प्रशासकीय नोंदींच्या चौकटीत स्थान मिळाले. जमीन, धारक, क्षेत्रफळ, सीमा आणि महसूल यांची नोंद पुढील काळातील जमीन प्रशासनासाठी महत्त्वाची ठरली. त्यामुळे ब्रिटिशकालीन सर्वेक्षण नोंदी या कोकणातील कृषक समाज, जमीनधारणा आणि कुणबी समाजाच्या सामाजिक-आर्थिक इतिहासाच्या अभ्यासासाठी महत्त्वाचे प्राथमिक स्रोत ठरतात.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === महसूल व्यवस्था === ब्रिटिश काळात जमीन महसूल हा जिल्ह्याच्या सरकारी उत्पन्नाचा प्रमुख स्रोत होता. कोलाबा जिल्ह्याच्या १८८३ च्या गॅझेटियरनुसार १८८०–८१मध्ये जिल्ह्याच्या एकूण सरकारी उत्पन्नातील सुमारे ६० टक्के उत्पन्न जमीन महसुलातून येत होते. १८५२–५३ ते १८८०–८१ या कालावधीत जमीन महसूल प्राप्तीत वाढ झाली होती. या वाढीमागे लागवडीखाली आणलेल्या अधिक क्षेत्राबरोबरच सर्वेक्षणामुळे झालेली अधिक अचूक जमीनमोजणी हे घटक असल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="KolabaRevenue">{{cite web |title=Revenue and Finance — Kolaba |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Kolaba%20District/revenue.html |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> कोलाबा जिल्ह्याच्या महसूलव्यवस्थेत जमीन महसुलाबरोबर स्थानिक निधीचीही व्यवस्था होती. शिक्षण, रस्ते, विहिरी, विश्रामगृहे आणि दवाखाने यांसारख्या स्थानिक सार्वजनिक कामांसाठी निधी उपलब्ध केला जात असे. १८६३पासून ग्रामीण शिक्षण आणि स्थानिक सार्वजनिक कामांसाठी स्थानिक निधीच्या व्यवस्थेचा विस्तार झाल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद आहे.<ref name="KolabaRevenue"/> === शेती आणि जमीनधारणा === कोकणातील शेतीवर पर्जन्यमान, जलव्यवस्था, जमिनीचा प्रकार आणि किनारी भौगोलिक परिस्थितीचा प्रभाव होता. थाणे जिल्ह्यात भातजमिनींची उत्पादकता पाण्याची उपलब्धता, पाण्याचा निचरा आणि जमिनीच्या स्वरूपाशी संबंधित होती. ''Bandhni'' आणि ''malkhandi'' या भातजमिनींच्या प्रकारांमध्ये उत्पादनातील फरक असल्याचे १८८२ च्या गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="ThanaAgriculture"/> थाणे जिल्ह्यातील १८७९–८० च्या महसूल सर्वेक्षणानुसार सरकारी लागवडीयोग्य क्षेत्रापैकी ९२.७ टक्के क्षेत्र प्रत्यक्ष लागवडीखाली होते. त्यामध्ये भातजमीन आणि कोरडवाहू जमीन हे प्रमुख प्रकार होते. किनारी भागात खारवट किंवा खारफुटीच्या प्रभावाखालील जमीन धरणे, बांध घालणे आणि पाण्याचा निचरा किंवा पावसाच्या पाण्याच्या साहाय्याने जमीन शेतीयोग्य करण्याचे प्रयत्न होत असल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद आहे.<ref name="ThanaAgriculture"/> खारवट जमीन शेतीयोग्य करण्यासाठी काही भागांत जमीन सुधारणा करणाऱ्या व्यक्तींना महसूल किंवा भाडे सवलती देण्यात आल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे. सुरुवातीच्या काही वर्षांत कमी किंवा शून्य आकारणी करून जमीन सुधारण्यास प्रोत्साहन देण्यात येत असे. अशा प्रक्रियांमुळे किनारी भागातील काही खारवट जमीन कालांतराने भातशेतीसाठी वापरली जाऊ लागली.<ref name="ThanaAgriculture"/> === ग्रामीण अर्थव्यवस्था === कोकणातील ग्रामीण अर्थव्यवस्था केवळ शेतीपुरती मर्यादित नव्हती. भात, नाचणी, वरी, नारळ, सुपारी, फळबागा, पशुधन, मासेमारी, जंगलातील उत्पादन आणि स्थानिक व्यापार यांचा ग्रामीण जीवनाशी संबंध होता. बंदरे, नदीमार्ग आणि बाजारपेठांमुळे कृषी उत्पादनाचा संबंध स्थानिक तसेच किनारी व्यापाराशी जोडला गेला.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/><ref name="KolabaJanjira1883"/> रत्‍नागिरी गॅझेटियरमध्ये भात, नारळ, सुपारी आणि इतर कृषी उत्पादनांचा उल्लेख असून कृषी उत्पादन, स्थानिक बाजारपेठ आणि व्यापार यांच्यातील संबंधांची माहिती दिली आहे. जिल्ह्यातील जमीन, कृषी उत्पादन आणि व्यापार यांसाठी स्वतंत्र वर्णने देण्यात आली आहेत.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> कोलाबा जिल्ह्याच्या १८८३ च्या गॅझेटियरमध्येही शेती, धान्य, तांदूळ, नारळ, सुपारी, बंदरे, नदीमार्ग आणि व्यापार यांचा परस्परसंबंध दिसून येतो. महाड, माणगाव, रोहा, पेण, अलिबाग आणि इतर केंद्रे कृषी उत्पादन, वाहतूक आणि व्यापाराच्या व्यापक जाळ्याशी संबंधित होती.<ref name="KolabaJanjira1883"/> === कुणबी आणि जमीनधारणा === ब्रिटिशकालीन रत्‍नागिरीच्या जमीन प्रशासनाच्या नोंदी कोकणातील कुणबी समाजाच्या सामाजिक-आर्थिक इतिहासासाठी महत्त्वाच्या आहेत. १८२९–१८३० च्या जमीनविषयक चौकशीच्या संदर्भात ''vatandar kardas'' म्हणून नोंदवलेल्या वारसाहक्की कृषकांमध्ये कुणबींचा मोठा वाटा असल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे. हे कृषक विशिष्ट जमीनहिस्से कसत आणि त्या जमिनीच्या उत्पादनाशी संबंधित देयके खोत्यांना देत असत.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> गॅझेटियरच्या वर्णनानुसार अशा कुणबी कृषकांचे जीवन गावातील विशिष्ट जमीनहिस्स्यांशी संबंधित होते. कुटुंबे किंवा कुटुंबसमूह विशिष्ट जमीनभागाची लागवड करीत आणि लागवडीखालील तसेच पडीत जमिनीच्या व्यवस्थापनाशी त्यांचा संबंध होता.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> या नोंदींमुळे रत्‍नागिरीतील कुणबी कृषकांचा इतिहास केवळ व्यापक अर्थाने ‘शेतकरी समाज’ या वर्णनापुरता मर्यादित राहत नाही. उपलब्ध जमीनविषयक नोंदींमध्ये कुणबी कृषक, जमीनहिस्से, लागवड आणि खोती व्यवस्थेतील देयके यांच्यातील संबंध स्पष्टपणे दिसून येतात.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === ब्रिटिश प्रशासन आणि कृषकांवरील परिणाम === ब्रिटिश प्रशासनाने जमीन महसूल निश्चित करण्यासाठी जमीनसर्वेक्षण, मोजणी आणि नोंदणीवर भर दिला. रत्‍नागिरीतील १८२७नंतरच्या सर्वेक्षणांमध्ये जमीन, तिचे क्षेत्रफळ, प्रतवारी, लागवड आणि महसूल यांची अधिक पद्धतशीर नोंद करण्याचा प्रयत्न करण्यात आला. या प्रक्रियेमुळे गावांच्या सीमा, शेतजमिनी आणि महसूलविषयक माहिती अधिक औपचारिक सरकारी नोंदींमध्ये येऊ लागली.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> खोती हक्क आणि कृषकांचे हक्क यांच्यातील संबंधांबाबत ब्रिटिश प्रशासनाला विविध प्रश्नांना सामोरे जावे लागले. १८३० च्या दशकापासून पुढे खोत्यांचे अधिकार, कृषकांचे पारंपरिक हक्क, महसूल आकारणी आणि अनधिकृत आकारणी यांसंबंधी चौकशी व प्रशासकीय चर्चा झाल्याचे रत्‍नागिरीच्या जमीन प्रशासनाच्या नोंदींमधून दिसते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> या प्रक्रियेत अधिक अचूक जमीनसर्वेक्षण, जमिनीचे वर्गीकरण आणि महसूल नोंदी तयार करण्याला महत्त्व प्राप्त झाले. पारंपरिक जमीनहक्क आणि महसूलपद्धती यांचे सरकारी सर्वेक्षण व नोंदणीच्या माध्यमातून पुनर्गठन होत गेले.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === शेती, पाऊस आणि ग्रामीण संकटे === कोकणातील कृषी अर्थव्यवस्था मान्सूनवर मोठ्या प्रमाणात अवलंबून असल्यामुळे पर्जन्यमानातील बदलांचा पिकांच्या उत्पादनावर आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर परिणाम होत असे. रत्‍नागिरीच्या हंगाम अहवालांमध्ये विविध वर्षांतील पाऊस, भात आणि इतर पिकांची स्थिती, धान्याचे दर, पशुधनाची स्थिती आणि जमीन महसूल यांची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriSeasonReports">{{cite web |title=Land Administration — Ratnagiri: Season Reports |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/land1_sec4.html |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> १८७५–७६मध्ये अतिवृष्टीमुळे भात आणि upland पिकांचे नुकसान झाल्याची, तर १८७६–७७मध्ये पावसाअभावी नाचणी, वरी, हरिक आणि भात यांसारख्या पिकांच्या उत्पादनावर परिणाम झाल्याची नोंद हंगाम अहवालांमध्ये आहे. या काळात काही भागांत मदतकार्य तसेच जमीन महसुलासंबंधी सवलती आणि थकबाकीची नोंदही आढळते.<ref name="RatnagiriSeasonReports"/> या नोंदींवरून रत्‍नागिरीतील कृषक अर्थव्यवस्थेवर जमीनधारणा आणि लागवडीबरोबरच पर्जन्यमान, पीकउत्पादन, धान्याचे दर, पशुधन आणि जमीन महसूल यांचा परस्पर परिणाम होत असल्याचे दिसते. त्यामुळे जमीनधारणा असणे हे स्वतःपुरतेच ग्रामीण आर्थिक सुरक्षिततेचे निश्चित द्योतक मानता येत नाही.<ref name="RatnagiriSeasonReports"/> === ब्रिटिशकालीन गॅझेटियर निर्मिती === ब्रिटिश प्रशासनाने जिल्हानिहाय माहिती संकलित करून ''Gazetteer of the Bombay Presidency'' ही विस्तृत मालिका तयार केली. या गॅझेटियरमध्ये संबंधित जिल्ह्याची भौगोलिक रचना, इतिहास, लोकसंख्या, सामाजिक समूह, शेती, जमीन प्रशासन, महसूल, व्यापार, शिक्षण आणि इतर विषयांची माहिती एकत्रित करण्यात आली होती. त्यामुळे १९व्या शतकातील कोकणातील सामाजिक, आर्थिक आणि प्रशासकीय परिस्थितीच्या अभ्यासासाठी हे महत्त्वाचे वसाहतकालीन स्रोत ठरतात.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/><ref name="Thana1882"/></ref><ref name="KolabaJanjira1883"/> १८८०चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Ratnagiri and Savantvadi'' हा या मालिकेतील दहावा खंड होता. त्यात जमीन प्रशासन, शेती, उत्पादन, व्यापार, इतिहास, महसूल आणि इतर विषयांची स्वतंत्र माहिती दिली आहे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> १८८२चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Thana'' हा खंड १३, भाग १ म्हणून प्रकाशित झाला. त्यात लोकसंख्या, सामाजिक समूह, शेती, जमीन आणि ग्रामीण जीवनासंबंधी माहिती आहे. त्याच वर्षी ''Thana: Places of Interest'' हा स्वतंत्र खंड १४ म्हणून प्रकाशित झाला; मात्र सामाजिक, कृषी आणि महसुली माहितीचा संदर्भ देताना मुख्यतः खंड १३चा वापर करणे अधिक योग्य आहे.<ref name="Thana1882"/><ref name="ThanaPlacesOfInterest1882">{{cite book |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Thana, Places of Interest |volume=14 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1882 }}</ref> १८८३चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Kolaba and Janjira'' हा खंड ११ होता. त्यामध्ये लोकसंख्या, शेती, व्यापार, इतिहास, जमीन प्रशासन आणि महसूल व वित्त यांसाठी स्वतंत्र विभाग आहेत.<ref name="KolabaJanjira1883"/> === जनगणना आणि सामाजिक वर्गीकरण === ब्रिटिशकालीन जनगणना ही कोकणातील सामाजिक समूहांच्या लोकसंख्येचा अभ्यास करण्यासाठी महत्त्वाची ऐतिहासिक साधने आहेत. १९व्या शतकाच्या उत्तरार्धातील जनगणना अहवालांमध्ये लोकसंख्या, धर्म, भाषा, जात, व्यवसाय, जन्मस्थान आणि इतर सामाजिक निकषांनुसार माहिती संकलित करण्यात आली. मात्र जातीय वर्गीकरणाची पद्धत काळानुसार बदलत गेली आणि विविध प्रदेशांतील स्थानिक सामाजिक संज्ञांना प्रशासकीय वर्गांमध्ये बसविण्याचा प्रयत्न करण्यात आला.<ref name="Census1931Bombay"/> कुणबी समाजाच्या बाबतीत ही बाब विशेष महत्त्वाची आहे. ''Kunbi'', ''Kanbi'', ''Kulwadi'', ''Maratha-Kunbi'' आणि इतर संज्ञा वेगवेगळ्या जनगणनांमध्ये विविध पद्धतीने नोंदल्या गेल्या. त्यामुळे एका जनगणनेतील कुणबी लोकसंख्येची संख्या दुसऱ्या जनगणनेतील संख्येशी थेट तुलना करण्यापूर्वी त्या-त्या जनगणनेतील वर्गीकरणपद्धती, प्रशासकीय सीमा आणि संबंधित संज्ञेचा तत्कालीन अर्थ तपासणे आवश्यक आहे.<ref name="Census1931Bombay"/> ब्रिटिशकालीन जनगणना ही तत्कालीन प्रशासकीय आणि लोकसंख्याशास्त्रीय वर्गीकरणाची महत्त्वाची नोंद असली तरी ती प्रत्येक व्यक्तीच्या सामाजिक ओळखीचे अपरिवर्तनीय किंवा अंतिम प्रतिबिंब मानता येत नाही. सामाजिक ओळख, स्थानिक प्रथा आणि प्रशासकीय वर्गीकरण यांच्यात संबंध असला तरी त्यांची उद्दिष्टे आणि स्वरूप वेगवेगळे होते.<ref name="Census1931Bombay"/> === कोकणातील कुणबी आणि ब्रिटिशकालीन नोंदी === ब्रिटिशकालीन नोंदींमध्ये कोकणातील कुणबी समाजाचा उल्लेख विविध सामाजिक, कृषी आणि जमीनविषयक संदर्भांत आढळतो. रत्‍नागिरीतील जमीन प्रशासनाच्या नोंदींमध्ये कुणबी हे वारसाहक्काने जमीन कसणाऱ्या कृषकांमध्ये मोठ्या प्रमाणावर असल्याचे नमूद केले आहे. थाणे आणि कोलाबा गॅझेटियरमध्येही कुणबींचा कृषी आणि ग्रामीण समाजाच्या संदर्भात उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/><ref name="Thana1882"/><ref name="KolabaJanjira1883"/> रत्‍नागिरीतील जमीन प्रशासनाच्या नोंदी विशेष महत्त्वाच्या आहेत कारण त्यामध्ये कुणबी कृषकांचा उल्लेख जमीनहिस्से, वारसाहक्की लागवड आणि खोती व्यवस्थेशी संबंधित संदर्भात करण्यात आला आहे. वारसाहक्की ''karda'' आणि कुणबी कृषक यांचा संबंध हा कोकणातील कुणबी समाजाच्या जमीनधारणेच्या इतिहासासाठी महत्त्वाचा प्राथमिक पुरावा आहे.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === ब्रिटिशकालीन परिवर्तन आणि कुणबी समाज === ब्रिटिश सत्तेने कोकणातील पारंपरिक जमीनव्यवस्था एकाच वेळी पूर्णपणे बदलली नाही. विद्यमान जमीनहक्क, वतन, खोती व्यवस्था आणि कृषकांच्या प्रथागत अधिकारांचा अभ्यास करून त्यांचे सर्वेक्षण, मोजणी आणि प्रशासकीय नोंदणी करण्यात आली. या प्रक्रियेमुळे काही पारंपरिक हक्क सरकारी नोंदींमध्ये अधिक स्पष्टपणे नोंदवले गेले, तर काही हक्कांचे स्वरूप नव्या प्रशासकीय आणि कायदेशीर चौकटीत निश्चित करण्यात आले.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> कुणबी समाजाच्या दृष्टीने या प्रक्रियेचा एक परिणाम असा झाला की जमीन, क्षेत्रफळ, सीमा, लागवड आणि महसूल यांच्याशी संबंधित माहिती अधिक पद्धतशीर सरकारी नोंदींमध्ये येऊ लागली. त्याच वेळी महसूल, भाडे, खोती हक्क आणि कृषकांचे पारंपरिक अधिकार यांच्यातील संबंध नव्या प्रशासकीय चौकटीत निश्चित करण्याची प्रक्रिया सुरू झाली.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> रत्‍नागिरीतील खोती व्यवस्थेच्या संदर्भात ब्रिटिश अधिकाऱ्यांनी खोत्यांचे हक्क, कृषकांचे हक्क आणि सरकारी महसूल यांच्याशी संबंधित प्रश्नांवर चौकशी व प्रशासकीय हस्तक्षेप केला. पुढील काळात खोती व्यवस्थेबाबत स्वतंत्र चौकशा आणि सुधारणा करण्यात आल्या.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === ब्रिटिशपूर्व ते ब्रिटिशकालीन संक्रमण === कोकणातील जमीनव्यवस्थेचा ब्रिटिशपूर्व ते ब्रिटिशकालीन प्रवास हा अचानक झालेला बदल नसून सातत्य आणि परिवर्तन यांचा मिश्र परिणाम होता. मराठा काळातील जमीनमोजणी, ग्रामअधिकारी, वतन, मिरास आणि खोती यांसारख्या संस्थांचे काही घटक ब्रिटिश काळाच्या सुरुवातीसही अस्तित्वात होते; मात्र ब्रिटिश प्रशासनाने त्यांचे सर्वेक्षण, जमीनमोजणी, नकाशे, लेखी नोंदी आणि महसूलव्यवस्थेच्या माध्यमातून अधिक औपचारिक पुनर्गठन करण्याचा प्रयत्न केला.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> या संक्रमणाचा परिणाम ग्रामीण समाजाच्या विविध स्तरांवर झाला. जमीनधारक, खोती, पाटील, कुलकर्णी, वारसाहक्की कृषक, भाडेकरू आणि मजूर यांच्यातील जमीन, महसूल, भाडे आणि प्रथागत हक्कांचे संबंध ब्रिटिशकालीन सर्वेक्षण, महसूल चौकशी आणि गावनिहाय नोंदवहींमध्ये अधिक स्पष्टपणे नोंदवले जाऊ लागले. रत्‍नागिरीतील १८२७–१८३० च्या सर्वेक्षणात शेतांचे क्षेत्रफळ, सीमा आणि गावातील स्थान ''khatavni'' या गावनिहाय नोंदवहीत नोंदविण्यात आले आणि त्यासोबत नकाशे तयार करण्यात आले. त्याच चौकशीत खोती गावांतील वारसाहक्की कृषक, ''vatandar kardas'', तसेच इतर प्रकारच्या कृषकांचे जमीनहक्क आणि खोत्यांशी असलेले संबंध तपासण्यात आले.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> एकोणिसाव्या शतकातील जिल्हा गॅझेटियर आणि त्यानंतरच्या जनगणना अहवालांमध्ये जमीन, शेती, लोकसंख्या, जात, व्यवसाय आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेविषयी मोठ्या प्रमाणावर सांख्यिकीय व वर्णनात्मक माहिती संकलित करण्यात आली. रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीचा १८८०चा गॅझेटियर, ठाण्याचा १८८२चा गॅझेटियर आणि कोलाबा व जंजिराचा १८८३चा गॅझेटियर यांमध्ये जमीन प्रशासन, शेती, महसूल, लोकसंख्या आणि सामाजिक जीवनासंबंधी स्वतंत्र विभाग आहेत.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/><ref name="Thana1882"/><ref name="KolabaJanjira1883"/> त्यामुळे हे स्रोत कोकणातील एकोणिसाव्या शतकातील सामाजिक, कृषी आणि आर्थिक परिवर्तनाचा अभ्यास करण्यासाठी महत्त्वाचे ऐतिहासिक दस्तऐवज ठरतात. कोकणातील कुणबी समाजासाठी या कालखंडाचे विशेष महत्त्व आहे. रत्‍नागिरीतील १८२९–१८३० च्या जमीनचौकशीच्या संदर्भात ''vatandar kardas'' या वारसाहक्की कृषकांमध्ये कुणबींचा मोठा वाटा असल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद करण्यात आले आहे. या कृषकांकडे ठरावीक जमीनहिस्से होते; ते त्यांची लागवड आणि पडीत जमिनीचे व्यवस्थापन करीत आणि खोत्याशी संबंधित देयके देत असत.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्येही ''Kunbi'', ''Kanbi'', ''Kulwadi'', ''Maratta-Kunbi'' आणि संबंधित संज्ञांचे वर्गीकरण आढळते; मात्र ही वर्गीकरणे जनगणनेनुसार आणि प्रदेशानुसार बदलत असल्यामुळे त्यांच्या संख्यांची तुलना करताना संबंधित जनगणनेची वर्गीकरणपद्धती आणि तत्कालीन प्रशासकीय सीमा विचारात घेणे आवश्यक आहे. १९३१ च्या बॉम्बे जनगणनेत ''Kunbi, Kulwadi or Kanbi'', ''Lewa or Lewa Kunbi'' आणि ''Maratta-Kunbi'' अशा स्वतंत्र नोंदी आढळतात.<ref name="Census1931Bombay"/> त्यामुळे आधुनिक कोकणातील कुणबी समाजाचा सामाजिक-आर्थिक इतिहास समजून घेण्यासाठी ब्रिटिशपूर्व ग्रामव्यवस्था, ब्रिटिशकालीन जमीनसर्वेक्षण, महसूल नोंदी, District Gazetteers आणि Census records यांचा परस्पर संदर्भात अभ्यास करणे आवश्यक आहे. या स्रोतांमधून कुणबींच्या कृषी व्यवसायाबरोबरच त्यांच्या जमीनहक्कांचा, खोती व्यवस्थेशी असलेल्या संबंधांचा आणि बदलत्या प्रशासकीय वर्गीकरणाचा इतिहास अधिक स्पष्टपणे समोर येतो.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/><ref name="Census1931Bombay"/> == रत्‍नागिरीतील कुणबी == रत्‍नागिरी जिल्हा हा कोकणातील कुणबी समाजाच्या ऐतिहासिक अभ्यासासाठी विशेष महत्त्वाचा प्रदेश आहे. याचे एक प्रमुख कारण म्हणजे ब्रिटिशकालीन जमीन सर्वेक्षण, महसूल चौकशी, District Gazetteer आणि जनगणना अहवालांमध्ये रत्‍नागिरीतील कुणबींची तुलनेने सविस्तर नोंद आढळते. विशेषतः १८२७–१८३० च्या जमीन सर्वेक्षणाच्या नोंदींमध्ये वारसाहक्की कृषकांच्या संदर्भात कुणबींचा स्पष्ट उल्लेख आहे, तर १८८१ च्या जनगणनेत रत्‍नागिरी जिल्ह्यासाठी कुणबींची स्वतंत्र संख्या नोंदवण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/><ref name="Baines1881">{{cite book |last=Baines |first=J. A. |title=Imperial Census of 1881: Operations and Results in the Presidency of Bombay including Sind |volume=1 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1882 }}</ref> === एकोणिसाव्या शतकातील रत्‍नागिरीची लोकसंख्या === एकोणिसाव्या शतकाच्या सुरुवातीला रत्‍नागिरी हा तुलनेने दाट लोकवस्तीचा आणि कृषीप्रधान जिल्हा होता. १८२० च्या सुमारास करण्यात आलेल्या लोकसंख्या मोजणीच्या संदर्भात रत्‍नागिरीची लोकसंख्या पावसाळी हंगामात ४,६२,६५१ इतकी असल्याचे १८८० च्या गॅझेटियरमध्ये नमूद करण्यात आले आहे. त्या काळात रत्‍नागिरी धान्य निर्यात करणारा प्रदेश असल्याचेही त्याच नोंदीत नमूद आहे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> एकोणिसाव्या शतकाच्या मध्यापासून रत्‍नागिरीची लोकसंख्या वाढत गेली; मात्र दुष्काळ, रोगराई, आर्थिक अडचणी आणि विशेषतः मुंबईकडे होणारे स्थलांतर यांमुळे लोकसंख्येच्या वाढीचे स्वरूप इतर जिल्ह्यांपेक्षा वेगळे राहिले. १८८१ च्या जनगणनेत रत्‍नागिरी जिल्ह्याची लोकसंख्या ९,९७,०९० नोंदली गेली होती. त्यापैकी ४७३,०५३ पुरुष आणि ५२४,०३७ स्त्रिया होत्या.<ref name="Baines1881"/> १८८१ च्या रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या लोकसंख्येत शेतीचे स्थान अत्यंत महत्त्वाचे होते. त्या काळातील नोंदीनुसार शेतीवर अवलंबून असलेली लोकसंख्या ६,८९,८३७ इतकी होती. यामध्ये कृषी कामगार आणि त्यांच्यावर अवलंबून असलेल्या लोकांचा समावेश होता.<ref name="ImperialGazetteerRatnagiri">{{cite web |title=Imperial Gazetteer of India: Ratnagiri |url=https://library.bjp.org/jspui/bitstream/123456789/1895/1/The%20Imperial%20Gazetteer%20of%20India%20%20Vol-12%20%28Ratlam%20to%20Sirmur%29.pdf |publisher=Imperial Gazetteer of India }}</ref> === १८८१ची जनगणना आणि कुणबी === १८८१ च्या Bombay Presidency Censusमध्ये कृषक समूहांचे वर्गीकरण करताना ''Maratha Kunbi'' हा मोठा कृषक वर्ग म्हणून मांडण्यात आला. Censusच्या विश्लेषणात Deccan Kunbi आणि कोकणातील ''Maratha'' म्हणून नोंदविल्या जाणाऱ्या उपविभागाचा एकत्र विचार करण्यात आला होता. Census अधिकाऱ्याने या दोन्ही वर्गांमधील भेद अनेक ठिकाणी स्पष्ट नसल्याचे आणि काही प्रकरणांत तो मनमानी स्वरूपाचा असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="Baines1881"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या बाबतीत १८८१ च्या Censusमध्ये **२,०५,७८४ कुणबी** आणि **२,७१,००० मराठा** अशी संख्या नोंदविण्यात आली होती. Censusच्या मूळ मजकुरात या आकडेवारीचा स्पष्ट उल्लेख आहे.<ref name="Baines1881"/> १८८१ च्या Censusच्या वर्गीकरणातील ही अस्पष्टता रत्‍नागिरीतील कुणबींच्या ऐतिहासिक लोकसंख्येचा अभ्यास करताना विशेष लक्षात घ्यावी लागते. एका बाजूला Censusमध्ये ''Kunbi'' ही स्वतंत्र नोंद आहे; दुसऱ्या बाजूला त्याच अहवालात Deccan Kunbi आणि Konkanमधील Maratha यांच्या वर्गीकरणातील फरक नेहमी स्पष्ट नसल्याचे नमूद केले आहे. त्यामुळे १८८१ च्या आकडेवारीचा उपयोग त्या काळातील दस्तऐवजी लोकसंख्या-वर्गीकरणाचा पुरावा म्हणून करता येतो; मात्र त्यावरून आधुनिक काळातील कुणबी समाजाची लोकसंख्या निश्चित करता येत नाही.<ref name="Baines1881"/> === रत्‍नागिरी गॅझेटियरमधील कुणबी === १८८०चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Ratnagiri and Savantvadi'' हा रत्‍नागिरीतील कुणबी समाजाच्या इतिहासाच्या अभ्यासासाठी महत्त्वाचा वसाहतकालीन स्रोत आहे. या खंडात लोकसंख्या, शेती, जमीन प्रशासन, महसूल, व्यापार आणि १८२७–१८५१ च्या सर्वेक्षणाशी संबंधित स्वतंत्र माहिती दिली आहे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> गॅझेटियरच्या १८२७–१८३० च्या जमीन सर्वेक्षणासंबंधी नोंदींमध्ये रत्‍नागिरीतील वारसाहक्की कृषकांना ''hereditary cultivators'' आणि ''vatandar kardas'' असे संबोधले आहे. या कृषकांमध्ये कुणबींचा मोठा वाटा असल्याची स्पष्ट नोंद आहे. त्यामुळे रत्‍नागिरीतील कुणबींचे कृषक म्हणून असलेले स्थान हे केवळ नंतरच्या ethnographic वर्णनावर आधारित नसून ब्रिटिशकालीन जमीन चौकशीच्या नोंदींमध्येही दिसून येते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === कुणबी आणि वारसाहक्की जमीन === रत्‍नागिरीतील खोती गावांच्या संदर्भात ब्रिटिश अधिकाऱ्यांनी जमीनधारक आणि कृषक यांच्यातील संबंधांचा तपशीलवार अभ्यास केला. खोत्याच्या ताब्यातील जमिनीबरोबरच मोठ्या प्रमाणावर जमीन वारसाहक्की कृषकांच्या ताब्यात असल्याचे आढळले. या कृषकांमध्ये कुणबी मोठ्या संख्येने असल्याची नोंद करण्यात आली होती.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> या वारसाहक्की कृषकांना ''karda'' म्हणून संबोधले जात असे. ते विशिष्ट जमीनहिस्सा पिढ्यान्‌पिढ्या कसत आणि त्यावर लागवड करीत. काही नोंदींमध्ये अशा कृषकांच्या ताब्यातील जमीन, तिची लागवड आणि खोत्याशी असलेले आर्थिक संबंध यांचे वर्णन आढळते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> यावरून रत्‍नागिरीतील कुणबी समाजाची ऐतिहासिक ओळख केवळ ‘शेती करणारा समाज’ इतकी मर्यादित नव्हती. उपलब्ध जमीन प्रशासनाच्या नोंदींमध्ये काही कुणबी कृषक विशिष्ट जमीनहिस्से, वारसाहक्क आणि खोती महसूलव्यवस्थेशी संबंधित असल्याचे दिसते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === खोती व्यवस्था आणि कुणबी === रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण समाजरचनेवर खोती व्यवस्थेचा मोठा प्रभाव होता. खोत हा गावाच्या महसूलव्यवस्थेतील मध्यस्थ किंवा हक्कधारक होता. खोती गावांमध्ये कृषकांकडून जमीन कसून घेऊन त्यांच्याकडून महसूल किंवा इतर देयकांची वसुली केली जात असे आणि खोत सरकारशी महसूलाच्या बाबतीत संबंधित असे.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> कुणबींचा या व्यवस्थेशी संबंध विविध स्वरूपाचा होता. उपलब्ध रत्‍नागिरीतील जमीन प्रशासनाच्या नोंदींमध्ये काही कुणबी वारसाहक्की ''karda'' कृषक म्हणून नोंदलेले आढळतात. त्यामुळे कुणबी समाजाला खोती व्यवस्थेत केवळ एकाच आर्थिक वर्गात बसविणे योग्य ठरणार नाही. जमीनहक्क, लागवडीचे स्वरूप आणि खोत्याशी असलेले आर्थिक संबंध यांनुसार कृषकांची स्थिती वेगवेगळी असू शकत होती.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === भातशेती आणि कृषीजीवन === रत्‍नागिरीतील कृषीव्यवस्थेत भातशेतीला महत्त्वाचे स्थान होते. जिल्ह्यातील पर्जन्यमान, भौगोलिक रचना, नदीखोरे आणि विविध प्रकारच्या जमिनी यांमुळे भात हे प्रमुख अन्नधान्य पीक होते. याशिवाय नाचणी, वरी, हरिक आणि इतर पिकांचीही लागवड केली जात होती.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> १८८३–८४ च्या आकडेवारीनुसार रत्‍नागिरी जिल्ह्यात १,०७८,८२१ एकर क्षेत्र प्रत्यक्ष लागवडीखाली होते. त्यापैकी १,०२०,५८३ एकरांवर धान्यपिके, ४१,७७३ एकरांवर कडधान्ये, २५,२२२ एकरांवर तेलबिया, ७,७२३ एकरांवर तंतुपिके आणि उर्वरित क्षेत्रावर बागायती, ऊस व इतर पिके घेतली जात होती.<ref name="ImperialGazetteerRatnagiri"/> रत्‍नागिरीतील कृषीजीवन हे केवळ भातशेतीवर आधारित नव्हते. वर्खस किंवा डोंगराळ जमिनीवर नाचणी, वरी आणि हरिकसारखी पिके घेतली जात. Imperial Gazetteerनुसार १८८३–८४मध्ये वर्खस जमिनीवर हरिक, नाचणी आणि वरी यांसारख्या तुलनेने कमी पाण्यावर येणाऱ्या पिकांची लागवड मोठ्या प्रमाणावर होत होती. काही हलक्या व डोंगराळ जमिनींना सलग काही वर्षे लागवड केल्यानंतर पुन्हा काही काळ पडीत ठेवण्याची पद्धतही आढळत होती.<ref name="ImperialGazetteerRatnagiri"/> === रत्‍नागिरीतील ग्रामीण वितरण === १८८१मध्ये रत्‍नागिरी जिल्ह्यात १,२९७ गावे आणि शहरे नोंदली गेली होती. त्यापैकी १३८ वस्तींची लोकसंख्या २००पेक्षा कमी, ४५४ वस्तींची लोकसंख्या २०० ते ५००, ४३६ वस्तींची लोकसंख्या ५०० ते १,०००, तर २०५ वस्तींची लोकसंख्या १,००० ते २,००० होती. यावरून जिल्ह्याची लोकसंख्या मोठ्या शहरांपेक्षा असंख्य लहान ग्रामीण वसाहतींमध्ये मोठ्या प्रमाणावर विखुरलेली होती.<ref name="ImperialGazetteerRatnagiri"/> मालवण, रत्‍नागिरी, चिपळूण, वेंगुर्ला, राजापूर आणि दापोली ही त्या काळातील प्रमुख शहरे होती. यांपैकी मालवण, रत्‍नागिरी, चिपळूण, वेंगुर्ला आणि राजापूर ही नगरपालिका असलेली शहरे होती.<ref name="ImperialGazetteerRatnagiri"/> कुणबी समाजाच्या ग्रामीण वितरणाचा विचार करताना ही ग्रामरचना महत्त्वाची ठरते. रत्‍नागिरीतील कुणबी समाजाचा शेतीशी असलेला ऐतिहासिक संबंध लक्षात घेता त्यांची वस्ती कृषीप्रधान ग्रामीण भागांशी जोडलेली होती असे उपलब्ध जमीन प्रशासन आणि सामाजिक नोंदींवरून दिसते; मात्र प्रत्येक तालुका किंवा गावासाठी स्वतंत्र कुणबी लोकसंख्या उपलब्ध नसल्यामुळे जिल्ह्यातील कुणबींच्या सूक्ष्म भौगोलिक वितरणाचे अचूक प्रमाण निश्चित करता येत नाही.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> === गावजीवन आणि सामाजिक रचना === रत्‍नागिरीतील ग्रामीण समाज हा कुटुंब, जमीन, शेती, ग्रामसंस्था, देवस्थान आणि स्थानिक परंपरांशी जोडलेला होता. कृषक कुटुंबांचे जीवन त्यांच्या जमीनहिस्स्याशी आणि शेतीच्या हंगामाशी संबंधित होते. पावसाळा, भातलागवड, कापणी, धान्यसाठा आणि बाजारपेठेतील विक्री यांमुळे ग्रामीण जीवनाचे वार्षिक चक्र निश्चित होत असे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> गॅझेटियरच्या वर्णनात रत्‍नागिरीतील ग्रामीण घरांची रचना, कौलारू घरे, अंगण आणि घरातील विविध भागांचा उल्लेख आढळतो. आर्थिक स्थिती आणि कुटुंबाच्या आकारमानानुसार घरांच्या स्वरूपात फरक असल्याचेही दिसते.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> या सामाजिक रचनेत जात, कुटुंब, जमीनधारणा आणि व्यवसाय यांचा परस्पर संबंध होता. तथापि कुणबी समाजातील प्रत्येक कुटुंबाची आर्थिक स्थिती समान होती असे मानता येत नाही. जमीनहक्क, शेतीचे क्षेत्र, कर्ज, उत्पादन आणि बाहेरील रोजगाराच्या संधी यांनुसार आर्थिक फरक अस्तित्वात असू शकत होते. === कुणबी, मराठा आणि रत्‍नागिरीतील सामाजिक वर्गीकरण === रत्‍नागिरीतील कुणबींच्या इतिहासाचा अभ्यास करताना ''Kunbi'' आणि ''Maratha'' या संज्ञांमधील ऐतिहासिक संबंध अत्यंत सावधपणे तपासणे आवश्यक आहे. १८८१ च्या Censusमध्ये ''Maratha Kunbi'' हा व्यापक कृषक वर्ग वापरण्यात आला; त्याच वेळी रत्‍नागिरीसाठी ''Kunbi'' आणि ''Maratha'' यांच्या स्वतंत्र संख्याही नोंदविण्यात आल्या. Census अधिकाऱ्याने Konkanमधील Maratha आणि Deccan Kunbi यांच्या वर्गीकरणातील भेद काही ठिकाणी स्पष्ट नसल्याचे नमूद केले होते.<ref name="Baines1881"/> त्यामुळे १८८१ च्या रत्‍नागिरीतील २,०५,७८४ कुणबी आणि २,७१,००० मराठा या संख्यांवरून दोन्ही समूह स्वतंत्र, पूर्णपणे वेगळे किंवा पूर्णपणे समान सामाजिक समूह होते असा निष्कर्ष काढता येत नाही. त्या आकडेवारीचे अर्थ लावताना ब्रिटिश जनगणनेची वर्गीकरणपद्धती आणि त्या काळातील स्थानिक सामाजिक ओळखी विचारात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="Baines1881"/> === सावंतवाडीशी संबंध === रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडी हे दक्षिण कोकणातील परस्पर संबंधित ऐतिहासिक प्रदेश होते. १८८० च्या ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Ratnagiri and Savantvadi'' मध्ये या दोन्ही प्रदेशांचा एकाच खंडात स्वतंत्र विभागांसह अभ्यास करण्यात आला आहे. सावंतवाडी संस्थानातील वाडी, कुडाळ आणि बांदा या विभागांचा तसेच मालवण, वेंगुर्ला आणि दक्षिण कोकणातील इतर बाजारपेठांचा व्यापार आणि दळणवळणाच्या माध्यमातून परस्पर संबंध होता.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> सावंतवाडीच्या १८५१ च्या जनगणनेनुसार संस्थानाची लोकसंख्या १,५०,०६५ होती. १८७२ च्या जनगणनेत ती वाढून १,९०,८१४ झाली. १८७२ च्या वर्गीकरणानुसार ७३,६२७ व्यक्ती शेती आणि पशुधनाशी संबंधित व्यवसायात होत्या; ही संख्या एकूण लोकसंख्येच्या ३८.५८ टक्के होती.<ref name="SavantvadiPopulation">{{cite web |title=Population — Savantvadi |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/savantvadi/pop2_census.html |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> सावंतवाडीतील कृषी आणि ग्रामीण समाजाचा अभ्यास रत्‍नागिरीतील कुणबी समाजाशी थेट समानता सिद्ध करण्यासाठी नव्हे, तर दक्षिण कोकणातील कृषी, बाजारपेठ आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेच्या परस्परसंबंधांची ऐतिहासिक पार्श्वभूमी समजून घेण्यासाठी महत्त्वाचा आहे. === दक्षिण कोकणातील सामाजिक वैशिष्ट्ये === दक्षिण कोकणातील ग्रामीण समाजाची काही वैशिष्ट्ये रत्‍नागिरी, मालवण, कुडाळ, वेंगुर्ला आणि सावंतवाडी या प्रदेशांमध्ये आढळतात. पर्जन्याधारित शेती, डोंगराळ आणि किनारी भूप्रदेश, भातशेती, बागायती, जंगल आणि समुद्राशी संबंधित आर्थिक व्यवहार या प्रदेशाच्या ग्रामीण जीवनाचे महत्त्वाचे घटक होते.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> एकोणिसाव्या शतकाच्या उत्तरार्धात रत्‍नागिरीतील लोकसंख्या, मर्यादित कृषी संसाधने आणि रोजगाराच्या उपलब्धतेतील असमतोल यांचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर परिणाम झाला. विशेषतः मुंबईमध्ये वाढणाऱ्या मजूर मागणीमुळे रत्‍नागिरीतून हंगामी स्थलांतराला चालना मिळाली. १८७७–७८ च्या काळात रत्‍नागिरीतील गरीब कामगारांची नेहमीपेक्षा जवळजवळ दुप्पट संख्या, म्हणजे सुमारे १,५०,००० व्यक्ती, कामाच्या हंगामात मुंबईकडे गेल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद आहे. त्यापैकी अनेक जण पुढील पीकहंगामापूर्वी रत्‍नागिरीत परतले.<ref name="RatnagiriFamines">{{cite web |title=Famines and Scarcity — Ratnagiri |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_famines.html |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> रत्‍नागिरीतील लोकसंख्येचा मुंबईशी संबंध पुढील काळातही वाढत गेला. १८७२ च्या Censusनुसार मुंबई शहरात रत्‍नागिरी जिल्ह्यात जन्मलेल्या ७०,९४७ व्यक्ती होत्या; १८८१ च्या Censusमध्ये ही संख्या १,२६,१९० झाली. या वाढीचे प्रमाण जवळजवळ ७८ टक्के होते. Imperial Gazetteerने रत्‍नागिरीतील लोकसंख्येचा मुंबईतील रोजगार, औद्योगिक कामगारवर्ग आणि इतर सेवांशी असलेला संबंधही अधोरेखित केला आहे.<ref name="ImperialGazetteerRatnagiri"/> === कुणबी समाज आणि स्थलांतराची सुरुवात === रत्‍नागिरीतील मर्यादित कृषी संसाधने आणि मुंबईतील वाढती मजूर मागणी यांमुळे एकोणिसाव्या शतकात ग्रामीण भागातून मुंबईकडे हंगामी स्थलांतर वाढले. १८५० च्या दशकात रत्‍नागिरीतील कृषक मुंबईकडे हंगामानुसार जात असल्याच्या नोंदी आढळतात. एका सर्वेक्षण अधिकाऱ्याच्या नोंदीनुसार एका अंतर्गत तालुक्यातील प्रत्येक गावातून काही कृषक ऑक्टोबरच्या सुमारास मुंबईकडे जात आणि मान्सूनच्या सुरुवातीला शेतीच्या कामासाठी परतत असत.<ref name="ImperialGazetteerRatnagiri"/> १८७७–७८ च्या काळातील गॅझेटियरची नोंदही या हंगामी स्थलांतराच्या स्वरूपाला पुष्टी देते. कामाच्या हंगामात मुंबईकडे गेलेले मोठ्या संख्येतील ग्रामीण कामगार पुढील पीकहंगामापूर्वी रत्‍नागिरीत परतत होते. त्यामुळे शेती आणि शहरी मजुरी यांच्यात परस्परपूरक संबंध निर्माण झाला होता.<ref name="RatnagiriFamines"/> या स्थलांतरामुळे काही कुटुंबांच्या आर्थिक जीवनात ग्रामीण शेती आणि शहरी रोजगार यांचे मिश्र स्वरूप निर्माण झाले. गावातील जमीन आणि शेतीशी संबंध कायम ठेवत मुंबईत हंगामी मजुरी करणे हा काही ग्रामीण कुटुंबांसाठी उत्पन्नाचा पूरक मार्ग बनला. पुढील काळात याच प्रक्रियेतून हंगामी, परिपत्रक आणि कायमस्वरूपी स्थलांतराचे विविध नमुने विकसित झाले. === रत्‍नागिरीतील कुणबींची आर्थिक स्थिती === ब्रिटिशकालीन जमीन प्रशासनाच्या नोंदींवरून रत्‍नागिरीतील कुणबी समाजाची आर्थिक स्थिती एकसमान नव्हती. १८२७–१८३० च्या जमीन चौकशीमध्ये कुणबींचा उल्लेख वारसाहक्की कृषकांच्या संदर्भात आढळतो. या कृषकांकडे विशिष्ट जमीनहिस्से होते आणि ते त्या जमिनीची लागवड करीत होते. खोती गावांमध्ये अशा कृषकांचे खोतांशी महसूल आणि उत्पादनाशी संबंधित संबंध होते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> त्यामुळे रत्‍नागिरीतील कुणबी समाजाला केवळ एकसंध आर्थिक वर्ग म्हणून पाहणे योग्य ठरणार नाही. उपलब्ध नोंदींमध्ये वारसाहक्की कृषक, जमीन कसणारे इतर कृषक आणि खोती व्यवस्थेशी संबंधित विविध प्रकारचे जमीनहक्क व आर्थिक संबंध आढळतात. त्यामुळे ‘कुणबी म्हणजे सर्वच लहान शेतकरी’ किंवा ‘कुणबी म्हणजे सर्वच जमीनमालक’ अशी एकरेषीय मांडणी उपलब्ध ऐतिहासिक पुराव्यांशी सुसंगत ठरणार नाही.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> कृषी उत्पादन, जमीनधारणा आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर पर्जन्यमान, पिकांची स्थिती, जमिनीचा प्रकार आणि महसूलाची मागणी यांचा परिणाम होत असे. रत्‍नागिरीच्या हंगाम अहवालांमध्ये पाऊस, पिकांचे उत्पादन, धान्याचे दर, पशुधनाची हानी आणि जमीन महसूल यांची वर्षनिहाय नोंद आढळते. त्यामुळे कृषक कुटुंबांची आर्थिक स्थिती केवळ त्यांच्या जमीनहक्कावर अवलंबून नसून कृषी उत्पादन आणि त्या काळातील आर्थिक परिस्थितीशीही संबंधित होती.<ref name="RatnagiriSeasonReports"/> एकोणिसाव्या शतकाच्या उत्तरार्धात मुंबईशी वाढलेल्या आर्थिक संबंधांचाही रत्‍नागिरीच्या ग्रामीण समाजावर परिणाम झाला. रोजगाराच्या शोधात रत्‍नागिरीतून मुंबईकडे हंगामी स्थलांतर होत असल्याची नोंद उपलब्ध गॅझेटियर आणि इतर वसाहतकालीन स्रोतांमध्ये आढळते. या प्रक्रियेमुळे काही ग्रामीण कुटुंबांच्या उपजीविकेत शेतीबरोबर बाहेरील मजुरी किंवा रोजगाराचा सहभाग वाढला.<ref name="ImperialGazetteerRatnagiri"/> === रत्‍नागिरीतील कुणबींच्या इतिहासाचे वैशिष्ट्य === रत्‍नागिरीतील कुणबी समाजाच्या इतिहासाचे एक महत्त्वाचे वैशिष्ट्य म्हणजे त्यांचा उल्लेख जमीन प्रशासन, कृषी आणि जनगणना या वेगवेगळ्या प्रकारच्या वसाहतकालीन नोंदींमध्ये आढळतो. १८२७–१८३० च्या जमीन चौकशीमध्ये कुणबींचा वारसाहक्की कृषकांच्या संदर्भात उल्लेख करण्यात आला; १८८० च्या ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Ratnagiri and Savantvadi'' मध्ये जमीन प्रशासन, शेती, महसूल आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेची विस्तृत माहिती नोंदविण्यात आली; तर १८८१ च्या Censusमध्ये रत्‍नागिरी जिल्ह्यासाठी कुणबींची स्वतंत्र संख्या नोंदविण्यात आली.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/><ref name="Baines1881"/> या विविध स्रोतांचा एकत्रित अभ्यास केल्यास रत्‍नागिरीतील कुणबी समाजाचा इतिहास केवळ ‘शेतकरी जात’ या संक्षिप्त वर्णनापुरता मर्यादित राहत नाही. उपलब्ध नोंदींमध्ये कुणबी हे जमीन कसणारे कृषक, वारसाहक्की कृषक आणि खोती महसूलव्यवस्थेशी संबंधित ग्रामीण घटक म्हणून दिसतात. पुढील काळात रत्‍नागिरीतील ग्रामीण समाजाचा मुंबईतील रोजगाराशी वाढता संबंधही दिसून येतो.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/><ref name="ImperialGazetteerRatnagiri"/> मात्र या ऐतिहासिक नोंदींचे अर्थ लावताना काळानुसार बदललेले सामाजिक आणि प्रशासकीय वर्गीकरण लक्षात घेणे आवश्यक आहे. ''Kunbi'', ''Maratha'', ''Maratha-Kunbi'' आणि संबंधित संज्ञांचा वापर वेगवेगळ्या जनगणना आणि प्रशासकीय नोंदींमध्ये समान पद्धतीने झालेला नाही. त्यामुळे १८८१ च्या Censusमधील कुणबींची संख्या ही त्या काळातील ब्रिटिश जनगणनात्मक वर्गीकरणाची नोंद म्हणून पाहणे आवश्यक आहे; तिची आजच्या प्रशासकीय किंवा सामाजिक वर्गीकरणाशी थेट तुलना करता येत नाही.<ref name="Baines1881"/> == रायगड आणि ऐतिहासिक कोलाबा प्रदेशातील कुणबी == आधुनिक रायगड जिल्ह्याचा मोठा भाग ब्रिटिशकालीन ''Kolaba'' जिल्ह्याचा भाग होता. त्यामुळे रायगडातील कुणबी समाजाचा ऐतिहासिक अभ्यास करताना जुन्या प्रशासकीय नोंदींमधील ''Kolaba'' या संज्ञेचा संदर्भ लक्षात घेणे आवश्यक आहे. १८८३चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Kolaba and Janjira'' हा या प्रदेशाच्या इतिहास, लोकसंख्या, शेती, जमीन प्रशासन, महसूल आणि व्यापाराच्या अभ्यासासाठी महत्त्वाचा वसाहतकालीन स्रोत आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> रायगडातील कुणबी समाजाचा ऐतिहासिक अभ्यास करताना कृषी, जमीनधारणा, ग्रामजीवन आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था यांचा विचार करणे आवश्यक आहे. त्याचबरोबर महाड, माणगाव, रोहा, पेण, अलिबाग आणि इतर भागांचा व्यापार, नदीमार्ग आणि किनारी बाजारपेठांशी असलेला संबंधही या प्रदेशाच्या सामाजिक-आर्थिक इतिहासाला महत्त्वाचा संदर्भ देतो.<ref name="KolabaJanjira1883"/> === ऐतिहासिक कोलाबा आणि आधुनिक रायगड === ब्रिटिशकालीन ''Kolaba'' जिल्ह्याच्या भौगोलिक सीमा आजच्या रायगड जिल्ह्याच्या सीमांशी तंतोतंत समान नव्हत्या. प्रशासकीय पुनर्रचना आणि जिल्ह्यांच्या सीमांतील बदलांमुळे जुन्या जनगणना, गॅझेटियर किंवा महसूल नोंदींमधील ''Kolaba'' या संज्ञेचा आधुनिक रायगडशी संबंध जोडताना संबंधित काळातील प्रशासकीय सीमा विचारात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> १८८३ च्या गॅझेटियरमध्ये कोलाबा जिल्ह्याच्या लोकसंख्या, शेती, उत्पादन, जमीन प्रशासन, महसूल आणि व्यापाराचे स्वतंत्र वर्णन करण्यात आले आहे. या प्रशासकीय चौकटीत महाड आणि माणगावसारखे अंतर्गत कृषी प्रदेश तसेच अलिबाग, पेण आणि इतर किनारी भागांतील व्यापारकेंद्रांचा समावेश होता.<ref name="KolabaJanjira1883"/> === कोलाबा प्रदेशातील कुणबींचे वितरण === १८८३ च्या गॅझेटियरमध्ये कोलाबा जिल्ह्यातील सामाजिक समूहांचे वर्णन करताना कुणबींचा उल्लेख जिल्ह्याच्या विविध भागांत आढळणाऱ्या कृषक समुदायाच्या संदर्भात करण्यात आला आहे. सामाजिक वितरणाच्या वर्णनात किनारी भागातील काही गावांमध्ये भंडारी आणि कोळी यांची उपस्थिती नमूद करताना, मराठे प्रामुख्याने अंतर्गत भागात आढळत असल्याचे आणि कुणबी संपूर्ण जिल्ह्यात आढळत असल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> या नोंदीवरून एकोणिसाव्या शतकाच्या उत्तरार्धात कुणबींची उपस्थिती कोलाबा जिल्ह्याच्या विविध भागांत व्यापक होती, असे दिसते. तथापि ''संपूर्ण जिल्ह्यात आढळतात'' या गॅझेटियरमधील वर्णनाचा अर्थ प्रत्येक गावात कुणबी बहुसंख्य होते असा घेता येत नाही. तो त्यांच्या जिल्हास्तरीय भौगोलिक उपस्थितीचा वर्णनात्मक उल्लेख म्हणूनच समजणे अधिक योग्य आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> === महाड === महाड हे ऐतिहासिक कोलाबा प्रदेशातील महत्त्वाचे अंतर्गत व्यापारी आणि वाहतूककेंद्र होते. सावित्री नदीमार्गे महाडचा कोकण किनारा तसेच सह्याद्रीच्या घाटमार्गांशी संपर्क होता. त्यामुळे महाड परिसरातील कृषी उत्पादनाचा स्थानिक बाजारपेठा आणि व्यापाराशी संबंध निर्माण झाला होता.<ref name="KolabaJanjira1883"/> महाड आणि माणगाव परिसरातील कृषक समाजाच्या वर्णनात १८८३ च्या ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Kolaba and Janjira'' मध्ये स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती, जमिनीची उत्पादकता आणि शेतीपद्धतींचा उल्लेख करण्यात आला आहे. काही भागांतील जमिनीची तुलनेने कमी उत्पादकता आणि कृषीवर असलेले अवलंबित्व यांचा ग्रामीण समाजाच्या आर्थिक स्थितीशी संबंध असल्याचे त्या वर्णनातून दिसते. त्याच संदर्भात कुणबींना मेहनती कृषक म्हणून वर्णन करण्यात आले असून, भातशेतीसाठी पाण्याचे प्रवाह नियंत्रित करण्याच्या आणि पाण्याचा उपयोग करण्याच्या त्यांच्या कृषी कौशल्याचा उल्लेख आढळतो.<ref name="KolabaJanjira1883"/> गॅझेटियरमधील अशा वर्णनांचा वापर करताना त्यांची वसाहतकालीन निर्मिती आणि त्या काळातील प्रशासकीय व सामाजिक दृष्टिकोन लक्षात घेणे आवश्यक आहे. त्यामुळे कुणबींच्या आर्थिक किंवा सामाजिक स्थितीबाबत गॅझेटियरमधील वर्णन हे ऐतिहासिक स्रोत म्हणून महत्त्वाचे असले तरी त्यातील मूल्यनिर्णय किंवा विशेषणे आधुनिक समाजशास्त्रीय निष्कर्ष म्हणून स्वीकारता येत नाहीत. === महाडमधील कुणबी बोली : A. M. Ghatge === महाड परिसरातील कुणबी समाजाच्या भाषिक अभ्यासासाठी अमृत माधव घाटगे यांचा ''Kunbi of Mahad'' हा महत्त्वाचा स्रोत आहे. हा ग्रंथ १९६६ मध्ये महाराष्ट्र राज्य साहित्य आणि संस्कृती मंडळाच्या ''A Survey of Marathi Dialects'' या मालिकेतील तिसरा खंड म्हणून प्रकाशित झाला.<ref name="GhatgeKunbiMahad">{{cite book |last=Ghatge |first=A. M. |title=Kunbi of Mahad |series=A Survey of Marathi Dialects |volume=III |publisher=State Board for Literature and Culture, Bombay |year=1966 }}</ref> ''Kunbi of Mahad'' हा ग्रंथ महाड परिसरातील कुणबींच्या बोलीचा स्वतंत्र भाषाशास्त्रीय अभ्यास म्हणून महत्त्वाचा आहे. घाटगे यांच्या भाषिक सर्वेक्षणाच्या कार्यामध्ये महाराष्ट्र आणि महाराष्ट्राबाहेरील विविध मराठी व संबंधित भाषिक प्रकारांचा अभ्यास करण्यात आला होता. या व्यापक सर्वेक्षणाच्या पार्श्वभूमीवर महाडच्या कुणबी बोलीचा अभ्यास करण्यात आला.<ref name="SurveyDialectsMarathi">{{cite web |title=Survey of Dialects of Marathi Language |url=https://sdml.ac.in/previous-projects |publisher=Deccan College / Survey of Dialects of Marathi Language }}</ref> या लेखात ''Kunbi of Mahad''चा उपयोग मुख्यतः महाड परिसरातील कुणबींच्या भाषिक ओळखीचा आणि बोलीवैशिष्ट्यांच्या अभ्यासासाठी केला जातो. अमृत माधव घाटगे यांच्या प्रमुख ग्रंथांमध्ये ''Kunbi of Mahad'' (१९६६) या ग्रंथाचा समावेश असून तो ''A Survey of Marathi Dialects'' या मालिकेतील खंड आहे.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/> मात्र एखाद्या विशिष्ट बोलीचे अस्तित्व हे स्वतःपुरते त्या समाजाची संपूर्ण जातीय उत्पत्ती किंवा अखंड ऐतिहासिक वंशावळ सिद्ध करणारे प्रमाण मानता येत नाही. महाडच्या कुणबी बोलीचा अभ्यास या लेखातील भाषिक इतिहासाच्या संदर्भात पूरक पुरावा म्हणून महत्त्वाचा आहे. ध्वनीरचना, शब्दसंपत्ती, व्याकरण आणि स्थानिक भाषिक वैशिष्ट्यांचा अभ्यास केल्यामुळे महाड परिसरातील प्रादेशिक भाषिक ओळख आणि सामाजिक इतिहासाच्या काही पैलूंचा अभ्यास करता येतो. तथापि भाषिक साम्य किंवा बोलीवैशिष्ट्यांवरून एकट्या भाषाशास्त्रीय पुराव्याच्या आधारे कुणबी समाजाची जातीय उत्पत्ती निश्चित करणे योग्य ठरणार नाही. === माणगाव === माणगाव हा ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्यातील महत्त्वाचा अंतर्गत प्रदेश होता. सह्याद्रीच्या पायथ्याशी असलेली भौगोलिक स्थिती आणि नदीखोऱ्यांशी असलेला संबंध यांमुळे माणगाव परिसरातील ग्रामीण अर्थव्यवस्थेत शेतीला महत्त्वाचे स्थान होते.<ref name="KolabaJanjira1883"/> महाड आणि माणगाव परिसराच्या सामाजिक-आर्थिक वर्णनात १८८३ च्या गॅझेटियरमध्ये काही भागांतील जमिनीची तुलनेने कमी उत्पादकता आणि कृषी परिस्थितीचा उल्लेख करण्यात आला आहे. त्याच संदर्भात कुणबी कृषकांच्या आर्थिक स्थितीचा आणि त्यांच्या शेतीशी असलेल्या संबंधांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="KolabaJanjira1883"/> या नोंदींवरून माणगाव परिसरातील कुणबी समाजाचा अभ्यास करताना जमीन, कृषी उत्पादन, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती यांचा विचार करणे आवश्यक ठरते. तथापि गॅझेटियरमधील वर्णन हे त्या काळातील प्रशासकीय निरीक्षण असल्यामुळे त्यातील सामाजिक किंवा आर्थिक मूल्यनिर्णय आधुनिक सामाजिक वर्गीकरणाप्रमाणे स्वीकारणे योग्य ठरणार नाही.<ref name="KolabaJanjira1883"/> === रोहा === रोहा हा कुंडलिका नदीच्या खोऱ्याशी संबंधित महत्त्वाचा प्रदेश होता. नदीमार्ग आणि अंतर्गत वाहतुकीशी असलेल्या संबंधांमुळे रोहा परिसराचा कृषी उत्पादन, बाजारपेठा आणि व्यापाराशी संबंध होता. कोलाबा गॅझेटियरमध्ये रोहा आणि कुंडलिका नदीचा उल्लेख भौगोलिक, आर्थिक आणि वाहतुकीच्या संदर्भात आढळतो.<ref name="KolabaJanjira1883"/> रोहा परिसरातील ग्रामीण अर्थव्यवस्थेचा विचार करताना भातशेती, नदीखोरे आणि स्थानिक बाजारपेठा हे महत्त्वाचे घटक होते. तथापि रोहा तालुका किंवा त्यातील प्रत्येक गावासाठी स्वतंत्र कुणबी लोकसंख्येची विश्वसनीय ऐतिहासिक आकडेवारी उपलब्ध नसल्यामुळे तालुकानिहाय किंवा गावनिहाय कुणबी लोकसंख्येचे प्रमाण निश्चित करणे योग्य ठरणार नाही. === पेण === पेण हे ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्यातील महत्त्वाचे बाजारपेठीय आणि व्यापारी केंद्र होते. त्याचा किनारी भाग, अंतर्गत कोकण आणि मुंबईशी असलेला वाहतूक व व्यापारसंबंध यांमुळे पेणला प्रादेशिक अर्थव्यवस्थेत महत्त्वाचे स्थान प्राप्त झाले होते.<ref name="KolabaJanjira1883"/> पेण परिसरातील ग्रामीण समाज हा विविध सामाजिक आणि व्यवसायिक समूहांनी बनलेला होता. कोलाबा गॅझेटियरमध्ये कुणबींसह विविध सामाजिक समूहांची जिल्ह्यातील उपस्थिती नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> त्यामुळे पेण परिसरातील कुणबी समाजाचा इतिहास हा केवळ एका स्वतंत्र गावसमूहाच्या चौकटीत न पाहता कृषी, बाजारपेठ, वाहतूक आणि बहुजातीय ग्रामीण अर्थव्यवस्थेच्या व्यापक संदर्भात पाहणे अधिक योग्य ठरते. === अलिबाग आणि किनारी कोलाबा === अलिबाग हे कोलाबा जिल्ह्याचे प्रशासकीय केंद्र आणि महत्त्वाचे किनारी ठिकाण होते. समुद्र, खाड्या, बंदरे आणि मुंबईशी असलेल्या जवळिकीमुळे अलिबाग परिसराची अर्थव्यवस्था अंतर्गत कोलाबाच्या कृषी अर्थव्यवस्थेपेक्षा अधिक वैविध्यपूर्ण होती<ref name="KolabaJanjira1883"/> किनारी भागातील सामाजिक रचनेत कुणबींबरोबर कोळी, भंडारी आणि इतर समुदायांचा सहभाग होता. १८८३ च्या गॅझेटियरमध्ये थळ आणि अलिबागच्या आसपासच्या गावांमध्ये भंडारी आणि कोळींचा उल्लेख आहे, तर कुणबी संपूर्ण जिल्ह्यात आढळत असल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> यामुळे अलिबाग परिसरातील कुणबींचे जीवन केवळ भातशेतीपुरते मर्यादित नव्हते. किनारी बाजारपेठा, वाहतूक, मजुरी, व्यापार आणि शेती या विविध आर्थिक क्षेत्रांशी त्यांचा संबंध असू शकत होता; मात्र प्रत्येक आर्थिक क्रियेचा कुणबी समाजाशी थेट संबंध असल्याचा निष्कर्ष काढण्यासाठी स्वतंत्र पुरावा आवश्यक आहे. === भातशेती === कोलाबा प्रदेशातील कृषीव्यवस्थेत भाताला महत्त्वाचे स्थान होते. पावसाचे प्रमाण, नदीखोरे, खाचर जमीन आणि पाण्याचे व्यवस्थापन यांमुळे भातशेती हा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेचा प्रमुख भाग बनला होता.<ref name="KolabaJanjira1883"/> कुणबी कृषकांच्या संदर्भात गॅझेटियरमध्ये पाण्याचे अडथळे बांधणे, पाण्याचे प्रवाह वळवणे आणि भातखाचरांसाठी जलव्यवस्था करणे यांचे वर्णन आहे. यावरून कोलाबा प्रदेशातील कुणबींचे कृषी कौशल्य स्थानिक भूगोलाशी जुळवून घेतलेले होते.<ref name="KolabaJanjira1883"/> भाताबरोबर नाचणी आणि इतर कोरडवाहू पिके घेतली जात होती. काही भागात बागायती पिके घेण्यासाठी पाणी उपलब्ध असल्यास जमीन सुधारण्याचे प्रयत्न केले जात.<ref name="KolabaJanjira1883"/> === जमीनव्यवस्था === कोलाबा प्रदेशातील जमीनव्यवस्था ब्रिटिश काळात सर्वेक्षण, जमीनमोजणी आणि महसूल निश्चितीच्या प्रक्रियेतून अधिक औपचारिक झाली. १८८३ च्या गॅझेटियरमध्ये ''Land Administration'' आणि ''British System: Surveys, Settlement, Results'' असे स्वतंत्र विभाग आहेत.<ref name="KolabaJanjira1883"/> या व्यवस्थेत जमीनधारक, कृषक, खोत आणि महसूल प्रशासन यांच्यातील संबंध प्रदेशानुसार बदलत होते. कोकणातील खोती व्यवस्था ही विशेषतः जमीन महसूल आणि गावाच्या आर्थिक रचनेशी संबंधित होती. त्यामुळे कुणबींच्या सामाजिक स्थितीचा अभ्यास करताना त्यांच्या जातीय ओळखीबरोबर जमीनधारणा आणि महसूलव्यवस्थेतील स्थान तपासणे आवश्यक आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> === कुणबींची सामाजिक आणि आर्थिक स्थिती === १८८३ च्या ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Kolaba and Janjira'' मधील वर्णनानुसार कोलाबा जिल्ह्यातील कुणबी प्रामुख्याने शेतीशी संबंधित कृषक होते. त्यांच्या उपजीविकेत बैलजोडी, गुरेढोरे, कोंबड्या आणि शेतीची विविध अवजारे यांचा उपयोग होत असल्याचे वर्णन करण्यात आले आहे. नांगर, कुळव, विळी, कोयते आणि इतर शेतीची साधने त्यांच्या कृषी जीवनाचा भाग होती.<ref name="KolabaJanjira1883"/> गॅझेटियरमध्ये काही कुणबी कुटुंबांकडे नाचणी किंवा हरिक यांसारख्या धान्यांचा काही महिन्यांसाठी साठा असल्याचे, तर काही कुटुंबांकडे पुरेसा धान्यसाठा नसल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. यावरून त्या काळातील कुणबी कुटुंबांच्या आर्थिक परिस्थितीत फरक होता, असे दिसून येते.<ref name="KolabaJanjira1883"/> महाड आणि माणगाव परिसरातील काही भागांच्या संदर्भात गॅझेटियरमध्ये जमिनीची उत्पादकता आणि कृषी परिस्थितीचा उल्लेख करण्यात आला आहे. काही भागांत कृषकांची आर्थिक स्थिती प्रतिकूल असल्याचे वर्णन आहे, तर अधिक अनुकूल जमीन आणि पाण्याची उपलब्धता असलेल्या ठिकाणी कुणबी कृषकांनी बागायती पिकांचा उपयोग करून शेती अधिक उत्पादक करण्याचा प्रयत्न केल्याचे नमूद केले आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> या नोंदींवरून कोलाबा प्रदेशातील कुणबी समाजाची आर्थिक स्थिती एकसमान नव्हती, असे दिसते. जमीन, पाणी, पिकांची उत्पादकता आणि उपलब्ध कृषी साधने यांनुसार कुटुंबांच्या आर्थिक परिस्थितीत फरक असू शकत होता. === कुणबींची घरे आणि गावजीवन === १८८३ च्या गॅझेटियरमध्ये कोलाबा जिल्ह्यातील कुणबींच्या घरांच्या रचनेचेही वर्णन करण्यात आले आहे. माती किंवा खडीच्या भिंती, गवत किंवा भाताच्या पेंढ्याचे छप्पर आणि लाकडी आधार असलेली घरे आढळत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. घरातील जागेचा उपयोग कुटुंबाचा दैनंदिन वावर, स्वयंपाक, झोपणे आणि साठवणूक यासाठी केला जात असे. घराजवळ गुरेढोरे आणि शेतीची अवजारे ठेवण्यासाठीही जागा असल्याचे वर्णन आढळते.<ref name="KolabaJanjira1883"/> ही वर्णने एकोणिसाव्या शतकातील कोलाबा प्रदेशातील ग्रामीण जीवनाची ऐतिहासिक झलक देतात. तथापि गॅझेटियरमधील घरांच्या वर्णनावरून संपूर्ण कुणबी समाजाची घररचना एकसारखी होती असा निष्कर्ष काढता येत नाही. प्रदेश, आर्थिक स्थिती, जमीनधारणा आणि स्थानिक उपलब्ध साधनसामग्रीनुसार घरांच्या रचनेत फरक असण्याची शक्यता होती. === सामाजिक रचना आणि बहुजातीय ग्रामजीवन === कोलाबा प्रदेशातील गावे एकाच सामाजिक समूहाची वस्ती नसून विविध समुदायांच्या मिश्र वस्तीचे स्वरूप त्यात आढळत होते. १८८३ च्या गॅझेटियरमध्ये कुणबी, मराठा, भंडारी, कोळी, मुसलमान, महार आणि इतर सामाजिक समूहांच्या उपस्थितीचे वर्णन करण्यात आले आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> या बहुजातीय ग्रामीण संरचनेत विविध समुदायांच्या आर्थिक आणि सामाजिक भूमिका वेगवेगळ्या असू शकत होत्या. कुणबींचा संबंध प्रामुख्याने कृषीशी जोडला गेला होता, तर किनारी प्रदेशातील काही समुदाय मासेमारी, नारळ उत्पादन, वाहतूक आणि इतर व्यवसायांशी संबंधित होते.<ref name="KolabaJanjira1883"/> मात्र जात आणि व्यवसाय यांच्यातील संबंध प्रत्येक व्यक्तीच्या बाबतीत अपरिवर्तनीय होता असे मानता येत नाही. गॅझेटियरमधील व्यवसायविषयक वर्गीकरण हे त्या काळातील प्रशासकीय आणि सामाजिक निरीक्षणांवर आधारित होते; त्यामुळे त्यांचा उपयोग ऐतिहासिक सामाजिक रचनेचा अभ्यास करण्यासाठी संदर्भ म्हणून करणे अधिक योग्य ठरते. === महाड आणि कुणबी बोलीचे ऐतिहासिक महत्त्व === महाड परिसरातील कुणबी समाजाच्या भाषिक अभ्यासासाठी अमृत माधव घाटगे यांचा ''Kunbi of Mahad'' हा ग्रंथ विशेष महत्त्वाचा आहे. हा ग्रंथ ''A Survey of Marathi Dialects'' या भाषिक सर्वेक्षण मालिकेचा भाग असून महाड परिसरातील कुणबी बोलीचा स्वतंत्र भाषाशास्त्रीय अभ्यास त्यात करण्यात आला आहे.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/> ''Kunbi of Mahad''चा उपयोग महाड परिसरातील कुणबी समाजाच्या भाषिक वैशिष्ट्यांचा, बोलीच्या स्वरूपाचा आणि प्रादेशिक भाषिक विविधतेचा अभ्यास करण्यासाठी करता येतो. मात्र भाषिक साम्य किंवा विशिष्ट बोलीचे अस्तित्व यावरून एखाद्या समुदायाची जातीय उत्पत्ती, प्राचीन वंशावळ किंवा स्थलांतराचा निश्चित ऐतिहासिक मार्ग ठरविता येत नाही. अशा निष्कर्षांसाठी भाषिक पुराव्यांसोबत ऐतिहासिक, सामाजिक, भौगोलिक आणि दस्तऐवजी पुराव्यांचा स्वतंत्र विचार आवश्यक असतो. महाडच्या कुणबी बोलीचा अभ्यास त्यामुळे कोकणातील कुणबी समाजाच्या इतिहासासाठी पूरक भाषिक स्रोत म्हणून महत्त्वाचा ठरतो. तो स्थानिक भाषिक विविधता आणि प्रादेशिक सामाजिक इतिहासाच्या अभ्यासाला अतिरिक्त संदर्भ उपलब्ध करून देतो.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/> === रायगड प्रदेशातील कुणबी आणि कोकणातील व्यापक कृषक समाज === ऐतिहासिक कोलाबा प्रदेशातील कुणबींचा इतिहास रत्‍नागिरीतील कुणबींच्या इतिहासाशी काही बाबतींत संबंधित आहे. दोन्ही प्रदेशांमध्ये भातशेती, पर्जन्याधारित कृषी, ग्रामीण वसाहती, जमीन व महसूलव्यवस्था आणि किनारी बाजारपेठांशी असलेले आर्थिक संबंध यांचे महत्त्व दिसून येते. तथापि ऐतिहासिक कोलाबा प्रदेशातील महाड-माणगावचा डोंगराळ भाग, रोहा-कुंडलिका नदीखोरे, पेण-अलिबागचा किनारी प्रदेश आणि मुंबईशी असलेली भौगोलिक जवळीक यांमुळे या प्रदेशाची स्वतंत्र सामाजिक-आर्थिक वैशिष्ट्ये होती.<ref name="KolabaJanjira1883"/> कुणबी समाजाच्या सामाजिक इतिहासाचा अभ्यास करताना या प्रदेशातील जमीनधारणा, शेतीच्या पद्धती, पाण्याचे व्यवस्थापन, कृषी साधने, ग्रामीण कुटुंबजीवन, बाजारपेठांशी असलेले संबंध आणि भाषिक वैशिष्ट्ये यांचा एकत्रित विचार करता येतो. या विविध घटकांमधून ऐतिहासिक कोलाबा प्रदेशातील कुणबी समाजाचे प्रादेशिक स्वरूप समजून घेण्यास मदत होते.<ref name="KolabaJanjira1883"/> === ऐतिहासिक नोंदींच्या मर्यादा === कोलाबा प्रदेशातील कुणबी समाजाच्या इतिहासाच्या अभ्यासासाठी १८८३चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Kolaba and Janjira'' हा महत्त्वाचा वसाहतकालीन स्रोत आहे. त्यामध्ये लोकसंख्या, शेती, कृषक समाज, जमीन प्रशासन, महसूल आणि विविध सामाजिक समूहांविषयी तत्कालीन प्रशासकीय माहिती आणि निरीक्षणे नोंदविण्यात आली आहेत.<ref name="KolabaJanjira1883"/> तथापि हा गॅझेटियर ब्रिटिश वसाहतकालीन प्रशासकीय चौकटीत तयार झालेला स्रोत असल्यामुळे त्यातील सामाजिक आणि जातीय वर्णने तत्कालीन प्रशासकीय निरीक्षणे, वर्गीकरणे आणि त्या काळातील दृष्टिकोनांवर आधारित आहेत. त्यामुळे त्यातील समुदायांविषयीची सर्वसाधारण विशेषणे किंवा मूल्यनिर्णय आधुनिक सामाजिक वास्तवाचे अंतिम किंवा सार्वत्रिक वर्णन मानता येत नाहीत. गॅझेटियरचा उपयोग करताना त्यातील वर्णनात्मक माहिती आणि तिच्यामागील तत्कालीन वसाहतकालीन प्रशासकीय संदर्भ यांचा स्वतंत्र विचार करणे आवश्यक आहे. त्याचप्रमाणे ''Kunbi'' या संज्ञेची एकोणिसाव्या शतकातील प्रशासकीय किंवा ethnographic व्याप्ती आणि आधुनिक महाराष्ट्रातील प्रशासकीय वर्गीकरण यांना तंतोतंत समान मानता येत नाही. ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये जातीय समूहांचे वर्गीकरण तत्कालीन प्रशासकीय पद्धतीनुसार करण्यात आले होते आणि विविध प्रदेशांमध्ये ''Kunbi'', ''Maratha'', ''Maratha-Kunbi'' किंवा संबंधित संज्ञांचा वापर वेगवेगळ्या प्रकारे आढळतो.<ref name="Baines1881"/> १८८१ च्या Bombay Presidency Censusमध्ये ''Maratha Kunbi'' या व्यापक कृषक वर्गाचा विचार करण्यात आला होता. त्याच Censusच्या विश्लेषणात Konkanमधील ''Maratha'' आणि Deccanमधील ''Kunbi'' यांच्यातील वर्गीकरण काही बाबतींत स्पष्ट नसल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="Baines1881"/> म्हणून जुन्या Census किंवा Gazetteerमधील जातीय संज्ञा आणि त्यांची लोकसंख्या आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरणाशी थेट तुलना करण्यापूर्वी संबंधित कालखंडातील प्रशासकीय सीमा, वर्गीकरणाची पद्धत, वापरलेल्या सामाजिक संज्ञा आणि स्थानिक सामाजिक संदर्भ यांचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. === रायगड आणि ऐतिहासिक कोलाबा प्रदेशातील कुणबी : ऐतिहासिक स्थान === ऐतिहासिक कोलाबा प्रदेशातील कुणबी समाज हा कोकणातील कृषक समाजाचा एक महत्त्वाचा घटक होता. १८८३ च्या गॅझेटियरमध्ये कुणबींची जिल्ह्याच्या विविध भागांतील उपस्थिती, कृषीवरील त्यांचे अवलंबित्व, भातशेती, जमीन आणि ग्रामीण जीवन यांविषयी वर्णनात्मक नोंदी आढळतात. महाड आणि माणगावच्या काही भागांच्या संदर्भात जमिनीची गुणवत्ता आणि पाण्याची उपलब्धता यांचा कृषकांच्या आर्थिक स्थितीवर परिणाम होत असल्याचे, तसेच अनुकूल परिस्थितीत कुणबी कृषकांचे कृषी कौशल्य दिसून येत असल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="KolabaJanjira1883"/> महाडच्या संदर्भात A. M. Ghatge यांचा १९६६चा ''Kunbi of Mahad'' हा भाषाशास्त्रीय स्रोत या ऐतिहासिक चित्राला वेगळा आयाम देतो. गॅझेटियरमधील सामाजिक-आर्थिक नोंदी आणि Ghatge यांच्या भाषिक अभ्यासाचा एकत्रित उपयोग केल्यास महाड आणि ऐतिहासिक कोलाबा प्रदेशातील कुणबी समाजाचा अभ्यास जमीन, शेती, ग्रामीण समाज आणि भाषा या परस्परसंबंधित घटकांच्या आधारे करता येतो.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/> == ठाणे आणि उत्तर कोकणातील कुणबी == ऐतिहासिक ठाणे जिल्ह्याची भौगोलिक व्याप्ती आजच्या ठाणे आणि पालघर जिल्ह्यांच्या सीमांशी पूर्णपणे समान नव्हती. ब्रिटिशकालीन ''Thana'' जिल्ह्यात काळानुसार ठाणे, सालसेट, भिवंडी, कल्याण, मुरबाड, शहापूर, डहाणू, पालघर, जव्हार आणि इतर प्रदेशांचा समावेश होता. त्यामुळे उत्तर कोकणातील कुणबी समाजाचा इतिहास मांडताना आधुनिक जिल्ह्यांच्या सीमा थेट १९व्या शतकातील प्रशासकीय नोंदींवर लावणे योग्य ठरत नाही. १८८२चा ''Gazetteer of the Bombay Presidency: Tha'na'' हा या ऐतिहासिक प्रदेशाच्या लोकसंख्या, शेती, जमीनव्यवस्था, सामाजिक समूह, व्यापार आणि प्रशासनाच्या अभ्यासासाठी महत्त्वाचा वसाहतकालीन स्रोत आहे.<ref name="Thana1882"/> === ऐतिहासिक ठाणे जिल्हा === १८८२ च्या गॅझेटियरमध्ये ठाणे जिल्ह्याच्या लोकसंख्या, शेती, उत्पादन, सामाजिक समूह, धर्म, व्यापार, जमीन प्रशासन आणि महसूल यांचे स्वतंत्र विवेचन करण्यात आले आहे. या नोंदींमध्ये ''Kunbis'', ''Marathas'', ''Kolis'', ''Dhangars'', ''Kathkaris'', ''Thakurs'', ''Varlis'' आणि इतर समुदायांचा उल्लेख आढळतो. त्यामुळे ऐतिहासिक ठाणे जिल्ह्यातील ग्रामीण समाज हा एकाच कृषक समुदायापुरता मर्यादित नसून विविध सामाजिक आणि आर्थिक समूहांनी बनलेला होता.<ref name="Thana1882"/> गॅझेटियरमध्ये ''Kunbis'' बरोबरच ''Marathas'', ''Kolis'', ''Kathkaris'', ''Dhangars'', ''Thakurs'' आणि ''Varlis'' यांचाही स्वतंत्र उल्लेख आढळतो. या नोंदींवरून ठाणे जिल्ह्यातील ग्रामीण आणि कृषी समाजरचनेत विविध सामाजिक समूहांचा सहभाग होता असे दिसून येते.<ref name="Thana1882"/> === उत्तर कोकणातील कृषक समाज === ठाणे जिल्ह्यातील कृषीव्यवस्थेवर प्रदेशाच्या भौगोलिक विविधतेचा मोठा प्रभाव होता. किनारी खारजमीन, नदीखोरे, खाचर प्रदेश तसेच सह्याद्रीच्या पायथ्याशी असलेली उंचसखल जमीन यांनुसार शेतीच्या पद्धती आणि पिकांमध्ये फरक पडत असे. १८८२ च्या गॅझेटियरनुसार जिल्ह्याच्या एकूण लोकसंख्येपैकी सुमारे ६३ टक्के लोक कृषीशी संबंधित होते. या वर्गीकरणात कृषी व्यवसाय करणाऱ्या प्रौढ पुरुषांबरोबर त्यांच्या पत्नी आणि मुलांचाही समावेश करण्यात आला होता.<ref name="ThanaAgriculture"/> ठाणे जिल्ह्यातील जमिनीचे ''shet'' आणि ''mal-varkas'' असे प्रमुख प्रकार वर्णिले आहेत. सपाट आणि भातशेतीस योग्य जमिनींना ''shet'' म्हटले जात असे, तर डोंगरमाथे आणि उतारांवरील जमिनींवर नाचणी, वरी आणि इतर पिके घेतली जात. भातजमिनींचे ''bandhni'' आणि ''malkhandi'' असे प्रकारही नोंदविण्यात आले आहेत.<ref name="ThanaAgriculture"/> या कृषी अर्थव्यवस्थेत कुणबींचे महत्त्वाचे स्थान होते; तथापि ठाणे जिल्ह्यातील सर्व कृषकांना कुणबी म्हणून ओळखता येत नाही. गॅझेटियरमध्ये कुणबींबरोबर मराठा, कोळी, धनगर आणि इतर सामाजिक समूहांचाही स्वतंत्र उल्लेख आढळतो. त्यामुळे ''कृषक'' ही व्यापक आर्थिक-व्यावसायिक संज्ञा असून ''कुणबी'' ही विशिष्ट सामाजिक संज्ञा आहे, असे ऐतिहासिक नोंदींच्या आधारे वेगळेपणाने पाहणे आवश्यक आहे.<ref name="Thana1882"/> === ठाणे परिसरातील कुणबी === ठाणे हे ऐतिहासिकदृष्ट्या उत्तर कोकणातील महत्त्वाचे प्रशासकीय आणि व्यापारी केंद्र होते. शहराभोवतालच्या प्रदेशातील शेती, खाड्या, जलमार्ग आणि मुंबईशी असलेले संपर्क यांमुळे ग्रामीण आणि नागरी अर्थव्यवस्थांमध्ये परस्परसंबंध निर्माण झाले होते.<ref name="Thana1882"/> ठाणे परिसरातील कृषक समाजाचा अभ्यास करताना सालसेट, भिवंडी, कल्याण आणि आसपासच्या प्रदेशांशी असलेले ऐतिहासिक प्रशासकीय व आर्थिक संबंध लक्षात घेणे आवश्यक आहे. १८८२ च्या ठाणे गॅझेटियरमध्ये जिल्ह्याच्या विविध भागांचे स्वतंत्र वर्णन करण्यात आले असून त्या भागांची कृषी, जमीन आणि लोकसंख्येच्या संदर्भातील वैशिष्ट्ये नोंदविण्यात आली आहेत.<ref name="Thana1882"/> === सालसेट === सालसेट (Salsette) हा उत्तर कोकणाच्या इतिहासातील महत्त्वाचा प्रदेश होता. १९व्या शतकात सालसेटचा प्रशासकीय संबंध ठाणे जिल्ह्याशी होता. १८८२ च्या गॅझेटियरमध्ये सालसेटच्या इतिहास, जमीनव्यवस्था आणि कृषीविषयक परिस्थितीचे स्वतंत्र वर्णन आढळते.<ref name="Thana1882"/> सालसेटमध्ये किनारी खारजमिनींचे संरक्षण, बांधबंदिस्ती आणि जमीन पुनर्प्राप्तीच्या प्रक्रिया दीर्घकाळ चालू होत्या. ठाणे गॅझेटियरमध्ये मानवी प्रयत्नांद्वारे काही भागांमध्ये जमीन पुनर्प्राप्त करण्यात आल्याचे आणि या प्रक्रियांचा स्थानिक कृषीव्यवस्थेशी संबंध असल्याचे वर्णन केले आहे.<ref name="ThanaAgriculture"/> सालसेटमधील कृषी प्रदेशांमध्ये भातशेती तसेच बागायती आणि नारळाशी संबंधित उत्पादनाचा समावेश होता. मुंबईच्या वाढत्या नागरी आणि व्यापारी केंद्राशी असलेल्या भौगोलिक जवळिकीमुळे या प्रदेशातील ग्रामीण उत्पादनाला शहरी बाजारपेठेशी जोडणारे आर्थिक संबंध विकसित झाले.<ref name="Thana1882"/> === वसई आणि बासेन === ऐतिहासिक वसईला ब्रिटिशकालीन नोंदींमध्ये ''Bassein'' असे संबोधले जाते. वसईचा प्रदेश पोर्तुगीज सत्तेच्या दीर्घकालीन प्रभावामुळे उत्तर कोकणातील इतर भागांपेक्षा ऐतिहासिक आणि सामाजिकदृष्ट्या वैशिष्ट्यपूर्ण होता. १८८२ च्या ठाणे गॅझेटियरमध्ये बासेनच्या इतिहास, जमीनव्यवस्था, कृषी आणि लोकसंख्येविषयी स्वतंत्र नोंदी आढळतात.<ref name="Thana1882"/> वसई परिसरातील कृषीव्यवस्थेत भातशेती, बागायती आणि नारळाच्या लागवडीला महत्त्व होते. ठाणे गॅझेटियरमध्ये बासेन आणि माहिम येथील बागायती जमीन जिल्ह्यातील चांगल्या बागायती प्रदेशांपैकी असल्याचे नमूद केले आहे. या बागांना विहिरी आणि ''Persian wheels'' यांसारख्या जलसिंचन साधनांद्वारे पाणीपुरवठा केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="ThanaAgriculture"/> वसईच्या सामाजिक इतिहासात कुणबींचा उल्लेख उत्तर कोकणातील व्यापक कृषक समाजाच्या संदर्भात करता येतो. तथापि वसई परिसरातील सर्व कृषकांना कुणबी मानणे योग्य नाही. ऐतिहासिक ठाणे जिल्ह्यात कुणबींबरोबर मराठा, कोळी, धनगर, कातकरी, ठाकूर, वारली आणि इतर सामाजिक समूहांचाही उल्लेख आढळतो.<ref name="Thana1882"/> === भिवंडी आणि कल्याण === भिवंडी आणि कल्याण हे ऐतिहासिक ठाणे जिल्ह्यातील महत्त्वाचे अंतर्गत प्रदेश होते. सह्याद्रीच्या घाटमार्गांमधून दख्खनशी आणि पश्चिमेकडील किनारी प्रदेशाशी असलेल्या संपर्कामुळे या भागांना कृषीबरोबरच व्यापार आणि वाहतुकीच्या दृष्टीनेही महत्त्व प्राप्त झाले होते.<ref name="Thana1882"/> कल्याण परिसरातील जमीन आणि महसूलव्यवस्थेच्या संदर्भात ब्रिटिश प्रशासनाने सर्वेक्षण, जमीनमोजणी आणि महसूल निश्चितीच्या पद्धती विकसित केल्या. ठाणे गॅझेटियरच्या जमीन प्रशासनासंबंधीच्या नोंदींमध्ये जिल्ह्यातील विविध भागांतील जमीन, सर्वेक्षण आणि महसूलव्यवस्थेचे वर्णन आढळते.<ref name="Thana1882"/> कुणबी समाजाच्या इतिहासाच्या दृष्टीने भिवंडी आणि कल्याण परिसराचा विचार करताना ग्रामीण कृषी अर्थव्यवस्था, स्थानिक बाजारपेठा आणि वाहतूकमार्ग यांचा परस्परसंबंध लक्षात घेणे आवश्यक आहे. पुढील काळात या प्रदेशांच्या वाढत्या नागरी आणि औद्योगिक अर्थव्यवस्थेचा ग्रामीण समाजावर परिणाम झाला; मात्र त्या परिणामांचे स्वरूप स्वतंत्र कालखंडानुसार तपासणे आवश्यक आहे. === पालघर आणि उत्तर कोकण === आजचा पालघर जिल्हा हा ब्रिटिशकालीन ठाणे जिल्ह्याच्या उत्तरेकडील प्रदेशाशी मोठ्या प्रमाणात संबंधित होता. डहाणू, पालघर, जव्हार, मोखाडा आणि आसपासच्या प्रदेशांची सामाजिक व आर्थिक रचना ठाणे शहर किंवा सालसेटच्या तुलनेत वेगळी होती. या भागात आदिवासी आणि ग्रामीण कृषक समुदायांची लक्षणीय उपस्थिती होती.<ref name="Thana1882"/> ठाणे गॅझेटियरमध्ये वारली, कातकरी, ठाकूर आणि इतर स्थानिक समुदायांचा स्वतंत्र उल्लेख आढळतो. विशेषतः डहाणू परिसरातील वारली लोकसंख्येचा उल्लेख करण्यात आला असून ठाणे जिल्ह्याच्या इतर भागांतील त्यांच्या उपस्थितीचीही नोंद आढळते.<ref name="Thana1882"/> उत्तर कोकणातील या सामाजिक विविधतेमुळे कुणबी समाजाचा इतिहास व्यापक ग्रामीण समाजाच्या संदर्भापासून वेगळा करून पाहणे योग्य ठरत नाही. शेती, जमीन, जंगल, मजुरी आणि ऋतुनिष्ठ रोजगार यांसारख्या आर्थिक क्षेत्रांमध्ये विविध समुदायांचे परस्परसंबंध होते. त्यामुळे उत्तर कोकणातील कुणबी समाजाचा इतिहास समजून घेताना कुणबींबरोबरच त्या प्रदेशातील इतर कृषक आणि स्थानिक समुदायांच्या ऐतिहासिक उपस्थितीचाही विचार करणे आवश्यक आहे. === डहाणू आणि कृषीव्यवस्था === डहाणू परिसरातील कृषीव्यवस्थेवर किनारी भूप्रदेश, नदीखोरे, पर्जन्यमान आणि जमिनीच्या स्वरूपाचा प्रभाव होता. किनारी भागात समुद्राच्या भूक्षयामुळे आणि भूभागातील बदलांमुळे जमीन व कृषी परिस्थितीवर परिणाम होत असल्याचे ठाणे गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="ThanaAgriculture"/> डहाणू, जव्हार आणि उत्तर ठाणे जिल्ह्यातील इतर भागांमध्ये भातशेतीबरोबर डोंगराळ व उंचसखल जमिनीवर विविध पिकांची लागवड केली जात होती. या प्रदेशात कुणबींबरोबर वारली, ठाकूर आणि इतर ग्रामीण व आदिवासी समुदायांचीही उपस्थिती होती. त्यामुळे उत्तर कोकणातील कृषी इतिहास हा विविध सामाजिक समूहांच्या सहभागातून विकसित झालेला इतिहास म्हणून पाहणे आवश्यक आहे.<ref name="Thana1882"/> === भातशेती आणि जलव्यवस्था === ठाणे जिल्ह्यातील कृषीव्यवस्थेत भातशेतीला महत्त्वाचे स्थान होते. १८७९–८० च्या महसूल सर्वेक्षणानुसार सरकारी लागवडीयोग्य क्षेत्रापैकी ९५७,९३४ एकर जमीन प्रत्यक्ष लागवडीखाली होती. त्यापैकी ३३३,७१७ एकर क्षेत्र भातशेतीखाली होते, म्हणजे सुमारे ३४.८ टक्के. उर्वरित क्षेत्रात प्रामुख्याने इतर पिकांची लागवड केली जात होती.<ref name="ThanaAgriculture"/> भातशेतीसाठी पावसाळ्यात उंच भागातून वाहून येणारे पाणी लहान प्रवाह, बांध आणि स्थानिक जलव्यवस्थेद्वारे अडवून किंवा वळवून वापरण्याची पद्धत होती. काही ठिकाणी नदी आणि विहिरींच्या पाण्याचाही उपयोग केला जात असे. पनवेल, बासेन आणि माहिम येथील बागायतींमध्ये विविध प्रकारच्या जलउचल पद्धती वापरल्या जात असल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="ThanaAgriculture"/> या जलव्यवस्थेमुळे ठाणे जिल्ह्यातील विविध भौगोलिक प्रदेशांमध्ये वेगवेगळ्या कृषी पद्धती विकसित झाल्या. पावसावर आधारित भातशेती, नदी व विहिरींच्या पाण्यावर आधारित बागायती आणि उंचसखल किंवा डोंगराळ भागातील इतर पिके यांमुळे उत्तर कोकणातील कृषी अर्थव्यवस्थेला प्रादेशिक विविधता प्राप्त झाली.<ref name="ThanaAgriculture"/> === जमीनव्यवस्था आणि महसूल === ब्रिटिश प्रशासनाने ठाणे जिल्ह्यात जमीन सर्वेक्षण, मोजणी आणि महसूल निश्चितीच्या पद्धती विकसित केल्या. १८८२ च्या गॅझेटियरमध्ये ''Land Administration'' या स्वतंत्र विभागात जमीनहक्क, महसूल, इनाम, वतन, सर्वेक्षण आणि विविध प्रकारच्या जमीनव्यवस्थेचे वर्णन करण्यात आले आहे.<ref name="Thana1882"/> सालसेट, बासेन, माहिम आणि ठाणे जिल्ह्यातील इतर भागांमध्ये जमीनव्यवस्थेचा विकास स्थानिक इतिहास आणि पूर्वीच्या महसूलपद्धतींच्या पार्श्वभूमीवर झाला. ब्रिटिश प्रशासनाने जमीन सर्वेक्षण, नोंदणी आणि महसूल निश्चितीच्या माध्यमातून विद्यमान जमीनहक्क आणि महसूलव्यवस्थेला अधिक औपचारिक प्रशासकीय चौकटीत आणण्याचा प्रयत्न केला.<ref name="Thana1882"/> कुणबी समाजाचा या जमीनव्यवस्थेशी संबंध प्रदेशानुसार बदलत होता. कुणबींचा उल्लेख कृषक समाजाच्या संदर्भात आढळत असला तरी प्रत्येक कुणबी कुटुंबाची जमीनधारणा, उत्पादनक्षमता, आर्थिक स्थिती किंवा महसूलव्यवस्थेतील स्थान समान होते असे मानता येत नाही. त्यामुळे उत्तर कोकणातील कुणबी समाजाचा इतिहास समजून घेताना कृषी, जमीनहक्क, महसूल, स्थानिक ग्रामव्यवस्था आणि प्रादेशिक सामाजिक रचना या सर्व घटकांचा एकत्रित विचार करणे आवश्यक आहे. === कुणबी आणि इतर कृषक समुदाय === ठाणे जिल्ह्यातील ग्रामीण समाजात कुणबींबरोबर मराठा, कोळी, धनगर, कातकरी, ठाकूर आणि वारली यांसारख्या विविध सामाजिक समुदायांचा समावेश होता. या समुदायांच्या उपजीविकेचे स्वरूप प्रदेशानुसार आणि स्थानिक परिस्थितीनुसार बदलत होते. काही समुदाय शेतीशी, काही पशुपालनाशी, काही जंगलाशी, तर काही मासेमारी, मजुरी आणि इतर स्थानिक व्यवसायांशी संबंधित होते.<ref name="Thana1882"/> जमीनधारणा, कृषी उत्पादन, स्थानिक बाजारपेठा, वाहतूक आणि ब्रिटिशकालीन महसूलव्यवस्थेतील बदलांमुळे ग्रामीण अर्थव्यवस्थेचे स्वरूप कालांतराने बदलत गेले. काही भागांत शेतीबरोबर इतर पूरक व्यवसायांचे महत्त्व वाढले, तर बाजारपेठांशी वाढलेल्या संपर्कामुळे ग्रामीण उत्पादनाच्या देवाणघेवाणीतही बदल झाले.<ref name="Thana1882"/> या संदर्भात ''कुणबी'' आणि ''कृषक'' या संज्ञांमध्ये भेद करणे आवश्यक आहे. ''कुणबी'' ही सामाजिक समुदायाची संज्ञा होती, तर ''कृषक'' ही मुख्यतः शेतीशी संबंधित आर्थिक किंवा व्यावसायिक ओळख दर्शवणारी संज्ञा होती. त्यामुळे ठाणे जिल्ह्यातील प्रत्येक कृषक व्यक्ती कुणबी होती किंवा प्रत्येक कुणबी व्यक्ती केवळ शेतीवरच अवलंबून होती, असा निष्कर्ष उपलब्ध स्रोतांवरून काढता येत नाही. === मुंबईशी वाढता संबंध === ठाणे जिल्ह्याचा मुंबईशी भौगोलिक, आर्थिक आणि वाहतूकविषयक संबंध एकोणिसाव्या शतकात अधिक दृढ होत गेला. मुंबईच्या वाढत्या व्यापारी आणि औद्योगिक महत्त्वामुळे ठाणे जिल्ह्यातील काही ग्रामीण भागांचा कृषी उत्पादन, व्यापार आणि रोजगाराच्या दृष्टीने मुंबईशी संबंध वाढला.<ref name="Thana1882"/> रेल्वे आणि इतर वाहतूकसुविधांच्या विकासामुळे ठाणे, कल्याण, भिवंडी आणि मुंबईदरम्यानचा संपर्क अधिक सुलभ झाला. त्याचा परिणाम कृषी उत्पादनाच्या वाहतुकीवर तसेच ग्रामीण लोकांच्या बाजारपेठांशी आणि रोजगाराच्या संधींशी असलेल्या संबंधांवर झाला. ठाणे गॅझेटियरमध्ये रेल्वे, रस्ते, व्यापार, उत्पादन आणि वाहतूक यांचे स्वतंत्र विवेचन आढळते.<ref name="Thana1882"/> या बदलांचा परिणाम कुणबींसह ग्रामीण समाजातील विविध घटकांवर झाला असण्याची शक्यता होती. काही कुटुंबांनी शेतीबरोबर पूरक उत्पन्नासाठी इतर व्यवसाय किंवा शहरांशी संबंधित रोजगार स्वीकारला असावा. मात्र उपलब्ध एकोणिसाव्या शतकातील स्रोतांवरून कुणबी समाजाच्या बाबतीत अशा रोजगाराचे किंवा स्थलांतराचे अचूक प्रमाण निश्चित करता येत नाही. === स्थलांतर आणि ग्रामीण-नागरी संबंध === उत्तर कोकणातील ग्रामीण आणि नागरी अर्थव्यवस्थेतील संबंध मुंबईच्या वाढत्या व्यापारी, औद्योगिक आणि वाहतूकविषयक महत्त्वामुळे अधिक दृढ होत गेले. ठाणे जिल्ह्यातील विविध भागांमधून बाजारपेठा, व्यापार आणि रोजगाराच्या निमित्ताने मुंबईशी संपर्क वाढत गेला.<ref name="Thana1882"/> सालसेट, ठाणे, कल्याण, भिवंडी आणि वसई यांसारख्या मुंबईच्या जवळच्या प्रदेशांना शहराशी तुलनेने सुलभ वाहतूकसंपर्क उपलब्ध होता. त्यामुळे या भागांतील ग्रामीण उत्पादन आणि नागरी बाजारपेठ यांच्यातील संबंध अधिक निकट झाले. दुसरीकडे पालघर, डहाणू आणि जव्हारसारख्या उत्तर भागांतील ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्थानिक शेती, जंगलाधारित उपजीविका, हंगामी मजुरी आणि प्रादेशिक बाजारपेठांशीही संबंधित होती.<ref name="Thana1882"/> कुणबी समाजाच्या संदर्भात या प्रक्रियेचा विचार करताना पारंपरिक कृषी जीवन आणि बदलती बाजारपेठीय अर्थव्यवस्था यांच्यातील संबंध लक्षात घेणे आवश्यक आहे. तथापि उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून १९व्या शतकातील ठाणे जिल्ह्यातील कुणबींच्या मुंबईकडे झालेल्या स्थलांतराचे स्वतंत्र आणि अचूक प्रमाण निश्चित करता येत नाही. त्यामुळे या प्रक्रियेचे वर्णन व्यापक ग्रामीण-नागरी परिवर्तनाच्या संदर्भात करणे अधिक योग्य ठरते. === ख्रिस्ती कुणबी आणि उत्तर कोकण === वसई आणि सालसेट परिसराच्या पोर्तुगीजकालीन इतिहासामुळे उत्तर कोकणातील सामाजिक ओळखींच्या अभ्यासात धर्म आणि जात यांचा परस्परसंबंध महत्त्वाचा ठरतो. पुढील वसाहतकालीन नोंदींमध्ये सालसेट आणि बासेन परिसरातील काही ख्रिस्ती समुदायांच्या संदर्भात त्यांच्या पूर्वीच्या सामाजिक किंवा जातीय ओळखींचे उल्लेख आढळतात. काही समूहांना ''Christian Kunbi'', ''Christian Bhandari'' आणि ''Christian Koli'' अशा संज्ञांनी संबोधल्याची नोंद आढळते.<ref>{{cite book |title=The Imperial Gazetteer of India |volume=8 |publisher=Clarendon Press |location=Oxford |year=1908 }}</ref> या नोंदी उत्तर कोकणातील सामाजिक ओळखींच्या ऐतिहासिक गुंतागुंतीकडे निर्देश करतात. धर्मांतरानंतरही काही समुदायांच्या सामाजिक ओळखी किंवा पूर्वीच्या समुदायनावांचा उल्लेख प्रशासकीय आणि ethnographic नोंदींमध्ये होत राहिला. तथापि या उल्लेखांवरून धर्मांतरित ख्रिस्ती कुणबी आणि हिंदू कुणबी यांची सामाजिक, सांस्कृतिक किंवा प्रशासकीय ओळख सर्व काळात समान होती, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. === आधुनिक ठाणे आणि पालघरशी संबंध === आजच्या ठाणे आणि पालघर जिल्ह्यांच्या सीमा १९व्या शतकातील ब्रिटिशकालीन ठाणे जिल्ह्याच्या सीमांशी समान नाहीत. त्यामुळे ऐतिहासिक ''Thana district''मधील कुणबींच्या नोंदींची आधुनिक ठाणे किंवा पालघर जिल्ह्यांशी तुलना करताना तत्कालीन प्रशासकीय सीमा विचारात घेणे आवश्यक आहे. ब्रिटिशकालीन ठाणे जिल्ह्याच्या प्रशासकीय चौकटीत डहाणू, वाडा, जव्हार, मोखाडा, वसई, भिवंडी, कल्याण, सालसेट, पनवेल आणि इतर प्रदेशांचा समावेश होता. पुढील प्रशासकीय पुनर्रचनेमुळे या प्रदेशांचे विविध आधुनिक जिल्हे आणि महानगर प्रदेशांमध्ये विभाजन झाले. त्यामुळे जुन्या ''Thana district''मधील लोकसंख्या किंवा सामाजिक समूहांची आकडेवारी आजच्या जिल्हानिहाय लोकसंख्येशी थेट तुलना करताना काळजी घेणे आवश्यक आहे.<ref name="Thana1882"/> === उत्तर कोकणातील कुणबी समाजाचे ऐतिहासिक स्थान === उत्तर कोकणातील कुणबी समाजाचा इतिहास शेती, जमीन, पाणी, ग्रामजीवन आणि बदलत्या बाजारपेठीय संबंधांच्या इतिहासाशी संबंधित आहे. १८८२ च्या ठाणे गॅझेटियरमध्ये कुणबींचा उल्लेख जिल्ह्यातील इतर सामाजिक आणि कृषक समुदायांबरोबर आढळतो. त्याच गॅझेटियरमधील कृषीविषयक नोंदींमधून उत्तर कोकणातील विविध भौगोलिक प्रदेशांतील कृषी पद्धतींची माहिती मिळते.<ref name="Thana1882"/><ref name="ThanaAgriculture"/> ठाणे, सालसेट, वसई, भिवंडी, कल्याण, पनवेल, पालघर आणि डहाणू या प्रदेशांमध्ये भौगोलिक आणि आर्थिक परिस्थितीत फरक होता. काही भागांत भातशेती आणि बागायतीला महत्त्व होते, तर डोंगराळ आणि उंचसखल प्रदेशांत इतर पिकांची लागवड केली जात होती. मुंबईच्या जवळच्या भागांत बाजारपेठ आणि वाहतूकसंबंधांचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर वाढता प्रभाव पडत गेला.<ref name="ThanaAgriculture"/> उत्तर कोकणातील कुणबी समाजाचे ऐतिहासिक स्थान समजून घेताना इतर कृषक आणि स्थानिक समुदायांशी असलेले सहअस्तित्वही महत्त्वाचे ठरते. कुणबी, मराठा, कोळी, धनगर, कातकरी, ठाकूर, वारली आणि इतर समुदायांच्या परस्परसंबंधातून या प्रदेशाची ग्रामीण सामाजिक रचना विकसित झाली होती.<ref name="Thana1882"/> त्यामुळे उत्तर कोकणातील कुणबींचा स्वतंत्र सामाजिक इतिहास अभ्यासता येतो; परंतु तो या प्रदेशातील व्यापक ग्रामीण, कृषी आणि सामाजिक इतिहासापासून पूर्णपणे वेगळा करता येत नाही. जमीनधारणा, कृषी, ग्रामव्यवस्था, स्थानिक समुदाय, बाजारपेठा, स्थलांतर आणि बदलती प्रशासकीय व्यवस्था या सर्व घटकांच्या परस्परसंबंधातून उत्तर कोकणातील कुणबी समाजाचे ऐतिहासिक स्थान अधिक स्पष्टपणे समजते. === ऐतिहासिक स्रोतांच्या मर्यादा === १८८२चा ''Thana Gazetteer'' हा उत्तर कोकणातील कुणबी समाजाच्या इतिहासासाठी महत्त्वाचा वसाहतकालीन स्रोत आहे; मात्र तो ब्रिटिश प्रशासकीय चौकटीत तयार करण्यात आलेला दस्तऐवज आहे. त्यातील जातीय, सामाजिक आणि आर्थिक वर्णने तत्कालीन प्रशासकीय निरीक्षणे, सर्वेक्षणे आणि वर्गीकरणांवर आधारित आहेत. त्यामुळे त्यातील समुदायांविषयीची सर्वसाधारण विशेषणे किंवा मूल्यनिर्णय आधुनिक सामाजिक वास्तवाचे अंतिम वर्णन मानता येत नाहीत.<ref name="ThanaGazetteerPreface">{{cite web |title=Preface — Thana Gazetteer |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Thana%20District/Thane-I/preface_i.html |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> त्याचप्रमाणे १९व्या शतकातील ''Kunbi'' या संज्ञेची प्रशासकीय व्याप्ती आणि आजच्या महाराष्ट्रातील प्रशासकीय जातीय वर्गीकरण यांना एकसारखे मानता येत नाही. जुन्या जनगणना, गॅझेटियर आणि प्रशासकीय नोंदींचा उपयोग करताना तत्कालीन प्रशासकीय सीमा, वर्गीकरणाची पद्धत, स्थानिक सामाजिक ओळखी आणि त्या नोंदींचा उद्देश यांचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. उत्तर कोकणातील कुणबींच्या इतिहासाच्या अभ्यासासाठी म्हणूनच गॅझेटियरमधील नोंदींसोबत संबंधित Census records, जमीन व महसूल नोंदी, भाषिक अभ्यास, सरकारी ठराव आणि पुढील काळातील विश्वसनीय सामाजिक-ऐतिहासिक संशोधन यांचा तुलनात्मक उपयोग करणे आवश्यक ठरते. == तिलोरी कुणबी == '''तिलोरी कुणबी''' (''Tilori Kunbi'' किंवा ''Kunbi Tilori'') ही संज्ञा विशेषतः रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या ऐतिहासिक प्रशासकीय संदर्भात आढळते. या संज्ञेला विसाव्या शतकाच्या मध्यातील सरकारी वर्गीकरणात स्वतंत्र प्रशासकीय स्थान मिळाले होते. मुंबई उच्च न्यायालयाने *Dattatraya S/o Ramrao Thorat v. The State of Maharashtra & Ors.* या २४ एप्रिल २००२ रोजीच्या निर्णयात १९४२ ते १९६७ या कालखंडातील संबंधित सरकारी ठरावांचा तपशील नोंदविला आहे.<ref name="Thorat2002">{{cite web |title=Dattatraya S/o Ramrao Thorat v. The State of Maharashtra & Ors. |website=Indian Kanoon |date=24 April 2002 |url=https://indiankanoon.org/doc/726744/ |access-date=22 August 2026 }}</ref> === तिलोरी कुणबी या संज्ञेचा प्रादेशिक संदर्भ === तिलोरी कुणबी या संज्ञेचा प्रशासकीय संदर्भ प्रामुख्याने रत्‍नागिरी जिल्ह्याशी संबंधित होता. त्यामुळे तिचा इतिहास समजून घेताना त्या काळातील रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या प्रशासकीय सीमा, स्थानिक सामाजिक रचना आणि सरकारी वर्गीकरणाची पद्धत लक्षात घेणे आवश्यक आहे. विसाव्या शतकाच्या पूर्वार्धात आणि मध्यकाळात मागासवर्गीय समुदायांच्या सरकारी वर्गीकरणासाठी विविध याद्या आणि ठराव जारी करण्यात आले. या प्रक्रियेत ''Kunbi'' आणि ''Kunbi Tilori in Ratnagiri district'' या संज्ञांना काही काळ स्वतंत्र प्रशासकीय संदर्भ प्राप्त झाला.<ref name="Thorat2002"/> या सरकारी वर्गीकरणाचा अर्थ सामाजिक किंवा जातीय उत्पत्तीचा ऐतिहासिक पुरावा असा थेट लावता येत नाही. तो मुख्यतः त्या काळातील शासनाच्या प्रशासकीय आणि मागासवर्गीय वर्गीकरणाचा पुरावा म्हणून पाहणे अधिक योग्य आहे. === १९४२ चेसरकारी वर्गीकरण === तिलोरी कुणबीच्या प्रशासकीय इतिहासात २३ एप्रिल १९४२चा Bombay Government Resolution महत्त्वाचा आहे. मुंबई उच्च न्यायालयाने नोंदविल्यानुसार या ठरावात intermediate communities, scheduled castes, aboriginal and hill tribes आणि other backward communities यांच्या याद्या प्रसिद्ध करण्यात आल्या होत्या. या वर्गीकरणात Schedule A मधील intermediate communitiesच्या यादीत अनुक्रमांक १२४वर ''Kunbi (Except Tilori Kunbi in Ratnagiri district)'' अशी नोंद होती. त्याच वेळी ''Other Backward Communities''च्या यादीत अनुक्रमांक ७३वर ''Kunbi Tilori in Ratnagiri district'' अशी स्वतंत्र नोंद करण्यात आली होती.<ref name="Thorat2002" /> या नोंदीवरून १९४२ च्या सरकारी वर्गीकरणात रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील तिलोरी कुणबींना इतर कुणबींपेक्षा वेगळ्या प्रशासकीय वर्गात ठेवण्यात आले होते, हे स्पष्ट होते. मात्र या प्रशासकीय फरकावरून तिलोरी कुणबींची स्वतंत्र प्राचीन जातीय उत्पत्ती किंवा स्वतंत्र वंशपरंपरा सिद्ध होते, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. === १९५०, १९५६ आणि १९६१मधील सातत्य === १९४२ च्या वर्गीकरणानंतरही हा प्रशासकीय फरक पुढील सरकारी ठरावांमध्ये कायम राहिला. मुंबई उच्च न्यायालयाने नमूद केल्यानुसार १ नोव्हेंबर १९५०, २९ ऑक्टोबर १९५६ आणि २१ नोव्हेंबर १९६१ रोजी प्रसिद्ध झालेल्या सरकारी ठरावांमध्ये ''''Kunbi (Except Tilori Kunbi in Ratnagiri district)'''' आणि ''''Kunbi Tilori in Ratnagiri district'''' यांच्यातील फरक कायम ठेवण्यात आला होता.<ref name="Thorat2002" /> या नोंदींचे महत्त्व असे की ''''कुणबी तिलोरी'''' ही संज्ञा त्या काळातील सरकारी मागासवर्गीय वर्गीकरणात सातत्याने वापरली जात होती. त्यामुळे ती केवळ स्थानिक किंवा मौखिक सामाजिक संज्ञा नव्हती, तर किमान १९४२ ते १९६१ या काळात अधिकृत प्रशासकीय नोंदींमध्ये वापरली गेलेली संज्ञा होती.<ref name="Thorat2002" /> === १९६७नंतरचे वर्गीकरण === १३ ऑक्टोबर १९६७ रोजी महाराष्ट्र शासनाने OBC ची स्वतंत्र यादी प्रसिद्ध केली. मुंबई उच्च न्यायालयाच्या नोंदीनुसार या यादीत अनुक्रमांक ८३ वर ''Kunbi caste''चा समावेश करण्यात आला.<ref name="Thorat2002" /> न्यायालयाने या सरकारी ठरावांच्या क्रमिक इतिहासाचा विचार करून नमूद केले की १९६७पर्यंत रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ''कुणबी तिलोरी'' यांना O.B.C. वर्गात ठेवण्यात आले होते, तर राज्याच्या इतर भागांतील कुणबी समुदायाला त्या काळातील स्वतंत्र प्रशासकीय वर्गीकरणात ठेवण्यात आले होते. १९६७मध्ये ''''कुणबी जात''' महाराष्ट्राच्या OBC च्या यादीत समावेश करण्यात आला.<ref name="Thorat2002" /> या प्रशासकीय बदलामुळे तिलोरी कुणबी या संज्ञेच्या इतिहासात एक महत्त्वाचा टप्पा निर्माण झाला. त्यामुळे तिलोरी कुणबींचा इतिहास मांडताना १९४२–१९६१ या काळातील स्वतंत्र सरकारी वर्गीकरण आणि १९६७ नंतरचे ''कुणबी जात''चे व्यापक राज्यस्तरीय वर्गीकरण हे दोन वेगळे प्रशासकीय टप्पे म्हणून पाहणे आवश्यक आहे. === मुंबई उच्च न्यायालयाचा २००२ चा निर्णय === तिलोरी कुणबींच्या प्रशासकीय वर्गीकरणाच्या इतिहासाच्या संदर्भात ''Dattatraya S/o Ramrao Thorat v. The State of Maharashtra & Ors.'' हा मुंबई उच्च न्यायालयाचा २४ एप्रिल २००२ रोजीचा निर्णय महत्त्वाचा आहे. या प्रकरणाची सुनावणी न्यायमूर्ती बी. एच. मार्लापल्ले आणि न्यायमूर्ती एन. एच. पाटील यांच्या खंडपीठासमोर झाली. हे प्रकरण याचिकाकर्त्याच्या कुणबी जात-दाव्याच्या पडताळणीशी संबंधित होते.<ref name="Thorat2002" /> या निर्णयात न्यायालयाने २३ एप्रिल १९४२ च्या मुंबई सरकारच्या ठरावासह १ नोव्हेंबर १९५०, २९ ऑक्टोबर १९५६ आणि २१ नोव्हेंबर १९६१ च्या पुढील सरकारी ठरावांचा विचार केला. न्यायालयाच्या नोंदीनुसार, १९४२ च्या वर्गीकरणात ''Kunbi (Except Tilori Kunbi in Ratnagiri district)'' अशी नोंद ''intermediate communities''च्या यादीत होती, तर ''Kunbi Tilori in Ratnagiri district'' ही स्वतंत्र नोंद ''Other Backward Communities''च्या यादीत होती. पुढील १९५०, १९५६ आणि १९६१ च्या ठरावांमध्येही हा प्रशासकीय फरक कायम राहिला.<ref name="Thorat2002"/> न्यायालयाने पुढे नोंदविले की १३ ऑक्टोबर १९६७ रोजी महाराष्ट्र शासनाने इतर मागासवर्गीयांची स्वतंत्र यादी प्रसिद्ध केली आणि त्यात अनुक्रमांक ८३वर ''Kunbi caste''चा समावेश करण्यात आला. न्यायालयाच्या निरीक्षणानुसार, १९६७पर्यंत रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ''Kunbi Tilori'' यांना इतर मागासवर्गीयांच्या वर्गात, तर राज्याच्या इतर भागांतील कुणबींना तत्कालीन ''intermediate community''च्या वर्गीकरणात ठेवण्यात आले होते; १९६७मध्ये ''Kunbi caste''चा संपूर्ण महाराष्ट्रासाठी इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समावेश करण्यात आला.<ref name="Thorat2002"/> या निर्णयाचे महत्त्व तिलोरी कुणबींची प्राचीन उत्पत्ती, स्वतंत्र वंशावळ किंवा जातीय उगम सिद्ध करण्यात नसून, '''१९४२ ते १९६७ या कालखंडातील सरकारी जातीय व मागासवर्गीय वर्गीकरणाचा न्यायालयीन नोंदीद्वारे उपलब्ध असलेला ऐतिहासिक पुरावा''' म्हणून आहे.<ref name="Thorat2002"/> === १९६६मधील न्यायालयीन संदर्भ === तिलोरी कुणबींच्या प्रशासकीय वर्गीकरणाच्या संदर्भात ''Ashok Krishnarao Dhote v. Dean, Medical College, Nagpur'' हा मुंबई उच्च न्यायालयाचा १७ ऑक्टोबर १९६६ रोजीचा निर्णय महत्त्वाचा आहे. या प्रकरणात शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालयातील प्रवेशासाठी इतर मागासवर्गीयांसाठी असलेल्या आरक्षणाच्या संदर्भात महाराष्ट्र शासनाने मान्य केलेल्या जाती व समुदायांच्या यादीचा विचार करण्यात आला. निर्णयात ''Kunbi Tilori (in Ratnagiri District)'' या संज्ञेचा स्पष्ट उल्लेख करण्यात आला आहे.<ref name="Dhote1966">{{cite journal |title=Ashok Krishnarao Dhote v. Dean, Medical College, Nagpur & Ors. |journal=Bombay Law Reporter |volume=69 |year=1967 |page=603 |url=https://indiankanoon.org/doc/1707367/ }}</ref> न्यायालयाने महाराष्ट्र राज्यासाठी लागू असलेल्या ''Other Backward Classes (Caste Basis) for Maharashtra State'' या यादीचा विचार करताना अनुक्रमांक ८७वर ''Kunbi Tilori (in Ratnagiri District)'' या जातीचा समावेश असल्याची नोंद केली. त्याच परिच्छेदात न्यायालयाने या यादीत इतर कोणत्याही कुणबी जातीचा समावेश असल्याचे त्यांच्यासमोर दाखविण्यात आले नसल्याचेही नमूद केले.<ref name="Dhote1966"/> न्यायालयाने पुढे असेही नमूद केले की, याच प्रकरणातील याचिकाकर्त्याने स्वतःला ''Kunbi'' जातीतला असल्याचे सांगितले होते; मात्र महाराष्ट्र शासनाच्या त्या वेळच्या यादीत ''Kunbi Tilori (in Ratnagiri District)'' या नोंदीशिवाय ''Kunbi'' या सामान्य संज्ञेचा इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समावेश असल्याचा अधिकृत पुरावा न्यायालयासमोर उपलब्ध नव्हता. त्यामुळे याचिकाकर्त्याला त्या वेळच्या नियमांनुसार इतर मागासवर्गीयांसाठी राखीव प्रवेशाचा हक्क नव्हता, असा न्यायालयाचा निष्कर्ष होता.<ref name="Dhote1966"/> या निर्णयाचे तिलोरी कुणबींच्या इतिहासाच्या दृष्टीने महत्त्व असे की, '''१९६६मध्ये रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ''Kunbi Tilori'' ही संज्ञा महाराष्ट्र शासनाच्या अधिकृत इतर मागासवर्गीयांच्या जातीय यादीत स्वतंत्रपणे नोंदलेली होती''', याला न्यायालयीन निर्णयाचा थेट आधार मिळतो. तथापि, या प्रशासकीय नोंदीवरून तिलोरी कुणबींची इतर कुणबींपेक्षा स्वतंत्र प्राचीन जातीय उत्पत्ती किंवा वंशावळ सिद्ध होते, असा निष्कर्ष काढता येत नाही.<ref name="Dhote1966"/> === तिलोरी कुणबी आणि सामाजिक ओळख === ''Tilori Kunbi'' ही संज्ञा उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विशेषतः रत्‍नागिरी जिल्ह्याशी संबंधित सामाजिक आणि प्रशासकीय ओळख म्हणून आढळते. १९६६ च्या मुंबई उच्च न्यायालयाच्या निर्णयात ''Kunbi Tilori (in Ratnagiri District)'' या संज्ञेची अधिकृत प्रशासकीय यादीतील नोंद स्पष्टपणे नमूद करण्यात आली आहे.<ref name="Dhote1966"/> तिलोरी कुणबींच्या सामाजिक इतिहासाचा अभ्यास करताना ''Tilori'', ''Kunbi'', ''Kanbi'' आणि ''Maratha-Kunbi'' यांसारख्या संज्ञांचा वापर वेगवेगळ्या काळात आणि प्रदेशांत वेगवेगळ्या संदर्भात झाल्याचे लक्षात घेणे आवश्यक आहे. प्रशासकीय वर्गीकरणातील एखादी संज्ञा आणि त्या समुदायाची सामाजिक स्वयंओळख यांना एकच मानता येत नाही. त्यामुळे तिलोरी कुणबींच्या इतिहासाचा अभ्यास करताना सरकारी वर्गीकरणाबरोबरच स्थानिक सामाजिक ओळख, विवाहपद्धती, बोली, जमीनधारणा, ग्रामव्यवस्था, व्यवसाय आणि इतर समकालीन ऐतिहासिक स्रोतांचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. उपलब्ध सरकारी नोंदी तिलोरी कुणबी ही रत्‍नागिरीशी संबंधित स्वतंत्र प्रशासकीय संज्ञा म्हणून वापरली गेल्याचे दाखवतात; मात्र त्या नोंदी स्वतःहून तिच्या प्राचीन जातीय उत्पत्तीचा अंतिम पुरावा ठरत नाहीत.<ref name="Dhote1966"/> === तिलोरी कुणबी आणि रत्‍नागिरी === रत्‍नागिरी जिल्ह्याशी तिलोरी कुणबी या संज्ञेचा विशेष प्रशासकीय संबंध विसाव्या शतकाच्या मध्यातील सरकारी नोंदींमध्ये स्पष्टपणे दिसून येतो. २३ एप्रिल १९४२ च्या मुंबई सरकारच्या ठरावात अनुसूची अ मधील मध्यमवर्गीय समुदायांच्या यादीत ''Kunbi (Except Tilori Kunbi in Ratnagiri district)'' अशी नोंद करण्यात आली होती. त्याच ठरावातील इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत ''Kunbi Tilori in Ratnagiri district'' अशी स्वतंत्र नोंद करण्यात आली होती. हीच वर्गीकरणपद्धती १ नोव्हेंबर १९५०, २९ ऑक्टोबर १९५६ आणि २१ नोव्हेंबर १९६१ च्या पुढील सरकारी ठरावांमध्येही कायम राहिली.<ref name="Thorat2002"/> १३ ऑक्टोबर १९६७ च्या महाराष्ट्र शासनाच्या नव्या वर्गीकरणात ''Kunbi caste'' ही संज्ञा इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत अनुक्रमांक ८३वर समाविष्ट करण्यात आली. या बदलाच्या संदर्भात मुंबई उच्च न्यायालयाने २००२ च्या निर्णयात नमूद केले की १९६७पर्यंत रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील तिलोरी कुणबींना इतर मागासवर्गीय म्हणून स्वतंत्रपणे वर्गीकृत केले जात होते, तर इतर भागांतील कुणबींना मध्यमवर्गीय समुदायाच्या वर्गात ठेवले जात होते; १९६७मध्ये कुणबी जातीचा संपूर्ण महाराष्ट्रासाठी इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समावेश करण्यात आला.<ref name="Thorat2002"/> या प्रशासकीय नोंदी तिलोरी कुणबी ही संज्ञा रत्‍नागिरी जिल्ह्याशी संबंधित स्वतंत्र प्रशासकीय वर्गीकरण म्हणून वापरली गेल्याचा महत्त्वपूर्ण पुरावा देतात. मात्र या नोंदींच्या आधारे तिलोरी कुणबींचे प्राचीन मूळ, एखाद्या विशिष्ट राजवंशाशी असलेले नाते किंवा इतर कुणबींपेक्षा वेगळी जैविक वंशपरंपरा निश्चित करता येत नाही. सरकारी वर्गीकरणाचा पुरावा आणि समुदायाच्या प्राचीन सामाजिक उत्पत्तीचा पुरावा यांमध्ये भेद करणे आवश्यक आहे.<ref name="Thorat2002"/> === तिलोरी कुणबी आणि भाषिक अभ्यास === तिलोरी कुणबींच्या सामाजिक इतिहासाच्या अभ्यासात दक्षिण कोकणातील बोलीभाषांचा अभ्यास हा पूरक स्रोत ठरतो. अमृत माधव घाटगे यांनी १९६३ ते १९७६ या कालखंडात ''मराठी बोलींचे सर्वेक्षण'' हा भाषिक सर्वेक्षण प्रकल्प राबविला. या प्रकल्पांतर्गत ''Kunbi of Mahad'' हा महाड परिसरातील कुणबी बोलीचा स्वतंत्र अभ्यास १९६६मध्ये प्रकाशित करण्यात आला.<ref name="SurveyDialectsMarathi"/> महाडच्या कुणबी बोलीचा हा अभ्यास तिलोरी कुणबींच्या सरकारी वर्गीकरणाचा थेट पुरावा नाही. त्याचे महत्त्व महाड परिसरातील कुणबी समाजाच्या भाषिक स्वरूपाचे स्वतंत्र दस्तऐवजीकरण झाले असल्यामध्ये आहे. त्यामुळे दक्षिण कोकणातील कुणबी समाजाच्या भाषिक विविधतेचा आणि प्रादेशिक सामाजिक इतिहासाचा अभ्यास करताना हा एक पूरक स्रोत म्हणून वापरता येतो.<ref name="SurveyDialectsMarathi"/> भाषिक साम्य आणि जातीय उत्पत्ती यांना एकच मानता येत नाही. एखाद्या समुदायाची स्वतंत्र बोली, भाषिक वैशिष्ट्ये किंवा विशिष्ट शब्दसंपत्ती यांवरून त्या समुदायाची प्राचीन वंशावळ किंवा निश्चित स्थलांतरमार्ग सिद्ध होत नाही. त्यामुळे महाडच्या कुणबी बोलीच्या अभ्यासाचा उपयोग प्रादेशिक भाषिक आणि सामाजिक इतिहास समजून घेण्यासाठी करणे अधिक योग्य ठरते. === आधुनिक महाराष्ट्रातील प्रशासकीय वर्गीकरण === आधुनिक महाराष्ट्रातील इतर मागासवर्गीयांच्या अधिकृत यादीत कुणबी या नोंदीखाली विविध संबंधित संज्ञांचा समावेश करण्यात आला आहे. महाराष्ट्र शासनाच्या १३ मे २०२५ च्या अधिकृत यादीत कुणबी या नोंदीखाली लेवा कुणबी, लेवा पाटील, लेवा पाटीदार, मराठा कुणबी, कुणबी मराठा, तिलोरी कुणबी, टिलोरी कुणबी आणि टी. कुणबी अशा संज्ञांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="MaharashtraOBC2025">{{cite web |title=Other Backward Classes list — Government Resolution dated 13 May 2025 |url=https://gr.maharashtra.gov.in/Site/Upload/Government%20Resolutions/Marathi/20250513170904091534.pdf |publisher=Government of Maharashtra |date=13 May 2025 }}</ref> या आधुनिक प्रशासकीय यादीचा अर्थ या सर्व संज्ञांमागील समुदायांची ऐतिहासिक उत्पत्ती एकाच प्रक्रियेतून झाली आहे असा होत नाही. अशा शासकीय याद्या मुख्यतः प्रशासकीय, सामाजिक आणि आरक्षणविषयक वर्गीकरणासाठी तयार केल्या जातात. त्यामुळे केवळ या यादीतील एकत्रित नोंदींच्या आधारे एखाद्या समुदायाची प्राचीन उत्पत्ती, वंशावळ किंवा ऐतिहासिक सामाजिक संबंध निश्चित करता येत नाही.<ref name="MaharashtraOBC2025"/> === 'तिलोरी' आणि 'टिलोरी' या लेखनरूपांचा वापर === ऐतिहासिक आणि प्रशासकीय नोंदींमध्ये तिलोरी कुणबी या संज्ञेची इंग्रजी लेखनरूपे वेगवेगळी आढळतात. २००२ च्या मुंबई उच्च न्यायालयाच्या निर्णयात Kunbi Tilori in Ratnagiri district अशी नोंद करण्यात आली आहे. न्यायालयाने २३ एप्रिल १९४२ च्या सरकारी ठरावापासून २१ नोव्हेंबर १९६१पर्यंतच्या ठरावांमध्ये रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील तिलोरी कुणबींना इतर कुणबींपेक्षा स्वतंत्र प्रशासकीय वर्गात ठेवण्यात आल्याचे नमूद केले आहे. त्यानंतर १३ ऑक्टोबर १९६७ च्या शासन ठरावात कुणबी जात संपूर्ण महाराष्ट्रासाठी इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समाविष्ट करण्यात आली.<ref name="Thorat2002"/> आधुनिक महाराष्ट्र शासनाच्या १३ मे २०२५ च्या अधिकृत यादीत तिलोरी कुणबी आणि टिलोरी कुणबी अशी दोन्ही लेखनरूपे आढळतात. त्यामुळे जुन्या किंवा आधुनिक सरकारी दस्तऐवजांचा संदर्भ देताना त्या-त्या मूळ दस्तऐवजात वापरलेले लेखनरूप कायम ठेवणे अधिक अचूक ठरते.<ref name="MaharashtraOBC2025"/> मराठी लेखनात मात्र एकसंधतेसाठी तिलोरी कुणबी ही संज्ञा वापरणे योग्य ठरते. एखाद्या ऐतिहासिक किंवा प्रशासकीय दस्तऐवजातील मूळ नोंद उद्धृत करताना त्यातील मूळ लेखनरूप संदर्भानुसार तसेच नमूद करता येते. अशा प्रकारे मराठीतील प्रचलित लेखन आणि प्राथमिक स्रोतांतील मूळ प्रशासकीय नोंद यांच्यात स्पष्ट फरक राखता येतो. === तिलोरी कुणबी : प्रशासकीय इतिहास आणि सामाजिक इतिहास यांतील फरक === तिलोरी कुणबींच्या इतिहासाचा अभ्यास करताना सरकारी प्रशासकीय वर्गीकरण आणि व्यापक सामाजिक इतिहास यांच्यात स्पष्ट भेद करणे आवश्यक आहे. २३ एप्रिल १९४२ च्या मुंबई सरकारच्या ठरावात ''Kunbi (Except Tilori Kunbi in Ratnagiri district)'' अशी नोंद करण्यात आली होती, तर इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत ''Kunbi Tilori in Ratnagiri district'' अशी स्वतंत्र नोंद होती. हीच वर्गीकरणपद्धती १ नोव्हेंबर १९५०, २९ ऑक्टोबर १९५६ आणि २१ नोव्हेंबर १९६१ च्या पुढील सरकारी ठरावांमध्येही कायम राहिली.<ref name="Thorat2002"/> १३ ऑक्टोबर १९६७ च्या महाराष्ट्र शासनाच्या नव्या यादीत ''Kunbi caste'' ही नोंद इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत करण्यात आली. २००२ च्या मुंबई उच्च न्यायालयाच्या निर्णयानुसार, १९६७पर्यंत रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील तिलोरी कुणबींना इतर मागासवर्गीय म्हणून स्वतंत्रपणे वर्गीकृत केले जात होते, तर राज्यातील इतर भागांतील कुणबींना मध्यमवर्गीय समुदायाच्या वर्गात ठेवले जात होते. १९६७मध्ये प्रथमच कुणबी जातीचा संपूर्ण महाराष्ट्रासाठी इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समावेश करण्यात आला.<ref name="Thorat2002"/> या घटनाक्रमावरून तिलोरी कुणबी ही विसाव्या शतकातील सरकारी प्रशासकीय वर्गीकरणात रत्‍नागिरी जिल्ह्याशी संबंधित स्वतंत्रपणे नोंदविलेली संज्ञा होती, हे स्पष्ट होते. मात्र केवळ या प्रशासकीय नोंदींच्या आधारे तिलोरी कुणबी हे प्राचीन काळापासून इतर कुणबींपेक्षा स्वतंत्र जात होते, किंवा तिलोरी कुणबी समाजाची एकच प्राचीन वंशपरंपरा होती, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. प्रशासकीय वर्गीकरणाचा पुरावा आणि समुदायाच्या ऐतिहासिक उत्पत्तीचा पुरावा यांना स्वतंत्रपणे तपासणे आवश्यक आहे.<ref name="Thorat2002"/> === ऐतिहासिक महत्त्व === तिलोरी कुणबींच्या इतिहासाचे महत्त्व रत्‍नागिरीतील प्रादेशिक सामाजिक ओळख आणि राज्याच्या बदलत्या प्रशासकीय वर्गीकरणाच्या परस्परसंबंधात आहे. १९४२मध्ये रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील तिलोरी कुणबींना इतर कुणबींपासून प्रशासकीयदृष्ट्या वेगळ्या वर्गात ठेवण्यात आले. हे वर्गीकरण १९५०, १९५६ आणि १९६१ च्या सरकारी ठरावांमध्ये कायम राहिले.<ref name="Thorat2002"/> १९६६ च्या ''Ashok Krishnarao Dhote v. Dean, Medical College, Nagpur'' या मुंबई उच्च न्यायालयाच्या निर्णयातही ''Kunbi Tilori (in Ratnagiri District)'' या संज्ञेचा इतर मागासवर्गीयांच्या यादीतील अनुक्रमांक ८७वरील नोंद म्हणून उल्लेख करण्यात आला होता. त्यामुळे १९६० च्या दशकाच्या मध्यापर्यंत ही संज्ञा प्रशासकीय नोंदींमध्ये वापरात असल्याचा न्यायालयीन पुरावा उपलब्ध आहे.<ref name="Dhote1966"/> यानंतर १३ ऑक्टोबर १९६७ च्या शासन ठरावाद्वारे ''Kunbi caste'' ही संज्ञा संपूर्ण महाराष्ट्रासाठी इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समाविष्ट करण्यात आली. त्यामुळे तिलोरी कुणबींच्या प्रशासकीय इतिहासात १९४२ ते १९६१ या कालखंडातील स्वतंत्र वर्गीकरण, १९६० च्या दशकातील त्याची न्यायालयीन नोंद आणि १९६७नंतरचे व्यापक कुणबी वर्गीकरण हे महत्त्वाचे टप्पे ठरतात.<ref name="Thorat2002"/> या पार्श्वभूमीवर तिलोरी कुणबींचा अभ्यास हा केवळ एका उपसंज्ञेच्या इतिहासापुरता मर्यादित राहत नाही. तो रत्‍नागिरीतील प्रादेशिक सामाजिक ओळख, विसाव्या शतकातील मागासवर्गीयांचे सरकारी वर्गीकरण, राज्याच्या प्रशासकीय धोरणातील बदल आणि आधुनिक महाराष्ट्रातील जातीय वर्गीकरण यांच्या परस्परसंबंधांचा अभ्यास करण्यासाठी महत्त्वाचा ठरतो. == कुणबी बोली आणि भाषिक वैशिष्ट्ये == कोकणातील कुणबी समाजाच्या सामाजिक इतिहासात भाषेला महत्त्वाचे स्थान आहे. तथापि, ''कुणबी बोली'' ही संज्ञा संपूर्ण कोकणात एकाच भाषिक स्वरूपासाठी वापरली जाते असे मानणे योग्य नाही. उपलब्ध भाषावैज्ञानिक अभ्यासांमध्ये महाड परिसरातील कुणबींच्या भाषिक प्रकाराचा स्वतंत्र अभ्यास तसेच रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोलीचा स्वतंत्र अभ्यास आढळतो. त्यामुळे ''कुणबी बोली'' या संज्ञेचा वापर करताना तिचा प्रादेशिक आणि सामाजिक संदर्भ स्पष्ट करणे आवश्यक आहे.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/><ref name="Veer2022"/> === कुणबी बोलीची संकल्पना === ''कुणबी बोली'' ही संज्ञा कुणबी समाजाशी संबंधित विविध प्रादेशिक भाषिक प्रकारांसाठी वापरली जाते. भाषाशास्त्रीय अभ्यासात एखाद्या भाषिक प्रकाराचे स्वरूप केवळ त्याच्या बोलणाऱ्या समुदायाच्या सामाजिक ओळखीवर निश्चित होत नाही; त्याचे भौगोलिक वितरण, ध्वनिवैशिष्ट्ये, शब्दसंपदा, व्याकरण, वाक्यरचना आणि शेजारील भाषिक प्रकारांशी असलेले संबंध यांचाही विचार केला जातो. अमृत माधव घाटगे यांनी १९६३ ते १९७६ या कालखंडात ''A Survey of Dialects of Marathi'' हा भाषिक सर्वेक्षण प्रकल्प राबविला. या प्रकल्पाच्या अंतर्गत नऊ भाषिक प्रकारांचे स्वतंत्र पुस्तकात्मक अभ्यास प्रकाशित झाले. त्यामध्ये ''Kunbi of Mahad'' हा महाड परिसरातील कुणबी बोलीचा अभ्यास १९६६मध्ये प्रसिद्ध झाला. या मालिकेत दक्षिण कॅनरातील कोकणी, कुडाळी, कोचीन, काणकोणची कोकणी, ठाण्याची वारली, कासरगोडची मराठी, गोव्याची गावडी आणि डांगची भिली या भाषिक प्रकारांचेही स्वतंत्र अभ्यास प्रकाशित झाले होते.<ref name="SurveyDialectsMarathi"/> महाडच्या कुणबी बोलीचा स्वतंत्र भाषाशास्त्रीय अभ्यास झाल्यामुळे कुणबी समाजाशी संबंधित भाषिक विविधतेचा एक प्रादेशिक नमुना उपलब्ध होतो. त्याचप्रमाणे रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोलीवरील पुढील अभ्यासामुळे या प्रदेशातील कुणबी समाजाच्या भाषिक स्वरूपाचा स्वतंत्र विचार करता येतो.<ref name="Veer2022"/> कोकणातील ग्रामीण समाज, स्थानिक जीवनपद्धती, सामाजिक संबंध आणि सांस्कृतिक परंपरा यांचा विचार करताना भाषिक वैशिष्ट्ये हा एक पूरक घटक ठरतो. रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील ग्रामीण जीवनाच्या ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संदर्भासाठी उपलब्ध स्थानिक साहित्याचाही उपयोग करता येतो. यावरून ''कुणबी बोली''चा अभ्यास हा केवळ जातीय समाजशास्त्राचा विषय नसून महाराष्ट्रातील प्रादेशिक भाषिक विविधता, ग्रामीण सामाजिक इतिहास आणि स्थानिक सांस्कृतिक ओळख यांच्या अभ्यासाचाही एक भाग आहे. मात्र एखाद्या बोलीचा एखाद्या समुदायाशी असलेला संबंध हा त्या समुदायाच्या प्राचीन जातीय उत्पत्तीचा किंवा वंशावळीचा स्वतःपुरता निर्णायक पुरावा मानता येत नाही. === महाड परिसरातील कुणबी बोली === महाड परिसरातील कुणबी बोलीचा स्वतंत्र भाषिक अभ्यास अमृत माधव घाटगे यांनी केला. ''Kunbi of Mahad'' हा त्यांच्या ''A Survey of Marathi Dialects'' या मालिकेतील तिसरा खंड असून तो १९६६मध्ये प्रकाशित झाला. मराठी बोलींच्या सर्वेक्षणाच्या उपलब्ध नोंदींमध्ये या ग्रंथाचा समावेश आहे.<ref name="SurveyDialectsMarathi"/><ref>{{cite web |title=Publications |publisher=Maharashtra State Board for Literature and Culture |url=https://sahitya.marathi.gov.in/wp-content/uploads/2021/07/publications2021-07.pdf |format=PDF |access-date=2026-09-08 }}</ref> महाडचा हा भाषिक प्रकार महाड परिसरातील कुणबी समाजाशी संबंधित असल्यामुळे सामाजिक ओळख आणि भाषिक विविधता यांच्या परस्परसंबंधाच्या अभ्यासासाठी महत्त्वाचा ठरतो. मात्र महाडमध्ये नोंदवलेला हा भाषिक प्रकार संपूर्ण रत्‍नागिरी, रायगड किंवा कोकणातील सर्व कुणबी समाजाची एकसमान बोली होती, असा निष्कर्ष उपलब्ध अभ्यासावरून काढता येत नाही. प्रादेशिक भौगोलिक परिस्थिती, स्थानिक भाषिक संपर्क आणि सामाजिक इतिहास यांनुसार भाषिक वैशिष्ट्यांमध्ये फरक असू शकतो.<ref name="घोलम2025">{{cite book |last=घोलम |first=अनंत नर्मदा सखाराम |title=खडीकोळवण : सांस्कृतिक, ऐतिहासिक आणि ग्रामीण जीवन |publisher=Kindle Direct Publishing |year=2025 }}</ref> === तिलोरी कुणबी बोली === रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी समाजाच्या भाषिक स्वरूपाचा स्वतंत्र अभ्यास सीमा राजेश वीर यांनी ''कोकणातील तिलोरी कुणबी बोली'' या लेखातून केला आहे. हा लेख ''भाषा आणि जीवन'' या मराठी भाषावैज्ञानिक नियतकालिकाच्या २०२२ च्या अंकात प्रकाशित झाला असून तो खंड ४०, अंक ३मध्ये पृष्ठ ७ ते १९ या दरम्यान प्रसिद्ध झाला आहे.<ref name="Veer2022">{{cite journal |last=वीर |first=सीमा राजेश |title=कोकणातील तिलोरी कुणबी बोली |journal=भाषा आणि जीवन |volume=40 |issue=3 |year=2022 |pages=7–19 }}</ref> या अभ्यासामुळे तिलोरी कुणबी बोलीचा विचार केवळ सामाजिक किंवा प्रशासकीय ओळखीच्या संदर्भात न करता स्वतंत्र भाषिक अभ्यासाच्या विषयाच्या रूपातही करता येतो. तिलोरी कुणबींच्या भाषिक स्वरूपाचा अभ्यास करताना रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील स्थानिक भाषिक वातावरण, प्रमाण मराठीचा प्रभाव आणि शेजारील कोकणी भाषिक प्रकार यांचा संदर्भ लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="Veer2022"/> === मराठीशी संबंध === महाड आणि दक्षिण कोकणातील कुणबी भाषिक प्रकारांचा अभ्यास मराठी भाषेच्या व्यापक प्रादेशिक भाषिक विविधतेच्या संदर्भात करण्यात आला आहे. अमृत माधव घाटगे यांच्या मराठी बोलींच्या सर्वेक्षणात ''Kunbi of Mahad''चा स्वतंत्र भाषिक प्रकार म्हणून समावेश करण्यात आला होता.<ref name="SurveyDialectsMarathi"/> मराठी आणि कोकणी यांच्यातील भाषिक संबंधांविषयी भाषाशास्त्रीय अभ्यासात विविध मते मांडली गेली आहेत. मराठी बोलींच्या सर्वेक्षणाच्या उपलब्ध ऐतिहासिक माहितीनुसार जॉर्ज अब्राहम ग्रिअर्सन यांच्या भाषिक वर्गीकरणात कोकणीचा मराठीशी संबंध जोडला गेला होता; त्यानंतर सुमित्रा मंगेश कात्रे यांच्या ''The Formation of Konkani'' या १९६६मधील अभ्यासात कोकणीच्या स्वतंत्र भाषिक स्वरूपाचा विचार करण्यात आला. त्यामुळे कोकणातील एखाद्या कुणबी भाषिक प्रकाराला सरसकट ''मराठीची बोली'' किंवा ''कोकणीची बोली'' असे संबोधण्यापेक्षा संबंधित प्रदेशातील भाषिक वैशिष्ट्ये आणि उपलब्ध भाषाशास्त्रीय अभ्यास यांच्या आधारे त्याचे स्वरूप निश्चित करणे अधिक योग्य ठरते.<ref name="SurveyDialectsMarathi"/> कुणबी बोलींच्या अभ्यासातून कोकणातील सामाजिक आणि भाषिक विविधतेचा एक महत्त्वाचा पैलू समोर येतो. महाडची कुणबी बोली, रत्‍नागिरी-दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोली आणि इतर स्थानिक भाषिक प्रकार यांचा तुलनात्मक अभ्यास केल्यास प्रदेश, सामाजिक ओळख, भाषिक संपर्क आणि ग्रामीण सांस्कृतिक जीवन यांच्यातील परस्परसंबंध अधिक स्पष्टपणे समजून घेता येतात.<ref name="घोलम2025" /> === कोकणी भाषिक प्रभाव === कोकण हा मराठी आणि कोकणी या दोन्ही भाषिक परंपरांच्या संपर्कातील प्रदेश आहे. त्यामुळे दक्षिण कोकणातील विविध भाषिक प्रकारांवर शेजारील कोकणी भाषिक क्षेत्राशी झालेल्या संपर्काचा परिणाम झालेला असण्याची शक्यता भाषिक अभ्यासाच्या दृष्टीने महत्त्वाची ठरते. हा परिणाम शब्दसंपदा, उच्चार, ध्वनिवैशिष्ट्ये किंवा वाक्यरचनेच्या काही घटकांमध्ये दिसू शकतो; मात्र त्याचे स्वरूप प्रदेशानुसार वेगवेगळे असू शकते. एखाद्या विशिष्ट शब्दाचा, उच्चाराचा किंवा व्याकरणिक रचनेचा कोकणी प्रभाव म्हणून उल्लेख करण्यासाठी तुलनात्मक भाषाशास्त्रीय पुरावा आवश्यक असतो. त्यामुळे कोकणातील सर्व कुणबी बोलींवर कोकणीचा समान किंवा व्यापक प्रभाव आहे, असा निष्कर्ष प्रत्येक उपप्रदेशाच्या स्वतंत्र भाषिक अभ्यासाशिवाय काढणे योग्य ठरत नाही. महाड, रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील कुणबी भाषिक प्रकारांमध्ये काही साम्य आढळू शकते; परंतु त्यांचे भौगोलिक वितरण, स्थानिक भाषिक संपर्क आणि ऐतिहासिक विकास समान असल्याचे गृहीत धरता येत नाही. महाडच्या कुणबी बोलीचा स्वतंत्र अभ्यास अमृत माधव घाटगे यांनी केला असून रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोलीचा स्वतंत्र भाषिक अभ्यासही उपलब्ध आहे.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/><ref name="Veer2022"/> === स्थानिक शब्दसंपदा === बोलीभाषेच्या अभ्यासातील महत्त्वाचा घटक म्हणजे स्थानिक शब्दसंपदा. शेती, पाऊस, भातशेती, जलव्यवस्था, घररचना, शेतीची अवजारे, समुद्र, डोंगर, वनस्पती, प्राणी आणि ग्रामजीवनाशी संबंधित शब्दांमधून एखाद्या प्रदेशातील दैनंदिन जीवन, पर्यावरण आणि सांस्कृतिक अनुभवांचे भाषिक प्रतिबिंब दिसून येऊ शकते. कोकणातील ग्रामीण जीवनाचा अभ्यास करताना स्थानिक शब्दसंपदेचा संबंध पारंपरिक शेतीपद्धती, घररचना आणि ग्रामजीवनाशी जोडून पाहता येतो.<ref name="घोलम2025" /> महाडच्या कुणबी बोलीचा स्वतंत्र भाषिक अभ्यास अमृत माधव घाटगे यांच्या सर्वेक्षणात करण्यात आला आहे. या अभ्यासामुळे महाड परिसरातील कुणबी समाजाशी संबंधित भाषिक वैशिष्ट्ये आणि स्थानिक शब्दसंपदेचा अभ्यास करण्यासाठी स्वतंत्र स्रोत उपलब्ध होतो.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/> तिलोरी कुणबी बोलीच्या संदर्भात सीमा राजेश वीर यांच्या २०२२मधील अभ्यासामुळे रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील या भाषिक प्रकाराचा स्वतंत्र विचार करण्यास आधार मिळतो.<ref name="Veer2022"/> स्थानिक शब्दसंपदा सामाजिक आणि सांस्कृतिक इतिहासासाठी पूरक पुरावा देऊ शकते; मात्र एखादा शब्द केवळ एखाद्या विशिष्ट समुदायापुरता मर्यादित आहे किंवा त्याचा उगम एखाद्या विशिष्ट प्राचीन भाषेतच झाला आहे, असा निष्कर्ष केवळ त्या शब्दाच्या स्थानिक वापरावरून काढता येत नाही. अशा निष्कर्षांसाठी शब्दव्युत्पत्ती, तुलनात्मक भाषाशास्त्र, ऐतिहासिक नोंदी आणि संबंधित भाषांमधील समांतर शब्दरूपांचा स्वतंत्र अभ्यास आवश्यक असतो. === उच्चारवैशिष्ट्ये === प्रादेशिक बोलींच्या अभ्यासात प्रमाण भाषेच्या तुलनेत आढळणारे ध्वनी, स्वरांचे उच्चार, व्यंजनांचे उच्चार, शब्दांतील अक्षररचना आणि बोलण्याची लय यांचा विचार केला जातो. अमृत माधव घाटगे यांच्या भाषिक सर्वेक्षणात महाड परिसरातील कुणबी बोलीचा स्वतंत्र अभ्यास करण्यात आला आहे. त्यामुळे या बोलीच्या उच्चारवैशिष्ट्यांचा अभ्यास प्रमाण मराठीच्या तुलनेत भाषाशास्त्रीय पद्धतीने करता येतो.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/> तिलोरी कुणबी बोलीच्या संदर्भातही उच्चारवैशिष्ट्यांचा अभ्यास करताना रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील स्थानिक भाषिक वातावरण विचारात घेणे आवश्यक आहे. तिलोरी कुणबी बोलीवर उपलब्ध असलेल्या भाषाशास्त्रीय अभ्यासात या बोलीचा स्वतंत्र भाषिक प्रकार म्हणून विचार करण्यात आला आहे.<ref name="Veer2022"/> मात्र बोलीच्या विशिष्ट उच्चारवैशिष्ट्यांचे वर्णन करताना संबंधित भाषाशास्त्रीय अभ्यासातील उदाहरणे, ध्वनिलेखन आणि लिप्यंतर यांचा आधार घेणे आवश्यक आहे. उपलब्ध प्राथमिक अभ्यासात स्पष्टपणे नोंद नसलेली उच्चाररूपे अनुमानाने मांडणे योग्य ठरत नाही. त्यामुळे कुणबी बोलीच्या उच्चारवैशिष्ट्यांचा सविस्तर अभ्यास संबंधित भाषाशास्त्रीय स्रोतांच्या आधारेच करणे आवश्यक आहे. === व्याकरणाची वैशिष्ट्ये === बोलीभाषेचे व्याकरण प्रमाण भाषेपेक्षा पूर्णपणे स्वतंत्र असणे आवश्यक नसते. क्रियापदांची रूपे, विभक्तीप्रत्यय, सर्वनामे, लिंग आणि वचन, काळ, वाक्यरचना तसेच शब्दक्रम यांसारख्या घटकांमध्ये प्रादेशिक किंवा सामाजिक फरक आढळू शकतात. महाडच्या कुणबी बोलीच्या स्वतंत्र भाषिक वर्णनाचा उपयोग तिच्या व्याकरणात्मक वैशिष्ट्यांचा अभ्यास करण्यासाठी करता येतो. अमृत माधव घाटगे यांच्या महाडच्या कुणबी बोलीवरील अभ्यासामुळे या बोलीच्या भाषिक रचनेचा स्वतंत्र संदर्भ उपलब्ध होतो.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/> रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोलीच्या संदर्भात सीमा राजेश वीर यांचा २०२२मधील अभ्यासही महत्त्वाचा पूरक स्रोत आहे. या अभ्यासाच्या आधारे तिलोरी कुणबी बोलीच्या भाषिक वैशिष्ट्यांचा स्वतंत्र विचार करता येतो.<ref name="Veer2022"/> कुणबी बोलीचे व्याकरण प्रमाण मराठीपासून पूर्णपणे स्वतंत्र आहे किंवा ती स्वतंत्र भाषा आहे, असा निष्कर्ष केवळ तिच्या स्वतंत्र बोलीअभ्यासाच्या अस्तित्वावरून काढता येत नाही. तिच्या व्याकरणाचा विचार करताना प्रादेशिक मराठीचे स्वरूप, कोकणीशी असलेला भाषिक संपर्क आणि संबंधित प्रदेशातील इतर बोली यांचा तुलनात्मक अभ्यास करणे आवश्यक आहे. === शेती आणि बोलीभाषा === कुणबी समाजाच्या पारंपरिक कृषीजीवनाशी संबंधित शब्दसंपदा ही कोकणातील ग्रामीण भाषिक अभ्यासाचा एक महत्त्वाचा घटक ठरू शकते. भातशेती, नांगरणी, पेरणी, रोपलागवड, कापणी, धान्यसाठवण, जलव्यवस्था, पशुधन आणि शेतीची अवजारे यांसंबंधीचे स्थानिक शब्द त्या प्रदेशातील कृषीपद्धती आणि दैनंदिन जीवनाचे भाषिक प्रतिबिंब दर्शवू शकतात. कोकणातील ग्रामीण जीवनाच्या अभ्यासात शेती, घररचना, स्थानिक साधने आणि ग्रामजीवन यांचा परस्परसंबंधही दिसून येतो.<ref name="घोलम2025" /> महाडच्या कुणबी बोलीचा स्वतंत्र भाषिक अभ्यास अमृत माधव घाटगे यांनी केला असून, त्या अभ्यासामुळे कृषी आणि ग्रामीण जीवनाशी संबंधित स्थानिक शब्दसंपदेचा भाषाशास्त्रीय संदर्भात अभ्यास करता येतो.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/> तथापि एखाद्या कृषीशब्दाची व्युत्पत्ती, त्याचे विशिष्ट भौगोलिक मूळ किंवा तो शब्द केवळ कुणबी समाजापुरताच मर्यादित असल्याचा निष्कर्ष केवळ स्थानिक वापरावरून काढता येत नाही. अशा निष्कर्षांसाठी तुलनात्मक भाषाशास्त्रीय अभ्यास, ऐतिहासिक शब्दकोश, संबंधित बोलींची उदाहरणे आणि उपलब्ध भाषिक नोंदींचा आधार आवश्यक असतो. === बोली आणि सामाजिक ओळख === भाषा ही सामाजिक आणि प्रादेशिक ओळखीचा एक घटक असू शकते. कुणबी समाजाशी संबंधित काही भाषिक प्रकारांना त्यांच्या बोलणाऱ्या समुदायाच्या सामाजिक ओळखीशी जोडून स्वतंत्रपणे अभ्यासण्यात आले आहे. महाड परिसरातील कुणबी बोलीचा अमृत माधव घाटगे यांनी केलेला अभ्यास आणि रत्‍नागिरी-दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोलीवरील सीमा राजेश वीर यांचा अभ्यास याची उदाहरणे आहेत.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/><ref name="Veer2022"/> मात्र भाषा आणि जातीय ओळख यांच्यात सरळ किंवा एकरेषीय संबंध असतोच असे नाही. एकाच सामाजिक समुदायातील लोक वेगवेगळ्या प्रदेशांमध्ये भिन्न भाषिक प्रकार वापरू शकतात. त्याचप्रमाणे एखादा भाषिक प्रकार एकापेक्षा अधिक सामाजिक समूहांकडून वापरला जाऊ शकतो. त्यामुळे केवळ एखाद्या व्यक्तीच्या बोलीवरून तिची जातीय ओळख निश्चित करणे भाषाशास्त्रीयदृष्ट्या योग्य ठरत नाही. कुणबी समाजाच्या सामाजिक इतिहासाचा अभ्यास करताना म्हणूनच बोलीभाषेचा विचार जमीन, शेती, स्थलांतर, ग्रामजीवन, स्थानिक सामाजिक संबंध आणि प्रादेशिक संस्कृती यांच्या व्यापक संदर्भात करणे अधिक उपयुक्त ठरते. === प्रमाण मराठीचा प्रभाव === शिक्षण, मुद्रण, प्रशासन, प्रसारमाध्यमे, शहरीकरण आणि स्थलांतर यांच्या विस्तारामुळे महाराष्ट्रातील अनेक प्रादेशिक भाषिक प्रकारांवर प्रमाण मराठीचा प्रभाव वाढला आहे. शाळा, सरकारी कार्यालये, मुद्रित माध्यमे आणि आधुनिक संप्रेषणाच्या साधनांमध्ये प्रमाण मराठीचा वापर वाढल्यामुळे काही स्थानिक बोलींचा दैनंदिन वापर विशिष्ट क्षेत्रांमध्ये कमी होण्याची शक्यता आहे. भाषिक सर्वेक्षणांमध्ये महाराष्ट्रातील विविध भाषिक प्रकारांची नोंद करण्यात आली आहे. Survey of Dialects of Marathi Languageच्या माहितीनुसार महाराष्ट्रातील भाषिक विविधतेच्या अभ्यासात अनेक प्रादेशिक भाषिक प्रकारांचा स्वतंत्र विचार करण्यात आला आहे आणि सर्व भाषिक प्रकारांना मराठीच्या बोली म्हणून वर्गीकृत करता येत नाही, असे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="SurveyDialectsMarathi"/> यामुळे कुणबी समाजाशी संबंधित भाषिक प्रकारांचा अभ्यास करताना त्यांना पूर्वनिर्धारितपणे प्रमाण मराठीच्या बोली म्हणून किंवा स्वतंत्र भाषा म्हणून वर्गीकृत करण्याऐवजी संबंधित प्रदेशातील उपलब्ध भाषाशास्त्रीय पुरावे, भाषिक रचना, भौगोलिक वितरण आणि इतर भाषांशी असलेला संपर्क यांचा विचार करणे आवश्यक ठरते. === आधुनिक भाषिक बदल === कोकणातील कुणबी समाजाशी संबंधित भाषिक प्रकारांवर आधुनिक शिक्षण, शहरीकरण, स्थलांतर, प्रसारमाध्यमे आणि प्रमाण मराठीच्या वाढत्या वापराचा परिणाम होत आहे. इंग्रजीच्या वाढत्या वापरामुळेही विशेषतः शिक्षण, रोजगार आणि शहरी व्यवहारांच्या क्षेत्रात भाषिक वापराच्या स्वरूपात बदल होत आहेत. या प्रक्रियेमुळे घरगुती आणि स्थानिक व्यवहारांमध्ये वापरल्या जाणाऱ्या काही प्रादेशिक भाषिक प्रकारांचा वापर विशिष्ट क्षेत्रांमध्ये कमी होण्याची शक्यता आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील तिलोरी बोलीच्या संदर्भात स्थानिक शब्दसंपदेचे संकलन आणि बोलीच्या सांस्कृतिक दस्तऐवजीकरणाचे प्रयत्न झाल्याचे समकालीन वृत्तांतांमध्ये नमूद करण्यात आले आहे. चिपळूण, संगमेश्वर आणि राजापूर परिसरात तिलोरी बोलीशी संबंधित शब्दसंपदेचे संकलन करण्यात आल्याचे या वृत्तांतात म्हटले आहे.<ref name="TiloriWords2019">{{cite web |title=तिलोरी बोलीतले नऊ हजार शब्द संकलित |url=https://www.esakal.com/amp/kokan/tilori-language-900-words-collection-174832 |publisher=ई-सकाळ |date=6 March 2019 }}</ref> या वृत्तांतानुसार सुमारे नऊ हजार शब्द, सुमारे साठ गाणी आणि काही म्हणी संकलित करण्यात आल्याचे नमूद आहे.<ref name="TiloriWords2019"/> या प्रकारचे स्थानिक संकलन तिलोरी बोलीच्या शब्दसंपदेचे आणि लोकसाहित्याचे दस्तऐवजीकरण करण्याच्या दृष्टीने महत्त्वाचे आहे. मात्र या संकलनातील सामग्रीचा उपयोग संपूर्ण रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील किंवा संपूर्ण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोलीचे प्रतिनिधिक स्वरूप म्हणून करताना संबंधित भाषाशास्त्रीय अभ्यासाचा आधार घेणे आवश्यक आहे. === बोलीचे संवर्धन === बोलीभाषांच्या दस्तऐवजीकरणासाठी शब्दसंग्रह, म्हणी, लोकगीते, लोककथा, पारंपरिक संभाषणे आणि स्थानिक भाषिक नमुने यांचे संकलन महत्त्वाचे ठरते. अशा सामग्रीतून एखाद्या प्रदेशातील दैनंदिन जीवन, कृषीपद्धती, सामाजिक संबंध आणि सांस्कृतिक परंपरांचे भाषिक स्वरूप नोंदवता येते. कोकणातील ग्रामीण जीवन, शेती आणि स्थानिक सांस्कृतिक परंपरांचा अभ्यास करताना अशा भाषिक सामग्रीला पूरक ऐतिहासिक-सांस्कृतिक स्रोत म्हणूनही पाहता येते.<ref name="घोलम2025" /> तिलोरी बोलीच्या संदर्भात स्थानिक पातळीवर शब्दसंपदा, गीते आणि म्हणी यांचे संकलन झाल्याची नोंद उपलब्ध आहे.<ref name="TiloriWords2019"/> भाषिक संवर्धनाच्या दृष्टीने अशा स्थानिक प्रयत्नांना शास्त्रीय भाषिक सर्वेक्षण, ध्वनिमुद्रण, लिप्यंतरण, शब्दकोश निर्मिती आणि डिजिटल संग्रह यांची जोड मिळाल्यास बोलीभाषेच्या पुढील अभ्यासासाठी अधिक व्यापक स्रोतसामग्री उपलब्ध होऊ शकते. विशेषतः वृद्ध पिढीकडे उपलब्ध असलेली स्थानिक शब्दसंपदा, म्हणी, लोकगीते आणि पारंपरिक भाषिक वापर यांचे दस्तऐवजीकरण केल्यास भाषिक आणि सांस्कृतिक वारशाच्या नोंदी जतन करण्यास मदत होऊ शकते. === कुणबी बोलींचा तुलनात्मक अभ्यास === महाडची कुणबी बोली आणि रत्‍नागिरी-दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोली यांचा उल्लेख एकाच व्यापक संदर्भात होत असला तरी हे दोन्ही भाषिक प्रकार समान आहेत असे गृहीत धरता येत नाही. अमृत माधव घाटगे यांचा अभ्यास महाड परिसरातील कुणबी बोलीवर केंद्रित आहे, तर सीमा राजेश वीर यांचा २०२२मधील अभ्यास रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोलीशी संबंधित आहे.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/><ref name="Veer2022"/> या दोन्ही भाषिक प्रकारांचा तुलनात्मक अभ्यास करताना ध्वनिवैशिष्ट्ये, शब्दसंपदा, व्याकरण, वाक्यरचना, स्थानिक भाषिक संपर्क आणि भौगोलिक वितरण या घटकांचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. भौगोलिक जवळीक किंवा सामाजिक साम्य यांवरून दोन बोलींचे भाषिक स्वरूप समान असल्याचा निष्कर्ष काढता येत नाही. महाड, रायगड, रत्‍नागिरी आणि दक्षिण कोकणातील कुणबी समाजाशी संबंधित भाषिक प्रकारांचा तुलनात्मक अभ्यास केल्यास त्यांच्या भाषिक साम्यांबरोबरच प्रादेशिक फरकही अधिक स्पष्ट होऊ शकतात. मात्र अशा तुलनात्मक निष्कर्षांसाठी संबंधित बोलींच्या प्रत्यक्ष भाषिक नमुन्यांचा आणि उपलब्ध भाषाशास्त्रीय अभ्यासांचा आधार आवश्यक आहे. === भाषिक इतिहास आणि कुणबी समाज === कुणबी समाजाशी संबंधित भाषिक प्रकारांचा इतिहास हा कोकणातील ग्रामीण समाजाच्या दीर्घकालीन भाषिक परिवर्तनाच्या संदर्भात पाहता येतो. कृषीप्रधान ग्रामजीवन, स्थानिक देवस्थान आणि लोकपरंपरा, बाजारपेठा, शेजारील भाषिक समुदायांशी संपर्क, स्थलांतर, शिक्षण आणि शहरीकरण या विविध प्रक्रियांचा भाषिक वापरावर परिणाम झाला असण्याची शक्यता आहे. कोकणातील ग्रामीण जीवन आणि कृषीसंस्कृतीच्या अभ्यासातून या भाषिक परिवर्तनाची सामाजिक पार्श्वभूमी समजण्यास पूरक संदर्भ मिळू शकतो.<ref name="घोलम2025" /> मात्र उपलब्ध भाषिक अभ्यासांवरून कुणबी बोलीची थेट प्राचीन किंवा मध्ययुगीन वंशावळ निश्चित करता येत नाही. त्याचप्रमाणे एखाद्या आधुनिक बोलीचे अस्तित्व हे त्या समुदायाच्या प्राचीन स्थलांतराचा थेट पुरावा मानता येत नाही. भाषिक इतिहास आणि सामाजिक इतिहास यांचा परस्पर संबंध असला तरी त्यांच्या निष्कर्षांसाठी भाषाशास्त्रीय, ऐतिहासिक आणि सामाजिक स्रोत स्वतंत्रपणे तपासणे आवश्यक आहे. === ऐतिहासिक आणि आधुनिक भाषिक अभ्यासांचे महत्त्व === महाडच्या कुणबी बोलीसाठी अमृत माधव घाटगे यांचा १९६६मधील अभ्यास हा कोकणातील कुणबी भाषिक प्रकाराच्या दस्तऐवजीकरणातील महत्त्वाचा स्रोत आहे. हा अभ्यास मराठीच्या बोलींच्या व्यापक सर्वेक्षणाच्या प्रकल्पाचा भाग होता.<ref name="SurveyDialectsMarathi"/><ref name="GhatgeKunbiMahad"/> तिलोरी कुणबी बोलीच्या संदर्भात सीमा राजेश वीर यांचा २०२२मधील अभ्यास आधुनिक काळातील महत्त्वाचा भाषाशास्त्रीय संदर्भ उपलब्ध करून देतो.<ref name="Veer2022"/> या दोन्ही स्रोतांचा एकत्रित विचार केल्यास कोकणातील कुणबी समाजाशी संबंधित भाषिक प्रकारांचा अभ्यास वेगवेगळ्या कालखंडांच्या संदर्भात करता येतो. एकीकडे १९६० च्या दशकातील शास्त्रीय बोली-सर्वेक्षणातून महाड परिसरातील भाषिक स्वरूपाचे दस्तऐवजीकरण झाले, तर दुसरीकडे २०२० च्या दशकातील अभ्यासातून रत्‍नागिरी-दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोलीचा स्वतंत्र विचार उपलब्ध झाला आहे. या दोन्ही अभ्यासांमधील काल, प्रदेश आणि अभ्यासपद्धतीतील फरक लक्षात घेऊनच त्यांची तुलना करणे आवश्यक आहे. === भाषिक नोंदींच्या मर्यादा === कुणबी बोलीविषयी उपलब्ध भाषिक स्रोतांचा वापर करताना काही मर्यादा लक्षात घेणे आवश्यक आहे. प्रथम, महाडची कुणबी बोली आणि रत्‍नागिरी-दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोली या स्वतंत्र प्रादेशिक भाषिक अभ्यासांचे विषय आहेत. त्यामुळे दोन्ही भाषिक प्रकारांचे स्वरूप एकसमान आहे असे गृहीत धरता येत नाही. दुसरे, एखाद्या बोलीचा विशिष्ट सामाजिक समुदायाशी संबंध असला तरी त्या बोलीच्या आधारे त्या समुदायाची जातीय उत्पत्ती किंवा प्राचीन वंशपरंपरा निश्चित करता येत नाही. तिसरे, मराठी, कोकणी आणि त्यांच्या विविध प्रादेशिक भाषिक प्रकारांमधील संबंध ऐतिहासिक आणि भाषाशास्त्रीयदृष्ट्या गुंतागुंतीचे आहेत.<ref name="SurveyDialectsMarathi"/> त्यामुळे कुणबी बोलीची उत्पत्ती अमुक एका प्राचीन भाषेपासून झाली, सर्व कुणबी समाज एकच बोली बोलतो किंवा तिलोरी कुणबी बोली ही संपूर्ण कोकणातील एकमेव कुणबी बोली आहे, अशी निश्चित विधाने उपलब्ध भाषिक पुराव्यांच्या आधारे करता येत नाहीत. अशा निष्कर्षांसाठी विविध प्रदेशांतील भाषिक नमुने, ऐतिहासिक नोंदी आणि तुलनात्मक भाषाशास्त्रीय अभ्यास आवश्यक आहेत. === कोकणातील कुणबी बोलींचे भाषिक महत्त्व === कोकणातील कुणबी बोलींचे महत्त्व केवळ सामाजिक ओळखीच्या संदर्भापुरते मर्यादित नसून त्या प्रदेशातील भाषिक विविधतेच्या दस्तऐवजीकरणातही आहे. महाडमधील कुणबी बोलीचा १९६६मधील स्वतंत्र भाषिक अभ्यास आणि रत्‍नागिरी-दक्षिण कोकणातील तिलोरी कुणबी बोलीवरील २०२२मधील अभ्यास यांमुळे कुणबी समाजाशी संबंधित दोन वेगवेगळ्या प्रादेशिक भाषिक संदर्भांची नोंद उपलब्ध झाली आहे.<ref name="GhatgeKunbiMahad"/><ref name="Veer2022"/> या भाषिक अभ्यासांमधून कोकणातील ग्रामीण जीवन, कृषी संस्कृती आणि स्थानिक शब्दसंपदेच्या अभ्यासाला पूरक सामग्री मिळते. त्यामुळे कुणबी समाजाच्या इतिहासाचा अभ्यास करताना जमीन, शेती, लोकसंख्या, महसूल आणि प्रशासकीय नोंदींबरोबरच उपलब्ध भाषिक दस्तऐवजीकरणाचाही विचार करता येतो. == सामाजिक रचना == कोकणातील कुणबी समाजाची सामाजिक रचना कुटुंब, कुळ, देवक, विवाहसंबंध, नातेसंबंध, ग्रामजीवन आणि स्थानिक सामाजिक संस्थांशी संबंधित होती. मात्र कोकणातील कुणबी समाज एकसंध सामाजिक घटक होता असे मानता येत नाही. रत्‍नागिरी, रायगड, सावंतवाडी, महाड आणि उत्तर कोकणातील कुणबी समाजांच्या सामाजिक जीवनावर स्थानिक भौगोलिक परिस्थिती, कृषीव्यवस्था, ग्रामरचना आणि प्रादेशिक परंपरांचा प्रभाव होता. ब्रिटिशकालीन गॅझेटियरमध्ये कोकणातील विविध समुदायांच्या सामाजिक आणि ग्रामीण जीवनाचे वर्णन आढळते. रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या गॅझेटियरमध्ये लोकसंख्या, ग्रामीण जीवन, शेती आणि सामाजिक समूहांची माहिती नोंदवण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> नंतरच्या मानववंशशास्त्रीय अभ्यासांमध्ये महाराष्ट्रातील विविध समुदायांच्या सामाजिक रचना, कुटुंबव्यवस्था, विवाहपद्धती, नातेसंबंध आणि सांस्कृतिक परंपरांचा स्वतंत्र अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004">{{cite book |editor-last=Singh |editor-first=K. S. |title=People of India: Maharashtra |volume=30 |publisher=Anthropological Survey of India |location=New Delhi |year=2004 }}</ref> कोकणातील ग्रामीण जीवनाच्या संदर्भात कुटुंब, शेती, ग्रामसंस्था, स्थानिक परंपरा आणि सामाजिक संबंध यांचा परस्परसंबंध दिसून येतो. या ग्रामीण-सांस्कृतिक संदर्भांचा अभ्यास करण्यासाठी उपलब्ध स्थानिक इतिहास आणि ग्रामीण जीवनावरील साहित्य पूरक स्रोत म्हणून वापरता येते.<ref name="घोलम2025" /> === कुटुंब === कुणबी समाजातील पारंपरिक सामाजिक जीवनात कुटुंब ही महत्त्वाची सामाजिक आणि आर्थिक संस्था होती. कृषीप्रधान अर्थव्यवस्थेमुळे कुटुंबातील विविध सदस्यांचा शेतीच्या कामांमध्ये सहभाग असे. ब्रिटिशकालीन गॅझेटियरमधील ग्रामीण जीवनाच्या वर्णनांमध्ये कृषी कामांमध्ये कुटुंबाच्या सहभागाचे उल्लेख आढळतात.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> कुटुंबाची आर्थिक रचना जमीनधारणा, कुटुंबाचा आकार, शेतीचे स्वरूप, पशुधन आणि उपलब्ध संसाधने यांशी संबंधित होती. कृषी उत्पादनाबरोबरच पशुपालन, घरगुती कामे आणि स्थानिक रोजगार यांचा कुटुंबाच्या उपजीविकेत सहभाग असू शकत होता. त्यामुळे ग्रामीण कृषी समाजात कुटुंबाची भूमिका सामाजिक संबंधांबरोबरच आर्थिक जीवनाशीही जोडलेली होती.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> नंतरच्या मानववंशशास्त्रीय अभ्यासांमध्ये महाराष्ट्रातील विविध समुदायांमध्ये संयुक्त आणि विभक्त कुटुंबांचे प्रकार नोंदवण्यात आले आहेत. त्यामुळे संपूर्ण कुणबी समाजात एकच कुटुंबपद्धती प्रचलित होती असे मानणे योग्य नाही. कुटुंबव्यवस्थेचे स्वरूप प्रदेश, आर्थिक परिस्थिती आणि स्थानिक सामाजिक परंपरांनुसार बदलत असण्याची शक्यता होती.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004"/> === कुळ === कुळ ही संकल्पना कुटुंबीय वंशपरंपरा, सामाजिक ओळख आणि विवाहसंबंधांच्या संदर्भात महत्त्वाची ठरते. महाराष्ट्रातील विविध ग्रामीण समाजांच्या सामाजिक रचनेत कुटुंबसमूह, आडनावे, वंशपरंपरा आणि विवाहनियम यांना स्थान असल्याचे मानववंशशास्त्रीय साहित्यात आढळते.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004"/> काही कुणबी समुदायांमध्ये समान कुळ किंवा जवळच्या वंशसमूहातील विवाह टाळण्याची प्रथा आढळत असल्याचे तुलनात्मक मानववंशशास्त्रीय साहित्यात नमूद केले आहे. मात्र अशा प्रथा सर्व प्रदेशांतील कुणबी समाजाला समान प्रमाणात लागू होत्या असे गृहीत धरता येत नाही.<ref name="RussellHiralal1916"/> कुळ, गोत्र, देवक आणि आडनाव या संज्ञा सामाजिक संदर्भानुसार वापरल्या जात असल्यामुळे त्यांचे अर्थ सर्व प्रदेशांत समान असतीलच असे नाही. विशेषतः कोकणातील कुणबी समाजाचा अभ्यास करताना स्थानिक विवाहपद्धती, कुटुंबव्यवस्था, देवकपरंपरा, आडनावे आणि प्रादेशिक सामाजिक संकेत यांचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. कोकणातील ग्रामीण कुटुंबव्यवस्था, स्थानिक परंपरा आणि सामाजिक जीवनाचा अभ्यास करताना स्थानिक इतिहास व ग्रामीण जीवनावरील स्रोत पूरक ठरू शकतात. रत्‍नागिरीतील ग्रामीण जीवनाच्या संदर्भात कुटुंब, शेती, ग्रामव्यवस्था आणि स्थानिक सांस्कृतिक परंपरांचा परस्परसंबंधही अभ्यासता येतो.<ref name="घोलम2025" /> === देवक === कुणबी समाजाच्या सामाजिक आणि विवाहसंस्थेच्या संदर्भात देवक ही महत्त्वाची संकल्पना मानली जाते. देवक हे वनस्पती, वृक्ष, प्राणी, वस्तू किंवा अन्य प्रतीकाशी संबंधित कुलचिन्ह अथवा संरक्षक प्रतीकाच्या स्वरूपात आढळू शकते. महाराष्ट्रातील कुणबी समाजावरील मानववंशशास्त्रीय अभ्यासांमध्ये देवक, गोत्र, कुळ आणि विवाहनियम यांचा परस्परसंबंध नोंदवण्यात आला आहे.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004"/> काही कुणबी उपसमूहांमध्ये समान देवक असलेल्या कुटुंबांमध्ये विवाह टाळण्याची प्रथा आढळत असल्याचे महाराष्ट्रातील मानववंशशास्त्रीय आणि गॅझेटियर नोंदींवरून दिसते. मात्र अशा विवाहनियमांचे स्वरूप प्रदेश आणि उपसमूहानुसार बदलत असल्यामुळे ते संपूर्ण कुणबी समाजाला समान प्रमाणात लागू होते असे मानता येत नाही.<ref>{{cite web |title=People of Maharashtra: Major Castes and Tribes |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/land_and_people/L%20%26%20P%20pdf/Chapter%20II/2%20Major%20Castes%20and%20Tribes.pdf |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> सावंतवाडी तालुक्यातील कुंकेरी गावाच्या संदर्भात १९६१ च्या जनगणनेअंतर्गत तयार करण्यात आलेल्या Village Survey Monographमध्ये कुणबी मराठा कुटुंबांच्या सामाजिक जीवनाचे वर्णन आढळते. या सर्वेक्षणाच्या प्रकाशनात स्थानिक सामाजिक प्रथा, कुटुंबव्यवस्था आणि सांस्कृतिक जीवनाचा स्वतंत्र विचार करण्यात आला आहे.<ref name="Kunkeri1966">{{cite report |title=Kunkeri Village Survey Monograph |publisher=Maharashtra Census Office |location=Bombay |year=1966 |series=Census of India, 1961 }}</ref> देवकाचा संबंध केवळ धार्मिक श्रद्धेशी मर्यादित नसून विवाहसंबंध आणि सामाजिक ओळख यांच्याशीही जोडलेला असल्याचे या प्रकारच्या नोंदींमधून दिसते. तथापि देवकाची नावे, त्यांच्याशी संबंधित प्रथा आणि विवाहनियम यांमध्ये स्थानिक फरक असू शकतात. === विवाह === कुणबी समाजातील विवाह हा कुटुंब, कुळ आणि विस्तारित नातेसंबंधांना जोडणारा महत्त्वाचा सामाजिक विधी होता. विवाह ठरविताना कुटुंबीय संबंध, कुळ, आडनाव, देवक आणि संबंधित सामाजिक नियमांचा विचार केला जात असल्याचे महाराष्ट्रातील मानववंशशास्त्रीय अभ्यासांत आढळते.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004"/> बॉम्बे प्रेसिडेन्सीतील कुणबी आणि संबंधित कृषक समुदायांच्या विवाहपद्धतींच्या वर्णनांमध्ये समान कुळातील विवाह टाळणे आणि काही ठिकाणी समान आडनाव किंवा देवक असलेल्या कुटुंबांमधील विवाहास प्रतिबंध असल्याचे उल्लेख आढळतात.<ref name="Poona1885">{{cite book |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Poona |volume=18 |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1885 }}</ref> या विवाहनियमांमधून कुणबी समाजातील जातीय किंवा सामाजिक अंतर्विवाहाबरोबरच कुळ, देवक किंवा वंशसमूहाच्या पातळीवरील बहिर्विवाहाची प्रथा अस्तित्वात असल्याचे दिसते. मात्र या नियमांचे स्वरूप प्रदेश, उपसमूह आणि स्थानिक सामाजिक परंपरेनुसार बदलत होते. कोकणातील ग्रामीण जीवनाच्या संदर्भात विवाह हा केवळ दोन व्यक्तींमधील संबंध न राहता दोन कुटुंबे आणि त्यांच्या नातेसंबंधांना जोडणारी सामाजिक प्रक्रिया होती. रत्‍नागिरीतील ग्रामीण जीवन, कुटुंबव्यवस्था आणि स्थानिक सामाजिक परंपरांचा अभ्यास करताना अशा संबंधांचा विचार करणे आवश्यक ठरते.<ref name="घोलम2025" /> === नातेसंबंध === कुणबी समाजाच्या पारंपरिक ग्रामीण जीवनात रक्तसंबंध, विवाहसंबंध आणि शेजारधर्म यांना महत्त्व होते. विस्तारित कुटुंब, सासर-माहेरचे संबंध आणि इतर नातेसंबंध सामाजिक समारंभ आणि जीवनचक्रातील विधींमध्ये सक्रिय असत.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004"/> जन्म, नामकरण, विवाह आणि मृत्यू यांसारख्या जीवनचक्रातील विधींमध्ये नातेवाईक आणि समाजातील इतर व्यक्तींचा सहभाग असे. अशा विधींमुळे कुटुंबांमधील सामाजिक संबंध दृढ होण्यास मदत होत असे. कोकणातील ग्रामीण समाजात कुटुंब, नातेसंबंध, शेती आणि ग्रामजीवन यांचा परस्पर संबंध असल्यामुळे सामाजिक जीवनाचा अभ्यास करताना या घटकांचा एकत्रित विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="घोलम2025" /> === विवाहासंबंधी सामाजिक नियम === कुणबी समाजातील विवाहासाठी विविध सामाजिक नियम प्रचलित होते. समान कुळ किंवा देवकातील विवाह टाळणे, विशिष्ट नातेसंबंधांमध्ये विवाहास प्रतिबंध करणे आणि विवाहासाठी मान्य सामाजिक चौकट पाळणे यांचा उल्लेख महाराष्ट्रातील मानववंशशास्त्रीय अभ्यासांत आढळतो.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004"/> विवाहनियमांमध्ये उपसमूह आणि प्रदेशानुसार फरक असल्याचेही नोंदींवरून दिसते. काही कुणबी उपसमूहांमध्ये विधवा पुनर्विवाहाला मान्यता असल्याचे, तसेच काही समूहांमध्ये विवाहविच्छेदाची प्रथा अस्तित्वात असल्याचे मानववंशशास्त्रीय साहित्यात नमूद केले आहे. मात्र या प्रथा संपूर्ण कुणबी समाजासाठी समान होत्या असे मानता येत नाही.<ref name="MajorCastesTribes">{{cite web |title=People of Maharashtra: Major Castes and Tribes |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/land_and_people/L%20%26%20P%20pdf/Chapter%20II/2%20Major%20Castes%20and%20Tribes.pdf |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> म्हणून कुणबी समाजातील विवाहसंस्थेचा अभ्यास करताना प्रदेश, उपसमूह, आर्थिक स्थिती, स्थानिक सामाजिक परंपरा आणि कालखंड या घटकांचा विचार करणे आवश्यक आहे. ऐतिहासिक नोंदींमधील एखादी प्रथा संपूर्ण कुणबी समाजाचे सार्वत्रिक वैशिष्ट्य म्हणून मांडणे योग्य ठरणार नाही. === विधवा पुनर्विवाह आणि विवाहविच्छेद === कुणबी समाजातील काही उपसमूहांमध्ये विधवा पुनर्विवाहाला सामाजिक मान्यता असल्याचे मानववंशशास्त्रीय नोंदींमध्ये आढळते. त्याचप्रमाणे काही उपसमूहांमध्ये विवाहविच्छेदाची प्रथा अस्तित्वात असल्याचेही नोंदवण्यात आले आहे.<ref name="MajorCastesTribes"/> या प्रथांचे स्वरूप प्रदेश, उपसमूह, सामाजिक स्थान आणि कालखंडानुसार बदलत असल्याचे उपलब्ध नोंदींवरून दिसते. त्यामुळे एखाद्या विशिष्ट कुणबी उपसमूहात आढळणारी विधवा पुनर्विवाहाची किंवा विवाहविच्छेदाची प्रथा संपूर्ण कुणबी समाजाचे सार्वत्रिक वैशिष्ट्य म्हणून मांडता येत नाही. ऐतिहासिक विवाहसंस्थेचा अभ्यास करताना तत्कालीन सामाजिक नियम आणि आधुनिक काळातील कायदेशीर व सामाजिक व्यवस्था यांच्यात फरक करणे आवश्यक आहे. विसाव्या शतकाच्या उत्तरार्धातील किंवा आधुनिक कुणबी समाजातील विवाहपद्धती केवळ १९व्या शतकातील मानववंशशास्त्रीय वर्णनांच्या आधारे निश्चित करता येत नाहीत. === ग्रामजीवन === कोकणातील कुणबी समाजाचे पारंपरिक सामाजिक आणि आर्थिक जीवन गाव, शेती आणि स्थानिक सामाजिक संबंधांशी घट्टपणे जोडलेले होते. शेती, पाणी, देवस्थान, सण, बाजारपेठ, श्रमवाटप आणि परस्पर सहाय्य या घटकांमधून ग्रामीण समाजजीवनाची रचना विकसित होत असे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या गॅझेटियरमध्ये ग्रामीण लोकांचे शेतीशी असलेले संबंध, कुटुंबव्यवस्था, विवाह, सामाजिक समारंभ, धार्मिक प्रथा आणि स्थानिक व्यवसाय यांचे वर्णन आढळते.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> गाव हे कृषी उत्पादनाचे केंद्र असण्याबरोबरच सामाजिक आणि धार्मिक व्यवहारांचेही केंद्र होते. ग्रामदेवता, देवस्थाने, जत्रा आणि विविध धार्मिक समारंभांमध्ये गावातील वेगवेगळे सामाजिक समूह सहभागी होत असत. त्यामुळे ग्रामजीवन हे केवळ शेतीच्या उत्पादनाशी संबंधित नसून सामाजिक आणि सांस्कृतिक संबंधांचेही महत्त्वाचे क्षेत्र होते. कोकणातील ग्रामीण जीवनाचा अभ्यास करताना कुटुंब, शेती, स्थानिक परंपरा, धार्मिक आचार आणि ग्रामसमुदाय यांचा परस्परसंबंध लक्षात घेणे आवश्यक आहे. रत्‍नागिरीतील ग्रामीण जीवनाच्या ऐतिहासिक आणि सांस्कृतिक संदर्भासाठी स्थानिक ग्रामीण जीवनावरील अभ्यासही पूरक ठरतात.<ref name="घोलम2025" /> === ग्रामसंस्था आणि परस्परावलंबन === पारंपरिक कोकणी ग्रामजीवनात कृषक आणि विविध सेवा देणाऱ्या समूहांमध्ये परस्परावलंबी संबंध अस्तित्वात होते. शेती आणि दैनंदिन ग्रामीण जीवनासाठी लोहार, सुतार, न्हावी, परीट, गुरव आणि इतर सेवा देणाऱ्या व्यक्ती किंवा समूहांची आवश्यकता असे. त्याबदल्यात त्यांना धान्य, उत्पन्नातील हिस्सा किंवा इतर पारंपरिक मोबदला मिळत असल्याचे ग्रामीण सामाजिक व्यवस्थेच्या वर्णनांमध्ये आढळते.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> अशा परस्परावलंबी संबंधांचे स्वरूप गाव, प्रदेश आणि स्थानिक जमीनव्यवस्थेनुसार बदलत होते. त्यामुळे महाराष्ट्रातील सर्व गावांमध्ये एकसारखी बलुतेदारी व्यवस्था अस्तित्वात होती असे सरसकट म्हणता येत नाही. विशेषतः कोकणातील जमीनव्यवस्था, खोतपद्धती, वतनव्यवस्था आणि स्थानिक ग्रामरचना यांचा स्वतंत्र संदर्भात विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> कोकणातील ग्रामजीवनात अशा परस्परावलंबी संबंधांचा परिणाम कृषी उत्पादन, स्थानिक सेवा, सामाजिक समारंभ आणि दैनंदिन व्यवहारांवर होत असे. त्यामुळे कुणबी समाजाच्या सामाजिक इतिहासाचा अभ्यास करताना केवळ जमीनधारणा किंवा शेतीपुरता विचार न करता ग्रामसंस्था आणि इतर ग्रामीण समूहांशी असलेले संबंध यांचाही विचार करणे आवश्यक ठरते. === सामाजिक संघटना === पारंपरिक कुणबी समाजातील सामाजिक संबंध कुटुंब, कुळ, गाव आणि व्यापक सामाजिक समुदाय या विविध स्तरांवर विकसित झाले होते. विवाह, धार्मिक विधी, सामाजिक समारंभ आणि स्थानिक वादविवाद यांसारख्या प्रसंगी कुटुंबातील तसेच समुदायातील ज्येष्ठ व्यक्तींना भूमिका असू शकत होती. या सामाजिक संबंधांचे स्वरूप प्रदेश आणि स्थानिक परंपरेनुसार बदलत होते.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004"/> महाराष्ट्रातील विविध समुदायांच्या मानववंशशास्त्रीय अभ्यासांमध्ये समुदायातील ज्येष्ठ व्यक्ती, कुटुंबसमूह किंवा स्थानिक सामाजिक संस्थांच्या माध्यमातून सामाजिक प्रश्न आणि वाद सोडवण्याच्या प्रथांचा उल्लेख आढळतो. तथापि प्रत्येक कुणबी गावात किंवा प्रत्येक उपसमूहात औपचारिक जातपंचायत अस्तित्वात होती, असा सार्वत्रिक निष्कर्ष काढण्यासाठी स्वतंत्र स्थानिक पुराव्याची आवश्यकता आहे.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004"/> कोकणातील सामाजिक जीवनाचा विचार करताना ग्रामसमुदाय, कुटुंबीय संबंध, धार्मिक परंपरा आणि परस्पर सहाय्य यांचा एकत्रित विचार करणे आवश्यक आहे. रत्‍नागिरीतील ग्रामीण जीवनाच्या संदर्भात कुटुंब, शेती आणि स्थानिक सामाजिक-सांस्कृतिक संबंध यांचे परस्परसंबंधही महत्त्वाचे ठरतात.<ref name="घोलम2025" /> === पारंपरिक सामाजिक भूमिका === कुणबी समाजाची पारंपरिक सामाजिक आणि आर्थिक भूमिका प्रामुख्याने कृषी उत्पादनाशी संबंधित होती. जमीन कसणे, पिकांची लागवड, पशुधनाचे पालन आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील सहभाग हे त्यांच्या जीवनाचे महत्त्वाचे घटक होते. रत्‍नागिरी, कोलाबा आणि ठाणे या ऐतिहासिक जिल्ह्यांच्या गॅझेटियरमध्ये कुणबींचा कृषक समुदाय म्हणून उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/><ref name="KolabaJanjira1883"/><ref name="Thana1882"/> कुणबींचे कृषीशी असलेले ऐतिहासिक संबंध महत्त्वाचे असले तरी कुणबी आणि शेतकरी या दोन संज्ञा समानार्थी मानता येत नाहीत. कृषक ही आर्थिक किंवा व्यवसायाधारित संज्ञा होती, तर कुणबी ही सामाजिक समुदायाची ओळख होती. त्यामुळे प्रत्येक कृषक कुणबी होता किंवा प्रत्येक कुणबी व्यक्ती केवळ शेतीवरच अवलंबून होती असे म्हणता येत नाही. कालांतराने कुणबी समाजातील व्यक्तींनी शेतीबरोबरच मजुरी, व्यापार, वाहतूक, सरकारी सेवा, लष्करी सेवा आणि इतर व्यवसाय स्वीकारल्याचे महाराष्ट्रावरील मानववंशशास्त्रीय अभ्यासांत दिसून येते.<ref name="PeopleIndiaMaharashtra2004"/> === स्त्रियांची सामाजिक आणि आर्थिक भूमिका === कृषीप्रधान कुटुंबव्यवस्थेत स्त्रियांचा सामाजिक आणि आर्थिक सहभाग महत्त्वाचा होता. ब्रिटिशकालीन गॅझेटियरमधील ग्रामीण आणि कृषक जीवनाच्या वर्णनांमध्ये स्त्रिया आणि मुले शेतीशी संबंधित विविध कामांमध्ये सहभागी होत असल्याचे उल्लेख आढळतात.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> शेतीतील कामांबरोबरच घरगुती उत्पादन, पशुधनाची देखभाल, अन्नप्रक्रिया, धान्यसाठवण आणि धार्मिक-सामाजिक विधींमध्येही स्त्रियांचा सहभाग असू शकत होता. कृषीप्रधान कुटुंबात घरगुती आणि कृषी कामांमध्ये स्पष्ट विभाजन नसल्यामुळे कुटुंबाच्या उपजीविकेत स्त्रियांचे योगदान विविध स्वरूपाचे होते. कोकणातील ग्रामीण जीवनाच्या संदर्भात स्त्रियांची भूमिका समजून घेताना कुटुंबव्यवस्था, शेती, घरगुती अर्थव्यवस्था आणि धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा यांचा परस्परसंबंध लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="घोलम2025" /> मात्र ब्रिटिशकालीन गॅझेटियरमधील स्त्रियांच्या भूमिकेविषयीची वर्णने तत्कालीन प्रशासकीय निरीक्षकांच्या दृष्टिकोनातून तयार झालेली असल्यामुळे त्यांना संपूर्ण कुणबी समाजातील स्त्रियांच्या जीवनाचे सार्वत्रिक किंवा अपरिवर्तनीय चित्र मानता येत नाही. प्रदेश, कुटुंबाची आर्थिक स्थिती, जमीनधारणा आणि सामाजिक परिस्थितीनुसार स्त्रियांच्या कामाच्या स्वरूपात फरक असण्याची शक्यता होती. === धार्मिक जीवन आणि सामाजिक रचना === कुणबी समाजातील पारंपरिक धार्मिक जीवनात ग्रामदेवता, स्थानिक देवता, कुटुंबीय देवता आणि हिंदू धार्मिक परंपरांना महत्त्वाचे स्थान होते. जन्म, विवाह आणि मृत्यू यांसारख्या जीवनचक्रातील विधींमध्ये धार्मिक श्रद्धा आणि सामाजिक संबंध यांचा परस्परसंबंध दिसून येतो. या प्रथा प्रदेश, उपसमूह आणि स्थानिक परंपरेनुसार बदलत असण्याची शक्यता होती.<ref name="MajorCastesTribes"/> देवक ही संकल्पना या संदर्भात विशेष महत्त्वाची ठरते. देवकाचा संबंध धार्मिक प्रतीकात्मकतेबरोबरच विवाहनियमांशी जोडलेला असल्यामुळे धार्मिक श्रद्धा आणि सामाजिक संस्था यांचे परस्परसंबंध स्पष्ट होतात. काही कुणबी उपसमूहांमध्ये समान देवक असलेल्या कुटुंबांमधील विवाह टाळण्याची प्रथा नोंदवली गेली आहे.<ref name="MajorCastesTribes"/> कोकणातील ग्रामीण जीवनात धार्मिक परंपरा या ग्रामसमुदायाच्या सामाजिक जीवनाशीही जोडलेल्या होत्या. ग्रामदेवता, देवस्थाने, जत्रा आणि धार्मिक समारंभ हे केवळ श्रद्धेचे विषय नसून सामाजिक सहभाग आणि सामुदायिक संबंध दृढ करणारे प्रसंगही होते. रत्‍नागिरीतील ग्रामीण जीवनाच्या अभ्यासात स्थानिक परंपरा, कुटुंबव्यवस्था, ग्रामजीवन आणि धार्मिक-सांस्कृतिक व्यवहार यांचा परस्परसंबंध विचारात घेता येतो.<ref name="घोलम2025" /> === सामाजिक स्तर आणि प्रादेशिक फरक === कुणबी समाजाच्या अंतर्गतही आर्थिक आणि सामाजिक स्थितीत फरक होते. जमीनधारणा, जमिनीची गुणवत्ता, कुटुंबाचा आकार, कृषी उत्पादन, पशुधन, गावातील सामाजिक स्थान, कर्ज आणि उपलब्ध आर्थिक साधने यांनुसार कुटुंबांच्या परिस्थितीत भिन्नता असू शकत होती. ब्रिटिशकालीन रत्‍नागिरी गॅझेटियरमध्ये ग्रामीण समाजातील विविध आर्थिक स्तर, कृषक, मजूर आणि इतर घटकांच्या परिस्थितीचे वर्णन आढळते. विवाह, सामाजिक समारंभ आणि कौटुंबिक खर्च यांमध्येही आर्थिक स्थितीनुसार फरक असल्याचे नोंदवले आहे.<ref>{{cite web |title=Ratnagiri and Savantvadi Gazetteer — Capitals and Capitalists |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_capitalists.html |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra }}</ref> रत्‍नागिरीतील कुणबी समाजाच्या संदर्भात जमीनधारणा आणि कृषीव्यवस्थेतील स्थानानुसार आर्थिक स्थितीत फरक असल्याचे जमीन प्रशासनाच्या नोंदींमधूनही दिसते. काही कृषक वारसाहक्की हक्कांशी संबंधित होते, तर इतर कृषकांचे जमीन आणि महसूलव्यवस्थेशी संबंध वेगळ्या स्वरूपाचे होते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> त्यामुळे कुणबी समाजाला आर्थिकदृष्ट्या एकसमान समुदाय मानणे ऐतिहासिकदृष्ट्या योग्य ठरणार नाही. कोकणातील वेगवेगळ्या प्रदेशांमध्ये जमीन, शेती, बाजारपेठ, रोजगार आणि स्थानिक सामाजिक रचना यांतील फरकांमुळे कुणबी कुटुंबांच्या सामाजिक आणि आर्थिक स्थितीतही भिन्नता निर्माण झाली होती. === सावंतवाडीतील कुणबी सामाजिक रचना === सावंतवाडी आणि वेंगुर्ले परिसरातील कुणबींच्या सामाजिक रचनेचा अभ्यास करण्यासाठी १९६१ च्या जनगणनेअंतर्गत करण्यात आलेले कुंकेरी गावाचे सर्वेक्षण महत्त्वाचे ठरते. या सर्वेक्षणावर आधारित Village Survey Monographमध्ये कुणबी मराठ्यांची कुटुंबव्यवस्था, धार्मिक प्रथा, देवक, स्थानिक सामाजिक संबंध आणि ग्रामजीवनाचे विविध पैलू नोंदवण्यात आले आहेत.<ref name="Kunkeri1966"/> या सर्वेक्षणात कदंब किंवा कळंब या देवकाचा उल्लेख आढळतो. काही कुटुंबांना त्यांच्या पूर्वीच्या देवकाची माहिती किंवा स्मृती उपलब्ध नसल्याचेही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="Kunkeri1966"/> या नोंदीवरून सामाजिक आणि सांस्कृतिक संस्था काळानुसार बदलू शकतात, तसेच काही परंपरांची स्मृती कमी होऊ शकते, असे दिसून येते. मात्र कुंकेरी गावातील या नोंदीवरून संपूर्ण सावंतवाडी किंवा कोकणातील सर्व कुणबी कुटुंबांमध्ये समान देवकपरंपरा होती असा निष्कर्ष काढता येत नाही. === सामाजिक परिवर्तन === विसाव्या शतकात शिक्षणाचा प्रसार, शहरीकरण, स्थलांतर, सरकारी प्रशासन, बाजारपेठांचा विस्तार, सुधारलेले दळणवळण आणि आधुनिक कायदे यांमुळे कुणबी समाजाच्या पारंपरिक सामाजिक आणि आर्थिक जीवनात बदल घडत गेले. रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या गॅझेटियरमध्ये शिक्षण, दळणवळण, प्रशासन, व्यापार आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील बदलांचे वर्णन आढळते.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> या परिवर्तनाचा परिणाम विवाहसंस्था, कुटुंबव्यवस्था, व्यवसाय, शिक्षण आणि सामाजिक संघटनांवर झाला. तथापि या बदलांचा वेग आणि स्वरूप प्रदेशानुसार वेगवेगळे होते. १९६१ च्या जनगणनेअंतर्गत करण्यात आलेल्या कुंकेरी गावाच्या सर्वेक्षणात कुटुंबव्यवस्था, व्यवसाय, सामाजिक जीवन आणि सांस्कृतिक परंपरांचा स्वतंत्र अभ्यास करण्यात आला आहे.<ref name="Kunkeri1966"/> ग्रामीण भागातून मुंबई आणि इतर शहरी केंद्रांकडे होणाऱ्या स्थलांतरामुळे काही कुटुंबांच्या उत्पन्नाच्या स्रोतांमध्येही बदल झाला. १८८३ च्या कोलाबा गॅझेटियरमध्ये महाड आणि माणगाव परिसरातील काही कुणबी भात कापणीचा हंगाम संपल्यानंतर मुंबईकडे किंवा इतर रोजगाराच्या ठिकाणी जात असल्याचे नमूद केले आहे. काही जण हंगामी रोजगार करून पावसाळ्यापूर्वी आपल्या गावाकडे परतत असत. अशा रोजगारातून मिळणाऱ्या उत्पन्नाचा उपयोग बियाणे खरेदी आणि कुटुंबाच्या इतर गरजांसाठी केला जात असल्याचेही वर्णन आढळते.<ref name="KolabaPopulationCommunities">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Kolaba — Population and Communities |publisher=Gazetteers Department, Government of Maharashtra |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Kolaba%20District/population_communities.html }}</ref> त्याच गॅझेटियरमध्ये काही कुणबी लष्कर, पोलीस आणि इतर सरकारी सेवांमध्ये प्रवेश करीत असल्याचेही नमूद केले आहे. मुंबईत रोजगार करणारे काही कुणबी आपल्या मूळ गावातील नातेवाईकांना पैसे पाठवत आणि गावातील जमीन व शेतीशी संबंध कायम ठेवत असल्याचे वर्णन आढळते.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> या प्रक्रियेमुळे काही कुटुंबांनी शेती कायम ठेवून शहरी किंवा हंगामी रोजगार स्वीकारला, तर काही कुटुंबांचे उत्पन्न हळूहळू शेतीबाहेरील रोजगाराशी अधिक जोडले गेले. ग्रामीण शेती आणि शहरी रोजगार यांच्यातील हा संबंध पुढील काळात कोकणातील सामाजिक आणि आर्थिक परिवर्तनाचा एक महत्त्वाचा घटक ठरला. मात्र हा बदल सर्व कुणबी कुटुंबांमध्ये समान प्रमाणात झाला असे मानता येत नाही. १८८३चा गॅझेटियर विशेषतः ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्यातील महाड आणि माणगाव परिसरातील नोंदी देतो. त्यामुळे त्या नोंदींचा उपयोग संबंधित प्रदेशातील कुणबींच्या स्थलांतर आणि रोजगारपद्धतीचा पुरावा म्हणून करणे योग्य आहे; परंतु त्यावरून संपूर्ण कोकणातील कुणबी समाजाच्या स्थलांतराचे सार्वत्रिक स्वरूप निश्चित करता येत नाही.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> कोकणातील ग्रामीण सामाजिक परिवर्तन समजून घेताना शेती, कुटुंब, स्थानिक परंपरा, स्थलांतर आणि बाहेरील रोजगार यांचा परस्परसंबंधही महत्त्वाचा ठरतो. रत्‍नागिरीतील ग्रामीण जीवनाच्या संदर्भातील स्थानिक ऐतिहासिक आणि सांस्कृतिक नोंदी या व्यापक परिवर्तनाला पूरक संदर्भ देतात.<ref name="घोलम2025" /> === आधुनिक काळातील सामाजिक ओळख === आधुनिक काळात कुणबी समाजाची सामाजिक ओळख पारंपरिक कुळ, देवक, ग्रामजीवन आणि कृषी व्यवसायापुरती मर्यादित राहिलेली नाही. शिक्षणाचा प्रसार, शहरीकरण, विविध व्यवसायांचा स्वीकार, स्थलांतर आणि सामाजिक संस्थांमधील सहभाग यांमुळे समुदायाच्या सामाजिक आणि आर्थिक रचनेत काळानुसार बदल झाले. महाराष्ट्रातील विविध सामाजिक समूहांच्या अधिकृत अभ्यासांमध्येही पारंपरिक सामाजिक आणि आर्थिक रचनेतील या परिवर्तनाचा विचार करण्यात आला आहे.<ref name="MajorCastesTribes"/> या परिवर्तनामुळे पारंपरिक सामाजिक संस्था पूर्णपणे नष्ट झाल्या असे मानता येत नाही. काही कुटुंबांमध्ये कुळ, देवक, ग्रामदेवता आणि पारंपरिक विवाहनियम आजही सामाजिक आणि सांस्कृतिक ओळखीचा भाग असू शकतात; मात्र त्यांचे स्वरूप प्रदेश, कुटुंब आणि पिढीनुसार बदलू शकते. सावंतवाडी–वेंगुर्ले परिसरातील कुंकेरी गावाच्या सर्वेक्षणात कुणबी मराठा समाजातील देवक आणि संबंधित सामाजिक परंपरांच्या स्थानिक नोंदी करण्यात आल्या आहेत.<ref name="Kunkeri1966"/> आधुनिक सामाजिक ओळखीच्या निर्मितीत पारंपरिक कृषी व्यवसायाबरोबर शिक्षण, शहरी रोजगार, स्थलांतर आणि आधुनिक सामाजिक व आर्थिक संस्थांचाही प्रभाव पडला आहे. ग्रामीण जीवन आणि शहरी रोजगार यांच्यातील वाढत्या संबंधामुळे काही कुटुंबांच्या उपजीविकेच्या पद्धतींमध्येही बदल झाले. कोकणातील ग्रामीण जीवन, शेती, स्थलांतर आणि बदलत्या सामाजिक संबंधांचा अभ्यास करताना या प्रक्रियांचा परस्परसंबंध लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="घोलम2025" /> तथापि उपलब्ध ऐतिहासिक आणि सामाजिक अभ्यासांवरून आधुनिक कुणबी समाजातील सामाजिक परिवर्तनाचे एकसमान स्वरूप निश्चित करता येत नाही. प्रदेश, आर्थिक स्थिती, कुटुंबाची पार्श्वभूमी, शिक्षण आणि स्थलांतराचा अनुभव यांनुसार सामाजिक परिवर्तनाचे स्वरूप वेगवेगळे असू शकते. === सामाजिक रचनेच्या अभ्यासाच्या मर्यादा === कुणबी समाजाच्या सामाजिक रचनेविषयी उपलब्ध गॅझेटियर, जनगणना आणि मानववंशशास्त्रीय स्रोत हे त्यांच्या-त्यांच्या काळातील निरीक्षणे आणि अभ्यासपद्धतींवर आधारित आहेत. ब्रिटिशकालीन गॅझेटियर हे प्रामुख्याने प्रशासकीय स्वरूपाचे स्रोत असून त्यामध्ये लोकसंख्या, जमीन, शेती, व्यवसाय, सामाजिक समूह आणि स्थानिक संस्थांविषयी माहिती संकलित करण्यात आली होती.<ref name="RatnagiriGeneralIntroduction">{{cite web |title=Ratnagiri Gazetteer — General Introduction |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/general_intro.html }}</ref> ब्रिटिशकालीन अधिकाऱ्यांनी केलेली जातीय आणि सामाजिक वर्णने तत्कालीन प्रशासकीय दृष्टिकोनातून तयार झाली असल्यामुळे त्यातील प्रत्येक सामाजिक प्रथा संपूर्ण कुणबी समाजाला किंवा संपूर्ण कोकण प्रदेशाला लागू होती असे मानता येत नाही. उदाहरणार्थ, १८८३ च्या कोलाबा गॅझेटियरमध्ये महाड आणि माणगाव परिसरातील काही कुणबींच्या हंगामी स्थलांतराची नोंद आढळते. ही नोंद त्या विशिष्ट प्रदेशातील सामाजिक आणि आर्थिक परिस्थितीचा पुरावा म्हणून महत्त्वाची आहे; मात्र तिच्यावरून संपूर्ण कोकणातील कुणबी समाजाच्या स्थलांतराचे सार्वत्रिक स्वरूप निश्चित करता येत नाही.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> तसेच १९व्या शतकातील कुणबी या सामाजिक किंवा प्रशासकीय संज्ञेची व्याप्ती आणि आधुनिक काळातील कुणबी सामाजिक ओळख यांच्यात थेट समानता गृहीत धरता येत नाही. ऐतिहासिक वर्गीकरणाचा अभ्यास करताना त्या काळातील प्रशासकीय सीमा, जनगणनेची पद्धत, स्थानिक सामाजिक ओळख आणि संबंधित प्रदेशात वापरल्या गेलेल्या संज्ञा यांचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. सामाजिक रचनेचा ऐतिहासिक अभ्यास करताना गॅझेटियर, जनगणना, गाव-सर्वेक्षण मोनोग्राफ, जमीन व महसूल नोंदी, भाषिक अभ्यास आणि आधुनिक मानववंशशास्त्रीय संशोधन यांची तुलनात्मक चिकित्सा अधिक उपयुक्त ठरते. १९६१ च्या जनगणनेअंतर्गत कुंकेरी गावाचे स्वतंत्र सर्वेक्षण करण्यात आले होते. त्यामध्ये कुटुंब, व्यवसाय, आर्थिक स्थिती, सामाजिक जीवन आणि सांस्कृतिक जीवन यांची माहिती संकलित करण्यात आली होती.<ref name="Kunkeri1966"/> या सर्व स्रोतांचा वापर करताना वर्णनात्मक माहिती, प्रशासकीय वर्गीकरण आणि त्यातून काढले जाणारे ऐतिहासिक निष्कर्ष यांच्यात स्पष्ट भेद ठेवणे आवश्यक आहे. अशा तुलनात्मक पद्धतीमुळे कुणबी समाजाच्या सामाजिक रचनेतील सातत्य आणि परिवर्तन यांचा अधिक संतुलित आणि पुराव्याधारित अभ्यास करता येतो. === सामाजिक रचनेचे ऐतिहासिक महत्त्व === कोकणातील कुणबी समाजाची पारंपरिक सामाजिक रचना कुटुंब, कुळ, देवक, विवाह आणि ग्रामजीवन या परस्परसंबंधित संस्थांशी जोडलेली होती. कृषीप्रधान अर्थव्यवस्थेमुळे कुटुंब, जमीन आणि उपजीविका यांचे परस्परसंबंध सामाजिक जीवनात महत्त्वाचे होते. रत्‍नागिरी आणि ऐतिहासिक कोलाबा प्रदेशाच्या गॅझेटियरमध्ये कुणबींच्या कृषी जीवनासोबत जमीनधारणा, रोजगार आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेशी संबंधित सामाजिक-आर्थिक परिस्थितीची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/><ref name="KolabaPopulationCommunities"/> कुळ आणि देवक यांसारख्या सामाजिक संस्थांचा अभ्यास करताना स्थानिक आणि प्रत्यक्ष क्षेत्रीय नोंदींना विशेष महत्त्व प्राप्त होते. सावंतवाडी परिसरातील कुंकेरी गावाच्या १९६१ च्या ग्रामसर्वेक्षणात कुणबी मराठा समाजाच्या सामाजिक, धार्मिक आणि सांस्कृतिक जीवनाचे स्वतंत्र दस्तऐवजीकरण करण्यात आले होते.<ref name="Kunkeri1966"/> काळानुसार जमीनव्यवस्था, स्थलांतर, शिक्षण, शहरीकरण, रोजगाराच्या बदलत्या संधी आणि आधुनिक कायदे यांचा पारंपरिक सामाजिक संस्थांवर परिणाम झाला. महाड आणि माणगाव परिसरातील काही कुणबी कृषक भात कापणीचा हंगाम संपल्यानंतर मुंबईकडे किंवा इतर रोजगाराच्या ठिकाणी जात असल्याची १८८३ च्या कोलाबा गॅझेटियरमधील नोंद या ग्रामीण-नागरी संबंधांच्या ऐतिहासिक प्रक्रियेचे उदाहरण आहे. काही जण हंगामी रोजगारानंतर पावसाळ्यापूर्वी गावाकडे परतत असल्याचेही त्यात नमूद केले आहे.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> या प्रक्रियांमुळे कोकणातील कुणबी समाजाच्या सामाजिक जीवनात ग्रामीण शेती, हंगामी किंवा कायमस्वरूपी स्थलांतर, शहरी रोजगार आणि बदलत्या आर्थिक संबंधांचे परस्परसंघटन दिसून येते. काही कुटुंबांनी पारंपरिक शेतीशी संबंध कायम ठेवून बाहेरील रोजगार स्वीकारला, तर काहींच्या उपजीविकेचे स्वरूप कालांतराने अधिक वैविध्यपूर्ण झाले. तथापि हा बदल सर्व कुणबी कुटुंबांमध्ये किंवा सर्व कोकणी प्रदेशांत समान प्रमाणात झाला असे मानता येत नाही. कोकणातील कुणबी समाजाच्या सामाजिक इतिहासाचा अभ्यास करताना ऐतिहासिक गॅझेटियर, जनगणना नोंदी, ग्रामसर्वेक्षण मोनोग्राफ, जमीन व महसूलविषयक अभिलेख, भाषिक अभ्यास आणि आधुनिक मानववंशशास्त्रीय संशोधन यांचा परस्परपूरक वापर आवश्यक ठरतो.<ref name="MajorCastesTribes"/> या स्रोतांच्या तुलनात्मक अभ्यासातून कुणबी समाजातील पारंपरिक सामाजिक संस्था, कृषीआधारित जीवनपद्धती, प्रादेशिक विविधता आणि कालानुसार झालेले सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन यांचा अधिक संतुलित आणि पुराव्याधारित अभ्यास करता येतो.<ref name="घोलम2025" /> === शेती, जमीन आणि अर्थव्यवस्था === कोकणातील कुणबी समाजाच्या पारंपरिक सामाजिक आणि आर्थिक जीवनात शेतीला महत्त्वाचे स्थान होते. रत्‍नागिरीच्या ऐतिहासिक जमीनव्यवस्थेच्या नोंदींमध्ये कुणबींचा वारसाहक्की कृषकांच्या संदर्भात उल्लेख आढळतो. काही कृषक विशिष्ट जमीनहिस्से पिढ्यान्‌पिढ्या कसत असल्याचे तसेच जमीनमोजणी, जमिनीचे वर्गीकरण आणि महसूलव्यवस्था यांचा कृषी उत्पादनाशी संबंध असल्याचे ब्रिटिशकालीन नोंदींमधून दिसून येते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> कोकणातील कृषीव्यवस्था भौगोलिक परिस्थितीशी जवळून संबंधित होती. डोंगराळ भूभाग, अरुंद सपाट प्रदेश, नद्या, खाड्या आणि मान्सूनच्या पावसामुळे भातशेतीला विशेष महत्त्व प्राप्त झाले. रत्‍नागिरीच्या जमीनव्यवस्थेच्या नोंदींमध्ये भातजमिनींचे विविध प्रकार नोंदवले असून, उंचसखल जमिनींवर वेगवेगळ्या पिकांची लागवड केली जात असल्याचे वर्णन आहे. काही भागांत खाडी किंवा किनारी प्रदेशातील पाण्याचे नियमन करून भातखाचरे आणि बागायती जमीन विकसित करण्यात आली होती.<ref name="RatnagiriLandCaptain">{{cite web |title=Ratnagiri Gazetteer — Land Administration |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/land1_captain.html }}</ref> कृषी उत्पादनाच्या पद्धती जमिनीचा प्रकार, पाण्याची उपलब्धता आणि स्थानिक हवामान यांनुसार बदलत होत्या. रत्‍नागिरीच्या नंतरच्या कृषी नोंदींमध्ये भात, नाचणी, वरी, हरिक आणि इतर पिकांसाठी स्वतंत्र जमीनवापर पद्धतींचा उल्लेख आहे. काही वर्खस जमिनींमध्ये जमिनीची सुपीकता टिकवण्यासाठी विशिष्ट कालावधीसाठी जमीन पडीत ठेवण्याची पद्धतीही आढळते.<ref name="RatnagiriCropRotation">{{cite web |title=Ratnagiri Gazetteer — Crop Rotation |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_crop.html }}</ref> === भातशेती === भात हे कोकणातील प्रमुख अन्नधान्य पीक होते. रत्‍नागिरी जिल्ह्यात १९५५–५६मध्ये अन्नपिकांखालील क्षेत्रापैकी सुमारे ९० टक्के क्षेत्र धान्यपिकांखाली होते. या धान्यपिकांमध्ये भाताला प्रमुख स्थान होते. त्याच वर्षाच्या तालुकानिहाय आकडेवारीत रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील विविध तालुक्यांमध्ये भाताबरोबर नाचणी, कोद्रा, वरी आणि इतर धान्यांचे उत्पादन नोंदवले आहे.<ref name="RatnagiriCereals">{{cite web |title=Ratnagiri Gazetteer — Cereals |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_cereals.html }}</ref> रत्‍नागिरीतील भातशेतीचे स्वरूप जमिनीच्या उंची, पाण्याची उपलब्धता आणि सिंचनाच्या साधनांनुसार बदलत होते. पावसाळी हंगामातील भाताबरोबरच काही भागांत बारमाही नाले किंवा विहिरींमधून सिंचनाची सुविधा उपलब्ध असल्यास उन्हाळी हंगामातही भात घेतला जात असे. या पिकाला स्थानिक पातळीवर वायंगण भात म्हटले जात असे. सावंतवाडी, कुडाळ आणि मालवण हे वायंगण भाताच्या उत्पादनाचे महत्त्वाचे प्रदेश असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आहे.<ref name="RatnagiriCereals"/> वायंगण भातासाठी शेतात पाणी धरून ठेवण्यासाठी बांधबंदिस्ती करणे, जमीन नांगरून चिखलयुक्त करणे आणि उपलब्ध सिंचनपाण्याचे नियोजन करणे आवश्यक असे. त्यामुळे या प्रकारच्या भातशेतीत जमिनीची रचना, पाण्याचे व्यवस्थापन आणि कृषकांचे स्थानिक ज्ञान यांना विशेष महत्त्व होते.<ref name="RatnagiriCereals"/> ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्यातही भात हे प्रमुख पीक होते. उपलब्ध गॅझेटियर नोंदीनुसार १९५८–५९मध्ये कोलाबा जिल्ह्यात मोठ्या क्षेत्रावर भाताची लागवड करण्यात आली होती. अलिबाग, पनवेल, माणगाव, महाड, रोहा आणि कर्जत या प्रदेशांमध्ये भात उत्पादनाचे महत्त्व होते.<ref name="KolabaCereals">{{cite web |title=Kolaba Gazetteer — Cereals |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/agri_cereals.html }}</ref> भातशेतीमुळे कुणबी समाजाच्या ग्रामीण जीवनावरही परिणाम झाला. पेरणी, रोपलागवड, निंदणी, कापणी, मळणी आणि धान्यसाठवण या कृषी प्रक्रियांभोवती ग्रामीण कुटुंबांचे वार्षिक कामाचे चक्र मोठ्या प्रमाणावर संघटित होत असे. कृषी उत्पादन हे केवळ अन्नाचा स्रोत नसून कुटुंबाच्या आर्थिक स्थिती, पशुधन, स्थानिक देवाणघेवाण आणि बाजारपेठेशी असलेल्या संबंधांशीही जोडलेले होते.<ref name="घोलम2025" /> तथापि कोकणातील सर्व कुणबी कुटुंबांची कृषीपद्धती किंवा आर्थिक स्थिती समान होती असे मानता येत नाही. जमीनधारणा, जमिनीचा प्रकार, सिंचनाची उपलब्धता, उत्पादनाचे प्रमाण, कुटुंबातील मनुष्यबळ आणि बाहेरील रोजगाराच्या संधी यांनुसार कृषीजीवनाचे स्वरूप बदलत होते. त्यामुळे कुणबी समाजाच्या आर्थिक इतिहासाचा अभ्यास करताना शेतीबरोबर जमीनव्यवस्था, ग्रामीण रोजगार आणि स्थलांतर या घटकांचाही विचार करणे आवश्यक आहे. === नाचणी आणि इतर धान्ये === भाताबरोबर नाचणी किंवा रागी हे कोकणातील महत्त्वाचे धान्यपीक होते. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींमध्ये नाचणीचा भातानंतरच्या प्रमुख धान्यपिकांमध्ये समावेश करण्यात आला आहे. १९५५–५६ च्या आकडेवारीनुसार रत्‍नागिरी जिल्ह्यात नाचणीची लागवड मोठ्या क्षेत्रावर केली जात होती. चिपळूण, दापोली, संगमेश्वर, राजापूर, खेड आणि गुहागर या तालुक्यांमध्ये नाचणीचे उत्पादन विशेष उल्लेखनीय असल्याची नोंद गॅझेटियरमध्ये आढळते.<ref name="RatnagiriCereals"/> नाचणीची लागवड प्रामुख्याने डोंगराळ, उंचसखल आणि तुलनेने कमी पाण्याच्या उपलब्धतेच्या प्रदेशांशी संबंधित होती. त्यामुळे कोकणातील भातखाचरांबरोबरच वर्खस आणि डोंगराळ जमिनींच्या कृषी अर्थव्यवस्थेत नाचणीला महत्त्वाचे स्थान होते. कुणबी समाजाच्या पारंपरिक कृषीजीवनात भाताबरोबर नाचणी, वरी आणि इतर स्थानिक धान्यांचा उपयोग अन्नधान्याच्या गरजा पूर्ण करण्यासाठी केला जात असे.<ref name="घोलम2025" /> ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्यातही भाताबरोबर नाचणी, वरी आणि कोद्रा यांसारख्या धान्यांची लागवड केली जात होती. जिल्ह्याच्या कृषी नोंदींमध्ये भात आणि नाचणी या दोन्ही पिकांना महत्त्वाचे स्थान असल्याचे दिसून येते. महाड, माणगाव आणि इतर अंतर्गत प्रदेशांतील भौगोलिक परिस्थितीनुसार विविध धान्यपिकांची लागवड केली जात असल्याचे कृषीविषयक नोंदींमधून स्पष्ट होते.<ref name="KolabaCereals"/> === कडधान्ये === भातशेतीनंतर उपलब्ध होणाऱ्या जमिनीचा उपयोग काही प्रदेशांत कडधान्यांच्या लागवडीसाठी केला जात असे. ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्याच्या कृषी नोंदींमध्ये वाल, उडीद आणि हरभरा यांसारख्या कडधान्यांचा उल्लेख आढळतो. काही ठिकाणी ही पिके भातानंतरच्या हंगामात घेतली जात असल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद केले आहे.<ref name="KolabaPulses">{{cite web |title=Kolaba Gazetteer — Pulses |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/agri_pulses.html }}</ref> कडधान्यांच्या लागवडीमुळे भातावर मोठ्या प्रमाणावर अवलंबून असलेल्या कृषी अर्थव्यवस्थेत पिकांची विविधता निर्माण होत होती. जमिनीचा प्रकार, उपलब्ध ओलावा, हंगाम आणि स्थानिक कृषीपद्धती यांनुसार कडधान्यांची लागवड केली जात असे. काही भागांत भात कापणीनंतर त्याच जमिनीवर पुढील पीक घेतले जात असल्याचे कृषी नोंदींवरून दिसून येते.<ref name="KolabaPulses"/> या पिकांच्या विविधतेचा संबंध ग्रामीण कुटुंबांच्या अन्नसुरक्षा आणि कृषी अर्थव्यवस्थेशीही होता. भात हे प्रमुख अन्नधान्य असले तरी नाचणी, वरी, कडधान्ये आणि इतर स्थानिक पिकांमुळे कुटुंबांच्या अन्नधान्याच्या गरजांमध्ये विविधता निर्माण होत असे. त्यामुळे कोकणातील कृषीजीवन केवळ भातशेतीपुरते मर्यादित न राहता विविध पिकांच्या हंगामी चक्रावर आधारित होते. === नारळ आणि सुपारी === कोकणातील किनारी हवामान आणि उपलब्ध पाणीस्रोतांमुळे नारळाच्या बागांना कृषी अर्थव्यवस्थेत महत्त्व प्राप्त झाले. ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्याच्या कृषी नोंदींनुसार समुद्रकिनारी आणि किनारी प्रदेशांमध्ये नारळाची लागवड मोठ्या प्रमाणावर केली जात होती. काही भागांतील बागायती अर्थव्यवस्थेत नारळाला महत्त्वाचे स्थान होते.<ref name="KolabaCroppedArea">{{cite web |title=Kolaba Gazetteer — Cropped Area |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/KOLABA/agri_cropped_area.html }}</ref> रत्‍नागिरीतील नारळबागांच्या संदर्भात विहिरीच्या पाण्याचा सिंचनासाठी उपयोग केला जात असल्याची नोंद कृषीविषयक स्रोतांमध्ये आढळते. हिवाळा आणि उन्हाळ्याच्या काळात नारळाच्या झाडांना पुरेसे पाणी उपलब्ध करून देणे आवश्यक असल्याचेही या नोंदींमध्ये नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriOilSeeds">{{cite web |title=Ratnagiri Gazetteer — Oil Seeds |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/agri_oil%20seeds.html }}</ref> नारळाबरोबर सुपारी आणि इतर बागायती पिकेही किनारी कोकणातील कृषी उत्पादनाच्या विविधतेचा भाग होती. या बागायती पिकांचा उपयोग स्थानिक उपभोगाबरोबरच बाजारपेठीय देवाणघेवाणीतही होत असे. तथापि उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून ही सर्व बागायती पिके विशेषतः कुणबी समाजाच्या मालकीची होती असा सर्वसाधारण निष्कर्ष काढता येत नाही. त्यामुळे या पिकांचा विचार कोकणातील व्यापक कृषी अर्थव्यवस्थेच्या संदर्भात करणे अधिक योग्य ठरते. === आंबा, काजू आणि कोकम === आंबा, काजू आणि कोकम यांसारख्या बागायती उत्पादनांना पुढील काळात कोकणाच्या कृषी अर्थव्यवस्थेत महत्त्व प्राप्त झाले. या पिकांचा विस्तार, उत्पादनाची बाजारपेठ, प्रक्रिया आणि वाहतूक यांचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर परिणाम झाला. विशेषतः कोकणातील बागायती शेतीच्या विकासाचा विचार करताना आंबा, काजू आणि कोकम यांसारख्या पिकांचा स्वतंत्रपणे अभ्यास करता येतो. मात्र या लेखाच्या ऐतिहासिक संदर्भात आंबा, काजू किंवा कोकमाची लागवड प्राचीन काळापासून कुणबी समाजाची विशिष्ट शेती होती असा निष्कर्ष उपलब्ध पुराव्यांच्या आधारे काढता येत नाही. या पिकांना कोकणातील व्यापक बागायती, कृषीविविधता आणि बाजाराभिमुख ग्रामीण अर्थव्यवस्थेच्या विकासाच्या संदर्भात मांडणे अधिक योग्य आहे. कोकणातील बागायती शेतीचा सामाजिक इतिहास समजून घेताना जमीनधारणा, कुटुंबाची आर्थिक क्षमता, पाण्याची उपलब्धता, बाजारपेठेशी संपर्क आणि कृषी उत्पादनातील बदल या घटकांचा विचार करणे आवश्यक आहे. त्यामुळे बागायती पिकांचा इतिहास हा केवळ एखाद्या एका सामाजिक समुदायाचा इतिहास न राहता संपूर्ण कोकणी ग्रामीण अर्थव्यवस्थेच्या परिवर्तनाशी संबंधित ठरतो. === पशुधन आणि शेती === पारंपरिक कोकणी शेतीमध्ये पशुधनाचा कृषी उत्पादनाशी घनिष्ठ संबंध होता. नांगरणी, वाहतूक, मळणी आणि इतर श्रमप्रधान कृषी कामांसाठी बैलांचा उपयोग केला जात असे. बैल, गायी आणि म्हशी यांसारखे पशुधन ग्रामीण कुटुंबांच्या आर्थिक जीवनाचा तसेच कृषी उत्पादनाच्या साधनांचा एक भाग होते. कोलाबा जिल्ह्यातील कुणबी कृषकांच्या वर्णनात बैलजोडी, गाय किंवा म्हैस तसेच शेतीची विविध अवजारे यांचा उल्लेख आढळतो. यावरून पशुधन आणि शेतीची साधने ही कृषक कुटुंबाच्या उत्पादनक्षमतेशी संबंधित महत्त्वाची साधने होती असे दिसून येते.<ref name="KolabaJanjira1883"/> रत्‍नागिरीतील ऐतिहासिक कृषी व्यवस्थेच्या वर्णनांमध्ये शेतीकामात कुटुंबातील विविध सदस्यांचा सहभाग असल्याचे आढळते. कृषीप्रधान कुटुंबव्यवस्थेत पुरुषांबरोबर स्त्रिया आणि मुलेही काही श्रमप्रधान शेतीकामांत सहभागी होत असल्याच्या नोंदी आहेत.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> पशुधनाचा उपयोग केवळ शेतीच्या प्रत्यक्ष कामांसाठी होत नव्हता. दूध, शेणखत आणि वाहतूक यांसारख्या माध्यमांतूनही त्याचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेला उपयोग होत असे. त्यामुळे पारंपरिक कोकणी कृषीव्यवस्थेत जमीन, मनुष्यबळ, पशुधन आणि कृषी साधने हे परस्परावलंबी घटक होते. कुणबी समाजाच्या संदर्भात पशुधनाचे महत्त्व मांडताना मात्र आर्थिक स्थितीनुसार कुटुंबांच्या पशुधनाच्या संख्येत आणि प्रकारात फरक असू शकत होता, हे लक्षात घेणे आवश्यक आहे. त्यामुळे प्रत्येक कुणबी कुटुंबाकडे समान प्रमाणात पशुधन किंवा कृषी साधने होती असे मानता येत नाही. === जलव्यवस्था आणि सिंचन === कोकणातील कृषीव्यवस्था प्रामुख्याने मान्सूनच्या पावसावर अवलंबून असली तरी भातशेतीसाठी स्थानिक जलसंधारण आणि सिंचन पद्धतींचाही उपयोग केला जात होता. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींमध्ये भातखाचरांमध्ये बांध घालून पाणी साठवणे, जमिनीत पाणी टिकवून ठेवणे आणि उपलब्ध पाण्याचा नियंत्रित वापर करणे यांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriCereals"/> उन्हाळी किंवा वायंगण भातासाठी विहिरी, बारमाही नाले आणि बांधबंदिस्त शेतांचा उपयोग केला जात असल्याचीही नोंद आहे. पाणी शेतात टिकवून ठेवण्यासाठी शेतांचे विभाग करून बांध तयार केले जात आणि उपलब्ध पाण्यानुसार सिंचन केले जात असे.<ref name="RatnagiriCereals"/> या प्रकारच्या जलव्यवस्थेमुळे पावसाळ्यानंतरही काही भागांत कृषी उत्पादन सुरू ठेवणे शक्य होत असे. त्यामुळे कोकणातील शेतीमध्ये पाऊस, जमीन, जलसंधारण, बांधबंदिस्ती आणि स्थानिक सिंचनपद्धती यांचा परस्परसंबंध महत्त्वाचा होता. ब्रिटिशकालीन कृषी प्रशासनात विहिरी, तलाव, सिंचन, जलनिचरा, जमीन सुधारणा आणि पुनर्वसन यांसाठी आर्थिक सहाय्याच्या योजना विकसित करण्यात आल्या. रत्‍नागिरीच्या नोंदींमध्ये जमीन सुधारणा कर्जांच्या अंतर्गत विहिरी, तलाव, सिंचन, जलनिचरा आणि जमीन सुधारणा यांसाठी कर्जाची तरतूद करण्यात आल्याचे नमूद आहे.<ref name="RatnagiriStateAidAgriculture">{{cite web |title=Ratnagiri Gazetteer — State Aid to Agriculture |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/RATNAGIRI/finance_state_agri.html }}</ref> या जलव्यवस्थेचा कुणबी समाजाशी संबंध पाहताना एक महत्त्वाची बाब लक्षात घ्यावी लागते. कुणबी हे कोकणातील महत्त्वाचे कृषक समुदाय असले तरी जलव्यवस्था किंवा सिंचनपद्धती केवळ कुणबी समाजापुरती मर्यादित नव्हती. त्यामुळे या पद्धतींचा अभ्यास व्यापक कोकणी कृषी अर्थव्यवस्थेच्या संदर्भात करणे अधिक योग्य ठरते. === जमीनधारणा आणि कृषक हक्क === कोकणातील कुणबी समाजाचा सामाजिक आणि आर्थिक इतिहास समजून घेण्यासाठी जमीनधारणा हा महत्त्वाचा घटक आहे. रत्‍नागिरीच्या जमीन प्रशासनाच्या नोंदींमध्ये कुणबींची वारसाहक्की कृषकांमध्ये मोठ्या संख्येने उपस्थिती असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. काही कुणबी कुटुंबे निश्चित जमीनहिस्सा कसत असून त्या जमिनीवरील कृषी कामकाजाशी त्यांचे दीर्घकालीन संबंध असल्याचे या नोंदींवरून दिसते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> रत्‍नागिरीतील खोती व्यवस्थेच्या संदर्भात काही कुणबी आणि इतर कृषक कर्दे किंवा भाडेकरू म्हणून जमीन कसत असल्याच्या नोंदी आढळतात. गॅझेटियरमधील वर्णनानुसार अशा कृषकांना त्यांच्या पारंपरिक जमीनहिस्स्याशी संबंधित काही दीर्घकालीन हक्क प्राप्त होते आणि ठरावीक परिस्थिती व कायदेशीर चौकट वगळता त्यांना सहजपणे बेदखल करता येत नसे.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> याउलट धारेकरी हा राज्याकडून थेट जमीनधारणा करणारा कृषक होता. रत्‍नागिरीच्या गॅझेटियरमधील जमीन प्रशासनाच्या वर्णनानुसार धारेकऱ्याला आपल्या धारण केलेल्या जमिनीबाबत वारसाहक्क, हस्तांतरण आणि गहाण ठेवण्यासंबंधी काही अधिकार होते; हे अधिकार राज्याच्या महसुली मागणीच्या अधीन होते.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/> या जमीनव्यवस्थेमुळे कोकणातील कृषक समाजात जमीनधारणेचे विविध स्तर निर्माण झाले होते. जमीनधारक कृषक, भाडेकरू आणि इतर प्रकारचे शेती करणारे घटक यांची आर्थिक आणि सामाजिक स्थिती समान नव्हती. त्यामुळे कुणबी समाजाला केवळ एकसमान जमीनधारक किंवा समान आर्थिक स्थिती असलेला कृषक समुदाय म्हणून पाहणे ऐतिहासिकदृष्ट्या अचूक ठरणार नाही. जमीन, पाणी आणि कृषी उत्पादन यांच्यातील संबंधामुळे जमीनधारणेचा परिणाम कुणबी कुटुंबांच्या आर्थिक स्थितीवरही होत होता. सुपीक जमीन, सिंचनाची उपलब्धता, जमीनहिस्सा, कृषी उत्पादन आणि बाजारपेठेशी संपर्क या घटकांनुसार कुटुंबांच्या आर्थिक परिस्थितीत फरक पडत असे. म्हणून कोकणातील कुणबी समाजाचा आर्थिक इतिहास समजून घेताना जमीनधारणा आणि स्थानिक जमीनव्यवस्थेचा स्वतंत्र विचार करणे आवश्यक आहे. === कृषी मजुरी === कोकणातील कृषी अर्थव्यवस्थेत स्वतःची जमीन कसणारे कृषक, भाडेकरू, कुटुंबीय श्रमिक आणि कृषी मजूर असे विविध घटक कार्यरत होते. रत्‍नागिरीच्या ऐतिहासिक नोंदींनुसार कृषी हंगामातील मजुरीवर ग्रामीण कामगारांच्या उत्पन्नाचा काही भाग अवलंबून असे. शेतीतील कामाचा हंगाम संपल्यानंतर वर्षातील उर्वरित काळात रोजगाराच्या शोधासाठी काही कामगारांना इतर प्रदेशांकडे जावे लागत असे.<ref name="RatnagiriCapitalLabour">{{cite web |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: Ratnagiri and Savantvadi — Capital and Labour |publisher=Government of Maharashtra, Gazetteers Department |url=https://gazetteers.maharashtra.gov.in/cultural.maharashtra.gov.in/english/gazetteer/Ratnagiri%20and%20Sawantwadi/ratnagiri/capitals1_capitalists.html }}</ref> १८५१ च्या कृषी व जमीन प्रशासनासंबंधीच्या नोंदींमध्ये ग्रामीण लोकसंख्येतील मोठ्या घटकाला स्थानिक शेतीतून वर्षभर पुरेसे उत्पन्न मिळत नसल्यामुळे हंगामी रोजगारासाठी बाहेर जावे लागत असल्याचे नमूद आहे. या नोंदीनुसार काही मजूर नोव्हेंबरच्या सुमारास मुंबई आणि आसपासच्या प्रदेशांकडे रोजगारासाठी जात आणि पावसाळा सुरू होण्यापूर्वी आपल्या गावाकडे परतत असत.<ref name="RatnagiriLandCaptain"/> हंगामी स्थलांतरामुळे ग्रामीण कुटुंबांच्या उत्पन्नाचे स्रोत केवळ शेतीपुरते मर्यादित राहत नसत. शेतीचा हंगाम, उपलब्ध जमीन, स्थानिक रोजगार आणि बाहेरील प्रदेशातील मजुरीच्या संधी यांचा कुटुंबांच्या आर्थिक स्थितीवर परिणाम होत असे. या प्रक्रियेचा परिणाम कुणबींसह कोकणातील इतर कृषक आणि ग्रामीण समुदायांवरही झाला. मात्र उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींवरून हा नमुना सर्व कुणबी कुटुंबांना समान प्रमाणात लागू होता असे म्हणता येत नाही. === बाजारपेठ आणि कृषी उत्पादन === कोकणातील कृषी अर्थव्यवस्था स्थानिक बाजारपेठांबरोबरच जिल्ह्याबाहेरील व्यापार आणि वाहतुकीशीही जोडलेली होती. रत्‍नागिरीच्या गॅझेटियरमधील नोंदीनुसार काही काळ जिल्ह्यातील स्थानिक कृषी उत्पादन लोकसंख्येच्या गरजा पूर्ण करण्यासाठी अपुरे पडत असल्यामुळे बाहेरील प्रदेशांतून धान्य आणावे लागत असे.<ref name="RatnagiriCapitalLabour"/> वाहतुकीची साधने मर्यादित असलेल्या काळात ग्रामीण भागातून कृषी उत्पादन बाजारपेठांपर्यंत पोहोचवणे हे एक महत्त्वाचे आव्हान होते. १८५१ च्या नोंदींमध्ये काही भागांत कृषी उत्पादन मानवी वाहतुकीद्वारे बाजारपेठेत नेले जात असल्याचे वर्णन आढळते. त्यामुळे वाहतूकव्यवस्था आणि बाजारपेठेपर्यंत पोहोचण्याची क्षमता यांचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर थेट परिणाम होत असे.<ref name="RatnagiriLandCaptain"/> ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्यातील कृषी अर्थव्यवस्थेतही अन्नपिकांना महत्त्वाचे स्थान होते. १९५८–५९ च्या कृषी नोंदीनुसार जिल्ह्याच्या एकूण सकल पीकक्षेत्रापैकी ८० टक्क्यांहून अधिक क्षेत्र अन्नपिकांखाली होते. त्यामध्ये धान्य आणि कडधान्यांचा मोठा वाटा होता.<ref name="KolabaCroppedArea"/> कोकणातील कुणबी समाजाच्या आर्थिक इतिहासाच्या संदर्भात बाजारपेठेचे महत्त्व केवळ कृषी उत्पादनाच्या विक्रीपुरते मर्यादित नव्हते. कृषी उत्पादन, हंगामी मजुरी, धान्याची उपलब्धता, वाहतूक आणि बाहेरील रोजगाराच्या संधी यांमधील परस्परसंबंधामुळे ग्रामीण कुटुंबांचे आर्थिक जीवन व्यापक प्रादेशिक अर्थव्यवस्थेशी जोडले गेले होते. त्यामुळे कुणबी समाजाच्या कृषी इतिहासाचा अभ्यास करताना जमीन आणि शेतीबरोबरच मजुरी, हंगामी स्थलांतर, वाहतूक आणि बाजारपेठ यांचाही विचार करणे आवश्यक ठरते. === कुणबी केवळ शेतकरी नव्हते === कुणबी समाजाची ऐतिहासिक ओळख कृषीशी निकटपणे संबंधित होती; तथापि कुणबी म्हणजे केवळ शेतकरी अशी समानता करणे ऐतिहासिक स्रोतांच्या आधारे योग्य ठरत नाही. रत्‍नागिरीच्या जमीनव्यवस्थेच्या नोंदींमध्ये कुणबींचा मोठ्या संख्येने कृषक म्हणून उल्लेख आढळतो. त्याच वेळी ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्याच्या १८८३ च्या गॅझेटियरमध्ये महाड आणि माणगाव परिसरातील काही कुणबी हंगामी रोजगारासाठी मुंबईकडे जात असल्याचे तसेच काही कुणबी लष्कर, पोलीस आणि इतर सरकारी सेवांमध्ये कार्यरत असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/><ref name="KolabaPopulationCommunities"/> कुणबींच्या आर्थिक जीवनात स्वतःची जमीन कसणे, भाडेकरू म्हणून शेती करणे, कृषी मजुरी करणे, हंगामी रोजगारासाठी स्थलांतर करणे आणि शेतीबाहेरील व्यवसाय किंवा सेवा स्वीकारणे अशी विविध रूपे आढळत होती. रत्‍नागिरीच्या नोंदींमध्ये कृषक आणि कृषी मजुरांना वर्षातील काही काळ रोजगारासाठी मुंबई व इतर प्रदेशांकडे जावे लागत असल्याचे नमूद आहे. कोलाबा गॅझेटियरमध्येही महाड आणि माणगाव परिसरातील कुणबींच्या हंगामी स्थलांतराबरोबरच लष्कर, पोलीस आणि सरकारी सेवांमध्ये प्रवेशाचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriCapitalLabour"/><ref name="KolabaPopulationCommunities"/> या नोंदींवरून कोकणातील कुणबींची ऐतिहासिक अर्थव्यवस्था कृषीप्रधान असली तरी ती केवळ स्वतःची शेती कसण्यापुरती मर्यादित नव्हती असे दिसून येते. जमीनधारणा, भाडेकरू शेती, कृषी मजुरी, हंगामी स्थलांतर आणि विविध प्रकारचे शेतीबाहेरील रोजगार हे त्यांच्या आर्थिक जीवनाचे काही घटक होते. तथापि उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून या आर्थिक भूमिकांचे प्रमाण संपूर्ण कुणबी समाजात समान होते असा निष्कर्ष काढता येत नाही. प्रदेश, जमीनधारणा, कृषी उत्पादन, रोजगाराच्या उपलब्ध संधी आणि स्थानिक आर्थिक परिस्थितीनुसार कुणबी कुटुंबांच्या उपजीविकेच्या पद्धतींमध्ये फरक असण्याची शक्यता होती. === आधुनिक कृषी परिवर्तन === विसाव्या शतकाच्या मध्यापासून कोकणातील कृषी व्यवस्थेत सुधारित बियाणे, खते, सुधारित कृषी अवजारे, सिंचन, जमीन सुधारणा आणि सरकारी कृषी कर्ज यांचा वापर वाढत गेला. १९६१ च्या कुंकेरी ग्रामसर्वेक्षणात सुधारित बियाणे, खते, सुधारित जनावरे, कृषी अवजारे, सिंचन, कीडनियंत्रण आणि जमीन सुधारणा यांसारख्या कृषी सुविधांच्या उपलब्धतेविषयी स्वतंत्र माहिती संकलित करण्यात आली होती.<ref name="Kunkeri1966"/> रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींमध्ये १९५३–५६ या कालावधीत नव्याने जमीन लागवडीखाली आणणे, कृषी प्रात्यक्षिके आणि ‘तगाई’ किंवा कृषी कर्जाच्या स्वरूपातील सरकारी सहाय्य यांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="RatnagiriCereals"/> कृषी सुधारण्यासाठी विहिरी, तलाव, सिंचन, जलनिचरा, जमीन सुधारणा आणि पुनर्वसन यांसाठी कर्जपुरवठ्याची प्रशासकीय व्यवस्था विकसित करण्यात आली. रत्‍नागिरीच्या गॅझेटियरमध्ये जमीन सुधारणा कर्जे आणि कृषक कर्जे यांसारख्या योजनांचा उल्लेख असून विहिरी व सिंचनाच्या कामांसाठीही कर्ज उपलब्ध करून दिले जात असल्याचे नमूद आहे.<ref name="RatnagiriStateAidAgriculture"/> भातशेतीतही तांत्रिक बदल झाले. रत्‍नागिरीच्या कृषी नोंदींमध्ये काही सुधारित भातवाणांचा उल्लेख असून त्यांच्या पक्व होण्याच्या कालावधीची माहिती देण्यात आली आहे. उन्हाळी भातासाठी बांधबंदिस्त शेत, पाण्याचे नियंत्रित व्यवस्थापन आणि सिंचनाचा वापर यांमुळे काही भागांत वर्षातून एकापेक्षा अधिक पिके घेणे शक्य झाले.<ref name="RatnagiriCereals"/> कृषीतील या बदलांचा परिणाम केवळ उत्पादनपद्धतीवर झाला नाही, तर ग्रामीण कुटुंबांच्या आर्थिक जीवनावरही झाला. सुधारित कृषी तंत्रज्ञान, सिंचन, कर्जपुरवठा आणि बाजारपेठेशी वाढलेले संबंध यांमुळे पारंपरिक कृषी व्यवस्थेत हळूहळू परिवर्तन घडून आले. तथापि या सुविधा सर्व प्रदेशांत किंवा सर्व कृषक कुटुंबांना समान प्रमाणात उपलब्ध झाल्या असे उपलब्ध स्रोतांवरून म्हणता येत नाही. === शेती, जमीन आणि कुणबी समाज : ऐतिहासिक निष्कर्ष === उपलब्ध ऐतिहासिक पुराव्यांवरून कोकणातील कुणबी समाजाची पारंपरिक आर्थिक ओळख कृषीशी निकटपणे संबंधित होती. रत्‍नागिरीच्या जमीनव्यवस्थेच्या नोंदींमध्ये कुणबींचा मोठ्या संख्येने वारसाहक्की कृषक म्हणून उल्लेख आढळतो. त्याचप्रमाणे ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्याच्या गॅझेटियरमध्ये महाड–माणगाव परिसरातील कुणबींच्या शेतीशी संबंधित जीवनाबरोबरच हंगामी स्थलांतर आणि विविध प्रकारच्या रोजगारांचा उल्लेख करण्यात आला आहे.<ref name="RatnagiriSurveys1827"/><ref name="KolabaPopulationCommunities"/> त्यामुळे कुणबी समाजाला केवळ ‘शेतकरी जात’ म्हणून मर्यादित करणे ऐतिहासिकदृष्ट्या अपुरे ठरते. उपलब्ध नोंदींनुसार कुणबी हा कोकणातील कृषीप्रधान ग्रामीण समाजाचा एक महत्त्वाचा घटक होता; मात्र त्याच्या आर्थिक जीवनात जमीनधारणा, भाडेकरू शेती, कृषी मजुरी, हंगामी स्थलांतर तसेच सरकारी, लष्करी आणि इतर रोजगारांचाही समावेश होता.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> या आर्थिक विविधतेचा विचार करताना प्रदेश आणि काळ यांचा संदर्भ महत्त्वाचा ठरतो. सर्व कुणबी कुटुंबांची जमीनधारणा, आर्थिक स्थिती किंवा रोजगाराची पद्धत समान होती असे उपलब्ध स्रोतांवरून म्हणता येत नाही. कृषी उत्पादन, जमिनीची उपलब्धता, स्थानिक रोजगाराच्या संधी आणि बाजारपेठेशी असलेला संपर्क यांनुसार त्यांच्या आर्थिक जीवनात भिन्नता होती. === स्थलांतर आणि मुंबईशी संबंध === कोकणातील कुणबी समाजाचा सामाजिक आणि आर्थिक इतिहास हा स्थलांतराच्या व्यापक प्रक्रियेशी संबंधित होता. विशेषतः रत्‍नागिरी आणि ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्यांमध्ये मर्यादित कृषी उत्पन्न, हंगामी रोजगाराची आवश्यकता आणि मुंबईतील वाढत्या रोजगाराच्या संधी यांमुळे ग्रामीण लोकसंख्येचे मुंबईशी आर्थिक संबंध विकसित झाले. रत्‍नागिरीच्या १८८० च्या गॅझेटियरमध्ये जिल्ह्यातील ग्रामीण लोकांच्या मुंबईकडे होणाऱ्या रोजगाराधारित स्थलांतराची नोंद आढळते.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या १८८० च्या गॅझेटियरनुसार मुंबईशी समुद्रमार्गे आणि जमिनीमार्गे असलेल्या संपर्कामुळे जिल्ह्यातील लोकांना मुंबईतील रोजगाराच्या संधी उपलब्ध होत होत्या. मोठ्या संख्येने लोक मुंबईकडे जाऊन विविध प्रकारचे काम करीत असल्याचे तसेच त्यांपैकी काही जण मुंबईत अंशतः स्थायिक झाल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> ऐतिहासिक कोलाबा जिल्ह्यातील नोंदींमध्येही महाड आणि माणगाव परिसरातील काही कुणबी भात कापणीचा हंगाम संपल्यानंतर मुंबई आणि इतर रोजगाराच्या ठिकाणी जात असल्याचे नमूद आहे. काही जण हंगामी रोजगार करून पावसाळ्यापूर्वी आपल्या गावाकडे परतत असत. अशा रोजगारातून मिळणारे उत्पन्न बियाणे खरेदी आणि कुटुंबाच्या इतर गरजांसाठी वापरले जात असल्याचेही नोंदवण्यात आले आहे.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> या स्थलांतरामुळे ग्रामीण कुटुंबांचे आर्थिक जीवन शेतीपुरते मर्यादित न राहता मुंबईसारख्या वाढत्या नागरी केंद्रांशी जोडले गेले. काही कुटुंबांनी शेतीशी संबंध कायम ठेवून हंगामी किंवा कायमस्वरूपी बाहेरील रोजगार स्वीकारला, तर काहींच्या उपजीविकेचे स्वरूप अधिकाधिक शहरी अर्थव्यवस्थेशी संबंधित झाले. तथापि उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदींवरून या प्रक्रियेचे प्रमाण संपूर्ण कुणबी समाजात समान होते असा निष्कर्ष काढता येत नाही. === रत्‍नागिरी ते मुंबई : स्थलांतराची सुरुवात === मुंबईकडे होणारे कोकणी स्थलांतर हे कापड गिरण्यांच्या विस्तारापूर्वीच अस्तित्वात होते. मुंबईच्या बंदराशी, जहाजवाहतूक, बांधकाम, लष्कर, पोलीस, गोदामे आणि इतर रोजगारांशी संबंधित कामांसाठी कोकणातील ग्रामीण भागातून लोक मुंबईकडे जात असत. पुढील काळात मुंबईच्या औद्योगिक आणि विशेषतः कापड उद्योगाच्या विस्तारामुळे या स्थलांतराला अधिक व्यापक रोजगाराधार प्राप्त झाला. मुंबईच्या कामगारवर्गाच्या निर्मितीत ग्रामीण भागातील स्थलांतराचे महत्त्व आणि कामगारांचे ग्रामीण संबंध यांचा राजनारायण चांदवणकर यांनी अभ्यास केला आहे.<ref name="Chandavarkar1994">{{cite book |last=Chandavarkar |first=Rajnarayan |title=The Origins of Industrial Capitalism in India: Business Strategies and the Working Classes in Bombay, 1900–1940 |url=https://archive.org/details/originsofindustr0000chan |publisher=Cambridge University Press |location=Cambridge |year=1994 }}</ref> एकोणिसाव्या शतकाच्या उत्तरार्धात आणि विसाव्या शतकाच्या पूर्वार्धात मुंबईतील औद्योगिक वाढीसोबत कोकण आणि विशेषतः रत्‍नागिरी जिल्हा हा मुंबईच्या श्रमबाजाराशी संबंधित महत्त्वाचा प्रदेश बनला. या प्रक्रियेत ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील रोजगाराच्या मर्यादा, जमिनीवरील दबाव आणि मुंबईतील वाढत्या रोजगाराच्या संधी यांचा परस्परसंबंध होता.<ref name="RoyalCommissionLabour1931">{{cite report |title=Report of the Royal Commission on Labour in India |publisher=Government of India |year=1931 |url=https://indianlabourarchives.org/bitstream/20.500.14121/168/4/Report%20of%20the%20Royal%20Commission%20on%20Labour%20in%20India.pdf }}</ref> रत्‍नागिरीच्या १८८० च्या गॅझेटियरमध्ये मुंबईशी असलेल्या रोजगारसंबंधांचा उल्लेख आढळतो. समुद्रमार्गे आणि जमिनीमार्गे असलेल्या संपर्कामुळे रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील लोकांना मुंबईतील रोजगाराच्या संधी उपलब्ध होत होत्या आणि जिल्ह्यातील मोठ्या संख्येने लोक मुंबईत कामासाठी जात असल्याचे नोंदवण्यात आले आहे.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> === कुणबी आणि हंगामी स्थलांतर === कुणबी समाजाच्या बाबतीत हंगामी स्थलांतराचा थेट पुरावा १८८३ च्या कोलाबा गॅझेटियरमध्ये आढळतो. महाड आणि माणगाव परिसरातील कुणबी भात कापणीचा हंगाम संपल्यानंतर नोव्हेंबर किंवा डिसेंबरमध्ये मुंबई आणि इतर मजूर बाजारपेठांकडे जात असल्याचे गॅझेटियरमध्ये नमूद आहे. ते अनुकूल हवामानाच्या काळात काम करून उन्हाळ्याच्या अखेरीस गावाकडे परतत असत. या रोजगारातून मिळालेल्या पैशांचा उपयोग बियाणे खरेदी आणि पावसाळ्यात कुटुंबाच्या उदरनिर्वाहासाठी केला जात असल्याची नोंद आहे.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> या हंगामी स्थलांतरात गावातील जमीन आणि शहरातील रोजगार यांचा परस्परसंबंध कायम राहत असे. कोलाबा गॅझेटियरनुसार मुंबईकडे गेलेले काही कुणबी आपल्या मूळ गावातील नातेवाईकांकडे पैसे पाठवत असत आणि हे नातेवाईक गावातील जमीन व शेतीची देखभाल करीत असत. त्यावरून काही कुटुंबांच्या आर्थिक जीवनात ग्रामीण शेती आणि शहरी रोजगार यांचा एकत्रित सहभाग असल्याचे दिसून येते.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> अशा प्रकारच्या हंगामी स्थलांतरामुळे एकाच कुटुंबातील उपजीविकेचे स्रोत दोन भौगोलिक केंद्रांशी जोडले जाऊ शकत होते. गावातील जमीन, शेती आणि कुटुंबाची जबाबदारी कायम ठेवून कुटुंबातील काही सदस्य शहरात मजुरी किंवा इतर रोजगार करीत असत. त्यामुळे ग्रामीण कृषी अर्थव्यवस्था आणि मुंबईतील शहरी रोजगार यांच्यामध्ये आर्थिक परस्परसंबंध निर्माण झाला होता.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> या संदर्भात कोलाबा गॅझेटियरची नोंद विशेष महत्त्वाची आहे, कारण ती कुणबी समाजाच्या हंगामी स्थलांतराचे थेट समकालीन प्रशासकीय दस्तऐवजीकरण करते. मात्र ही नोंद मुख्यतः महाड आणि माणगाव परिसराशी संबंधित असल्यामुळे तिच्या आधारे संपूर्ण कोकणातील किंवा सर्व कुणबी कुटुंबांमध्ये समान स्वरूपाचे स्थलांतर होते असा निष्कर्ष काढता येत नाही.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> === मुंबईच्या कापड गिरण्या आणि कोकणी स्थलांतर === मुंबईतील कापड गिरण्यांच्या विस्तारामुळे कोकण आणि विशेषतः रत्‍नागिरी जिल्ह्यातून मुंबईकडे होणाऱ्या स्थलांतराला पुढील काळात मोठी चालना मिळाली. मुंबईतील औद्योगिक विकासामुळे ग्रामीण भागातील कामगारांना गिरण्यांमध्ये तसेच शहरातील इतर उद्योगांमध्ये रोजगाराच्या संधी उपलब्ध झाल्या. मुंबईच्या कापड उद्योगातील कामगारवर्गाच्या सामाजिक आणि कौटुंबिक रचनेचा अभ्यास करताना ग्रामीण भागातून झालेल्या स्थलांतराचा महत्त्वाचा संदर्भ आढळतो.<ref name="Kumar1983">{{cite journal |last=Kumar |first=Radha |title=Family and Factory: Women in the Bombay Cotton Textile Industry, 1919–1939 |journal=The Indian Economic & Social History Review |volume=20 |issue=1 |year=1983 |pages=81–96 }}</ref> १९०१ च्या मुंबई शहर व बेटाच्या जनगणना अहवालात मुंबईतील विविध भागांमध्ये बाहेरील प्रदेशांतून आलेल्या लोकसंख्येच्या वास्तव्याची नोंद आढळते. औद्योगिक भागांच्या विस्तारासोबत ग्रामीण महाराष्ट्रातून मुंबईत आलेल्या कामगारांची वस्तीही विकसित झाली होती.<ref name="CensusBombayCity1901">{{cite report |title=Census of India, 1901: Bombay City and Island |publisher=Government of India |year=1901 |url=https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/31210/download/34391/20161_1901_TIH.pdf }}</ref> मुंबईच्या कापड उद्योगातील कामगारांच्या प्रादेशिक पार्श्वभूमीचा अभ्यास करताना रत्‍नागिरी जिल्ह्याचे महत्त्व अधोरेखित झाले आहे. रत्‍नागिरी हा मुंबईच्या औद्योगिक अर्थव्यवस्थेला मनुष्यबळ पुरविणाऱ्या कोकणातील महत्त्वाच्या प्रदेशांपैकी एक होता. तथापि मुंबईतील सर्व रत्‍नागिरीकर कामगार कुणबी होते असे मानता येत नाही. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील स्थलांतरामध्ये विविध जातीय, सामाजिक आणि धार्मिक समुदायांचा सहभाग होता. त्यामुळे रत्‍नागिरीकर आणि कुणबी या दोन सामाजिक किंवा लोकसंख्यात्मक संज्ञा समानार्थी मानणे ऐतिहासिकदृष्ट्या योग्य ठरणार नाही. === हंगामी स्थलांतरातून दीर्घकालीन स्थलांतराकडे === एकोणिसाव्या शतकातील कोकणी स्थलांतराचा एक महत्त्वाचा प्रकार हंगामी स्वरूपाचा होता. ग्रामीण कुटुंबातील काही सदस्य रोजगारासाठी मुंबई किंवा इतर शहरांकडे जात आणि शेतीच्या हंगामानुसार पुन्हा गावाकडे परतत. पुढील काळात औद्योगिकीकरण, शहरी रोजगाराच्या वाढत्या संधी, शिक्षण आणि वाहतूकव्यवस्थेतील सुधारणा यांमुळे स्थलांतराचे स्वरूप हळूहळू बदलत गेले. कुंकेरी गावाच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या तीन कालखंडांतील अभ्यासातून कोकणातील ग्रामीण स्थलांतराच्या दीर्घकालीन प्रक्रियेचे एक स्थानिक उदाहरण उपलब्ध होते. या अभ्यासानुसार कुंकेरीमध्ये स्थलांतराची प्रक्रिया अनेक दशकांपर्यंत कायम राहिली आणि कालांतराने स्थलांतरितांची संख्या, रोजगाराचे प्रकार आणि स्थलांतराची कारणे यांमध्ये बदल झाले. १९६१मध्ये रोजगारासाठी झालेल्या स्थलांतरात मुंबई हे प्रमुख गंतव्यस्थान होते; पुढील काळात मुंबईबरोबर पुणे आणि गोवा यांसारख्या इतर ठिकाणांकडेही स्थलांतर झाले.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> या अभ्यासात १९६१मध्ये कुंकेरीतील कामासाठी बाहेर गेलेले ८३ स्थलांतरित सर्व पुरुष असून त्यांचे प्रमुख गंतव्य मुंबई असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. पुढील काळात स्थलांतराचे स्वरूप अधिक विविध झाले आणि शिक्षण तसेच रोजगारासाठी स्थलांतर करणाऱ्या स्त्रियांची संख्याही वाढली. त्यामुळे ग्रामीण स्थलांतर हे केवळ पुरुषांच्या हंगामी रोजगारापुरते मर्यादित न राहता कुटुंबाच्या विविध उपजीविकेच्या धोरणांशी संबंधित झाले.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या १९६१ च्या जिल्हा जनगणना पुस्तिकेतही मुंबईशी असलेल्या स्थलांतरसंबंधांचा उल्लेख आढळतो. मुंबईतील रोजगाराच्या परिस्थितीत झालेल्या बदलांचा परिणाम रत्‍नागिरीसारख्या ग्रामीण जिल्ह्यांवर होत असल्याचे या ऐतिहासिक नोंदींमधून दिसून येते.<ref name="DistrictCensusRatnagiri1961">{{cite report |title=District Census Handbook, Ratnagiri |publisher=Director of Census Operations, Maharashtra |year=1964 |url=https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/29646/download/32827/22003_1961_RAT.pdf }}</ref> कुंकेरीच्या अभ्यासातून स्थलांतरामुळे ग्रामीण आणि शहरी जीवनातील संबंध केवळ रोजगारापुरते मर्यादित राहत नसल्याचेही दिसते. स्थलांतरित कुटुंबांचे गावातील जमीनधारणेशी संबंध अनेक दशकांपर्यंत कायम राहिले आणि मुंबईतील स्थलांतरितांचे गावाशी सामाजिक संबंध टिकून राहिले. त्यामुळे कोकणातील स्थलांतराचा इतिहास हा ग्रामीण समाजाच्या विस्थापनाचा एकरेषीय इतिहास नसून गाव, जमीन, कुटुंब आणि शहर यांच्यातील दीर्घकालीन परस्परसंबंधांचा इतिहास म्हणून पाहता येतो.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> === स्थलांतर आणि शिक्षण === काळानुसार कोकणातील स्थलांतराचे स्वरूप केवळ रोजगाराच्या शोधापुरते मर्यादित राहिले नाही. शिक्षण, उच्च शिक्षण, व्यावसायिक शिक्षण आणि शहरी भागातील शैक्षणिक सुविधांचा विस्तार यांमुळे ग्रामीण भागातून शहरांकडे होणाऱ्या स्थलांतराला नवे स्वरूप प्राप्त झाले. सावंतवाडी तालुक्यातील कुंकेरी गावाच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या तीन कालखंडांतील अभ्यासातून ग्रामीण स्थलांतराच्या स्वरूपातील दीर्घकालीन बदल स्पष्ट होतात. या अभ्यासानुसार १९६१मध्ये कुंकेरीतील स्थलांतर मुख्यतः रोजगारासाठी होते आणि त्या काळातील स्थलांतरितांमध्ये शिक्षणासाठी स्थलांतराची नोंद नव्हती. २०१७पर्यंत परिस्थितीत बदल झाला आणि एकूण स्थलांतरितांपैकी सुमारे १८ टक्के व्यक्ती शिक्षणासाठी स्थलांतरित झाल्याचे आढळले. या काळात शिक्षण हे स्थलांतराचे एक महत्त्वाचे कारण बनले होते.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> या अभ्यासात शिक्षण आणि स्थलांतर यांच्यातील परस्परसंबंधाचाही उल्लेख करण्यात आला आहे. शिक्षणामुळे शहरी किंवा बाहेरील रोजगाराच्या संधी वाढू शकतात आणि त्याच वेळी स्थलांतरासाठी शिक्षण हे स्वतः एक साधन ठरू शकते. कुंकेरीतील स्थलांतरित कुटुंबांमध्ये साक्षरतेचे प्रमाण स्थलांतर न करणाऱ्या कुटुंबांच्या तुलनेत अधिक असल्याचेही अभ्यासात आढळले.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> स्थलांतराच्या बदलत्या स्वरूपामुळे शिक्षण, रोजगार, दैनंदिन प्रवास आणि कुटुंबातील वेगवेगळ्या सदस्यांचे विविध ठिकाणी वास्तव्य यांच्यातील संबंध अधिक गुंतागुंतीचे झाले. कुंकेरीच्या अभ्यासात २०१७पर्यंत शिक्षणासाठी होणारा प्रवास आणि स्त्रियांचा दैनंदिन प्रवासही वाढल्याचे नोंदविण्यात आले आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> कुंकेरीच्या अभ्यासातून दिसणारे हे परिवर्तन कोकणातील प्रत्येक गावासाठी किंवा प्रत्येक सामाजिक समुदायासाठी समान होते असे मानता येत नाही. मात्र ग्रामीण कोकणातील स्थलांतर रोजगारापासून शिक्षण, कौशल्यविकास आणि विविध प्रकारच्या शहरी संधींकडे कसे विस्तारत गेले, याचे कुंकेरी हे एक महत्त्वाचे स्थानिक उदाहरण आहे. === परदेशातील स्थलांतर === कोकणातील स्थलांतराचा विस्तार केवळ मुंबई आणि महाराष्ट्रातील शहरी केंद्रांपुरता मर्यादित राहिला नाही. ब्रिटिशकालीन काळात बॉम्बे प्रेसिडेन्सीतून समुद्रपार प्रदेशांकडेही स्थलांतर होत असल्याच्या नोंदी आढळतात. १९११ च्या जनगणना अहवालात मॉरिशस, पूर्व आफ्रिका, स्ट्रेट्स सेटलमेंट्स, फेडरेटेड मलय स्टेट्स आणि सिलोन यांसारख्या प्रदेशांशी संबंधित स्थलांतराची नोंद करण्यात आली होती.<ref name="CensusBombayMigration1911">{{cite report |title=Census of India, 1911: Bombay Presidency — Migration |publisher=Government of India |year=1911 |url=https://storage.lib.uchicago.edu/pres/2014/pres2014-0779-1911-07-01.pdf }}</ref> रत्‍नागिरी आणि सावंतवाडीच्या १८८० च्या गॅझेटियरमध्येही जिल्ह्यातील काही लोक रोजगाराच्या निमित्ताने एडन आणि मॉरिशस यांसारख्या परदेशातील प्रदेशांकडे जात असल्याच्या नोंदी आढळतात. या नोंदींमधून कोकणातील स्थलांतराचे भौगोलिक क्षेत्र मुंबईपलीकडेही विस्तारले होते, असे दिसून येते. तथापि या नोंदी विशिष्ट स्थानिक समूह किंवा व्यक्तींच्या स्थलांतराशी संबंधित असल्यामुळे त्यावरून संपूर्ण रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या किंवा कुणबी समाजाच्या परदेशातील स्थलांतराचे प्रमाण निश्चित करता येत नाही.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880"/> आधुनिक काळात रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील आंतरराष्ट्रीय स्थलांतर आणि त्यातून मिळणाऱ्या परदेशातून पाठविलेल्या रकमांचा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेवर होणारा परिणाम हा संशोधनाचा विषय बनला आहे. २०२३मध्ये प्रकाशित झालेल्या एका अभ्यासात रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ग्रामीण गावांमधून होणारे आंतरराष्ट्रीय स्थलांतर, परदेशातून येणाऱ्या रकमांचे प्रमाण आणि त्यांचा कुटुंबांच्या आर्थिक कल्याणावर होणारा परिणाम यांचा अभ्यास करण्यात आला. या अभ्यासात आंतरराष्ट्रीय स्थलांतर आणि परदेशातून येणाऱ्या रकमांचा ग्रामीण कुटुंबांच्या आर्थिक स्थितीशी संबंध असल्याचे आढळले.<ref name="ChintamaniKulkarni2023">{{cite journal |last=Chintamani |first=Bhupesh Gopal |author2=Kulkarni, Lalitagauri |title=Determinants and Effects of International Remittances: Evidence from Ratnagiri District of Rural Maharashtra |journal=Indian Journal of Labour Economics |volume=66 |issue=1 |year=2023 |pages=455–475 }}</ref> या आधुनिक अभ्यासात रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ग्रामीण कुटुंबांचा विचार केला आहे; त्यात कुणबी समाजाचे स्वतंत्र जातीनिहाय आंतरराष्ट्रीय स्थलांतर हे अभ्यासाचे स्वतंत्र प्रमाण म्हणून मांडलेले नाही. त्यामुळे रत्‍नागिरीतील आंतरराष्ट्रीय स्थलांतराला थेट कुणबी समाजाचे स्थलांतर मानणे योग्य ठरणार नाही. कुणबी समाजाच्या परदेशातील स्थलांतराचे स्वतंत्र प्रमाण, गंतव्य प्रदेश आणि कालानुसार झालेला बदल निश्चित करण्यासाठी जातीनिहाय लोकसंख्याशास्त्रीय किंवा सामाजिक सर्वेक्षणांची आवश्यकता आहे.<ref name="ChintamaniKulkarni2023"/> या दृष्टीने कोकणातील स्थलांतराचा इतिहास तीन परस्परसंबंधित टप्प्यांत अभ्यासता येतो—स्थानिक किंवा हंगामी रोजगारासाठी होणारे स्थलांतर, मुंबईसारख्या औद्योगिक केंद्रांकडे झालेले दीर्घकालीन स्थलांतर आणि पुढील काळातील शिक्षण, व्यावसायिक संधी व आंतरराष्ट्रीय रोजगाराशी संबंधित स्थलांतर. मात्र या सर्व प्रक्रियांमध्ये सहभागी झालेल्या लोकसंख्येला कुणबी या एकाच सामाजिक वर्गाशी जोडणे ऐतिहासिक पुराव्यांच्या दृष्टीने योग्य ठरणार नाही. === गाव आणि शहरातील संबंध === कोकणातील स्थलांतरामुळे ग्रामीण गावांमध्ये आणि मुंबईसारख्या शहरी केंद्रांमध्ये आर्थिक व सामाजिक संबंध निर्माण झाले. शहरात रोजगारासाठी गेलेल्या व्यक्तींचे त्यांच्या मूळ गावांशी जमीन, कुटुंब आणि आर्थिक व्यवहारांच्या माध्यमातून संबंध कायम राहत असत. १८८३ च्या कोलाबा गॅझेटियरमध्ये महाड आणि माणगाव परिसरातील काही कुणबी मुंबईत रोजगारासाठी गेल्यानंतर आपल्या गावातील नातेवाईकांकडे पैसे पाठवीत असल्याची आणि हे नातेवाईक गावातील शेतीची देखभाल करीत असल्याची नोंद आढळते.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> या आर्थिक संबंधांमध्ये शहरातून गावाकडे पैसे पाठविणे, शेतीसाठी बियाणे व इतर साधने खरेदी करणे, कुटुंबाच्या दैनंदिन गरजा भागविणे आणि गावातील जमीन व इतर मालमत्तेशी संबंध कायम ठेवणे यांचा समावेश होता. त्यामुळे रोजगारासाठी शहरात गेलेल्या कुटुंबातील व्यक्तीचे स्थलांतर झाले असले तरी संपूर्ण कुटुंबाची आर्थिक व्यवस्था तात्काळ शहरकेंद्रित होत असेच असे नाही.<ref name="KolabaPopulationCommunities"/> कुंकेरी गावाच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या तीन कालखंडांतील दीर्घकालीन अभ्यासातूनही स्थलांतरित कुटुंबांचे मूळ गावाशी असलेले संबंध कायम राहिल्याचे दिसून येते. स्थलांतराचे स्वरूप आणि गंतव्ये काळानुसार बदलली असली तरी गावाशी असलेले कौटुंबिक आणि सामाजिक संबंध पूर्णपणे तुटले नाहीत. या अभ्यासातून स्थलांतर, ग्रामीण कुटुंबांची बदलती आर्थिक रचना आणि शहरांशी निर्माण झालेले संबंध यांचा परस्परसंबंध स्पष्ट होतो.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> या प्रक्रियेमुळे गाव आणि शहर यांच्यात एक प्रकारचे आर्थिक परस्परावलंबन निर्माण झाले. गावातील जमीन आणि कुटुंबीय संबंध कायम ठेवत शहरात रोजगार करणे, तर शहरातून मिळणाऱ्या उत्पन्नाचा काही भाग गावातील कुटुंबाच्या गरजांसाठी वापरणे, हा स्थलांतरित कुटुंबांच्या आर्थिक जीवनाचा एक भाग बनला. मात्र ही पद्धत सर्व कोकणी किंवा सर्व कुणबी कुटुंबांना समान प्रमाणात लागू होती असे उपलब्ध स्रोतांवरून म्हणता येत नाही. === स्थलांतरामुळे कोकणातील गावांवर झालेले परिणाम === दीर्घकालीन स्थलांतरामुळे कोकणातील काही गावांच्या लोकसंख्येच्या आणि सामाजिक रचनेत बदल झाले. विशेषतः रोजगारक्षम वयोगटातील व्यक्तींचे बाहेर स्थलांतर, कुटुंबातील सदस्यांचे वेगवेगळ्या ठिकाणी वास्तव्य आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्थेतील बदल यांचा गावाच्या सामाजिक आणि आर्थिक जीवनावर परिणाम झाला. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या १९६१ च्या जिल्हा जनगणना पुस्तिकेत जिल्ह्यातून मुंबईकडे मोठ्या प्रमाणावर स्थलांतर होत असल्याचा उल्लेख आहे. १९३० च्या आर्थिक मंदीच्या काळात मुंबईतील काही कापड गिरण्या बंद झाल्यामुळे काही कामगार रत्‍नागिरी जिल्ह्यात परतल्याची नोंदही आढळते. यावरून रत्‍नागिरीतील ग्रामीण रोजगार आणि लोकसंख्येचे स्वरूप मुंबईतील औद्योगिक रोजगाराच्या परिस्थितीशी संबंधित होते, असे दिसून येते.<ref name="DistrictCensusRatnagiri1961"/> कुंकेरी गावाच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या कालखंडांतील तुलनात्मक अभ्यासातूनही पाच दशकांहून अधिक काळ स्थलांतराची प्रक्रिया सुरू राहिल्याचे दिसते. या कालावधीत स्थलांतरितांची संख्या, रोजगाराचे प्रकार, स्थलांतराची कारणे, कुटुंबातील सदस्यांच्या स्थलांतराचे स्वरूप आणि शिक्षणाशी संबंधित स्थलांतर यांमध्ये बदल झाल्याचे अभ्यासकांनी नोंदविले आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> स्थलांतराचा परिणाम केवळ गावातील लोकसंख्येतील घट किंवा वाढ यापुरता मर्यादित राहिला नाही. कुटुंबांच्या उत्पन्नाच्या स्रोतांमध्ये बदल, शेतीसाठी उपलब्ध मनुष्यबळ, घरांची देखभाल, शिक्षणाच्या संधी, स्थानिक बाजारपेठांशी असलेले संबंध आणि गावातील सामाजिक जीवन यांवरही त्याचा परिणाम होऊ शकतो. कुंकेरीच्या अभ्यासात स्थलांतरित कुटुंबांच्या बदलत्या आर्थिक धोरणांचा, व्यवसायातील विविधतेचा आणि मूळ गावाशी कायम राहिलेल्या संबंधांचा विचार करण्यात आला आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> === रत्‍नागिरीचे मुंबईशी लोकसंख्याशास्त्रीय नाते === मुंबईच्या लोकसंख्येच्या वाढीत रत्‍नागिरी जिल्ह्यातून झालेल्या स्थलांतराचे महत्त्व ऐतिहासिक जनगणना नोंदींमधून दिसून येते. १९३१ च्या मुंबई शहराच्या जनगणना अहवालात मुंबईत राहणाऱ्या व्यक्तींच्या जन्मस्थळानुसार रत्‍नागिरी जिल्ह्याचा उल्लेख मोठ्या संख्येने आढळतो. या नोंदीत रत्‍नागिरी हा मुंबईच्या लोकसंख्येला मनुष्यबळ पुरविणाऱ्या महत्त्वाच्या जिल्ह्यांपैकी एक असल्याचे दिसून येते.<ref name="CensusBombayCity1931">{{cite report |title=Census of India, 1931 — Bombay City |publisher=Government of India |year=1931 |url=https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/28362/download/31544/138796-1931.pdf }}</ref> मुंबई आणि रत्‍नागिरी यांच्यातील स्थलांतरसंबंध पुढील दशकांतही कायम राहिले. मुंबई मानव विकास अहवालात १९६१ ते २००१ या कालखंडातील बृहन्मुंबईतील जिल्हानिहाय आंतर-जिल्हा स्थलांतराची आकडेवारी देण्यात आली आहे. त्यानुसार रत्‍नागिरी हा महाराष्ट्रातील मुंबईकडे स्थलांतर करणाऱ्या लोकसंख्येच्या प्रमुख मूळ जिल्ह्यांपैकी एक होता. अहवालातील आकडेवारीनुसार रत्‍नागिरीतून बृहन्मुंबईत आलेल्या स्थलांतरितांची संख्या १९६१मध्ये ४,९४,४०४ होती आणि २००१मध्ये ती ६,१२,६८८ इतकी नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="MumbaiHDR2009">{{cite report |title=Mumbai Human Development Report 2009 |publisher=Government of Maharashtra |year=2009 |url=https://www.mohua.gov.in/upload/uploadfiles/files/6Mumbai%20HDR%20Complete.pdf }}</ref> या स्थलांतरामागे रोजगाराच्या संधी, मुंबईतील औद्योगिकीकरण, कापड गिरण्या, बांधकाम, सेवा क्षेत्र आणि पुढील काळातील शिक्षण व व्यावसायिक संधी यांसारखे विविध घटक कार्यरत होते. त्यामुळे रत्‍नागिरी आणि मुंबई यांच्यातील संबंध केवळ स्थलांतरित मजुरांच्या हालचालीपुरते मर्यादित न राहता दीर्घकालीन सामाजिक आणि आर्थिक संबंधांमध्ये विकसित झाले. तथापि रत्‍नागिरीतून मुंबईत स्थलांतरित झालेल्या सर्व व्यक्तींना कुणबी समाजाशी जोडणे योग्य नाही. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील स्थलांतरामध्ये विविध जातीय, धार्मिक आणि सामाजिक समूहांचा सहभाग होता. त्यामुळे रत्‍नागिरीकर ही भौगोलिक ओळख आणि कुणबी ही सामाजिक ओळख यांची सरसकट समानता करणे ऐतिहासिकदृष्ट्या अचूक ठरणार नाही. === स्थलांतराचे बदलते स्वरूप === कोकणातील स्थलांतराच्या इतिहासात कालानुसार त्याच्या स्वरूपात बदल झाले. सुरुवातीच्या काळात शेतीशी संबंधित हंगामी रोजगार आणि मुंबईतील मजुरी यांच्यात संबंध दिसून येतो. पुढे मुंबईतील औद्योगिकीकरणामुळे कापड गिरण्या, बांधकाम, बंदरे, वाहतूक आणि इतर शहरी व्यवसायांमध्ये रोजगाराच्या संधी वाढल्या. त्यानंतर शिक्षण, सरकारी सेवा, व्यावसायिक क्षेत्र, व्यवसाय आणि परदेशातील रोजगार यांमुळे स्थलांतराचे स्वरूप अधिक विविध झाले.<ref name="RoyalCommissionLabour1931"/> कुंकेरी गावाच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या कालखंडांतील दीर्घकालीन अभ्यासातून स्थलांतराच्या स्वरूपातील हा बदल एका स्थानिक उदाहरणाच्या आधारे स्पष्ट होतो. १९६१मध्ये रोजगारासाठी मुंबईकडे होणारे स्थलांतर प्रमुख होते; पुढील दशकांत स्थलांतराची गंतव्ये, व्यवसायाचे प्रकार आणि स्थलांतराची कारणे अधिक विविध झाली. शिक्षणासाठी स्थलांतर, दैनंदिन प्रवास आणि कुटुंबातील विविध सदस्यांचे वेगवेगळ्या ठिकाणी वास्तव्य यांनाही पुढील काळात महत्त्व प्राप्त झाले.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> आधुनिक काळात रत्‍नागिरीच्या स्थलांतराच्या नकाशात मुंबईबरोबरच पुणे, महाराष्ट्रातील इतर शहरी केंद्रे आणि परदेशातील रोजगाराची ठिकाणे यांचाही समावेश झाला आहे. रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील ग्रामीण कुटुंबांच्या आंतरराष्ट्रीय स्थलांतराचा अभ्यास करणाऱ्या २०२३ च्या संशोधनात परदेशात जाणाऱ्या व्यक्ती आणि त्यांच्या कुटुंबांकडून मिळणाऱ्या आर्थिक पाठवणींचा ग्रामीण कुटुंबांच्या आर्थिक स्थितीशी असलेला संबंध तपासण्यात आला आहे. अभ्यासानुसार परदेशातून येणाऱ्या आर्थिक पाठवणींचा प्राप्त कुटुंबांच्या आर्थिक कल्याणाशी सकारात्मक संबंध आढळला.<ref name="ChintamaniKulkarni2023"/> === कुणबी समाजाच्या संदर्भातील निष्कर्ष === कोकणातील कुणबी समाजाच्या स्थलांतराचा इतिहास हा केवळ शेती सोडून शहरांकडे जाण्याचा इतिहास नव्हता. १८८३ च्या कोलाबा गॅझेटियरमधील महाड आणि माणगाव परिसराच्या नोंदींमध्ये कुणबींचे शेतीशी असलेले संबंध, हंगामी स्थलांतर, मजुरी तसेच लष्कर, पोलीस आणि इतर सेवांमधील सहभाग यांचा उल्लेख आढळतो.<ref name="KolabaJanjira1883"/> रत्‍नागिरीच्या बाबतीत मुंबईशी असलेले स्थलांतरसंबंध अधिक व्यापक लोकसंख्याशास्त्रीय पातळीवर दिसून येतात. १९३१ च्या मुंबई शहराच्या जनगणना अहवालात मुंबईतील रहिवाशांच्या जन्मस्थळांच्या वर्गीकरणात रत्‍नागिरी जिल्ह्याचा मोठ्या प्रमाणावर उल्लेख आढळतो. पुढील काळातही रत्‍नागिरी हा मुंबईकडे स्थलांतरित होणाऱ्या लोकसंख्येचा महत्त्वाचा मूळ जिल्हा राहिला.<ref name="CensusBombayCity1931"/><ref name="MumbaiHDR2009"/> म्हणून कोकणातील कुणबी समाजाचा आधुनिक इतिहास समजून घेताना गावातील जमीन आणि शेती, मुंबईतील रोजगार, हंगामी तसेच दीर्घकालीन स्थलांतर, शिक्षण, परदेशातील रोजगार, आर्थिक पाठवणी आणि मूळ गावाशी कायम राहिलेले कौटुंबिक संबंध या सर्व घटकांचा परस्परसंबंध लक्षात घेणे आवश्यक आहे. मात्र उपलब्ध जनगणना आणि स्थलांतरविषयक अभ्यास बहुधा जिल्हा, गाव किंवा व्यापक सामाजिक समूहाच्या पातळीवर करण्यात आलेले आहेत. त्यामुळे आधुनिक काळातील कुणबी समाजाच्या स्वतंत्र स्थलांतराचे अचूक जातीनिहाय प्रमाण किंवा टक्केवारी उपलब्ध अधिकृत आकडेवारीशिवाय निश्चित करता येत नाही.<ref name="घोलम2025" /> === मराठा–कुणबी संबंध === कोकणातील कुणबी समाजाचा इतिहास आणि मराठा समाजाचा इतिहास अनेक सामाजिक, आर्थिक आणि प्रादेशिक संदर्भांमध्ये परस्परांशी संबंधित दिसतो. तथापि मराठा आणि कुणबी या संज्ञांचा अर्थ सर्व काळात आणि सर्व प्रदेशांत एकसारखा राहिलेला नाही. ब्रिटिशकालीन जनगणना, गॅझेटियर आणि मानववंशशास्त्रीय लेखनात या समूहांचे वर्गीकरण स्थान, प्रशासकीय पद्धती, सामाजिक स्थान आणि स्थानिक ओळखीनुसार वेगवेगळ्या प्रकारे करण्यात आले आहे. रेजिनाल्ड एडवर्ड एन्थोव्हन यांच्या The Tribes and Castes of Bombay या ग्रंथात मराठा आणि कुणबी यांच्यातील सामाजिक संबंध, परस्परविवाह आणि सामाजिक स्तर यांचे विविध संदर्भ नोंदवले आहेत. त्यांच्या वर्णनानुसार या दोन समूहांमधील सामाजिक सीमारेषा सर्व प्रदेशांत समान किंवा पूर्णपणे कठोर नव्हत्या. त्यामुळे आधुनिक काळातील मराठा, कुणबी, मराठा-कुणबी किंवा कुणबी-मराठा या सामाजिक ओळखींचा अर्थ थेट प्राचीन किंवा मध्ययुगीन सामाजिक रचनेवर लावणे इतिहासदृष्ट्या सावधगिरीशिवाय योग्य ठरणार नाही. या संज्ञांचा अभ्यास करताना संबंधित काळातील प्रशासकीय नोंदी, जनगणना वर्गीकरण, स्थानिक सामाजिक व्यवहार आणि समुदायाच्या स्वयंओळखीचा स्वतंत्र विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="Enthoven1922" /> === मराठा–कुणबी ही संज्ञा === मराठा–कुणबी ही संयुक्त संज्ञा ब्रिटिशकालीन प्रशासकीय आणि जनगणना साहित्यात विविध संदर्भांत आढळते. या संज्ञेचा वापर काही ऐतिहासिक वर्गीकरणांमध्ये मराठा आणि कुणबी यांच्यातील सामाजिक व प्रशासकीय संबंध दर्शविण्यासाठी करण्यात आला होता. तथापि अशा वर्गीकरणांचा अर्थ त्या काळातील जनगणना पद्धती आणि प्रशासकीय दृष्टिकोनाच्या संदर्भातच समजून घेणे आवश्यक आहे. १८८१ च्या बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या जनगणना अहवालात विविध जातीय आणि सामाजिक समूहांचे स्वतंत्र वर्गीकरण करण्यात आले होते. त्या काळातील जनगणना वर्गीकरण हे आजच्या सामाजिक ओळखींच्या चौकटीशी तंतोतंत समान नव्हते. त्यामुळे त्या काळातील मराठा–कुणबी या वर्गीकरणावरून आधुनिक काळातील मराठा आणि कुणबी समाजांची एकसमान सामाजिक किंवा ऐतिहासिक ओळख सिद्ध होते असा निष्कर्ष काढता येत नाही. रेजिनाल्ड एन्थोव्हन यांच्या पुढील मानववंशशास्त्रीय लेखनातही मराठा आणि कुणबी यांच्यातील सामाजिक संबंधांची चर्चा आढळते. त्यातून या दोन समूहांमध्ये काही सामाजिक साम्य, परस्पर संबंध आणि प्रदेशानुसार बदलणाऱ्या सामाजिक सीमारेषा अस्तित्वात होत्या, असे दिसते; मात्र त्यावरून सर्व मराठा आणि सर्व कुणबी यांची एकच ऐतिहासिक उत्पत्ती होती असा निष्कर्ष काढता येत नाही.<ref name="Enthoven1922" /> अशा प्रकारे मराठा–कुणबी या संज्ञेचा ऐतिहासिक अभ्यास हा केवळ दोन सामाजिक समूहांच्या नावांचा अभ्यास नसून, ब्रिटिशकालीन जनगणना पद्धती, प्रशासकीय वर्गीकरण, कृषक समाजाची रचना आणि स्थानिक सामाजिक ओळखी यांच्यातील परस्परसंबंध समजून घेण्यासाठी महत्त्वाचा ठरतो. === १८८१ची जनगणना === १८८१ च्या बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या जनगणनेत विविध जातीय आणि सामाजिक समूहांचे प्रशासकीय वर्गीकरण करण्यात आले होते. या वर्गीकरणात मराठा आणि कुणबी या संज्ञांचा वापर कृषीप्रधान समाजाच्या संदर्भात करण्यात आला होता. मात्र १८८१ च्या जनगणनेतील वर्गीकरण हे आजच्या प्रशासकीय जातवर्गीकरणासारखे नव्हते. त्यामुळे त्या काळातील एखाद्या वर्गाची व्याप्ती आणि आधुनिक महाराष्ट्रातील त्याच नावाच्या प्रशासकीय वर्गाची व्याप्ती समान मानता येत नाही.<ref name="Baines1881"/> ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये जात, व्यवसाय, स्थानिक सामाजिक ओळख आणि प्रशासकीय वर्गीकरण यांचा परस्परसंबंध अनेकदा दिसून येतो. त्यामुळे १८८१ च्या आकडेवारीचा उपयोग करताना त्या काळातील जनगणना पद्धती आणि वर्गीकरणाच्या निकषांचा स्वतंत्र विचार करणे आवश्यक आहे. === १९०१ची जनगणना === १९०१ च्या बॉम्बे जनगणनेत मराठा कुणबी आणि कोकणी मराठा या स्वतंत्र सांख्यिक विभागांची नोंद करण्यात आली होती. मुंबई शहराच्या जनगणना अहवालानुसार मराठा कुणबी हा शहरातील सर्वाधिक संख्येच्या प्रमुख जातीय-सामाजिक समूहांपैकी एक होता आणि त्याचे प्रमाण मुंबईच्या एकूण लोकसंख्येच्या सुमारे १५ टक्के होते.<ref name="CensusBombay1901">{{cite book |author=India. Census Commissioner |title=Census of India, 1901: Bombay and Bombay (Town and Island) |volume=XI |publisher=Office of the Superintendent of Government Printing, India |year=1901 }}</ref> त्याच अहवालात काही विभागांच्या लोकसंख्येच्या संदर्भात कुणबी (मराठा) या नावाची स्वतंत्र नोंद आढळते. उदाहरणार्थ, डोंगरी, पहिला नागपाडा आणि कुंभारवाडा या विभागांमध्ये कुणबी (मराठा) समूहाचे प्रमाण अनुक्रमे सुमारे ४७ टक्के, ३४ टक्के आणि २८ टक्के असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. या नोंदींवरून १९०१ च्या जनगणनेत मराठा, कुणबी आणि मराठा कुणबी या संज्ञांचा वापर विविध प्रशासकीय आणि सांख्यिक संदर्भांत करण्यात आला होता, असे दिसते. त्यामुळे त्या काळातील सामाजिक वर्गीकरण हे मराठा आणि कुणबी यांच्यात पूर्णपणे कठोर व अपरिवर्तनीय सीमा होती, अशा साध्या स्वरूपात मांडता येत नाही. तथापि या जनगणना वर्गीकरणावरून दोन्ही समूहांची एकच सामाजिक किंवा ऐतिहासिक उत्पत्ती होती असाही निष्कर्ष काढता येत नाही. === १९११ची जनगणना आणि वर्गीकरणातील बदल === १९११ च्या बॉम्बे जनगणनेत जातीय वर्गीकरणाची पद्धत पुन्हा वेगळी दिसून येते. जनगणना अहवालात मराठा आणि कुणबी या स्वतंत्र नोंदी आढळतात. या वर्गीकरणात विविध प्रदेशांतील स्थानिक सामाजिक समूह आणि त्यांच्या उपविभागांची नोंद स्वतंत्रपणे करण्यात आली होती.<ref name="CensusBombay1911">{{cite report |title=Census of India, 1911: Bombay |volume=VII |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1912 }}</ref> १९११ च्या जनगणनेतील उपलब्ध आकडेवारीत कुणबी आणि मराठा या दोन्ही समूहांची स्वतंत्र संख्या नोंदविलेली आहे. त्यामुळे १९०१ आणि १९११ च्या जनगणनांमध्ये वापरलेल्या वर्गीकरणांमध्ये फरक असल्याचे दिसते. या उदाहरणावरून ब्रिटिशकालीन जनगणनांमधील जातीय वर्गीकरण पूर्णपणे स्थिर नव्हते, असे दिसते. एका जनगणनेत विशिष्ट नावाखाली नोंदवलेला समूह पुढील जनगणनेत वेगळ्या शीर्षकाखाली किंवा वेगळ्या वर्गीकरणात दिसू शकत होता. त्यामुळे १८८१, १९०१ आणि १९११ च्या आकडेवारीची तुलना करताना प्रत्येक जनगणनेची स्वतंत्र वर्गीकरणपद्धती, प्रशासकीय सीमा आणि नोंदणीची पद्धत लक्षात घेणे आवश्यक आहे. === सामाजिक गतिशीलता === एकोणिसाव्या आणि विसाव्या शतकाच्या प्रारंभी महाराष्ट्रातील मराठा आणि कुणबी समाजांच्या सामाजिक संबंधांमध्ये प्रदेश, जमीनधारणा, आर्थिक स्थिती आणि सामाजिक प्रतिष्ठेनुसार विविधता आढळत होती. रेजिनाल्ड एडवर्ड एन्थोव्हन यांच्या मानववंशशास्त्रीय लेखनात मराठा आणि कुणबी यांच्यातील सामाजिक संबंध, कृषी व्यवसाय आणि सामाजिक स्थान यांची चर्चा आढळते.<ref name="Enthoven1922" /> एन्थोव्हन यांच्या मांडणीत कुणबी ही संज्ञा कृषी व्यवसायाशी संबंधित असल्याचेही दिसते. पुढील अभ्यासांमध्ये त्यांच्या या मांडणीचा वापर वसाहतकालीन महाराष्ट्रातील जात आणि सामाजिक वर्गीकरणाच्या अभ्यासासाठी करण्यात आला आहे. मात्र एन्थोव्हन यांचे लेखन हे वसाहतकालीन मानववंशशास्त्रीय दृष्टिकोनातून तयार झालेले असल्यामुळे त्यातील वर्गीकरणे आधुनिक सामाजिक वास्तवाचे अंतिम वर्णन मानता येत नाहीत. त्यामुळे मराठा किंवा कुणबी या नावावरून एखाद्या व्यक्तीचे सामाजिक स्थान, आर्थिक स्थिती किंवा सामाजिक प्रतिष्ठा संपूर्णपणे निश्चित करता येत नव्हती. जमीनधारणा, व्यवसाय, शिक्षण, सरकारी सेवा आणि स्थानिक सामाजिक प्रभाव यांसारखे इतर घटकही सामाजिक स्थानावर परिणाम करीत होते. === स्व-ओळख आणि सामाजिक नाव === जातीय आणि सामाजिक ओळख ही केवळ प्रशासकीय वर्गीकरणातून निश्चित होत नाही. एखादा समूह स्वतःला कोणत्या नावाने ओळखतो, कोणत्या सामाजिक परंपरा पाळतो आणि स्थानिक समाजात त्याची ओळख कशी प्रस्थापित होते, यालाही सामाजिक इतिहासात महत्त्व आहे. ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये समान किंवा संबंधित सामाजिक समूहांचे वर्गीकरण वेगवेगळ्या काळात वेगवेगळ्या पद्धतीने करण्यात आले होते. १९०१ च्या जनगणनेत मराठा कुणबींची नोंद मराठा वर्गाशी संबंधित पद्धतीने करण्यात आली होती, तर १९११ च्या वर्गीकरणात संबंधित समूहांची नोंद कुणबी वर्गाशी करण्यात आल्याचे पुढील अधिकृत जनगणना अहवालात स्पष्ट करण्यात आले आहे.<ref name="CensusClassification1951">{{cite report |title=Census of India, 1951 — Classification of Castes and Tribes |publisher=Government of India |year=1951 |url=https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/30207/download/33388/21097_1951_EST.pdf }}</ref> ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये प्रशासकीय अधिकाऱ्यांनी विविध समूहांचे विशिष्ट शीर्षकांखाली वर्गीकरण केले होते. मात्र जनगणनेतील अशा वर्गीकरणाचा अर्थ त्या समूहातील प्रत्येक व्यक्तीने स्वतःची ओळख त्याच नावाने केली होती, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. १९०१ च्या मुंबई जनगणनेत मराठा कुणबी आणि कोकणी मराठा या स्वतंत्र विभागांची नोंद करण्यात आली होती; पुढील जनगणनांमध्ये संबंधित वर्गीकरणात बदल झाल्याचे दिसून येते.<ref name="CensusBombay1901"/><ref name="CensusBombay1911"/> मराठा आणि कुणबी यांच्यातील सामाजिक संबंधांच्या संदर्भात रेजिनाल्ड एडवर्ड एन्थोव्हन यांच्या मानववंशशास्त्रीय अभ्यासातही प्रादेशिक आणि सामाजिक विविधतेचे उल्लेख आढळतात. त्यामुळे मराठा, कुणबी, मराठा–कुणबी आणि कुणबी–मराठा या संज्ञांचा ऐतिहासिक अभ्यास करताना जनगणना वर्गीकरण, प्रशासकीय नोंद, स्थानिक सामाजिक वापर आणि स्वयंओळख यांच्यातील फरक लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="Enthoven1922" /> उपलब्ध ऐतिहासिक स्रोतांवरून संपूर्ण महाराष्ट्रातील सर्व व्यक्तींनी या संज्ञांचा एकाच अर्थाने आणि सर्व काळात समान पद्धतीने वापर केला होता, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. === विवाहसंबंध === मराठा आणि कुणबी समूहांमधील विवाहसंबंधांचा उल्लेख ब्रिटिशकालीन मानववंशशास्त्रीय साहित्यात आढळतो. रेजिनाल्ड एडवर्ड एन्थोव्हन यांच्या नोंदींमध्ये मराठा आणि कुणबी यांच्यातील सामाजिक संबंधांचे वर्णन करताना त्यांच्या सामाजिक सीमारेषा सर्व प्रदेशांत पूर्णपणे कठोर नसल्याचे दिसून येते. काही प्रदेशांत आणि विशिष्ट सामाजिक परिस्थितींमध्ये या समूहांमध्ये परस्पर सामाजिक संपर्क आणि विवाहसंबंध अस्तित्वात असल्याचे उल्लेख आढळतात.<ref name="Enthoven1922" /> मात्र या मानववंशशास्त्रीय नोंदी संपूर्ण महाराष्ट्रातील सर्व मराठा आणि कुणबी समूहांना समान प्रमाणात लागू होतात असे मानता येत नाही. विवाहपद्धती प्रदेश, उपसमूह, कुटुंब, सामाजिक स्थान आणि स्थानिक विवाहनियमांनुसार बदलत असू शकतात. त्यामुळे काही ऐतिहासिक विवाहसंबंधांच्या आधारे मराठा आणि कुणबी हे सर्व प्रदेशांत एकच सामाजिक समूह होते, असा निष्कर्ष काढणे योग्य ठरणार नाही.<ref name="Enthoven1922" /> === सामाजिक प्रतिष्ठा आणि सामाजिक स्तर === ब्रिटिशकालीन मानववंशशास्त्रीय आणि प्रशासकीय लेखनात मराठा आणि कुणबी यांच्यातील सामाजिक प्रतिष्ठेच्या भेदांचा उल्लेख आढळतो. त्याच वेळी आर्थिक स्थिती, जमीनधारणा आणि सामाजिक प्रभाव यांमुळे काही कुणबी कुटुंबांना स्थानिक समाजात तुलनेने उच्च सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त होत असल्याचेही विविध नोंदींमधून दिसून येते.<ref name="Enthoven1922" /> १९११–१२ च्या बॉम्बे प्रशासनाच्या अहवालात मराठा आणि कुणबी यांच्यातील सामाजिक सीमारेषा सर्व परिस्थितींमध्ये अपरिवर्तनीय नसल्याचे निरीक्षण आढळते. आर्थिकदृष्ट्या सक्षम कुणबी व्यक्तींना सामाजिक प्रतिष्ठेच्या उच्च स्थानाकडे जाण्याची संधी किंवा प्रवृत्ती असल्याचा उल्लेख त्या काळातील प्रशासकीय निरीक्षणात करण्यात आला आहे.<ref name="BombayAdministration1911-12">{{cite web |title=Report on the Administration of the Bombay Presidency for the Year 1911–1912 |publisher=Government of Bombay |year=1912 |url=https://www.qdl.qa/en/archive/81055/vdc_100146764805.0x000068 }}</ref> या प्रकारच्या नोंदींचा उपयोग तत्कालीन सामाजिक गतिशीलता, आर्थिक स्थिती आणि सामाजिक प्रतिष्ठा यांच्यातील संबंध समजून घेण्यासाठी करता येतो. तथापि ही निरीक्षणे ब्रिटिशकालीन प्रशासकीय आणि मानववंशशास्त्रीय दृष्टिकोनातून नोंदवलेली असल्यामुळे त्यांना आधुनिक सामाजिक वास्तवाचे अंतिम वर्णन मानता येत नाही. तसेच या नोंदींच्या आधारे आधुनिक काळातील मराठा किंवा कुणबी समाजाचे सामाजिक स्थान निश्चित करता येत नाही. === ब्रिटिशकालीन वर्गीकरण आणि आधुनिक ओळख === ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये कुणबी, मराठा, मराठा कुणबी आणि कोकणी मराठा यांसारख्या संज्ञांचा वापर वेगवेगळ्या काळात आणि विविध प्रशासकीय संदर्भांत करण्यात आला. १९०१ च्या मुंबई शहराच्या जनगणनेत मराठा कुणबी आणि कोकणी मराठा यांची स्वतंत्र विभागांमध्ये नोंद करण्यात आली होती, तर १९११ च्या जनगणनेत कुणबी मराठा ही संज्ञा कुणबी या वर्गाच्या अंतर्गत दाखविण्यात आली होती.<ref name="CensusBombay1901"/><ref name="CensusBombay1911"/> या वर्गीकरणातील बदलांमुळे जुन्या जनगणनांमधील आकडे आधुनिक प्रशासकीय जातीय वर्गांशी थेट जोडताना विशेष सावधगिरी आवश्यक आहे. प्रशासकीय सीमा, जनगणनेची पद्धत, जातीय शीर्षके आणि स्थानिक सामाजिक ओळखी काळानुसार बदलत गेल्या असल्यामुळे १९व्या किंवा २०व्या शतकाच्या प्रारंभीची मराठा कुणबी किंवा कुणबी मराठा यांची संख्या आजच्या कुणबी किंवा मराठा लोकसंख्येचे थेट मोजमाप मानता येत नाही.<ref name="CensusClassification1951" /> === आधुनिक प्रशासकीय संदर्भ === आधुनिक महाराष्ट्रातील कुणबी, मराठा कुणबी आणि कुणबी मराठा या संज्ञांचा वापर जात प्रमाणपत्रे, मागासवर्गीय वर्गीकरण आणि शासकीय नोंदी यांच्या संदर्भात केला जातो. या आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरणाचा अभ्यास करताना ऐतिहासिक जनगणना, गॅझेटियर आणि मानववंशशास्त्रीय साहित्य यांना त्यांच्या संबंधित कालखंडातील स्रोत म्हणून पाहणे आवश्यक आहे. त्यांची आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरणाशी थेट समानता गृहीत धरता येत नाही. आधुनिक प्रशासकीय वादांमध्ये जुन्या जनगणना नोंदी, गॅझेटियर आणि मानववंशशास्त्रीय साहित्याचा संदर्भ दिला जातो. महाराष्ट्रातील मराठा आणि कुणबी वर्गीकरणासंबंधीच्या विविध प्रशासकीय व न्यायालयीन चर्चांमध्ये रेजिनाल्ड एडवर्ड एन्थोव्हन यांच्या द ट्राइब्स अँड कास्ट्स ऑफ बॉम्बे या ग्रंथातील निरीक्षणांचाही संदर्भ आढळतो.<ref name="Enthoven1922" /> तथापि ऐतिहासिक मानववंशशास्त्रीय निरीक्षणे आणि आधुनिक प्रशासकीय जात-वर्गीकरण हे दोन स्वतंत्र विषय आहेत. आधुनिक काळातील जात प्रमाणपत्र किंवा प्रशासकीय वर्गीकरण निश्चित करताना त्या वेळी लागू असलेले कायदे, शासन निर्णय, अधिकृत मागासवर्गीय याद्या, सक्षम प्राधिकरणाच्या नोंदी आणि संबंधित न्यायालयीन निर्णय यांनाच प्रशासकीयदृष्ट्या निर्णायक आधार मानणे आवश्यक आहे. === ऐतिहासिक निष्कर्ष आणि मर्यादा === उपलब्ध जनगणना आणि मानववंशशास्त्रीय स्रोतांवरून असे दिसून येते की मराठा आणि कुणबी या संज्ञांमध्ये महाराष्ट्राच्या विविध भागांत ऐतिहासिक सामाजिक संबंध होते आणि काही काळ मराठा-कुणबी किंवा कुणबी-मराठा यांसारख्या संयुक्त संज्ञांचा प्रशासकीय आणि जनगणनात्मक वापर करण्यात आला. त्याच वेळी काही जनगणनांमध्ये मराठा आणि कुणबी यांची स्वतंत्र शीर्षकांखाली नोंद करण्यात आली होती.<ref name="CensusBombay1901"/><ref name="CensusBombay1911"/> या ऐतिहासिक नोंदींमधून सामाजिक संपर्क, विवाहसंबंध, आर्थिक स्थिती आणि सामाजिक गतिशीलतेचे काही पैलू स्पष्ट होतात; परंतु त्यावरून मराठा आणि कुणबी यांची एकच व अखंडित प्राचीन वंशावळ सिद्ध होत नाही. त्याचप्रमाणे या दोन्ही समूहांमध्ये कोणताही ऐतिहासिक सामाजिक संबंध नव्हता, असेही उपलब्ध स्रोतांच्या आधारे सर्वसाधारणपणे म्हणता येत नाही.<ref name="Enthoven1922" /> म्हणून कोकणातील कुणबी समाजाच्या इतिहासात मराठा-कुणबी संबंधांचा अभ्यास करताना तीन स्तर स्वतंत्र ठेवणे आवश्यक आहे: (१) ऐतिहासिक सामाजिक संबंध, (२) ब्रिटिशकालीन जनगणना आणि मानववंशशास्त्रीय वर्गीकरण, आणि (३) आधुनिक प्रशासकीय व कायदेशीर वर्गीकरण. या तीन स्तरांची सरमिसळ न करता त्यांचा स्वतंत्रपणे अभ्यास केल्यास या विषयाचे अधिक अचूक ऐतिहासिक चित्र समोर येते. === धर्म, श्रद्धा आणि लोकसंस्कृती === कोकणातील कुणबी समाजाच्या धार्मिक आणि सांस्कृतिक जीवनाचा अभ्यास करताना ग्रामजीवन, कुटुंब, देवक, ग्रामदेवता, स्थानिक देवता, विवाहविधी आणि कृषीचक्र यांचा परस्परसंबंध लक्षात घेणे आवश्यक आहे. ब्रिटिशकालीन गॅझेटियर आणि रेजिनाल्ड एडवर्ड एन्थोव्हन यांच्या मानववंशशास्त्रीय नोंदींमध्ये कुणबी आणि संबंधित कृषक समूहांच्या धार्मिक श्रद्धा, देवक, विवाहविधी, देवतांची उपासना आणि सामाजिक प्रथांचे विविध संदर्भ आढळतात.<ref name="Enthoven1922" /><ref name="RatnagiriSavantvadi1880" /> या नोंदींचा उपयोग करताना त्यातील वर्णने त्यांच्या काळातील प्रशासकीय आणि मानववंशशास्त्रीय निरीक्षणांवर आधारित आहेत, हे लक्षात घेणे आवश्यक आहे. त्यामुळे त्यातील प्रत्येक धार्मिक प्रथा संपूर्ण कोकणातील सर्व कुणबी कुटुंबांना किंवा आधुनिक काळातील संपूर्ण कुणबी समाजाला तंतोतंत लागू होते, असे मानता येत नाही. === ग्रामदेवता आणि स्थानिक देवता === कोकणातील ग्रामीण धार्मिक जीवनात ग्रामदेवता आणि स्थानिक देवतांना महत्त्वाचे स्थान होते. गावाची सामाजिक रचना आणि धार्मिक जीवन यांचा परस्पर संबंध असल्यामुळे ग्रामदेवतेचे उत्सव, पूजा आणि स्थानिक धार्मिक प्रथांमध्ये गावातील विविध सामाजिक समूहांचा सहभाग असे.<ref name="KolabaJanjira1883" /> बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या गॅझेटियरमधील ग्रामीण समाजाच्या वर्णनांमध्ये मारुती, खंडोबा, शिव आणि इतर देवतांच्या उपासनेचे उल्लेख विविध सामाजिक समूहांच्या संदर्भात आढळतात. त्यामुळे कोकणातील कुणबींच्या धार्मिक जीवनाचा अभ्यास करताना केवळ कुणबी समाजाशी संबंधित मानल्या जाणाऱ्या धार्मिक परंपरांचा विचार न करता व्यापक ग्रामीण आणि प्रादेशिक धार्मिक संस्कृतीचाही विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="KolabaJanjira1883" /> === कुलदैवत आणि कुटुंबीय श्रद्धा === कुणबी समाजाच्या धार्मिक जीवनात कुटुंब आणि वंशपरंपरेशी संबंधित देवतांना स्थान असल्याचे मानववंशशास्त्रीय साहित्यात आढळते. घरातील धार्मिक विधी, पूर्वजांचे स्मरण, कुटुंबीय देवता आणि स्थानिक धार्मिक प्रथा या ग्रामीण कुटुंबाच्या सामाजिक जीवनाशी जोडलेल्या होत्या.<ref name="Enthoven1922" /> तथापि कुलदैवत या संज्ञेअंतर्गत सर्व कुणबी कुटुंबांची एकच देवता होती, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. कुलदैवत, ग्रामदेवता आणि स्थानिक देवतांच्या परंपरा कुटुंब, गाव आणि प्रदेशानुसार बदलत असू शकतात. त्यामुळे या धार्मिक परंपरांचा अभ्यास करताना स्थानिक आणि कुटुंबीय पुराव्यांना विशेष महत्त्व देणे आवश्यक आहे. === देवक === देवक ही विवाहसंस्था आणि कुटुंबीय धार्मिक विधींशी संबंधित महत्त्वाची सामाजिक-धार्मिक संकल्पना होती. रेजिनाल्ड एडवर्ड एन्थोव्हन यांच्या मानववंशशास्त्रीय नोंदींमध्ये विविध कृषक आणि इतर हिंदू समूहांच्या विवाहविधींमध्ये देवकाला असलेले स्थान वर्णन केले आहे. विवाहापूर्वी देवकाची स्थापना करणे, त्याची पूजा करणे आणि विवाहसमारंभात त्याला धार्मिक महत्त्व देणे अशा प्रथा विविध समुदायांच्या संदर्भात नोंदविल्या आहेत.<ref name="Enthoven1922" /> कुणबी समाजाच्या सामाजिक रचनेचा अभ्यास करताना देवकाचा संबंध केवळ धार्मिक विधींशी मर्यादित न ठेवता विवाहनियम आणि सामाजिक नातेसंबंधांच्या संदर्भातही पाहिला जातो. देवक आणि विवाहसंस्था यांच्यातील संबंधामुळे विशिष्ट कुटुंबीय किंवा सामाजिक गटांमध्ये विवाहासंबंधी काही नियम प्रचलित असल्याचे दिसते. तथापि या नियमांचे स्वरूप प्रदेश आणि सामाजिक उपगटांनुसार बदलत असल्यामुळे त्यांना संपूर्ण कोकणातील कुणबी समाजाचे सार्वत्रिक नियम मानता येत नाही.<ref name="Enthoven1922" /> === विवाहविधी आणि धार्मिक प्रथा === कुणबी समाजातील विवाह ही धार्मिक विधींबरोबरच सामाजिक नातेसंबंध दृढ करणारी संस्था होती, असे ब्रिटिशकालीन मानववंशशास्त्रीय नोंदींवरून दिसते. विवाहसमारंभात देवकाची स्थापना, धार्मिक पूजा, नातेवाईकांचा सहभाग, सामुदायिक भोजन आणि विविध पारंपरिक विधी यांचा समावेश असल्याचे वर्णन आढळते.<ref name="Enthoven1922" /> विवाहासंबंधीच्या प्रथा प्रदेश, सामाजिक उपगट आणि स्थानिक परंपरांनुसार बदलत असत. त्यामुळे एखाद्या मानववंशशास्त्रीय नोंदीत वर्णन केलेली विवाहपद्धती संपूर्ण कोकणातील कुणबी समाजाची एकमेव किंवा अपरिवर्तनीय पद्धत होती, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. उपलब्ध नोंदींचे विश्लेषण करताना त्यांचा काळ, भौगोलिक संदर्भ आणि संबंधित सामाजिक समूह लक्षात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="Enthoven1922" /> === सण आणि धार्मिक उत्सव === कोकणातील कुणबी समाजाचे धार्मिक जीवन व्यापक ग्रामीण मराठी आणि कोकणी सांस्कृतिक परंपरांशी संबंधित होते. स्थानिक देवतांच्या जत्रा, ग्रामदेवतांची पूजा, हिंदू धार्मिक सण आणि कुटुंबीय धार्मिक विधी हे ग्रामीण सामाजिक जीवनाचे घटक होते. बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या गॅझेटियरमध्ये विविध ग्रामीण समुदायांच्या धार्मिक आचारांमध्ये स्थानिक देवता, मंदिरे, जत्रा आणि विशिष्ट दिवसांच्या पूजेचे उल्लेख आढळतात.<ref name="KolabaJanjira1883" /> काही समुदायांच्या संदर्भात शनिवार, विशिष्ट तिथी किंवा स्थानिक देवतेच्या उत्सवाच्या दिवशी पूजा करण्याच्या प्रथा नोंदविल्या आहेत. या प्रकारच्या धार्मिक प्रथा कोकणातील व्यापक ग्रामीण धार्मिक संस्कृतीचा भाग होत्या; त्यामुळे त्यांना केवळ कुणबी समाजापुरते मर्यादित करणे योग्य ठरणार नाही.<ref name="KolabaJanjira1883" /> === कृषीचक्र आणि धार्मिक श्रद्धा === कुणबी समाजाची पारंपरिक अर्थव्यवस्था शेतीशी संबंधित असल्यामुळे कृषीचक्र आणि ग्रामीण धार्मिक जीवन यांच्यात परस्परसंबंध असण्याची शक्यता होती. पाऊस, पेरणी, रोपांची लागवड, पीकवाढ आणि कापणी या कृषी टप्प्यांशी स्थानिक श्रद्धा, ग्रामदेवता आणि धार्मिक प्रथा जोडल्या जात असत. कोकणातील ग्रामीण धार्मिक जीवनाच्या वर्णनांमध्ये कृषीसमाजाच्या जीवनाशी संबंधित स्थानिक देवता, धार्मिक उत्सव आणि प्रथांचे उल्लेख आढळतात.<ref name="KolabaJanjira1883" /> मात्र उपलब्ध ब्रिटिशकालीन गॅझेटियर आणि मानववंशशास्त्रीय स्रोतांमध्ये कुणबी समाजातील सर्व कृषीविधींची एकसंध आणि सविस्तर नोंद आढळत नाही. त्यामुळे एखादा विशिष्ट कृषीविधी संपूर्ण कुणबी समाजाची सार्वत्रिक परंपरा म्हणून मांडण्याऐवजी त्याचा अभ्यास संबंधित गाव, प्रदेश आणि स्थानिक ग्रामीण कृषी संस्कृतीच्या संदर्भात करणे अधिक योग्य ठरते. कोकणातील कृषीजीवन, ग्रामीण परंपरा आणि स्थानिक सांस्कृतिक व्यवहारांच्या संदर्भात अनंत नर्मदा सखाराम घोलम यांच्या ‘खडीकोळवण : सांस्कृतिक, ऐतिहासिक आणि ग्रामीण जीवन’ या ग्रंथातील स्थानिक संदर्भ पूरक स्रोत म्हणून उपयोगी ठरू शकतात.<ref name="घोलम2025" /> === पूर्वज, मृत्यू आणि धार्मिक विधी === कुटुंब आणि पूर्वजांशी संबंधित धार्मिक विधींचा उल्लेख ब्रिटिशकालीन मानववंशशास्त्रीय साहित्यामध्ये आढळतो. विवाह, मृत्यू आणि पुनर्विवाह यांसारख्या प्रसंगी धार्मिक विधी, सामाजिक मान्यता आणि कुटुंबीय संबंध यांच्यातील परस्परसंबंध विविध सामाजिक समूहांच्या संदर्भात नोंदविण्यात आले आहेत.<ref name="Enthoven1922" /> या नोंदींवरून ग्रामीण समाजात धार्मिक विधी आणि सामाजिक मान्यता यांचा परस्परसंबंध होता असे दिसते. तथापि एन्थोव्हन यांच्या नोंदी विशिष्ट काळातील आणि विशिष्ट सामाजिक समूहांवरील मानववंशशास्त्रीय निरीक्षणांवर आधारित आहेत. त्यामुळे त्यांतील वर्णने आधुनिक काळातील संपूर्ण कुणबी समाजाच्या धार्मिक जीवनाला थेट लागू करता येत नाहीत. === लोककथा आणि लोकपरंपरा === कोकणातील लोकसंस्कृतीमध्ये देवता, स्थानिक वीरपुरुष, ग्रामपरंपरा, धार्मिक स्थळे, जत्रा, आख्यायिका आणि मौखिक परंपरांना महत्त्वाचे स्थान आहे. ब्रिटिशकालीन गॅझेटियरमध्ये कोकणातील ग्रामीण समाजाच्या धार्मिक जीवनाशी संबंधित स्थानिक देवता, धार्मिक स्थळे आणि उत्सवांचे उल्लेख आढळतात.<ref name="KolabaJanjira1883" /> तथापि उपलब्ध प्रमुख गॅझेटियर आणि एन्थोव्हन यांच्या मानववंशशास्त्रीय नोंदींमध्ये कुणबी समाजाच्या स्वतंत्र लोककथांचा किंवा स्वतंत्र कथासंग्रहाचा पुरेसा सुसंगत पुरावा उपलब्ध नसल्यामुळे विशिष्ट लोककथा कुणबी समाजाची सार्वत्रिक परंपरा म्हणून नोंदविणे योग्य ठरणार नाही. कोकणातील लोकपरंपरांचा अभ्यास व्यापक प्रादेशिक लोकसाहित्याच्या संदर्भात करणे अधिक योग्य ठरते. एखादी लोककथा, आख्यायिका, धार्मिक परंपरा किंवा मौखिक स्मृती विशिष्ट कुणबी गाव, कुटुंब किंवा स्थानिक समुदायाशी संबंधित असल्यास तिचा स्वतंत्र स्थानिक स्रोतांच्या आधारे अभ्यास करता येतो. अशा स्थानिक सांस्कृतिक आणि ग्रामीण परंपरांच्या संदर्भात ‘खडीकोळवण : सांस्कृतिक, ऐतिहासिक आणि ग्रामीण जीवन’ हा पूरक संदर्भ म्हणून वापरता येतो; मात्र एखाद्या विशिष्ट लोककथेचा पुरावा त्या ग्रंथात प्रत्यक्ष उपलब्ध असल्यासच संबंधित विधानासाठी त्याचा संदर्भ द्यावा.<ref name="घोलम2025"/> === लोकगीते आणि मौखिक परंपरा === कृषीप्रधान ग्रामीण समाजात श्रम, सण, विवाह, धार्मिक विधी आणि ऋतूचक्र यांच्याशी संबंधित मौखिक परंपरांना महत्त्वाचे स्थान होते. कोकणातील ग्रामीण लोकजीवनाच्या वर्णनांमध्ये धार्मिक उत्सव, स्थानिक देवता, जत्रा आणि सामाजिक-सांस्कृतिक प्रथांचा उल्लेख आढळतो. या व्यापक ग्रामीण सांस्कृतिक वातावरणातून विविध प्रकारच्या मौखिक परंपरा विकसित झाल्या असण्याची शक्यता आहे.<ref name="KolabaJanjira1883" /> मात्र एखादे विशिष्ट लोकगीत हे ‘कुणबी लोकगीत’ आहे, असा निष्कर्ष काढण्यासाठी त्या गीताचा कुणबी समाजाशी स्पष्ट संबंध दर्शविणारा विश्वसनीय स्रोत आवश्यक आहे. त्यामुळे केवळ कोकणात किंवा ग्रामीण समाजात प्रचलित असल्याच्या आधारावर सामान्य लोकगीतांना कुणबी समाजाची स्वतंत्र सांस्कृतिक निर्मिती म्हणून वर्गीकृत करणे योग्य ठरणार नाही. स्थानिक लोकगीते, म्हणी, आख्यायिका आणि मौखिक स्मृती यांचा अभ्यास करताना त्यांचे भौगोलिक क्षेत्र, संबंधित समुदाय, प्रसंग आणि मौखिक परंपरेतील वापर यांचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. अशा स्थानिक सांस्कृतिक परंपरांचे दस्तऐवजीकरण कोकणातील ग्रामीण सामाजिक इतिहासाच्या अभ्यासासाठी पूरक ठरू शकते. === कोकणी लोकसंस्कृतीशी संबंध === कोकणातील कुणबी समाजाची धार्मिक आणि सांस्कृतिक ओळख व्यापक कोकणी ग्रामीण संस्कृतीपासून पूर्णपणे वेगळी नव्हती. ग्रामदेवता, स्थानिक देवता, कृषीचक्र, जत्रा, कुटुंबीय धार्मिक प्रथा, विवाहविधी आणि स्थानिक सामाजिक संस्था यांसारख्या अनेक सांस्कृतिक बाबी कोकणातील विविध ग्रामीण समुदायांमध्ये आढळत असल्याचे गॅझेटियरमधील वर्णनांवरून दिसते.<ref name="KolabaJanjira1883" /> त्यामुळे कुणबी समाजाची लोकसंस्कृती ही पूर्णपणे बंदिस्त किंवा इतर ग्रामीण समुदायांपासून स्वतंत्र अशी सांस्कृतिक व्यवस्था होती, असे मानणे योग्य ठरणार नाही. तिचा विकास स्थानिक कृषीजीवन, ग्रामसंस्था, धार्मिक परंपरा आणि कोकणातील व्यापक सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरणाशी असलेल्या परस्परसंबंधातून झाला असण्याची शक्यता अधिक आहे. या संदर्भात स्थानिक ग्रामीण जीवन, सांस्कृतिक परंपरा आणि सामाजिक स्मृतींचे दस्तऐवजीकरण करणारे अनंत नर्मदा सखाराम घोलम यांचे ‘खडीकोळवण : सांस्कृतिक, ऐतिहासिक आणि ग्रामीण जीवन’ हे पुस्तक पूरक स्रोत म्हणून उपयोगी ठरू शकते. तथापि त्यातील विशिष्ट माहिती ज्या स्थानिक परंपरेशी संबंधित आहे, त्याच मर्यादित संदर्भात तिचा वापर करणे अधिक योग्य ठरेल.<ref name="घोलम2025" /> === धार्मिक जीवन आणि सामाजिक संघटना === धार्मिक प्रथा आणि सामाजिक संघटना यांचा परस्परसंबंध पारंपरिक ग्रामीण जीवनात महत्त्वाचा होता. विवाह, धार्मिक विधी, सामाजिक नियम आणि सामुदायिक व्यवहार यांमध्ये कुटुंब, नातेसंबंध आणि समुदायातील ज्येष्ठ व्यक्तींची भूमिका असल्याचे ब्रिटिशकालीन मानववंशशास्त्रीय नोंदींमध्ये आढळते.<ref name="Enthoven1922" /> एन्थोव्हन यांच्या नोंदींमध्ये विविध सामाजिक समूहांच्या संदर्भात जातपंचायत, सामाजिक नियम, विवाहसंस्था आणि धार्मिक प्रथांचा परस्परसंबंध वर्णन केला आहे. काही समूहांमध्ये सामाजिक नियमांचे उल्लंघन झाल्यास दंड, सामुदायिक भोजन किंवा इतर सामाजिक उपायांचा वापर केला जात असल्याचेही नमूद आहे.<ref name="Enthoven1922" /> या संस्था आधुनिक न्यायालये किंवा प्रशासकीय यंत्रणांप्रमाणे औपचारिक कायदेशीर संस्था नव्हत्या. त्या स्थानिक समुदायाच्या सामाजिक नियंत्रण, परस्पर संबंध आणि रूढींचे पालन यांसाठी कार्य करणाऱ्या पारंपरिक सामाजिक पद्धती होत्या. तथापि एन्थोव्हन यांच्या नोंदी विविध समुदायांवर आधारित असल्यामुळे त्यातील प्रत्येक प्रथा संपूर्ण कोकणातील किंवा सर्व कुणबी समूहांना समानपणे लागू होती, असा निष्कर्ष काढता येत नाही.<ref name="Enthoven1922" /> === धार्मिक आणि सांस्कृतिक विविधता === कोकणातील कुणबी समाजाला एकसंध धार्मिक पद्धती असलेला समूह मानणे योग्य ठरणार नाही. वेगवेगळ्या गावांतील ग्रामदेवता, कुटुंबीय धार्मिक परंपरा, देवक, स्थानिक देवतांची उपासना आणि प्रादेशिक धार्मिक प्रभाव यांमुळे धार्मिक आचारांमध्ये विविधता निर्माण झाली होती. ब्रिटिशकालीन मानववंशशास्त्रीय नोंदींमध्येही विविध सामाजिक समूहांच्या धार्मिक प्रथा, देवतांची उपासना आणि स्थानिक धार्मिक परंपरांमध्ये प्रादेशिक भिन्नता असल्याचे दिसते.<ref name="Enthoven1922" /> सावंतवाडी आणि दक्षिण कोकणातील धार्मिक लोकसंख्येच्या ऐतिहासिक नोंदींमध्ये विविध हिंदू धार्मिक परंपरा तसेच स्थानिक देवता आणि आत्म्यांशी संबंधित उपासनेचे प्रकार आढळतात. १८७२ च्या सावंतवाडीच्या नोंदींमध्ये मोठ्या प्रमाणावर लोक विशिष्ट पंथाशी संबंधित नसून स्थानिक देवता आणि आत्म्यांची पूजा करीत असल्याचे स्वतंत्र वर्गीकरण करण्यात आले होते.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880" /> ही नोंद कुणबी समाजाची स्वतंत्र धार्मिक आकडेवारी नाही; ती त्या काळातील सावंतवाडी संस्थानातील व्यापक धार्मिक लोकसंख्येचे वर्गीकरण आहे. त्यामुळे तिचा उपयोग कुणबी समाजाची स्वतंत्र धार्मिक स्थिती निश्चित करण्यासाठी न करता दक्षिण कोकणातील तत्कालीन व्यापक धार्मिक आणि सांस्कृतिक वातावरण समजून घेण्यासाठी करणे अधिक योग्य ठरते.<ref name="RatnagiriSavantvadi1880" /> === ऐतिहासिक स्रोतांच्या मर्यादा === कुणबी समाजाच्या धार्मिक आणि लोकसंस्कृतीविषयी उपलब्ध प्रमुख ऐतिहासिक स्रोतांमध्ये ब्रिटिशकालीन गॅझेटियर आणि मानववंशशास्त्रीय ग्रंथांचा मोठा वाटा आहे. हे स्रोत तत्कालीन प्रशासकीय अधिकारी आणि मानववंशशास्त्रज्ञ यांच्या निरीक्षणांवर आधारित असल्यामुळे त्यांतील वर्णने त्या काळातील प्रशासकीय वर्गीकरण, सामान्यीकरणे आणि निरीक्षकांच्या दृष्टिकोनाने प्रभावित असू शकतात.<ref name="Enthoven1922" /> त्यामुळे या स्रोतांमध्ये नोंदविलेली एखादी धार्मिक प्रथा संपूर्ण कुणबी समाजाची सार्वत्रिक परंपरा होती, असे गृहीत धरता येत नाही. विशेषतः ग्रामदेवता, कुलदैवत, देवक, लोककथा, लोकगीते आणि कृषीविधी यांचा अभ्यास करताना त्यांचा प्रदेश, गाव, कुटुंब आणि सामाजिक उपगट यांनुसार बदलणारा संदर्भ विचारात घेणे आवश्यक आहे.<ref name="Enthoven1922" /> === धार्मिक आणि लोकसांस्कृतिक वारशाचे ऐतिहासिक महत्त्व === उपलब्ध पुराव्यांवरून कोकणातील कुणबी समाजाच्या धार्मिक जीवनात ग्रामजीवन, कुटुंबीय परंपरा, देवक, स्थानिक देवता, विवाहविधी आणि कृषीप्रधान जीवन यांचे परस्परसंबंध दिसून येतात. या धार्मिक-सांस्कृतिक संस्था केवळ धार्मिक आचरणापुरत्या मर्यादित नव्हत्या; त्या कुटुंब, विवाह, ग्रामसमुदाय आणि सामाजिक संबंधांच्या संघटनेशीही संबंधित होत्या.<ref name="Enthoven1922" /> या पार्श्वभूमीवर कोकणातील कुणबी समाजाची लोकसंस्कृती समजून घेताना ‘कुणबींची स्वतंत्र संस्कृती’ आणि ‘कोकणातील व्यापक ग्रामीण संस्कृती’ यांना परस्परविरोधी मानण्याऐवजी त्यांच्यातील परस्परसंबंध, सांस्कृतिक देवाणघेवाण आणि प्रादेशिक विविधता यांचा अभ्यास करणे अधिक योग्य ठरते. स्थानिक सांस्कृतिक परंपरा, ग्रामीण जीवन आणि सामाजिक स्मृतींच्या अभ्यासासाठी अनंत नर्मदा सखाराम घोलम यांचे ‘खडीकोळवण : सांस्कृतिक, ऐतिहासिक आणि ग्रामीण जीवन’ हे पुस्तक पूरक संदर्भ म्हणून वापरता येऊ शकते; मात्र विशिष्ट धार्मिक प्रथा किंवा लोकपरंपरेचा दावा करताना त्या पुस्तकातील संबंधित प्रत्यक्ष मजकुराशी संदर्भ जुळविणे आवश्यक आहे.<ref name="घोलम2025" /> == लोकसंख्याशास्त्र == कोकणातील कुणबी समाजाच्या लोकसंख्येचा ऐतिहासिक अभ्यास करताना ब्रिटिशकालीन जनगणना, जिल्हानिहाय गॅझेटियर, ग्रामसर्वेक्षण आणि नंतरच्या जनगणना-अभिलेखांचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. या स्रोतांमध्ये कुणबी आणि संबंधित कृषक समूहांचे वर्गीकरण काळानुसार बदललेले दिसते. विशेषतः कुणबी, मराठा-कुणबी आणि कुणबी-मराठा यांसारख्या संज्ञांचा वापर वेगवेगळ्या जनगणनांमध्ये समान पद्धतीने झालेला नव्हता. त्यामुळे विविध जनगणनांतील आकडे थेट एकत्र करून आधुनिक काळातील कुणबी लोकसंख्येचा अंदाज काढणे पद्धतशीरदृष्ट्या योग्य ठरत नाही.<ref name="Baines1881" /><ref name="CensusBombay1901" /><ref name="CensusBombay1911" /> === १८८१ची जनगणना === १८८१ची जनगणना ही बॉम्बे प्रेसिडेन्सीतील कुणबी आणि संबंधित कृषक समूहांच्या लोकसंख्येचा अभ्यास करण्यासाठी महत्त्वाचा ऐतिहासिक स्रोत आहे. जनगणना अहवालात जे. ए. बेन्स यांनी ‘Maratha Kunbi’ हा व्यापक कृषक समूह मानला असून त्यात दख्खनातील कुणबी तसेच कोकणात ‘Maratha’ म्हणून नोंदविल्या जाणाऱ्या संबंधित समूहांचा समावेश केला होता. अहवालात या दोन समूहांमधील भेद अनेक ठिकाणी स्पष्ट नसून काही बाबतींत तो प्रशासकीय वर्गीकरणावर अवलंबून असल्याचेही नमूद केले आहे.<ref name="Baines1881" /> १८८१ च्या अहवालातील रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या आकडेवारीनुसार २,०५,७८४ कुणबी आणि सुमारे २,७१,००० मराठा अशी नोंद करण्यात आली होती. त्यामुळे त्या काळातील रत्‍नागिरी जिल्ह्यात कुणबी हा मोठ्या संख्येचा कृषक समूह होता, असे जनगणना-अभिलेखावरून दिसते.<ref name="Baines1881" /> या आकडेवारीचा अर्थ लावताना १८८१ च्या जनगणनेतील ‘Maratha Kunbi’ आणि ‘Kunbi’ या वर्गांची व्याप्ती आधुनिक महाराष्ट्रातील प्रशासकीय कुणबी वर्गाशी समान नव्हती, हे लक्षात घेणे आवश्यक आहे. त्यामुळे २,०५,७८४ हा आकडा आधुनिक रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील कुणबी लोकसंख्येशी थेट तुलनेसाठी वापरणे योग्य ठरणार नाही.<ref name="Baines1881" /> === १९०१ची जनगणना === १९०१ च्या जनगणनेत बॉम्बे प्रेसिडेन्सीतील जातीय वर्गीकरणाची पद्धत १८८१ च्या तुलनेत बदललेली दिसते. मुंबई शहराच्या जनगणना अहवालात ‘Kunbi (Maratha)’ ही संज्ञा वापरण्यात आली असून काही स्थानिक विभागांमध्ये या वर्गाचे प्रमाण लक्षणीय असल्याचे नमूद केले आहे. डोंगरी, पहिला नागपाडा आणि कुंभारवाडा या विभागांमध्ये ‘Kunbi (Maratha)’ लोकसंख्येचे प्रमाण अनुक्रमे ४७ टक्के, ३४ टक्के आणि २८ टक्के असल्याचे अहवालात नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="CensusBombay1901"/> १९०१ च्या जनगणनेतील मुंबईच्या स्थलांतरविषयक नोंदींमध्ये रत्‍नागिरी हा मुंबईला स्थलांतरित लोकसंख्या पुरविणाऱ्या प्रमुख जिल्ह्यांपैकी एक असल्याचे नमूद आहे. त्या वेळी मुंबईतील एकूण स्थलांतरित लोकसंख्येपैकी सुमारे १,४६,००० व्यक्ती रत्‍नागिरी जिल्ह्यात जन्मलेल्या होत्या; हे प्रमाण स्थलांतरित लोकसंख्येच्या सुमारे २४.५ टक्के होते. त्यामुळे विसाव्या शतकाच्या प्रारंभी रत्‍नागिरी आणि मुंबई यांच्यातील लोकसंख्याशास्त्रीय संबंध लक्षणीय होते.<ref name="CensusBombay1901Presidency">{{cite report |author=India. Census Commissioner |title=Census of India, 1901: Bombay Presidency |publisher=Government Central Press |year=1902 }}</ref> मात्र मुंबईत स्थलांतरित झालेल्या रत्‍नागिरीकरांना कुणबी म्हणून वर्गीकृत करता येत नाही. रत्‍नागिरीहून होणारे स्थलांतर विविध सामाजिक आणि धार्मिक समूहांचे होते. त्यामुळे जिल्हानिहाय स्थलांतराची आकडेवारी आणि कुणबी समाजाची जातीनिहाय लोकसंख्या यांची थेट समानता करणे ऐतिहासिकदृष्ट्या अचूक ठरणार नाही.<ref name="CensusBombay1901Presidency"/> === १९११ची जनगणना === १९११ च्या जनगणनेत कुणबी आणि मराठा या समूहांचे वर्गीकरण पुन्हा बदललेले दिसते. अधिकृत जनगणना अहवालानुसार १९०१मध्ये ‘Mahratha Kunbis’ ज्या पद्धतीने वर्गीकृत करण्यात आले होते, त्यांचे १९११मध्ये कुणबी या वर्गाशी संबंध जोडण्यात आले. १९११ च्या जनगणनेत कुणबी आणि कानबी यांच्या विविध उपगटांची नोंद करण्याचाही प्रयत्न करण्यात आला होता. त्यामुळे १९०१ आणि १९११ च्या आकडेवारीची तुलना करताना दोन्ही जनगणनांमधील वर्गीकरणपद्धतीतील फरक विचारात घेणे आवश्यक ठरते.<ref name="CensusBombay1911"/> १९११ च्या अधिकृत जनगणनेत ‘Kunbi Maratha’ हा कुणबी या शीर्षकाखाली दाखविण्यात आला, तर दख्खनी आणि कोकणी मराठा यांना मराठा या शीर्षकाखाली वर्गीकृत करण्यात आले. यावरून ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये समान किंवा संबंधित सामाजिक समूहांचे वर्गीकरण वेगवेगळ्या जनगणनांमध्ये बदलत असल्याचे दिसून येते.<ref name="CensusBombay1911"/> या वर्गीकरणातील बदलामुळे १९०१ आणि १९११ च्या जनगणना आकडेवारीची थेट तुलना करणे सावधगिरीने करणे आवश्यक आहे. एका जनगणनेत एखादा समूह ज्या शीर्षकाखाली नोंदविला गेला होता, त्याच समूहाला पुढील जनगणनेत वेगळ्या शीर्षकाखाली समाविष्ट केले जाऊ शकत होते. त्यामुळे ऐतिहासिक जातीय लोकसंख्येचे विश्लेषण करताना केवळ संख्यात्मक आकडे न पाहता संबंधित जनगणनेची वर्गीकरणपद्धतीही तपासणे आवश्यक आहे.<ref name="CensusBombay1911"/> === १९३१ची जनगणना === १९३१ची जनगणना ब्रिटिश भारतातील जातीय वर्गीकरणाच्या शेवटच्या व्यापक जनगणनांपैकी एक होती. बॉम्बे प्रांतातील या जनगणनेच्या विविध तक्त्यांमध्ये जात, उपजात आणि प्रादेशिक वर्गीकरण स्वतंत्र पद्धतीने हाताळण्यात आले होते. त्यामुळे या जनगणनेतील कुणबी, मराठा, मराठा-कुणबी किंवा संबंधित संज्ञांचा वापर करताना संबंधित तक्ता आणि त्यामागील वर्गीकरणपद्धती तपासणे आवश्यक आहे.<ref name="Census1931Bombay"/> १९३१नंतर भारताच्या नियमित जनगणनांमध्ये सर्व जातींची संपूर्ण लोकसंख्या पूर्वीच्या पद्धतीने सातत्याने प्रकाशित करण्यात आली नाही. त्यामुळे १९३१नंतरच्या कालखंडासाठी कुणबी समाजाची अखिल भारतीय किंवा कोकणातील सातत्यपूर्ण जातीनिहाय जनगणना-कालमालिका तयार करणे शक्य होत नाही. === १९६१ चे कुंकेरी ग्रामसर्वेक्षण === १९६१ च्या जनगणना कार्यक्रमांतर्गत महाराष्ट्रातील निवडक गावांचे स्वतंत्र ग्रामसर्वेक्षण करण्यात आले. त्याअंतर्गत सावंतवाडी तालुक्यातील कुंकेरी गावाचे स्वतंत्र ग्रामसर्वेक्षण मोनोग्राफ प्रसिद्ध करण्यात आले. हा ग्रंथ महाराष्ट्रातील निवडक ३५ गावांच्या ग्रामसर्वेक्षण मालिकेचा भाग होता आणि त्यामध्ये संबंधित गावाच्या सामाजिक, सांस्कृतिक आणि आर्थिक जीवनाचे सविस्तर दस्तऐवजीकरण करण्यात आले होते.<ref name="Kunkeri1966"/> कुंकेरी ग्रामसर्वेक्षणात कुटुंबरचना, व्यवसाय, जमीनधारणा, आर्थिक व्यवहार, सामाजिक जीवन आणि सांस्कृतिक जीवन यांसंबंधी माहिती संकलित करण्यात आली होती. त्यामुळे दक्षिण कोकणातील ग्रामीण समाजरचनेचा सूक्ष्म पातळीवर अभ्यास करण्यासाठी हे सर्वेक्षण महत्त्वाचे प्राथमिक स्रोत ठरते.<ref name="Kunkeri1966"/> कुंकेरीच्या पुढील दीर्घकालीन अभ्यासांमध्ये १९६१, १९८७ आणि २०१७ या तीन कालखंडांतील लोकसंख्या, सामाजिक रचना, जमीनधारणा, व्यवसाय आणि स्थलांतर यांची तुलना करण्यात आली आहे. या अभ्यासातून दीर्घकाळ चाललेल्या स्थलांतरामुळे गावाच्या सामाजिक आणि आर्थिक जीवनात बदल झाले असले तरी काही सामाजिक आणि जमीनधारणेशी संबंधित रचनांमध्ये सातत्यही राहिल्याचे दिसून येते.<ref name="VartakTumbeBhide2019"/> === २००१–२०११ : कोकणातील जिल्हानिहाय लोकसंख्या बदल === २००१ ते २०११ या कालावधीत कोकणातील जिल्ह्यांच्या एकूण लोकसंख्येत वेगवेगळ्या प्रकारचे बदल झाले. मात्र आधुनिक भारतीय जनगणनेमध्ये ‘कुणबी’ ही स्वतंत्र सर्वसमावेशक जातीय लोकसंख्या श्रेणी नियमितपणे प्रकाशित करण्यात आलेली नसल्यामुळे, जिल्ह्यांच्या एकूण लोकसंख्येतील वाढ किंवा घट यावरून कुणबी समाजाची स्वतंत्र लोकसंख्या किंवा तिचा वाढीचा दर निश्चित करता येत नाही.<ref name="PopulationFinder2011">{{cite web |title=Population Finder 2011 |publisher=Office of the Registrar General and Census Commissioner, India |url=https://censusindia.gov.in/census.website/en/data/population-finder }}</ref> २०११ च्या जनगणनेनुसार रत्‍नागिरी जिल्ह्याची लोकसंख्या १६,१५,०६९ होती. २००१मध्ये ही लोकसंख्या १६,९६,७७७ होती. त्यामुळे २००१ ते २०११ या दशकात रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या लोकसंख्येत ८१,७०८ व्यक्तींची घट झाली आणि दशकातील लोकसंख्या वाढीचा दर उणे ४.८ टक्के राहिला.<ref name="RatnagiriPopulation2001">{{cite report |title=District Census Handbook: Ratnagiri, Census of India 2001 |publisher=Directorate of Census Operations, Maharashtra |year=2006 }}</ref><ref name="RatnagiriPopulation2011">{{cite report |title=Census of India 2011 — Maharashtra — District Census Handbook, Ratnagiri |publisher=Directorate of Census Operations, Maharashtra |year=2014 }}</ref> सिंधुदुर्ग जिल्ह्याची २०११मधील लोकसंख्या ८,४९,६५१ होती. २००१मध्ये ती सुमारे ८,६८,८२५ होती. त्यामुळे २००१ ते २०११ या कालावधीत सिंधुदुर्ग जिल्ह्याच्या लोकसंख्येत १९,१७४ व्यक्तींची घट झाली आणि दशकातील लोकसंख्या वाढीचा दर उणे २.२ टक्के राहिला.<ref name="SindhudurgPopulation2011">{{cite report |title=Census of India 2011 — Maharashtra — District Census Handbook, Sindhudurg |publisher=Directorate of Census Operations, Maharashtra |year=2014 }}</ref><ref name="SindhudurgPopulation2001">{{cite report |title=Final population totals, Maharashtra, District Sindhudurg — 2001 |publisher=Office of the Registrar General & Census Commissioner, India |year=2001 }}</ref> २०११ च्या जनगणनेच्या वेळी पालघर हा स्वतंत्र जिल्हा नव्हता. पालघर जिल्ह्याची निर्मिती १ ऑगस्ट २०१४ रोजी तत्कालीन ठाणे जिल्ह्याचे विभाजन करून करण्यात आली. त्यामुळे २०११ च्या जनगणनेतील पालघरची लोकसंख्या स्वतंत्र जिल्हा म्हणून मोजलेली नव्हती. तथापि, सध्याच्या पालघर जिल्ह्याच्या भौगोलिक क्षेत्राशी संबंधित २०११ची पुनर्गणित लोकसंख्या २९,९०,११६ इतकी होती.<ref name="PalgharDistrict">{{cite web |title=About District |publisher=District Palghar, Government of Maharashtra |url=https://palghar.gov.in/en/about-district/ }}</ref> महाराष्ट्र शासनाच्या जिल्हानिहाय जनगणना आकडेवारीनुसार २०११ मध्ये पालघरची लोकसंख्या २९.९० लाख, रायगडची २६.३४ लाख, रत्‍नागिरीची १६.१५ लाख आणि सिंधुदुर्गची ८.५० लाख होती. या आकडेवारीचा वापर करताना संबंधित जिल्ह्यांच्या २००१ आणि २०११ च्या जनगणनेतील प्रशासकीय सीमांमधील बदलांचा विचार करणे आवश्यक आहे.<ref name="DistrictwisePopulationMaharashtra">{{cite web |title=Districtwise Total & Tribal Population as per 1991, 2001 & 2011 Census of Maharashtra State |publisher=Tribal Research and Training Institute, Government of Maharashtra |url=https://trti.maharashtra.gov.in/districtwiseTotalPopulation |access-date=2026-08-22 |archive-date=2026-05-11 |archive-url=https://web.archive.org/web/20260511115559/https://trti.maharashtra.gov.in/districtwiseTotalPopulation |url-status=dead }}</ref> === आधुनिक जनगणनेमध्ये कुणबी लोकसंख्येची स्थिती === स्वातंत्र्योत्तर भारताच्या नियमित जनगणनांमध्ये अनुसूचित जाती आणि अनुसूचित जमाती यांची स्वतंत्र लोकसंख्या आकडेवारी प्रसिद्ध करण्यात आली आहे; मात्र सर्व जातींची स्वतंत्र आणि सर्वसमावेशक जातीनिहाय लोकसंख्या नियमित जनगणनेत प्रकाशित करण्यात आलेली नाही. २०११ च्या जनगणनेच्या प्राथमिक लोकसंख्या सारांशामध्ये लोकसंख्या, लिंग, वयोगट, अनुसूचित जाती, अनुसूचित जमाती, कामाची स्थिती आणि इतर सामाजिक-आर्थिक निर्देशकांची माहिती उपलब्ध आहे; ‘कुणबी’ या स्वतंत्र सर्वसमावेशक जातीय वर्गाची जिल्हानिहाय लोकसंख्या त्यामध्ये दिलेली नाही.<ref name="PopulationFinder2011" /> त्यामुळे २०११ च्या जनगणनेच्या आधारे रत्‍नागिरी, सिंधुदुर्ग, रायगड, पालघर किंवा ठाणे या जिल्ह्यांसाठी ‘कुणबी लोकसंख्या अमुक टक्के’ असा अधिकृत जनगणना आकडा निश्चित करता येत नाही. जिल्ह्याची एकूण लोकसंख्या आणि त्या जिल्ह्यातील कुणबी समाजाची जातीनिहाय लोकसंख्या या दोन वेगळ्या सांख्यिक संकल्पना आहेत. २०११ च्या जनगणनेत पालघरच्या सध्याच्या भौगोलिक क्षेत्राची एकूण लोकसंख्या २९,९०,११६ इतकी होती; त्यापैकी अनुसूचित जमातींची लोकसंख्या ११,१८,००८ होती. ही आकडेवारी जिल्ह्याची एकूण लोकसंख्या किंवा अनुसूचित जमातींची लोकसंख्या दर्शवते; तिच्यावरून कुणबी समाजाची लोकसंख्या निश्चित करता येत नाही.<ref name="PalgharDistrict" /> काही सामाजिक संस्था, राजकीय व्यक्ती, संशोधक किंवा माध्यमांनी कुणबी समाजाच्या लोकसंख्येबाबत विविध अंदाज व्यक्त केलेले असू शकतात. मात्र अशा अंदाजांना अधिकृत जनगणना आकडेवारीपासून स्वतंत्र ठेवणे आवश्यक आहे. विश्वसनीय अधिकृत जातीनिहाय जनगणना उपलब्ध नसताना अशा अंदाजांना कुणबी समाजाची अधिकृत लोकसंख्या म्हणून मांडणे योग्य ठरणार नाही. त्यामुळे कोकणातील कुणबी समाजाच्या लोकसंख्येचा ऐतिहासिक अभ्यास करताना ब्रिटिशकालीन जनगणना, जिल्हानिहाय गॅझेटियर, ग्रामसर्वेक्षणे आणि उपलब्ध आधुनिक जनगणना आकडे यांचा स्वतंत्र संदर्भात उपयोग करणे आवश्यक आहे. वेगवेगळ्या कालखंडांतील वर्गीकरणपद्धती आणि प्रशासकीय सीमा भिन्न असल्यामुळे त्यांची थेट तुलना करून आधुनिक कुणबी लोकसंख्येचा निश्चित अंदाज काढणे पद्धतशीरदृष्ट्या योग्य ठरणार नाही. === २०२७ ची जातीनिहाय जनगणना === भारत सरकारने २०२७ची जनगणना घेण्याचा निर्णय अधिकृतपणे जाहीर केला असून, ३० एप्रिल २०२५ रोजी झालेल्या मंत्रिमंडळाच्या राजकीय व्यवहार समितीच्या बैठकीत आगामी जनगणनेत जातीनिहाय गणना समाविष्ट करण्याचा निर्णय घेण्यात आला. यामुळे स्वातंत्र्यानंतर प्रथमच अनुसूचित जाती आणि अनुसूचित जमातींपलीकडे सर्व सामाजिक समूहांची जातीनिहाय गणना जनगणनेच्या मुख्य प्रक्रियेचा भाग होणार आहे.<ref name="CasteEnumeration2025">{{cite web |title=Cabinet approves Caste enumeration in the upcoming Census |publisher=Press Information Bureau, Government of India |date=30 April 2025 |url=https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=2125526 }}</ref> २०२७ च्या जनगणनेची संदर्भ तारीख सामान्य क्षेत्रांसाठी १ मार्च २०२७ निश्चित करण्यात आली आहे. लडाख तसेच जम्मू आणि काश्मीर, हिमाचल प्रदेश आणि उत्तराखंडमधील असिंक्रोनस हिमाच्छादित क्षेत्रांसाठी संदर्भ तारीख १ ऑक्टोबर २०२६ निश्चित करण्यात आली आहे. या संदर्भ तारखांबाबतची अधिसूचना १६ जून २०२५ रोजी प्रसिद्ध करण्यात आली.<ref name="Census2027ReferenceDate">{{cite web |title=Population Census-2027 to be conducted in two phases along with enumeration of castes |publisher=Press Information Bureau, Government of India |date=4 June 2025 |url=https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2133845 }}</ref> २०२७ची जनगणना दोन टप्प्यांत घेण्यात येणार आहे. पहिल्या टप्प्यात घरांची यादी आणि गृहनिर्माणविषयक माहिती संकलित केली जाईल, तर दुसऱ्या टप्प्यात व्यक्तिनिहाय लोकसंख्या गणना केली जाईल. जातीनिहाय माहिती दुसऱ्या टप्प्यात संकलित केली जाणार आहे.<ref name="Census2027TwoPhases">{{cite web |title=Population Census-2027 to be conducted in two phases along with enumeration of castes |publisher=Press Information Bureau, Government of India |date=4 June 2025 |url=https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2133845 }}</ref> २०२७ च्या जनगणनेत जातीनिहाय माहिती संकलित करण्याचा निर्णय झाल्यामुळे भविष्यात कुणबी, मराठा-कुणबी, कुणबी-मराठा आणि इतर सामाजिक समूहांच्या लोकसंख्येबाबत अधिक व्यापक अधिकृत आकडेवारी उपलब्ध होण्याची शक्यता आहे. तथापि जनगणना पूर्ण होऊन तिचे अधिकृत निकाल प्रकाशित होईपर्यंत २०२७ची जातीनिहाय लोकसंख्या उपलब्ध आहे असे मानता येणार नाही. केंद्र सरकारने २०२६मध्येही स्पष्ट केले आहे की जातीनिहाय प्रश्नांसह दुसऱ्या टप्प्याची प्रश्नावली स्वतंत्रपणे अंतिम करून अधिसूचित केली जाणार आहे.<ref name="CasteBasedCensus2026">{{cite web |title=Caste Based Census |publisher=Press Information Bureau, Government of India |date=4 February 2026 |url=https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2223099 }}</ref> === लोकसंख्याशास्त्रीय आकडेवारीची तुलना करताना आवश्यक सावधगिरी === कोकणातील कुणबी समाजाच्या लोकसंख्येची दीर्घकालीन तुलना करताना ऐतिहासिक जनगणनांमधील वर्गीकरणपद्धतीचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. ‘कुणबी’, ‘कणबी’, ‘मराठा-कुणबी’, ‘कुणबी-मराठा’, ‘कुळवाडी’ आणि त्यासारख्या संज्ञांची व्याप्ती वेगवेगळ्या काळात आणि वेगवेगळ्या प्रशासकीय प्रदेशांत बदलत गेली. त्यामुळे विविध जनगणनांतील समान किंवा समानार्थी वाटणाऱ्या संज्ञांना आजच्या प्रशासकीय जातवर्गांशी थेट समान मानता येत नाही.<ref name="Baines1881" /><ref name="CensusBombay1901Presidency" /> दुसरी महत्त्वाची बाब म्हणजे ब्रिटिशकालीन प्रशासकीय जिल्ह्यांच्या सीमा आजच्या जिल्ह्यांच्या सीमांपेक्षा वेगळ्या होत्या. रत्‍नागिरी, कोलाबा, सावंतवाडी आणि इतर ऐतिहासिक जिल्ह्यांच्या सीमा काळानुसार बदलल्या आहेत. त्यामुळे एखाद्या जुन्या जिल्ह्याची लोकसंख्या आजच्या त्याच नावाच्या जिल्ह्याशी थेट तुलना करताना प्रशासकीय पुनर्रचनेचा विचार करणे आवश्यक आहे. तिसरी बाब म्हणजे जनगणना अधिकाऱ्यांनी केलेले प्रशासकीय वर्गीकरण आणि संबंधित व्यक्ती किंवा समूहांची स्थानिक सामाजिक ओळख यांच्यात फरक असण्याची शक्यता होती. त्यामुळे जनगणनेतील एखाद्या शीर्षकाखाली नोंद झालेली संपूर्ण लोकसंख्या आधुनिक काळातील त्याच नावाच्या सामाजिक समूहाशी तंतोतंत संबंधित होती असे गृहीत धरता येत नाही. चौथी बाब म्हणजे १९३१नंतर सर्व जातींची सातत्यपूर्ण आणि तुलनात्मक जातीनिहाय लोकसंख्या नियमित जनगणनेत प्रकाशित झालेली नाही. त्यामुळे १९व्या शतकाच्या उत्तरार्धापासून आजपर्यंत कुणबी समाजाची अखंड आणि तुलनायोग्य जातीनिहाय लोकसंख्या-मालिका तयार करणे शक्य होत नाही. १९५१ च्या अधिकृत जातीनिहाय अंदाजपत्रकातही पूर्वीच्या जनगणनांमध्ये ‘महरत्ता-कुणबी’ आणि ‘कुणबी’ यांचे वर्गीकरण वेगवेगळ्या प्रकारे झाले असल्याचे दिसते.<ref name="CensusClassification1951" /> या कारणांमुळे १८८१मधील कुणबी किंवा मराठा-कुणबी संख्या, १९०१मधील मराठा-कुणबी संख्या, १९११मधील कुणबी किंवा कुणबी-मराठा वर्गीकरण आणि आधुनिक प्रशासकीय कुणबी वर्ग यांना एका सलग आणि तुलनायोग्य सांख्यिक मालिकेप्रमाणे मांडणे योग्य ठरणार नाही. === लोकसंख्याशास्त्रीय निष्कर्ष === उपलब्ध ऐतिहासिक जनगणना नोंदींवरून रत्‍नागिरीसह कोकणातील काही भागांमध्ये कुणबी हा १९व्या शतकातील महत्त्वाच्या कृषक समूहांपैकी एक होता असे दिसून येते. १८८१ च्या बॉम्बे प्रेसिडेन्सीच्या जनगणना अहवालात रत्‍नागिरी जिल्ह्यासाठी २,०५,७८४ कुणबींची नोंद करण्यात आली होती. मात्र त्या काळातील ‘कुणबी’ या वर्गीकरणाची व्याप्ती आणि आजच्या प्रशासकीय कुणबी वर्गाची व्याप्ती समान नसल्यामुळे हा आकडा आधुनिक लोकसंख्येशी थेट तुलना करण्यासाठी वापरता येत नाही.<ref name="Baines1881" /> १९०१ आणि १९११ च्या जनगणनांमध्ये मराठा आणि कुणबी यांच्याशी संबंधित वर्गीकरणात झालेले बदल हे ऐतिहासिक लोकसंख्याशास्त्राचा अभ्यास करताना केवळ संख्यात्मक आकडे पाहणे पुरेसे नसल्याचे दर्शवतात. प्रत्येक जनगणनेतील जातीय शीर्षके, उपविभाग आणि वर्गीकरणाची पद्धत स्वतंत्रपणे तपासणे आवश्यक आहे.<ref name="CensusBombay1901Presidency" /><ref name="CensusBombay1911" /> १९५१ च्या अधिकृत ‘जातीनिहाय लोकसंख्येचे अंदाज’ या अहवालातही ‘महरत्ता-कुणबी’, ‘कुणबी-कुळवाडी किंवा कणबी’, ‘तिरोळे कुणबी’ आणि इतर संबंधित गट स्वतंत्रपणे दाखविण्यात आले आहेत. यावरून ऐतिहासिक सरकारी आकडेवारीतही कुणबीशी संबंधित विविध सामाजिक नावांचे स्वतंत्र वर्गीकरण केले जात असल्याचे दिसते.<ref name="CensusClassification1951" /> त्यामुळे सध्याच्या काळात कोकणातील कुणबी समाजाची स्वतंत्र अधिकृत जिल्हानिहाय टक्केवारी उपलब्ध आहे असा निष्कर्ष काढता येत नाही. रत्‍नागिरी, सिंधुदुर्ग, रायगड, ठाणे किंवा पालघर या जिल्ह्यांसाठी आधुनिक कुणबी लोकसंख्येची निश्चित टक्केवारी सांगण्यासाठी जातीनिहाय अधिकृत आकडेवारी आवश्यक आहे. २०२७ च्या जनगणनेत जातीनिहाय गणना समाविष्ट करण्यात आल्यामुळे भविष्यात या प्रश्नासाठी अधिक व्यापक अधिकृत सांख्यिक आधार उपलब्ध होण्याची शक्यता आहे. मात्र २०२७ची जनगणना पूर्ण होऊन तिचे अधिकृत जातीनिहाय निकाल प्रकाशित होईपर्यंत कुणबी समाजाच्या आधुनिक लोकसंख्येबाबत कोणताही निश्चित राष्ट्रीय किंवा जिल्हानिहाय आकडा अधिकृत मानता येणार नाही.<ref name="CasteEnumeration2025" /> == आधुनिक प्रशासकीय आणि कायदेशीर स्थिती == महाराष्ट्रातील कुणबी समाजाची आधुनिक प्रशासकीय ओळख ही राज्य शासनाच्या इतर मागासवर्गीयांच्या यादी, जात प्रमाणपत्रे आणि जात वैधता पडताळणीच्या प्रक्रियेशी संबंधित आहे. ऐतिहासिक जनगणना आणि मानववंशशास्त्रीय साहित्यात ‘कुणबी’, ‘कणबी’, ‘मराठा-कुणबी’ आणि ‘कुणबी-मराठा’ यांसारख्या संज्ञांचा वेगवेगळ्या संदर्भांत वापर झालेला आढळतो. मात्र आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरण हे संबंधित काळातील अधिकृत शासन निर्णय, मागासवर्गीयांच्या याद्या, लागू कायदे आणि न्यायालयीन निर्णय यांच्या आधारे निश्चित केले जाते.<ref name="MaharashtraOBC2025" /> === महाराष्ट्रातील इतर मागासवर्गीय वर्गीकरण === महाराष्ट्र शासनाच्या १३ मे २०२५ रोजीच्या अधिकृत यादीत ‘कुणबी’ ही इतर मागासवर्गीय प्रवर्गातील अनुक्रमांक ८३वरील नोंद आहे. या नोंदीखाली ‘लेवा कुणबी’, ‘लेवा पाटील’, ‘लेवा पाटीदार’, ‘मराठा कुणबी’, ‘कुणबी मराठा’, ‘तिलोरी कुणबी’, ‘तिल्लोरी कुणबी’ आणि ‘ति. कुणबी’ या उपसंज्ञांचा समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="MaharashtraOBC2025" /> ही यादी आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरण दर्शविते. या यादीतील विविध उपसंज्ञांचा एकत्रित समावेश आहे म्हणून त्या सर्व संज्ञांची ऐतिहासिक उत्पत्ती एकच आहे किंवा त्या प्रत्येक ऐतिहासिक कालखंडात समान अर्थाने वापरल्या गेल्या होत्या, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरण आणि ऐतिहासिक सामाजिक ओळख या स्वतंत्र बाबी आहेत. === कुणबी आणि तिलोरी कुणबी : ऐतिहासिक प्रशासकीय पार्श्वभूमी === कुणबी आणि तिलोरी कुणबी यांच्या प्रशासकीय वर्गीकरणात काळानुसार बदल झाले. मुंबई उच्च न्यायालयाने *Dattatraya s/o Ramrao Thorat v. State of Maharashtra* या प्रकरणात या बदलांचा ऐतिहासिक संदर्भ नोंदविला आहे. न्यायालयाच्या नोंदीनुसार २३ एप्रिल १९४२ च्या मुंबई शासनाच्या ठरावात ‘Kunbi (except Tilori Kunbi in Ratnagiri district)’ यांचा एका वर्गात, तर ‘Kunbi Tilori in Ratnagiri district’ यांचा इतर मागास समुदायांच्या यादीत स्वतंत्रपणे समावेश करण्यात आला होता. ही स्थिती १९५०, १९५६ आणि १९६१ च्या संबंधित शासन ठरावांमध्येही कायम राहिली.<ref name="Thorat2002" /> न्यायालयाने पुढे नमूद केले आहे की १३ ऑक्टोबर १९६७ च्या महाराष्ट्र शासनाच्या ठरावाद्वारे स्वतंत्र इतर मागासवर्गीय यादी प्रसिद्ध करण्यात आली आणि त्यामध्ये ‘Kunbi caste’ ही अनुक्रमांक ८३वर समाविष्ट करण्यात आली. न्यायालयाच्या निरीक्षणानुसार १९६७पासून कुणबी जात संपूर्ण महाराष्ट्रासाठी इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समाविष्ट करण्यात आली.<ref name="Thorat2002" /> या ऐतिहासिक प्रशासकीय नोंदींवरून कुणबी आणि तिलोरी कुणबी यांच्या वर्गीकरणात कालानुसार आणि प्रदेशानुसार फरक राहिला असल्याचे दिसते. त्यामुळे आजच्या प्रशासकीय यादीचा अर्थ लावताना त्या काळातील शासन ठराव आणि संबंधित न्यायालयीन नोंदींचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. === जात प्रमाणपत्र आणि जात वैधता पडताळणी === महाराष्ट्रात एखाद्या व्यक्तीच्या जात दाव्याची प्रशासकीय मान्यता ही केवळ आडनाव, सामाजिक संबोधन किंवा ऐतिहासिक साहित्याच्या आधारे निश्चित होत नाही. संबंधित व्यक्तीच्या जात दाव्याचा विचार करताना सक्षम प्राधिकरणाकडून जात प्रमाणपत्र देण्याची प्रक्रिया आणि त्यानंतर आवश्यक असल्यास जात वैधता पडताळणीची प्रक्रिया लागू होते. जात वैधता पडताळणीच्या प्रक्रियेत जुन्या शासकीय अभिलेख, शैक्षणिक नोंदी, महसूल अभिलेख, जन्म-मृत्यू नोंदी आणि इतर संबंधित दस्तऐवजांचा पुरावा म्हणून विचार केला जाऊ शकतो. मात्र कोणता पुरावा ग्राह्य धरायचा आणि त्याचे पुराव्यात्मक महत्त्व किती आहे, हे संबंधित कायदे, नियम, शासन निर्णय आणि न्यायालयीन निर्णयांनुसार ठरते. त्यामुळे ऐतिहासिक गॅझेटियर, जनगणना किंवा मानववंशशास्त्रीय ग्रंथांमध्ये ‘कुणबी’ किंवा संबंधित संज्ञेचा उल्लेख आढळणे आणि एखाद्या विशिष्ट व्यक्तीला आधुनिक प्रशासकीय प्रक्रियेत कुणबी जात प्रमाणपत्र किंवा जात वैधता मिळणे या दोन स्वतंत्र बाबी आहेत. === ऐतिहासिक नोंदी आणि आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरण === ब्रिटिशकालीन जनगणना, गॅझेटियर आणि मानववंशशास्त्रीय साहित्य हे कुणबी समाजाच्या ऐतिहासिक अभ्यासासाठी महत्त्वाचे स्रोत आहेत; मात्र ते स्वतःहून आधुनिक जात प्रमाणपत्र किंवा जात वैधतेचा अंतिम प्रशासकीय आधार ठरत नाहीत. आधुनिक प्रशासकीय प्रक्रियेत संबंधित कालखंडातील अधिकृत नोंदी, शासन निर्णय, लागू कायदे, नियम आणि सक्षम प्राधिकरण किंवा न्यायालयाचे निर्णय यांना महत्त्व प्राप्त होते.<ref name="Thorat2002" /> त्यामुळे कुणबी समाजाच्या आधुनिक प्रशासकीय स्थितीचा अभ्यास करताना ऐतिहासिक सामाजिक ओळख, ब्रिटिशकालीन वर्गीकरण आणि विद्यमान शासकीय वर्गीकरण यांच्यात स्पष्ट भेद ठेवणे आवश्यक आहे. महाराष्ट्र शासनाच्या विद्यमान यादीत कुणबीचा इतर मागासवर्गीय प्रवर्गात समावेश असला तरी एखाद्या व्यक्तीचा विशिष्ट जात दावा स्वतंत्र प्रशासकीय पडताळणीच्या अधीन राहतो.<ref name="MaharashtraOBC2025" /> === लेवा कुणबी === ‘लेवा कुणबी’ ही संज्ञा महाराष्ट्र शासनाच्या इतर मागासवर्गीयांच्या विद्यमान अधिकृत यादीत ‘कुणबी’ या नोंदीखाली समाविष्ट आहे. या नोंदीत ‘लेवा कुणबी’, ‘लेवा पाटील’ आणि ‘लेवा पाटीदार’ या संज्ञांचा समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="MaharashtraOBC2025" /> या प्रशासकीय वर्गीकरणावरून लेवा कुणबीचा समावेश कुणबी या इतर मागासवर्गीय नोंदीखाली असल्याचे स्पष्ट होते. मात्र या प्रशासकीय समावेशावरून लेवा कुणबीची प्रादेशिक, सामाजिक किंवा ऐतिहासिक ओळख महाराष्ट्रातील इतर सर्व कुणबी समूहांशी पूर्णपणे समान आहे, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. प्रशासकीय वर्गीकरण आणि ऐतिहासिक सामाजिक ओळख या स्वतंत्र बाबी आहेत. === मराठा-कुणबी आणि कुणबी-मराठा === ‘मराठा-कुणबी’ आणि ‘कुणबी-मराठा’ या संज्ञांना आधुनिक प्रशासकीय संदर्भात विशेष महत्त्व प्राप्त झाले आहे. मुंबई उच्च न्यायालयाने *Nitin s/o Mahadeorao Choudhary v. State of Maharashtra* या ११ ऑक्टोबर २०२३ रोजीच्या निर्णयात १ जून २००४ च्या महाराष्ट्र शासनाच्या निर्णयाचा संदर्भ देताना नमूद केले आहे की इतर मागासवर्गीयांच्या यादीतील अनुक्रमांक ८३वरील ‘कुणबी’ या नोंदीत पूर्वी ‘लेवा कुणबी’, ‘लेवा पाटील’ आणि ‘लेवा पाटीदार’ यांचा समावेश होता आणि १ जून २००४ च्या शासन निर्णयाद्वारे त्यात ‘मराठा-कुणबी’ आणि ‘कुणबी-मराठा’ यांचा समावेश करण्यात आला.<ref name="NitinChoudhary2023">{{cite web |title=Nitin s/o Mahadeorao Choudhary v. State of Maharashtra |website=Indian Kanoon |date=11 October 2023 |url=https://indiankanoon.org/doc/61511559/ }}</ref> या निर्णयात न्यायालयाने असेही नमूद केले की ७ सप्टेंबर २०२३ च्या शासन निर्णयाद्वारे मराठा-कुणबी आणि कुणबी-मराठा समाजातील व्यक्तींना जात प्रमाणपत्र देताना जुन्या दस्तऐवजांतील नोंदींची तपासणी करण्याची पद्धत निश्चित करण्यासाठी समिती स्थापन करण्यात आली होती. या समितीचा उद्देश संबंधित जुन्या अभिलेखांच्या तपासणीची पद्धत निश्चित करणे हा होता.<ref name="NitinChoudhary2023" /> मात्र अनुक्रमांक ८३मध्ये मराठा-कुणबी आणि कुणबी-मराठा यांचा प्रशासकीय समावेश झाला आहे, यावरून मराठा आणि कुणबी यांची ऐतिहासिक वंशपरंपरा किंवा सामाजिक ओळख सर्व काळात एकच होती, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. हा आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरणाचा विषय आहे. === तिलोरी कुणबी आणि तिल्लोरी कुणबी === ‘तिलोरी कुणबी’ आणि ‘तिल्लोरी कुणबी’ या दोन्ही संज्ञांचा महाराष्ट्र शासनाच्या विद्यमान इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत ‘कुणबी’ या अनुक्रमांक ८३ च्या नोंदीखाली समावेश आहे.<ref name="MaharashtraOBC2025" /> तिलोरी कुणबीच्या प्रशासकीय इतिहासात रत्‍नागिरी जिल्ह्याचा विशेष संदर्भ आढळतो. मुंबई उच्च न्यायालयाने *Dattatraya s/o Ramrao Thorat v. State of Maharashtra* या २४ एप्रिल २००२ रोजीच्या निर्णयात २३ एप्रिल १९४२ च्या मुंबई शासनाच्या ठरावाचा संदर्भ देताना ‘Kunbi (Except Tilori Kunbi in Ratnagiri district)’ आणि ‘Kunbi Tilori in Ratnagiri district’ यांचे त्या काळात वेगवेगळ्या प्रशासकीय वर्गांमध्ये वर्गीकरण करण्यात आल्याचे नमूद केले आहे. ही स्थिती १९५०, १९५६ आणि १९६१ च्या संबंधित शासन ठरावांमध्येही कायम राहिल्याचे न्यायालयाने नोंदविले आहे.<ref name="Thorat2002" /> त्याच निर्णयानुसार १३ ऑक्टोबर १९६७ रोजी महाराष्ट्र शासनाने स्वतंत्र इतर मागासवर्गीयांची यादी प्रसिद्ध केली आणि त्यामध्ये ‘कुणबी जात’ अनुक्रमांक ८३वर समाविष्ट करण्यात आली. न्यायालयाने नमूद केले आहे की त्यानंतर कुणबी जात संपूर्ण महाराष्ट्रासाठी इतर मागासवर्गीयांच्या यादीत समाविष्ट झाली.<ref name="Thorat2002" /> === जात प्रमाणपत्र === महाराष्ट्रात जात प्रमाणपत्र देण्याची आणि त्याची वैधता पडताळण्याची प्रक्रिया कायद्याने नियमन केली जाते. जात प्रमाणपत्र हे सक्षम प्राधिकाऱ्याकडून दिले जाते, तर जात वैधतेचा दावा संबंधित जात पडताळणी समितीसमोर स्वतंत्रपणे तपासला जाऊ शकतो. या दोन्ही प्रक्रिया एकमेकांशी संबंधित असल्या तरी त्यांचे स्वरूप आणि अधिकारक्षेत्र वेगवेगळे आहेत. जात दाव्याच्या पडताळणीमध्ये संबंधित व्यक्तीने सादर केलेल्या जुन्या शासकीय आणि इतर अभिलेखांचा विचार केला जाऊ शकतो. कोणते दस्तऐवज ग्राह्य धरावेत, त्यांचे पुराव्यात्मक महत्त्व किती आहे आणि जात दावा कशा प्रकारे सिद्ध करावा, हे लागू कायदे, नियम, शासन निर्णय आणि न्यायालयीन निर्णयांनुसार ठरते. मुंबई उच्च न्यायालयाने *Dattatraya s/o Ramrao Thorat v. State of Maharashtra* या प्रकरणात जात दाव्याच्या पडताळणीसाठी सादर केलेल्या दस्तऐवजांचे पुराव्यात्मक महत्त्व तपासले आणि जात दावा सिद्ध करण्याची जबाबदारी दावेदारावर असल्याचे स्पष्ट केले.<ref name="Thorat2002" /> मराठा-कुणबी किंवा कुणबी-मराठा असा दावा करणाऱ्या व्यक्तींच्या संदर्भातही जुन्या अभिलेखांतील जातनोंदींच्या तपासणीला महत्त्व आहे. *Nitin s/o Mahadeorao Choudhary v. State of Maharashtra* या निर्णयात मुंबई उच्च न्यायालयाने संबंधित जुन्या महसूल अभिलेख, शाळेच्या नोंदी आणि इतर दस्तऐवजांची तपासणी करण्याच्या प्रशासकीय प्रक्रियेचा संदर्भ नोंदविला आहे.<ref name="NitinChoudhary2023" /> त्यामुळे ऐतिहासिक जनगणना, गॅझेटियर किंवा मानववंशशास्त्रीय ग्रंथामध्ये ‘कुणबी’, ‘तिलोरी कुणबी’ किंवा संबंधित संज्ञेचा उल्लेख आढळणे आणि एखाद्या विशिष्ट व्यक्तीचा आधुनिक प्रशासकीय जात दावा वैध ठरणे या दोन स्वतंत्र बाबी आहेत. आधुनिक जात प्रमाणपत्र आणि जात वैधता प्रक्रियेत संबंधित व्यक्तीच्या स्वतःच्या अभिलेखीय पुराव्यांचा आणि लागू कायदेशीर निकषांचा स्वतंत्रपणे विचार केला जातो. === जात वैधता पडताळणी === महाराष्ट्रात जात प्रमाणपत्राच्या वैधतेच्या पडताळणीसाठी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्थेच्या माध्यमातून जात प्रमाणपत्र पडताळणी माहिती प्रणाली (CCVIS) कार्यरत आहे. या प्रणालीद्वारे जात वैधता प्रमाणपत्रासाठी ऑनलाइन अर्ज करणे, अर्जाचा मागोवा घेणे आणि वैधता प्रमाणपत्राची ऑनलाइन पडताळणी करणे यांसारख्या सुविधा उपलब्ध आहेत.<ref name="CCVIS">{{cite web |title=जात प्रमाणपत्र पडताळणी माहिती प्रणाली |work=Caste Certificate Verification Information System (CCVIS) |publisher=डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था, महाराष्ट्र शासन |url=https://www.bartievalidity.maharashtra.gov.in/ |access-date=2026-08-22 |archive-date=2026-01-19 |archive-url=https://web.archive.org/web/20260119160227/http://www.bartievalidity.maharashtra.gov.in/ |url-status=dead }}</ref> जात वैधता पडताळणीच्या प्रक्रियेत अर्जदाराने सादर केलेल्या कागदपत्रांचा विचार केला जातो. अधिकृत मार्गदर्शिकेनुसार जात प्रमाणपत्रासोबत जन्मतारखेचा दाखला, अर्जदाराचा शाळा सोडल्याचा दाखला किंवा शाळेच्या नोंदवहीचा उतारा, वडिलांचा शाळा सोडल्याचा दाखला किंवा नोंदवहीचा उतारा आणि पितृकुळातील आजोबा किंवा वडिलांच्या सख्ख्या मोठ्या भावंडांच्या शाळेच्या नोंदी यांसारखी कागदपत्रे पुराव्याच्या स्वरूपात सादर करता येतात. उपलब्ध प्राथमिक कागदपत्रे नसल्यास जन्म-मृत्यू नोंदी, महसूल अभिलेख, जुने खरेदी-विक्री दस्तऐवज किंवा इतर समर्थक कागदपत्रांचा विचार केला जाऊ शकतो.<ref name="CCVISForm18">{{cite web |title=Form No. 18 — Rule 14 |publisher=डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था, महाराष्ट्र शासन |url=https://www.bartievalidity.maharashtra.gov.in/ccvis_pdf/download/service/FORM%20No%2018-%20%5Brule-14%5D.pdf |access-date=2026-08-22 |archive-date=2024-05-26 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240526163256/https://bartievalidity.maharashtra.gov.in/ccvis_pdf/download/service/FORM%20No%2018-%20%5Brule-14%5D.pdf |url-status=dead }}</ref> त्यामुळे जात वैधता पडताळणी ही केवळ जात प्रमाणपत्राची प्रशासकीय नोंद करण्याची प्रक्रिया नसून, जात दाव्याच्या समर्थनार्थ सादर केलेल्या कागदपत्रांची छाननी करणारी प्रक्रिया आहे. अर्जासोबत अर्जदार, त्याचे पितृकडील नातेवाईक आणि पूर्वज यांच्या जात नोंदी असलेली विविध प्राथमिक व दुय्यम कागदपत्रे सादर करता येतात; संबंधित जिल्हा जात प्रमाणपत्र पडताळणी समिती या कागदपत्रांची छाननी करून जात प्रमाणपत्राच्या वैधतेबाबत निर्णय घेते.<ref name="CCVISFAQ">{{cite web |title=Frequently Asked Questions (FAQ’s) |work=Caste Certificate Verification Information System (CCVIS) |publisher=Dr. Babasaheb Ambedkar Research and Training Institute, Government of Maharashtra |url=https://www.bartievalidity.maharashtra.gov.in/ccvis_pdf/FAQ/Frequently%20Asked%20Questions.pdf |access-date=2026-09-11 }}</ref> === ऐतिहासिक कागदपत्रांचे महत्त्व === कुणबी किंवा मराठा-कुणबी दाव्यांच्या संदर्भात जुने महसूल अभिलेख, शैक्षणिक नोंदी, जन्म-मृत्यू नोंदी, जमीनविषयक दस्तऐवज आणि इतर शासकीय अभिलेखांना महत्त्व प्राप्त होते. महाराष्ट्रातील काही जिल्हा प्रशासनांनी मराठा-कुणबी आणि कुणबी-मराठा संदर्भातील जुन्या अभिलेखांचे संकलन करून ते सार्वजनिक केले आहे. रायगड जिल्हा प्रशासनाच्या संकेतस्थळावर अलिबाग, उरण, कर्जत, खालापूर, तळा, पनवेल, पेण, पोलादपूर, महाड, माणगाव, मुरुड, म्हसळा, रोहा, श्रीवर्धन आणि सुधागड या तालुक्यांशी संबंधित कुणबी-मराठा दस्तऐवजांच्या स्वतंत्र याद्या उपलब्ध आहेत.<ref name="RaigadKunbiMarathaDocuments">{{cite web |title=कुणबी-मराठा दस्तऐवज |publisher=रायगड जिल्हा प्रशासन, महाराष्ट्र शासन |url=https://raigad.gov.in/maratha-kunbi-documents/ }}</ref> अशा अभिलेखांचे संकलन ऐतिहासिक नोंदींच्या उपलब्धतेचा मागोवा घेण्यासाठी उपयुक्त ठरते. मात्र एखाद्या जिल्हा किंवा तालुका प्रशासनाच्या संकेतस्थळावर विशिष्ट दस्तऐवज उपलब्ध आहे, एवढ्यावरून कोणत्याही व्यक्तीचा जात दावा वैध ठरतो असा निष्कर्ष काढता येत नाही. वैधतेचा निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकरण आणि लागू कायदेशीर प्रक्रियेनुसार घेतला जातो. === न्यायालयीन दृष्टिकोन === कुणबी जातदाव्यांशी संबंधित न्यायालयीन प्रकरणांमध्ये ऐतिहासिक शासन निर्णय, जात प्रमाणपत्र, जात पडताळणी समितीचे निष्कर्ष आणि उपलब्ध अभिलेखांचा विचार करण्यात आला आहे. *Dattatraya s/o Ramrao Thorat v. State of Maharashtra* या २४ एप्रिल २००२ रोजीच्या मुंबई उच्च न्यायालयाच्या निर्णयात कुणबी आणि तिलोरी कुणबी यांच्या ऐतिहासिक प्रशासकीय वर्गीकरणाचा संदर्भ देण्यात आला आहे. न्यायालयाने २३ एप्रिल १९४२ च्या शासन निर्णयातील वर्गीकरण तसेच त्यानंतरच्या शासन निर्णयांचा उल्लेख करून १३ ऑक्टोबर १९६७ च्या शासन निर्णयात ‘कुणबी जात’ इतर मागासवर्गीयांच्या यादीतील अनुक्रमांक ८३वर समाविष्ट झाल्याची नोंद केली आहे.<ref name="Thorat2002" /> * Nitin s/o Mahadeorao Choudhary v. State of Maharashtra* या ११ ऑक्टोबर २०२३ रोजीच्या निर्णयात मुंबई उच्च न्यायालयाने इतर मागासवर्गीयांच्या यादीतील अनुक्रमांक ८३ आणि त्यामध्ये मराठा-कुणबी व कुणबी-मराठा यांचा समावेश करण्यासंबंधीच्या १ जून २००४ च्या शासन निर्णयाची नोंद केली आहे.<ref name="NitinChoudhary2023" /> या न्यायालयीन नोंदींमधून कुणबी आणि संबंधित सामाजिक संज्ञांच्या आधुनिक प्रशासकीय वर्गीकरणात शासन निर्णय आणि अभिलेखीय पुराव्यांचे महत्त्व दिसून येते. तथापि प्रत्येक जातदाव्याचा निर्णय संबंधित व्यक्तीने सादर केलेल्या पुराव्यांच्या आणि लागू कायदेशीर निकषांच्या आधारे स्वतंत्रपणे केला जातो. === ऐतिहासिक आणि आधुनिक वर्गीकरणातील फरक === ब्रिटिशकालीन जनगणनांमध्ये वापरलेल्या ‘कुणबी’, ‘मराठा कुणबी’ किंवा संबंधित संज्ञा आणि आजच्या महाराष्ट्र शासनाच्या इतर मागासवर्गीयांच्या यादीतील ‘कुणबी’, ‘मराठा-कुणबी’, ‘कुणबी-मराठा’ आणि ‘तिलोरी कुणबी’ या नोंदी समान प्रशासकीय संदर्भातील नाहीत. ऐतिहासिक जनगणना ही लोकसंख्या आणि सामाजिक वर्गीकरणाचे साधन होती, तर आधुनिक शासकीय याद्या आरक्षण आणि संबंधित प्रशासकीय हक्कांच्या संदर्भातील कायदेशीर वर्गीकरणाचा भाग आहेत. त्यामुळे एखाद्या जुन्या जनगणनेत ‘मराठा कुणबी’ अशी नोंद आढळल्यास त्या नोंदीच्या आधारे आजच्या काळातील एखाद्या व्यक्तीला आपोआप कुणबी या इतर मागासवर्गीय प्रवर्गाचे जात प्रमाणपत्र किंवा जात वैधता प्रमाणपत्र मिळते, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. त्याचप्रमाणे आधुनिक इतर मागासवर्गीयांच्या यादीतील नोंदींच्या आधारे त्या सामाजिक समूहाचा प्राचीन किंवा मध्ययुगीन इतिहास निश्चित करता येत नाही. म्हणून कुणबी समाजाच्या इतिहासाचा अभ्यास करताना ऐतिहासिक जनगणना, गॅझेटियर आणि मानववंशशास्त्रीय साहित्य यांना त्यांच्या संबंधित ऐतिहासिक संदर्भात पाहणे, तर आधुनिक जात प्रमाणपत्र आणि जात वैधता पडताळणीसाठी लागू कायदे, नियम, शासन निर्णय, अधिकृत याद्या आणि न्यायालयीन निर्णय यांचा स्वतंत्रपणे विचार करणे आवश्यक आहे. == आधुनिक कोकणातील कुणबी समाज आणि भविष्यातील आव्हाने == आधुनिक कोकणातील कुणबी समाजाच्या सामाजिक आणि आर्थिक स्थितीत शिक्षण, ग्रामीण-शहरी स्थलांतर, शेतीतील बदल, रोजगाराचे विविधीकरण, जमीनधारणा आणि ग्रामीण पायाभूत सुविधांमधील बदल यांचा प्रभाव दिसून येतो. मात्र या प्रक्रियांचे स्वरूप संपूर्ण कोकणातील कुणबी समाजात एकसमान होते असे उपलब्ध अभ्यासांवरून म्हणता येत नाही. स्थानिक पातळीवरील अभ्यासांमधून या बदलांचे वेगवेगळे स्वरूप स्पष्ट होते. सावंतवाडी तालुक्यातील कुंकेरी गावाच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या तीन कालखंडांतील तुलनात्मक अभ्यासात दीर्घकालीन स्थलांतर, कुटुंबांच्या आर्थिक रणनीतीतील बदल, स्थलांतरितांच्या व्यवसायांचे विविधीकरण आणि शिक्षणासाठी होणाऱ्या स्थलांतराचे वाढते महत्त्व नोंदविण्यात आले आहे. या अभ्यासात १९६१ च्या तुलनेत २०१७मध्ये स्थलांतर अधिक व्यापक झाले असल्याचे तसेच रोजगारासाठीच्या स्थलांतराबरोबर शिक्षण आणि इतर कारणांसाठी स्थलांतराचे महत्त्व वाढल्याचे दिसून येते.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> कुंकेरीच्या या अभ्यासात शिक्षण आणि रोजगार यांमुळे स्थलांतराचे स्वरूप बदलल्याचे दिसते. १९६१मध्ये गावाबाहेरील स्थलांतर मुख्यतः रोजगाराशी संबंधित होते; २०१७ च्या अभ्यासात शिक्षणासाठी स्थलांतर करणाऱ्यांचे प्रमाणही लक्षणीय असल्याचे नोंदविण्यात आले. स्थलांतरितांच्या रोजगारातही बदल होऊन सरकारी सेवांबरोबर खासगी आणि अनौपचारिक क्षेत्रातील विविध व्यवसायांचा समावेश वाढल्याचे अभ्यासात नमूद आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> शेतीच्या स्वरूपातही स्थानिक पातळीवर बदल झाल्याचे कुंकेरीच्या दीर्घकालीन अभ्यासातून दिसते. १९६१मध्ये भात आणि नाचणी ही प्रमुख पिके होती; पुढील काळात काजूच्या लागवडीचा विस्तार झाला आणि २०१७पर्यंत काजू हे अनेक शेतकऱ्यांसाठी महत्त्वाचे पीक आणि उत्पन्नाचे साधन बनले होते. यावरून कोकणातील काही गावांमध्ये पारंपरिक अन्नपिकांपासून अधिक बाजाराभिमुख बागायती पिकांकडे झालेल्या बदलाचा स्थानिक नमुना दिसून येतो.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> जमीनधारणेच्या बाबतीतही स्थलांतरामुळे सर्वच पारंपरिक रचना बदलल्या असे आढळत नाही. कुंकेरीच्या अभ्यासात दीर्घकालीन मोठ्या प्रमाणातील स्थलांतर असूनही गावातील जातीय वितरण आणि जमीनमालकीच्या रचनेत काही महत्त्वपूर्ण सातत्य राहिल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. त्याच वेळी लहान जमीनधारणांचे प्रमाण वाढल्याचेही अभ्यासात दिसून येते.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> कोकणातील ग्रामीण परिवर्तनाचा अभ्यास करताना मात्र कुंकेरीसारख्या एका गावाच्या अनुभवाचे संपूर्ण कुणबी समाजावर किंवा संपूर्ण कोकणावर थेट सामान्यीकरण करणे योग्य ठरणार नाही. कुंकेरीचा अभ्यास हा विशिष्ट गावाच्या दीर्घकालीन सामाजिक, आर्थिक आणि लोकसंख्याशास्त्रीय बदलांचा अभ्यास आहे. त्यामुळे त्यातून व्यापक कोकणातील स्थलांतर, शिक्षण, जमीनधारणा किंवा कृषी परिवर्तनाच्या काही प्रक्रिया समजून घेता येतात; परंतु संपूर्ण कुणबी समाजासाठी एकसमान निष्कर्ष काढण्यासाठी अधिक व्यापक जातीनिहाय आणि प्रदेशनिहाय अभ्यास आवश्यक आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> आधुनिक कोकणातील कुणबी समाजाच्या भविष्यातील प्रश्नांचा विचार करताना शेतीची आर्थिक व्यवहार्यता, लहान होत जाणारी जमीनधारणा, कृषीबाह्य रोजगार, शिक्षणासाठी होणारे स्थलांतर, मुंबई आणि इतर शहरी केंद्रांशी असलेले संबंध तसेच ग्रामीण भागातील बदलती रोजगाररचना हे परस्परसंबंधित घटक मानावे लागतात. उपलब्ध अभ्यासांनुसार स्थलांतर हे ग्रामीण कुटुंबांसाठी केवळ लोकसंख्यात्मक बदलाचे साधन न राहता उत्पन्नाच्या विविध साधनांशी जोडलेली आर्थिक रणनीती बनले आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> कुणबी समाजाची स्वतंत्र आणि सातत्यपूर्ण आधुनिक जातीनिहाय लोकसंख्या उपलब्ध अधिकृत जनगणना आकडेवारीत प्रसिद्ध झालेली नसल्यामुळे या बदलांचे संपूर्ण कोकणातील कुणबी समाजासाठी अचूक लोकसंख्याशास्त्रीय प्रमाण निश्चित करणे शक्य नाही. त्यामुळे आधुनिक सामाजिक आणि आर्थिक स्थितीचा अभ्यास करताना जिल्हानिहाय जनगणना, ग्रामसर्वेक्षणे, दीर्घकालीन गाव-अभ्यास आणि उपलब्ध सामाजिक-आर्थिक संशोधन यांचा परस्परपूरक वापर करणे आवश्यक आहे.<ref name="DistrictCensusRatnagiri1961" /><ref name="VartakTumbeBhide2019" /> === ग्रामीण लोकसंख्येतील घट === रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांच्या २००१ आणि २०११ च्या जनगणना आकडेवारीत एकूण लोकसंख्येत घट झाल्याचे दिसून येते. रत्‍नागिरी जिल्ह्याची लोकसंख्या २००१मध्ये १६,९६,७७७ होती; ती २०११मध्ये १६,१५,०६९ झाली. या कालावधीत जिल्ह्याचा दशकातील लोकसंख्या बदल −४.८ टक्के होता. सिंधुदुर्ग जिल्ह्याची लोकसंख्या २००१मध्ये ८,६८,८२५ होती; ती २०११मध्ये ८,४९,६५१ झाली आणि दशकातील लोकसंख्या बदल −२.२ टक्के राहिला.<ref name="RatnagiriPopulation2011" /><ref name="SindhudurgPopulation2011" /> रत्‍नागिरी जिल्ह्यात ग्रामीण लोकसंख्येतील घट एकूण लोकसंख्येच्या घटेपेक्षा अधिक होती. २००१मध्ये जिल्ह्याची ग्रामीण लोकसंख्या १५,०४,५६८ होती; २०११मध्ये ती १३,५१,३४६ झाली. या कालावधीत ग्रामीण लोकसंख्येतील दशकातील बदल −१०.२ टक्के होता. त्याच वेळी शहरी लोकसंख्येत ३७.२ टक्क्यांची वाढ झाली. त्यामुळे जिल्ह्याच्या लोकसंख्याशास्त्रीय बदलात ग्रामीण भागातून शहरी भागाकडे झालेल्या लोकसंख्या संक्रमणाचा एक घटक दिसून येतो.<ref name="RatnagiriPopulation2011" /> सिंधुदुर्ग जिल्ह्यातही ग्रामीण लोकसंख्येत घट झाली. २००१मध्ये जिल्ह्याची ग्रामीण लोकसंख्या ७,८६,५०६ होती; ती २०११मध्ये ७,४२,६४५ झाली. या कालावधीत ग्रामीण लोकसंख्येतील दशकातील बदल −५.६ टक्के होता, तर शहरी लोकसंख्येत ३० टक्क्यांची वाढ झाली.<ref name="SindhudurgPopulation2011" /> या आकडेवारीवरून रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांमध्ये ग्रामीण लोकसंख्येतील घट आणि शहरी लोकसंख्येतील वाढ ही महत्त्वाची लोकसंख्याशास्त्रीय प्रक्रिया असल्याचे दिसते. मात्र या जिल्हास्तरीय बदलाला थेट कुणबी समाजाच्या लोकसंख्येतील घट म्हणून मांडता येत नाही, कारण उपलब्ध जनगणना आकडेवारी या संदर्भात कुणबी समाजाची स्वतंत्र सातत्यपूर्ण लोकसंख्या देत नाही. === तरुणांचे स्थलांतर === कोकणातील ग्रामीण लोकसंख्येतील बदल समजून घेण्यासाठी स्थलांतर हा महत्त्वाचा घटक आहे. सावंतवाडी तालुक्यातील कुंकेरी गावाच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या कालखंडांतील तुलनात्मक अभ्यासात दीर्घकालीन बाह्य स्थलांतरात लक्षणीय वाढ झाल्याचे आढळते. १९६१मध्ये २६ टक्के कुटुंबांनी कुटुंबातील किमान एका सदस्याच्या बाह्य स्थलांतराची नोंद केली होती; २०१७मध्ये हे प्रमाण ६० टक्क्यांपर्यंत पोहोचले. त्याच काळात बाहेर स्थलांतरित व्यक्तींचे एकूण लोकसंख्येतील प्रमाण ७ टक्क्यांवरून २५.५ टक्क्यांपर्यंत वाढले.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> १९६१ च्या कुंकेरी सर्वेक्षणात बाहेर स्थलांतरित झालेले ८३ जण सर्व पुरुष होते आणि त्यांचे स्थलांतर प्रामुख्याने रोजगारासाठी झाले होते. २०१७ च्या अभ्यासात बाहेर स्थलांतरितांमध्ये महिलांचाही समावेश वाढल्याचे आढळले. त्या वर्षी विवाहाव्यतिरिक्त कारणांनी स्थलांतरित झालेल्या महिलांमध्ये शिक्षण आणि रोजगार ही प्रमुख कारणे होती.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> या अभ्यासात स्थलांतराचे स्वरूपही बदलल्याचे दिसते. १९६१मध्ये स्थलांतर करणाऱ्या कुटुंबांमध्ये प्रामुख्याने एकच सदस्य बाहेर जात असे; २०१७मध्ये अनेक कुटुंबांतील दोन, तीन, चार किंवा त्याहून अधिक सदस्य स्थलांतरित झाले होते. त्यामुळे स्थलांतर हे काही कुटुंबांसाठी स्वतंत्र रोजगाराच्या साधनाऐवजी उत्पन्नाच्या विविध साधनांशी संबंधित व्यापक आर्थिक रणनीती बनल्याचे अभ्यासकांचे निरीक्षण आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> कुंकेरीच्या बाबतीत हा बदल स्पष्टपणे दिसत असला तरी कुंकेरी हे एक विशिष्ट गाव असल्यामुळे त्यातील स्थलांतराचे प्रमाण संपूर्ण कोकणातील किंवा संपूर्ण कुणबी समाजातील तरुणांच्या स्थलांतराचे थेट प्रतिनिधित्व करते असे मानता येत नाही. मात्र ग्रामीण कोकणातील दीर्घकालीन स्थलांतराच्या प्रक्रियेचा अभ्यास करण्यासाठी हा महत्त्वाचा स्थानिक पुरावा आहे. === शिक्षणासाठी शहरांकडे स्थलांतर === कोकणातील ग्रामीण भागातून शिक्षणासाठी बाहेर जाण्याचे महत्त्व कालांतराने वाढल्याचे कुंकेरीच्या दीर्घकालीन अभ्यासातून दिसून येते. १९६१ च्या ग्रामसर्वेक्षणात कुंकेरीतील स्थलांतर मुख्यतः रोजगाराशी संबंधित असल्याचे नोंदविले गेले होते. त्याउलट २०१७ च्या अभ्यासात बाहेर स्थलांतरित झालेल्या व्यक्तींमध्ये १८ टक्के स्थलांतर शिक्षणासाठी झाल्याचे आढळले.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> कुंकेरीमध्ये १९६१मध्ये प्राथमिक शिक्षणाची सुविधा उपलब्ध होती; पुढील दशकांत गावातील शैक्षणिक सुविधा वाढल्या. तरीही उच्च शिक्षणासाठी विद्यार्थ्यांना गावाबाहेर जावे लागत असल्याचे २०१७ च्या अभ्यासातून दिसून येते. त्यामुळे शिक्षण हे ग्रामीण भागातून बाहेर पडण्याच्या स्थलांतरातील स्वतंत्र कारण म्हणून अधिक महत्त्वाचे झाले असल्याचे या अभ्यासातून दिसते.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> शिक्षण आणि स्थलांतर यांच्यातील संबंध एकतर्फी नसल्याचेही या अभ्यासातून दिसते. उच्च शिक्षणामुळे शहरांमध्ये जाण्याच्या संधी वाढल्या, तर स्थलांतरामुळे शिक्षणाला भविष्यातील रोजगार आणि सामाजिक प्रगतीशी जोडलेले महत्त्व प्राप्त झाले. त्यामुळे कुंकेरीच्या बाबतीत शिक्षण हे स्थलांतराचे कारण तसेच स्थलांतरानंतरच्या आर्थिक संधींसाठी महत्त्वाचे साधन बनल्याचे दिसून येते.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> कुंकेरीच्या अनुभवावरून ग्रामीण कोकणातील शिक्षण आणि स्थलांतर यांच्यातील बदलता संबंध स्पष्ट होतो; मात्र या निरीक्षणाचे संपूर्ण कुणबी समाजावर किंवा संपूर्ण कोकणातील ग्रामीण तरुणांवर सार्वत्रिकीकरण करण्यासाठी अधिक व्यापक प्रदेशनिहाय आणि जातीनिहाय अभ्यास आवश्यक आहे. === वृद्ध होत जाणारी ग्रामीण लोकसंख्या === कोकणातील काही ग्रामीण भागांमध्ये तरुणांचे शिक्षण आणि रोजगारासाठी बाहेर स्थलांतर वाढल्यामुळे ग्रामीण लोकसंख्येच्या वयोरचनेत बदल होण्याची शक्यता निर्माण झाली आहे. रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांच्या २००१–२०११ च्या जनगणना आकडेवारीत एकूण लोकसंख्येत घट झाल्याचे दिसते. त्याच काळात दोन्ही जिल्ह्यांमध्ये ग्रामीण लोकसंख्येतील घटही नोंदविण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriPopulation2011" /><ref name="SindhudurgPopulation2011" /> मात्र या जिल्हास्तरीय लोकसंख्याशास्त्रीय बदलांवरून कुणबी समाजातील वृद्ध लोकसंख्येचे प्रमाण निश्चित करता येत नाही. कुणबी समाजासाठी स्वतंत्र आणि सातत्यपूर्ण जिल्हानिहाय वयोरचना उपलब्ध नसल्यामुळे हा विषय व्यापक ग्रामीण कोकणातील लोकसंख्याशास्त्रीय बदलांच्या संदर्भात पाहणे अधिक योग्य ठरते. === शेतीवरील अवलंबित्वातील बदल === ग्रामीण भागातील स्थलांतर, रोजगाराचे वैविध्य आणि शिक्षणाच्या वाढत्या संधी यांचा शेतीवरील कुटुंबांच्या अवलंबित्वावर परिणाम झाल्याचे काही दीर्घकालीन ग्रामअभ्यासांत दिसून येते. कुंकेरी गावाच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या तीन कालखंडांच्या तुलनात्मक अभ्यासात कुटुंबांच्या उपजीविकेच्या स्वरूपात लक्षणीय बदल झाल्याचे आढळते. १९६१मध्ये ७५.९८ टक्के कुटुंबे पूर्णपणे शेतीवर अवलंबून होती; २०१७मध्ये हे प्रमाण ३९.६ टक्क्यांपर्यंत कमी झाले.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> कुंकेरीच्या अभ्यासात या बदलाच्या पार्श्वभूमीवर स्थलांतर, गैर-कृषी रोजगार, शिक्षण आणि कुटुंबांच्या बदलत्या आर्थिक रणनीतींचा विचार करण्यात आला आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> या आकडेवारीचा अर्थ कुंकेरीतील शेती पूर्णपणे लुप्त झाली असा नाही. उलट, कुटुंबांच्या उपजीविकेत शेतीबरोबरच इतर उत्पन्नस्रोतांचे महत्त्व वाढले असल्याचे या दीर्घकालीन अभ्यासातून दिसते. कुंकेरीचा अनुभव संपूर्ण कोकणातील किंवा संपूर्ण कुणबी समाजातील कृषीस्थितीचे थेट प्रतिनिधित्व करतो असे मात्र मानता येत नाही. === कृषी जमिनीच्या वापरातील बदल === ग्रामीण कुटुंबांचे स्थलांतर आणि शेतीवरील अवलंबित्वातील घट यामुळे काही गावांमध्ये कृषी जमिनीच्या वापराच्या पद्धतीत बदल होऊ शकतो. मात्र उपलब्ध कुंकेरी अभ्यासाच्या आधारे संपूर्ण कोकणातील कृषी जमीन मोठ्या प्रमाणावर पडीत पडली आहे असा सर्वसाधारण निष्कर्ष काढता येत नाही. कोकणातील जमीनवापर हा गाव, भौगोलिक परिस्थिती, सिंचनाची उपलब्धता, पिकांचा प्रकार, बाजारपेठेशी असलेला संबंध आणि कुटुंबांच्या आर्थिक परिस्थितीनुसार बदलू शकतो. त्यामुळे ''पडीत जमीन'' हा स्वतंत्र लोकसंख्याशास्त्रीय निष्कर्ष म्हणून न मांडता कृषी परिवर्तनाच्या व्यापक प्रक्रियेतील संभाव्य घटक म्हणून पाहणे अधिक योग्य ठरते. === गावांची सामाजिक रचना आणि स्थलांतर === दीर्घकालीन स्थलांतरामुळे ग्रामीण गावांच्या सामाजिक आणि आर्थिक रचनेत बदल होऊ शकतात. कुंकेरीच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या कालखंडांतील अभ्यासात मोठ्या प्रमाणावर बाह्य स्थलांतर झाले असतानाही गावातील जातीय रचना आणि जमीनधारणेच्या काही बाबींमध्ये सातत्य राहिल्याचे आढळते.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> या अभ्यासातून असेही दिसते की स्थलांतरामुळे गावाशी असलेले संबंध पूर्णपणे तुटलेले नसतात. बाहेर स्थलांतरित झालेले कुटुंबीय आणि गावातील कुटुंब यांच्यात आर्थिक व सामाजिक संबंध कायम राहू शकतात. त्यामुळे स्थलांतराचा परिणाम केवळ गावाची लोकसंख्या कमी होण्यापुरता मर्यादित न राहता कुटुंबांची उपजीविका, जमीनधारणा, रोजगार आणि गावाशी असलेल्या संबंधांच्या स्वरूपातही दिसून येऊ शकतो.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> त्यामुळे ''कोकणातील गावे ओस पडत आहेत'' असा सार्वत्रिक निष्कर्ष काढण्याऐवजी काही ग्रामीण भागांमध्ये लोकसंख्या घट, बाह्य स्थलांतर, शेतीवरील अवलंबित्वातील बदल आणि गावाबाहेर राहणाऱ्या कुटुंबीयांशी कायम राहिलेले आर्थिक-सामाजिक संबंध या परस्परसंबंधित प्रक्रियांचा अभ्यास करणे अधिक योग्य ठरते. === रोजगाराच्या संधींचे आव्हान === ग्रामीण भागातील रोजगाररचनेत झालेला बदल हा आधुनिक कोकणासमोरील महत्त्वाचा सामाजिक आणि आर्थिक प्रश्न आहे. कुंकेरी गावाच्या दीर्घकालीन अभ्यासातून शेतीवरील अवलंबित्व कमी होत असताना गैर-कृषी उत्पन्नाच्या स्रोतांचे महत्त्व वाढल्याचे दिसून येते. या प्रक्रियेत स्थलांतर, शिक्षण आणि रोजगाराच्या बदलत्या संधी यांचा परस्परसंबंध आढळतो.<ref name="VartakMigrationEducation2020">{{cite journal |last=Vartak |first=Kalyani |title=Migration and Education in Regions with a Culture of Migration: Observations from Kunkeri Village, Konkan, Maharashtra |journal=Journal of Migration Affairs |volume=2 |issue=2 |year=2020 |pages=83–99 }}</ref> रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या औद्योगिक विकासासंदर्भातील महाराष्ट्र शासनाच्या माहितीत फळप्रक्रिया, मत्स्यव्यवसाय आणि इतर उद्योगांबरोबर आंबा, बहुफळ प्रक्रिया आणि मत्स्यव्यवसायाशी संबंधित औद्योगिक समूहांची क्षमता नमूद करण्यात आली आहे.<ref name="RatnagiriIndustrialEcosystem2024">{{cite web |title=Ratnagiri District Industrial Ecosystem |publisher=Industry Department, Government of Maharashtra |year=2024 |url=https://industry.maharashtra.gov.in/sites/default/files/2025-09/ignite-mh-booklet_2024.pdf }}</ref> या पार्श्वभूमीवर कृषी उत्पादनावर आधारित प्रक्रिया उद्योग, मत्स्यव्यवसाय, पर्यटन, ग्रामीण उद्योग आणि इतर बिगर-कृषी रोजगाराच्या संधी ग्रामीण अर्थव्यवस्थेच्या विविधीकरणाशी संबंधित ठरू शकतात. मात्र या क्षेत्रांच्या विस्ताराचा कुणबी समाजावर स्वतंत्र आणि समान परिणाम झाला आहे असा निष्कर्ष उपलब्ध स्रोतांवरून काढता येत नाही. === आरोग्य, वाहतूक आणि इतर पायाभूत सुविधा === ग्रामीण भागातील सामाजिक आणि आर्थिक परिवर्तनाचा संबंध आरोग्य, शिक्षण, वाहतूक, पिण्याचे पाणी, वीज, दळणवळण आणि बँकिंग यांसारख्या पायाभूत सुविधांच्या उपलब्धतेशीही आहे. रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग जिल्ह्यांच्या २०११ च्या जिल्हा जनगणना हस्तपुस्तिकांमध्ये गावनिहाय शैक्षणिक संस्था, वैद्यकीय सुविधा, पिण्याचे पाणी, वाहतूक, दळणवळण, वीज आणि इतर नागरी सुविधांची नोंद करण्यात आली आहे.<ref name="DistrictCensusRatnagiri2011">{{cite report |title=Census of India 2011: District Census Handbook, Ratnagiri |publisher=Directorate of Census Operations, Maharashtra |year=2014 }}</ref><ref name="DistrictCensusSindhudurg2011">{{cite report |title=Census of India 2011: District Census Handbook, Sindhudurg |publisher=Directorate of Census Operations, Maharashtra |year=2014 }}</ref> या सुविधांची उपलब्धता आणि त्यातील प्रादेशिक फरक ग्रामीण लोकसंख्येच्या जीवनमान, शिक्षण, आरोग्यसेवा आणि रोजगाराच्या संधींवर परिणाम करणाऱ्या व्यापक घटकांपैकी एक आहेत. त्यामुळे कोकणातील ग्रामीण विकासाचा अभ्यास करताना केवळ रस्ते, वीज किंवा पाणीपुरवठा यांचा स्वतंत्र विचार न करता शिक्षण, आरोग्य, वाहतूक, दळणवळण, बँकिंग आणि बाजारपेठेपर्यंत पोहोच या सुविधांच्या एकत्रित उपलब्धतेचा विचार करणे आवश्यक ठरते.<ref name="DistrictCensusRatnagiri2011" /><ref name="DistrictCensusSindhudurg2011" /> === डिजिटल दळणवळण आणि ग्रामीण अर्थव्यवस्था === डिजिटल दळणवळणाच्या विस्तारामुळे ग्रामीण भागातील शिक्षण, शासकीय सेवा, बँकिंग, बाजारपेठ, व्यवसाय आणि माहितीच्या उपलब्धतेमध्ये बदल होऊ शकतो. इंटरनेट आणि डिजिटल साधनांचा वापर कृषी उत्पादनाच्या बाजारभावाची माहिती मिळविणे, ग्राहकांशी थेट संपर्क साधणे, वस्तू व सेवांचे विपणन करणे आणि विविध शासकीय सेवांपर्यंत पोहोचणे यांसाठी केला जाऊ शकतो. मात्र या सुविधांचा प्रभाव इंटरनेटची उपलब्धता, डिजिटल साक्षरता आणि स्थानिक पातळीवरील पायाभूत सुविधांवर अवलंबून राहतो. महाराष्ट्र शासनाच्या ग्रामीण विकास आणि पंचायत राज विभागाच्या विविध योजनांमध्ये ग्रामीण पायाभूत सुविधा, स्वयंरोजगार, कौशल्यविकास आणि ग्रामीण आर्थिक विकासाशी संबंधित उपक्रमांचा समावेश आहे.<ref name="MaharashtraRuralDevelopmentSchemes">{{cite web |title=योजना |publisher=ग्रामविकास आणि पंचायत राज विभाग, महाराष्ट्र शासन |url=https://rdd.maharashtra.gov.in/en/ }}</ref> ग्रामीण अर्थव्यवस्थेच्या संदर्भात डिजिटल साधनांचा वापर वाढल्यास कृषी, पर्यटन, लघुउद्योग आणि सेवा क्षेत्रांना बाजारपेठेशी जोडण्याच्या नवीन शक्यता निर्माण होऊ शकतात. मात्र कोकणातील कुणबी समाजाच्या बाबतीत डिजिटल दळणवळणामुळे झालेला स्वतंत्र सामाजिक किंवा आर्थिक परिणाम दर्शविणारी पुरेशी जातीनिहाय आकडेवारी उपलब्ध नसल्यामुळे हा विषय व्यापक ग्रामीण कोकणाच्या संदर्भात पाहणे अधिक योग्य ठरते. === कृषीमालाचे मूल्यवर्धन === कोकणातील कृषीव्यवस्थेत भात, नाचणी, कुळीथ, तूर, वाल, नारळ, सुपारी, आंबा, फणस, काजू आणि कोकम यांसारख्या विविध पिकांचे उत्पादन आढळते. महाराष्ट्र शासनाच्या भूजल सर्वेक्षण आणि विकास यंत्रणेच्या कोकणविषयक माहितीत या पिकांचा प्रादेशिक कृषी उत्पादनाच्या संदर्भात उल्लेख करण्यात आला आहे.<ref name="GSDAKonkan">{{cite web |title=कोकण प्रदेश |publisher=भूजल सर्वेक्षण आणि विकास यंत्रणा, महाराष्ट्र शासन |url=https://gsda.maharashtra.gov.in/en-kokan/ }}</ref> कृषीमालाचे मूल्यवर्धन करण्यासाठी प्रक्रिया, प्रतवारी, पॅकेजिंग, साठवण, शीतसाखळी आणि बाजारपेठेशी थेट संपर्क यांसारख्या उपायांचा उपयोग केला जाऊ शकतो. महाराष्ट्राच्या कृषी निर्यातविषयक धोरणात्मक दस्तऐवजांमध्ये कोकणातील काजू प्रक्रिया केंद्रे, फळप्रक्रिया सुविधा, शीतसाखळी, पॅकगृहे तसेच आंबा आणि काजूसारख्या उत्पादनांसाठी निर्यातक्षम पायाभूत सुविधांच्या विकासाचा उल्लेख करण्यात आला आहे.<ref name="AgriculturalExportsMaharashtra">{{cite web |title=Enlarging Agricultural Exports |publisher=कृषी विभाग, महाराष्ट्र शासन |url=https://krishi.maharashtra.gov.in/Site/Upload/Pdf/Publications/AgrilExports.pdf }}</ref> अशा मूल्यवर्धन प्रक्रियेमुळे कृषी उत्पादनाच्या प्राथमिक विक्रीपलीकडे प्रक्रिया, पॅकेजिंग, वाहतूक, विपणन आणि विक्री या क्षेत्रांमध्ये आर्थिक उपक्रम निर्माण होऊ शकतात. मात्र त्याचा प्रत्यक्ष लाभ स्थानिक उत्पादक, शेतकरी संस्था किंवा ग्रामीण उद्योजकांना किती प्रमाणात मिळतो हे प्रदेश, उत्पादन आणि बाजारपेठेच्या परिस्थितीनुसार बदलू शकते. === आंबा, काजू, कोकम आणि भात प्रक्रिया उद्योग === कोकणातील फळे आणि इतर कृषी उत्पादनांवर आधारित प्रक्रिया उद्योगांना स्थानिक कृषी अर्थव्यवस्थेच्या विविधीकरणामध्ये महत्त्व प्राप्त झाले आहे. महाराष्ट्र शासनाच्या उद्योग संचालनालयाच्या सूक्ष्म आणि लघु उद्योग समूह विकास कार्यक्रमाच्या माहितीनुसार रत्‍नागिरीतील आंबा प्रक्रिया समूह आणि सिंधुदुर्गमधील काजू प्रक्रिया समूह यांचा अशा औद्योगिक समूहांमध्ये समावेश करण्यात आला आहे.<ref name="MSECDP-Ratnagiri-Sindhudurg">{{cite web |title=Investor's Guide — Micro & Small Enterprises-Cluster Development Programme (MSE-CDP) |publisher=Directorate of Industries, Government of Maharashtra |url=https://di.maharashtra.gov.in/_layouts/15/doistaticsite/English/investors_guide_mse_cdp.html |access-date=2026-08-22 |archive-date=2025-05-02 |archive-url=https://web.archive.org/web/20250502070715/http://di.maharashtra.gov.in/_layouts/15/doistaticsite/English/investors_guide_mse_cdp.html |url-status=dead }}</ref> कृषी प्रक्रिया उद्योगांमुळे उत्पादनानंतरच्या टप्प्यांमध्ये प्रक्रिया, प्रतवारी, पॅकेजिंग, साठवण, वाहतूक आणि विपणन यांसारख्या आर्थिक क्रियांना चालना मिळू शकते. त्यामुळे अशा उद्योगांचा ग्रामीण रोजगार आणि स्थानिक उद्योजकतेशी संबंध निर्माण होऊ शकतो. शेतकरी उत्पादक संस्था, सहकारी संस्था, महिला बचतगट, लघुउद्योग आणि स्थानिक उद्योजक यांचा सहभाग या प्रक्रियेत महत्त्वाचा ठरू शकतो; मात्र या सर्व घटकांच्या प्रत्यक्ष सहभागाचे प्रमाण प्रदेशानुसार बदलते. === पर्यटन आणि कृषी-पर्यटन === कोकणातील समुद्रकिनारे, डोंगर, किल्ले, मंदिरे, पारंपरिक घरे, स्थानिक संस्कृती आणि कृषी जीवन यांमुळे ग्रामीण पर्यटनाच्या विकासाला प्रादेशिक आधार मिळतो. महाराष्ट्र शासनाच्या ग्रामविकास आणि पंचायत राज विभागाने कोकण ग्रामीण पर्यटन विकास कार्यक्रम राबविला असून त्यामध्ये ग्रामीण भागातील रोजगार व स्वयंरोजगाराच्या संधी, पर्यटनाशी संबंधित पायाभूत सुविधा आणि गावांच्या विकासाला प्रोत्साहन देण्याचा उद्देश नमूद करण्यात आला आहे.<ref name="KonkanRuralTourism">{{cite web |title=कोकण ग्रामीण पर्यटन विकास कार्यक्रम |publisher=ग्रामविकास आणि पंचायत राज विभाग, महाराष्ट्र शासन |url=https://rdd.maharashtra.gov.in/scheme/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A4%A3-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE/ }}</ref> महाराष्ट्राच्या कृषी-पर्यटन धोरणामध्ये ग्रामीण विकास, कृषीमालासाठी बाजारपेठ निर्माण करणे, कृषीशी संबंधित पूरक व्यवसायांना प्रोत्साहन देणे आणि ग्रामीण महिला व युवकांसाठी रोजगाराच्या संधी निर्माण करणे यांसारख्या उद्दिष्टांचा समावेश आहे. शेतकरी आणि कृषी सहकारी संस्थांना कृषी-पर्यटन केंद्रांच्या विकासासाठी पात्र घटक म्हणूनही नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="MaharashtraAgriTourismPolicy">{{cite web |title=Agri Tourism Policy, 2016 |publisher=Maharashtra Institution for Transformation (MITRA), Government of Maharashtra |url=https://mahaniti.mahamitra.org/resources/policies }}</ref> कृषी-पर्यटनामुळे शेती, निवास, स्थानिक अन्नपदार्थ, ग्रामीण संस्कृती आणि पर्यटनसेवा यांच्यात आर्थिक संबंध निर्माण होऊ शकतात. तथापि अशा उपक्रमांचा विकास सर्व गावांमध्ये किंवा सर्व सामाजिक समूहांमध्ये समान प्रमाणात झाला आहे असे उपलब्ध स्रोतांवरून म्हणता येत नाही. त्यामुळे कुणबी समाजाच्या संदर्भात कृषी-पर्यटनाचा अभ्यास करताना स्थानिक पातळीवरील प्रत्यक्ष पुरावे स्वतंत्रपणे तपासणे आवश्यक आहे. === सहकार आणि ग्रामीण उद्योजकता === ग्रामीण कोकणातील कृषी आणि स्थानिक अर्थव्यवस्थेच्या विकासात सहकारी संस्था, शेतकरी उत्पादक संस्था, महिला बचतगट आणि लघुउद्योग यांसारख्या सामूहिक आर्थिक संस्थांना महत्त्व प्राप्त होऊ शकते. कृषीमालाची सामूहिक खरेदी, प्रक्रिया, साठवण, प्रतवारी, पॅकेजिंग आणि विक्री यांमुळे उत्पादकांना बाजारपेठेशी अधिक थेट संबंध प्रस्थापित करण्याच्या संधी निर्माण होऊ शकतात. रत्‍नागिरी जिल्ह्याच्या औद्योगिक विकासासंदर्भातील महाराष्ट्र शासनाच्या माहितीत आंबा, बहुफळ प्रक्रिया आणि मत्स्यव्यवसायाशी संबंधित औद्योगिक समूहांचा उल्लेख करण्यात आला आहे. अशा समूहाधारित विकासामुळे स्थानिक कृषी व मत्स्य उत्पादनांना प्रक्रिया, मूल्यवर्धन आणि बाजारपेठेशी जोडण्याची संधी निर्माण होऊ शकते.<ref name="RatnagiriIndustrialEcosystem2024" /> या पार्श्वभूमीवर सहकार आणि स्थानिक उद्योजकता ही ग्रामीण अर्थव्यवस्थेच्या विविधीकरणातील संभाव्य साधने मानता येतात. मात्र अशा संस्थांचा प्रत्यक्ष विस्तार आणि त्याचा कुणबी समाजावर होणारा परिणाम हा प्रदेश, उत्पादन, स्थानिक संस्था आणि आर्थिक परिस्थितीनुसार बदलू शकतो. === गावाकडे आर्थिक संसाधने आणि कौशल्ये परत येण्याची शक्यता === कोकणातील दीर्घकालीन स्थलांतरामुळे अनेक ग्रामीण कुटुंबांचे आर्थिक संबंध गाव आणि शहर या दोन्ही ठिकाणांशी जोडले गेले आहेत. कुंकेरी गावाच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या कालखंडांतील अभ्यासातून स्थलांतरित व्यक्ती आणि त्यांच्या मूळ गावामधील संबंध कायम राहिल्याचे दिसून येते. स्थलांतरामुळे कुटुंबांच्या उत्पन्नाच्या स्रोतांमध्ये आणि आर्थिक रणनीतींमध्येही बदल झाले.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> ग्रामीण आणि शहरी भागांतील अशा संबंधांमुळे स्थलांतरितांकडून कुटुंबांना आर्थिक मदत मिळणे, गावातील मालमत्ता आणि शेतीशी संबंध कायम राहणे तसेच शिक्षण आणि रोजगाराच्या माध्यमातून नवीन अनुभव प्राप्त होणे यांसारख्या प्रक्रिया घडू शकतात. तथापि शिक्षण, तांत्रिक कौशल्य, व्यवस्थापनाचा अनुभव किंवा उद्योजकीय क्षमता प्रत्यक्षपणे गावातील अर्थव्यवस्थेत किती प्रमाणात परत येतात याबाबत संपूर्ण कोकणासाठी स्वतंत्र आणि पुरेशी सांख्यिक माहिती उपलब्ध नाही. त्यामुळे स्थलांतराकडे केवळ ग्रामीण लोकसंख्येतील घट म्हणून न पाहता गाव आणि शहर यांच्यातील दीर्घकालीन आर्थिक व सामाजिक संबंधांच्या संदर्भात पाहणे अधिक व्यापक ठरते.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> === भविष्यातील संभाव्य विकासदिशा === कोकणातील ग्रामीण समुदायांच्या भविष्यातील आर्थिक विकासासाठी शेती आणि शेतीबाहेरील उत्पन्नस्रोत यांचा परस्परसंबंध विचारात घेणे आवश्यक ठरते. आंबा, काजू, कोकम, भात आणि इतर कृषी उत्पादनांचे मूल्यवर्धन, कृषी प्रक्रिया उद्योग, शीतसाखळी, पॅकेजिंग, स्थानिक ब्रँड, मत्स्यव्यवसाय, ग्रामीण पर्यटन आणि कृषी-पर्यटन यांसारख्या क्षेत्रांमध्ये विकासाच्या संधी उपलब्ध होऊ शकतात.<ref name="AgriculturalExportsMaharashtra" /><ref name="MSECDP-Ratnagiri-Sindhudurg" /> महाराष्ट्र शासनाच्या कोकण ग्रामीण पर्यटन विकास कार्यक्रमामध्ये ग्रामीण भागातील रोजगार आणि स्वयंरोजगाराच्या संधी, पर्यटनविषयक पायाभूत सुविधा आणि गावांच्या विकासाला प्रोत्साहन देण्याचा उद्देश नमूद करण्यात आला आहे.<ref name="KonkanRuralTourism" /> कृषी उत्पादनाचे मूल्यवर्धन, स्थानिक प्रक्रिया उद्योग, सहकारी संस्था, ग्रामीण पर्यटन, कृषी-पर्यटन, मत्स्यव्यवसाय आणि इतर बिगर-कृषी उपक्रम यांचा विकास झाल्यास ग्रामीण अर्थव्यवस्थेचे विविधीकरण होण्याची शक्यता आहे. मात्र या संभाव्य विकासदिशांचा प्रत्यक्ष परिणाम स्थानिक पायाभूत सुविधा, बाजारपेठ, भांडवल, कौशल्ये, संस्थात्मक क्षमता आणि स्थानिक सामाजिक-आर्थिक परिस्थितीवर अवलंबून राहील. या संदर्भात कुणबी समाजाचा आधुनिक आर्थिक इतिहास पाहताना पारंपरिक शेती, स्थलांतरातून निर्माण झालेले गाव-शहर संबंध, शिक्षणामुळे वाढलेल्या रोजगाराच्या संधी आणि बदलती ग्रामीण अर्थव्यवस्था या घटकांचा एकत्रित विचार करणे आवश्यक आहे. उपलब्ध स्रोत मात्र संपूर्ण कोकणातील कुणबी समाजासाठी या विकासदिशांचा स्वतंत्र परिणाम निश्चित करीत नाहीत. === भविष्यातील आव्हाने === आधुनिक कोकणातील ग्रामीण समाजासमोरील आव्हाने लोकसंख्याशास्त्रीय बदलांपुरती मर्यादित नाहीत. ग्रामीण भागातून शिक्षण आणि रोजगारासाठी होणारे स्थलांतर, शेतीवरील आर्थिक अवलंबित्वातील बदल, जमिनीचे तुकडीकरण, स्थानिक रोजगाराच्या मर्यादा, उच्च शिक्षणासाठी शहरी केंद्रांवरील अवलंबित्व तसेच आरोग्य, वाहतूक आणि डिजिटल दळणवळणाच्या सुविधांतील प्रादेशिक फरक हे परस्परसंबंधित घटक आहेत. कुंकेरीच्या दीर्घकालीन अभ्यासातून स्थलांतर, शिक्षण आणि रोजगाराच्या बदलत्या स्वरूपाचा ग्रामीण कुटुंबांच्या आर्थिक जीवनावर परिणाम झाल्याचे दिसून येते.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> दुसरीकडे कोकणामध्ये कृषी, बागायती, मत्स्यव्यवसाय, पर्यटन आणि स्थानिक कृषी उत्पादनांवर आधारित प्रक्रिया उद्योगांच्या विकासाच्या शक्यता आहेत. महाराष्ट्र शासनाच्या विविध कार्यक्रमांमध्ये ग्रामीण पर्यटन, कृषी-पर्यटन आणि औद्योगिक समूहांच्या विकासाला प्रोत्साहन देण्याचा उल्लेख आढळतो.<ref name="KonkanRuralTourism" /><ref name="MSECDP-Ratnagiri-Sindhudurg" /> या पार्श्वभूमीवर ग्रामीण अर्थव्यवस्थेचे विविधीकरण, स्थानिक रोजगाराच्या संधी, कृषीमालाचे मूल्यवर्धन आणि ग्रामीण पायाभूत सुविधांचा विकास हे कोकणाच्या भविष्यातील महत्त्वाचे विकासविषय ठरू शकतात. मात्र या प्रक्रियांचा कुणबी समाजावर स्वतंत्र आणि समान परिणाम होईल असे उपलब्ध स्रोतांवरून निश्चितपणे म्हणता येत नाही. === भविष्याचा प्रश्न : स्थलांतर थांबविणे की गावाशी नाते बदलणे? === कोकणातील ग्रामीण समाजाच्या भविष्यातील बदलांचा विचार करताना स्थलांतराकडे केवळ लोकसंख्या घटण्याच्या प्रक्रियेच्या रूपात पाहणे पुरेसे ठरत नाही. शिक्षण, रोजगार आणि व्यवसायासाठी स्थलांतर करणे ही ग्रामीण कुटुंबांच्या आर्थिक रणनीतींचा एक भाग असू शकते. त्यामुळे स्थलांतरित व्यक्तींचे मूळ गावाशी असलेले आर्थिक, सामाजिक आणि कौटुंबिक संबंध यांचाही विचार करणे आवश्यक ठरते. कुंकेरीच्या १९६१, १९८७ आणि २०१७ या कालखंडांतील तुलनात्मक अभ्यासातून मोठ्या प्रमाणावर बाह्य स्थलांतर झाले असतानाही गावातील काही सामाजिक रचना आणि जमीनधारणेच्या पद्धतींमध्ये सातत्य राहिल्याचे दिसून येते. त्याचबरोबर स्थलांतरित कुटुंबांचे गावाशी असलेले संबंध कायम राहिल्याचेही अभ्यासात नमूद करण्यात आले आहे.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> या दृष्टिकोनातून ग्रामीण आणि शहरी भागांतील संबंध हे परस्परविरोधी न मानता परस्परावलंबी स्वरूपाचे असू शकतात. शहरांमध्ये स्थायिक झालेल्या कुटुंबांचे गावातील जमीन, घर, कुटुंबीय आणि सामाजिक संस्थांशी संबंध कायम राहू शकतात. त्याचप्रमाणे स्थलांतरातून प्राप्त उत्पन्न, शिक्षण आणि अनुभव यांचा काही प्रमाणात ग्रामीण कुटुंबांच्या आर्थिक जीवनाशी संबंध राहू शकतो.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> त्यामुळे कोकणातील ग्रामीण समाजाच्या भविष्यातील विकासाचा विचार करताना ''गावात राहणे'' आणि ''गाव सोडणे'' या दोन परस्परविरोधी पर्यायांऐवजी ग्रामीण आणि शहरी अर्थव्यवस्थांमधील बदलते संबंध हा एक महत्त्वाचा अभ्यासविषय ठरतो. शेती, कृषी प्रक्रिया, पर्यटन, डिजिटल सेवा आणि स्थानिक उद्योजकता यांसारख्या क्षेत्रांचा विकास झाल्यास ग्रामीण भाग आणि स्थलांतरित लोकसंख्या यांच्यातील आर्थिक संबंधांना नवीन स्वरूप मिळण्याची शक्यता आहे. मात्र अशा संभाव्य परिणामांचे प्रत्यक्ष स्वरूप स्थानिक आर्थिक, सामाजिक आणि पायाभूत परिस्थितीनुसार बदलू शकते. आधुनिक कोकणातील कुणबी समाजाचा प्रश्न हा केवळ एखाद्या जातीय समुदायाच्या लोकसंख्येपुरता मर्यादित नाही; तो कोकणातील ग्रामीण समाजाच्या व्यापक सामाजिक आणि आर्थिक परिवर्तनाशी संबंधित आहे. २००१–२०११ च्या कालावधीत रत्‍नागिरी आणि सिंधुदुर्ग या दोन्ही जिल्ह्यांच्या एकूण लोकसंख्येत घट झाल्याचे जनगणना-आधारित आकडेवारीत दिसते. त्याच वेळी कुंकेरीसारख्या गावांच्या दीर्घकालीन अभ्यासातून शिक्षण, रोजगार आणि स्थलांतरामुळे ग्रामीण कुटुंबांच्या आर्थिक व सामाजिक जीवनात झालेले बदल स्पष्ट होतात.<ref name="DistrictwisePopulationMaharashtra" /><ref name="VartakTumbeBhide2019" /> या पार्श्वभूमीवर कुणबी समाजासह कोकणातील ग्रामीण समुदायांसमोरील भविष्यातील प्रश्न केवळ ग्रामीण लोकसंख्या टिकवून ठेवण्यापुरते मर्यादित न राहता शिक्षण, स्थानिक रोजगार, कृषीमालाचे मूल्यवर्धन, कृषी प्रक्रिया, सहकार, पर्यटन, डिजिटल दळणवळण आणि ग्रामीण उद्योजकता यांच्यातील परस्परसंबंधांशी जोडलेले आहेत. महाराष्ट्र शासनाच्या विविध योजनांमध्ये कृषी प्रक्रिया, औद्योगिक समूह, ग्रामीण पर्यटन आणि ग्रामीण विकासाशी संबंधित उपक्रमांना प्रोत्साहन देण्यात येत आहे.<ref name="AgriculturalExportsMaharashtra" /><ref name="MSECDP-Ratnagiri-Sindhudurg" /><ref name="KonkanRuralTourism" /> कोकणातून स्थलांतरित झालेल्या लोकांचे मूळ गावाशी आर्थिक आणि सामाजिक संबंध कायम राहू शकतात, असे कुंकेरीच्या दीर्घकालीन अभ्यासातून दिसून येते. त्यामुळे स्थलांतराकडे केवळ ग्रामीण लोकसंख्येतील घट म्हणून न पाहता गाव आणि शहर यांच्यातील बदलत्या आर्थिक व सामाजिक संबंधांच्या संदर्भात पाहणे अधिक योग्य ठरते.<ref name="VartakTumbeBhide2019" /> या दृष्टीने शिक्षण, रोजगार आणि स्थलांतरातून निर्माण झालेले ज्ञान, अनुभव आणि आर्थिक संसाधने ग्रामीण अर्थव्यवस्थेशी जोडण्याच्या शक्यतांचा अभ्यास भविष्यात महत्त्वाचा ठरू शकतो. मात्र अशा प्रक्रियेचा संपूर्ण कोकणातील कुणबी समाजावर प्रत्यक्ष परिणाम किती प्रमाणात होतो, याबाबत स्वतंत्र आणि जातीनिहाय पुरेसा सांख्यिक पुरावा उपलब्ध नसल्यामुळे त्याविषयी निश्चित निष्कर्ष काढणे सध्या शक्य नाही. == चित्र दालन == <gallery mode="packed" heights="180"> File:The tribes and castes of the Central Provinces of India (1916) (14577097260).jpg|ब्रिटिशकालीन काळातील कुणबी/कृषक समूहाचे ऐतिहासिक चित्रण File:कोकणातील शेतकरी व बैलजोडी.jpg|कोकणातील पारंपरिक शेती आणि बैलजोडी File:Konkan - Ukshi Village - Part 2 20151220 (23704381920).jpg|उक्षी गाव, रत्‍नागिरी जिल्हा File:Konkan - Ukshi Village - Part 2 20151220 (24000097155).jpg|उक्षी गावातील ग्रामीण जीवन File:गावातील बलुतेदार.jpg|गावातील पारंपरिक बलुतेदारी व्यवस्था File:उदगीर वन व जंगल.jpg|कोकणातील नैसर्गिक परिसर आणि ग्रामीण जीवन File:Konkan - Songiri Village - Ratnagiri District - Part 1 20151218 (23997376885).jpg|सोंगीरी गाव, रत्‍नागिरी जिल्हा File:Konkan - Songiri Village - Ratnagiri District - Part 1 20151218 (23629305669).jpg|सोंगीरी गावातील ग्रामीण परिसर File:Paddy field in Maharashtra 9.jpg|महाराष्ट्रातील भातशेती File:A scene from Dashavatara folk theatre in Konkan region.jpg|कोकणातील दशावतार लोकनाट्य File:Palakhinrutya - Dance of Palanquin of Village Dities - Shimagotsav in Kokan - Maharashtra.jpg|कोकणातील शिमगोत्सवातील पालखी नृत्य File:खडीकोळवण देव गांगेश्वर ग्राम मंदीर.jpg|खडीकोळवण येथील देव गांगेश्वर ग्राममंदिर File:MaharashtraKonkan.png|महाराष्ट्रातील कोकण प्रदेशाचा नकाशा </gallery> == हे सुद्धा पहा == * [[कोकण]] * [[रत्‍नागिरी जिल्हा]] * [[सिंधुदुर्ग जिल्हा]] * [[रायगड जिल्हा]] * [[कुणबी]] * [[मराठा]] * [[महाराष्ट्रातील जातिव्यवस्था]] == बाह्य दुवे == * [https://censusindia.gov.in/ भारताची जनगणना — भारताचे जनगणना आयुक्त कार्यालय] * [https://gazetteers.maharashtra.gov.in/ महाराष्ट्र शासन — गॅझेटियर विभाग] * [https://www.bartievalidity.maharashtra.gov.in/ डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था — जात वैधता पडताळणी माहिती प्रणाली] {{Webarchive|url=https://web.archive.org/web/20260119160227/http://www.bartievalidity.maharashtra.gov.in/ |date=2026-01-19 }} * [https://raigad.gov.in/en/maratha-kunbi-documents-2/ रायगड जिल्हा प्रशासन — कुणबी-मराठा दस्तऐवज] * [https://censusindia.gov.in/nada/index.php/catalog/31003/download/34184/49541_1961_KUN.pdf कुंकेरी ग्रामसर्वेक्षण, १९६१] {{कोकण लोकजीवन}} == संदर्भ == {{reflist|4}} [[वर्ग:कोकण]] [[वर्ग:महाराष्ट्र]] [[वर्ग:समाज]] 740vg6il540ac6uzmrwgqlojjjexyjw नीम करोली बाबा 0 383530 2710728 2708526 2026-09-19T12:01:50Z InternetArchiveBot 130355 Add 5 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710728 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''नीम करोली बाबा''' किंवा '''नीब करौरी बाबा''' हे एक हिंदू गुरू होते. त्यांचे अनुयायी त्यांना महाराज-जी म्हणून संबोधत असे. बाबा हे [[हनुमान]]भक्त होते. त्यांचा जन्म सुमारे {{Circa|1900}} मध्ये "लक्ष्मण नारायण शर्मा" म्हणून झाला आणि ११ सप्टेंबर १९७३ रोजी त्यांचा मृत्यू झाला.<ref name="Jones2006">{{cite encyclopedia|last=Jones|first=Constance |author-link=Constance Jones |last2=Ryan |first2=James D. |title=Encyclopedia of Hinduism |publisher=Infobase Publishing |year=2006 |isbn=978-0-8160-7564-5 |page=310}}</ref><ref>{{cite web |author= Swami Chidananda|author-link=Swami Chidananda | title = Baba Neem Karoli: A Wonder Mystic of Northern India | url = http://www.dlshq.org/saints/neemkaroli.htm|work=[[Divine Life Society]] | access-date = 2015-10-04}}</ref><ref>{{cite web | title = सुर्खियों में आया बाबा नीब करौरी का आश्रम |work=[[Dainik Bhaskar]]| url = https://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-neeb-karori-baba-who-has-been-magnet-for-mark-zuckerberg-steve-jobs-5129042-PHO.html |language=hi|date=1 October 2015| access-date = 2015-10-04 }}</ref> == आत्मचरित्र== [[चित्र:Early morning Glimpse of Kainchi Dham Nainital 2023.jpg|इवलेसे|कैची धाम आश्रम (स्थापना:१९६४)]] बाबांचा जन्म १९०० च्या सुमारास भारताच्या [[उत्तर प्रदेश]] राज्यातील आंबेडकर नगर जिल्ह्यातील अकबरपूर गावात एका श्रीमंत [[ब्राह्मण]] कुटुंबात झाला. त्यांचे पूर्वाश्रमीचे नाव लक्ष्मण नारायण शर्मा असे होते.<ref name="Jones2006" /> वयाच्या ११ व्या वर्षी त्यांच्या पालकांनी त्यांचे लग्न लावून दिले. परंतु ते एक विरक्त संन्यासी बनण्यासाठी घर सोडून निघून गेले. त्या काळी 'बाबा लक्ष्मण दास' म्हणून ओळखले जाणारे नीम करोली बाबा यांनी इ.स. १९११ च्या सुमारास आपले घर सोडले आणि उत्तर भारतात भटकंती केली.<ref name=miracle>Ram Dass (1995). ''Miracle of Love: Stories about Neem Karoli Baba''. Hanuman Foundation. {{ISBN|1-887474-00-5}}.</ref> नंतर वडिलांच्या विनंतीवरून ते संसारी आणि वैवाहिक जीवन जगण्यासाठी घरी परतले. त्यांना दोन मुलगे आणि एक मुलगी झाली.<ref>{{cite web|url=http://www.indiatvnews.com/news/india/neem-karoli-baba-facebook-mark-zuckerberg-apple-steve-jobs-54973.html|title=10 facts to know about Neem Karoli Baba|date=1 October 2015}}</ref> त्यांच्या हयातीत कैंची आणि वृंदावन येथे दोन मुख्य आश्रम बांधले गेले.<ref name="Jones2006"/> त्यांनी आपल्या आयुष्याचे शेवटचे दशक ज्या कैंची धाम येथे घालवले, तेथील कैंची धाम १९६४ मध्ये एका हनुमानजी मंदिरासह बांधण्यात आले.<ref>{{cite web | title = Devotees throng Kainchi Dham fair | url = http://timesofindia.indiatimes.com/city/dehradun/Devotees-throng-Kainchi-Dham-fair/articleshow/47680464.cms |date=15 June 2015| access-date = 2015-10-01 | newspaper = The Times of India }}</ref><ref> {{cite web | title = 10 facts to know about Neem Karoli Baba | url = http://www.indiatvnews.com/news/india/neem-karoli-baba-facebook-mark-zuckerberg-apple-steve-jobs-54973.html |work=India TV News|date=1 October 2015| access-date = 2015-10-01 }}</ref><ref name=telegraph2015>{{cite web | title = One 'Mark' who stayed two nights | url = http://www.telegraphindia.com/1150930/jsp/frontpage/story_45349.jsp#.Vg09Kuyqqko| archive-url = | archive-date = |work=The Telegraph |date=30 September 2015| access-date = 2015-10-01 }}</ref> कालांतराने त्यांच्या नावाने १०० हून अधिक मंदिरे बांधली गेली.<ref name="Jones2006"/> नीम करोली बाबा यांचे ११ सप्टेंबर १९७३ रोजी पहाटे १:१५ वाजताच्या सुमारास [[वृंदावन]] येथील एका रुग्णालयात मधुमेह झाल्याने कोमात गेल्याने निधन झाले.<ref>{{Cite web|title=My mystical experience at Neem Karoli Baba's Kainchai Dham ashram!|url=https://www.speakingtree.in/allslides/kainchi-dham-ashram-neem-karoli-baba-nainital|access-date=2020-11-11|website=www.speakingtree.in}}</ref><ref>{{Cite book|last=Aymard|first=Orianne|authorlink=Orianne Aymard|title=When a Goddess Dies: Worshipping Ma Anandamayi after Her Death|publisher=Oxford University Press|year=2014|isbn=9780199368617|page=257}}</ref> छातीत दुखत असल्यामुळे आग्रा येथील हृदय विकार तज्ज्ञाला भेट देऊन ते रात्रीच्या ट्रेनने नैनीताल जवळील कैंचीकडे परतत होते.<ref>{{Cite book|title=Encyclopedia of Hinduism|url=https://archive.org/details/encyclopediaofhi0000jone|isbn=0816075646|page=[https://archive.org/details/encyclopediaofhi0000jone/page/310 310]|last1=Jones|first1=Constance|last2=Ryan|first2=James D.|year=2006}}</ref> ते आणि त्यांच्यासोबत प्रवास करणारे सहकारी [[मथुरा]] रेल्वे स्थानकावर उतरले, जिथे त्यांना आकडी येऊ लागली. सबब त्यांना एका रुग्णालयात नेण्यात आले, तिथेच त्यांचा मृत्यू झाला.<ref>{{Cite web|title=The Divine Reality – Sri Baba Neeb Karori Ji Maharaj (Neem Karoli Baba) 9788190310505|url=https://dokumen.pub/the-divine-reality-sri-baba-neeb-karori-ji-maharaj-neem-karoli-baba-9788190310505.html|access-date=2020-11-11|website=dokumen.pub|language=en}}</ref><ref>{{Cite book|last=Geraghty|first=Anne|url=https://books.google.com/books?id=1x_tBAAAQBAJ&q=diabetic&pg=PT30|title=Death, the Last God: A Modern Book of the Dead|year=2014|publisher=John Hunt Publishing|isbn=978-1-78279-708-1|language=en}}</ref> त्यांचे शेवटचे शब्द, जे त्यांनी अनेक वेळा उच्चारले, ते "जय जगदीश हरे" हे होते.<ref name="miracleoflove">Ram Dass (1995). ''Miracle of Love: Stories about Neem Karoli Baba''. Hanuman Foundation. {{ISBN|1-887474-00-5}} [http://www.ramdass.org/great-escape/]</ref> त्यांचे समाधी मंदिर वृंदावन आश्रम परिसरामध्ये बांधण्यात आले आहे. == अनुयायी == बाबांचे जगभरात अनेक अनुयायी तथा भक्त होते. त्यांचे अनेक प्रसिद्ध विदेशी व्यक्ती भक्त आणि शिष्य होते, ज्यांनी त्यांचे विचार आणि प्रेमळ संदेश पश्चिम देशांमध्ये पोहोचवले. बाबांच्या उल्लेखनीय शिष्यांमध्ये पुढील काही व्यक्तींचा समावेश होतो.<ref name="trust">{{संकेतस्थळ स्रोत |दुवा=https://maharajjisevatrust.com/influenced-personalities |title=Famous devotees & influences of Maharaj ji |लेखक= |दिनांक= |संकेतस्थळ= |प्रकाशक= |भाषा=en |अ‍ॅक्सेसदिनांक=२ सप्टेंबर २०२६ |विदा संकेतस्थळ दुवा= |विदा दिनांक=}}</ref> # लेखक आणि ध्यान शिक्षक लामा सूर्य दास आणि संगीतकार जय उत्तल व कृष्ण दास # इतर उल्लेखनीय भक्तांमध्ये, दादा मुखर्जी (अलाहाबाद विद्यापीठ, उत्तर प्रदेश, भारत येथील माजी प्राध्यापक ) # विदुषी आणि लेखिका यवेट रॉसर, # अमेरिकन आध्यात्मिक गुरू मा जया सती भगवती, # चित्रपट निर्माते जॉन बुश # 'द व्हरायटीज ऑफ द मेडिटेटिव्ह एक्सपीरियन्स' व 'इमोशनल इंटेलिजन्स'चे लेखक डॅनियल गोलमन यांचा समावेश होतो. # बाबा हरी दास (हरिदास) हे शिष्य नव्हते, परंतु १९७१ च्या सुरुवातीला कॅलिफोर्नियामध्ये आध्यात्मिक गुरू होण्यासाठी अमेरिकेला जाण्यापूर्वी त्यांनी नैनिताल परिसरातील अनेक इमारतींची देखरेख केली आणि आश्रमांची देखभाल केली (१९५४-१९६८). # स्टीव्ह जॉब्स, त्यांचे मित्र डॅन कॉटकी यांच्यासोबत, हिंदू धर्म आणि भारतीय अध्यात्माचा अभ्यास करण्यासाठी एप्रिल १९७४ मध्ये भारतात आले होते; त्यांनी नीम करोली बाबांना भेटण्याची योजनाही आखली होती, परंतु तिथे पोहोचल्यावर त्यांना कळले की मागील सप्टेंबरमध्येच गुरूंचे निधन झाले होते. # हॉलिवूड अभिनेत्री ज्युलिया रॉबर्ट्स देखील नीम करोली बाबांच्या प्रभावाखाली होत्या. त्यांच्या एका चित्राने रॉबर्ट्सला हिंदू धर्माकडे आकर्षित केले. # स्टीव्ह जॉब्स यांच्या प्रभावाखाली येऊन मार्क झुकरबर्ग यांनी कैंची येथील नीम करोली बाबांच्या आश्रमाला भेट दिली. # लॅरी ब्रिलियंट यांनी गुगलचे लॅरी पेज आणि ईबेचे सह-संस्थापक जेफ्री स्कॉल यांना या तीर्थयात्रेला नेले. # राम दास (रिचर्ड अल्बर्ट): हार्वर्ड युनिव्हर्सिटीचे माजी प्रोफेसर. ते बाबांचे अत्यंत लाडके शिष्य बनले. त्यांनी 'रम डॅस' हे नाव धारण केले आणि ' बी हिअर नाऊ', 'ब्युटीफुल फर्दर' व 'ग्लिम्पसेस ऑफ सनलाइट' सारख्या पुस्तकांमार्फत बाबांचा संदेश जगात पसरवला.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत |दुवा=https://www.abplive.com/lifestyle/religion/harvard-university-professor-richard-alpert-addict-became-a-devotee-of-neem-karoli-baba-miracle-2414516 |title=कैसे एक विदेशी बन गया बाबा नीम करोली का भक्त, रिचर्ड अल्पर्ट से कहलाने लगा रामदास |लेखक= |दिनांक= |संकेतस्थळ= |प्रकाशक= |भाषा=hi |अ‍ॅक्सेसदिनांक=२ सप्टेंबर २०२६ |विदा संकेतस्थळ दुवा= |विदा दिनांक=}}</ref> # कृष्ण दास (जेफ्री काँग): प्रसिद्ध अमेरिकन भजन व कीर्तन गायक. त्यांनी बाबांच्या प्रेरणेने संगीताच्या माध्यमातून भक्तीचा प्रचार केला.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत |दुवा=https://www.nainital.info/attractions/neem-karoli-baba-maharajji/ |title=Neem Karoli Baba |लेखक= |दिनांक= |संकेतस्थळ=२ सप्टेंबर २०२६ |प्रकाशक= |भाषा=en |अ‍ॅक्सेसदिनांक= |विदा संकेतस्थळ दुवा= |विदा दिनांक=}}</ref> # भगवान दास: अमेरिकन आध्यात्मिक शिक्षक आणि राम दास यांचे मार्गदर्शक, जे नीम करोली बाबांच्या संपर्कात आले होते.<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत |दुवा=https://isha.sadhguru.org/en/blog/article/why-neem-karoli-baba-sent-ram-dass-to-the-west |title=Why Neem Karoli Baba Sent Ram Dass to the West |लेखक= |दिनांक= |संकेतस्थळ= |प्रकाशक= |भाषा=en |अ‍ॅक्सेसदिनांक=२ सप्टेंबर २०२६ |विदा संकेतस्थळ दुवा= |विदा दिनांक=}}</ref> # लॅरी ब्रिलियंट: प्रख्यात महामारीशास्त्रज्ञ आणि मानवतावादी. त्यांनी बाबांच्या प्रेरणेने जागतिक आरोग्य क्षेत्रात मोठे कार्य केले आणि नंतर गुगलचे सह-संस्थापक लॅरी पेज व ईबेचे सह-संस्थापक जेफ्री स्कॉल यांना कैंची धामची यात्रा घडवली.<ref name="trust" /> # डॅनियल गोलमन: प्रसिद्ध मानसशास्त्रज्ञ आणि 'इमोशनल इंटेलिजन्स' या पुस्तकाचे लेखक.<ref name="trust" /> # स्टीव जॉब्स (एप्पलचे सह-संस्थापक): ते स्वतः बाबांना भेटू शकले नाहीत कारण त्यापूर्वीच बाबांनी समाधी घेतली होती, परंतु त्यांच्या यात्रेमुळे स्टीव जॉब्सच्या जीवनावर मोठा आध्यात्मिक प्रभाव पडला.<ref name="trust" /> # मार्क जुकरबर्ग (फेसबुकचे मालक): स्टीव जॉब्सच्या सल्ल्यानुसार त्यांनी कैंची धामला भेट दिली होती.<ref name="trust" /> # जुलिया रॉबर्ट्स: प्रसिद्ध हॉलीवुड अभिनेत्री, ज्या नीम करोली बाबांच्या एका छायाचित्रामुळे हिंदू धर्माकडे आणि अध्यात्माकडे आकर्षित झाल्या.<ref name="trust" /> # == वारसा == अमेरिकेत परतल्यानंतर, [[राम दास]] आणि [[लॅरी ब्रिलियंट]] यांनी कॅलिफोर्नियातील बर्कले येथे मुख्यालय असलेल्या [[सेवा फाऊंडेशन]] या आंतरराष्ट्रीय आरोग्य संस्थेची स्थापना केली.<ref name="Imbimbo2009">{{cite book|author=Anthony Imbimbo|title=Steve Jobs: The Brilliant Mind Behind Apple|url=https://books.google.com/books?id=9Mv5tVPB4hEC&pg=PA42|date= 2009|publisher=Gareth Stevens|isbn=978-1-4339-0060-0|pages=43}}</ref> २००० च्या दशकाच्या उत्तरार्धात नीम करोली बाबा यांच्या शिकवणीचा प्रसार करण्यासाठी 'लव्ह सर्व्ह रिमेंबर फाऊंडेशन'ची स्थापना करण्यात आली.<ref>{{cite web | title = Love Serve Remember Foundation - Ram Dass | url = https://www.ramdass.org/love-serve-remember-foundation/ | access-date = 2015-10-06 | archive-date = 2015-09-05 | archive-url = https://web.archive.org/web/20150905173050/https://www.ramdass.org/love-serve-remember-foundation/ | url-status = dead }}</ref> २०२४ मध्ये त्यांचे अनुयायी [[राहुल वर्मा]] यांनी एनकेबी डिव्हाईन मेडिटेशन फाऊंडेशनची स्थापना केली, जी नीम करोली बाबांच्या शिकवणीवर आधारित विनामूल्य मार्गदर्शित ध्यानाचे सत्र देते.<ref name="Hindustan Times">{{cite news | title = An ode to Neem Karoli Baba: Delhi gets a new meditation centre in Greater Kailash | url = https://www.hindustantimes.com/htcity/htcity-delhi-junction/an-ode-to-neem-karoli-baba-delhi-gets-a-new-meditation-centre-in-greater-kailash-101725431746688.html | work = [[Hindustan Times]] | access-date = 2024-09-09 }}</ref><ref>{{cite web | title = NKB Divine Meditation Foundation | url = https://nkbmeditation.org/ | access-date = 2024-09-09 }}</ref> प्रत्येक वर्षी १५ जून रोजी, १९६४ मधील कैंची धामच्या स्थापना दिनाचे स्मरण करण्यासाठी, 'कैंची धाम मेला' म्हणून ओळखला जाणारा एक मोठा मेळा आयोजित केला जातो, ज्यामध्ये हजारो भक्त आणि भाविक भाग घेतात.<ref name="n747">{{cite web | last=बेलवाल | first=ललित मोहन | title=कैंची धाम में किस दिन लगेगा भव्य मेला, नीम करोली बाबा के दर से कोई नहीं लौटता है खाली हाथ | website=Navbharat Times | date=2025-06-14 | url=https://navbharattimes.indiatimes.com/astro/religion-rituals/pilgrimage/neem-karoli-baba-kainchi-dham-mela-15-june-2025-kainchi-dham-sthapna-diwas-kab-hai/articleshow/121842126.cms | language=hi | access-date=2025-10-22}}</ref><ref name="g840">{{cite web | last=Singh | first=Govind | title=Kainchi Dham Mela 2025: तैयारियां शुरू, 15 जून को उमड़ेगी भीड़; जाम से बचने को बनाया फुलप्रूफ प्‍लान | website=Jagran | date=2025-06-05 | url=https://www.jagran.com/uttarakhand/nainital-kainchi-dham-mela-2025-preparations-begin-shuttle-services-planned-23956661.html | language=hi | access-date=2025-10-22}}</ref> [[File:Neem Karoli Baba Sculpture in Ram Dass Library.jpg|इवलेसे|राम दास लायब्ररीमधील नीम करोली बाबांचा पुतळा]] [[File:NKB Divine Meditation Centre.png |इवलेसे|नवीन दिल्ली येथील एनकेबी डिव्हाईन मेडिटेशन सेंटरमध्ये ध्यान करणारे नीम करोली बाबांचे भक्त]] [[File:Neem Karoli Baba, Samadhi Mandir, Vrindavan.JPG |इवलेसे|नीम करोली बाबा समाधी मंदिर, वृंदावन]] == चित्रपट आणि इतर माध्यमे == # जपना तुलसी दिग्दर्शित 'विंडफॉल ऑफ ग्रेस' हा नीम करोली बाबा आणि त्यांच्या भक्तांवर आधारित एक लघुपट (डॉक्युमेंटरी चित्रपट) आहे. हा चित्रपट भक्तांच्या अनुभूती, कीर्तन आणि बाबांशी संबंधित ठिकाणांच्या भेटींद्वारे बाबांचे जीवन आणि त्यांचा वारसा उलगडून दाखवतो.<ref>{{cite web |title=Windfall of Grace |url=https://www.windfallofgrace.com/ |publisher=Windfall of Grace |access-date=29 August 2026}}</ref> # 'मूव्ह्ड बाय ग्रेस' हा नीम करोली बाबांच्या भक्तांवर आणि बाबांशी जोडल्या गेल्यानंतरच्या त्यांच्या अनुभवांवर आधारित एक माहितीपट आहे. हा चित्रपट बाबांच्या जन्माच्या वर्धापनदिनी १ डिसेंबर २०२२ रोजी रिलीज झाला.<ref>{{cite web |title=Moved by Grace |url=https://www.windfallofgrace.com/moved-by-grace |publisher=Windfall of Grace |date=1 December 2022 |access-date=29 August 2026}}</ref> # ''वन ट्रॅक हार्ट: द स्टोरी ऑफ कृष्णा दास'' हा कृष्णा दास यांच्यावरील २०१२ मधील एक माहितीपट आहे. यात नीम करोली बाबांच्या शोधात त्यांनी भारताचा केलेला प्रवास आणि त्यानंतर बाबांसोबत जुळलेले त्यांचे आध्यात्मिक नाते दाखवण्यात आले आहे.<ref>{{cite web |title=One Track Heart: The Story of Krishna Das |url=https://www.filmlinc.org/films/one-track-heart-the-story-of-krishna-das/ |publisher=Film at Lincoln Center |date=2012 |access-date=29 August 2026}}</ref> # 'अमेरिकन योगी' हा स्टीव्हन न्यूमार्क यांनी दिग्दर्शित केलेला आणि नीम करोली बाबांच्या जीवनावर आधारित एक माहितीपट आहे. हा चित्रपट न्यूमार्कच्या प्रवासाचा आणि पाश्चात्य प्रेक्षकांसमोर भारतीय अध्यात्म सादर करण्याच्या त्यांच्या प्रयत्नांचा मागोवा घेतो.<ref>{{cite web |title=Adventure of an American Yogi: An Effort to take Indian Spiritualism to the West |url=https://www.pib.gov.in/newsite/PrintRelease.aspx?lang=2&reg=48&relid=112203 |publisher=Press Information Bureau, Government of India |date=29 November 2014 |access-date=29 August 2026}}</ref> # 'ब्रिलियंट डिस्गाइज: द समाधी ऑफ के. सी. तिवारी' हा डेव्हिड सिल्व्हर यांनी २०२२ मध्ये दिग्दर्शित केलेला, नीम करोली बाबांचे भक्त के. सी. तिवारी यांच्यावरील एक माहितीपट आहे. हा चित्रपट तिवारींचे जीवन, बाबांशी त्यांचा संबंध आणि भारतात प्रवास करणाऱ्या पाश्चात्य आध्यात्मिक साधकांच्या प्रवासाचे चित्रण करतो.<ref>{{cite web |title=Brilliant Disguise Film Page |url=https://www.ramdass.org/brilliantdisguise/ |publisher=Ram Dass |access-date=29 August 2026}}</ref> # 'श्री बाबा नीब करोरी महाराज' हा शरद सिंग ठाकूर यांनी दिग्दर्शित २०२६ मधील हिंदी भाषेतील चरित्रपर (बायोग्राफिकल) नाटक चित्रपट आहे, ज्यामध्ये सुबोध भावे यांनी नीम करोली बाबांची भूमिका साकारली आहे. हा चित्रपट २९ मे २०२६ रोजी प्रदर्शित झाला.<ref>{{cite web |title=Shree Baba Neeb Karori Maharaj |url=https://in.bookmyshow.com/movies/annigeri/shree-baba-neeb-karori-maharaj/ET00494239 |publisher=BookMyShow |access-date=29 August 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=Subodh Bhave |url=https://www.bollywoodhungama.com/celebrity/subodh-bhave/filmography/ |publisher=Bollywood Hungama |access-date=29 August 2026}}</ref> # ''[[हनुमान अंश]]'' हा विशाल चतुर्वेदी यांनी लिहिलेला आणि दिग्दर्शित केलेला २०२६ मधील हिंदी भाषेतील भक्तीप्रधान नाटक चित्रपट आहे. हा चित्रपट नीम करोली बाबांशी संबंधित वास्तविक जीवनातील घटनांवर आधारित असून यात शोभिना सतत्याने बाबांची भूमिका साकारली आहे. हा चित्रपट ७ ऑगस्ट २०२६ रोजी चित्रपटगृहात प्रदर्शित झाला.<ref>{{cite news |title='Hanuman Ansh' review |url=https://filminformation.com/reviews/hanuman-ansh-review-7-august-2026/ |work=Film Information |date=7 August 2026 |access-date=29 August 2026}}</ref> == ग्रंथ सूची == {{refbegin|40em}} * {{cite book |author-link=Bhagavan Das (yogi) |author=Bhagavan Das |year=1997 |title=It's Here Now (Are You?) |url=https://archive.org/details/itsherenowareyou0000bhag |publisher= Broadway |isbn=0-7679-0009-X}} * {{cite book |author=Hanuman Foundation |title=Neem Karoli Baba |url=https://books.google.com/books?id=igsSoAEACAAJ |year=1980 |publisher=Hanuman Foundation}} * {{cite book |editor=Keshav Das |year=2011 |title=Barefoot in the Heart: Remembering Neem Karoli Baba |publisher=Sensitive Skin Books. |isbn=978-0-9839271-2-9}} * {{cite book |author-link=Krishna Das (singer) |author=Krishna Das |year=2010 |title=Chants of a Lifetime: Searching for a Heart of Gold |url=https://archive.org/details/chantsoflifetime0000dask |publisher=Hay House, Inc. |isbn=978-1-4019-2022-7}} * {{cite book|first=Parvati |last=Markus|title=Love Everyone: The Transcendent Wisdom of Neem Karoli Baba and His Devotees | date=October 1996 |publisher=Hanuman Foundation |isbn=1-887474-02-1}} * {{cite book |last=Pande |first=Ravi Prakash |title=Divine Reality: Shri Baba Neem Karoli Baba|publisher=HarperOne|year=2015|isbn=978-0062342997}} * {{cite book |last=Mukerjee |first=Dada |year=2001 |title=By His Grace: A Devotee's Story |url=https://archive.org/details/byhisgracedevote0000dada |publisher=Hanuman Foundation |isbn=0-9628878-7-0}} * {{cite book |last=Mukerjee |first=Dada |year=2001 |title=The Near and the Dear: Stories Neeb Karori Ji Maharaj |publisher=Shri Kainchi Hanuman Mandir Ashram}} * {{cite book |author=Ram Dass |author-link=Ram Dass |year=1971 |title=[[Be Here Now (book)|Be Here Now]] |publisher=Three Rivers Press |isbn=0-517-54305-2}} * {{cite book |author=Ram Dass |title=Miracle of Love: Stories about Neem Karoli Baba |publisher=Hanuman Foundation |year=1995 |isbn=1887474005}} * {{cite book |first=Jai Ram |last=Ransom |title=It All Abides in Love: Maharaji Neem Karoli Baba |url=https://archive.org/details/itallabidesinlov0000rans |publisher=Taos Music and Art, Inc. |year=2014 |isbn=9780990718222}} * {{cite book |first=Jaya |last=Prasada |title=Sri Siddhi Ma The Story of Neem Karoli Baba's Spiritual Legacy |publisher=India Penguin|year=2022 |isbn=9780143457831}} {{refend}} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे == {{कॉमन्स वर्ग|Neem Karoli Baba|नीम करोली बाबा}} *{{URL|http://nkbashram.org/|Neem Karoli Baba Ashram, Taos, New Mexico}} *{{URL|https://nkbmeditation.org/|Neem Karoli Baba Meditation Centre, New Delhi}} *{{URL|https://maharajji.love/|Maharaj Ji's Ashram}} *''{{URL|https://www.windfallofgrace.com/|Windfall of Grace}}'' {{DEFAULTSORT: बाबा , नीम करोली}} [[वर्ग:हिंदू आध्यात्मिक गुरू]] [[वर्ग:इ.स. १९०० मधील जन्म]] [[वर्ग:इ.स. १९७३ मधील जन्म]] [[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]] bxxvqsk5bsvepnyifjxe9wvdbeqx63k मुचकुंद ऋषींची गुहा (माचाळ) 0 383578 2710809 2710250 2026-09-19T16:07:50Z InternetArchiveBot 130355 Add 1 book for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710809 wikitext text/x-wiki '''माचाळ हे महाराष्ट्रातील रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील लांजा तालुक्यातील गाव''' आहे. २०११ च्या जनगणनेनुसार माचाळ गावाचा स्थान-कोड ५६५९६५, क्षेत्रफळ ७१६.३ हेक्टर, लोकसंख्या ४२७ आणि कुटुंबांची संख्या ९५ होती. <ref name="Census2011Machal">{{cite book |author=भारत सरकार, जनगणना आयुक्त कार्यालय |title=Census of India 2011: District Census Handbook, Ratnagiri |publisher=Office of the Registrar General & Census Commissioner, India |location=New Delhi |year=2011 |page=माचाळ (Machal), 565965 }}</ref> '''माचाळ परिसराशी मुचकुंदी नदीचा उगम''' संबंधित आहे. जुन्या गॅझेटिअरमध्ये माचाळच्या डोंगराचा आणि मुचकुंदी नदीच्या उगमाचा उल्लेख मुचकुंद ऋषींशी संबंधित स्थानिक परंपरेच्या संदर्भात करण्यात आला आहे.<ref name="Campbell1880Machal">{{cite book |last=Campbell |first=James M. |title=Gazetteer of the Bombay Presidency, Volume X: Ratnagiri and Savantvadi |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1880 |page=301 }}</ref> === गुहेचे स्थान === '''मुचकुंद ऋषींची गुहा माचाळ गावाच्या डोंगराच्या पश्चिम बाजूस''' असल्याचे १८८० मध्ये प्रकाशित Gazetteer of the Bombay Presidency मध्ये नमूद करण्यात आले आहे. त्या नोंदीनुसार गुहेचे तोंड अरुंद असून, स्थानिक कथेनुसार या गुहेत प्रसिद्ध ऋषी मुचकुंद राहत होते.{{sfn|Campbell|1880|p=301}} == नाव आणि स्थानिक परंपरा == माचाळ येथील गुहेचा संबंध स्थानिक परंपरेत मुचकुंद ऋषींशी जोडला जातो. १८८० मध्ये प्रकाशित Gazetteer of the Bombay Presidency मध्ये माचाळच्या डोंगराच्या पश्चिम बाजूस अरुंद तोंडाची एक गुहा असून, स्थानिक कथेनुसार त्या गुहेत प्रसिद्ध ऋषी मुचकुंद राहत होते, अशी नोंद करण्यात आली आहे. {{sfn|Campbell|1880|p=301}} ही परंपरा १९व्या शतकापुरती मर्यादित राहिलेली नसल्याचे उपलब्ध नोंदींवरून दिसते. १९१५ मध्ये प्रकाशित *Folk Lore Notes, Vol. II—Konkan* मध्ये माचाळजवळील सह्याद्री पर्वतावरील मुचकुंद ऋषींची गुहा पवित्र मानली जाते, अशी लोकपरंपरेची नोंद करण्यात आली आहे. <ref name="JacksonEnthoven1915">{{cite book |last1=Jackson |first1=A. M. T. |last2=Enthoven |first2=R. E. |title=Folk Lore Notes, Vol. II—Konkan |url=https://archive.org/details/folklorenotesvol032923mbp |publisher=British India Press |location=Bombay |year=1915 }}</ref> या नोंदींवरून माचाळ येथील गुहेचा मुचकुंद ऋषींशी संबंध जोडणारी स्थानिक परंपरा किमान १९व्या शतकापासून लेखी स्वरूपात नोंदली गेली असल्याचे दिसते. मात्र या नोंदी प्रामुख्याने स्थानिक श्रद्धा आणि लोकपरंपरेची माहिती देतात; त्यांवरून गुहेची पुराणकालीन ओळख किंवा पुरातत्त्वीय प्राचीनता सिद्ध होत नाही. याच संदर्भात *History of the Konkan* मध्ये माचाळचा डोंगर आणि मुचकुंदी नदीच्या उगमाशी संबंधित मुचकुंद ऋषींच्या आख्यानाचा उल्लेख करण्यात आला असून, या आख्यानाचा जिल्ह्याच्या इतिहासाशी संबंध नसल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. <ref name="HistoryKonkanMachal">{{cite book |author=Government of Bombay |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: History of the Konkan, Dakhan and Southern Maratha Country |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1896 }}</ref> == मुचकुंदाची पुराणकथा == माचाळ येथील गुहेचा मुचकुंद ऋषींशी जोडलेला संबंध समजून घेण्यासाठी मुचकुंदाच्या आख्यानाचा विचार करणे आवश्यक आहे. *हरिवंश*ाच्या विष्णुपर्वातील कथेनुसार मुचकुंद हा मांधात्याचा पुत्र आणि पराक्रमी राजा होता. देवासुर युद्धात त्याने देवांना मदत केली. युद्धामुळे अत्यंत थकलेल्या मुचकुंदाने देवांकडून दीर्घ निद्रेचा वर मागितला आणि त्यानंतर तो एका पर्वताच्या गुहेत जाऊन निद्रिस्त झाला. <ref name="Harivamsha57">{{cite web |title=Harivamsha Mahapurana, Vishnuparva, Chapter 57 — Kalayavana's Death |website=Mahabharata Resources |url=https://www.mahabharata-resources.org/harivamsa/vishnuparva/hv_2_057.html |access-date=5 September 2026 |archive-date=2026-04-16 |archive-url=https://web.archive.org/web/20260416204907/https://www.mahabharata-resources.org/harivamsa/vishnuparva/hv_2_057.html |url-status=dead }}</ref> === मुचकुंद आणि देवासुर युद्ध === हरिवंशच्या विष्णुपर्वातील कथेनुसार मुचकुंद हा मांधात्याचा पुत्र होता. तो देवासुर युद्धात सहभागी झाला आणि त्याने देवांच्या बाजूने युद्ध केले. दीर्घकाळ युद्ध केल्यानंतर तो अत्यंत थकला होता. {{sfn|Harivamsha|57}} === मुचकुंदाला मिळालेला निद्रेचा वर === देवासुर युद्धानंतर देवांनी मुचकुंदाला वर मागण्यास सांगितले. त्याने निद्रेचा वर मागितला. आपण निद्रिस्त असताना जो कोणी आपली निद्रा भंग करील, तो आपल्या क्रोधाने प्रज्वलित झालेल्या दृष्टिक्षेपामुळे दग्ध व्हावा, अशी त्याची इच्छा होती. देवांनी त्याचा वर मान्य केला. {{sfn|Harivamsha|57}} त्यानंतर देवांच्या अनुमतीने मुचकुंद एका पर्वतावर गेला आणि तेथील एका गुहेत प्रवेश करून दीर्घकाळ निद्रिस्त राहिला. *हरिवंश*ात ही गुहा पर्वतामधील एक गुहा म्हणून वर्णिली आहे; तिचे माचाळशी कोणतेही भौगोलिक स्थाननिश्चितीकरण ग्रंथात केलेले नाही. {{sfn|Harivamsha|57}} === कृष्ण, काळयवन आणि मुचकुंदाची गुहा === काळयवन कृष्णाचा पाठलाग करीत असताना कृष्ण एका गुहेत प्रवेश करतो. हीच मुचकुंद निद्रिस्त असलेली गुहा असल्याचे *हरिवंश*ाच्या कथानकात स्पष्ट होते. कृष्ण मुचकुंदाच्या डोक्याच्या बाजूला उभा राहतो, जेणेकरून मुचकुंदाच्या दृष्टिक्षेपाच्या मार्गात तो येणार नाही. {{sfn|Harivamsha|57}} कृष्णाचा पाठलाग करीत गुहेत आलेल्या काळयवनाला तेथे निद्रिस्त असलेला मुचकुंद दिसतो. तोच कृष्ण आहे असे समजून काळयवन मुचकुंदाला पायाने लाथ मारून जागे करतो. निद्रा भंग झाल्यामुळे मुचकुंद संतप्त होतो आणि त्याला मिळालेला वर स्मरून काळयवनाकडे पाहतो. त्याच्या दृष्टिक्षेपातून निर्माण झालेल्या तेजामुळे काळयवनाचा दाह होऊन तो तत्क्षणी भस्म होतो. {{sfn|Harivamsha|57}} काळयवनाचा वध झाल्यानंतर कृष्ण मुचकुंदासमोर प्रकट होतो. मुचकुंद कृष्णाला त्याची ओळख आणि स्वतःच्या दीर्घ निद्रेचा कालावधी याबाबत विचारतो. कृष्ण स्वतःला वसुदेवाचा पुत्र आणि यादवकुळातील वासुदेव म्हणून परिचित करून देतो. मुचकुंद त्रेतायुगात निद्रिस्त झाला होता आणि त्या काळानंतर कलियुग आले असल्याचे कृष्ण सांगतो. {{sfn|Harivamsha|57}} यानंतर मुचकुंद गुहेतून बाहेर पडतो. त्याला जगातील लोक पूर्वीच्या तुलनेत ठेंगणे, अल्पशक्तीचे आणि अल्पपराक्रमी दिसतात. पुढे तो तपश्चर्येसाठी हिमालयाकडे जातो, असे *हरिवंश*ात वर्णन आहे. {{sfn|Harivamsha|57}} == हरिविजयमधील मुचकुंद आख्यान == मराठी भक्तिकाव्यपरंपरेतील श्रीधरस्वामी नाझरेकर यांच्या *हरिविजया*त मुचकुंद, कृष्ण आणि काळयवन यांचे आख्यान वर्णिले आहे. *हरिविजया*च्या बाविसाव्या अध्यायात मुचकुंद पर्वताच्या गुहेत दीर्घकाळ निद्रिस्त असल्यापासून कृष्णाच्या दर्शनापर्यंतचा कथाभाग येतो. या अध्यायात एकूण २७६ ओव्या असून मुचकुंदाचा प्रसंग ओवी १९६ पासून पुढे येतो. <ref name="Harivijay2022">{{cite book |author=श्रीधरस्वामी नाझरेकर |title=हरिविजय |year=2022 |chapter=अध्याय २२ |pages=ओवी १९६–२७६ }}</ref> === श्रीधरांच्या वर्णनातील गुहा === हरिविजयातील कथानकानुसार मुचकुंद पर्वताच्या दरीतील भयावह गुहेत दीर्घकाळ निद्रिस्त होता. त्याच्या निद्रेचे आणि त्याला प्राप्त झालेल्या वराचे वर्णन केल्यानंतर कथानक कृष्ण आणि काळयवनाच्या त्या गुहेतील आगमनाकडे वळते. <ref>{{harvnb|श्रीधरस्वामी नाझरेकर|2022|loc=ओवी १९६ पुढे}}.</ref> या कथाभागात गुहा ही मुचकुंदाच्या दीर्घ निद्रेचे ठिकाण म्हणून स्पष्टपणे येते. तथापि *हरिविजया*तील या कथनात या गुहेचे माचाळ गावाशी किंवा माचाळ येथील विशिष्ट गुहेशी भौगोलिक एकरूपत्व निश्चित केलेले नाही. <ref>{{harvnb|श्रीधरस्वामी नाझरेकर|2022|loc=ओवी १९६ पुढे}}.</ref> === काळयवनाचा वध आणि कृष्णाचे दर्शन === हरिविजयाच्या कथेनुसार कृष्ण काळयवनाला गुहेकडे घेऊन जातो आणि स्वतःचे पितांबर निद्रिस्त मुचकुंदावर ठेवतो. काळयवन निद्रिस्त मुचकुंदालाच कृष्ण समजून त्याला लाथ मारून जागे करतो. जागे झालेल्या मुचकुंदाच्या दृष्टिक्षेपामुळे काळयवनाचा दाह होतो आणि तो नष्ट होतो. त्यानंतर कृष्ण मुचकुंदाला आपले स्वरूप प्रकट करतो. <ref>{{harvnb|श्रीधरस्वामी नाझरेकर|2022|loc=ओवी १९६–२७६}}.</ref> यानंतर कृष्ण आणि मुचकुंद यांच्यात संवाद होतो. कृष्ण आपले स्वरूप मुचकुंदाला सांगतो. कथानकाच्या पुढील भागात मुचकुंद कृष्णाची स्तुती करतो आणि त्यानंतर तपश्चर्येसाठी निघून जातो. बाविसाव्या अध्यायाच्या शेवटी २७६व्या ओवीत अध्याय समाप्त झाल्याचे नमूद केले आहे. <ref>{{harvnb|श्रीधरस्वामी नाझरेकर|2022|loc=ओवी २७६}}.</ref> == माचाळच्या गुहेचा ऐतिहासिक संदर्भ == माचाळच्या गुहेचा मुचकुंदाशी संबंध जोडणारी उपलब्ध स्रोतांमधील एकोणिसाव्या शतकातील स्पष्ट नोंद Gazetteer of the Bombay Presidency मध्ये आढळते. १८८० मध्ये प्रकाशित या गॅझेटिअरमध्ये माचाळच्या डोंगराच्या पश्चिम बाजूस असलेल्या अरुंद तोंडाच्या गुहेचा उल्लेख करून, स्थानिक कथेनुसार त्या गुहेत प्रसिद्ध ऋषी मुचकुंद राहत होते, असे नमूद केले आहे. <ref name="Campbell1880Machal"/> History of the Konkan मध्येही दक्षिण कोकणातील माचाळचा डोंगर, जिथे मुचकुंदी नदी उगम पावते, हा मुचकुंद ऋषीच्या आख्यानाशी संबंधित असल्याचे नमूद केले आहे. त्याच संदर्भात या आख्यानाचा जिल्ह्याच्या इतिहासाशी संबंध नसल्याचे स्पष्ट करण्यात आले आहे. <ref name="HistoryKonkan">{{cite book |author=Government of Bombay |title=Gazetteer of the Bombay Presidency: History of the Konkan, Dakhan and Southern Maratha Country |publisher=Government Central Press |location=Bombay |year=1896 }}</ref> या नोंदींमुळे माचाळशी संबंधित मुचकुंद आख्यानाचे स्वरूप समजण्यास मदत होते. उपलब्ध गॅझेटिअर नोंदी या आख्यानाला स्थानिक परंपरेच्या स्वरूपात मांडतात; त्यामुळे त्यावरून माचाळची गुहा ही पुराणग्रंथांत वर्णिलेलीच गुहा आहे किंवा ती ऐतिहासिकदृष्ट्या मुचकुंदाचे प्रत्यक्ष निवासस्थान होती, असा निष्कर्ष काढता येत नाही. <ref>{{harvnb|Campbell|1880|p=301}}; {{harvnb|Government of Bombay|1882}}.</ref> == गुहा आणि पुराणपरंपरेतील संबंध == माचाळ येथील गुहा आणि मुचकुंदाच्या पुराणकथेतील गुहा यांच्यात स्थानिक परंपरेने संबंध जोडला आहे. माचाळच्या गुहेबाबत १८८० च्या *Gazetteer of the Bombay Presidency*मध्ये स्थानिक कथेनुसार या गुहेत प्रसिद्ध ऋषी मुचकुंद राहत होते, अशी नोंद आहे. १९१५ मध्ये प्रकाशित *Folk Lore Notes, Vol. II—Konkan*मध्येही माचाळजवळील सह्याद्री पर्वतावरील मुचकुंद ऋषींची गुहा पवित्र मानली जाते, अशी लोकपरंपरेची नोंद करण्यात आली आहे. <ref name="Campbell1880Machal"/> <ref name="JacksonEnthoven1915"/> मात्र *हरिवंश*ाच्या विष्णुपर्वातील मुचकुंदाच्या आख्यानात मुचकुंद पर्वतावरील एका गुहेत निद्रिस्त झाल्याचे वर्णन आहे; त्या गुहेचे माचाळ येथे असल्याचे ग्रंथात नमूद केलेले नाही. <ref name="Harivamsha57"/> त्यामुळे माचाळ येथील गुहा हीच *हरिवंश*ात वर्णिलेली मुचकुंदाची गुहा आहे, असे निर्विवादपणे म्हणता येत नाही. उपलब्ध स्रोतांच्या आधारे माचाळची गुहा ही **मुचकुंद ऋषींशी संबंधित स्थानिक धार्मिक परंपरेचे स्थळ** म्हणून वर्णन करणे अधिक योग्य ठरते. <ref>{{harvnb|Harivamsha|57}}; {{harvnb|Campbell|1880|p=301}}; {{harvnb|Jackson and Enthoven|1915}}.</ref> या संदर्भात पुराणग्रंथातील आख्यान आणि माचाळ येथील स्थानिक परंपरा यांच्यातील फरक लक्षात घेणे आवश्यक आहे. पुराणकथेत मुचकुंदाची गुहा कथानकाचा भाग आहे; तर माचाळच्या गुहेबाबत उपलब्ध ऐतिहासिक नोंदी तिचा मुचकुंद ऋषींशी संबंध स्थानिक कथन आणि श्रद्धेच्या रूपात नोंदवतात. <ref>{{harvnb|Harivamsha|57}}; {{harvnb|Campbell|1880|p=301}}; {{harvnb|Jackson and Enthoven|1915}}.</ref> == पुरातत्त्वीय स्थिती == === गुहेचे वय === माचाळ येथील मुचकुंद गुहेचे पुरातत्त्वीय वय निश्चित करणारा उत्खनन-अहवाल, वैज्ञानिक कालमापन किंवा गुहेच्या प्राचीनतेचा निश्चित पुरातत्त्वीय पुरावा उपलब्ध स्रोतांमध्ये आढळत नाही. त्यामुळे गुहा "हजारो वर्षे जुनी", "महाभारतकालीन" किंवा "पुराणकालीन" असल्याचे विधान निश्चित ऐतिहासिक किंवा पुरातत्त्वीय तथ्य म्हणून करता येत नाही. उपलब्ध जुन्या नोंदींमध्ये गुहेचा उल्लेख प्रामुख्याने स्थानिक श्रद्धा आणि लोकपरंपरेच्या संदर्भात आढळतो. १९१५ मध्ये प्रकाशित *Folk Lore Notes, Vol. II—Konkan* मध्ये माचाळजवळील सह्याद्री पर्वतावरील मुचकुंद ऋषींची गुहा पवित्र मानली जाते, अशी नोंद आहे; मात्र या नोंदीत गुहेचे पुरातत्त्वीय कालमापन दिलेले नाही. <ref name="JacksonEnthoven1915"/> === माचाळ आणि मंचालगिरीचा दावा === माचाळला "मंचालगिरी" या नावाने ओळखणारा प्राचीन उल्लेख किंवा माचाळ येथील मुचकुंद गुहेचा प्राचीन ताम्रपटात स्पष्ट उल्लेख असल्याचा दावा आधुनिक लेखनात आढळतो. मात्र या दाव्याची पुष्टी करणारा स्पष्ट आणि पडताळता येणारा प्राथमिक पुरावा उपलब्ध झालेला नसल्यामुळे तो निश्चित ऐतिहासिक तथ्य म्हणून मांडता येत नाही. शिलाहार राजा भोज द्वितीय याच्याशी संबंधित "कुटापूर" ताम्रपटांचा अभ्यास श्रीनंद एल. बापट यांनी केला आहे. त्यांच्या अभ्यासात या ताम्रपटांच्या प्रामाणिकता, दिनांकन आणि "कुटापूर" या स्थानाच्या ओळखीशी संबंधित प्रश्नांची चर्चा करण्यात आली आहे. पूर्वीच्या अभ्यासात "कुटापूर" हे रत्‍नागिरी जिल्ह्यातील राजापूर तालुक्यातील कोतापूर असावे, अशी शक्यता व्यक्त करण्यात आली होती; मात्र स्थानाची ओळख निश्चित झालेली नाही. <ref name="Bapat2013">{{citation |last=Bapat |first=Shreenand L. |title=Riddle of the 'Kutāpūr' Plate(s) of Śilāhāra Ruler Bhoja II |year=2013 |conference=International Conference on Recent Advances in Indology |location=Pune }}</ref> बापट यांच्या अभ्यासात संबंधित ताम्रपटाच्या दिनांकनासंदर्भात शके १११३ हे इ.स. ११९१ या वर्षाशी संबंधित असल्याचे स्पष्ट होते. त्यामुळे या ताम्रपटाचा "इ.स. १११३" असा उल्लेख करणे अचूक नाही. <ref>{{harvnb|Bapat|2013}}.</ref> उपलब्ध पुराव्यांच्या आधारे "माचाळ = मंचालगिरी" ही समानता किंवा भोज द्वितीयाच्या "कुटापूर" ताम्रपटात माचाळ येथील मुचकुंद गुहेचा उल्लेख असल्याचा निष्कर्ष सध्या निश्चितपणे काढता येत नाही. अशा ओळखीला पुष्टी देण्यासाठी संबंधित प्राथमिक अभिलेखाचा स्पष्ट मजकूर, स्थाननिश्चिती आणि स्वतंत्र ऐतिहासिक किंवा पुरातत्त्वीय पुरावा आवश्यक आहे. <ref>{{harvnb|Bapat|2013}}.</ref> == वर्तमान धार्मिक आणि सांस्कृतिक परंपरा == माचाळ येथील मुचकुंद ऋषींच्या गुहेचा संबंध स्थानिक धार्मिक परंपरेशी जोडला जातो. या परंपरेची लेखी नोंद १९व्या शतकापासून उपलब्ध आहे. १८८० च्या *Gazetteer of the Bombay Presidency*मध्ये माचाळच्या डोंगराच्या पश्चिम बाजूस असलेल्या गुहेत प्रसिद्ध ऋषी मुचकुंद राहत होते, अशी स्थानिक कथा नोंदवली आहे. १९१५ मध्ये प्रकाशित *Folk Lore Notes, Vol. II—Konkan*मध्ये माचाळजवळील सह्याद्री पर्वतावरील मुचकुंद ऋषींची गुहा पवित्र मानली जाते, अशी नोंद करण्यात आली आहे. <ref name="Campbell1880Machal"/> <ref name="JacksonEnthoven1915"/> माचाळ येथील गुहेजवळ ग्रामस्थांनी मंदिर उभारल्याचा आणि तेथे श्रीकृष्ण व मुचकुंद ऋषींच्या मूर्ती स्थापित केल्याचा उल्लेख आधुनिक स्थानिक वृत्तस्रोतांमध्ये आढळतो. महाशिवरात्रीच्या निमित्ताने येथे धार्मिक कार्यक्रम आणि भाविकांची उपस्थिती होत असल्याचेही या वृत्तांतांमध्ये नमूद करण्यात आले आहे. <ref name="KokanMedia2021">{{cite web |last=Hatkar |first=Vijay |title=माचाळ : दोनशे वर्षांपूर्वीच्या गावाची जितीजागती प्रतिकृती |website=साप्ताहिक कोकण मीडिया |date=27 September 2021 |url=https://kokanmedia.in/2021/09/27/machalthehillstation/ }}</ref> माचाळच्या गुहेभोवतीची ही धार्मिक परंपरा मुचकुंद–कृष्ण–काळयवन या पुराणकथेशी संबंधित आहे. पुराणकथेत मुचकुंद पर्वताच्या गुहेत निद्रिस्त असतो आणि काळयवन त्याला जागे करतो. त्यानंतर मुचकुंदाच्या दृष्टिक्षेपामुळे काळयवनाचा दाह होतो. <ref name="Harivamsha57"/> मात्र माचाळ येथील गुहा हीच पुराणग्रंथांत वर्णिलेली गुहा आहे, असे उपलब्ध पुराणग्रंथांवरून निश्चितपणे सिद्ध होत नाही. त्यामुळे माचाळच्या गुहेचा पुराणकथेशी संबंध हा स्थानिक धार्मिक परंपरेच्या संदर्भात मांडणे अधिक योग्य ठरते. <ref>{{harvnb|Harivamsha|57}}; {{harvnb|Campbell|1880|p=301}}; {{harvnb|Jackson and Enthoven|1915}}.</ref> == पर्यटन == रत्‍नागिरी जिल्हा प्रशासनाच्या अधिकृत पर्यटनविषयक माहितीत लांजा तालुक्यातील पर्यटनस्थळांच्या यादीत माचाळचा समावेश करण्यात आला आहे. <ref name="RatnagiriTourism">{{cite web |author=District Administration, Ratnagiri |title=Tourism |website=District Ratnagiri, Government of Maharashtra |url=https://ratnagiri.gov.in/en/tourism/ |access-date=5 September 2026 }}</ref> माचाळच्या नैसर्गिक परिसरासोबत मुचकुंद ऋषींची गुहा हेही स्थानिक पर्यटनातील एक आकर्षण म्हणून आधुनिक वृत्तस्रोतांमध्ये नमूद केले जाते. गुहा माचाळच्या पश्चिमेकडील भागात असल्याचे आणि तिच्याकडे पायी जावे लागते, असे स्थानिक पर्यटनविषयक वृत्तांतांमध्ये नमूद आहे. <ref name="ESakalMachal2025">{{cite web |title=माचाळ, पर्यटनाचा सुकाळ |website=eSakal |date=13 July 2025 |url=https://www.esakal.com/kokan/todays-latest-marathi-news-kop25d08908-txt-ratnagiri-today-20250713113540 }}</ref> माचाळच्या गुहेचे धार्मिक स्वरूप आणि स्थानिक पर्यटनातील तिचे स्थान यामुळे हे स्थळ धार्मिक तसेच सांस्कृतिक पर्यटनाच्या संदर्भात पाहिले जाते. तथापि, गुहेची पुरातत्त्वीय स्थिती आणि प्राचीनता अद्याप निश्चित झालेली नसल्यामुळे पर्यटनविषयक वर्णनात तिच्या पुराणकालीन किंवा पुरातत्त्वीय प्राचीनतेबाबत निश्चित दावा करणे योग्य ठरत नाही. <ref>{{harvnb|Ratnagiri Tourism}}; {{harvnb|Jackson and Enthoven|1915}}.</ref> == हेही पहा == * [[मुचकुंद]] * [[कृष्ण]] * [[लांजा]] * [[रत्‍नागिरी जिल्हा]] == बाह्य दुवे == * [https://ratnagiri.gov.in/en/tourism/ रत्‍नागिरी जिल्हा प्रशासन — पर्यटन] {{कोकण लोकजीवन}} == संदर्भ == {{reflist}} [[वर्ग:लांजा तालुका]] [[वर्ग:हिंदू तीर्थक्षेत्रे]] 5qyljk58vtie73l3zhgr6yluipvzd3v भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर 0 383756 2710845 2710174 2026-09-19T20:44:50Z संतोष गोरे 135680 2710845 wikitext text/x-wiki {{माहितीचौकट अधिकृत हुद्दा | post = गव्हर्नर | body = भारतीय रिझर्व बँक | flag = Flag of India.svg | flag_size = 110px | flag_caption = [[भारताचा झेंडा]] | insignia = [[File:Seal of the Reserve Bank of India.svg|160px|frameless|upright=0.6|class=skin-invert]] | insignia_caption = Seal of the Reserve Bank of India | residence = [[मलबार हिल]], [[मुंबई]] | incumbent = [[संजय मल्होत्रा]] | image = Sanjay Malhotra RBI.jpg | incumbent_since = ११ डिसेंबर २०२४ | term_length = ५ वर्षे | appointer = | member_of = केंद्रीय संचालक मंडळ<br>मौद्रिक धोरण समिती<br>धोरणात्मक धोरण गट<br>राष्ट्रीय सुरक्षा समिती<br>आर्थिक गुप्तचर परिषद | salary = {{INRConvert|250000}} (प्रति माह) <br/> {{INRConvert|3000000}} (प्रति वर्ष) | formation = {{start date and age|df=yes|1935|04|01}} | inaugural = [[ऑस्बॉर्न स्मिथ]] | website = {{URL|https://rbi.org.in/Scripts/governors.aspx}} | reports_to = *[[भारताचे पंतप्रधान]] *[[भारताचे राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागार]] *[[भारताचे अर्थमंत्री]] *वित्त सचिव | seat = १८ वा मजला, केंद्रीय कार्यालय इमारत, शहीद भगतसिंह रोड, मुंबई, ४०० ००१ | constituting_instrument = रिझर्व बँक कायदा, १९३५ | type = मुख्य कार्यकारी अधिकारी | status = आर.बी.आय. चे प्रमुख | deputy = डेप्युटी गव्हर्नर | department = [[भारताचे अर्थमंत्री]]<br>[[भारतीय रिझर्व्ह बँक]] | native_name = भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर }} ''' भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे गव्हर्नर''' हे भारताच्या मध्यवर्ती बँकेचे [[मुख्य कार्यकारी अधिकारी]] आणि तिच्या केंद्रीय संचालक मंडळाचे पदसिद्ध अध्यक्ष असतात. वेतनश्रेणीतील क्रमवारी १८ नुसार, संकेतानुसार आरबीआयच्या गव्हर्नरचा दर्जा भारताच्या कॅबिनेट सेक्रेटरीच्या (मंत्रिमंडळ-सचिव) समतुल्य मानला जातो.<ref>{{cite web |title=The Indian Administrative Service (Pay) Rules, 2016 |url=https://dopt.gov.in/sites/default/files/IAS_PAY_Rules2016.pdf |website=Department of Personnel and Training (DoPT), Government of India |publisher=Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions |date=2016 |access-date=2 May 2026}}</ref> [[भारतीय रिझर्व्ह बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेद्वारे]] जारी केलेल्या [[भारतीय रुपया|भारतीय रुपयाच्या]] चलनी नोटांवर गव्हर्नरची स्वाक्षरी असते.<ref>{{cite web |title=FAQs |url=https://www.rbi.org.in/commonperson/english/Scripts/FAQs.aspx?Id=3158 |website=Reserve Bank of India |access-date=2 May 2026}}</ref> १९३५ मध्ये स्थापना झाल्यापासून, आरबीआयचे नेतृत्व एकूण सव्वीस{{Nbsp}}गव्हर्नरनी केले आहे. गव्हर्नर हे राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागार ([[भारताचे राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागार]]) '[[अजित डोवाल]]' यांच्या अध्यक्षतेखालील स्ट्रॅटेजिक पॉलिसी ग्रुपचे सदस्य असतात. हा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (नॅशनल सिक्युरिटी कौन्सिल सेक्रेटरियट) चा एक अत्यंत महत्त्वाचा विभाग आहे.<ref>{{cite web |last=Sahay |first=C. D. |title=Strategic Policy Group – Evolution of Integrated National Security Structure |url=https://www.vifindia.org/article/2018/october/25/strategic-policy-group-evolution-of-integrated-national-security-structure |website=Vivekananda International Foundation |date=25 October 2018 |access-date=2 May 2026}}</ref> ऑस्ट्रेलियन बँकर सर [[ऑस्बॉर्न स्मिथ]] हे या पदाचे पहिले मानकरी होते, तर सर [[सी. डी. देशमुख]] हे पहिले भारतीय गव्हर्नर होते. सर [[बेनेगल रामा राव]] हे सर्वात जास्त काळ, तब्बल सात वर्षांपेक्षा अधिक काळ या पदावर राहिलेले गव्हर्नर आहेत, तर [[अमिताभ घोष]] यांचा २० दिवसांचा कार्यकाळ हा सर्वात लहान कार्यकाळ आहे. बँकेचे पंधरावे{{Nbsp}}गव्हर्नर [[मनमोहन सिंग]] हे नंतर भारताचे तेरावे पंतप्रधान झाले. [[संजय मल्होत्रा]] हे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व्ह बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] चोविसावे गव्हर्नर आहेत.<ref>{{cite web |title=Govt likely to extend RBI Governor Shaktikanta Das's term for second time |url=https://www.business-standard.com/india-news/govt-likely-to-extend-rbi-governor-shaktikanta-das-s-term-for-second-time-124111800909_1.html |website=Business Standard |date=18 November 2024 |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=Sanjay Malhotra is the new RBI Governor for three-year term |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-is-the-new-rbi-governor-for-three-year-term/article68965180.ece |website=The Hindu |date=10 December 2024 |access-date=2 May 2026}}</ref> == नेमणूक == आरबीआय गव्हर्नरची नियुक्ती भारतीय रिझर्व्ह बँक कायदा, १९३४ च्या तरतुदींनुसार [[भारत सरकार]]द्वारे केली जाते. ही नियुक्ती [[भारताचे पंतप्रधान]] आणि [[भारताचे गृहमंत्री]] यांच्या अध्यक्षतेखालील मंत्रिमंडळाच्या नियुक्ती समितीद्वारे (ACC) केली जाते. सामान्यतः, गव्हर्नरची नियुक्ती पाच वर्षांपर्यंतच्या कालावधीसाठी केली जाते, जी वाढवली जाऊ शकते किंवा दुसऱ्या कार्यकाळासाठी त्याचे नूतनीकरण केले जाऊ शकते. सहसा सरकार कोणत्याही [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आयएएस (IAS)]] अधिकाऱ्याची किंवा एखाद्या [[अर्थतज्ज्ञ|अर्थतज्ज्ञाची]] गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करते. आतापर्यंत, [[एम. नरसिंहम]] हे एकमेव आरबीआय अधिकारी होते ज्यांची गव्हर्नर पदावर निवड झाली होती.<ref>{{cite web |title=How is the RBI Governor appointed? |url=https://economictimes.indiatimes.com/news/new-updates/how-is-the-rbi-governor-appointed/articleshow/116142054.cms |website=The Economic Times |date=9 December 2024 |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=Appointment of RBI Governor |url=https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1573622&reg=3&lang=2 |website=Press Information Bureau, Government of India |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=Consider the following statements with respect to the Governor of the Reserve Bank of India (RBI) |url=https://forumias.com/blog/question/consider-the-following-statements-with-respect-to-the-governor-of-the-reserve-bank-of-india-rbi-1-the-governor-is-appointed-by-the-president-of-india-2-the-governor-cannot-be-reappointed-after-t/ |website=ForumIAS |access-date=2 May 2026}}</ref> == गव्हर्नरची कर्तव्ये आणि जबाबदाऱ्या == आरबीआय गव्हर्नर हे भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी असतात आणि ते भारताच्या चलनविषयक धोरणाची (मॉनेटरी पॉलिसी) निर्मिती व अंमलबजावणी करण्यासाठी जबाबदार असतात. गव्हर्नर हे मॉनेटरी पॉलिसी कमिटीचे (पतधोरण समिती) अध्यक्षपद भूषवतात, जी आर्थिक वाढीला चालना देतानाच किमतींचे स्थैर्य राखण्यासाठी प्रमुख व्याजदर ठरवते.<ref>{{cite web |title=Monetary Policy |url=https://rbi.org.in/commonperson/English/scripts/commpol.aspx |website=Reserve Bank of India |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=RBI MPC meet: What's on the table for the rate-setting panel |url=https://economictimes.indiatimes.com/news/economy/policy/rbi-mpc-meet-whats-on-the-table-for-the-rate-setting-panel/articleshow/127944205.cms |website=The Economic Times |date=5 February 2026 |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=Monetary Policy Committee decisions / related press release |url=https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2120509&reg=3&lang=2 |website=Press Information Bureau, Government of India |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=RBI MPC meeting this week: Date, time, where to watch live streaming of RBI Governor Sanjay Malhotra's monetary policy statement |url=https://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/rbi-mpc-meeting-this-week-date-time-where-to-watch-live-streaming-of-rbi-governor-sanjay-malhotras-monetary-policy-statement/articleshow/123113179.cms |website=The Times of India |access-date=2 May 2026}}</ref> गव्हर्नर भारतामधील बँकिंग आणि अर्थव्यवस्थेच्या नियमन व नियंत्रणाचे काम पाहतात. यामध्ये आर्थिक स्थैर्य राखणे<ref>{{cite web |title=Indian Central Bank Holds Rates as Mideast War Keeps Outlook in Flux |url=https://www.wsj.com/economy/central-banking/indian-central-bank-holds-rates-as-mideast-war-keeps-outlook-in-flux-9ddabbb5 |website=The Wall Street Journal |access-date=2 May 2026}}</ref>, बँका आणि बिगर-बँकिंग वित्तीय कंपन्यांसाठी मार्गदर्शक तत्त्वे जारी करणे आणि आवश्यकतेनुसार योग्य ती कारवाई करणे यांचा समावेश होतो.<ref>{{cite web |title=RBI to rationalise board norms, focus on strategy, policy for banks |url=https://www.business-standard.com/finance/news/rbi-to-rationalise-board-norms-focus-strategy-policy-banks-126040801075_1.html |website=Business Standard |date=8 April 2026 |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=India's central bank governor urges banks to ensure fair financial market access |url=https://www.reuters.com/world/india/indias-central-bank-governor-urges-banks-ensure-fair-financial-market-access-2026-05-01/ |website=Reuters |date=1 May 2026 |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=RBI cancels Paytm Payments Bank licence |url=https://etedge-insights.com/industry/bfsi/rbi-cancels-paytm-payments-bank-licence-2026/ |website=ET Edge Insights |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=Banking Overview |url=https://www.financialservices.gov.in/beta/en/banking-overview |website=Department of Financial Services, Ministry of Finance, Government of India |access-date=2 May 2026 |archive-date=2026-03-22 |archive-url=https://web.archive.org/web/20260322153529/https://financialservices.gov.in/beta/en/banking-overview |url-status=dead }}</ref> आरबीआय गव्हर्नर भारताचा परकीय चलन साठा देखील मॅनेज करतात आणि [[परकीय चलन व्यवस्थापन कायदा|परकीय चलन व्यवस्थापन कायदा, १९९९]] अंतर्गत धोरणे तयार करतात. यामध्ये [[विनिमय दर]] स्थिर ठेवणे आणि परकीय चलन बाजाराचा सुरळीत विकास सुनिश्चित करणे समाविष्ट आहे.<ref>{{cite web |title=Weekly Statistical Supplement (WSS) View Detail |url=https://www.rbi.org.in/scripts/WSSViewDetail.aspx?PARAM1=2&TYPE=Section |website=Reserve Bank of India |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=Indian economy faces risks on multiple fronts from Middle East conflict |url=https://www.wsj.com/economy/central-banking/indian-economy-faces-risks-on-multiple-fronts-from-middle-east-conflict-4f17a37a |website=The Wall Street Journal |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=India's forex reserves fall $4.82 billion to $698 billion, shows RBI data |url=https://www.business-standard.com/economy/news/india-s-forex-reserves-fall-4-82-billion-to-698-billion-shows-rbi-data-126050100868_1.html |website=Business Standard |date=1 May 2026 |access-date=2 May 2026}}</ref> याव्यतिरिक्त, गव्हर्नर हे राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक आणि वित्तीय बाबींवर भारताचे राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागार आणि भारत सरकारचे मुख्य सल्लागार म्हणून काम करतात. हे कार्यालय चलन निर्मिती, प्रदान आणि बंदोबस्त प्रणाली सांभाळते तसेच देशातील सुरक्षित आणि कार्यक्षम वित्तीय पायाभूत सुविधांना प्रोत्साहन देते.<ref>{{cite web |title=RBI Governor Sanjay Malhotra unveils National Strategy for Financial Inclusion 2025–30 |url=https://www.newsonair.gov.in/rbi-governor-sanjay-malhotra-unveils-national-strategy-for-financial-inclusion-2025-30/ |website=NewsOnAir (All India Radio) |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=UPSC Key: RBI to compensate digital fraud victims, rat-hole mining, Russian oil imports |url=https://indianexpress.com/article/upsc-current-affairs/upsc-key-rbi-digital-fraud-rat-hole-mining-russian-oil-10519526/ |website=The Indian Express |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=Ajit Doval to head key panel set up to assist National Security Council |url=https://indianexpress.com/article/india/ajit-doval-to-head-key-panel-set-up-to-assist-national-security-council-5394594/ |website=The Indian Express |access-date=2 May 2026}}</ref><ref>{{cite web |title=RBI advises states to be more prudent in managing finances |url=https://economictimes.indiatimes.com/news/economy/policy/rbi-advises-states-to-be-more-prudent-in-managing-finances/articleshow/116477190.cms |website=The Economic Times |date=19 December 2024 |access-date=2 May 2026}}</ref> == गव्हर्नरांची यादी == {| class="wikitable plainrowheaders" border="1" style="text-align:center" ! data-sort-type="number" scope="col" |अ. क्र. ! छायाचित्र ! scope="col" width="135px" |नाव ! class="unsortable" data-sort-type="date" scope="col" width="135px" |कालावधी ! scope="col" width="90px" |कार्यकाळाचा कालावधी ! class="unsortable" scope="col" |टीपा <ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://rbi.org.in/scripts/governors.aspx|title=Governors|publisher=[[Reserve Bank of India]]|access-date=June 19, 2022}}</ref> ! class="unsortable" scope="col" |संदर्भ |- !१ |[[File:SirOsborneSmith.jpg|99x99अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[ओस्बॉर्न स्मिथ|ऑस्बोर्न स्मिथ]] |१ एप्रिल १९३५ <br/> — <br/>३० जून १९३७ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1935|4|1|1937|6|30}} |स्मिथ हे एक ऑस्ट्रेलियन बँकर होते. गव्हर्नर होण्यापूर्वी त्यांनी इम्पीरियल बँक ऑफ इंडियाचे व्यवस्थापकीय गव्हर्नर म्हणून काम केले होते. त्यांनी कार्यकाळ पूर्ण होण्यापूर्वीच राज्यपालपदाचा राजीनामा दिला. |<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Barons of Banking: Glimpses of Indian Banking History|last=Dadabhoy|first=Bakhtiar K.|date=2013|publisher=Random House India|isbn=978-81-8400-476-2|location=Noida|page=20}}</ref> |- !२ |[[File:Sir_James_Braid_Taylor.jpg|82x82अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[जेम्स ब्रेड टेलर]] |१ जुलै १९३७<br /> —<br /> १७ फेब्रुवारी १९४३ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1937|7|1|1943|2|17}} |टेलर हे [[भारतीय नागरी सेवा|आयसीएस]] अधिकारी होते. त्यांनी चलन नियंत्रक आणि आरबीआयचे उप-गव्हर्नर म्हणून काम पाहिले. ते पदावर असतानाच निधन पावले. |<ref>{{स्रोत पुस्तक|title=Indian Financial Systems and Markets|last=Saha|first=Siddhartha Sankar|date=2013|publisher=McGraw-Hill|isbn=978-1-259-00500-8|location=New Delhi|page=67}}</ref> |- !३ |[[File:CD_Deshmukh_(cropped).jpg|90x90अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[सी.डी. देशमुख]] |११ ऑगस्ट, १९४३<br /> — <br /> ३० जून, १९४९ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1943|8|11|1949|6|30}} |देशमुख हे आयसीएस अधिकारी होते. तसेच त्यांनीआरबीआयचे उपराज्यपाल म्हणून काम पाहिले. राज्यपाल म्हणून काम पाहणारे ते पहिले भारतीय नागरिक होते. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात [[भारताची फाळणी]] झाली आणि त्यानंतर भारत व पाकिस्तान यांच्यात मालमत्ता व दायित्वांची विभागणी झाली. | |- !४ |[[File:Sir_Benegal_Rama_Rau,_governor_of_Reserve_Bank_of_India.jpg|102x102अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[बेनेगल रामा राव]] |१ जुलै, १९४९<br /> — <br /> १४ जानेवारी, १९५७ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1949|7|1|1957|1|14}} |राऊ हे आयसीएस अधिकारी होते. तसेच त्यांनीअमेरिकेत राजदूत म्हणून काम केले. दुसरा ाढीवकार्यकाळ पूर्ण होण्यापूर्वीच रत्यांनी ाज्यपालपदाचा राजीनामा दिला. | |- !५ | | scope="row" style="text-align:center" |[[के.जी. आंबेगावकर|के. जी. आंबेगावकर]] |१४ जानेवारी, १९५७<br /> — <br /> २८ फेब्रुवारी, १९५७ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1957|01|14|1957|02|28|df=y}} |आंबेगावकर हे [[भारतीय नागरी सेवा|आयसीएस]] अधिकारी होते. त्यांनी आरबीआयचे उपराज्यपाल होण्यापूर्वी अर्थ सचिव म्हणून काम पाहिले होते. [[बेनेगल रामा राव]] यांच्या राजीनाम्यानंतर त्यांची अंतरिम राज्यपाल म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. | |- !६ |[[File:HVR_Iengar.jpg|99x99अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[एच.व्ही.आर. आयंगर]] |१ मार्च, १९५७ <br /> — <br /> २८ फेब्रुवारी, १९६२ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1957|3|1|1962|2|28}} |अय्यंगार हे [[भारतीय नागरी सेवा|आयसीएस]] अधिकारी होते आणि त्यांनी स्टेट बँक ऑफ इंडियाचे अध्यक्ष म्हणून काम पाहिले. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात भारतीय चलनप्रणाली दशांश पद्धतीत बदलण्यात आली. | |- !७ | | scope="row" style="text-align:center" |[[पी.सी. भट्टाचार्य]] |१ मार्च, १९६२<br /> — <br /> ३० जून, १९६७ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1962|3|1|1967|6|30}} |भट्टाचार्य हे भारतीय लेखापरीक्षण आणि लेखा सेवेतील अधिकारी होते. गव्हर्नर होण्यापूर्वी त्यांनी स्टेट बँक ऑफ इंडियाचे अध्यक्ष म्हणून काम पाहिले होते. | |- !८ |[[File:Lakshmi_Kant_Jha_(India's_ambassador_to_the_United_States_1970_-_1973).png|103x103अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[Lakshmi Kant Jha|लक्ष्मीकांत झा]] |१ जुलै, १९६७<br /> — <br /> ३ मे, १९७० |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1967|7|1|1970|5|3}} |झा हे [[भारतीय नागरी सेवा|आयसीएस]] अधिकारी होते आणि राज्यपाल होण्यापूर्वी त्यांनी पंतप्रधानांचे सचिव म्हणून काम पाहिले होते. अमेरिकेतील राजदूत म्हणून नियुक्ती झाल्यावर त्यांनी पद सोडले. | |- !९ | | scope="row" style="text-align:center" |[[भास्कर एन. आडारकर]] |४ मे, १९७०<br /> — <br /> १५ जून, १९७० |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1970|5|4|1970|6|15}} |आरबीआयचे उपराज्यपाल होण्यापूर्वी अडारकर हे एक अर्थशास्त्रज्ञ होते, ज्यांनी सरकारचे आर्थिक सल्लागार म्हणून काम केले होते. त्यांची अंतरिम राज्यपाल म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. | |- !१० | | scope="row" style="text-align:center" |[[Sarukkai Jagannathan|एस. जगन्नाथन्]] |१६ जून, १९७०<br /> — <br /> १९ मे, १९७५ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1970|6|16|1975|5|19}} |जगन्नाथन् हे [[भारतीय नागरी सेवा|आयसीएस]] अधिकारी होते, ज्यांनी गव्हर्नर होण्यापूर्वी [[जागतिक बँक|जागतिक बँकेत]] भारताचे कार्यकारी संचालक म्हणून काम पाहिले होते. [[आंतरराष्ट्रीय नाणेनिधी|आंतरराष्ट्रीय नाणेनिधीमध्ये]] भारताचे कार्यकारी संचालक होण्यासाठी त्यांनी आपल्या पदाचा राजीनामा दिला. | |- !११ | | scope="row" style="text-align:center" |[[N. C. Sen Gupta|एनसी सेन गुप्ता]] |१९ मे १९७५<br /> — <br /> १९ ऑगस्ट १९७५ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1975|5|19|1975|8|19}} |अंतरिम गव्हर्नर होण्यापूर्वी गुप्ता यांनी बँकिंग विभागाचे सचिव म्हणून काम पाहिले होते. | |- !१२ | | scope="row" style="text-align:center" |[[K. R. Puri|के. आर. पुरी]] |२० ऑगस्ट १९७५<br /> — <br /> २ मे १९७७ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1975|8|20|1977|5|2}} |राज्यपाल होण्यापूर्वी पुरी यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|जीवन विमा महामंडळाचे]] अध्यक्ष म्हणून काम पाहिले होते. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात विविध प्रादेशिक ग्रामीण बँकांची स्थापना झाली. | |- !१३ | | scope="row" style="text-align:center" | |३ मे १९७७<br /> — <br /> ३० नोव्हेंबर १९७७ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1977|5|3|1977|11|30}} |नरसिंहम हे आरबीआयचे संशोधन अधिकारी होते आणि राज्यपाल होण्यापूर्वी त्यांनी आर्थिक व्यवहार विभागात अतिरिक्त सचिव म्हणून काम पाहिले होते. ते एकमेव आरबीआय ग्रेड बी अधिकारी आहेत जे गव्हर्नर पदापर्यंत पोहोचले. | |- !१४ |[[File:I._G._Patel.jpg|85x85अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[आय.जी. पटेल]] |१ डिसेंबर १९७७<br /> — <br /> १५ सप्टेंबर १९८२ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1977|12|1|1982|9|15}} |पटेल हे एक अर्थशास्त्रज्ञ होते, ज्यांनी राज्यपाल होण्यापूर्वी अर्थ मंत्रालयात सचिव म्हणून काम केले होते. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात [[भारतीय रुपयाचे चिन्ह|₹]] ५.००० आणि ₹१०,००० मूल्याच्या चलनाचे विमुद्रीकरण झाले . <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://www.deccanchronicle.com/nation/current-affairs/091116/scrapping-large-currency-not-new-in-1946-india-demonetised-rs-5000-10000-notes.html|title=In 1946 and 1978, India had demonetised Rs 5,000, 10,000 notes|date=November 9, 2016|work=[[Deccan Chronicle]]|access-date=June 19, 2022}}</ref> | |- !१५ |[[File:Manmohan_Singh_in_2009.jpg|101x101अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[मनमोहन सिंग]] |१६ सप्टेंबर १९८२<br /> — <br /> १४ जानेवारी १९८५ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1982|9|16|1985|1|14}} |सिंग हे एक अर्थशास्त्रज्ञ होते आणि राज्यपाल होण्यापूर्वी त्यांनी अर्थ सचिव म्हणून काम केले होते. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात बँकिंग क्षेत्राशी संबंधित विविध कायदेशीर सुधारणांची देखरेख करण्यात आली. | |- !१६ | | scope="row" style="text-align:center" |[[अमिताभ घोष (बँकर)|अमिताभ घोष]] |१५ जानेवारी १९८५<br /> — <br /> ४ फेब्रुवारी १९८५ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1985|1|15|1985|2|4}} |आर. एन. मल्होत्रा यांनी पदभार स्वीकारेपर्यंत अंतरिम गव्हर्नर म्हणून नियुक्त झालेले घोष हे आरबीआयचे डेप्युटी गव्हर्नर होते. | |- !१७ | | scope="row" style="text-align:center" |[[आर. एन. मल्होत्रा]] |४ फेब्रुवारी १९८५<br /> — <br /> २२ डिसेंबर १९९० |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1985|2|4|1990|12|22}} |मल्होत्रा हे [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|भारतीय प्रशासकीय सेवेतील]] अधिकारी होते. त्यांनी गव्हर्नर होण्यापूर्वी [[आंतरराष्ट्रीय नाणेनिधी|आयएमएफचे]] कार्यकारी संचालक म्हणून काम पाहिले होते. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात [[इंदिरा गांधी विकास संशोधन संस्था|इंदिरा गांधी विकास संशोधन संस्थेचे]] उद्घाटन झाले. | |- !१८ | | scope="row" style="text-align:center" |[[एस. व्यंकिटरामनन]] |२२ डिसेंबर १९९०<br /> — <br /> २१ डिसेंबर १९९२ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1990|12|22|1992|12|21}} |वेंकिटारमणन हे एक आयएएस अधिकारी होते, ज्यांनी राज्यपाल होण्यापूर्वी अर्थ सचिव म्हणून काम केले होते. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात भारताने आयएमएफचा स्थिरीकरण कार्यक्रम स्वीकारला. | |- !१९ |[[File:C._Rangrajan_at_the_Conference_on_"Fiscal_Policy_in_India"_(cropped).jpg|93x93अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[सी. रंगराजन]] |२२ डिसेंबर १९९२<br /> — <br /> २१ नोव्हेंबर १९९७ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1992|12|22|1997|11|21}} |रंगराजन हे एक अर्थशास्त्रज्ञ असून, गव्हर्नर होण्यापूर्वी त्यांनी आरबीआयचे डेप्युटी गव्हर्नर म्हणून काम पाहिले आहे. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात एकसमान विनिमय दराची स्थापना झाली. | |- !२० |[[File:Bimal_Jalan_(cropped).jpg|86x86अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[बिमल जालान]] |२२ नोव्हेंबर १९९७<br /> — <br /> ६ सप्टेंबर २००३ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|1997|11|22|2003|9|6}} |जालान हे एक अर्थशास्त्रज्ञ असून, राज्यपाल होण्यापूर्वी त्यांनी सरकारचे मुख्य आर्थिक सल्लागार आणि अर्थ सचिव यांसारख्या विविध पदांवर काम केले आहे. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात [[चलनवाढ|महागाई]] आणि व्याजदर कमी झाले. | |- !२१ |[[File:The_Governor_of_Reserve_Bank_of_India,_Shri_Y.V._Reddy_(cropped).jpg|94x94अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[वाय.व्ही. रेड्डी]] |६ सप्टेंबर २००३<br /> — <br /> ५ सप्टेंबर २००८ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|2003|9|6|2008|9|5}} |रेड्डी हे एक [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आयएएस]] अधिकारी असून, गव्हर्नर होण्यापूर्वी त्यांनी आरबीआयचे डेप्युटी गव्हर्नर म्हणून काम पाहिले आहे. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या कार्यकाळात, त्यांनी वित्तीय क्षेत्रातील सुधारणा आणि बाह्य व्यावसायिक कर्ज उभारणीमध्ये योगदान दिले. | |- !२२ |[[File:Duvuri.jpg|83x83अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[डी. सुब्बाराव]] |५ सप्टेंबर २००८<br /> — <br /> ४ सप्टेंबर २०१३ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|2008|9|5|2013|9|4}} |सुब्बाराव हे एक [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आयएएस]] अधिकारी असून राज्यपाल होण्यापूर्वी त्यांनी अर्थ सचिव म्हणून काम पाहिले आहे. त्यांनी विकेंद्रीकरण आणि सार्वजनिक वित्त यांसारख्या विविध विषयांवर लिहिले. | |- !२३ |[[File:Raghuram_Rajan,_IMF_69MS040421048l.jpg|113x113अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[रघुराम राजन]] |४ सप्टेंबर २०१३<br /> — <br /> ४ सप्टेंबर २०१६ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|2013|9|4|2016|9|4}} |राजन हे एक अर्थशास्त्रज्ञ असून गव्हर्नर होण्यापूर्वी त्यांनी सरकारचे मुख्य आर्थिक सल्लागार आणि आयएमएफचे मुख्य अर्थशास्त्रज्ञ म्हणून काम केले आहे. | |- !२४ |[[File:Urjit_Patel.jpg|100x100अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[उर्जीत पटेल]] |४ सप्टेंबर २०१६<br /> — <br /> १० डिसेंबर २०१८ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|2016|9|4|2018|12|11}} |पटेल हे एक अर्थशास्त्रज्ञ आहेत, ज्यांनी आयएमएफ आणि केंद्र सरकारसोबत काम केले आहे. राज्यपाल होण्यापूर्वी त्यांनी आरबीआयचे उपराज्यपाल म्हणून काम पाहिले. त्यांच्या राज्यपालपदाच्या काळात [[भारताच्या चलनाचे विमुद्रीकरण|५०० आणि १००० रुपयांच्या नोटांचे विमुद्रीकरण झाले]] . नंतर त्यांनी वैयक्तिक कारणांचा हवाला देत राजीनामा दिला. |<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/economy/policy/heres-what-could-have-led-to-rbi-governor-urjit-patels-exit/articleshow/67026855.cms?from=mdr|title=Urjit Patel Resigns - Here are the reasons|date=2018-12-11|website=Economic Times|language=en-IN|access-date=2019-08-12}}</ref> <ref name="Dr. Urjit Patel takes over as RBI Deputy Governor">{{संकेतस्थळ स्रोत|url=http://www.rbi.org.in/scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=27952|title=Urjit Patel appointed Deputy Governor}}</ref> |- !२५ |[[File:Shaktikanta_Das,_IAS_(cropped).jpg|92x92अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[शक्तिकांत दास]] |१२ डिसेंबर २०१८<br /> — <br /> ११ डिसेंबर २०२४ |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|2018|12|12|2024|12|11}} |दास हे एक आयएएस अधिकारी होते, ज्यांनी महसूल सचिव आणि नंतर आर्थिक व्यवहार सचिव म्हणून काम केले. राज्यपाल होण्यापूर्वी त्यांनी १५ व्या वित्त आयोगाचे सदस्य म्हणून काम केले. |<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://www.livemint.com/Industry/mqqkVZgURWChvJbxq45E4H/Shaktikanta-Das-appointed-new-RBI-governor.html|title=Shaktikanta Das, Who Oversaw Demonetization, Is New RBI Governor|last=Prasad|first=Gireesh Chandra|last2=Ghosh|first2=Shayan|date=11 December 2018|website=[[Livemint]]|access-date=24 April 2022|last3=Gopakumar|first3=Gopika}}</ref> <ref>{{स्रोत बातमी|url=http://www.business-standard.com/article/news-ians/n-k-singh-heads-15th-finance-commission-shaktikanta-das-a-member-117112701199_1.html|title=N.K. Singh heads 15th Finance Commission, Shaktikanta Das a member|date=27 November 2017|work=[[Business Standard]]|location=[[New Delhi]]|access-date=15 January 2018}}</ref> <ref>{{स्रोत बातमी|url=https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/shaktikanta-das-appointed-economic-affairs-secretary-hasmukh-adhia-is-new-revenue-secretary/articleshow/48715974.cms|title=Shaktikanta Das appointed Economic Affairs Secretary; Hasmukh Adhia is new Revenue Secretary|date=29 August 2015|work=[[The Economic Times]]|location=[[New Delhi]]|access-date=15 January 2018}}</ref> <ref>{{स्रोत बातमी|url=http://www.business-standard.com/article/economy-policy/shaktikanta-das-appointed-as-revenue-secretary-114061600671_1.html|title=Shaktikanta Das appointed as Revenue Secretary|date=16 June 2014|work=[[Business Standard]]|location=[[New Delhi]]|access-date=15 January 2018|agency=Press Trust of India}}</ref> |- !२६ |[[File:Sanjay_Malhotra_RBI.jpg|100x100अंश]] | scope="row" style="text-align:center" |[[संजय मल्होत्रा]] |११ डिसेंबर, २०२४<br /> — <br /> ''पदस्थ'' |{{वय वर्षे व दिवसांमध्ये|2024|12|11}} |मल्होत्रा हे एक आयएएस अधिकारी आहेत, ज्यांनी राज्यपाल होण्यापूर्वी वित्तीय सेवा सचिव आणि नंतर महसूल सचिव म्हणून काम केले. |<ref>{{संकेतस्थळ स्रोत|url=https://gfmag.com/economics-policy-regulation/sanjay-malhotra-reserve-bank-india-governor/|title=Sanjay Malhotra Takes Charge As RBI Governor|last=Venkiteswaran|first=Rajesh Trichur|date=2024-12-26|website=Global Finance Magazine|language=en-US|access-date=2024-12-26}}</ref> |} == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} [[वर्ग:भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर]] 9mtr822eta7l6n7ksb5dkb5igv0vysc ऑलिंपिकमधील क्रिकेट पदकविजेत्यांची यादी 0 384096 2710921 2710022 2026-09-20T10:15:10Z Ganesh591 62733 /* पदकविजेते */ 2710921 wikitext text/x-wiki {{See also|उन्हाळी ऑलिंपिकमध्ये क्रिकेट}} {{आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्पर्धा साइडबार}} ही [[क्रिकेट]]मधील ऑलिंपिक पदकविजेत्यांची संपूर्ण यादी आहे. ==पुरुष== {| {{MedalistTable}} |-valign="top" |[[१९०० उन्हाळी ऑलिंपिकमध्ये क्रिकेट|१९०० पॅरिस]]<ref name=":0">{{Cite web|last=IOC|title=Paris 1900 cricket men Results - Olympic cricket|url=https://olympics.com/en/olympic-games/paris-1900/results/cricket/cricket-men|access-date=2021-08-09|website=Olympics.com|language=en}}</ref> |valign=top| {{flagIOCmedalist|'''डेव्हन अँड समरसेट वाँडरर्स'''|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|[[सी. बी. के. बीचक्रॉफ्ट]] (कर्णधार)|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|बिर्केट|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|[[अल्फ्रेड बोवर्मन]]|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|जॉर्ज बक्ली|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|फ्रान्सिस बर्चेल|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|फ्रेडरिक ख्रिश्चन|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|हॅरी कॉर्नर|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|फ्रेडरिक क्युमिंग|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|[[विल्यम डॉन (क्रिकेटपटू)|विल्यम डॉन]]|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|अल्फ्रेड पॉवेलँड|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|[[जॉन साइम्स (क्रिकेटपटू)|जॉन साइम्स]]|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|[[माँटॅग्यू टॉलर]]|GBR|1900 Summer}} |valign=top| {{flagIOCmedalist|'''फ्रेंच ॲथलेटिक क्लब युनियन'''|FRA|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|विल्यम अँडरसन|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|[[विल्यम ॲट्रिल]]|FRA|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|जॉन ब्रेड|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|डब्ल्यू. ब्राउनिंग|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|रॉबर्ट हॉर्न|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|टिमोथी जॉर्डन|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|आर्थर मॅकएवॉय|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|डग्लस रॉबिन्सन|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|एच. एफ. रोक्स|FRA|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|अल्फ्रेड श्नाइडाऊ|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|हेन्री टेरी|GBR|1900 Summer}}<br> {{flagIOCathlete|[[फिलिप टोमालिन]] (कर्णधार)|FRA|1900 Summer}} |valign=top| फक्त दोन संघांनी सहभाग घेतला |- | १९०४-२०२४ || colspan="3" style="text-align:center;"|''ऑलिंपिक कार्यक्रमात समाविष्ट नव्हते'' |} <!-- ==महिला== {| {{MedalistTable}} |-valign="top" |[[२०२८ उन्हाळी ऑलिंपिकमधील क्रिकेट|२०२८ लॉस एंजेलिस]]<ref name="LA">{{Cite web |title=Cricket going for gold as Olympic Games inclusion confirmed for 2028 |url=https://www.icc-cricket.com/news/3738863 |access-date=2023-10-16 |website=www.icc-cricket.com |language=en}}</ref> |valign=top| अद्याप निश्चित नाही |valign=top| अद्याप निश्चित नाही |valign=top| अद्याप निश्चित नाही |} --> ==संदर्भ== {{संदर्भयादी}} ==बाह्य दुवे== * [https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_Olympic_medalists_in_cricket इंग्रजी विकिपीडियावरील List of Olympic medalists in cricket] [[वर्ग:ऑलिंपिक खेळांमधील क्रिकेट]] [[वर्ग:क्रिकेटच्या याद्या]] [[वर्ग:ऑलिंपिक पदकविजेत्यांच्या याद्या]] bv9rfvnd8yjx7v0oukf9c918lfggtt4 गणपतीची बत्तीस रूपे 0 384193 2710790 2710337 2026-09-19T15:18:22Z InternetArchiveBot 130355 Add 2 books for (20260919)) #IABot (v2.0.9.6) ([[User:GreenC bot|GreenC bot]] 2710790 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} हिंदू देव [[गणपती|गणपतीशी]] संबंधित भक्तीपर साहित्यात '''गणपतीच्या बत्तीस रूपांचा''' वारंवार उल्लेख आढळतो.<ref>Line drawings of the 32 meditation forms along with the Sanskrit descriptions appearing in the Śrītattvanidhi are given in: Glory of Ganesha (Central Chinmaya Mission Trust: Bombay, 1995), pp. 85-118. The same set of drawings but with some substitutions in order and naming appears in John A. Grimes, Ganapati: Song of the Self, SUNY Series in Religious Studies (State University of New York Press: Albany, 1995) {{ISBN|0-7914-2440-5}}.</ref> गणेश-केंद्रित धर्मग्रंथ ''[[मुद्‌गल पुराण|मुद्गल पुराणात]]'' त्यांची सर्वप्रथम यादी दिली आहे. १९व्या शतकातील [[कन्नड भाषा|कन्नड]] ''श्रीतत्त्वनिधीच्या'' ''शिवनिधी'' भागात सविस्तर वर्णने समाविष्ट आहेत. नंजनगुड आणि चामराजनगर (दोन्ही म्हैसूर जिल्हा, [[कर्नाटक]]) येथील मंदिरांमध्ये या बत्तीस रूपांचे शिल्परूपांतर देखील आढळतात. ही बत्तीस रुपे चित्रांमध्ये देखील आहेत व प्रत्येक चित्रासोबत कन्नड लिपीत लिहिलेला एक छोटा संस्कृत ध्यानश्लोक आहे. ध्यानाच्या श्लोकांमध्ये प्रत्येक रूपाचे गुणधर्म सांगितले आहेत. ग्रंथात असे म्हटले आहे की, ध्यानाचे हे प्रकार ''मुद्गल पुराणातून'' घेतले आहेत. ''श्रीतत्त्वनिधीमध्ये'' दर्शविलेल्या गणपतीच्या प्रतिमाशास्त्रीय रूपांची इतर स्रोतांमधून ज्ञात असलेल्या रूपांशी तुलना करताना, मार्टिन-डुबोस्ट नमूद करतात की ''श्रीतत्त्वनिधी'' हा दक्षिण भारतातील एक अलीकडील ग्रंथ आहे, आणि जरी त्यात त्या काळात त्या प्रदेशात ज्ञात असलेल्या गणेशाच्या अनेक रूपांचा समावेश असला तरी, त्यात ४थ्या शतकापासून अस्तित्वात असलेल्या पूर्वीच्या दोन हातांच्या रूपांचे, तसेच ९व्या आणि १०व्या शतकात मध्य भारतातल्या चौदा आणि वीस हातांच्या रूपांचे वर्णन नाही.<ref>Martin-Dubost, p. 120.</ref> श्रीतत्त्वनिधीमध्ये दाखविलेल्या गणपतीच्या पहिल्या सोळा रूपांची ''शोडष-गणपती'' या नावाने अधिक प्रचलित पूजा केली जाते. त्यापैकी तेरावा, उदा. [[महागणपती|महागणपतीची]] विशेषतः मोठ्या प्रमाणावर पूजा केली जाते. या स्वरूपाला समर्पित एक तांत्रिक संप्रदाय आहे. शक्ति-गणपती, [[उच्छिष्ट गणपती]] आणि लक्ष्मी गणपती हे देखील तांत्रिक स्वरूप आहेत, ज्यांची पूजा सांस्कृतिक आणि गूढ आहे. [[हेरंब गणपती]] नेपाळमध्ये लोकप्रिय आहे.<ref name="Ramachandra Rao, p. vi">Ramachandra Rao, p. vi.</ref> == यादी == {| class="wikitable sortable" style="text-align:center" !क्र. !नाव !चित्र !माहिती |- |१ |बाल गणपती |[[File:BAlagaNapati1.jpg|208x208अंश]] |हे बाल गणपतीचे रूप आहे ज्यात गणपती सोबत केळी, आंबा, ऊस, फणस आणि मोदक आहे. उगवत्या सूर्याप्रमाणे रक्तवर्ण (लाल) रंगाचे हे रूप आहे. |- |२ |तरुण गणपती |[[File:Taruṇa_Gaṇapati_(Sritattvanidhi).jpg|208x208अंश]] |तरुणपणातील हे लाल वर्ण व आठ हातांचे रूप आहे. गणपतीच्या हातात पाश, अंकुश, मोदक, कवठ, जांभूळ, फळे आणि स्वतःचा तुटलेला दात आहे. |- |३ |भक्ती गणपती |[[File:BhaktagaNapati.JPG|209x209अंश]] |भक्तांचा गणपती हा पौर्णिमेच्या चंद्रासारखा शुभ्र आहे व चार हातात नारळ, आंबा, केळी व खिरेचा प्रसाद आहे. |- |४ |वीर गणपती |[[File:VIragaNapati.JPG|192x192अंश]] |ह्या युद्धकलेतील पारंगत व पराक्रमी गणपतीला १६ हात दर्शवीले आहे ज्यात धनुष्य, बाण, चक्र, त्रिशूळ, तलवार, ढाल असे विविध शस्त्र आहे. |- |५ |शक्ति गणपती |[[File:Shakti_gaNapati.JPG|209x209अंश]] |चार हातांच्या ह्या रुपात गणपतीच्या डाव्या मांडीवर शक्ती (देवी) विराजमान आहे. |- |६ |द्वीज गणपती |[[File:Dvija_gaNapati.JPG|205x205अंश]] |चार तोंडे असणाऱ्या ह्या रूपात गणपती हा ग्रंथांचे पठण करणाऱ्या ब्राह्मणासारखा शांत आणि हातात पुस्तक, जपमाळा, कमंडलू आहे. |- |७ |सिद्धी गणपती |[[File:Siddhi_gaNapati.JPG|209x209अंश]] |यश आणि सिद्धी देणारा हा गणपती पिवळा वर्णाचा आहे ज्याच्या हातात उस, पाश आणि [[तीळ|तीळाची]] वाटी असते. |- |८ |उच्छिष्ट गणपती |[[File:UcCiShTa_gaNapati.JPG|199x199अंश]] |तंत्रसाधनेतील हे गणपतीचे प्रमुख रूप. निळा वर्ण, सहा हात आणि हातात कमळ, वीणा व डाळिंब असते. गणपतीच्या मांडीवर रतीक्रीडेत मग्न देवी दर्शवीली आहे. |- |९ |विघ्न गणपती |[[File:Vigna_Ganapati.JPG|182x182अंश]] |सर्व विघ्नांचा नाश करणारा हा गणपती, सोन्यासारखा लखलखीत वर्ण, आठ हात आणि ऊस, पाश, दंत, शंख-चक्रादी आयुधे धारण केलेला आहे. |- |१० |क्षिप्रा गणपती |[[File:KShipra_gaNapati.JPG|198x198अंश]] |तांबड्या वर्णाचा हा गणपती भक्तांच्या हाकेला धावून येतो. , हातात कल्पवृक्षाची मंजिरी आणि रत्न असते. |- |११ |हेरंब गणपती |[[File:HEraMba_gaNapati.JPG|200x200अंश]] |पंचमुखी आणि १० हात असणारे हे रूप सिंहावर स्वार आहे आणि दुर्बलांचे रक्षण करणारा आहे. तो सावळा आहे. |- |१२ |लक्ष्मी गणपती किंवा श्री गणपती |[[File:Lakshmi_gaNapati.JPG|201x201अंश]] |ह्या गणपती सोबत दोन्ही बाजूंना ऋद्धी-सिद्धी किंवा लक्ष्मी विराजमान आहे. हा गोऱ्या रंगाचा आहे व आठ हातात अनेक गोष्टी असून शुद्ध सुवर्णाचा कलश आहे. |- |१३ |महागणपती |[[File:MahA_gaNapati.jpg|198x198अंश]] |अनेक ग्रंथांमध्ये सर्वात व्यापक मानलेले हे गणपतीचे रूप आहे ज्याला १० हात, लाल वर्ण, तीन डोळे आणि मांडीवर देवी विराजमान आहे. |- |१४ |विजय गणपती |[[File:Vijaya_gaNapati.jpg|197x197अंश]] |संकटांवर विजय मिळवून देणारे हे रूप उंदरावर स्वार हातात पाश-अंकुश धारण आहे. लाल रंगाच्या ह्या गणपतीला ४ हात दर्शवीले आहे. |- |१५ |नृत्य गणपती |[[File:NRutta_gaNapti.jpg|202x202अंश]] |हा गणपती आनंद आणि कलेचे प्रतीक आहे. एका पायावर नृत्यावस्थेत उभा असलेल्या ह्याच्या हातात शस्त्र आहे व हा स्वर्णवर्णाचा आहे. |- |१६ |ऊर्ध्व गणपती |[[File:Urdhva_gaNapti.jpg|184x184अंश]] |सोनेरी वर्ण, डाव्या मांडीवर देवी आणि आठ हातामध्ये धान्य व पाश-अंकुश धारण केलेले हे रूप आहे. |- |१७ |एकाक्षर गणपती |[[File:EkAkShara_gaNapti.jpg|196x196अंश]] |"गं" या एकाक्षराचे प्रतीक असलेला हा लाल वर्ण, कपाळावर चंद्रकोर आणि तीन डोळे असणारा गणपती आहे. ह्याला चार हात आहे ज्यात शस्त्र व मोदक आहे. |- |१८ |वर गणपती |[[File:Vara_gaNapti.jpg|195x195अंश]] |भक्तांना वरदान देणारा हा गणपती आहे ज्याच्या हातात रसाळ फळे आणि रत्नांचा कलश आहे. |- |१९ |त्र्याक्षर गणपती |[[File:TryakSha_gaNapati.JPG|205x205अंश]] |सोनेरी वर्ण आणि चार हात असणारा हा गणपती तीन अक्षरांचा; 'अ' ,'उ' आणि 'म्' म्हणजे [[ॐ]] याचा स्वामी आहे. |- |२० |क्षिप्रा प्रसाद गणपती |[[File:KShipraprasAda_gaNapati.JPG|205x205अंश]] |भक्तांच्या नवसाला त्वरित पावणारा हा सहा हातांचा लाल रंगाचा गणपती आहे. |- |२१ |हरिद्रा गणपती |[[File:HaridrA_gaNapati.JPG|199x199अंश]] |हळदीच्या रंगाचे रूप असलेले हे चार हातांचे रूप आहे, ज्यात मोदक, दंत, पाश आणि हत्तीचा अंकुश आहे. |- |२२ |एकदन्त गणपती |[[File:EkadaMta_gaNapti.JPG|192x192अंश]] |निल वर्णाचा हा गणेश आहे ज्याचा एक दात तुटलेला आहे व त्याचे चार हात दर्शवीले आहे. |- |२३ |सृष्टी गणपती |[[File:SRuShTi_gaNapati.jpg|199x199अंश]] |सृष्टीची निर्मिती करणारा हा लाल वर्णाचा गणपती उंदरावर बसून प्रवासाच्या मुद्रेत आहे. |- |२४ |उद्दंड गणपती |[[File:UddaMDa_gaNapati.jpg|185x185अंश]] |धर्माचे पालन करवणारा आणि अधर्माचा नाश करणारा गणपती आहे. १२ हात असलेला हा उग्र रूपधारी आहे ज्याच्या हातात अनेक शस्त्र आहे. |- |२५ |ऋणमोचक गणपती |[[File:RuNamOcana_gaNapati.jpg|190x190अंश]] |कर्ज आणि पापांतून मुक्ती देणारा हा गणेश आहे; पांढरा वर्ण व ज्याच्या हातात जास्वंद आहे. |- |२६ |ढूंढि गणपती |[[File:DhuMDi_gaNapati.jpg|201x201अंश]] |हातात रुद्राक्षाची माळ आणि मोदक असणारा, मोक्षाचा मार्ग दाखवणारा हा चार हातांचा गणपती आहे. |- |२७ |द्वीमुख गणपती |[[File:DvimuKa_gaNapati.jpg|201x201अंश]] |दोन तोंडे असणारे हे रूप आहे व ह्याचा रंग निळा-हिरवा आहे. |- |२८ |त्रिमुख गणपती |[[File:TrimuKa_gaNapati.jpg|200x200अंश]] |तीन तोंडे असणारा, जो भूत, वर्तमान आणि भविष्य या तिन्ही काळांचे प्रतीक मानला जातो. सहा हातात त्याने जपमाळा, पाश, अमृतकलश, असे आहे. |- |२९ |सिंह गणपती |[[File:SiMha_gaNapati.jpg|185x185अंश]] |सिंहावर स्वार असणारा, शक्तिशाली आणि निर्भय गणपतीचे रूप आहे ज्याला ८ हात आहे. |- |३० |योग गणपती |[[File:YOga_gaNapati.jpg|203x203अंश]] |ध्यानस्थ योगासनात बसलेला हा उगवत्या सुर्याप्रमाणे तेजस्वी आहे. |- |३१ |दुर्गा गणपती |[[File:DurgAgaNa_gaNapati.jpg|197x197अंश]] |अष्ट हातांचा महाशक्तीचे रूप धारण करणारा गणेश हा हातात विजयध्वज व शस्त्र घेउन आहे. |- |३२ |संकटहर गणपती |[[File:SaMkaTahara_gaNapati.jpg|203x203अंश]] |चार हातांचा, सर्व संकटांचे हरण करणारा; लाल-सोनेरी वर्ण, वरदमुद्रा आणि सोबत देवी असलेला हा गणपती आहे. |} |} == संदर्भ == {{संदर्भयादी|30em}} == संदर्भग्रंथ == * {{स्रोत पुस्तक|title=Glory of Ganesha|last=Chinmayananda|first=Swami|publisher=Central Chinmaya Mission Trust|year=1987|location=Bombay|author-link=Chinmayananda}} * {{स्रोत पुस्तक|title=Annals of the Mysore Royal Family, Part II|publisher=Government Branch Press|year=1922|location=Mysore}} * {{स्रोत पुस्तक|title=mummaDi kRuShNarAja oDeyaru - oMdu cAriTrika adhyana ( Mummadi Krsihnaraja Wodeyar- a Historic Study)|last=Gopal|first=R.|last2=Prasad, S. Narendra|publisher=Directorate of Archeology and Museums|year=2004|location=Karnataka}} * {{स्रोत पुस्तक|title=Ganapati: Song of the Self|url=https://archive.org/details/ganapatisongofse0000grim|last=Grimes|first=John A.|publisher=State University of New York Press|year=1995|isbn=0-7914-2440-5|series=SUNY Series in Religious Studies|location=Albany|pages=[https://archive.org/details/ganapatisongofse0000grim/page/52 52], 59–60}} * {{स्रोत पुस्तक|title=The Problem of Ganapati|last=Heras|first=H.|publisher=Indological Book House|year=1972|location=Delhi}} * {{स्रोत पुस्तक|title=Gaņeśa: Unravelling An Enigma|last=Krishan|first=Yuvraj|publisher=Motilal Banarsidass Publishers|year=1999|isbn=81-208-1413-4|location=Delhi}} * {{स्रोत पुस्तक|title=Gaņeśa: The Enchanter of the Three Worlds|last=Martin-Dubost|first=Paul|publisher=Project for Indian Cultural Studies|year=1997|isbn=81-900184-3-4|location=Mumbai}} * {{स्रोत पुस्तक|title=The Compendium on Gaņeśa|last=Ramachandra Rao|first=S. K.|publisher=Sri Satguru Publications|year=1992|isbn=81-7030-828-3|location=Delhi}} Contains color plate reproductions of the 32 Ganapati forms reproduced from the Sri Tattvanidhi. * {{स्रोत पुस्तक|title=Understanding Gaņapati: Insights into the Dynamics of a Cult|url=https://archive.org/details/understandinggan0000thap|last=Thapan|first=Anita Raina|publisher=Manohar Publishers|year=1997|isbn=81-7304-195-4|location=New Delhi}} * {{स्रोत पुस्तक|title=Sritattvanidhi|last=Wodeyar|first=Mummadi Krsihnaraja|publisher=Oriental Research Institute, University of Mysore|year=1997}} {{गणपती}} [[वर्ग:गणपती]] p98aae7xaref750ipt5d4fqi4bosz2t सदस्य चर्चा:Gunjansales 3 384264 2710733 2026-09-19T12:25:05Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2710733 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=Gunjansales}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) १७:५५, १९ सप्टेंबर २०२६ (IST) 6lzuord8cpozr0ncj7m3zqfsvlkgejq दैनिक पुढारी 0 384265 2710738 2026-09-19T13:04:15Z संतोष गोरे 135680 [[पुढारी (वृत्तपत्र)]] कडे पुनर्निर्देशित 2710738 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[पुढारी (वृत्तपत्र)]] lg9wedfaj5zlp4lvb0k3q6skirxgslr सदस्य चर्चा:Shrinivas Prabhakar Shep 3 384266 2710766 2026-09-19T14:56:16Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2710766 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=Shrinivas Prabhakar Shep}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) २०:२६, १९ सप्टेंबर २०२६ (IST) i0q2ywu84th5x4mtzy5txetdbzescg7 प्रतीपाडू विधानसभा मतदारसंघ 0 384267 2710767 2026-09-19T14:57:15Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710767 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[प्रत्तीपाडु (काकीनाडा) विधानसभा मतदारसंघ]] mzcojrt42dnvw31a80ccrz5pc5xk8o0 पिठापूरम विधानसभा मतदारसंघ 0 384268 2710768 2026-09-19T14:58:12Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710768 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[पिठापुरम विधानसभा मतदारसंघ]] i26x543vwes4d4gs2kr5jw8bcgf2ds9 पेड्डापूरम विधानसभा मतदारसंघ 0 384269 2710769 2026-09-19T14:58:44Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710769 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[पेद्दपुरम विधानसभा मतदारसंघ]] 2pkqeweqj55pnpt6qcc1fke770x9j3p तंगल्ला उदय श्रीनिवास 0 384270 2710771 2026-09-19T15:03:16Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710771 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[तंगेला उदय श्रीनिवास]] smsfggl6hhy7zja4vhxwf56loxylm6s वंगा गीता विश्वनाथ 0 384271 2710772 2026-09-19T15:03:57Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710772 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[वंग गीता]] 8bamj6o4v70qbtlvrjh9q3nnjuz08mm तोता नरसिंहम 0 384272 2710773 2026-09-19T15:04:21Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710773 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[तोटा नरसिम्हन]] 3s768m8fjrs0k28lguidcn79ellnexu जनसेना पक्ष 0 384273 2710775 2026-09-19T15:05:37Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710775 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[जन सेना पक्ष]] t0azvsebw1mtu5c17r88xmuuto4uqbi गंथी हरीश मधुर 0 384274 2710786 2026-09-19T15:15:20Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710786 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[गंटी हरीश मधुर]] klv296yghkgh3udlxr09v71491f0k94 डॉ. पंडाउला रविंद्र बाबू 0 384275 2710788 2026-09-19T15:16:21Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710788 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[पांडुला रवींद्र बाबू]] h9lg4waajcb602qbfemxct29l55nhhl जी. व्ही. हर्ष कुमार 0 384276 2710789 2026-09-19T15:17:10Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710789 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[जी.व्ही. हर्ष कुमार]] pnt1vlv2gs2kkc0fkmp2sgk66eigk6c मुम्मिडीवरम विधानसभा मतदारसंघ 0 384277 2710791 2026-09-19T15:18:26Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710791 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[मुम्मीदिवरम विधानसभा मतदारसंघ]] qruuk2aonbhacv846la3si8oltogg3e राझोले विधानसभा मतदारसंघ 0 384278 2710792 2026-09-19T15:19:09Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710792 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[रझोले विधानसभा मतदारसंघ]] 45dp2grm1w8foad98idi86tu0co8u9h गण्णवरम (कोनासीमा) विधानसभा मतदारसंघ 0 384279 2710795 2026-09-19T15:20:27Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710795 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[गण्णावरम (कोनासीमा) विधानसभा मतदारसंघ]] hl4z2s176r2cvw6n5mm4dijhtf3r4g9 सदस्य चर्चा:Atul Valvi 3 384280 2710797 2026-09-19T15:21:19Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2710797 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=Atul Valvi}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) २०:५१, १९ सप्टेंबर २०२६ (IST) b8bdnt072uljkq86m9izu37vg53nez7 कोठापेट विधानसभा मतदारसंघ 0 384281 2710798 2026-09-19T15:21:21Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710798 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[कोट्टपेट विधानसभा मतदारसंघ]] k510v2vqiczty1dkjj6t6ml4m7p5c48 भूपतीराजू श्रीनिवासा वर्मा 0 384282 2710817 2026-09-19T16:56:40Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710817 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[भूपती राजू श्रीनिवास वर्मा]] tm37dm234ge5zazs1s6b359p20hkatd गोकाराजू गंगा राजू 0 384283 2710818 2026-09-19T16:57:09Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710818 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[गोकराजू गंगा राजू]] h04zm3uxgbjg7zdlf9yj0xlvxc3dugt बालाशौरी वल्लब्भनेनी 0 384284 2710826 2026-09-19T17:10:06Z अभय नातू 206 अभय नातू ने पुनर्निर्देशन ठेउन लेख [[बालाशौरी वल्लब्भनेनी]] वरुन [[बालाशौरी वल्लभनेनी]] ला हलविला: शीर्षकलेखन संकेत 2710826 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[बालाशौरी वल्लभनेनी]] 0v1rgr346ekw8wy5qspfki2jrceun1w बालशौरी वल्लभनेणी 0 384285 2710827 2026-09-19T17:10:31Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710827 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[बालाशौरी वल्लभनेनी]] 0v1rgr346ekw8wy5qspfki2jrceun1w कोनकाल्ला नारायण राव 0 384286 2710828 2026-09-19T17:11:05Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710828 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[कोनाकल्ला नारायण राव]] fkz888af14e9v6zqmqt2cohfudfyrab रामकृष्ण बादिगा 0 384287 2710829 2026-09-19T17:11:35Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710829 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[रामकृष्ण बडीगा]] 18fkgnatr47ph2mvqgyer3ztiunk7ok गन्नवरम (कृष्णा) विधानसभा मतदारसंघ 0 384288 2710831 2026-09-19T17:13:29Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710831 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[गण्णवरम (कृष्णा) विधानसभा मतदारसंघ]] 5nlx120wst10ffqluv6jhfl7ijggyfc पेदना विधानसभा मतदारसंघ 0 384289 2710832 2026-09-19T17:14:09Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710832 wikitext text/x-wiki पेडणा विधानसभा मतदारसंघ f6yxvekdesber4h639gjpxxsv5xpsy2 2710833 2710832 2026-09-19T17:14:29Z अभय नातू 206 पुनर्निर्देशन 2710833 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[पेडणा विधानसभा मतदारसंघ]] f2pud6h2l5vhz39g5kjnmqci66l2zzw अवनिगड्डा विधानसभा मतदारसंघ 0 384290 2710834 2026-09-19T17:14:55Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710834 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[अवनीगड्डा विधानसभा मतदारसंघ]] 3abh4xb3ua5wn052rplocu9znywb192 पामर्रु विधानसभा मतदारसंघ 0 384291 2710835 2026-09-19T17:16:15Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710835 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[पामरु विधानसभा मतदारसंघ]] 8622pxy2co8jcvpjqef58uhx4f5y8w4 पेनमलुरु विधानसभा मतदारसंघ 0 384292 2710836 2026-09-19T18:09:05Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710836 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[पेनामलूरु विधानसभा मतदारसंघ]] f6pbec692euo1x8ptbu92zxytfufzjv तिरुवुरु विधानसभा मतदारसंघ 0 384293 2710838 2026-09-19T18:18:29Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710838 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[तिरुवूरु विधानसभा मतदारसंघ]] qshecmsbp3susbuzuje8xo24fbehfg8 मायलावरम विधानसभा मतदारसंघ 0 384294 2710839 2026-09-19T18:18:58Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710839 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[मैलवरम विधानसभा मतदारसंघ]] 0gzmd7paps1v1ona4tzug17fwlc0gvj जग्गय्यापेटा विधानसभा मतदारसंघ 0 384295 2710840 2026-09-19T18:19:27Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710840 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[जग्गय्यपेट विधानसभा मतदारसंघ]] jvdfp4w0u2b0pla3tx1ogrfniv4qhoi केसिनेनी शिवनाथ 0 384296 2710841 2026-09-19T18:20:32Z अभय नातू 206 नामभेद 2710841 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[केसीनेनी चिन्नी]] nnqj24sngvxs4ye58ksjizlg3xwn1u6 चंद्रशेखर पेम्मासानी 0 384297 2710848 2026-09-19T22:29:12Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710848 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[चंद्रशेखर पेम्मासनी]] rdan8396qsjjre8dhdw42kq2n16ibp2 पोन्नुरु विधानसभा मतदारसंघ 0 384298 2710852 2026-09-19T22:40:22Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710852 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[पोन्नूरु विधानसभा मतदारसंघ]] 0rkgu7z41cyu7dk4hk0laf8zyqd9fa6 सदस्य चर्चा:Indeiyotez 3 384299 2710854 2026-09-20T00:15:16Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2710854 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=Indeiyotez}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) ०५:४५, २० सप्टेंबर २०२६ (IST) 8uj1h8kgy013hrszbjm5sjh8pa3diya संजय मल्होत्रा 0 384300 2710859 2026-09-20T03:21:56Z संतोष गोरे 135680 [[:en:Sanjay Malhotra|Sanjay Malhotra]] पासून भाषांतरित 2710859 wikitext text/x-wiki '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? |url=https://indianexpress.com/article/business/rbi-new-governor-sanjay-malhotra-rate-cut-february-9718362/ |access-date=2024-12-11 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref>{{Cite web| title=Notification | url=https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-url=https://web.archive.org/web/20241213221051/https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-date=2024-12-13}}</ref> ते १९९० बॅचच्या [[राजस्थान]] कॅडरचे आय.ए.एस. अधिकारी असून, त्यांनी आपल्या कारकिर्दीत विविध पदांवर काम केले आहे.<ref>{{Cite web |date=2024-12-09 |title='Calm influence': Revenue Secretary Sanjay Malhotra next RBI Governor |url=https://indianexpress.com/article/business/sanjay-malhotra-new-rbi-governor-shaktikanta-das-9715279/ |access-date=2024-12-09 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref name=":1" /> pi25m5xy58dqhexgiu675kwcwjavrj7 2710860 2710859 2026-09-20T03:27:57Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2710860 wikitext text/x-wiki '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 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बॅचच्या [[राजस्थान]] कॅडरचे आय.ए.एस. अधिकारी असून, त्यांनी आपल्या कारकिर्दीत विविध पदांवर काम केले आहे.<ref>{{Cite web |date=2024-12-09 |title='Calm influence': Revenue Secretary Sanjay Malhotra next RBI Governor |url=https://indianexpress.com/article/business/sanjay-malhotra-new-rbi-governor-shaktikanta-das-9715279/ |access-date=2024-12-09 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref name=":1" /> == प्रारंभिक आयुष्य == मल्होत्रा यांचा जन्म [[राजस्थान]]मधील [[बिकानेर]] येथे झाला आणि त्यांचे शालेय शिक्षण बिकानेरच्या [[केंद्रीय विद्यालय|केंद्री विद्यालयात]] झाले. त्यांनी [[भारतीय तंत्रज्ञान संस्था (कानपूर)|भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर]] (आय.आय.टी. कानपूर) मधून संगणक विज्ञानात बॅचलर ऑफ टेक्नॉलॉजी]] (बी.टेक.) पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0">{{Cite news |date=2024-12-10 |title=Who is Sanjay Malhotra? The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. m01rrop8liosyauumlq6tixb6xr3szt 2710861 2710860 2026-09-20T03:32:26Z संतोष गोरे 135680 2710861 wikitext text/x-wiki '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? |url=https://indianexpress.com/article/business/rbi-new-governor-sanjay-malhotra-rate-cut-february-9718362/ |access-date=2024-12-11 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref>{{Cite web| title=Notification | url=https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-url=https://web.archive.org/web/20241213221051/https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-date=2024-12-13}}</ref> ते १९९० बॅचच्या [[राजस्थान]] कॅडरचे आय.ए.एस. अधिकारी असून, त्यांनी आपल्या कारकिर्दीत विविध पदांवर काम केले आहे.<ref>{{Cite web |date=2024-12-09 |title='Calm influence': Revenue Secretary Sanjay Malhotra next RBI Governor |url=https://indianexpress.com/article/business/sanjay-malhotra-new-rbi-governor-shaktikanta-das-9715279/ |access-date=2024-12-09 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref name=":1" /> == प्रारंभिक आयुष्य == मल्होत्रा यांचा जन्म [[राजस्थान]]मधील [[बिकानेर]] येथे झाला आणि त्यांचे शालेय शिक्षण बिकानेरच्या [[केंद्रीय विद्यालय|केंद्री विद्यालयात]] झाले. त्यांनी [[भारतीय तंत्रज्ञान संस्था (कानपूर)|भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर]] (आय.आय.टी. कानपूर) मधून संगणक विज्ञानात बॅचलर ऑफ टेक्नॉलॉजी]] (बी.टेक.) पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0">{{Cite news |date=2024-12-10 |title=Who is Sanjay Malhotra? The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/who-is-sanjay-malhotra-new-rbi-governor/article68965257.ece |access-date=9 December 2024 |work=The Hindu |issn=0971-751X}}</ref> फेब्रुवारी २०२२ मध्ये, त्यांची वित्त मंत्रालयात वित्तीय सेवा सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांच्या या पदावरील कार्यकालदरम्यान त्यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|भारतीय आयुर्विमा महामंडळाचा]] आयपीओ लाँच केला आणि ते भारतीय रिझर्व्ह बँकेच्या बोर्डाचे सदस्यही होते.<ref name=":1" /><ref name=":2">{{Cite news |last=Dhoot |first=Vikas |date=14 December 2024 |title=Sanjay Malhotra {{!}} The new boss at Mint Street |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-the-new-boss-at-mint-street/article68986213.ece |access-date=5 March 2025 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> डिसेंबर २०२२ मध्ये मल्होत्रा यांची महसूल सचिव म्हणून नियुक्ती झाली आणि त्यांनी आपल्या या कार्यकालदरम्यान नवीन आयकर प्रणाली लागू केली.<ref name=":1" /><ref name=":2" /> ११ डिसेंबर २०२४ रोजी, मल्होत्रा यांची आर.बी.आय.चे गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करण्यात आली.<ref>{{Cite web |date=12 February 2025 |title=Coming soon, Rs 50 notes signed by new RBI governor Sanjay Malhotra |url=https://www.businesstoday.in/india/story/coming-soon-rs-50-notes-signed-by-new-rbi-governor-sanjay-malhotra-464408-2025-02-12 |access-date=5 March 2025 |website=Business Today}}</ref> 94gaqnzt4cw3zi0p8vkzdmx358m8tlv 2710862 2710861 2026-09-20T03:33:54Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2710862 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? 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The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? 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|url=https://indianexpress.com/article/business/rbi-new-governor-sanjay-malhotra-rate-cut-february-9718362/ |access-date=2024-12-11 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref>{{Cite web| title=Notification | url=https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-url=https://web.archive.org/web/20241213221051/https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-date=2024-12-13}}</ref> ते १९९० बॅचच्या [[राजस्थान]] कॅडरचे आय.ए.एस. अधिकारी असून, त्यांनी आपल्या कारकिर्दीत विविध पदांवर काम केले आहे.<ref>{{Cite web |date=2024-12-09 |title='Calm influence': Revenue Secretary Sanjay Malhotra next RBI Governor |url=https://indianexpress.com/article/business/sanjay-malhotra-new-rbi-governor-shaktikanta-das-9715279/ |access-date=2024-12-09 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref name=":1" /> == प्रारंभिक आयुष्य == मल्होत्रा यांचा जन्म [[राजस्थान]]मधील [[बिकानेर]] येथे झाला आणि त्यांचे शालेय शिक्षण बिकानेरच्या [[केंद्रीय विद्यालय|केंद्री विद्यालयात]] झाले. त्यांनी [[भारतीय तंत्रज्ञान संस्था (कानपूर)|भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर]] (आय.आय.टी. कानपूर) मधून संगणक विज्ञानात बॅचलर ऑफ टेक्नॉलॉजी]] (बी.टेक.) पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0">{{Cite news |date=2024-12-10 |title=Who is Sanjay Malhotra? The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/who-is-sanjay-malhotra-new-rbi-governor/article68965257.ece |access-date=9 December 2024 |work=The Hindu |issn=0971-751X}}</ref> फेब्रुवारी २०२२ मध्ये, त्यांची वित्त मंत्रालयात वित्तीय सेवा सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांच्या या पदावरील कार्यकालदरम्यान त्यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|भारतीय आयुर्विमा महामंडळाचा]] आयपीओ लाँच केला आणि ते भारतीय रिझर्व्ह बँकेच्या बोर्डाचे सदस्यही होते.<ref name=":1" /><ref name=":2">{{Cite news |last=Dhoot |first=Vikas |date=14 December 2024 |title=Sanjay Malhotra {{!}} The new boss at Mint Street |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-the-new-boss-at-mint-street/article68986213.ece |access-date=5 March 2025 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> डिसेंबर २०२२ मध्ये मल्होत्रा यांची महसूल सचिव म्हणून नियुक्ती झाली आणि त्यांनी आपल्या या कार्यकालदरम्यान नवीन आयकर प्रणाली लागू केली.<ref name=":1" /><ref name=":2" /> ११ डिसेंबर २०२४ रोजी, मल्होत्रा यांची आर.बी.आय.चे गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करण्यात आली.<ref>{{Cite web |date=12 February 2025 |title=Coming soon, Rs 50 notes signed by new RBI governor Sanjay Malhotra |url=https://www.businesstoday.in/india/story/coming-soon-rs-50-notes-signed-by-new-rbi-governor-sanjay-malhotra-464408-2025-02-12 |access-date=5 March 2025 |website=Business Today}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:मल्होत्रा, संजय}} pnefre4untd6bq2gj9jdr78v69nx08y 2710864 2710863 2026-09-20T03:35:30Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2710864 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? 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The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? 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|url=https://www.thehindu.com/business/Economy/who-is-sanjay-malhotra-new-rbi-governor/article68965257.ece |access-date=9 December 2024 |work=The Hindu |issn=0971-751X}}</ref> फेब्रुवारी २०२२ मध्ये, त्यांची वित्त मंत्रालयात वित्तीय सेवा सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांच्या या पदावरील कार्यकालदरम्यान त्यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|भारतीय आयुर्विमा महामंडळाचा]] आयपीओ लाँच केला आणि ते भारतीय रिझर्व्ह बँकेच्या बोर्डाचे सदस्यही होते.<ref name=":1" /><ref name=":2">{{Cite news |last=Dhoot |first=Vikas |date=14 December 2024 |title=Sanjay Malhotra {{!}} The new boss at Mint Street |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-the-new-boss-at-mint-street/article68986213.ece |access-date=5 March 2025 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> डिसेंबर २०२२ मध्ये मल्होत्रा यांची महसूल सचिव म्हणून नियुक्ती झाली आणि त्यांनी आपल्या या कार्यकालदरम्यान नवीन आयकर प्रणाली लागू केली.<ref name=":1" /><ref name=":2" /> ११ डिसेंबर २०२४ रोजी, मल्होत्रा यांची आर.बी.आय.चे गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करण्यात आली.<ref>{{Cite web |date=12 February 2025 |title=Coming soon, Rs 50 notes signed by new RBI governor Sanjay Malhotra |url=https://www.businesstoday.in/india/story/coming-soon-rs-50-notes-signed-by-new-rbi-governor-sanjay-malhotra-464408-2025-02-12 |access-date=5 March 2025 |website=Business Today}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:मल्होत्रा, संजय}} [[वर्ग:इ.स. १९६८ मधील जन्म]] 7y186s33cyy22nz040vb0gqi7y316qe 2710865 2710864 2026-09-20T03:35:42Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2710865 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? 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The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/who-is-sanjay-malhotra-new-rbi-governor/article68965257.ece |access-date=9 December 2024 |work=The Hindu |issn=0971-751X}}</ref> फेब्रुवारी २०२२ मध्ये, त्यांची वित्त मंत्रालयात वित्तीय सेवा सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांच्या या पदावरील कार्यकालदरम्यान त्यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|भारतीय आयुर्विमा महामंडळाचा]] आयपीओ लाँच केला आणि ते भारतीय रिझर्व्ह बँकेच्या बोर्डाचे सदस्यही होते.<ref name=":1" /><ref name=":2">{{Cite news |last=Dhoot |first=Vikas |date=14 December 2024 |title=Sanjay Malhotra {{!}} The new boss at Mint Street |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-the-new-boss-at-mint-street/article68986213.ece |access-date=5 March 2025 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> डिसेंबर २०२२ मध्ये मल्होत्रा यांची महसूल सचिव म्हणून नियुक्ती झाली आणि त्यांनी आपल्या या कार्यकालदरम्यान नवीन आयकर प्रणाली लागू केली.<ref name=":1" /><ref name=":2" /> ११ डिसेंबर २०२४ रोजी, मल्होत्रा यांची आर.बी.आय.चे गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करण्यात आली.<ref>{{Cite web |date=12 February 2025 |title=Coming soon, Rs 50 notes signed by new RBI governor Sanjay Malhotra |url=https://www.businesstoday.in/india/story/coming-soon-rs-50-notes-signed-by-new-rbi-governor-sanjay-malhotra-464408-2025-02-12 |access-date=5 March 2025 |website=Business Today}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:मल्होत्रा, संजय}} [[वर्ग:इ.स. १९६८ मधील जन्म]] [[वर्ग:भारतीय प्रशासकीय सेवेतील अधिकारी]] cxmg5g68wg5jy38uzuaqq9cop7989wn 2710866 2710865 2026-09-20T03:35:57Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2710866 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? |url=https://indianexpress.com/article/business/rbi-new-governor-sanjay-malhotra-rate-cut-february-9718362/ |access-date=2024-12-11 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref>{{Cite web| title=Notification | url=https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-url=https://web.archive.org/web/20241213221051/https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-date=2024-12-13}}</ref> ते १९९० बॅचच्या [[राजस्थान]] कॅडरचे आय.ए.एस. अधिकारी असून, त्यांनी आपल्या कारकिर्दीत विविध पदांवर काम केले आहे.<ref>{{Cite web |date=2024-12-09 |title='Calm influence': Revenue Secretary Sanjay Malhotra next RBI Governor |url=https://indianexpress.com/article/business/sanjay-malhotra-new-rbi-governor-shaktikanta-das-9715279/ |access-date=2024-12-09 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref name=":1" /> == प्रारंभिक आयुष्य == मल्होत्रा यांचा जन्म [[राजस्थान]]मधील [[बिकानेर]] येथे झाला आणि त्यांचे शालेय शिक्षण बिकानेरच्या [[केंद्रीय विद्यालय|केंद्री विद्यालयात]] झाले. त्यांनी [[भारतीय तंत्रज्ञान संस्था (कानपूर)|भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर]] (आय.आय.टी. कानपूर) मधून संगणक विज्ञानात बॅचलर ऑफ टेक्नॉलॉजी]] (बी.टेक.) पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0">{{Cite news |date=2024-12-10 |title=Who is Sanjay Malhotra? The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? 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|url=https://indianexpress.com/article/business/rbi-new-governor-sanjay-malhotra-rate-cut-february-9718362/ |access-date=2024-12-11 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref>{{Cite web| title=Notification | url=https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-url=https://web.archive.org/web/20241213221051/https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-date=2024-12-13}}</ref> ते १९९० बॅचच्या [[राजस्थान]] कॅडरचे आय.ए.एस. अधिकारी असून, त्यांनी आपल्या कारकिर्दीत विविध पदांवर काम केले आहे.<ref>{{Cite web |date=2024-12-09 |title='Calm influence': Revenue Secretary Sanjay Malhotra next RBI Governor |url=https://indianexpress.com/article/business/sanjay-malhotra-new-rbi-governor-shaktikanta-das-9715279/ |access-date=2024-12-09 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref name=":1" /> == प्रारंभिक आयुष्य == मल्होत्रा यांचा जन्म [[राजस्थान]]मधील [[बिकानेर]] येथे झाला आणि त्यांचे शालेय शिक्षण बिकानेरच्या [[केंद्रीय विद्यालय|केंद्री विद्यालयात]] झाले. त्यांनी [[भारतीय तंत्रज्ञान संस्था (कानपूर)|भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर]] (आय.आय.टी. कानपूर) मधून संगणक विज्ञानात बॅचलर ऑफ टेक्नॉलॉजी]] (बी.टेक.) पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0">{{Cite news |date=2024-12-10 |title=Who is Sanjay Malhotra? The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/who-is-sanjay-malhotra-new-rbi-governor/article68965257.ece |access-date=9 December 2024 |work=The Hindu |issn=0971-751X}}</ref> फेब्रुवारी २०२२ मध्ये, त्यांची वित्त मंत्रालयात वित्तीय सेवा सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांच्या या पदावरील कार्यकालदरम्यान त्यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|भारतीय आयुर्विमा महामंडळाचा]] आयपीओ लाँच केला आणि ते भारतीय रिझर्व्ह बँकेच्या बोर्डाचे सदस्यही होते.<ref name=":1" /><ref name=":2">{{Cite news |last=Dhoot |first=Vikas |date=14 December 2024 |title=Sanjay Malhotra {{!}} The new boss at Mint Street |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-the-new-boss-at-mint-street/article68986213.ece |access-date=5 March 2025 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> डिसेंबर २०२२ मध्ये मल्होत्रा यांची महसूल सचिव म्हणून नियुक्ती झाली आणि त्यांनी आपल्या या कार्यकालदरम्यान नवीन आयकर प्रणाली लागू केली.<ref name=":1" /><ref name=":2" /> ११ डिसेंबर २०२४ रोजी, मल्होत्रा यांची आर.बी.आय.चे गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करण्यात आली.<ref>{{Cite web |date=12 February 2025 |title=Coming soon, Rs 50 notes signed by new RBI governor Sanjay Malhotra |url=https://www.businesstoday.in/india/story/coming-soon-rs-50-notes-signed-by-new-rbi-governor-sanjay-malhotra-464408-2025-02-12 |access-date=5 March 2025 |website=Business Today}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:मल्होत्रा, संजय}} [[वर्ग:इ.स. १९६८ मधील जन्म]] [[वर्ग:भारतीय प्रशासकीय सेवेतील अधिकारी]] [[वर्ग:भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर]] [[वर्ग:राजस्थानी व्यक्ती]] s42p99o1w5345398aqh2g9wi95eopjb 2710868 2710867 2026-09-20T03:37:04Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2710868 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? |url=https://indianexpress.com/article/business/rbi-new-governor-sanjay-malhotra-rate-cut-february-9718362/ |access-date=2024-12-11 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref>{{Cite web| title=Notification | url=https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-url=https://web.archive.org/web/20241213221051/https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-date=2024-12-13}}</ref> ते १९९० बॅचच्या [[राजस्थान]] कॅडरचे आय.ए.एस. अधिकारी असून, त्यांनी आपल्या कारकिर्दीत विविध पदांवर काम केले आहे.<ref>{{Cite web |date=2024-12-09 |title='Calm influence': Revenue Secretary Sanjay Malhotra next RBI Governor |url=https://indianexpress.com/article/business/sanjay-malhotra-new-rbi-governor-shaktikanta-das-9715279/ |access-date=2024-12-09 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref name=":1" /> == प्रारंभिक आयुष्य == मल्होत्रा यांचा जन्म [[राजस्थान]]मधील [[बिकानेर]] येथे झाला आणि त्यांचे शालेय शिक्षण बिकानेरच्या [[केंद्रीय विद्यालय|केंद्री विद्यालयात]] झाले. त्यांनी [[भारतीय तंत्रज्ञान संस्था (कानपूर)|भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर]] (आय.आय.टी. कानपूर) मधून संगणक विज्ञानात बॅचलर ऑफ टेक्नॉलॉजी]] (बी.टेक.) पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0">{{Cite news |date=2024-12-10 |title=Who is Sanjay Malhotra? The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/who-is-sanjay-malhotra-new-rbi-governor/article68965257.ece |access-date=9 December 2024 |work=The Hindu |issn=0971-751X}}</ref> फेब्रुवारी २०२२ मध्ये, त्यांची वित्त मंत्रालयात वित्तीय सेवा सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांच्या या पदावरील कार्यकालदरम्यान त्यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|भारतीय आयुर्विमा महामंडळाचा]] आयपीओ लाँच केला आणि ते भारतीय रिझर्व्ह बँकेच्या बोर्डाचे सदस्यही होते.<ref name=":1" /><ref name=":2">{{Cite news |last=Dhoot |first=Vikas |date=14 December 2024 |title=Sanjay Malhotra {{!}} The new boss at Mint Street |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-the-new-boss-at-mint-street/article68986213.ece |access-date=5 March 2025 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> डिसेंबर २०२२ मध्ये मल्होत्रा यांची महसूल सचिव म्हणून नियुक्ती झाली आणि त्यांनी आपल्या या कार्यकालदरम्यान नवीन आयकर प्रणाली लागू केली.<ref name=":1" /><ref name=":2" /> ११ डिसेंबर २०२४ रोजी, मल्होत्रा यांची आर.बी.आय.चे गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करण्यात आली.<ref>{{Cite web |date=12 February 2025 |title=Coming soon, Rs 50 notes signed by new RBI governor Sanjay Malhotra |url=https://www.businesstoday.in/india/story/coming-soon-rs-50-notes-signed-by-new-rbi-governor-sanjay-malhotra-464408-2025-02-12 |access-date=5 March 2025 |website=Business Today}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:मल्होत्रा, संजय}} [[वर्ग:इ.स. १९६८ मधील जन्म]] [[वर्ग:भारतीय प्रशासकीय सेवेतील अधिकारी]] [[वर्ग:भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर]] [[वर्ग:राजस्थानी व्यक्ती]] [[वर्ग:केंद्रीय विद्यालयाचे माजी विद्यार्थी]] orn9i0iwndlux4nb1xyd5fa4gwdgbro 2710869 2710868 2026-09-20T03:38:20Z संतोष गोरे 135680 नवीन वर्ग घातला - [[WP:HC|हॉटकॅट]] वापरले 2710869 wikitext text/x-wiki {{माहिती संचिका}} '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? |url=https://indianexpress.com/article/business/rbi-new-governor-sanjay-malhotra-rate-cut-february-9718362/ |access-date=2024-12-11 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref>{{Cite web| title=Notification | url=https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-url=https://web.archive.org/web/20241213221051/https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-date=2024-12-13}}</ref> ते १९९० बॅचच्या [[राजस्थान]] कॅडरचे आय.ए.एस. अधिकारी असून, त्यांनी आपल्या कारकिर्दीत विविध पदांवर काम केले आहे.<ref>{{Cite web |date=2024-12-09 |title='Calm influence': Revenue Secretary Sanjay Malhotra next RBI Governor |url=https://indianexpress.com/article/business/sanjay-malhotra-new-rbi-governor-shaktikanta-das-9715279/ |access-date=2024-12-09 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref name=":1" /> == प्रारंभिक आयुष्य == मल्होत्रा यांचा जन्म [[राजस्थान]]मधील [[बिकानेर]] येथे झाला आणि त्यांचे शालेय शिक्षण बिकानेरच्या [[केंद्रीय विद्यालय|केंद्री विद्यालयात]] झाले. त्यांनी [[भारतीय तंत्रज्ञान संस्था (कानपूर)|भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर]] (आय.आय.टी. कानपूर) मधून संगणक विज्ञानात बॅचलर ऑफ टेक्नॉलॉजी]] (बी.टेक.) पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0">{{Cite news |date=2024-12-10 |title=Who is Sanjay Malhotra? The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/who-is-sanjay-malhotra-new-rbi-governor/article68965257.ece |access-date=9 December 2024 |work=The Hindu |issn=0971-751X}}</ref> फेब्रुवारी २०२२ मध्ये, त्यांची वित्त मंत्रालयात वित्तीय सेवा सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांच्या या पदावरील कार्यकालदरम्यान त्यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|भारतीय आयुर्विमा महामंडळाचा]] आयपीओ लाँच केला आणि ते भारतीय रिझर्व्ह बँकेच्या बोर्डाचे सदस्यही होते.<ref name=":1" /><ref name=":2">{{Cite news |last=Dhoot |first=Vikas |date=14 December 2024 |title=Sanjay Malhotra {{!}} The new boss at Mint Street |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-the-new-boss-at-mint-street/article68986213.ece |access-date=5 March 2025 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> डिसेंबर २०२२ मध्ये मल्होत्रा यांची महसूल सचिव म्हणून नियुक्ती झाली आणि त्यांनी आपल्या या कार्यकालदरम्यान नवीन आयकर प्रणाली लागू केली.<ref name=":1" /><ref name=":2" /> ११ डिसेंबर २०२४ रोजी, मल्होत्रा यांची आर.बी.आय.चे गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करण्यात आली.<ref>{{Cite web |date=12 February 2025 |title=Coming soon, Rs 50 notes signed by new RBI governor Sanjay Malhotra |url=https://www.businesstoday.in/india/story/coming-soon-rs-50-notes-signed-by-new-rbi-governor-sanjay-malhotra-464408-2025-02-12 |access-date=5 March 2025 |website=Business Today}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:मल्होत्रा, संजय}} [[वर्ग:इ.स. १९६८ मधील जन्म]] [[वर्ग:भारतीय प्रशासकीय सेवेतील अधिकारी]] [[वर्ग:भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर]] [[वर्ग:राजस्थानी व्यक्ती]] [[वर्ग:केंद्रीय विद्यालयाचे माजी विद्यार्थी]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था कानपूरचे माजी विद्यार्थी]] 2pl8gbanqubvam86abz5fcqy7d9pnpe 2710874 2710869 2026-09-20T03:49:26Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2710874 wikitext text/x-wiki {{काम चालू}} {{माहितीचौकट पदाधिकारी | सन्मानवाचक पूर्वप्रत्यय = | नाव = संजय मल्होत्रा | सन्मानवाचक प्रत्यय = | चित्र =Sanjay Malhotra RBI.jpg | चित्र आकारमान = | लघुचित्र = | चित्र शीर्षक = | क्रम = | पद =[[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे २६ वे गव्हर्नर]] | कार्यकाळ_आरंभ = ११ डिसेंबर २०२४ | कार्यकाळ_समाप्ती = | उपराष्ट्रपती = | उपपंतप्रधान = | डेप्युटी = | लेफ्टनंट = | सम्राट = | राष्ट्रपती = | पंतप्रधान = [[नरेंद्र मोदी]] | राज्यपाल = | गव्हर्नर-जनरल = | मागील = शक्तिकांत दास | पुढील = | मतदारसंघ = | बहुमत = | क्रम2 = <!--| office2 = [[Revenue Secretary]] of [[India]] | term_start2 = 1 December 2022 | term_end2 = 11 December 2024 | predecessor2 = Tarun Bajaj | successor2 = Arvind Shrivastava | office3 = Financial Services Secretary of [[India]] | term_start3 = 1 February 2022 | term_end3 = 30 November 2022 | predecessor3 = Debasish Panda | successor3 = [[Vivek Joshi]] | birth_date = {{birth date and age|df=y|1968|2|14}} | birth_place = [[Bikaner]], [[Rajasthan]], [[India]] | death_date = | death_place = | education = [[IIT Kanpur|Indian Institute of Technology, Kanpur]] ([[Bachelor of Technology|BTech]])<br>[[Princeton University]] ([[Master of Public Policy|MPP]])--> }} '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? |url=https://indianexpress.com/article/business/rbi-new-governor-sanjay-malhotra-rate-cut-february-9718362/ |access-date=2024-12-11 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref>{{Cite web| title=Notification | url=https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-url=https://web.archive.org/web/20241213221051/https://financialservices.gov.in/beta/sites/default/files/English-Shr-Sanjay-Malhotra.pdf | archive-date=2024-12-13}}</ref> ते १९९० बॅचच्या [[राजस्थान]] कॅडरचे आय.ए.एस. अधिकारी असून, त्यांनी आपल्या कारकिर्दीत विविध पदांवर काम केले आहे.<ref>{{Cite web |date=2024-12-09 |title='Calm influence': Revenue Secretary Sanjay Malhotra next RBI Governor |url=https://indianexpress.com/article/business/sanjay-malhotra-new-rbi-governor-shaktikanta-das-9715279/ |access-date=2024-12-09 |website=The Indian Express |language=en}}</ref><ref name=":1" /> == प्रारंभिक आयुष्य == मल्होत्रा यांचा जन्म [[राजस्थान]]मधील [[बिकानेर]] येथे झाला आणि त्यांचे शालेय शिक्षण बिकानेरच्या [[केंद्रीय विद्यालय|केंद्री विद्यालयात]] झाले. त्यांनी [[भारतीय तंत्रज्ञान संस्था (कानपूर)|भारतीय तंत्रज्ञान संस्था, कानपूर]] (आय.आय.टी. कानपूर) मधून संगणक विज्ञानात बॅचलर ऑफ टेक्नॉलॉजी]] (बी.टेक.) पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0">{{Cite news |date=2024-12-10 |title=Who is Sanjay Malhotra? The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/who-is-sanjay-malhotra-new-rbi-governor/article68965257.ece |access-date=9 December 2024 |work=The Hindu |issn=0971-751X}}</ref> फेब्रुवारी २०२२ मध्ये, त्यांची वित्त मंत्रालयात वित्तीय सेवा सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांच्या या पदावरील कार्यकालदरम्यान त्यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|भारतीय आयुर्विमा महामंडळाचा]] आयपीओ लाँच केला आणि ते भारतीय रिझर्व्ह बँकेच्या बोर्डाचे सदस्यही होते.<ref name=":1" /><ref name=":2">{{Cite news |last=Dhoot |first=Vikas |date=14 December 2024 |title=Sanjay Malhotra {{!}} The new boss at Mint Street |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-the-new-boss-at-mint-street/article68986213.ece |access-date=5 March 2025 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> डिसेंबर २०२२ मध्ये मल्होत्रा यांची महसूल सचिव म्हणून नियुक्ती झाली आणि त्यांनी आपल्या या कार्यकालदरम्यान नवीन आयकर प्रणाली लागू केली.<ref name=":1" /><ref name=":2" /> ११ डिसेंबर २०२४ रोजी, मल्होत्रा यांची आर.बी.आय.चे गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करण्यात आली.<ref>{{Cite web |date=12 February 2025 |title=Coming soon, Rs 50 notes signed by new RBI governor Sanjay Malhotra |url=https://www.businesstoday.in/india/story/coming-soon-rs-50-notes-signed-by-new-rbi-governor-sanjay-malhotra-464408-2025-02-12 |access-date=5 March 2025 |website=Business Today}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:मल्होत्रा, संजय}} [[वर्ग:इ.स. १९६८ मधील जन्म]] [[वर्ग:भारतीय प्रशासकीय सेवेतील अधिकारी]] [[वर्ग:भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर]] [[वर्ग:राजस्थानी व्यक्ती]] [[वर्ग:केंद्रीय विद्यालयाचे माजी विद्यार्थी]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था कानपूरचे माजी विद्यार्थी]] rdg0bqg2ycpfcr2z08pnib64zr0ct4s 2710875 2710874 2026-09-20T03:50:14Z संतोष गोरे 135680 /* */ 2710875 wikitext text/x-wiki {{काम चालू}} {{माहितीचौकट पदाधिकारी | सन्मानवाचक पूर्वप्रत्यय = | नाव = संजय मल्होत्रा | सन्मानवाचक प्रत्यय = | चित्र =Sanjay Malhotra RBI.jpg | चित्र आकारमान = | लघुचित्र = | चित्र शीर्षक = | क्रम = | पद =[[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे २६ वे गव्हर्नर]] | कार्यकाळ_आरंभ = ११ डिसेंबर २०२४ | कार्यकाळ_समाप्ती = | उपराष्ट्रपती = | उपपंतप्रधान = | डेप्युटी = | लेफ्टनंट = | सम्राट = | राष्ट्रपती = | पंतप्रधान = [[नरेंद्र मोदी]] | राज्यपाल = | गव्हर्नर-जनरल = | मागील = [[शक्तिकांत दास]] | पुढील = | मतदारसंघ = | बहुमत = | क्रम2 = <!--| office2 = [[Revenue Secretary]] of [[India]] | term_start2 = 1 December 2022 | term_end2 = 11 December 2024 | predecessor2 = Tarun Bajaj | successor2 = Arvind Shrivastava | office3 = Financial Services Secretary of [[India]] | term_start3 = 1 February 2022 | term_end3 = 30 November 2022 | predecessor3 = Debasish Panda | successor3 = [[Vivek Joshi]] | birth_date = {{birth date and age|df=y|1968|2|14}} | birth_place = [[Bikaner]], [[Rajasthan]], [[India]] | death_date = | death_place = | education = [[IIT Kanpur|Indian Institute of Technology, Kanpur]] ([[Bachelor of Technology|BTech]])<br>[[Princeton University]] ([[Master of Public Policy|MPP]])--> }} '''संजय मल्होत्रा, आयएएस''' (जन्म:[[१४ फेब्रुवारी]], [[इ.स. १९६८|१९६८]])<ref>{{Cite web |title=Civil List of IAS Officers |url=https://dtf.in/wp-content/files/Civil_List_of_IAS_Officers_-Appendix_A-_Combined_Gradation_List_of_IAS_Officers_appointed_on_the_result_of_annual_competitive_Exam._As_on_01.01.2014-civillist.ias.nic.in.htm |access-date=2023-11-20 |website=dtf.in |archive-date=17 September 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20240917155047/https://dtf.in/z0f76a1d14fd21a8fb5fd0d03e0fdc3d3cedae52f?wsidchk=11969816 |url-status=live }}</ref> हे एक भारतीय नोकरशहा आणि [[भारतीय प्रशासकीय सेवा|आय.ए.एस.]] अधिकारी आहेत, जे ११ डिसेंबर २०२४ पासून [[भारतीय रिझर्व बँक|भारतीय रिझर्व्ह बँकेचे]] विद्यमान आणि २६ वे [[भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर|गव्हर्नर]] म्हणून कार्यरत आहेत.<ref>{{Cite web |date=2024-12-11 |title=RBI new Governor Sanjay Malhotra's first agenda: Rate cut in February? 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The new RBI Governor: Here's a look at his educational journey from IIT Kanpur to Princeton |url=https://timesofindia.indiatimes.com/education/news/who-is-sanjay-malhotra-the-new-rbi-governor-heres-a-look-at-his-educational-journey-from-iit-kanpur-to-princeton/articleshow/116168391.cms |access-date=2024-12-11 |work=The Times of India |issn=0971-8257}}</ref> त्यानंतर त्यांनी युनायटेड स्टेट्सच्या [[प्रिन्स्टन विद्यापीठ|प्रिन्स्टन विद्यापीठातून]] पब्लिक पॉलिसीमध्ये (लोक धोरण) पदव्युत्तर पदवी पूर्ण केली.<ref name=":0" /><ref>{{citation|url=https://www.thehindubusinessline.com/multimedia/profile-princeton-educated-consensus-builder-sanjay-malhotra-is-new-rbi-governor/article68976889.ece|title= Profile: Princeton-educated consensus builder Sanjay Malhotra is new RBI Governor|publisher=The Hindu Business Line|access-date=26 April 2025}}</ref> त्यांचे वडील [[सीमा सुरक्षा दल|सीमा सुरक्षा दलात (बी.एस.एफ.)]] अधिकारी होते. == कारकिर्द == भारत सरकारच्या नोकरशाहीत मल्होत्रा यांच्या कारकिर्दीची सुरुवात २००० मध्ये झाली, जेव्हा त्यांची केंद्रीय मंत्र्यांचे खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली. खासगी सचिव म्हणून नियुक्ती होण्यापूर्वी त्यांनी राजस्थानमधील विविध विभागांमध्ये सेवा बजावली होती.<ref name=":1">{{Cite web |last=Dinakaran |first=R. |date=10 December 2024 |title=Who is RBI Governor-designate Sanjay Malhotra? |url=https://www.thehindubusinessline.com/money-and-banking/who-is-sanjay-malhotra/article68968500.ece |access-date=5 March 2025 |website=The Hindu BusinessLine}}</ref> २००३ ते २०२० दरम्यान, मल्होत्रा यांनी राजस्थान सरकारच्या खनिकर्म व खनिजे, माहिती आणि प्रसारण, वित्त, ऊर्जा आणि व्यावसायिक कर विभागात काम केले.<ref name=":1" /> २००३ ते २०२० या कालावधीत, एका आंतरराष्ट्रीय नियुक्तीनुसार, मल्होत्रा यांनी संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संघटनेत (UNIDO) प्रकल्प समन्वयक म्हणून काम केले, जिथे त्यांनी उपसचिव (डेप्युटी सेक्रेटरी) पदाचा दर्जा भूषवला.<ref name=":3">{{Cite web |last1=Kumar |first1=Harsh |last2=Mishra |first2=Asit Ranjan |date=9 December 2024 |title=Change of guard: Who is Sanjay Malhotra, Centre's pick as new RBI governor? |url=https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |access-date=6 March 2025 |website=Business Standard |archive-date=18 December 2024 |archive-url=https://web.archive.org/web/20241218233046/https://www.business-standard.com/economy/news/change-of-guard-who-is-sanjay-malhotra-centre-s-pick-as-new-rbi-governor-124120901126_1.html |url-status=live }}</ref> २००० ते २००३ दरम्यान, मल्होत्रा हे [[अंतराळ विभाग]] आणि [[सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालय|सूक्ष्म, लघु आणि मध्यम उद्योग मंत्रालयाच्या]] राज्यमंत्र्यांचे वैयक्तिक सचिव होते.<ref name=":3" /> २०२० मध्ये, त्यांची ऊर्जा मंत्रालयात अतिरिक्त सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांनी रुरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशनचे अध्यक्ष आणि व्यवस्थापकीय संचालक (एमडी) म्हणूनही काम पाहिले.<ref name=":1" /><ref>{{Cite news |last= |first= |date=9 December 2024 |title=Who is Sanjay Malhotra, the next RBI chief? |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/who-is-sanjay-malhotra-new-rbi-governor/article68965257.ece |access-date=9 December 2024 |work=The Hindu |issn=0971-751X}}</ref> फेब्रुवारी २०२२ मध्ये, त्यांची वित्त मंत्रालयात वित्तीय सेवा सचिव म्हणून नियुक्ती करण्यात आली आणि त्यांच्या या पदावरील कार्यकालदरम्यान त्यांनी [[भारतीय आयुर्विमा महामंडळ|भारतीय आयुर्विमा महामंडळाचा]] आयपीओ लाँच केला आणि ते भारतीय रिझर्व्ह बँकेच्या बोर्डाचे सदस्यही होते.<ref name=":1" /><ref name=":2">{{Cite news |last=Dhoot |first=Vikas |date=14 December 2024 |title=Sanjay Malhotra {{!}} The new boss at Mint Street |url=https://www.thehindu.com/business/Economy/sanjay-malhotra-the-new-boss-at-mint-street/article68986213.ece |access-date=5 March 2025 |work=The Hindu |language=en-IN |issn=0971-751X}}</ref> डिसेंबर २०२२ मध्ये मल्होत्रा यांची महसूल सचिव म्हणून नियुक्ती झाली आणि त्यांनी आपल्या या कार्यकालदरम्यान नवीन आयकर प्रणाली लागू केली.<ref name=":1" /><ref name=":2" /> ११ डिसेंबर २०२४ रोजी, मल्होत्रा यांची आर.बी.आय.चे गव्हर्नर म्हणून नियुक्ती करण्यात आली.<ref>{{Cite web |date=12 February 2025 |title=Coming soon, Rs 50 notes signed by new RBI governor Sanjay Malhotra |url=https://www.businesstoday.in/india/story/coming-soon-rs-50-notes-signed-by-new-rbi-governor-sanjay-malhotra-464408-2025-02-12 |access-date=5 March 2025 |website=Business Today}}</ref> == संदर्भ == {{संदर्भयादी}} {{DEFAULTSORT:मल्होत्रा, संजय}} [[वर्ग:इ.स. १९६८ मधील जन्म]] [[वर्ग:भारतीय प्रशासकीय सेवेतील अधिकारी]] [[वर्ग:भारतीय रिझर्व बँकेचे गव्हर्नर]] [[वर्ग:राजस्थानी व्यक्ती]] [[वर्ग:केंद्रीय विद्यालयाचे माजी विद्यार्थी]] [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था कानपूरचे माजी विद्यार्थी]] ggf48u16xlh9o841r0y86npbnhut0ua वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था कानपूरचे माजी विद्यार्थी 14 384301 2710870 2026-09-20T03:38:57Z संतोष गोरे 135680 नवीन पान: [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था कानपूर]] 2710870 wikitext text/x-wiki [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था कानपूर]] 9v57gr33f28v64o2ybvs4ns67lub74t वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था कानपूर 14 384302 2710871 2026-09-20T03:40:16Z संतोष गोरे 135680 नवीन पान: [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था]] 2710871 wikitext text/x-wiki [[वर्ग:भारतीय तंत्रज्ञान संस्था]] bm3czuhtrjl33axyhdwwkq2dzvbj3dt सदस्य चर्चा:वस्ताद. शिवगोंडा सुतार ( चोकाक) 3 384303 2710877 2026-09-20T04:07:42Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2710877 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=वस्ताद. शिवगोंडा सुतार ( चोकाक)}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) ०९:३७, २० सप्टेंबर २०२६ (IST) esvmhso49366wr9jm3lnvqi1g874jb7 सदस्य चर्चा:Selvakumar mallar 3 384304 2710887 2026-09-20T05:19:03Z QueerEcofeminist 12675 QueerEcofeminist ने लेख [[सदस्य चर्चा:Selvakumar mallar]] वरुन [[सदस्य चर्चा:Selvakumar Pandian]] ला हलविला: Automatically moved page while renaming the user "[[Special:CentralAuth/Selvakumar mallar|Selvakumar mallar]]" to "[[Special:CentralAuth/Selvakumar Pandian|Selvakumar Pandian]]" 2710887 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[सदस्य चर्चा:Selvakumar Pandian]] 4jfv5ym2obethyjovkzmkjistr2a5ip अर्जेंटिना राष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघ 0 384305 2710891 2026-09-20T05:36:41Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710891 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[आर्जेन्टिना राष्ट्रीय महिला क्रिकेट संघ]] k86pp81cf988tc6qrzokg9bjnrwdj40 लावु श्री कृष्ण देवरायालु 0 384306 2710893 2026-09-20T05:41:34Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710893 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[लवु श्रीकृष्ण देवरायलु]] jkn61f5jffsr3qyfaf6v5qb2mx53a2h पेदकुरपाडू विधानसभा मतदारसंघ 0 384307 2710895 2026-09-20T05:43:26Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710895 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[पेदकुरपाडु विधानसभा मतदारसंघ]] 3h3blbg0gcenti7ojfezbxu2hn0rjsi गुरुजाला विधानसभा मतदारसंघ 0 384308 2710896 2026-09-20T05:44:14Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710896 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[गुरजाला विधानसभा मतदारसंघ]] sh4avcwfongl8m7hl0lp8kl9p75p6n3 माचेर्ला विधानसभा मतदारसंघ 0 384309 2710897 2026-09-20T05:45:09Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710897 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[माचरला विधानसभा मतदारसंघ]] qaea8a21j88o3aal09vbyh8xphwqspj विनुकोंडा विधानसभा मतदारसंघ 0 384310 2710898 2026-09-20T05:46:09Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710898 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[विनूकोंडा विधानसभा मतदारसंघ]] q3kb6fdnlx76tdkmy7zpyi2uiy6mwjk सत्तेनापल्ली विधानसभा मतदारसंघ 0 384311 2710900 2026-09-20T05:47:40Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710900 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[सत्तेनापल्ले विधानसभा मतदारसंघ]] ew67vxxo61lu5h7cjnqpy1yq47655w4 बपतला लोकसभा मतदारसंघ 0 384312 2710902 2026-09-20T05:55:26Z अभय नातू 206 अभय नातू ने पुनर्निर्देशन ठेउन लेख [[बपतला लोकसभा मतदारसंघ]] वरुन [[बापटला लोकसभा मतदारसंघ]] ला हलविला: शुद्धलेखन 2710902 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[बापटला लोकसभा मतदारसंघ]] h1qc1koytmm3xkj67dkifzvxtwmldlz कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी 0 384313 2710904 2026-09-20T05:59:16Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710904 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[कृष्णप्रसाद टेन्नेटी]] 54vbbmotar1jhd8qsk951bl0087a2yf नांदिगम सुरेश 0 384314 2710905 2026-09-20T05:59:36Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710905 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[नंदिगम सुरेश]] iq5rwv1a9unxnk9959ugdp9jon3info वेमुरु विधानसभा मतदारसंघ 0 384315 2710906 2026-09-20T06:05:27Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710906 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[वेमुरू विधानसभा मतदारसंघ]] gicf1nt8032b2kj9nqwk5sprn72vssv पर्चुर विधानसभा मतदारसंघ 0 384316 2710907 2026-09-20T06:07:39Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710907 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[परचुरु विधानसभा मतदारसंघ]] ow4sxais2j7qxwfdejmm7ob5k3ke4ni आड्डण्की विधानसभा मतदारसंघ 0 384317 2710910 2026-09-20T06:10:12Z अभय नातू 206 अभय नातू ने लेख [[आड्डण्की विधानसभा मतदारसंघ]] वरुन [[आड्डंकी विधानसभा मतदारसंघ]] ला हलविला: शुद्धलेखन 2710910 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[आड्डंकी विधानसभा मतदारसंघ]] e9r5vt8kpi450ggbmre4ykauc1jet6v अद्दानकी विधानसभा मतदारसंघ 0 384318 2710911 2026-09-20T06:11:00Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710911 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[आड्डंकी विधानसभा मतदारसंघ]] e9r5vt8kpi450ggbmre4ykauc1jet6v चीराला विधानसभा मतदारसंघ 0 384319 2710912 2026-09-20T06:11:18Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710912 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[चिराला विधानसभा मतदारसंघ]] l2pwth725jw9ih1qb9jrua22wc11j0y संथनूतलपाडू विधानसभा मतदारसंघ 0 384320 2710913 2026-09-20T06:13:24Z अभय नातू 206 लेखनभेद 2710913 wikitext text/x-wiki #पुनर्निर्देशन [[संथानुथालापडू विधानसभा मतदारसंघ]] 2fpdjrj6z5uc0720a1659wo3pvwwfbl सदस्य चर्चा:Gajaanan Yeshwant Desaai 3 384321 2710916 2026-09-20T08:04:24Z साहाय्य चमू 25365 नविन सदस्याच्या चर्चापानावर [[Template:Welcome|स्वागत संदेश]] टाकला 2710916 wikitext text/x-wiki {{Template:Welcome|realName=|name=Gajaanan Yeshwant Desaai}} -- [[सदस्य:साहाय्य चमू|साहाय्य चमू]] ([[सदस्य चर्चा:साहाय्य चमू|चर्चा]]) १३:३४, २० सप्टेंबर २०२६ (IST) pb0ssy1lzw49ljbi3ntskra4a2mj5q7